#भारत की राजनीति

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?

Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:51
आज आपका सवाल है कि सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है कोई बता सकता है तो है किसानों की मांग कुछ अलग ही है और जो सरकार है उनकी उनका मानना है कि जो यह बदला है वह बहुत ही अच्छा है किसानों के लिए फायदेमंद है किसान का कहना है कि नहीं यह सब के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता है जैसे कि पंजाब हरियाणा वहां के लोगों के लिए थोड़ा फायदा हो सकता है लेकिन बाकी के स्टेट वालों के लिए इतना नहीं है उनकी मांगे किस में थोड़ा बदलाव लाना चाहिए जैसे एमएसपी को लेकर कुछ बदलाव लाना चाहिए लेकिन सरकार का कहना है कि नहीं वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे वह जैसा जिस तरह से बिल बनाएंगे वह बिल बहुत ही अच्छा है सर फायदा ही होगा सरकार किसानों का कहना है कि अगर यह बिल आता है तो इसी तरह से यह प्रोडक्ट करते रहेंगे इस बिल को नहीं मानेंगे उनकी मांगे पूरी की जाए जो से जो बदलाव हो जाते हैं इस दिल में वह एंग्री बदलाव नहीं होगा तो वह इस बिल को एक्सेप्ट नहीं करेंगे तो डिपेंड करता है पूरी तरह से कि सरकार किसानों की बात कब मानती है किस तरह से क्या निर्णय निकलता है किस तरह से यह प्रोडक्ट में दम होता है क्योंकि अभी हम ऐसा कह सकते हैं कि किसान अपनी तरह पर मतलब जैसे कहते कि यह अधिकार और वर्कर तो ऐसे ही अभी चल रहा है मेरे हिसाब से जल्द से जल्द का सलूशन निकल जाए तो यह ज्यादा सही होगा क्योंकि 2 महीने हो चुके हैं तब से यह पता चलता है कि आ रहा है इसका कोई सलूशन नहीं निकाला जाए ऐसे ही चलता रहेगा सिर्फ ऐसे ही हमारा जो देश से मतलब इतना गिरावट और इतना लॉस में चल रहा है मेरी सबके सब प्रोटेस्ट वगैरा करना और ज्यादा नष्ट कर सकता है तो यह सब सोचकर एक गाने में लेना चाहिए जिससे सरकार भी और किसान दोनों के लिए सही है
Aaj aapaka savaal hai ki sarakaar kisaan kee baaton ko kyon nahin maan rahee hai koee bata sakata hai to hai kisaanon kee maang kuchh alag hee hai aur jo sarakaar hai unakee unaka maanana hai ki jo yah badala hai vah bahut hee achchha hai kisaanon ke lie phaayademand hai kisaan ka kahana hai ki nahin yah sab ke lie phaayademand nahin ho sakata hai jaise ki panjaab hariyaana vahaan ke logon ke lie thoda phaayada ho sakata hai lekin baakee ke stet vaalon ke lie itana nahin hai unakee maange kis mein thoda badalaav laana chaahie jaise emesapee ko lekar kuchh badalaav laana chaahie lekin sarakaar ka kahana hai ki nahin vah aisa kuchh bhee nahin karenge vah jaisa jis tarah se bil banaenge vah bil bahut hee achchha hai sar phaayada hee hoga sarakaar kisaanon ka kahana hai ki agar yah bil aata hai to isee tarah se yah prodakt karate rahenge is bil ko nahin maanenge unakee maange pooree kee jae jo se jo badalaav ho jaate hain is dil mein vah engree badalaav nahin hoga to vah is bil ko eksept nahin karenge to dipend karata hai pooree tarah se ki sarakaar kisaanon kee baat kab maanatee hai kis tarah se kya nirnay nikalata hai kis tarah se yah prodakt mein dam hota hai kyonki abhee ham aisa kah sakate hain ki kisaan apanee tarah par matalab jaise kahate ki yah adhikaar aur varkar to aise hee abhee chal raha hai mere hisaab se jald se jald ka salooshan nikal jae to yah jyaada sahee hoga kyonki 2 maheene ho chuke hain tab se yah pata chalata hai ki aa raha hai isaka koee salooshan nahin nikaala jae aise hee chalata rahega sirph aise hee hamaara jo desh se matalab itana giraavat aur itana los mein chal raha hai meree sabake sab protest vagaira karana aur jyaada nasht kar sakata hai to yah sab sochakar ek gaane mein lena chaahie jisase sarakaar bhee aur kisaan donon ke lie sahee hai

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
पन्ना लाल (कालिदास) Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Study
1:17
देखिए सरकारी कोई रूल ऐसे ही नहीं बनाती है सरकार जब किसी चीज को बनाती है तो उसमें यह जो नियम बनाती है उसके बदले में कई साल लगते हैं पूरे राज्यसभा में लोकसभा में योग्यता को पारित होता है इसमें फिर खेसारी संशोधन होते हैं इसको सही माना जाता है उसके बाद में इसका बनाता है बहुत लंबी प्रक्रिया के बाद में जो कानून होता है जो नियम होता है वह बनता है सरकार ऐसे किसी को नहीं को क्लोज निशीलो को लगा देती है पाकिस्तान में किसानों को एक बार अपनाना चाहिए इसे देखें चयन का लाभ या हानि है मैं मानता हूं मैं किसान तो नहीं हूं मुझे पता तो नहीं है कि इसका क्या हानि क्या होगा पर अब स्कूल में पढ़ के देख लेना चाहिए और क्योंकि मुझे जहां तक पता है तो मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि जो किसान आंदोलन है वो देओल पंजाब नहीं हो रहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है यह मुख्य कारण है कि कांग्रेस और बीजेपी को हटाने के लिए कुछ ना कुछ तो करेगी तो वह किसान आंदोलन का सहारा ले रही है मैं यहां पर किसी का विरोध नहीं कर रहा हूं और आपको मेरी बातों से हानि उठ जाओ तो सॉरी और अगर आपको मेरी बात अच्छी लगी हो तो ठीक है हम अगर मेरे बात कर कुछ गलती हो गई हो जो आपको लगे कि गलत बोला है मैंने सोचो अगर आपको सही लगता है तो आप मुझे वह बता दीजिए ताकि मुझे भी अपनी गलती का एहसास हो जाए धन्यवाद

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
aditya Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:02

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
1:02
सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रहे किसने कहा सरकार निकम्मी सरकार ने कह दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई कमेटी के मेंबर इन की बातें सुनने और इससे कानून को अगले चार महीनों के लिए होल्ड करके और बैठ कर के जो जो कमियां है उसको सुधार होना भाई अब कानून पास हो गया इसको वापस लेने लगे रहते हो यार तुम कोई भी वह ऐसा कानून होगा और कुछ लोग खड़े हो जाएंगे बैठ जाएंगे और चक्का जाम कर देंगे तो ऐसे कानून वापस आने दो पार्लिमेंट की वैल्यू प्यार है पहले मकान कैसे बनेगा मान लीजिए कि पृथ्वी कितने दिनों तक आंदोलन चालू की सड़क घेरकर के शुरू कर दिया तो भारत का डिप्लोमा हो जाएगा

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
Ashvani Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Kheti
4:59
नमस्कार दोस्तों जैसा कि प्रश्न में पूछा गया है सरकार किसानों की बातों को क्यों नहीं मान रही है तो दोस्तों सरकार की मजबूरी है क्योंकि जो है कि बिल पास हो चुका है और बिल पास होने के बाद जो किसान भाई लोग आंदोलन कर रहे हैं अगर रवि को उस आंदोलन को मान लिया जाता है तो फिर यह जो है कि सरकार को झुकना पड़ेगा कि बहुत ही ज्यादा नुकसान हो सकता है क्योंकि आने वाले समय में आप देख ही रहे हैं कि लोगों की मानसिकता किस तरह की हो रही है और कैसे बदल देंगे तो अगर जो है कि भाजपा की सरकार है और ऐसा क्या देख रहे हैं कि पूर्ण बहुमत की सरकार है और इतनी बड़ी पार्टी लेकर अगर दोस्ती सरकार हम तो एक ही सूख जाती है तो फिर देश पर क्या असर पड़ेगा और जो एक हमारे देश की भी बदनामी होगी और जो है कि इससे फिर यह रहेगा कि जो भी है ट्रांसपोर्ट वाले बैंक वाले टीचर या फिर ऐसे कीजिए आया था या फिर जो है कि यह तीन तलाक बिल आया था तो फिर भी लोग विरोध करने लगे तो फिर इतनी भी जो है कि उनको बात माननी पड़ेगी तो इसके पीछे एक कारण नहीं है इसके पीछे देखो कारण है जिसकी वजह से सरकार किसानों की बात नहीं मान रही है क्योंकि अगर जो है कि सरकार है बात मान लेती है तो फिर कल को अगर हमारे मुस्लिम भाई लोग भी अगर ऐसे ही रोएगी उतर गया रोड पर की तीन तलाक बिल को खत्म करके तो फिर सरकार को भी उनके सामने झुकना पड़ेगा नहीं तो फिर यह जो एक ही जाति धर्म के नाम पर लोगों को भड़काना शुरू हो जाएगा और यह मुद्दा बहुत ही बड़ा हो जाएगा और नरेश की अभी जो एक ही अगर मान लीजिए कि बैंक के कर्मचारी हैं और जो एक ही आवाज मार सरकारी टीचर भाई लोगों अगर जो एक ही यह भी जीत के आगे कि हमारी सैलरी बढ़ाई है तो फिर सरकार क्या करेगी क्योंकि इस समय अर्थव्यवस्था दिखी रहे हैं कि सरकार के पास जो है अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है तो है ना कल में इतने दिनों तक सब कुछ बंद रहना लेकर बात है जो एक ही सुधारने में थोड़ा समय लगेगा और जिसकी वजह से जो है कि अगर सरकार झुकती है तो फिर इससे सरकार को बहुत बड़ा जो एक ही दिक्कत पैदा हो सकती है और इसी का यही कारण है कि सरकार जो है कि किसानों के सामने झुकना नहीं चाहती है आज इंजॉय की किसान इसका मतलब सरकार जो है कि इस पर भी तो राजी है कि उसमें जो भी त्रुटि है जो मतलब की है कि उसमें जो है कि न्यूनतम निमृत है करने की वह किसान मतलब सरकार उसमें संशोधन करना चाहती है तो फिर उसको संशोधन करके उसको लागू रहने दे लेकिन हमारे किसान भाई लोग जो है क्या सजा नहीं थे जबकि वह चोरी किए जा रहे हैं कि पूरी तरह से खत्म होने की पूरी तरह से खत्म करने में पूरे देश की बदनामी होगी और जो है कि हमारे फिर संविधान का महत्व है क्या रह जाएगा क्योंकि फिर इसके बाद जो है कि अगर सरकार ऐसे झुकने लगी लोगों के सामने तो फिर बहुत ही ज्यादा जुड़े की दिक्कत पैदा हो जाएगी आने वाले समय में और जो है कि जिसको भी कोई अपना काम निकलवा ना रहेगा वह जो है कि यह सब अपना जो एक संगठन बनाकर और जो है कि ऐसे ही गर्म करने लगेंगे आंदोलन तो फिर कैसे चलेगा लेकिन जो है कि हमारे किसान भाई लोग एक काम बहुत ही गलत कह रहे हैं कि वह जगह थी जो कि बसों को रोक रहे हैं और जो कि रोड पर चक्का जाम कर रहे हैं ट्रेन रोक रहे हैं यह बहुत ही गलत बात है जबकि हमारे संविधान में लिखा गया है कि आप जो है कि कर सकते हैं आंदोलन लेकिन आंदोलन एकदम शांतिपूर्ण रहेगा और सरकारी चीजों के किसी भी प्रकार की कोई जो है कि त्रुटि नहीं होनी चाहिए लेकिन जो है कि हिंदुस नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और चूहे की देख रहे ट्रेनें रद्द हो जा रही है ट्रेनों को रोक दे रहे हैं और जो है कि रोड जाम कर दे रहे हैं भारत बंद का ऐलान करें तो फिर इसमें दोस्तों नुकसान किसका है क्योंकि भारत अगर जो इसे आप बंद करोगे काम धंधे ज्यादा नहीं करोगे तो फिर आपके पास पैसा नहीं आएंगे पैसे देंगे तो फिर उस दिन में जो एक ही दिक्कत किस को होगी आम इंसान को ही होगी इसलिए दोस्तों जो एक ही आप खुद समझदार है और जो एक ही आप अपने माइंड से सोचिए कि क्या हमारे लिए सही है और क्या गलत है सरकार जो भी बिल नहीं है तो फिर वह ऐसे ही नहीं पास हुआ है संसद में पास हुआ है तो फिर उसी को जोड़े की काफी लोगों ने जो हमारे लिए तो वह लोग होते हैं वह जाकर सलाह दे तो वह सब चीजों को देखते हैं पढ़ते हैं अभी जो है कि वह पास होता है बड़े-बड़े अधिकारी लोग बैठ के उस पर निर्णय लेते हैं तो फिर उनका निर्णय गलत नहीं हो सकता है तो फिर इस दिल को हम गलत नहीं कह सकते

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सरकार किसान की बातों को क्यों नहीं मान रही है?Sarkar Kisan Ki Baaton Ko Kyun Nahi Maan Rahi Hain
Ashvani Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Kheti
4:59
नमस्कार दोस्तों जैसा कि प्रश्न में पूछा गया है सरकार किसानों की बातों को क्यों नहीं मान रही है तो दोस्तों सरकार की मजबूरी है क्योंकि जो है कि बिल पास हो चुका है और बिल पास होने के बाद जो किसान भाई लोग आंदोलन कर रहे हैं अगर रवि को उस आंदोलन को मान लिया जाता है तो फिर यह जो है कि सरकार को झुकना पड़ेगा कि बहुत ही ज्यादा नुकसान हो सकता है क्योंकि आने वाले समय में आप देख ही रहे हैं कि लोगों की मानसिकता किस तरह की हो रही है और कैसे बदल देंगे तो अगर जो है कि भाजपा की सरकार है और ऐसा क्या देख रहे हैं कि पूर्ण बहुमत की सरकार है और इतनी बड़ी पार्टी लेकर अगर दोस्ती सरकार हम तो एक ही सूख जाती है तो फिर देश पर क्या असर पड़ेगा और जो एक हमारे देश की भी बदनामी होगी और जो है कि इससे फिर यह रहेगा कि जो भी है ट्रांसपोर्ट वाले बैंक वाले टीचर या फिर ऐसे कीजिए आया था या फिर जो है कि यह तीन तलाक बिल आया था तो फिर भी लोग विरोध करने लगे तो फिर इतनी भी जो है कि उनको बात माननी पड़ेगी तो इसके पीछे एक कारण नहीं है इसके पीछे देखो कारण है जिसकी वजह से सरकार किसानों की बात नहीं मान रही है क्योंकि अगर जो है कि सरकार है बात मान लेती है तो फिर कल को अगर हमारे मुस्लिम भाई लोग भी अगर ऐसे ही रोएगी उतर गया रोड पर की तीन तलाक बिल को खत्म करके तो फिर सरकार को भी उनके सामने झुकना पड़ेगा नहीं तो फिर यह जो एक ही जाति धर्म के नाम पर लोगों को भड़काना शुरू हो जाएगा और यह मुद्दा बहुत ही बड़ा हो जाएगा और नरेश की अभी जो एक ही अगर मान लीजिए कि बैंक के कर्मचारी हैं और जो एक ही आवाज मार सरकारी टीचर भाई लोगों अगर जो एक ही यह भी जीत के आगे कि हमारी सैलरी बढ़ाई है तो फिर सरकार क्या करेगी क्योंकि इस समय अर्थव्यवस्था दिखी रहे हैं कि सरकार के पास जो है अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है तो है ना कल में इतने दिनों तक सब कुछ बंद रहना लेकर बात है जो एक ही सुधारने में थोड़ा समय लगेगा और जिसकी वजह से जो है कि अगर सरकार झुकती है तो फिर इससे सरकार को बहुत बड़ा जो एक ही दिक्कत पैदा हो सकती है और इसी का यही कारण है कि सरकार जो है कि किसानों के सामने झुकना नहीं चाहती है आज इंजॉय की किसान इसका मतलब सरकार जो है कि इस पर भी तो राजी है कि उसमें जो भी त्रुटि है जो मतलब की है कि उसमें जो है कि न्यूनतम निमृत है करने की वह किसान मतलब सरकार उसमें संशोधन करना चाहती है तो फिर उसको संशोधन करके उसको लागू रहने दे लेकिन हमारे किसान भाई लोग जो है क्या सजा नहीं थे जबकि वह चोरी किए जा रहे हैं कि पूरी तरह से खत्म होने की पूरी तरह से खत्म करने में पूरे देश की बदनामी होगी और जो है कि हमारे फिर संविधान का महत्व है क्या रह जाएगा क्योंकि फिर इसके बाद जो है कि अगर सरकार ऐसे झुकने लगी लोगों के सामने तो फिर बहुत ही ज्यादा जुड़े की दिक्कत पैदा हो जाएगी आने वाले समय में और जो है कि जिसको भी कोई अपना काम निकलवा ना रहेगा वह जो है कि यह सब अपना जो एक संगठन बनाकर और जो है कि ऐसे ही गर्म करने लगेंगे आंदोलन तो फिर कैसे चलेगा लेकिन जो है कि हमारे किसान भाई लोग एक काम बहुत ही गलत कह रहे हैं कि वह जगह थी जो कि बसों को रोक रहे हैं और जो कि रोड पर चक्का जाम कर रहे हैं ट्रेन रोक रहे हैं यह बहुत ही गलत बात है जबकि हमारे संविधान में लिखा गया है कि आप जो है कि कर सकते हैं आंदोलन लेकिन आंदोलन एकदम शांतिपूर्ण रहेगा और सरकारी चीजों के किसी भी प्रकार की कोई जो है कि त्रुटि नहीं होनी चाहिए लेकिन जो है कि हिंदुस नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और चूहे की देख रहे ट्रेनें रद्द हो जा रही है ट्रेनों को रोक दे रहे हैं और जो है कि रोड जाम कर दे रहे हैं भारत बंद का ऐलान करें तो फिर इसमें दोस्तों नुकसान किसका है क्योंकि भारत अगर जो इसे आप बंद करोगे काम धंधे ज्यादा नहीं करोगे तो फिर आपके पास पैसा नहीं आएंगे पैसे देंगे तो फिर उस दिन में जो एक ही दिक्कत किस को होगी आम इंसान को ही होगी इसलिए दोस्तों जो एक ही आप खुद समझदार है और जो एक ही आप अपने माइंड से सोचिए कि क्या हमारे लिए सही है और क्या गलत है सरकार जो भी बिल नहीं है तो फिर वह ऐसे ही नहीं पास हुआ है संसद में पास हुआ है तो फिर उसी को जोड़े की काफी लोगों ने जो हमारे लिए तो वह लोग होते हैं वह जाकर सलाह दे तो वह सब चीजों को देखते हैं पढ़ते हैं अभी जो है कि वह पास होता है बड़े-बड़े अधिकारी लोग बैठ के उस पर निर्णय लेते हैं तो फिर उनका निर्णय गलत नहीं हो सकता है तो फिर इस दिल को हम गलत नहीं कह सकते

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0:28

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