#जीवन शैली

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?

Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:42
हेलो विवान तो आज आप का सवाल है कि समाज की महिलाओं के प्रति के किस सोच को बदलना चाहिए हिसाब से महिलाओं को समझा जाता है कि नहीं वह आगे नहीं बढ़ सकती ऑफिस नहीं पढ़ लिख सकती या फिर उनके अंदर यह क्षमता नहीं है तो ऐसा नहीं सोचना चाहिए उनको भी उतना इक्वल ट्रेन करना चाहिए और दूसरा देखिए जब लड़की बाहर घूमती है या फिर बातचीत अगर किसी से करती है तो लोग सोचते हैं गलत नजर से देखते हैं क्या किसी लड़के से बात कर रही हो हां होगी या फिर रिलेशन होंगे इसके या फिर इसके फ्रेंड्स नहीं कोई और होगा तो वहीं अगर लड़का बात करना है तो ऐसा नहीं सोचते तो मेरे हिसाब से यह सोच को भी बदलना चाहिए लड़की के भी दोस्त हो सकते हैं लड़की के भी फ्रेंड सो सकते वह भी बाहर निकल सकती बातचीत कर सकती है खेलकूद सकती है ऐसा नहीं है कि हां अगर वह बाहर निकली है तो उनके गलत इंटेंशन शो लड़की की गलत इंटेंशंस नहीं होते तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए उनकी भी क्षमता होती है लड़की की भी जो भी पढ़े लिखे आगे बढ़े और उनके मतलब बारे में ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि हमेशा वह किसी से गलत का मतलब तरीके से ही बात कर रही है या फिर अगर वह बाहर निकल रही है तू किसी लड़के से ही बात करें ऐसा सोच सोच बहुत समाज सोसाइटी में रहता है मतलब देखते हैं ऐसे नजर से कि आई ए सी सी बात करते सारे एक जगह होता है मैक्सिमम जगह होता है यह सोच को बदलना चाहिए और उनको भी ऐसा सोचना चाहिए कि हां लड़की भी आगे बढ़ सकती है पढ़ सकती है और लड़कियों को भी वह अपॉर्चुनिटी देना चाहिए कि वह भी खुद को प्रूफ कर पाए
Helo vivaan to aaj aap ka savaal hai ki samaaj kee mahilaon ke prati ke kis soch ko badalana chaahie hisaab se mahilaon ko samajha jaata hai ki nahin vah aage nahin badh sakatee ophis nahin padh likh sakatee ya phir unake andar yah kshamata nahin hai to aisa nahin sochana chaahie unako bhee utana ikval tren karana chaahie aur doosara dekhie jab ladakee baahar ghoomatee hai ya phir baatacheet agar kisee se karatee hai to log sochate hain galat najar se dekhate hain kya kisee ladake se baat kar rahee ho haan hogee ya phir rileshan honge isake ya phir isake phrends nahin koee aur hoga to vaheen agar ladaka baat karana hai to aisa nahin sochate to mere hisaab se yah soch ko bhee badalana chaahie ladakee ke bhee dost ho sakate hain ladakee ke bhee phrend so sakate vah bhee baahar nikal sakatee baatacheet kar sakatee hai khelakood sakatee hai aisa nahin hai ki haan agar vah baahar nikalee hai to unake galat intenshan sho ladakee kee galat intenshans nahin hote to unhen rokana nahin chaahie unakee bhee kshamata hotee hai ladakee kee bhee jo bhee padhe likhe aage badhe aur unake matalab baare mein aisa nahin sochana chaahie ki hamesha vah kisee se galat ka matalab tareeke se hee baat kar rahee hai ya phir agar vah baahar nikal rahee hai too kisee ladake se hee baat karen aisa soch soch bahut samaaj sosaitee mein rahata hai matalab dekhate hain aise najar se ki aaee e see see baat karate saare ek jagah hota hai maiksimam jagah hota hai yah soch ko badalana chaahie aur unako bhee aisa sochana chaahie ki haan ladakee bhee aage badh sakatee hai padh sakatee hai aur ladakiyon ko bhee vah aporchunitee dena chaahie ki vah bhee khud ko prooph kar pae

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
BK. SHYAAM. KARWA Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:53
नमस्कार आखिर क्या है कि समाज की महिलाओं के प्रति की सोच को बदलना चाहिए कि आप बताना शर्मा जी को महिलाओं की शिक्षा की योग्य पद्धति व पहले कुछ रुक कर बात सुनाने की होगी समय उन्हें लगता है कि मैं नहीं कर सकती जो पुलिस कर सकता हूं इसलिए जब तक इस उसको बदला नहीं जा सकता है तब तक महिलाओं का विकास नहीं किया जा सकता है और मैं नहीं होता तो देश का विकास भी न्यूज़
Namaskaar aakhir kya hai ki samaaj kee mahilaon ke prati kee soch ko badalana chaahie ki aap bataana sharma jee ko mahilaon kee shiksha kee yogy paddhati va pahale kuchh ruk kar baat sunaane kee hogee samay unhen lagata hai ki main nahin kar sakatee jo pulis kar sakata hoon isalie jab tak is usako badala nahin ja sakata hai tab tak mahilaon ka vikaas nahin kiya ja sakata hai aur main nahin hota to desh ka vikaas bhee nyooz

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Rohit Soni Bolkar App
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Journalism
1:53
इस और जहां तक मैं समझता हूं आज के समय में बहुत से युवाओं को सोचना चाहिए या मैं पूर्ण समय में जो हमारी नई जनरेशन है उनको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि जो हमारे समाज में जो महिलाएं हैं हमारी बहन बेटी है वह किस प्रकार बदल नहीं है किस प्रकार अपने हाथ में परिवर्तन ला रही हैं अगर पुराने समय की बात करो ना इसके लास्ट की तो उस समय में जो महिला होती थी उसका जो दौड़ था वह सिर्फ घर तक ही सीमित रह गया था वह अपना जो काम था उसको से एक काम पति को रोटी बनाना खिलाना 11 16 साल की उम्र में शादी कर ले लेकिन आज के समय में जो महिला है अब वह पुरुष से कम नहीं आया ऐसा बिल्कुल नहीं है कि एक महिला को घर के अंदर ही बिठाया जाए बिल्कुल नहीं अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो आपको अभी यह सब बातों को ध्यान रखना चाहिए उन सब बातों को बोलना घुटना चिकी चिकी और कितनी शिक्षा और जितनी पढ़ाई का खर्चा मां अपने बेटे पर कर रहे हैं या अपने भाई पर कर रहे हैं उतनी ही शिक्षा और उतनी ही पढ़ाई अपनी बेटी पर अपनी बहन पर करें और उसको ऊंचाई शिक्षित बनाए जितना कि आप अपने घर में एक लड़के को बना रहे हैं उतना ही शिक्षक उस लड़की को यह बताएं कि आज के समाज में हम हमें इन सभी चीजों को बराबर लेकर चलना पड़ेगा आपको आज ही आज हिंदुस्तान से अमेरिका की एक फ्लाइट उड़कर गई है बेंगलुरु से अमेरिका की जिसका पूरा गुरु जी हां पूरा करो उसमें एक भी आदमी नहीं था उसमें सारी हमारे देश की पढ़ी-लिखी काबिल महिलाएं थी क्योंकि उस पूरे प्लेन को बेंगलुरु से बेंगलुरु से लिख रहा मैं थक गई थी जो कि आज के समय में बहुत अच्छा कदम है कोई महिला सशक्तिकरण को बहुत बढ़ावा देता है पर आज के समय में लोगों को अपने महिलाओं के प्रति जो बेकार पिछड़े विचार है उनको बदल के अच्छे नए विचार अपनाने होंगे ताकि जो हमारे देश है वह महिला महिलाओं के साथ साथ साथ आगे बढ़े
Is aur jahaan tak main samajhata hoon aaj ke samay mein bahut se yuvaon ko sochana chaahie ya main poorn samay mein jo hamaaree naee janareshan hai unako is baat par dhyaan dena chaahie ki jo hamaare samaaj mein jo mahilaen hain hamaaree bahan betee hai vah kis prakaar badal nahin hai kis prakaar apane haath mein parivartan la rahee hain agar puraane samay kee baat karo na isake laast kee to us samay mein jo mahila hotee thee usaka jo daud tha vah sirph ghar tak hee seemit rah gaya tha vah apana jo kaam tha usako se ek kaam pati ko rotee banaana khilaana 11 16 saal kee umr mein shaadee kar le lekin aaj ke samay mein jo mahila hai ab vah purush se kam nahin aaya aisa bilkul nahin hai ki ek mahila ko ghar ke andar hee bithaaya jae bilkul nahin agar aap aisa kar rahe hain to aapako abhee yah sab baaton ko dhyaan rakhana chaahie un sab baaton ko bolana ghutana chikee chikee aur kitanee shiksha aur jitanee padhaee ka kharcha maan apane bete par kar rahe hain ya apane bhaee par kar rahe hain utanee hee shiksha aur utanee hee padhaee apanee betee par apanee bahan par karen aur usako oonchaee shikshit banae jitana ki aap apane ghar mein ek ladake ko bana rahe hain utana hee shikshak us ladakee ko yah bataen ki aaj ke samaaj mein ham hamen in sabhee cheejon ko baraabar lekar chalana padega aapako aaj hee aaj hindustaan se amerika kee ek phlait udakar gaee hai bengaluru se amerika kee jisaka poora guru jee haan poora karo usamen ek bhee aadamee nahin tha usamen saaree hamaare desh kee padhee-likhee kaabil mahilaen thee kyonki us poore plen ko bengaluru se bengaluru se likh raha main thak gaee thee jo ki aaj ke samay mein bahut achchha kadam hai koee mahila sashaktikaran ko bahut badhaava deta hai par aaj ke samay mein logon ko apane mahilaon ke prati jo bekaar pichhade vichaar hai unako badal ke achchhe nae vichaar apanaane honge taaki jo hamaare desh hai vah mahila mahilaon ke saath saath saath aage badhe

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Navnit Kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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QUALITY ENGINEER
0:52
नमस्ते क्यों बदलने का बात आता है ना तो आदमी को सोच खुद देखकर बदलता है आप कितना भी जाकर समझा कि आप महिला के प्रति अच्छा सोच रखी है जागरूक रखिए रिस्पेक्ट दीजिएगा तारीख आप एयर फोर्स में है आप डॉक्टर में हैं आप टीचर है आप एक अच्छी पर्सनालिटी को कैरी करते हैं तो बस बात इतना है कि आप अपने आप को सही रखें आप अपनी जिंदगी में मुकाम प्राप्त कीजिए तो सामने वाली की सोच आपको देखकर बदल जाए थैंक यू
Namaste kyon badalane ka baat aata hai na to aadamee ko soch khud dekhakar badalata hai aap kitana bhee jaakar samajha ki aap mahila ke prati achchha soch rakhee hai jaagarook rakhie rispekt deejiega taareekh aap eyar phors mein hai aap doktar mein hain aap teechar hai aap ek achchhee parsanaalitee ko kairee karate hain to bas baat itana hai ki aap apane aap ko sahee rakhen aap apanee jindagee mein mukaam praapt keejie to saamane vaalee kee soch aapako dekhakar badal jae thaink yoo

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
1:15
नमस्ते मैं अर्चना मिश्रा बोलकर है पर आपका बहुत-बहुत स्वागत करती हूं आपका प्रश्न है समाज की महिलाओं महिलाओं को के प्रति सोच कि सोच को बदलना चाहिए तो महिलाओं को महिलाओं की सोच हमेशा अच्छी ही होती है महिलाएं कभी गलत नहीं सोचती हैं बशर्ते मौका देना चाहिए जीवन में कि वे आगे बढ़ सके और कुछ कर सके तो महिलाओं को ही सोच बदलनी चाहिए कि उन्हें बाहर निकल कर अपने काम स्वयं करना चाहिए और राजनीति में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने चाहिए उन्हें हर विभाग में हर क्षेत्र में अपने विचार रखने चाहिए अपने विचार रखेंगे तो उनसे भी समाज का बहुत भला होगा और देश हमारा आगे बढ़ेगा तो महिलाओं को यही सोच बदलना चाहिए कि हम भी वह काम कर सकते हैं जो पुरुष कर सकते हैं उन्हें कभी भी अपने आप को पुलिस से कम नहीं समझना चाहिए और महिलाओं को अपने अंदर इतनी ताकत बना लेनी चाहिए इतना सशक्तिकरण रखना चाहिए कि कभी किसी से डरना नहीं चाहिए और रात में दिन में सब में काम करने में उनको झिझक ना हो पाए इतना उनको अपने बॉडी को स्ट्रांग बना लेना चाहिए तो मिस करती हूं जवाब अच्छा लगा होगा
Namaste main archana mishra bolakar hai par aapaka bahut-bahut svaagat karatee hoon aapaka prashn hai samaaj kee mahilaon mahilaon ko ke prati soch ki soch ko badalana chaahie to mahilaon ko mahilaon kee soch hamesha achchhee hee hotee hai mahilaen kabhee galat nahin sochatee hain basharte mauka dena chaahie jeevan mein ki ve aage badh sake aur kuchh kar sake to mahilaon ko hee soch badalanee chaahie ki unhen baahar nikal kar apane kaam svayan karana chaahie aur raajaneeti mein bhee badh-chadhakar hissa lene chaahie unhen har vibhaag mein har kshetr mein apane vichaar rakhane chaahie apane vichaar rakhenge to unase bhee samaaj ka bahut bhala hoga aur desh hamaara aage badhega to mahilaon ko yahee soch badalana chaahie ki ham bhee vah kaam kar sakate hain jo purush kar sakate hain unhen kabhee bhee apane aap ko pulis se kam nahin samajhana chaahie aur mahilaon ko apane andar itanee taakat bana lenee chaahie itana sashaktikaran rakhana chaahie ki kabhee kisee se darana nahin chaahie aur raat mein din mein sab mein kaam karane mein unako jhijhak na ho pae itana unako apane bodee ko straang bana lena chaahie to mis karatee hoon javaab achchha laga hoga

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:10
समाज की महिलाओं के प्रति किस सोच को बदलना चाहिए दुनिया ने बहुत सारी क्रांतिया देखी है एक्शन त्यागी रह गई है इसके अलावा और भी ज्यादा हो सकती है उनमें से एक शिक्षक है शिक्षा में अभी तक कांति कभी भी और कभी भी नहीं हुई उसकी संतर्पणा कुछ विद्वानों ने रखी भी है पुष्प पहले वाद्य है कि महिलाओं को सम्मान देना चाहिए मैं अपनी सोच है जिससे जब सोचता हूं ओरिजिनल 2016 चित्र देखता हूं तुमसे एक बात की कमी आती है महिलाओं को कभी सम्मान नहीं फैमिली में लिया जाता एक वक्त समाज से एक दिया जा सके दिया जाता है कि जगह पर घर में नहीं दिया जाता है मुझको ऐसे ही लिया जाता है इग्नोर किया जाता है उसकी सभी चीजों के बारे में तो सबसे पहले महिलाओं को सम्मान देना चाहिए गो जैसे पति-पत्नी को नाम से बुलाता है उसी तरह से पत्नी पत्नी को अगर नाम से बुलाए तो यह पहली पहली श्री होगी नहीं तो पति को पत्नी ने ऐसा ही आदर पूर्वक ठीक बोलना चाहिए और पति किसी भी तरह से बोल बोले सही बात है ऐसा माना जाता है समाज में स्त्रियों ने ज्यादा बाहर नहीं घूमना चाहिए सुरक्षा का मामला है ठीक ही ठीक है लेकिन कॉलेज में जाना है याद बाजार में जाना है या अपने फ्रेंड्स को मिलने जाना ऐसी बातों को मैं बातों के लिए मुंबई के बाहर ज्यादा समय तक जाना गलत बातें मानी जाती है तो उसको उसकी उसका स्वतंत्र स्वतंत्रता है उसको दिन देनी चाहिए और हम हमारे देश में ऐसा चित्र देखते हैं कि रुस्तम रुस्तम के ऊपर गांव गांव में शहर में पुरुष पुरुष दिखाई देते हैं प्रगत कम देशों में श्री और पुरुष दोनों ही दिखाई देंगे गांव में 200 पुरुषों में पुरुषों दिखाई देते हैं तब दुनिया 30 दिखाई देती है उसका मतलब क्या है इसका मतलब यह है कि उसको अपने घर में ही जैसे किसी को रखा जाता है उस तरीके से रखा जा रहा है अभी एक विकृत सोच है कि अगर किसी ने इसी के साथ बोला नहीं चाहिए किसी पुरुष के साथ तो अपनी काम की बातें तो उसको घर के बाहर गई तो करनी पड़ेगी अब वो करने से कोई भी तो नहीं हो जाती है सिर्फ बातें करने से या अपने कामकाज के साथ में काम करने से तो इस तरह की जो सारी प्रतिगामी सोचे हैं इन बच्चों को समझने बदल देना चाहिए अगर एक्सपी पड़ती है तो सारी फैमिली ज्ञानी बन जाता है तो वह सिर्फ ओके लगे नहीं बन जाता है ऐसा महात्मा फुले ने कहा था अभी देश में पहली बार अपने खर्चे से अपने घर लड़कियों को लड़कों को पढ़ाने की शुरुआत की थी इस देश में ऐसा भी हो सकता है कई लोग कहते हैं कि यह फलाना चीज कभी नहीं हो सकती वह हलना चीज कभी नहीं हो सकती नहीं हो सकती नहीं हो सकती नहीं हो सकता लेकिन हुआ है और बहुत जगह पर हुआ है बहुत बार हुआ है बहुत लोगों से हुआ है यह नहीं सोचते हैं इसलिए यह जो सोच है वह बदल देनी चाहिए धन्यवाद अगर आपको मुझे मेरा सवाल जवाब जो अच्छा लगा तो लाइक करें
Samaaj kee mahilaon ke prati kis soch ko badalana chaahie duniya ne bahut saaree kraantiya dekhee hai ekshan tyaagee rah gaee hai isake alaava aur bhee jyaada ho sakatee hai unamen se ek shikshak hai shiksha mein abhee tak kaanti kabhee bhee aur kabhee bhee nahin huee usakee santarpana kuchh vidvaanon ne rakhee bhee hai pushp pahale vaady hai ki mahilaon ko sammaan dena chaahie main apanee soch hai jisase jab sochata hoon orijinal 2016 chitr dekhata hoon tumase ek baat kee kamee aatee hai mahilaon ko kabhee sammaan nahin phaimilee mein liya jaata ek vakt samaaj se ek diya ja sake diya jaata hai ki jagah par ghar mein nahin diya jaata hai mujhako aise hee liya jaata hai ignor kiya jaata hai usakee sabhee cheejon ke baare mein to sabase pahale mahilaon ko sammaan dena chaahie go jaise pati-patnee ko naam se bulaata hai usee tarah se patnee patnee ko agar naam se bulae to yah pahalee pahalee shree hogee nahin to pati ko patnee ne aisa hee aadar poorvak theek bolana chaahie aur pati kisee bhee tarah se bol bole sahee baat hai aisa maana jaata hai samaaj mein striyon ne jyaada baahar nahin ghoomana chaahie suraksha ka maamala hai theek hee theek hai lekin kolej mein jaana hai yaad baajaar mein jaana hai ya apane phrends ko milane jaana aisee baaton ko main baaton ke lie mumbee ke baahar jyaada samay tak jaana galat baaten maanee jaatee hai to usako usakee usaka svatantr svatantrata hai usako din denee chaahie aur ham hamaare desh mein aisa chitr dekhate hain ki rustam rustam ke oopar gaanv gaanv mein shahar mein purush purush dikhaee dete hain pragat kam deshon mein shree aur purush donon hee dikhaee denge gaanv mein 200 purushon mein purushon dikhaee dete hain tab duniya 30 dikhaee detee hai usaka matalab kya hai isaka matalab yah hai ki usako apane ghar mein hee jaise kisee ko rakha jaata hai us tareeke se rakha ja raha hai abhee ek vikrt soch hai ki agar kisee ne isee ke saath bola nahin chaahie kisee purush ke saath to apanee kaam kee baaten to usako ghar ke baahar gaee to karanee padegee ab vo karane se koee bhee to nahin ho jaatee hai sirph baaten karane se ya apane kaamakaaj ke saath mein kaam karane se to is tarah kee jo saaree pratigaamee soche hain in bachchon ko samajhane badal dena chaahie agar eksapee padatee hai to saaree phaimilee gyaanee ban jaata hai to vah sirph oke lage nahin ban jaata hai aisa mahaatma phule ne kaha tha abhee desh mein pahalee baar apane kharche se apane ghar ladakiyon ko ladakon ko padhaane kee shuruaat kee thee is desh mein aisa bhee ho sakata hai kaee log kahate hain ki yah phalaana cheej kabhee nahin ho sakatee vah halana cheej kabhee nahin ho sakatee nahin ho sakatee nahin ho sakatee nahin ho sakata lekin hua hai aur bahut jagah par hua hai bahut baar hua hai bahut logon se hua hai yah nahin sochate hain isalie yah jo soch hai vah badal denee chaahie dhanyavaad agar aapako mujhe mera savaal javaab jo achchha laga to laik karen

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Self Employed
0:50
आपदा वाले की समाज की महिलाओं के प्रति किस सोच को बदलना चाहिए है मेरे हिसाब से हमेशा समाज को कोशिश करनी चाहिए है कि महिलाओं के प्रति जो उनका रवैया है जो कहते हैं कि हमेशा लड़का लड़की कमाल 11 जैसे-जैसे देनी चाहिए है एक जैसा पालन पोषण करना चाहिए एक जैसा व्यवहार करना चाहिए यह चीज दूसरों को ना कह कर के वह अपने खुद के घर की महिलाओं पर अगर शुरू करना कर दें तो बहुत ज्यादा बेहतर रहेगा नहीं तो खुद के घर की बहू बेटियां हैं उनको तो वह कोई भी पार्टी देते नहीं है क अपने घर में तो वह हमेशा घर की महिलाओं को दबा कर के ही रखना चाहते हैं उनकी ना बात सुनते हैं और ना ही उनकी कोई बात को सुनना चाहते हैं ना समझना चाहते हैं और दूसरों के लिए बिल्कुल समझ में आ गया करके खड़े हो जाते हैं ऐसे सभी लोगों को सबसे पहले शुरुआत अपने घर से ही करनी चाहिए आपका दिन शुभ रहे थे नहीं बात
Aapada vaale kee samaaj kee mahilaon ke prati kis soch ko badalana chaahie hai mere hisaab se hamesha samaaj ko koshish karanee chaahie hai ki mahilaon ke prati jo unaka ravaiya hai jo kahate hain ki hamesha ladaka ladakee kamaal 11 jaise-jaise denee chaahie hai ek jaisa paalan poshan karana chaahie ek jaisa vyavahaar karana chaahie yah cheej doosaron ko na kah kar ke vah apane khud ke ghar kee mahilaon par agar shuroo karana kar den to bahut jyaada behatar rahega nahin to khud ke ghar kee bahoo betiyaan hain unako to vah koee bhee paartee dete nahin hai ka apane ghar mein to vah hamesha ghar kee mahilaon ko daba kar ke hee rakhana chaahate hain unakee na baat sunate hain aur na hee unakee koee baat ko sunana chaahate hain na samajhana chaahate hain aur doosaron ke lie bilkul samajh mein aa gaya karake khade ho jaate hain aise sabhee logon ko sabase pahale shuruaat apane ghar se hee karanee chaahie aapaka din shubh rahe the nahin baat

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
guru ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Students
0:32

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
DEBIDUTTA SWAIN Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Motivational speaker
2:27
कुछ दिनों के पहले एक के आंगनवाड़ी वर्कर की आंगनवाड़ी वर्कर की यूपी में रेप हो गया था एक मंदिर के पुजारी के जरिए पुजारी के दौरान के बाद हमारे जो कॉमेंट कमीशन थे उनके वहां के एक महिला सदस्य बोली थी कि अगर वह औरत है वह गाना दिवाकर रात को अपने बेटे के साथ मंदिर गया हुआ होता तो यह हादसा ना हुआ होता तो समाज के ही सोच को मैं बदलना चाहता हूं कि हम लोग सोचते हैं कि लड़की को रात को बाहर क्यों छोड़ा जाता है मैं उन्हीं लोगों को बोल कि सोच को बदल कर बोलना चाहता हूं कि हम लड़के को रात को नहीं छोड़ेंगे बाहर तेरे को कहीं नहीं ना रहेगी बांस ना बजेगी बांसुरी तो यही जो सोच है कि हम लड़कियों को बाहर छोड़ रहे हैं तो उनका re4 है यह सोच कहीं ना कहीं गलत है उससे अच्छा है हम यह एक सोच वाले अपने आप में अपने समाज में अपने परिवार में और अपने बेटों को कि हम लड़के को ही रात को नहीं छोड़ेंगे और सारी लड़कियां को उसको ही एक मुंह में खुला छोड़ देते आराम से दुनिया जिंदगी जीने के लिए छोड़ देते हैं क्योंकि लड़कियां दिन में भी सेफ नहीं लड़के जब जब र सोसायटी में रहते हैं लड़कियां से अपनी जो बात हम कर रहे हैं ना यह साथ यह 7 मिनट के अंदर जो लेफ्ट हो जाते हैं ठीक है 7:08 मिनट में दो रेप सोता ही हमारी पोस्ट आया है हमारी सोच के बजे से जब तक लड़के हैं तब तक लड़कियां सेफ नहीं यह बात हमेशा याद रखना चाहिए लड़कियों को घर में लॉक करके रखने से लड़की सेट नहीं रहेगी सबसे ज्यादा सेफ रहेंगे अगर लड़के को हम घर में लॉक करके रखेंगे लड़कियां आंखों ने समाज में यह सोच को बदलो लड़कियों को पावरफुल करो लड़कियों को हिम्मतवाला बनवाओ तभी हमारी लड़कियां साथ रहेंगे हम सोच रहे हैं कि लड़कियों को अगर पावरफुल बना लेंगे हिम्मतवाला बना लेंगे तो वह सही नहीं होगा यह सोच गलत है और समाज को यह सोच को महिलाओं के प्रति बदलने की जरूरत है एक पुरुष के हिसाब से इस हिसाब से सभी को आहान करता हूं हमारी मां बहन जो भी कोई है उन सभी के मंगलमय के लिए हम रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि यह सोच को बदलिए
Kuchh dinon ke pahale ek ke aanganavaadee varkar kee aanganavaadee varkar kee yoopee mein rep ho gaya tha ek mandir ke pujaaree ke jarie pujaaree ke dauraan ke baad hamaare jo koment kameeshan the unake vahaan ke ek mahila sadasy bolee thee ki agar vah aurat hai vah gaana divaakar raat ko apane bete ke saath mandir gaya hua hota to yah haadasa na hua hota to samaaj ke hee soch ko main badalana chaahata hoon ki ham log sochate hain ki ladakee ko raat ko baahar kyon chhoda jaata hai main unheen logon ko bol ki soch ko badal kar bolana chaahata hoon ki ham ladake ko raat ko nahin chhodenge baahar tere ko kaheen nahin na rahegee baans na bajegee baansuree to yahee jo soch hai ki ham ladakiyon ko baahar chhod rahe hain to unaka rai4 hai yah soch kaheen na kaheen galat hai usase achchha hai ham yah ek soch vaale apane aap mein apane samaaj mein apane parivaar mein aur apane beton ko ki ham ladake ko hee raat ko nahin chhodenge aur saaree ladakiyaan ko usako hee ek munh mein khula chhod dete aaraam se duniya jindagee jeene ke lie chhod dete hain kyonki ladakiyaan din mein bhee seph nahin ladake jab jab ra sosaayatee mein rahate hain ladakiyaan se apanee jo baat ham kar rahe hain na yah saath yah 7 minat ke andar jo lepht ho jaate hain theek hai 7:08 minat mein do rep sota hee hamaaree post aaya hai hamaaree soch ke baje se jab tak ladake hain tab tak ladakiyaan seph nahin yah baat hamesha yaad rakhana chaahie ladakiyon ko ghar mein lok karake rakhane se ladakee set nahin rahegee sabase jyaada seph rahenge agar ladake ko ham ghar mein lok karake rakhenge ladakiyaan aankhon ne samaaj mein yah soch ko badalo ladakiyon ko paavaraphul karo ladakiyon ko himmatavaala banavao tabhee hamaaree ladakiyaan saath rahenge ham soch rahe hain ki ladakiyon ko agar paavaraphul bana lenge himmatavaala bana lenge to vah sahee nahin hoga yah soch galat hai aur samaaj ko yah soch ko mahilaon ke prati badalane kee jaroorat hai ek purush ke hisaab se is hisaab se sabhee ko aahaan karata hoon hamaaree maan bahan jo bhee koee hai un sabhee ke mangalamay ke lie ham rikvest kar rahe hain ki yah soch ko badalie

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
anuj ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Unknown
1:46
यदि समाज की महिलाएं राजनीति में आ जाए तो जैसे महिला किशोर बढ़ेगी वैसे ही हमारा भारती मतलब की महिलाओं को राजनीति पार्टी में आना चाहिए और बढ़-चढ़कर अपना कार्य करना चाहिए तथा महिलाएं राजनीति में आने से डरते हैं जी सकते हैं घबराती है तथा इसको दूर करने की जरूरत था लेकिन हमें गाना चाहिए मेला में था कि आज होने वाले गोरे अत्याचारों छल कपट से कार्यों को महिलाएं ही रोक सकते हैं तथा महिला बढ़-चढ़कर राजनीति में अपना योगदान देवें तो बहुत अच्छा है महिला आगे बढ़ेगी तो महिला को आगे पीछे शिक्षा देना क्या रोहित सहायता राशि भी मिलेगी साथ ही समाज की बराबरी के लिए पुरुष के समान ही महिलाओं को भी समान अधिकार मिलना चाहिए से कई लोग ऐसे देखे जा रहे हैं वर्तमान में पत्नी पर पंच सरपंच मुखिया बन जाती है लेकिन इनके कार्य पति एवं भाई करते हैं ऐसा होना चाहिए तब जाकर हमें हमें महिलाओं को जागरूक करना चाहिए और महिला जागरूक होकर हमारे देश की शान बढ़ाई गई और अपना नाम रोशन करेंगे अर्थात बेटे का नाम रोशन करो
Yadi samaaj kee mahilaen raajaneeti mein aa jae to jaise mahila kishor badhegee vaise hee hamaara bhaaratee matalab kee mahilaon ko raajaneeti paartee mein aana chaahie aur badh-chadhakar apana kaary karana chaahie tatha mahilaen raajaneeti mein aane se darate hain jee sakate hain ghabaraatee hai tatha isako door karane kee jaroorat tha lekin hamen gaana chaahie mela mein tha ki aaj hone vaale gore atyaachaaron chhal kapat se kaaryon ko mahilaen hee rok sakate hain tatha mahila badh-chadhakar raajaneeti mein apana yogadaan deven to bahut achchha hai mahila aage badhegee to mahila ko aage peechhe shiksha dena kya rohit sahaayata raashi bhee milegee saath hee samaaj kee baraabaree ke lie purush ke samaan hee mahilaon ko bhee samaan adhikaar milana chaahie se kaee log aise dekhe ja rahe hain vartamaan mein patnee par panch sarapanch mukhiya ban jaatee hai lekin inake kaary pati evan bhaee karate hain aisa hona chaahie tab jaakar hamen hamen mahilaon ko jaagarook karana chaahie aur mahila jaagarook hokar hamaare desh kee shaan badhaee gaee aur apana naam roshan karenge arthaat bete ka naam roshan karo

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Yogi Nath Bolkar App
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Unknown
2:58
बात करें बदलाव यह सृष्टि का नियम है अशोक नियम जो सर्वदा चलता रहता है और हमें भी समय अनुसार चलना चाहिए जिस तरह से बदलाव होता हमारे शरीर में हमारे समय के अनुसार हमारे आसपास के माहौल में हमें उसके अनुरूप देना चाहिए अब देखा भी जाता जो समय के साथ वह कहते ना वक्त के साथ तालमेल मिलाता है वह व्यक्ति ही जीवन में सफलता हासिल करता जीवन में अपना एक मुकाम बना पाता है वरना अगर आप तालमेल नहीं बदला बना पाएंगे वक्त के साथ क्योंकि वक्त के साथ बदलाव होता है आप देखेंगे आप तो कुछ साल पहले बच्चे से बाल अवस्था थी फिर आपके युवावस्था फिर आगे चलकर वृद्धावस्था आती है तो हर एक अवस्था के अपने ही महत्व होते अगर कोई बुजुर्ग व्यक्ति लड़कपन करें या कोई ना समझी वाली बात करें बहुत ही गंभीर परिस्थिति हो जाते हैं उसके कह सकते हैं कि सोच और नजरिया को बहुत ज्यादा सीरियस समझाया था कि हां यह बहुत तजुर्बे कार व्यक्ति और इस तरह की बातें करना उसके लिए सो भी नहीं है नहीं होती वही बात करें अगर कोई बालक के इस तरह की बातें करता है नादानी पूर्वक तो हम उसे नजरअंदाज कर देते क्योंकि यह एक बालक है अभी बच्चा है इसे अदनान सामी ज्ञान नहीं है उसी प्रकार से जीवन में जो समाज में जो महिलाओं के प्रति पहले की जो धरना थी तू कहीं ना कहीं सही नहीं थी और आज समाज में देख रहे हैं महिलाएं हर तरफ अपना कैसे योगदान दे रही है या किसी भी कार्य क्षेत्र में बात करें हर एक कार्य क्षेत्र में कार्य करते हैं और बढ़-चढ़कर पुरुषों से भी बढ़ जाता है ऐसे में हमें उनका सम्मान करना चाहिए क्योंकि चाहे महिला हो या पुरुष हो अगर वह किसी पद पर उसका कोई फादर निर्धारित किया गया है तो उसकी रिस्पेक्ट हमें करनी चाहिए उस पद की रिस्पेक्ट जानी चाहिए ऐसा नहीं होगी यह पुरुष स्त्री है और यह इस क्षेत्र में कैसे आगे बढ़ सकती है ऐसा होना नहीं चाहिए क्योंकि शुरू से ही इस पुरुष प्रधान की जो सोच रही है हमारे समाज में वह कहीं ना कहीं हमारे मन में मनमुटाव का जरिया बन जाता है और हम सब महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टि नहीं बना पाते शुरू से ही सिखाया जाता है कि पुरुष प्रधान होता है तो आज समय बदल रहा है आजा हर एक के समानता का अधिकार है हर किसी को चाहे वह किसी भी जाति धर्म से या किसी भी क्षेत्र से चुनाव संबंधित हो लेकिन इस चीज को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते और बिल्कुल भी करना भी नहीं चाहिए सम्मान की आवश्यकता हर किसी को दिया और सम्मान देना ही सम्मान पाने की पहली निशानी होती है
Baat karen badalaav yah srshti ka niyam hai ashok niyam jo sarvada chalata rahata hai aur hamen bhee samay anusaar chalana chaahie jis tarah se badalaav hota hamaare shareer mein hamaare samay ke anusaar hamaare aasapaas ke maahaul mein hamen usake anuroop dena chaahie ab dekha bhee jaata jo samay ke saath vah kahate na vakt ke saath taalamel milaata hai vah vyakti hee jeevan mein saphalata haasil karata jeevan mein apana ek mukaam bana paata hai varana agar aap taalamel nahin badala bana paenge vakt ke saath kyonki vakt ke saath badalaav hota hai aap dekhenge aap to kuchh saal pahale bachche se baal avastha thee phir aapake yuvaavastha phir aage chalakar vrddhaavastha aatee hai to har ek avastha ke apane hee mahatv hote agar koee bujurg vyakti ladakapan karen ya koee na samajhee vaalee baat karen bahut hee gambheer paristhiti ho jaate hain usake kah sakate hain ki soch aur najariya ko bahut jyaada seeriyas samajhaaya tha ki haan yah bahut tajurbe kaar vyakti aur is tarah kee baaten karana usake lie so bhee nahin hai nahin hotee vahee baat karen agar koee baalak ke is tarah kee baaten karata hai naadaanee poorvak to ham use najarandaaj kar dete kyonki yah ek baalak hai abhee bachcha hai ise adanaan saamee gyaan nahin hai usee prakaar se jeevan mein jo samaaj mein jo mahilaon ke prati pahale kee jo dharana thee too kaheen na kaheen sahee nahin thee aur aaj samaaj mein dekh rahe hain mahilaen har taraph apana kaise yogadaan de rahee hai ya kisee bhee kaary kshetr mein baat karen har ek kaary kshetr mein kaary karate hain aur badh-chadhakar purushon se bhee badh jaata hai aise mein hamen unaka sammaan karana chaahie kyonki chaahe mahila ho ya purush ho agar vah kisee pad par usaka koee phaadar nirdhaarit kiya gaya hai to usakee rispekt hamen karanee chaahie us pad kee rispekt jaanee chaahie aisa nahin hogee yah purush stree hai aur yah is kshetr mein kaise aage badh sakatee hai aisa hona nahin chaahie kyonki shuroo se hee is purush pradhaan kee jo soch rahee hai hamaare samaaj mein vah kaheen na kaheen hamaare man mein manamutaav ka jariya ban jaata hai aur ham sab mahilaon ke prati sammaanajanak drshti nahin bana paate shuroo se hee sikhaaya jaata hai ki purush pradhaan hota hai to aaj samay badal raha hai aaja har ek ke samaanata ka adhikaar hai har kisee ko chaahe vah kisee bhee jaati dharm se ya kisee bhee kshetr se chunaav sambandhit ho lekin is cheej ko ham najarandaaj nahin kar sakate aur bilkul bhee karana bhee nahin chaahie sammaan kee aavashyakata har kisee ko diya aur sammaan dena hee sammaan paane kee pahalee nishaanee hotee hai

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Shakeel Hamad Bolkar App
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0:06

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Ekta Sahni Bolkar App
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1:33
नमस्कार आपका प्रश्न है समाज की महिलाओं प्रतीक इस सोच को बदलना चाहिए आपको मैं भी एक महिला हूं मैं तो सिर्फ यही बोलूंगी कि महिलाओं का आरक्षण बाद 220 का महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें कमजोर बनाते हैं महिलाओं को किसी भी तरह की कोई भी एडवांटेज आप बोलते हो ना पुरुष प्रधान होना ही क्यों है महिलाओं को महिलाओं को हर फील्ड में समान अधिकार मिल जाए अगर महिला कमा रही है या पुरुष तुम्हारा कौन सा धक्का मारा है इससे फर्क नहीं पड़ना चाहिए लेकिन कुछ काम महिलाओं के ऊपर पिक्स मत करो बच्चे की महिला ने करना है घर का काम महिला ने देखना है खाना बनाना महिला में देखना है इस सोच को बदलना चाहिए कुछ काम जो महिलाओं के ऊपर हमारी देश की 95% महिलाओं के ऊपर कुछ काम फिक्स कर दिए गए हैं आदमी कहां से आता है और वह आराम से बैठ जाता है महिला के सुबह से काम से लगी हुई है लेकिन फिर भी वह अपने बच्चों को भी खाना देखिए अपने हस्बैंड को भी देखी बाद में बर्तन भी उठाएगी सफाई भी करेगी और रात भी पूरी क्लीनिंग करके बोलेंगे तो ऐसा नहीं होना चाहिए इस सोच को बदलना चाहिए जब महिला और पुरुष दोनों मिलकर सारे काम करेंगे एक दूसरे को समान अधिकार देंगे और एक दूसरे के प्रति कर्तव्य को समझेंगे तो उनकी नजरों में एक दूसरे के प्रति सम्मान भी पड़ेगा धन्यवाद
Namaskaar aapaka prashn hai samaaj kee mahilaon prateek is soch ko badalana chaahie aapako main bhee ek mahila hoon main to sirph yahee boloongee ki mahilaon ka aarakshan baad 220 ka mahilaon ko aarakshan dekar unhen kamajor banaate hain mahilaon ko kisee bhee tarah kee koee bhee edavaantej aap bolate ho na purush pradhaan hona hee kyon hai mahilaon ko mahilaon ko har pheeld mein samaan adhikaar mil jae agar mahila kama rahee hai ya purush tumhaara kaun sa dhakka maara hai isase phark nahin padana chaahie lekin kuchh kaam mahilaon ke oopar piks mat karo bachche kee mahila ne karana hai ghar ka kaam mahila ne dekhana hai khaana banaana mahila mein dekhana hai is soch ko badalana chaahie kuchh kaam jo mahilaon ke oopar hamaaree desh kee 95% mahilaon ke oopar kuchh kaam phiks kar die gae hain aadamee kahaan se aata hai aur vah aaraam se baith jaata hai mahila ke subah se kaam se lagee huee hai lekin phir bhee vah apane bachchon ko bhee khaana dekhie apane hasbaind ko bhee dekhee baad mein bartan bhee uthaegee saphaee bhee karegee aur raat bhee pooree kleening karake bolenge to aisa nahin hona chaahie is soch ko badalana chaahie jab mahila aur purush donon milakar saare kaam karenge ek doosare ko samaan adhikaar denge aur ek doosare ke prati kartavy ko samajhenge to unakee najaron mein ek doosare ke prati sammaan bhee padega dhanyavaad

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Dt. Mayuari official Bolkar App
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Medical field
2:58
फिर कुछ नया समाज की समाज की महिलाओं के प्रति किस सोच को बदलना चाहिए समाज में महिलाओं के प्रति बहुत ही अच्छी सोच है दिल को बदलना चाहिए मेरे कोडिंग क्योंकि मैं खुद ही घर भी संभालती हूं ऑफिस में भी जाती हूं ठीक है तो सबसे बड़ी सोच रही है कि जो महिलाएं काम करती हैं वह घर का काम नहीं करती बहुत से समाज के लोग सोचते हैं जो बहुत बुद्धिमान लोग खुद को समझते कि वह बुद्धिमान मूर्ख होते हैं जैसा समझते हैं ठीक है तो इस सोच को बदलना चाहिए क्योंकि ऐसा नहीं है तो जॉब कर रहा है वह महिला घर भी संभाल रही है क्योंकि उसके भी बच्चे हैं वह भी किसी की पत्नी वह भी किसी की मां है किसी की बहू है और जो रिस्पांसिबिलिटी है वह तो महिला अपने भाई ही ना चाहे वह देश की प्रधानमंत्री हो या चाहे वह एक नॉर्मल हाउसवाइफ हो या नॉर्मल एक काम करने वाली हो जो बैंक में काम करती हो तो साथ में घर तो अपना संभाल लेगी तो एक चीज है कि लोगों की सोच इतनी लोगों को लेकर जो पहले से चली आ रही है रूढ़िवादी सोच तो पहले से चली आ रही है कि महिलाओं को और जैकी चैन का काम करना चाहिए बाहर का काम नहीं करना चाहिए वह इतनी कैपेबल नहीं होती कि वह बाहर का काम कर सकें या वह बहुत से लोग ऐसे बोलते क्यों क्रिकेट नहीं खेल सकती यह नहीं खेल सकती वह नहीं सोचना क्या आजकल किस क्षेत्र में लड़कियां नहीं है हर क्षेत्र में है और आप जो यह गंदी विचार या गंदी सोच रख रहे हो अगर उस महिला की जगह आपके अपनी बेटी होती तो क्या अपनी बेटी के लिए भी यही सोचते और अगर आप अपनी बेटी के लिए यह सोच सकते हो क्या आपकी बेटी नहीं कर सकती तो फिर तो फिर मुझे नहीं लगता कि अगर आप अपनी बेटी के लिए सोच सकते हो गंदा तो किसी के प्रश्न के लिए आप किसी फीमेल के लिए आप कभी रिस्पेक्ट से कुछ अच्छा सोचोगे क्योंकि जो इंसान अपने बच्चों का नहीं हो सकता वह किसी दूसरे का क्या होगा तो सोचना चाहिए यह डिपेंड करता है कि हमारी मेंटालिटी क्या है यह मारे मेंटालिटी और हमारे संस्कार को दिखाता है समाज बहुत से लोग आते हैं समझ में कोई एक व्यक्ति से समाज नहीं बनता समझ बहुत से लोगों से समाज बनता है तो जब एक एक व्यक्ति बदलेगा तब समाज बदलेगा एक व्यक्ति के बदलने से जो है समाज नहीं बदल जाता है हर एक व्यक्ति के बदलने से समाज बदलता है इन दोनों बातों में बहुत अंतर है ठीक है एक व्यक्ति में और हर एक व्यक्ति में तो यह बात सब को समझना चाहिए कि महिलाओं को यह आजादी देनी चाहिए कि जो वह करना चाहे वो कर सके उस का नाजायज फायदा कोई नहीं उठाता है हर महिला वर्क करना चाहती रिस्पेक्ट पाना चाहती है और केवल यह सोचे कि महिलाओं को सिर्फ किचन में ही जगह है उनकी खाना ही पकाना है कुछ करना नहीं लाइफ में ऐसा नहीं है आजकल के लोगों का मोटर है वह जॉब भी करना जानती है घर भी संभालना जानती है सब कुछ करना जानती है उनको अफसर देना आपके हाथ में और आप सर सबको मिलना चाहिए सब जो सब करते हैं आप सर के लिए तो वह चीज समझना चाहिए
Phir kuchh naya samaaj kee samaaj kee mahilaon ke prati kis soch ko badalana chaahie samaaj mein mahilaon ke prati bahut hee achchhee soch hai dil ko badalana chaahie mere koding kyonki main khud hee ghar bhee sambhaalatee hoon ophis mein bhee jaatee hoon theek hai to sabase badee soch rahee hai ki jo mahilaen kaam karatee hain vah ghar ka kaam nahin karatee bahut se samaaj ke log sochate hain jo bahut buddhimaan log khud ko samajhate ki vah buddhimaan moorkh hote hain jaisa samajhate hain theek hai to is soch ko badalana chaahie kyonki aisa nahin hai to job kar raha hai vah mahila ghar bhee sambhaal rahee hai kyonki usake bhee bachche hain vah bhee kisee kee patnee vah bhee kisee kee maan hai kisee kee bahoo hai aur jo rispaansibilitee hai vah to mahila apane bhaee hee na chaahe vah desh kee pradhaanamantree ho ya chaahe vah ek normal hausavaiph ho ya normal ek kaam karane vaalee ho jo baink mein kaam karatee ho to saath mein ghar to apana sambhaal legee to ek cheej hai ki logon kee soch itanee logon ko lekar jo pahale se chalee aa rahee hai roodhivaadee soch to pahale se chalee aa rahee hai ki mahilaon ko aur jaikee chain ka kaam karana chaahie baahar ka kaam nahin karana chaahie vah itanee kaipebal nahin hotee ki vah baahar ka kaam kar saken ya vah bahut se log aise bolate kyon kriket nahin khel sakatee yah nahin khel sakatee vah nahin sochana kya aajakal kis kshetr mein ladakiyaan nahin hai har kshetr mein hai aur aap jo yah gandee vichaar ya gandee soch rakh rahe ho agar us mahila kee jagah aapake apanee betee hotee to kya apanee betee ke lie bhee yahee sochate aur agar aap apanee betee ke lie yah soch sakate ho kya aapakee betee nahin kar sakatee to phir to phir mujhe nahin lagata ki agar aap apanee betee ke lie soch sakate ho ganda to kisee ke prashn ke lie aap kisee pheemel ke lie aap kabhee rispekt se kuchh achchha sochoge kyonki jo insaan apane bachchon ka nahin ho sakata vah kisee doosare ka kya hoga to sochana chaahie yah dipend karata hai ki hamaaree mentaalitee kya hai yah maare mentaalitee aur hamaare sanskaar ko dikhaata hai samaaj bahut se log aate hain samajh mein koee ek vyakti se samaaj nahin banata samajh bahut se logon se samaaj banata hai to jab ek ek vyakti badalega tab samaaj badalega ek vyakti ke badalane se jo hai samaaj nahin badal jaata hai har ek vyakti ke badalane se samaaj badalata hai in donon baaton mein bahut antar hai theek hai ek vyakti mein aur har ek vyakti mein to yah baat sab ko samajhana chaahie ki mahilaon ko yah aajaadee denee chaahie ki jo vah karana chaahe vo kar sake us ka naajaayaj phaayada koee nahin uthaata hai har mahila vark karana chaahatee rispekt paana chaahatee hai aur keval yah soche ki mahilaon ko sirph kichan mein hee jagah hai unakee khaana hee pakaana hai kuchh karana nahin laiph mein aisa nahin hai aajakal ke logon ka motar hai vah job bhee karana jaanatee hai ghar bhee sambhaalana jaanatee hai sab kuchh karana jaanatee hai unako aphasar dena aapake haath mein aur aap sar sabako milana chaahie sab jo sab karate hain aap sar ke lie to vah cheej samajhana chaahie

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
Kanhiya Awasthi Bolkar App
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Student
0:29
कि समाज की महिलाओं के प्रति किस सोच को बदलना चाहिए हम लोगों को महिलाओं की तरफ सब गंदी सोच बदलना चाहिए जो हम लोग महिलाओं को अपनी गंदी नजरों से देखते हैं उस नजर को चलना चाहिए हर महिला एक समान नहीं होती और हर महिलाओं को हमें अपनी गंदी नजरों से नहीं देखना चाहिए वह महिला भी किसी की मां बहन बेटी होगी किसी घर की बहू होगी
Ki samaaj kee mahilaon ke prati kis soch ko badalana chaahie ham logon ko mahilaon kee taraph sab gandee soch badalana chaahie jo ham log mahilaon ko apanee gandee najaron se dekhate hain us najar ko chalana chaahie har mahila ek samaan nahin hotee aur har mahilaon ko hamen apanee gandee najaron se nahin dekhana chaahie vah mahila bhee kisee kee maan bahan betee hogee kisee ghar kee bahoo hogee

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
er. ramphal bind Bolkar App
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Private job
0:52
दोस्तों आप का सवाल है समाज की महिलाओं के बाद किस सोच को बदलना चाहिए दोस्तों आज के समय में आज भी महिलाएं जो गांव से आती हैं आज भी उनकी सोच पुरानी जैसी है इसलिए कुछ शिक्षा से आज भी बहुत दूर हैं और इस सोच को बदलने के लिए सबसे बहुत जरूरी है शिक्षा और शिक्षा के साथ-साथ जो कुछ महिलाएं चोपड़ा गायक है संघर्षशील है जिसे आज ही महिलाएं लोको पायलट एयर पायलट विभिन्न क्षेत्रों में आईपीएस चित्र में काम करें उनके जीवन संघर्षों पर इसे को कराना बेहद जरूरत है इससे अंदर जो महिलाएं उनकी सोच थोड़ा यह एक मई नहीं कर सकती उनकी सोच में बहुत परिवर्तन आएगा
Doston aap ka savaal hai samaaj kee mahilaon ke baad kis soch ko badalana chaahie doston aaj ke samay mein aaj bhee mahilaen jo gaanv se aatee hain aaj bhee unakee soch puraanee jaisee hai isalie kuchh shiksha se aaj bhee bahut door hain aur is soch ko badalane ke lie sabase bahut jarooree hai shiksha aur shiksha ke saath-saath jo kuchh mahilaen chopada gaayak hai sangharshasheel hai jise aaj hee mahilaen loko paayalat eyar paayalat vibhinn kshetron mein aaeepeees chitr mein kaam karen unake jeevan sangharshon par ise ko karaana behad jaroorat hai isase andar jo mahilaen unakee soch thoda yah ek maee nahin kar sakatee unakee soch mein bahut parivartan aaega

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
sh farid Bolkar App
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2:11

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समाज की महिलाओं प्रति किस सोच को बदलना चाहिए?Samaj Ki Mahilao Prati Kis Soch Ko Badalna Chaiye
sh farid Bolkar App
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2:11

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