#भारत की राजनीति

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
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साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:22
अगर आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को किस तरह संभालते हैं किसान आंदोलन बहुत भीषण रूप लेता जा रहा है सरकार समझौता करने को तैयार नहीं है और किसान भी मानने को तैयार नहीं है जब किसी बिल से यह किसी ऑर्डिनेंस से जनता को मतलब उसे भुक्तभोगी को जब व्यक्तिगत तौर पर नुकसान और उसका भविष्य अंधकार में हो जाता है तभी ऐसी परिस्थितियां आती सरकार किसानों के पक्ष में कोई बात नहीं करना चाहती उसका मंथन कीजिए मंथन करने से आपको पता चलेगा किसानों को उसमें क्या-क्या नुकसान है किसानों का भविष्य अंधकार में होगा जो परिस्थितियां उस में तय की गई हैं उसमें मंडी आगे चलकर के बंद हो सकती हैं और किसान पूंजी पतियों यह जमाखोरों के चंगुल में फंस कर के बहुत दूर हुई स्ट्रीट भी आ सकता है इसलिए किसान उसको मानने को तैयार नहीं आए ऐसी स्थिति में सरकार को चाहिए कि दोनों के बीच की बात को संभालते हुए उस पर एक वार्ता करवाए संसद में और तब तक के लिए ही इस को सस्पेंड कर देना चाहिए तीनों ब्लॉक और मैं भी यही करता अगर होता तो

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Archana Mishra Bolkar App
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Housewife
0:24
हेलो दोस्तों स्वागत है आपका दोस्तों आपका सवाल है अगर आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रहा है किसान आंदोलन को किस तरह से संभालते दोस्तों जैसे मोदी जी किसान आंदोलन को संभाल रही है बात कर रही हैं किसानों से और निशान तो ना दे रहे हैं कि मैं आपकी मांगे पूरी करेंगे बस वैसे ही हम भी करते तो दोस्तों जवाब अच्छे लगे तो प्लीज लाइक करें धन्यवाद

vk yadav Bolkar App
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Student
1:08
सेक्सी पिक्चर पेश किया कि स्लीपर बस बढ़िया है तू दिल्ली में चल रहा है किसी तरह कुर्सी बोले अच्छा है तो दिमाग लगाया करो कि मैं चला चला के प्रोग्राम की कुछ हटके उनकी फागुन में जो भी हमारे द्वारा पारित किया गया संशोधन करके उसकी सारी बातें मानते हैं तत्पश्चात आप जैसा चाहेंगे वैसा हुआ मुझे आपकी मां ने बोला कि आएंगे उसके बाद में मोबाइल द्वारा से फिर बाद में मैं आई

umashankar Bolkar App
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Farmer
1:19
आपका सवाल है कि आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रहा है किसान आंदोलन को किस तरह से संभालते मैं बता दूं कि अपने देश की रीढ़ की हड्डी किसान ने अपने देश की रीड की हड्डी किसान जैसे हमारे शरीर को चलाने के लिए रीढ़ की हड्डी का अहम भूमिका होता है वैसे ही किसान की भूमिका हमारे देश को चलाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है किसानों की किसान हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है वह अन्नदाता है उसके बिना देश की कल्पना करना व्यर्थ है देश उसकी मेहनत से चलता है वह अनूप जाता है तो उसे हम लोगों का पेट भरता है और हमारा देश कृषि प्रधान देश है यहां के किसानों की खबर नहीं सुनी जा रही है तो यह बहुत बड़ी विडंबना है हमारे देश की यह किसानों को उनके हक के लिए मरा जा रहा है मैं होता तुम्हें किसानों के पक्ष में ही कोई भी कार्यकर्ता किसानों को वितरित करने का मतलब है कि देश को पीछे की तरफ धकेल ना भैंस के दिल को चोट पहुंचाना

Ashish Lavania Bolkar App
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Yoga Instructor
1:08
अगर आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रही है ना नंदनी को किस तरह संभाल तरीके से आंदोलन नहीं है मैं फिर क्या क्या कमेंट है वह चल रहा है कुछ बातें दिल में समझने वाली है जो कि देखिए अब दूर की जाए जिसका पानी वाला बिजली वाला उनका शोषण हुआ पर बात करेंगे तो इसमें सॉल्व होगा अगर आप यह बात लेकर बैठ जाए कि नहीं हमें करना ही नहीं है तो आगे की कोई प्रॉब्लम ही नहीं है कि वही सिंपल सी बात है आप भी इनकम टैक्स भरते होंगे या नहीं भरते अगर आप इंटर इनकम टैक्स को कभी भरने की कोशिश करेंगे तब आपको मालूम पड़ेगा कि इनकम टैक्स कितना कठिन होता है इनकम इनकम अगर हमें भी समझ में नहीं आता क्या है वह तो सही जानता है तो क्या हम भी इस पर प्रोटेस्ट कर सकते हैं हम समझने की कोशिश करेंगे अगर कोई समझाएगा यह कहेंगे कि नहीं से वापस ले लो तो अभी जो कमेंट संभाल रही संभाल रही है कुछ एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं कि आगे जो मुद्दे आने वाले हैं जो बिल पास होने वाले उनको कैसे वापस लिया जा सकता है अगर यह आंदोलन सफल होता है तो हम और कैसे आंदोलन करके बाकी जो अभी यूनिवर्सल सिविल कोर्ट का यूनिवर्सल सिविल कोर्ट का जो आ रहा है इसके अलावा पोलूशन पापुलेशन कंट्रोल का है उसके लिए

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
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Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
2:06
अगर आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को कैसे संभालते हैं पहले तो मैं इस विषय में कोई राजनीति नहीं करता और अपनी पार्टी की जहां पर सरकारें हैं वहां पर उनका उपयोग करके भापुरा आंदोलन जो है वह दबाने की कोशिश ना करता पूरे देश के जनप्रतिनिधियों को ब्लॉक करूं किस बाबा जो बातें हैं चाहे वह किसी भी राज्य से हो किसी भी धर्म से हो किसी भी कास्ट से हो उनकी बातें समझ में ले लेता और पहले इस बिल पर जाऊं संसद में चर्चा करता हूं और अगर इस देश की विशेष किसानों की मैच्योरिटी अगर इस बिल के खिलाफ होती ऐसा मुझे अंदाजा होता या गुप्त चलो से ऐसे रिपोर्ट साथी तुम्हें दिल्ली में किस जगह चल रहे किसान आंदोलन में किसानों का पक्ष लेते हुए सनकी मांगे पूरी करता यह निश्चित रूप से करता धन्यवाद

ABHAI PRATAP SINGH Bolkar App
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teacher
1:36
आपने पसंद किया है अगर आप भारत के प्रधानमंत्री होते तो दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को किस तरह से संभालते हैं देखिए चाय मैं भारत का प्रधानमंत्री होता है या कोई और या मोदी जी हैं मेरे विचार से किसी भी आंदोलन को दबाने का प्रयास करना उचित नहीं है इसके लिए सबसे अच्छा उपाय यही है कि किसानों की चुनिंदा नेताओं के साथ भारत सरकार की चुने हुए प्रतिनिधि साथ में बैठे और एक का मनसन एजेंडा लाए एक आपसी सहमत से विचार-विमर्श करके बातचीत करके उसका हल निकालने यही एक उपाय और कोई भी नियम बिना समझे बिना अगले के लिए उचित नहीं कहा जा सकता है तो मेरे विचार से इसका सबसे अच्छा उपाय यही है कि आपस में बैठकर और विचार विमर्श कर किसी को फॉलो किया जाए धन्यवाद

Trilok Sain Bolkar App
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:30
नमस्कार मैं होटल लोकेशन आफ सुन टेंपल कर एप्लीकेशन पर मुझे अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो मैं इस किसान आंदोलन में किसानों से पूछता है कि आप क्या चाहते हैं क्या परिवर्तन करना चाहते हैं उनकी समस्याओं को नोट कर लेता या उनके दो प्रमुख नेता है उनसे कहता कि आप बताइए किस किस प्रकार से समाधान होना चाहिए फिर उन पर विचार होता और फिर उसी हिसाब से उस कानून में बदलाव कर दिया जाता कि ना

anuj gothwal Bolkar App
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9828597645
1:44
मत के अनुसार अगर मैं भारत का प्रधानमंत्री होता तो मैं जब फिर आंदोलन शुरू हुआ था उसी वक्त में उनका फैसला कर देता हूं लेकिन यह मेरे हाथ में नहीं आती लेकिन मैं एक बात कहना चाहता हूं जिससे किसान का माध्यम खाते हैं वह किसान कितना दुख परेशानी से उबर कर खेती बाड़ी करता है कितना ज्यादा में कितना तड़पता है कितना परेशान होता है यह आप हम लोगों को नहीं पता लेकिन किसान ही जानता है कि वह अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करता अनाज उपज अनाथ को उपजाऊ कैसे बनाता है इसलिए जो भी फैसला करना जब प्रधानमंत्री बना दिया होता तो मैं फैसला सबसे पहले करता क्योंकि किसान किसान लाए तो खेत में और खेत नहीं तो 9 दिन हम आज नहीं तो जीवन नहीं इसलिए किसान के लिए खेती भी जरूरी है और किसान का होना भी जरूरी है और हमारे लोगों का होना भी जरूरी है लेकिन हमारा धोना जरूरी इसलिए उनका साथ देवें किसानों का फसाना के किसानों का साथ ना दे किसानों का साथ ना दे वह कोई इंसान नहीं है वह किसी काम का नहीं है किसानों की सहायता करनी चाहिए चाहे वह अच्छी प्रस्तुति में हो चाहे पूरी परिस्थिति में हो
Mat ke anusaar agar main bhaarat ka pradhaanamantree hota to main jab phir aandolan shuroo hua tha usee vakt mein unaka phaisala kar deta hoon lekin yah mere haath mein nahin aatee lekin main ek baat kahana chaahata hoon jisase kisaan ka maadhyam khaate hain vah kisaan kitana dukh pareshaanee se ubar kar khetee baadee karata hai kitana jyaada mein kitana tadapata hai kitana pareshaan hota hai yah aap ham logon ko nahin pata lekin kisaan hee jaanata hai ki vah apane parivaar ka paalan poshan kaise karata anaaj upaj anaath ko upajaoo kaise banaata hai isalie jo bhee phaisala karana jab pradhaanamantree bana diya hota to main phaisala sabase pahale karata kyonki kisaan kisaan lae to khet mein aur khet nahin to 9 din ham aaj nahin to jeevan nahin isalie kisaan ke lie khetee bhee jarooree hai aur kisaan ka hona bhee jarooree hai aur hamaare logon ka hona bhee jarooree hai lekin hamaara dhona jarooree isalie unaka saath deven kisaanon ka phasaana ke kisaanon ka saath na de kisaanon ka saath na de vah koee insaan nahin hai vah kisee kaam ka nahin hai kisaanon kee sahaayata karanee chaahie chaahe vah achchhee prastuti mein ho chaahe pooree paristhiti mein ho

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