#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:00
हेलो एवरीवन तो आज आप का सवाल है कि क्या लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता है जींस पैंट शर्ट पहनते हैं तो देखिए ऐसा नहीं है कि उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं है आज भी बहुत सारे लोग हैं साड़ी और सूट पहनते हैं लेकिन क्या होता है कि कोई भी कोई स्टाइल और कोई भी नहीं अगर आता है तो हर एक इंसान का मन होता है ट्राई करने के लिए पहनने के लिए इसका मतलब यह नहीं कि संस्कृति को भूल जाता है या फिर सिर्फ और सिर्फ अमेजॉन स्टॉप ही पसंद आता है अपने हिसाब से प्लेस के हिसाब से आप जैसा सोसाइटी में रहते हैं जिस जहां जाते हैं उस हिसाब से आप पहनावा करते हैं तो सिर्फ पहनावा को एक-दो दिन देखकर हमें यह नहीं पता कर सकते क्योंकि अपने भारत की संस्कृति भूल गया है क्या फिर उन्हें साड़ी सूट के सब पता नहीं अपना अपना पसंद होता है जो इंसान प्लेस और जगह और अपनी पसंद और क्या नया आया है उस हिसाब से इंसान पहनता
Helo evareevan to aaj aap ka savaal hai ki kya ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata hai jeens paint shart pahanate hain to dekhie aisa nahin hai ki unhen bilkul bhee pasand nahin hai aaj bhee bahut saare log hain sari aur soot pahanate hain lekin kya hota hai ki koee bhee koee stail aur koee bhee nahin agar aata hai to har ek insaan ka man hota hai traee karane ke lie pahanane ke lie isaka matalab yah nahin ki sanskrti ko bhool jaata hai ya phir sirph aur sirph amejon stop hee pasand aata hai apane hisaab se ples ke hisaab se aap jaisa sosaitee mein rahate hain jis jahaan jaate hain us hisaab se aap pahanaava karate hain to sirph pahanaava ko ek-do din dekhakar hamen yah nahin pata kar sakate kyonki apane bhaarat kee sanskrti bhool gaya hai kya phir unhen sari soot ke sab pata nahin apana apana pasand hota hai jo insaan ples aur jagah aur apanee pasand aur kya naya aaya hai us hisaab se insaan pahanata

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Amit Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:27
मैडम में एक और सवाल है क्या लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता जींस पैंट टी-शर्ट पहनते हैं भारतीय संस्कृत के कपड़े बहुत ही सुंदर और अच्छे होते हैं और जींस टी शर्ट पहना हुआ तो गलत है लेकिन बच्चों को पहनाना अच्छा है बच्चे कंफर्टेबल समझते हैं इसलिए वह कपड़े पहनते हैं तो अगर आपको हमारा सवाल अच्छा लगे तो लाइक और शेयर और कमेंट कीजिए धन्यवाद
Maidam mein ek aur savaal hai kya ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata jeens paint tee-shart pahanate hain bhaarateey sanskrt ke kapade bahut hee sundar aur achchhe hote hain aur jeens tee shart pahana hua to galat hai lekin bachchon ko pahanaana achchha hai bachche kamphartebal samajhate hain isalie vah kapade pahanate hain to agar aapako hamaara savaal achchha lage to laik aur sheyar aur kament keejie dhanyavaad

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:56
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है कि लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता क्या भेजी टी-शर्ट क्यों पहनती हैं तो यह अपनी अपनी पसंद के ऊपर निर्भर करता है भारतीय संस्कृति के कपड़े तो साड़ी होती है और सलवार सूट भी सब होते हैं लेकिन जिस भी शर्ट पहनना भी एक कपड़ा ही होता है अगर खुशी की इच्छा है किसी को जींस ट शर्ट पहने में खुशी मिल रही है उसे अच्छा लग रहा है तुम्हें पहन सकता है इसमें संस्कृति वाली कोई बात नहीं है आजकल लड़कियां पहनते हैं जींस टीशर्ट और उन्हें अच्छा लगता है उसमें तूने पहनने दीजिए इससे दूसरे को कोई फर्क नहीं होना चाहिए और हमारी भारतीय संस्कृति के कपड़े में साड़ी वगैरह तो पूजा पाठ के समय उनको पहन लीजिए और आपको जींस टीशर्ट करने में खुशी मिल रही है तो आप उसको भी पहननी है तो कपड़ा है एक प्रकार का कपड़ा कपड़ा पहनने में कोई भी बुराई नहीं होती है आपको जो पसंद आए तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai ki ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata kya bhejee tee-shart kyon pahanatee hain to yah apanee apanee pasand ke oopar nirbhar karata hai bhaarateey sanskrti ke kapade to sari hotee hai aur salavaar soot bhee sab hote hain lekin jis bhee shart pahanana bhee ek kapada hee hota hai agar khushee kee ichchha hai kisee ko jeens ta shart pahane mein khushee mil rahee hai use achchha lag raha hai tumhen pahan sakata hai isamen sanskrti vaalee koee baat nahin hai aajakal ladakiyaan pahanate hain jeens teeshart aur unhen achchha lagata hai usamen toone pahanane deejie isase doosare ko koee phark nahin hona chaahie aur hamaaree bhaarateey sanskrti ke kapade mein sari vagairah to pooja paath ke samay unako pahan leejie aur aapako jeens teeshart karane mein khushee mil rahee hai to aap usako bhee pahananee hai to kapada hai ek prakaar ka kapada kapada pahanane mein koee bhee buraee nahin hotee hai aapako jo pasand aae to laik keejiega dhanyavaad

guru ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Students
0:25

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
1:54
लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता जींस पैंट शर्ट पहनते हैं और देखें दोस्तों यदि बात करें भारतीय संस्कृति को लेकर के तो यहां पर सूट लहंगे इत्यादि जबकि पाश्चात्य संस्कृति के लिए हम बात करें तो बनाई जाती है कि हम जानते हैं कि शुरुआती दौर के अंदर ही सबसे अधिक लोग और उन लोगों ने अपना वजन के अंदर स्टार्ट कर दिया उनकी संस्कृति स्टार्ट करते हैं क्योंकि हम उनके अधीन रह चुके और उन्होंने अपना संस्कृति अपना वर्चस्व था अपने जैसे सब लोगों को बनाना शुरू किया यही करने दोस्तों भारतीय संस्कृति जो पीछे पीछे होती गई और पाश्चात्य संस्कृति आगे बढ़ती रहें परंतु भारतीय संस्कृति के कपड़े नहीं पहने और आपको बता दें कि भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के अंदर महिलाएं जो अपने आप में 15 लड़के होते हैं लड़कियां हो वैसे तो सब के सब स्वतंत्र है वह कुछ भी पहन सकते हैं और कुछ भी खा सकते हैं हर चीज के लिए उत्सव तंत्र है जो भी है उनकी पसंद है तो वह जो ही चीज अपने पसंद की वह पहनना चाहिए उसके ऊपर हम कोई रोक-टोक नहीं कर सकते क्योंकि हर किसी को अपना स्वयं का स्वतंत्रता के साथ वस्त्र पहनना और खाने का अधिकार है धन्यवाद
Ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata jeens paint shart pahanate hain aur dekhen doston yadi baat karen bhaarateey sanskrti ko lekar ke to yahaan par soot lahange ityaadi jabaki paashchaaty sanskrti ke lie ham baat karen to banaee jaatee hai ki ham jaanate hain ki shuruaatee daur ke andar hee sabase adhik log aur un logon ne apana vajan ke andar staart kar diya unakee sanskrti staart karate hain kyonki ham unake adheen rah chuke aur unhonne apana sanskrti apana varchasv tha apane jaise sab logon ko banaana shuroo kiya yahee karane doston bhaarateey sanskrti jo peechhe peechhe hotee gaee aur paashchaaty sanskrti aage badhatee rahen parantu bhaarateey sanskrti ke kapade nahin pahane aur aapako bata den ki bhaarat hee nahin balki pooree duniya ke andar mahilaen jo apane aap mein 15 ladake hote hain ladakiyaan ho vaise to sab ke sab svatantr hai vah kuchh bhee pahan sakate hain aur kuchh bhee kha sakate hain har cheej ke lie utsav tantr hai jo bhee hai unakee pasand hai to vah jo hee cheej apane pasand kee vah pahanana chaahie usake oopar ham koee rok-tok nahin kar sakate kyonki har kisee ko apana svayan ka svatantrata ke saath vastr pahanana aur khaane ka adhikaar hai dhanyavaad

vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Social worker in india
1:04
नमस्ते दोस्तों आप का सवाल है क्या लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता जींस पैंट टी-शर्ट पहनते हैं और तो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर यह है वर्तमान समय में हमारे सोशल मीडिया टेलीविजन की वजह और विदेशी संस्कृति का हमारे देश की संस्कृति में प्रवेश होने के कारण वर्तमान में लड़कियां तीसरे जींस पैंट पहनते हैं क्योंकि उनकी संस्कृति का असर आ गया है इसलिए हमारे देश की लड़कियां भी अपने आपको अलग दिखाने साथी है जो हमारे जो फिल्मी हीरोइन मॉडलिंग का खराबी आने की वजह से लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े कम पसंद आने लग गए हैं और हमारे लड़कियां जींस पैंट एसिड बनने लग गई है धन्यवाद दोस्तों खुश रहो
Namaste doston aap ka savaal hai kya ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata jeens paint tee-shart pahanate hain aur to doston aapake savaal ka uttar yah hai vartamaan samay mein hamaare soshal meediya teleevijan kee vajah aur videshee sanskrti ka hamaare desh kee sanskrti mein pravesh hone ke kaaran vartamaan mein ladakiyaan teesare jeens paint pahanate hain kyonki unakee sanskrti ka asar aa gaya hai isalie hamaare desh kee ladakiyaan bhee apane aapako alag dikhaane saathee hai jo hamaare jo philmee heeroin modaling ka kharaabee aane kee vajah se ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade kam pasand aane lag gae hain aur hamaare ladakiyaan jeens paint esid banane lag gaee hai dhanyavaad doston khush raho

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
1:19
आज का कपास नहीं क्या लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता जींस पैंट टी-शर्ट पहनते हैं तो आपको बता देते कि यहां पर पहनने ओढ़ने का जो 40 होती है वह हर एक इंसान की अपनी होती है किसी को भी उसमें इंटरवेंशन नहीं करना चाहिए प्रत्येक व्यक्ति जो कपड़े पहनना चाहे जो उसको पसंद हो अच्छे लगते हो वह अपने मन से अच्छे कपड़े पहन सकता है इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए हालांकि कुछ लोग यहां पर समाज के ठेकेदार बन जाते हैं और वह यहां पर पाबंदियां भी लगाते हैं कि लड़कों को क्या पहनना और लड़कियों को क्या बनना है कैसे कपड़े पहने कैसा व्यवहार करना है तो ऐसे में कभी भी ऐसे लोगों के सामने नहीं झुकना चाहिए हमेशा अपने पसंद के अनुसार आपको कपड़े पहने चाहिए हां एक चीज जो उस ध्यान रखनी चाहिए कि हर एक तरह के कपड़े आजादी नहीं पढ़ने आते हैं अब आप अगर डिस्को पार्टी में जाना चाहिए हैं और वह कपड़े पहन के आ मंदिर चले गए हैं तो थोड़ा सा ऊपर रहेगा या जो मंदिर में कपड़े पहन कर जाते हैं वह डिस्को में पहन के चले आए तब भी वही चलेगा तो थोड़ा सा उन चीजों को ध्यान रखा जाता है कि आखिर आप कहां सम्मिलित हो रहे हैं उस तरह के परिधान या वेशभूषा आपको धारण करनी चाहिए मैं शुभकामनाएं आपके साथ है धन्यवाद
Aaj ka kapaas nahin kya ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata jeens paint tee-shart pahanate hain to aapako bata dete ki yahaan par pahanane odhane ka jo 40 hotee hai vah har ek insaan kee apanee hotee hai kisee ko bhee usamen intaravenshan nahin karana chaahie pratyek vyakti jo kapade pahanana chaahe jo usako pasand ho achchhe lagate ho vah apane man se achchhe kapade pahan sakata hai isamen kisee ko aapatti nahin honee chaahie haalaanki kuchh log yahaan par samaaj ke thekedaar ban jaate hain aur vah yahaan par paabandiyaan bhee lagaate hain ki ladakon ko kya pahanana aur ladakiyon ko kya banana hai kaise kapade pahane kaisa vyavahaar karana hai to aise mein kabhee bhee aise logon ke saamane nahin jhukana chaahie hamesha apane pasand ke anusaar aapako kapade pahane chaahie haan ek cheej jo us dhyaan rakhanee chaahie ki har ek tarah ke kapade aajaadee nahin padhane aate hain ab aap agar disko paartee mein jaana chaahie hain aur vah kapade pahan ke aa mandir chale gae hain to thoda sa oopar rahega ya jo mandir mein kapade pahan kar jaate hain vah disko mein pahan ke chale aae tab bhee vahee chalega to thoda sa un cheejon ko dhyaan rakha jaata hai ki aakhir aap kahaan sammilit ho rahe hain us tarah ke paridhaan ya veshabhoosha aapako dhaaran karanee chaahie main shubhakaamanaen aapake saath hai dhanyavaad

Akash Chaudhary  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Akash जी का जवाब
Motivational speaker
2:33
नमस्कार आपका सवाल है क्या लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता जींस पैंट टी-शर्ट पहनते हैं और विकी मैं सबसे पहले आपको एक सलाह दूंगा कि कोई भी बोलकर ऐप पर सवाल पूछता है तू एक स्पष्टता के साथ प्रश्न करें मतलब अपने शब्दों को पूरा रखने का प्रयास करें क्योंकि आप अधूरे शब्द रखते हैं तो उसमें हमें जवाब देने में समस्या होती है तो मैं आपके सवाल की तरफ आता हूं तो देखी हर आप फोन चलाते हैं मोबाइल फोन आप इस्तेमाल करते हैं और उसमें आप एप्लीकेशन यूज करते हैं वह भी समय-समय पर अपडेट मांगता है 3 महीने 4 महीने 15 दिन 20 दिन में जरूर एक बार अपडेट मांगता है क्योंकि उसके पीछे एक कारण है क्योंकि अगर हम एक चीज के ऊपर निर्भर रहेंगे एक चीज के पीछे हम निर्भर रहेंगे तो जो जनरेशन गैप होगा वह बहुत बड़ा हो जाएगा कुछ टी शर्ट पहनता है कोई सूट पहनता है कोई धामन पहनता है तो फर्क कुछ नहीं है फर्क इंसानों की सोच का है मनुष्य की सोच का है कि इंसान के साथ होता भाई लड़कियां तो चलो मैंने मान लिया जींस पहनती है फुल लड़की भी तो जींस पहनते हैं लड़कों की दो कुर्ते पजामे पहननी चाहिए क्वालिटी की बात करो ना कुछ नहीं कि नहीं कि लड़कियां लड़की जींस क्यों पहनती है लड़कियां सूट सलवार क्यों नहीं पहनती तो भाई लड़के जूस क्यों पहनते हैं लड़कों को पजामा पहना हो उड़ता पहनाओ तू ही फूटा मैं आज की मानसिकता का बहुत छोटा सा वाली से मान लूंगा कि अगर हम लड़की को नहीं कह सकते तो हमें लड़की को कहने का अधिकार नहीं है अभी तुम जींस क्यों पहन रहे हो तो मैं भी जींस पहनता हूं मेरे घर में लड़कियां जिंस बैंक नहीं है मुझे पता है की जनरेशन क्या है उस दिन क्या चाहती है कुछ लोगों को या कुछ लोगों के कहने से जनरेशन दौलत नहीं होती है धन्यवाद अगर आपको मेरा जवाब अच्छा लगा हो तो लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें और इस सवाल पर अगर आपको अच्छा लगा हो तो कमेंट जरूर करें धन्यवाद
Namaskaar aapaka savaal hai kya ladakiyon ko bhaarateey sanskrti ke kapade pahanana achchha nahin lagata jeens paint tee-shart pahanate hain aur vikee main sabase pahale aapako ek salaah doonga ki koee bhee bolakar aip par savaal poochhata hai too ek spashtata ke saath prashn karen matalab apane shabdon ko poora rakhane ka prayaas karen kyonki aap adhoore shabd rakhate hain to usamen hamen javaab dene mein samasya hotee hai to main aapake savaal kee taraph aata hoon to dekhee har aap phon chalaate hain mobail phon aap istemaal karate hain aur usamen aap epleekeshan yooj karate hain vah bhee samay-samay par apadet maangata hai 3 maheene 4 maheene 15 din 20 din mein jaroor ek baar apadet maangata hai kyonki usake peechhe ek kaaran hai kyonki agar ham ek cheej ke oopar nirbhar rahenge ek cheej ke peechhe ham nirbhar rahenge to jo janareshan gaip hoga vah bahut bada ho jaega kuchh tee shart pahanata hai koee soot pahanata hai koee dhaaman pahanata hai to phark kuchh nahin hai phark insaanon kee soch ka hai manushy kee soch ka hai ki insaan ke saath hota bhaee ladakiyaan to chalo mainne maan liya jeens pahanatee hai phul ladakee bhee to jeens pahanate hain ladakon kee do kurte pajaame pahananee chaahie kvaalitee kee baat karo na kuchh nahin ki nahin ki ladakiyaan ladakee jeens kyon pahanatee hai ladakiyaan soot salavaar kyon nahin pahanatee to bhaee ladake joos kyon pahanate hain ladakon ko pajaama pahana ho udata pahanao too hee phoota main aaj kee maanasikata ka bahut chhota sa vaalee se maan loonga ki agar ham ladakee ko nahin kah sakate to hamen ladakee ko kahane ka adhikaar nahin hai abhee tum jeens kyon pahan rahe ho to main bhee jeens pahanata hoon mere ghar mein ladakiyaan jins baink nahin hai mujhe pata hai kee janareshan kya hai us din kya chaahatee hai kuchh logon ko ya kuchh logon ke kahane se janareshan daulat nahin hotee hai dhanyavaad agar aapako mera javaab achchha laga ho to laik aur sabsakraib jaroor karen aur is savaal par agar aapako achchha laga ho to kament jaroor karen dhanyavaad

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