#रिश्ते और संबंध

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?

Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Social worker in india
1:19
आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार है माता-पिता अपने बच्चों की चिंता इसलिए करते हैं क्योंकि माता-पिता के दिल की धड़कन है जो आपने एक दिल के कालजे होने की वजह से ही अपने माता-पिता अपने बच्चों की चिंता करते हैं माता-पिता हमेशा यह सोचते हैं कि हमारे बच्चे कभी दुख नहीं पाए और हमेशा सुखी रहे और इनकी मंजिलें हमेशा के लिए कामयाबी हासिल करें और एक अच्छी बुलंदियों को हासिल करें इसलिए माता-पिता अपने बच्चों को हमेशा खुशी देखना चाहते हैं और उनके उनके बच्चे के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं कि हमारा बच्चा एक अच्छा इंसान बने एक अच्छा सामाजिक प्राणी बने और एक हमारे देश और अपने परिवार और समाज और अपने राज्य का नाम रोशन करें और हमारे खानदान की परंपराओं को आगे बढ़ाने का कार्य करें इसलिए माता-पिता अपने बच्चों के प्रति बहुत ज्यादा चिंता रहती है और हमारे बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी चीज जान को लगा देते हैं धन्यवाद साथियों खुश रहो
Aapake savaal ka uttar is prakaar hai maata-pita apane bachchon kee chinta isalie karate hain kyonki maata-pita ke dil kee dhadakan hai jo aapane ek dil ke kaalaje hone kee vajah se hee apane maata-pita apane bachchon kee chinta karate hain maata-pita hamesha yah sochate hain ki hamaare bachche kabhee dukh nahin pae aur hamesha sukhee rahe aur inakee manjilen hamesha ke lie kaamayaabee haasil karen aur ek achchhee bulandiyon ko haasil karen isalie maata-pita apane bachchon ko hamesha khushee dekhana chaahate hain aur unake unake bachche ke ujjaval bhavishy kee kaamana karate hain ki hamaara bachcha ek achchha insaan bane ek achchha saamaajik praanee bane aur ek hamaare desh aur apane parivaar aur samaaj aur apane raajy ka naam roshan karen aur hamaare khaanadaan kee paramparaon ko aage badhaane ka kaary karen isalie maata-pita apane bachchon ke prati bahut jyaada chinta rahatee hai aur hamaare bachchon ko aage badhaane ke lie pooree cheej jaan ko laga dete hain dhanyavaad saathiyon khush raho

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Christina KC Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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MBA Govt job in PSU/Assistant Manager (HR)
0:45
सरवन के माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों दिया करते हैं माता-पिता अपने बच्चों के लिए इतना चिंता इसलिए करते हैं क्योंकि माता-पिता की आंखों में जो है जो बच्चे होते हैं उनके हमेशा बच्चे ही रहते हैं भले ही वह काफी बड़े हो चुके हो काफी जॉब वगैरा भी करते हो और शादी में मेरा भी हो चुकी है पर फिर भी वह बच्चे ही रहते हैं और यही कारण होता है कि माता-पिता उनकी आंखों के सामने से हमेशा वह बच्चे की रहते हैं और उनका भलाई बुराई जो है वह हमेशा सोचते हैं और उनका पता होता कि भलाई बुराई क्या है और उनकी भलाई अच्छे से हो तभी वह उनके उनको सलाह देते हैं अमेरिका से सवाल पूछा करो

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Unknown
0:26
अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं देखिए चिंता इसलिए करते हैं क्योंकि माता-पिता को जो है वह अपने बच्चों की चिंता इसलिए होती है क्योंकि वह हमसे प्यार करते हैं और जब आप किसी व्यक्ति से प्यार करो और अपना लगता है कि जब वह अकेला कहीं चला जाता है तो आपको चिंता महसूस होने लग जाती है यह कहीं ना कहीं उसके साथ कुछ ना कुछ गलत ना हो जाए और जो आपका प्यार है उसकी चिंता को बढ़ा देता है
Apane bachchon ko itanee chinta kyon karate hain dekhie chinta isalie karate hain kyonki maata-pita ko jo hai vah apane bachchon kee chinta isalie hotee hai kyonki vah hamase pyaar karate hain aur jab aap kisee vyakti se pyaar karo aur apana lagata hai ki jab vah akela kaheen chala jaata hai to aapako chinta mahasoos hone lag jaatee hai yah kaheen na kaheen usake saath kuchh na kuchh galat na ho jae aur jo aapaka pyaar hai usakee chinta ko badha deta hai

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Amit Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
1:01
मुस्कान दोस्तों कैसे हैं सवाली माता-पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं क्या चिंता करने की बात की चिंता इसलिए करती थी उनके बच्चे मतलब हमेशा अच्छे काम में ही रहे हैं हम लोग पढ़े लिखे तथा आगे बढ़े और उन्होंने जिस तरह से अपने बच्चों को संस्कार सिखाए उन्होंने संस्कारों का पालन करें और किसी प्रकार की कोई मतलब दुनिया में माता-पिता का नाम रोशन करें और अपने बच्चों से मिले तो प्रेम करते क्योंकि उनकी जो दुनिया होती उनके बच्चे होते हैं क्योंकि जो एक परिवार होता है तो परिवार से बढ़कर हमारे सब से कुछ नहीं होता क्योंकि जो व्यक्ति कुछ करता है अपने परिवार के नहीं करता है जिंदगी में कम आता है तो अपने परिवार के लिए काम आता है तो इसीलिए अपने माता पिता जो अपने बच्चों की चिंता करते हैं तो उम्मीद करता हूं सॉरी धन्यवाद
Muskaan doston kaise hain savaalee maata-pita apane bachchon ko itanee chinta kyon karate hain kya chinta karane kee baat kee chinta isalie karatee thee unake bachche matalab hamesha achchhe kaam mein hee rahe hain ham log padhe likhe tatha aage badhe aur unhonne jis tarah se apane bachchon ko sanskaar sikhae unhonne sanskaaron ka paalan karen aur kisee prakaar kee koee matalab duniya mein maata-pita ka naam roshan karen aur apane bachchon se mile to prem karate kyonki unakee jo duniya hotee unake bachche hote hain kyonki jo ek parivaar hota hai to parivaar se badhakar hamaare sab se kuchh nahin hota kyonki jo vyakti kuchh karata hai apane parivaar ke nahin karata hai jindagee mein kam aata hai to apane parivaar ke lie kaam aata hai to iseelie apane maata pita jo apane bachchon kee chinta karate hain to ummeed karata hoon soree dhanyavaad

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Student
0:59
माता-पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता इसलिए करते हैं क्योंकि उनको बच्चों की भविष्य को लेकर बहुत चिंता रहती है कि आगे पड़ेगा तो पढ़ के वह क्या करता है किस क्षेत्र में सबसे हो पाएगा तो क्या काम करेगा किस तरह से घर चलाएगा स्टेशन करेगा हमको बहुत सारे सवाल उठते रहते हैं बार-बार आते रहते हैं जब भी कोई बच्चा या गलत है और कुछ काम करता है तुम उस वाला तय किया कि क्या करेगा इससे एक चित्र पूरा चलाएगा कि नहीं रह पाएगा कि रविवार फायदा नहीं पाएगा उसको बहुत ज्यादा पढ़ाई में नौकरी लगेगा नहीं लगेगा ऐसे बहुत सारे सवाल है उनको लेकर माथे बताएं अक्षर हर बार सजग रहते हैं बच्चों के भविष्य को लेकर
Maata-pita apane bachchon kee itanee chinta isalie karate hain kyonki unako bachchon kee bhavishy ko lekar bahut chinta rahatee hai ki aage padega to padh ke vah kya karata hai kis kshetr mein sabase ho paega to kya kaam karega kis tarah se ghar chalaega steshan karega hamako bahut saare savaal uthate rahate hain baar-baar aate rahate hain jab bhee koee bachcha ya galat hai aur kuchh kaam karata hai tum us vaala tay kiya ki kya karega isase ek chitr poora chalaega ki nahin rah paega ki ravivaar phaayada nahin paega usako bahut jyaada padhaee mein naukaree lagega nahin lagega aise bahut saare savaal hai unako lekar maathe bataen akshar har baar sajag rahate hain bachchon ke bhavishy ko lekar

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
0:29
सवाल है कि माता-पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं क्योंकि समाज घटनाओं के वक्त भूखी होते हैं और वे यह नहीं चाहते क्योंकि सुनाने भी वह कष्ट दोगे तो उन्होंने भूखे थे पिता चाहे कितना भी मजबूत हो ना हो वह कभी नहीं चाहेगा कि उसके बच्चों को भी वही कष्ट झेलने पड़े इसलिए माता-पिता अपने बच्चों की चिंता करते हो ना इस आदत से ज्यादा सुख प्रदान करने की कोशिश करते हैं
Savaal hai ki maata-pita apane bachchon ko itanee chinta kyon karate hain kyonki samaaj ghatanaon ke vakt bhookhee hote hain aur ve yah nahin chaahate kyonki sunaane bhee vah kasht doge to unhonne bhookhe the pita chaahe kitana bhee majaboot ho na ho vah kabhee nahin chaahega ki usake bachchon ko bhee vahee kasht jhelane pade isalie maata-pita apane bachchon kee chinta karate ho na is aadat se jyaada sukh pradaan karane kee koshish karate hain

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Journalism
1:03
हर छोटा बच्चा जिस पर मां-बाप जो जो जो मां अपने बच्चे पर चिल्लाते छोटा ही सोचता है कि मेरे बाहों में मेरी इतनी चिंता क्यों करते हैं जाने कितने कितने तक तुम चिल्ला कर देखिए उनको आपसे बात नहीं हुई आपसे प्यार करते हैं आपकी भावनाओं को समझते लेकिन उन्होंने आपको आपकी चिंता है इसलिए करते हैं क्योंकि उन्होंने दुनिया देखी है वह जानते हैं कि दुनिया में क्या हो सकता है कौन सा आदमी कैसा है आपका छोटा बच्चा होते हैं नादान होता है उसे किसी तीसरा आदमी की भावना है क्या उनके विचार है वह पता नहीं कल वह तो बस जगह पांच वाली चॉकलेट भी लाकर दे देगा वह समझ जाएगा कि हां याद में अच्छा लेकिन चॉकलेट लाने के पीछे उस आदमी की क्या मंशा क्या मन के विचार है वह छोटे बच्चे को पता नहीं होता लेकिन वह मन के चार एक मां को और एक बात को पता होते हैं इसलिए वह हमेशा अपने बच्चों पर चलते थे रहते हैं उन्हें बताते रहते कि तुम यह काम ना ही निकलना है तो मैं आशा करूंगा आप लोगों से भी और आपके छोटे बच्चे हैं कि आपके मां-बाप पर डालते हैं आप उनकी बात को समझो विचार कीजिए कि मैं आपने मेरे को ऐसा क्यों बोला किसी के बिना फालतू में कभी किसी को डांटते नहीं है
Har chhota bachcha jis par maan-baap jo jo jo maan apane bachche par chillaate chhota hee sochata hai ki mere baahon mein meree itanee chinta kyon karate hain jaane kitane kitane tak tum chilla kar dekhie unako aapase baat nahin huee aapase pyaar karate hain aapakee bhaavanaon ko samajhate lekin unhonne aapako aapakee chinta hai isalie karate hain kyonki unhonne duniya dekhee hai vah jaanate hain ki duniya mein kya ho sakata hai kaun sa aadamee kaisa hai aapaka chhota bachcha hote hain naadaan hota hai use kisee teesara aadamee kee bhaavana hai kya unake vichaar hai vah pata nahin kal vah to bas jagah paanch vaalee chokalet bhee laakar de dega vah samajh jaega ki haan yaad mein achchha lekin chokalet laane ke peechhe us aadamee kee kya mansha kya man ke vichaar hai vah chhote bachche ko pata nahin hota lekin vah man ke chaar ek maan ko aur ek baat ko pata hote hain isalie vah hamesha apane bachchon par chalate the rahate hain unhen bataate rahate ki tum yah kaam na hee nikalana hai to main aasha karoonga aap logon se bhee aur aapake chhote bachche hain ki aapake maan-baap par daalate hain aap unakee baat ko samajho vichaar keejie ki main aapane mere ko aisa kyon bola kisee ke bina phaalatoo mein kabhee kisee ko daantate nahin hai

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए T जी का जवाब
Business
4:58
आपने बहुत शानदार प्रश्न किया है कि माता-पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं देखिए हमारा जो भारतीय दर्शन है हमारी जो भारतीय संस्कृति सभ्यता परंपराएं हैं कि भारत का विचार दर्शन को संसार में सबसे महान है ऐसा मेरा व्यक्तिगत मत है और हमारा भारतीय दर्शन यह कहता है भारतीय परंपरा यह कहती है भारतीय शास्त्रीय कहते हैं कि एक व्यक्ति अपने जीवन में चाहे कुछ भी क्यों न कर ले वही कुमाता दादा ऋण नहीं चुका सकता और आपने जो प्रश्न किया है कि माता-पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं शायद इसी का उत्तर मैंने जो भूमिका में इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले कहा है उसमें छुपा हुआ है कि माता-पिता जो उसका जो उनका बच्चा है उनका अंश उनका उनका ही खून है और एक माता पिता अपना ही अनशन होने के नाते उस बच्चे में अपना प्रतिरूप देखते हैं उस बच्चे में अपनी आत्मा देखते हैं उस बच्चे में स्वयं को देखते हैं उनकी भावनाएं उनका रक्त उनका अनशन उस बच्चे में उनकी भावनाओं के रूप में समाहित होता है इसलिए माता-पिता स्वयं भूखे रह जाएंगे स्वयं कष्ट सह लेंगे लेकिन अपने बच्चे का कष्ट वह बर्दाश्त नहीं कर पाते उससे में तकलीफ सह लेंगे लेकिन अपने बच्चे को तकलीफ में नहीं देख सकते हो स्वयं फटा कपड़ा पहन लेंगे लेकिन अपने बच्चे को फटे कपड़े में देखना उनको अच्छा नहीं लगता एक बच्चा जब पैदा होता है उसके जीवन में सबसे पहला जोशी तो उसके मुंह से निकलता है वह मां होता है आप कभी मां बोल कर के देखिए बहुत दिल से मां बोल कर देखिए मां आपके ह्रदय से आपकी अंतरात्मा से आवाज निकलती है मां बोलने में सिर्फ आपकी जी हां ओके जी हां ही नहीं लगती आपका पूरा पेट आपकी पूरा शरीर आपकी अंदर से आसमां तक लगता है बोल रही है एक मां के लिए तो खास करके अपने बच्चे को बोलना महीने के लिए अपने पेट में उसका पालन पोषण करते हैं और जो लोग मां को समझने के लिए किसी व्यक्ति ने बहुत ठीक कहा है कि आप 9 महीने तक अपने पेट पर 2 किलो का पत्थर बांधकर के 9 महीने आप बताइए शायद आपको मां होने का एहसास आप समझ पाएंगे कि मां क्या होती है एक पिता जिस तरह से संघर्षरत रहते हुए भी अपने बच्चे का जिस तरह से पालन पोषण करने के लिए भरण पोषण करने के लिए अपने आप को समर्पित कर देता है उस बच्चे की एक मुस्कान के लिए उसके लिए सबसे बड़ी खुशी होती है इसलिए मां-बाप बच्चों की चिंता करते हैं क्योंकि वह उनका अंश है तो उनका ही प्रतिरूप समान भाव से जीवन में बच्चों को भी अपने मां-बाप की चिंता करनी चाहिए आधुनिक युग उसके खिलाफ जा रहा है धन्यवाद
Aapane bahut shaanadaar prashn kiya hai ki maata-pita apane bachchon kee itanee chinta kyon karate hain dekhie hamaara jo bhaarateey darshan hai hamaaree jo bhaarateey sanskrti sabhyata paramparaen hain ki bhaarat ka vichaar darshan ko sansaar mein sabase mahaan hai aisa mera vyaktigat mat hai aur hamaara bhaarateey darshan yah kahata hai bhaarateey parampara yah kahatee hai bhaarateey shaastreey kahate hain ki ek vyakti apane jeevan mein chaahe kuchh bhee kyon na kar le vahee kumaata daada rn nahin chuka sakata aur aapane jo prashn kiya hai ki maata-pita apane bachchon kee itanee chinta kyon karate hain shaayad isee ka uttar mainne jo bhoomika mein is prashn ka uttar dene se pahale kaha hai usamen chhupa hua hai ki maata-pita jo usaka jo unaka bachcha hai unaka ansh unaka unaka hee khoon hai aur ek maata pita apana hee anashan hone ke naate us bachche mein apana pratiroop dekhate hain us bachche mein apanee aatma dekhate hain us bachche mein svayan ko dekhate hain unakee bhaavanaen unaka rakt unaka anashan us bachche mein unakee bhaavanaon ke roop mein samaahit hota hai isalie maata-pita svayan bhookhe rah jaenge svayan kasht sah lenge lekin apane bachche ka kasht vah bardaasht nahin kar paate usase mein takaleeph sah lenge lekin apane bachche ko takaleeph mein nahin dekh sakate ho svayan phata kapada pahan lenge lekin apane bachche ko phate kapade mein dekhana unako achchha nahin lagata ek bachcha jab paida hota hai usake jeevan mein sabase pahala joshee to usake munh se nikalata hai vah maan hota hai aap kabhee maan bol kar ke dekhie bahut dil se maan bol kar dekhie maan aapake hraday se aapakee antaraatma se aavaaj nikalatee hai maan bolane mein sirph aapakee jee haan oke jee haan hee nahin lagatee aapaka poora pet aapakee poora shareer aapakee andar se aasamaan tak lagata hai bol rahee hai ek maan ke lie to khaas karake apane bachche ko bolana maheene ke lie apane pet mein usaka paalan poshan karate hain aur jo log maan ko samajhane ke lie kisee vyakti ne bahut theek kaha hai ki aap 9 maheene tak apane pet par 2 kilo ka patthar baandhakar ke 9 maheene aap bataie shaayad aapako maan hone ka ehasaas aap samajh paenge ki maan kya hotee hai ek pita jis tarah se sangharsharat rahate hue bhee apane bachche ka jis tarah se paalan poshan karane ke lie bharan poshan karane ke lie apane aap ko samarpit kar deta hai us bachche kee ek muskaan ke lie usake lie sabase badee khushee hotee hai isalie maan-baap bachchon kee chinta karate hain kyonki vah unaka ansh hai to unaka hee pratiroop samaan bhaav se jeevan mein bachchon ko bhee apane maan-baap kee chinta karanee chaahie aadhunik yug usake khilaaph ja raha hai dhanyavaad

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:25
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है माता-पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं तो फ्रेंड से सब माता-पिता अपने बच्चों की चिंता करते हैं कि हमारे बच्चे अच्छे मार्ग पर चले अच्छी बातें सीखे और पढ़ लिखकर अपनी जिंदगी में कुछ करें और आगे बढ़े और भी कोई गलत राय ना पकडे इसीलिए मां बाप अपने बच्चों की चिंता करते हैं धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai maata-pita apane bachchon kee itanee chinta kyon karate hain to phrend se sab maata-pita apane bachchon kee chinta karate hain ki hamaare bachche achchhe maarg par chale achchhee baaten seekhe aur padh likhakar apanee jindagee mein kuchh karen aur aage badhe aur bhee koee galat raay na pakade iseelie maan baap apane bachchon kee chinta karate hain dhanyavaad

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Rajendra जी का जवाब
Self student
2:14
नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है माता-पिता अपने बच्चों को की इतनी चिंता क्यों करते हैं दोस्तों की सभी को पता है कि माता पिता अपनी संतान के प्रति बहुत ही चिंता करते हैं उनके प्रति सोचते हैं उनके भविष्य के बारे में सोचते हैं क्योंकि दोस्तों उनका भविष्य वही होती है पूरे घर का जो चिराग होते हैं आगे आने वाली पीढ़ी जो होती है वह अपनी संतान होती है तो दोस्तों उनके लिए चिंता करना एक मनुष्य का एक अहम हिस्सा है सभी दोस्तों सभी माता-पिता यह चाहते हैं हमारे बच्चे जो हैं आने वाले समय में बहुत अच्छा काम करें अच्छा नाम रोशन करें और सभी जगह सिद्धि अपनी विद्वता हासिल करें अच्छा नाम और फेल पाए तो इस प्रकार से यह चाहते हुए भी अपने बच्चों के लिए कौन सी मिठाई परिवर्तित करते हैं और उनकी परवरिश में कोई भी कमी नहीं छोड़ते हैं तो उनके पीछे एक यही स्वार्थ होता है कि अपने बच्चे आने वाले समय में सुखी रहे हर्षोल्लास के साथ रहे हो कोई भी मुझे दुख ना हो इन कोई भी माता पिता अपनी संतान के लिए दुख देखना नहीं चाहता है तो उनके लिए उनकी सुविधाओं के लिए ही सोचता रहता है चिंता करता है ताकि बुढ़ापे में तो उनके काम आएगी आए लेकिन साथ में अपना वह भविष्य भी सुधार सकें और आने वाले समय में जो भी परेशानियां हैं उनका सामना करने में सक्षम हो इसलिए वे चिंता व्यक्त करते हैं धन्यवाद
Namaskaar doston aapaka prashn hai maata-pita apane bachchon ko kee itanee chinta kyon karate hain doston kee sabhee ko pata hai ki maata pita apanee santaan ke prati bahut hee chinta karate hain unake prati sochate hain unake bhavishy ke baare mein sochate hain kyonki doston unaka bhavishy vahee hotee hai poore ghar ka jo chiraag hote hain aage aane vaalee peedhee jo hotee hai vah apanee santaan hotee hai to doston unake lie chinta karana ek manushy ka ek aham hissa hai sabhee doston sabhee maata-pita yah chaahate hain hamaare bachche jo hain aane vaale samay mein bahut achchha kaam karen achchha naam roshan karen aur sabhee jagah siddhi apanee vidvata haasil karen achchha naam aur phel pae to is prakaar se yah chaahate hue bhee apane bachchon ke lie kaun see mithaee parivartit karate hain aur unakee paravarish mein koee bhee kamee nahin chhodate hain to unake peechhe ek yahee svaarth hota hai ki apane bachche aane vaale samay mein sukhee rahe harshollaas ke saath rahe ho koee bhee mujhe dukh na ho in koee bhee maata pita apanee santaan ke lie dukh dekhana nahin chaahata hai to unake lie unakee suvidhaon ke lie hee sochata rahata hai chinta karata hai taaki budhaape mein to unake kaam aaegee aae lekin saath mein apana vah bhavishy bhee sudhaar saken aur aane vaale samay mein jo bhee pareshaaniyaan hain unaka saamana karane mein saksham ho isalie ve chinta vyakt karate hain dhanyavaad

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rajesh Kumar Naveriya  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Ast. Teacher
3:19
माता-पिता अपने बच्चों की चिंता क्यों करते हैं माता-पिता जो होते हैं ऐसा तो ब्राह्मण शक्ति है ममता की मूर्ति है और मां उसको घर में व्यक्ति है कस्टमर होती है नमाज किसी कारण हो जो खून से सना हुआ है खून से बना हुआ है तो उसका ध्यान तो रखना ही पड़ता है चिंता इसलिए कि जिसको अपन शरण में लेते हैं आज ओपन शरणागत है भगवान ने कहा है कि शरणागत चाहिए नहीं तो जो भी अपने सामने रहता है उसको कभी डरना नहीं चाहिए बच्चे पूछना होते हैं उनका भरम ही ध्यान रखना पड़ता है उनका में कितनी जान के बच्चों का बच्चे चना कहलाते हैं तन्हा धनिया एक आज उनके लिए तो सही से अलग नहीं है एक रूप है जैसे वृक्ष के फल होते रहो सबसे अधिक वृक्ष पैदा हो जाते हैं तो वह भी हैं वह भी नहीं है आंखे है तो उसी का स्वाद भाई है भाई मुन्ना भाई साहब ने तो यह मोह माया है जो भगवान ने बनाई हुई है जिसमें हम बंधे हुए हैं फिर कहां से बच्चे हसन सही से अलग नहीं होते हैं चिंता करना हमारा काम होता है वह कितनी भी शादी करते हैं उनको माफ करते जाते हैं उनके आंसू भी माता-पिता पर देखी नहीं जाती यदि थोड़ा सा भी बच्चे होते तो बात पर लग जाते हैं और उनकी इच्छा पूरी करते हैं जो वह कर रहे हैं बच्चे सब करना पड़ता है तो बच्चे जो होते हैं मन के सच्चे होते हैं मां बाप ने अपना जीवन उनके साथ काटा है वह सुना कल का साथ होता है तो इसलिए अपनी जान जनता बच्चियों की होती है माता-पिता जो हैं एक माध्यम है हिसार के द्वारा बनाया गया था जो बंधन है उन्हें के द्वारा बांधा गया परिवार का समाज का परिवार का अपने बच्चों का ध्यान रखना तो मेरी ममता मोदी का ही लोग कितना भी कष्ट हुए हैं परंतु अपने बच्चों के लिए करता ही रहता है दिन भर भले वह पक्षी हां पक्षी भी अपने बच्चों के गाना लगाते हैं तो पशु पक्षी समय हम तो होती है ईश्वर का युक्त का है अपने अपने भाई से सबको लगाओ है थैंक यू धन्यवाद
Maata-pita apane bachchon kee chinta kyon karate hain maata-pita jo hote hain aisa to braahman shakti hai mamata kee moorti hai aur maan usako ghar mein vyakti hai kastamar hotee hai namaaj kisee kaaran ho jo khoon se sana hua hai khoon se bana hua hai to usaka dhyaan to rakhana hee padata hai chinta isalie ki jisako apan sharan mein lete hain aaj opan sharanaagat hai bhagavaan ne kaha hai ki sharanaagat chaahie nahin to jo bhee apane saamane rahata hai usako kabhee darana nahin chaahie bachche poochhana hote hain unaka bharam hee dhyaan rakhana padata hai unaka mein kitanee jaan ke bachchon ka bachche chana kahalaate hain tanha dhaniya ek aaj unake lie to sahee se alag nahin hai ek roop hai jaise vrksh ke phal hote raho sabase adhik vrksh paida ho jaate hain to vah bhee hain vah bhee nahin hai aankhe hai to usee ka svaad bhaee hai bhaee munna bhaee saahab ne to yah moh maaya hai jo bhagavaan ne banaee huee hai jisamen ham bandhe hue hain phir kahaan se bachche hasan sahee se alag nahin hote hain chinta karana hamaara kaam hota hai vah kitanee bhee shaadee karate hain unako maaph karate jaate hain unake aansoo bhee maata-pita par dekhee nahin jaatee yadi thoda sa bhee bachche hote to baat par lag jaate hain aur unakee ichchha pooree karate hain jo vah kar rahe hain bachche sab karana padata hai to bachche jo hote hain man ke sachche hote hain maan baap ne apana jeevan unake saath kaata hai vah suna kal ka saath hota hai to isalie apanee jaan janata bachchiyon kee hotee hai maata-pita jo hain ek maadhyam hai hisaar ke dvaara banaaya gaya tha jo bandhan hai unhen ke dvaara baandha gaya parivaar ka samaaj ka parivaar ka apane bachchon ka dhyaan rakhana to meree mamata modee ka hee log kitana bhee kasht hue hain parantu apane bachchon ke lie karata hee rahata hai din bhar bhale vah pakshee haan pakshee bhee apane bachchon ke gaana lagaate hain to pashu pakshee samay ham to hotee hai eeshvar ka yukt ka hai apane apane bhaee se sabako lagao hai thaink yoo dhanyavaad

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
er. ramphal bind Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Private job
1:20
माता पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं प्रश्न आपका अच्छा है आपको प्रश्न में जवाब मिलने से ज्यादा आपको तो नहीं समझ में आएगा लेकिन जब आप उस स्पीच पर होंगे माता-पिता को ज्यादा अच्छा समझ में आएगा बच्चों कितनी चिंता क्यों करते हैं ऐसी बात है किसी की भी माता-पिता होंगे तो अपने बिट्टू को इन्हीं चाहेंगे मेरा बेटा मतलब कई रास्ते जाए वह चाहेंगे कि मेरा बेटा एक अच्छा लड़का बने समय तो जिम्मेदार वह समय से मेरे बुढ़ापे में सहारा हो जरूर चिंता करेंगे चिंता करने वाली बात है ऑपरेशन में जवाब दिनेश ज्यादा अच्छा आपको तब महसूस होगा जो आप उसके माता-पिता की स्टेज पर होंगे अब बड़ी अच्छा जवाब नहीं माता-पिता अपने बच्चों की चिंता रहती है चिंता रानी भी चाहिए क्योंकि जब चिंता रहेगी तभी आपको कई रास्ते बताएंगे कि बेटा इस तरीके से करना है बेटी इस तरीके से करना है ऐसे जिम्मेदारी होती है आपको धीरे-धीरे आप सही रास्ते पर रहेंगे और जिम्मेदारी समझेंगे तो आप जरूर धीरे-धीरे अब उस जिम्मेदारियों के प्रति जिम्मेदार बने जिम्मेदारियों के प्रति जिम्मेदार बनना ही सच्ची सफलता हो सकती है उन्हीं लोग को जल्दी सफलता मिलती है जिसके पास कोई उद्देश्य नहीं को जिम्मेदारी नहीं वह क्या सफलता का हाल-चाल है
Maata pita apane bachchon kee itanee chinta kyon karate hain prashn aapaka achchha hai aapako prashn mein javaab milane se jyaada aapako to nahin samajh mein aaega lekin jab aap us speech par honge maata-pita ko jyaada achchha samajh mein aaega bachchon kitanee chinta kyon karate hain aisee baat hai kisee kee bhee maata-pita honge to apane bittoo ko inheen chaahenge mera beta matalab kaee raaste jae vah chaahenge ki mera beta ek achchha ladaka bane samay to jimmedaar vah samay se mere budhaape mein sahaara ho jaroor chinta karenge chinta karane vaalee baat hai opareshan mein javaab dinesh jyaada achchha aapako tab mahasoos hoga jo aap usake maata-pita kee stej par honge ab badee achchha javaab nahin maata-pita apane bachchon kee chinta rahatee hai chinta raanee bhee chaahie kyonki jab chinta rahegee tabhee aapako kaee raaste bataenge ki beta is tareeke se karana hai betee is tareeke se karana hai aise jimmedaaree hotee hai aapako dheere-dheere aap sahee raaste par rahenge aur jimmedaaree samajhenge to aap jaroor dheere-dheere ab us jimmedaariyon ke prati jimmedaar bane jimmedaariyon ke prati jimmedaar banana hee sachchee saphalata ho sakatee hai unheen log ko jaldee saphalata milatee hai jisake paas koee uddeshy nahin ko jimmedaaree nahin vah kya saphalata ka haal-chaal hai

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Er.Surya Narayan Upadhyay Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Er.Surya जी का जवाब
Private job
2:12
दोस्तों नमस्कार गुड इवनिंग आप लोग कैसे हैं दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप लोग बहुत ही अच्छे स्वस्थ मस्त और व्यस्त होंगे दोस्तों एक मित्र का सवाल है माता-पिता अपने बच्चों को अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं दोस्तों मैं बताना चाहूंगा जब एक लड़की किसी बाप की बेटी होती है उसके सारे सपने उसके पिता पर होती है लेकिन दोस्तों फिर उसकी जब शादी हो जाती है तो वह अपना सारे ख्वाब सपने अपने पद पर छोड़ देती है कि बिना पति पूरा करें दोस्तों इस पर भी यदि उसका पति नहीं पूरा कर पाया तो फिर जब उसके बच्चे होते हैं माता-पिता के जो संतान होते हैं तो फिर माता पिता जो है अपने पुत्र से यह आशा लगाए बैठे हैं बैठे हैं कि मेरा जो संतान है मेरे सपनों को पूरा करेगा और बेटा जो होता है माता पिता के लिए बहुत दुलारा होता है और हर कोई माता-पिता जो है अपने बच्चों से प्रेम करता है तो इसीलिए उनको अपने बच्चे के लिए बहुत चिंता होती है दोस्तों इस सवाल का जवाब यदि जो भी इसको इस सवाल को किए हैं उनको पसंद आया हो तो लाइक करें और कमेंट में अपना फीडबैक जरूर दीजिए जो भी जानकारी थी हमने आपको बताया धन्यवाद दोस्तों
Doston namaskaar gud ivaning aap log kaise hain doston ummeed karata hoon ki aap log bahut hee achchhe svasth mast aur vyast honge doston ek mitr ka savaal hai maata-pita apane bachchon ko apane bachchon kee itanee chinta kyon karate hain doston main bataana chaahoonga jab ek ladakee kisee baap kee betee hotee hai usake saare sapane usake pita par hotee hai lekin doston phir usakee jab shaadee ho jaatee hai to vah apana saare khvaab sapane apane pad par chhod detee hai ki bina pati poora karen doston is par bhee yadi usaka pati nahin poora kar paaya to phir jab usake bachche hote hain maata-pita ke jo santaan hote hain to phir maata pita jo hai apane putr se yah aasha lagae baithe hain baithe hain ki mera jo santaan hai mere sapanon ko poora karega aur beta jo hota hai maata pita ke lie bahut dulaara hota hai aur har koee maata-pita jo hai apane bachchon se prem karata hai to iseelie unako apane bachche ke lie bahut chinta hotee hai doston is savaal ka javaab yadi jo bhee isako is savaal ko kie hain unako pasand aaya ho to laik karen aur kament mein apana pheedabaik jaroor deejie jo bhee jaanakaaree thee hamane aapako bataaya dhanyavaad doston

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
GEETA Tiwari Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Unknown
1:41
माता-पिता अपने बच्चों की चिंता क्यों करते हैं यह तो हर एक मां अपने बच्चों की चिंता करते हैं सकते किसने जन्म दिया है वह नहीं चाहते कि हम किसी परेशानी में फोटो ना जाए कभी या कोई भी परेशानी हो तो हम तो छुपाए ना हमने बताया था कि वह हमें उसका सलूशन निकाल कर दे और केवल माता पिता ही नहीं अगर आपके और भी लोग तो देते रहते हैं तो वह भी हमारी चिंताओं से होता है जितने भी अगर आप प्यार करने इसलिए आप उसकी चिंता करेंगे फिर होता है माता पिता हूं या फिर आपके घर में रहने वाले सभी चिंता करने के माता-पिता ही नहीं और भी लो बच्चों की चिंता करता जाति माता-पिता अपने बच्चों की इतनी चिंता करते हैं वह अपने माता-पिता कोई भी हमेशा अपने बच्चों की चिंता करते रहते हैं

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Kajal jain😇 Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Student Life 😎
2:19
माता-पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करती है यह चीज तब रिलाइज होती है तब फील होती है जब हम खुद इस सिचुएशन को इस टाइम को फील करते हैं जब हम खुद बच्चों के पेरेंट्स के रूप में खुद को ठीक करेंगे जब हमारा टाइम आएगा ए ज पैरंट्स बनने का तब हमें यह जिस दिन होगी कि हमने जैसे आज आपने क्वेश्चन डाला है तब आपको वह चीज समझ जाएगी कि मैंने क्वेश्चन डाला था तो इसका आंसर आपको खुद को तो खुद ब खुद मिल जाएगा उस टाइम पर होते ही ऐसे इंसान हैं जिनकी तुलना भगवान से भी नहीं की जाती है जो भगवान से भी ऊपर मानी जाती है उन्होंने जन्म दिया है आपको उन्होंने आपके जन्म से पहले ही आपके अंकित ने सारी तैयारियां करना शुरू कर दिया आपके आने से पहले ही उन्हें आप पर हजारों ऐसे हजारों रुपए खर्च कर दी थी कहीं बच्चों में कोई दिक्कत ना हो कोई कोई प्रॉब्लम ना हो कहीं हमारा बच्चा दुनिया में ऐसी प्रवीण को फेस ना करना पड़े क्योंकि और बच्चों में नहीं होती है वहां से लेकर और बच्ची के जन्म लेने के बाद तक इस सफर में ही वह इतनी मेहनत करता इतनी चिंता करती है और जब बच्चा उनके हाथों में आता है उनको जब अपनी आंखों से वह देखते हैं उस टाइम से लेकर और जब तक पेमेंट मिलती नहीं हो जाती उस टाइम तक वह अपने बच्चों के अटैचमेंट होता है वह दिन पर दिन बढ़ता जाता है गुरु को इनक्रीस होता जाता है और अटैचमेंट को खुद भगवान भी कम नहीं कर सकते हैं यह समय होता है प्राकृतिक रूप से उत्तर नेचुरल फिनोमिना होता है और चिंताएं इसलिए वह जाती जब बच्चा बड़ा होने लगता है तो माता-पिता की बातें सुनना पसंद नहीं करता उनके डिसीजंस को अवॉइड करें उनकी बातों को भूल करता है फिर को लगता है कहीं बच्चा हाथों से ना निकल जाए कहीं गलत रास्ते पर न चला जाए कहीं वह डायवर्ट ना हो जाए कहीं अपने कार्य को स्कूल ना करें ऐसी बहुत सारी चीजें जो कि फेल कर चुकी है देखते हैं सोसाइटी में वह चीज हमको अपील कराते कोई हमारा बच्चा भी ऐसी ही और सिचुएशन मेरा फ्रेंड जाए जहां उसके कैरियर प्राचार्य की लाइफ पर हो जाए तो इसी वजह से पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए हमेशा चिंतित रहते हैं थैंक यू सो मच
Maata-pita apane bachchon ko itanee chinta kyon karatee hai yah cheej tab rilaij hotee hai tab pheel hotee hai jab ham khud is sichueshan ko is taim ko pheel karate hain jab ham khud bachchon ke perents ke roop mein khud ko theek karenge jab hamaara taim aaega e ja pairants banane ka tab hamen yah jis din hogee ki hamane jaise aaj aapane kveshchan daala hai tab aapako vah cheej samajh jaegee ki mainne kveshchan daala tha to isaka aansar aapako khud ko to khud ba khud mil jaega us taim par hote hee aise insaan hain jinakee tulana bhagavaan se bhee nahin kee jaatee hai jo bhagavaan se bhee oopar maanee jaatee hai unhonne janm diya hai aapako unhonne aapake janm se pahale hee aapake ankit ne saaree taiyaariyaan karana shuroo kar diya aapake aane se pahale hee unhen aap par hajaaron aise hajaaron rupe kharch kar dee thee kaheen bachchon mein koee dikkat na ho koee koee problam na ho kaheen hamaara bachcha duniya mein aisee praveen ko phes na karana pade kyonki aur bachchon mein nahin hotee hai vahaan se lekar aur bachchee ke janm lene ke baad tak is saphar mein hee vah itanee mehanat karata itanee chinta karatee hai aur jab bachcha unake haathon mein aata hai unako jab apanee aankhon se vah dekhate hain us taim se lekar aur jab tak pement milatee nahin ho jaatee us taim tak vah apane bachchon ke ataichament hota hai vah din par din badhata jaata hai guru ko inakrees hota jaata hai aur ataichament ko khud bhagavaan bhee kam nahin kar sakate hain yah samay hota hai praakrtik roop se uttar nechural phinomina hota hai aur chintaen isalie vah jaatee jab bachcha bada hone lagata hai to maata-pita kee baaten sunana pasand nahin karata unake diseejans ko avoid karen unakee baaton ko bhool karata hai phir ko lagata hai kaheen bachcha haathon se na nikal jae kaheen galat raaste par na chala jae kaheen vah daayavart na ho jae kaheen apane kaary ko skool na karen aisee bahut saaree cheejen jo ki phel kar chukee hai dekhate hain sosaitee mein vah cheej hamako apeel karaate koee hamaara bachcha bhee aisee hee aur sichueshan mera phrend jae jahaan usake kairiyar praachaary kee laiph par ho jae to isee vajah se perents apane bachchon ke lie hamesha chintit rahate hain thaink yoo so mach

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Rajmohan Modi Bolkar App
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व्यापार
0:38
इस जगत में माता-पिता ही है जो बच्चों की चिंता करते हैं क्यों करते हैं यह जो सवाल है वह चाहते हैं कि इनका जीवन सफल हो समृद्ध हो और खुशहाल जिंदगी जिए एक मां-बाप की यही चिंता रहती हैं कि उनके बच्चे उनके देखते-देखते एक अच्छी जिंदगी बसर करते हो यह सहज और मां-बाप के लिए यही है उनकी जिंदगी का जो हर्ष है खुशी है वह अपने बच्चों के सुख में सुखी और दुख में दुखी होते हैं तो वही इसलिए चिंता करते हैं कि आप सही हो जाए धन्यवाद

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Avdhesh Tiwari Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Avdhesh जी का जवाब
Business
1:33

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माता पिता अपने बच्चों को इतनी चिंता क्यों करते हैं?Mata Pita Apne Bachco Ko Itni Chinta Kyun Karte Hain
Soumya Sharma Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Soumya जी का जवाब
Unknown
0:59

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