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Usha Gupta Bolkar App
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Housewife
1:55
नहीं पूछेंगे कि मल्टीविटामिन लेने का समय सही समय क्या है आपके जानते हैं कि दिन भर में जो भी खाना या फिर कोई भी चीज आप खाते हैं खाती है उसकी आपकी शरीर को अलग-अलग काम करने के लिए विटामिन और मिनरल्स प्राप्त होती है यह विटामिन और मिनरल्स हमारे शरीर को अंदर और बाहर दोनों जगह से फिट रखने में मदद करते हैं दरअसल हर एक विटामिन की अपनी एक विशिष्ट भूमिका होती है और कोई दूसरा विटामिन उसकी जगह नहीं ले सकता है होता यूं है कि जब भी हम हमारे शरीर को लंबे समय तक किसी भी एक विशेष पोषक तत्व की पर्याप्त मात्रा में ही प्राप्त होता है तो हमारे शरीर में उस पोषक तत्व की कमी हो जाती है और शरीर में अलग-अलग प्रकार के स्वास्थ्य समस्या हो जाती है मल्टीविटामिन लेते हैं जब आपके दिमाग में दो बातें हमेशा रहे है तो पहले नियमित रूप से मल्टीविटामिन लेने और लेने का सही समय पर मल्टीविटामिन लेना आप को नियमित रूप से और सही समय पर मल्टीविटामिन लेना चाहिए और कुछ मल्टीविटामिन को भोजन के बाद सबसे अच्छा माना जाता है जबकि अन्य मल्टीविटामिन को खाली पेट लेने से सही होता है ऐसा माना जाता है कि एक विशेष समय पर कुछ मल्टीविटामिन लेने से प्रतिकूल प्रभाव का खतरा कम हो सकता है मल्टीविटामिन लेते हैं इस बात पर ध्यान रखने की जरूरत है कि इनका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए यदि आप इसका सेवन बीच में ही छोड़ देते हैं तो आप उनके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त नहीं करेंगे इसके अलावा आपको डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए धन्यवाद

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Divya Bolkar App
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Unknown
0:28
सवाल है मल्टीविटामिन लेने का सही समय क्या है तो कुछ मल्टीविटामिन को भोजन के बाद लेना सबसे अच्छा माना जाता है जबकि अन्य विटामिंस को मल्टीविटामिंस को खाली पेट लेना सही होता है कुछ डॉक्टरों का मानना तो यह भी है कि मल्टीविटामिन को नाश्ते के 30 मिनट पहले लेने पर ज्यादा प्रभाव कारी और लाभदायक साबित होता है

anuj ji Bolkar App
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1:33
मल्टीविटामिन लेने का सही समय मैं आपको बताता मल्टीविटामिन शरीर में इसलिए आ जाता है कि हमें शारीरिक रोगों शरीर की सुरक्षा के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा विटामिन लेने की आवश्यकता पड़ती है क्योंकि कभी भी किसी वक्त हम हीरो को जल्दी से सुरक्षा मिल सकती है तो इसका लेने का समय मैं आपको बताता हूं मल्टीविटामिन लेते वक्त आपको दो बात हमेशा याद रखनी चाहिए मल्टीविटामिन नियमित रूप से लेना मतलब प्रतिदिन लेना और दूसरी बात प्रतिदिन लेने पर सही समय पर लेना सासु बोलेरो तो सुबह शाम को ले रहा तो शाम करना है रात को ले रहा था रात को ले ऐसा ना करें कि सुबह ले रहे हो शाम को मोर ले रहा फिर दोबारा प्रार्थना ले रहा हूं ऐसा नहीं होना चाहिए तथा कुछ मल्टीविटामिन खाना खाने के बाद लेना चाहिए और बाकी मल्टीविटामिन खाली बैठा था सुबह मिलना वासी लेना चाहिए जिससे शरीर अच्छा रहे और अच्छा बना रहा है तथा मल्टीविटामिन खाद्य सामग्रियों से भी प्राप्त कर सकते हैं फल फ्रूट से भी प्राप्त कर सकते हैं

Archana Mishra Bolkar App
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Housewife
0:26
हेलो दोस्तों स्वागत है आपका दोस्तों आप का सवाल है मल्टीविटामिन लेने का सही समय क्या है तो दोस्तों अगर आप मल्टीविटामिन ले रहे हैं तो आप रात के समय ले लीजिए बस रात को खाना खाए उसके थोड़ी देर बाद मल्टीविटामिन दवा खाकर बस आप सो जाइए दवा खाने का टाइम रात को बहुत अच्छा होता है तो आप रात को मल्टीविटामिन खा सकते हैं तो दोस्तों आपको जवाब अच्छे लगे तो प्लीज लाइक जरूर करते रहना धन्यवाद

Navnit Kumar Bolkar App
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QUALITY ENGINEER
0:37
मल्टीविटामिन लेने का सबसे समय सही समय होता है जब आप अपने डाइट में एक अच्छा प्रोटीन और कंप्लीट कार वेट करते हो जहां पर का अच्छा हिंदी नाश्ता लेते हो जिसमें प्रोटीन और कंपलेक्स कार्ब्स दोनों को तो उसके कुछ टाइम के बाद 10 मिनट के बाद 15 मिनट के बाद ही सही आप मल्टी यह नहीं कि आपने जंग फुट का है और आप मल्टी विटामिन ए डी जी यह नहीं कि आपने पेट भर के खाना खा लिया और मल्टीविटामिन दिल्ली से थैंक यू

Yogi Nath Bolkar App
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Unknown
2:58
आज के समय में आधुनिक युग में एक शोध के अनुसार पता चला है कि ज्यादातर लोगों को कुपोषण के शिकार होते मदर उनके जो बहुजन होता जो उनका आहार उसमें पूरी जो मात्रा होती है विटामिंस की न्यू ट्रेंस कि वह नहीं होती उनकी कमी है शायद इसका कारण मिलावट बढ़ती मिलावट है लोग अपना मुनाफा कमाने के लिए बढ़ाने के लिए मिलावट करते जा रहे हैं सामानों में ड्यूटी खत्म होती जा रही है ऐसे में हमें जरूरत पड़ती है कुछ एक्सट्रैनल सप्लीमेंट कि जो हमारी जो विटामिन ए न्यूट्रिशन में उनकी कमियों को पूरा कर सकें ठीक है लेकिन इन्हें इन में भी बैलेंस बनाना बहुत जरूरी होता है ऐसा नहीं है कि आप अच्छे विटामिन सब छीनी टेंशन के जो सप्लीमेंट है उनको लेते रहें और जो डाइट है जो फूड है उनको आवाज करते रहे खाने में जो अनाज हो गए गेहूं इन सब चीजों का इस्तेमाल ना करें और सिर्फ सपने में तो इसका आपके शरीर तो बहुत ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ेगा हमें वीडियो संतोष मैनेज करने के लिए डाइजेस्ट करने के लिए हमारे बॉडी में अच्छी तरह के लगे तो उनके लिए हमें इन चीजों की आवश्यकता पड़ती है कि एक अच्छा खासा आप को भोजन आपकी डाइट होनी चाहिए उसके बाद जो आपको लगता है कि अगर किसी चीज की कमी आपकी बॉडी में हो रही है चाय आने से लेकर कैल्शियम से लेकर उन से रिलेटेड कोई दिशु आता है तो आप उस विटामिन ई की गोली ले सकते हैं क्या सप्लीमेंट को ले सकते कह सकते हैं अदर वाइज अगर आप मेरे आपको लगता है कि आपकी बॉडी में कोई भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है लेती है तो आपको इन चीजों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि यह चीजें हमारी बॉडी सिर्फ उतना ही एक जॉब करती है विटामिन मिलना इतना ही हमारी बॉडी को आवश्यकता होती है बाकी सब चला जाता है इसमें क्या बहुत ज्यादा सप्लीमेंट लिए बहुत सारे मेटामिनडी कोलिया खाएंगे तो आपके अंदर बहुत ज्यादा विटामिन मीडिया की वजह से बहुत अच्छी ग्रोथ होगी ऐसा कुछ नहीं बॉडी सिर्फ करती आप जो खाते हैं उस पर से सिर्फ अति प्रसन्न वेस्ट जाता और सिर्फ 30% आबादी बॉडी को लगता है इस चीज का ध्यान में दीजिएगा बॉडी आपकी जो भोजन होता है उसका आप पूरा हंड्रेड परसेंट एग्जाम नहीं करती है उसको सिर्फ 30% एक जॉब करती है हमें यही चाहूंगा कि एकता हेल्दी फूड हेल्दी डाइट आप अपने जीवन में इस्तेमाल करें ताकि आपको सप्लीमेंट किया था उसके जरिए आपको उनकी जरूरत ना पड़े ठीक है और अगर लगता है तो डॉक्टर की सलाह से कि हां उनकी सलाह थे आप उन चीजों को अपनी डाइट में ले सकते हैं ठीक है और ज्यादा मात्रा में नाले हो सके जितना हो सके तो नेचुरल डाइट फॉलो करें नेचुरल नेटेशन जो तुम को फॉलो करें उनसे अपने जो भी आप की रिक्वायरमेंट है बॉडी कि उनको बिल्कुल फेल करें आई होप फॉर द पोस्ट ऑफ लिए काफी हेल्प लो आपको अच्छा लगा तो लाइक करें और कमेंट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया जरुर बताएं मेरा नाम है योगी प्रश

guru ji Bolkar App
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1:08

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#भारत की राजनीति

Sandeep Goyal Chandigarh  Bolkar App
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Tabla player artist
2:08
नमस्कार आपका सवाल है 1 से लेकर 100 तक की गिनती के बीच में 8 का अंक कितनी बार आएगा तो बहुत ही कठिन भी है इसको निकालना तो आपको बताता हूं मैं नमस्कार मैं संदीप गोयल चंडीगढ़ से हूं जवाब अच्छा लगे तो लाइक जरूर कीजिएगा 8 का अंक 1 से लेकर के 100 तक की गिनती के बीच में 19 बार आएगा जो कि कैसे पहला नंबर पर है 8:00 तक गिनती की शुरुआत में दूसरे नंबर का 8:00 आएगा 18 पर तीसरे नंबर का आएगा 28 पर चौथे नंबर का आएगा 365 में नंबर का 8:00 आएगा 48 पर छठ में नंबर का आएगा 5857 में नंबर का आएगा 6868 पर ठीक है आठ नंबर का आएगा तभी नौवें नंबर का आएगा 80 पर ठीक है 10 10 नंबर का 81 पर 11:00 बजे नंबर का 82 पर और 12वीं नंबर का 83 पर तेरे नंबर का 84 पर 14 नंबर का पचासी पर और 15 नंबर का 86 पर सर्वे नंबर का 87 पर सतार में नंबर का अट्ठासी पर 18वें नंबर का 89 पर 898 लास्ट अंतिम 1998 जो आएगा वह 98 पर आएगा 98 उम्मीद करता हूं आपको सवाल का जवाब मिल गया होगा धन्यवाद स्क्राइब करना ना भूलें धन्यवाद

#खेल कूद

Meghsinghchouhan Bolkar App
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सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
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जी मल्टीप्लैक्सर अभी ने सवाल किया है कि विद्यार्थियों को महाविद्यालय में नेता की ड्रेस में जाना खेल के मैदान में खेल के नियमों को अपना आजादी उदाहरण है तो तो विद्यालय विद्यालय की पोशाक जा महाविद्यालय की जो भी पोशाक में एकरूपता को दर्शाती है और मनी को दर्शाती है कि आप कितने भी साधन संपन्न क्यों नहीं हो जो महाविद्यालय में आप व्यस्त था मेरे उससे यह अभिव्यक्त नहीं होना चाहिए कि आप कोई स्पेशल आइकन हो या फैशन आईकॉन ओं महाविद्यालय में हर प्रकार के विद्यार्थियों हर प्रकार की स्थिति में विद्यार्थियों को जो सामान्य वर्ग का सामान्य मध्यवर्ग और निम्न मध्य वर्ग और हर प्रकार के विद्यार्थियों को समावेश होता है ऐसे विद्यार्थियों के अंदर जिसका लिविंग स्पेशल बहुत ही स्तरीय नहीं है मध्यवर्गीय निम्न मध्यवर्गीय परिवार के हैं इसके अंदर यह कौन सा है और हिंसा का भाव नहीं आए इसलिए एड्रेस में जाना जरूरी है और खेल के नियम के लिए शेर इमेज अर्चना और चल के नियम को अपनाना खेल का अनुशासन है क्योंकि शायद में हार और जीत हो या खेल की भावना होना महत्वपूर्ण है धन्यवाद

#खेल कूद

Archana Mishra Bolkar App
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0:38
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है 18 साल से 20 साल के बीच अगर उसका हाइट अगर 5 फीट है वह बढ़ाना चाहता है तो कैसे खाएं नेउप्राइड बढ़ाने के लिए कोई भी के लिए दवा नहीं खानी चाहिए वह हानिकारक प्रभाव डालती है शरीर में आपको हाइट बढ़ाना है तो आप योगा करिए बयान कीजिए थोड़ा लड़कियों की शिक्षा के प्रति अच्छी चीजें खाई है कैल्शियम भरी दूध पीजिए बादाम खाइए ड्राई फ्रूट्स खाइए हरी पत्तेदार सब्जियां खाइए छत आजा खाना खाइए आपकी हाइट बढ़ जाएगी आने बाद

#खेल कूद

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
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Retrieved sr tea . social activist,
0:56
उसको आपदा डालने पर सजा नहीं करा सकते हैं क्योंकि वह शासकीय कार्य नहीं है अपना नंबर दो जो आपकी से धर्म धर्म नहीं है आपको गंदे रास्ते पर गलत रास्ते पर जाते हुए नहीं देख सकती है उसका नैतिक फर्ज है और इसके लिए जमाना भी सारा संसार भी उसी की ओर लेगा उसकी सराहना करेगा शराब पीना है बहुत गंदी आदत है भक्तों का प्यासा ने इससे घर के घर बर्बाद हो जाते हैं परिवार बर्बाद हो जाते हैं इसलिए मैं उसी बहू का ही समर्थन करूंगा आपको सही रोक रही है आप अनुचित और कृत्य कर रहे हैं इसलिए बेहतर यही है कि आप इस गंदी आदत को छोड़ दें यह बेटे आपके परिवार और आपके समाज के हितकारी है

#टेक्नोलॉजी

Udham Prasad Gautam Bolkar App
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2:36
हाय दोस्तों नमस्कार गुड इवनिंग आपका प्रश्न है कि मोबाइल अटेंड बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहे हैं दोस्तों यह आप हंड्रेड परसेंट रूप से नहीं कह सकता है कि बच्चों का भविष्य मोबाइल इंटरनेट बिगाड़ रहे हैं दोस्तों बशर्ते नजरिया कैसा होना चाहिए बच्चों के प्रति इंटरनेट और मोबाइल देने का कि बच्चों को उसी अवस्था में दीजिए ऐसी स्थिति में दीजिए ताकि उनको लाभों इंटरनेट और मोबाइल से टिकट क्योंकि आजकल बहुत से ऐसे बच्चे हैं आजकल लॉक डाउन के दौरान बच्चे मोबाइल और इंटरनेट की जरिया ही पढ़ाई की है ठीक है बहुत ज्यादा मात्रा में तो सोचिए अगर मोबाइल इंटरनेट नहीं रहा होता तो क्या बच्चों का भविष्य लाल डाउनलोड बन पाता कुछ नहीं दोस्तों क्योंकि ऑफलाइन पढ़ाई नहीं हो रही थी उसी से ऑनलाइन बच्चे पढ़ते रहे जिससे कि उनका नॉलेज कुछ ना कुछ बेहतर रहा ठीक है तो उसी प्रकार से हमें हमारा फर्ज होता है कि हम बच्चों को किस हिसाब से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए दे रहे हैं किस तरह से देना कितने घंटे के लिए ताकि बच्चा जो है वह सही सीख रहा है या नहीं सीख रहा है उसके बारे में जानकारी हमारा फर्ज है बच्चे नासमझ होते वह कुछ भी अगर मोबाइल फोन पाए जाते गेम खेलने लगते और कई तरह के मारे वेबसाइट खोलने लगते हैं तुमको ज्यादा स्पीक वर्ल्ड नॉलेज नहीं होता वह उसमें घुस जाते हैं मतलब हर चीज के बारे में जानना चाहते हैं ठीक है तो उससे उनको अच्छा उसमें लगने लगता है तो लेकिन आप यह देखिए कि अपना जो उनका जो टाइम है पढ़ने कहा है लिखने का खेलने का है तो उनके हिसाब से जब टाइम बचाए कहां इस वक्त मोबाइल हमको उनको दे देना चाहिए तो उस हिसाब से अब मोबाइल में को दीजिए ना ताकि उससे कुछ सीख सके देखें अगर हमेशा दिन भर आप उसको फोन ही दे रहा है क्या तू फोन से क्या सीखेगा जितना आएगा उतना तो सीख सकता है या फिर उसमें सिर्फ गेम खेलने लगता है आजकल बच्चों के सबसे ज्यादा यही पर्सनल स्थिति आ जाती है कि वह हमेशा गर्मी से लोग कहने लगते हैं कि बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहा है पर वास्तव में है या नहीं है आप अगर फॉर मोबाइल फोन उसको गेम खेलने के लिए नहीं देंगे फिर वह कैसे लेकर गेम खेलने लगे उसको भाई लिखा है उसके बाद जो टाइम मस्ती करने का उसमें आप दे सकते हैं एक बार थोड़ा बहुत गेम खेलो ठीक है या फिर गेम खेलने का एक ब्लैक मेलिंग वाला सिस्टम करके बच्चों को भी पढ़ाने का एक अच्छा तरीका बन जाता है या दो घंटा की 3 घंटा पढ़ोगे तो हम तुमको गेम खेलने के लिए देंगे इस तरह से बच्चा क्या करेगा पढ़ाई करेगा वैसे भी स्थिति आ जाती बच्चों के अंदर ठीक है तू नजरिया आपका होना चाहिए कि आप कैसे बच्चों को देखते हैं बच्चों को कैसे मोबाइल फोन देते हैं कभी उस करते हैं काम को बच्चा क्या करें मोबाइल फोन में यह सब देखने का जो तरीका है आपको इस्तेमाल करना चाहिए ठीक आशा करता हूं जॉब अच्छा लगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
To और into का प्रयोग कब करते है?
Archana Mishra Bolkar App
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Housewife
1:01
आपका प्रश्न 12 और * का प्रयोग कब करा जाता है तो दोस्तों टू का प्रयोग आई लुक आई विल लुक इनटू द रीज़न ऑफ दिस इज यूज टू लुक इनटू द पॉसिबिलिटी ऑफ अवर सोलर पावर और दोस्तों हमारा जो होता है उसमें भी बहुत सेंटेंसेस बन जाते हैं व्हाट इन पुट्टी फ्रूट इंडी बास्केट फ्रूट बास्केट फ्रूट इन टू द बास्केट फ्रूट इन टू द बास्केट इसमें थैंक्स टू और * यह सब शब्द लग जाती है और मान लीजिए कि है तो हमारे पास है जैसे इट गॉट इट हेल्थी कॉस 120 प्रमोशन तो यह के कुछ टू और * के एग्जांपल जहां पर वह प्रयोग होते हैं थैंक यू

#भारत की राजनीति

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
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👨‍🏫 Teacher.
1:32
प्रार्थना है कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष शिक्षकों के बारे में क्या बोले हैं तो उन्होंने कहा है कि किसी भी समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम भूमिका होती है क्योंकि शिक्षक इस समाज को सही दिशा में लेने की या ले जाने की क्षमता रखता है अपनी सृजनात्मक क्षमता के जरिए वह न सिर्फ समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है अपितु 9 चारों को स्थापित कर के नए शैक्षिक वातावरण का निर्माण भी कर सकता है उजागर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने भारतीय शिक्षण मंडल एवं नीति आयोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शैक्षणिक नेतृत्व 20th गोष्टी के दौरान व्यक्त किया गया डॉ कुमार ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को क्रियान्वित करने के लिए एक जन आंदोलन की जरूरत है जो बिना शिक्षकों के सक्रिय भागीदारी से संभव नहीं है देव गोस्टिका दौरान भारतीय शिक्षण मंडल को राष्ट्रीय महासचिव मुकुल का नाटक और ने कहा है कि भारतीय शिक्षण मंडल नीति आयोग के साथ मिलकर एक ऐसे शैक्षिक परिवेश के निर्माण में लगा है जिसके मूल में भारतीय संस्कृति हो जिसमें भारतीय का बोध नहीं तो अतिथियों का स्वागत करते हुए भारतीय शिक्षण मंडल के अध्यक्ष प्रोफेसर सच्चिदानंद जोशी ने कहा है कि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो हमें भारतीय परंपराओं पर परंपराओं पर आधारित शिक्षा पद्धति को केंद्र में रखना होगा

#पढ़ाई लिखाई

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
1:11
आपका प्रश्न है इस वेदर का प्रयोग कब किया जाता है तो दोस्तों इस फेकू सेंटेंसेस लिटरली डिवाइडेड बाइ कोल्ड नॉट फाइंड इट इट इन बिटवीन इन प्लेस इन आई हैव टू गो ऑन द अदर एंड वेदर दोस्तों यह हमारे खुद के सेंटेंसेस अब हम लोग बात करते हैं अपने जो मारा वेदर है जो अपने वेदर दिया था उसके कुछ सेंटेंसेस जो कि आप लोग उस में आएंगे तो दोस्तों वेदर कुछ सेंटेंसेस कीबोर्ड नोट बैटरी व्हाट आर द अर्थ हिंदी एडिशन इस बैच नो मैटर वेदर टुडे अल्कोहल और आईडी विशेषता दोस्तों यह पर कुछ और बजट की सेंटेंसेस जहां पर प्रयोग किया जाता है आपको अच्छा लगा हो तो प्लीज लाइक करें थैंक यू

#पढ़ाई लिखाई

Manju Bolkar App
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3:16
इंग्लिश ग्रामर डायरेक्ट और इनडायरेक्ट के बारे में पूछा है तो डायरेक्ट स्पीच वह होता है जो किसी ने कोई किसी को कुछ जब कहते हैं तो उसको डबल कोट्स में लिखते हैं तो यह डायरेक्ट भेजो क्या मतलब जो भी व्यक्ति जो भी कह रहा है अपने जो भी कहा है बिल्कुल उसी तरह हम डबल कोट के अंदर वह वाक्य को लेकर मुझे डायरेक्ट और इनडायरेक्ट स्पीच को इनडायरेक्ट स्पीच में जब लिखते हैं जो पिक है वह बदल जाता है और पास में लिखते हैं तो इसमें नियम यह है कि जो डायरेक्ट पीता है उसको जवाब कन्वर्ट करते हैं बदलते हैं इनडायरेक्ट स्पीच में तो जो सब्जेक्ट होता है मतलब कुछ भी हो सकता है नाम भी दिया जाता है जो भी दिया उसे एसिटीज लिखना है और जो क्रिया होता है रिपोर्टिंग बड़ा उदाहरण के तौर पर एक उदाहरण ले लेते हैं डायरेक्ट बीच में सेट और ब्रैकेट में आई एम प्लेइंग क्रिकेट सेट आई एम प्लेइंग क्रिकेट तो कोर्ट में आई एम प्लेइंग क्रिकेट है इसको अगर हम इनडायरेक्ट कमेंट में कन्वर्ट करते हैं तो हम लिखेंगे ही रेट डबल कोट को अभी हटा देंगे तो जब हम डबल कोट्स को हटा रहे हैं और जो इनवर्टेड कॉमस होते हैं उसे डबल कोट कहते हैं उस कोटेशन को जो पट आएंगे तो नेट का इस्तेमाल होगा और भाई का क्या होगा जिस दिन में बोला है वह उसका प्रणव को का मतलब यहां पर ही सेंड आई एम प्लेइंग क्रिकेट तो उसने अहमद आपको कोई लड़का है जिसने कहा या तो यहां पर आए की जगह हम लिखेंगे ही तो उसी सेट दैट ही इज का वास बात लिखना है कि सेट द क्वालिटी के यहां पर जो डायरेक्ट बीच में जो टेंस था वह बदल गया है पासवर्ड क्या है दुनिया तो बस यही है जब हम डबल कोट हटाते हैं तो दैट इस्तेमाल होता है और जो अब प्रेजेंट टेंस में बोला गया है उसको कन्वर्ट करते हैं पास्ट टेंस एक और उदाहरण जाऊंगी जहां पर टेंस चेंज नहीं होगा तो जैसे कि इन मरण और ले लेते ही से आई एम प्लेइंग क्रिकेट तो यहां पर शेयर इट इज वैसे ही हम इनडायरेक्ट स्पीच में लिखेंगे ही से ही इस प्लेइंग क्रिकेट यहां पर टच जब मैंने पहला उदाहरण दिया वहां पर ही सेट मतलब वह कार्य हो चुका है तो इसलिए हमने एक बार चांस में कन्वर्ट किया यहां पर प्रेजेंट टेंस में हो रहा है इसीलिए हमें यहां पर टेंस चेंज नहीं किया लेकिन एग्जाम करने से दैट ही इज प्ले क्रिकेट आशा करते हो आपको यह जवाब पसंद आया होगा समझ में कमेंट करके बताइएगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

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👨‍🏫 Teacher.
1:18
सुना है कि मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक के स्वच्छता क्या है तो मैं बात कर लूंगा मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अगर हमारा मानसिक स्वास्थ रहेगा तभी हम भी कोई काम जो है बेहतर तरीके से कर पाएंगे जैसे इतना मूर्तियां खुश रहना यह सब मानसिक स्वास्थ्य का ही कारण है अगर आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा है तो आप बिल्कुल यह तनाव मुक्त रहेंगे खुश रहेंगे और वही बात कर एक दूसरा पहलू मानसिक स्वच्छता का तो यदि हमारा मानसिक स्वक्ष नहीं है तक कई तरह की बातें अनुसुइया चीज हमारे मन में आते हैं और कभी-कभी होता है कि मन और बुद्धि में टक्कर होती है मन कहता है कि यह काम करे लेकिन बुझी कहता है कि नहीं यह काम करना हमारे फेवर में नहीं है तो कभी-कभी इसमें लड़ाई होती है और जो प्रबल होता है उसकी जीत होती है तो हम सभी यह भी जानते हैं कि हर खुश रहने की कोशिश करता है लेकिन जिंदगी की आपाधापी ना चाहते हुए भी तनाव का सामना करना पड़ता है जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधित हो सकता है कि मानसिक के स्वास्थ्य जो है अच्छा नहीं है तनाव परिवार के सामाजिक सरोकार की वजह से ही नहीं छोटी-छोटी बातों को भी हो सकता है

#पढ़ाई लिखाई

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👨‍🏫 Teacher.
1:41
रचना है कि ठंड के मौसम में सर्दी जुकाम से बचने के लिए क्या करना चाहिए तो हम लोग देख रहे हैं कि तापमान में गिरावट होने के कारण प्रदूषक और एलर्जी तत्व हवा से जल्दी हॉट नहीं पाते हैं जिससे अस्थमा एलर्जी राइनाइटिस और अन्य प्रकार के एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है ठंड से बचने के लिए ज्यादातर लोग जो है अधिकार समय घर या ऑफिस में बिताते हैं और यही आदत एलर्जी का कारण बनती है इससे इंदौर एलर्जी कहा जाता है अब है कि हवा के मौजूद धूल के कण इंदौर मोल्ड एंथोफोबिया पालतू जानवरों के रूसी और कॉकरोच ड्रॉपिंग एलर्जी के मुख्य कारण है ठंड के मौसम में सर्दी जुकाम से बचने के लिए आपको सबसे पहले घर में वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए धूल वह धोखे से बचना चाहिए तापमान मैं अचानक परिवर्तन ना हो इसका भी आपको ख्याल रखना चाहिए धूल से बचने के लिए मुंह और नाक पर मांस के रुमाल जरूर बांध है पर्दे चादर बेडशीट व कालीन को नामी से बचाने के लिए धूप में रखें बाल वाले पालतू जानवर से दूर ही रहे जानवरों के एलर्जी है तो घर में ना रखें जिन पौधों में परागण से आपको एलर्जी है उनसे दूर रहा है घर में मकड़ी वगैरह का जाल न लगने दें तो मैं समय पर घर की सफाई भी जरूर करते रहे घर में हमेशा बांधना रहे हैं घर को हवादार बनाए ताकि स्टाफ हवा आती रहे

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1:23

#टेक्नोलॉजी

Udham Prasad Gautam Bolkar App
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हाय दोस्तों नमस्कार गुड इवनिंग आपका प्रश्न है कि मोबाइल अटेंड बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहे हैं दोस्तों यह आप हंड्रेड परसेंट रूप से नहीं कह सकता है कि बच्चों का भविष्य मोबाइल इंटरनेट बिगाड़ रहे हैं दोस्तों बशर्ते नजरिया कैसा होना चाहिए बच्चों के प्रति इंटरनेट और मोबाइल देने का कि बच्चों को उसी अवस्था में दीजिए ऐसी स्थिति में दीजिए ताकि उनको लाभों इंटरनेट और मोबाइल से टिकट क्योंकि आजकल बहुत से ऐसे बच्चे हैं आजकल लॉक डाउन के दौरान बच्चे मोबाइल और इंटरनेट की जरिया ही पढ़ाई की है ठीक है बहुत ज्यादा मात्रा में तो सोचिए अगर मोबाइल इंटरनेट नहीं रहा होता तो क्या बच्चों का भविष्य लाल डाउनलोड बन पाता कुछ नहीं दोस्तों क्योंकि ऑफलाइन पढ़ाई नहीं हो रही थी उसी से ऑनलाइन बच्चे पढ़ते रहे जिससे कि उनका नॉलेज कुछ ना कुछ बेहतर रहा ठीक है तो उसी प्रकार से हमें हमारा फर्ज होता है कि हम बच्चों को किस हिसाब से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए दे रहे हैं किस तरह से देना कितने घंटे के लिए ताकि बच्चा जो है वह सही सीख रहा है या नहीं सीख रहा है उसके बारे में जानकारी हमारा फर्ज है बच्चे नासमझ होते वह कुछ भी अगर मोबाइल फोन पाए जाते गेम खेलने लगते और कई तरह के मारे वेबसाइट खोलने लगते हैं तुमको ज्यादा स्पीक वर्ल्ड नॉलेज नहीं होता वह उसमें घुस जाते हैं मतलब हर चीज के बारे में जानना चाहते हैं ठीक है तो उससे उनको अच्छा उसमें लगने लगता है तो लेकिन आप यह देखिए कि अपना जो उनका जो टाइम है पढ़ने कहा है लिखने का खेलने का है तो उनके हिसाब से जब टाइम बचाए कहां इस वक्त मोबाइल हमको उनको दे देना चाहिए तो उस हिसाब से अब मोबाइल में को दीजिए ना ताकि उससे कुछ सीख सके देखें अगर हमेशा दिन भर आप उसको फोन ही दे रहा है क्या तू फोन से क्या सीखेगा जितना आएगा उतना तो सीख सकता है या फिर उसमें सिर्फ गेम खेलने लगता है आजकल बच्चों के सबसे ज्यादा यही पर्सनल स्थिति आ जाती है कि वह हमेशा गर्मी से लोग कहने लगते हैं कि बच्चों का भविष्य बिगाड़ रहा है पर वास्तव में है या नहीं है आप अगर फॉर मोबाइल फोन उसको गेम खेलने के लिए नहीं देंगे फिर वह कैसे लेकर गेम खेलने लगे उसको भाई लिखा है उसके बाद जो टाइम मस्ती करने का उसमें आप दे सकते हैं एक बार थोड़ा बहुत गेम खेलो ठीक है या फिर गेम खेलने का एक ब्लैक मेलिंग वाला सिस्टम करके बच्चों को भी पढ़ाने का एक अच्छा तरीका बन जाता है या दो घंटा की 3 घंटा पढ़ोगे तो हम तुमको गेम खेलने के लिए देंगे इस तरह से बच्चा क्या करेगा पढ़ाई करेगा वैसे भी स्थिति आ जाती बच्चों के अंदर ठीक है तू नजरिया आपका होना चाहिए कि आप कैसे बच्चों को देखते हैं बच्चों को कैसे मोबाइल फोन देते हैं कभी उस करते हैं काम को बच्चा क्या करें मोबाइल फोन में यह सब देखने का जो तरीका है आपको इस्तेमाल करना चाहिए ठीक आशा करता हूं जॉब अच्छा लगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:03
हमें अपनी भाषा का प्रचार कहां-कहां करना चाहिए कि प्रसारण किया जाता है जहां उस चीज की उपलब्धता ना हो तुझे समारोह में हिंदी भाषा भाषी क्षेत्र के हैं तो हमें ऐसे क्षेत्रों में भाषा के प्रसार करना चाहिए यह लोग हिंदी भाषा जानते हो इसे उड़िया भाषा है तमिल है मलयालम है कि भाषाएं जमालो हिंदी नहीं जानते हैं तो वहां पर हिंदी का प्रचार था अगर आप करेंगे तो देश की समृद्ध भाषा से जुड़ेंगे और हिंदी के गुणों को पहचानेंगे इसलिए अपने क्षेत्र की भाषा का उपयोग तथा प्रचार-प्रसार है वैसी जाऊं भाषा की उपलब्धता ना हो और वहां लोग आपकी भाषा को ना जानते हैं ऐसी जगहों में भाषा का प्रचार प्रसार किया जाए जिससे हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है हिंदी राजभाषा है बहुत से क्षेत्रों में अभी भी अंग्रेजी बोली जाती है इसलिए अंग्रेजी का विरोध कीजिए और हिंदी का प्रचार-प्रसार कीजिए उन क्षेत्रों में हिंदी का प्रचार प्रसार की गई जहां पर लोग हिंदी नहीं जानते हैं कि अगर करते हैं आज के लिए बहुत बड़ा काम आप करेंगे

#खेल कूद

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Housewife
0:41
स्वागत है आपका आपका पेट में आजकल के बच्चों ने गुड्डी गुड़िया और खिलौने से खेलना क्यों बंद कर दिया है तो फ्रेंड साथ कल जिस तरह से मोबाइल का जमाना आ गया है मोबाइल कंप्यूटर लैपटॉप बस पच्चीसी में लगे रहते हैं और गेम वगैरा जो है वह मोबाइल में खेल लेते हैं तथा गुड्डू कुछ नहीं खेलते हैं उनके लाइफ इंटरनेट पर बिल्कुल बिजी हो गई है इस तरह के खेल नहीं खेलते हैं बल्कि इस तरह के खेल खेलना चाहिए पर बच्चे आजकल मोबाइल लैपटॉप में ही लगे रहते हैं बस उसी में खेलते हैं इसलिए और कुछ बच्चे टीवी भी देखते हैं उसमें लगे रहते हैं तो वे गुड्डू करो

#टेक्नोलॉजी

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Housewife
0:37
फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्लीज में फ्लिपकार्ट कैसे पैसे कमाता है जबकि प्रोडक्ट तो शीला भेजते हैं तो फ्रेंड यह जो फ्लिपकार्ड होते हैं अमर जवान होते हैं जो सारे डिलीवर करती हैं कि हम सामानों को जड़ से उधर तो इनका कनेक्शन बंद होता है इन्हें डिलीवर करने के लिए प्रचार प्रसार करने के लिए पैसे मिलते हैं और यह उन्हीं के माध्यम से पैसे कमाते हो फ्रेंड्स लोग कमीशन पहले से फिक्स होता है इसलिए कार्ड वगैरह उससे पैसे कमाते हैं टेलर को जो पैसे जाते हैं उसके बाद इनका जो कमीशन होता है उन्होंने पैसे मिलते हैं

#जीवन शैली

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Housewife
0:52
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न किया बेटी किसी और के घर की अमानत होती है तो फ्रेंड सा हमारे बड़े बुजुर्ग भी यही कहते हैं कि बेटी पराई घर की अमानत होती है पर आजकल के जमाने में ऐसा नहीं है ऐसा नहीं समझना चाहिए कि मुझे शादी कर दिया बस बेटी से हमारा हाथ धो लिया बिल्कुल कोई मतलब नहीं है और पीछा छुड़ा लिया इस तरह के विचार नहीं करना चाहिए बेटी किसी और की अमानत तो होती है हम उसे पढ़ा लिखा कर बड़ा करते हैं फिर उसकी शादी कर लेते हैं दोस्तों में दे देते हैं लेकिन समय-समय पर उसके हाल चाल लेते रहना चाहिए देखते रहना चाहिए कि हमारी बेटी जिस घर में शादी किया है खुश है कि नहीं है या उसे कोई छोटी मोटी परेशानी है दिक्कत है पैसों की कोई परेशानी है तो आप उनकी मदद करें आप अपनी बेटी के हाल-चाल पूछे और बेटी की मदद भी जरूर करें धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

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Housewife
0:37
स्वागत है आपका आपका प्रश्न है किसी को सॉफ्टवेयर इंजीनियर कब नहीं बनना चाहिए फ्रेंड्स जब किसी ने किसी दूसरे विषय की पढ़ाई की है तो उसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं बनना चाहिए अगर उसने किसी दूसरे सब्जेक्ट को लिया है कुछ दूसरा पड़ रहा है डॉक्टर पढ़ना चाहता कुछ और करना चाहता है तो उसे वह पढ़ना है और कोई दूसरी डिग्री ली हुई है तो फिर वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं बन पाएगा और उसे नहीं बनाई जिसने जिस चीज की पढ़ाई की है उसको उसी क्षेत्र में जाना चाहिए और किस को अपनाना चाहिए वही बनना चाहिए और आपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बारे में पढ़ाई नहीं की तो आपको नहीं बनना चाहिए धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

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Housewife
0:39
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है भारत में मरने के बाद में रहने क्यों मनाते हैं तो फ्रेंड से यह परंपरा तो बहुत पहले से ही चली आ रही है कि जिम जाने के बाद तेरा दिल में तेरे हुई मनाई जाती है ऐसा कहा जाता है कि जो व्यक्ति मर जाता है तो उसके मन पसंद का खाना बनाया जाता है तेरे बिन दिन और भोग लगाया जाता है और फिर हमारे घर के जो बड़े बूढ़े और जो भी हमारे रिश्तेदार रिलेटिव्स मित्र समय उनको बुलाया जाता है और प्रसाद खिलाया जाता है तो यह बहुत पहले से सीमंता चली आ रही है इसलिए हम तेरे ही मनाते हैं धन्यवाद

#जीवन शैली

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Journalism
0:44
उसने बहुत ही अच्छा है और बहुत ही गहराई वाला है कि मां अपने बच्चे की पेट की आग को बुझाने के लिए किस हद तक जा सकती है इस प्रश्न का आंसर में बिना लंबी बात को खेतों से पूछना चाहता हूं कि एक मां अपने बच्चे की पेट की आग जाने का उस हद तक जा सकती है जैसा दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं जा सकता दिहा मां अपने बच्चे को अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती है तो अगर वह अच्छा कभी भूखा है जिसे भूख लग रही है और वह कुछ खाना चाहता है तो अगर उस मां के हाथ बस में कुछ है कि उसको का कार्य करके उस बेटे को बेटी को खाना मिल सकता है तो वह कार्रवाई जरूर करेगी चाहे भले उसे उसे अपनी जान भी जोखिम में डालनी पड़ेगी या मोगी माता का उसे अपने बच्चे के लिए खाने के लिए 70 दशक 370 इस दुनिया में कोई नहीं जा सकता

#टेक्नोलॉजी

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Housewife
0:38
स्वागत है आपका आपका प्रश्न है यदि मोबाइल में पासवर्ड पड़ा है तो दुर्घटना होने पर कोई मेरे मोबाइल से मेरे घर वालों का नंबर कैसे लगाएगा तो फ्रेंड से मोबाइल में इमरजेंसी कॉल होता है तो इमरजेंसी से पहले पुलिस के पास फोन आपका लगा सकते हैं और वहां से नंबर आपका देख सकते हैं किसके नंबर है और उसी नंबर से सब डिटेल निकल जाएगी और उसी से फोन लग जाएगा तो उसमें इमरजेंसी कॉल हो जाएगी यह तो फिर कोई अगर पासवर्ड खोलना जानता हो या मोबाइल को खोलना जिसको आता हो तो वह भी पासवर्ड को बोलेगा और मोबाइल नंबर निकाल कर घर को फोन लगा देगा

#धर्म और ज्योतिषी

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Journalism
0:58
होती आध्यात्मिक प्रश्न है कि श्री कृष्ण ने गीता में कहा कि कर्म करो फल की इच्छा मत रखो ठीक है मैं आपको उसका अर्थ बता दो उसका मतलब है कि आप अपने कर्म करते रहिए और फल की चिंता मत कीजिए बस आपका जो आप आज पृथ्वी पर जिस काम के लिए वह काम करें आप अच्छे हो अच्छे हो अच्छे बने हैं बड़े लोगों की सहायता करें बड़ों का सम्मान करें छोटों को सम्मान करना सिखाए आदर भाव अपने अंदर रखें और किसी से भी छल कपट ना करें अब बस अपना कर्म करते रहो फल की चिंता मत करो अगर जब आप अपने कर्म अच्छे करोगे तो ऊपर वाला अवश्य आपको फल देगा यह स्पष्ट लिखा था कि भविष्य में आज के समय में जो लोग सिर्फ फल मांग फल की चिंता कर रहे हो कर्म नहीं कर रहे हैं तो ऐसा वह उन लोगों के लिए कहा गया कि की कृपा आप कर्म करें अपने कर्म कर्म करने से नहीं गलत कर्म करना को कर्म अच्छे करने होंगे अच्छे कर्म कीजिए और फल की चिंता बिल्कुल मत कीजिए निश्चिंत आपको उस कर्म का अच्छा फल जरूर देगा
  • मल्टीविटामिन कब लेनी चाहिए, मल्टीविटामिन किसे कहते हैं, मल्टीविटामिन क्या है, मल्टीविटामिन क्या होता है, मल्टीविटामिन क्या काम करता है
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