#भारत की राजनीति

KAUSHAL KUMAR SINGH Bolkar App
Top Speaker,Level 77
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Gmind institute
1:37
देखिए किसानों को अपनी मांग और अपने जो भी समस्याएं हैं उनको रखने का सरकार पर अधिकार है और बिल्कुल प्रदर्शन करना ये उनका मौलिक अधिकार है अब पिछले 2 से ढाई महीने से जो प्रदर्शन हुए हैं वह निश्चित तौर पर काफी कुछ हद तक सही रहे हैं लेकिन 26 जनवरी की अगर आप घटना को देखें तो जिस तरह से प्रदर्शन के नाम पर जिस तरह से आंदोलन हुआ है उग्र हुआ है और तोड़फोड़ हुई है आगजनी हुई है हिंसा हुई है और जिसमें से कि 400 पुलिसवाले घायल भी हो चुके हैं तू ही बहुत ही सही नहीं है क्योंकि इससे लगता है कहीं ना कहीं आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया है तो इसमें तमाम ऐसे संगठन भी है जो देश विरोधी ताकतों को बल दे रहे हैं और ऐसी स्थिति में जब सरकार ने को पूछा ही जा रहा था कि वह आपकी सरकारी आपकी पुलिस क्या कर रही थी जब यह लोग का उस समय तोड़फोड़ कर रहे थे ऐसा कर रहे थे तो अब उसके जवाब में जब सरकार ने घेराबंदी शुरू कर दी है बॉर्डर पर तारे लगाना उन्होंने शुरू कर दिया तो अब लोग वहीं विपक्ष वाले यह पूछने की भी आप ऐसा क्यों कर रहे हैं तो यह दोनों चीजें हैं सरकार को दोनों चीजें देखनी है कि भाई जो आंदोलन है लगातार 17 से 18 रावण की बातचीत भी सरकार की हो चुकी है किसानों से लेकिन फिर भी मुद्दे नहीं सुलझ रहे हैं तो किसानों को चाहिए कि वह शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जो भी मांगो सरकार में रखें और सरकार को भी इस पर अमल करना चाहिए
Dekhie kisaanon ko apanee maang aur apane jo bhee samasyaen hain unako rakhane ka sarakaar par adhikaar hai aur bilkul pradarshan karana ye unaka maulik adhikaar hai ab pichhale 2 se dhaee maheene se jo pradarshan hue hain vah nishchit taur par kaaphee kuchh had tak sahee rahe hain lekin 26 janavaree kee agar aap ghatana ko dekhen to jis tarah se pradarshan ke naam par jis tarah se aandolan hua hai ugr hua hai aur todaphod huee hai aagajanee huee hai hinsa huee hai aur jisamen se ki 400 pulisavaale ghaayal bhee ho chuke hain too hee bahut hee sahee nahin hai kyonki isase lagata hai kaheen na kaheen aandolan ko haeejaik kar liya gaya hai to isamen tamaam aise sangathan bhee hai jo desh virodhee taakaton ko bal de rahe hain aur aisee sthiti mein jab sarakaar ne ko poochha hee ja raha tha ki vah aapakee sarakaaree aapakee pulis kya kar rahee thee jab yah log ka us samay todaphod kar rahe the aisa kar rahe the to ab usake javaab mein jab sarakaar ne gheraabandee shuroo kar dee hai bordar par taare lagaana unhonne shuroo kar diya to ab log vaheen vipaksh vaale yah poochhane kee bhee aap aisa kyon kar rahe hain to yah donon cheejen hain sarakaar ko donon cheejen dekhanee hai ki bhaee jo aandolan hai lagaataar 17 se 18 raavan kee baatacheet bhee sarakaar kee ho chukee hai kisaanon se lekin phir bhee mudde nahin sulajh rahe hain to kisaanon ko chaahie ki vah shaantipoorn dhang se apanee jo bhee maango sarakaar mein rakhen aur sarakaar ko bhee is par amal karana chaahie

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Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
1:50
सवाल है कि किसान आंदोलन को रोकने के लिए जो बॉर्डर पर प्रतिबंधित तार की लिया गड्ढे खोद के बहुत सारे ऐसे चीज अपनाए गए एक सही तरीका नहीं हो सकता है और उसे हम आंदोलन को रोक नहीं सकते कहीं कहीं कहीं ना कहीं हम उसे और पुरुष शाहीन दे रहे हैं कि जब हम किसी को ज्यादा परेशान करते हैं ना तो उसके अंदर जो एलर्जी होती है जो पावर होती एक्स्ट्राऑर्डिनरी बाबू कहीं ना कहीं एक का रूप लेते हैं और यही कारण है कि किसान आंदोलन रूपी इस तरीके से जो बॉर्डर पर प्रतिबंधित लगाया गया घर किसान आंदोलन से जाके और खुद मोदी जी के पास समय नहीं मिल रहा है मैं कैसे कहूं क्योंकि देखिए हर एक काम करने के लिए समय मिला है इन्हें कहीं ना कहीं जाने के लिए देश में घूमने के लिए समय मिल रहा है लेकिन किसान से बात करने का समय नहीं मिल रहा है इस सबसे बड़ी बात है कि हमारा भारत देश जो है किसान प्रधान देश है और किसान प्रधान देश में इस तरह की व्यवस्था हो रही है जो आज लगभग 75 दिन हो गए होंगे और उसमें स्थितियां बनी हुई है कि अभी तक किसान की बातें नहीं सुनी जा रही है केवल जबरदस्ती कानून की बातें हो रही है कानून के फायदे गिनाए जा रहे हैं कानून की विशेषता बताई जा रही है कानून की हर एक को परिभाषा दी जा रही है लेकिन कानूनी नहीं देखा जा रहा है कि हां कृषि आंदोलन जो हो रहा है वह किस वजह से हो रहा है क्या यह सही है कि नहीं है इसे हम क्यों जबरदस्ती लागू करने जब हम अपनी जनता का प्रतिनिधित्व है तो जनता ही खुश नहीं रहेगी तो हम इसे जबरदस्ती लागू करके क्या कर सकते हैं तो कहीं न कहीं सरकार की कुछ अलग मानसिकता है अलग विचार है वह कुछ अलग किसानों पर इस आम जनता को कुछ अलग तरीके से पूछना चाहती है इसी वजह से जो प्रतिबंधित बैरियर लगाए जा रहे हैं इसका सबसे अच्छा उदाहरण है
Savaal hai ki kisaan aandolan ko rokane ke lie jo bordar par pratibandhit taar kee liya gaddhe khod ke bahut saare aise cheej apanae gae ek sahee tareeka nahin ho sakata hai aur use ham aandolan ko rok nahin sakate kaheen kaheen kaheen na kaheen ham use aur purush shaaheen de rahe hain ki jab ham kisee ko jyaada pareshaan karate hain na to usake andar jo elarjee hotee hai jo paavar hotee ekstraordinaree baaboo kaheen na kaheen ek ka roop lete hain aur yahee kaaran hai ki kisaan aandolan roopee is tareeke se jo bordar par pratibandhit lagaaya gaya ghar kisaan aandolan se jaake aur khud modee jee ke paas samay nahin mil raha hai main kaise kahoon kyonki dekhie har ek kaam karane ke lie samay mila hai inhen kaheen na kaheen jaane ke lie desh mein ghoomane ke lie samay mil raha hai lekin kisaan se baat karane ka samay nahin mil raha hai is sabase badee baat hai ki hamaara bhaarat desh jo hai kisaan pradhaan desh hai aur kisaan pradhaan desh mein is tarah kee vyavastha ho rahee hai jo aaj lagabhag 75 din ho gae honge aur usamen sthitiyaan banee huee hai ki abhee tak kisaan kee baaten nahin sunee ja rahee hai keval jabaradastee kaanoon kee baaten ho rahee hai kaanoon ke phaayade ginae ja rahe hain kaanoon kee visheshata bataee ja rahee hai kaanoon kee har ek ko paribhaasha dee ja rahee hai lekin kaanoonee nahin dekha ja raha hai ki haan krshi aandolan jo ho raha hai vah kis vajah se ho raha hai kya yah sahee hai ki nahin hai ise ham kyon jabaradastee laagoo karane jab ham apanee janata ka pratinidhitv hai to janata hee khush nahin rahegee to ham ise jabaradastee laagoo karake kya kar sakate hain to kaheen na kaheen sarakaar kee kuchh alag maanasikata hai alag vichaar hai vah kuchh alag kisaanon par is aam janata ko kuchh alag tareeke se poochhana chaahatee hai isee vajah se jo pratibandhit bairiyar lagae ja rahe hain isaka sabase achchha udaaharan hai

vijay singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Social worker in india
1:28
वनाम्बादी आपका सवाल है किसान आंदोलन को रोकने के लिए बॉर्डर पर जो प्रतिबंधित आर्मी और तिल का प्रयोग किया गया क्या वह सही तरीका है तो साथ आपके सवाल का उत्तर इस प्रकार है हमारे देश के अन्नदाता ओं को कुचलने का एक षड्यंत्र है जिसकी वजह से हमारे देश में कुछ लोग हमारे अन्नदाता को परेशान करने का एक जरिया बना लिया है जो प्रतिबंधित तार और किलो का प्रयोग किया गया तो हमारे देश के अन्नदाता ओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया तो किसी पशु के साथ भी किसी जानवर के साथ भी नहीं कर सकते हैं एक मानवता को शर्मसार करने का एक जरिया बन गया था जो हमारे किसान आंदोलन अपने हक की लड़ाई को लड़ने के लिए आंदोलन कर रहे हैं की मांग लाई थी वह अपने पेट के लिए एमएसपी की गारंटी के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो उस आंदोलन का सभी को साथ देना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर अन्नदाता अगर हमारा सभी का पेट भरने का कार्य करते हैं तो हमें भी उनका साथ देना और उनका सम्मान करना हमारे सभी का धर्म होता है धन्यवाद साथियों खुश रहो
Vanaambaadee aapaka savaal hai kisaan aandolan ko rokane ke lie bordar par jo pratibandhit aarmee aur til ka prayog kiya gaya kya vah sahee tareeka hai to saath aapake savaal ka uttar is prakaar hai hamaare desh ke annadaata on ko kuchalane ka ek shadyantr hai jisakee vajah se hamaare desh mein kuchh log hamaare annadaata ko pareshaan karane ka ek jariya bana liya hai jo pratibandhit taar aur kilo ka prayog kiya gaya to hamaare desh ke annadaata on ke saath aisa vyavahaar kiya gaya to kisee pashu ke saath bhee kisee jaanavar ke saath bhee nahin kar sakate hain ek maanavata ko sharmasaar karane ka ek jariya ban gaya tha jo hamaare kisaan aandolan apane hak kee ladaee ko ladane ke lie aandolan kar rahe hain kee maang laee thee vah apane pet ke lie emesapee kee gaarantee ke lie aandolan kar rahe hain to us aandolan ka sabhee ko saath dena bahut jarooree hai kyonki agar annadaata agar hamaara sabhee ka pet bharane ka kaary karate hain to hamen bhee unaka saath dena aur unaka sammaan karana hamaare sabhee ka dharm hota hai dhanyavaad saathiyon khush raho

TechVR ( Vikas RanA) Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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IT Professional
2:41
नमस्कार दोस्तों ने पूछा किसान आंदोलन को रोकने के लिए बॉर्डर पर प्रतिबंध तार और कील का प्रयोग किया गया क्या वह सही तरीके आंदोलनों को देखिए इस बात को समझना पड़ेगा कि जो आंदोलनकारी एयरप्लेन मोड ऑन है मुझे तो नहीं लगता कि वह ऐसा ना हो सकता बीच में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनको लाया गया जैसा कि आप सुन रहे हैं तुम को पैसे दिए जा रहे हैं अब गरीब इंसान क्या करेगा पैसे कमाने के लिए उनके साथ उनको क्या पता कि यह चीजें क्या कर रहे हैं इसके पीछे किसका हाथ है आप जैसा कि आप देख रहे हैं कि इसमें कितने लोगों के लिंग जुड़े हुए हैं तो खाली स्थान रूप से पाकिस्तान है बाकी देश के कुछ आया अपने देश के कुछ मुझे जरूर बताएं जो कि यह भूल गए कि नेता को भारतीय जनता पार्टी को हटाने के पीछे अपने देश के लिए टुकड़े करने में पूरी सहायता कर रहे हैं उनका और दूसरी बात अगर हम मेन मुद्दे पर आए जो प्रतिबंध तार और चीज का प्रयोग तो क्यों नहीं करना चाहिए किसी चीज को रोकने के लिए क्या आपने 26 जनवरी को उन्होंने क्या क्या आप चाहते हैं कि वही लोग दोबारा हमारे घरों में घुस जाए हमारे देश की जो टैक्स पर राम की कमाई से जो टैक्स करता है उनकी उम्र से बनी चीजों को तोड़े जाते हैं कि देश में दंगे अशांत अशांति पहले तुम को रोकने के लिए सरकार को जितने संभव प्रयास करना है वह करेगी क्योंकि वह नहीं चाहते कि हम जैसे लोग जो आम जनता है उनको को नुकसान पहुंचे उनकी आदि ने चारों को दिक्कत हो क्योंकि जब यह चीज भेजो कि दिल्ली में धंधा रही है जिसे पढ़कर भी इन सब चीजों पर होंगी तो नुकसान किस का नुकसान आम जनता का परेशान किसी आम जनता क्या चाहते पहली हमारा देश पूरे लगभग लगभग अगर बात करो 9 से 10 महीने और लॉकडाउन में रहा है तो आपने देखा कि किस तरह के पहले भी एक दिल्ली में दंगा करता था कितने लोग मारे गए थे कौन मारेगा आम जनता मारी गई तो वही चीज है अगर इनको नहीं रोका गया तो फिर बहुत देर हो जाएगी और कोई भी सरकार यह नहीं चाहेगी कि आम जनता को तत्व और मारकाट हो प्रॉपर्टी जले सार्वजनिक प्रॉपर्टी जिले के गवर्नमेंट प्रॉपर्टी जिले नुकसान उसका किसका है हम हम सभी का है तो जो प्रतिबंध मन किया गया बिल्कुल सही तरीका है क्योंकि नरम तरीके से उनको समझा कर देख चुके हैं वह नहीं मानते हैं उन्होंने जो बात बोली उस सेट किए उन्होंने 26 जनवरी को जो किया उससे आप भली-भांति परिचित है तो यही मैंने आक्रमण किया तो उसके पीछे बहुत ही अच्छा एक इंस्टिट्यूट है उनको रोकने के लिए क्योंकि धन गांव वालों से दंगों की भाषा में बात करना उचित रहेगा आशा करता हूं आपका आपके सवाल का जवाब मिल गया लाइक और सब्सक्राइब करें
Namaskaar doston ne poochha kisaan aandolan ko rokane ke lie bordar par pratibandh taar aur keel ka prayog kiya gaya kya vah sahee tareeke aandolanon ko dekhie is baat ko samajhana padega ki jo aandolanakaaree eyaraplen mod on hai mujhe to nahin lagata ki vah aisa na ho sakata beech mein kuchh aise log bhee hain jinako laaya gaya jaisa ki aap sun rahe hain tum ko paise die ja rahe hain ab gareeb insaan kya karega paise kamaane ke lie unake saath unako kya pata ki yah cheejen kya kar rahe hain isake peechhe kisaka haath hai aap jaisa ki aap dekh rahe hain ki isamen kitane logon ke ling jude hue hain to khaalee sthaan roop se paakistaan hai baakee desh ke kuchh aaya apane desh ke kuchh mujhe jaroor bataen jo ki yah bhool gae ki neta ko bhaarateey janata paartee ko hataane ke peechhe apane desh ke lie tukade karane mein pooree sahaayata kar rahe hain unaka aur doosaree baat agar ham men mudde par aae jo pratibandh taar aur cheej ka prayog to kyon nahin karana chaahie kisee cheej ko rokane ke lie kya aapane 26 janavaree ko unhonne kya kya aap chaahate hain ki vahee log dobaara hamaare gharon mein ghus jae hamaare desh kee jo taiks par raam kee kamaee se jo taiks karata hai unakee umr se banee cheejon ko tode jaate hain ki desh mein dange ashaant ashaanti pahale tum ko rokane ke lie sarakaar ko jitane sambhav prayaas karana hai vah karegee kyonki vah nahin chaahate ki ham jaise log jo aam janata hai unako ko nukasaan pahunche unakee aadi ne chaaron ko dikkat ho kyonki jab yah cheej bhejo ki dillee mein dhandha rahee hai jise padhakar bhee in sab cheejon par hongee to nukasaan kis ka nukasaan aam janata ka pareshaan kisee aam janata kya chaahate pahalee hamaara desh poore lagabhag lagabhag agar baat karo 9 se 10 maheene aur lokadaun mein raha hai to aapane dekha ki kis tarah ke pahale bhee ek dillee mein danga karata tha kitane log maare gae the kaun maarega aam janata maaree gaee to vahee cheej hai agar inako nahin roka gaya to phir bahut der ho jaegee aur koee bhee sarakaar yah nahin chaahegee ki aam janata ko tatv aur maarakaat ho propartee jale saarvajanik propartee jile ke gavarnament propartee jile nukasaan usaka kisaka hai ham ham sabhee ka hai to jo pratibandh man kiya gaya bilkul sahee tareeka hai kyonki naram tareeke se unako samajha kar dekh chuke hain vah nahin maanate hain unhonne jo baat bolee us set kie unhonne 26 janavaree ko jo kiya usase aap bhalee-bhaanti parichit hai to yahee mainne aakraman kiya to usake peechhe bahut hee achchha ek instityoot hai unako rokane ke lie kyonki dhan gaanv vaalon se dangon kee bhaasha mein baat karana uchit rahega aasha karata hoon aapaka aapake savaal ka javaab mil gaya laik aur sabsakraib karen

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
1:01
जी आप का सवाल है कि किसानों ने जल को रोकने के लिए बॉर्डर पर जो प्रतिबंध लगाए तारों के लिए प्रयोग किया गया है क्या वैसे ही तरीका है तू किसानों का अपना अधिकार है लोकतंत्र में सबको अधिकार है अपनी मांग रखने का और किसानों ने भी अपनी मांग रखी है तो अगर बात की जाए तो किसानों की अगर कुछ दिन पहले किसान बोल रहे थे जब लाल किले पर किसान झंडे फहराए दो तो सरकार या पुलिस क्या कर रही थी तो अब सरकार ने अभी तक जाम करने के लिए केले और तारे भी छाए रही है जो किसानों ने दल के नाम पर देश में हिंसा फैला रहे हैं इसको रोका जाए इसलिए सरकार तार या किले लगाकर इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं
Jee aap ka savaal hai ki kisaanon ne jal ko rokane ke lie bordar par jo pratibandh lagae taaron ke lie prayog kiya gaya hai kya vaise hee tareeka hai too kisaanon ka apana adhikaar hai lokatantr mein sabako adhikaar hai apanee maang rakhane ka aur kisaanon ne bhee apanee maang rakhee hai to agar baat kee jae to kisaanon kee agar kuchh din pahale kisaan bol rahe the jab laal kile par kisaan jhande phaharae do to sarakaar ya pulis kya kar rahee thee to ab sarakaar ne abhee tak jaam karane ke lie kele aur taare bhee chhae rahee hai jo kisaanon ne dal ke naam par desh mein hinsa phaila rahe hain isako roka jae isalie sarakaar taar ya kile lagaakar ise rokane ka prayaas kar rahe hain

Rohit Soni Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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Journalism
1:29
किसान आंदोलन को रोकने के लिए बॉर्डर पर जो प्रतिबंधित तार और किन का प्रयोग किया गया है वैसे ही तरीका है या नहीं दिखे दोस्तों मैं आपको पहले बता दूंगा जनरलिस्ट में जलपरी पर संजीव को देखता हूं यहां पर मैं किसी भी पार्टी के सपोर्ट में नहीं बोला ऐसा जनरेशन अपना के पॉइंट में आप यहां पर रख रहा हूं और आपको बता रहा हूं कि वह तरीका बिल्कुल गलत है आप वहां पर तार लगाकर फेंसिंग आ गए क्या साबित करना चाहो कि वह बॉर्डर पाकिस्तान वर्सेस हिंदुस्तान नहीं वह किसान हैं और वह जो देश के लोकतंत्र का एक हिस्सा है उनको अपनी और खाने का पूरा हक है आप ऐसे किसी चीजों पर कार्य पाबंदी नहीं लगा सकते हालांकि कुछ ना पर भोसड़ी होगा पॉलिटिक्स भी देखी गई है लेकिन हिंदुस्तान में जहां भी आंदोलन हुए हैं वहां पर हर जगह पॉलिटिक्स दिख गई चाय दिल्ली के साइन बाग ले लो दिल्ली के जेएनयू में जो आंदोलन में छात्रवृत्ति वहां के लोग दिल्ली में हर जगह प्रोटीन देखी जाती है इसके चलते सरकार को भी अपनी सेफ्टी रखने के लिए या लोगों को शिफ्ट करने की ऐसी तैसी हो गया लगाने पड़ते हैं वहीं दूसरी और मैं आपको बताऊं तो वह फ्रेंडशिप कि सरकार को ही निशाना बना रही है उसमें किसानों को कोई डरने की बात नहीं है सरकार ने शराब का ऐसा कहना कि उसमें से हम इसे लगाइए ताकि हमारा कोई आपके पास आ जा सके और किसान की तरफ से गानों की तस्वीरों के साथ बैठे हैं आंदोलन कर रहे हैं उनसे कोई व्यक्ति बिना किसी हत्या गांव तरफ से बैठा हुआ व्यक्ति कोई हथियार के साथ इस तरह ना सके लेकिन वह कैंसिल कर दें कि गलत है आप उसको हटाकर नॉर्मली दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड भी लगा सकते हैं जिससे भी यह निश्चित होता के यहां से रास्ता बंद कर रखा है
Kisaan aandolan ko rokane ke lie bordar par jo pratibandhit taar aur kin ka prayog kiya gaya hai vaise hee tareeka hai ya nahin dikhe doston main aapako pahale bata doonga janaralist mein jalaparee par sanjeev ko dekhata hoon yahaan par main kisee bhee paartee ke saport mein nahin bola aisa janareshan apana ke point mein aap yahaan par rakh raha hoon aur aapako bata raha hoon ki vah tareeka bilkul galat hai aap vahaan par taar lagaakar phensing aa gae kya saabit karana chaaho ki vah bordar paakistaan varses hindustaan nahin vah kisaan hain aur vah jo desh ke lokatantr ka ek hissa hai unako apanee aur khaane ka poora hak hai aap aise kisee cheejon par kaary paabandee nahin laga sakate haalaanki kuchh na par bhosadee hoga politiks bhee dekhee gaee hai lekin hindustaan mein jahaan bhee aandolan hue hain vahaan par har jagah politiks dikh gaee chaay dillee ke sain baag le lo dillee ke jeenayoo mein jo aandolan mein chhaatravrtti vahaan ke log dillee mein har jagah proteen dekhee jaatee hai isake chalate sarakaar ko bhee apanee sephtee rakhane ke lie ya logon ko shipht karane kee aisee taisee ho gaya lagaane padate hain vaheen doosaree aur main aapako bataoon to vah phrendaship ki sarakaar ko hee nishaana bana rahee hai usamen kisaanon ko koee darane kee baat nahin hai sarakaar ne sharaab ka aisa kahana ki usamen se ham ise lagaie taaki hamaara koee aapake paas aa ja sake aur kisaan kee taraph se gaanon kee tasveeron ke saath baithe hain aandolan kar rahe hain unase koee vyakti bina kisee hatya gaanv taraph se baitha hua vyakti koee hathiyaar ke saath is tarah na sake lekin vah kainsil kar den ki galat hai aap usako hataakar normalee dillee pulis ne bairiked bhee laga sakate hain jisase bhee yah nishchit hota ke yahaan se raasta band kar rakha hai

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:53
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न किसान आंदोलन को रोकने के लिए बॉर्डर पर जो प्रतिबंधित कार और कील का प्रयोग किया गया है कि वह तरीका सही है क्या इससे आंदोलन रूठ जाएगा क्या इस तारीख को करने से तो फ्रेंड जो भी बॉर्डर पर प्रथम जेतार और की लगाई गई है तो जिससे किसान ज्यादा मात्रा में ना घुसे और भगदड़ ना हो ज्यादा जैसे कभी 26 जनवरी को हिंसक झड़प भी हो गई थी और ज्यादा लोग अंदर प्रवेश न कर सके इसीलिए यकीन वगैरह लगाई गई है तो आंदोलन तो ऐसे नहीं रुकेगा लेकिन हम कुछ हद तक जो ज्यादा भीड़ आएगी उस को नियंत्रित किया जा सकता है और ज्यादा फालतू के लोग हो गए इसमें नहीं जुड़ पाएंगे और किसान आंदोलन के बहाने जो बहुत सारे जो बदमाश लोग हैं वह अपना काम कर रहे हैं वह भी नहीं कर पाएंगे और यह सब तार लगने से थोड़ा रुक हो जाएगी धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn kisaan aandolan ko rokane ke lie bordar par jo pratibandhit kaar aur keel ka prayog kiya gaya hai ki vah tareeka sahee hai kya isase aandolan rooth jaega kya is taareekh ko karane se to phrend jo bhee bordar par pratham jetaar aur kee lagaee gaee hai to jisase kisaan jyaada maatra mein na ghuse aur bhagadad na ho jyaada jaise kabhee 26 janavaree ko hinsak jhadap bhee ho gaee thee aur jyaada log andar pravesh na kar sake iseelie yakeen vagairah lagaee gaee hai to aandolan to aise nahin rukega lekin ham kuchh had tak jo jyaada bheed aaegee us ko niyantrit kiya ja sakata hai aur jyaada phaalatoo ke log ho gae isamen nahin jud paenge aur kisaan aandolan ke bahaane jo bahut saare jo badamaash log hain vah apana kaam kar rahe hain vah bhee nahin kar paenge aur yah sab taar lagane se thoda ruk ho jaegee dhanyavaad

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