#पढ़ाई लिखाई

munendra singh tomar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए munendra जी का जवाब
Student
1:05
आपका सवाल है कि भारत के लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी में दिया अंग्रेजी मीडियम में क्यों पढ़ाना चाहते हैं तो भारत हमारा एक हिंदी राष्ट्र हिंदू देश है और हिंदू जो हमारे भारत की जो जो राष्ट्रभाषा है वह हिंदी है अधिकतर रूरल एरिया 50 हरी शहरी एरिया हो लोग अंग्रेजी का परचम ज्यादा है क्योंकि इसका जलस्तर है वह बहुत ऊंचा धीरे-धीरे होता जा रहा हर कोई आदमी यह कहता में अंग्रेजी बोलना सीख जाओ और अपने बच्चों को अच्छी परवरिश और अच्छी शिक्षा देने के लिए वह अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में उनका दाखिला कराते हैं और उनका उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं इसीलिए हमारे भारत के लोग अधिकतर अपने बच्चों को हिंदी मीडियम के बजाय इंग्लिश मीडियम में अधिक दाखिला दिलाने की प्रेरणा प्रेरणा रखते हैं हमारे आज तक ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसा हो जाकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए अच्छे-अच्छे स्कूलों में लोग पढ़ा रहे हैं
Aapaka savaal hai ki bhaarat ke log apane bachchon ko angrejee mein diya angrejee meediyam mein kyon padhaana chaahate hain to bhaarat hamaara ek hindee raashtr hindoo desh hai aur hindoo jo hamaare bhaarat kee jo jo raashtrabhaasha hai vah hindee hai adhikatar rooral eriya 50 haree shaharee eriya ho log angrejee ka paracham jyaada hai kyonki isaka jalastar hai vah bahut ooncha dheere-dheere hota ja raha har koee aadamee yah kahata mein angrejee bolana seekh jao aur apane bachchon ko achchhee paravarish aur achchhee shiksha dene ke lie vah apane bachchon ko inglish meediyam skool mein unaka daakhila karaate hain aur unaka ujjaval bhavishy kee kaamana karate hain iseelie hamaare bhaarat ke log adhikatar apane bachchon ko hindee meediyam ke bajaay inglish meediyam mein adhik daakhila dilaane kee prerana prerana rakhate hain hamaare aaj tak graameen kshetron mein bhee aisa ho jaakar apane bachchon ko achchhee shiksha dene ke lie achchhe-achchhe skoolon mein log padha rahe hain

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डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:18
प्रश्न भारत के लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम में क्यों पढ़ाना चाहते हैं देखें ऐसा है कि आज का जो युग है पॉम्प एंड शो करे हुए हैं पर इस युग में माना जा रहा है कि जो अंग्रेजी है वह भी शुभ आता है अंग्रेजों के समय से मानसिकता चली थी और अभी तक प्रभावी है तो अगर बच्चा मेरी जान जाएगा तो उसको जब आसानी से मिल जाएगा वह सामान्य तरक्की कर जाएगा यह सोच कर के तो कि यहां इस देश का हर आदमी अपने बच्चे का भविष्य जो है वह जेल देखना चाहता है इसीलिए वह अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहता है मुगालता ही चाहे वह सुपात्र हो चाहे नहीं हिंदी मीडियम में भी बहुत अच्छी नौकरियां मिल सकती हैं ऐसा नहीं है दूसरे अंग्रेजी एक माध्यम भाषा है विकी योग्यता की पहचान नहीं है भाषा का ज्ञान होने का मतलब यह थोड़ी का बहुत योग्य हैं लेकिन कुल मिलाकर के पहिए है और कुछ हमारे प्राइवेट स्कूल से उनकी भी यह कमी है जो लोगों के बीच में कान्वेंट स्कूलों का प्रचार प्रसार कुछ इस तरह से कर रहे हैं कि लोग इस माया जाल में फंसते चले जा रहे हो राजेश दूरवर्ती गांव में जहां शुद्ध हिंदी भी नहीं बोली जाती वहां अंग्रेजी माध्यम के कान्वेंट स्कूल खूब चल रहे थैंक यू
Prashn bhaarat ke log apane bachchon ko angrejee meediyam mein kyon padhaana chaahate hain dekhen aisa hai ki aaj ka jo yug hai pomp end sho kare hue hain par is yug mein maana ja raha hai ki jo angrejee hai vah bhee shubh aata hai angrejon ke samay se maanasikata chalee thee aur abhee tak prabhaavee hai to agar bachcha meree jaan jaega to usako jab aasaanee se mil jaega vah saamaany tarakkee kar jaega yah soch kar ke to ki yahaan is desh ka har aadamee apane bachche ka bhavishy jo hai vah jel dekhana chaahata hai iseelie vah apane bachchon ko inglish meediyam mein padhaana chaahata hai mugaalata hee chaahe vah supaatr ho chaahe nahin hindee meediyam mein bhee bahut achchhee naukariyaan mil sakatee hain aisa nahin hai doosare angrejee ek maadhyam bhaasha hai vikee yogyata kee pahachaan nahin hai bhaasha ka gyaan hone ka matalab yah thodee ka bahut yogy hain lekin kul milaakar ke pahie hai aur kuchh hamaare praivet skool se unakee bhee yah kamee hai jo logon ke beech mein kaanvent skoolon ka prachaar prasaar kuchh is tarah se kar rahe hain ki log is maaya jaal mein phansate chale ja rahe ho raajesh dooravartee gaanv mein jahaan shuddh hindee bhee nahin bolee jaatee vahaan angrejee maadhyam ke kaanvent skool khoob chal rahe thaink yoo

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