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shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
3:28
हेलो जी बात तो आ जाते सवाल है कि खाने के तेल और रिमाइंड के रेट कितनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं मीडियम टाइप के आदमी का क्या होगा तेरी नहीं मतलब हर एक चीज महंगाई मतलब बढ़ती जाए जो मतलब जरूरत की चीजें बिना समझे आप मतलब तेल की बिना बिल्कुल भी नहीं मतलब बना सकते हैं मसाले की चार मसाले मसाले की कब बना सकते हैं सब्जी अगर आपके पास है तो बना सके लेकिन जो फ्राई करते हैं वह कभी कदर नहीं रहता है तो हम भी बना पाते हैं वह तो सब्जी बनाना है मतलब बिल्कुल भी हम सोच भी नहीं सकते क्योंकि खिचड़ी हो गया सब्जी हो गया जो भी सितम बनारस का एड्रेस खिचड़ी भी फ्राई करते हैं तो तेल मतलब बहुत बहुत ज्यादा जरूरी हो तेजल डीजल हो या फिर खाने के तेलों सब मैं गुजारी जो इंसान की जरूरत है तो मैं पहले भी कहीं हूं कि जब भी महंगाई बढ़ता है तू बिना कोई नुकसान नहीं होता है उनको इतना फर्क नहीं पड़ता है पता भी नहीं होता कि बाहर क्या रेट चल रहा है क्या नहीं चल रहा है उनका मतलब है उनको तो बिल्कुल भी नहीं पता लेकिन मिडिल क्लास हुई कि कृपया इग्नोर करते हैं बहुत ज्यादा जो रिक्शावाला या फिर जो भी रोड में जो भी काम करता कर उससे ₹100 ₹200 का मुश्किल से मिलते हैं वह भी जरूरी नहीं था कि हर दिन सो ₹200 मिलता है तो उसने वह चावल ले गया ले गया ले गया भेजो रिक्शा चलाता है वहां के समय जो खर्च हो रहे हैं कितना मतलब मुश्किल हो जा रहा है आजकल के समय में शर्मा इतने कम पैसे में मिडिल क्लास लोगों के लिए मतलब बहुत ही प्रॉब्लम वाली बात है जैसे महंगाई बढ़ रही है तो सरकार को समझना कि जरूरत की चीजों में अगर इतना महंगाई बढ़ा देंगे लॉक लॉक हुआ है वह निकालने के लिए हम इतना ज्यादा गंगाई कर देंगे तो इंसान की ओर से मतलब जो भी ग्रुप जो नीचे गिर गया उसको खाने के चक्कर में हम पापुलेशन पर गरीबों को ही मारता है तो यह सोच कर करना चाहिए सरकार चलाने के लिए मिलती है तो यह कोई छोटी मोटी तो मतलब पोजीशन होता नहीं है सोचना चाहिए इतना कर बढ़ा रहे हैं गरीबों में जो इंसान यूज़ करेगा ही करेगा उसके पास कोई ऑप्शन नहीं है अनु के लिए कोई प्रॉब्लम नहीं होता है लेकिन गरीबों के लिए बहुत बहुत ज्यादा प्रॉब्लम होता है महंगाई से ही मतलब दम तोड़ देते मर जाते हैं उसके बारे में सोचना चाहिए ज्यादा मतलब नहीं बढ़ाना चाहिए जिससे लोग अननेसेसरी उसका दिल से कोई यूं ही नहीं है फिर भी लोग मैसेज कर रहे कर रहे हो गया आज भी मतलब फोन सिंह के लिए जो भी तरह हो गया तंबाकू हो गया वह सब में पढ़ाना चाहिए कि वह इंसान से बढ़कर कोई नहीं है सब चढ़ाना चाहिए लेकिन यह सब चीजों में नहीं पड़ना बढ़ाना चाहिए जिसमें किसी के पेट में मतलब रात पड़े और कोई भूखा ही मर जाए या फिर वह अपने पेट भी नहीं बता रही थी बच्चों में मतलब ज्यादा दाम नहीं बनाना चाहिए
Helo jee baat to aa jaate savaal hai ki khaane ke tel aur rimaind ke ret kitanee tejee se kyon badh rahe hain meediyam taip ke aadamee ka kya hoga teree nahin matalab har ek cheej mahangaee matalab badhatee jae jo matalab jaroorat kee cheejen bina samajhe aap matalab tel kee bina bilkul bhee nahin matalab bana sakate hain masaale kee chaar masaale masaale kee kab bana sakate hain sabjee agar aapake paas hai to bana sake lekin jo phraee karate hain vah kabhee kadar nahin rahata hai to ham bhee bana paate hain vah to sabjee banaana hai matalab bilkul bhee ham soch bhee nahin sakate kyonki khichadee ho gaya sabjee ho gaya jo bhee sitam banaaras ka edres khichadee bhee phraee karate hain to tel matalab bahut bahut jyaada jarooree ho tejal deejal ho ya phir khaane ke telon sab main gujaaree jo insaan kee jaroorat hai to main pahale bhee kaheen hoon ki jab bhee mahangaee badhata hai too bina koee nukasaan nahin hota hai unako itana phark nahin padata hai pata bhee nahin hota ki baahar kya ret chal raha hai kya nahin chal raha hai unaka matalab hai unako to bilkul bhee nahin pata lekin midil klaas huee ki krpaya ignor karate hain bahut jyaada jo rikshaavaala ya phir jo bhee rod mein jo bhee kaam karata kar usase ₹100 ₹200 ka mushkil se milate hain vah bhee jarooree nahin tha ki har din so ₹200 milata hai to usane vah chaaval le gaya le gaya le gaya bhejo riksha chalaata hai vahaan ke samay jo kharch ho rahe hain kitana matalab mushkil ho ja raha hai aajakal ke samay mein sharma itane kam paise mein midil klaas logon ke lie matalab bahut hee problam vaalee baat hai jaise mahangaee badh rahee hai to sarakaar ko samajhana ki jaroorat kee cheejon mein agar itana mahangaee badha denge lok lok hua hai vah nikaalane ke lie ham itana jyaada gangaee kar denge to insaan kee or se matalab jo bhee grup jo neeche gir gaya usako khaane ke chakkar mein ham paapuleshan par gareebon ko hee maarata hai to yah soch kar karana chaahie sarakaar chalaane ke lie milatee hai to yah koee chhotee motee to matalab pojeeshan hota nahin hai sochana chaahie itana kar badha rahe hain gareebon mein jo insaan yooz karega hee karega usake paas koee opshan nahin hai anu ke lie koee problam nahin hota hai lekin gareebon ke lie bahut bahut jyaada problam hota hai mahangaee se hee matalab dam tod dete mar jaate hain usake baare mein sochana chaahie jyaada matalab nahin badhaana chaahie jisase log ananesesaree usaka dil se koee yoon hee nahin hai phir bhee log maisej kar rahe kar rahe ho gaya aaj bhee matalab phon sinh ke lie jo bhee tarah ho gaya tambaakoo ho gaya vah sab mein padhaana chaahie ki vah insaan se badhakar koee nahin hai sab chadhaana chaahie lekin yah sab cheejon mein nahin padana badhaana chaahie jisamen kisee ke pet mein matalab raat pade aur koee bhookha hee mar jae ya phir vah apane pet bhee nahin bata rahee thee bachchon mein matalab jyaada daam nahin banaana chaahie

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Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:53
समय खाने के तेलों रिफांइड की डेट इतनी तेजी से क्यों बढ़ा रहे हैं मीडियम टाइप के आदमी ने किया हुआ वीडियो टाइप में जो भी आदमी है उसके ऊपर दबाव बनेगा जमकर खर्चा कम होगा अपने जीवन की रेजीमेंट हो गई है जो कि उद्योगों में एंड्रॉयड विशेष कंपनियां तैयार करती है तेल भी आजकल पैकेट इत्यादि के अंदर आने लग गई है तो अध्यक्ष उद्योगपति इनको फायदा इसी वजह से तेजी से बढ़ रही मध्यमवर्ग परिवार है इसके ऊपर जाने का
Samay khaane ke telon riphaanid kee det itanee tejee se kyon badha rahe hain meediyam taip ke aadamee ne kiya hua veediyo taip mein jo bhee aadamee hai usake oopar dabaav banega jamakar kharcha kam hoga apane jeevan kee rejeement ho gaee hai jo ki udyogon mein endroyad vishesh kampaniyaan taiyaar karatee hai tel bhee aajakal paiket ityaadi ke andar aane lag gaee hai to adhyaksh udyogapati inako phaayada isee vajah se tejee se badh rahee madhyamavarg parivaar hai isake oopar jaane ka

Bhavesh Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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West Bengal India is Great
0:39
इंडिया माध्यमिक का क्या हुआ वह तो बात सही है लेकिन जो उससे भी करेगा उसका क्या होगा उसको थोड़ी के सरकार बाबा तेल भी और पेट्रोल सबका तो एक ही हालत है सब तो ककड़ी तैयार खाते यार पेट ऐसा चीज है जो खाना ही पड़ेगा तो हर चीज का दाम बढ़ रही है एक्सप्रेस बढ़ रही है जिसे देख सकते हैं आपके जैसे फल को ले लीजिए भाई सरसों तेल सरसों तेल जैसा सीधा-सीधा ₹10 किलो ₹400 किलो क्या समझने वाली बात है हर चीज की दाम बढ़ रही महंगाई पर इसका क्या होगा वह वक्त बताएगा लेकिन जो बन रहा है वह बढ़ रहा है
Indiya maadhyamik ka kya hua vah to baat sahee hai lekin jo usase bhee karega usaka kya hoga usako thodee ke sarakaar baaba tel bhee aur petrol sabaka to ek hee haalat hai sab to kakadee taiyaar khaate yaar pet aisa cheej hai jo khaana hee padega to har cheej ka daam badh rahee hai eksapres badh rahee hai jise dekh sakate hain aapake jaise phal ko le leejie bhaee sarason tel sarason tel jaisa seedha-seedha ₹10 kilo ₹400 kilo kya samajhane vaalee baat hai har cheej kee daam badh rahee mahangaee par isaka kya hoga vah vakt bataega lekin jo ban raha hai vah badh raha hai

Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:25
खाने के तेल रिफाइंड के लिए इतनी तेजी से चेक लगाने के तरीके आदि विदेशिया होगा उनको बहुत जल्दी महंगाई का सामना करना पड़ा का सामना करना पड़ गई थी उस समय पानी की बहन के चक्कर में पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ गए इसके बाद खाना खाएंगे

DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए DR.OM जी का जवाब
Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:46
खाने के तेल और रिफाइंड की रेट इतनी चीजें छूट में बढ़ रहे मीडियम टाइप के आदमी का क्या होगा वास्तव में खाने-पीने की वस्तुएं हैं इसके डेट दिन दुगनी रात चौगुनी बढ़ रहे हैं इसके बढ़ने के कारण उपज की कमी किसानों का आंदोलन सरकार की बदली है पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बढ़ना और सरकार की जो गलत नीतियां है जिसका परिणाम मध्यवर्ती जनता और लोअर क्लास की जनता भोग रही है 70 साल के इतिहास में इतनी महंगाई देखने को नहीं मिली है उठाकर देख लीजिए कि आप जो महंगाई पिछले 6 साल में 7 साल में देखने को मिली ऑनलाइन आई पिछले 70 साल में देखने को नहीं मिली है मोदी जी का रोना रोते हैं कांग्रेसका और अपने कर्मों पर बैठक में अपर नाम क्या है देश को बर्बादी की के राष्ट्रीय पर लाकर खड़ा कर दिया है देश कंगारू खोखला हो गया है महंगाई चरम सीमा पर है कहीं ऐसा ना हो कि भारत का हाल भी जिंबाब्वे जैसा हो जाए जिसके एक जिसके 5000000 डॉलर की कीमत भारत में ₹10 भी नहीं थी यह हालात कहीं साबित ना हो जाए जो देखने को मिलना है क्योंकि थोथा चना बाजे घना वाली स्थिति देखने को मिलेगी

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:40
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका फेस में खाने के तेल और रिफाइंड मेरे पीछे क्यों पड़ रहे हैं मीडियम टाइप के आदमी का क्या होगा सब चीज खाने के तेल नहीं हर चीज में ही महंगाई यह चीज में बिल्कुल आग लगी हुई है पेट्रोल डीजल के रेट भी बढ़ गए हैं और गैस सिलेंडर भी देखिए आप लोग इतना महंगा हो गया है और उसके साथ ही खाद पदार्थ भी बहुत महंगे हो गए हैं खाने का तेल डिजाइन वगैरा सब तो महंगाई बढ़ती ही जा रही है तो जो मीडियम घर का आदमी है तो उसके ऊपर बहुत बहुत बढ़ गया है और वह जो कुछ सेविंग कर पाता था वह बिल्कुल नहीं कर पाएगा और उसका जो पैसा है खाने पीने में ही खत्म हो जाएगा धन्यवाद

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Harender जी का जवाब
As School administration & Principal
1:21
खाने के तेल और रिफाइंड के रेट कितनी तेजी से क्यों बढ़ रहे मीडियम टाइप के आदमी का क्या होगा कोई खाने के तरीके और सब कुछ हो रहा है हवा डीजे डीजल इतना महंगा है तो यह जो ट्रांसपोर्ट से आने वाली ट्रांसपोर्ट वालों ने सब बढ़ा दिया बीस इकतीस परसेंट अपना किराया बढ़ेगा तो वह तो यही तो सिर्फ यही दो चीजों का नाम क्यों नहीं लिया सब कुछ बढ़ गया पेट्रोल का दाम बढ़ गया गैस के दाम बढ़ गई हैं अब जिस से चलने वाली जो भी ट्रांसपोर्ट गोदाम से बढ़ाएंगे और दाम बढ़ेंगे तो हमारे हाथ से लिया जाए और कोई भी सरकार चाहे नहीं लगता है उन्होंने कहा था सेंटर लाने के भाई मैं तो 8 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन दे रहा हूं और हम नवंबर तक दिया होता और इसके बाद ऐसी महंगाई बढ़ा दी क्या भाव राधे खाने पीने की हर चीज की जो मैं तो देखा हूं बिस्कुट पहले जो पांच लगता था 7 महीने का अर्थ नहीं बढ़ गई है टमाटर सब्जी आसन पढ़कर ही कुछ और कहीं गुना ज्यादा बढ़ गया और महंगाई लोग दिखाते हैं

अभिषेक शुक्ला  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए अभिषेक जी का जवाब
Motivational speaker
3:56
लेकिन सवाल बहुत अच्छा है मगर आज हम जनजीवन के लिए काफी ज्यादा ही मतलब दुखदायक है कि आज जो है तो रिफाइंड वालों कहने का मतलब यह है कि जो खाने वाली तेल का हम उपयोग करें आज के समय में ना देखिए कि कितनी महिलाएं तेजी से बढ़ रही है इसका एक कारण जो है तो मुझे जहां तक लगता है कि जो डीजल की या फिर कहने से पेट्रोल की बढ़ती कीमत एवं उसका कहीं ना कहीं प्रभाव जो है तो ट्रांसपोर्ट में पढ़ रहा हूं और ट्रांसपोर्ट का प्रभाव जो है दोस्तों कहीं ना कहीं यहां पर हमें देखने को मिल रहा है इसके बाद आना चाहे आप अनाज वाली चीजों को देख लीजिए चाहे खाने वाली तेल की कीमतों को यह संहिता की धारा उसी का असर दोस्त जो कि कभी घटने का नाम नहीं ले रहा है जो चीजें हम कभी ₹50 में खरीदे थे एक रिफाइंड ऑयल को आज जो है तू है ₹125 तक में बिक रही है वह क्यों बिक रही है दोस्तों इसी वजह से भी करेगी ट्रांसपोर्ट जीमेल लहंगा है कहीं पर मुनाफाखोरी हो रही है दोस्तों तो कहीं पर कालाबाजारी तो कहीं पर भ्रष्टाचारी तो ना जाने की ऐसी समस्याएं हैं जिसका कारण है दोस्तों तो यह सभी चीजें जो है तो जो हम मामा जी की समस्या से आज भी नहीं उतर पा रहे हैं दोस्तों देखे आज हाल ही में सवेरे मैंने पढ़ा कि ऐसी फिर तेरा कोरोनावायरस की जो नया स्टेज है वह उससे भी खतरनाक है जो लाल बीते साल का था तो देखिए अब क्या होने वाला है भविष्य के गर्भ में क्या छुपा है किसी को भी नहीं पता था कि मार्च जो है तो फिर से अनु को आ चुका है और फिर वैसे समस्याएं ना उबरे भगवान से यही सब की उम्मीद है और यही हमारी भी मान लीजिए कि प्रार्थना है कि भगवान ऐसा फिर से किसी के जीवन में जो है जितनी सारी गतिविधियां जो है ना रोक दे वरना थम जाए किसी के जीवन को हमेशा जो है तो चलाता रहे और सब का जीवन अच्छा है दोस्तों हम यही प्रार्थना करते हैं हमेशा ईश्वर से तो देखिए वह चीजें सब अलग है लेकिन महंगाई की मार जाए आम जनजीवन को बहुत ज्यादा पड़ रहा देखिए गरीबों का क्या है गरीब जो है तो एक समय देते नहीं दिखाएंगे तो उनका गुजारा है गरीब और अमीरों का यह है कि वह तो चाहे जितनी भी चीजें महंगी वस्तु हो जावे खा लेगा लेकिन जो मीटिंग हुआ कल जो आदमी है वह क्या करेगा आज के समय में जो है जो इंसान हमेशा अपने लिए या फिर कह लीजिए हाल ही में म्यूजिक के कुछ व्यक्तिगत लोग मिले जिनकी कहना यह है कि देखिए तेल की कीमतों में इजाफा काफी समय तो हीरा है लेकिन हमारे जो मंथली इनकम है जो हमारे मासिक वेतन जो मिल रहा है उस पर इजाफा क्यों नहीं हो रहा है जो हमारा वेतन जो एक फिक्स कर दिया गया है उस चीज पर ही हमें सब कुछ गुजारा करना पड़ता है तो देखिए लोगों की मानसिकता इतनी ज्यादा प्रभावित हो चुकी है कि वह समझने पर भी जो है तो सोचना पड़ रहा है कि उन्हें एक-एक पाई पाई रुपए बचा कर के अपने घर को चलाना पड़ रहा है तो कितनी मुश्किल आज जाने पड़ रही होगी तुझे उस समय उस व्यक्ति को मैंने बहुत छोटी थी और दिखाओ कि जो तेल जो है तो सबसे कम दाम का है कहने का मतलब यह है कि कुछ ₹115 का था और जो एक अलग अच्छा तेल जो है माना जाता है फॉर्चून जो है वह 125 तथा तो देखे ₹10 बचाने के लिए कोई व्यक्ति जो है तो कितनी सोच रहा था उस समय तो यह सभी चीजें हैं जो है दोस्तों तो काफी गतिविधियां या फिर काफी प्रभावित कर चुके हमारे जनजीवन को तो देखिए आने वाले समय में यही गुजारिश है ऐसी यही हमारी उम्मीद है सरकार से की इस पर नियंत्रण लाया जाए जिससे कि लोगों को राहत मिल सके और भेजो है तो कुछ हद तक इससे निजात पा सकते दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा सुझाव पसंद आया होगा धन्यवाद

Bhanu Prakash jha  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Bhanu जी का जवाब
Students
0:25

G P kanaugia Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए G जी का जवाब
Teacher
1:57

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