#रिश्ते और संबंध

Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Journalism
1:11
आज के इस नए समय में जहां हर कोई पैसे के पीछे भाग रहा है या एक अच्छी जिंदगी जीने के पीछे भाग रहा है मैं कहीं ना कहीं अपने बच्चों में एक बदलाव को भूल जाता है दिल की आरजू वीडियो अक्षय मैंने लोगों को देखा है कि पूछते कि बच्चों में बच्चे की परवरिश कैसे दें अच्छे संस्कार के संस्कार में मुस्काई कि बड़ों की इज्जत करना और हर व्यक्ति की इज्जत करना ध्यान में आज के समय में देखता हूं कहीं बाहर जाता हूं तो कभी बच्चों में दूसरे के प्रति जो इज्जत सम्मान आदर भाव होते हैं वह कोई न कोई कम होता है किसी भी व्यक्ति से कैसी भी तू तड़ाक भाषा में यहां के यहां से समस्या इन लैंग्वेज में बात करते हैं जो कि बिल्कुल भी अच्छी बातें पूछना चाहे बेटा कितने कितने से कितना भी गरीब व्यक्ति हो आप उसके साथ भी अच्छे से तमीज से बात कीजिए उसका ही उतना ही आदर सम्मान के लिए इतना किया और अगर करते हैं आप ऐसी ऐसी बातों से देसी देसी बाबा जीते रहेंगे उनके व्यक्तित्व में ऐसा रहेगा वह भविष्य में वह पूंजी जो आप हमको सिखा रहे हो वह आप पर ही खर्च करेंगे और आपको ही इसका फायदा देखने को मिलेगा
Aaj ke is nae samay mein jahaan har koee paise ke peechhe bhaag raha hai ya ek achchhee jindagee jeene ke peechhe bhaag raha hai main kaheen na kaheen apane bachchon mein ek badalaav ko bhool jaata hai dil kee aarajoo veediyo akshay mainne logon ko dekha hai ki poochhate ki bachchon mein bachche kee paravarish kaise den achchhe sanskaar ke sanskaar mein muskaee ki badon kee ijjat karana aur har vyakti kee ijjat karana dhyaan mein aaj ke samay mein dekhata hoon kaheen baahar jaata hoon to kabhee bachchon mein doosare ke prati jo ijjat sammaan aadar bhaav hote hain vah koee na koee kam hota hai kisee bhee vyakti se kaisee bhee too tadaak bhaasha mein yahaan ke yahaan se samasya in laingvej mein baat karate hain jo ki bilkul bhee achchhee baaten poochhana chaahe beta kitane kitane se kitana bhee gareeb vyakti ho aap usake saath bhee achchhe se tameej se baat keejie usaka hee utana hee aadar sammaan ke lie itana kiya aur agar karate hain aap aisee aisee baaton se desee desee baaba jeete rahenge unake vyaktitv mein aisa rahega vah bhavishy mein vah poonjee jo aap hamako sikha rahe ho vah aap par hee kharch karenge aur aapako hee isaka phaayada dekhane ko milega

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Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
2:07
दोस्तों प्रश्न है कि बच्चों की सही परवरिश परवरिश के लिए उनके मां-बाप उन्हें अच्छे संस्कार कैसे दें दोस्तों हर मां-बाप चाहते हैं कि मेरा बच्चा संस्कार भी हो लेकिन वह खुद ही उस मार्ग पर नहीं चल रहे होते हैं एक प्रकार से माता-पिता बच्चों के लिए दर्पण होते हैं जैसा माता-पिता करेंगे वैसा बच्चा भी उन्हें अनुसरण करता है अगर माता-पिता मंदिर जाते हैं बच्चों को लेकर सुनिश्चित बच्चा भी आगे मंदिर जाएगा या कहीं और आप मस्जिद गुरुद्वारे जाए ले जाते हैं तो जाएगा आप झूठ बोलते हैं तो बच्चा भी कहीं ना कहीं झूठ बोलेगा आप सच बोलेंगे तो बच्चा भी सत्य के मार्ग पर चलेगा थोड़ा बहुत अंतर आ सकता है सुबह में तो पहले तो हमें संस्कारी बनना पड़ेगा क्योंकि घर में जो सदस्य हैं दादा दादी ने उनको संस्कारी बनना पड़ेगा क्योंकि उन्हीं को बच्चा कॉपी करता है कई बार माता-पिता संस्कारी होते हैं दादा-दादी उसी में बच्चा अलग निकल जाता है उसके लिए आपको देखना होता है कि बच्चा किस समाज में रह रहा है उसकी यार दोस्त कैसे हैं आजकल आप देखेंगे कि हम क्या बच्चों को कितना संस्कारी बनाना चाहें लेकिन टीवी पर ऐसे फूहड़ पर परोसा जा रहा है जो कि हम देखते हैं बहुत अच्छा लगता है जैसे कपिल शर्मा शो उसमें इतनी इतनी गंदी गंदी बातें होती लेकिन हम भी हाथ रहे होते हैं बच्चा भी हौसला होता है तो कहीं जाने अनजाने में हम गलत संस्कार तो खुद तो नहीं ले रहे हो दूसरों को तो नहीं दे रहे हैं ऐसे बहुत सारे चलचित्र कराया बच्चे ऐसे गलत संगति में होते हैं उसका ध्यान करेंगे और आप सही मार्ग पर चलेंगे तो कुछ ना कुछ कम से कम 70% जो है परवरिश में आपके लिखे हैं कि बच्चा संस्कारी हो सकता है आप धार्मिक पुस्तकें पढ़ी आप जो है वह घर में धार्मिक सीरियल देखें अच्छी अच्छी जगहों पर जाएं और बच्चे को भी साथ ले जाए तो निश्चित रूप से उसमें संस्कार उसके रक्त में आप कह सकते हैं जिनमें निश्चित रूप से एक सांप छोड़ेगा धन्यवाद
Doston prashn hai ki bachchon kee sahee paravarish paravarish ke lie unake maan-baap unhen achchhe sanskaar kaise den doston har maan-baap chaahate hain ki mera bachcha sanskaar bhee ho lekin vah khud hee us maarg par nahin chal rahe hote hain ek prakaar se maata-pita bachchon ke lie darpan hote hain jaisa maata-pita karenge vaisa bachcha bhee unhen anusaran karata hai agar maata-pita mandir jaate hain bachchon ko lekar sunishchit bachcha bhee aage mandir jaega ya kaheen aur aap masjid gurudvaare jae le jaate hain to jaega aap jhooth bolate hain to bachcha bhee kaheen na kaheen jhooth bolega aap sach bolenge to bachcha bhee saty ke maarg par chalega thoda bahut antar aa sakata hai subah mein to pahale to hamen sanskaaree banana padega kyonki ghar mein jo sadasy hain daada daadee ne unako sanskaaree banana padega kyonki unheen ko bachcha kopee karata hai kaee baar maata-pita sanskaaree hote hain daada-daadee usee mein bachcha alag nikal jaata hai usake lie aapako dekhana hota hai ki bachcha kis samaaj mein rah raha hai usakee yaar dost kaise hain aajakal aap dekhenge ki ham kya bachchon ko kitana sanskaaree banaana chaahen lekin teevee par aise phoohad par parosa ja raha hai jo ki ham dekhate hain bahut achchha lagata hai jaise kapil sharma sho usamen itanee itanee gandee gandee baaten hotee lekin ham bhee haath rahe hote hain bachcha bhee hausala hota hai to kaheen jaane anajaane mein ham galat sanskaar to khud to nahin le rahe ho doosaron ko to nahin de rahe hain aise bahut saare chalachitr karaaya bachche aise galat sangati mein hote hain usaka dhyaan karenge aur aap sahee maarg par chalenge to kuchh na kuchh kam se kam 70% jo hai paravarish mein aapake likhe hain ki bachcha sanskaaree ho sakata hai aap dhaarmik pustaken padhee aap jo hai vah ghar mein dhaarmik seeriyal dekhen achchhee achchhee jagahon par jaen aur bachche ko bhee saath le jae to nishchit roop se usamen sanskaar usake rakt mein aap kah sakate hain jinamen nishchit roop se ek saamp chhodega dhanyavaad

NEHAA P MISHRA  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Teacher, Soul Healer
2:57
अब मैं भी एक मदद हूं और हम सभी इंसान होते हैं मदद तो है बट पहले तो हम इंसान हैं तो हमसे बहुत सारी मिस्टेक्स होती हैं जिनकी वजह से हम अपने बच्चे को जो संस्कार देना चाहिए कई बार अनजाने में ही हम गलत चीज सिखा जाते हैं उसे क्योंकि हम उसे इग्नोर कर देते हैं जैसे अगर हस्बैंड वाइफ की लड़ाई हो रही सबसे पहली चीज दो प्राइमरी जो कॉन्टेंट होता है वह पैरंट्स का भी प्यार होता है बच्चे के साथ और वह अगर चलिए अच्छा भी है अभी भी है लेकिन आपस में लड़ाई कर रहे हैं बच्चे के सामने करें तो उस पर उसका गलत असर पड़ेगा उसकी एक अपनी थिंकिंग डिवेलप हो जाएगी कि भाई ऐसा ही होता है लड़ना नहीं चाहिए कई बार मिली गोपी में लिखा जाता है बहुत से ऐसे ही शुभ होते हैं तो सही परवरिश देने के लिए समय पर डांटना समय पर प्यार करना भी जरूरी है केवल डटे रहने से वह स्ट्रांग नहीं बनेगा वह कुछ सीखेगा नहीं वह आप को इग्नोर करने लगेगा और अननेसेसरी प्यार देने से अगर आप सही गलत में फर्क नहीं करेंगे तो उसमें भी वह बिगड़ जाएगा तो हर चीज को बैलेंस करके रखना जरूरी जब से गलती हुई है तो उसे डांट है और जब से कुछ अच्छा किया था एपिसोड कीजिए सबसे इंपोर्टेंट चीज जो मैं कहना चाहूंगी संस्कार देने में सबसे एक बेसिक संस्कार होता है कि लोगों को अप्रिशिएट करना यह क्वॉलिटी हमें होनी चाहिए कि हम लोगों को किसी का अगर थोड़ा सा भी अच्छा कुछ है बाकी बहुत चीजें बुरी है तो उसको अप्रिशिएट करो उसका माइंड डाइवर्ट हो जाएगा चेंज हो जाएगा उसकी उसकी जो आपके प्रति थिंकिंग है वह बदल जाएगी पहली चीज होती है कि जिसको एप्लीकेशन नहीं मिलता है या अटैक करता है कि मैं मुझे प्लीज गाइड करें कि मैं नहीं कर रहा हूं या गलत उसमें आपने एक बार में उसको गलत बोल दिया क्या कमियां बता दी उसे देखिए हर इंसान हर बच्चे को पता है कि उसने जो किया है वह सही है या गलत है या कितना पर्सेंट सही है यह भी उससे पता है लेकिन अगर एस्पायरेंट हम उसे कमियां बताने लगते हैं हमेशा तो मुंह पर डिसएप्वाइंट हो जाता है तो मैं सबसे बेसी चीज बोलूंगी कि आप रिसेट करने के काबिल बना है छोटी छोटी सी चीजें भी बचा कर रहा है उसे अप्रिशिएट कीजिए उसे हम कीजिए अपने पास बुला कर और इससे उसे एक शाम तक लाभ मिलेगा जो उसे एक अच्छा इंसान बनने में मदद करेगा बाकी आप तो एक बहुत बड़ा नोटिस भेज कर दें कि बेटा यह अच्छा है यह करना है तो वह इतना बहुत नहीं है थैंक यू
Ab main bhee ek madad hoon aur ham sabhee insaan hote hain madad to hai bat pahale to ham insaan hain to hamase bahut saaree misteks hotee hain jinakee vajah se ham apane bachche ko jo sanskaar dena chaahie kaee baar anajaane mein hee ham galat cheej sikha jaate hain use kyonki ham use ignor kar dete hain jaise agar hasbaind vaiph kee ladaee ho rahee sabase pahalee cheej do praimaree jo kontent hota hai vah pairants ka bhee pyaar hota hai bachche ke saath aur vah agar chalie achchha bhee hai abhee bhee hai lekin aapas mein ladaee kar rahe hain bachche ke saamane karen to us par usaka galat asar padega usakee ek apanee thinking divelap ho jaegee ki bhaee aisa hee hota hai ladana nahin chaahie kaee baar milee gopee mein likha jaata hai bahut se aise hee shubh hote hain to sahee paravarish dene ke lie samay par daantana samay par pyaar karana bhee jarooree hai keval date rahane se vah straang nahin banega vah kuchh seekhega nahin vah aap ko ignor karane lagega aur ananesesaree pyaar dene se agar aap sahee galat mein phark nahin karenge to usamen bhee vah bigad jaega to har cheej ko bailens karake rakhana jarooree jab se galatee huee hai to use daant hai aur jab se kuchh achchha kiya tha episod keejie sabase importent cheej jo main kahana chaahoongee sanskaar dene mein sabase ek besik sanskaar hota hai ki logon ko aprishiet karana yah kvolitee hamen honee chaahie ki ham logon ko kisee ka agar thoda sa bhee achchha kuchh hai baakee bahut cheejen buree hai to usako aprishiet karo usaka maind daivart ho jaega chenj ho jaega usakee usakee jo aapake prati thinking hai vah badal jaegee pahalee cheej hotee hai ki jisako epleekeshan nahin milata hai ya ataik karata hai ki main mujhe pleej gaid karen ki main nahin kar raha hoon ya galat usamen aapane ek baar mein usako galat bol diya kya kamiyaan bata dee use dekhie har insaan har bachche ko pata hai ki usane jo kiya hai vah sahee hai ya galat hai ya kitana parsent sahee hai yah bhee usase pata hai lekin agar espaayarent ham use kamiyaan bataane lagate hain hamesha to munh par disepvaint ho jaata hai to main sabase besee cheej boloongee ki aap riset karane ke kaabil bana hai chhotee chhotee see cheejen bhee bacha kar raha hai use aprishiet keejie use ham keejie apane paas bula kar aur isase use ek shaam tak laabh milega jo use ek achchha insaan banane mein madad karega baakee aap to ek bahut bada notis bhej kar den ki beta yah achchha hai yah karana hai to vah itana bahut nahin hai thaink yoo

Vikas Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:23
लकी बच्चों के सिर पर भी उसके लिए उनके मां-बाप होने कैसे अच्छे संस्कार थे सेंट्स मां-बाप सेंट्स उनको अपने संस्कार बहुत अच्छी तरह से पहले से कोई भी गलत काम करते लोग को उल्टा बोलता है या फिर किसी की बात नहीं मानता कि से गुस्सा आता है तो सेंड ए टाइम सेंड वह बच्चों को डांटते ठीक है और दूसरी बात अगर बच्चा कोई भी मतलब फ्रेंड कोई गलत काम करता है या फिर पेंट्स कोई बच्चा जानबूझकर गलत काम करता कोई गलत डाइट कोई भी गलत बात है मैं जान जाता है सेंड हमसे रूठ जाता है अब वह अपने मां-बाप से तो सेंड समापन को प्यार से समझा समझा सकते सेंट्स मतलब को क्रोध से मतलब करो अभी समझ जाना चाहिए मतलब क्रोध कब से कब तक अपने कब बोला और प्यार से समझाना क्या है कि बच्चे का फ्रेंडशिप पुलिस है कि ठीक है फ्रेंड्स अगरबत्ती से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए 10 बच्चा बिल्कुल बिगड़ जाएगा मतलब वह बिल्कुल अगर प्यार करते करते रहोगे तो बिगड़ जाएगा तो फिर कह रहे थे होगे तो बच्चा आपके साथ आपके सामने कुछ नहीं बोलेगा समझकर सेंड पर प्यार करोगे तो सेंड सॉफ्टवेयर नाम भी साइड जा करवा देगा इसलिए मेरे हिसाब से आपको बच्चे को ऐसी तरह से भोपाल लो जिसमें आप गुस्सा भी हो और प्यार से बोलो ऐसे बच्चा बिल्कुल सही रहेगा धन्यवाद रामू को टैक्स लगा तभी धन्यवाद जय हिंद जय भारत
Lakee bachchon ke sir par bhee usake lie unake maan-baap hone kaise achchhe sanskaar the sents maan-baap sents unako apane sanskaar bahut achchhee tarah se pahale se koee bhee galat kaam karate log ko ulta bolata hai ya phir kisee kee baat nahin maanata ki se gussa aata hai to send e taim send vah bachchon ko daantate theek hai aur doosaree baat agar bachcha koee bhee matalab phrend koee galat kaam karata hai ya phir pents koee bachcha jaanaboojhakar galat kaam karata koee galat dait koee bhee galat baat hai main jaan jaata hai send hamase rooth jaata hai ab vah apane maan-baap se to send samaapan ko pyaar se samajha samajha sakate sents matalab ko krodh se matalab karo abhee samajh jaana chaahie matalab krodh kab se kab tak apane kab bola aur pyaar se samajhaana kya hai ki bachche ka phrendaship pulis hai ki theek hai phrends agarabattee se aasheervaad praapt karate hue 10 bachcha bilkul bigad jaega matalab vah bilkul agar pyaar karate karate rahoge to bigad jaega to phir kah rahe the hoge to bachcha aapake saath aapake saamane kuchh nahin bolega samajhakar send par pyaar karoge to send sophtaveyar naam bhee said ja karava dega isalie mere hisaab se aapako bachche ko aisee tarah se bhopaal lo jisamen aap gussa bhee ho aur pyaar se bolo aise bachcha bilkul sahee rahega dhanyavaad raamoo ko taiks laga tabhee dhanyavaad jay hind jay bhaarat

Mohitrajput Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Unknown
0:26
देखो तुम्हें अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देनी है तो तुम पर डिपेंड करता है यार कि तुम अच्छे संस्कार दो या किसी और बच्चों को अच्छे संस्कार तुम जैसे हो तुम्हारे बच्चे भी ऐसी निकलते हैं यह बात तो सच है तुमसे किसने भी संस्कार दे दो शायद बड़ा हो गया वह वैसा ही निकले जैसे तुमसे इसलिए तुम अच्छे हो तुम भेज सकते तुम संस्कार मत दो पड़ोसन कार ऑटोमेटिक ले आ जाते हैं बच्चों के अंदर
Dekho tumhen apane bachchon ko achchhe sanskaar denee hai to tum par dipend karata hai yaar ki tum achchhe sanskaar do ya kisee aur bachchon ko achchhe sanskaar tum jaise ho tumhaare bachche bhee aisee nikalate hain yah baat to sach hai tumase kisane bhee sanskaar de do shaayad bada ho gaya vah vaisa hee nikale jaise tumase isalie tum achchhe ho tum bhej sakate tum sanskaar mat do padosan kaar otometik le aa jaate hain bachchon ke andar

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
6:45
बच्चों की सही परवरिश के लिए उनके मां-बाप ने अच्छे संस्कार संस्कार कैसे दें बच्चे जो होते हैं वह लेके लेक्चर देने से नहीं सुधारते हैं या बनते नहीं है तो वह जो उनके फैमिली में घटित होता है जो जो भी चीज है उनका अनुकरण करते हैं वही चीज है वह घर आते हैं जैसे घर में गालियां देता हूं बाबू गालियां देता हो या मां काली जी काली जी तीर्थ बच्चे अपने फ्रेंड्स को गालियां देते हुए नजर आएंगे और कई बच्चे हम इधर उधर देख भी सकते हैं तो मां बाप ने पहले सलोना चाहिए तेरी मां बाप ऐसे ही खुद दसवीं पास नहीं कर पाए पाए और इतना दबाव दबाव जो है बच्चों पर डालते की उसमें एक कंपलीट कंपलेक्स बोला जाता है डॉक्टर बनने के लिए या इंजीनियर बनने के लिए एक दोन तीन चीजें उनको मालूम है यह बड़े पद है और बड़े पैसे से मिलते हैं और यह सिखाते हैं कि कि फलाना व्यक्ति जो है वह कैसे डॉक्टर बन गया और कैसा उसका बड़ा बड़ा हॉस्पिटल यार कैसे उसने बड़ा घर बनाया और कैसे बड़ी गाड़ियों ने उसके पास से इस तरह का जो एक पैसों को महत्व देने वाला मूल्य समझ में आ और कुटुंब में दोनों जगह पर है पैसे मुल्ले ही लेकर वह बच्चे बड़े हो जाएंगे और वही करेंगे जो वकील हो करते आए हैं आए तो इसलिए बहुत जिम्मेदारी की बात है और बहुत है इस पर गंभीरता से लेते हुए मां बाप ने मुझे तो ऐसा लगता है कि मां-बाप का एक प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए इस संदर्भ में उज्ज्वला हेल्थ डिपार्टमेंट है उसके जरिए मां बाप बनने वाले लोगों का एक प्रशिक्षण हो गांव लेवल तक और उनको सारी बातें जो है वह बता दीजिए बता दीजिए और वैसे जो कुछ लोग वैसे कुछ लोग तो अच्छे संस्कार कर ही रहे हैं वह घर में बच्चों को पढ़ाते हैं उनको वह उनके साथ बातचीत करते हैं वह खुद जो ज्ञान वर्धक चीजे है उनके बारे में बारे में वह सीरियल या हिस्ट्री के डिस्कवरी चैनल्स देखते हैं तो बच्चे भी उनका अनुकरण करते हुए वह बहुत देखते हुए दिखाई देते हैं कुछ मां-बाप एक एक पुस्तक लेकर पढ़ने के लिए बैठते हैं तो वह भी बच्चे बच्चे उसका अनुकरण करते हैं स्वच्छता के जो होते हैं वह खुद में निर्माण के होते हैं पहले से होते तो बच्चे उनका अनुकरण करते स्वच्छता के संदर्भ में बड़े लोगों के साथ किस तरह बातचीत करना गालियां देना गलत है या जो आदत होती है शराब पीना या स्मोकिंग करना है इसे भी चीज में क्या प्रॉब्लम हो जाता है और कैसे आदमी मर जाता है ऐसी चर्चा करते हैं घर के अंदर सारे विषय पर चर्चा करने वाले माता-पिता होते हो आपस में चर्चा करते हैं पॉलिटिक्स हुए हैं बाकी चीजें और बच्चे सुनते हैं मैंने देखा है ऐसे फैमिली को उनके घर में ऐसी चर्चा होती है और उनके बच्चे भी कुछ अच्छा लगे ऐसा सुनने वाले को मेरे जैसे कोई तो मैंने एक बच्चा भी देखा था एक शिक्षक का वह मेरे घर में आया और पहले उसने अपनी चप्पल चप्पल जो है वह बाहर रखें और मुझे पहले उसने पूछा कि क्या मैं अंदर आ सकता हूं तो मैंने उसको अंदर तो उसने मुझे पूछा कि मैं कंप्यूटर को थोड़ा चलाना चाहता हूं नंबर उसने पूछा तो मैंने मेरा कंप्यूटर इस्तेमाल करने के लिए दिया जो है वह जस्ट आया उसको मजाक थोड़ा सा करने का कर्तव्य भी था तो तभी भी हो इसको थोड़ा सा रिएक्शन देता था और खुद वह मेरा मजाक नहीं होगा करता था उसके संस्कार ऐसे थे यह बात गंभीरता से सोचने वाली है सच-सच लेनी चाहिए भारत माता पिता को धन्यवाद
Bachchon kee sahee paravarish ke lie unake maan-baap ne achchhe sanskaar sanskaar kaise den bachche jo hote hain vah leke lekchar dene se nahin sudhaarate hain ya banate nahin hai to vah jo unake phaimilee mein ghatit hota hai jo jo bhee cheej hai unaka anukaran karate hain vahee cheej hai vah ghar aate hain jaise ghar mein gaaliyaan deta hoon baaboo gaaliyaan deta ho ya maan kaalee jee kaalee jee teerth bachche apane phrends ko gaaliyaan dete hue najar aaenge aur kaee bachche ham idhar udhar dekh bhee sakate hain to maan baap ne pahale salona chaahie teree maan baap aise hee khud dasaveen paas nahin kar pae pae aur itana dabaav dabaav jo hai bachchon par daalate kee usamen ek kampaleet kampaleks bola jaata hai doktar banane ke lie ya injeeniyar banane ke lie ek don teen cheejen unako maaloom hai yah bade pad hai aur bade paise se milate hain aur yah sikhaate hain ki ki phalaana vyakti jo hai vah kaise doktar ban gaya aur kaisa usaka bada bada hospital yaar kaise usane bada ghar banaaya aur kaise badee gaadiyon ne usake paas se is tarah ka jo ek paison ko mahatv dene vaala mooly samajh mein aa aur kutumb mein donon jagah par hai paise mulle hee lekar vah bachche bade ho jaenge aur vahee karenge jo vakeel ho karate aae hain aae to isalie bahut jimmedaaree kee baat hai aur bahut hai is par gambheerata se lete hue maan baap ne mujhe to aisa lagata hai ki maan-baap ka ek prashikshan nahin hona chaahie is sandarbh mein ujjvala helth dipaartament hai usake jarie maan baap banane vaale logon ka ek prashikshan ho gaanv leval tak aur unako saaree baaten jo hai vah bata deejie bata deejie aur vaise jo kuchh log vaise kuchh log to achchhe sanskaar kar hee rahe hain vah ghar mein bachchon ko padhaate hain unako vah unake saath baatacheet karate hain vah khud jo gyaan vardhak cheeje hai unake baare mein baare mein vah seeriyal ya histree ke diskavaree chainals dekhate hain to bachche bhee unaka anukaran karate hue vah bahut dekhate hue dikhaee dete hain kuchh maan-baap ek ek pustak lekar padhane ke lie baithate hain to vah bhee bachche bachche usaka anukaran karate hain svachchhata ke jo hote hain vah khud mein nirmaan ke hote hain pahale se hote to bachche unaka anukaran karate svachchhata ke sandarbh mein bade logon ke saath kis tarah baatacheet karana gaaliyaan dena galat hai ya jo aadat hotee hai sharaab peena ya smoking karana hai ise bhee cheej mein kya problam ho jaata hai aur kaise aadamee mar jaata hai aisee charcha karate hain ghar ke andar saare vishay par charcha karane vaale maata-pita hote ho aapas mein charcha karate hain politiks hue hain baakee cheejen aur bachche sunate hain mainne dekha hai aise phaimilee ko unake ghar mein aisee charcha hotee hai aur unake bachche bhee kuchh achchha lage aisa sunane vaale ko mere jaise koee to mainne ek bachcha bhee dekha tha ek shikshak ka vah mere ghar mein aaya aur pahale usane apanee chappal chappal jo hai vah baahar rakhen aur mujhe pahale usane poochha ki kya main andar aa sakata hoon to mainne usako andar to usane mujhe poochha ki main kampyootar ko thoda chalaana chaahata hoon nambar usane poochha to mainne mera kampyootar istemaal karane ke lie diya jo hai vah jast aaya usako majaak thoda sa karane ka kartavy bhee tha to tabhee bhee ho isako thoda sa riekshan deta tha aur khud vah mera majaak nahin hoga karata tha usake sanskaar aise the yah baat gambheerata se sochane vaalee hai sach-sach lenee chaahie bhaarat maata pita ko dhanyavaad

ᴊᴀt raj me Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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𝓝𝓾𝓻𝓼𝓲𝓷𝓰 𝓼𝓪𝓯𝓮 𝓶𝓮 𝔀𝓸𝓻𝓴𝓲𝓷𝓰
1:02
बच्चों को सही प्रवेश देने के लिए उनके मां-बाप को अच्छे संस्कार कैसे दें कि हमारा अच्छा है कि अच्छे संस्कार देने के लिए प्रति व्यक्ति को अपनी संस्कृति के बारे में उन बच्चों को बचपन में ही उनके प्रति जोश और उन कहानियों से आकर्षित करना चाहिए जो हूं हमेशा मुन्ने हमारी संस्कृति को और हमारी प्राचीन हर संस्कृति और सभ्यता और उन महान कवियों और वैज्ञानिकों के बारे में उन्हें प्रति आकर्षित करें अच्छे संस्कार दें और अच्छी उनकी देखभाल करें आता उनका खानपान और ने अच्छे संस्कार में हमेशा बच्चे को प्राचीन और हमेशा सभ्यता के अनुसार लक्षण देंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ी ही हमारी भारत की संस्कृति को बचा पाए इसीलिए हर मां-बाप का मेरा कहना है कि उन्हें अच्छे संस्कृति और अच्छे गुण है जो हमारे आने वाले भारत के प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखें
Bachchon ko sahee pravesh dene ke lie unake maan-baap ko achchhe sanskaar kaise den ki hamaara achchha hai ki achchhe sanskaar dene ke lie prati vyakti ko apanee sanskrti ke baare mein un bachchon ko bachapan mein hee unake prati josh aur un kahaaniyon se aakarshit karana chaahie jo hoon hamesha munne hamaaree sanskrti ko aur hamaaree praacheen har sanskrti aur sabhyata aur un mahaan kaviyon aur vaigyaanikon ke baare mein unhen prati aakarshit karen achchhe sanskaar den aur achchhee unakee dekhabhaal karen aata unaka khaanapaan aur ne achchhe sanskaar mein hamesha bachche ko praacheen aur hamesha sabhyata ke anusaar lakshan denge to hamaaree aane vaalee peedhee hee hamaaree bhaarat kee sanskrti ko bacha pae iseelie har maan-baap ka mera kahana hai ki unhen achchhe sanskrti aur achchhe gun hai jo hamaare aane vaale bhaarat ke praacheen sabhyata aur sanskrti ko bachaakar rakhen

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:19
आपका प्रश्न बच्चों की सही परवरिश के लिए उनके मां-बाप उन्हें अच्छे संस्कार कैसे चाहिए कि बड़ों का आदर करना चाहिए और उनसे बात करनी चाहिए और और बड़े होकर अच्छा आदमी बनना चाहिए और एक अच्छी सी जॉब करनी चाहिए धन्यवाद दोस्तों
Aapaka prashn bachchon kee sahee paravarish ke lie unake maan-baap unhen achchhe sanskaar kaise chaahie ki badon ka aadar karana chaahie aur unase baat karanee chaahie aur aur bade hokar achchha aadamee banana chaahie aur ek achchhee see job karanee chaahie dhanyavaad doston

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