#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
3:24
आज आपका सवाल है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनता है तो लोग उसे गवार क्यों समझते हैं यह हमारी सोच ऐसी हो गई है मतलब हर एक लोगों कैसे मेंटालिटी हो गई है कि अगर आप स्टाइलिश कपड़े अगर नहीं पहनते हैं इंग्लिश में बात नहीं करते हैं तो मैं तो आप तो अच्छे और है पढ़े लिखे इंसान नहीं है आपको कुछ नॉलेज नहीं है उनके साथ तुमको ऐसा लगता है क्या होता है अब बहुत बार कोई इंसान बहुत अच्छे से कपड़े का पहनावा मतलब क्या था हां देखने से बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है लेकिन हिंदी में बात करेगा तो लोगों से सोचते हैं कि नहीं यह सिर्फ इसके पास पैसे हैं हिंदी में बात कर रहा है और बहुत बार क्या होता है कि इंग्लिश में जो लोग बात करते हैं लोगों को लगता है कि नहीं पड़ा लेकर भले ही उसे नॉलेज जीरो कि हम यह भूल जाते हैं कि इंग्लिश हिंदी यह सब जो भी खिलाएंगे है यह आशा है भाषा को मतलब कोई बोल पा रहा जैसे इसे देखकर हम आजकल जज करने लगेगी कोई इंसान कितना इंटेलिजेंट इंटेलिजेंट हो गया कैसा है नहीं है यह भाषा को देखकर नहीं पता कर सकते थे कि मराठी अलग बात है हमें अलग भाषा उर्दू अलग भाषा भाषा बोलते तुम उन लोगों को उनके हम जज कर लेते कि नहीं वह कुछ पढ़ा नहीं होगा वह पढ़ा लिखा नहीं होगा हमारी सोच हो गई है इसे बदलना बहुत जरूरी है क्योंकि जिन्हें हिंदी में मतलब जो सॉन्ग है वह सोचते हैं कि मैं भीड़ में अभी नहीं चल सकता अगर पार्टी है या फिर दोस्तों के साथ घूमना है तो मुझे शायद उन लोगों के हिसाब से कपड़ा पहनना है यह मतलब सही अगर मैं भारत संस्कृति के हिसाब से अगर पहन कर जाऊंगा यह जाऊंगी तो मतलब और लगेगा लो मेरी बेइज्जती करेंगे इस वजह से बहुत सारे लोग हैं अकेले में ही घुटन और उठते हैं तो मेरे साथ से यह सूचित चेंज करना चाहिए जिनको जिस तरह से बोलना है ना पसंद है उसे छोड़ देना चाहिए किसी को भी हम भाषा और कपड़े से जज नहीं कर सकते कि वह इंटेलिजेंट है या नहीं वह बुद्धिमान है या नहीं तो यह सोच बदलना हमारी सोसाइटी की बहुत जरूरत है जो दिन-प्रतिदिन मतलब आप बढ़ता जा रहा है बहुत अच्छा बहुत कुछ क्लियर नहीं कर पाएगा आपका उसे कुछ भी समझ नहीं आता पढ़ाई लेकिन हां वह इंग्लिश में दो-चार बोल दिया और वह अच्छे कपड़े पहन कर आ रहा है स्टाइलिश कपड़े पहन कर आ रहा तू बहुत अच्छा तू ऐसा चलता है कि मैं हिंदी बोल रहा हूं फिर मैं ऐसे कपड़े पहन रहा हूं तो मैं क्या मतलब कर सकता हूं तो मैं आपको बता दूं यूट्यूब से लेकर और जो भी जर्नलिस्ट लो है हिंदी न्यूज़ जो हम लोग देखते वह सब ज्यादा डिमांड है तो कभी भी अगर किसी को स्ट्रांग है तो यह नहीं सोचना चाहिए कि मतलब मैं हिंदी में मतलब सॉन्ग हूं इंग्लिश में नहीं हो तो मैं बहुत ही मतलब ऐसा नहीं है आप हर एक जगह देखेंगे और आपको प्राउड फील करना चाहिए क्या आपको अपने मतलब जो आप जिस कंट्री में रहता आपको वह भाषा इतने अच्छे से आता और आप उस भाषा में सॉन्ग
Aaj aapaka savaal hai ki yadi koee vyakti hindee mein baat karata hai bhaarateey sanskrti ke anusaar kapade pahanata hai to log use gavaar kyon samajhate hain yah hamaaree soch aisee ho gaee hai matalab har ek logon kaise mentaalitee ho gaee hai ki agar aap stailish kapade agar nahin pahanate hain inglish mein baat nahin karate hain to main to aap to achchhe aur hai padhe likhe insaan nahin hai aapako kuchh nolej nahin hai unake saath tumako aisa lagata hai kya hota hai ab bahut baar koee insaan bahut achchhe se kapade ka pahanaava matalab kya tha haan dekhane se bahut hee jyaada achchha lagata hai lekin hindee mein baat karega to logon se sochate hain ki nahin yah sirph isake paas paise hain hindee mein baat kar raha hai aur bahut baar kya hota hai ki inglish mein jo log baat karate hain logon ko lagata hai ki nahin pada lekar bhale hee use nolej jeero ki ham yah bhool jaate hain ki inglish hindee yah sab jo bhee khilaenge hai yah aasha hai bhaasha ko matalab koee bol pa raha jaise ise dekhakar ham aajakal jaj karane lagegee koee insaan kitana intelijent intelijent ho gaya kaisa hai nahin hai yah bhaasha ko dekhakar nahin pata kar sakate the ki maraathee alag baat hai hamen alag bhaasha urdoo alag bhaasha bhaasha bolate tum un logon ko unake ham jaj kar lete ki nahin vah kuchh padha nahin hoga vah padha likha nahin hoga hamaaree soch ho gaee hai ise badalana bahut jarooree hai kyonki jinhen hindee mein matalab jo song hai vah sochate hain ki main bheed mein abhee nahin chal sakata agar paartee hai ya phir doston ke saath ghoomana hai to mujhe shaayad un logon ke hisaab se kapada pahanana hai yah matalab sahee agar main bhaarat sanskrti ke hisaab se agar pahan kar jaoonga yah jaoongee to matalab aur lagega lo meree beijjatee karenge is vajah se bahut saare log hain akele mein hee ghutan aur uthate hain to mere saath se yah soochit chenj karana chaahie jinako jis tarah se bolana hai na pasand hai use chhod dena chaahie kisee ko bhee ham bhaasha aur kapade se jaj nahin kar sakate ki vah intelijent hai ya nahin vah buddhimaan hai ya nahin to yah soch badalana hamaaree sosaitee kee bahut jaroorat hai jo din-pratidin matalab aap badhata ja raha hai bahut achchha bahut kuchh kliyar nahin kar paega aapaka use kuchh bhee samajh nahin aata padhaee lekin haan vah inglish mein do-chaar bol diya aur vah achchhe kapade pahan kar aa raha hai stailish kapade pahan kar aa raha too bahut achchha too aisa chalata hai ki main hindee bol raha hoon phir main aise kapade pahan raha hoon to main kya matalab kar sakata hoon to main aapako bata doon yootyoob se lekar aur jo bhee jarnalist lo hai hindee nyooz jo ham log dekhate vah sab jyaada dimaand hai to kabhee bhee agar kisee ko straang hai to yah nahin sochana chaahie ki matalab main hindee mein matalab song hoon inglish mein nahin ho to main bahut hee matalab aisa nahin hai aap har ek jagah dekhenge aur aapako praud pheel karana chaahie kya aapako apane matalab jo aap jis kantree mein rahata aapako vah bhaasha itane achchhe se aata aur aap us bhaasha mein song

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Dollie kashvani Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Energy Alchemist & Wellness Designer
2:11
आपने पूछा है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता और भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनता से लोगों से जवाब क्यों समझते हैं कि आपने जो क्वेश्चन पूछा है और उन लोगों के पॉइंट ऑफ यू की सबसे पूछा है जो लोग का मन है जिन्हें बताइए नहीं है कि पर्सनालिटी का मतलब क्या है वह सिर्फ फॉलो वर्ष होते हैं और होने लगता है कि जो है फॉर्म फॉर फाइनेंस कैसी रहती है और यह जो है इंग्लिश में बात करना ही स्मार्टनेस है तो मैं बता दूं कि ऐसा बिल्कुल नहीं है यह कल्चर में है सिर्फ जो चनिया चोली में पता ही नहीं है कि जो है सक्सेस क्या होती है पर्सनल आईडी क्या होती है पर्सनैलिटी डिवेलप करने का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ आप इंग्लिश बोले हैं और जो है आप पर न्यूड होकर घूमने कम कपड़े पहनने या जो है एकदम मॉडल फैशनेबल कपड़े पहने मैंने बहुत सारे लोगों को बहुत अच्छी इंग्लिश बोलते हैं बहुत फैशनेबल कपड़े पहनते हैं बट क्या वह सच है तो खुद ही समझना लगाने की बात और जो लोग समझते हैं आप ऐसा समझते हैं कर अब उनकी बातों में आ रहे हो तो इतनी सारी फॉलो वर्ष आपके अंदर कहीं ना कहीं डर है कि लो आपको एक्सेप्ट नहीं करेंगे तो पटना इंप्रूव करने का मतलब यह नहीं है कि बस लोगों की बातों में आ जाओ जो सही है वह करना है तो वह लोग गंवार समझते हैं लोगों के गवार समझ लेना समझने से अगर आप की ग्रोथ पर कोई असर पड़ता है तो आपको थोड़ा चेंज करने की उनकी सफेद चलने की जरूरत है लेकिन जब से आपको कोई फर्क नहीं पड़ता आपका काम चल रहा है आपकी लाइफ में चीजें बैटर है वैसे चलने से तो पता चले क्या फर्क पड़ता है आपको कोई कौन क्या समझता है आप उससे आपकी अंतरात्मा सेटिस्फाइड होनी चाहिए आपका अंतर्मन से डिसाइड होना चाहिए आपका मन अगर सेटिस्फाइड नहीं है तो कहीं ना कहीं आप खुद ऐसा लगता है कि आपको इंग्लिश बोलनी चाहिए या आपको ऐसा लगता है तो आप ही के लोगों की बातों पर मत आइए आई होप आपको मेरा आंसर पसंद आया होगा विश यू ऑल द बेस्ट
Aapane poochha hai ki yadi koee vyakti hindee mein baat karata aur bhaarateey sanskrti ke anusaar kapade pahanata se logon se javaab kyon samajhate hain ki aapane jo kveshchan poochha hai aur un logon ke point oph yoo kee sabase poochha hai jo log ka man hai jinhen bataie nahin hai ki parsanaalitee ka matalab kya hai vah sirph pholo varsh hote hain aur hone lagata hai ki jo hai phorm phor phainens kaisee rahatee hai aur yah jo hai inglish mein baat karana hee smaartanes hai to main bata doon ki aisa bilkul nahin hai yah kalchar mein hai sirph jo chaniya cholee mein pata hee nahin hai ki jo hai sakses kya hotee hai parsanal aaeedee kya hotee hai parsanailitee divelap karane ka matalab yah nahin hai ki sirph aap inglish bole hain aur jo hai aap par nyood hokar ghoomane kam kapade pahanane ya jo hai ekadam modal phaishanebal kapade pahane mainne bahut saare logon ko bahut achchhee inglish bolate hain bahut phaishanebal kapade pahanate hain bat kya vah sach hai to khud hee samajhana lagaane kee baat aur jo log samajhate hain aap aisa samajhate hain kar ab unakee baaton mein aa rahe ho to itanee saaree pholo varsh aapake andar kaheen na kaheen dar hai ki lo aapako eksept nahin karenge to patana improov karane ka matalab yah nahin hai ki bas logon kee baaton mein aa jao jo sahee hai vah karana hai to vah log ganvaar samajhate hain logon ke gavaar samajh lena samajhane se agar aap kee groth par koee asar padata hai to aapako thoda chenj karane kee unakee saphed chalane kee jaroorat hai lekin jab se aapako koee phark nahin padata aapaka kaam chal raha hai aapakee laiph mein cheejen baitar hai vaise chalane se to pata chale kya phark padata hai aapako koee kaun kya samajhata hai aap usase aapakee antaraatma setisphaid honee chaahie aapaka antarman se disaid hona chaahie aapaka man agar setisphaid nahin hai to kaheen na kaheen aap khud aisa lagata hai ki aapako inglish bolanee chaahie ya aapako aisa lagata hai to aap hee ke logon kee baaton par mat aaie aaee hop aapako mera aansar pasand aaya hoga vish yoo ol da best

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:43
आपका प्रश्न है यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृत के अनुसार कपड़े पहनता है तो लोग उसे गवार क्यों समझते हैं तो बाबू हम तुम्हें इसका उत्तर यही दे सकते हैं कि जो हिंदी में पढ़ा लिखा है अपनी संस्कृति और कला पर बिल्कुल परिपक्व है और उसको जो लोग गंवार समझते हैं वह गंवार होते हैं क्योंकि उनको हिंदी ठीक से आती नहीं है ना तो हिंदी के महत्व को जानते हैं न हिंदी ग्रामर को जानते हैं ना हिंदी के वैश्विक शुरू को जानते हैं आजकल पूरे देश में सर सर 7:30 पर्सेंट लोग हिंदी बोल रहे हैं और अंग्रेजी गुलामों की भाषा है अंग्रेजी लोग ठीक से नहीं देते लेकिन अपना रौब दिखाने के लिए जो लोग अंग्रेजी नहीं जानते उनको अंग्रेजी में लिख कर देना शुरू करते हैं जबकि सच्चाई यही है कि उन्हें अंग्रेजी खुद नहीं आती है अगर उनसे जो लोग अंग्रेजी में बोलना शुरू कर देते हैं तो इधर-उधर बगले झांकना शुरू कर देते हैं इसलिए जो लोग आपको गवार समझते हो हिंदी बोलने पर आप उसे कहिए क्या आपको हिंदी नहीं आती अगर हिंदी नहीं आती है तो अभी में रहने लायक नहीं है आप खुद इसकी इतनी बेज्जती कर दीजिए दोबारा आपसे अंग्रेजी में बात करनी है उसको झिझक लगने लगे समझ रहे हैं आप गवार नहीं अगर हिंदुस्तानी है तो आप हिंदी बोलिए धड़ाके के साथ हिंदी बोलिए और उसको बोल कर दीजिए कि आपको लगता हिंदी नहीं आती है आप गैर पढ़े लिखो के बीच में आप अंग्रेजी बोल रहे हैं आपको शर्म आनी चाहिए अपनी मातृभाषा को ले जा रहे हैं हिंद भारत में रहकर के भारत का नमक खाते हैं और अंग्रेजी बोल रहे हैं आप इस तरह की बातों से आप उसको डालनेट कीजिए धीरे-धीरे स्थिति या खत्म हो जाएंगे वह गवार है क्या तुमको हिंदी नहीं आती आप विद्वान है क्योंकि आपको हिंदी आती है हिंदी में हमारे सारे सारे भेदभाव से लिखे हुए अंग्रेजी में क्या लिखा है अंग्रेजी में तो एक अंग्रेजों ने इस भाषा को एक दास्तां की भाषा बना दिया है जो सरकार जो उसे हटा नहीं पा रहे यह सब सबसे बड़ा हमारे देश का दुर्भाग्य है
Aapaka prashn hai yadi koee vyakti hindee mein baat karata hai bhaarateey sanskrt ke anusaar kapade pahanata hai to log use gavaar kyon samajhate hain to baaboo ham tumhen isaka uttar yahee de sakate hain ki jo hindee mein padha likha hai apanee sanskrti aur kala par bilkul paripakv hai aur usako jo log ganvaar samajhate hain vah ganvaar hote hain kyonki unako hindee theek se aatee nahin hai na to hindee ke mahatv ko jaanate hain na hindee graamar ko jaanate hain na hindee ke vaishvik shuroo ko jaanate hain aajakal poore desh mein sar sar 7:30 parsent log hindee bol rahe hain aur angrejee gulaamon kee bhaasha hai angrejee log theek se nahin dete lekin apana raub dikhaane ke lie jo log angrejee nahin jaanate unako angrejee mein likh kar dena shuroo karate hain jabaki sachchaee yahee hai ki unhen angrejee khud nahin aatee hai agar unase jo log angrejee mein bolana shuroo kar dete hain to idhar-udhar bagale jhaankana shuroo kar dete hain isalie jo log aapako gavaar samajhate ho hindee bolane par aap use kahie kya aapako hindee nahin aatee agar hindee nahin aatee hai to abhee mein rahane laayak nahin hai aap khud isakee itanee bejjatee kar deejie dobaara aapase angrejee mein baat karanee hai usako jhijhak lagane lage samajh rahe hain aap gavaar nahin agar hindustaanee hai to aap hindee bolie dhadaake ke saath hindee bolie aur usako bol kar deejie ki aapako lagata hindee nahin aatee hai aap gair padhe likho ke beech mein aap angrejee bol rahe hain aapako sharm aanee chaahie apanee maatrbhaasha ko le ja rahe hain hind bhaarat mein rahakar ke bhaarat ka namak khaate hain aur angrejee bol rahe hain aap is tarah kee baaton se aap usako daalanet keejie dheere-dheere sthiti ya khatm ho jaenge vah gavaar hai kya tumako hindee nahin aatee aap vidvaan hai kyonki aapako hindee aatee hai hindee mein hamaare saare saare bhedabhaav se likhe hue angrejee mein kya likha hai angrejee mein to ek angrejon ne is bhaasha ko ek daastaan kee bhaasha bana diya hai jo sarakaar jo use hata nahin pa rahe yah sab sabase bada hamaare desh ka durbhaagy hai

DEBIDUTTA SWAIN Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए DEBIDUTTA जी का जवाब
Motivational speaker
0:20
क्योंकि हम कहीं लगे पाश्चात्य संस्कृति के ऊपर काफी ज्यादा भरोसा कर चुके हैं उनको लगता है कि पाश्चात्य संस्कृति में अगर हम जी रहे हैं इंग्लिश में बात कर रहे हैं तो हमारे अंदर में सोच काफी बड़ा है उनका भी पड़े कभी हमारी नॉलेज है तो इसी सोच की वजह से हमको लगता है कि हिंदी बोलने वाला इंसान कब आ रहे हैं धन्यवाद
Kyonki ham kaheen lage paashchaaty sanskrti ke oopar kaaphee jyaada bharosa kar chuke hain unako lagata hai ki paashchaaty sanskrti mein agar ham jee rahe hain inglish mein baat kar rahe hain to hamaare andar mein soch kaaphee bada hai unaka bhee pade kabhee hamaaree nolej hai to isee soch kee vajah se hamako lagata hai ki hindee bolane vaala insaan kab aa rahe hain dhanyavaad

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
1:16
फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनता है तो लोग उसे गवार क्यों समझते हैं तो फ्रेंड से जो लोग उसे गवार समझते हुए खुद हमारे क्योंकि हम हिंदुस्तान में रहते हैं हम भारत में रहते हैं तो हमें हिंदी में जरूर बात करना चाहिए यह हमारी राष्ट्रभाषा है और भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनना यह हमारी संस्कृति है हमें इसी हिसाब से अपना पहनावा पहनना चाहिए यह बहुत अच्छी बात होती है जो कोई हिंदी बोलता है और जो हिंदुस्तान के अनुसार संस्कृति के कपड़े पहनता है वह बहुत अच्छी बात होती है उसे यह कहां समझने वाले खुद कमार होते हैं क्योंकि आजकल जैसे देख रहे हैं तो मॉडर्न कपड़े लोग बहुत पहनते हैं पाश्चात्य शैली के कपड़े लोग पहन रहे हैं वेस्टर्न कपड़े और इंग्लिश में ज्यादा चलन है आजकल इंग्लिश बहुत बोलते हैं लोग किसी किसी जॉब में इंग्लिश की आवश्यकता होती है यह मैं मानती हूं कि अंग्रेजी आना चाहिए लेकिन फिर भी हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी है मैं अपनी राष्ट्रभाषा का सम्मान करना चाहिए बोलना चाहिए और बोलने में फक्र महसूस होना चाहिए इसमें गवार पन की कोई बात नहीं है हमारी हिंदी भाषा बहुत अच्छी है और हिना भारतीय संस्कृति के अनुसार जो हमारे कपड़े हैं वह दुनिया भर में सबसे अच्छे हैं तो फ्रेंड्स अगर आपको जॉब अच्छी लगे तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद
Phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai yadi koee vyakti hindee mein baat karata hai bhaarateey sanskrti ke anusaar kapade pahanata hai to log use gavaar kyon samajhate hain to phrend se jo log use gavaar samajhate hue khud hamaare kyonki ham hindustaan mein rahate hain ham bhaarat mein rahate hain to hamen hindee mein jaroor baat karana chaahie yah hamaaree raashtrabhaasha hai aur bhaarateey sanskrti ke anusaar kapade pahanana yah hamaaree sanskrti hai hamen isee hisaab se apana pahanaava pahanana chaahie yah bahut achchhee baat hotee hai jo koee hindee bolata hai aur jo hindustaan ke anusaar sanskrti ke kapade pahanata hai vah bahut achchhee baat hotee hai use yah kahaan samajhane vaale khud kamaar hote hain kyonki aajakal jaise dekh rahe hain to modarn kapade log bahut pahanate hain paashchaaty shailee ke kapade log pahan rahe hain vestarn kapade aur inglish mein jyaada chalan hai aajakal inglish bahut bolate hain log kisee kisee job mein inglish kee aavashyakata hotee hai yah main maanatee hoon ki angrejee aana chaahie lekin phir bhee hamaaree raashtrabhaasha hindee hai main apanee raashtrabhaasha ka sammaan karana chaahie bolana chaahie aur bolane mein phakr mahasoos hona chaahie isamen gavaar pan kee koee baat nahin hai hamaaree hindee bhaasha bahut achchhee hai aur hina bhaarateey sanskrti ke anusaar jo hamaare kapade hain vah duniya bhar mein sabase achchhe hain to phrends agar aapako job achchhee lage to laik keejiega dhanyavaad

Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Deepak जी का जवाब
संस्कृतप्रचारक:
3:54
नमस्कार मित्र आपने प्रश्न किया है यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहनता है तो लोग उसे गवार क्यों समझता है मित्र यह लोगों की मानसिकता बन गई है या उनके मन में ही है कि जो हिंदी बोलता है भारतीय संस्कृति के अनुसार जो कपड़े पहनता है वह गवार है मतलब वो पुरानी संस्कृति का है यूं समझते हैं कि वह गवार है सही है इसे कुछ भी नहीं आता यह हमसे कहां बराबरी करेगा पर उनको यह नहीं पता कि वह बल्कि गवार बनते जा रहे हैं जो अपने देश की भाषा जॉन की राष्ट्रभाषा है उसे बोलने में शर्म करते हैं और भारतीय संस्कृति जो हमारी वेशभूषा है उसे भी हम पहनने में शर्म करते हैं तो यह जो लोग इन चीजों में शर्म करते हैं वह बल्कि गवार में उन्हें जानता हूं ना कि जो हिंदी बोलता है और अपने यहां की संस्कृति के अनुसार धोती कुर्ता या कुर्ता पजामा जो भी वेशभूषा हमारी भारतीय संस्कृति की है वह उसे धारण करता है तो वह गवार नहीं है गवार वे लोग हैं जो हमारी संस्कृति को छोड़ करके दूसरों की संस्कृति को अपना रहे हैं अपनी भारत देश की भाषा को छोड़कर दूसरे देश की भाषा को अपना रहे हैं उसे बोलने में वह गर्व करते हैं और अपनी मातृभाषा को राष्ट्रभाषा को बोलने में वह शर्माते हैं तो वह सबसे बड़े गवार है मेरी नजर में जब आपको पता होना चाहिए कि आप भारत देश के अंदर रहते हैं भारत आपका देश है यहां क्या आप निवासी है आप की नागरिकता भी भारतीयता है तो फिर आप यहां की संस्कृति को यहां की भाषा को बोलने में क्यों शर्माते हैं अगर आप दूसरों को इस नजर से देखते हैं कि यह गवार है तो सबसे बड़े गवार वह लोग हैं कारण मैंने आपको बता ही दिया क्योंकि खुद की संस्कृति को छोड़कर दूसरों की संस्कृति को अपनाना यह कोई हमारी संस्कृति में तो लिखा हुआ नहीं है ऐसा हां सम्मान हम सभी संस्कृति का करते हैं सभी भाषा का सम्मान करते हैं परंतु जो अपनी स्वयं की वेशभूषा संस्कृति है भाषा है उसको तो कम से कम सम्मान करते हुए उसका तो उसका तोप योग करिए आप आएगा जब हम उसका उपयोग ही नहीं कर रहे हैं अपनी भाषा को बोलते ही नहीं है तो इसमें गवार कौन है यह हमें खुद को सोचना है मैंने कई बार देखा है जब मैं किसी को अगर नंबर बताता हूं तो मैं कहता हूं कि 93 145 अब यह नंबर में जब उसे बताता हूं तो वह कहता है अरे यह क्या नंबर है भाई क्या बोल रहा है इंग्लिश में बोल मैंने मैं देखता हूं कि यह क्या बात है आज भारत में रहते हुए भी हम मतलब मजबूरी में चाय हम नहीं चाहते हैं तो भी हमें इंग्लिश में ही बात करनी पड़ती है क्यों इंग्लिश में ही नंबर बताने पड़ते हैं क्यों किसी को कुछ बताना है आजकल के बच्चों को भी आप देख लीजिए वह भी इंग्लिश में ही बात करेंगे उनको आपने हिंदी में कहा कि बेटा 75 लिखकर बताओ तो वह कहेगा 75 कितने होते हैं फिर आप उसे इंग्लिश में बताइए 75 तो वह से लिख देगा ऐसा क्यों हो रहा है क्योंकि हम अपनी संस्कृति को भूल कर के दूसरी संस्कृति को अपना रहे हैं और जो भारतीय संस्कृति की वेशभूषा को धारण करते हैं हिंदी बोलते हैं जो उनको गवार समझते हैं वह गवार नहीं है दूसरे गवार है जो उनको गवार समझते हैं धन्यवाद
Namaskaar mitr aapane prashn kiya hai yadi koee vyakti hindee mein baat karata hai bhaarateey sanskrti ke anusaar kapade pahanata hai to log use gavaar kyon samajhata hai mitr yah logon kee maanasikata ban gaee hai ya unake man mein hee hai ki jo hindee bolata hai bhaarateey sanskrti ke anusaar jo kapade pahanata hai vah gavaar hai matalab vo puraanee sanskrti ka hai yoon samajhate hain ki vah gavaar hai sahee hai ise kuchh bhee nahin aata yah hamase kahaan baraabaree karega par unako yah nahin pata ki vah balki gavaar banate ja rahe hain jo apane desh kee bhaasha jon kee raashtrabhaasha hai use bolane mein sharm karate hain aur bhaarateey sanskrti jo hamaaree veshabhoosha hai use bhee ham pahanane mein sharm karate hain to yah jo log in cheejon mein sharm karate hain vah balki gavaar mein unhen jaanata hoon na ki jo hindee bolata hai aur apane yahaan kee sanskrti ke anusaar dhotee kurta ya kurta pajaama jo bhee veshabhoosha hamaaree bhaarateey sanskrti kee hai vah use dhaaran karata hai to vah gavaar nahin hai gavaar ve log hain jo hamaaree sanskrti ko chhod karake doosaron kee sanskrti ko apana rahe hain apanee bhaarat desh kee bhaasha ko chhodakar doosare desh kee bhaasha ko apana rahe hain use bolane mein vah garv karate hain aur apanee maatrbhaasha ko raashtrabhaasha ko bolane mein vah sharmaate hain to vah sabase bade gavaar hai meree najar mein jab aapako pata hona chaahie ki aap bhaarat desh ke andar rahate hain bhaarat aapaka desh hai yahaan kya aap nivaasee hai aap kee naagarikata bhee bhaarateeyata hai to phir aap yahaan kee sanskrti ko yahaan kee bhaasha ko bolane mein kyon sharmaate hain agar aap doosaron ko is najar se dekhate hain ki yah gavaar hai to sabase bade gavaar vah log hain kaaran mainne aapako bata hee diya kyonki khud kee sanskrti ko chhodakar doosaron kee sanskrti ko apanaana yah koee hamaaree sanskrti mein to likha hua nahin hai aisa haan sammaan ham sabhee sanskrti ka karate hain sabhee bhaasha ka sammaan karate hain parantu jo apanee svayan kee veshabhoosha sanskrti hai bhaasha hai usako to kam se kam sammaan karate hue usaka to usaka top yog karie aap aaega jab ham usaka upayog hee nahin kar rahe hain apanee bhaasha ko bolate hee nahin hai to isamen gavaar kaun hai yah hamen khud ko sochana hai mainne kaee baar dekha hai jab main kisee ko agar nambar bataata hoon to main kahata hoon ki 93 145 ab yah nambar mein jab use bataata hoon to vah kahata hai are yah kya nambar hai bhaee kya bol raha hai inglish mein bol mainne main dekhata hoon ki yah kya baat hai aaj bhaarat mein rahate hue bhee ham matalab majabooree mein chaay ham nahin chaahate hain to bhee hamen inglish mein hee baat karanee padatee hai kyon inglish mein hee nambar bataane padate hain kyon kisee ko kuchh bataana hai aajakal ke bachchon ko bhee aap dekh leejie vah bhee inglish mein hee baat karenge unako aapane hindee mein kaha ki beta 75 likhakar batao to vah kahega 75 kitane hote hain phir aap use inglish mein bataie 75 to vah se likh dega aisa kyon ho raha hai kyonki ham apanee sanskrti ko bhool kar ke doosaree sanskrti ko apana rahe hain aur jo bhaarateey sanskrti kee veshabhoosha ko dhaaran karate hain hindee bolate hain jo unako gavaar samajhate hain vah gavaar nahin hai doosare gavaar hai jo unako gavaar samajhate hain dhanyavaad

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:57
क्या आप का सवाल है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृत के अनुसार कपड़े पहनते हैं तो लोग उसे कुमार क्यों समझते हैं देखें पहला तो यह कि जितने मुंह उतनी बात है यानी दुनिया में जितने लोग इतनी बात करेंगे मेरे ख्याल से इन लोगों की हमें नहीं सुननी चाहिए अपने आप में रहना चाहिए अगर इन लोगों की बात सुनेंगे तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे अगर कवारो वाली बात रही तो गांव में बनवाने के लिए भारतीय संस्कृति के अनुसार है क्योंकि उसको इस तरह पहनावा इस तरह ना चलता है तो मैं क्यों एग्रीकल्चर रहता है इसलिए अपना हिंदी कल्चर नहीं सबसे बेस्ट धन्यवाद
Kya aap ka savaal hai ki yadi koee vyakti hindee mein baat karata hai bhaarateey sanskrt ke anusaar kapade pahanate hain to log use kumaar kyon samajhate hain dekhen pahala to yah ki jitane munh utanee baat hai yaanee duniya mein jitane log itanee baat karenge mere khyaal se in logon kee hamen nahin sunanee chaahie apane aap mein rahana chaahie agar in logon kee baat sunenge to aap aage nahin badh paenge agar kavaaro vaalee baat rahee to gaanv mein banavaane ke lie bhaarateey sanskrti ke anusaar hai kyonki usako is tarah pahanaava is tarah na chalata hai to main kyon egreekalchar rahata hai isalie apana hindee kalchar nahin sabase best dhanyavaad

Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
4:59
हेलो फ्रेंड्स नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है यदि कोई व्यक्ति हिंदी में बात करता है भारतीय संस्कृत के अनुसार कपड़े पहनता है तो लोग उसे गवार क्यों समझते हैं दिखे फ्रेंड भारत जो है एक ऐसा देश है जहां पर बहुत सारी विभिन्नता में पाई जाती हैं आपने देखा होगा कि आप किस स्थान पर रहते हैं वहां से थोड़ी दूर पर आप जाने के बाद देखेंगे कि वहां का जलवायु और आडवाणी यानी कि दोनों चेंज हो जाती है कहीं-कहीं का पानी जो है तीखा होता है कसैला होता है कहीं-कहीं का पानी दम शुद्ध होता है कहीं की बाड़ी जो है वह भोजपुरी में होती है कहीं की बाड़ी हिंदी में होती है और कहीं की बाड़ी जो है वह एकदम शुद्ध हिंदी होती है तो अपना अपना शैली होता है अपना अपना रहन-सहन होता पेंट्स रही बात जो लोग गंवार समझते हैं हिंदू संस्कृत को वह गवार इसलिए समझते हैं फ्रेंड की जहां तक मैंने देखा है कि आजकल लोग इंडियन कल्चर को जो है छोड़ करके वेस्टर्न कल्चर को अपना रहे हैं और वेस्टर्न कल्चर को अत्यधिक जो है बढ़ावा दे रहे हैं इसीलिए आज हमारा देश जो है भले ही हम बोले फ्रेंड कि हमारा देश बहुत प्रकट कर लिया है बहुत आगे चला गया है लेकिन कहीं न कहीं हमारे देश में आज भी यह मानसिकता बनी हुई है फ्रेंड की अगर जो कोई आपका क्वेश्चन के अनुसार यह बात साबित होती है कि अगर कोई हिंदी बोलता है और शुद्ध भारतीय संस्कृति के अनुसार कपड़े पहन लेता है उनके मन में यह भावना जरूर आती है कि यह इंसान गवार है उनके अंदर की भावना कदापि नहीं आती फ्रेंड कि यह हमारी इंडियन कल्चर जैसा कि मैं आपको एग्जांपल भी दूसरे पुरुषों का जो हमारे भारत का जो फैशन था जो हमारा सांस्कृतिक वेशभूषा है वह है कुर्ता और छोटी जोकि बहुत कम लोग जो है इस्तेमाल करते हैं आजकल यह सिर्फ जो पंडित लोग होते हैं उन पर ही सूट करता है फ्रेंड वही इसका इस्तेमाल करते हैं फ्रेंड और आप यकीन नहीं मानेंगे फ्रेंड हम आज भी मैं अपनी बात कर रहा हूं फ्रेंड्स आज भी मैं अपनी भारतीय संस्कृत के रिवाज इंसान रहता हूं फ्रेंड और कुर्ता और पेंट भी पहनता हूं फ्रेंड और धोती भी कभी-कभी जो है पहन लेता हूं फ्रेंड तो भारतीय संस्कृति फ्रेंड मेरा मानना यह है कि आप कितने भी विद्वान क्यों ना हो जाए कितनी भी शक्तिशाली क्यों ना हो जाए लेकिन फ्रेंड अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए आज आपने देखा होगा कि जो बलात्कार हो रहे हैं रेप हो रहे हैं यह सब किस लिए हो रहे हैं लोग वेस्टर्न कल्चर में ज्यादा जा रहे हैं आजकल जो छोटे-छोटे ब्रा पेंटी कपड़े पहन के लोग चलती हैं लड़कियां वगैरा और इस बात से मैं एक टिप्पणी करना चाहूंगा प्रिंट में इस भेजो बात करने जा रहा हूं अगर कोई सिस्टर सुन रही हो मेरी बात तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं लेकिन आपको या जवाब समझाने के लिए मुझे इस चीज का जो है एग्जांपल देना पड़ेगा आज कल आपने देखा होगा फ्रेंड की जोड़ी बुखार वगैरह होते हैं छोटी-छोटी कपड़े लड़कियां जो है पहन के चलती है वह इसीलिए होते हैं फ्रेंड कि वह अपनी भारत की कल्चर को भूल कर के वेस्टर्न कल्चर जो हाथ ना रही है और लड़की कहीं न कहीं जो है अपनी मानसिकता जो है वह देखकर खो दे रहे हैं और वह उनमें वह आदमी स्वास्थ्य की कमी है फ्रेंड हो अपने आपको संभाल नहीं पाते और इस तरीके का कुकर में जो है कर देते हैं अगर हिंदू संस्कृत में देखा जाए तो लड़कियों का शुद्ध जो वेशभूषा अगर शादी नहीं हुई है लड़की की तो सलवार सूट है अगर शादी हो गई है लड़की की तो साड़ी भारतीय नारी जो होती है फ्रेंड वह साड़ी में जो है सबसे ऐसा मैं जाता है कि सबसे सुंदर अगर भारतीय नारी इसी वेशभूषा में दिखाई देती है वह साड़ी होती है मैं यह एक से एक परसेंट फ्रेंड दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर कोई लड़की सूट सलवार में जा रही है या फिर साड़ी में है उसका बलात्कार आपने रियल रेप केस में ही सुना होगा कि कहीं भी कहीं कहीं ही शायद हुआ होगा आदिल भाई जितना भी यह सब इस प्रकार की कांड हो रहे हैं वह कहीं न कहीं किसी न किसी प्रकार का जो है सामने वाले को उसका बढ़ावा मिलता है कहीं न कहीं वह उससे माइंड से लोगों को देखता है उसका समाज का माहौल जो है वह दूषित है इसलिए यह कांड हो रहे हैं फ्रेंड मेरा मानना है फ्रेंड्स लोगों को अगर इस से बचाना है तो उनको अपना वातावरण पहले शुद्ध करना होगा भारतीय संस्कृत अपनाएंगे तो इस प्रकार की घटनाएं को रोका जा सकता है तो आशा है फ्रेंड की आप सभी को यह मेरा जवाब जो है वह पसंद आया होगा आपके प्रिय करके जरूर बताइएगा धन्यवाद

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
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