#भारत की राजनीति

Saurabh Rai Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Saurabh जी का जवाब
Software Engineer
2:52
आपका प्रश्न है कि बंगाल की किसान जो है वह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के बारे में क्या सोचते हैं और क्या मोदी जी बंगाल चुनाव के बाद किसानों को समय देंगे तुझे यहां पर में सबसे पहली चीज तो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के बारे में बताना चाहता हूं कि जो भी बिल जो भी पास हुआ है वह अभी तो फिलहाल लागू नहीं हो रहा है पहली चीज दूसरी चीज जो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग जो है इससे आज सबसे ज्यादा फायदा जो है वह ऐसी ही जगह पर पहुंचने वाला है जहां पर ऊपर बहुत अच्छी थी लेकिन लोगों को रेट नहीं मिल पा रहा है एमएसपी का रेट जो है वह ज्यादातर पंजाब और हरियाणा के किसानों को मिलता है उत्तर प्रदेश और बिहार और बंगाल हो यहां पर एमएसपी नाम ही बहुत बड़ी बात लगती है कि बता नहीं मिलेगा नहीं मिले उससे बहुत कम की मौतें किसान जो है अपना नाथ जो है वह भेजता है अब आप बात करते कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कि किसानों को अभी भी जो उनको रेट जो मिला उसे टिक पाएंगे रेट तो मिल नहीं रहा है वह जिस रेट पर चाहते बिजनेस रेट भी चीज है दिख नहीं रही है तू ऐसे किस चीज में जो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग है अगर वह बंगाल में या उत्तर प्रदेश में आता है या बिहार में आता है तो ऐसे में किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होने वाला है वह इस वजह से क्योंकि कंपनियां जो है वह पहले ही रेल का निर्धारण कर देंगे जब पहले से ही पता होगा कि इस मूल्य में हमारा यह सामान देखना है तो किसानों को भी टेंशन कम होगी और जो लेने वाला है उसे भी टेंशन कम होगी दूसरी चीज है कि मान लीजिए आपके ऊपर बहुत ज्यादा हो जाती है तो ऐसे केसेज में आपको इस बात की टेंशन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि मार्केट का भाव गिर जाएगा तो मेरा जो सामान है वह भी मुझे बहुत कम में देखना पड़ेगा या मेरा जो आना जब भी मुझे बहुत कम में बेचना पड़ेगा किसानों को जो है मुक्ति मिल जाएगी तू और जैसा कि आप कह रहे हैं कि मोदी जी बंगाल चुनाव के बाद किसानों को समय देंगे तो मुझे लगता है मोदी जी ने और लेडी काफी समय दिया है किसानों को और कहीं ना कहीं किसानों को इस बात से भी एग्री करना चाहिए अभी रुकना चाहिए और मैं भी मानता हूं कि जो अभी तीनों कृषि बिल है उस सही हंड्रेड परसेंट नहीं है इसमें कोई डाउट नहीं है हर दिल में कोई न कोई कमियां होती इसमें भी कोई ना कोई कमी है कहीं ना कहीं यह बिल जो है पंजाब और हरियाणा के किसानों को बहुत ज्यादा हर्ट कर रही है जो कि गलत है तो थोड़ा सा समय लेना चाहिए दिल को थोड़ा सुधार करना चाहिए और किसानों को भी जो है कहीं नहीं है सरकार को समय देना चाहिए जिससे कि वह भी सोच समझकर इसने प्रॉपर बदलाव कर सकें अगर वह नहीं करते हैं फिर उस पर बाइक से जो कि आज 26 जनवरी को जो कुछ भी हुआ या उसके बाद हम बात करें अभी भी जो कुछ भी हो रहा है अभी साहब पॉलिटिक्स हो चुका है अभी किसान नहीं दिख रहे हैं अब नेता दिख रहे हैं यही समस्या है इस आंदोलन की धन्यवाद

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • Contract farming, किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग से फ़ायदा हुआ या नुक़सान, भारत में अनुबंध खेती कंपनियों की सूची
URL copied to clipboard