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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?

Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
umashankar Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Farmer
0:50
या बाहरी सिंगार से मनुष्य की आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है नहीं यह बात गलत है ऐसा नहीं हो सकता किसी के बाहरी फिनाल से आप उसके व्यक्तित्व की पहचान नहीं कर सकते आज का युग दिखावे गायब हो गया है लोग दिखावे के लिए सब कुछ कर हर एक इंसान अपने को दूसरे से श्रेष्ट बनाने के लिए उसको सिंगार का ही सहारा लेता है तो ऐसे में किसी की पहचान करना बहुत मुश्किल होता है किसी की पहचान करने के लिए तैयार रहना को या उनके विचारों को उनके कर्तव्य को देखना पड़ेगा तभी आप 29 दिन कब आएंगे
Ya baaharee singaar se manushy kee aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai nahin yah baat galat hai aisa nahin ho sakata kisee ke baaharee phinaal se aap usake vyaktitv kee pahachaan nahin kar sakate aaj ka yug dikhaave gaayab ho gaya hai log dikhaave ke lie sab kuchh kar har ek insaan apane ko doosare se shresht banaane ke lie usako singaar ka hee sahaara leta hai to aise mein kisee kee pahachaan karana bahut mushkil hota hai kisee kee pahachaan karane ke lie taiyaar rahana ko ya unake vichaaron ko unake kartavy ko dekhana padega tabhee aap 29 din kab aaenge

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:38
आपका सवाल है क्या भारी श्रृंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है इसका जवाब वहां भी है और ना भी है क्योंकि आंतरिक व्यक्तित्व कभी-कभी हमारे बाहरी व्यक्तित्व में झलकता है अगर इंसान बहुत व्यवस्थित है नियमित है और अपना ख्याल रखता है स्वयं से प्रेम करता है तो आपको उसके रखरखाव उसके उठने बैठने पहनावे से यह बात झलकती है और पता चल जाती है लेकिन कोई अगर अच्छे से नहीं है जैसे कि अगर उसके नाखून गंदे हैं मान लीजिए या बहुत ज्यादा ना कुछ जब आता है या नहीं है एक बेटी को शो करता है या उसने गंदे कपड़े पहने हैं प्रेस नहीं किए हुए कपड़े हैं या उधर से दुर्गंध आ रही है उसमें नहाया नहीं है तो इसके समझ में आता हूं कितना डिसआर्गेनाइज्ड है केयर लेस है अपना ध्यान नहीं रखता है और ऊपर से प्रेम नहीं करता है वह और लोगों को भी क्या प्रेम करेगा या और लोगों के लिए भी क्या कुछ अच्छा करेगा ऐसा विचार इंसान के मन में आता है वही दूसरी तरफ मैंने कहा कि नहीं आता भी नहीं है बाहरी व्यक्तित्व ही सब कुछ है या बाहरी व्यक्तित्व से ही हम ध्यान दे सकते हैं इस बात पर कि हमारा जो अंदर से हम कहते हैं ऐसा भी नहीं है क्योंकि आप देखोगे कि बाहरी व्यक्ति को सिर्फ यही नहीं होता है कि इंसान अच्छा दिखे अच्छा पहने अच्छा उड़े लेकिन उसके हर काम में एक व्यवस्थित था एक नियमितता होनी मेरे को लगता है जरूरी है अच्छा इंप्रेशन देने के लिए क्योंकि सबसे पहली चीज जो बाहर से दिखती है वह आप का बाहरी व्यक्तित्व ही है लेकिन यदि कोई इंसान अपना किसी भी कारणवश महंगे कपड़े नहीं पहन पा रहा है तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है इंसान की जो चरित्र है इंसान का जो पूरा सोचने का तरीका है हर चीज को इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करना है उसकी बुद्धिमता है उसका अचार विचार व्यवहार है वह इंपोर्टेंट है लेकिन थोड़ा सा बाहरी व्यक्तित्व पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी प्रेजेंटेशन मैटर करती है इसीलिए एक सामंजस्य जो है वह स्थापित करना बहुत जरूरी है दोनों के अंदर एक बैलेंस आपके अंदर के व्यक्तित्व पर भी आप के बाहर के व्यक्तित्व और इसीलिए कहा गया है कि जो आपका स्टूडेंट लाइफ है वह अंदर आप सॉन्ग बने अपनी फाउंडेशन नींव को जो है मजबूत करें सेल्फी खींच ना अपना टिक टॉक के वीडियोस बनाना इस पर टाइम ना गवाते हुए अपना जो न्यू है उसको मजबूत करें अपने आपको एक सशक्त और शक्तिशाली व्यक्तित्व का इंसान बनाए और बाद में फिर आप बाकी की चीजों पर ध्यान दें धन्यवाद
Aapaka savaal hai kya bhaaree shrrngaar se manushy ke aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai isaka javaab vahaan bhee hai aur na bhee hai kyonki aantarik vyaktitv kabhee-kabhee hamaare baaharee vyaktitv mein jhalakata hai agar insaan bahut vyavasthit hai niyamit hai aur apana khyaal rakhata hai svayan se prem karata hai to aapako usake rakharakhaav usake uthane baithane pahanaave se yah baat jhalakatee hai aur pata chal jaatee hai lekin koee agar achchhe se nahin hai jaise ki agar usake naakhoon gande hain maan leejie ya bahut jyaada na kuchh jab aata hai ya nahin hai ek betee ko sho karata hai ya usane gande kapade pahane hain pres nahin kie hue kapade hain ya udhar se durgandh aa rahee hai usamen nahaaya nahin hai to isake samajh mein aata hoon kitana disaargenaijd hai keyar les hai apana dhyaan nahin rakhata hai aur oopar se prem nahin karata hai vah aur logon ko bhee kya prem karega ya aur logon ke lie bhee kya kuchh achchha karega aisa vichaar insaan ke man mein aata hai vahee doosaree taraph mainne kaha ki nahin aata bhee nahin hai baaharee vyaktitv hee sab kuchh hai ya baaharee vyaktitv se hee ham dhyaan de sakate hain is baat par ki hamaara jo andar se ham kahate hain aisa bhee nahin hai kyonki aap dekhoge ki baaharee vyakti ko sirph yahee nahin hota hai ki insaan achchha dikhe achchha pahane achchha ude lekin usake har kaam mein ek vyavasthit tha ek niyamitata honee mere ko lagata hai jarooree hai achchha impreshan dene ke lie kyonki sabase pahalee cheej jo baahar se dikhatee hai vah aap ka baaharee vyaktitv hee hai lekin yadi koee insaan apana kisee bhee kaaranavash mahange kapade nahin pahan pa raha hai to usase koee phark nahin padata hai insaan kee jo charitr hai insaan ka jo poora sochane ka tareeka hai har cheej ko imphormeshan ko proses karana hai usakee buddhimata hai usaka achaar vichaar vyavahaar hai vah importent hai lekin thoda sa baaharee vyaktitv par bhee dhyaan dena bahut jarooree prejenteshan maitar karatee hai iseelie ek saamanjasy jo hai vah sthaapit karana bahut jarooree hai donon ke andar ek bailens aapake andar ke vyaktitv par bhee aap ke baahar ke vyaktitv aur iseelie kaha gaya hai ki jo aapaka stoodent laiph hai vah andar aap song bane apanee phaundeshan neenv ko jo hai majaboot karen selphee kheench na apana tik tok ke veediyos banaana is par taim na gavaate hue apana jo nyoo hai usako majaboot karen apane aapako ek sashakt aur shaktishaalee vyaktitv ka insaan banae aur baad mein phir aap baakee kee cheejon par dhyaan den dhanyavaad

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
1:18
रिकॉर्डिंग करके मनुष्य की पहचान की जा सकती है तो गाना गाती हूं और फिल्में जैसे कि यह दुखी वाला गाना है या फिर जो मेरे मन में है उसके गाने गाते हैं अगर अगर अगर कोई किसी के कहने पर गांव में या फिर की आजादी जिसके गाना जो हमें पसंद है अगर कीजिए क्योंकि जो भी पसंद होता है वह ज्यादातर हमारे मुंह से निकलता और वही का नाम बार-बार कहते हैं हमारे मन में होता है देखा हुआ गाना सुनते हैं खुशी मिलती है मुझे कुछ लोगों की
Rikording karake manushy kee pahachaan kee ja sakatee hai to gaana gaatee hoon aur philmen jaise ki yah dukhee vaala gaana hai ya phir jo mere man mein hai usake gaane gaate hain agar agar agar koee kisee ke kahane par gaanv mein ya phir kee aajaadee jisake gaana jo hamen pasand hai agar keejie kyonki jo bhee pasand hota hai vah jyaadaatar hamaare munh se nikalata aur vahee ka naam baar-baar kahate hain hamaare man mein hota hai dekha hua gaana sunate hain khushee milatee hai mujhe kuchh logon kee

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:48
खाना कब बरसने के बाहरी सिंगार से मनुष्य की आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है तो आप बताना चाहेंगे जी नहीं व्यक्ति के द्वारा व्यक्तित्व की पहचान करना चाहते हैं तो उसके लिए आंतरिक सुंदरता जानने के लिए आपको उससे बातचीत करने वाली के साथ वार्तालाप करने पर ही अकबर चलेगा कि वह किस प्रकार का है और इसीलिए 10 मिनट की बैठक में ही पता नहीं चल सकता है इसके लिए अगर लंबे समय तक उस पर्सन के साथ है उसे ट्रेन से जुड़े रहेंगे तभी आपको उसके बारे में पता चलेगा बाहरी सुंदरता तो एक यह बोल बस प्ले करती है कि आप को उसके प्रति पोस्ट वाइज आती है नेगेटिव आई साथी आप उससे बातचीत भी करना चाहते हैं सामने वाले प्रश्न के साथ या नहीं मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Khaana kab barasane ke baaharee singaar se manushy kee aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai to aap bataana chaahenge jee nahin vyakti ke dvaara vyaktitv kee pahachaan karana chaahate hain to usake lie aantarik sundarata jaanane ke lie aapako usase baatacheet karane vaalee ke saath vaartaalaap karane par hee akabar chalega ki vah kis prakaar ka hai aur iseelie 10 minat kee baithak mein hee pata nahin chal sakata hai isake lie agar lambe samay tak us parsan ke saath hai use tren se jude rahenge tabhee aapako usake baare mein pata chalega baaharee sundarata to ek yah bol bas ple karatee hai ki aap ko usake prati post vaij aatee hai negetiv aaee saathee aap usase baatacheet bhee karana chaahate hain saamane vaale prashn ke saath ya nahin main shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
Raghvendra  Tiwari Pandit Ji Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Raghvendra जी का जवाब
Unknown
2:14
हेलो फ्रेंड्स नमस्कार जैसा कि आपका प्रश्न है क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य की आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है बिल्कुल भी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि हम अच्छे से पहन ले अच्छे से जो है मेकअप कर ले तो हमारी जो सुंदरता है वह हमारा व्यक्तित्व बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है फ्रेंड कई लोगों को आपने देखा होगा कि बहुत ही शादी में रहते हैं सिंपल में रहते हैं लेकिन वह अंदर से जो है बहुत ही जो है सही होते हैं और कई लोगों को देखा होगा बहुत ही अच्छे बन ठन के चलते हैं लेकिन अंदर से बहुत ही कष्ट हुआ व्यक्तित्व वाले होते हैं यह बिल्कुल भी नहीं निर्भर करता फ्रेंड की हमारी जो बाहरी सिंगार है उसे यह पता चलता है हालांकि यह कहीं न कहीं जो है कुछ हद तक जो है साबित हुआ है कि जिस प्रकार का हमारा व्यक्तित्व होता है उसी प्रकार का हमारा पहनावा अभी होता है यह काफी हद तक जो है लोगों में देखा गया है जानने को समझने को मिलता है फ्रेंड जैसी इस तरीके से आपकी सोच रहेगी जिस तरीके से आप सोचेंगे इस तरीके के आपका आंतरिक मन रहेगा आपका नवीन या फिर कपड़ा वगैरह आपका उसी तरीके से होता है जैसे कि जो लोग बहुत ही रोमांटिक तरीके से होते हैं तो आपने देखा होगा कि वह कपड़े वगैरह बहुत ही चमकीले पहनते हैं या फिर कलरफुल पहनते हैं जो लोग जो हैं बहुत ही धार्मिक प्रवृति के होते हैं आधे स्वभाव के होते हैं शांत स्वभाव के होते हैं उनका कपड़ा आप कभी भी भड़कीले कलर का नहीं पाएंगे वह ऑफिशियल करण कलर्स सिंपल कलर ही पहनते हैं ज्यादातर तो इन सब कंडीशन ओं को देखते हुए यह देखा गया है कि व्यक्तित्व का कहीं न कहीं प्रभाव जो है हमारे कपड़े मारी पहनने से यह पता चलता है कि इस आदमी की व्यक्तित्व क्या होती है या फिर इस आदमी की व्यक्तित्व क्या होगी तो आचार्य फ्रेंड की आप सभी को यह जवाब देना होगा धन्यवाद
Helo phrends namaskaar jaisa ki aapaka prashn hai kya baaharee singaar se manushy kee aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai bilkul bhee nahin aisa bilkul bhee nahin hai ki ham achchhe se pahan le achchhe se jo hai mekap kar le to hamaaree jo sundarata hai vah hamaara vyaktitv bataaya ki aisa kuchh bhee nahin hai phrend kaee logon ko aapane dekha hoga ki bahut hee shaadee mein rahate hain simpal mein rahate hain lekin vah andar se jo hai bahut hee jo hai sahee hote hain aur kaee logon ko dekha hoga bahut hee achchhe ban than ke chalate hain lekin andar se bahut hee kasht hua vyaktitv vaale hote hain yah bilkul bhee nahin nirbhar karata phrend kee hamaaree jo baaharee singaar hai use yah pata chalata hai haalaanki yah kaheen na kaheen jo hai kuchh had tak jo hai saabit hua hai ki jis prakaar ka hamaara vyaktitv hota hai usee prakaar ka hamaara pahanaava abhee hota hai yah kaaphee had tak jo hai logon mein dekha gaya hai jaanane ko samajhane ko milata hai phrend jaisee is tareeke se aapakee soch rahegee jis tareeke se aap sochenge is tareeke ke aapaka aantarik man rahega aapaka naveen ya phir kapada vagairah aapaka usee tareeke se hota hai jaise ki jo log bahut hee romaantik tareeke se hote hain to aapane dekha hoga ki vah kapade vagairah bahut hee chamakeele pahanate hain ya phir kalaraphul pahanate hain jo log jo hain bahut hee dhaarmik pravrti ke hote hain aadhe svabhaav ke hote hain shaant svabhaav ke hote hain unaka kapada aap kabhee bhee bhadakeele kalar ka nahin paenge vah ophishiyal karan kalars simpal kalar hee pahanate hain jyaadaatar to in sab kandeeshan on ko dekhate hue yah dekha gaya hai ki vyaktitv ka kaheen na kaheen prabhaav jo hai hamaare kapade maaree pahanane se yah pata chalata hai ki is aadamee kee vyaktitv kya hotee hai ya phir is aadamee kee vyaktitv kya hogee to aachaary phrend kee aap sabhee ko yah javaab dena hoga dhanyavaad

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
4:31
साइकोलॉजी उसको तुरंत हटा देती है कि इस व्यक्ति इतना तो है कितना शुगर है और कितना समझदार है तो किस उसकी पेंशन की स्टाइल होती हैं उस सारे उसके व्यक्तित्व को अपने आप कॉल करके रख देती हैं अब आप देखिए कि राजस्थान में गुर्जर नाम की जाती है जहां पर आप बांसुरी करेंगे किस बात का कि उनमें अधिकांश नब्बे परसेंट लो ओल्ड इस पर पहुंचाने के पश्चात भी जैसी अच्छी और 90 साल की अवस्था तक मैं भी अपनी मूंछों को और बालों को काला करते हैं अब तुम सोचो दाढ़ी के बाल झड़ कुछ बोल रही हो ऊपर से तुमने काला रंग दिया क्या संकेत दे रहा है अर्थात यदि व्यक्ति अपनी उम्र की सीमाओं को आज स्वीकार करने को तैयार नहीं है इसके अंतर्गत की जो भाव अंदर जो मन की भावनाएं हैं वह अभी भी जवान बनी हुई है ताकि उम्र को चैलेंज कर रहे हैं और जो भी टी अदर जातियों में देखेंगे अगर लोग देखेंगे जब 50 के क्रॉस कर जा कर जाते हैं और क्यों हो जाते हैं तो वे अपने आप को प्रकृति के अनुसार चीनी का अध्यक्ष बना लेते हैं क्योंकि वह जानते हैं इस बात को उम्र को को किसी भी हालात में छुपा नहीं सकते इस मानव को देखिए आप मानव को भगवान भी समझाने के लिए समय-समय पर बहुत कुछ दिया है यह हमारे बुजुर्ग लोग हमारे जो पूर्वज कौन थे जो ऋषि तपस्वी थे उन लोगों ने जो चार आश्रम बनाए हैं वह बहुत सोच समझकर गंभीरता को ध्यान में रखते हुए बनाए हैं क्योंकि 1 से 25 वर्ष तक की उम्र जो होती है वह अध्ययन कॉल होती है ब्रह्मचारी का अवस्था होती है उसमें आदमी को मन लगाकर के एबिलिटी क्वालिटी की समाधि प्राप्त करनी चाहिए और क्वालिफाइड बनना चाहिए 26 और 50 वर्ष ग्रस्त आश्रम के लिए दिए हैं और 51 से 75 वर्ष जो होता है वह वानप्रस्थाश्रम होता है अर्थात उस अवस्था में मानव को समाज की परोपकार के कार्य जनहित के कार्य जल्द सेवा के कार्य देश विकास के कार्यकारी समाज विकास के कार्य करनी चाहिए और क्षेत्र से 100 वर्ष की अवस्था में पोषण या छात्र में अर्थात जितना वह बंदना जी को सब को त्याग करके सिर्फ इनकी ध्यान ईश्वर के भजन कीर्तन मंडल में लगाना चाहिए लेकिन आज का मानव उम्र की सीमाओं को स्वीकार नहीं कर रहा है आप देखते हैं कि जब 50 बस का आदमी होने लगता है तो उसके बाल सफेद होने लगते हैं लेकिन किस मानव ने उस उम्र को छुपाने के लिए बालों को काला करना चालू कर दिया फिर जब उससे 308 को क्रॉस करने लगता है तो की कान सुनने की शक्ति कम होने लगती है तो उस दिन तुमने सुनने की मशीन बनानी है जैसे ही साथ को क्रॉस करने लगता है उसके दांत कम कमजोर होकर के दांत पर जाने चालू हो जाते हैं तो मानव ने नई बत्तीसी लगाना चालू कर दिया जैसे ही आई साइड कमजोर होती है मानव की तो मानव में चश्मा लगाना चालू कर दिया मानव को भगवान ने बार बार चेताया कि तेरी अवस्था क्रॉस हो चुकी है तू मेरी तरफ मुड़ भगवान का भजन जानकर लेकिन यह मानव कभी भी अपनी उम्र की सीमाओं को मानने को तैयार नहीं होता है परिणाम स्वरूप अंतिम अवस्था पर पहुंचकर कि वह मर जाता है लेकिन संसार की इस इंद्रियों के सुखों में लिप्त रहता है और विभिन्न भागों को भोक्ता हुआ बिट्टू को प्राप्त करता है तो साइकोलॉजी आदमी के व्यक्तित्व को बिना बोले ही उसके बना सिंगार से उसके एक्टिविटी से उसके उसको सारी खुशबू कर देती है
Saikolojee usako turant hata detee hai ki is vyakti itana to hai kitana shugar hai aur kitana samajhadaar hai to kis usakee penshan kee stail hotee hain us saare usake vyaktitv ko apane aap kol karake rakh detee hain ab aap dekhie ki raajasthaan mein gurjar naam kee jaatee hai jahaan par aap baansuree karenge kis baat ka ki unamen adhikaansh nabbe parasent lo old is par pahunchaane ke pashchaat bhee jaisee achchhee aur 90 saal kee avastha tak main bhee apanee moonchhon ko aur baalon ko kaala karate hain ab tum socho daadhee ke baal jhad kuchh bol rahee ho oopar se tumane kaala rang diya kya sanket de raha hai arthaat yadi vyakti apanee umr kee seemaon ko aaj sveekaar karane ko taiyaar nahin hai isake antargat kee jo bhaav andar jo man kee bhaavanaen hain vah abhee bhee javaan banee huee hai taaki umr ko chailenj kar rahe hain aur jo bhee tee adar jaatiyon mein dekhenge agar log dekhenge jab 50 ke kros kar ja kar jaate hain aur kyon ho jaate hain to ve apane aap ko prakrti ke anusaar cheenee ka adhyaksh bana lete hain kyonki vah jaanate hain is baat ko umr ko ko kisee bhee haalaat mein chhupa nahin sakate is maanav ko dekhie aap maanav ko bhagavaan bhee samajhaane ke lie samay-samay par bahut kuchh diya hai yah hamaare bujurg log hamaare jo poorvaj kaun the jo rshi tapasvee the un logon ne jo chaar aashram banae hain vah bahut soch samajhakar gambheerata ko dhyaan mein rakhate hue banae hain kyonki 1 se 25 varsh tak kee umr jo hotee hai vah adhyayan kol hotee hai brahmachaaree ka avastha hotee hai usamen aadamee ko man lagaakar ke ebilitee kvaalitee kee samaadhi praapt karanee chaahie aur kvaaliphaid banana chaahie 26 aur 50 varsh grast aashram ke lie die hain aur 51 se 75 varsh jo hota hai vah vaanaprasthaashram hota hai arthaat us avastha mein maanav ko samaaj kee paropakaar ke kaary janahit ke kaary jald seva ke kaary desh vikaas ke kaaryakaaree samaaj vikaas ke kaary karanee chaahie aur kshetr se 100 varsh kee avastha mein poshan ya chhaatr mein arthaat jitana vah bandana jee ko sab ko tyaag karake sirph inakee dhyaan eeshvar ke bhajan keertan mandal mein lagaana chaahie lekin aaj ka maanav umr kee seemaon ko sveekaar nahin kar raha hai aap dekhate hain ki jab 50 bas ka aadamee hone lagata hai to usake baal saphed hone lagate hain lekin kis maanav ne us umr ko chhupaane ke lie baalon ko kaala karana chaaloo kar diya phir jab usase 308 ko kros karane lagata hai to kee kaan sunane kee shakti kam hone lagatee hai to us din tumane sunane kee masheen banaanee hai jaise hee saath ko kros karane lagata hai usake daant kam kamajor hokar ke daant par jaane chaaloo ho jaate hain to maanav ne naee batteesee lagaana chaaloo kar diya jaise hee aaee said kamajor hotee hai maanav kee to maanav mein chashma lagaana chaaloo kar diya maanav ko bhagavaan ne baar baar chetaaya ki teree avastha kros ho chukee hai too meree taraph mud bhagavaan ka bhajan jaanakar lekin yah maanav kabhee bhee apanee umr kee seemaon ko maanane ko taiyaar nahin hota hai parinaam svaroop antim avastha par pahunchakar ki vah mar jaata hai lekin sansaar kee is indriyon ke sukhon mein lipt rahata hai aur vibhinn bhaagon ko bhokta hua bittoo ko praapt karata hai to saikolojee aadamee ke vyaktitv ko bina bole hee usake bana singaar se usake ektivitee se usake usako saaree khushaboo kar detee hai

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क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
souramita Deb Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए souramita जी का जवाब
Unknown
1:03
क्या बाहर इस चिंगारी से मनुष्य की आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है बिल्कुल नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता क्योंकि बहुत सारे लोग ऐसे जो बाहर से बहुत अच्छे से सिंगार किए हुए होते पर उनका आंतरिक मन उनका व्यक्तित्व बहुत गंदा होता है वह लोगों का हमेशा बुरा चाहते हैं अपने स्वार्थ के लिए लोगों को इस्तेमाल करते हैं और बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो पहाड़ी सिंगर में भी अच्छे लगते हैं और उनका आंतरिक मन भी बहुत अच्छा है पर ऐसा बहुत कम इसमें होता है और यही बेहतर होगा कि हम बाहरी सिंगार को देखकर इसलिए लोग मतलब व्यक्ति के आंतरिक मन का झड़ते ही कोई विचार दीदी कि हां यह व्यक्ति अच्छा है यह बाहर से भी अच्छा दिख रहा है ऐसा नहीं करना चाहिए बाहरी मन हमें कितना भी अच्छा लगे पर आंतरिक मन जो है वह अच्छा हो ना उसी से पहचान होती है कि व्यक्ति कैसा है
Kya baahar is chingaaree se manushy kee aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai bilkul nahin aisa bilkul nahin ho sakata kyonki bahut saare log aise jo baahar se bahut achchhe se singaar kie hue hote par unaka aantarik man unaka vyaktitv bahut ganda hota hai vah logon ka hamesha bura chaahate hain apane svaarth ke lie logon ko istemaal karate hain aur bahut saare log aise hain jo pahaadee singar mein bhee achchhe lagate hain aur unaka aantarik man bhee bahut achchha hai par aisa bahut kam isamen hota hai aur yahee behatar hoga ki ham baaharee singaar ko dekhakar isalie log matalab vyakti ke aantarik man ka jhadate hee koee vichaar deedee ki haan yah vyakti achchha hai yah baahar se bhee achchha dikh raha hai aisa nahin karana chaahie baaharee man hamen kitana bhee achchha lage par aantarik man jo hai vah achchha ho na usee se pahachaan hotee hai ki vyakti kaisa hai

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