#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:04
कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार के लॉक डाउन करने से पहले पहले कोई तैयारी नहीं की आप के अनुसार हो तैयारी कैसे हो सकती है और क्या हो सकती है तू दिखे फ्रेंड क्या हुआ कि हमारी सरकार को और हमारे भारत में इस कोरोनावायरस इफेक्ट पता चला था तो तो जनवरी के महीने में ही पता चल गया था जब विदेशी आए तो उनमें यह लक्षण देखा गया और अजीबोगरीब लचर था जिससे कि सरकार और सरकार को चेताया भी गया था डब्ल्यूएचओ ने यह कई देश ने चीन इटली और देश में क्या होता कि इसका असर होने लगा था तो इसका असर ही पता चल गया था कि कुछ ऐसा एक वायरस आया है जिसे क्या हो रहा है कि बहुत ज्यादा तेजी से फैल रहा है लेकिन सरकार ने संज्ञान में नहीं लिया और क्या हुआ कि 22 मार्च को संज्ञान में लिया गया तो कहीं न कहीं 1 जनवरी से 22 मार्च तक सफर देख रहे कितना लंबा सफर है एक किस सरकार के लिए क्योंकि एक प्रति ऐसे वायरस बढ़ रहा है जिसका कोई मतलब निश्चित नहीं है कि कब कितना तेज़ी से फैल जाएगा कितने लोग ग्रसित होंगे तो अब सोचिए कि अगर मोदी सरकार पर आरोप लगने तो कहीं ना कहीं लोग सही होंगे क्योंकि यह आप जनवरी महीने में आपको इसका पता लगे आपको भी जताया गया था क्या आपको इसका असर हो रहा है आप पाबंदी कर दीजिए मैं इस तरह का आप हर तरीके पर जो इंटरनेशनल एयरपोर्ट है इंटरनेशनल जहां पर लोग आते हैं पूरी तरह से बाधित कर दीजिए वह एक अच्छी तरीके से चेक करिए तभी कुछ हो सकता है नहीं तो पूरी तरह से बंद कर दीजिए अगर ऐसा हुआ होता उस समय तो हमारा देश में इस तरह की ज्यादा परेशानियां नहीं होती तो शायद इसका भी यही कारण है कि लोग आज उन पर उंगलियां उठा रहे हैं तो इस तरह की सिक्योरिटी चाहिए थी जो इस समय सिक्योरिटी बहुत सारी लगी बाद में तो कहीं ना कहीं कार के लिए थोड़ा सांगली यही उठाया जा रहा है कि भारत में जो स्थिति खराब हुई इसकी वजह
Kuchh log aarop laga rahe hain ki modee sarakaar ke lok daun karane se pahale pahale koee taiyaaree nahin kee aap ke anusaar ho taiyaaree kaise ho sakatee hai aur kya ho sakatee hai too dikhe phrend kya hua ki hamaaree sarakaar ko aur hamaare bhaarat mein is koronaavaayaras iphekt pata chala tha to to janavaree ke maheene mein hee pata chal gaya tha jab videshee aae to unamen yah lakshan dekha gaya aur ajeebogareeb lachar tha jisase ki sarakaar aur sarakaar ko chetaaya bhee gaya tha dablyooecho ne yah kaee desh ne cheen italee aur desh mein kya hota ki isaka asar hone laga tha to isaka asar hee pata chal gaya tha ki kuchh aisa ek vaayaras aaya hai jise kya ho raha hai ki bahut jyaada tejee se phail raha hai lekin sarakaar ne sangyaan mein nahin liya aur kya hua ki 22 maarch ko sangyaan mein liya gaya to kaheen na kaheen 1 janavaree se 22 maarch tak saphar dekh rahe kitana lamba saphar hai ek kis sarakaar ke lie kyonki ek prati aise vaayaras badh raha hai jisaka koee matalab nishchit nahin hai ki kab kitana tezee se phail jaega kitane log grasit honge to ab sochie ki agar modee sarakaar par aarop lagane to kaheen na kaheen log sahee honge kyonki yah aap janavaree maheene mein aapako isaka pata lage aapako bhee jataaya gaya tha kya aapako isaka asar ho raha hai aap paabandee kar deejie main is tarah ka aap har tareeke par jo intaraneshanal eyaraport hai intaraneshanal jahaan par log aate hain pooree tarah se baadhit kar deejie vah ek achchhee tareeke se chek karie tabhee kuchh ho sakata hai nahin to pooree tarah se band kar deejie agar aisa hua hota us samay to hamaara desh mein is tarah kee jyaada pareshaaniyaan nahin hotee to shaayad isaka bhee yahee kaaran hai ki log aaj un par ungaliyaan utha rahe hain to is tarah kee sikyoritee chaahie thee jo is samay sikyoritee bahut saaree lagee baad mein to kaheen na kaheen kaar ke lie thoda saangalee yahee uthaaya ja raha hai ki bhaarat mein jo sthiti kharaab huee isakee vajah

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Ashok Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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कृषक👳💦
0:55
मोदी जी पर जितने भी आरोप लगाया जा रहा है कि के लाभ दान करने से पहले कोई तैयारी नहीं की सारी निराधार आरोप है क्योंकि लाकड़ौन करने से पहले मोदी सरकार मध्य प्रदेश में विधायक खरीदने की तैयारी कर रही थी ताकि वहां पर शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री बनाया जा सके इसके अलावा जब चीन में कोरोना पहल रहा था डब्ल्यूएचओ चिल्ला चिल्ला कर कह रहा था कि यह बीमारी यानी एक इंसान से दूसरे इंसान के संपर्क में आने से फैलता है तो उस समय यदि मोदी जी लाइट ऑन कर देते तो फिर ऐसी एक मुद्दे को कैसे दबाया जाता किसानों के खिलाफ अध्यादेश कैसे लाया जाता तो यह बहुत से कार्य रुक जाते हैं इसलिए पहले वायरस को भारत में घुसने दिया क्योंकि मोदी जी बहुत ही तेज बुद्धि के इंसान है
Modee jee par jitane bhee aarop lagaaya ja raha hai ki ke laabh daan karane se pahale koee taiyaaree nahin kee saaree niraadhaar aarop hai kyonki laakadaun karane se pahale modee sarakaar madhy pradesh mein vidhaayak khareedane kee taiyaaree kar rahee thee taaki vahaan par shivaraaj sinh ko mukhyamantree banaaya ja sake isake alaava jab cheen mein korona pahal raha tha dablyooecho chilla chilla kar kah raha tha ki yah beemaaree yaanee ek insaan se doosare insaan ke sampark mein aane se phailata hai to us samay yadi modee jee lait on kar dete to phir aisee ek mudde ko kaise dabaaya jaata kisaanon ke khilaaph adhyaadesh kaise laaya jaata to yah bahut se kaary ruk jaate hain isalie pahale vaayaras ko bhaarat mein ghusane diya kyonki modee jee bahut hee tej buddhi ke insaan hai

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:04
लॉकडाउन के पहले मोदी सरकार की कोई तैयारी नहीं की तो आपकी बात सही है लॉकडाउन में क्या परिस्थितियां सकती थी इसके लिए इन कोई गाइडलाइंस और दिशा निर्देश जारी करनी चाहिए थी कि जो भी कंपनियां फैक्ट्रियां बंद की जाएंगी उनके मजदूरों को तनख्वाह नहीं रोकी जाएगी लोगों को किराए के लिए जो जिन्होंने बाद में समस्याएं पैदा होते हैं बाद में उस दिशा निर्देश जारी किए यह पहले ही दिशा निर्देश जारी कर देना चाहिए था इन कंपनियों में तनखा नहीं भाई तनख्वाह अगर नहीं रोकी जाएगी तो वह पैसा जो सरकार ने इधर-उधर बांटने में पैसा खर्च किया है वह से कंपनी के फैक्ट्रियों को मदद मदद दे दिया जाता तो लोगों को तनख्वाह भी मिलते रहते हैं और लोग आसानी से घर घर में खाना पीना भी खाते रहते क्योंकि आवश्यक वस्तुओं के सारी दुकानें खुली थी लेकिन जब लोगों को तनख्वाह नहीं मिली तो मकान मालिकों ने मकान को खाली करवा लिए लोगों खाने-पीने की तकलीफ होने लगी प्रवासी मजदूर सब भागने लगे तीन सब्जियों के पहले से तैयारी मोदी सरकार को कर लेना चाहिए था अगर कर लेते तो हमारे जो आदमी जो मर गए हैं को काल का ग्रास बन पाते हैं
Lokadaun ke pahale modee sarakaar kee koee taiyaaree nahin kee to aapakee baat sahee hai lokadaun mein kya paristhitiyaan sakatee thee isake lie in koee gaidalains aur disha nirdesh jaaree karanee chaahie thee ki jo bhee kampaniyaan phaiktriyaan band kee jaengee unake majadooron ko tanakhvaah nahin rokee jaegee logon ko kirae ke lie jo jinhonne baad mein samasyaen paida hote hain baad mein us disha nirdesh jaaree kie yah pahale hee disha nirdesh jaaree kar dena chaahie tha in kampaniyon mein tanakha nahin bhaee tanakhvaah agar nahin rokee jaegee to vah paisa jo sarakaar ne idhar-udhar baantane mein paisa kharch kiya hai vah se kampanee ke phaiktriyon ko madad madad de diya jaata to logon ko tanakhvaah bhee milate rahate hain aur log aasaanee se ghar ghar mein khaana peena bhee khaate rahate kyonki aavashyak vastuon ke saaree dukaanen khulee thee lekin jab logon ko tanakhvaah nahin milee to makaan maalikon ne makaan ko khaalee karava lie logon khaane-peene kee takaleeph hone lagee pravaasee majadoor sab bhaagane lage teen sabjiyon ke pahale se taiyaaree modee sarakaar ko kar lena chaahie tha agar kar lete to hamaare jo aadamee jo mar gae hain ko kaal ka graas ban paate hain

Nav kishor Aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Nav जी का जवाब
Service
2:12
हेलो फ्रेंड्स आप का सवाल है कि कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि सभी मोदी सरकार के लगभग करने से पहले कोई तैयारी नहीं की आप के अनुसार क्या तैयारी करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा होता है पिछले इतने महत्वपूर्ण होते हैं कि उनको अमल में लाने से पहले बहुत सारी तैयारियां करनी पड़ती है बहुत सारी बातों को सोचना विचारना पड़ता है उस फैसले का नेगेटिव और पॉजिटिव परिणाम भी देखना होता है तो यह लॉकडाउन जो एक फैसला था हमारे देश में लगाने का एक बहुत महत्वपूर्ण फैसला था इससे काफी जिंदगियां बचाई भी जा सकती थी लेकिन उससे दुगनी जिंदगी बर्बाद भी हो सकती थी इन सब चीजों को मोदी सरकार ने बिल्कुल भी नहीं सोचा इसे आप एक तरह से तैयारी का रूप कह सकते हैं मोदी सरकार ने कोई कैबिनेट की मीटिंग नहीं बुलाई विपक्षी दलों को आमंत्रित नहीं किया जनता से जैसे वह बाद में मन की बात करने आ रहे हैं उस टाइम उन्होंने जनता से मन की बात क्यों नहीं की उस टाइम जनता से क्यों नहीं पूछा कि भाई हमारे देश में करुणा नामक एक महामारी फैलने वाली है या फैल रही है धीरे-धीरे तो आप सब हमें सुझाव दें हम तो इस यहां पर लॉकडाउन लगाने की सोच रहे हैं या हम लोग डाउन लगा सकते हैं तो क्या लॉकडाउन लगाना ठीक होगा और फिर उस पर इनको समय देना चाहिए था कम से कम 15 दिन का 20 दिन का कि की बीमारी शुरू में इतनी तेजी से नहीं पहले जितने कि वह बाद में फैली शुरू में वह बहुत धीरे-धीरे फैली है तो उस समय इनको क्या था कि इनको अवसर देना चाहिए तो लोगों को कि जो लोग जहां पर हैं वह अपने घर वापस आ जाए और हम 15 दिन में 20 दिन में इतना टाइम में हम लोग डाउन लगाएंगे और यातायात के साधन इन्हें दोबारा दुगने कर देनी चाहिए क्योंकि उस पर भीड़ होती ट्रेनों में बसों में हर जगह रीना यातायात के साधन बढ़ाने चाहिए थे और लोगों से अपील करनी चाहिए थी कि आप चिंता मत कीजिए जो जाना है वह अपने घर पहुंचेगा या फिर जो लोग लोग दोनों हंसी भी गए थे तो उनके आने आने का बंदोबस्त किया जाता यह नॉन इस तरह की कोई तैयारी नहीं की यह मोदी सरकार का बहुत ही गलत फैसला था और बहुत ही समझ लीजिए दुर्भाग्यपूर्ण फैसला था उम्मीद करता हूं जवाब अच्छा लगेगा धन्यवाद
Helo phrends aap ka savaal hai ki kuchh log aarop laga rahe hain ki sabhee modee sarakaar ke lagabhag karane se pahale koee taiyaaree nahin kee aap ke anusaar kya taiyaaree karanee chaahie thee lekin aisa hota hai pichhale itane mahatvapoorn hote hain ki unako amal mein laane se pahale bahut saaree taiyaariyaan karanee padatee hai bahut saaree baaton ko sochana vichaarana padata hai us phaisale ka negetiv aur pojitiv parinaam bhee dekhana hota hai to yah lokadaun jo ek phaisala tha hamaare desh mein lagaane ka ek bahut mahatvapoorn phaisala tha isase kaaphee jindagiyaan bachaee bhee ja sakatee thee lekin usase duganee jindagee barbaad bhee ho sakatee thee in sab cheejon ko modee sarakaar ne bilkul bhee nahin socha ise aap ek tarah se taiyaaree ka roop kah sakate hain modee sarakaar ne koee kaibinet kee meeting nahin bulaee vipakshee dalon ko aamantrit nahin kiya janata se jaise vah baad mein man kee baat karane aa rahe hain us taim unhonne janata se man kee baat kyon nahin kee us taim janata se kyon nahin poochha ki bhaee hamaare desh mein karuna naamak ek mahaamaaree phailane vaalee hai ya phail rahee hai dheere-dheere to aap sab hamen sujhaav den ham to is yahaan par lokadaun lagaane kee soch rahe hain ya ham log daun laga sakate hain to kya lokadaun lagaana theek hoga aur phir us par inako samay dena chaahie tha kam se kam 15 din ka 20 din ka ki kee beemaaree shuroo mein itanee tejee se nahin pahale jitane ki vah baad mein phailee shuroo mein vah bahut dheere-dheere phailee hai to us samay inako kya tha ki inako avasar dena chaahie to logon ko ki jo log jahaan par hain vah apane ghar vaapas aa jae aur ham 15 din mein 20 din mein itana taim mein ham log daun lagaenge aur yaataayaat ke saadhan inhen dobaara dugane kar denee chaahie kyonki us par bheed hotee trenon mein bason mein har jagah reena yaataayaat ke saadhan badhaane chaahie the aur logon se apeel karanee chaahie thee ki aap chinta mat keejie jo jaana hai vah apane ghar pahunchega ya phir jo log log donon hansee bhee gae the to unake aane aane ka bandobast kiya jaata yah non is tarah kee koee taiyaaree nahin kee yah modee sarakaar ka bahut hee galat phaisala tha aur bahut hee samajh leejie durbhaagyapoorn phaisala tha ummeed karata hoon javaab achchha lagega dhanyavaad

Ashish Lavania Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Yoga Instructor
1:29
ठीक है जैसा कि जो लोग कह रहे हैं आरोप लगा रहे हैं अब मैं उनके विषय में तो कुछ नहीं सकता सकता कि वह कैसे लोग हैं पर मैं एक बात अवश्य कह सकता हूं मैं शायद आप भी मेरे बात से सहमत होंगे कि अगर लॉकडाउन नहीं लगता सही समय पर तो हमारे यहां कितनी विषम स्थिति और भयावह स्थिति हो सकती थी आप सोचिए और वह तो हमारे प्रधानमंत्री ऐसे हैं जिनकी बात लोगों ने मानी मन्ना कोई और आ जाता तो मुझे नहीं लगता कोई भी घर में रुकने को अपने काम धंधे बंद कर पुलिस भी इतनी ज्यादा लगानी नहीं पड़ी कुछ जगह पर लगानी भी पड़ी लोगों ने अपने हाथी ही सब कुछ समर्थन किया लॉक डाउन कब तक और इससे पहले की तैयारी तो देखें अगर तैयारी करने में समय लगाती लोग डॉन की स्थिति कि वह होती कि लॉकडाउन होगा तो यह फैक्ट्री उससे पहले ही कोविड-19 थोड़ी बहुत हो जाती अब काफी प्रचार-प्रसार हो जाता है खुद को मिटा पर एकदम लॉकडाउन लगाया गया जो तैयारी हो सकती थी उतनी ही तैयारी में काम किया गया तू कोविड-19 ए भाई रोकने में मदद मिली और हमें समय मिला कोविड-19 के लिए उसके बाद हमारे आयुष मंत्रालय ने प्राणायाम बकरा बताएं काले बताएं उससे बहुत हद तक हमारी इम्यूनिटी बूस्टर
Theek hai jaisa ki jo log kah rahe hain aarop laga rahe hain ab main unake vishay mein to kuchh nahin sakata sakata ki vah kaise log hain par main ek baat avashy kah sakata hoon main shaayad aap bhee mere baat se sahamat honge ki agar lokadaun nahin lagata sahee samay par to hamaare yahaan kitanee visham sthiti aur bhayaavah sthiti ho sakatee thee aap sochie aur vah to hamaare pradhaanamantree aise hain jinakee baat logon ne maanee manna koee aur aa jaata to mujhe nahin lagata koee bhee ghar mein rukane ko apane kaam dhandhe band kar pulis bhee itanee jyaada lagaanee nahin padee kuchh jagah par lagaanee bhee padee logon ne apane haathee hee sab kuchh samarthan kiya lok daun kab tak aur isase pahale kee taiyaaree to dekhen agar taiyaaree karane mein samay lagaatee log don kee sthiti ki vah hotee ki lokadaun hoga to yah phaiktree usase pahale hee kovid-19 thodee bahut ho jaatee ab kaaphee prachaar-prasaar ho jaata hai khud ko mita par ekadam lokadaun lagaaya gaya jo taiyaaree ho sakatee thee utanee hee taiyaaree mein kaam kiya gaya too kovid-19 e bhaee rokane mein madad milee aur hamen samay mila kovid-19 ke lie usake baad hamaare aayush mantraalay ne praanaayaam bakara bataen kaale bataen usase bahut had tak hamaaree imyoonitee boostar

Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rohit जी का जवाब
Journalism
2:06
डाउनलोड के बाद कुछ लोगों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने लोक डाउन करने से पहले कोई तैयारी नहीं किया कि मैं आपको चलो उसका बात बता दूं मैं आपको यहां पर ना मोदी सरकार की तरफ से कुछ कहता कि पत्रकार जो मैंने कुछ किया जो देखा है मैं आपको बताता हूं कि पहले तो मैं आपको बता दूं कि इसमें सरकार की गलती नहीं है क्योंकि पहली बार देश को इन चीजों का सामना करना पड़ा है कि उनको भी नहीं पता था कि परिस्थितियां किस संभाग के साल तक घट जाएंगे अब के साल तक हो जाएंगे और दूसरी बात मैं आपको बताऊं तो इसमें भी कुछ हद तक दी रही है क्योंकि मैं सुना था तो पहले एक गाइडलाइन बनाती एक कुछ नियम बना दी कि मजदूर वर्ग हैं जो हमारे कंपनी में काम करने वाले लोग खाते होते हैं उनके लिए कंपनी द्वारा कोई भी लोग का वेतन है वह कांटा नहीं जाएगा पहले से आधा कर दिया जाएगा लेकिन बहुत सी कंपनियों ने वादा किया भी है लेकिन उसके बावजूद सरकार के कहने के बाद भी अभी तक बहुत सी ऐसी कंपनियां हैं जिनको अभी तक उनका वेतन पूरा नहीं मिला है मैं आपको बता दूं कि सरकार को ही घर में मिलनी चाहिए थी जिसमें 3 लोग जिन लोगों को आधा वेतन दिया जाएगा और जो लोग अपने स्थान पर रहते हैं उनको उस स्थान तक छोड़ा जाएगा अगर सरकार इन सभी चीजों पर ध्यान दे दी तो वह क्या पता जो परिस्थितियां लोगों को सहनी पड़ी लौंडो की तरह परिचित नहीं पाते तो मैं कह सकता हूं कि सरकार ने तैयारी नहीं की हालांकि सरकार जो दूसरी तरफ देखने सराय तैयारी करने में लगी थी वह लगी थी हमारे देश में कोरोना केस भरते हैं अमेरिका जैसा हाल है तो उसको कैसे केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने मिलकर बहुत से ऐसे आइसोलेशन केंद्र बनाए नाम पर लोगों को रखा जाएगा यह भी एक तैयारी कहीं अंदर आता है हम इसको तैयारी से विपरीत नहीं लेंगे यह भी आइसोलेशन केंद्र बनाए दम से जो भोसारी करुणा बम जो फटे भेजो को नाकाम करुणा के पेशेंट मिले तो उनको रखने के लिए शिव नहीं पहले किस दिन हुई थी हमें समझ में आपको यह नहीं कह रहा कि मैं चोरों की सरकार अलावा कोई और सरकार होता है वह इतना अच्छा नहीं करता
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