#जीवन शैली

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क्या 100% सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है?

Kya 100 Percent Sach Bolne Se Samaj Mein Rha Ja Sakta Hai
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:56
प्रश्न है कि क्या रेट पर्सेंट सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है सच बोलने का तात्पर्य क्या है आप सच बोल क्यों हो रहे हैं आप आराम से रह सकते हैं लेकिन आपको सिर्फ उन मुद्दों पर ही बोलना था जो जरूरी है जैसे आपके पर्सनल मुद्दे हैं और उसमें कोई आपसे पूछे तो आप जो छुपाना चाहते हैं या जिस पर आप झूठ बोलना चाहते तो आप झूठ क्यों बोले साफ-साफ कहिए कि मैं इस मुद्दे पर मेरी पर्सनल रहा है और मैं आपको बता मैं इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना चाहता मैं इस पर कुछ कह नहीं सकता यह मेरा पर्सनल नंबर है और आपने अपनी बात को सच और भी तो बिल्कुल सच बोल कर रहा जा सकता है यह जरूरी नहीं कि आप सारी बातें अपने जीवन की सारी बातें लोगों को बताओ हमेशा से बोल सकते हैं कोई दिक्कत नहीं
Prashn hai ki kya ret parsent sach bolane se samaaj mein raha ja sakata hai sach bolane ka taatpary kya hai aap sach bol kyon ho rahe hain aap aaraam se rah sakate hain lekin aapako sirph un muddon par hee bolana tha jo jarooree hai jaise aapake parsanal mudde hain aur usamen koee aapase poochhe to aap jo chhupaana chaahate hain ya jis par aap jhooth bolana chaahate to aap jhooth kyon bole saaph-saaph kahie ki main is mudde par meree parsanal raha hai aur main aapako bata main is mudde ko aage nahin badhaana chaahata main is par kuchh kah nahin sakata yah mera parsanal nambar hai aur aapane apanee baat ko sach aur bhee to bilkul sach bol kar raha ja sakata hai yah jarooree nahin ki aap saaree baaten apane jeevan kee saaree baaten logon ko batao hamesha se bol sakate hain koee dikkat nahin

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क्या 100% सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है?Kya 100 Percent Sach Bolne Se Samaj Mein Rha Ja Sakta Hai
er. ramphal bind Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Private job
0:59
कुछ नहीं किया सौ पर्सेंट सच बोलने से समझ रहा जा सकता है जी हां आप सौ पर्सेंट सच बोले या 90% बोले आप समाज में रह सकते हैं तब तो रह सकते हैं जब आप आपकी वजह से दूसरा कोई परेशान नहीं दिया आपको जैसा दूसरा कोई परेशान है तो जरूर आपके लिए भी कोई न कोई व्यवस्था करेगा देनी जरूरी नहीं है कि आप सब कुछ सच-सच बोल कर सिर्फ समाज में रोशन सच बोलने से समाज में आपके चरित्र जरूर बने रहेंगे आपके जाने के बाद आपके रहते हुए भी आपसे चर्चाएं होंगी कोई अच्छा है समाज में सबसे पहले उसमें आपकी चर्चा होगी क्योंकि अभी भी सत्य की हार नहीं होती हमेशा से जीत हुई है और जीत रहेगी यह बात सत्य है यह बात सदियों से कहीं चली आ रही है हमेशा सत्य की विजय होती है नहीं आपकी चर्चा जरूर होगी सबसे पहले होगी तो प्रश्न
Kuchh nahin kiya sau parsent sach bolane se samajh raha ja sakata hai jee haan aap sau parsent sach bole ya 90% bole aap samaaj mein rah sakate hain tab to rah sakate hain jab aap aapakee vajah se doosara koee pareshaan nahin diya aapako jaisa doosara koee pareshaan hai to jaroor aapake lie bhee koee na koee vyavastha karega denee jarooree nahin hai ki aap sab kuchh sach-sach bol kar sirph samaaj mein roshan sach bolane se samaaj mein aapake charitr jaroor bane rahenge aapake jaane ke baad aapake rahate hue bhee aapase charchaen hongee koee achchha hai samaaj mein sabase pahale usamen aapakee charcha hogee kyonki abhee bhee saty kee haar nahin hotee hamesha se jeet huee hai aur jeet rahegee yah baat saty hai yah baat sadiyon se kaheen chalee aa rahee hai hamesha saty kee vijay hotee hai nahin aapakee charcha jaroor hogee sabase pahale hogee to prashn

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क्या 100% सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है?Kya 100 Percent Sach Bolne Se Samaj Mein Rha Ja Sakta Hai
अमित सिंह बघेल Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए अमित जी का जवाब
सामाजिक कार्यकर्ता, मोटिवेशनल स्पीकर 
2:17
पूछा कि क्या है दरअसल सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है लेकिन सच बोलना तो दिखे बहुत अच्छी बात है लेकिन हमारे जीवन में भूत के लिए इतनी जगह जितना खाने में नमक की खाने में देखे नमक बहुत जरूरी है लेकिन जरूरत से ज्यादा नमक केवल खाने को प्रसाद बनाता है बल्कि ध्यान दें कि आज सेहत के लिए भी दिखे नुकसान होता है इसी तरह खुश समझे किसी अच्छे मकसद के लिए बोला गया छोटा सा झूठ तो देखी चल जाता लेकिन गलत इरादे से बोला गया झूठ हमारे लिए जहर का काम करता है इसलिए कोई भी झूठ बोलने से पहले कई बार सोचें अगर कभी आपके सामने झूठ बोलने और चुप रहने का विकल्प हो तो चुप ही रहना ज्यादा दिखे अच्छा है इसलिए हमें हमेशा सच बोलने की ही कोशिश करनी चाहिए सच बोलना हमारी देखी मूलभूत प्रवृत्ति सच के प्रति हम बहुत सारे दिल होते अगर झूठ सुनकर हमें दुख होता है तो ऐसी बातें बोलने से भी देखे बचना चाहिए क्योंकि इससे दूसरों की भावनाएं आहत हो सकती बचपन से देखिए हम झूठ नहीं बोलते पर बाद में बड़ों को देखकर अपनी सुझाव के लिए लेकिन झूठ बोलना सीखते हैं दूसरों की भलाई के लिए कुछ खास स्थितियों में बोले गए झूठ को झूठ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता लेकिन अपने फायदे लालच और दूसरों को नुकसान पहुंचाने या उन्हें पकने के उद्देश्य झूठ बोलने की आदत बहुत भारी दिखे पड़ सकती है तो देखिए छोटे बच्चे और भेड़िया वाली देखी कहानी आपने बचपन में जरूर सुनी होगी ऐसे करने वाले लोग देखिए अपनों का विश्वास खो देते ना कर आत्मक छवि की वजह से इनकी सच्ची बातों पर भी देखे लोगों को जब तक नहीं होता अगर कभी देखिए मजबूरी में आपको झूठ बोलना भी पड़े तो बाद में सभी स्थितियां समान हो जाए तो विनम्रता से माफी मांगते हुए अपना झूठ से उखाड़ लेना चाहिए स्त्री के मन में कोई गिलानी नहीं रहेगी और आपकी छवि भी नहीं बिगड़ेगी तो मैं तो देखिए यही बोलूंगा कि ऐसा सच बोले जो सच होने के साथ सुनने भी भी फ्री लगे आप फ्री सत्य नहीं बोलना चाहिए क्योंकि यह धर्म के अनुकूल नहीं है जय हिंद जय भारत
Poochha ki kya hai darasal sach bolane se samaaj mein raha ja sakata hai lekin sach bolana to dikhe bahut achchhee baat hai lekin hamaare jeevan mein bhoot ke lie itanee jagah jitana khaane mein namak kee khaane mein dekhe namak bahut jarooree hai lekin jaroorat se jyaada namak keval khaane ko prasaad banaata hai balki dhyaan den ki aaj sehat ke lie bhee dikhe nukasaan hota hai isee tarah khush samajhe kisee achchhe makasad ke lie bola gaya chhota sa jhooth to dekhee chal jaata lekin galat iraade se bola gaya jhooth hamaare lie jahar ka kaam karata hai isalie koee bhee jhooth bolane se pahale kaee baar sochen agar kabhee aapake saamane jhooth bolane aur chup rahane ka vikalp ho to chup hee rahana jyaada dikhe achchha hai isalie hamen hamesha sach bolane kee hee koshish karanee chaahie sach bolana hamaaree dekhee moolabhoot pravrtti sach ke prati ham bahut saare dil hote agar jhooth sunakar hamen dukh hota hai to aisee baaten bolane se bhee dekhe bachana chaahie kyonki isase doosaron kee bhaavanaen aahat ho sakatee bachapan se dekhie ham jhooth nahin bolate par baad mein badon ko dekhakar apanee sujhaav ke lie lekin jhooth bolana seekhate hain doosaron kee bhalaee ke lie kuchh khaas sthitiyon mein bole gae jhooth ko jhooth kee shrenee mein nahin rakha ja sakata lekin apane phaayade laalach aur doosaron ko nukasaan pahunchaane ya unhen pakane ke uddeshy jhooth bolane kee aadat bahut bhaaree dikhe pad sakatee hai to dekhie chhote bachche aur bhediya vaalee dekhee kahaanee aapane bachapan mein jaroor sunee hogee aise karane vaale log dekhie apanon ka vishvaas kho dete na kar aatmak chhavi kee vajah se inakee sachchee baaton par bhee dekhe logon ko jab tak nahin hota agar kabhee dekhie majabooree mein aapako jhooth bolana bhee pade to baad mein sabhee sthitiyaan samaan ho jae to vinamrata se maaphee maangate hue apana jhooth se ukhaad lena chaahie stree ke man mein koee gilaanee nahin rahegee aur aapakee chhavi bhee nahin bigadegee to main to dekhie yahee boloonga ki aisa sach bole jo sach hone ke saath sunane bhee bhee phree lage aap phree saty nahin bolana chaahie kyonki yah dharm ke anukool nahin hai jay hind jay bhaarat

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क्या 100% सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है?Kya 100 Percent Sach Bolne Se Samaj Mein Rha Ja Sakta Hai
lyadav Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए lyadav जी का जवाब
Unknown
0:39
जी हां सो प्रतिशत सच बोल कर भी समाज में रहा जा सकता है परंतु यह महत्वपूर्ण है आप सच को किस तरह से देखते हैं जो व्यक्ति सच्चे हैं सच बोलते हैं उनके साथ हमेशा ही सच बोले लेकिन अगर आप झूठ पर झूठ बोलने वाले व्यक्ति से सच बोलेंगे तो इसे झूठ ही माने झूठ बोलने वाले व्यक्ति के साथ धर्म मान कर या कंपटीशन मानकर झूठ बोले यही सबसे सही होगा वरना सच बोलने की सजा तो तब ही मिलती है जब आप किसी झूठे व्यक्ति से भी सच बोल रहे हो
Jee haan so pratishat sach bol kar bhee samaaj mein raha ja sakata hai parantu yah mahatvapoorn hai aap sach ko kis tarah se dekhate hain jo vyakti sachche hain sach bolate hain unake saath hamesha hee sach bole lekin agar aap jhooth par jhooth bolane vaale vyakti se sach bolenge to ise jhooth hee maane jhooth bolane vaale vyakti ke saath dharm maan kar ya kampateeshan maanakar jhooth bole yahee sabase sahee hoga varana sach bolane kee saja to tab hee milatee hai jab aap kisee jhoothe vyakti se bhee sach bol rahe ho

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क्या 100% सच बोलने से समाज में रहा जा सकता है?Kya 100 Percent Sach Bolne Se Samaj Mein Rha Ja Sakta Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:14
तो फिर सच सच बोलने से समाज में कहा जा सकता है कि राहत जा सकता है भैया लेकिन यह सुरक्षित और संतुष्ट है शांति का जीवन जीते हुए नहीं सच बोलने वाले हैं लेकिन यह भी सत्य है कि आज के समय में सत्य बोलने वाला जो है वह अनेक जगह विसंगतियों का शिकार होता है यहां अपना क्योंकि कहा जा रहा है कि कलयुग में जमीन और कमीनो की कीमत ज्यादा बढ़ गई कमिंग कौन है जो हमेशा आप लाख की स्थिति में आ गए और सर देख कर के व्यवहार करें सशक्त हो तो दवा लिंग कमजोर हो तो आपसे हाथ पैर जुड़े तो आज सत्य बोलना जो है वह अपने आप में बहुत सही तो नहीं माना जा सकता है समय देखकर के सत्य बोला जाए जिंदगी का व्यवहारिक नजरिया है और धार्मिक और आध्यात्मिक सैद्धांतिक धरातल पर चले तो आदमी को सत्य बोलना चाहिए लेकिन यह भी सत्य है कि सत्य बोलने वाले सत्य हरिश्चंद्र ज्योति अंत में धूम की नौकरी ढूंढ के घर डुबकी भी नहीं बल्कि ढूंढ के घर नौकर बन कर के तो शायद सबसे निकृष्ट नौकरी हो सकती है पत्नी नौकरानी बनी है और बेटी का मुंह धोने सहना पड़ा
To phir sach sach bolane se samaaj mein kaha ja sakata hai ki raahat ja sakata hai bhaiya lekin yah surakshit aur santusht hai shaanti ka jeevan jeete hue nahin sach bolane vaale hain lekin yah bhee saty hai ki aaj ke samay mein saty bolane vaala jo hai vah anek jagah visangatiyon ka shikaar hota hai yahaan apana kyonki kaha ja raha hai ki kalayug mein jameen aur kameeno kee keemat jyaada badh gaee kaming kaun hai jo hamesha aap laakh kee sthiti mein aa gae aur sar dekh kar ke vyavahaar karen sashakt ho to dava ling kamajor ho to aapase haath pair jude to aaj saty bolana jo hai vah apane aap mein bahut sahee to nahin maana ja sakata hai samay dekhakar ke saty bola jae jindagee ka vyavahaarik najariya hai aur dhaarmik aur aadhyaatmik saiddhaantik dharaatal par chale to aadamee ko saty bolana chaahie lekin yah bhee saty hai ki saty bolane vaale saty harishchandr jyoti ant mein dhoom kee naukaree dhoondh ke ghar dubakee bhee nahin balki dhoondh ke ghar naukar ban kar ke to shaayad sabase nikrsht naukaree ho sakatee hai patnee naukaraanee banee hai aur betee ka munh dhone sahana pada

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