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किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है?

Kisi Insan Ki Bauddhik Kshamta Ka Pata Tab Chalta Hai Jab Vah Sankat Mein Hota Hai
अनन्या सिहं Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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शिक्षारत
1:22
बिल्कुल सही कहा आपने इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब संकट में होता है इसीलिए हमेशा हमेशा पॉजिटिव सोचना चाहिए जब फ्री हो तब भी कभी भी नेगेटिव नहीं सोचना चाहिए उदाहरण के तौर पर मान लीजिए आपको एक चीता दौड़ा रहे हैं और यदि आप लोगों के पैसे वाले देते हैं तो आप भारतीय भागते भागते जाएंगे और कैसे जाने क्या करूं क्या करूं आप का अकेले में कोई भी नहीं आएगा कि कोई भी व्यक्ति नहीं तुझे तू भी आती है ऐसे में क्या किया जाए लेकिन जब आप ऐसे व्यक्ति हैं जो हमेशा अपने पूरे जीवन व्यतीत होता है तो उस तंत्र की घड़ी में भी आपको हमें एक यूपी समझेगी कि एक दूसरे से बचने के लिए मुझे के ऊपर चल जाना चाहिए और आप पेपर अपनी जान बचा सकते हैं और चाय पी ली आपने सही कहा है कि इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब संकट में होता है

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किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है?Kisi Insan Ki Bauddhik Kshamta Ka Pata Tab Chalta Hai Jab Vah Sankat Mein Hota Hai
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
3:27
अनिका की शिनचैन की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है यह प्रश्न आप का जायजा इसी नंबर से भी सहमत है लेकिन आप जब संकट में होते हैं तब इंसान जो है अपने आप को संकट से मुक्त होने के राष्ट्रीय तलाशते हैं और उन रास्तों में सबसे पहले वह सब जनता के और प्रतिष्ठा के और अपनत्व के जिसको अपने कहते हैं उनका सहारा ढूंढता है और उन के माध्यम से वह संकट मुक्त होना चाहते हैं तो फिर संकट मुक्त होने में हमें किसी ना किसी का सहारा लेना पड़ता है इसमें कोई दो राय नहीं है संकट की घड़ी में इंसान की इंसान काम आता है हर एक सच्चे इंसान की पहचान भी तभी होती है जब आप पर संकट पड़ता है और लोग आपका साथ देने को तैयार होते हैं यहां दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं एक आम कामसूत्र को वह से एहसान या मदद नहीं मानते पर एक वह लोग जो मदद मांगने पर आपके साथ खड़े हो जाते हैं ज्ञान को जानकारी मिलने पर वह आपके साथ दुख बांटने के लिए श्याम चले आते हैं इसके अतिरिक्त में वह लोग और थे जिनको आप अपना समझते थे अपने जीवन का हिस्सा समझते थे जिन पर आप गर्व करते थे जिनको आप सीना ठोक कर अपना कहते थे वह आपकी तरफ पलट कर भी नहीं देते क्यों क्योंकि उनका हम आपसे कोई स्वार्थ सिद्ध होने वाला नहीं तो दुनिया में बहुत तरह के लोग हैं जो संकट में क्यों बनना अपनी बुद्धि का पर क्या होता है बल्कि अपनी बुद्धि का परचम पूरे जीवन किसी ना किसी काम के करने में देते रहते हैं लेकिन परिचय देते हैं परिचय सामने वाला डाटा नहीं लेकिन जब संकट की घड़ी है ऐसी होती है जो किसी इंसान की पहचान कराती है जिस पर संकट पड़ा है उसकी भी और जिस पर संकट भी कोई संकट में मदद करने वाला है उसकी इस प्रकार से इसमें कोई संदेह नहीं है कि बुड्ढे के साथ साथ इंसानियत और मनुष्यता का भी परिचय लव यू

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किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है?Kisi Insan Ki Bauddhik Kshamta Ka Pata Tab Chalta Hai Jab Vah Sankat Mein Hota Hai
Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
1:17
नमस्कार दोस्तों प्रश्न किया है किसी इंसान को बौद्ध की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब संकट में होता है तो दोस्तों ऐसा नहीं है बहुत मैंने बड़े-बड़े लोगों को देखा है कि बहुत ही उनकी बुद्धि प्रखर होती है लेकिन कई बार ऐसे विपत्ति आती है संकट आती है तो उस समय दिमाग काम करना बंद कर देता है उस समय पहली बार घटना हुई होती और वह भी अचानक हुई होती तो पता भी नहीं चल पाता कि हो क्या गया है तो निश्चित रूप से प्राप्त होता है तो उसके बाद उसकी बुद्धि लगती की चलने लग जाती है और कई बार आता होता है कि हम जिसको अनपढ़ समझते हैं या कम पढ़ा-लिखा समझते हैं तो उनकी बौद्धिक स्थिति इतनी अच्छी रहती है क्योंकि समय में निर्णय लेते हैं और कई बार और सही हो जाता है तो यह अनुभव के हिसाब से हैं और कैसी उस समय दिमाग किसका काम किया जरूरी नहीं है कि बहुत ही पढ़े लिखे व्यक्ति का दिमाग चल सकता है हो सकता है कम पढ़े लिखे वाले का भी दिमाग उसने अच्छा चले बड़े लोग खेमका के मुकाबले वाले दिमाग के लिए तो निश्चित रूप से उसमें हमारा मस्तिष्क क्या क्लिक कर रहा है वह हो सकता है कि निर्णय सही भी हो सकता है गलत भी हो सकता है और विपत्ति कितनी भारी है उसके ऊपर भी निर्भर करता है धन्यवाद

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किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है?Kisi Insan Ki Bauddhik Kshamta Ka Pata Tab Chalta Hai Jab Vah Sankat Mein Hota Hai
neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Job
3:08
हेलो भाई गुड मॉर्निंग नमस्कार सत श्री अकाल में नीलम मिश्रा और आप मुझे सुन रहे हैं भारत के नंबर वन सवाल जवाब है फोन करे तो उसको एक सवाल है कि किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संसद में हो सकती बिल्कुल दोस्त बौद्धिक क्षमता या उसके अवशेष का झूमर का पता इंसान को कभी चलता है वह संकट में होता है क्यों क्योंकि किसी भी समस्या जो समझ जाती है अपने साथी के समाधान लेकर आती है लेकिन समस्या से निकलने का तरीका या उससे डिलीट करने का तरीका या उसको उस समय अपने आप पर काबू रखने के लिए काबू रखना अपने आप को मैनेज करना अपने आप को पॉजिटिव थॉट के साथ उस समस्या का निदान करना ही इंसान की बौद्धिक क्षमता को बताता है किसी समस्या में फंसने के बाद कुछ लोग होते हैं कि इससे कोई भी अचानक से अगर समस्या आ गई और उसे ना करा कर अपने आप को नरेंद्र कर देना या उस समस्या से घबराकर मतलब परेशान होकर कुछ भी गलत कदम उठा लेना से नाम का पता चलता है कि उसका सेल्फी उम्र कितना है उसके बौद्धिक क्षमता कितनी है और निकल ले तो उसे पता चलता है कि वह स्थान कितना समझदार और कितना है नियंत्रण रखने वाला है व्यक्ति अपने ऊपर तो यह बिल्कुल सही है कि जब इंसान किसी संकट में होता है तभी पता चलता है कि वह कितना समझदार है या फिर कितनी ज्यादा से इंसान अगर उसकी अच्छी है तो यह बिल्कुल सही है और ऐसा ही होता है कि संकट में पढ़ने के बाद हमारी जो दिमाग होता है वह कार्य करना बंद कर देता है और हम कंफ्यूज होते हैं कि इससे हम कैसे निकले और उस समय जो सही रास्ता लगता है उसका हम चुनाव करके निकल जाते हैं टॉमी बुद्धि अपने दिमाग जो हमारा उस समय इतना कार्य करता है उसी हिसाब से हमारी बौद्धिक क्षमता का पता चलता है कि हमारा दिमाग क्या बोला किसी चीज की समस्या से निपटने के लिए क्या बोल रहा है इसी मकान में चौथे मंजिल पर हैं पर अचानक से चौथी मंजिल पर आग लग जाए तो कुछ भी नहीं पाते क्या करना है कुछ भी होता है कि सोचते हैं आंखें चलने सच्चाई से कूद के मर जाने का रास्ता लूटते हैं फिर उठते हैं वहां से निकलने का रास्ता अपने आप के साथ-साथ लोगों को भी बताते हैं तो वह थी उनकी बौद्धिक क्षमता की किसी का दिमाग यह बोला कि जलने से अच्छा है कि कुछ और शायद वजावट पैर हड्डी टूट जाएगा लेकिन बच्चे तो रहेंगे कुछ लोग तो वह भी नहीं सोच पाते आप कुछ करो वहां से शहरी की तलाश करते हैं या फिर कोई ऐसा उपाय ढूंढते हैं जिससे अपने सा सा बचा लो रुको बता सके तो इस तरह संकीर्णता का पता चलता है क्यों के पास कितनी ज्यादा संख्या हमारे कितनी ज्यादा अधिक होता है तो जानकारी कैसी लगी अच्छी लगी तो प्लीज लाइक और कमेंट जरुर करें

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किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब वह संकट में होता है?Kisi Insan Ki Bauddhik Kshamta Ka Pata Tab Chalta Hai Jab Vah Sankat Mein Hota Hai
Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:32
रसिया सोचा गया है कि किसी इंसान की बौद्धिक क्षमता का पता तब चलता है जब संकट में होता है तो आप सही कह रहे हैं क्योंकि जब तक आप संकट में नहीं आएंगे तब तक आपको समझ में नहीं आएगा क्या आप कितना सही सोचते हैं आपका क्या सर नजरिया है दुनिया के बारे में उस इंसान के बारे में जिसमें आपको संकट में पहुंचाया है फिर उस समस्या को आप कैसे छोड़ कर सकते हैं उसको भी समझ ले कि आपको समझ आ जाती है कि अपनी समझ आ पाती है कि आपके लिए बहुत दुर्भाग्य बात है क्योंकि आपको और कष्ट में पहुंच जाते हो संकट में पहुंच जाते हैं

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