#रिश्ते और संबंध

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?

Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:36
कमलेश ने क्या करूं पुरुष को समाप्त कर देता है तो आपको बता देते कि क्रोध कुछ नहीं करता क्रोध आपको सही निर्णय लेने की क्षमता से रोक देता है और जब आप सही निर्णय अपने जीवन में नहीं ले पाते हैं तो फिर आप कुछ ऐसे भी कारों के साथ घर जाते हैं जिसमें आपका सरवाइव ऑल मुश्किल हो जाता है और एक न एक दिन आप दुनिया के लिए खत्म हो जाते हैं तो यहां पर कोशिश करनी चाहिए मनुष्य को कि हमेशा अपने क्रोध पर काबू रखें अन्यथा आप सब अपना विनाश कर बैठेंगे मैं शुभकामनाएं आपके साथ है धन्यवाद
Kamalesh ne kya karoon purush ko samaapt kar deta hai to aapako bata dete ki krodh kuchh nahin karata krodh aapako sahee nirnay lene kee kshamata se rok deta hai aur jab aap sahee nirnay apane jeevan mein nahin le paate hain to phir aap kuchh aise bhee kaaron ke saath ghar jaate hain jisamen aapaka saravaiv ol mushkil ho jaata hai aur ek na ek din aap duniya ke lie khatm ho jaate hain to yahaan par koshish karanee chaahie manushy ko ki hamesha apane krodh par kaaboo rakhen anyatha aap sab apana vinaash kar baithenge main shubhakaamanaen aapake saath hai dhanyavaad

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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student
0:29
स्पेस वाले की क्या दुर्दशा को समाप्त कर सकते हैं तो क्रोध यमराज के समाने क्योंकि क्रोध मनुष्य पर डालता है यानी कि शास्त्र के अनुसार क्रोध से भरा व्यक्ति कुछ भी कर सकते हैं और श्रेष्ठ पुरुषों का भी अपमान कर देता है तो उसकी तुलना यमराज से की गई है क्योंकि क्रोध मनुष्य पाप करता है इसलिए धन्य
Spes vaale kee kya durdasha ko samaapt kar sakate hain to krodh yamaraaj ke samaane kyonki krodh manushy par daalata hai yaanee ki shaastr ke anusaar krodh se bhara vyakti kuchh bhee kar sakate hain aur shreshth purushon ka bhee apamaan kar deta hai to usakee tulana yamaraaj se kee gaee hai kyonki krodh manushy paap karata hai isalie dhany

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Vijay shankar pal Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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My youtube channel - Tech with vijay
0:25
नमस्कार साथियों क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है तो यह सही बात है कि क्रोध हमें बहुत हटा देता है नुकसान देता है लेकिन कहीं-कहीं क्रोध है जहां उचित है उचित स्थान पर हमें शोभा देता है कॉल करना लेकिन अगर हम कहीं भी क्रोध करने लगेंगे हर एक बातों पर क्रोध करने लगे तो हमारे लिए नुकसानदायक होगा
Namaskaar saathiyon kya krodh purush ko samaapt kar deta hai to yah sahee baat hai ki krodh hamen bahut hata deta hai nukasaan deta hai lekin kaheen-kaheen krodh hai jahaan uchit hai uchit sthaan par hamen shobha deta hai kol karana lekin agar ham kaheen bhee krodh karane lagenge har ek baaton par krodh karane lage to hamaare lie nukasaanadaayak hoga

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
0:42
दसवीं की क्या पुरुष पुरुष को समाप्त कर देता है जो के अवगुणों को मतलब बढ़ा देता है और लोगों को माफ कर देना है यानी क्रोध में व्यक्ति बंदा हो जाता है उसका दिमाग सुन्न हो जाता है और उसके जो भी इतने गलत साबित होती है इसलिए मनुष्य के अंदर जितने भी घूमने अधिक गुण एक वह है जो द्वारा तो सारे गुण भक्ति जाएंगे तो बिल्कुल क्रोध है इंसान को मनुष्य को सूरज को समाप्त कर सकता है कर देता है धन्यवाद
Dasaveen kee kya purush purush ko samaapt kar deta hai jo ke avagunon ko matalab badha deta hai aur logon ko maaph kar dena hai yaanee krodh mein vyakti banda ho jaata hai usaka dimaag sunn ho jaata hai aur usake jo bhee itane galat saabit hotee hai isalie manushy ke andar jitane bhee ghoomane adhik gun ek vah hai jo dvaara to saare gun bhakti jaenge to bilkul krodh hai insaan ko manushy ko sooraj ko samaapt kar sakata hai kar deta hai dhanyavaad

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
4:18
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है एक सिस्टम है जो अहंकार का प्रतीक माना जाता है और पुरुष कहा गया है पर मैं यहां सही शब्द का इस्तेमाल करना चाहूंगा इंसान तो इंसान ने मेल फीमेल बच्चे बुजुर्ग कोई भी आ सकता है तो अहंकार जिसमें होता है उसका तो विनाश या समाप्त उसका होना तो होता ही है और उसको भी जो है उसी का ही बेहतर रूप है यानी कि उसी का ही एक सिम टमाटर इंसान में क्रोध है तो इसी वजह से है क्योंकि उसमें इंकार कहीं ना कहीं है जिस व्यक्ति में अहंकार नहीं होता है उसे क्रोध भी नहीं आता है हो सकता है आपको जिंदगी में कोई ऐसा व्यक्ति ना मिला हो लेकिन यह बात बिल्कुल सही है इंसान को क्रोध तभी आता है जब उसमें अहंकार होता है और एंकर होने के कारण करो जाने के लिए भी रीजन है कि कोई मेरी बात नहीं मान रहा बातें मेरे हिसाब से नहीं हो रही है कोई भी जैसा मैं चाहता हूं वैसे नहीं होती है तभी तो रहता है तो यहां पर इंसान का मैं यानी कि अहंकार आ करके खड़ा हो जाता है और जब इंसान को क्रोध आता है गुस्सा आता है तो सही और गलत में फैसला नहीं कर पाता ना कि दूसरों के प्रति बल्कि खुद के पड़ती है वह सही फैसले नहीं ले पाता क्योंकि जैसा मैं पिछले क्वेश्चन में भी जिक्र किया था सुन सकते हैं कि जहां शांत मन होता है वहां बेहतर फैसले लिए जाते हैं लेकिन गुस्से में तो इंसान का मन शांत दूर रहना क्या है वो और ज्यादा बिगड़ जाता है जिसकी वजह से वह कैसी है सही नहीं लेता तभी तो इंसान गुस्से में किसी को कुछ भी कह देता है मार देता है इंक्लूडिंग मर्डर कर देता है गुस्से में तो उसका नुकसान तो उसे भुगतना ही पड़ता है तो दूसरे का तो नुकसान हो कर ही रहा है साथ में खुद का भी नुकसान कर रहा है आप चाहे शारीरिक रूप से ब्लड प्रेशर की बात करें या आम एंट्री डिस्टरबेंस की बात करें वह सब भी उसके साथ होने शुरू हो जाते हैं तो क्रोध तो इंसान को इतना नुकसान पहुंचाता है जिससे उसकी जिंदगी ही सवा हो जाती है तो बेहतर है कि इंसान खुद के क्रोध पर काबू पाए से वह दूसरों को नुकसान भी नहीं करेगा और खुद की जिंदगी को भी बेहतर कर पाएगा और इसके लिए जरूरी है कि अपने अहंकार को खत्म करने की कोशिश करें ध्यान देने वाली बात है यहां अहंकार खत्म करने की बात कही जा रही है लेकिन अपने आत्मविश्वास को खत्म नहीं करना है यह दो अलग चीज है इसके बारे में कभी और बात करेंगे फिलहाल तो यह कि अहंकार की वजह से ही इंसान को क्रोध आता है वह तो वह एंकर को कंट्रोल कर ले तो उसका क्रोध उसका गुस्सा अभी खत्म हो जाएगा और फिर उसकी जिंदगी बेहतर तरीके से चलेगी वह दूसरों को भी बेहतर तरीके से चीजें समझा पाएगा खुद भी समझ पाएगा और अपनी जिंदगी को दूसरों की जिंदगी को बढ़िया तरीके से जीने के लिए तैयार कर सकता है यानी कि दूसरों को भी बता सकता है कि किस तरीके से जिंदगी को जीना है क्या नजरिया रखना है और खुद की जिंदगी तो बेहतर होगी तो क्रोध के तो नुकसान दे ही चुके हैं और ऐसा नहीं है कि किसी ने किसी को क्रोध करते हुए नहीं देख तो गुस्से में इंसान को चीज फेंक देता है फिर बाद में अफसोस करता है क्योंकि जो समोसे गुस्सा आता उसे पता नहीं था कि वह करिचरा लेकिन आपको चीज टूट जाती है फिर वह अफसोस बनाता है और गुस्से में अगर किसी को धक्का मारो किसी से लड़ाई कर उसे नुकसान ज्यादा हो जाए तो वह भी परेशान होता है और दूसरे इंसान को तो उसने पर्स उनकी यही आंसर आप समझ सकते हैं कि किस तरीके से विरोध इंसान को तबाह कर देता है और मैं तो यही कहूंगा कि क्रोध आता ही अहंकार के कारण तो उन सब चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है एक बेहतर जिंदगी जीने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki kya krodh purush ko samaapt kar deta hai ek sistam hai jo ahankaar ka prateek maana jaata hai aur purush kaha gaya hai par main yahaan sahee shabd ka istemaal karana chaahoonga insaan to insaan ne mel pheemel bachche bujurg koee bhee aa sakata hai to ahankaar jisamen hota hai usaka to vinaash ya samaapt usaka hona to hota hee hai aur usako bhee jo hai usee ka hee behatar roop hai yaanee ki usee ka hee ek sim tamaatar insaan mein krodh hai to isee vajah se hai kyonki usamen inkaar kaheen na kaheen hai jis vyakti mein ahankaar nahin hota hai use krodh bhee nahin aata hai ho sakata hai aapako jindagee mein koee aisa vyakti na mila ho lekin yah baat bilkul sahee hai insaan ko krodh tabhee aata hai jab usamen ahankaar hota hai aur enkar hone ke kaaran karo jaane ke lie bhee reejan hai ki koee meree baat nahin maan raha baaten mere hisaab se nahin ho rahee hai koee bhee jaisa main chaahata hoon vaise nahin hotee hai tabhee to rahata hai to yahaan par insaan ka main yaanee ki ahankaar aa karake khada ho jaata hai aur jab insaan ko krodh aata hai gussa aata hai to sahee aur galat mein phaisala nahin kar paata na ki doosaron ke prati balki khud ke padatee hai vah sahee phaisale nahin le paata kyonki jaisa main pichhale kveshchan mein bhee jikr kiya tha sun sakate hain ki jahaan shaant man hota hai vahaan behatar phaisale lie jaate hain lekin gusse mein to insaan ka man shaant door rahana kya hai vo aur jyaada bigad jaata hai jisakee vajah se vah kaisee hai sahee nahin leta tabhee to insaan gusse mein kisee ko kuchh bhee kah deta hai maar deta hai inklooding mardar kar deta hai gusse mein to usaka nukasaan to use bhugatana hee padata hai to doosare ka to nukasaan ho kar hee raha hai saath mein khud ka bhee nukasaan kar raha hai aap chaahe shaareerik roop se blad preshar kee baat karen ya aam entree distarabens kee baat karen vah sab bhee usake saath hone shuroo ho jaate hain to krodh to insaan ko itana nukasaan pahunchaata hai jisase usakee jindagee hee sava ho jaatee hai to behatar hai ki insaan khud ke krodh par kaaboo pae se vah doosaron ko nukasaan bhee nahin karega aur khud kee jindagee ko bhee behatar kar paega aur isake lie jarooree hai ki apane ahankaar ko khatm karane kee koshish karen dhyaan dene vaalee baat hai yahaan ahankaar khatm karane kee baat kahee ja rahee hai lekin apane aatmavishvaas ko khatm nahin karana hai yah do alag cheej hai isake baare mein kabhee aur baat karenge philahaal to yah ki ahankaar kee vajah se hee insaan ko krodh aata hai vah to vah enkar ko kantrol kar le to usaka krodh usaka gussa abhee khatm ho jaega aur phir usakee jindagee behatar tareeke se chalegee vah doosaron ko bhee behatar tareeke se cheejen samajha paega khud bhee samajh paega aur apanee jindagee ko doosaron kee jindagee ko badhiya tareeke se jeene ke lie taiyaar kar sakata hai yaanee ki doosaron ko bhee bata sakata hai ki kis tareeke se jindagee ko jeena hai kya najariya rakhana hai aur khud kee jindagee to behatar hogee to krodh ke to nukasaan de hee chuke hain aur aisa nahin hai ki kisee ne kisee ko krodh karate hue nahin dekh to gusse mein insaan ko cheej phenk deta hai phir baad mein aphasos karata hai kyonki jo samose gussa aata use pata nahin tha ki vah karichara lekin aapako cheej toot jaatee hai phir vah aphasos banaata hai aur gusse mein agar kisee ko dhakka maaro kisee se ladaee kar use nukasaan jyaada ho jae to vah bhee pareshaan hota hai aur doosare insaan ko to usane pars unakee yahee aansar aap samajh sakate hain ki kis tareeke se virodh insaan ko tabaah kar deta hai aur main to yahee kahoonga ki krodh aata hee ahankaar ke kaaran to un sab cheejon par dhyaan dene kee jaroorat hai ek behatar jindagee jeene ke lie bahut-bahut shukriya

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:52
वाले का क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है दोस्तों क्रोध जो है ना वह पुरुष को ही नहीं अपितु कोई महिला हो या कोई भी हो उसको समाप्त कर देता है कि मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है वह क्रोध को बताया गया है और तुम जानते हैं करो दिया वे जब भी हमको आता है तो हमें नुकसान होता है कोई व्यक्ति किसी महिला के ऊपर निकालता है किसी पुरुष के ऊपर निकालता है इसका मतलब यह कि झगड़ा होना स्वभाविक है झगड़ा होगा तो दोनों पक्षों को चोट जरूर लगेगी तो आप किसी वस्तुओं को जरूरत पहनते हैं तो इसमें में फसलों के नुकसान होता है यानी कि करो जो है वह सबसे बड़ा दुश्मन है और साथ ही साथ ही आपको समाप्ति नहीं बल्कि आपका अंतिम कर देता है अच्छी तरीके से
Vaale ka krodh purush ko samaapt kar deta hai doston krodh jo hai na vah purush ko hee nahin apitu koee mahila ho ya koee bhee ho usako samaapt kar deta hai ki manushy ka sabase bada dushman hai vah krodh ko bataaya gaya hai aur tum jaanate hain karo diya ve jab bhee hamako aata hai to hamen nukasaan hota hai koee vyakti kisee mahila ke oopar nikaalata hai kisee purush ke oopar nikaalata hai isaka matalab yah ki jhagada hona svabhaavik hai jhagada hoga to donon pakshon ko chot jaroor lagegee to aap kisee vastuon ko jaroorat pahanate hain to isamen mein phasalon ke nukasaan hota hai yaanee ki karo jo hai vah sabase bada dushman hai aur saath hee saath hee aapako samaapti nahin balki aapaka antim kar deta hai achchhee tareeke se

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क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:43
अजय देवगन स्वागत है आपका आपका देश में क्या क्लोज पुरुष को नमन कर देता है तो फ्रेंड्स क्रोध स्त्री हो चाहे पुरुष हो और समाप्ति के कगार पर सब को ले जाता है क्योंकि क्रोध में इंसान को यह नहीं याद रहता कि हम क्या कर रहे हैं क्या नहीं कर रहे हैं और क्रोध में इंसान कुछ भी गलत काम कर जाता है और जब ज्यादा क्रोध आता तो कोई भी पाप भी कर देता है तो करो नहीं करना चाहिए क्रोध करने से बड़ा सा बड़ा पाप कर देते हैं और बहुत सारी ऐसी गलतियां हो जाती हैं क्रोध भर की जिन्हें दोबारा नहीं सुधारा जा सकता है इसलिए क्रोध बहुत ही खतरनाक चीज होती है उसे करो नहीं करना चाहिए इसलिए कहा गया है कि रोज-रोज को समाप्त कर देता है धन्यवाद
Ajay devagan svaagat hai aapaka aapaka desh mein kya kloj purush ko naman kar deta hai to phrends krodh stree ho chaahe purush ho aur samaapti ke kagaar par sab ko le jaata hai kyonki krodh mein insaan ko yah nahin yaad rahata ki ham kya kar rahe hain kya nahin kar rahe hain aur krodh mein insaan kuchh bhee galat kaam kar jaata hai aur jab jyaada krodh aata to koee bhee paap bhee kar deta hai to karo nahin karana chaahie krodh karane se bada sa bada paap kar dete hain aur bahut saaree aisee galatiyaan ho jaatee hain krodh bhar kee jinhen dobaara nahin sudhaara ja sakata hai isalie krodh bahut hee khataranaak cheej hotee hai use karo nahin karana chaahie isalie kaha gaya hai ki roj-roj ko samaapt kar deta hai dhanyavaad

bolkar speaker
क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
मनोज कुमार यादव Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए मनोज जी का जवाब
कृषक 🌾🌾🌾🌾
1:07
नमस्कार मित्रों जैसे आपका प्रश्न है क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है तो लेकिन मित्रों कुछ हद तक तो यह बिल्कुल सही है कि जब आदमी हो जाता है तो वह यह नहीं सोचता कि हम अगला को क्या बोले क्या ना बोले तो हमेशा क्रोध में कुछ गलत ही कर जाते हैं जिससे कि उसे बाद में पछताना पड़ता है तो क्रोध को अपने काबू में रखने की सबसे बढ़िया बात है अन्यथा कुछ गलत हो जाते हैं तो आपको बाद में पछताना पड़ता है इसलिए घर के विरोध में अपना मन में जितना हो सके उसे दवाई ही रखना आपके लिए अच्छा होगा करो जब भी आए तो ऐसी जगह पर आप को जाना ही नहीं चाहिए अगर आपको अधिक पर हो जाते हैं यहां से कि आपको कुछ गलत हो जाए उससे आप दूरी बना ले तो बढ़िया होगा क्योंकि क्रोध में आवेश में आकर के अति बहुत ऐसे अनहोनी तारीख पर जाते हैं यदि उन्हें नहीं करना चाहिए और बाद में वह फर्स्ट आने लगती है धन्यवाद
Namaskaar mitron jaise aapaka prashn hai kya krodh purush ko samaapt kar deta hai to lekin mitron kuchh had tak to yah bilkul sahee hai ki jab aadamee ho jaata hai to vah yah nahin sochata ki ham agala ko kya bole kya na bole to hamesha krodh mein kuchh galat hee kar jaate hain jisase ki use baad mein pachhataana padata hai to krodh ko apane kaaboo mein rakhane kee sabase badhiya baat hai anyatha kuchh galat ho jaate hain to aapako baad mein pachhataana padata hai isalie ghar ke virodh mein apana man mein jitana ho sake use davaee hee rakhana aapake lie achchha hoga karo jab bhee aae to aisee jagah par aap ko jaana hee nahin chaahie agar aapako adhik par ho jaate hain yahaan se ki aapako kuchh galat ho jae usase aap dooree bana le to badhiya hoga kyonki krodh mein aavesh mein aakar ke ati bahut aise anahonee taareekh par jaate hain yadi unhen nahin karana chaahie aur baad mein vah pharst aane lagatee hai dhanyavaad

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