#भारत की राजनीति

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?

Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Abhishek Shukla  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Motivational speaker
1:56
हाल ही में जो है तो अभी सरकार के साथ जो है तो किसानों की शादी मुलाकात जूही तो उस बैठक में जो है तो सरकार ने जब प्रस्ताव रखा कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए क्या वे वाकई में तीनों बिल को आज है तो खत्म करना चाहते हैं तो उन्होंने जवाब में जो है तो किसानों का यही जवाब था कि वह इस सभी आंदोलन के पीछे बस उनका यही मकसद है कि वह जो है इन तीनों बिल को जो है तो कैंसिल कराना चाहते हैं और जो है तो इस बैठक में भी बात नहीं बनी अब हाल ही में जो है तो आने वाले समय में जो है तो 8 जनवरी को फिर एक बैठक रखी गई है सरकार की ओर से देखिए हार आने वाले समय में क्या है कि इन आंदोलन का प्रारूप और रेखा अंतरण कहां तक संभव है यह तो नहीं मालूम लेकिन फिर भी जहां तक कुछ न कुछ बात है जो आज सरकार और किसानों के बीच समझी समझी लग रही है और होने आने वाले समय में लगता है कि कुछ ना कुछ बात बनेगी और देखे क्या है इससे हमारे देश को यह आर्थिक नुकसान हो रहा है आंदोलन से देख ले या फिर किसी और चीज से तो देखिए क्या है कि इसका सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए और यह नहीं कि इस पर थोड़ी बहुत चिंताजनक है बात लेकिन उनकी गंभीरता से सोचने की वाली बात इसलिए भी है क्योंकि वह हमारे देश के आर्थिक सहायक है और हमें उनकी बात सुननी चाहिए और सरकार को भी बड़ी शालीनता से उन से पेश आ कर के जो है तो उनके निर्णय के अनुसार जो भी नहीं लगता है वह उसका निर्णय लेकर किसानों को जल्द से जल्द खत्म करें जिससे कि सभी को दिक्कतों का सामना ना हो और वह इन समस्याओं से दूर हो सके
Haal hee mein jo hai to abhee sarakaar ke saath jo hai to kisaanon kee shaadee mulaakaat joohee to us baithak mein jo hai to sarakaar ne jab prastaav rakha ki is aandolan ko khatm karane ke lie kya ve vaakee mein teenon bil ko aaj hai to khatm karana chaahate hain to unhonne javaab mein jo hai to kisaanon ka yahee javaab tha ki vah is sabhee aandolan ke peechhe bas unaka yahee makasad hai ki vah jo hai in teenon bil ko jo hai to kainsil karaana chaahate hain aur jo hai to is baithak mein bhee baat nahin banee ab haal hee mein jo hai to aane vaale samay mein jo hai to 8 janavaree ko phir ek baithak rakhee gaee hai sarakaar kee or se dekhie haar aane vaale samay mein kya hai ki in aandolan ka praaroop aur rekha antaran kahaan tak sambhav hai yah to nahin maaloom lekin phir bhee jahaan tak kuchh na kuchh baat hai jo aaj sarakaar aur kisaanon ke beech samajhee samajhee lag rahee hai aur hone aane vaale samay mein lagata hai ki kuchh na kuchh baat banegee aur dekhe kya hai isase hamaare desh ko yah aarthik nukasaan ho raha hai aandolan se dekh le ya phir kisee aur cheej se to dekhie kya hai ki isaka sarakaar ko gambheerata se lena chaahie aur yah nahin ki is par thodee bahut chintaajanak hai baat lekin unakee gambheerata se sochane kee vaalee baat isalie bhee hai kyonki vah hamaare desh ke aarthik sahaayak hai aur hamen unakee baat sunanee chaahie aur sarakaar ko bhee badee shaaleenata se un se pesh aa kar ke jo hai to unake nirnay ke anusaar jo bhee nahin lagata hai vah usaka nirnay lekar kisaanon ko jald se jald khatm karen jisase ki sabhee ko dikkaton ka saamana na ho aur vah in samasyaon se door ho sake

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bolkar speaker
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:20
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा फ्रेंड पहले तो हम सभी जानते हैं कि भारत जो है वह किसान प्रधान देश है कृषि कब सर्वोत्तम जो आए हैं वह हमारे भारत में किसानों के द्वारा होती है और इसीलिए कहा गया कि जय जवान जय किसान मतलब जैसे हमारे जवान है वैसे ही ईशान है क्योंकि जवान हमारे देश की रक्षा करते हैं और हमारी किसान हैं और देश के लोगों को अन्य उगा के देते हैं और उनकी रक्षा करते बल्कि क्या करते हैं उन्हें सांस देने का काम करते हैं तब उनके जीवन यापन चलाने का एक जरिया है तू ईसूची अब ऐसा कहने में उचित होगा कि अब किसान प्रधान देश नहीं है अब हमारा देश की शान नहीं कुछ पूजी पतियों वाला देश है जो उनके द्वारा चलाए जाने भी अब भारत टिका हुआ है इसी वह सोच रहे हैं हम ही तो हैं और हमारे द्वारा जो सरकारें हैं वह करती रहे और हम देखते रहे और लोग ऐसे परेशान होते रहे तो मैं सरकार से यही कहूंगा कि सरकार की जो पूंजीपतियों वाली जो नियम लगा रही है जो उन्हें फायदा पहुंचा रही है तो ऐसा नौकर के किसान किसानों की मुसीबत ना बढ़ाएं नहीं तो घर किसान अगर मुंह मुसीबत बढ़ाना शुरू कर देना तो आने वाले समय में भुखमरी होने लगी इस गरीब जो भी लोग हैं जो भी आम पब्लिक है वह बहुत बुरी स्थिति से मारने लगेगी क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं रहेंगे कि वह अनाज खरीद पाए आज भी अगर देखा जाए भारत में बहुत ऐसे लोग हैं जिनके पास जमीन ही नहीं है कितने लोग तो भाड़े पर रहते हैं कितने लोगों के लिए बस घर गई थी जो है मतलब उनका घर ही उनकी खेती है उन्हें वही सब उनका संपत्ति है क्योंकि उनके पास जमीन ही नहीं है उनके पास कितना पैसा है कि वह जमीन खरीद पाए वह लोग कहां जाएंगे जो सस्ते अनाज का अपने जीवन चलाते हैं अपने बच्चों का घर चलाते हैं अपने पूरे परिवार का खर्च लाते हैं उड़ जाएंगे कहां तू अगर सरकार इस तरह के कुछ नियम लाए सरकार किसानों की मुसीबत तू ज्यादा बेस्ट रहेगा नहीं तो इस कृषि कानून बिल अगर जबरदस्ती पारित करेगी तो कहीं ना कहीं लोग मरने के कगार पर आ जाएंगे
Bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain aisa phrend pahale to ham sabhee jaanate hain ki bhaarat jo hai vah kisaan pradhaan desh hai krshi kab sarvottam jo aae hain vah hamaare bhaarat mein kisaanon ke dvaara hotee hai aur iseelie kaha gaya ki jay javaan jay kisaan matalab jaise hamaare javaan hai vaise hee eeshaan hai kyonki javaan hamaare desh kee raksha karate hain aur hamaaree kisaan hain aur desh ke logon ko any uga ke dete hain aur unakee raksha karate balki kya karate hain unhen saans dene ka kaam karate hain tab unake jeevan yaapan chalaane ka ek jariya hai too eesoochee ab aisa kahane mein uchit hoga ki ab kisaan pradhaan desh nahin hai ab hamaara desh kee shaan nahin kuchh poojee patiyon vaala desh hai jo unake dvaara chalae jaane bhee ab bhaarat tika hua hai isee vah soch rahe hain ham hee to hain aur hamaare dvaara jo sarakaaren hain vah karatee rahe aur ham dekhate rahe aur log aise pareshaan hote rahe to main sarakaar se yahee kahoonga ki sarakaar kee jo poonjeepatiyon vaalee jo niyam laga rahee hai jo unhen phaayada pahuncha rahee hai to aisa naukar ke kisaan kisaanon kee museebat na badhaen nahin to ghar kisaan agar munh museebat badhaana shuroo kar dena to aane vaale samay mein bhukhamaree hone lagee is gareeb jo bhee log hain jo bhee aam pablik hai vah bahut buree sthiti se maarane lagegee kyonki unake paas itane paise nahin rahenge ki vah anaaj khareed pae aaj bhee agar dekha jae bhaarat mein bahut aise log hain jinake paas jameen hee nahin hai kitane log to bhaade par rahate hain kitane logon ke lie bas ghar gaee thee jo hai matalab unaka ghar hee unakee khetee hai unhen vahee sab unaka sampatti hai kyonki unake paas jameen hee nahin hai unake paas kitana paisa hai ki vah jameen khareed pae vah log kahaan jaenge jo saste anaaj ka apane jeevan chalaate hain apane bachchon ka ghar chalaate hain apane poore parivaar ka kharch laate hain ud jaenge kahaan too agar sarakaar is tarah ke kuchh niyam lae sarakaar kisaanon kee museebat too jyaada best rahega nahin to is krshi kaanoon bil agar jabaradastee paarit karegee to kaheen na kaheen log marane ke kagaar par aa jaenge

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Sameera khaan Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:31
गुड मॉर्निंग भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों है ऐसा इसलिए है कि सरकार ने जो प्रसिद्ध लम्हे हैं उस बात से किसान को आपत्ति है लिखा है कि किसान सरकार के विरोध में और कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं
Gud morning bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain aisa kyon hai aisa isalie hai ki sarakaar ne jo prasiddh lamhe hain us baat se kisaan ko aapatti hai likha hai ki kisaan sarakaar ke virodh mein aur kaanoonon ke virodh mein pradarshan kar rahe hain

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
3:01
के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों नहीं पता नहीं क्या दुर्भाग्य है कि अन्नदाता होकर इतना बड़ा धरती के सीने को फाड़ कर के जो है अनाज उगाने वाला हमेशा भूखा रहता और अनस कोई इनके लिए कोई कानून है ना कुछ है आज भारत सरकार गहरी कि मैं तीन कानून प्ले करके आई हूं और बड़े-बड़े दावे करती है कि मैं इनके क्या हर महीने ₹2000 भेज रहा हूं कई हजार करोड़ का नारा भी लगाती है लेकिन हकीकत यह है कि जो सचमुच किसान है उनका तक पहुंच पा रहा है क्या मैंने आज बहुत जगह गड़बड़ी करीब से अध्ययन किया हुआ है उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान जो बड़े-बड़े महानगरों के किनारे हैं वह मंडियां हो गया रहे हैं वहां तो जो लोग जागरुक है कर पाते लेकिन इंटीरियर इलाका में अपना गेहूं धान चावल सही ढंग से देखी नहीं पाते जब उनकी फसलें तैयार हो जाती है तो बड़े-बड़े सहित बड़े-बड़े लोग वहां पहुंच जाते हैं तुरंत पैसा देख ले लेते हैं एमएसके अट्ठारह सौ होगा तो 12:00 सौ में करीब रहते हैं उनको मैं भी हम खरीद लेते हैं पैसे भी टाइम पर नहीं देते हैं और पता नहीं किधर कांट्रैक्ट फार्मिंग हो रही है किस साइड में हो रही मुझे खुद नहीं पता चला तो कहीं ना कहीं इनकी स्थिति देखी जब यह अपनी फसल का बीज लेने जाते हैं लाइनों में खड़े रहते हैं सही भी नहीं मिल पाती सारी चीजें मिल जाती हैं और भी चीजें हैं जो है उसको भी ठीक से नहीं मिल पाती है तो हम कह सकते हैं कि भाई कहीं न कहीं यह दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है और शुरू से लेकर के आज तक के इस तरह से जो दुर्भाग्य को व्यवहार हो रहा है शायद बहुत है और मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ होने वाला है आगे भी जा कर के कोई सरकार की कोई नहीं थी या नहीं किसी भी तरह से नहीं इसलिए मैं समझता हूं कि अभी कोई स्थिति सुधरने वाली नहीं कितने भी आंदोलन कर लो कैसी भी कर लो मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ होने वाला है और कुछ सुधरने वाला है और निश्चित तौर पर आगे भगवान जाने की क्या हो गया किस तरह से होगा कि आने वाले समय में ही पता लेकिन किसी की सरकार की सही नीतियां नहीं है किसानों के लिए सही ढंग से उन नीतियों का पालन नहीं हो रहा है और निश्चित तौर पर युद्ध फाग
Ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain aisa kyon nahin pata nahin kya durbhaagy hai ki annadaata hokar itana bada dharatee ke seene ko phaad kar ke jo hai anaaj ugaane vaala hamesha bhookha rahata aur anas koee inake lie koee kaanoon hai na kuchh hai aaj bhaarat sarakaar gaharee ki main teen kaanoon ple karake aaee hoon aur bade-bade daave karatee hai ki main inake kya har maheene ₹2000 bhej raha hoon kaee hajaar karod ka naara bhee lagaatee hai lekin hakeekat yah hai ki jo sachamuch kisaan hai unaka tak pahunch pa raha hai kya mainne aaj bahut jagah gadabadee kareeb se adhyayan kiya hua hai uttar pradesh bihaar raajasthaan jo bade-bade mahaanagaron ke kinaare hain vah mandiyaan ho gaya rahe hain vahaan to jo log jaagaruk hai kar paate lekin inteeriyar ilaaka mein apana gehoon dhaan chaaval sahee dhang se dekhee nahin paate jab unakee phasalen taiyaar ho jaatee hai to bade-bade sahit bade-bade log vahaan pahunch jaate hain turant paisa dekh le lete hain emesake atthaarah sau hoga to 12:00 sau mein kareeb rahate hain unako main bhee ham khareed lete hain paise bhee taim par nahin dete hain aur pata nahin kidhar kaantraikt phaarming ho rahee hai kis said mein ho rahee mujhe khud nahin pata chala to kaheen na kaheen inakee sthiti dekhee jab yah apanee phasal ka beej lene jaate hain lainon mein khade rahate hain sahee bhee nahin mil paatee saaree cheejen mil jaatee hain aur bhee cheejen hain jo hai usako bhee theek se nahin mil paatee hai to ham kah sakate hain ki bhaee kaheen na kaheen yah durbhaagyapoorn pahaloo hai aur shuroo se lekar ke aaj tak ke is tarah se jo durbhaagy ko vyavahaar ho raha hai shaayad bahut hai aur mujhe nahin lagata ki aisa kuchh hone vaala hai aage bhee ja kar ke koee sarakaar kee koee nahin thee ya nahin kisee bhee tarah se nahin isalie main samajhata hoon ki abhee koee sthiti sudharane vaalee nahin kitane bhee aandolan kar lo kaisee bhee kar lo mujhe nahin lagata ki aisa kuchh hone vaala hai aur kuchh sudharane vaala hai aur nishchit taur par aage bhagavaan jaane kee kya ho gaya kis tarah se hoga ki aane vaale samay mein hee pata lekin kisee kee sarakaar kee sahee neetiyaan nahin hai kisaanon ke lie sahee dhang se un neetiyon ka paalan nahin ho raha hai aur nishchit taur par yuddh phaag

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:16
दोस्तों मौसम की मार किसान चेहरा है और काफी सारे ऐसे कानून भी आ रहे हैं जो किसानों को पसंद नहीं आ रहे हैं इस वजह से किसान मार्स है रहा है अगर आप लोग मेरे जवाब से सहमत हो तो लाइक के बटन को दबा दिए
Doston mausam kee maar kisaan chehara hai aur kaaphee saare aise kaanoon bhee aa rahe hain jo kisaanon ko pasand nahin aa rahe hain is vajah se kisaan maars hai raha hai agar aap log mere javaab se sahamat ho to laik ke batan ko daba die

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Ramesh goswami Ramesh goswami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:21

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
anuj ji Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए anuj जी का जवाब
Unknown
1:57
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं इसके कारण यह है कि आजकल नए कृषि कानून नियम बनाए गए हैं जो कि 3 नियमों से परेशान हो रहे हैं लोग इसीलिए किसान लोग धरने पर बैठे हुए हैं वह करना चाहता है कि या तो इनका भी कोई समाधान किया जाए या और कठोर नियम बना जाए जिससे कि मतलब उदाहरण पेश करता हूं कि जैसे कि सरकारी रेट तो लेता हूं 17 साल का गेम और प्राइवेट लेता लेता अट्ठारह ₹100 की सरकारी वाले तो गोदाम तो बंद हो जाएंगे लेकिन किसान जब लास्ट में बेचेगा प्राइवेट को तो जब प्राइवेट वाली मनचाही ना मेरे पैसे ले सकते हैं वह देंगे भाई हम तो 16 से निर्णय लेंगे हम 15 से मिलेंगे तब वह दाना खाने को अनाज देना ही पड़ेगा क्योंकि हम ज्यादा रखना सकते और बेचने के लिए तो हमने भी सो जाओ क्या इसलिए कि उसका भी कोई नियम होना चाहिए जहां उसकी डेट फिक्स रखी जाए उससे ज्यादा ना बीती जाए इसीलिए 1 किसानों का किया तो एक कानून वापस ले और या हमारे और नियम बनाओ
Bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain isake kaaran yah hai ki aajakal nae krshi kaanoon niyam banae gae hain jo ki 3 niyamon se pareshaan ho rahe hain log iseelie kisaan log dharane par baithe hue hain vah karana chaahata hai ki ya to inaka bhee koee samaadhaan kiya jae ya aur kathor niyam bana jae jisase ki matalab udaaharan pesh karata hoon ki jaise ki sarakaaree ret to leta hoon 17 saal ka gem aur praivet leta leta atthaarah ₹100 kee sarakaaree vaale to godaam to band ho jaenge lekin kisaan jab laast mein bechega praivet ko to jab praivet vaalee manachaahee na mere paise le sakate hain vah denge bhaee ham to 16 se nirnay lenge ham 15 se milenge tab vah daana khaane ko anaaj dena hee padega kyonki ham jyaada rakhana sakate aur bechane ke lie to hamane bhee so jao kya isalie ki usaka bhee koee niyam hona chaahie jahaan usakee det phiks rakhee jae usase jyaada na beetee jae iseelie 1 kisaanon ka kiya to ek kaanoon vaapas le aur ya hamaare aur niyam banao

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Yoga Instructor
0:40
कुछ तो परेशानी है थोड़ी बहुत तो बिल्कुल लेकर जो दिक्कत बनी हुई है बाकी इतनी ज्यादा परेशानी नहीं है जितना कि किसान किसान जो है एक ऐसा होता है नेतृत्व जो होता है ना सब कुछ उस पर डिपेंड करता है और नेतृत्व में किसानों का वह ऐसे हाथों में है जो कि किसी भी बिना बात के किसानों को बकरा के आगे की पॉलिटिक्स खेल रहे हैं अपनी जिन्होंने भारत के टुकड़े होंगे कि किसान थोड़ी ना कभी राजनीति हो रही है
Kuchh to pareshaanee hai thodee bahut to bilkul lekar jo dikkat banee huee hai baakee itanee jyaada pareshaanee nahin hai jitana ki kisaan kisaan jo hai ek aisa hota hai netrtv jo hota hai na sab kuchh us par dipend karata hai aur netrtv mein kisaanon ka vah aise haathon mein hai jo ki kisee bhee bina baat ke kisaanon ko bakara ke aage kee politiks khel rahe hain apanee jinhonne bhaarat ke tukade honge ki kisaan thodee na kabhee raajaneeti ho rahee hai

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Naman Singh Patel Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student & Social worker
2:53
नमस्कार जैसा कि प्रश्न है भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों मैं आपको बताना चाहता हूं कि 2 महीने की बात है जब पंजाब से किसान बातचीत करने के लिए दिल्ली की ओर अग्रसर कोई दिल्ली आते हुए उन्हें रोका गया और उनकी बातों को ना सुनकर उन्हें घोषित किया गया जिसके कारण आज वो आंदोलनरत हैं और बहुत बड़ी संख्या में दिल्ली की सभी बोलेरो पर एकत्रित होकर आंदोलन कर रहे हैं उनकी मांगे हैं उनकी मुक्ता जो मांगे हैं और दो अलग मांगो वह तीनों कानून को रद्द करने की उम्र के बाद और एमएसपी को ग्रंटेड बनाने की बात ही उनके मुख चंद्र होते हैं जिनके कारण वह आज आंदोलन कर रहे भारत का किसान सड़क पर है इतनी मुसीबत से जूझ रहा है बरसात थी वहां पर हो रही है ठंड का भी मौसम है तो किसी विकट परिस्थितियों में बैठा हुआ है अपनी मांगों को मानने के लिए नहीं वहां पर डटा हुआ है आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि आज 7:00 से आज बैठकर किसानों की सरकारों के साथ हूं उसका कोई भी रिजल्ट अभी तक नहीं निकला सिर्फ दो छोटी मांगों को मानकर किसानों को लॉलीपॉप दिया गया जिससे कि किसान नाखुश हैं साथ बैठकों में कोई भी ऐसा कुछ भी निर्णय निकलकर सामने नहीं आया सिर्फ किसान नेताओं के द्वारा कही गई बात यह है कि सरकार उन्हें लॉलीपॉप दे रही है सरकार बार-बार यह अहसास करा रही है कि वह तीनों कानून सही है जबकि किसान नेताओं के द्वारा कहीं गए तथ्य उनके एग्जांपल किए हैं तीनों कानून किस तरह किसानों के लिए नुकसानदायक है और भारत के लिए बहुत खतरनाक तब जब वह मीटिंग में इस बात को रखते हैं तो सरकार के अधिकारी और सरकार के मंत्रियों के पास कोई भी जवाब नहीं होता बस जब वह मीटिंग से बाहर आते हैं तो सरकार के मंत्री और सरकार के नेता सरकारी कर्मचारी और सरकार किसकी सरकार है उन सरकार के कार्यकाल आप सभी को यह बताने लग जा रहे हैं किसान मूर्ख सिवा किसी और पार्टी के बहकावे में आ गए हैं तो सबसे बड़ी आज मुसीबत यही है कि सरकार किसानों के पक्ष में है सरकार किसानों की बातों को नजरअंदाज कर रही है क्योंकि वह अपनी पार्टी को मजबूत रखना चाहती है अपनी पार्टी की सरकार को बनाए रखना चाहती है और अपने आप को बहुत बड़ा बताना चाहती है धन्यवाद
Namaskaar jaisa ki prashn hai bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain aisa kyon main aapako bataana chaahata hoon ki 2 maheene kee baat hai jab panjaab se kisaan baatacheet karane ke lie dillee kee or agrasar koee dillee aate hue unhen roka gaya aur unakee baaton ko na sunakar unhen ghoshit kiya gaya jisake kaaran aaj vo aandolanarat hain aur bahut badee sankhya mein dillee kee sabhee bolero par ekatrit hokar aandolan kar rahe hain unakee maange hain unakee mukta jo maange hain aur do alag maango vah teenon kaanoon ko radd karane kee umr ke baad aur emesapee ko granted banaane kee baat hee unake mukh chandr hote hain jinake kaaran vah aaj aandolan kar rahe bhaarat ka kisaan sadak par hai itanee museebat se joojh raha hai barasaat thee vahaan par ho rahee hai thand ka bhee mausam hai to kisee vikat paristhitiyon mein baitha hua hai apanee maangon ko maanane ke lie nahin vahaan par data hua hai aaj main aapako bataana chaahata hoon ki aaj 7:00 se aaj baithakar kisaanon kee sarakaaron ke saath hoon usaka koee bhee rijalt abhee tak nahin nikala sirph do chhotee maangon ko maanakar kisaanon ko loleepop diya gaya jisase ki kisaan naakhush hain saath baithakon mein koee bhee aisa kuchh bhee nirnay nikalakar saamane nahin aaya sirph kisaan netaon ke dvaara kahee gaee baat yah hai ki sarakaar unhen loleepop de rahee hai sarakaar baar-baar yah ahasaas kara rahee hai ki vah teenon kaanoon sahee hai jabaki kisaan netaon ke dvaara kaheen gae tathy unake egjaampal kie hain teenon kaanoon kis tarah kisaanon ke lie nukasaanadaayak hai aur bhaarat ke lie bahut khataranaak tab jab vah meeting mein is baat ko rakhate hain to sarakaar ke adhikaaree aur sarakaar ke mantriyon ke paas koee bhee javaab nahin hota bas jab vah meeting se baahar aate hain to sarakaar ke mantree aur sarakaar ke neta sarakaaree karmachaaree aur sarakaar kisakee sarakaar hai un sarakaar ke kaaryakaal aap sabhee ko yah bataane lag ja rahe hain kisaan moorkh siva kisee aur paartee ke bahakaave mein aa gae hain to sabase badee aaj museebat yahee hai ki sarakaar kisaanon ke paksh mein hai sarakaar kisaanon kee baaton ko najarandaaj kar rahee hai kyonki vah apanee paartee ko majaboot rakhana chaahatee hai apanee paartee kee sarakaar ko banae rakhana chaahatee hai aur apane aap ko bahut bada bataana chaahatee hai dhanyavaad

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
ᴊᴀt raj me Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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𝓝𝓾𝓻𝓼𝓲𝓷𝓰 𝓼𝓪𝓯𝓮 𝓶𝓮 𝔀𝓸𝓻𝓴𝓲𝓷𝓰
1:07
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से ढूंढ रहे हैं ऐसा क्यों क्योंकि हमारी स्टेट गवर्नमेंट के पीएम जाते हैं कि वह किसानों के हित की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन किसानों और उनके नेताओं में आपसी संबंधों के कारण कुछ ऐसे बिल पास किए गए हैं जो किसानों किसानों को 5:00 पर्सेंट उसमें लाभचंद पर्सेंट उनमें बहुत से कपड़े और स्टेट गवर्नमेंट को उनका फायदा होने के कारण वह किसानों अपने हक की लड़ाई का लड़ रहे हैं और इसीलिए किसानों को हर पल मुसीबत का सामना करना पड़ रही है फिर भी किसानों के प्रति से सरकार अभी ध्यान नहीं दे रही है वह कभी याद कर रही है कभी कलकारी बैठक वह हमेशा बैठक ऊपर बैठ कर रही है लेकिन वह प्रतिष्ठा से बैठक कर किसानों की बातों का नहीं कर रहे आज के बाद भी किसान जो अनाज उगाने वह सड़कों पर हो रहे तो कल अनाज की कमी होगी तो उनका जमादार भी देश के देश के हर नागरिक पर संकट आ जाएगा और इसके जमादार भारत के पीएम नरेंद्र मोदी माने जाएंगे
Bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se dhoondh rahe hain aisa kyon kyonki hamaaree stet gavarnament ke peeem jaate hain ki vah kisaanon ke hit kee ladaee lad rahe hain lekin kisaanon aur unake netaon mein aapasee sambandhon ke kaaran kuchh aise bil paas kie gae hain jo kisaanon kisaanon ko 5:00 parsent usamen laabhachand parsent unamen bahut se kapade aur stet gavarnament ko unaka phaayada hone ke kaaran vah kisaanon apane hak kee ladaee ka lad rahe hain aur iseelie kisaanon ko har pal museebat ka saamana karana pad rahee hai phir bhee kisaanon ke prati se sarakaar abhee dhyaan nahin de rahee hai vah kabhee yaad kar rahee hai kabhee kalakaaree baithak vah hamesha baithak oopar baith kar rahee hai lekin vah pratishtha se baithak kar kisaanon kee baaton ka nahin kar rahe aaj ke baad bhee kisaan jo anaaj ugaane vah sadakon par ho rahe to kal anaaj kee kamee hogee to unaka jamaadaar bhee desh ke desh ke har naagarik par sankat aa jaega aur isake jamaadaar bhaarat ke peeem narendr modee maane jaenge

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भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:44
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों ऐसा इसलिए है कि किसानों ने अपनी प्रतिनिधि सही प्रतिनिधि कभी चुने नहीं उनको अपना मित्र कौन है और शत्रु कौन है इसकी पहचान नहीं है कोई आज तक वह एक संकुचित विचार में और एक्सएल में सोचता है और एक समूह के रूप में नहीं सोचता है चाहे वह किसानों का ही एक समय होती होना राष्ट्रवाद की बात तो बहुत दूर है और इसका एक प्रमुख कारण है कि 2 शिक्षा है वहां तक नहीं पहुंचे अभी तक जब तक वह पहुंचना चाहिए नहीं अब करैक्टर शिक्षा है वह निर्माण कहीं भी नहीं गई शिक्षक क्रम्बी पुनर्जीवन पुनर्जीवन बाद पुनर्जन्म आवाज अवतारवाद दे भगवान अंधविश्वास इस तरह के कई जो समाज को बिगाड़ने वाली चीजें होती है वह पढ़ाई में आती है इसके बहुत सारे उदाहरण पाठ्यक्रम के पुस्तकों में दिखाई देते हैं और विज्ञान को जानबूझकर उस तरीके से नहीं पढ़ाया गया उसके उसका प्रबोधन नहीं किया गया जिस तरह से करना चाहिए था अगर वह होता तो यहां का ज्यादातर सब मौसम आज जो है लोग जय हो जय हो ऑनलाइन हो जाते हैं उनका प्रबोधन हो जाता लेकिन प्रबोधन बिल्कुल नहीं हुआ है और इसके उल्टा परंपरागत रूप से जी आए हुए प्रथाएं हैं और जिनको वह धर्म कहते हैं रिंकू अध्यात्म कहते हैं 40 उचिया कर्मकांड सन उत्सव पौराणिक कथाएं चमत्कार ऐसी चीजें सिखाई सिखाई गई है पाठ्यक्रम में भी ऐसी ऐसी पार्ट होते हकीकत में होते जो छोटे बच्चे उनके दिमाग में ऐसी कथा है जब बढ़ जाती है तो उनको उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण नहीं बन पाता है उनका देखो वादी दृष्टिकोण बन जाता है इसके कारण किसान पिछड़ गया भौतिक रूप से शिक्षा में कि कुछ किसान जो है वह पैसों से अमीर हो गए उनके पास पैसा है लेकिन इंफॉर्मेशन नहीं है और दुनिया पूर्व ही राज करता है जिसके पास ज्ञान हो उसी नियम से भारत में जिनके पास ज्ञान है उनके पास पैसा भी चला जाता है और दोनों मिलकर समाज पर राज करते हैं इसी सिलसिले में सानू किसानों के ऊपर यह मुसीबत आ गए और इस तरीके से अगर सोचा नहीं गया तो भी आगे जाकर या इसी और इनको कुछ चलने वाली जो ताकत है वह आउट शक्तिमान हो जाएगी और एक वक्त ऐसा आएगा कि सारी शक्तियों के पास होगी और किसान हो या जो श्रमिक वर्ग गरीब और गुलाम बन जाएगा उत्सव शुरू पालक होगा लेकिन गुलाम बन जाएगा जैसे अभी कामगारों को संगठन बनाने के लिए 300 और कम से कम चाहिए ऐसा एक कानून इसी कारण कंगारू का संगठन नहीं बनाया जा सकता तो इनकी इनका संगठन होना ही यहां पर रोक दिया गया क्विक गुलामगिरी की अवस्था गुलामों को भी यह तब तक पता नहीं चलता जब तक उसके खाने के मानदेय नहीं होते और गुलाम करने वाला गुलाम उनको कभी मरने मरने नहीं देता क्योंकि उसको काम के लिए है पूनम की जरूरत होती है तभी वह खुद भी जी सकता है विश्व आराम से धन्यवाद
Bhaarat ke anaaj ugaane vaale kisaan museebat se joojh rahe hain aisa kyon aisa isalie hai ki kisaanon ne apanee pratinidhi sahee pratinidhi kabhee chune nahin unako apana mitr kaun hai aur shatru kaun hai isakee pahachaan nahin hai koee aaj tak vah ek sankuchit vichaar mein aur eksel mein sochata hai aur ek samooh ke roop mein nahin sochata hai chaahe vah kisaanon ka hee ek samay hotee hona raashtravaad kee baat to bahut door hai aur isaka ek pramukh kaaran hai ki 2 shiksha hai vahaan tak nahin pahunche abhee tak jab tak vah pahunchana chaahie nahin ab karaiktar shiksha hai vah nirmaan kaheen bhee nahin gaee shikshak krambee punarjeevan punarjeevan baad punarjanm aavaaj avataaravaad de bhagavaan andhavishvaas is tarah ke kaee jo samaaj ko bigaadane vaalee cheejen hotee hai vah padhaee mein aatee hai isake bahut saare udaaharan paathyakram ke pustakon mein dikhaee dete hain aur vigyaan ko jaanaboojhakar us tareeke se nahin padhaaya gaya usake usaka prabodhan nahin kiya gaya jis tarah se karana chaahie tha agar vah hota to yahaan ka jyaadaatar sab mausam aaj jo hai log jay ho jay ho onalain ho jaate hain unaka prabodhan ho jaata lekin prabodhan bilkul nahin hua hai aur isake ulta paramparaagat roop se jee aae hue prathaen hain aur jinako vah dharm kahate hain rinkoo adhyaatm kahate hain 40 uchiya karmakaand san utsav pauraanik kathaen chamatkaar aisee cheejen sikhaee sikhaee gaee hai paathyakram mein bhee aisee aisee paart hote hakeekat mein hote jo chhote bachche unake dimaag mein aisee katha hai jab badh jaatee hai to unako unaka vaigyaanik drshtikon nahin ban paata hai unaka dekho vaadee drshtikon ban jaata hai isake kaaran kisaan pichhad gaya bhautik roop se shiksha mein ki kuchh kisaan jo hai vah paison se ameer ho gae unake paas paisa hai lekin imphormeshan nahin hai aur duniya poorv hee raaj karata hai jisake paas gyaan ho usee niyam se bhaarat mein jinake paas gyaan hai unake paas paisa bhee chala jaata hai aur donon milakar samaaj par raaj karate hain isee silasile mein saanoo kisaanon ke oopar yah museebat aa gae aur is tareeke se agar socha nahin gaya to bhee aage jaakar ya isee aur inako kuchh chalane vaalee jo taakat hai vah aaut shaktimaan ho jaegee aur ek vakt aisa aaega ki saaree shaktiyon ke paas hogee aur kisaan ho ya jo shramik varg gareeb aur gulaam ban jaega utsav shuroo paalak hoga lekin gulaam ban jaega jaise abhee kaamagaaron ko sangathan banaane ke lie 300 aur kam se kam chaahie aisa ek kaanoon isee kaaran kangaaroo ka sangathan nahin banaaya ja sakata to inakee inaka sangathan hona hee yahaan par rok diya gaya kvik gulaamagiree kee avastha gulaamon ko bhee yah tab tak pata nahin chalata jab tak usake khaane ke maanadey nahin hote aur gulaam karane vaala gulaam unako kabhee marane marane nahin deta kyonki usako kaam ke lie hai poonam kee jaroorat hotee hai tabhee vah khud bhee jee sakata hai vishv aaraam se dhanyavaad

bolkar speaker
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
 Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए जी का जवाब
Unknown
0:40

bolkar speaker
भारत के अनाज उगाने वाले किसान मुसीबत से जूझ रहे हैं ऐसा क्यों?Bharat Ke Anaj Ugane Vale Kisan Musibat Se Jujh Rahe Hain Aisa Kyun
पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
0:43
किसान हमारा अन्नदाता है देश में जब वह मेहनत करता तब देश के लोग रोटी खाते हैं लेकिन हमारे पूंजीपति की दलाली सरकार कर रही है किसानों की प्राप्त प्रॉब्लम को कोई नहीं समझ रहा है उनके समस्याओं कोई नहीं समझ रहा एक प्रकार से अनधिकृत और उनके उपज पर अनधिकृत कब्जा करके उसे व्यापार पूंजी पतियों को मतलब अनऑथराइज्ड पहुंचाने की कोशिश की जा रही है किसानों की समस्याओं को जब तक निराकरण नहीं किया जाएगा इसके भयावह हो सकती है सरकार को चाहिए किसानों कि दुख दर्द और परेशानियों को समझे वरना सारा देश किसानों के पक्ष में है और यह स्थित आगे चलकर के काफी भयावह हो सकती हो
Kisaan hamaara annadaata hai desh mein jab vah mehanat karata tab desh ke log rotee khaate hain lekin hamaare poonjeepati kee dalaalee sarakaar kar rahee hai kisaanon kee praapt problam ko koee nahin samajh raha hai unake samasyaon koee nahin samajh raha ek prakaar se anadhikrt aur unake upaj par anadhikrt kabja karake use vyaapaar poonjee patiyon ko matalab anotharaijd pahunchaane kee koshish kee ja rahee hai kisaanon kee samasyaon ko jab tak niraakaran nahin kiya jaega isake bhayaavah ho sakatee hai sarakaar ko chaahie kisaanon ki dukh dard aur pareshaaniyon ko samajhe varana saara desh kisaanon ke paksh mein hai aur yah sthit aage chalakar ke kaaphee bhayaavah ho sakatee ho

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