#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker

मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए?

Manushya Ki Ekagrata Ka Mool Aadhar Kise Mana Jana Chahiye
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
1:48
आपका पसंद है मनुष्य की एकाग्रता को मूलाधार किसे माना जाना चाहिए तो दोस्तों आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार के किसी भी क्षेत्र में व्यक्ति की सफलता को निर्धारित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मूल निर्णायक कारक उसकी एकाग्रता सच्ची होती है जिस प्रकार से उधार लेते हैं ऐसे मां का भी महाभारत में 1 दिन पांडव और कौरव तीरंदाजी की शिक्षा देने के लिए दौरान गुरु द्रोणाचार्य ने अपने विद्यार्थियों को श्वेता करता शक्ति की पत्नी का पता लग गया था और द्रोणाचार्य ने पेड़ की शाखा पर लकड़ी की चिड़िया लगा दी एक-एक करके अपने विद्यार्थी को बुलाते और उससे उच्च चिड़ियों को आग भेजने को कहते हैं विभाग की ओर से दोबारा आंख भेजने समय गुरु द्रोणाचार्य उनसे पूछते आपको क्या दिखाई दे रहा है उस समय हर एक विद्यार्थी ने कर दिया और किसी को पेड़ के साथ ही नजर आती है किसी को पूरी चिड़िया उसके आसपास की चीजें लेकिन सिर्फ अर्जुन ही था जिसने कहा था कि उसे सिर्फ चिड़िया की आंख ही दिखाई दे रही है और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सिर्फ वही था जो चिड़ियों की आंख लक्ष्य पर खुद पता कर कर बाकी सभी मित्र जनों को पीछे छोड़ पाया था यह उसकी ताकत आ सकती थी जिसने उसे समय के सबसे बड़े जनता जो में एक बनाया था विद्वानों का मानना है अल्बर्ट आइंस्टीन विशेष तकनीक का प्रयोग करते हैं जिनके जरिए किसी भी चीज पर आसपास दुश्मनों को नजरअंदाज करते हुए 1 घंटे अधिक समय तक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं धन्यवाद साथियों खुश रहो
Aapaka pasand hai manushy kee ekaagrata ko moolaadhaar kise maana jaana chaahie to doston aapake savaal ka uttar is prakaar ke kisee bhee kshetr mein vyakti kee saphalata ko nirdhaarit karane ke lie sabase mahatvapoorn mool nirnaayak kaarak usakee ekaagrata sachchee hotee hai jis prakaar se udhaar lete hain aise maan ka bhee mahaabhaarat mein 1 din paandav aur kaurav teerandaajee kee shiksha dene ke lie dauraan guru dronaachaary ne apane vidyaarthiyon ko shveta karata shakti kee patnee ka pata lag gaya tha aur dronaachaary ne ped kee shaakha par lakadee kee chidiya laga dee ek-ek karake apane vidyaarthee ko bulaate aur usase uchch chidiyon ko aag bhejane ko kahate hain vibhaag kee or se dobaara aankh bhejane samay guru dronaachaary unase poochhate aapako kya dikhaee de raha hai us samay har ek vidyaarthee ne kar diya aur kisee ko ped ke saath hee najar aatee hai kisee ko pooree chidiya usake aasapaas kee cheejen lekin sirph arjun hee tha jisane kaha tha ki use sirph chidiya kee aankh hee dikhaee de rahee hai aur aisa isalie hua kyonki sirph vahee tha jo chidiyon kee aankh lakshy par khud pata kar kar baakee sabhee mitr janon ko peechhe chhod paaya tha yah usakee taakat aa sakatee thee jisane use samay ke sabase bade janata jo mein ek banaaya tha vidvaanon ka maanana hai albart aainsteen vishesh takaneek ka prayog karate hain jinake jarie kisee bhee cheej par aasapaas dushmanon ko najarandaaj karate hue 1 ghante adhik samay tak dhyaan kendrit kar sakate hain dhanyavaad saathiyon khush raho

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मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए?Manushya Ki Ekagrata Ka Mool Aadhar Kise Mana Jana Chahiye
Deven  Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Deven जी का जवाब
Valuepreneur Adventurer Life Explorer Dreamer
4:38
मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए एकाग्रता खो कर हम किसी चीज पर अगर फोकस करते हैं तो किस चीज को फोकस करते हैं अगर हम किसी चीज में काम कर रहे हैं अगर मैं अभी आपसे बात कर रहा हूं इस फोन पर में आंसर दे रहा हूं इसका मतलब यह है कि मेरा पूरा ध्यान इस सवाल के जवाब को देने में लगा हुआ है तो जो मेरा ध्यान या लगा हुआ है इसका मतलब मेरा प्रिय वहां काम कर रहा है मेरा ब्रेन बाकी चीजों के बारे में नहीं सोच रहे हो खाली है सोच रहे हैं कि इस जवाब का मैं पूरे दिन ज्यादा से ज्यादा अच्छे तरीके से जवाब में कैसे बेस्ट कैंसर में कल से देखो तो यहां मेरा बरेली स्थित है और यह ब्रेन कंसिस्टेंटली एक ही जगह पर कोशिश कर रहा है कि पूरे नॉलेज को इकट्ठा करके मैं आपको एक समाधान कारक आंसर देता हूं ऐसा ही हर काम में हो जब आप गाड़ी चला रहे हो या फिर आप कोई भी काम कर रहे हो तो वह होते आपके ब्रेन की पूरी शक्तियां एक जगह पर आकर वहां पर पूरा उसी बारे में सोचना शुरु कर देती है इसे बोलते हैं और अगर यह फोकस नहीं है आपके पास में तो अब एक विरुद्ध कैरेक्टर शिक्षा अपने मन की वह है चंचल तुमने हमारा मन एक जगह से दूसरे जगह पलक झपकते ही भटक जाता है और यह कैरेक्टरिस्टिक चाहिए ऐसा नहीं है किसी बाप के साथ हो रहा है या खुशी लोगों के साथ हो रही सब के साथ होता है लेकिन हमारा प्रयास जो होता है वह होता है इसको एक जगह फोकस करना वह कैसे करते हैं इसके लिए सिंपल सी बात है कि हम लो अगर किसी काम को कर रहे हो तो हमारा मन भटक जाता है उसको सिंपली वहां से उठाकर फिर से हा लेकर आना है फिर से काम करते रहना है फिर से बीच में आपको पता चलेगा कि यह भटक गया फिर से लेकर आना है फिर से चला पता चलेगा यह भटक या फिर से एक जगह पर लेकर आना है यह आदत हमें कंटिन्यू लगानी पड़ती है विदाउट इनिकवर्ल्ड विदाउट इनविटेशन और प्यार से तो क्या होता है कि जब आप उस काम को कर रहे हो आपका मस्तिष्क वहां पर आपका ब्रेन कॉन्शसनेस पूरा उस काम के आसपास इर्द-गिर्द लगा हुआ है आप काम करते जा रहे हो करते जा रहे हो भटक गया भटक गया आपने फिर से वहां पर लाया फिर से आपका मैं आपका कौन से स्थान पर है फिर से भटक गया पिलाया तो ऐसे करते करते हमारे ब्रेन को यह आदत पड़ जाती है कि किसी काम को करते समय वह खाली फोकस करें वहीं पर रहे भटके नहीं और यह हैबिट फॉरमेशन का पार्ट है हम जब मेडिटेशन करते हैं तो हम यही कोशिश करते हैं कि किसी न किसी तरीके से हम एक व्हाट्सएप टेक्स्ट किस तरीके से कौन सन सेट करें कोई हमें दिक्कत कर रहा है तो उसकी आवाज सुनकर उसके ऊपर किस तरीके से कौन सेट करें स्टेशन एक पाठ है उसको एक आदत दिलाने के लिए उस पर एक शिक्षा देने के लिए ब्रेन को लेकिन सिर्फ मेडिटेशन से कुछ नहीं होगा क्योंकि मेडिटेशन आफ थे ब्रेन को शांत जरूर करेगा लेकिन मेडिटेशन 10 मिनट करोगे आप 20 मिनट करोगे एक घंटा करोगे लेकिन बाकी के टाइम क्या करोगे आप तो लाइफ के अंदर में यह कोशिश करनी है कि जो भी मैं काम करूंगा उस काम के अंदर में मैं फोन करूंगा जीवन में पेड़ क्यों ना बना रहा हूं और जब हम फोकस कर दे किसी चीज को तो हर बार हम लोग थोड़ा सा जॉइपुल ने तो उसमें लेकर आया कि मैं मैंने फॉर एग्जांपल हैंडराइटिंग समय कुछ लिखता हूं एक पेज आज मैंने इस तरह की हर रेट निकाल कर देखिए कल कुछ और और नए टाइप के हंड्रेड निकाल कर देखी मैंने लिखते समय नहीं तुमको जब हम हमारे काम में लेकर आते हमेशा तो ब्रेन को काफी से जो पसंद आती है और वहीं पर टिका हुआ होता है तो यह मुख्य आधार होता है फोकस करने का और जैसे इस फोकस को आप बार-बार बार-बार जगह पर लाने की कोशिश करते हो तो आप को ध्यान में आएगा कि जिस काम को शुरू में आप दो घंटा 3 घंटा 4 घंटा में खत्म कर रहे थे या कुछ दिनों में खत्म कर रहे थे यह फोकस बढ़ते बढ़ते बढ़ते सेम का 1 घंटे 10 घंटे में खत्म होने लग रहा है इससे क्या पड़ता है विल पावर क्योंकि एक प्रोजेक्ट हाथ में लिया प्रोजेक्ट कंप्लीट हुआ तो उससे एक शक्ति बढ़ती है जिस व्यक्ति को बिल पर बोला जाते हैं विल पावर लिफ्टिंग एंड मसल्स ऑफ योर ब्रेन ओ मां सरस्वती आपके ब्रेन की क्योंकि सब के पास बहुत अच्छा दिमाग है सब के पास बहुत अच्छी बॉडी है सब कुछ है बस प्रॉब्लम यह है कि यह मसल्स कमजोर होती बिल्कुल करना सीख ले चांदी बॉडी रखे अच्छे विचार अच्छे लोगों के साथ उसके लिए कोई भी चीज़ नामुमकिन नहीं
Manushy kee ekaagrata ka mool aadhaar kise maana jaana chaahie ekaagrata kho kar ham kisee cheej par agar phokas karate hain to kis cheej ko phokas karate hain agar ham kisee cheej mein kaam kar rahe hain agar main abhee aapase baat kar raha hoon is phon par mein aansar de raha hoon isaka matalab yah hai ki mera poora dhyaan is savaal ke javaab ko dene mein laga hua hai to jo mera dhyaan ya laga hua hai isaka matalab mera priy vahaan kaam kar raha hai mera bren baakee cheejon ke baare mein nahin soch rahe ho khaalee hai soch rahe hain ki is javaab ka main poore din jyaada se jyaada achchhe tareeke se javaab mein kaise best kainsar mein kal se dekho to yahaan mera barelee sthit hai aur yah bren kansistentalee ek hee jagah par koshish kar raha hai ki poore nolej ko ikattha karake main aapako ek samaadhaan kaarak aansar deta hoon aisa hee har kaam mein ho jab aap gaadee chala rahe ho ya phir aap koee bhee kaam kar rahe ho to vah hote aapake bren kee pooree shaktiyaan ek jagah par aakar vahaan par poora usee baare mein sochana shuru kar detee hai ise bolate hain aur agar yah phokas nahin hai aapake paas mein to ab ek viruddh kairektar shiksha apane man kee vah hai chanchal tumane hamaara man ek jagah se doosare jagah palak jhapakate hee bhatak jaata hai aur yah kairektaristik chaahie aisa nahin hai kisee baap ke saath ho raha hai ya khushee logon ke saath ho rahee sab ke saath hota hai lekin hamaara prayaas jo hota hai vah hota hai isako ek jagah phokas karana vah kaise karate hain isake lie simpal see baat hai ki ham lo agar kisee kaam ko kar rahe ho to hamaara man bhatak jaata hai usako simpalee vahaan se uthaakar phir se ha lekar aana hai phir se kaam karate rahana hai phir se beech mein aapako pata chalega ki yah bhatak gaya phir se lekar aana hai phir se chala pata chalega yah bhatak ya phir se ek jagah par lekar aana hai yah aadat hamen kantinyoo lagaanee padatee hai vidaut inikavarld vidaut inaviteshan aur pyaar se to kya hota hai ki jab aap us kaam ko kar rahe ho aapaka mastishk vahaan par aapaka bren konshasanes poora us kaam ke aasapaas ird-gird laga hua hai aap kaam karate ja rahe ho karate ja rahe ho bhatak gaya bhatak gaya aapane phir se vahaan par laaya phir se aapaka main aapaka kaun se sthaan par hai phir se bhatak gaya pilaaya to aise karate karate hamaare bren ko yah aadat pad jaatee hai ki kisee kaam ko karate samay vah khaalee phokas karen vaheen par rahe bhatake nahin aur yah haibit phorameshan ka paart hai ham jab mediteshan karate hain to ham yahee koshish karate hain ki kisee na kisee tareeke se ham ek vhaatsep tekst kis tareeke se kaun san set karen koee hamen dikkat kar raha hai to usakee aavaaj sunakar usake oopar kis tareeke se kaun set karen steshan ek paath hai usako ek aadat dilaane ke lie us par ek shiksha dene ke lie bren ko lekin sirph mediteshan se kuchh nahin hoga kyonki mediteshan aaph the bren ko shaant jaroor karega lekin mediteshan 10 minat karoge aap 20 minat karoge ek ghanta karoge lekin baakee ke taim kya karoge aap to laiph ke andar mein yah koshish karanee hai ki jo bhee main kaam karoonga us kaam ke andar mein main phon karoonga jeevan mein ped kyon na bana raha hoon aur jab ham phokas kar de kisee cheej ko to har baar ham log thoda sa joipul ne to usamen lekar aaya ki main mainne phor egjaampal haindaraiting samay kuchh likhata hoon ek pej aaj mainne is tarah kee har ret nikaal kar dekhie kal kuchh aur aur nae taip ke handred nikaal kar dekhee mainne likhate samay nahin tumako jab ham hamaare kaam mein lekar aate hamesha to bren ko kaaphee se jo pasand aatee hai aur vaheen par tika hua hota hai to yah mukhy aadhaar hota hai phokas karane ka aur jaise is phokas ko aap baar-baar baar-baar jagah par laane kee koshish karate ho to aap ko dhyaan mein aaega ki jis kaam ko shuroo mein aap do ghanta 3 ghanta 4 ghanta mein khatm kar rahe the ya kuchh dinon mein khatm kar rahe the yah phokas badhate badhate badhate sem ka 1 ghante 10 ghante mein khatm hone lag raha hai isase kya padata hai vil paavar kyonki ek projekt haath mein liya projekt kampleet hua to usase ek shakti badhatee hai jis vyakti ko bil par bola jaate hain vil paavar liphting end masals oph yor bren o maan sarasvatee aapake bren kee kyonki sab ke paas bahut achchha dimaag hai sab ke paas bahut achchhee bodee hai sab kuchh hai bas problam yah hai ki yah masals kamajor hotee bilkul karana seekh le chaandee bodee rakhe achchhe vichaar achchhe logon ke saath usake lie koee bhee cheez naamumakin nahin

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मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए?Manushya Ki Ekagrata Ka Mool Aadhar Kise Mana Jana Chahiye
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:24
प्रश्न है कि मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए तो मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार है उसका मस्तिष्क मस्तिष्क में अगर विकार है दूसरी बातें जारी है तनाव है तो एकाग्रता नहीं बनेगी लेकिन अगर मन शांत है पसंद है यानी मस्तिष्क खुश है तो एकाग्रता बनी रहेगी
Prashn hai ki manushy kee ekaagrata ka mool aadhaar kise maana jaana chaahie to manushy kee ekaagrata ka mool aadhaar hai usaka mastishk mastishk mein agar vikaar hai doosaree baaten jaaree hai tanaav hai to ekaagrata nahin banegee lekin agar man shaant hai pasand hai yaanee mastishk khush hai to ekaagrata banee rahegee

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मनुष्य की एकाग्रता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए?Manushya Ki Ekagrata Ka Mool Aadhar Kise Mana Jana Chahiye
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:24
हेलो फ्रेंड्स स्वागत है आपका आपका फेस में मनुष्य कविता का मूल आधार किसे माना जाना चाहिए तो फ्रेंड से जो मनुष्य अपनी एकाग्रता से काम करता है वह जीवन में हमेशा सफल होता है और जिस चीज का उसका लक्ष होता है उसको उसी को एकाग्र ताकि करना चाहिए मालू कोई तीरंदाज होता है तो वह अपने लक्ष्य पर ही हमेशा ध्यान लगाता है वह इधर उधर नजर नहीं भटका आता है तभी सफल होता है धन्यवाद
Helo phrends svaagat hai aapaka aapaka phes mein manushy kavita ka mool aadhaar kise maana jaana chaahie to phrend se jo manushy apanee ekaagrata se kaam karata hai vah jeevan mein hamesha saphal hota hai aur jis cheej ka usaka laksh hota hai usako usee ko ekaagr taaki karana chaahie maaloo koee teerandaaj hota hai to vah apane lakshy par hee hamesha dhyaan lagaata hai vah idhar udhar najar nahin bhataka aata hai tabhee saphal hota hai dhanyavaad

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