#धर्म और ज्योतिषी

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एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है?

Ek Anubhavi Lekhak Evam Sadharan Lekhak Ki Lekhani Mein Kis Prakar Ka Antar Dekha Ja Sakta Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:52
ई वांट टू आज आपका सवाल है कि एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है तो देखिए जो अनुभव होते हैं वह आपको सिम के पास बहुत ही पीरियंस होता है उनके मतलब मिस्टेक होने और गलती होने की बहुत ही कम जान से सोते हैं उनके तजुर्बे उनके एक्सपीरियंस बहुत अच्छा होता है जो इंसान डिलीट कर पाता है समझ पाता है उनको पता होता है कि उनको ज्यादा टाइम भी नहीं लगता है कुछ भी चीज लिखने में क्योंकि उनके बहुत हैबिट होते हैं लेकिन जो नया लेखक होता लेकिन को सोचना पड़ता है समझना पड़ता है जानना पड़ता है फिर भी उनके इतना ज्यादा नहीं होते हैं तो उनके थोड़ा मिस्टेक होने के चांसेस ज्यादा होता है तो वह यही सब नॉर्मल को टाइम भी ज्यादा लगता है तो यही सब दोनों अब चेंज देख सकते कि एक्सपीरियंस लेखक का और जो एक नए नए फैशन लेखक में
Ee vaant too aaj aapaka savaal hai ki ek anubhavee lekhak evan saadhaaran lekhak kee lekhanee mein kis prakaar ka antar dekha ja sakata hai to dekhie jo anubhav hote hain vah aapako sim ke paas bahut hee peeriyans hota hai unake matalab mistek hone aur galatee hone kee bahut hee kam jaan se sote hain unake tajurbe unake eksapeeriyans bahut achchha hota hai jo insaan dileet kar paata hai samajh paata hai unako pata hota hai ki unako jyaada taim bhee nahin lagata hai kuchh bhee cheej likhane mein kyonki unake bahut haibit hote hain lekin jo naya lekhak hota lekin ko sochana padata hai samajhana padata hai jaanana padata hai phir bhee unake itana jyaada nahin hote hain to unake thoda mistek hone ke chaanses jyaada hota hai to vah yahee sab normal ko taim bhee jyaada lagata hai to yahee sab donon ab chenj dekh sakate ki eksapeeriyans lekhak ka aur jo ek nae nae phaishan lekhak mein

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एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है?Ek Anubhavi Lekhak Evam Sadharan Lekhak Ki Lekhani Mein Kis Prakar Ka Antar Dekha Ja Sakta Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:25
कसम है कि एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है तो दोस्तों अब यह मैं कहूं कि इसमें कोई अंतर नहीं देखा जा सकता है क्योंकि जब पहली बार कोई लेखक लिखता है तो वह भी अनुभवहीन होता है इतना अनुभव नहीं होता है लेकिन उसके विचार बिल्कुल एक प्रकार से मुक्त रहते हो खुल कर लिखता है क्योंकि उसको पता नहीं होता है किस के अंदर में क्या लिख रहा हूं इसका क्या असर आएगा और वह बहुत ही प्रचलित हो जाता है चर्चित हो जाता है उसको वाहवाही काफी मिलती है तो उसके बाद उसे अनुभव होने लग जाता है कि ऐसा लिखना है इसके अंदर तो जो अनुभव वाला व्यक्ति होता है वह सोच समझ कर लिखता है वह तो कहीं ना कहीं अपने आप को बांध लेता है इस प्रकार आप देखते हो नए युवा वर्ग में आते हैं क्या-क्या पार में भी आते हैं किसी इंडस्ट्री में भी आते हैं उनकी सोच बिल्कुल अलग होती है तो आंखों वाला व्यक्ति सोचता है यार यह तो कोई गलत कार्य करेगा यह तो चलेगा नहीं मार्केट में और वह इतना तेज भागता है उनके कंसेप्ट नवयुवकों का जो पुराने ख्यालों में बालों से तो यह यह नहीं कह सकते कि अनुभव ही व्यक्ति अनुभव वाले लेखक में कोई खास अंतर होता है आप अपने शब्दों की व्याख्या कर रहे हैं वह जो लेखक है वह सोच समझ कर ही लिखता है और वह तो जनता तय करती है जनता को कितना पसंद आता है और जनता के किस उसने क्षेत्र वाले लोगों को टच किया है बच्चों के लिए लिख रहा है या वृद्ध के लेकर आए युवक के लिख रहा है उस पर भी बहुत सारी चीजें निर्भर करती हैं धन्यवाद
Kasam hai ki ek anubhavee lekhak evan saadhaaran lekhak kee lekhanee mein kis prakaar ka antar dekha ja sakata hai to doston ab yah main kahoon ki isamen koee antar nahin dekha ja sakata hai kyonki jab pahalee baar koee lekhak likhata hai to vah bhee anubhavaheen hota hai itana anubhav nahin hota hai lekin usake vichaar bilkul ek prakaar se mukt rahate ho khul kar likhata hai kyonki usako pata nahin hota hai kis ke andar mein kya likh raha hoon isaka kya asar aaega aur vah bahut hee prachalit ho jaata hai charchit ho jaata hai usako vaahavaahee kaaphee milatee hai to usake baad use anubhav hone lag jaata hai ki aisa likhana hai isake andar to jo anubhav vaala vyakti hota hai vah soch samajh kar likhata hai vah to kaheen na kaheen apane aap ko baandh leta hai is prakaar aap dekhate ho nae yuva varg mein aate hain kya-kya paar mein bhee aate hain kisee indastree mein bhee aate hain unakee soch bilkul alag hotee hai to aankhon vaala vyakti sochata hai yaar yah to koee galat kaary karega yah to chalega nahin maarket mein aur vah itana tej bhaagata hai unake kansept navayuvakon ka jo puraane khyaalon mein baalon se to yah yah nahin kah sakate ki anubhav hee vyakti anubhav vaale lekhak mein koee khaas antar hota hai aap apane shabdon kee vyaakhya kar rahe hain vah jo lekhak hai vah soch samajh kar hee likhata hai aur vah to janata tay karatee hai janata ko kitana pasand aata hai aur janata ke kis usane kshetr vaale logon ko tach kiya hai bachchon ke lie likh raha hai ya vrddh ke lekar aae yuvak ke likh raha hai us par bhee bahut saaree cheejen nirbhar karatee hain dhanyavaad

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एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है?Ek Anubhavi Lekhak Evam Sadharan Lekhak Ki Lekhani Mein Kis Prakar Ka Antar Dekha Ja Sakta Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:58
एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर होता है एक अनुभवी लेखक जो होता है वह बहुत ज्यादा अनुभव से गुजर गुजर गया हुआ होता और ज्यादा करके वह हमेशा एक साधारण फैमिली से आया हुआ होता है व्याख्या कठिन परिस्थितियों से गुजर कर वो लेखक बना हुआ होता है उसके इसके लिए उसके पास अनुभव अच्छे और बुरे बहुत सारे होते हैं और वो उसको चित्रित करता है अपने लेखन में उसके साथ पास शब्द संग्रह जो होता है वह बहुत ज्यादा होता है बहुत ज्यादा शब्द हुआ यूज़ कर सकता है और इंसानों का जो अनुभव है समाज का जो है उसको ऑब्जरवेशन करता है और अनेक व्यक्तियों की जो जो खूबियां होती है अलग-अलग तरह के इंसान होते हैं उनमें निशानिया पाई जाती है शब्दों का शब्द भी पाए जाते हैं और जीने के तरीके और जीने का अंदाज भी अलग अलग पाया जाता है और वह बहुत खुशी से उसको अपने लेखन में प्रयोग करता है लेखक वैसे हर तरीके के होते हैं उन्हें प्रकार के लिए होते चारी के लिए कुछ समीक्षक होते हैं कुछ कथाकार होते काव्य का कार्य होते हैं कुछ कहा उपन्यास करते तो इस तरीके से वह जीवन की सच्चाई को पकड़ते हैं और ऐसे चंद शब्दों में और प्रसंगों के माध्यमों से पकड़ते हैं कि पढ़ने वालों और पकड़ते पढ़ने वाले वालों को वाले को उसमें बहुत और रुचि और उसमें बहुत पढ़ने में आनंद आता है और उसके दिल में हो अंतर तुम तक पहुंच जाए तो होता है जो लिख रहा है यह जो भी उसने चित्रित किया है लेखन के माध्यम से शब्दों के माध्यम से और एक अनुभवी लेखक जो है वह एक अच्छा फिलॉसफी होता है बहुत सारी चीजों का वापस करता है दुनिया में दुनिया को एक नजरिए से देखता है उसका ग्लोबल माइंड होता है उसके लिए वह सारी चीजें समझ सकता है कई भाषाओं के ट्विटर पर कई नोबेल प्राइज विनर उनके लेखन को पड़ता है और उसके कारण उसको जो प्रतिभा है वह निखर जाती है रूस के लेखन में प्रतिबिंबित होती है मैंने एक नोबेल प्राइज विनर किताब का अनुवाद जो है मराठी में वह पढ़ा था मैंने उपस्थित लिया था दुकान से उसका नाम सिर्फ किम है और यह कोई बड़ी बड़ा लंबा किताब नहीं है बड़ी किताब नहीं है एक छोटी किताब है अर्नेस्ट हेमिंग्वे की किताब जो किताब जो है वह मेरे इंग्लिश सिलेबस में या में मेक करते वक्त ओल्ड मैन एंड थे सी बहुत छोटी सी किताब है लेकिन क्या लिखा है उसमें ऐसी उसकी कथा है और इसकी वजह से उसके पात्र है उठने के बाद ही पता चलेगा तो यकीन नाम की जो एक नवेल थी तो उसमें एक किस किस तरह से वह एक लड़का जो है वह गुजरता है कहां से कहां फेंक दिया जाता है जिससे बाहर भी जाता है वह तिबेट तक जाता है और पूरी कहानी वह इसमें बारीक बारीक छोटे-छोटे पहलू उसमें दिखाई दिए हैं उसके जीवन के उसके आसपास के समाज के वह के अनवर मेंट की बाकी जो समाज की जीने की पद्धति आती है उसका वर्णन भी आया है और वह नोबेल प्राइज विनर क्यों है यह मुझे तब पता चला अब जब बाकी सब लेखक है उनमें यह घूमने उसने नहीं होते हैं ज्यादा कर के और और तान कर खींचकर वो सब लोगों को इकट्ठा लाने का प्रयास करते हैं काफी बनाने का प्रयास करते हैं कथा बनाने का प्रयास करते हैं और सुपरफिशियल उनकी सोच होती है और शब्दों का शब्दों का जो उनका संग्रह है वह भी कम होता है तो यह एक बड़ी चर्चा का विषय है लेकिन यह मैंने थोड़ा कुछ बता
Ek anubhavee lekhak evan saadhaaran lekhak kee lekhanee mein kis prakaar ka antar hota hai ek anubhavee lekhak jo hota hai vah bahut jyaada anubhav se gujar gujar gaya hua hota aur jyaada karake vah hamesha ek saadhaaran phaimilee se aaya hua hota hai vyaakhya kathin paristhitiyon se gujar kar vo lekhak bana hua hota hai usake isake lie usake paas anubhav achchhe aur bure bahut saare hote hain aur vo usako chitrit karata hai apane lekhan mein usake saath paas shabd sangrah jo hota hai vah bahut jyaada hota hai bahut jyaada shabd hua yooz kar sakata hai aur insaanon ka jo anubhav hai samaaj ka jo hai usako objaraveshan karata hai aur anek vyaktiyon kee jo jo khoobiyaan hotee hai alag-alag tarah ke insaan hote hain unamen nishaaniya paee jaatee hai shabdon ka shabd bhee pae jaate hain aur jeene ke tareeke aur jeene ka andaaj bhee alag alag paaya jaata hai aur vah bahut khushee se usako apane lekhan mein prayog karata hai lekhak vaise har tareeke ke hote hain unhen prakaar ke lie hote chaaree ke lie kuchh sameekshak hote hain kuchh kathaakaar hote kaavy ka kaary hote hain kuchh kaha upanyaas karate to is tareeke se vah jeevan kee sachchaee ko pakadate hain aur aise chand shabdon mein aur prasangon ke maadhyamon se pakadate hain ki padhane vaalon aur pakadate padhane vaale vaalon ko vaale ko usamen bahut aur ruchi aur usamen bahut padhane mein aanand aata hai aur usake dil mein ho antar tum tak pahunch jae to hota hai jo likh raha hai yah jo bhee usane chitrit kiya hai lekhan ke maadhyam se shabdon ke maadhyam se aur ek anubhavee lekhak jo hai vah ek achchha philosaphee hota hai bahut saaree cheejon ka vaapas karata hai duniya mein duniya ko ek najarie se dekhata hai usaka global maind hota hai usake lie vah saaree cheejen samajh sakata hai kaee bhaashaon ke tvitar par kaee nobel praij vinar unake lekhan ko padata hai aur usake kaaran usako jo pratibha hai vah nikhar jaatee hai roos ke lekhan mein pratibimbit hotee hai mainne ek nobel praij vinar kitaab ka anuvaad jo hai maraathee mein vah padha tha mainne upasthit liya tha dukaan se usaka naam sirph kim hai aur yah koee badee bada lamba kitaab nahin hai badee kitaab nahin hai ek chhotee kitaab hai arnest hemingve kee kitaab jo kitaab jo hai vah mere inglish silebas mein ya mein mek karate vakt old main end the see bahut chhotee see kitaab hai lekin kya likha hai usamen aisee usakee katha hai aur isakee vajah se usake paatr hai uthane ke baad hee pata chalega to yakeen naam kee jo ek navel thee to usamen ek kis kis tarah se vah ek ladaka jo hai vah gujarata hai kahaan se kahaan phenk diya jaata hai jisase baahar bhee jaata hai vah tibet tak jaata hai aur pooree kahaanee vah isamen baareek baareek chhote-chhote pahaloo usamen dikhaee die hain usake jeevan ke usake aasapaas ke samaaj ke vah ke anavar ment kee baakee jo samaaj kee jeene kee paddhati aatee hai usaka varnan bhee aaya hai aur vah nobel praij vinar kyon hai yah mujhe tab pata chala ab jab baakee sab lekhak hai unamen yah ghoomane usane nahin hote hain jyaada kar ke aur aur taan kar kheenchakar vo sab logon ko ikattha laane ka prayaas karate hain kaaphee banaane ka prayaas karate hain katha banaane ka prayaas karate hain aur suparaphishiyal unakee soch hotee hai aur shabdon ka shabdon ka jo unaka sangrah hai vah bhee kam hota hai to yah ek badee charcha ka vishay hai lekin yah mainne thoda kuchh bata

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एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है?Ek Anubhavi Lekhak Evam Sadharan Lekhak Ki Lekhani Mein Kis Prakar Ka Antar Dekha Ja Sakta Hai
Mohitrajput Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:52
तुमने पूछा है कि एक अनुभवी लेखक और एक साधारण लेखक ने किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है हां तो अंतर क्या पूरा अंतर देखा जा सकता है लेखक होता है वह बहुत सोच समझ के लिखते हैं थोड़े अभी सोते रहते हो कुछ भी लिखेंगे तो सोचने चीजें गलत ना हो जाए और जो भी लिख देते दिल पर जाते हैं नहीं लिखा तूने इतनी दम नहीं होता मेरे साथ
Tumane poochha hai ki ek anubhavee lekhak aur ek saadhaaran lekhak ne kis prakaar ka antar dekha ja sakata hai haan to antar kya poora antar dekha ja sakata hai lekhak hota hai vah bahut soch samajh ke likhate hain thode abhee sote rahate ho kuchh bhee likhenge to sochane cheejen galat na ho jae aur jo bhee likh dete dil par jaate hain nahin likha toone itanee dam nahin hota mere saath

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एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है?Ek Anubhavi Lekhak Evam Sadharan Lekhak Ki Lekhani Mein Kis Prakar Ka Antar Dekha Ja Sakta Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
1:01
नमस्कार आपका प्रश्न एक अनुभवी लेखक और एक साधारण लिखा कि की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है तो आपको बता दें कि सबसे बड़ा अंतर होता है वह होता है शब्दावली का शब्दों के चयन का एक साधारण लेखक एक नॉर्मल बात थी लिख पाएगा एक नॉर्मल बात ही बोल पाएगा समझा पाएगा अपने पाठकों तक जबकि जो एक अनुभवी लेखक होता है उसको पता होता है कि कौन सी शब्दावली का प्रयोग कहां करना है किस तरह से अपनी बातों को रखना है किस तरह से अपने जो उठ जा उपन्यास लिख रहे हैं जा कविता लिख रहे हैं उसको किस तरह से पहुंचाना है उनकी टारगेट ऑडियंस कौन सी है यह सब चीजों को ध्यान में रख कर के ही लिखा जाता है जो अनुभव लेखक होते हैं वह सब बातों का ध्यान रखते हैं जबकि जो नॉर्मल या साधारण लेखक है वह इन सब बातों की फिक्र किए बिना ही अपना कार्य करते हैं आपकी क्या राय है इस बारे में कमेंट सेक्शन अपनी राय जरुर व्यक्त करें मैं शुभकामनाएं आपको साथ है धन्यवाद
Namaskaar aapaka prashn ek anubhavee lekhak aur ek saadhaaran likha ki kee lekhanee mein kis prakaar ka antar dekha ja sakata hai to aapako bata den ki sabase bada antar hota hai vah hota hai shabdaavalee ka shabdon ke chayan ka ek saadhaaran lekhak ek normal baat thee likh paega ek normal baat hee bol paega samajha paega apane paathakon tak jabaki jo ek anubhavee lekhak hota hai usako pata hota hai ki kaun see shabdaavalee ka prayog kahaan karana hai kis tarah se apanee baaton ko rakhana hai kis tarah se apane jo uth ja upanyaas likh rahe hain ja kavita likh rahe hain usako kis tarah se pahunchaana hai unakee taaraget odiyans kaun see hai yah sab cheejon ko dhyaan mein rakh kar ke hee likha jaata hai jo anubhav lekhak hote hain vah sab baaton ka dhyaan rakhate hain jabaki jo normal ya saadhaaran lekhak hai vah in sab baaton kee phikr kie bina hee apana kaary karate hain aapakee kya raay hai is baare mein kament sekshan apanee raay jarur vyakt karen main shubhakaamanaen aapako saath hai dhanyavaad

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