#मनोरंजन

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:51
फिल्म टीवी इंडस्ट्री के लोग कैसे डिप्रेशन में चले जाते हैं दो तो फिल्म इंडस्ट्री के अंदर देखें तो व्यक्ति जब तक तो डिप्रेशन में नहीं जाता है जब तक वह सफल रहता है परंतु जब कोई व्यक्ति ब्लॉक हो जाता है किसी काम को लेकर गए तब डिप्रेशन में चला जाता है कुछ व्यक्ति जो अच्छे नशे पत्ते इत्यादि के चलते जो है डिप्रेशन में चले जाते हैं जैसे आप संजय दत्त को दे दी और चरण सिंह राजपूत के भी बात करें दोस्तों उनका तो जो भी डिप्रेशन में जाने का कारण था वह तो लगभग गुमनाम ही जाती रही परंतु आपको देखे फ्लॉप होने की वजह से डिप्रेशन के अंदर चले जाते हैं

और जवाब सुनें

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
2:12
हेलो एवरीवन तो आज आप का सवाल है कि फिल्म टीवी इंडस्ट्रीज के लोग कैसे डिप्रेशन में चले जाते हैं तो एक डिप्रेशन तो हर जगह हर एक लोगों में देख रहे हैं पहले मतलब ऐसा सुनने को बहुत ही बार मिलता था कि वह इंसान डिप्रेशन में अभी कितना कॉमन हो गया मतलब हर लोग इस चीज का शिकार हो चुके हैं और वह भी रहे बॉलीवुड फिल्में क्या होता है कि लाइफ आपको टाइम का भी पता नहीं होता है कि कब कितना टाइम हो रहा है कब सुबह कब शाम हो रहा है इतने सारे बिजी लाइफ इतना रस लाइफ होता है आपको उठना है आपको तुरंत यह काम वहां जाना है यह काम करना है वह काम करना है और कौन से प्रोजेक्ट आपके हाथ से छूट जा रहे हैं कौन से प्रोजेक्ट में आपको कितना काम करना है कितना वर्कआउट करना है उनके लिए यह 24 घंटा 12 घंटा कम पड़ जाता जिससे हमें पता होता कि सुबह दोपहर और अब किसी भी चीज का पता नहीं होता कंपटीशन में बहुत ज्यादा होता आपको 2 फिल्म साइन यह पता चला कि नहीं आप से वोटिंग लिया गया है फिर कल आप शायद उसके लिए फिट नहीं है या फिर कोई भी रीजन हो सकता है तो इतना ज्यादा मतलब कंपटीशन होता है तो इंसान की थी वहां जहां पर ना ही आप रेस्ट कर पाते नहीं अब सो पा रहे हैं आपको नहीं टाइम का पता चल रहा है ना ही आप जैसे खुश भी आपके पास मतलब टाइम नहीं है इतना कुछ मतलब आप वर्कआउट कर एक्सरसाइज करें खान पीन करे लेकिन आप खुद को टाइम नहीं दे पा रहे ना आपको उसको हटा पा रहे हैं तो ऐसे समय पर इतना कंपटीशन और इतना सारा टेंशन कौन सा मूवी मेला किस में क्या कितना काम करना है कौन सा मूवी छीन लिया गया है किसे दे दिया गया है पता नहीं आगे मुझे इस तरह से मूवीस मिलेंगे या नहीं टेंशन बहुत ज्यादा सताता क्योंकि कांस्टेंट नहीं होता है कि आपने एक महीना काम क्या आप को सैलरी मिल रहा आपने दूसरा महीना काम क्या आपको पहले मैंने आपको फिल्म साइन क्या जाता उसके हिसाब से मिलता कर आपसे छीन लिया जाता तो फिर आपके पास कुछ भी नहीं बचता तो यह सब बहुत ज्यादा टेंशन होते जिसकी वजह से इंसान ना ही अच्छे से सो पाता है ना ही रेस्ट कर पाता ना ही खुद को खुश रख पाता और डिप्रेशन जैसी चीजों का शिकार हो जाता है

Maayank Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Maayank जी का जवाब
College
0:40
न्यू फिल्म और टीवी इंडस्ट्री से बुद्धू से लगता है कि बहुत प्रेम रस है और काफी पैसा मिलता होगा लेकिन असल में अंदर बहुत ज्यादा पॉलिटिक्स कोई काम नहीं मिलता है तुझे पेमेंट की बारी आती है तो मैंने बूंद पड़े तो ऐसा नहीं है कि मैं स्कूल आपने आज पूछो रहा है पर आपको पैसे मिल रहे हो बहुत महीनों बाद भी पहचानते हैं कुछ कि कुछ कहती नहीं तो पैसों की भी काफी समस्याएं टीवी और इन दोनों में ही और पॉलिटिक्स जो है कि अगर आपकी आपको कोई प्रदूषण नहीं मिल पा रहा है इसमें पॉलिटिक्स कर सकते हैं और क्रेडिट लेने में पॉलिटिक्स होती है पॉलिटिक्स भी है डिस्कवर जिसे लोग डिप्रेशन में आ जाते हैं
Nyoo philm aur teevee indastree se buddhoo se lagata hai ki bahut prem ras hai aur kaaphee paisa milata hoga lekin asal mein andar bahut jyaada politiks koee kaam nahin milata hai tujhe pement kee baaree aatee hai to mainne boond pade to aisa nahin hai ki main skool aapane aaj poochho raha hai par aapako paise mil rahe ho bahut maheenon baad bhee pahachaanate hain kuchh ki kuchh kahatee nahin to paison kee bhee kaaphee samasyaen teevee aur in donon mein hee aur politiks jo hai ki agar aapakee aapako koee pradooshan nahin mil pa raha hai isamen politiks kar sakate hain aur kredit lene mein politiks hotee hai politiks bhee hai diskavar jise log dipreshan mein aa jaate hain

Trilok Sain Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Trilok जी का जवाब
Motivational Speaker Public Speaker Life Coach Youtuber
1:22
नमस्कार प्रश्न है कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लोग कैसे डिप्रेशन में चले जाते हैं लेकिन सभी का एक जैसा होता है वहां पर ज्यादा है और वास्तु में जीवन सभी का एक ही जैसा होता है उनके पास हो सकता है पैसा ज्यादा हूं लेकिन उनकी अभिलाषा है उनकी आकांक्षाएं उनकी तमन्ना है बहुत ज्यादा होती है और उनमें भी होता है कि जैसे मान लो एक टीवी स्टार है तो उसको लगता है मैं बॉलीवुड में जाऊं फिर मैं बनाऊं फिल्मों में भी होता है कि मुझे काम नहीं मिला अच्छा काम नहीं है बिना फिल्म हिट नहीं हुई उस प्रकार से वहां पर भी हार जीत लगी रहती है कोई है सफलता से घबरा जाता है तो किसी को मतलब पारिवारिक कलह पति पत्नी पत्नी की कसम से इस सबके साथ है थोड़ी प्रतीत हो जाते पैसे कमा लेते हैं लेकिन डिप्रेशन को सहन करना हर किसी के बस की बात करें इसके लिए खुद को बहुत ज्यादा इंप्रूव करना पड़ता है खुद पर मेहनत करनी पड़ती है इसलिए कुछ लोग हैं वह डिप्रेशन की वजह से अलग-अलग डिसीजन ले लेते पर कुछ लोग निकल जाती है
Namaskaar prashn hai ki philm aur teevee indastree ke log kaise dipreshan mein chale jaate hain lekin sabhee ka ek jaisa hota hai vahaan par jyaada hai aur vaastu mein jeevan sabhee ka ek hee jaisa hota hai unake paas ho sakata hai paisa jyaada hoon lekin unakee abhilaasha hai unakee aakaankshaen unakee tamanna hai bahut jyaada hotee hai aur unamen bhee hota hai ki jaise maan lo ek teevee staar hai to usako lagata hai main boleevud mein jaoon phir main banaoon philmon mein bhee hota hai ki mujhe kaam nahin mila achchha kaam nahin hai bina philm hit nahin huee us prakaar se vahaan par bhee haar jeet lagee rahatee hai koee hai saphalata se ghabara jaata hai to kisee ko matalab paarivaarik kalah pati patnee patnee kee kasam se is sabake saath hai thodee prateet ho jaate paise kama lete hain lekin dipreshan ko sahan karana har kisee ke bas kee baat karen isake lie khud ko bahut jyaada improov karana padata hai khud par mehanat karanee padatee hai isalie kuchh log hain vah dipreshan kee vajah se alag-alag diseejan le lete par kuchh log nikal jaatee hai

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:51
कृष्ण फिल्म टीवी इंडस्ट्रीज के लोग कैसे डिप्रेशन में चले जाते हैं तो आपको बता देंगे कि जो भी पब्लिक के घर होते हैं उनको अपने स्टैंडर्ड मेंटेन करना होता है उनको अपनी सोसाइटी में एक इमेज क्रिएट करके रखनी होती है और साथ ही साथ अपने परफॉर्मेंस भी अपनी दे नहीं होती है तो इतना ज्यादा फाइबर प्रेशर बढ़ जाता है इन सब चीजों का की चुभन डिवीजन है बॉस को हैंडल नहीं कर पाता और वह फिर यहां पर कुछ गलत कदम उठा लेता है डिप्रेशन में आकर के या फिर वह अपने करियर से ब्रेक ले लेता है तो यहां पर आपको यह भी जाना चाहिए कि सफलता ने के साथ सफलता को हैंडल करना भी आपको सीखना चाहिए तभी आप अपने जीवन में आगे बढ़ पाएंगे मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Krshn philm teevee indastreej ke log kaise dipreshan mein chale jaate hain to aapako bata denge ki jo bhee pablik ke ghar hote hain unako apane staindard menten karana hota hai unako apanee sosaitee mein ek imej kriet karake rakhanee hotee hai aur saath hee saath apane paraphormens bhee apanee de nahin hotee hai to itana jyaada phaibar preshar badh jaata hai in sab cheejon ka kee chubhan diveejan hai bos ko haindal nahin kar paata aur vah phir yahaan par kuchh galat kadam utha leta hai dipreshan mein aakar ke ya phir vah apane kariyar se brek le leta hai to yahaan par aapako yah bhee jaana chaahie ki saphalata ne ke saath saphalata ko haindal karana bhee aapako seekhana chaahie tabhee aap apane jeevan mein aage badh paenge main shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • फिल्म टीवी इंडस्ट्री कहा पर है..फिल्म टीवी इंडस्ट्रीज के बारे में जानकारी..
URL copied to clipboard