#undefined

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
HoD NIELIT
0:31
रखा पर्सनल धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं तो आपको बताने देखिए धूप में कपड़े सुखाने का सबसे बड़ा बेनिफिट यह होता है कि जब भी आप कपड़ों को धूप में तो खाते हैं तो जो भी उस में जो बैक्टीरिया ग्रह होते हैं तेज धूप में वह सब के सब वहां पर मर जाते हैं कैसे किया जाए तो आपके जो करते हैं वह सेंटेंस हो जाते हैं तो इतने हमेशा अपने कपड़ों को कड़ी धूप में तेज धूप में जो सुख आना चाहिए हमें शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

और जवाब सुनें

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
1:40
नहीं की धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे होते हैं लेकिन फ्रेंड क्या होते हैं कि पहले तो कपड़े जल्दी से सूख जाते हैं उसके अलावा क्या है कि इसमें अगर आपके कपड़े में कहीं दाग धब्बा या कहीं कुछ लग जाता है तो क्या होता है कि वह भी धूप के कारण क्या होता है कि उसका कलर उड़ जाता है जो दाग द भावता उड़ जाता है उसके अलावा एक को नुकसान भी है कि आप एक कप कपड़े का कलर भी जा जा सकता मैं तो कपड़े का कलर तो होना निश्चित है आप तेज धूप में सुखा रहे कोई नुकसान होता है लेकिन फायदा यह होता है कि उसमें जो भी चीजें हल्की सी कहीं से बाहर से लग जाते हैं वह ऑटोमेटिक उड़ जाती है उसके अलावा देखा जाए तो इसके फायदे यह है कि हमें धूप में सुखाने से जो भी इसमें क्या होता है कि बैक्टीरिया या आप एंटीवायरस जो होते हैं तो क्या होता है कि हमें जो इन्वायरमेंट से मिलते हैं उसे क्या होते हैं कि वह मर जाते हैं जो भी इसमें कीटाणु होते हैं जिसे हम कभी कभी पानी में देखा होगा आपने कि कीटाणु जो हम नदी के नदी में या तालाब में कपड़े लोग रोते हैं उसमें बहुत सारे ऐसे व्यक्ति किया है ऐसे ही दारू आ जाते हैं जो कपड़ों के साथ में रहते हैं जब तेज धूप में हो सकते हैं तो धीरे-धीरे वह मर जाते हैं मरने के साथ-साथ क्या होते हैं कि उनका इफेक्ट जो होता है वह पूरी तरह से खत्म हो जाता है और आपके जो कपड़े होते हैं पूरी तरह से साफ और स्वच्छ हो जाते हैं जो आप कपड़े पहनेंगे ऑफिस शरीर में कोई प्रकार किसी प्रकार का इफेक्ट नहीं होता है तो इस कारण भी हमें कपड़े तेज धूप में सुखाने चाहिए

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:51
हेलो फ्रेंड्स आप का प्रश्न है धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं तो फ्रेंड्स धूप में कपड़े सुखाने के बहुत सारे फायदे हैं उसमें कपड़े सुखाने से हानिकारक बैक्टीरिया और संघर्ष समाप्त हो जाते हैं धूप में कपड़े सुखाने से हानिकारक बैक्टीरिया से होने वाली एलर्जी से भी बचा जा सकता है धूप में सूखे हुए जो कपड़े होते हैं उन से बदबू नहीं आती है तो धूप में कपड़े सुखाने के बहुत सारे यही लाभ होते हैं इसलिए हमें छाया में नहीं बल्कि धूप में कपड़े सुखाना चाहिए उससे कपड़े बहुत अच्छे सूट ते हैं और पहनने में हमारे शरीर के लिए काफी अच्छे होते हैं से हमें कोई भी बीमारी नहीं होती है आपको जो पसंद आए तो प्लीज लाइक करिएगा धन्यवाद

Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
0:18
दवा लिए कि धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं धूप में कपड़े सुखाने से हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस समाप्त हो जाते हैं धूप में कपड़े सुखाने से हानिकारक बैक्टीरिया से होने वाली एलर्जी से बचा जा सकता है और कपड़ों से बदबू भी नहीं आती

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
0:41
हेलो आज आपका सवाल है कि धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं तो उनके धूप में कपड़े सुखाना बहुत जरूरी होता है क्योंकि धूप में कपड़े सुखाने का कपड़ा तो जल्दी सूची जाता है साथ ही साथ जो भी बैक्टीरिया जो भी हम सोते हैं वह भी मर जाते हैं रूम टेंपरेचर और घर के टेंपरेचर में अगर आप कपड़े सुखाते हैं और या फिर वालों की नहीं जहां पर बहुत ही कम दो पड़ा वहां पर जाते हैं तो कपड़ा तो सूख जाता है लेकिन बैक्टीरिया से होता है वह नहीं मरता जी सच सबको फंगल इनफेक्शन एलर्जी पहनने से खुजली यह सब मतलब प्रॉब्लम होता है वही होता है कि जहां बहुत कड़ाके की धूप पड़ रही हो आप वहां पर ही अपना कपड़ा शुक्ला

Divya Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Divya जी का जवाब
Unknown
0:43
सवाल है धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं तू कपड़े सुखाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण फायदे हैं सबसे पहले फायदा यह है कि आप के कपड़ो से बदबू नहीं आने देता है धूप में कपड़े सूखने से हानिकारक बैक्टीरिया और संघर्ष समाप्त हो जाते हैं धूप में कपड़े सुखाने से हानिकारक बैक्टीरिया से होने वाली एलर्जी से बचा जा सकता है इसके अलावा धूप में कपड़े सुखाने में समय भी कम लगता है और हमारे कपड़ों से सारी नमी हट जाती है जिससे कि कोई भी सूचना की वृद्धि नहीं हो पाती है तो हमें हमेशा दुख में ही कपड़े सुखाने चाहिए

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
1:38
नमस्कार मित्र का सवाल है कि धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं तो दोस्तों धूप में कपड़े सुखाने का यह सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि जब आप कपड़े धो कर उसे धूप में छुपाते हो तो जोश में बैक्टीरिया और जो भी शर्म होते हैं वह किलो जाते हैं मर जाते हैं धूप से और आपका कपड़ा जॉय सेनीटाइज हो जाता है और दूसरा जो सबसे सबसे बड़ी चीज है वह है कि जो उसमें उनके जैसे आप छाया में अगर सुखा रहे हो कपड़े तो उसमें एक अजीब सी स्माइल आने लगती है सोलंकी वह आपके अंदर से खत्म हो जाती है और दूसरी या तीसरी सीजी है कि अगर कपड़े धूप में दूर के अभाव में सूख जाए तो उसमें ब्राइटनेस पड़ जाती है ब्राइटनेस अदा पर चमकने लगते हैं और छाया में छुपाया जाए तो कपड़े धोने क्योंकि उसमें वह आपके द्वारा जो थोड़ी बहुत तो उसमें कुछ रह जाता है वह हट जाता है और जो आप वाशिंग पाउडर या फिर उन डिटर्जेंट पास है अगर कपड़े धो रहा हूं उसकी फीस में होती वह भी तो उसी में सुखाने की वजह से उसकी स्माइल भी खत्म हो जाती है और इसमें किसी तरह की कोई भी व्यक्ति रिया और फंगल इंफेक्शन कोई सिलेक्शन का सरमाया कुछ भी होते हैं वह नहीं होते हैं और वह आपका कपड़ा धोता है पूरी तरह से सिम टाइप हो जाता है इसलिए आपको चाहिए कि अगर आपको तो मिल रही हो तो अपने कपड़ों को धूप नहीं सुखा है और मैंने बाद में जैसे हंसते रहिए मुस्कुराते रहिए आपका दिन अच्छा हो और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखिए मां बाप की सेवा करिए धन्यवाद दोस्तों

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

#undefined

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
2:03

#भारत की राजनीति

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:22

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
गो की हिंदी क्या होती है?
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
0:45

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
0:57

#खेल कूद

Vicky Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Vicky जी का जवाब
अभी हम पढ़ाई करते हैं
0:39

#टेक्नोलॉजी

Saurabh Rai Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Saurabh जी का जवाब
Software Engineer
3:14
यह प्रश्न काफी अच्छा है और इस समय में काफी ज्यादा मैंने यूट्यूब को मैं सर्च कर रहा था काफी सारी मैं अपॉर्चुनिटी जो है यूट्यूब में तलाशने की कोशिश कर रहा था और मुझे कुछ चीजें मिली है जो कि मैं इस माध्यम से आपको बताना चाहूंगा सबसे पहली चीज जो मुझे यह देखकर मिली पूरे यूट्यूब में जो मैंने इस समय जो मैंने ट्रेन जो मैंने आपसे किया उसमें यह तय किया कि लगभग आपको हर कैटेगरी में कांटेक्ट जो है मिल जाएगा तो अगर आप यह सोच रहे हैं कि कोई आप पार्टी कूलर विषय पर आप पर कांटेक्ट बनाना चाहते हैं तो यह एक बेड चॉइस है उस पार्टी कूलर विषय पर जिस पर अभी कांटेक्ट नहीं प्रेजेंट है यह गलत तरीका है यूट्यूब को अप्रोच करने का यूट्यूब को अप्रोच करने का सही तरीका क्या है कि आप किस में आते हैं समझदारी आपको बात आप किस में अच्छे हैं हो सकता है आप पॉलिटिक्स में अच्छे हो हो सकता टेक्नोलॉजी में हूं लेकिन अगर आप टेक्नोलॉजी मछली और अगर आप पॉलिटिक्स जिस पर मान लीजिए कॉन्टेंट की कमी उस पर अगर आप कांटेक्ट बनाएंगे तो कभी आप पापुलैरिटी नहीं खेल कर पाएंगे क्यों क्योंकि आप उसमें प्रोफिशिएंसी नहीं है तो मेरे कहने का संदर बहुत इतना सा है कि यहां पर आपको विषय वह चुनना चाहिए जिसमें आप बहुत अच्छे हैं पहली चीज दूसरी चीज जो विषय जो हो वह बहुत ब्रॉड नहीं होना चाहिए बहुत ही छोटा सा ऑडियंस पकड़ी है जैसे एक बहुत छोटा सा ऑडियंस पकड़ने की बात यह है कि मान लीजिए अगर आप टेक्नोलॉजी के वीडियो बना रहे हैं हर तरीके की टेक्नोलॉजी की बात करने के बजाय सिर्फ आप मोबाइल ऐप्स की बात करिए कि मेरा चैनल सिर्फ मोबाइल एप्स के बारे में इंफॉर्मेशन अच्छी-अच्छी देगा ठीक है ऐसे ही अगर आप मान लीजिए पढ़ाई लिखाई हमारी एजुकेशन में कुछ करना चाहते हैं तो उसमें कितनी पकड़ी है माली जी आप बस दसवीं के बायोलॉजी के लेसन डालिए आर्मी के या 12वीं के सिर बायोलॉजी के डाली है सनम क्या बायोलॉजी भी डाल रहे मैच में डालने फिजिक्स में डाल रहा है तो उसमें आप इतने अच्छे से नहीं गुरु कर पाएंगे यूट्यूब पूरा इसी मॉडल पर्वत करता है कि आप इतनी ऑडियंस पकड़ी है आप भी तो पकड़ी है जिसमें आप बहुत अच्छे हो और बहुत कोरोनावायरस में आप की क्वालिटी होनी चाहिए उसमें आपको कांटेक्ट कोडिक करते चले जाना है इसके साथ-साथ एक जो मैंने खास चीज अभी मैंने अप्रैल की है यूट्यूब जो है शॉर्ट्स को बहुत ज्यादा प्रमोट कर रहा है और साथ-साथ ऐसे वीडियोस को प्रमोट कर रहा है जो भी लैस दिन 1 मिनट के हैं और मेरे फील्ड में ऐसे बहुत सारे वीडियो जाएं और मैंने ऐसे बहुत सारे क्रिएटर्स देखे हैं जिनके 5050 की सब्सक्राइबर हो गए जो रात और रात वायरल हो गए हैं ऐसे मैंने देखे जिनका चैनल कुछ नहीं है उनसे बहुत अच्छा कांटेक्ट अवेलेबल है यूट्यूब पर लेकिन वह चुकी हूं वीडियो शॉट है छोटे हैं तो यूट्यूब उसको बहुत ज्यादा प्रमोट कर रहा है और लोग उसे देख भी रहे और वहां कांटेक्ट भी बहुत ज्यादा कम है फिर से एक आऊंगा कॉन्टेंट कम है इसका मतलब यह नहीं है कि आप वह कैटेगरी चुने जहां पर यूट्यूब के पास कॉन्टेंट कम है आप वह चुने जहां पर आप अच्छे हैं क्योंकि जहां पर आप अच्छे होंगे वह आपका मन भी लगेगा और बहुत तेजी से गुरु कर पाएंगे धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:58

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:36
और आपका पोस्टिंग नेता सुभाष चंद्र बोस जी के बचपन का नाम क्या था नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हिंदू परिवार में हुआ था उनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभाव प्रभावती था जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे पहले भी सरकारी वकील थे मगर बाद में उन्होंने निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी शुक्रिया

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:32
बेस्ट है दुनिया का सबसे पहला पुल कहां पर बना बोगीबील पुल इस मायने में खास है कि इस पर ट्रेन भी चलेगी और इस पर बने हाईवे पर कार भी और ट्रक भी दौड़ सकेंगे 4.94 किलोमीटर की लंबाई वाले होगी बिल्कुल की खासियत है कि यह वेल्डिंग कर बनाया गया है इस तरह का और इतना लंबा रेल और रोड पुल भारत में पहला है शुक्रिया

#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:06
यह सवाल अशोक जी के द्वारा पूछा गया कि दोस्तों जिस तरह की तरह किसान फसल उगाना जानता है और फसल काटना भी ठीक उसी प्रकार जानता है उसी तरह देश की सत्ता सौंपना भी जानता है और सत्ता लेना भी जानता है हकीकत बात है क्योंकि इस देश की किसानों के साथ-साथ देश के हर एक लो इस किसान भाइयों से जुड़े हैं क्योंकि हमारे देश की 70 परसेंट जनसंख्या गया है किसानों पर निर्भर है किसानों की उपजाऊ हुई चीजों को खाकर हम अपनी जीवन जीवन को चलाने का काम करते हैं तो कहीं ना कहीं हम कहा जाता है कि भारत में लोकतांत्रिक देश है और लोगों के हिसाब से ही हम श्रद्धा को चुनते हैं तू एक किसान जिस तरह से सत्ता चुनते हैं उसी तरह से गिराने का भी काम करते हैं मतलब अगर एक समय मेहनत करें तो एक अच्छी से अच्छी फसल उगा सकते हैं और मेहनत करते हुए भी चाहेंगे कि कम से कम फसल भी हुआ सकते हैं क्योंकि उनकी डिपेंड होते कितना मेहनत करें कितना लगन करेंगे थोड़ा सा कम मेहनत करेंगे तो कम उपज होती है लेकिन मैं आपको बता दूं की सबसे अच्छी बात यह है कि जो भी किसान है अगर सत्ता में लाना चाहते हैं तो लाना जानते हैं तो सत्ता से गिराना भी जानते हैं मैं बस यही कहूंगा दोस्तों की फसल जितना भी किसान मेहनत करते हैं और इसका रिजल्ट हमें मिलता है कि हमें सस्ते से सस्ते अनाज मिलता है उसी तरह इस देश का जो आंदोलन चल रहा है किसान भाइयों का ही नहीं इस पूरे देश का किसान आंदोलन है और उसका आने वाले समय में इसका रिजल्ट सभी को देखने को मिलेगा और मुझे विश्वास है और मैं ही कहूंगा कि इसका रिजल्ट बखूबी सबके सामने आएगा जो लोग नहीं जानते हो वह भी जान जाएंगे

#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
0:57
प्रश्न है क्या भारत के प्रधानमंत्री किसान कानूनों को वापस लेने का कोई बहाना ढूंढ रहे हैं ताकि करोड़ भी वापस हो जाए और किसी तरह का कोई दिक्कत भी ना हो तो दिखे फ्रेंड्स क्या अभी भी सरकार और किसान के बीच मतभेद बना हुआ है और अभी कानूनों को लेकर अभी भी सरकार अपने वादों पर अड़ी हुई है किसान भाई लोगों अपने बातों पर लड़ाई हुई तो देखिए शायद कल ऐसा कुछ निर्णय आए जो लगे कि 25 जनवरी को शायद किसानों के हित में कुछ बातें हो सकती हो तो कल का दिन देखने को रहेगा कि हां कैसा समय रहता है किसके पक्ष में क्या बात है आती है और तो अभी देखा जाए तो भी दोनों लोग अपनी अपनी बातों पर अड़े हुए हैं और देखा जाए तो कल का दिन बहुत खास रहेगा धन्यवाद

#भारत की राजनीति

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
2:20
रचना है कि क्या आप मुझे चटपटा हेल्दी सैंडविच बनाने की विधि बता सकते हैं तो मैं आपको बता सकता हूं सबसे पहले कुछ आवश्यक सामग्री है जो आपको चाहिए यह तो ताजा ब्रेड आप रिप्लाई से चलेंगे 10 को नींबू का रस से एक टीस्पून लेंगे गाढ़ा दही भी आधा कब होना चाहिए उसके बाद आप टमाटर ले लेंगे एक टेबल स्पून में उसके बाद नामक चाट मसाला एवं काली मिर्च पाउडर आप पर जो नमक जो है स्वादानुसार ले सकते हैं इसके बाद से कटे शिमला मिर्च और प्याज आधा कप मिलाजुला होना चाहिए बनाने की विधि की बात करें तो दही में नींबू का रस डालकर रखें और उसे अच्छी तरह से फिट यानी मिला दे और एक कर ले और थोड़ी देर के लिए फ्रीज में आप रख दें एक कटोरी में शिमला मिर्च और प्याज नामक चाट मसाला और काली मिर्च पाउडर डालकर उसे चम्मच से मिलाते रहे अब इसमें दही वाला जो मिलावट है यानी मिश्रण है उसको अंत में कैसा पानी डालें और अच्छी तरह मिलाकर 10 मिनट फ्रीज में रखे ब्रेड के किनारों को काट ले पांच ब्रेड पर बटर की परत लगाने के बाद थोड़ा-थोड़ा टमाटर केचप लगाकर वैसे ही छोड़ दें इसके बाद जो है बाकी के 5 ब्रेड को किसी कटोरिया गोल्ड ढक्कन की सहायता से बीच में काट कर निकालने ब्रेड सेव वॉटर होने के बाद चौकोर टुकड़े को रख लें इसके बाद अब मक्खन लगा दी रेट के ऊपर कट किए हुए चाकू और ब्रेड जिसके बीच में खाली जगह बन गई है रहकर हल्के हाथों से दबाया था कि वह चिपक बीच के खाली जगह को मिलावट से भर जाए ऊपर का थोड़ा सा के चक डालकर सजा दे इस तरह आपका जो है आज ब्रेड के सैंडविच तैयार हो जाएगा अगर आप ब्रेड ओके संख्या बढ़ाना चाहते हैं तो उनके अनुसार मात्रा को भी बढ़ा सकते हैं

#भारत की राजनीति

Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajesh जी का जवाब
Student
0:37
सच में गम भरे गाने मोड कभी कबार ठीक करते हैं कभी कबार जो ठीक होता है उसको भी पर्स में डाल देते हैं कभी बार ऐसी गाने आते हैं सोनू के मन ऐसा करता है कि यार ऐसा गलत हो गया अपने ऑटोमेटिक दूसरे अलग नेगेटिव ख्याल आते मन के अंदर और कभी-कभार ऐसी भी गाने होते हैं उनके मन होता है अपने आप ही और कुछ अलग करने का आदर होता है और कभी तो बार ऐसा भी होता है कि मूड पूरा ही आउट ऑफ हो जाता है फिर कुछ भी दिमाग में नहीं आता फिर नेट नहीं चलता है तो दिमाग के अंदर ऐसा है

#भारत की राजनीति

pooja Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pooja जी का जवाब
Student
0:45
रेशम की डोरी डोरी किस से बनती है और कैसे बनती है रेशम प्राकृतिक प्रोटीन से बना रखा है रेशम के कुछ प्रकार के देशों में वस्त्र बनाए जाते हैं यह प्रोटीन रेशों में मुख्यता फाइब्रॉइड होता है यह रेशे कुछ कीड़ों के लार भी द्वारा बनाया जाता है सबसे उत्तम रेशम शहतूत के पत्तों पर पलने वाले कीड़ों के लावे द्वारा बनाया जाता है प्रस्तावना रेशम कोसते कच्चे रेशम रेशम दूध बाजार में अलग-अलग डोनियर में उपलब्ध होता है रेशमी सूट में पाटनी शालू शॉपिंग साड़ी प्यारी प्रकार के रेशमी कपड़े होते हैं इसके

#रिश्ते और संबंध

Seema yadav   PGT Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Seema जी का जवाब
Teaching
1:55
नमस्कार आपका सवाल है कि अगर आपके घरवाले आपको बोलनी थी आपको या काम करना है आप उस समय मैं बिजी नहीं रहते हैं तो आप दूसरे काम मेरे से होते हैं तो आप कैसे करें क्या करें मेरे कि मेरा मानना है कि अगर हमारे घर पर उसे बोलते हैं कि आप कोई काम करना है और मेरा मन नहीं है फिर भी उनकी इच्छा के मुताबिक उनका नाम रखने के लिए उस काम को करने की कोशिश करूंगी और नहीं हो पाएगा अगर बाई चांस मेरे को काम मेरे से नहीं हो पाता है बोल दूंगी काम में करने की कोशिश कर रहे हो मेरे से नहीं हो रहा है काम तो दूसरा काम जो मेरे पसंद का काम था उसको मैं बोलूंगा अगर इस तरह का काम कोई होता तो मैं अवश्य कर लेती जैसी बात है कि वह मेरे को दे दो जी को देखते हुए वह मुझसे अवश्य देंगे फिर से आंखों में काम करो क्योंकि इस तरह से देखें उनका काम तो उनकी बातों से मिलना भी नहीं कर रही और अपना काम भी कर रहे हो जो मुझ में रुचि मैं जिस में रखती हूं तो मेरा मानना है कि हर किसी को अपने घर वालों की बात माननी चाहिए आपकी मर्जी हो या ना हो उसे कोशिश करो कितनी कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती तो तुम कोशिश करेंगे तो कार्य असंभव काम भी कारण ही संभव हो तो कोई भी कार्य संभव नहीं होता है और रुचि की बात रहेगी अपनी पसंद की कोई जरूरी नहीं है कि आपकी जो रुचि का ध्यान आपके माता-पिता की घरवाली ना रखी है काम आप कर लीजिए मुझे लगता है कि हम सभी को ऐसा ही करना चाहिए धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

Rakeshkothiyal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rakeshkothiyal जी का जवाब
Astrology and Yogacharya
1:00
हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी सज्जनों को मेरा नमस्कार सजनवा आपका प्रश्न है सरसों का साग कैसे बनाया जाता है कि कुछ और तो सबसे सरल सब्जी है सरसों का साग और भिंडी इमली ज्यादा चटपटे की जरूरत नहीं होती है इनमें खा लिया आपने दो चम्मच तेल डाला ऑफिस में जीरे का तड़का डाला डेरा डाले उसमे आपने उसमें रचाने पति डालें और फिर आपने नमक मसाला मिर्ची वड़ा डाल कर के और सरसों का साग तैयार हो गया अभी वर्तमान में सरसों दा साग मक्के दारौंदा मक्की की रोटी रहते ही अच्छी बहुत बढ़िया है आप भी खाएं हम तो क्या खाते हैं और खेती बारी है लेकिन आपकी वजह से मैं बात करके खा सकते हैं आनंद में रहे व्यस्त रहे जय माता दी

#रिश्ते और संबंध

Azad Indian  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Azad जी का जवाब
Job .
1:14
आपका सवाल है किन कारणों से कुछ लोग कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं देखिए कोरोना वैक्सीन हमारे देश में जो है क्या पूरी दुनिया में कोरोनावायरस फैला इससे बहुत लोग पीड़ित हैं बहुत लोग लोगों की मृत्यु हो चुकी बहुत से लोग ठीक भी हो चुके हैं तो यदि यह कहा जाए करो ना का वैक्सीन फलादेश निकाला फलादेश हमारा देश निकाला तो फिर यह सरकार क्यों नहीं गारंटी लेती है वह कंपनी क्यों नहीं गारंटी लेती इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा लोगों में यह एकदम परफेक्ट है क्रोना के लिए फिर कोरोनावायरस तो यदि सूची कोरोनावायरस ना बड़ा अगर बीमारी होता तो लोग बिना वैक्सीन को कैसे ठीक होते करोड़ों करोड़ों में कैसे ठीक होते करोड़ों की संख्या में हमें सोचना समझना है निकाला उसे प्रमाणित करें प्रमाणित करेगा जब प्रकाशन करेगा तभी ना उसका लोगों के अंदर लोग अध्ययन करेंगे और उसको समझेंगे और उसको इस्तेमाल करें धन्यवाद

#खेल कूद

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:32
जी आपके सवालों की क्रिकेट में फॉलोऑन क्या होता है तू क्रिकेट में फॉलोऑन इसे कहते हैं जब किसी एक टेस्ट टीम ने पहले बैटिंग करते हुए ज्यादा रन बना लेती है और दूसरी टीम के नंबर आता है तब पहले बनाए हुए रंग नहीं बनते हैं तब उस टीम को एक बार फिर मौका देते हैं कि वह दूसरी बार वैलेंट बना पाए कि सिंह पहलवान करते हैं धन्यवाद

#खेल कूद

neelam mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए neelam जी का जवाब
Job
1:58
नमस्कार दोस्तों मित्रों और एक मित्र ने सवाल किया है कि मधुसूदन किसे कहा जाता है तो और दोस्त मैं आपको मधुसूदन के भगवान विष्णु के इस नाम के बारे में प्रेरित एक कहानी बताती हूं कि जब भगवान विष्णु ने मानव घोड़े के शरीर के साथ है गरीबों का रूप धारण किया और उस रूप में उन्होंने मधु और कहता हूं नामक दायित्वों को हराया और उनसे युद्ध करके उनको हराकर उनके कातिल के रूप में भगवान विष्णु का नाम मधुसूदन पड़ा और भगवान विष्णु का ही अवतार भगवान कृष्ण है तो भगवान कृष्ण के अवतार को भी मधुसूदन के नाम से बुलाया जाता है वह सर्व पाप हारी देवता है और हमारे भारतवर्ष में उनका भारतवर्ष के प्रत्येक व्यक्ति के मन में उस भगवान के प्रति बहुत ही निष्ठा और भक्ति है तो आपको शायद आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा कि भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को मधुसूदन के नाम से जाना जाता है धन्यवाद मित्र ऐसे ही सवाल पूछिए और लोगों का ज्ञान बढ़ाइए और दोस्तों मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आप लोगों जो नहीं यूजर्स द्वारा रहे हैं उनको भी थोड़ा सपोर्ट करिए और देश की सुरक्षा और घर परिवार की सुरक्षा के लिए दोस्तों धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

srikant pal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए srikant जी का जवाब
Student
0:33

#रिश्ते और संबंध

Shiraj khan Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Shiraj जी का जवाब
Asst.professor
0:31
क्या आपका प्रश्न ही कठिन समय में अपने दिमाग को कैसे शांत करें दिखी गहरी सांस लेने का अभ्यास करें यदि पी यह सुझाव आपको अजीब प्रतीत हो रहा होगा पर गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके मस्तिष्क को शांत रखने में असर जनक रूप से कारगर है इनका प्रतिदिन अभ्यास करें और तनाव के समय में यह उसे कम करने में मदद करेगा अपने मुंह को बंद कर नाक से गहरी सांस लें

#टेक्नोलॉजी

G Dewasi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए G जी का जवाब
Unknown
0:32
मार्केट के अंदर देखी आजकल ऐसे टीवी मौजूद है जिनके अंदर हम इंटरनेट का यूज कर सकते हैं यानी कि हम ऑनलाइन जो वेब सीरीज होती है मूवीस होती है वह देख सकते हैं और वही आने वाले 3000 सालों में जितने भी टीवी चैनल सोते हैं यह सारे लोग टीवी पर डाटा की मदद से ही देखा करेंगे यानी कि इंटरनेट की मदद से ही देखेगी और आपने यह भी देखा होगा कि जितने भी स्मार्टफोन होते हैं उनके अंदर जो टीवी चैनल सोते हैं यानी कि जो टीवी चैनल प्रोवाइडर सोते हैं उन्होंने अपने आप बना रखे हैं जिनकी मदद से हम उन सभी टीवी चैनल को एक्सेस कर सकते हैं तो देखिए तीन-चार सालों में मुझे लगता है कि ऐसा ऐप ईटीवी के लिए भी बना दिया जाएगा ताकि लोग ऑनलाइन ही अपनी टीवी के अंदर सभी चैनल को एक्सेस कर सके तो इसमें कोई शक नहीं है कि फ्यूचर के अंदर सभी चीजें इंटरनेट की मदद से ही कनेक्टेड होगी धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

NeelamAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए NeelamAwasthi जी का जवाब
I am housewife
0:35
सवाल है क्या शास्त्रों के अनुसार गुरु को त्याग सकते हैं देखिए आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार गुरु वही माना जाता है जो स्वयं में ज्ञान का सागर समेटे हुए हैं ऐसा गुरु जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो अर्थात जो अपने शिष्यों को तो शिक्षा देते हो लेकिन वही सीख उनके आचरण में ना हो ऐसे गुरु का त्याग कर देने में ही आपकी भलाई है विद्या के अभाव में जी रहा व्यक्ति कभी भी अच्छा गुरु नहीं हो सकता है धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:48
सुनील कुमार चौधरी जी के माध्यम से यह अनुरोध इस प्रश्न आया है कि पहाड़ पर चढ़ते समय मनुष्य आगे की तरफ क्यों झुक जाता है पीछे तरफ क्यों नहीं छुपता देखिए आपने फिजिक्स से यानी बहुत तेजी से यह प्रार्थना किया है हम लोग पढ़ते हैं पहाड़ हो या सीढ़ी हो वहां भी हम आगे झुकते हैं और इसका मुख्य कारण है कि ग्रेविटेशनल फोर्स काम करता है जिसको हिंदी में गर्भवती औरत या केंद्र कहते हैं कि होता है कि आगे हम इसलिए झुकते हैं ताकि हमारा ग्रुप व केंद्र है और उनके पांव के बीच से होकर जो गुजरता है तथा जो अधिक संतुलन आती तो प्राप्त होता है इसे या नहीं आपको एक अस्तित्व प्राप्त होता है कि आप अपना बैलेंस बना रखे और हम सभी जानते हैं कि यह पृथ्वी जो है ग्रेविटेशनल फोर्स पर ही आधारित है यानी कोई भी चीज हम ऊपर फेंकते हैं तो नीचे आता है इसी प्रकार हम लोग गुरुत्वाकर्षण केंद्र के वजह से इस पृथ्वी पर बने हुए हैं नहीं तो हम ऊपर उड़ जाते और शायद ऐसा होता लेकिन इसके वजह से जो है हम लोग पृथ्वी पर बने हुए हैं यही मुख्य कारण है कि जब हम सभी पर या जो भी उचित स्थान होते हैं वहां चढ़ने के लिए हमें आगे के झोका करना होता है और पीसा की झुकी हुई मीनार इसी पर काम करता है जैसे आप देखे हो ना कि पीसा की झुकी मीनार जो है झुका हुआ रहता है तो उसके बीच बीच में ₹1 स्थाई के अंदर जो है काम करता है जिसकी वजह से वह गीता नहीं है जबकि झुका हुआ दिखाई देता है ठीक उसी प्रकार जो है शिर्डी या पहाड़ पर चढ़ते समय हमारे साथ ऐसा होता है मुझे लगता है कि आपके प्रश्नों के जवाब दे दिया है धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:18
सिवान तो आज आप का सवाल है कि क्या पूजा करने के लिए भी कोई नियम होते हैं तो देख मेरे हिसाब से अगर आपको मतलब कभी कदार होता है क्यों देर से उठते हैं या फिर रात में कोई काम पड़ जाता है जिसकी वजह से नींद नहीं खुल पाती है तो ऐसा नहीं कि आपको सुबह 7:00 बजे से मेरे बहुत सारे दोस्त हैं क्या मतलब उनको अगर उसके मम्मी पापा अगर बोलते हैं की पूजा करनी चाहिए और वह लेट उठते हैं या फिर खेलने घूमने चले जाते तो ऐसा नहीं कि वह गलत समय पर नहीं कर पाते पूजा तो दोपहर में या फिर उसके बाद में करते कर ले तेरे हिसाब से अगर ऐसा कोई सलूशन कभी हो जाता है तो आप लेट ही कर सकते हैं लेकिन कुछ नहीं है मैं जैसे की चप्पल पहन कर रही क्योंकि एक तरह का डिस्टेंस वेक्टर और एक तरफ अच्छा चीज नहीं है क्योंकि जब भी हम किसी चीज को बहुत ही दिल से और अच्छे से मानते हैं तो वहां पर चप्पल और फिर ऐसे हंसना खिलखिलाना ध्यान के समय जानबूझकर ऐसे में जबरदस्त शीला है मन नहीं कर रहा है सब करके नहीं करना चाहिए सबसे इंपॉर्टेंट जो मुझे लगता है कि चप्पल पहन चली जाना चाहे तो यह कुछ नहीं है मेरा और टाइम का अगर आपके पास अगर टाइम में इधर-उधर हो जा रहा है तब भी खराब ध्यान करना चाहे पूजा करना चाहे तो जिस समय आपको इतना टाइम मिला आंख खुली उसमें भी आप कर सकते हैं

#धर्म और ज्योतिषी

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:07
जब किसी की मृत्यु होती है तो उस कहते हैं पढ़ लो बासी हो गया है या दिवंगत हो गया है या स्वर्गवासी हो गया है या बैकुंठ लोक गया है क्या वह शुद्ध पहुंच गया है जब पंचतत्व में विलीन हो गया है कि विभिन्न प्रकार के शब्दों के अर्थ वही है और पशु पक्षी कहने से तात्पर्य होता है कि वह हिंदू धर्म में हमेशा मानते हैं कि सब कुछ भी मृत्यु होती है तो उसके लिए हम कहते हैं कि 10 वर्ग को किया है वह बैकुंठ लोक को गया है अर्थात भगवान के पास में जाना ही हमारा परमार्थ है हमारा हमारे जन का सार्थक प्रयास है और इसी को मोक्ष कहते हैं जब मानव आवागमन से मुक्त हो जाए तो वह मुक्त कहलाता है और यही जीवन के चौथे प्रशांत है जिसे हम धर्म अर्थ काम मोक्ष कहते हैं तो यह जो है जीवन का अंतिम और शाश्वत परम प्रशांत है

#रिश्ते और संबंध

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
1:53
बिटिया दही शब्द की परिभाषा को याद करें और उसका उत्तर दें दहेज शब्द की परिभाषा यह है प्राचीन काल में जो दही दिया जाता था उसका कारण यह था कि बेटी वाला पसंद हो करके अपनी बेटी को नया जीवन जीने के लिए उसके रिश्तेदार उसके भाई बंधु और कुछ सेम जो कुछ देता था वही चलाता है लेकिन आज जो तुम देख रहे हो वह दहेज नहीं दहेज का भयंकर रूप है यह राक्षसी करते हैं आप किसी बेटी वाले को मजबूर करें कि वह 4000000 या 50 लाख दे अपनी जमीन जायदाद भेज दें क्योंकि उसे अपनी लड़की के लिए सुयोग्य वर ढूंढो क्योंकि उसे सुयोग्य पात्र चाहिए मैं आपसे सहमत हूं आप यह कह रहे हैं कि मैं भी पढ़ा लिखा और नौकरी वाला मत ढूंढ लेकिन एक बात बताइए बेटे क्या समाज में यदि हम बिना दहेज के नहीं जी सकते हैं आप दहेज के बल पर ही यह कह रहे हो आज किसी भी लड़के की नौकरी लग जाती तो उसके बाप की लॉटरी खुल जाती है वह अनाथ धूम धूम खोल करके मांगता है यदि पहले दहेज नहीं था तो क्या वह भोजन नहीं खाते थे लिखित संतोष बढ़ती चली गई है यह कहिए मान्यता मिल चुकी है क्या विवाह करने का मतलब यह है कि उस लड़की के पैर पक्ष को पूरी तरह से मिटा देना बर्बाद कर देना उसकी जमीन जायदाद बिकवा देना जो बेटी वाला और रिश्तेदार यदि खुशी से देते हैं जीवन जीने के लिए तो मैं सोच रहा हूं अनिश्चित नहीं है लेकिन किसी को बात भी किया जाए

#जीवन शैली

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:20
कल पूछा गया है क्या भावना इंसान को कम सूट बनाते हैं तो देखिए एक के दो पहलू सकते हैं जो व्यक्ति भावना प्रधान व्यक्ति होता है वह अपने से पहले दूसरों का दुख महसूस कर लेता है वह बहुत जल्दी किसी भी चीज पर पिघल जाता है और उसके अलावा जो है जो इसको कमजोरी के तौर पर देखने का भी हो सकता है कि वो व्यक्ति भावना प्रधान होता है वह कमजोर होता है वह कभी अपने मतलब अपने हित का पहले नहीं सोच पाता तो यह आपके और हमारे देश के पहलुओं का जो है परिणाम है कि हमें कह सकते कि जो भावनाएं इंसान को कमजोर बनाती है कई लोग इसी भावना प्रधानता को बहुत बड़ा जो बोल सकते नहीं की विशेषता के तौर पर देखते हैं और कई लोग इसको कमजोरी के तौर पर देखते हैं और मेरा यह मानना है कि एक भावना प्रधान व्यक्ति होना बहुत जरूरी है जहां जैसे माहौल में हर कोई सिर्फ अपने बारे में सोच रहा है अपने अहम को अपनी ईगो को नोटिस कर रहा है अपनी रुको सेटिस्फाई करने के लिए लोगों को तकलीफ पहुंचा रहा है ऐसे में भावना प्रधान व्यक्ति से कई गुना ज्यादा बेहतर होता है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

ekta Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए ekta जी का जवाब
Unknown
1:55
हाल पूछा गया है वर्तमान की अपेक्षा लोग पुराने जमाने को याद करते हैं पुराने जमाने को अच्छा व्यक्ति इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं तो देखिए आप पुराने जमाने में जो लोग थे वह उनको पैसों का इतना लोग नहीं था उसे इतना कमाना चाहते थे कि जिससे उनका जीवन आसानी से चल सके और कभी भी पैसों के लिए अपने परिवार को छोड़कर जाना उनकी प्राथमिकता नहीं रही है मतलब अगर कोई मजबूरी ना हो तो लोग सब साथ में मिलकर एक ही जगह पर कुछ न कुछ काम करते थे और अब आएगा संयुक्त परिवार के रूप में रहते थे इनकी जो है भावना ही ऐसी थी कि इनको अपनों से दूर होकर तकलीफ होती थी लेकिन आज का समय से की कोई साथ में नहीं रहना चाहते तो अपनी सेपरेट फैमिली चाहते हैं सिर्फ एक चीज से मतलब है क्या पैसा दो रिश्तो की कद्र है वह लोगों में धीरे-धीरे खत्म होती यह चीज लोगों को फुल मूवी रही है पर लोग उसको ठीक नहीं करना चाहते क्या हम क्यों अकेले थे इस करें परदेसी किसी न किसी को शुरुआत करनी पड़ेगी अगर आप करेंगे तो आपको देख कर कोई और सीखेगा और धीरे-धीरे असल में हम उसी स्थिति में शायद पहुंच जाए जहां से हम बाहर आए हैं और जिसको हम गांव में रहने वाले गवार कहते थे पर असल में वही जो संयुक्त परिवार है वही जो गांव का माहौल है वह चीज में हम वापस चले आए क्योंकि असल में आपने देखा होगा जैसे-जैसे शहरीकरण बढ़ते जा रहे लोगों में अवसाद और तनाव की स्थिति में बढ़ती जा रही है जबकि गांव में आज भी किसी को तनाव होते हुए आपने नहीं देखा होगा उनके लिए उनको यह बीमारी इस तरीके चीजों के मानसिक स्थिति के बारे में उनको कोई नॉलेज ही नहीं है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद
  • धूप में कपड़े सुखाने के क्या फायदे हैं धूप में कपड़े सुखाने के फायदे
URL copied to clipboard