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वह क्या बात है जिसे सब जानते हैं लेकिन फिर भी लोग उसे समझना नहीं चाहते?

Wo Kya Baat Hai Jise Sab Jante Hai Lekin Phir Bhi Log Use Samajhana Nahi Chahte
Braj Kishor  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Braj जी का जवाब
Student
2:30
हेलो दोस्तो एक भाई ने हमें एक रिक्वेस्ट भेजा है क्वेश्चन की वाह क्या बात है जिसे लोग सब जानते लेकिन समझना नहीं चाहते थे इस पर मैं अपना एक राय विमर्श करना चाहता हूं कि जैसे कि आप लोग जानते ही हैं कि हमें एक बात बिल्कुल समझ में नहीं आती कि बार-बार कहा जाता है कि उसकी और पुरुष बराबर है इस टीवी और पुरुष किस तरह से बराबर हो सकते मैं यह पूछना चाहता हूं दोनों की शारीरिक क्षमता है अलग-अलग होती है सोच में समझ में देर में चिंता में दर्द सहने की क्षमता में दोनों के सोचने तक का तरीका जो भी होती काफी हद तक अलग होता है को शारीरिक क्षमता में भी काफी अंतर होता है और भी बहुत सारी चीजें हैं जो दोनों में डिफरेंट है तो दोनों के शरीर की बनावट भी अलग-अलग कार्यों के लिए हैं या दोनों किस प्रकार से बराबर हो सकते हैं यह लोग तो सब जानते हैं लेकिन इस पर जाना नहीं चाहते हैं हमारी समझ में दोनों अपने कार्यों में शीश पर दोनों की क्षमताएं अलग होती है जिन जिन क्षेत्रों में स्त्री की क्षमता है उत्तम है वहां स्थिति मजबूत है और जहां पुरुषों की क्षमता मजबूत है वहां पुरुष मजबूत है तो दोनों की अगर बात करें दोनों की बराबरी का सवाल ही नहीं उठता है किसी भी मामले में बराबरी तब होती है जब उसके सामने बराबर और पुणे जैसे काम करना बराबरी नहीं होता उसे जैसा आउटपुट देना बराबर होता है एक छोटा सा उदाहरण मैं आपको देता हूं जहां तक गर्मी में जो आर्मी होता है आर्मी में महिलाएं हैं लेकिन उनकी आउटपुट पुरुषों के बराबर नहीं आती अगर व्यक्ति घर में कितना भी मेहनत से मन लगाकर काम कर ले लेकिन वह एक सामान्य महिला के बराबर एक्सपोर्ट जल्दी से काम नहीं कर पाती तो महिलाएं उसके लिए एक्सपर्ट है घर के काम के लिए तो पुरुषों बिल्कुल भी बराबरी नहीं कर सकता महिला ऐसे तो एक रिसेप्शन के चेयर पर महिला ही कार्य कर सकती है करने को तो पुलिस भी कर सकते हैं लेकिन महिलाओं के बराबर एक्सपर्ट नहीं हो सकते क्योंकि महिलाओं में धैर्य अधिक होता है प्राचीन काल से इस दुनिया को पुलिस पुरुषों से मतलब ऊंचा स्थान प्राप्त किया गया है दर्जा दिया गया लेकिन आजकल समाज में सामाजिक व्यवस्था को अलग प्रकार से समझाने की वजह से सब कुछ गलत समझाया जा रहा है तू बार-बार यह कह कर कि महिलाएं पुरुष के बराबर है महिलाएं पुरुष के बराबर है बार-बार महिलाओं को यह दिखाया जाता है कि वह पुरुष से नीचे है तो महिलाओं की मतलब महिलाओं का यह तो दोनों में यही एक ही काम में पता चलता है कि क्यों ना इज्जत किया जाए किया आज तक समझ में नहीं आता तो तो कैसा लगा हमारा जवाब उम्मीद करता हूं आपको अच्छा लगा होगा अगर अच्छा लगा तो हमारे जवाब को लाइक जरूर करें

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