#भारत की राजनीति

Saurabh Rai Bolkar App
Top Speaker,Level 88
सुनिए Saurabh जी का जवाब
Software Engineer
3:59
आपका प्रश्न है कि किसान आंदोलन जितने दिन चलेगा मोदी जी इतने दिन के उनकी एमएसपी जो है वह बचा लेंगे और अगर वह घर लौट जाएगा तो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ला देंगे आइए जानते हैं कुछ सच्चाई उनको शायद इस प्रश्न में जो है एक तरफा प्रश्न है तो सबसे पहले एमएसपी की बात करते हैं तो अगर एमएसटी की बात करते हैं तो क्या आपको पता है कितने पर्सेंट किसानों को इस समय भारत में एमएसपी मिलती है आपको शायद जानकर ताज्जुब होगा कि हमारे पूरे देश में सिर्फ 6% किसानों को एमएसपी मिलती है तो पहली चीज की एमएसपी बचा लेंगे उसका उद्देश्य ही नहीं उठता है अब दूसरी चीज पर आते हैं वह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग तो बहुत सारे हमारे किसान भाई बंधु हैं जिन्हें लगता है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से जो है घाटा है लेकिन असलियत बिल्कुल अलग है पहले मैं मस्ती की पहले मैं बात कर लेता हूं एमएसपी जो है अगर बचाने की बात नहीं है एमएसपी क्या आपको लगता है पूरे देश में सभी किसानों के मिस्ट्री देना पॉसिबल है अगर पूरे देश में सभी किसानों को अगर एमएसपी अगर सरकार देने लगे तो जाहिर सी बात है जो आप जो भी सामान मिलता है चाहे वह कोई भी सामान है मार्केट में हर सामान का रेट जो है बहुत भयंकर तरीके से बढ़ जाएगा और इससे क्या होगा महंगाई जो है बहुत तेजी से बढ़ जाएगी तो उसका भी किसानों को एमएसपी देना पॉसिबल नहीं है और यह सरकार जो है यह ऐसा नहीं है कि सिर्फ भाजपा सरकारी जानती है यह सभी सरकारी जानती है मिस्टी का फंडा बस यही था कि जो जितने भी किसान के जो उपज है उसकी प्राइस को कंट्रोल किया जा सके क्योंकि पहले होता था किसान रहता था बहुत महंगा और बेचता था बहुत सस्ता है तो जिस वजह से किसानों का ही घाटा होता था ज्यादातर एमएसपी जो है पंजाब और हरियाणा के किसानों को मिलती है और बाकी जगह कि किसानों को एमएसपी जो है बहुत कम मिल इसी वजह से विरोध भी जो है वह यही देखा जा रहा है अब भारत सरकार यह सोचती है कि चलिए अगर हम अपने किसानों को एमएसपी नहीं दे पा रहे हैं तो ऐसा क्या करें कि उनकी उनकी जो ऊपर जो है उसका उनको बेहतर विकल्प उपलब्ध हो उन्होंने पहला ऑप्शन ही दे दिया कि अब आप जो है अपने ऊपर को कहीं भी जाकर भेज सकते हैं अब आपके पास कोई रिस्ट्रिक्शन नहीं है कि आपको अपनी नजदीकी एपीएमसी मंडी में ही जाकर बेचना है तो इससे किसानों के पास अब बहुत सारे ऑप्शन जाऊंगी जहां वह जाकर बेच पाएंगे और हो सकता है उनको जो उनकी जो लागत है उससे उनको अच्छा पैसा मिल सके दूसरी चीज है वह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सूची गई है कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग जो है यह विदेशों में होता हुआ है और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग दोनों के लिए अच्छा है अपने देश के लिए भी अच्छा है और साथ-साथ किसानों के लिए भी अच्छा है जो बड़े किसान है शायद उनके लिए ना अच्छा लेकिन छोटे किसानों के लिए अच्छा है कैसे हैं वह मैं आपको बताता हूं देखिए होता क्या है आप सोचिए कि अगर आपके पास थोड़ा सा खेल है उसमें आपने थोड़ा सा गन्ना लगाया थोड़ी खेत में यहां थोड़ी खेत में वहां मतलब आपके पास चार पांच जगह खेत आप हर जगह अलग-अलग लगाते हैं कुछ न कुछ चीजें और आपकी जो ऊपर जो होती है वह हर जगह अलग-अलग बेटी होती है आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ती चीजें ज्यादा करनी पड़ती है कांटेक्ट में क्या है कि मालिक मैंने कॉन्ट्रैक्ट दे दिया कि भैया मुझे केचप बनाना है और आप मुझे टमाटर हुआ कर दो जिसमें पहले से ही तय रहेगा कि मैं इतनी रेट पर आपसे टमाटर लूंगा इतने रेट पर सारी चीजें नहीं भले ही मार्केट कर कुछ भी लेट हो तो इसमें मेरा फायदा क्या होगा कि मैं मार्केट से इंडिपेंडेंट हो जाऊंगा पहले जब मैं हुआ था था आज गोभी अगर मैं उड़ा दूं तो हो सकता है वह ₹1 दो रुपए किलो बिके लेकिन इस केस में क्या है कि मेरा एक पिक पैसा होगा मुझे पता होगा मुझे कितना मिलेगा और इस तरीके से जो मेरा फसल का जो है उचित मूल्य मिलने का जो है काफी ज्यादा चांसेस रहेगा धन्यवाद

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