#जीवन शैली

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:15
गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स प्रश्न है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है बिल्कुल है अब जिस टाइप की सोच रखते हैं उसी टाइप के कपड़े पहनते हैं जैसे अगर देखा जाए तो सिंपल जो लड़के सिंपल लाते हैं उनका एड्रेस जो होता है वह सिंपल होता है बहुत ही साधारण का पेपर में और लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आता है उसके अलावा जो लड़के अगर छिछोरे टाइप के रहते हैं या थोड़ा सा फैशन करने वाले रहते हैं तू चमक धमक वाले कपड़े पहनते हैं फटी फटी फटी जींस पहनते हैं मनी उनकी कलर ही अलग रहते हैं मतलब लोगों को ही पता चल जाता है कि हां यह लड़का इस टाइप का दिख रहा है या ऐसा फैशन करने वाला होता है इसके अलावा आपने देखा होगा कि जो नाच गाने या अपने आप में शौक रखते हैं अलग ही कपड़े पहनते हैं उन्हें देखकर लोगों को पता चल जाता है कि हां इनका पहरावा है तो इसी टाइप के हैं तो अक्सर देखा गया है कि जो लड़के या लड़कियां इस टाइप के रहते हैं वह से कपड़े पहनते हैं कुछ लड़कियां आजकल की है जो अपने शरीर को दिखाने के चक्कर में छोटे छोटे कपड़े पहनती हैं फटे फटे वह भी जींस पहनती है वह भी अपना टॉप पहनती है तो बड़ा ही छोटा पहनती है बड़ा अजीब टाइप अधिकता है तू ही सब देखा गया कि हां जैसे रहते हैं जो चीन की मानसिकता होती है उसी के उसी की तरफ उनके पहनावे होते हैं उनका चरित्र भी उसी से डिबेट रहता है कुछ लड़के जो होते हैं बाल आप देख रहे हैं बाल की कटिंग भी डिपेंड करता है कि आप कितने स्वभाव आप इतने सरल स्वभाव के हैं कितने सुंदर स्वभाव के हैं तू ही होता है कि आपके शरीर को देखकर कम से कम 50 से 60 परसेंट जरूर पता चल जाता है कि आपका चरित्र कैसा है आपका स्वभाव आपके विचार कैसे हैं अब कैसे परेशान है आपकी तरह सोचते हैं तो इस तरह का है और मुझे लगता है कि इस प्रश्न से आप लोग को बहुत जरूर कुछ ना कुछ जानकारी मिली होगी धन
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Ekta Sahni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
1:34
नमस्कार आपका में क्या कपड़ों से क्या मैं ना वैसे इंसान के चरित्र का पता किया जा सकता है तो कपड़े या पहनावे है जो भी हमारा गेट है जब भी कोई दूसरा व्यक्ति हमें देखता है तो पहले वह तुम्हारा डेट भी देखता है लेकिन इससे वह हमारे चरित्र का अंदाजा नहीं लगा सकता आइडिया लगा लेगा लेकिन इतनी जरूरी नहीं है ना कि वह 10% सही और 20% सही हो तो बेसिकली इंसान के कपड़े के पहनावे से उसके चरित्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता उसके कपड़ों से नहीं पता चल सकता है जैसे मैंने जैसी भी क्लोरीन की है आप नहीं जा सकते कि मैं चरित्रवान हो गया चरित्रहीन हूं आप नहीं जान सकते यह दुनिया अवगुण आप नहीं पहचान सकते जब तक कि हम उस इंसान के साथ व्यवहारिक रूप से हम से बचेंगे नहीं हम उससे बातचीत में करेंगे उसके कर्मों को नहीं देखेंगे हम उसके चरित्र का पता नहीं लगा सकते यह बात तो तैयार है कि हमारे कपड़े के मॉडर्न हो से टिपिकल हो जैसे भी हो हमारी कपड़ों से हमारी चरित्र का पता नहीं लगता एक और बात भी है कितनी हाइट और सोते हैं लोगों की सोच बिक्री के ऊपर होती है उतनी ही उनके कपड़े सिंपल होते हैं शुभ होते हैं थोड़ा सा आईडिया हम इस तरह से लगा सकते हैं धन्यवाद

pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student with micro finance bank employee
0:34
नमस्कार आकाश वाले के कपड़े थे या पहनावे से इंसान कैसे पता किया जा सकता है और कैसे कपड़े पहने होते हैं तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए नहीं तो स्वभाव का तो भी कहते हैं सवाल का जवाब मिल जाएगा

Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
2:58
लखन नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है लेकिन यह बिल्कुल भी नहीं है कि इंसान का जो चरित्र है वह कपड़ों से निर्धारित हो इंसान का चरित्र जो होता है वह उसके बोलचाल उसके शैली से जो है पता लगता है हालांकि कुछ हद तक जो कपड़े हैं वह मायने रखते हैं फ्रेंड क्योंकि जो अच्छे चेंज द वाले होते हैं वह अपना जो मेंटेन रखते हैं अच्छे अच्छे कपड़े पहनते हैं अच्छे तरीके से अपनी लाइफ स्टाइल जीते हैं लेकिन इसे बिल्कुल भी नहीं अब माना जा सकता है कि कपड़े की वजह से उनकी जो है चरित्र का पता लगाया जा सके कभी कभी आपने देखा होगा फ्रेंड की जो लोग नहीं कमाते वह भी अपने पिता के भाई के बल पर जो है बहुत ही अच्छे अच्छे कपड़े पहनते हैं और वह जो है अपने कार्य के पीछे जो है वह गलत कार्यों का निर्माण करते हैं तू है आप उन्हें देखकर ऐसा थोड़ी ना कह सकते हैं रेंट कि यह बहुत ही अच्छा है अच्छे-अच्छे कपड़े तो पहन लेते हो बहुत अच्छे थोड़ी ना हो गए थे अच्छा आदमी हो जो होता है वह अपने चरित के हिसाब से अपने कर्मों के हिसाब से अपनी बोलचाल के हिसाब से अपनी भाषा के हिसाब से जाना जाता है फ्रेंड जैसे कि आप तो देखिए कि कोई लड़का है जो है वह अच्छी अच्छी जो है कपड़े पहन रहा है अच्छे-अच्छे जो है बातें कर रहा है तू कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बहरूपिया कहा जाता है यह सिर्फ दिखावटी में आते हैं फ्रेंड दिखावटी ज्यादा दिन नहीं चलता कपड़े से जो होता है वो एक चीज और पता लगती है कि आपकी जो परवरिश है आपकी जो खानदान है वह भी पता लगता है जिसे आप अगर अच्छे अच्छे कपड़े पहन रहे हैं अच्छे अच्छे लोगों से मुलाकात कर रहे तो आपकी जोड़ी संस्कृत बताती है कि आप एक अच्छे माहौल में भाई से और आपका जो खानदान है वह एक अच्छा खानदान है कब किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है लेकिन अगर आप वही जो है गंदे कपड़े या फिर फटे पुराने कपड़े पहन के चलेंगे तो वैसे भी लोग आपको देखकर समझ जाएंगे कि आपकी औकात क्या है तो कपड़े कहीं न कहीं थोड़ी सी हमारी जो है औकात बताते हैं पहलू बताते हैं कि औकात क्या है अगर आप कभी देखिएगा मार्केट में जाइए किसी से मिलेगा आपके पास पैसा बिल्कुल भी ना हो लेकिन आप बहुत ही बेल मेंटेन होकर जाइए आप देखेंगे कि कुछ लोग कुछ हद तक आपकी जो है खातिरदारी करेंगे जो आपको ना जानते हो वह आप की कपड़े की वजह से करेंगे फ्रेंड तो कपड़े का थोड़ा सा यह महत्व है क्या आपकी थोड़ी सी वॉल्यूम बढ़ा देता है बल्कि बाकी इस का इससे कोई लेना-देना नहीं है कि अगर हम अच्छे कपड़े पहन लेते तो उसका चरित्र पता लगता है आशा है कि आप सभी को पसंद आया होगा ऐसे बाप शुक्रिया

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
0:42
हेलो फ्रेंड शॉप पर सवाल है क्या कपड़ों से अप एनआरएचएम के चरित्र का पता किया जा सकता है जी हां और पहनावे से विचलित का पता हो सकता है जो अच्छे शालीन कपड़े पहनता है उसका चरित्र अच्छा ही होता है और जो कटे कटे टाइप के कपड़े पहनते हैं लोग तो उनके चरित्र में भी कमी होती है और ऐसा नहीं है कि लोग अपनी पसंद से भी अपने अपने मन के मुताबिक कपड़े पहनते हैं ऐसा नहीं है कि दो बातें होती हैं तो अच्छा इंसान वही होता है जो अच्छे विचार हम जिसके कपड़ों से कुछ नहीं होता है धन्यवाद

Anand Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Mathematics Teacher
0:41
सवाल एक दम कपड़ों से यह पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है इस वाक्य को मैं फिर से कम उम्र की कपड़ों से आता है ना उस इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है अभी पता किया जा सकता है कल की बोली के अनुसार पहला विषय कुछ प्रतिशत आप चरित्र का पता कर सकते हैं असली चरित्र का वास्तविक नाम है आप उसके बोलने बात करने के लिए

Nav kishor Aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Service
1:04
नमस्कार आपका सवाल है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है इसी देखे काफी हद तक ए बात सही भी होती है लेकिन कई जगह यह बात गलत साबित होती है इंसान ऐसे होते हैं जो फैशन में रहना पसंद नहीं करते बहुत सिंपल कपड़े पहनते हैं सादा जीवन व्यतीत करते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि वह लोग गलत हैं उनका व्यवहार गलत है या वह गरीब है उनके पास पैसा नहीं है ऐसा नहीं है कई बार अंदाजा गलत भी हो जाता है और कई बार क्या देखा है कि बहुत सारे लोग बहुत फैशनेबल होते हैं बहुत सूट बूट आई वगैरह में अच्छे कपड़े पहनते ब्रांडेड लेकिन उनके पास पैसा नहीं होता या उनके पास बात करने की तमीज नहीं होती है उनका व्यवहार खराब होता है उनके अंदर घमंड होता है तो कई बार क्या होता है क्या अंदाजा काफी हद तक गलत भी होता है तो इसलिए मैं समझता हूं कि 90% मामलों में क्या होता है कि कपड़ों को या पहनावे से इंसान का चरित्र पता नहीं लग पाता जब तक आप उसके साथ उठेंगे नहीं बैठेंगे नहीं उसके साथ बातचीत नहीं करेंगे उसको पड़ेंगे नहीं तो आप उसके चरित्र आज आप नहीं लगा पाएंगे उम्मीद करता हूं जानकारी पसंद आएगी धन्यवाद

Bhupesh Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Entrepreneur , Blogger, Influencer
1:01
नमस्कार दोस्तों इस चक्र में आपका स्वागत है मैं आपको अपने मित्र बहुत ही स्मार्ट में आशा करता हूं आप सभी से कुछ लोगे और अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रही होगी जैसा कि आपका प्रश्न क्या पहनावे से कपड़ों से या उसके बनावे से इंसान का चरित्र का पता किया जा सकता है तो देखें दोस्तों हम सिर्फ उससे कम सुन लगा सकते हैं एक अंदाजा लगा सकते हैं लेकिन सही मायने में हम कभी भी यह नहीं जान सकते कि सामने वाला प्रश्न कैसा है आपने कई बार ऐसा देखा होगा कि फंक्शन के देखने वाले लोगों का जो नहीं सर होता है वह भी काफी डिफरेंट होता है ऑडिशन दिखने वाले लोगों का नेचर में काफी एटीट्यूड वाला होता है तो इसलिए हम कभी भी इसी के ऊपर नहीं जा सकते कि उसका चरित्र कैसा है लेकिन हमें जंक्शन मानकर चलते हैं कि हां उसने अच्छे कपड़े पार्क है तो अच्छा होगा उसने ऐसे कपड़े पक्के तो ऐसा होगा पर अगर आप किसी के तनाव को देखकर किसी को जज कर दे तो बिल्कुल ही गलत है पर अगर आप कहीं इंटरव्यू वगैरा के लिए कहीं जा रहे हैं तो उसके लिए आपको ड्रेसिंग सेंस का होना बहुत है

itishree Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
1:37
प्रश्न है क्या कपड़ों से या परिणाम से सन का चरित्र पता किया जा सकता है कभी-कभी पता चलता है पर मुझे नहीं लगता कि पता चल सकता है क्योंकि ऐसा नहीं कि उसका चरित्र ठीक है और वह जो आजकल का फैशन है जो कपड़े पहनते हैं तो उससे हम चरित्र का पता नहीं लगा पाएंगे पर हां इतना हमको परिवार सदैव संस्कार हम हैं तो आज भी बहुत सारी हीरोइन है जी जिन्होंने कपड़े सही ढंग से पहना अभी भी पहनते हैं तो उसका परिवार का भी माता-पिता का भी कोई रोल बहुत सारे रोल है श्यामली चारों ले तो वह जानते हैं कि हम को कितना कैसे एक औरत कहां और कब हमें किस तरह के कपड़े पहनने चाहिए पर आजकल का फैशन है जो लड़कियां कैसे कपड़े पहनते हैं अपने माता-पिता के सामने आपने भाई के सामने अपने परिवार के सामने जो ऐसे कपड़े पहन कर घूमते हैं मुझे वह ठीक नहीं लगता क्योंकि हमको कपड़ा क्यों पहना है हमारी लज्जा को हम भागने के लिए हम वह कपड़े पहनते हैं इसलिए यह नहीं कि हम सब कुछ अपने शॉप करने के लिए हम वही कपड़े पहन ले इसलिए अगर यह नहीं है कि वह कोई एक खराब कपड़ा पहनता है तो उसका चरित्र ठीक होगा अपने आप डिपेंड करता है कि वह कैसा चरित्रका है या उसका स्वभाव कैसा है

Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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QUALITY ENGINEER
0:38
कपड़ों से पहनावे से इंसान का चरित्र पता चलता है लेकिन ऐसा नहीं है कि हर आदमी का पहनावा से इंसान आप उसका चरित्र पता लगा सकते बहुत सारे फ्रेंड होते हैं उनको थोड़ा स्टाइल पसंद होता बहुत सारे लड़के लड़कियां होते पैसा नहीं उनका चरित्र खराब होता है तो हर बार आप पकड़ लो उसी का चरित्र किस से कपड़ों से यह जरूरी नहीं है बहुत सारे डिसेंट भी देखते हैं लेकिन अंदर से उनका दिल खराब रहता है उनका उनकी सोच खराब रहती है तो हर बार अपनी पकड़ सकते हो हां सम टाइम्स इतने भी है थैंक यू

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:54
हेलो विवाह तो आज आप का सवाल है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है पर इसे बिल्कुल भी नहीं अगर कोई इंसान बहुत अच्छे से कपड़ा पहन कर आया है आप तो इंसान बहुत अच्छा है बातचीत करेंगे तो पता चलेगा वह कमेंट मार रहा है या फिर या फिर ऊंचा नीचा जात पात की बात करें तो जब तक कोई बातचीत नहीं करता अपने मुंह नहीं खुलता है तब तक हम नहीं जान पाते क्योंकि इंसान की सोच विचार कैसे हो इंसान कैसा है उसका व्यवहार कैसा है उसका व्यक्तित्व कैसा है तो पहनावे से कुछ भी हम नहीं पता कर सकते हैं पहनावे से सिर्फ हम इतना पता कर सकते कि हां वह इंसान पैसे वाला है इसलिए इतना महंगा कपड़ा आए थे महंगे जूते कहना है इसके अलावा हम कुछ भी नहीं पता कर सकते अगर इंसान के चरित्र को पता करना होता है तो इंसान से बातचीत उनके व्यवहार उनसे कि सोच विचार से ही पता चलता है

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Business Owner
1:40
किसी को उसके कपड़ों के अनुसार जांच करना कहीं ना कहीं गलत है या कह सकते हैं कि किसी को किसी की हैसियत के अकॉर्डिंग चेंज करना कि भाई यह व्यक्ति अमीर है या यह व्यक्ति गरीब है तो अमीर व्यक्ति इस तरह के होते हैं गरीब व्यक्ति इस तरह के होते इस तरह की सोच स्तर के मेंटली रखना कहीं ना कहीं गलत है क्योंकि हर एक तरह के व्यक्ति होते हैं और हर एक जगह होते हैं या अमीर व्यक्ति यह नहीं हो सकता कि अच्छा योगदान भी रहो और गरीब व्यक्ति ऐसा नहीं हो सकता कि हर व्यक्ति बुरा हो तो उसके तौर-तरीके उसके हाव-भाव से जाना जा सकता है क्योंकि कह देना कि अच्छी लिबास से आपको क्या पसंद है यह जरूर पता चल सकता है कि आपका जो पहना हुआ है जो रहन-सहन है इससे इस चीज के बारे में हम जान सकते कि आपको क्या चीजें पसंद है क्या चीजें नहीं पसंद है किन चीजों में आपकी दिलचस्पी है और किन चीजों में नहीं कि जीवन चरित्र के बारे में तो सिर्फ और सिर्फ आपके हाव-भाव आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं यह सारी चीजें आपके चरित्र को बनाते हैं अजब आप अपने से छोटों के साथ किस तरह से व्यवहार करते हैं या जो आपसे जो गरीब लोग हैं उन से किस तरह से बात करते हैं तो यह चीजें आपके चरित्र की पहचान बनती है जब आपको गुस्सा आता उस समय आप किस तरह के एक्टिविटी करते हैं किस तरह से रिजेक्ट करते हैं इन चीजों से आपके चरित का पता चलता आई होप सो दैट आप इन चीजों को इन प्वाइंटों को जो मैंने बताया है नोट करेंगे और किसी को जज करने से पहले एक बार इन चीजों पर मेरी बताई नहीं बातों पर जरूर ध्यान रखें

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
HoD NIELIT
0:58
खरा कपास में क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है तो आपको बता दें कि देखिए कपड़े या पहनावे जो भी मनुष्य के होते हैं कहीं ना कहीं उसके चरित्र को भी जो बारे में आप पता लगाना चाहे तो पता लगा सकते हैं उसको एडवोकेट करते हैं अच्छे सुलझे हुए इंसान का पहनावा खराब देखे देख आप किसी ऐसे व्यक्ति का देखे तो बहुत परेशान है था तो उसी में बना हुआ है मैं ही आपको दोनों में फर्क पता चल जाएगा हां लेकिन टोटली पहना पर भी डिपेंड करता है किसी का व्यवहार ऐसा नहीं है पहनावा अलग हो सकता है मैं मार अलग हो सकता है एक सेक्शन सारे है लेकिन फिर भी जो कपड़े हैं जो उसके पहनावे हैं उसके चरित्र को किसी भी व्यक्ति के चरित्र को काफी हद तक वह डिफाइन कर देते हैं आप ही कह रहा है इस बारे में कमेंट सेक्शन ओके राय जरुर व्यक्त करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
2:33
कपड़ों के पहनावे से कपड़ों के रंग से उस व्यक्ति के आचरण चरित्र और उसकी हाव भावों का अध्ययन साइकोलॉजी के द्वारा किया जाता है एक साइकिल जिस आदमी की पसंद की कलर से उसके कपड़ों की प्रणाली थी उसके कपड़ों के प्रकार से सभी कुछ उसका जान सकता है जैसे आपने देखा कि कोई जो लाल कलर पसंद करता है उसका मतलब साइकोलॉजी कहती है कि खून खराबे का शौकीन है हिंसा वादी है वह उसको दिखाता है तामसी प्रवृत्ति का है जो सफेद करो पसंद करता है इसका मत शांति वादी है शांत नेचर का है जो खाली कल को पसंद करता है इसका मतलब बेवफा और खुशहाली का सूचक है जो पीले को पसंद करता है इसका मतलब गुस्सा भगवान से डरने वाला भगवान में आस्था रखने वाला संतुष्ट साहब का है इसी प्रकार कपड़ों की तैनाती से है जो धोती कुर्ता पसंद करते हैं उनको कह सकते हो भारतीय संस्कृति के प्रभाव से सादा जीवन उच्च विचार उनके सिद्धांत हैं और निर्माता नेतृत्व में विश्वास रखते हैं लेकिन जो अंग्रेजी स्टाइल के कपड़े पहनते हैं उनका होता है कि वेस्टर्न कल्चर के मानने वाले हैं आधुनिकता में अधिक करते हैं यह खुदगर्ज लालच से भरी हुई थी ताकि आ सकता की आशा करना तुम्हारी भूल है कोई व्यक्ति को जो फैशन में खोया हुआ है आधुनिकता के बाद में देसी घोड़ी लाल लगाम जैसे कपड़े पहनता है उसके आचरण से पता पड़ता है कि यह व्यक्ति आचरण हीन है इसका कोई चरित्र रही है यह किसी भी समय चक्र का पतन हो सकता है इसमें चरित्र बदलता नहीं है तथा का अभाव है इस तरह

Satya Prajapati. Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student.
1:03

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:31
प्रश्न है कि क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता किया जा सकता है तो देखिए कपड़ों या पहनावे से हम इंसान का चरित्र को कुछ तो पता कर सकते हैं क्योंकि कभी-कभी होता है कि पहनाओ पर भी निर्भर करता है कि हम किस तरह के स्वभाव वाले हैं या किस तरह का व्यवहार करते हैं आप एक प्रयोग के तौर पर देख भी सकते हैं अपने आसपास समाज में कि जो शिक्षित के लोग होते हैं वह किस तरह कपड़े पहनते हैं हालांकि आवाज में कुछ ऐसी चीजें होती है कि शिक्षित लोग भी ऐसे कपड़े पहनते हैं जिस पर हम आपत्ति कर सकते हैं जिस पर हम डिस्कस कर सकते हैं लेकिन बहुधा देखा जाता है कि जो शिक्षित लोग होते हैं उनके पहनावे या कपड़े का जो रंग है या जो भी पहने का तरीका है वह काफी और लोगों से अलग होता है तो हम इसका आकलन कर सकते हैं बशर्ते कि हम समाज के प्रति जीजी के पहलुओं पर विचार करते हो या उस पर हम कुछ आकलन करते हो तभी हम इस बात को क्लियर कर पाएंगे कि कौन व्यक्ति चरित्र में अच्छा है या कौन अच्छा नहीं है यह काफी रोचक और जटिल प्रश्न भी हो सकता है आपके लिए हमारे लिए तो कुल मिलाकर हम यही कह सकते हैं कि कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र का पता कुछ हद तक किया जा सकता है

Deepak Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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संस्कृतप्रचारक, संस्कृतभारती जयपुरमहानगर प्रचारप्रमुख और सन्देशप्रमुख
2:07
नमस्कार मित्र आप ने प्रश्न किया है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है मित्र अगर आप किसी व्यक्ति को चाहे पुरुष हो या स्त्री अगर आप उसके कपड़ों से उसके चरित्र का पता लगाना चाहते हैं तो आप बिल्कुल भी बस का पता नहीं लगा सकते हैं किस का चरित्र सही है या नहीं क्योंकि आजकल कोई भी व्यक्ति हो कपड़े बहुत अच्छे ही पहनता है तो हम उसके चरित्र का पता नहीं लगा सकते क्योंकि अभी यह नया भारत है इसमें आपने देखा होगा कि लड़कियां भी आजकल लड़कों के जैसे कपड़े पहनती है और छोटे कपड़े भी पहनती है तो जरूरी नहीं कि हर लड़की ही गलत हो उनमें से कुछ लड़कियां भी गलत निकलती है तो अगर इस दृष्टि से अगर हम देखें उनके कब पहनावे से तो हम उस नजर से तो सभी लड़की ही मेरे लिए गलत है क्योंकि आजकल ज्यादातर लड़कियां छोटे कपड़े पहनना लड़कों के कपड़े पहनना यह कर रही है और लड़के भी आप जैसे कोई लड़की फैशन चल रहा था बीच में की जींस जो है फटी भी पहनते थे तो वह भी पहनने का जमाना आया तो लड़कों का भी आप पता नहीं लगा सकते कि यह लफंगा है या यह बिल्कुल सही है उनकी वह एक चलन बन चुका था कपड़ों का तो इसलिए कपड़ों को देख कर के किसी का भी चरित्र कैसा है यह हम नहीं बता सकते इस चरित्र बताने के लिए आपको उससे बातचीत करनी पड़ेगी थोड़ा उसको समझना होगा जब जाकर क्या बता सकते हैं बाकी कपड़ों के अंदाजे पर नहीं धन्यवाद

vikas Singh Rajput Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
7:03
आपका सवाल है क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है अगर कपड़ों से जब पहनावे इंसान का चरित्र पता किया जाता तो कपड़े की दुकान को मंदिर कहा जाता लेकिन ऐसा नहीं कहा जाता है यानी कपड़े से किसी भी व्यक्ति का चरित्र नहीं पता किया जा सकता है लेकिन दुनिया में एक विचारधारा है कि जो पैसे वाला है जो अच्छा कपड़ा पहना है जिसका ड्रेसिंग सेंस बहुत ज्यादा अच्छा है ब्रांडेड शूज ब्रांडेड शर्ट ब्रांडेड पैंट पहना है हेयर स्टाइल अच्छा है फोर व्हीलर है उसे लोग बहुत अच्छा माल लेते यह बहुत इंटेलिजेंट होगा यह बहुत तेज होगा बहुत ही कम लगता है बहुत अच्छा लगता है ऐसी विचारधारा लोगों के मन में आ जाती है खासतौर पर लड़कियों के मन में ऐसी विचारधारा जाती है कोई लड़का अमीर है बस यह बहुत अच्छा है अब हंस के जाल में अब उसके जाल में फंस जाती वह बंदा विचार से अच्छा नहीं था इस बात की जानकारी है बाद में होती है जब इनके साथ कुछ करके इन्हें छोड़ देता है तब इन्हें समझ में आता है कि यार हमसे गलती हो गई अगर आपको अच्छा ढूंढना है तो चरित्रवान व्यक्ति को ढूंढिए को थोड़ा सा गरीब हो हो सकता है कि उसका ड्रेसिंग सेंस उतना ज्यादा अच्छा ना हो लेकिन वह पढ़ने में बहुत इंटेलिजेंट हो और भविष्य में वह बहुत पैसे वाला बंद होता है आप इंजीनियरिंग कॉलेज में चले जाइए वहां पर कुछ पैसे वाले लड़के होते हैं कुछ एकदम साधारण परिवार के लड़के होते हैं तो जो साधारण परिवार वाला लड़का है वह अगर किसी लड़की को लाइक करता है बोल भी नहीं पाता है बाई चांस कभी बोलता है प्रपोज करता है तो लड़की कहती है कि तुमने अपना शक्ल देखा है तुमने अपनी औकात देखी है तो मुझे प्रपोज कर रहे हो उठा कर निकाल के चप्पल मारूंगी 50 चप्पल और वही लड़की किसी लफंगे से फंस जाती है जो अपने बाप के पैसे के बल पर हीरो बन रहा है उसके साथ घूमती है बाइक से कार से इधर-उधर 4 साल बी टेक कंप्लीट करने के बाद जो गरीब लड़का है यूपीएससी की तैयारी करता है और चुपचाप तैयारी करता है और 1 साल में आईएएस बन जाता है और यह जो लड़का था इसका बी टेक में भी बैक लगा था और बाइक भी क्लियर नहीं हुआ तो कहने का मतलब है भाग्य तकदीर इंसान की बदलती है किसी को उसके पैसे से पहनावे से मत जज करिए नहीं तो आप धोखा खाएंगे इतिहास गवाह है इतिहास को उठाकर देख लीजिए कि चरित्रवान व्यक्ति अलग ही होते हैं जब तक आप किसी से वार्तालाप नहीं करेंगे जब तक आप किसी से जुड़ेंगे नहीं उसके चरित के बारे में आपको नहीं पता चल पाएगा लेकिन लोग चर्च कर लेते हैं पैसे दे किसी को जज मत करिए किसी के पास बहुत पैसा कोई जरूरी नहीं है कि वह पढ़ने में भी बहुत इंटेलिजेंट होगा उसकी सोच भी बहुत अच्छी होगी वह बहुत अच्छा करने वाला समाज के लिए होगा और वह उसका विचार इतना मजबूत होगा उसको पूरी क्षेत्र के लोग लाइक करेंगे ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता है लेकिन हो सकता है कि हो सकता है कि कोई गरीब व्यक्ति हो लेकिन उसका आचरण इतना अच्छा हो वह एक अच्छा प्रवक्ता हो अच्छा समाज के लिए काम करने वाला हूं जिसको आने वाले समय में पूरा समाज लाइक करें और समाज में इतना प्रतिष्ठित हो जाए कि वह बड़ा लीडर बन जाए मुख्यमंत्री एक दिन बन जाए तो कहने का मतलब है की चरित्र का पता जब हम किसी से जुड़ते हैं तब पता चलता है बातचीत करते हैं तो पता चल जाता है बहुत पैसे वाले लोग हैं जिनका चरित्र बहुत अच्छा है बहुत कम पैसे वाले लोग भी हैं गरीब हैं उनका भी चरित्र बहुत अच्छा है मैक्सिमम बहुत पैसे वाले लोग हैं जिनका चरित्र एकदम अच्छा नहीं है पैसा तो बहुत है लेकिन कैरेक्टर लेस बहुत कम पैसे वाले भी लोग कुछ ऐसे हैं जो कैरेक्टर लेस तो हर जगह अच्छे बुरे मिलेंगे कोई जरूरी नहीं है रतन टाटा जी हैं उनकी सोच कितनी अच्छी है हमेशा वह देश हित में सोचते हैं तो यह लोग बड़े इसलिए बने हैं क्योंकि इनका पूरा परिवार चरित्रवान है अच्छा चरित्र ही लो बड़े बड़े बिजनेसमैन आज दिन प्रतिदिन आगे बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि उनके घर परिवार के बच्चे भी बहुत अच्छे हैं आने वाली पीढ़ी भी अच्छी है सब लोग संस्कारी तब यह लोग दिन प्रतिदिन आकर पढ़ रहे हैं वही जिसे थोड़ा सा पैसा हुआ लगा उड़ने आकाश में तो उसका पैसा खत्म भी हो जाता है और रोड पर आ जाता है बिग तक मांगने लगते हैं ऐसे लोग तो इसलिए कभी भी विचार को गलत या गंदा नहीं बनाना चाहिए जैसे हम अपने बाप बेटी का इज्जत कदर करते हैं वैसे ही हमें दूसरों की बहन बेटी का इज्जत कदर करना चाहिए सम्मान करना चाहिए और आप सभी भारतवासियों से बोलना चाहता हूं फाइनली मैं यह कहना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति के चरित्र का पता उसके कपड़े से उसके पैसे से मत लगाइए बल्कि उसके विचार से आप उसके का पता लगाइए धन्यवाद

mohit🙏gupta Bolkar App
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सवाल है कि क्या कपड़ों के पहनावे से इंसान का चरित्र तथा किया जा सकता है संजय से कपड़ों के पहनावे से इंसान का चित्र नहीं पता किया जा सकता उसकी भाषा बोलने का तरीका जानना चाहिए इस तरीके से वह कैसे बोलता है उसका तो किसी भी इंसान का शरीर पता किया जा सकता है धन्यवाद

Manish Yadav Bolkar App
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rohit paste Bolkar App
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चरित्र किसी इंसान का चरित्र किस तरह का है यह उसकी बातें उसकी सोच उसका व्यवहार इस पर निर्भर करता है ना कि वह क्या पहनता है उसके कपड़े कितने महंगे हैं या कितना गरीब है या सामान्य कपड़े पहनता है या उसकी स्टाइल क्या है उसका मोबाइल क्या है उसका जूता कौन सा है या फिर कहां रेस्टोरेंट में ढाबे पर या मार्ट फ्री में खाना खाता है इस पर अपना निर्भर होते मैंने जो आपको पहले बताया यह सबसे जरूरी बात है

Shipra Bolkar App
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Self Employed
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वाले की क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान के चरित्र का पता किया जा सकता है जी नहीं बिल्कुल भी नहीं किसी भी इंसान के चरित्र का उसके व्यक्तित्व का उसके स्वभाव आचरण का पता कभी भी उसके ड्रेसिंग सेंस नहीं किया जा सकता है चित्र का किसी व्यक्ति को नहीं यार कहना चाहते हैं आप ही अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि कौन से व्यक्ति अच्छा है और कौन सा नहीं अच्छा है क्योंकि हर एक की ड्रेसिंग सेंस में 24 अलग होती है और लाइफ जीने का अंदाज अलग होता है आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

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Top Speaker,Level 11
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अभी हम पढ़ाई करते हैं
0:39

#टेक्नोलॉजी

Saurabh Rai Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Saurabh जी का जवाब
Software Engineer
3:14
यह प्रश्न काफी अच्छा है और इस समय में काफी ज्यादा मैंने यूट्यूब को मैं सर्च कर रहा था काफी सारी मैं अपॉर्चुनिटी जो है यूट्यूब में तलाशने की कोशिश कर रहा था और मुझे कुछ चीजें मिली है जो कि मैं इस माध्यम से आपको बताना चाहूंगा सबसे पहली चीज जो मुझे यह देखकर मिली पूरे यूट्यूब में जो मैंने इस समय जो मैंने ट्रेन जो मैंने आपसे किया उसमें यह तय किया कि लगभग आपको हर कैटेगरी में कांटेक्ट जो है मिल जाएगा तो अगर आप यह सोच रहे हैं कि कोई आप पार्टी कूलर विषय पर आप पर कांटेक्ट बनाना चाहते हैं तो यह एक बेड चॉइस है उस पार्टी कूलर विषय पर जिस पर अभी कांटेक्ट नहीं प्रेजेंट है यह गलत तरीका है यूट्यूब को अप्रोच करने का यूट्यूब को अप्रोच करने का सही तरीका क्या है कि आप किस में आते हैं समझदारी आपको बात आप किस में अच्छे हैं हो सकता है आप पॉलिटिक्स में अच्छे हो हो सकता टेक्नोलॉजी में हूं लेकिन अगर आप टेक्नोलॉजी मछली और अगर आप पॉलिटिक्स जिस पर मान लीजिए कॉन्टेंट की कमी उस पर अगर आप कांटेक्ट बनाएंगे तो कभी आप पापुलैरिटी नहीं खेल कर पाएंगे क्यों क्योंकि आप उसमें प्रोफिशिएंसी नहीं है तो मेरे कहने का संदर बहुत इतना सा है कि यहां पर आपको विषय वह चुनना चाहिए जिसमें आप बहुत अच्छे हैं पहली चीज दूसरी चीज जो विषय जो हो वह बहुत ब्रॉड नहीं होना चाहिए बहुत ही छोटा सा ऑडियंस पकड़ी है जैसे एक बहुत छोटा सा ऑडियंस पकड़ने की बात यह है कि मान लीजिए अगर आप टेक्नोलॉजी के वीडियो बना रहे हैं हर तरीके की टेक्नोलॉजी की बात करने के बजाय सिर्फ आप मोबाइल ऐप्स की बात करिए कि मेरा चैनल सिर्फ मोबाइल एप्स के बारे में इंफॉर्मेशन अच्छी-अच्छी देगा ठीक है ऐसे ही अगर आप मान लीजिए पढ़ाई लिखाई हमारी एजुकेशन में कुछ करना चाहते हैं तो उसमें कितनी पकड़ी है माली जी आप बस दसवीं के बायोलॉजी के लेसन डालिए आर्मी के या 12वीं के सिर बायोलॉजी के डाली है सनम क्या बायोलॉजी भी डाल रहे मैच में डालने फिजिक्स में डाल रहा है तो उसमें आप इतने अच्छे से नहीं गुरु कर पाएंगे यूट्यूब पूरा इसी मॉडल पर्वत करता है कि आप इतनी ऑडियंस पकड़ी है आप भी तो पकड़ी है जिसमें आप बहुत अच्छे हो और बहुत कोरोनावायरस में आप की क्वालिटी होनी चाहिए उसमें आपको कांटेक्ट कोडिक करते चले जाना है इसके साथ-साथ एक जो मैंने खास चीज अभी मैंने अप्रैल की है यूट्यूब जो है शॉर्ट्स को बहुत ज्यादा प्रमोट कर रहा है और साथ-साथ ऐसे वीडियोस को प्रमोट कर रहा है जो भी लैस दिन 1 मिनट के हैं और मेरे फील्ड में ऐसे बहुत सारे वीडियो जाएं और मैंने ऐसे बहुत सारे क्रिएटर्स देखे हैं जिनके 5050 की सब्सक्राइबर हो गए जो रात और रात वायरल हो गए हैं ऐसे मैंने देखे जिनका चैनल कुछ नहीं है उनसे बहुत अच्छा कांटेक्ट अवेलेबल है यूट्यूब पर लेकिन वह चुकी हूं वीडियो शॉट है छोटे हैं तो यूट्यूब उसको बहुत ज्यादा प्रमोट कर रहा है और लोग उसे देख भी रहे और वहां कांटेक्ट भी बहुत ज्यादा कम है फिर से एक आऊंगा कॉन्टेंट कम है इसका मतलब यह नहीं है कि आप वह कैटेगरी चुने जहां पर यूट्यूब के पास कॉन्टेंट कम है आप वह चुने जहां पर आप अच्छे हैं क्योंकि जहां पर आप अच्छे होंगे वह आपका मन भी लगेगा और बहुत तेजी से गुरु कर पाएंगे धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:58

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:36
और आपका पोस्टिंग नेता सुभाष चंद्र बोस जी के बचपन का नाम क्या था नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हिंदू परिवार में हुआ था उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभाव प्रभावती था जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे पहले भी सरकारी वकील थे मगर बाद में उन्होंने निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी शुक्रिया

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:32
बेस्ट है दुनिया का सबसे पहला पुल कहां पर बना बोगीबील पुल इस मायने में खास है कि इस पर ट्रेन भी चलेगी और इस पर बने हाईवे पर कार भी और ट्रक भी दौड़ सकेंगे 4.94 किलोमीटर की लंबाई वाले होगी बिल्कुल की खासियत है कि यह वेल्डिंग कर बनाया गया है इस तरह का और इतना लंबा रेल और रोड पुल भारत में पहला है शुक्रिया

#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:06
यह सवाल अशोक जी के द्वारा पूछा गया कि दोस्तों जिस तरह की तरह किसान फसल उगाना जानता है और फसल काटना भी ठीक उसी प्रकार जानता है उसी तरह देश की सत्ता सौंपना भी जानता है और सत्ता लेना भी जानता है हकीकत बात है क्योंकि इस देश की किसानों के साथ-साथ देश के हर एक लो इस किसान भाइयों से जुड़े हैं क्योंकि हमारे देश की 70 परसेंट जनसंख्या गया है किसानों पर निर्भर है किसानों की उपजाऊ हुई चीजों को खाकर हम अपनी जीवन जीवन को चलाने का काम करते हैं तो कहीं ना कहीं हम कहा जाता है कि भारत में लोकतांत्रिक देश है और लोगों के हिसाब से ही हम श्रद्धा को चुनते हैं तू एक किसान जिस तरह से सत्ता चुनते हैं उसी तरह से गिराने का भी काम करते हैं मतलब अगर एक समय मेहनत करें तो एक अच्छी से अच्छी फसल उगा सकते हैं और मेहनत करते हुए भी चाहेंगे कि कम से कम फसल भी हुआ सकते हैं क्योंकि उनकी डिपेंड होते कितना मेहनत करें कितना लगन करेंगे थोड़ा सा कम मेहनत करेंगे तो कम उपज होती है लेकिन मैं आपको बता दूं की सबसे अच्छी बात यह है कि जो भी किसान है अगर सत्ता में लाना चाहते हैं तो लाना जानते हैं तो सत्ता से गिराना भी जानते हैं मैं बस यही कहूंगा दोस्तों की फसल जितना भी किसान मेहनत करते हैं और इसका रिजल्ट हमें मिलता है कि हमें सस्ते से सस्ते अनाज मिलता है उसी तरह इस देश का जो आंदोलन चल रहा है किसान भाइयों का ही नहीं इस पूरे देश का किसान आंदोलन है और उसका आने वाले समय में इसका रिजल्ट सभी को देखने को मिलेगा और मुझे विश्वास है और मैं ही कहूंगा कि इसका रिजल्ट बखूबी सबके सामने आएगा जो लोग नहीं जानते हो वह भी जान जाएंगे

#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
0:57
प्रश्न है क्या भारत के प्रधानमंत्री किसान कानूनों को वापस लेने का कोई बहाना ढूंढ रहे हैं ताकि करोड़ भी वापस हो जाए और किसी तरह का कोई दिक्कत भी ना हो तो दिखे फ्रेंड्स क्या अभी भी सरकार और किसान के बीच मतभेद बना हुआ है और अभी कानूनों को लेकर अभी भी सरकार अपने वादों पर अड़ी हुई है किसान भाई लोगों अपने बातों पर लड़ाई हुई तो देखिए शायद कल ऐसा कुछ निर्णय आए जो लगे कि 25 जनवरी को शायद किसानों के हित में कुछ बातें हो सकती हो तो कल का दिन देखने को रहेगा कि हां कैसा समय रहता है किसके पक्ष में क्या बात है आती है और तो अभी देखा जाए तो भी दोनों लोग अपनी अपनी बातों पर अड़े हुए हैं और देखा जाए तो कल का दिन बहुत खास रहेगा धन्यवाद

#भारत की राजनीति

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
2:20
रचना है कि क्या आप मुझे चटपटा हेल्दी सैंडविच बनाने की विधि बता सकते हैं तो मैं आपको बता सकता हूं सबसे पहले कुछ आवश्यक सामग्री है जो आपको चाहिए यह तो ताजा ब्रेड आप रिप्लाई से चलेंगे 10 को नींबू का रस से एक टीस्पून लेंगे गाढ़ा दही भी आधा कब होना चाहिए उसके बाद आप टमाटर ले लेंगे एक टेबल स्पून में उसके बाद नामक चाट मसाला एवं काली मिर्च पाउडर आप पर जो नमक जो है स्वादानुसार ले सकते हैं इसके बाद से कटे शिमला मिर्च और प्याज आधा कप मिलाजुला होना चाहिए बनाने की विधि की बात करें तो दही में नींबू का रस डालकर रखें और उसे अच्छी तरह से फिट यानी मिला दे और एक कर ले और थोड़ी देर के लिए फ्रीज में आप रख दें एक कटोरी में शिमला मिर्च और प्याज नामक चाट मसाला और काली मिर्च पाउडर डालकर उसे चम्मच से मिलाते रहे अब इसमें दही वाला जो मिलावट है यानी मिश्रण है उसको अंत में कैसा पानी डालें और अच्छी तरह मिलाकर 10 मिनट फ्रीज में रखे ब्रेड के किनारों को काट ले पांच ब्रेड पर बटर की परत लगाने के बाद थोड़ा-थोड़ा टमाटर केचप लगाकर वैसे ही छोड़ दें इसके बाद जो है बाकी के 5 ब्रेड को किसी कटोरिया गोल्ड ढक्कन की सहायता से बीच में काट कर निकालने ब्रेड सेव वॉटर होने के बाद चौकोर टुकड़े को रख लें इसके बाद अब मक्खन लगा दी रेट के ऊपर कट किए हुए चाकू और ब्रेड जिसके बीच में खाली जगह बन गई है रहकर हल्के हाथों से दबाया था कि वह चिपक बीच के खाली जगह को मिलावट से भर जाए ऊपर का थोड़ा सा के चक डालकर सजा दे इस तरह आपका जो है आज ब्रेड के सैंडविच तैयार हो जाएगा अगर आप ब्रेड ओके संख्या बढ़ाना चाहते हैं तो उनके अनुसार मात्रा को भी बढ़ा सकते हैं

#भारत की राजनीति

Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajesh जी का जवाब
Student
0:37
सच में गम भरे गाने मोड कभी कबार ठीक करते हैं कभी कबार जो ठीक होता है उसको भी पर्स में डाल देते हैं कभी बार ऐसी गाने आते हैं सोनू के मन ऐसा करता है कि यार ऐसा गलत हो गया अपने ऑटोमेटिक दूसरे अलग नेगेटिव ख्याल आते मन के अंदर और कभी-कभार ऐसी भी गाने होते हैं उनके मन होता है अपने आप ही और कुछ अलग करने का आदर होता है और कभी तो बार ऐसा भी होता है कि मूड पूरा ही आउट ऑफ हो जाता है फिर कुछ भी दिमाग में नहीं आता फिर नेट नहीं चलता है तो दिमाग के अंदर ऐसा है

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:45
रेशम की डोरी डोरी किस से बनती है और कैसे बनती है रेशम प्राकृतिक प्रोटीन से बना रखा है रेशम के कुछ प्रकार के देशों में वस्त्र बनाए जाते हैं यह प्रोटीन रेशों में मुख्यता फाइब्रॉइड होता है यह रेशे कुछ कीड़ों के लार भी द्वारा बनाया जाता है सबसे उत्तम रेशम शहतूत के पत्तों पर पलने वाले कीड़ों के लावे द्वारा बनाया जाता है प्रस्तावना रेशम कोसते कच्चे रेशम रेशम दूध बाजार में अलग-अलग डोनियर में उपलब्ध होता है रेशमी सूट में पाटनी शालू शॉपिंग साड़ी प्यारी प्रकार के रेशमी कपड़े होते हैं इसके

#रिश्ते और संबंध

Seema yadav   PGT Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Seema जी का जवाब
Teaching
1:55
नमस्कार आपका सवाल है कि अगर आपके घरवाले आपको बोलनी थी आपको या काम करना है आप उस समय मैं बिजी नहीं रहते हैं तो आप दूसरे काम मेरे से होते हैं तो आप कैसे करें क्या करें मेरे कि मेरा मानना है कि अगर हमारे घर पर उसे बोलते हैं कि आप कोई काम करना है और मेरा मन नहीं है फिर भी उनकी इच्छा के मुताबिक उनका नाम रखने के लिए उस काम को करने की कोशिश करूंगी और नहीं हो पाएगा अगर बाई चांस मेरे को काम मेरे से नहीं हो पाता है बोल दूंगी काम में करने की कोशिश कर रहे हो मेरे से नहीं हो रहा है काम तो दूसरा काम जो मेरे पसंद का काम था उसको मैं बोलूंगा अगर इस तरह का काम कोई होता तो मैं अवश्य कर लेती जैसी बात है कि वह मेरे को दे दो जी को देखते हुए वह मुझसे अवश्य देंगे फिर से आंखों में काम करो क्योंकि इस तरह से देखें उनका काम तो उनकी बातों से मिलना भी नहीं कर रही और अपना काम भी कर रहे हो जो मुझ में रुचि मैं जिस में रखती हूं तो मेरा मानना है कि हर किसी को अपने घर वालों की बात माननी चाहिए आपकी मर्जी हो या ना हो उसे कोशिश करो कितनी कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती तो तुम कोशिश करेंगे तो कार्य असंभव काम भी कारण ही संभव हो तो कोई भी कार्य संभव नहीं होता है और रुचि की बात रहेगी अपनी पसंद की कोई जरूरी नहीं है कि आपकी जो रुचि का ध्यान आपके माता-पिता की घरवाली ना रखी है काम आप कर लीजिए मुझे लगता है कि हम सभी को ऐसा ही करना चाहिए धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

Rakeshkothiyal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rakeshkothiyal जी का जवाब
Astrology and Yogacharya
1:00
हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी सज्जनों को मेरा नमस्कार सजनवा आपका प्रश्न है सरसों का साग कैसे बनाया जाता है कि कुछ और तो सबसे सरल सब्जी है सरसों का साग और भिंडी इमली ज्यादा चटपटे की जरूरत नहीं होती है इनमें खा लिया आपने दो चम्मच तेल डाला ऑफिस में जीरे का तड़का डाला डेरा डाले उसमे आपने उसमें रचाने पति डालें और फिर आपने नमक मसाला मिर्ची वड़ा डाल कर के और सरसों का साग तैयार हो गया अभी वर्तमान में सरसों दा साग मक्के दारौंदा मक्की की रोटी रहते ही अच्छी बहुत बढ़िया है आप भी खाएं हम तो क्या खाते हैं और खेती बारी है लेकिन आपकी वजह से मैं बात करके खा सकते हैं आनंद में रहे व्यस्त रहे जय माता दी

#रिश्ते और संबंध

Azad Indian  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Azad जी का जवाब
Job .
1:14
आपका सवाल है किन कारणों से कुछ लोग कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं देखिए कोरोना वैक्सीन हमारे देश में जो है क्या पूरी दुनिया में कोरोनावायरस फैला इससे बहुत लोग पीड़ित हैं बहुत लोग लोगों की मृत्यु हो चुकी बहुत से लोग ठीक भी हो चुके हैं तो यदि यह कहा जाए करो ना का वैक्सीन फलादेश निकाला फलादेश हमारा देश निकाला तो फिर यह सरकार क्यों नहीं गारंटी लेती है वह कंपनी क्यों नहीं गारंटी लेती इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा लोगों में यह एकदम परफेक्ट है क्रोना के लिए फिर कोरोनावायरस तो यदि सूची कोरोनावायरस ना बड़ा अगर बीमारी होता तो लोग बिना वैक्सीन को कैसे ठीक होते करोड़ों करोड़ों में कैसे ठीक होते करोड़ों की संख्या में हमें सोचना समझना है निकाला उसे प्रमाणित करें प्रमाणित करेगा जब प्रकाशन करेगा तभी ना उसका लोगों के अंदर लोग अध्ययन करेंगे और उसको समझेंगे और उसको इस्तेमाल करें धन्यवाद

#खेल कूद

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:32
जी आपके सवालों की क्रिकेट में फॉलोऑन क्या होता है तू क्रिकेट में फॉलोऑन इसे कहते हैं जब किसी एक टेस्ट टीम ने पहले बैटिंग करते हुए ज्यादा रन बना लेती है और दूसरी टीम के नंबर आता है तब पहले बनाए हुए रंग नहीं बनते हैं तब उस टीम को एक बार फिर मौका देते हैं कि वह दूसरी बार वैलेंट बना पाए कि सिंह पहलवान करते हैं धन्यवाद

#खेल कूद

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
1:58
नमस्कार दोस्तों मित्रों और एक मित्र ने सवाल किया है कि मधुसूदन किसे कहा जाता है तो और दोस्त मैं आपको मधुसूदन के भगवान विष्णु के इस नाम के बारे में प्रेरित एक कहानी बताती हूं कि जब भगवान विष्णु ने मानव घोड़े के शरीर के साथ है गरीबों का रूप धारण किया और उस रूप में उन्होंने मधु और कहता हूं नामक दायित्वों को हराया और उनसे युद्ध करके उनको हराकर उनके कातिल के रूप में भगवान विष्णु का नाम मधुसूदन पड़ा और भगवान विष्णु का ही अवतार भगवान कृष्ण है तो भगवान कृष्ण के अवतार को भी मधुसूदन के नाम से बुलाया जाता है वह सर्व पाप हारी देवता है और हमारे भारतवर्ष में उनका भारतवर्ष के प्रत्येक व्यक्ति के मन में उस भगवान के प्रति बहुत ही निष्ठा और भक्ति है तो आपको शायद आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा कि भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को मधुसूदन के नाम से जाना जाता है धन्यवाद मित्र ऐसे ही सवाल पूछिए और लोगों का ज्ञान बढ़ाइए और दोस्तों मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आप लोगों जो नहीं यूजर्स द्वारा रहे हैं उनको भी थोड़ा सपोर्ट करिए और देश की सुरक्षा और घर परिवार की सुरक्षा के लिए दोस्तों धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए srikant जी का जवाब
Student
0:33

#रिश्ते और संबंध

Shiraj khan Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Shiraj जी का जवाब
Asst.professor
0:31
क्या आपका प्रश्न ही कठिन समय में अपने दिमाग को कैसे शांत करें दिखी गहरी सांस लेने का अभ्यास करें यदि पी यह सुझाव आपको अजीब प्रतीत हो रहा होगा पर गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके मस्तिष्क को शांत रखने में असर जनक रूप से कारगर है इनका प्रतिदिन अभ्यास करें और तनाव के समय में यह उसे कम करने में मदद करेगा अपने मुंह को बंद कर नाक से गहरी सांस लें

#टेक्नोलॉजी

G Dewasi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए G जी का जवाब
Unknown
0:32
मार्केट के अंदर देखी आजकल ऐसे टीवी मौजूद है जिनके अंदर हम इंटरनेट का यूज कर सकते हैं यानी कि हम ऑनलाइन जो वेब सीरीज होती है मूवीस होती है वह देख सकते हैं और वही आने वाले 3000 सालों में जितने भी टीवी चैनल सोते हैं यह सारे लोग टीवी पर डाटा की मदद से ही देखा करेंगे यानी कि इंटरनेट की मदद से ही देखेगी और आपने यह भी देखा होगा कि जितने भी स्मार्टफोन होते हैं उनके अंदर जो टीवी चैनल सोते हैं यानी कि जो टीवी चैनल प्रोवाइडर सोते हैं उन्होंने अपने आप बना रखे हैं जिनकी मदद से हम उन सभी टीवी चैनल को एक्सेस कर सकते हैं तो देखिए तीन-चार सालों में मुझे लगता है कि ऐसा ऐप ईटीवी के लिए भी बना दिया जाएगा ताकि लोग ऑनलाइन ही अपनी टीवी के अंदर सभी चैनल को एक्सेस कर सके तो इसमें कोई शक नहीं है कि फ्यूचर के अंदर सभी चीजें इंटरनेट की मदद से ही कनेक्टेड होगी धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

NeelamAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए NeelamAwasthi जी का जवाब
I am housewife
0:35
सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं देखिए आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार गुरु वही माना जाता है जो स्वयं में ज्ञान का सागर समेटे हुए हैं ऐसा गुरु जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो अर्थात जो अपने शिष्यों को तो शिक्षा देते हो लेकिन वही सीख उनके आचरण में ना हो ऐसे गुरु का त्याग कर देने में ही आपकी भलाई है विद्या के अभाव में जी रहा व्यक्ति कभी भी अच्छा गुरु नहीं हो सकता है धन्यवाद

#मनोरंजन

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:37
जी आप का सवाल है कि तांडव वेब सीरीज में के बारे में आपकी क्या राय है तो जो भी अभी वर्तमान में चर्चा में तांडव एब्सली चल रही है इसमें मेरे ख्याल से हिंदू देवी देवताओं का अपमान किया गया है और साथ ही ऐसे पूरी जनता पर इसका बुरा असर पड़ता है किसी भी धर्म के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए तो मेरे ख्याल से यह जो भी फिल्म बनी है वह गलत

#धर्म और ज्योतिषी

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:48
सुनील कुमार चौधरी जी के माध्यम से यह अनुरोध इस प्रश्न आया है कि पहाड़ पर चढ़ते समय मनुष्य आगे की तरफ क्यों झुक जाता है पीछे तरफ क्यों नहीं छुपता देखिए आपने फिजिक्स से यानी बहुत तेजी से यह प्रार्थना किया है हम लोग पढ़ते हैं पहाड़ हो या सीढ़ी हो वहां भी हम आगे झुकते हैं और इसका मुख्य कारण है कि ग्रेविटेशनल फोर्स काम करता है जिसको हिंदी में गर्भवती औरत या केंद्र कहते हैं कि होता है कि आगे हम इसलिए झुकते हैं ताकि हमारा ग्रुप व केंद्र है और उनके पांव के बीच से होकर जो गुजरता है तथा जो अधिक संतुलन आती तो प्राप्त होता है इसे या नहीं आपको एक अस्तित्व प्राप्त होता है कि आप अपना बैलेंस बना रखे और हम सभी जानते हैं कि यह पृथ्वी जो है ग्रेविटेशनल फोर्स पर ही आधारित है यानी कोई भी चीज हम ऊपर फेंकते हैं तो नीचे आता है इसी प्रकार हम लोग गुरुत्वाकर्षण केंद्र के वजह से इस पृथ्वी पर बने हुए हैं नहीं तो हम ऊपर उड़ जाते और शायद ऐसा होता लेकिन इसके वजह से जो है हम लोग पृथ्वी पर बने हुए हैं यही मुख्य कारण है कि जब हम सभी पर या जो भी उचित स्थान होते हैं वहां चढ़ने के लिए हमें आगे के झोका करना होता है और पीसा की झुकी हुई मीनार इसी पर काम करता है जैसे आप देखे हो ना कि पीसा की झुकी मीनार जो है झुका हुआ रहता है तो उसके बीच बीच में ₹1 स्थाई के अंदर जो है काम करता है जिसकी वजह से वह गीता नहीं है जबकि झुका हुआ दिखाई देता है ठीक उसी प्रकार जो है शिर्डी या पहाड़ पर चढ़ते समय हमारे साथ ऐसा होता है मुझे लगता है कि आपके प्रश्नों के जवाब दे दिया है धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:18
सिवान तो आज आप का सवाल है कि क्या पूजा करने के लिए भी कोई नियम होते हैं तो देख मेरे हिसाब से अगर आपको मतलब कभी कदार होता है क्यों देर से उठते हैं या फिर रात में कोई काम पड़ जाता है जिसकी वजह से नींद नहीं खुल पाती है तो ऐसा नहीं कि आपको सुबह 7:00 बजे से मेरे बहुत सारे दोस्त हैं क्या मतलब उनको अगर उसके मम्मी पापा अगर बोलते हैं की पूजा करनी चाहिए और वह लेट उठते हैं या फिर खेलने घूमने चले जाते तो ऐसा नहीं कि वह गलत समय पर नहीं कर पाते पूजा तो दोपहर में या फिर उसके बाद में करते कर ले तेरे हिसाब से अगर ऐसा कोई सलूशन कभी हो जाता है तो आप लेट ही कर सकते हैं लेकिन कुछ नहीं है मैं जैसे की चप्पल पहन कर रही क्योंकि एक तरह का डिस्टेंस वेक्टर और एक तरफ अच्छा चीज नहीं है क्योंकि जब भी हम किसी चीज को बहुत ही दिल से और अच्छे से मानते हैं तो वहां पर चप्पल और फिर ऐसे हंसना खिलखिलाना ध्यान के समय जानबूझकर ऐसे में जबरदस्त शीला है मन नहीं कर रहा है सब करके नहीं करना चाहिए सबसे इंपॉर्टेंट जो मुझे लगता है कि चप्पल पहन चली जाना चाहे तो यह कुछ नहीं है मेरा और टाइम का अगर आपके पास अगर टाइम में इधर-उधर हो जा रहा है तब भी खराब ध्यान करना चाहे पूजा करना चाहे तो जिस समय आपको इतना टाइम मिला आंख खुली उसमें भी आप कर सकते हैं

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:07
जब किसी की मृत्यु होती है तो उस कहते हैं पढ़ लो बासी हो गया है या दिवंगत हो गया है या स्वर्गवासी हो गया है या बैकुंठ लोक गया है क्या वह शुद्ध पहुंच गया है जब पंचतत्व में विलीन हो गया है कि विभिन्न प्रकार के शब्दों के अर्थ वही है और पशु पक्षी कहने से तात्पर्य होता है कि वह हिंदू धर्म में हमेशा मानते हैं कि सब कुछ भी मृत्यु होती है तो उसके लिए हम कहते हैं कि 10 वर्ग को किया है वह बैकुंठ लोक को गया है अर्थात भगवान के पास में जाना ही हमारा परमार्थ है हमारा हमारे जन का सार्थक प्रयास है और इसी को मोक्ष कहते हैं जब मानव आवागमन से मुक्त हो जाए तो वह मुक्त कहलाता है और यही जीवन के चौथे प्रशांत है जिसे हम धर्म अर्थ काम मोक्ष कहते हैं तो यह जो है जीवन का अंतिम और शाश्वत परम प्रशांत है

#रिश्ते और संबंध

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:53
बिटिया दही शब्द की परिभाषा को याद करें और उसका उत्तर दें दहेज शब्द की परिभाषा यह है प्राचीन काल में जो दही दिया जाता था उसका कारण यह था कि बेटी वाला पसंद हो करके अपनी बेटी को नया जीवन जीने के लिए उसके रिश्तेदार उसके भाई बंधु और कुछ सेम जो कुछ देता था वही चलाता है लेकिन आज जो तुम देख रहे हो वह दहेज नहीं दहेज का भयंकर रूप है यह राक्षसी करते हैं आप किसी बेटी वाले को मजबूर करें कि वह 4000000 या 50 लाख दे अपनी जमीन जायदाद भेज दें क्योंकि उसे अपनी लड़की के लिए सुयोग्य वर ढूंढो क्योंकि उसे सुयोग्य पात्र चाहिए मैं आपसे सहमत हूं आप यह कह रहे हैं कि मैं भी पढ़ा लिखा और नौकरी वाला मत ढूंढ लेकिन एक बात बताइए बेटे क्या समाज में यदि हम बिना दहेज के नहीं जी सकते हैं आप दहेज के बल पर ही यह कह रहे हो आज किसी भी लड़के की नौकरी लग जाती तो उसके बाप की लॉटरी खुल जाती है वह अनाथ धूम धूम खोल करके मांगता है यदि पहले दहेज नहीं था तो क्या वह भोजन नहीं खाते थे लिखित संतोष बढ़ती चली गई है यह कहिए मान्यता मिल चुकी है क्या विवाह करने का मतलब यह है कि उस लड़की के पैर पक्ष को पूरी तरह से मिटा देना बर्बाद कर देना उसकी जमीन जायदाद बिकवा देना जो बेटी वाला और रिश्तेदार यदि खुशी से देते हैं जीवन जीने के लिए तो मैं सोच रहा हूं अनिश्चित नहीं है लेकिन किसी को बात भी किया जाए

#जीवन शैली

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:20
कल पूछा गया है क्या भावना इंसान को कम सूट बनाते हैं तो देखिए एक के दो पहलू सकते हैं जो व्यक्ति भावना प्रधान व्यक्ति होता है वह अपने से पहले दूसरों का दुख महसूस कर लेता है वह बहुत जल्दी किसी भी चीज पर पिघल जाता है और उसके अलावा जो है जो इसको कमजोरी के तौर पर देखने का भी हो सकता है कि वो व्यक्ति भावना प्रधान होता है वह कमजोर होता है वह कभी अपने मतलब अपने हित का पहले नहीं सोच पाता तो यह आपके और हमारे देश के पहलुओं का जो है परिणाम है कि हमें कह सकते कि जो भावनाएं इंसान को कमजोर बनाती है कई लोग इसी भावना प्रधानता को बहुत बड़ा जो बोल सकते नहीं की विशेषता के तौर पर देखते हैं और कई लोग इसको कमजोरी के तौर पर देखते हैं और मेरा यह मानना है कि एक भावना प्रधान व्यक्ति होना बहुत जरूरी है जहां जैसे माहौल में हर कोई सिर्फ अपने बारे में सोच रहा है अपने अहम को अपनी ईगो को नोटिस कर रहा है अपनी रुको सेटिस्फाई करने के लिए लोगों को तकलीफ पहुंचा रहा है ऐसे में भावना प्रधान व्यक्ति से कई गुना ज्यादा बेहतर होता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
  • क्या कपड़ों से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है, कपड़ों से इंसान का चरित्र पता लगना
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