#रिश्ते और संबंध

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
1:20
हेलो एवरीवन स्वागत है आपका आपका प्रश्न है आजकल पढ़े लिखे हैं लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे हैं किसी के भी रिश्तेदार रिश्ता करवाने में उसका क्यों नहीं दिखाते हैं और लोग मैरिज ब्यूरो का सहारा क्यों लेते हैं तो फ्रेंड्स आजकल लोगों की सोच बिल्कुल बदल गई है लोग किसी का रिश्ता नहीं करवाते हैं सोचते हैं कि हम बीच में क्यों पड़े हम क्यों किसी का रिश्ता करवाएं अगर किसी की लड़की ठीक से पेश नहीं ससुराल में या किसी का लड़का किसी की लड़की के साथ ठीक से पेश ना आया तो हम ही लोग बुरे बनेंगे बीच वाले बुरे बन जाते हैं इसीलिए अंग्रेज लोग इसीलिए लोग रिश्ता करवाने से हिचकी चाहते हैं तो जब रिश्तेदार रिश्ता नहीं करवाते तो लोग मैरिज ब्यूरो का सहारा लेते हैं फिर मैरिज ब्यूरो से ही जाकर अपनी शादी विवाह की चर्चाएं करते हैं और वहीं से रिश्ता देखते हैं इसीलिए लोग एक दूसरे के बीच में आजकल पढ़ना नहीं चाहते हैं क्योंकि आजकल लड़कियों का नेचर भी अच्छा नहीं होता बहुत सारी लड़कियां ना घर का काम करना पसंद करती हैं और झगड़ालू भी होती जा रही है वह बहुत होता है लड़कियों में किसी की बात नहीं बर्दाश्त करनी है तो कोई किसी की लड़की की शादी नहीं करवाता है कि हम ही फंस जाएंगे बीच में और लड़के भी आजकल बहुत बुरी संगत अपना रहे हैं शराब पीते हैं सिगरेट पीते हैं तो लोग राशि के लड़के कभी रिश्ता इसलिए नहीं करवाते कि किसी की लड़की फस जाएगी तो लोग हमें ही बोलेंगे धन्यवाद
Helo evareevan svaagat hai aapaka aapaka prashn hai aajakal padhe likhe hain ladake ladakiyon ke rishte kyon nahin ho pa rahe hain kisee ke bhee rishtedaar rishta karavaane mein usaka kyon nahin dikhaate hain aur log mairij byooro ka sahaara kyon lete hain to phrends aajakal logon kee soch bilkul badal gaee hai log kisee ka rishta nahin karavaate hain sochate hain ki ham beech mein kyon pade ham kyon kisee ka rishta karavaen agar kisee kee ladakee theek se pesh nahin sasuraal mein ya kisee ka ladaka kisee kee ladakee ke saath theek se pesh na aaya to ham hee log bure banenge beech vaale bure ban jaate hain iseelie angrej log iseelie log rishta karavaane se hichakee chaahate hain to jab rishtedaar rishta nahin karavaate to log mairij byooro ka sahaara lete hain phir mairij byooro se hee jaakar apanee shaadee vivaah kee charchaen karate hain aur vaheen se rishta dekhate hain iseelie log ek doosare ke beech mein aajakal padhana nahin chaahate hain kyonki aajakal ladakiyon ka nechar bhee achchha nahin hota bahut saaree ladakiyaan na ghar ka kaam karana pasand karatee hain aur jhagadaaloo bhee hotee ja rahee hai vah bahut hota hai ladakiyon mein kisee kee baat nahin bardaasht karanee hai to koee kisee kee ladakee kee shaadee nahin karavaata hai ki ham hee phans jaenge beech mein aur ladake bhee aajakal bahut buree sangat apana rahe hain sharaab peete hain sigaret peete hain to log raashi ke ladake kabhee rishta isalie nahin karavaate ki kisee kee ladakee phas jaegee to log hamen hee bolenge dhanyavaad

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shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
1:31
हरिराम तो आज आप का सवाल नहीं है आजकल की पढ़ी-लिखी लड़की लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि सभी रिश्तेदार रिश्ता करवाने में सोता नहीं दिखा रहे मैरिज ब्यूरो का सहारा लेना पड़ रहा आपके परिवार में किसी का शादी करवाना हो या फिर अगर करना हो तो बीवी हो तो ऐसी क्या मेरा सपना है या फिर मैं अगर चाहती हूं कि मुझे ऐसे इंसान मिले तो आपके पास या फिर आपके रिश्तेदार को बोलकर आपको ऐसे रिश्ते नहीं मिल पा रही है क्या मैरिज ब्यूरो या फिर आप सोशल नेटवर्क पर जो भी साइट जो खोलना रहता है शादी vivah.com हो गया आपका जीवनसाथी डॉट कॉम म्यूजिक भी डालें जिससे कि हम कोई जॉब के लिए अप्लाई करते हैं हम अपने जो भी चीज हमारे स्केल जो भी है जो भी एक्सपीरियंस हम डाल दो उस हिसाब से मैं जॉब मिलता है तो चाहते हम जिस तरह के इंसान हैं हमारा व्यक्तित्व है जहां कम पढ़ी-लिखी जितना हम कमाते हैं उससे कोई रिश्तेदार नहीं मिल पाता या फिर आपको नहीं मिल पाता कुछ ना कुछ कम या या फिर कुछ ना कुछ रह जाता है जनाब आप तो नहीं है देख पा रहे नहीं कर पाते हैं अच्छी है कि अगर वह जाकर मैरिज ब्यूरो
Hariraam to aaj aap ka savaal nahin hai aajakal kee padhee-likhee ladakee ladakiyon ke rishte kyon nahin ho pa rahe hain kyonki sabhee rishtedaar rishta karavaane mein sota nahin dikha rahe mairij byooro ka sahaara lena pad raha aapake parivaar mein kisee ka shaadee karavaana ho ya phir agar karana ho to beevee ho to aisee kya mera sapana hai ya phir main agar chaahatee hoon ki mujhe aise insaan mile to aapake paas ya phir aapake rishtedaar ko bolakar aapako aise rishte nahin mil pa rahee hai kya mairij byooro ya phir aap soshal netavark par jo bhee sait jo kholana rahata hai shaadee vivah.chom ho gaya aapaka jeevanasaathee dot kom myoojik bhee daalen jisase ki ham koee job ke lie aplaee karate hain ham apane jo bhee cheej hamaare skel jo bhee hai jo bhee eksapeeriyans ham daal do us hisaab se main job milata hai to chaahate ham jis tarah ke insaan hain hamaara vyaktitv hai jahaan kam padhee-likhee jitana ham kamaate hain usase koee rishtedaar nahin mil paata ya phir aapako nahin mil paata kuchh na kuchh kam ya ya phir kuchh na kuchh rah jaata hai janaab aap to nahin hai dekh pa rahe nahin kar paate hain achchhee hai ki agar vah jaakar mairij byooro

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
4:41
आपका सवाल है आजकल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे किसी भी रिश्तेदार रिश्ता करवाने हो सकता क्यों नहीं दिखाई देते क्यों लोग डिपेंड हो गए हैं निर्भर हो गए हैं और मैरिज ब्यूरो के ऊपर तो बहुत सही आप का सवाल है क्योंकि के क्यों रिश्ता नहीं हो रहा है पहले उसको देखते हैं रिश्ते इसीलिए नहीं हो रहे हैं क्योंकि जो अपेक्षाएं हैं लड़के की और लड़की की वह बहुत ज्यादा हो गई है रिश्ता जो एक संवेदनशीलता होती है एक रिश्ते में जुड़ने के लिए जो प्रेम चाहिए जो एक तो अंडरस्टैंडिंग चाहिए भावुकता चाहिए वह नहीं रही है यह जो शादी है एक तरह की लेनदेन व्यापार खरीद-फरोख्त की चीज हो गई है कि आप कितना देंगे हम कितना देंगे यह चलो आपको ऐसा लगेगा कि कोई भेज नहीं दे रहा है लेकिन जब कोई चुनाव कर रहा है अपने साथ ही का तो वह एक लिस्ट लेकर घूम रहा है जैसे शॉपिंग की लिस्ट होती है इसमें मुझे अभी चाहिए वह भी चाहिए और उसको अपने हिसाब से हर चीज चाहिए और साथ ही पैरंट्स के अलग से डिमांड रहती है स्पेशली लड़की के ऊपर बहुत प्रेशर रहता है कि लड़की को जॉब भी करनी है लड़की को घर में संभालना है लड़की को खाना बनाना भी आना चाहिए साफ सफाई करनी चाहिए तो फुल पैकेज चाहिए ऐसी लड़कियों को भी ऐसा लड़का चाहिए जो हर साल जो है फोन घुमाने लेकर जाए जिस की तनख्वाह अच्छी हूं काम करें और उसको बिलकुल बदल ना करें या उसको जवाब भी ना करना पड़े काम भी ना करना पड़ेगी लड़की भी चाहती है तो आप देखेंगे कि विरोधाभास भी आ जाएगा दोनों जगह पर दोनों जगह पर जो है अपेक्षाएं बहुत ज्यादा है अत्यधिक है और रियल लाइफ में उस तरह से होती नहीं है चीज है अब बहुत बार बात बनती ही नहीं है क्योंकि आपकी शॉपिंग लिस्ट के हिसाब से वह बंदा फिट नहीं बैठ रहा है और बहुत बार आपने देखा होगा कि और शॉपिंग लिस्ट से बंदा फिट बैठ भी गया तो आगे चलकर फिर आप देखेंगे प्रेम नहीं है दोनों के अंदर तो रेस्ट चल पाता है इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं जो पहले बिचौलिए होते थे जो रिश्ता कराते थे रिश्ते पहले हो जाते थे बच्चे से पहले-पहले और पढ़ाई लिखाई करने में जॉब सेटल होने में 30 साल तक की उम्र हो जाती है या 28 या 30 तक पहुंच जाती है उम्र तब जाकर परिपक्वता आती है और ऐसा लगता है कि अब सेटल होना है तो ऐसे में फिर रिश्तेदार भी कन्नी काट लेते हैं कि हम बीच में इसमें नहीं पढ़े मसले में तो अच्छा है अपना भला बुरा सब खुद देकर क्योंकि डिवोर्स का रेट बढ़ रहा है जो भी रिश्ता नाकाम होता है तो फिर जो दोस्त है वह पेमेंट दिया जाता है जो जिसमें रिश्ता कराया तो खुद जानकारी लेना जांच पड़ताल करना और इसको जोखिम को उठाना यह सब नहीं और इसमें कोई किसी की गलती भी नहीं होती है क्योंकि आपने देखा होगा अखबार में इश्तहार देख कर कोई शादी करता है या वेबसाइट में कोई देख कर शादी करता है किसी का मैरिज ब्यूरो के द्वारा शादी करता है तो यह गारंटी कोई नहीं लेता है कि हमने इसकी तहकीकात की है तो शादी कैसे निकलेगी वह उन दोनों में कंप्लीट होगी या नहीं तो यह बहुत बड़ा क्वेश्चन मार्क रहता है इसमें कोई दो राय नहीं है इसी वजह से यह काफी डिफिकल्ट जो है समझा गया समझा जाता है और आसान तरीका क्या होता है कि आप पैसे दो अपना रजिस्ट्रेशन कराओ मुझे ऐड है क्या वह अपने आप गुण मिलान करेंगे वह अपने आप मिल आएंगे आपका बाकी के विचार एक्टर स्थिति क्या है पर्सनालिटी के और वह आपको एक अच्छा जो है वर्क फोन कर देंगे या वधू ढूंढ कर देंगे ऐसा हो गया है और जैसा मैंने कहा कि खरीद फरोख्त वाली बात है अब तो पंडित जी भी पूछते हैं मंदिर में जो बैठते हैं कि कितना लगाने के लिए आप तैयार है कितना पैसा आप लगाने के लिए तैयार है वह पूछेंगे फिर लड़की वाले भी पूछते हैं कि लड़की को क्या चलाएंगे या लड़का कितना कमाता है यह लड़के के आगे क्या प्लानिंग है कितनी प्रॉपर्टी है यह एक गिवेंटेक वाली बात हो गई तो रिश्ता कहा रहा है प्रेम कहां रहा है इसके अंदर समझ कहां रही तो पहले खुद ही घर में आपस में लोग मिलजुलकर डिसाइड कर लेते थे बात पता नहीं होता है तो पूरा देखिए आप सोशल साबिर चेंज हुआ है लोगों की डिमांड भी चेंज हुई है उनका लाइफ स्टाइल चेंज हुआ है अब लाइफ़स्टाइल को मेंटेन करने के लिए उनको इनकम चाहिए तो काम भी नहीं कोई करना चाहता है और उसको पूरा लाभ भी चाहिए तो आसान तरीका शादी लगती है लड़के को भी लड़की को तो यह वजह है कि जिस वजह से अब कोई बीच में पढ़ता नहीं है और लोग पैसा देकर अपना रिश्ता ढूंढते हैं
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Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:32
आपका बहुत हाथ का कहना सही है कि आजकल पढ़े-लिखे लड़के या लड़कियों के रिश्ते नहीं आ पा रहे हैं इसका मुख्य वजह है कि आज जिस प्रकार भारत में बेरोजगारी की संख्या बढ़ रही है तो कहीं ना कहीं सभी लोग चाहते हैं कि एक सेटलमेंट लड़का एक का अच्छा कमाने वाला लड़का मिले या लड़की में ज्यादा आंकड़े जो है लड़कों पर लागू होता है क्योंकि कोई भी लड़की वाला चाहता है कि उसकी लड़की जो है सुखमय जीवन व्यतीत करें वह लड़का जो आशा से कमाए और उनकी बेटी को अच्छे से रखें और इस स्थिति में देखा जाता है कि लड़की जो है युवा जो हैं नौकरी उनके पास नहीं होती है पढ़े लिखे तो जरूर होते हैं लेकिन वही है कि उनके पास एक नौकरी नहीं होती है जिसकी वजह से रिश्ते नहीं होते हैं और आजकल जो हमारा जो शादी का जोड़ा है वह काफी उपर जा रहा है पहले जो है अच्छे से लेकर 20 बरस के अंदर सभी की शादियां हो जाती थी लेकिन आज 30 प्लस सुपर जा रहा है तब शादी हो रही है तो कहीं ना कहीं कैरियर पर लेख काफी लोग चिंतित हैं कि जब वे उनकी कैरियर हो जाए अच्छी जॉब हो जाए तब शादी करें और अंततः जो काफी उम्र निकल जाती है तो उस समय जो है मैरिज ब्यूरो का सहारा लेना होता है तो कहीं ना कहीं समस्या हमारे समाज में आज व्याप्त है जिसके वजह से इस तरह की स्थितियां उत्पन्न हो रही है
Aapaka bahut haath ka kahana sahee hai ki aajakal padhe-likhe ladake ya ladakiyon ke rishte nahin aa pa rahe hain isaka mukhy vajah hai ki aaj jis prakaar bhaarat mein berojagaaree kee sankhya badh rahee hai to kaheen na kaheen sabhee log chaahate hain ki ek setalament ladaka ek ka achchha kamaane vaala ladaka mile ya ladakee mein jyaada aankade jo hai ladakon par laagoo hota hai kyonki koee bhee ladakee vaala chaahata hai ki usakee ladakee jo hai sukhamay jeevan vyateet karen vah ladaka jo aasha se kamae aur unakee betee ko achchhe se rakhen aur is sthiti mein dekha jaata hai ki ladakee jo hai yuva jo hain naukaree unake paas nahin hotee hai padhe likhe to jaroor hote hain lekin vahee hai ki unake paas ek naukaree nahin hotee hai jisakee vajah se rishte nahin hote hain aur aajakal jo hamaara jo shaadee ka joda hai vah kaaphee upar ja raha hai pahale jo hai achchhe se lekar 20 baras ke andar sabhee kee shaadiyaan ho jaatee thee lekin aaj 30 plas supar ja raha hai tab shaadee ho rahee hai to kaheen na kaheen kairiyar par lekh kaaphee log chintit hain ki jab ve unakee kairiyar ho jae achchhee job ho jae tab shaadee karen aur antatah jo kaaphee umr nikal jaatee hai to us samay jo hai mairij byooro ka sahaara lena hota hai to kaheen na kaheen samasya hamaare samaaj mein aaj vyaapt hai jisake vajah se is tarah kee sthitiyaan utpann ho rahee hai

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
5:11
दोस्तों प्रार्थना कि आजकल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे किसी के भी रिश्तेदार रिश्ता करवाने में उत्सुकता क्यों नहीं दिखाते क्यों लोग मैरिज ब्यूरो का सहारा दे रहे हैं हम तो दोस्त तो बहुत ही अच्छा प्रश्न है सोचने वाला प्रश्न है तो दोस्तों आजकल एक तो बहुत सारे चाहे दूल्हा हो जाए दुल्हन उसकी महत्वाकांक्षा में बढ़ गई हैं और सा परिवार वालों की भी महत्वाकांक्षा है बढ़ने लग जाती हैं और चाहे लड़का हो या लड़की हो अपने करियर के प्रति काफी जागरूक हो गया है उस चक्कर में वह अपनी जिंदगी को नौकरी में झोंक देता है या बाबा पार में झोंक देता है और विवाह जो है वह उसका रह जाता है बात है कि परिवार वाले उसके बाहर के उत्सुकता कौन दिखाते हैं कि पहले के लोग क्या होते थे कि चाचा ने बोल दिया ताऊ ने रिश्ता कर दिया तो बच्चे मान जाते थे आजकल बच्चे अपने माता-पिता की ही नहीं मानते हैं तो अगर कोई रिश्ता लाता है तो उसको नकार दिया जाता है तो रिश्तेदार को अच्छा नहीं लगता कई बार रिश्ता हो गया कुछ नहीं सो जाती है तो दिक्कत आती है इसलिए उत्सुकता नहीं हो पा रही है और आजकल शहरों में खासतौर से 1:30 32 साल 35 साल एक फैशन बनता जा रहा है जो कि यह गलत है शादी अपने समय पर ही हो जानी चाहिए अन्यथा उसके दुष्परिणाम भी बहुत देखे जा रहे हैं जैसे की तीव्र गति से आईवीएफ सेंटर बीटीएम टेस्ट ट्यूब बेबी कहते हैं और भी प्रकार के भिन्न-भिन्न अभी तो आने वाले हैं तरीके जोगी बहुत लोगों के बीच में नहीं है जिस पर उसको सेव करके रख लेते हैं लोग जो कई जगह से आधे बड़े-बड़े लोगों के यह हैं तो अगर कोई व्यक्ति 30 साल में शादी करता है तो उसका बच्चा भी 30 साल में शादी करता है तो 60 साल में उमर होगी उस व्यक्ति की चलो यहां तक तो सही है लेकिन ज्यादा देर से शादी करने में काफी दिक्कतें आती है साइकिल एक खराब हो जाता है चक्कर चल रहा है और एक जोश उमंग जो है वह भी खत्म हो चुका होता है और सबसे ज्यादा जो बाधक हैं शादी में उनके रिश्तेदार हैं साथ में शादी है जैसे कोई लड़का लड़की देखने जाता है तो करेगी या उसके साथ बहुत ज्यादा हितेषी लोग है क्या कि उसकी तो नाक की टेढ़ी है उसकी यह सही नहीं है उसका यह सही नहीं है ऐसी लड़की के तरफ से बोलेंगे तो शादी नहीं होने देते हैं पहले की इसीलिए होता था माता-पिता या बड़े बूढ़े शादी फिक्स कर जाते थे बिना लड़का लड़की देखे तो शादी तुरंत हो जाती तो सफल भी होती थी तो आजकल हम जो है बेचारा व्यक्ति लड़का हो या लड़की वह तो चोरी नहीं होता उसके मन में होता है यह मेरे लिए सही है लेकिन माता-पिता भाई-बहन भाभी कहती है वह तो इतने इतने नकारात्मक चीजें बता दी जाती हैं सकारात्मक को छोड़कर तो वह रिश्ता बन ही नहीं पाता है फिर उमर निकलती जाती है फिर एज गैप में लड़कियां मिलने लग जाती हैं कि बहुत सारी लड़कियों का ग्रामीण क्षेत्रों में तो सही समय पर शादी हो जाती है तो फिर बड़ा मुश्किल हो पाता है फिर वो कई बार ऐसा होता है कि लड़का को चॉइस करते करते लड़की डांस करते करते या तो उसको सुयोग्य वर जैसा ढूंढ ही थी उससे भी खराब मिलता है मैं बात उस चीज की नहीं कर रहा उसके स्वभाव में कट काठी में या व्यापार में या गैलरी जो पहले मिलती थी जो देख रही थी उससे भी खराब मिलता है और एक जब अलग होती है सो जाओ एक शादी का आनंद है जो परिवारों में हर्ष उमंग का है वह रास्ता जाता है अब खानापूर्ति ही शादी रह जाती है हां जी जीवनसंगिनी जीवनसाथी बनाना है तो मैरिज ब्यूरो के थ्रू देते और मैरिज ब्यूरो में भी काफी फ्रॉड हो जाता है और मैरिज ब्यूरो में भी जाकर वह लोग जाते हैं जोकि कई घाट घाट का पानी कई बार धोखा हो जाता है तो बहुत ही समस्या विकट होती जा रही है और आगे आने में समय में मैं भाई कोई कई ऐसे एक लाइन से उनके बच्चे हैं जो आप शादी कर ही नहीं रहे 40 की उम्र निकाल दिए जिंदगी का आधे से ज्यादा जिंदगी जी ली है इस तरह से तो मन हो जाता है और सारी सुविधाएं अपनी शारीरिक जरूरतें बाजार में उपलब्ध हैं उनको आराम आने लग जाता है हंसो आरआर पैसे की कोई दिक्कत नहीं होती है सैलरी हैं लड़कियों के 15 15 लाख 20 20 लाख का लड़कों का पैकेज लड़कियों का पैकेज है तो वह जीवन खुले पर में बिताना चाहते हैं और आजकल लिविंग रिलेशन जो आ गया है वह तो बहुत ही विचित्र चीजें आने लग गई हैं अब देखो हमारी भारतीय संस्कृति कैसे बच पाती है या उसमें काफी बदलाव देखने को मिलते हैं धन्यवाद
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itishree Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए itishree जी का जवाब
Unknown
1:42
आजकल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे किसी के भी रिश्तेदार लिखता करवाने में उससे ज्यादा क्यों नहीं दिखाते क्यों जाती हूं कि आजकल इतना हमें हमारा समाज आगे बढ़ गया है हम पढ़े-लिखे इतने ज्यादा करें तो आजकल हम मोबाइल से इंटरनेट का जो भी हो गया है तो हर दम हम सोशल मीडिया में एक्टिव रहते हैं किसी किसी को तो वह सोशल मीडिया से ही अपने रिश्ते को ढूंढ लेते हैं पर प्यार हो जाए फिर शादी के बाद वहीं से आगे लाइन शुरू हो जाते हैं तो हमारे उस जमाने में तो मध्य मस्ती हमारे लिए जो थे वह हमारे लिए रिश्ता लेकर घर में आते थे आजकल बोलो हो गया है लड़का हो या लड़की को खुद अपने लिए रिश्ता ढूंढ कर लाते हैं या खुद लव मैरिज करते हैं अरेंज मैरेज जैसे कम हो गए हैं जैसे सोशल मीडिया में जैसे हमारी वेबसाइट सब आ रहा है जैसे shaadi.com यह जैसे तो हम उससे सहारा लेकर हमारे मन पसंदीदा लड़का वहां से छू लेते हैं तब चुनने के वक्त हमको थोड़ा सावधानियां भी लेना चाहिए क्योंकि फोर्ड भी उस में होते हैं तो मस्ती से जो मैरिज होते थे वह कुछ सब कुछ हम देखते हैं उसका घर परिवार लड़का क्या करता है यह सब देखकर उनके मर्जी से होते हैं पर आज कल जब यह वेबसाइट सब निकल रहा है तो आजकल लड़का लड़की उनमें से ही अपने मनपसंद का लड़का चुन लेते हैं
Aajakal padhe-likhe ladake ladakiyon ke rishte kyon nahin ho pa rahe kisee ke bhee rishtedaar likhata karavaane mein usase jyaada kyon nahin dikhaate kyon jaatee hoon ki aajakal itana hamen hamaara samaaj aage badh gaya hai ham padhe-likhe itane jyaada karen to aajakal ham mobail se intaranet ka jo bhee ho gaya hai to har dam ham soshal meediya mein ektiv rahate hain kisee kisee ko to vah soshal meediya se hee apane rishte ko dhoondh lete hain par pyaar ho jae phir shaadee ke baad vaheen se aage lain shuroo ho jaate hain to hamaare us jamaane mein to madhy mastee hamaare lie jo the vah hamaare lie rishta lekar ghar mein aate the aajakal bolo ho gaya hai ladaka ho ya ladakee ko khud apane lie rishta dhoondh kar laate hain ya khud lav mairij karate hain arenj mairej jaise kam ho gae hain jaise soshal meediya mein jaise hamaaree vebasait sab aa raha hai jaise shaadi.chom yah jaise to ham usase sahaara lekar hamaare man pasandeeda ladaka vahaan se chhoo lete hain tab chunane ke vakt hamako thoda saavadhaaniyaan bhee lena chaahie kyonki phord bhee us mein hote hain to mastee se jo mairij hote the vah kuchh sab kuchh ham dekhate hain usaka ghar parivaar ladaka kya karata hai yah sab dekhakar unake marjee se hote hain par aaj kal jab yah vebasait sab nikal raha hai to aajakal ladaka ladakee unamen se hee apane manapasand ka ladaka chun lete hain

Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Shruti जी का जवाब
Student
1:06
सवाल यह है कि आजकल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे हैं किसी भी रिश्तेदार रिश्ता करवाने में उत्सुकता क्यों नहीं दिखाते क्यों लोगों को मैरिज ब्यूरो की सहायता लेनी पड़ती है तो जी बिल्कुल ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि पढ़े-लिखे लड़कियों के रिश्ते नहीं आते होते जबकि पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के तो रिश्ते और भी जल्दी मिलते हैं और भी अच्छे खानदान में मिलते हैं क्योंकि आजकल समय बदल रहा है और सभी चाहते हैं कि उनके लड़के या लड़की की शादी किसी अच्छे पढ़े-लिखे परिवार में ही हो हालांकि समय बदल रहा है और टेक्नोलॉजी भी बदल रही है तो ऐसे में लड़के लड़की रिश्तेदारों की मदद लेना सही पसंद सही नहीं समझते वह अपनी तरह से चुनाव करना चाहते हैं अपने जीवनसाथी का और मैरिज ब्यूरो ब्यूरो के साथ तो उनको कई ऑप्शंस मिल जाते हैं अपने जीवनसाथी को चुनने के लिए और भी बेहतर जीवन साथी चुन पाते हैं इसलिए आजकल के लोग मैरिज ब्यूरो का ज्यादा सहारा लेते हैं एक अच्छा पढ़ा लिखा रास्ता ढूंढने के लिए
Savaal yah hai ki aajakal padhe-likhe ladake ladakiyon ke rishte kyon nahin ho pa rahe hain kisee bhee rishtedaar rishta karavaane mein utsukata kyon nahin dikhaate kyon logon ko mairij byooro kee sahaayata lenee padatee hai to jee bilkul aisa bilkul bhee nahin hai ki padhe-likhe ladakiyon ke rishte nahin aate hote jabaki padhe-likhe ladake ladakiyon ke to rishte aur bhee jaldee milate hain aur bhee achchhe khaanadaan mein milate hain kyonki aajakal samay badal raha hai aur sabhee chaahate hain ki unake ladake ya ladakee kee shaadee kisee achchhe padhe-likhe parivaar mein hee ho haalaanki samay badal raha hai aur teknolojee bhee badal rahee hai to aise mein ladake ladakee rishtedaaron kee madad lena sahee pasand sahee nahin samajhate vah apanee tarah se chunaav karana chaahate hain apane jeevanasaathee ka aur mairij byooro byooro ke saath to unako kaee opshans mil jaate hain apane jeevanasaathee ko chunane ke lie aur bhee behatar jeevan saathee chun paate hain isalie aajakal ke log mairij byooro ka jyaada sahaara lete hain ek achchha padha likha raasta dhoondhane ke lie

Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
0:52
कल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे किसी के भी हकदार रिश्ता करवाने में उत्सुकता क्यों नहीं रखते हैं दोस्त इसके पीछे का कारण है कि आज कल का जो हमारे न्यू जनरेशन के लोग हैं इनमें कविता तो बदलाव देखा जा रहा है एक तो लड़के लड़कियों को देखने के लिए खो जाते हैं क्यों नहीं देते हैं और घर में बड़े बुजुर्गों से सलाह मशवरा इत्यादि नहीं किया जाता है इसी वजह से जो है करके जो रिश्तेदार इत्यादि होते हैं वह ज्यादा उत्सुकता नहीं दिखाती और उसका परिवार खानदान जो है वह सही है परंतु फिर भी परिवार के बुजुर्गों के हां करने के बावजूद भी जो छोटे होते हैं वह फिर भी मना कर देते हैं और कह देते हैं कि लड़की जो है वह सांवलिया सुंदर नहीं है इसी वजह से कोई रिश्तेदार नहीं दिखाते हैं
Kal padhe-likhe ladake ladakiyon ke rishte kyon nahin ho pa rahe kisee ke bhee hakadaar rishta karavaane mein utsukata kyon nahin rakhate hain dost isake peechhe ka kaaran hai ki aaj kal ka jo hamaare nyoo janareshan ke log hain inamen kavita to badalaav dekha ja raha hai ek to ladake ladakiyon ko dekhane ke lie kho jaate hain kyon nahin dete hain aur ghar mein bade bujurgon se salaah mashavara ityaadi nahin kiya jaata hai isee vajah se jo hai karake jo rishtedaar ityaadi hote hain vah jyaada utsukata nahin dikhaatee aur usaka parivaar khaanadaan jo hai vah sahee hai parantu phir bhee parivaar ke bujurgon ke haan karane ke baavajood bhee jo chhote hote hain vah phir bhee mana kar dete hain aur kah dete hain ki ladakee jo hai vah saanvaliya sundar nahin hai isee vajah se koee rishtedaar nahin dikhaate hain

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