#जीवन शैली

bolkar speaker

क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?

Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
भारत बनेगा स्वर्ग नमामि गंगे Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए भारत जी का जवाब
रेस्टोरेंट में मुनीम के पद पर कार्यरत
1:26
नमस्कार आपका सवाल है कि पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है देखो अगर ऐसा लगने लगे कि हम पागल है तू पागल सोचेगा कि मेरा जीवन अच्छा रहे मैं क्यों पागल बन कर हम तो पागल इंसान को अपने ही पता नहीं होती कि वह पागल है जिसे पता नहीं वह पागल है अजय से पता हो जाएगा कि हम पागल तो पागल नहीं है ऐसा समझदार है तो पागल करोड भी नहीं करेगा ना पागल बनके देखेगा ना पागल पागल बन के रहना चाहेगा तो पागल को नहीं पता रहता कि हम पागल जो मन में होता हूं करते हैं नहीं होता नहीं करते पागल सही कहते हैं जो कुछ भी करने लगे पागल जो होते हैं उनके कहते हैं कि एक के बुद्धि विवेक अपने कंट्रोल नहीं होता है फोन नहीं कंट्रोल हो जाता है उसी को पागल कर दे ना से अलग होता है कि हम क्या कर रहे हैं क्या बोलने क्या पागल ही कहा जाता है जो कुछ उल्टे सीधे काम करें जो करना करने लायक होते हैं उसे करें उसे पागल कहते हैं तो यह कोई भी आदमी जान के नहीं करेगा ना समझ जाएगी
Namaskaar aapaka savaal hai ki paagal insaan ko aisa lagata hai ki vah paagal hai dekho agar aisa lagane lage ki ham paagal hai too paagal sochega ki mera jeevan achchha rahe main kyon paagal ban kar ham to paagal insaan ko apane hee pata nahin hotee ki vah paagal hai jise pata nahin vah paagal hai ajay se pata ho jaega ki ham paagal to paagal nahin hai aisa samajhadaar hai to paagal karod bhee nahin karega na paagal banake dekhega na paagal paagal ban ke rahana chaahega to paagal ko nahin pata rahata ki ham paagal jo man mein hota hoon karate hain nahin hota nahin karate paagal sahee kahate hain jo kuchh bhee karane lage paagal jo hote hain unake kahate hain ki ek ke buddhi vivek apane kantrol nahin hota hai phon nahin kantrol ho jaata hai usee ko paagal kar de na se alag hota hai ki ham kya kar rahe hain kya bolane kya paagal hee kaha jaata hai jo kuchh ulte seedhe kaam karen jo karana karane laayak hote hain use karen use paagal kahate hain to yah koee bhee aadamee jaan ke nahin karega na samajh jaegee

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
भारत बनेगा स्वर्ग नमामि गंगे Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए भारत जी का जवाब
रेस्टोरेंट में मुनीम के पद पर कार्यरत
1:26
नमस्कार आपका सवाल है कि पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है देखो अगर ऐसा लगने लगे कि हम पागल है तू पागल सोचेगा कि मेरा जीवन अच्छा रहे मैं क्यों पागल बन कर हम तो पागल इंसान को अपने ही पता नहीं होती कि वह पागल है जिसे पता नहीं वह पागल है अजय से पता हो जाएगा कि हम पागल तो पागल नहीं है ऐसा समझदार है तो पागल करोड भी नहीं करेगा ना पागल बनके देखेगा ना पागल पागल बन के रहना चाहेगा तो पागल को नहीं पता रहता कि हम पागल जो मन में होता हूं करते हैं नहीं होता नहीं करते पागल सही कहते हैं जो कुछ भी करने लगे पागल जो होते हैं उनके कहते हैं कि एक के बुद्धि विवेक अपने कंट्रोल नहीं होता है फोन नहीं कंट्रोल हो जाता है उसी को पागल कर दे ना से अलग होता है कि हम क्या कर रहे हैं क्या बोलने क्या पागल ही कहा जाता है जो कुछ उल्टे सीधे काम करें जो करना करने लायक होते हैं उसे करें उसे पागल कहते हैं तो यह कोई भी आदमी जान के नहीं करेगा ना समझ जाएगी
Namaskaar aapaka savaal hai ki paagal insaan ko aisa lagata hai ki vah paagal hai dekho agar aisa lagane lage ki ham paagal hai too paagal sochega ki mera jeevan achchha rahe main kyon paagal ban kar ham to paagal insaan ko apane hee pata nahin hotee ki vah paagal hai jise pata nahin vah paagal hai ajay se pata ho jaega ki ham paagal to paagal nahin hai aisa samajhadaar hai to paagal karod bhee nahin karega na paagal banake dekhega na paagal paagal ban ke rahana chaahega to paagal ko nahin pata rahata ki ham paagal jo man mein hota hoon karate hain nahin hota nahin karate paagal sahee kahate hain jo kuchh bhee karane lage paagal jo hote hain unake kahate hain ki ek ke buddhi vivek apane kantrol nahin hota hai phon nahin kantrol ho jaata hai usee ko paagal kar de na se alag hota hai ki ham kya kar rahe hain kya bolane kya paagal hee kaha jaata hai jo kuchh ulte seedhe kaam karen jo karana karane laayak hote hain use karen use paagal kahate hain to yah koee bhee aadamee jaan ke nahin karega na samajh jaegee

bolkar speaker
क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
DEBIDUTTA SWAIN Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए DEBIDUTTA जी का जवाब
Motivational speaker
0:53
बीके पागल इंसान जब कोई होता है तो पहली बात तो साइक्लोजिकल पॉइंट भी उसी में बोलूंगा कि पागल इंसान को पता नहीं होता है कि पागल क्या होता है ठीक है और इस संसार क्या है तो पागल इंसान को कैसे पता चलेगा क्यों पागल है ठीक है हम लोग सही स्थिति में है और हमारी लाइफ से लिख डिफरेंट है हम ऐसे खाते हैं से पीते ऐसे बैठे हैं से उठते और उसकी उससे जो कोई कुछ डिफरेंट करता है तो हम उसको बोले लग जाते कि पागल है कि हमारी तरह जी नहीं रहा है हमारी तरह खा नहीं रहा हमारी तरह बैठा बैठा नहीं कर रहा है तो हमको लग रहा है क्यों पागल है लेकिन उसके दिमाग में क्या होता है उसके दिमाग में होता है कि वह जो कर रहे हैं वही होता है जो बन रही हो जीवन की स्थिति होता है वही उसका जीवन की राह होता है तो उसके लिए पागल क्या है उसका दिमाग में कुछ तो होता ही नहीं एक सच है कि पागल इंसान के लिए वह खुदा जानता है कि वह जो काम करो उसको पागल बोला जाता है धन्यवाद
Beeke paagal insaan jab koee hota hai to pahalee baat to saiklojikal point bhee usee mein boloonga ki paagal insaan ko pata nahin hota hai ki paagal kya hota hai theek hai aur is sansaar kya hai to paagal insaan ko kaise pata chalega kyon paagal hai theek hai ham log sahee sthiti mein hai aur hamaaree laiph se likh dipharent hai ham aise khaate hain se peete aise baithe hain se uthate aur usakee usase jo koee kuchh dipharent karata hai to ham usako bole lag jaate ki paagal hai ki hamaaree tarah jee nahin raha hai hamaaree tarah kha nahin raha hamaaree tarah baitha baitha nahin kar raha hai to hamako lag raha hai kyon paagal hai lekin usake dimaag mein kya hota hai usake dimaag mein hota hai ki vah jo kar rahe hain vahee hota hai jo ban rahee ho jeevan kee sthiti hota hai vahee usaka jeevan kee raah hota hai to usake lie paagal kya hai usaka dimaag mein kuchh to hota hee nahin ek sach hai ki paagal insaan ke lie vah khuda jaanata hai ki vah jo kaam karo usako paagal bola jaata hai dhanyavaad

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
satish kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए satish जी का जवाब
Student
0:32
हाय फ्रेंड क्वेश्चन पूछा गया कि क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है तो यदि कोई व्यक्ति को अगर लग रहा है कि वह पागल है तो वह व्यक्ति कभी भी जो है पागल नहीं हो सकता है क्योंकि व्यक्ति जब तक मांस पिक्चर बताएं सही रूप से कार्य करता है तब तक व्यक्ति जो होते हैं सही होता है लेकिन जैसे ही व्यक्ति का जो होता है मस्तिक उसके शरीर के अनुरूप कार्य नहीं करता है तो व्यक्ति जो होता है पागल हो जाता है और उसे ज्योति पता भी नहीं चलती
Haay phrend kveshchan poochha gaya ki kya paagal insaan ko aisa lagata hai ki vah paagal hai to yadi koee vyakti ko agar lag raha hai ki vah paagal hai to vah vyakti kabhee bhee jo hai paagal nahin ho sakata hai kyonki vyakti jab tak maans pikchar bataen sahee roop se kaary karata hai tab tak vyakti jo hote hain sahee hota hai lekin jaise hee vyakti ka jo hota hai mastik usake shareer ke anuroop kaary nahin karata hai to vyakti jo hota hai paagal ho jaata hai aur use jyoti pata bhee nahin chalatee

bolkar speaker
क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:39
तो आज आप का सवाल है कि क्या पागल इंसान हो ऐसा लगता है कि वह पागल है तू कैसे कह सकते हैं कि हम नॉर्मल है और हम लोग एक इंसान हैं हम ऐसा कैसे कह सकते क्योंकि हम अपने आसपास से देखते हैं कि लोग मतलब हमारे जैसे काम कर रहे हैं कभी कदार क्या होता है कि सिचुएशन के हिसाब से हम बात नहीं करते बहुत सीरियस लेते हैं तो लोग हमें भी पागल कहते इसका मतलब हम आसपास को देखकर ऐसा ही उमन एक ही नीचे और भी होने चाहिए हम उसे साथ उसके अकॉर्डिंग उसके अनुसार कोई भी काम नहीं करते तो हमें पागल घोषित कर दिया जाता है तो हम समझ जाते कि हमारा दिमाग से समझता है कि नहीं हम इसके अकॉर्डिंग काम नहीं कर रहे थे बस लोगों ने मुझे पागल का डर हमेशा व्यस्त लेकिन जो पागल होते हैं अगर उनको आप बोलेंगे कि पागल है तुमको पता ही नहीं कि पागल का मीनिंग क्या है और पागल क्या होता है उनके हिसाब से वह दुनिया ही रहती है हम लोग अलग चला सकते हैं वह हमें देखते हैं कि हम खा रहे पी रहे हैं बातचीत कर रहे तो वह हमें पागल सोच सकते हैं फिर हमें अलग इंसान समझ सकते बस उनके हिसाब से वह जैसे हैं वही सही है वह जैसे कर रहे हैं वही सही है उनको यह पता ही नहीं है कि पागल क्या है और इंसान क्या है उनके दिमाग में कोई भी मैसेज नहीं पहुंच रहा है जिस वजह से वह ना ही कुछ भी बिहेवियर ना ही उनका कोई भी किसी भी तरह से ही मन जैसे बिहेवियर होता है ऐसा हो ही नहीं पा रहा तो असल में यही सच्चाई है कि उनको पता ही नहीं है कि पागल क्या है और इंसान क्या है जिस तरह से सिग्नल उनके दिमाग में पहुंच रहा हूं तरह से वह बीएफ कर रहे हैं और उसके अलावा कुछ नहीं
To aaj aap ka savaal hai ki kya paagal insaan ho aisa lagata hai ki vah paagal hai too kaise kah sakate hain ki ham normal hai aur ham log ek insaan hain ham aisa kaise kah sakate kyonki ham apane aasapaas se dekhate hain ki log matalab hamaare jaise kaam kar rahe hain kabhee kadaar kya hota hai ki sichueshan ke hisaab se ham baat nahin karate bahut seeriyas lete hain to log hamen bhee paagal kahate isaka matalab ham aasapaas ko dekhakar aisa hee uman ek hee neeche aur bhee hone chaahie ham use saath usake akording usake anusaar koee bhee kaam nahin karate to hamen paagal ghoshit kar diya jaata hai to ham samajh jaate ki hamaara dimaag se samajhata hai ki nahin ham isake akording kaam nahin kar rahe the bas logon ne mujhe paagal ka dar hamesha vyast lekin jo paagal hote hain agar unako aap bolenge ki paagal hai tumako pata hee nahin ki paagal ka meening kya hai aur paagal kya hota hai unake hisaab se vah duniya hee rahatee hai ham log alag chala sakate hain vah hamen dekhate hain ki ham kha rahe pee rahe hain baatacheet kar rahe to vah hamen paagal soch sakate hain phir hamen alag insaan samajh sakate bas unake hisaab se vah jaise hain vahee sahee hai vah jaise kar rahe hain vahee sahee hai unako yah pata hee nahin hai ki paagal kya hai aur insaan kya hai unake dimaag mein koee bhee maisej nahin pahunch raha hai jis vajah se vah na hee kuchh bhee biheviyar na hee unaka koee bhee kisee bhee tarah se hee man jaise biheviyar hota hai aisa ho hee nahin pa raha to asal mein yahee sachchaee hai ki unako pata hee nahin hai ki paagal kya hai aur insaan kya hai jis tarah se signal unake dimaag mein pahunch raha hoon tarah se vah beeeph kar rahe hain aur usake alaava kuchh nahin

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
vk yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए vk जी का जवाब
Student
0:32
श्री कृष्ण को देखती हूं पूरा देश की अर्थव्यवस्था दैनिक पूरी कोशिश की जाएगी चले गए प्रश्न को देखकर ऐसा लगता है कि वह पागल है पता भी किसी किसी को नहीं मिलता है तो पागल है और पागल ही हो तो उसे किसी चीज को समझ नहीं होती वह अपनी दुनिया में मस्त रहता है क्या गलत है क्या सही है क्या अच्छा क्या बुरा किसी का ज्ञान नहीं होता अगर देखा जाए तो अपने काम में मस्त रहता है तो जो करना वह पर है या उसकी जो मन में है वह तरफ पागल है क्या करूं तुझे जो करना वह करता
Shree krshn ko dekhatee hoon poora desh kee arthavyavastha dainik pooree koshish kee jaegee chale gae prashn ko dekhakar aisa lagata hai ki vah paagal hai pata bhee kisee kisee ko nahin milata hai to paagal hai aur paagal hee ho to use kisee cheej ko samajh nahin hotee vah apanee duniya mein mast rahata hai kya galat hai kya sahee hai kya achchha kya bura kisee ka gyaan nahin hota agar dekha jae to apane kaam mein mast rahata hai to jo karana vah par hai ya usakee jo man mein hai vah taraph paagal hai kya karoon tujhe jo karana vah karata

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
Kartik mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Kartik जी का जवाब
Student
0:10

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:38
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है नहीं फ्रेंड पैसा नहीं है पागल इंसान कभी भी अपने आप को पागल नहीं समझता है उसे लगता है कि हम ठीक हैं मां की दुनिया पागल है वह अपने आप को अच्छा समझता है वह अपने आप को कभी भी अगर उसे कोई पागल कर देता है तो उसे बहुत ज्यादा बुरा लगता है और वह बहुत चीड़ जाता है तथा वह मानने को तैयार नहीं होता कि वह पागल है मैं कभी भी एक्सेप्ट नहीं करता कि वह पागल है वह दूसरों को पागल समझता है लेकिन मैं खुद को पागल कभी नहीं मानता है तो दोस्तों आपको जवाब अच्छे लगे तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai kya paagal insaan ko aisa lagata hai ki vah paagal hai nahin phrend paisa nahin hai paagal insaan kabhee bhee apane aap ko paagal nahin samajhata hai use lagata hai ki ham theek hain maan kee duniya paagal hai vah apane aap ko achchha samajhata hai vah apane aap ko kabhee bhee agar use koee paagal kar deta hai to use bahut jyaada bura lagata hai aur vah bahut cheed jaata hai tatha vah maanane ko taiyaar nahin hota ki vah paagal hai main kabhee bhee eksept nahin karata ki vah paagal hai vah doosaron ko paagal samajhata hai lekin main khud ko paagal kabhee nahin maanata hai to doston aapako javaab achchhe lage to laik keejiega dhanyavaad

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए मोहित जी का जवाब
बिजनेस
0:16
दोस्तों सवाल है कि कि आप पागल आदमी को ऐसा नहीं लगता कि वह पागल है पागल आदमी बहुत खतरनाक होते हैं क्योंकि उन्हें बिल्कुल नहीं लगता कि वह पागल है उन्हें लगता है कि दुनिया पागल है धन्यवाद
Doston savaal hai ki ki aap paagal aadamee ko aisa nahin lagata ki vah paagal hai paagal aadamee bahut khataranaak hote hain kyonki unhen bilkul nahin lagata ki vah paagal hai unhen lagata hai ki duniya paagal hai dhanyavaad

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क्या पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है?Kya Pagal Insan Ko Aisa Lagta Hai Ki Vah Pagal Hai
Manju Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Manju जी का जवाब
Unknown
1:05
अपने प्रश्न पूछा है कि क्या आप पागल इंसान को ऐसा लगता है कि वह पागल है तो देखिए एक पागल हम किसे कहते हैं वह जिसका मानसिक संतुलन सही नहीं होता है मैं तो वह सही तरीके से सोच नहीं सकता है जो आम इंसान है जो समझता है वह एक पागल इंसान नहीं समझ सकते हैं लेकिन अक्सर हम देखते हैं कि दोस्तों के साथ हम लोग यह बात कह देते कि पागल है तो तू इसका मतलब पागल है बस हम उसे खेल रहे हैं चिड़ा रहे हैं तो ऐसा कुछ है तो बिल्कुल वह समझ सकता है कि उसने कहा गलती की है कि उसे पागल कहा जा रहा है लेकिन असल में जो पागल होता है मतलब जिसकी मानसिक संतुलन सही नहीं होती वह खुद को कैसे पागल है यह कैसे समझ पाएगा क्योंकि पहले से वह यह समझ के समझ को चुका है तो उसकी सा मानसिक संतुलन जो है वह सही नहीं है तू बिलकुल यह नहीं समझ पाएगा कि वह जो कर रहा है वह सही है क्योंकि वह हमेशा अब पागल होने के नाते ऐसे काम करते हैं जिस जो एक बुद्धिमान इंसान या आम इंसान नहीं करता है तो ऐसे इंसान को समझ नहीं होता है वह खुद ही खो दिया होता है
Apane prashn poochha hai ki kya aap paagal insaan ko aisa lagata hai ki vah paagal hai to dekhie ek paagal ham kise kahate hain vah jisaka maanasik santulan sahee nahin hota hai main to vah sahee tareeke se soch nahin sakata hai jo aam insaan hai jo samajhata hai vah ek paagal insaan nahin samajh sakate hain lekin aksar ham dekhate hain ki doston ke saath ham log yah baat kah dete ki paagal hai to too isaka matalab paagal hai bas ham use khel rahe hain chida rahe hain to aisa kuchh hai to bilkul vah samajh sakata hai ki usane kaha galatee kee hai ki use paagal kaha ja raha hai lekin asal mein jo paagal hota hai matalab jisakee maanasik santulan sahee nahin hotee vah khud ko kaise paagal hai yah kaise samajh paega kyonki pahale se vah yah samajh ke samajh ko chuka hai to usakee sa maanasik santulan jo hai vah sahee nahin hai too bilakul yah nahin samajh paega ki vah jo kar raha hai vah sahee hai kyonki vah hamesha ab paagal hone ke naate aise kaam karate hain jis jo ek buddhimaan insaan ya aam insaan nahin karata hai to aise insaan ko samajh nahin hota hai vah khud hee kho diya hota hai

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