#जीवन शैली

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?

Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:15
गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स प्रश्न है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है बिल्कुल है अब जिस टाइप की सोच रखते हैं उसी टाइप के कपड़े पहनते हैं जैसे अगर देखा जाए तो सिंपल जो लड़के सिंपल लाते हैं उनका एड्रेस जो होता है वह सिंपल होता है बहुत ही साधारण का पेपर में और लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आता है उसके अलावा जो लड़के अगर छिछोरे टाइप के रहते हैं या थोड़ा सा फैशन करने वाले रहते हैं तू चमक धमक वाले कपड़े पहनते हैं फटी फटी फटी जींस पहनते हैं मनी उनकी कलर ही अलग रहते हैं मतलब लोगों को ही पता चल जाता है कि हां यह लड़का इस टाइप का दिख रहा है या ऐसा फैशन करने वाला होता है इसके अलावा आपने देखा होगा कि जो नाच गाने या अपने आप में शौक रखते हैं अलग ही कपड़े पहनते हैं उन्हें देखकर लोगों को पता चल जाता है कि हां इनका पहरावा है तो इसी टाइप के हैं तो अक्सर देखा गया है कि जो लड़के या लड़कियां इस टाइप के रहते हैं वह से कपड़े पहनते हैं कुछ लड़कियां आजकल की है जो अपने शरीर को दिखाने के चक्कर में छोटे छोटे कपड़े पहनती हैं फटे फटे वह भी जींस पहनती है वह भी अपना टॉप पहनती है तो बड़ा ही छोटा पहनती है बड़ा अजीब टाइप अधिकता है तू ही सब देखा गया कि हां जैसे रहते हैं जो चीन की मानसिकता होती है उसी के उसी की तरफ उनके पहनावे होते हैं उनका चरित्र भी उसी से डिबेट रहता है कुछ लड़के जो होते हैं बाल आप देख रहे हैं बाल की कटिंग भी डिपेंड करता है कि आप कितने स्वभाव आप इतने सरल स्वभाव के हैं कितने सुंदर स्वभाव के हैं तू ही होता है कि आपके शरीर को देखकर कम से कम 50 से 60 परसेंट जरूर पता चल जाता है कि आपका चरित्र कैसा है आपका स्वभाव आपके विचार कैसे हैं अब कैसे परेशान है आपकी तरह सोचते हैं तो इस तरह का है और मुझे लगता है कि इस प्रश्न से आप लोग को बहुत जरूर कुछ ना कुछ जानकारी मिली होगी धन
Gud morning phrends prashn hai kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai bilkul hai ab jis taip kee soch rakhate hain usee taip ke kapade pahanate hain jaise agar dekha jae to simpal jo ladake simpal laate hain unaka edres jo hota hai vah simpal hota hai bahut hee saadhaaran ka pepar mein aur logon ko bahut jyaada pasand aata hai usake alaava jo ladake agar chhichhore taip ke rahate hain ya thoda sa phaishan karane vaale rahate hain too chamak dhamak vaale kapade pahanate hain phatee phatee phatee jeens pahanate hain manee unakee kalar hee alag rahate hain matalab logon ko hee pata chal jaata hai ki haan yah ladaka is taip ka dikh raha hai ya aisa phaishan karane vaala hota hai isake alaava aapane dekha hoga ki jo naach gaane ya apane aap mein shauk rakhate hain alag hee kapade pahanate hain unhen dekhakar logon ko pata chal jaata hai ki haan inaka paharaava hai to isee taip ke hain to aksar dekha gaya hai ki jo ladake ya ladakiyaan is taip ke rahate hain vah se kapade pahanate hain kuchh ladakiyaan aajakal kee hai jo apane shareer ko dikhaane ke chakkar mein chhote chhote kapade pahanatee hain phate phate vah bhee jeens pahanatee hai vah bhee apana top pahanatee hai to bada hee chhota pahanatee hai bada ajeeb taip adhikata hai too hee sab dekha gaya ki haan jaise rahate hain jo cheen kee maanasikata hotee hai usee ke usee kee taraph unake pahanaave hote hain unaka charitr bhee usee se dibet rahata hai kuchh ladake jo hote hain baal aap dekh rahe hain baal kee kating bhee dipend karata hai ki aap kitane svabhaav aap itane saral svabhaav ke hain kitane sundar svabhaav ke hain too hee hota hai ki aapake shareer ko dekhakar kam se kam 50 se 60 parasent jaroor pata chal jaata hai ki aapaka charitr kaisa hai aapaka svabhaav aapake vichaar kaise hain ab kaise pareshaan hai aapakee tarah sochate hain to is tarah ka hai aur mujhe lagata hai ki is prashn se aap log ko bahut jaroor kuchh na kuchh jaanakaaree milee hogee dhan

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
 Nida Rajput       Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student Computer Science Education
1:22
देखिए क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान के चरित्र का पता लगाया जा सकता है तो बिल्कुल भी नहीं बिल्कुल भी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि कपड़े तो अगर आप 1 महीने की जॉब करते हैं तो आपको अच्छी सैलरी मिल जाएगी उसे आप अच्छे कपड़े पहन सकते हैं लेकिन आपका भी है यार आपका नेचर आप के कपड़ो से बदल नहीं जाएगा पूरे कपड़े पहनने वाले का नेचर बहुत अच्छा हो सकता है क्योंकि वह ऐसी जगह से आया है जहां कपड़े को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती सिर्फ लोगों के सम्मान आत्मविश्वास और नॉलेज को महत्व दिया जाता है दिखावा नहीं किया जाता कुछ लोग दिखावा करते हैं और कुछ लोग दिखावा नहीं करते और अक्सर कहा जाता है कि हर देखने वाली चीज चमकीली नहीं होती कुछ लोगों का यह शौक भी होता है चाहे वह किसी किसी भी कंडीशन में क्यों ना हो लेकिन उनका पहनावा एकदम अच्छा होना चाहिए वह अपने आप को हमेशा बेहतर बना रखना चाहते हैं तुम लोग कई तरह के होते हैं कुछ लोग बुरे कपड़ों में भी अंदर से उन्हें अगर देखो तो अच्छे होते हैं बाय नेचर बाय नॉलेज लेकिन कुछ अच्छे कपड़े वाले लोगों का नेचर अच्छा नहीं होता उनके पास कोई एजुकेशन कोई नॉलेज नहीं होती तो आप पहनावे से किसी का भी अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि कोई कैसा है धन्यवाद
Dekhie kya kapadon se ya pahanaave se insaan ke charitr ka pata lagaaya ja sakata hai to bilkul bhee nahin bilkul bhee nahin lagaaya ja sakata kyonki kapade to agar aap 1 maheene kee job karate hain to aapako achchhee sailaree mil jaegee use aap achchhe kapade pahan sakate hain lekin aapaka bhee hai yaar aapaka nechar aap ke kapado se badal nahin jaega poore kapade pahanane vaale ka nechar bahut achchha ho sakata hai kyonki vah aisee jagah se aaya hai jahaan kapade ko jyaada ahamiyat nahin dee jaatee sirph logon ke sammaan aatmavishvaas aur nolej ko mahatv diya jaata hai dikhaava nahin kiya jaata kuchh log dikhaava karate hain aur kuchh log dikhaava nahin karate aur aksar kaha jaata hai ki har dekhane vaalee cheej chamakeelee nahin hotee kuchh logon ka yah shauk bhee hota hai chaahe vah kisee kisee bhee kandeeshan mein kyon na ho lekin unaka pahanaava ekadam achchha hona chaahie vah apane aap ko hamesha behatar bana rakhana chaahate hain tum log kaee tarah ke hote hain kuchh log bure kapadon mein bhee andar se unhen agar dekho to achchhe hote hain baay nechar baay nolej lekin kuchh achchhe kapade vaale logon ka nechar achchha nahin hota unake paas koee ejukeshan koee nolej nahin hotee to aap pahanaave se kisee ka bhee andaaja nahin laga sakate hain ki koee kaisa hai dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
0:34
नमस्कार आकाश वाले के कपड़े थे या पहनावे से इंसान कैसे पता किया जा सकता है और कैसे कपड़े पहने होते हैं तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए नहीं तो स्वभाव का तो भी कहते हैं सवाल का जवाब मिल जाएगा
Namaskaar aakaash vaale ke kapade the ya pahanaave se insaan kaise pata kiya ja sakata hai aur kaise kapade pahane hote hain to bilkul nahin karana chaahie nahin to svabhaav ka to bhee kahate hain savaal ka javaab mil jaega

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
2:58
लखन नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है लेकिन यह बिल्कुल भी नहीं है कि इंसान का जो चरित्र है वह कपड़ों से निर्धारित हो इंसान का चरित्र जो होता है वह उसके बोलचाल उसके शैली से जो है पता लगता है हालांकि कुछ हद तक जो कपड़े हैं वह मायने रखते हैं फ्रेंड क्योंकि जो अच्छे चेंज द वाले होते हैं वह अपना जो मेंटेन रखते हैं अच्छे अच्छे कपड़े पहनते हैं अच्छे तरीके से अपनी लाइफ स्टाइल जीते हैं लेकिन इसे बिल्कुल भी नहीं अब माना जा सकता है कि कपड़े की वजह से उनकी जो है चरित्र का पता लगाया जा सके कभी कभी आपने देखा होगा फ्रेंड की जो लोग नहीं कमाते वह भी अपने पिता के भाई के बल पर जो है बहुत ही अच्छे अच्छे कपड़े पहनते हैं और वह जो है अपने कार्य के पीछे जो है वह गलत कार्यों का निर्माण करते हैं तू है आप उन्हें देखकर ऐसा थोड़ी ना कह सकते हैं रेंट कि यह बहुत ही अच्छा है अच्छे-अच्छे कपड़े तो पहन लेते हो बहुत अच्छे थोड़ी ना हो गए थे अच्छा आदमी हो जो होता है वह अपने चरित के हिसाब से अपने कर्मों के हिसाब से अपनी बोलचाल के हिसाब से अपनी भाषा के हिसाब से जाना जाता है फ्रेंड जैसे कि आप तो देखिए कि कोई लड़का है जो है वह अच्छी अच्छी जो है कपड़े पहन रहा है अच्छे-अच्छे जो है बातें कर रहा है तू कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बहरूपिया कहा जाता है यह सिर्फ दिखावटी में आते हैं फ्रेंड दिखावटी ज्यादा दिन नहीं चलता कपड़े से जो होता है वो एक चीज और पता लगती है कि आपकी जो परवरिश है आपकी जो खानदान है वह भी पता लगता है जिसे आप अगर अच्छे अच्छे कपड़े पहन रहे हैं अच्छे अच्छे लोगों से मुलाकात कर रहे तो आपकी जोड़ी संस्कृत बताती है कि आप एक अच्छे माहौल में भाई से और आपका जो खानदान है वह एक अच्छा खानदान है कब किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है लेकिन अगर आप वही जो है गंदे कपड़े या फिर फटे पुराने कपड़े पहन के चलेंगे तो वैसे भी लोग आपको देखकर समझ जाएंगे कि आपकी औकात क्या है तो कपड़े कहीं न कहीं थोड़ी सी हमारी जो है औकात बताते हैं पहलू बताते हैं कि औकात क्या है अगर आप कभी देखिएगा मार्केट में जाइए किसी से मिलेगा आपके पास पैसा बिल्कुल भी ना हो लेकिन आप बहुत ही बेल मेंटेन होकर जाइए आप देखेंगे कि कुछ लोग कुछ हद तक आपकी जो है खातिरदारी करेंगे जो आपको ना जानते हो वह आप की कपड़े की वजह से करेंगे फ्रेंड तो कपड़े का थोड़ा सा यह महत्व है क्या आपकी थोड़ी सी वॉल्यूम बढ़ा देता है बल्कि बाकी इस का इससे कोई लेना-देना नहीं है कि अगर हम अच्छे कपड़े पहन लेते तो उसका चरित्र पता लगता है आशा है कि आप सभी को पसंद आया होगा ऐसे बाप शुक्रिया
Lakhan namaskaar jaisa ki aapaka prashn hai kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai lekin yah bilkul bhee nahin hai ki insaan ka jo charitr hai vah kapadon se nirdhaarit ho insaan ka charitr jo hota hai vah usake bolachaal usake shailee se jo hai pata lagata hai haalaanki kuchh had tak jo kapade hain vah maayane rakhate hain phrend kyonki jo achchhe chenj da vaale hote hain vah apana jo menten rakhate hain achchhe achchhe kapade pahanate hain achchhe tareeke se apanee laiph stail jeete hain lekin ise bilkul bhee nahin ab maana ja sakata hai ki kapade kee vajah se unakee jo hai charitr ka pata lagaaya ja sake kabhee kabhee aapane dekha hoga phrend kee jo log nahin kamaate vah bhee apane pita ke bhaee ke bal par jo hai bahut hee achchhe achchhe kapade pahanate hain aur vah jo hai apane kaary ke peechhe jo hai vah galat kaaryon ka nirmaan karate hain too hai aap unhen dekhakar aisa thodee na kah sakate hain rent ki yah bahut hee achchha hai achchhe-achchhe kapade to pahan lete ho bahut achchhe thodee na ho gae the achchha aadamee ho jo hota hai vah apane charit ke hisaab se apane karmon ke hisaab se apanee bolachaal ke hisaab se apanee bhaasha ke hisaab se jaana jaata hai phrend jaise ki aap to dekhie ki koee ladaka hai jo hai vah achchhee achchhee jo hai kapade pahan raha hai achchhe-achchhe jo hai baaten kar raha hai too kuchh log aise bhee hote hain jo baharoopiya kaha jaata hai yah sirph dikhaavatee mein aate hain phrend dikhaavatee jyaada din nahin chalata kapade se jo hota hai vo ek cheej aur pata lagatee hai ki aapakee jo paravarish hai aapakee jo khaanadaan hai vah bhee pata lagata hai jise aap agar achchhe achchhe kapade pahan rahe hain achchhe achchhe logon se mulaakaat kar rahe to aapakee jodee sanskrt bataatee hai ki aap ek achchhe maahaul mein bhaee se aur aapaka jo khaanadaan hai vah ek achchha khaanadaan hai kab kisee prakaar kee koee kamee nahin hai lekin agar aap vahee jo hai gande kapade ya phir phate puraane kapade pahan ke chalenge to vaise bhee log aapako dekhakar samajh jaenge ki aapakee aukaat kya hai to kapade kaheen na kaheen thodee see hamaaree jo hai aukaat bataate hain pahaloo bataate hain ki aukaat kya hai agar aap kabhee dekhiega maarket mein jaie kisee se milega aapake paas paisa bilkul bhee na ho lekin aap bahut hee bel menten hokar jaie aap dekhenge ki kuchh log kuchh had tak aapakee jo hai khaatiradaaree karenge jo aapako na jaanate ho vah aap kee kapade kee vajah se karenge phrend to kapade ka thoda sa yah mahatv hai kya aapakee thodee see volyoom badha deta hai balki baakee is ka isase koee lena-dena nahin hai ki agar ham achchhe kapade pahan lete to usaka charitr pata lagata hai aasha hai ki aap sabhee ko pasand aaya hoga aise baap shukriya

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:42
हेलो फ्रेंड शॉप पर सवाल है क्या कपड़ों से अप एनआरएचएम के चरित्र का पता किया जा सकता है जी हां और पहनावे से विचलित का पता हो सकता है जो अच्छे शालीन कपड़े पहनता है उसका चरित्र अच्छा ही होता है और जो कटे कटे टाइप के कपड़े पहनते हैं लोग तो उनके चरित्र में भी कमी होती है और ऐसा नहीं है कि लोग अपनी पसंद से भी अपने अपने मन के मुताबिक कपड़े पहनते हैं ऐसा नहीं है कि दो बातें होती हैं तो अच्छा इंसान वही होता है जो अच्छे विचार हम जिसके कपड़ों से कुछ नहीं होता है धन्यवाद
Helo phrend shop par savaal hai kya kapadon se ap enaarechem ke charitr ka pata kiya ja sakata hai jee haan aur pahanaave se vichalit ka pata ho sakata hai jo achchhe shaaleen kapade pahanata hai usaka charitr achchha hee hota hai aur jo kate kate taip ke kapade pahanate hain log to unake charitr mein bhee kamee hotee hai aur aisa nahin hai ki log apanee pasand se bhee apane apane man ke mutaabik kapade pahanate hain aisa nahin hai ki do baaten hotee hain to achchha insaan vahee hota hai jo achchhe vichaar ham jisake kapadon se kuchh nahin hota hai dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Anand Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Anand जी का जवाब
Mathematics Teacher
0:41
सवाल एक दम कपड़ों से यह पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है इस वाक्य को मैं फिर से कम उम्र की कपड़ों से आता है ना उस इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है अभी पता किया जा सकता है कल की बोली के अनुसार पहला विषय कुछ प्रतिशत आप चरित्र का पता कर सकते हैं असली चरित्र का वास्तविक नाम है आप उसके बोलने बात करने के लिए
Savaal ek dam kapadon se yah pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai is vaaky ko main phir se kam umr kee kapadon se aata hai na us insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai abhee pata kiya ja sakata hai kal kee bolee ke anusaar pahala vishay kuchh pratishat aap charitr ka pata kar sakate hain asalee charitr ka vaastavik naam hai aap usake bolane baat karane ke lie

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Nav kishor Aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Nav जी का जवाब
Service
1:04
नमस्कार आपका सवाल है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है इसी देखे काफी हद तक ए बात सही भी होती है लेकिन कई जगह यह बात गलत साबित होती है इंसान ऐसे होते हैं जो फैशन में रहना पसंद नहीं करते बहुत सिंपल कपड़े पहनते हैं सादा जीवन व्यतीत करते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि वह लोग गलत हैं उनका व्यवहार गलत है या वह गरीब है उनके पास पैसा नहीं है ऐसा नहीं है कई बार अंदाजा गलत भी हो जाता है और कई बार क्या देखा है कि बहुत सारे लोग बहुत फैशनेबल होते हैं बहुत सूट बूट आई वगैरह में अच्छे कपड़े पहनते ब्रांडेड लेकिन उनके पास पैसा नहीं होता या उनके पास बात करने की तमीज नहीं होती है उनका व्यवहार खराब होता है उनके अंदर घमंड होता है तो कई बार क्या होता है क्या अंदाजा काफी हद तक गलत भी होता है तो इसलिए मैं समझता हूं कि 90% मामलों में क्या होता है कि कपड़ों को या पहनावे से इंसान का चरित्र पता नहीं लग पाता जब तक आप उसके साथ उठेंगे नहीं बैठेंगे नहीं उसके साथ बातचीत नहीं करेंगे उसको पड़ेंगे नहीं तो आप उसके चरित्र आज आप नहीं लगा पाएंगे उम्मीद करता हूं जानकारी पसंद आएगी धन्यवाद
Namaskaar aapaka savaal hai ki kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai isee dekhe kaaphee had tak e baat sahee bhee hotee hai lekin kaee jagah yah baat galat saabit hotee hai insaan aise hote hain jo phaishan mein rahana pasand nahin karate bahut simpal kapade pahanate hain saada jeevan vyateet karate hain isaka matalab yah nahin hai ki vah log galat hain unaka vyavahaar galat hai ya vah gareeb hai unake paas paisa nahin hai aisa nahin hai kaee baar andaaja galat bhee ho jaata hai aur kaee baar kya dekha hai ki bahut saare log bahut phaishanebal hote hain bahut soot boot aaee vagairah mein achchhe kapade pahanate braanded lekin unake paas paisa nahin hota ya unake paas baat karane kee tameej nahin hotee hai unaka vyavahaar kharaab hota hai unake andar ghamand hota hai to kaee baar kya hota hai kya andaaja kaaphee had tak galat bhee hota hai to isalie main samajhata hoon ki 90% maamalon mein kya hota hai ki kapadon ko ya pahanaave se insaan ka charitr pata nahin lag paata jab tak aap usake saath uthenge nahin baithenge nahin usake saath baatacheet nahin karenge usako padenge nahin to aap usake charitr aaj aap nahin laga paenge ummeed karata hoon jaanakaaree pasand aaegee dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Bhupesh Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Bhupesh जी का जवाब
Entrepreneur , Blogger, Influencer
1:01
नमस्कार दोस्तों इस चक्र में आपका स्वागत है मैं आपको अपने मित्र बहुत ही स्मार्ट में आशा करता हूं आप सभी से कुछ लोगे और अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रही होगी जैसा कि आपका प्रश्न क्या पहनावे से कपड़ों से या उसके बनावे से इंसान का चरित्र का पता किया जा सकता है तो देखें दोस्तों हम सिर्फ उससे कम सुन लगा सकते हैं एक अंदाजा लगा सकते हैं लेकिन सही मायने में हम कभी भी यह नहीं जान सकते कि सामने वाला प्रश्न कैसा है आपने कई बार ऐसा देखा होगा कि फंक्शन के देखने वाले लोगों का जो नहीं सर होता है वह भी काफी डिफरेंट होता है ऑडिशन दिखने वाले लोगों का नेचर में काफी एटीट्यूड वाला होता है तो इसलिए हम कभी भी इसी के ऊपर नहीं जा सकते कि उसका चरित्र कैसा है लेकिन हमें जंक्शन मानकर चलते हैं कि हां उसने अच्छे कपड़े पार्क है तो अच्छा होगा उसने ऐसे कपड़े पक्के तो ऐसा होगा पर अगर आप किसी के तनाव को देखकर किसी को जज कर दे तो बिल्कुल ही गलत है पर अगर आप कहीं इंटरव्यू वगैरा के लिए कहीं जा रहे हैं तो उसके लिए आपको ड्रेसिंग सेंस का होना बहुत है
Namaskaar doston is chakr mein aapaka svaagat hai main aapako apane mitr bahut hee smaart mein aasha karata hoon aap sabhee se kuchh loge aur apana aur apane parivaar ka khyaal rakh rahee hogee jaisa ki aapaka prashn kya pahanaave se kapadon se ya usake banaave se insaan ka charitr ka pata kiya ja sakata hai to dekhen doston ham sirph usase kam sun laga sakate hain ek andaaja laga sakate hain lekin sahee maayane mein ham kabhee bhee yah nahin jaan sakate ki saamane vaala prashn kaisa hai aapane kaee baar aisa dekha hoga ki phankshan ke dekhane vaale logon ka jo nahin sar hota hai vah bhee kaaphee dipharent hota hai odishan dikhane vaale logon ka nechar mein kaaphee eteetyood vaala hota hai to isalie ham kabhee bhee isee ke oopar nahin ja sakate ki usaka charitr kaisa hai lekin hamen jankshan maanakar chalate hain ki haan usane achchhe kapade paark hai to achchha hoga usane aise kapade pakke to aisa hoga par agar aap kisee ke tanaav ko dekhakar kisee ko jaj kar de to bilkul hee galat hai par agar aap kaheen intaravyoo vagaira ke lie kaheen ja rahe hain to usake lie aapako dresing sens ka hona bahut hai

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
itishree Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:37
प्रश्न है क्या कपड़ों से या परिणाम से सन का चरित्र पता किया जा सकता है कभी-कभी पता चलता है पर मुझे नहीं लगता कि पता चल सकता है क्योंकि ऐसा नहीं कि उसका चरित्र ठीक है और वह जो आजकल का फैशन है जो कपड़े पहनते हैं तो उससे हम चरित्र का पता नहीं लगा पाएंगे पर हां इतना हमको परिवार सदैव संस्कार हम हैं तो आज भी बहुत सारी हीरोइन है जी जिन्होंने कपड़े सही ढंग से पहना अभी भी पहनते हैं तो उसका परिवार का भी माता-पिता का भी कोई रोल बहुत सारे रोल है श्यामली चारों ले तो वह जानते हैं कि हम को कितना कैसे एक औरत कहां और कब हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए पर आजकल का फैशन है जो लड़कियां कैसे कपड़े पहनते हैं अपने माता-पिता के सामने आपने भाई के सामने अपने परिवार के सामने जो ऐसे कपड़े पहन कर घूमते हैं मुझे वह ठीक नहीं लगता क्योंकि हमको कपड़ा क्यों पहना है हमारी लज्जा को हम भागने के लिए हम वह कपड़े पहनते हैं इसलिए यह नहीं कि हम सब कुछ अपने शॉप करने के लिए हम वही कपड़े पहन ले इसलिए अगर यह नहीं है कि वह कोई एक खराब कपड़ा पहनता है तो उसका चरित्र ठीक होगा अपने आप डिपेंड करता है कि वह कैसा चरित्रका है या उसका स्वभाव कैसा है
Prashn hai kya kapadon se ya parinaam se san ka charitr pata kiya ja sakata hai kabhee-kabhee pata chalata hai par mujhe nahin lagata ki pata chal sakata hai kyonki aisa nahin ki usaka charitr theek hai aur vah jo aajakal ka phaishan hai jo kapade pahanate hain to usase ham charitr ka pata nahin laga paenge par haan itana hamako parivaar sadaiv sanskaar ham hain to aaj bhee bahut saaree heeroin hai jee jinhonne kapade sahee dhang se pahana abhee bhee pahanate hain to usaka parivaar ka bhee maata-pita ka bhee koee rol bahut saare rol hai shyaamalee chaaron le to vah jaanate hain ki ham ko kitana kaise ek aurat kahaan aur kab hamen kis tarah ke kapade pahanane chaahie par aajakal ka phaishan hai jo ladakiyaan kaise kapade pahanate hain apane maata-pita ke saamane aapane bhaee ke saamane apane parivaar ke saamane jo aise kapade pahan kar ghoomate hain mujhe vah theek nahin lagata kyonki hamako kapada kyon pahana hai hamaaree lajja ko ham bhaagane ke lie ham vah kapade pahanate hain isalie yah nahin ki ham sab kuchh apane shop karane ke lie ham vahee kapade pahan le isalie agar yah nahin hai ki vah koee ek kharaab kapada pahanata hai to usaka charitr theek hoga apane aap dipend karata hai ki vah kaisa charitraka hai ya usaka svabhaav kaisa hai

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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QUALITY ENGINEER
0:38
कपड़ों से पहनावे से इंसान का चरित्र पता चलता है लेकिन ऐसा नहीं है कि हर आदमी का पहनावा से इंसान आप उसका चरित्र पता लगा सकते बहुत सारे फ्रेंड होते हैं उनको थोड़ा स्टाइल पसंद होता बहुत सारे लड़के लड़कियां होते पैसा नहीं उनका चरित्र खराब होता है तो हर बार आप पकड़ लो उसी का चरित्र किस से कपड़ों से यह जरूरी नहीं है बहुत सारे डिसेंट भी देखते हैं लेकिन अंदर से उनका दिल खराब रहता है उनका उनकी सोच खराब रहती है तो हर बार अपनी पकड़ सकते हो हां सम टाइम्स इतने भी है थैंक यू
Kapadon se pahanaave se insaan ka charitr pata chalata hai lekin aisa nahin hai ki har aadamee ka pahanaava se insaan aap usaka charitr pata laga sakate bahut saare phrend hote hain unako thoda stail pasand hota bahut saare ladake ladakiyaan hote paisa nahin unaka charitr kharaab hota hai to har baar aap pakad lo usee ka charitr kis se kapadon se yah jarooree nahin hai bahut saare disent bhee dekhate hain lekin andar se unaka dil kharaab rahata hai unaka unakee soch kharaab rahatee hai to har baar apanee pakad sakate ho haan sam taims itane bhee hai thaink yoo

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:54
हेलो विवाह तो आज आप का सवाल है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है पर इसे बिल्कुल भी नहीं अगर कोई इंसान बहुत अच्छे से कपड़ा पहन कर आया है आप तो इंसान बहुत अच्छा है बातचीत करेंगे तो पता चलेगा वह कमेंट मार रहा है या फिर या फिर ऊंचा नीचा जात पात की बात करें तो जब तक कोई बातचीत नहीं करता अपने मुंह नहीं खुलता है तब तक हम नहीं जान पाते क्योंकि इंसान की सोच विचार कैसे हो इंसान कैसा है उसका व्यवहार कैसा है उसका व्यक्तित्व कैसा है तो पहनावे से कुछ भी हम नहीं पता कर सकते हैं पहनावे से सिर्फ हम इतना पता कर सकते कि हां वह इंसान पैसे वाला है इसलिए इतना महंगा कपड़ा आए थे महंगे जूते कहना है इसके अलावा हम कुछ भी नहीं पता कर सकते अगर इंसान के चरित्र को पता करना होता है तो इंसान से बातचीत उनके व्यवहार उनसे कि सोच विचार से ही पता चलता है
Helo vivaah to aaj aap ka savaal hai ki kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai par ise bilkul bhee nahin agar koee insaan bahut achchhe se kapada pahan kar aaya hai aap to insaan bahut achchha hai baatacheet karenge to pata chalega vah kament maar raha hai ya phir ya phir ooncha neecha jaat paat kee baat karen to jab tak koee baatacheet nahin karata apane munh nahin khulata hai tab tak ham nahin jaan paate kyonki insaan kee soch vichaar kaise ho insaan kaisa hai usaka vyavahaar kaisa hai usaka vyaktitv kaisa hai to pahanaave se kuchh bhee ham nahin pata kar sakate hain pahanaave se sirph ham itana pata kar sakate ki haan vah insaan paise vaala hai isalie itana mahanga kapada aae the mahange joote kahana hai isake alaava ham kuchh bhee nahin pata kar sakate agar insaan ke charitr ko pata karana hota hai to insaan se baatacheet unake vyavahaar unase ki soch vichaar se hee pata chalata hai

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Self Employed
0:29
वाले की क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान के चरित्र का पता किया जा सकता है जी नहीं बिल्कुल भी नहीं किसी भी इंसान के चरित्र का उसके व्यक्तित्व का उसके स्वभाव आचरण का पता कभी भी उसके ड्रेसिंग सेंस नहीं किया जा सकता है चित्र का किसी व्यक्ति को नहीं यार कहना चाहते हैं आप ही अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि कौन से व्यक्ति अच्छा है और कौन सा नहीं अच्छा है क्योंकि हर एक की ड्रेसिंग सेंस में 24 अलग होती है और लाइफ जीने का अंदाज अलग होता है आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद
Vaale kee kya kapadon se ya pahanaave se insaan ke charitr ka pata kiya ja sakata hai jee nahin bilkul bhee nahin kisee bhee insaan ke charitr ka usake vyaktitv ka usake svabhaav aacharan ka pata kabhee bhee usake dresing sens nahin kiya ja sakata hai chitr ka kisee vyakti ko nahin yaar kahana chaahate hain aap hee andaaja nahin laga sakate hain ki kaun se vyakti achchha hai aur kaun sa nahin achchha hai kyonki har ek kee dresing sens mein 24 alag hotee hai aur laiph jeene ka andaaj alag hota hai aapaka din shubh rahe dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Businessman
1:40
किसी को उसके कपड़ों के अनुसार जांच करना कहीं ना कहीं गलत है या कह सकते हैं कि किसी को किसी की हैसियत के अकॉर्डिंग चेंज करना कि भाई यह व्यक्ति अमीर है या यह व्यक्ति गरीब है तो अमीर व्यक्ति इस तरह के होते हैं गरीब व्यक्ति इस तरह के होते इस तरह की सोच स्तर के मेंटली रखना कहीं ना कहीं गलत है क्योंकि हर एक तरह के व्यक्ति होते हैं और हर एक जगह होते हैं या अमीर व्यक्ति यह नहीं हो सकता कि अच्छा योगदान भी रहो और गरीब व्यक्ति ऐसा नहीं हो सकता कि हर व्यक्ति बुरा हो तो उसके तौर-तरीके उसके हाव-भाव से जाना जा सकता है क्योंकि कह देना कि अच्छी लिबास से आपको क्या पसंद है यह जरूर पता चल सकता है कि आपका जो पहना हुआ है जो रहन-सहन है इससे इस चीज के बारे में हम जान सकते कि आपको क्या चीजें पसंद है क्या चीजें नहीं पसंद है किन चीजों में आपकी दिलचस्पी है और किन चीजों में नहीं कि जीवन चरित्र के बारे में तो सिर्फ और सिर्फ आपके हाव-भाव आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं यह सारी चीजें आपके चरित्र को बनाते हैं अजब आप अपने से छोटों के साथ किस तरह से व्यवहार करते हैं या जो आपसे जो गरीब लोग हैं उन से किस तरह से बात करते हैं तो यह चीजें आपके चरित्र की पहचान बनती है जब आपको गुस्सा आता उस समय आप किस तरह के एक्टिविटी करते हैं किस तरह से रिजेक्ट करते हैं इन चीजों से आपके चरित का पता चलता आई होप सो दैट आप इन चीजों को इन प्वाइंटों को जो मैंने बताया है नोट करेंगे और किसी को जज करने से पहले एक बार इन चीजों पर मेरी बताई नहीं बातों पर जरूर ध्यान रखें
Kisee ko usake kapadon ke anusaar jaanch karana kaheen na kaheen galat hai ya kah sakate hain ki kisee ko kisee kee haisiyat ke akording chenj karana ki bhaee yah vyakti ameer hai ya yah vyakti gareeb hai to ameer vyakti is tarah ke hote hain gareeb vyakti is tarah ke hote is tarah kee soch star ke mentalee rakhana kaheen na kaheen galat hai kyonki har ek tarah ke vyakti hote hain aur har ek jagah hote hain ya ameer vyakti yah nahin ho sakata ki achchha yogadaan bhee raho aur gareeb vyakti aisa nahin ho sakata ki har vyakti bura ho to usake taur-tareeke usake haav-bhaav se jaana ja sakata hai kyonki kah dena ki achchhee libaas se aapako kya pasand hai yah jaroor pata chal sakata hai ki aapaka jo pahana hua hai jo rahan-sahan hai isase is cheej ke baare mein ham jaan sakate ki aapako kya cheejen pasand hai kya cheejen nahin pasand hai kin cheejon mein aapakee dilachaspee hai aur kin cheejon mein nahin ki jeevan charitr ke baare mein to sirph aur sirph aapake haav-bhaav aap logon ke saath kaisa vyavahaar karate hain yah saaree cheejen aapake charitr ko banaate hain ajab aap apane se chhoton ke saath kis tarah se vyavahaar karate hain ya jo aapase jo gareeb log hain un se kis tarah se baat karate hain to yah cheejen aapake charitr kee pahachaan banatee hai jab aapako gussa aata us samay aap kis tarah ke ektivitee karate hain kis tarah se rijekt karate hain in cheejon se aapake charit ka pata chalata aaee hop so dait aap in cheejon ko in pvainton ko jo mainne bataaya hai not karenge aur kisee ko jaj karane se pahale ek baar in cheejon par meree bataee nahin baaton par jaroor dhyaan rakhen

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
2:33
कपड़ों के पहनावे से कपड़ों के रंग से उस व्यक्ति के आचरण चरित्र और उसकी हाव भावों का अध्ययन साइकोलॉजी के द्वारा किया जाता है एक साइकिल जिस आदमी की पसंद की कलर से उसके कपड़ों की प्रणाली थी उसके कपड़ों के प्रकार से सभी कुछ उसका जान सकता है जैसे आपने देखा कि कोई जो लाल कलर पसंद करता है उसका मतलब साइकोलॉजी कहती है कि खून खराबे का शौकीन है हिंसा वादी है वह उसको दिखाता है तामसी प्रवृत्ति का है जो सफेद करो पसंद करता है इसका मत शांति वादी है शांत नेचर का है जो खाली कल को पसंद करता है इसका मतलब बेवफा और खुशहाली का सूचक है जो पीले को पसंद करता है इसका मतलब गुस्सा भगवान से डरने वाला भगवान में आस्था रखने वाला संतुष्ट साहब का है इसी प्रकार कपड़ों की तैनाती से है जो धोती कुर्ता पसंद करते हैं उनको कह सकते हो भारतीय संस्कृति के प्रभाव से सादा जीवन उच्च विचार उनके सिद्धांत हैं और निर्माता नेतृत्व में विश्वास रखते हैं लेकिन जो अंग्रेजी स्टाइल के कपड़े पहनते हैं उनका होता है कि वेस्टर्न कल्चर के मानने वाले हैं आधुनिकता में अधिक करते हैं यह खुदगर्ज लालच से भरी हुई थी ताकि आ सकता की आशा करना तुम्हारी भूल है कोई व्यक्ति को जो फैशन में खोया हुआ है आधुनिकता के बाद में देसी घोड़ी लाल लगाम जैसे कपड़े पहनता है उसके आचरण से पता पड़ता है कि यह व्यक्ति आचरण हीन है इसका कोई चरित्र रही है यह किसी भी समय चक्र का पतन हो सकता है इसमें चरित्र बदलता नहीं है तथा का अभाव है इस तरह
Kapadon ke pahanaave se kapadon ke rang se us vyakti ke aacharan charitr aur usakee haav bhaavon ka adhyayan saikolojee ke dvaara kiya jaata hai ek saikil jis aadamee kee pasand kee kalar se usake kapadon kee pranaalee thee usake kapadon ke prakaar se sabhee kuchh usaka jaan sakata hai jaise aapane dekha ki koee jo laal kalar pasand karata hai usaka matalab saikolojee kahatee hai ki khoon kharaabe ka shaukeen hai hinsa vaadee hai vah usako dikhaata hai taamasee pravrtti ka hai jo saphed karo pasand karata hai isaka mat shaanti vaadee hai shaant nechar ka hai jo khaalee kal ko pasand karata hai isaka matalab bevapha aur khushahaalee ka soochak hai jo peele ko pasand karata hai isaka matalab gussa bhagavaan se darane vaala bhagavaan mein aastha rakhane vaala santusht saahab ka hai isee prakaar kapadon kee tainaatee se hai jo dhotee kurta pasand karate hain unako kah sakate ho bhaarateey sanskrti ke prabhaav se saada jeevan uchch vichaar unake siddhaant hain aur nirmaata netrtv mein vishvaas rakhate hain lekin jo angrejee stail ke kapade pahanate hain unaka hota hai ki vestarn kalchar ke maanane vaale hain aadhunikata mein adhik karate hain yah khudagarj laalach se bharee huee thee taaki aa sakata kee aasha karana tumhaaree bhool hai koee vyakti ko jo phaishan mein khoya hua hai aadhunikata ke baad mein desee ghodee laal lagaam jaise kapade pahanata hai usake aacharan se pata padata hai ki yah vyakti aacharan heen hai isaka koee charitr rahee hai yah kisee bhee samay chakr ka patan ho sakata hai isamen charitr badalata nahin hai tatha ka abhaav hai is tarah

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Satya Prajapati. Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student.
1:03

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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👨‍🏫 Teacher.
1:31
प्रश्न है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता किया जा सकता है तो देखिए कपड़ों या पहनावे से हम इंसान का चरित्र को कुछ तो पता कर सकते हैं क्योंकि कभी-कभी होता है कि पहनाओ पर भी निर्भर करता है कि हम किस तरह के स्वभाव वाले हैं या किस तरह का व्यवहार करते हैं आप एक प्रयोग के तौर पर देख भी सकते हैं अपने आसपास समाज में कि जो शिक्षित के लोग होते हैं वह किस तरह कपड़े पहनते हैं हालांकि आवाज में कुछ ऐसी चीजें होती है कि शिक्षित लोग भी ऐसे कपड़े पहनते हैं जिस पर हम आपत्ति कर सकते हैं जिस पर हम डिस्कस कर सकते हैं लेकिन बहुधा देखा जाता है कि जो शिक्षित लोग होते हैं उनके पहनावे या कपड़े का जो रंग है या जो भी पहने का तरीका है वह काफी और लोगों से अलग होता है तो हम इसका आकलन कर सकते हैं बशर्ते कि हम समाज के प्रति जीजी के पहलुओं पर विचार करते हो या उस पर हम कुछ आकलन करते हो तभी हम इस बात को क्लियर कर पाएंगे कि कौन व्यक्ति चरित्र में अच्छा है या कौन अच्छा नहीं है यह काफी रोचक और जटिल प्रश्न भी हो सकता है आपके लिए हमारे लिए तो कुल मिलाकर हम यही कह सकते हैं कि कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता कुछ हद तक किया जा सकता है
Prashn hai ki kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr ka pata kiya ja sakata hai to dekhie kapadon ya pahanaave se ham insaan ka charitr ko kuchh to pata kar sakate hain kyonki kabhee-kabhee hota hai ki pahanao par bhee nirbhar karata hai ki ham kis tarah ke svabhaav vaale hain ya kis tarah ka vyavahaar karate hain aap ek prayog ke taur par dekh bhee sakate hain apane aasapaas samaaj mein ki jo shikshit ke log hote hain vah kis tarah kapade pahanate hain haalaanki aavaaj mein kuchh aisee cheejen hotee hai ki shikshit log bhee aise kapade pahanate hain jis par ham aapatti kar sakate hain jis par ham diskas kar sakate hain lekin bahudha dekha jaata hai ki jo shikshit log hote hain unake pahanaave ya kapade ka jo rang hai ya jo bhee pahane ka tareeka hai vah kaaphee aur logon se alag hota hai to ham isaka aakalan kar sakate hain basharte ki ham samaaj ke prati jeejee ke pahaluon par vichaar karate ho ya us par ham kuchh aakalan karate ho tabhee ham is baat ko kliyar kar paenge ki kaun vyakti charitr mein achchha hai ya kaun achchha nahin hai yah kaaphee rochak aur jatil prashn bhee ho sakata hai aapake lie hamaare lie to kul milaakar ham yahee kah sakate hain ki kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr ka pata kuchh had tak kiya ja sakata hai

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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संस्कृतप्रचारक, संस्कृतभारती जयपुरमहानगर प्रचारप्रमुख और सन्देशप्रमुख
2:07
नमस्कार मित्र आप ने प्रश्न किया है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है मित्र अगर आप किसी व्यक्ति को चाहे पुरुष हो या स्त्री अगर आप उसके कपड़ों से उसके चरित्र का पता लगाना चाहते हैं तो आप बिल्कुल भी बस का पता नहीं लगा सकते हैं किस का चरित्र सही है या नहीं क्योंकि आजकल कोई भी व्यक्ति हो कपड़े बहुत अच्छे ही पहनता है तो हम उसके चरित्र का पता नहीं लगा सकते क्योंकि अभी यह नया भारत है इसमें आपने देखा होगा कि लड़कियां भी आजकल लड़कों के जैसे कपड़े पहनती है और छोटे कपड़े भी पहनती है तो जरूरी नहीं कि हर लड़की ही गलत हो उनमें से कुछ लड़कियां भी गलत निकलती है तो अगर इस दृष्टि से अगर हम देखें उनके कब पहनावे से तो हम उस नजर से तो सभी लड़की ही मेरे लिए गलत है क्योंकि आजकल ज्यादातर लड़कियां छोटे कपड़े पहनना लड़कों के कपड़े पहनना यह कर रही है और लड़के भी आप जैसे कोई लड़की फैशन चल रहा था बीच में की जींस जो है फटी भी पहनते थे तो वह भी पहनने का जमाना आया तो लड़कों का भी आप पता नहीं लगा सकते कि यह लफंगा है या यह बिल्कुल सही है उनकी वह एक चलन बन चुका था कपड़ों का तो इसलिए कपड़ों को देख कर के किसी का भी चरित्र कैसा है यह हम नहीं बता सकते इस चरित्र बताने के लिए आपको उससे बातचीत करनी पड़ेगी थोड़ा उसको समझना होगा जब जाकर क्या बता सकते हैं बाकी कपड़ों के अंदाजे पर नहीं धन्यवाद
Namaskaar mitr aap ne prashn kiya hai kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai mitr agar aap kisee vyakti ko chaahe purush ho ya stree agar aap usake kapadon se usake charitr ka pata lagaana chaahate hain to aap bilkul bhee bas ka pata nahin laga sakate hain kis ka charitr sahee hai ya nahin kyonki aajakal koee bhee vyakti ho kapade bahut achchhe hee pahanata hai to ham usake charitr ka pata nahin laga sakate kyonki abhee yah naya bhaarat hai isamen aapane dekha hoga ki ladakiyaan bhee aajakal ladakon ke jaise kapade pahanatee hai aur chhote kapade bhee pahanatee hai to jarooree nahin ki har ladakee hee galat ho unamen se kuchh ladakiyaan bhee galat nikalatee hai to agar is drshti se agar ham dekhen unake kab pahanaave se to ham us najar se to sabhee ladakee hee mere lie galat hai kyonki aajakal jyaadaatar ladakiyaan chhote kapade pahanana ladakon ke kapade pahanana yah kar rahee hai aur ladake bhee aap jaise koee ladakee phaishan chal raha tha beech mein kee jeens jo hai phatee bhee pahanate the to vah bhee pahanane ka jamaana aaya to ladakon ka bhee aap pata nahin laga sakate ki yah laphanga hai ya yah bilkul sahee hai unakee vah ek chalan ban chuka tha kapadon ka to isalie kapadon ko dekh kar ke kisee ka bhee charitr kaisa hai yah ham nahin bata sakate is charitr bataane ke lie aapako usase baatacheet karanee padegee thoda usako samajhana hoga jab jaakar kya bata sakate hain baakee kapadon ke andaaje par nahin dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
vikas Singh Rajput Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए vikas जी का जवाब
Unknown
7:03
आपका सवाल है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है अगर कपड़ों से जब पहनावे इंसान का चरित्र पता किया जाता तो कपड़े की दुकान को मंदिर कहा जाता लेकिन ऐसा नहीं कहा जाता है यानी कपड़े से किसी भी व्यक्ति का चरित्र नहीं पता किया जा सकता है लेकिन दुनिया में एक विचारधारा है कि जो पैसे वाला है जो अच्छा कपड़ा पहना है जिसका ड्रेसिंग सेंस बहुत ज्यादा अच्छा है ब्रांडेड शूज ब्रांडेड शर्ट ब्रांडेड पैंट पहना है हेयर स्टाइल अच्छा है फोर व्हीलर है उसे लोग बहुत अच्छा माल लेते यह बहुत इंटेलिजेंट होगा यह बहुत तेज होगा बहुत ही कम लगता है बहुत अच्छा लगता है ऐसी विचारधारा लोगों के मन में आ जाती है खासतौर पर लड़कियों के मन में ऐसी विचारधारा जाती है कोई लड़का अमीर है बस यह बहुत अच्छा है अब हंस के जाल में अब उसके जाल में फंस जाती वह बंदा विचार से अच्छा नहीं था इस बात की जानकारी है बाद में होती है जब इनके साथ कुछ करके इन्हें छोड़ देता है तब इन्हें समझ में आता है कि यार हमसे गलती हो गई अगर आपको अच्छा ढूंढना है तो चरित्रवान व्यक्ति को ढूंढिए को थोड़ा सा गरीब हो हो सकता है कि उसका ड्रेसिंग सेंस उतना ज्यादा अच्छा ना हो लेकिन वह पढ़ने में बहुत इंटेलिजेंट हो और भविष्य में वह बहुत पैसे वाला बंद होता है आप इंजीनियरिंग कॉलेज में चले जाइए वहां पर कुछ पैसे वाले लड़के होते हैं कुछ एकदम साधारण परिवार के लड़के होते हैं तो जो साधारण परिवार वाला लड़का है वह अगर किसी लड़की को लाइक करता है बोल भी नहीं पाता है बाई चांस कभी बोलता है प्रपोज करता है तो लड़की कहती है कि तुमने अपना शक्ल देखा है तुमने अपनी औकात देखी है तो मुझे प्रपोज कर रहे हो उठा कर निकाल के चप्पल मारूंगी 50 चप्पल और वही लड़की किसी लफंगे से फंस जाती है जो अपने बाप के पैसे के बल पर हीरो बन रहा है उसके साथ घूमती है बाइक से कार से इधर-उधर 4 साल बी टेक कंप्लीट करने के बाद जो गरीब लड़का है यूपीएससी की तैयारी करता है और चुपचाप तैयारी करता है और 1 साल में आईएएस बन जाता है और यह जो लड़का था इसका बी टेक में भी बैक लगा था और बाइक भी क्लियर नहीं हुआ तो कहने का मतलब है भाग्य तकदीर इंसान की बदलती है किसी को उसके पैसे से पहनावे से मत जज करिए नहीं तो आप धोखा खाएंगे इतिहास गवाह है इतिहास को उठाकर देख लीजिए कि चरित्रवान व्यक्ति अलग ही होते हैं जब तक आप किसी से वार्तालाप नहीं करेंगे जब तक आप किसी से जुड़ेंगे नहीं उसके चरित के बारे में आपको नहीं पता चल पाएगा लेकिन लोग चर्च कर लेते हैं पैसे दे किसी को जज मत करिए किसी के पास बहुत पैसा कोई जरूरी नहीं है कि वह पढ़ने में भी बहुत इंटेलिजेंट होगा उसकी सोच भी बहुत अच्छी होगी वह बहुत अच्छा करने वाला समाज के लिए होगा और वह उसका विचार इतना मजबूत होगा उसको पूरी क्षेत्र के लोग लाइक करेंगे ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता है लेकिन हो सकता है कि हो सकता है कि कोई गरीब व्यक्ति हो लेकिन उसका आचरण इतना अच्छा हो वह एक अच्छा प्रवक्ता हो अच्छा समाज के लिए काम करने वाला हूं जिसको आने वाले समय में पूरा समाज लाइक करें और समाज में इतना प्रतिष्ठित हो जाए कि वह बड़ा लीडर बन जाए मुख्यमंत्री एक दिन बन जाए तो कहने का मतलब है की चरित्र का पता जब हम किसी से जुड़ते हैं तब पता चलता है बातचीत करते हैं तो पता चल जाता है बहुत पैसे वाले लोग हैं जिनका चरित्र बहुत अच्छा है बहुत कम पैसे वाले लोग भी हैं गरीब हैं उनका भी चरित्र बहुत अच्छा है मैक्सिमम बहुत पैसे वाले लोग हैं जिनका चरित्र एकदम अच्छा नहीं है पैसा तो बहुत है लेकिन कैरेक्टर लेस बहुत कम पैसे वाले भी लोग कुछ ऐसे हैं जो कैरेक्टर लेस तो हर जगह अच्छे बुरे मिलेंगे कोई जरूरी नहीं है रतन टाटा जी हैं उनकी सोच कितनी अच्छी है हमेशा वह देश हित में सोचते हैं तो यह लोग बड़े इसलिए बने हैं क्योंकि इनका पूरा परिवार चरित्रवान है अच्छा चरित्र ही लो बड़े बड़े बिजनेसमैन आज दिन प्रतिदिन आगे बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि उनके घर परिवार के बच्चे भी बहुत अच्छे हैं आने वाली पीढ़ी भी अच्छी है सब लोग संस्कारी तब यह लोग दिन प्रतिदिन आकर पढ़ रहे हैं वही जिसे थोड़ा सा पैसा हुआ लगा उड़ने आकाश में तो उसका पैसा खत्म भी हो जाता है और रोड पर आ जाता है बिग तक मांगने लगते हैं ऐसे लोग तो इसलिए कभी भी विचार को गलत या गंदा नहीं बनाना चाहिए जैसे हम अपने बाप बेटी का इज्जत कदर करते हैं वैसे ही हमें दूसरों की बहन बेटी का इज्जत कदर करना चाहिए सम्मान करना चाहिए और आप सभी भारतवासियों से बोलना चाहता हूं फाइनली मैं यह कहना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति के चरित्र का पता उसके कपड़े से उसके पैसे से मत लगाइए बल्कि उसके विचार से आप उसके का पता लगाइए धन्यवाद
Aapaka savaal hai kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai agar kapadon se jab pahanaave insaan ka charitr pata kiya jaata to kapade kee dukaan ko mandir kaha jaata lekin aisa nahin kaha jaata hai yaanee kapade se kisee bhee vyakti ka charitr nahin pata kiya ja sakata hai lekin duniya mein ek vichaaradhaara hai ki jo paise vaala hai jo achchha kapada pahana hai jisaka dresing sens bahut jyaada achchha hai braanded shooj braanded shart braanded paint pahana hai heyar stail achchha hai phor vheelar hai use log bahut achchha maal lete yah bahut intelijent hoga yah bahut tej hoga bahut hee kam lagata hai bahut achchha lagata hai aisee vichaaradhaara logon ke man mein aa jaatee hai khaasataur par ladakiyon ke man mein aisee vichaaradhaara jaatee hai koee ladaka ameer hai bas yah bahut achchha hai ab hans ke jaal mein ab usake jaal mein phans jaatee vah banda vichaar se achchha nahin tha is baat kee jaanakaaree hai baad mein hotee hai jab inake saath kuchh karake inhen chhod deta hai tab inhen samajh mein aata hai ki yaar hamase galatee ho gaee agar aapako achchha dhoondhana hai to charitravaan vyakti ko dhoondhie ko thoda sa gareeb ho ho sakata hai ki usaka dresing sens utana jyaada achchha na ho lekin vah padhane mein bahut intelijent ho aur bhavishy mein vah bahut paise vaala band hota hai aap injeeniyaring kolej mein chale jaie vahaan par kuchh paise vaale ladake hote hain kuchh ekadam saadhaaran parivaar ke ladake hote hain to jo saadhaaran parivaar vaala ladaka hai vah agar kisee ladakee ko laik karata hai bol bhee nahin paata hai baee chaans kabhee bolata hai prapoj karata hai to ladakee kahatee hai ki tumane apana shakl dekha hai tumane apanee aukaat dekhee hai to mujhe prapoj kar rahe ho utha kar nikaal ke chappal maaroongee 50 chappal aur vahee ladakee kisee laphange se phans jaatee hai jo apane baap ke paise ke bal par heero ban raha hai usake saath ghoomatee hai baik se kaar se idhar-udhar 4 saal bee tek kampleet karane ke baad jo gareeb ladaka hai yoopeeesasee kee taiyaaree karata hai aur chupachaap taiyaaree karata hai aur 1 saal mein aaeeees ban jaata hai aur yah jo ladaka tha isaka bee tek mein bhee baik laga tha aur baik bhee kliyar nahin hua to kahane ka matalab hai bhaagy takadeer insaan kee badalatee hai kisee ko usake paise se pahanaave se mat jaj karie nahin to aap dhokha khaenge itihaas gavaah hai itihaas ko uthaakar dekh leejie ki charitravaan vyakti alag hee hote hain jab tak aap kisee se vaartaalaap nahin karenge jab tak aap kisee se judenge nahin usake charit ke baare mein aapako nahin pata chal paega lekin log charch kar lete hain paise de kisee ko jaj mat karie kisee ke paas bahut paisa koee jarooree nahin hai ki vah padhane mein bhee bahut intelijent hoga usakee soch bhee bahut achchhee hogee vah bahut achchha karane vaala samaaj ke lie hoga aur vah usaka vichaar itana majaboot hoga usako pooree kshetr ke log laik karenge aisa bilkul bhee nahin ho sakata hai lekin ho sakata hai ki ho sakata hai ki koee gareeb vyakti ho lekin usaka aacharan itana achchha ho vah ek achchha pravakta ho achchha samaaj ke lie kaam karane vaala hoon jisako aane vaale samay mein poora samaaj laik karen aur samaaj mein itana pratishthit ho jae ki vah bada leedar ban jae mukhyamantree ek din ban jae to kahane ka matalab hai kee charitr ka pata jab ham kisee se judate hain tab pata chalata hai baatacheet karate hain to pata chal jaata hai bahut paise vaale log hain jinaka charitr bahut achchha hai bahut kam paise vaale log bhee hain gareeb hain unaka bhee charitr bahut achchha hai maiksimam bahut paise vaale log hain jinaka charitr ekadam achchha nahin hai paisa to bahut hai lekin kairektar les bahut kam paise vaale bhee log kuchh aise hain jo kairektar les to har jagah achchhe bure milenge koee jarooree nahin hai ratan taata jee hain unakee soch kitanee achchhee hai hamesha vah desh hit mein sochate hain to yah log bade isalie bane hain kyonki inaka poora parivaar charitravaan hai achchha charitr hee lo bade bade bijanesamain aaj din pratidin aage badhate ja rahe hain kyonki unake ghar parivaar ke bachche bhee bahut achchhe hain aane vaalee peedhee bhee achchhee hai sab log sanskaaree tab yah log din pratidin aakar padh rahe hain vahee jise thoda sa paisa hua laga udane aakaash mein to usaka paisa khatm bhee ho jaata hai aur rod par aa jaata hai big tak maangane lagate hain aise log to isalie kabhee bhee vichaar ko galat ya ganda nahin banaana chaahie jaise ham apane baap betee ka ijjat kadar karate hain vaise hee hamen doosaron kee bahan betee ka ijjat kadar karana chaahie sammaan karana chaahie aur aap sabhee bhaaratavaasiyon se bolana chaahata hoon phainalee main yah kahana chaahata hoon ki kisee bhee vyakti ke charitr ka pata usake kapade se usake paise se mat lagaie balki usake vichaar se aap usake ka pata lagaie dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
मोहित कुमार Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए मोहित जी का जवाब
बिजनेस
0:25
सवाल है कि क्या कपड़ों के पहनावे से इंसान का चरित्र तथा किया जा सकता है संजय से कपड़ों के पहनावे से इंसान का चित्र नहीं पता किया जा सकता उसकी भाषा बोलने का तरीका जानना चाहिए इस तरीके से वह कैसे बोलता है उसका तो किसी भी इंसान का शरीर पता किया जा सकता है धन्यवाद
Savaal hai ki kya kapadon ke pahanaave se insaan ka charitr tatha kiya ja sakata hai sanjay se kapadon ke pahanaave se insaan ka chitr nahin pata kiya ja sakata usakee bhaasha bolane ka tareeka jaanana chaahie is tareeke se vah kaise bolata hai usaka to kisee bhee insaan ka shareer pata kiya ja sakata hai dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Manish Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Manish जी का जवाब
Unknown
0:44

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
rohit paste Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:51
चरित्र किसी इंसान का चरित्र किस तरह का है यह उसकी बातें उसकी सोच उसका व्यवहार इस पर निर्भर करता है ना कि वह क्या पहनता है उसके कपड़े कितने महंगे हैं या कितना गरीब है या सामान्य कपड़े पहनता है या उसकी स्टाइल क्या है उसका मोबाइल क्या है उसका जूता कौन सा है या फिर कहां रेस्टोरेंट में ढाबे पर या मार्ट फ्री में खाना खाता है इस पर अपना निर्भर होते मैंने जो आपको पहले बताया यह सबसे जरूरी बात है
Charitr kisee insaan ka charitr kis tarah ka hai yah usakee baaten usakee soch usaka vyavahaar is par nirbhar karata hai na ki vah kya pahanata hai usake kapade kitane mahange hain ya kitana gareeb hai ya saamaany kapade pahanata hai ya usakee stail kya hai usaka mobail kya hai usaka joota kaun sa hai ya phir kahaan restorent mein dhaabe par ya maart phree mein khaana khaata hai is par apana nirbhar hote mainne jo aapako pahale bataaya yah sabase jarooree baat hai

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Ekta Sahni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:34
नमस्कार आपका में क्या कपड़ों से क्या मैं ना वैसे इंसान के चरित्र का पता किया जा सकता है तो कपड़े या पहनावे है जो भी हमारा गेट है जब भी कोई दूसरा व्यक्ति हमें देखता है तो पहले वह तुम्हारा डेट भी देखता है लेकिन इससे वह हमारे चरित्र का अंदाजा नहीं लगा सकता आइडिया लगा लेगा लेकिन इतनी जरूरी नहीं है ना कि वह 10% सही और 20% सही हो तो बेसिकली इंसान के कपड़े के पहनावे से उसके चरित्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता उसके कपड़ों से नहीं पता चल सकता है जैसे मैंने जैसी भी क्लोरीन की है आप नहीं जा सकते कि मैं चरित्रवान हो गया चरित्रहीन हूं आप नहीं जान सकते यह दुनिया अवगुण आप नहीं पहचान सकते जब तक कि हम उस इंसान के साथ व्यवहारिक रूप से हम से बचेंगे नहीं हम उससे बातचीत में करेंगे उसके कर्मों को नहीं देखेंगे हम उसके चरित्र का पता नहीं लगा सकते यह बात तो तैयार है कि हमारे कपड़े के मॉडर्न हो से टिपिकल हो जैसे भी हो हमारी कपड़ों से हमारी चरित्र का पता नहीं लगता एक और बात भी है कितनी हाइट और सोते हैं लोगों की सोच बिक्री के ऊपर होती है उतनी ही उनके कपड़े सिंपल होते हैं शुभ होते हैं थोड़ा सा आईडिया हम इस तरह से लगा सकते हैं धन्यवाद
Namaskaar aapaka mein kya kapadon se kya main na vaise insaan ke charitr ka pata kiya ja sakata hai to kapade ya pahanaave hai jo bhee hamaara get hai jab bhee koee doosara vyakti hamen dekhata hai to pahale vah tumhaara det bhee dekhata hai lekin isase vah hamaare charitr ka andaaja nahin laga sakata aaidiya laga lega lekin itanee jarooree nahin hai na ki vah 10% sahee aur 20% sahee ho to besikalee insaan ke kapade ke pahanaave se usake charitr ka andaaja nahin lagaaya ja sakata usake kapadon se nahin pata chal sakata hai jaise mainne jaisee bhee kloreen kee hai aap nahin ja sakate ki main charitravaan ho gaya charitraheen hoon aap nahin jaan sakate yah duniya avagun aap nahin pahachaan sakate jab tak ki ham us insaan ke saath vyavahaarik roop se ham se bachenge nahin ham usase baatacheet mein karenge usake karmon ko nahin dekhenge ham usake charitr ka pata nahin laga sakate yah baat to taiyaar hai ki hamaare kapade ke modarn ho se tipikal ho jaise bhee ho hamaaree kapadon se hamaaree charitr ka pata nahin lagata ek aur baat bhee hai kitanee hait aur sote hain logon kee soch bikree ke oopar hotee hai utanee hee unake kapade simpal hote hain shubh hote hain thoda sa aaeediya ham is tarah se laga sakate hain dhanyavaad

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
er. ramphal bind Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Private job
0:52
दोस्तों आप का सवाल है क्या कपड़ों से या पढ़ना उस इंसान का चित्र पता किया जा सकता है जी बिल्कुल ऐसा नहीं होता क्योंकि कपड़ों से भी पढ़ना होता तुम्हारे वनवासी हुई बनवासी भाई लोगों को अच्छा कपड़ा पहना दिया जाता टी होते वनवासी नहीं है क्योंकि को निवासी जो होते हैं वह लोग रहने वाली उनकी कपड़े के पार ना अलग होते हैं जो जैसा वातावरण उस हिसाब से लोग वहां की जैसी संगति उस हिसाब से लोग कपड़े पहनते हैं इसलिए मैं यह कहा मेरे कहने का मतलब यह है कपड़ों से केवल वातावरण स्थिति का पता चल सकता है इंसान के चरित्र का पता तभी चलता है जो उसके नाल इश्क नाल इश्क ऐसा ऐसा करते व्यक्ति है यार ना करते व्यक्ति की सोच का व्यक्ति नाल इश्क ऊपर डिपेंड करता है चरित्र मैं की पहनावा के ऊपर
Doston aap ka savaal hai kya kapadon se ya padhana us insaan ka chitr pata kiya ja sakata hai jee bilkul aisa nahin hota kyonki kapadon se bhee padhana hota tumhaare vanavaasee huee banavaasee bhaee logon ko achchha kapada pahana diya jaata tee hote vanavaasee nahin hai kyonki ko nivaasee jo hote hain vah log rahane vaalee unakee kapade ke paar na alag hote hain jo jaisa vaataavaran us hisaab se log vahaan kee jaisee sangati us hisaab se log kapade pahanate hain isalie main yah kaha mere kahane ka matalab yah hai kapadon se keval vaataavaran sthiti ka pata chal sakata hai insaan ke charitr ka pata tabhee chalata hai jo usake naal ishk naal ishk aisa aisa karate vyakti hai yaar na karate vyakti kee soch ka vyakti naal ishk oopar dipend karata hai charitr main kee pahanaava ke oopar

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क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:58
खरा कपास में क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है तो आपको बता दें कि देखिए कपड़े या पहनावे जो भी मनुष्य के होते हैं कहीं ना कहीं उसके चरित्र को भी जो बारे में आप पता लगाना चाहे तो पता लगा सकते हैं उसको एडवोकेट करते हैं अच्छे सुलझे हुए इंसान का पहनावा खराब देखे देख आप किसी ऐसे व्यक्ति का देखे तो बहुत परेशान है था तो उसी में बना हुआ है मैं ही आपको दोनों में फर्क पता चल जाएगा हां लेकिन टोटली पहना पर भी डिपेंड करता है किसी का व्यवहार ऐसा नहीं है पहनावा अलग हो सकता है मैं मार अलग हो सकता है एक सेक्शन सारे है लेकिन फिर भी जो कपड़े हैं जो उसके पहनावे हैं उसके चरित्र को किसी भी व्यक्ति के चरित्र को काफी हद तक वह डिफाइन कर देते हैं आप ही कह रहा है इस बारे में कमेंट सेक्शन ओके राय जरुर व्यक्त करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Khara kapaas mein kya kapadon se ya pahanaave se insaan ka charitr pata kiya ja sakata hai to aapako bata den ki dekhie kapade ya pahanaave jo bhee manushy ke hote hain kaheen na kaheen usake charitr ko bhee jo baare mein aap pata lagaana chaahe to pata laga sakate hain usako edavoket karate hain achchhe sulajhe hue insaan ka pahanaava kharaab dekhe dekh aap kisee aise vyakti ka dekhe to bahut pareshaan hai tha to usee mein bana hua hai main hee aapako donon mein phark pata chal jaega haan lekin totalee pahana par bhee dipend karata hai kisee ka vyavahaar aisa nahin hai pahanaava alag ho sakata hai main maar alag ho sakata hai ek sekshan saare hai lekin phir bhee jo kapade hain jo usake pahanaave hain usake charitr ko kisee bhee vyakti ke charitr ko kaaphee had tak vah diphain kar dete hain aap hee kah raha hai is baare mein kament sekshan oke raay jarur vyakt karen meree shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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