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Shipra Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Self Employed
0:58
गले के डॉक्टर पैसे के लिए मरीज का इलाज करते हैं या मानवता के लिए अपना उत्तरदायित्व समझकर उनका इलाज करते हैं लेकिन आज की तारीख में हर एक चीज को व्यवसाय बना लिया गया है जहां पर शिक्षा तक को नहीं छोड़ा गया है जुकेशन को भी उन्होंने लोगों ने व्यवसाय की तरह ही फिट करना शुरू कर दिया है वहां पर इलाज भी एक ऐसी ही चीज हो गई है बहुत सारे डॉक्टर ऐसे मौजूद है जो मात्र पैसे के लिए ही मरीज का इलाज करना चाहते हैं जो चाहते हैं कि वजन के पास में पेशेंट आधार है जिससे कि उनकी आमदनी होती रहे उनका बैंक बैलेंस बढ़ता है लेकिन ऐसा नहीं है कि सभी डॉक्टर ऐसे ही होते हैं आज की तारीख में भी बहुत सारे ऐसे डॉक्टर मौजूद है जो सिर्फ बेसिक फीस लेकर के दवाइयों के जो खर्चा होता है सिर्फ उतना से लेकर के अपनी फीस महीना लेते हुए मानवता के लिए भी मरीजों का इलाज करते हैं और बहुत सारे चैरिटी ऐसे भी करते हैं डॉक्टर लोग जो नहीं तो अपनी फीस लेते हैं साथ ही साथ जिस मरीज का इलाज कर रहे होते हैं उनको दवाइयां भी मुफ्त में प्रदान कराते हैं आपका दिन शुभ रहे थे निवास
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Dr.Pragya Tiwari Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Medical student (future doctor)
0:44
देखिए इस दुनिया में जो भी लोग जॉब करते हैं उनका मीन व्हाट इस पैसे कमा नहीं होता है और यह बात सच भी है हमें पैसे कमाने के लिए कुछ ना कुछ काम करने की जरूरत होती है अगर डॉक्टर की बात की जाए तो उनके साथ भी ऐसा ही है वह असली टाइम रहता है कि डॉक्टर साहब पैसे कमाने के लिए मरीज का इलाज करते हैं पर इसके साथ-साथ कई बार ऐसा भी होता है जब वह सेल्सियस हो करके और किसी भी व्यक्ति का इलाज करते हैं जब भी पैसे के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए ऐसा करते हैं तो कई बार ऐसी कैसे देखी जाती है ऐसी घटनाएं होती रहती है लेकिन अगर बात की जाए तो पैसे कमाने के लिए ही डॉक्टर से इलाज करते हैं

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Retrieved sr tea . social activist,
4:18
इस उत्तर के जवाब में आपको धैर्य पूर्वक समझने की आवश्यकता है हां सुनता से पहले की जो कंडीशन थी तब तक भारत में नैतिकता थी मानवता की इंसानियत थी पर मानता हूं कि अब एजुकेशन में पिछड़े हुए थे माना हमारा एजुकेशन बम गिरा हुआ था लेकिन उस समय एक मानवता जिंदा थी इंसानियत थी नैतिकता थी भारतीय संस्कृति के पलवल से धन कितने दीवाने नहीं तो मानव मानव की परवाह करता था क्योंकि देश में जनसंख्या कम थी इतनी आई नहीं थी जिस कदर तुम देख रहे हो क्या जो जनसंख्या वृद्धि हो रही है वह बेलगाम गति से हो रही है विस्फोटक गति से हो रही है देश के नेताओं को सत्ता की आप और सत्ता की जोड़-तोड़ से फुर्सत नहीं है कि कभी ध्यान नहीं दे रहे हैं इसलिए वेस्टर्न कल्चर इस कदर बढ़ गई है कि इसके फॉलोअर्स अधिक होते जा रहे हैं भारतीय संस्कृति लुप्त होती जा रही है भारतीय संस्कृति के संस्कार और शिष्टाचार मेहनत सभी एकदम लुप्त होते जा रहे हैं आज वेस्टर्न कल्चर का प्रभाव अधिक बढ़ रहा है और वेस्टर्न कल्चर भौतिकता वादी है वेस्टर्न कल्चर न्यू सेंट्रो का सिद्धांत सिखाती है खुदगर्जी स्वार्थ लालच से भरी हुई है इसमें हाईलिविंग विद सिंपल थिंकिंग है जबकि भारतीय संस्कृति सिंपल लिविंग हाई थिंकिंग के सिद्धांत पर टिकी हुई थी उस समय धन हाथ का मैल समझा जाता था इंसान की कीमत थी धन की कीमत नहीं थी जन को साधन समझते थे जबकि तमकुही शादी समझ लिया गया है इंसान केवल साधन हो गया है इसलिए यूज एंड थ्रो की स्थिति आ गई है इसलिए तुम आज देखे हो मुझे पुरानी डॉक्टर थे ओल्ड पीढ़ी के डॉक्टर से वह मानव को मानव समझ करके जल सेवा करते हुए धन के प्रतिनिधि लालची आगरा उनका नहीं था दुराग्रह नहीं था जबकि आज के डॉक्टर नहीं है कि तू घर बीच अकेला जमीन दे चाहे जायदाद भेज चक्की चला लेकिन तीसरा की मात्रा और पैसा ला परिणाम स्वरुप अधिकृत के डॉक्टर की लापरवाही से भी टाइप हो जाती है पहली के डॉक्टर जिंसी बीते समाजसेवी थे वह शपथ लेते थे उस शपथ को निभाते थे क्योंकि डॉक्टर से पैसा ज्वाइन करने से पहले शपथ लेनी होती है कि मैं मानवता के हित में मानवता की जन सेवा करने के लिए मैं इस पैसे को अपनाता हूं जब आज के डॉक्टर सब कुछ भूल चुके हैं उनके लिए पैसा ही माई बाप है वह सिर्फ पैसा कमाने के लिए ही यह काम जॉब करते हैं परिणाम स्वरूप तुम देखते हो कि बहुत से बहुत से डॉक्टर तो सरकारी नौकरियों की परवाह ही नहीं करते हैं उनको कोई मतलब नहीं है कि रोगी तड़प रहा है तो तब तक रोता मर जाता है लेकिन कई डॉक्टर्स को मैंने यह देखा है कि वह मोबाइल नंबर चाहिए क्योंकि मैं मानवीय संवेदनाएं बिल्कुल समाप्त हो चुकी है सहानुभूति समाप्त हो चुकी है इसलिए आज तुमने धिक्कार मानवता की बातें इस दौर में मत करो माता का उत्तर दायित्व समझकर के पहले के डॉक्टर ट्रीटमेंट किया करते थे अब के डॉक्टर में केवल 10 परसेंट डॉक्टर से आप कह सकते हो जो मानव को मानव समझते हैं कि हम मानवता का अपना दायित्व समझते हैं और वह मानव सेवा करते हैं और धर्म के प्रति दुराग्रह नहीं है बाकी 90 परसेंट डॉक्टर साहब धन के प्रति बहुत 94 ही लालची और खुदगर्ज और स्वार्थी स्वभाव के

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नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में आपका स्वागत है आज का सवाल है यदि एलुमिनियम के बर्तन में खाना खाना हानिकारक है तो हमें किस धातु के बर्तन में खाना खाना चाहिए या बनाना चाहिए तो मैं यह बताना चाहता हूं कि हम लोहे के बर्तन जैसे लोहे की कढ़ाई में खाना बनाकर खाएं तो बहुत अच्छा और क्योंकि ऐसा करने से हमें लौह तत्व भी प्राप्त हो सकते हैं और मिट्टी के बर्तन में भी हम खाना बनाकर खाएं जो स्वादिष्ट भी लगेगा और अच्छा भी लगेगा

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anuj ji Bolkar App
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सुनिए anuj जी का जवाब
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नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में स्वागत है कि आज का सवाल सर्दी होने पर शरीर में होने वाला दर्द कैसे ठीक करें तुम मेरा मानना यह है जब भी सर्दी लगे तो यह सर्दी लगने के बाद शरीर में कहीं दर्द होता तो हमें गर्म पानी से सिकाई करने चाहिए जिससे कि हमें आरामदायक महसूस हो सके और साथ ही सरसों तेल को गर्म करके विषम मसाज करें तो भी है फायदा हो सकता है

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सुनिए anuj जी का जवाब
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नमस्कार दोस्तों बोलकर आप में आपका स्वागत है और आज का सवाल है कि शक्कर हमारे लिए सेहत के लिए हानिकारक है क्या तो इसमें यह हानिकारक है लेकिन इसका शक्कर का ज्यादा सेवन करने पर ही हानिकारक है ना कि कम करना सुनकर का ज्यादा प्रयोग करने से हम शुगर जैसी बीमारी से भी सामना करना पड़ सकता है और साथ ही ज्यादा शुगर खाने से मोटापा भी बढ़ता है तो साथ में हड्डी रोग भी हो सकता कि मतलब छाती में दर्द भी होने की संभावना हो सकती है

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काराकाट वाले चीन से आगे निकलने के लिए भारत को और कितना समय लगेगा अगर बात करें तो बहुत ज्यादा समय लग जाएगा जितना भी नहीं कर सकती भारत इसे कड़ी मेहनत करता है और पूरी नगर से काम करता है फिर भी बहुत समय लग जाएगा क्योंकि चाइना एक विकसित देश है और जबकि भारत एक विकासशील देश है और मुझे लगता है कि आप ही से तो आकर पढ़ रही है बट ऐसा नहीं है कि वहां की टेक्नोलॉजी जो है या फिर तो सारी चीजें उनकी वहां की टेक्नोलॉजी भी अच्छी तरीके से बढ़ रही है तू अभी निकलने के लिए और बहुत सारा समय मेरी बहुत सारी समय का मतलब दर्द बृजलाल जो भी है बहुत ज्यादा समय लग जाएगा और भारत को आगे बढ़ने में अपनी टेक्नोलॉजी को भारत बड़ा आए हर चीज में आगे बढ़े प्रतीक्षा में रोजगार में अपने आगे बढ़ने से मतलब होना चाहिए हमें कंपटीशन नहीं करना है कितनी देर से की थी हमें अपने देश में सुधार करना है अपने देश को आगे बढ़ाना है तुम मेरे सवाल का जवाब पसंद आएगा आपको चाहिए धन्यवाद

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हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न ऐसा क्या है जो इंसान की समझ से परे है तो फ्रेंड से ऐसा बहुत सारी चीजें हैं जो इंसान की समझ से परे होती है इस तो किसी का गंदा व्यवहार अगर कोई गंदा व्यवहार करता है तो कभी इंसान समझ नहीं पाता कि ऐसा क्यों कर रहा है और वे उसकी समझ से परे हो जाता है और कभी-कभी समाज में भी तो बीच में भ्रष्टाचार देखने को मिलता है तू समझ में नहीं आता कि यह क्यों ऐसा हो रहा है यह सब बातें इंसान की समझ से परे है और यह जो अभी किसानों का आंदोलन चल रहा है तो सरकार बहुत प्रकार से उन को समझाने की भी कोशिश कर रही है पर बात भी कर रही है तू भी वह अपनी जिद पर अड़े हुए हैं तो यह भी समझ से परे है ऐसी बहुत सारी बातें हमारे समाज में देश में और हमारे आसपास होती रहनी है जो हमारी समझ से परे हो जाती हैं क्योंकि वह बहुत ज्यादा ही अपनी जिद पर अड़े रहते हैं और अपनी ही बात मनवाने की कोशिश करते रहते हैं धन्यवाद

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अपने सवाल किया है कि मौसम और जलवायु में से किस में तेजी से परिवर्तन होता है तो मौसम में परिवर्तन अल्प समय में ही हो जाता है और जोधपुर में परिवर्तन एक लंबे समय के दौरान होता है मौसम इसी स्थानीय क्षेत्र विशेष की लघु अवधि की पर्यावरणीय दशाओं को दर्शाता है यह परिवर्तन किसी स्थान विशेष मौसम की प्रकृति बनाता है जबकि जलवायु लंबे समय से किसी बड़े क्षेत्र क्षेत्र हुई मौसमी परिवर्तन वह बताता है धन्यवाद

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आपकी नजर में धर्म क्या?
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आपका सवाल है कि आपकी नजर में धर्म क्या है तो मेरी नजर में केवल मैं इसी को धर्म मानता जिसमें माता-पिता की सेवा करना या कोई घर पर आए इस पर सेवा करना है या जलेबी चलाने के लिए किसी को रोजगार के लिए कार्य करने होते हैं वह एक प्रकार का धर्म है पैसा कमाने के लिए जो व्यक्ति काम करने काम करता है वह अपना धर्म कर रहा है धन्यवाद

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नमस्कार आपका थे वालेकुम कीर्तन में होती है या फिर मंडे होती है खूबसूरती जो होती है वह तन में भी होती है मन में भी होती लेकिन हमारे मन की खूबसूरती असली खूबसूरती होती है ऊपर से कितना भी खूबसूरत क्यों न हो मगर होकर किसी की किसी की मदद करने से घबराते हैं फिर नहीं करते हैं यदि वह एक अच्छे इंसान नहीं है उनके विचार अच्छी नहीं है उनकी खूबसूरती किसी काम की नहीं है अगर इंसान का तला सूरत होने के साथ-साथ उनका मन भी खूबसूरत हो एक बहुत ही अच्छे इंसान होंगे बहुत ही ज्यादा अच्छे इंसान हो और ऐसे इंसान की हमें जरूरत है अगर ऐसे इंसान हो हमारे समाज में हमारा समाज आगे बढ़ेगा और तरीके से एक प्रोग्रेस की तरफ आगे बढ़ेगा और हमारा समाज एक जागरूक समाज बन पाएगा तो हमारे लिए दोनों ही खुश होते ही आवश्यक होती है लेकिन सबसे पहले मलकीत हो समाज की आरती और हमारे लिए भी और अगर हमारे मन में खूबसूरती है तो उनके सामने तरीके से करेंगे और हम भी हम भी खुश रहेंगे और दूसरे भी खुश रहेंगे करते हैं सवाल का जवाब तो जाएगा आप लोगों के साथ को चाहिए दोस्तों को भी खुश रखे धन्यवाद

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Rajendra Malkhat Bolkar App
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Self student
0:53
सर दोस्तों आपका प्रश्न है धैर्य व कायरता में क्या अंतर है दोस्तों धैर्य का अर्थ होता है धीरज और संतोष रखना किसी वक्त भी कार्य को जल्दबाजी में नहीं करते हुए और धैर्य रखना जबकि कायरता वीरता शब्द का विलोम शब्द होती है जबकि वीरता का विलोम शब्द कायरता होता है और कायदा का अर्थ होता है कमजोर डरा हुआ तो इसलिए इन दोनों में फर्क सीधा-सीधा दिख रहा है यानी कि धीरज संतोष और कायरता यानी कि कमजोर तो इन दोनों का जो अर्थ है वह बिल्कुल ही एक दूसरे से भिन्न है दोनों अलग-अलग सार्थक शब्द है और दोनों ही अलग है धन्यवाद

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Shiraj khan Bolkar App
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Asst.professor
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क्या आपका प्रश्न है या मनोविज्ञान में क्रोध क्या है देखें मनोविज्ञान में क्रोध एक प्राकृतिक भावना है ईसा पूर्व 2020 से 2000 ईस्वी तक या कल के बीच लिखे गए अन्य शास्त्रों में खुद को एक कर रख दिया है सर जी भाऊ कहां गया है अमेरिका फिजियोलॉजिकल एसोसिएशन ने गुस्से को विपरीत परिस्थितियों के प्रति एक क्या सहज अभिव्यक्ति कहां के हैं

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Nikhil Ranjan Bolkar App
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HoD NIELIT
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आरा का बस नहीं जब मन में बहुत कुछ करने की इच्छा हो किंतु समय और साधन समिति हो तो क्या करना चाहिए तो आपको बता देंगे देखिए अगर आप बहुत कुछ अपने जीवन में करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको प्रयास ही करने होंगे और अगर आप सच्चे हृदय से प्रयास करेंगे तो यकीन मानिए परिस्थितियां भी आपके अनुकूल हो जाएंगी आपको समय भी आप निकाल पाएंगे साधन भी आपके एकत्रित हो जाएंगे तो आपसे दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करें निश्चित रूप से आपको अपने जीवन में सफलता प्राप्त होगी मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

#जीवन शैली

pushpanjali patel Bolkar App
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Student with micro finance bank employee
2:06
मकर राशि वाले के किसी की निंदा करने से मन को सुकून मिलता है तो जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि अगर हम किसी की निंदा करते करते हैं उनके मन में कुछ बातें झूठी नहीं पाते और किसी बात जानते तो दिल कहे नहीं निभाते भी किसी को नहीं कहेंगे वह अपनी मुझे जानते हो उसे बाहर निकालना भी जानते हैं और किसी की बुराई का नजर से कुछ लोगों की आदत ही होती है बिना बुराई किए हुए भी नहीं आता है तुझे सुकून नहीं कहेंगे क्योंकि उनके पेट में भारत में आ चुकी है और राज्य से निकालना बहुत ही मुश्किल है जबकि उनके खुद के प्रयास से ही उनकी यह बुराई दूर हो सकेगी तथा न ही किसी की निंदा करने से किसी की बुराई करने से हमें सुकून मिलता है तो बिल्कुल भी नहीं आती हमारी अंजुमन की बातें होती हैं फिर जो भी आप जानते हैं वह बिना कहे वह नहीं रहता शाहरुख खान की बुराई का नगर उनकी आदत में है तो है बहुत बड़ी अच्छी कह सकते हैं जिनमें बहुत बड़ी बुराई है जिसे दूर करना केवल उन्हीं के हाथ में होता है दूसरी बात करके भी नहीं कर पाएंगे कि सब लोग जानते हैं कि मालिश अगर मेरे बारे में कोई बुराई करें मुझे पता है कि वह मेरी बुराई करते हैं तो उसके लिए क्या कर सकते हैं करते हैं तो वह अपनी या नहीं वह अपनी छवि खराब कर रहे हैं दूसरों की नजर में ठीक है क्या वो इंसान मेरी बुराई जाकर 2:00 चुके बात कर रहा है क्या सब जरूरी नहीं कि वो इंसान आगे बढ़ाई मेरे सामने अधिकारी ऐसा करते हैं सर और सर हमने पहचान नहीं पाते हमें लगता है कि अमेरिकी बुराई सुन रहे हैं और हमें ऐसा लगता है कि वह दूसरे की बुराई नहीं करते लेकिन जो इंसान आज तक करते हैं उन सब की बुनाई दूसरे के पास जाकर करते हैं और खून बिल्कुल भी नहीं मिलता क्योंकि मन की शादी तुम्हारी तुम्हें चाहते हैं सवाल का जवाब पसंद आएगा आप लोग खुश रहिए दूसरों को भी खुश रखे देने वाला

#जीवन शैली

pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
1:41
मैं तेरे पीछे वाले अब जरूरत से ज्यादा चलाक लोगों से कैसे बनाते हैं आपके नॉलेज को या फिर आपको याद करते हैं जिसकी वजह से कहना पसंद है कि नहीं मुझे नहीं आता है और मुझे मैं नहीं दिखाऊंगी पैसा ही पैसा तो बेटा मुझसे बेटा आप ही दे सकते हैं और आप ही दे सकते हैं मैं ऐसा कुछ जवाब देती हूं जिसकी वजह से लगा कर के अगर आप कुछ तो जवाब भी देते हैं ना तो वह अपने आप क्योंकि वह वापस जचता नहीं होते और वह उस पर तब अपनी राय देते हैं और अपनी जवाब देते हैं और अपनी बातों को भी गुस्सा दिखाना जानते हैं तो मैं रात बात करूं तो मैं कुछ ऐसे ही जवाब देती हूं और जहां तक सवाल है कि जरूरत से ज्यादा चालाक लोगों से कैसे पैसा दे तू मेरे सामने भी एक है ऐसी जो कि ऐसे ही वह अपने आप को इतना ना चला कि मैं तेनु इतना ही स्मार्ट समझती है उन्हें लगता है कि मेरे जैसे किसी को आता ही नहीं है सबको जज करती रहती है जो कि मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं है इसलिए मैं उनके सामने कभी नहीं किसी सवाल का जवाब देना नहीं किसी बात पर उसे बात करना चित्र जरूरत रहता है उतनी ही बात करती हूं तो मैं ऐसे पेश आती हूं तो सब का अंदाज अलग अलग होता सब लोग अलग तरीके से पेश आते होंगे तुम ही कहते हैं सवाल का जवाब बताओ मैं आप लोग को चाहिए दोस्तों को भी खुश रखे
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