#भारत की राजनीती

shabnam khatun Bolkar App
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2:32
तो आज आप का सवाल है कि स्वदेशी कोरोनावायरस इन भारत बायोटेक पर क्या राजनीति हो रही है तो देना चाहे वह कोई भी कंट्री क्यों ना हो मतलब हम इसका मतलब ऐसे सब टिप्पणी चलती रहती है इतनी जल्दी नहीं है उल्लू का हो या फिर जो भी बहुत साल और बहुत वक्त लग जाता है बनने में और जब बंद ही जाता है उसके ट्राइल्ज जो होते हैं वह बहुत वक्त लगता है सही भी होता है क्योंकि अच्छा को डाटा चाहिए कि हां यह वैक्सीन से ट्रायल से क्या-क्या हो रहा है क्या इंफॉर्मेशन तो ऐसे समय पर आप जो करते हैं वह बहुत वक्त होता है स्टेज वाइज होता है तो अभी हम देख रहे कि कोरोनावायरस अगले साल और यह साल बाद सेना गया है तो यह बहुत ही जल्दबाजी में हुआ है बस यह अच्छी बात है कि हमें वैक्सीन मिल गया गरी सब तरफ से परफेक्ट और अच्छा जैसा कि कहा जाए किसकी कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है इंसान मतलब आराम से ठीक हो जाएगा तो अभी इसे हरी झंडी दिखा दी गई है सब तरफ से डब्ल्यूएचओ की तरफ से भी बोल दिया गया कि हां यह पूरी तरह से सुरक्षित है तू यह बहुत अच्छी बात है तुम बहुत सारे लोगों का यह कहना है कि यह व्यक्ति जल्दी कैसे बन सकती है सरकार को आगे अच्छा दिखाने के लिए जल्द से जल्द के ट्रायल से आधा अधूरा में खत्म कर दिए हैं या फिर बहुत सारे लोग ऐसा सोच ले कि हम लोगों पर क्यों लगाया जा रहा था कि सरकार पर क्यों नहीं लगाया जा रहा है चल रहा है तो अभी फिलहाल आप लोगों को या किसी को भी हम लोगों में से किसी को डरने की जरूरत नहीं है बाकी लोग क्या बोल रहे हैं मुझे नहीं पता बट मैंने बहुत सारे सर्च किया मैंने बहुत सारे वीडियोस बहुत सारे लोग जो भी इस लोगों की भी मैंने बहुत सारे बात है मैंने देखा इस लाइन को लेकर अभी तक इतना ही बताया गया कि बहुत ही से और सुरक्षित हो तो कोई भी बात नहीं है कुछ भी नुकसान नहीं होगा फिलहाल हमें खुश होना चाहिए कि हमें व्यक्ति मिल गया भले जल्दी ही सही पर हमें मिल गया है राजनीति हो रही है या जो हो रही है हमें तो बस इतना ही पता चलेगा जो भी चीज देखी आते हैं ना तो राजनीति चलती रहती उसमें अभी फिलहाल हमें पता है यह महामारी मतलब कितना ज्यादा है उसके इंपैक्ट और हम देख रहे हैं तो फिलहाल लग रही है सबको लग जाएगी यह अच्छी बात है और आशा करते हैं और दुआ हमें हम लोग करते रहने की कोई भी साइड इफेक्ट ना हो जाता कहां जा रही है मैं साहू भी नाम सबसे पहले की तरह अच्छा हो जाए

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Mayank Bolkar App
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2:54
नमस्कार श्रोताओं ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया बीसीसीआई ने इस संडे को दो कोरोनावायरस को मंजूरी दे दी है इस्तेमाल के लिए अब इसका इस्तेमाल कर सकते हैं दो वैक्सीन का पर इसके बाद राजनीति छिड़ गई है आसान शब्दों में कहें तो एक है वैक्सीन ऑक्सफर्ड की और ए के अपने स्वदेशी यानी भारत की बनाई हुई तो एक्सपर्ट की जो वैक्सीन है उसके ट्रायल हो चुके हैं सारे ट्रायल हो चुके हैं उसको एक अच्छी वैक्सीन बता दिया गया कि इसको इस्तेमाल कर सकते हैं फायदेमंद है लेकिन स्वदेशी वैक्सीन है भारत बायोटेक कि उसके अभी तक ट्रायल चल रहे हैं और उसका डेट अब तक शेयर नहीं किया गया उसके जो ट्रायल चलने है उसका डाटा शेयर नहीं किया गया है अभी यह पता नहीं है कि वह कितनी असरदार है उसके क्या असर हो रहा है और इन सबके बावजूद बिना डाटा होने के बावजूद उस को मंजूरी दे दी गई है इस कारण इस पर राजनीति चल रही है डिटेल्स में जानते हैं तो क्या हुआ छुट्टी को को मंजूरी देने की प्रक्रिया में साफगोई नहीं होती पहला कारण यह है दूसरा इनके अप्रूवल के बारे में बताने के लिए जो प्रेस कांफ्रेंस बुलाई गई थी उसमें रिपोर्टरों के सवाल पूछने पर भी रोक थी ऐसे में उस टीके की मंजूरी को लेकर पे खड़ा खड़ा हो गया था जिसे भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च आईसीएमआर ने मिलकर बनाया है असल में किसी व्यक्ति को मंजूरी दिए जाने के अंतर्राष्ट्रीय मानक तय हैं पहला व सुरक्षित हो दूसरा उसे लगाए जाने के बाद रोग से लड़ने की विनती बड़े तीसरा असरदार हो अब भारत बायोटेक की वैक्सीन का भी तरीका चल रहा है जबकि सरकार एमरजैंसी में स्पीकर की कीमत इस्तेमाल की अनुमति दे दिया उसका कहना है कि यह पैसा जनहित के लिए जनहित में लिया गया है और क्लीनिकल ट्रायल के दौरान इसे लेकर काफी सावधानियां बरती गई है अप्रूवल इसलिए दिया गया है क्योंकि इस दौरान वैक्सीन सुरक्षित पाई गई पर सवाल यह उठता है कि जो भारत बायोटेक के उसने अब तक डाटा शेयर नहीं किया उसने अपने शॉप भागीदारों पर इसके असर के डाटा नहीं दिया जो जरूरी होता है देना कोई भी कंपनी अगर अप्रूवल मांगती है कि वैक्सीन का तो उसे कम से कम इतने भागीदारों के आंकड़े दे नहीं पड़ते हैं निशा भागीदारों का कर देना ही पड़ता है पर नहीं दिया क्या ऑक्सफर्ड की बात कर रहे हैं जो सीरम की वैक्सीन ऑक्स पर टेक्स्ट जाने का है उसको अप्रूवल दे दिया गया वह सही है उसके ट्रायल को देखते मंजूरी दे दी गई है तू राजनीति अभी भारत बायोटेक की बनाई हुई वैक्सीन पर चल रहा है कि उसका डाटा शेयर नहीं किया गया और तब भी उसे अप्रूवल दे दिया गया है धन्यवाद

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
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Retrieved sr tea . social activist,
2:55
संसार में भारत से ज्यादा घटिया राजनीति और कहीं हो ही नहीं सकती है संसार की सबसे घटिया सबसे अजीब पार्टी की राजनीति भारत पहुंची है यहां पर हर चीज में सरकारी में स्थित राजनीति का घटिया पर दिखाई देता है अभी 2020 में भारतीय नई समस्त विश्व में स्वयं वायरस के कारण से आकार मचा हुआ था भारत कोरोना वायरस का संक्रमण इस कदर फैला हुआ था कि समस्त मानवता के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो गया था अमेरिका इटली फ्रांस जर्मनी रूस जिन देशों की विज्ञान हमसे बहुत आगे हैं किन देशों की टेक्नोलॉजी हमसे बहुत आगे हैं जहां की फैसिलिटी हमसे बहुत आगे हैं जो धनाढ्य श्रेणी के देश का ही जाते हैं विकसित किस देश का ही जाते हैं उन देशों में इस कोरोनावायरस ने आकार मचवा दिया आज बांदा शुक्र उठाने वाले पैदा नहीं हो रहे हैं लाशों के लिए स्थान कम होते जा रहे हैं बड़ी आशाएं लेकर कि मानव ने यह सांसो में जी रहा था कि वैक्सीन बन जाएगी सब कुछ जीने के साधन बन जाएंगे मानक जी सकेगा लेकिन देखिए दुर्भाग्य भारत का कोरोनावायरस इन भारत में बनकर पैदा भी ना हो पाई मार्केट में अभी ना पाई उससे पहले भारत की घटिया राजनीति ने उसको भी शंकाओं के बारे में डाल दिया और उस पर भी घटिया राजनीति की जा रही है यह बड़ा दुर्भाग्य का बात है काश इस भारत में कभी नैतिकता आएगी वह गांधीजी बिचारी जिन्होंने भारत में राम राज्य का सपना देखा था या वह अमर शहीद जिन्होंने इस भारत देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपनी कुर्बानिया दी चल शेखर आजाद सरदार भगत सिंह यदुनाथ राजगुरु सुखदेव अशफ़ाकउल्ला आदि जैसे जो अमर शहीद थे जिन्होंने अपनी कुर्बानिया देश भारत देश को स्वतंत्र कराने के लिए उन विचारों को क्या मालूम था कि हमारे जाने के बाद जब हम देश को स्वतंत्र करा देंगे तो यहां के घटिया राजनीति किस प्रकार की घटिया राजनीति करेंगे जो स्वार्थ खुदगर्जी और लालच से भरी होगी कि बड़ा दुर्भाग्य का विषय है काश इस देश में संपन्न राजनीतिज्ञों को भगवान सद्बुद्धि दे और यह जनहित में कार्य करें जन सेवा के कार्य करें जब कल्याण के कार्य करें जो बीजों को उनको राजनीति करनी चाहिए उन विषयों पर कभी बात नहीं करते हैं जब कल्याण की जन सेवा की बातें जनहित की बातें कभी राजनीति में दिखाई नहीं दे रही है बड़ा दुर्भाग्य कसम है

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:46
स्वदेशी कोरोनावायरस इन भारत बायोटेक पर क्या राजनीत हो रही है कि पक्षी हैं उनको सरकार पर भरोसा नहीं है हु करें कि सरकार पहले प्रधानमंत्री लगाया मतलब पहले मंत्री बन जाए तब हम लोग लागू आएंगे तो ठीक है ना अच्छा बुरा सब लोग ही भाव अनियंत्रित हुई उन्होंने जानते हैं उनको नहीं भरोसा है लेकिन देश को इसकी आवश्यकता है और हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है इसलिए आप यथावत जैसा भी प्राप्त हो कोरोनावायरस इन लगाइए और अपने जीवन को स्वस्थ बनाइए राजनीति में गंदे विचार वाले कुछ न कुछ कीचड उछलते ही रहेंगे और यह कभी कभी खत्म ना होने वाली भी चर्चाएं हैं

Shruti Yadav Bolkar App
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2:10
सवाल यह है कि स्वदेशी कोरोना वैक्सीन भारत बायोटेक पर क्या राजनीति हो रही है तो भारत बायोटेक की कोरोनावायरस इन को भारत में मंजूरी दिए जाने के बाद से ही कंपनी को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है देश के अपने स्वदेशी को 3:00 पर कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं और तीसरे चरण के परीक्षण डाटा को मौजूद नहीं होने पर चिंता जताई है भारत बायो टेक्नोलॉजी नाव को खारिज कर दिया है और कहा है कि इसका सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन उत्पादन का रिकॉर्ड रहा है और उसके सभी डाटा पारदर्शी हैं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बिना तीसरे चरण के परीक्षण के भारत बायोटेक को कोविड-19 को मंजूरी देने के लिए सरकार की जमकर खिंचाई की है थरूर ने कहा हम सिर्फ इतना ही नहीं कह रही थी अगर टीका प्रभावी रूप से काम किया तो हमारे लिए गर्व की बात होगी लेकिन तीसरे चरण के वैधानिक परीक्षण से पहले से मंजूरी देना वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन है जब तक कहीं भी दूध हमें नहीं हुआ है अंदर राष्ट्रभक्ति कॉमन सेंस का विकल्प नहीं हो सकती लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि इसके काम करने की अधिक संभावना है और इस बात की भी संभावना है कि दूसरी वैक्सीन की तरह भी असरदार हो यह बात करने वाली नहीं है लेकिन तीसरे चरण के नादानी परीक्षण के बाद ही सरटेन में बदल सकता है इन्हीं विवादों के बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत बायोटेक की टीम को मंजूरी बैकअप के तौर पर केवल आपातकालीन स्थिति के लिए ही दिया अरे दावों को खारिज कर दिया गया है कि टीका कि उनकी पूरी प्रक्रिया फास्ट ट्रैक किया जाएगा उन्होंने कहा कि अगर मामलों में बढ़ोतरी होती है तो हमें टीके के बड़े डोर की भी जरूरत होगी तब हम भारत बायोटेक के टीके का इस्तेमाल कर सकते हैं भारत बायोटेक का चेकअप के लिए है उन्होंने कहा सुरक्षा प्रभाव के संदर्भ में किसी भी क्लीनिकल परीक्षण को पास में नहीं किया गया नियामक की मंजूरी लेने में फास्ट ट्रैक किया गया है जिसमें एक चरण से दूसरे चरण तक जाने में सामान्य तौर पर ज्यादा समय लगता है

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#रिश्ते और संबंध

Archana Mishra Bolkar App
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#धर्म और ज्योतिषी

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हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है कि लड़कियों को भारतीय संस्कृति के कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता क्या भेजी टी-शर्ट क्यों पहनती हैं तो यह अपनी अपनी पसंद के ऊपर निर्भर करता है भारतीय संस्कृति के कपड़े तो साड़ी होती है और सलवार सूट भी सब होते हैं लेकिन जिस भी शर्ट पहनना भी एक कपड़ा ही होता है अगर खुशी की इच्छा है किसी को जींस ट शर्ट पहने में खुशी मिल रही है उसे अच्छा लग रहा है तुम्हें पहन सकता है इसमें संस्कृति वाली कोई बात नहीं है आजकल लड़कियां पहनते हैं जींस टीशर्ट और उन्हें अच्छा लगता है उसमें तूने पहनने दीजिए इससे दूसरे को कोई फर्क नहीं होना चाहिए और हमारी भारतीय संस्कृति के कपड़े में साड़ी वगैरह तो पूजा पाठ के समय उनको पहन लीजिए और आपको जींस टीशर्ट करने में खुशी मिल रही है तो आप उसको भी पहननी है तो कपड़ा है एक प्रकार का कपड़ा कपड़ा पहनने में कोई भी बुराई नहीं होती है आपको जो पसंद आए तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद

#भारत की राजनीती

Mayank Bolkar App
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1:28
नमस्कार दोस्तों भारत बायोटेक के कंसेंट फॉर्म में क्या लिखा है तो जैसे कोरोनावायरस के टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है भारत की दो वैक्सीनस लगाई जा रही है कॉक्सएक्स पर जाने का की वैक्सीन है और एक है भारत बायोटेक की वैक्सीन तो भगवान से पहले कंसेंट फॉर्म पर भी साइन करवाया जा रहा है इस फॉर्म में यह वादा किया गया है कि अगर ठीक है की वजह से किसी तरह का दुष्प्रभाव यह गंभीर प्रभाव पड़ता है तो मुआवजा दिया जाएगा उन्होंने कहा है कि अगर टीका लगवाने के बाद किसी को गंभीर प्रतिकूल प्रभाव होते हैं तो उसे कंपनी मुहावरे देगी सहमति पत्र के अनुसार अगर टीके से कम यह प्रतिकूल प्रभाव होने की बात साबित होती है तो मुआवजा बी बी आई एल द्वारा तय किया जाएगा पीवीआर मतलब भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड सहमति पत्र के फॉर्म में कहा गया है कि क्लीनिकल प्रभावशाली सम क्लिनिक्स भविष्य शीलता संबंधी तथ्य को स्थापित किया जाना अभी बाकी है और इसका अभी भी चरण 3 क्लिनिकल ट्रायल में अध्ययन किया जा रहा है इसमें कहा गया है कि इसलिए यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि टीके की खुराक लेने का मतलब यह नहीं है कि कुल 19 से संबंधित अन्य सावधानियों का पालन नहीं किया जाना चाहिए प्रतिकूल प्रभाव के मामले में पीड़ित व्यक्ति को सरकारी अस्पताल में चिकित्सीय रूप से मान्यता प्राप्त देखभाल प्रदान की जाएगी धन्यवाद

#स्वास्थ्य और योग

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1:39
नमस्कार सोता हूं तू भारत समेत दुनिया भर में कई ऐसे देश हैं जहां पर टीकाकरण शुरू हो गया करो ना का और नॉर्वे के अलावा भी एक-दो दिशा यहां पर टीका लगने के बाद लोगों की हालत गंभीर हो रही है ज्यादा संख्या नहीं है लेकिन हो रही है कैंटीन जाने के बाद बुजुर्गों की नोट में मौत हो गई कई अन्य लोग टीकाकरण के तुरंत बाद गंभीर बीमार भी हो गए हैं सरकार ने जांच बिठा दी है मरने वाले 80 साल से ज्यादा की उम्र के बुजुर्गों ने पाई सर कंपनी का कांटेक्ट टिका लगवाया था जो भारत में नहीं है भारत वाले ऑक्सफर्ड की और भारत के खुद के बनाए टीके लगा रहे हैं आइसर कंपनी के वापस आए वहां के डॉक्टरों ने कहा है कि प्रतिकूल प्रतिक्रिया में 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखी गई है जो कमजोर और बीमार थी विशेषज्ञों ने कहा है कि मरने वाले थे लोगों में से 13 कितने टीके के सामान्य साइड इफेक्ट देखे गए थे जैसे डायरिया जी मचलना और बुखार हालांकि इन मौतों के बाद भी नॉर्वे ने टीकाकरण जारी रखने का फैसला किया है इन घटनाओं को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने कहा है कि हम घटनाओं को पूरी नजर रखे हुए हैं और वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ संपर्क में है सभी मौतों को कारणों और उसकी परिस्थितियों की जांच को नजदीक से नजर रखेंगे तभी तक कारण अभी तक नहीं पता चला है जांच बिठा दी गई है और देखा जा रहा है कि क्यों उनको ऐसे साइड इफेक्ट तो यार इतनी हालत गंभीर हो गई धन्यवाद

#भारत की राजनीती

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1:59
नमस्कार दोस्तों सभी कोरोनावायरस महामारी पूरी तरह से खत्म नहीं हो उसी समय भारत में वापस से आगे ब्लू कितना पुराना है कहां पहली बार आया तो इसके बारे में जानते हैं कि सामान्य फ्लू की तरह ही होता है यह बीमारी एवियन इनफ्लुएंजा विषाणु भाई बहन की वजह से होती है यह विषाणु पक्षियों के अलावा इंसानों को भी शिकार बना सकता है बर्ड फ्लू का संक्रमण मुर्गा मोर और बत्तख जैसे पक्षों से तेजी से फैलता है बर्ड फ्लू का मुख्य कारण पक्षियों को ही माना जाता है हालांकि कई बार इंसान से इंसान को भी हो जाता है यह बेकार इंसान पर मौत का खतरा भी होता है इंसान से इंसान में बर्ड फ्लू के संक्रमण का जोखिम कम है पर पक्षियों के संपर्क में आए विश्व स्वास्थ्य संगठन के अलावा दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहुत खतरनाक बीमारी है इसमें शंकर में तो की मृत्यु दर 60 फीसद तक है यानी हर 10 में से 5 लोगों की जान जा सकती है बट्टू के अब तक 11 विषाणु का पता चला है इनमें से पांच इंसानों के लिए जानलेवा है यह ek511 h7m 3878 787 989 इनमें सबसे खतरनाक होता है h5 एनुअल विषाणु यही पहली बार बडसू विषाणु तक पहला विषाणु था यह पढ़ चुका जितने इंसानों को भी संक्रमित किया था एक पवन से पहली बार मनुष्य के संक्रमण होने की घटना ज्यादा पुरानी नहीं है इसका पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में आया था अब तक दुनिया में चार बार बड़े पैमाने पर फैल चुका है और यह 60000 देशों में महामारी का रूप ले चुका 2003 से अब तक लगातार या किसी ना किसी देश में अपना असर दिखाता रहा है अमेरिकी हेल्थ एजेंसी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कुछ साल पहले इसके लिए टीके के प्रारूप को मंजूरी भी दे दी है लेकिन अभी वह लोगों के लोग उपलब्ध नहीं है धन्यवाद

#भारत की राजनीती

Archana Mishra Bolkar App
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0:35
ऐसा कार्य करने के लिए क्या क्या आवश्यकता होती है और आपका कोटा होना चाहिए हेल्थ से संबंधित जानकारी चाहिए के अंदर पता होना चाहिए जानकारियां होना चाहिए तो अब

#स्वास्थ्य और योग

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सर्दी में नाक का बहना क्या जल्दी ठीक कर सकते हैं और कर सकते हैं तो कैसे दोस्तों यदि आपकी नाक बह रही है तो निजी तौर पर यदि आप इसको सही करना चाहते हो दो-तीन इलाज बताऊंगा आपको पहले अब गरम पानी के अंदर जो है तुलसी या नीम के पत्ते डालकर के अपने मुंह उसको चद्दर के अंदर ढक करके ऐसा कर सकते हैं दूसरी बात यह दोस्तों की आप तुलसी काली मिर्च अदरक और इत्यादि का काढ़ा बनाकर पीते हैं या फायदेमंद होगा चाय काली चाय बना कर दिया किसकी पुस्तक है तो मेरे चाचा को सर्दी से भी निजात मिलेगी और आपका भी बंद हो जाएगा

#स्वास्थ्य और योग

Archana Mishra Bolkar App
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1:15
तुम्हारी बात बिल्कुल लता जैसे हो जाएंगे जैसे आप सारे साधु महात्मा को देखने के बाद बड़े-बड़े चटा जैसे बिल्कुल जाती है वैसे आपके पास आएंगे अच्छा सा बन जाएगा और लेटा बन जाएगी जैसे कि नहीं देंगे तो आप के सर में तरह तरह के लोग आएंगे निकलेंगे करने से हमारे बाल भी अच्छे होते हैं और हमारे से अच्छी रहती है सबसे अच्छी रहती है हमें ठंडक महसूस होती है ऐसे में गंदगी रहेगी दोनों में परिसर में वह सारे रोग हो सकते हैं आपको जो पसंद आए तो

#नौकरी

Deepak Perwani7017127373 Bolkar App
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है मेरा दूसरे शहर में नौकरी करना मेरे पिता को क्यों पसंद नहीं है तो दोस्तों देखिए ऐसा एक कारण हो सकता है हम भले कितने ही क्यों न सही हो कितनी भी क्यों ना मतलब अपने हिसाब से सही हो लेकिन हर माता-पिता को एक ही बात लगती है कि हमारा बच्चा बाहर जाएगा तो बिगड़ जाएगा बाहर जाएगा तो गलत जगह पर पैसा लगाएगा और यह जो बात कही जाती है वह आज के समाज में होने वाले परिवर्तन को देखकर लोग कहते हैं या जिनके माता-पिता ऐसा कहते हैं आज के समाज के परिवर्तन को देखकर ऐसी बातें कहते हैं इसलिए इसमें उन लोगों को तो नुकसान हो ही रहा है जो ऐसा काम करते हैं लेकिन जो लोग सीधे हैं जो लोग ऐसा काम नहीं करते उनको भी इस लाइन में लिया जाता है कि यह बंदा बाहर जाएगा तो गलत काम करेगा ऑफिस को बाहर क्यों भेज रहे हो तो इसीलिए इसी चक्कर में हो सकता है कि वह कह रहे हैं आपसे अगर यह प्रश्न किसी लड़की ने किया है तो लड़की के माता-पिता को भी लगता कि कहीं जो है उन्हें दर्द बना रहता है कि अगर मेरी लड़की बाहर नौकरी करेगी तो न जाने क्या हो सकता है कोई घटना आया कोई भी हर चीज का डर बना रहता है माता-पिता को अपने बच्चों का तो इसीलिए बाहर नौकरी करने के लिए अपने माता-पिता मना करते हैं दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि हम जब युवा अवस्था में होते हैं हम अपनी माता-पिता की बातें नहीं मानते हम अपने हिसाब से ज्यादा चाय निर्णय ले लेते हैं और कभी-कभी ऐसा निर्णय खतरनाक भी हो जाता है हमारे लिए क्या लड़की हो चाहे लड़का हो तो जो है मैं अपनी युवावस्था में आगे पीछे कुछ भी दिखाई नहीं देता है तो इसीलिए आज के इस बदलते परिवेश में और जो है और इस खराब माहौल के चक्कर में माता-पिता जो है ना करते अपने जो है संतानों को बाहर भेजने से जय माता दी जय हिंदुस्तान

#रिश्ते और संबंध

Rahul kumar Bolkar App
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ब्याव शादी के बाद लड़कियां मोटी क्यों हो जाती है इससे बचने के लिए कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए दोस्तों अक्सर देखा गया है कि शादी के बाद लड़की हो कि लड़का हो वह मोटे हो जाते हैं उनका मेन रीजन भी होता है क्या होती है उसको अपने माइंड से उस चीज को निकाल देते हैं इससे क्या होता है कि आपका जो शरीर तो पहले कमजोर होता है वह थोड़ा हेल्दी बन जाता है सब कुछ ऐसा ही कुछ लोग मोटे हो जाते हैं फिर दूसरी और किसी भी चीज को कटिंग निजात पा जाती है चुटकुले करते हैं क्या मुझको कोई टेंशन नहीं है जो भी काम करेगा हस्बैंड करेगा जिसकी मनी इत्यादि की परेशानियां होती है बाय द वे लड़कियां जो है वह घर का काम होता है पर इसमें यह बता कि लड़कियों का जो होता है दोस्तों को और को टेंशन दे वह बहुत ज्यादा कम हो जाती है शादियों के बाद दूसरे बाद उनके परिवार नया मिलता है उनके साथ वह घुलमिल जाती है मन अच्छा लगता है प्रसन्न रहते तो उनका तो दोस्तों इस कारण से भी जो है वह बैठ जाता है और यदि आप दोस्तों मोटापे से आप निजात पाना चाहते हैं तो इसका संतुलित भोजन कीजिए और लिमिट काकी जी खुश रहिए और टेंशन तो अब मुफ्त है परंतु खाना जो है वह आपको लिमिट का कर देना चाहिए

#धर्म और ज्योतिषी

shabnam khatun Bolkar App
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0:52
ई वांट टू आज आपका सवाल है कि एक अनुभवी लेखक एवं साधारण लेखक की लेखनी में किस प्रकार का अंतर देखा जा सकता है तो देखिए जो अनुभव होते हैं वह आपको सिम के पास बहुत ही पीरियंस होता है उनके मतलब मिस्टेक होने और गलती होने की बहुत ही कम जान से सोते हैं उनके तजुर्बे उनके एक्सपीरियंस बहुत अच्छा होता है जो इंसान डिलीट कर पाता है समझ पाता है उनको पता होता है कि उनको ज्यादा टाइम भी नहीं लगता है कुछ भी चीज लिखने में क्योंकि उनके बहुत हैबिट होते हैं लेकिन जो नया लेखक होता लेकिन को सोचना पड़ता है समझना पड़ता है जानना पड़ता है फिर भी उनके इतना ज्यादा नहीं होते हैं तो उनके थोड़ा मिस्टेक होने के चांसेस ज्यादा होता है तो वह यही सब नॉर्मल को टाइम भी ज्यादा लगता है तो यही सब दोनों अब चेंज देख सकते कि एक्सपीरियंस लेखक का और जो एक नए नए फैशन लेखक में

#भारत की राजनीती

Archana Mishra Bolkar App
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1:12
हम तो सवाल है कि 26 जनवरी 2021 गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली निकालना उचित उचित 1 जनवरी को रैली निकाली जाएगी दिवस परेड होती है जो विकार कम होते हैं तुम पर बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा अगर दिल्ली में निकालेंगे तो वहां पर परेड करते हैं दिल्ली में कितना किलो वजन होगा और हमारा गणतंत्र दिवस पर नहीं पाएगा उस दिन 26 जनवरी के दिन मनाने का दिन है इस दिन हमें भी करना चाहिए किसानों को उस दिन ट्रैक्टर रैली नहीं निकालना चाहिए समझना चाहिए 15 अगस्त 26 जनवरी हमारे राष्ट्रीय त्योहार है इन्हें अच्छे से मना कर देना चाहिए 9:00 के बीच में कोई परेशानी नहीं करनी चाहिए इसलिए 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली 9 तारीख

#रिश्ते और संबंध

ekta Bolkar App
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2:04
सवाल पूछा गया है वित्तीय रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है तो देखिए आज अब हम बात करते इंडियन फैमिली की इंडियन जो हमारे कल्चर है उसके कोडिंग अगर कोई स्त्री वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर नहीं है तो अगर उसको डोमेस्टिक वायलेंस का भी सामना करना पड़ रहा है या फिर कुछ ऐसी चीज उसके साथ हो रही है जो एक जोतने की मौलिक नहीं है जो एक नैतिक व्यवहार उसके साथ नहीं किया जा रहा है फिर भी उसे वह सब सहना होगा क्योंकि अब वित्तीय आत्मनिर्भर नियमित रूप से अगर बात पर निर्भर होती तो वह अपने आप को पालने में सक्षम होती अपने बच्चों को अपने परिवार वालों अब जो भी है 18 में बीती रात नहीं पड़ता है किसी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी था कि वह इस तरीके की चीजों के खिलाफ आवाज उठा सके अगर हम बात करते हैं किसी भी स्त्री के इंडियन मैं तो डोमेस्टिक वायलेंस बहुत ही कमेंट चीज है पति आए दिन अपनी पत्नियों पर हाथ उठा देते को दोष दिया जाता है अब उसके ऊपर भी वह कुछ नहीं कर पाती क्योंकि रूप से आत्मनिर्भर नहीं है अगर वह अपने पति का घर छोड़ कर चली जाएगी तो उसके मायके वाले दो उसको एक्सेप्ट नहीं करेंगे तो फिर वह जाएगी कैसे तो एक लड़की वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होती है तो उसमें बाइक उसका जो आत्म सम्मान है उसकी रक्षा बसाने से कर सकते इस तरीके के और व्यावहारिक जो कृत्य होते रहते हैं हमारे यहां पर आए दिन लड़कियों के साथ के साथ उसमें काफी हद तक वह अपने आप को अपने तरीके से अपने हिसाब से चीजों को मैनेज करने की कोशिश करेगी और बहुत सारी समस्या उसे आसानी से छुटकारा पा लेगी इसमें बहुत सारे परिवार जरूर टूट जाएंगे पर आखिर कब तक एक औरत को ही हर चीज सहनी पड़ेगी तो मेरा यह मानना है कि कॉलेज में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होती है तो वह अपने आत्मसम्मान की रक्षा भी बहुत अच्छी तक कैसे कर सकती है उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#जीवन शैली

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Unknown
1:49
पूछा गया है लड़कियों के लिए आत्मनिर्भर होने के बावजूद भी कौन सी चीजें आज भी उनके लिए नहीं बदल पाए तो हमारा कल्चर है जो हमारा यहां परियों से चला आ रहा तुम्हारे हमेशा यही बताया जाता है कि लड़कियों को एडजस्ट करना चाहिए लड़कियों को सहनशील होना चाहिए सामने वाला आप पर गुस्सा भी कर रहा है तो आप को शांत रहना चाहिए क्योंकि आप लड़की हो आप को बच्चों का घर का देखभाल करना पड़ेगा क्योंकि आप लड़कियों भले ही आप इतने रूप से आत्मनिर्भर हो भले ही आप जॉब कर रहे हो भले ही आप कितना भी पैसा कमाए घर संभालना बच्चे संभालना रिश्ते सामान्य सारी जिम्मेदारी की लड़की की शादी होती है तो यह चीज आज भी और जो है हमारे समाज में नहीं बदली है हम आज भी यह नहीं सिखाते कि अगर आप लड़के भी है तो आपको भी घर के कामों में हाथ बटाना चाहिए क्योंकि आज किसी भी चीज में लड़कियां पीछे नहीं आप एक ऐसी लड़की के ऐसे समाज में जी रहे थे पर लड़कियां और लड़के बराबर की पढ़ाई जॉब बराबर होती है सैलरी बराबर होती है तो फिर आपको घर का काम करने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए कि हम अपने लड़कों को नहीं सिखाते और यही जो है उनके दिमाग में बचपन से ही चीज रहती कि लड़की को ही यह सब करना है और यही कारण है कि फिर लड़कियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे जॉब करो घर आकर घर संभालो बच्चों को देखभाल करो बड़ों बड़ों की देखभाल करो एक लड़की के लिए काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है और आज भी हमारे समाज में नहीं बदली है कुछ कुछ हद तक मैंने देखा है कि लोग थोड़े लिबरल हो रहे लोग इस चीज को समझ रहे हैं तो यह काफी पॉजिटिव रिस्पांस भी उसका मिल रहा है पर अभी भी हम काफी पीछे हैं उम्मीद करती हूं आपको मेरा जवाब पसंद आया होगा धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student
0:52
प्रश्न है कि अंग्रेजी में माइक का प्रयोग कब करते हैं देखिए जो माइट है वह मॉडल सीखता एक क्रिया होती है इसे हम अंग्रेजी बोलते वक्त साइकिलिया के रूप में प्रयोग करते हैं माइक्रियम इसको हम हिंदी में कह सकते हैं कि जब किसी चीज की कम संभावना हो तो ऐसे में हम माय शब्द का प्रयोग करते हैं असल में देखा जाए तो माइक का प्रयोग हम कम संभावना वाली चीजों के लिए हम इसका आसानी से प्रयोग कर सकते हैं जैसे किसी जगह पर चोरी हुई है और हमें किसी पर संदेह है तो ऐसे में हम कह सकते हैं कि शायद उसने ऐसी चोरी की होगी जब हम किसी के बारे में भी एक निश्चित रूप से किसी भी चीज को लेकर हम जब पक्की जानकारी नहीं दे सकते तो ऐसे में हमें माइक का प्रयोग करके इस वाक्य को बोल सकते हैं धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
2:03
एसी और डीसी करंट क्या होता है और कैसे काम करता है दोस्तों ऐसी बात करें तो इस का फुल फॉर्म अल्टरनेटिंग करंट और यह करंट एक निश्चित समय के बाद में अपनी जो बेल्ट डायरेक्शन है वह मान और उसका पता है इसलिए इसे अल्टरनेटिंग करंट कहा जाता है आपको बता दें कि हमसे बहुत ज्यादा किया जा सकता है इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ट्रांसफर की मदद चेक कर लिया ज्यादा भी किया जा सकता है और साथ ही इस करंट को ज्यादा दूरी तक भी आसानी से भेजो ट्रांसफर की मदद से कम या ज्यादा किया जा सकता है और इसी वजह से पहले इसकी वोल्टेज को बढ़ाया जाता है फिर जहां पर भी भेजना है वहां पर भेजकर इसकी वोल्टेज को कम कर दिया जाता है दूसरे की डायरेक्शन वसुरी यानी कि डायरेक्ट करंट जो है यानी कि डायरेक्ट को बिल्कुल भी नहीं बदलता है और आजकल हर जगह जो है इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि किसी भी तरह की बैटरी चार्ज करने के लिए सिर्फ देसी करण का इस्तेमाल किया जा सकता है इस वजह से डीसी करंट स्टोर किया जाता है लेकिन को नहीं किया जा सकता करंट को मापने के यंत्र जैसे कि मल्टीमीटर ट्रैक्टर में डीसी सप्लाई का इस्तेमाल किया जाता है इसके अलावा लैपटॉप लाइटिंग के काम में भी इसी कारण का इस्तेमाल किया जाता है टीवी रेडियो कंप्यूटर और मोबाइल के सभी काम डीसी करंट से होते हैं आशा करता हूं धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

Jyoti Malik Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student
1:40
प्रश्न है कि क्या मैं लड़का होने के बाद भी लड़कियों के कपड़े पहन सकता हूं क्या यह सही है देखिए अगर आप समाज में रह रहे हो और अपने आसपास के लोगों को देखते हुए उनकी सोच के बारे में जानते हो तो यह शायद आपके लिए थोड़ा शर्मनाक भी हो सकता है आपने अक्सर देखा होगा कि लड़कियां अपनों से ज्यादा लड़कों की तरह दिखने वाले कपड़े ज्यादा पहनना पसंद करती है और वह काफी आक्रोशित भी लगती हैं और उन्हें काफी सराहा भी जाता है और उन पर वह कपड़े खूब पकते भी है लेकिन अगर यही सोच लड़का लड़कियों के कपड़े पहने तो वह बड़ा ही अजीब लगता है क्योंकि यही एक फैशन है जो ट्रेंड है जो कुछ लोगों के समझ में नहीं आता लेकिन सच में यह भी फ्रेंड है कि अगर लड़कियां लड़कों के कपड़े पहनकर बाहर जाएं तो वह काफी आकर्षण का कारण बनती हैं और उन्हें काफी सराहा जाता है लेकिन वहीं दूसरी तरफ अगर कोई लड़कियों के कपड़े पहनकर बाहर जाएगा तो उसका मजाक बनाया जाता है क्योंकि उस जो डिजाइन में कुछ इस तरह की आकृति बनाई होती है कि जिसकी वजह से वह चीजें लड़कों पर शायद एक हंसी का पात्र बन सकते हैं तो अच्छा होगा कि केवल आप जो लड़कों के बनाए हुए कपड़े हैं या फिर जो लड़कों के लिए ही कपड़े हैं आप उन्हीं चीजों को पहने और आप उन्हीं में इतना आकर्षण लग सकते हैं आपको इस चीज की आवश्यकता नहीं है कि आप लड़कियों के कपड़े पहने अगर आप ऐसा करते हैं तो शायद आप हंसी का पात्र बन सकते हैं धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:08

#धर्म और ज्योतिषी

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
0:42
पहले क्या भाग्य का लिखा कर्म से मिटाया जा सकता है जी हां दोस्तों बिल्कुल यस क्योंकि भाग्य में क्या लिखा हुआ है यह आपका कर्म के ऊपर ही निर्भर करता है आपकी मेहनत के पर निर्भर करता है कि आपके भाग्य में कुछ चीजें लिखी हुई है वह चीज आपको मिलेंगे या ना मिलेगी वह आपके कर्म के ऊपर निर्भर करेगा क्योंकि आप अच्छे कर्म करते हैं तो आपके भाग्य अच्छा होगा आप मेहनत से करते हैं कर्म अच्छे करते तो भी आपका भाग्य अच्छा होगा तो जो चीज है कर्म और मेहनत यही आपका भाग्य लिखते हैं कि स्पेशली आगे से आपका भाग्य लिख करके नहीं आता है तो आप अपने कर्मों को और मेहनत को ज्यादा महत्व दे ना कि अपने भाग्य को धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
0:47
आकाश वाले की अंग्रेजी में माइक का प्रयोग किया जाता है तो अंग्रेजी में से बॉस चाहते हैं जिसमें मैं का प्रयोग किया जाता है जिससे यू मे गो होम यू माय चुनाव मे आई कमिंग कमिंग में आई सी यू टुमारो इज़ माय रन टुडे आई आई में ग्रोथ रेट टुडे इन हिंदी वाक्य की क्रिया के अंत में सकता हूं सकते हैं चाहे सकती हैं संभावना इत्यादि हैं इस क्रिया का अनुवाद में में होता है धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:34
पुष्कर जी हां बिल्कुल लिख लिख कर पढ़ना अच्छा होता है लिखकर पढ़ने से भी आज बहुत जल्दी होता है इसके पीछे कारण यह है कि आप लिखेंगे तो आप उसको देखेंगे आंखों से और आंखों से देखेंगे और साथ में अगर बोलेंगे तो कानों से सुनेंगे या नहीं लिखना आंखों के द्वारा मस्तिष्क में चला जाता है कानू के द्वार मस्ती स्कूल जाना जाता है इस प्रकार से वह आपके अवचेतन मस्तिष्क में बैठ जाती है वह बातें और वह ज्यादा लंबे समय तक याद रखें धन्यवाद

#पढ़ाई लिखाई

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Housewife
0:52
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है पढ़ाई करने के बेहतरीन कार्यक्रम क्या है जो फ्रेंड्स आजकल हम लोग देख रहे हैं पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है बहुत कमी बच्चों की क्लास लग पा रही है ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है तो आजकल यह ऑनलाइन तरीका ही बेहतरीन है जिस समय से पूर्व नमः मारी चलिए तो ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है बच्चे मोबाइल में लैपटॉप में ऐसी पढ़ना है और पढ़ाई करने के लिए आप कोचिंग संस्थानों में भी पढ़ सकते हैं अपने टीचरों से भी मदद ले सकते हैं और अपने दोस्तों से मदद ले सकते हैं ने पढ़ाई करने के बेहतरीन तरीके हैं आप बैठ कर के सपोर्ट से बनिया पढ़ सकते हैं मोबाइल से आप जो आपको नहीं आता यूट्यूब से गूगल से निकाल कर पढ़ सकते हैं तो फ्रेंड जो पसंद आए तो लाइक कीजिएगा धन्यवाद
  • करोना वैक्सीन,भारत बायोटेक वैक्सीन
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