#भारत की राजनीति

pushpanjali patel Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए pushpanjali जी का जवाब
Student with micro finance bank employee
1:29
ताकत वाले क्या कुछ लोग सरकार के डर की वजह से किसानों के समर्थन में चाहते हुए भी नहीं बोल पा रहे हैं कि हमारा भारत देश है यहां पर अपने विचार रख सकते हैं ऐसा नहीं है कि सरकार के समर्थन में उनके पक्ष में बोलेंगे तो सरकार को ऐसा है कि कुछ करेगी बहुत सारे लोग सरकार के समर्थन में है और खास करके एक आम नागरिक की बात की जाए तो वह तो आसानी से सरकार किसानों के प्रश्नों को आसानी से बात करते हैं आज बात की जाएगी करने की तो आप को डरने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन स्वतंत्र देश है आप के समर्थन में रहना है अगर आपको लगता है कि अगर आपको लगता है कि सरकार के फैसले उनके समर्थन करना जो भी यहां पर्यटक में खत्म कर बोला आपके बारे में बहुत सारी बातें होती है बहुत सारे सवाल भी पूछे जाते हैं तो सब लोग खुलकर जवाब देते हैं तो मुझे लगता है कि आम नागरिकों के समर्थन में आराम से बोल सकते हैं
<HTML><HEAD><meta http-equiv='c

और जवाब सुनें

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
0:30
आपको किसने क्या कुछ लोग सरकार केंद्र की वजह से किसानों के समर्थन में जाते हुए भी नहीं बोल पा रहे हैं तो आपको बता देंगे बिल्कुल सही बात है कुछ लोग या सरकार से नदी में तो कुछ किसानों से डरे हुए हैं जिस कारण को किसानों का खिलाफ नहीं बोल पा रहे हैं या फिर सरकार के खिलाफ नहीं बोल पा रहे हैं और एक स्वस्थ लोकतंत्र में इस तरह की निशानियां नहीं होनी चाहिए आपकी इस बारे में कम शिक्षण अपनी राय जरुर व्यक्त करें मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है धन्यवाद
Aapako kisane kya kuchh log sarakaar kendr kee vajah se kisaanon ke samarthan mein jaate hue bhee nahin bol pa rahe hain to aapako bata denge bilkul sahee baat hai kuchh log ya sarakaar se nadee mein to kuchh kisaanon se dare hue hain jis kaaran ko kisaanon ka khilaaph nahin bol pa rahe hain ya phir sarakaar ke khilaaph nahin bol pa rahe hain aur ek svasth lokatantr mein is tarah kee nishaaniyaan nahin honee chaahie aapakee is baare mein kam shikshan apanee raay jarur vyakt karen meree shubhakaamanaen aapake saath hai dhanyavaad

vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए vijay जी का जवाब
Social worker in india
1:25
मंगला जी आप का सवाल है क्या कुछ लोग सरकार के डर की वजह से किसानों के समर्थन में जाते हुए भी नहीं बोल पा रहे हैं तो साथियों आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार से है हमारे देश में कुछ ऐसा ही चल रहा है जो अपने हक के लिए आवाज को उठाना चाहते हैं तो उन पर कई प्रकार के फिल्म लगाकर उनकी आवाज को दबाने का कार्य होता है क्योंकि हमारे देश में जो अपने हक के लिए और आंदोलन करते हैं उसी को कई नामों से संबोधित करने लग गए हैं जो कोई तो आंदोलन जी बोल रहा है कोई आतंकवादी बोल रहा है कोई अलग अलग प्रकार से संबोधित करने लगे हैं हमारे देश में आंदोलन लोग करता है अपने हक के लिए उनको और परेशान करना और उनकी इज्जत इज्जत की धज्जियां उड़ाना यह सब हो रहा है इसकी वजह से हमारे देश में जो भी आंदोलन कर रहे हैं उनके समर्थन में खड़े नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि उनको कैसे भी करके ब्लैकमेल करके और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश करते हैं और कई प्रकार के प्रेमलता करें उन पर एफ आई आर दर्ज करवा देते हैं इसलिए किसानों के समर्थन में भी लोग नहीं आ कर खड़े होते हैं धन्यवाद साथियों खुश रहो
Mangala jee aap ka savaal hai kya kuchh log sarakaar ke dar kee vajah se kisaanon ke samarthan mein jaate hue bhee nahin bol pa rahe hain to saathiyon aapake savaal ka uttar is prakaar se hai hamaare desh mein kuchh aisa hee chal raha hai jo apane hak ke lie aavaaj ko uthaana chaahate hain to un par kaee prakaar ke philm lagaakar unakee aavaaj ko dabaane ka kaary hota hai kyonki hamaare desh mein jo apane hak ke lie aur aandolan karate hain usee ko kaee naamon se sambodhit karane lag gae hain jo koee to aandolan jee bol raha hai koee aatankavaadee bol raha hai koee alag alag prakaar se sambodhit karane lage hain hamaare desh mein aandolan log karata hai apane hak ke lie unako aur pareshaan karana aur unakee ijjat ijjat kee dhajjiyaan udaana yah sab ho raha hai isakee vajah se hamaare desh mein jo bhee aandolan kar rahe hain unake samarthan mein khade nahin ho pa rahe hain kyonki unako kaise bhee karake blaikamel karake aur unakee aavaaj ko dabaane kee koshish karate hain aur kaee prakaar ke premalata karen un par eph aaee aar darj karava dete hain isalie kisaanon ke samarthan mein bhee log nahin aa kar khade hote hain dhanyavaad saathiyon khush raho

Amit Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Amit जी का जवाब
Student 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 mission Indian Army🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
1:02
नमस्कार दोस्तों कैसे हैं क्या कुछ लोग सरकार की डर की वजह से किसानों के समर्थन में चाहते हुए भी नहीं बोल पा रहे थे कि मुझे तो सब कुछ नहीं लगता है कि मतलब जो अपना हम लोग जो लोग अपना सुझाव देना चाहती हूं अपने मतलब गांव दे रहे हैं जो मुझे सरकार के पक्ष में बोलना चाहते हो सरकार के पक्ष में सुझाव देने और जो किसानों के पक्ष में बोलना चाहते हो किसानों के पक्ष में सुझाव देने और रही बात किसी के डर से आपका कि मैं मतलब आप झूठ बोल देंगे किसी के दबाव में आकर मतलब आप से कोई दबाव बनाना है कि आप को सच नहीं बोलना झूठ बोलना तो चलिए आप बोल देंगे झूठ लेकिन पूरी दुनिया पर आप मतलब दबाव नहीं डाल सकते कि मुझे पूरी दुनिया में झूठी बोलेगी जो सच्चाई है सच्चाई से सभी वाकिफ हैं सच्चाई तो सच्चाई है वही बोलेंगे तो मैं यही समझता हूं कि मतलब ऐसा कुछ नहीं कि मुझे सरकार की डर की वजह से मतलब आप सरकार की खीर मतलब डर की वजह से मतलब ही नहीं समाज किसानों के समर्थन में बोल पाए तो सभी लोग एक जैसे नहीं हम लोग बहुत से ऐसे लोग हैं जो किसानों के समर्थन में उम्मीद करता हूं कॉल का जवाब अच्छा लगा होगा धन्यवाद
Namaskaar doston kaise hain kya kuchh log sarakaar kee dar kee vajah se kisaanon ke samarthan mein chaahate hue bhee nahin bol pa rahe the ki mujhe to sab kuchh nahin lagata hai ki matalab jo apana ham log jo log apana sujhaav dena chaahatee hoon apane matalab gaanv de rahe hain jo mujhe sarakaar ke paksh mein bolana chaahate ho sarakaar ke paksh mein sujhaav dene aur jo kisaanon ke paksh mein bolana chaahate ho kisaanon ke paksh mein sujhaav dene aur rahee baat kisee ke dar se aapaka ki main matalab aap jhooth bol denge kisee ke dabaav mein aakar matalab aap se koee dabaav banaana hai ki aap ko sach nahin bolana jhooth bolana to chalie aap bol denge jhooth lekin pooree duniya par aap matalab dabaav nahin daal sakate ki mujhe pooree duniya mein jhoothee bolegee jo sachchaee hai sachchaee se sabhee vaakiph hain sachchaee to sachchaee hai vahee bolenge to main yahee samajhata hoon ki matalab aisa kuchh nahin ki mujhe sarakaar kee dar kee vajah se matalab aap sarakaar kee kheer matalab dar kee vajah se matalab hee nahin samaaj kisaanon ke samarthan mein bol pae to sabhee log ek jaise nahin ham log bahut se aise log hain jo kisaanon ke samarthan mein ummeed karata hoon kol ka javaab achchha laga hoga dhanyavaad

Rajesh Kumar swami Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rajesh जी का जवाब
Student
1:25
जी कुछ लोग सरकार की डर की वजह से किसानों के समर्थन में चाहते हुए भी नहीं बोल पा रहे हैं जी यह गलत है आपका इसका मैं आपको बताता हूं सर ऐसा कैसे होगा इसका कहने का मतलब यह है कि कुछ लोग सरकार के देखो जैसे कि संभवत नहीं चाहते नहीं यह गलत है क्योंकि कुछ किसान है जो समर्थन इसलिए कह नहीं पा रहे हैं कि यह बीजेपी की कांग्रेस के अनिल उपाध्याय ने राजनीतिक पार्टी बना रखी है तो पार्टी के दर्शनीय जा रहे हैं कि अगर हम पार्टी से गए तुमको सिर्फ आठ से मतलब कि अगर पार्टी से गए उधर पाठ के लिए तो फिर बीजेपी डाउन हो जाएगी अगर बीजेपी वाले कहां से लेकर कांग्रेसी ऊपर आ जाएगी बीजेपी डाउन हो जाएगी ऐसी अपनी पार्टी बना रखी है पार्टी के साथ नहीं जा रहे कि हमारे क्या है किसानों को कुछ पता नहीं किसानों के बारे में उसने अपने पार्टी से मतलब होते हैं वह किसान चाहे कुछ करिए मेरे से कुछ करो हम कोई मतलब नहीं है जो अपने पार्टी पार्टी से मतलब रखते हैं कि हमारी पार्टी हमारी पार्टी डूब गई अब नीचे आ गई तो हम आ गए कुछ कमा नहीं पाएंगे ऐसे बहुत सारे ऐसे भावनाएं होती है सभी के अंदर तो इसलिए कुछ लोग सरकार के डर की वजह से मत देखे थे पार्टी की तरफ से पार्टी का मतलब होता है वह किसानों से सरकार से कोई मिलेगा पार्टी से मतलब होता है हमारी पार्टी के लोग नहीं जा रहे हैं हमारे पार्टी के लोग बात हमने मानें तो आगे हमारे दर दिक्कत हो जाएगी इसलिए वैसा जाते नहीं है इसके समर्थन नहीं करते बिल्कुल
Jee kuchh log sarakaar kee dar kee vajah se kisaanon ke samarthan mein chaahate hue bhee nahin bol pa rahe hain jee yah galat hai aapaka isaka main aapako bataata hoon sar aisa kaise hoga isaka kahane ka matalab yah hai ki kuchh log sarakaar ke dekho jaise ki sambhavat nahin chaahate nahin yah galat hai kyonki kuchh kisaan hai jo samarthan isalie kah nahin pa rahe hain ki yah beejepee kee kaangres ke anil upaadhyaay ne raajaneetik paartee bana rakhee hai to paartee ke darshaneey ja rahe hain ki agar ham paartee se gae tumako sirph aath se matalab ki agar paartee se gae udhar paath ke lie to phir beejepee daun ho jaegee agar beejepee vaale kahaan se lekar kaangresee oopar aa jaegee beejepee daun ho jaegee aisee apanee paartee bana rakhee hai paartee ke saath nahin ja rahe ki hamaare kya hai kisaanon ko kuchh pata nahin kisaanon ke baare mein usane apane paartee se matalab hote hain vah kisaan chaahe kuchh karie mere se kuchh karo ham koee matalab nahin hai jo apane paartee paartee se matalab rakhate hain ki hamaaree paartee hamaaree paartee doob gaee ab neeche aa gaee to ham aa gae kuchh kama nahin paenge aise bahut saare aise bhaavanaen hotee hai sabhee ke andar to isalie kuchh log sarakaar ke dar kee vajah se mat dekhe the paartee kee taraph se paartee ka matalab hota hai vah kisaanon se sarakaar se koee milega paartee se matalab hota hai hamaaree paartee ke log nahin ja rahe hain hamaare paartee ke log baat hamane maanen to aage hamaare dar dikkat ho jaegee isalie vaisa jaate nahin hai isake samarthan nahin karate bilkul

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:29
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न किया कुछ लोग सरकार की डर की वजह से किसानों के समर्थन में चाहते हुए भी नहीं बोल पा रहे तो फ्रेंड से ऐसा हो सकता है कि बहुत सारे लोग सरकार से भी डरते हैं लेकिन हर आदमी को अपनी बात कहने का अधिकार होता है वह अपनी बात रख सकते हैं किसान के पक्ष में 55 में रख सकते हैं उसे सरकार से डरने की कोई बात नहीं है भाई अपने मन की बात सब कोई रख सकता है पर बहुत सारे लोग डरते होंगे शायद इसलिए भी नहीं रखना चाहते हैं अपनी बात धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn kiya kuchh log sarakaar kee dar kee vajah se kisaanon ke samarthan mein chaahate hue bhee nahin bol pa rahe to phrend se aisa ho sakata hai ki bahut saare log sarakaar se bhee darate hain lekin har aadamee ko apanee baat kahane ka adhikaar hota hai vah apanee baat rakh sakate hain kisaan ke paksh mein 55 mein rakh sakate hain use sarakaar se darane kee koee baat nahin hai bhaee apane man kee baat sab koee rakh sakata hai par bahut saare log darate honge shaayad isalie bhee nahin rakhana chaahate hain apanee baat dhanyavaad

अन्य लोकप्रिय सवाल जवाब

  • किसानों का समर्थन मूल्य. .सच में किसानो से डर गयी हे सराकर
URL copied to clipboard