#जीवन शैली

Dt. Mayuari official Bolkar App
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2:04
ओशन है जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या बात दूसरे की समस्या को सुलझा सकता है तो इस पर जो आंसर है यह डिपेंड करता है कि जिस पर्सन के लिए बात की जा रही है वह प्रश्न की अंडरस्टैंडिंग कैसी है क्योंकि हर इंसान की पसंद की अंडरस्टैंडिंग बातों को समझने के लिए सिचुएशन को समझने के लिए अलग-अलग होती है अगर मैं किसी चीज को समझ रही हूं तो जरूरी नहीं है कि दूसरा भी उसी नजरिए से उस बात को समझ रहा हूं जो नजरिया मेरा उस बात के प्रति है तो हर इंसान का अपना अपना नजरिया होता है और अगर वह इंसान इतना कैपेबल है कि वह प्रॉब्लम को प्रॉब्लम सॉल्व अ बन सकता है तो आई थी कि वह अपनी फैमिली में अपना ओपिनियन नहीं रख पा रहा है या प्रॉब्लम को नहीं सॉल्व कर पा रहा तो बाहर किसी अननोन इंसान को या किसी जून के फ्रेंड हैं या रिलेटिव है उनको अपना ओपिनियन बताकर उनके प्रॉब्लम को सॉल्व कर सकता है अगर जो पसंद है उसकी उसे नजरिया बचा नहीं है वह बातों को कैसे नहीं समझ पा रहा क्या प्रॉब्लम सॉल्व नहीं प्रॉब्लम क्रिएट अ है बहुत से लोग इन 2 वर्ड में बहुत डिफरेंस है कुछ लोग ऐसे होते जो परेशानी खुद पैदा करते हैं कुछ लोग होते हैं जो कोशिश करते हैं कि परेशानियां दूर हो चाहे वह दूसरे की लाइफ में हो चाहे वह हमारी लाइफ में हो तो वह कोशिश करते हैं कि जो मैटर है तो खत्म हो मैं तो बड़ी नहीं तो अगर वह इंसान ऐसा होगा कि वह मैटर करने वाला इंसान होगा तू चाहे अपने घर की समस्या हो या चाहे बाहर की समस्या हो वह यही कोशिश करेगा कि मैटर सॉर्ट आउट हो उस बात का खींचेगा नहीं लेकिन अगर इंसान के अंडरस्टैंडिंग ऐसे नहीं है इंसान प्रॉब्लम सॉल्व नहीं है तो फिर वह ना अपने घर की समस्या को सुलझा सकता है ना वह कहीं बाहर की समस्या को सुलझा सकता है वह समझ से कुछ समझा ही नहीं है क्योंकि वह समस्या को समझ ही नहीं पाएगा कक्ष में प्रॉब्लम है क्या
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शिवम मौर्या Bolkar App
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Unknown
1:51
जी आप चीजों को समझ नहीं पा रहे हैं सही तरीके से जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं समझा पाता क्या हुआ दूसरे की समस्या सुलझा सकता है कि आपका प्रश्न जो है बहुत ही भटकाव वाला है क्योंकि आप समझ ही पहले बात को जो आदमी दूसरों के प्रश्नों को साफ करता है या दूसरों की समस्याओं को सुलझा ता है तो वह शांत दिमाग से समझाता है जैसे कि मैं बोलकर पर आपका जवाब दे रहा हूं तू कुछ सोच विचार कर शांत परिस्थितियों में बैठ कर जवाब दे रहा हूं ऐसा नहीं कि मैं कोई काम कर रहा हूं मेरा दिमाग कहीं और पर है मैं आपका जवाब देने लग गया तू इसी तरह से होता है कि जब दूसरे के घर समस्याएं होती हैं या माली जी आपके घर समस्याएं हैं तो आपका दिमाग कुछ टाइम काम करना बंद कर देगा आप पलकों से गिरे हुए रहेंगे जब आप तो उस समय समय आपके दिमाग में हलचल रहेगी आप सही डिसीजन नहीं ले पाते हैं तो अगर कोई सामने वाला या कोई भी आपका खास आदमी अगर आपका वह समस्या सुलझाने में आ जाए मदद कर दे तू शांत दिमाग से आरजू उचित निर्णय पर पहुंचना चाहिए वह आपको बताएगा कि भाई आप इस तरह से काम करिए आपको वह कुछ समस्या का समाधान देगा तुम्हें शांत दिमाग समाधान देगा कि हां ऐसा करना अच्छा है या बुरा है लेकिन कई बार अगर हम खुद उस संकट भरे माहौल में अगर हम डिसीजन ले लेते हैं तो वह उलझन भरे दिमाग से वह गलत डिसीजन हो सकता है तू जो आदमी अपने घर की समस्या नहीं समझा पढ़ पाता है वह ऐसा जरूरी नहीं है कि वह दूसरों की समस्या ना सुलझा पाए जब वह दूसरों की समस्या समझाता है तो वह शांत रहता है और जो अब जब अपने घर पर पड़ता है तो वह उलझन में रहता है तो हो सकता है इस वजह से वह अपने घर का समस्या ना सुलझा पाए लेकिन वह दूसरों की समस्या ऐसा नहीं है कि सुलझा ही नहीं सकता है
Jee aap cheejon ko samajh nahin pa rahe hain sahee tareeke se jo insaan apane ghar kee samasya nahin samajha paata kya hua doosare kee samasya sulajha sakata hai ki aapaka prashn jo hai bahut hee bhatakaav vaala hai kyonki aap samajh hee pahale baat ko jo aadamee doosaron ke prashnon ko saaph karata hai ya doosaron kee samasyaon ko sulajha ta hai to vah shaant dimaag se samajhaata hai jaise ki main bolakar par aapaka javaab de raha hoon too kuchh soch vichaar kar shaant paristhitiyon mein baith kar javaab de raha hoon aisa nahin ki main koee kaam kar raha hoon mera dimaag kaheen aur par hai main aapaka javaab dene lag gaya too isee tarah se hota hai ki jab doosare ke ghar samasyaen hotee hain ya maalee jee aapake ghar samasyaen hain to aapaka dimaag kuchh taim kaam karana band kar dega aap palakon se gire hue rahenge jab aap to us samay samay aapake dimaag mein halachal rahegee aap sahee diseejan nahin le paate hain to agar koee saamane vaala ya koee bhee aapaka khaas aadamee agar aapaka vah samasya sulajhaane mein aa jae madad kar de too shaant dimaag se aarajoo uchit nirnay par pahunchana chaahie vah aapako bataega ki bhaee aap is tarah se kaam karie aapako vah kuchh samasya ka samaadhaan dega tumhen shaant dimaag samaadhaan dega ki haan aisa karana achchha hai ya bura hai lekin kaee baar agar ham khud us sankat bhare maahaul mein agar ham diseejan le lete hain to vah ulajhan bhare dimaag se vah galat diseejan ho sakata hai too jo aadamee apane ghar kee samasya nahin samajha padh paata hai vah aisa jarooree nahin hai ki vah doosaron kee samasya na sulajha pae jab vah doosaron kee samasya samajhaata hai to vah shaant rahata hai aur jo ab jab apane ghar par padata hai to vah ulajhan mein rahata hai to ho sakata hai is vajah se vah apane ghar ka samasya na sulajha pae lekin vah doosaron kee samasya aisa nahin hai ki sulajha hee nahin sakata hai

Meghsinghchouhan Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Meghsinghchouhan जी का जवाब
student
0:38
जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता है वह दूसरों की समस्या सुलझा सकते हैं तो मेरे ख्याल से वह दूसरों की समस्या तो छोड़ो नहीं बिल्कुल नहीं समझा सकते क्योंकि पहले अपने घर की समस्या उसके सुलझी नहीं रहे हैं दूसरों की पंचायती कर रहे हैं तो मेरे ख्याल से ऐसे आदमी पर जरा भी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि अपने घर की प्रॉब्लम तो अच्छे से फेस नहीं कर पाया दूसरों की पंचायत करना है वह बहुत ही गलत है अमेरिका से वो कभी जिंदगी में भी दूसरों की समस्या सुनने का सकता है धन्यवाद
Jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata hai vah doosaron kee samasya sulajha sakate hain to mere khyaal se vah doosaron kee samasya to chhodo nahin bilkul nahin samajha sakate kyonki pahale apane ghar kee samasya usake sulajhee nahin rahe hain doosaron kee panchaayatee kar rahe hain to mere khyaal se aise aadamee par jara bhee vishvaas nahin karana chaahie kyonki apane ghar kee problam to achchhe se phes nahin kar paaya doosaron kee panchaayat karana hai vah bahut hee galat hai amerika se vo kabhee jindagee mein bhee doosaron kee samasya sunane ka sakata hai dhanyavaad

shabnam khatun Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए shabnam जी का जवाब
Student
1:43
हेलो जानू आज आप का सवाल है कि जो इंसान अपनी समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा सकता है तो दिख जाता है कि तुम पहले अपना देखो फिर दूसरों को समझाओ या फिर अपना घर देखो बोलते दूर नहीं हो सकता या फिर आप ठीक नहीं कर सकते या फिर आपके घर के जो मेंबर से बात नहीं करते लेकिन वहीं अगर आपका कोई दोस्त या फिर दूसरी कोई प्रॉब्लम नहीं आप अच्छे से एडवाइज देते और वह इंसान आपकी बात मानता भी अब तक ठीक भी हो जाता है तो ऐसा नहीं है कि अगर मैं यह काम नहीं कर पाई तो मैं कोई और भी काम नहीं कर सकते किसी और को भी नहीं समझा सकते अगर मैं अपने इंसान को नहीं समझा कि तुम हर बार ऐसा नहीं होता भैया घर में मम्मी पापा को भी बात बोलती हूं इसमें क्या प्रॉब्लम नहीं होता है कि हमारे हिसाब से हम थे सराउंडिंग मैसेज हमारे ही लोग हैं आप लोग हमारी हर एक बात समझ सके ऐसा नहीं होता लेकिन यह भी हमारी क्षमता नहीं तुम दूसरों को भी नहीं समझा सकते कभी कदार ऐसा होता है क्या दूसरे में हमारी बात को अच्छे से समझ पाते कि आज कर पाते और रेडी होने बोलते हो उसमें दिमाग से लेकर हर एक जगह समझते सोचते हैं और फिर भी होता है कि हम सही बोल रहा मुझे यह चीज करना चाहिए इंसान इस जगह सही है
Helo jaanoo aaj aap ka savaal hai ki jo insaan apanee samasya nahin sulajha paata kya vah doosare kee samasya sulajha sakata hai to dikh jaata hai ki tum pahale apana dekho phir doosaron ko samajhao ya phir apana ghar dekho bolate door nahin ho sakata ya phir aap theek nahin kar sakate ya phir aapake ghar ke jo membar se baat nahin karate lekin vaheen agar aapaka koee dost ya phir doosaree koee problam nahin aap achchhe se edavaij dete aur vah insaan aapakee baat maanata bhee ab tak theek bhee ho jaata hai to aisa nahin hai ki agar main yah kaam nahin kar paee to main koee aur bhee kaam nahin kar sakate kisee aur ko bhee nahin samajha sakate agar main apane insaan ko nahin samajha ki tum har baar aisa nahin hota bhaiya ghar mein mammee paapa ko bhee baat bolatee hoon isamen kya problam nahin hota hai ki hamaare hisaab se ham the saraunding maisej hamaare hee log hain aap log hamaaree har ek baat samajh sake aisa nahin hota lekin yah bhee hamaaree kshamata nahin tum doosaron ko bhee nahin samajha sakate kabhee kadaar aisa hota hai kya doosare mein hamaaree baat ko achchhe se samajh paate ki aaj kar paate aur redee hone bolate ho usamen dimaag se lekar har ek jagah samajhate sochate hain aur phir bhee hota hai ki ham sahee bol raha mujhe yah cheej karana chaahie insaan is jagah sahee hai

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Archana जी का जवाब
Housewife
0:30
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरों की समस्या सुलझा सकता है जी नहीं फ्रेंड जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं खुल जा सकता वह दूसरों की भी नहीं सुनता सकता क्योंकि पहले अपने घर की समस्याओं को देखना चाहिए हमने घर को देखना चाहिए फिर दूसरों के बारे में सोचना चाहिए जब आप अपने घर की दिक्कत है उनको नहीं ठीक कर पा रहे हो तो दूसरों की आप बिल्कुल भी ठीक नहीं कर पाओगे धन्यवाद
Helo phrend svaagat hai aapaka aapaka prashn hai jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosaron kee samasya sulajha sakata hai jee nahin phrend jo insaan apane ghar kee samasya nahin khul ja sakata vah doosaron kee bhee nahin sunata sakata kyonki pahale apane ghar kee samasyaon ko dekhana chaahie hamane ghar ko dekhana chaahie phir doosaron ke baare mein sochana chaahie jab aap apane ghar kee dikkat hai unako nahin theek kar pa rahe ho to doosaron kee aap bilkul bhee theek nahin kar paoge dhanyavaad

Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
4:26
जो इंसान अपने घर के समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा पाता है तू जा सकता है क्यों नहीं सो जा सकता है फुल जा सकता है और जबलपुर कितने भी सो जा सकता है जब वह वह व्यक्ति पुरुषों से गुजर नहीं जाता है उसका स्वरूप कुछ भी हो सकता है अगर उसमें यह किसी व्यक्ति में अगर करूंगा जागृत हो और ना कभी स्तर पर तो वह पानी मात्र तक की पीड़ा को समझ सकता है बुद्ध पुरुष जो हुए हैं उनके करुणा का बड़ा विस्तार हुआ था और भगवान महावीर ने एक दृश्य देखा था कि एक मालिक जो है गुलाम को मार रहा था और वह नाम से जा रहे थे तुम उसको वह दूसरे देखते हुए उनके अपने शरीर पर वह जो गांव है जो मालिक अपने गुलाम को दे रहा था मार रहा मार रहा था उस उनके शरीर पर बैठे इतना उनको दुख हुआ यह करो ना क्या मानवता का विस्तार होता है और कई ऐसे लोग हैं जो सरकार नहीं करते हैं लेकिन सब की पीड़ा जनशक्ति इसमें कोई जरूरत नहीं है कि अपने घर के ही पीड़ा सब समस्या अनावश्यक घर की भी सुन जा सकता है और नहीं भी समझा सकता लेकिन इसका मतलब नहीं है कि दूसरों की समस्या नहीं सुलझा पाता इच्छा हो या किसी के लिए कुछ करने का उसकी याद करने की उसके अंत अंत अंत अंत अंत इच्छा होती है करुणा तो वह दूसरों की समस्या को भी अपनी समस्या समझ कर उसमें हिस्सा लेगा समस्या छुड़वाने के लिए हर प्रयास करेगा उस समस्या सुलझा देगा कई उदाहरण है सैकड़ों उदाहरण और ज्यादा करके महापुरुष जो बड़े हैं यहां प्रतिभावान व्यक्ति जो बने हैं जिन्होंने पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों की समस्याओं को सुलझाया वह करके उनका अपना अपना संसार नहीं था यार अपना विवाह नहीं हुआ था और कुछ लोगों का हुआ भी था उन्होंने एक नहीं करोड़ों की समस्याओं का समस्याओं को सुलझाया मोहम्मद पैगंबर बुद्ध डॉ आंबेडकर अगर आपको यह मेरा जवाब सही लगा तो कृपया लाइक करें धन्यवाद
Jo insaan apane ghar ke samasya nahin sulajha paata kya vah doosare kee samasya sulajha paata hai too ja sakata hai kyon nahin so ja sakata hai phul ja sakata hai aur jabalapur kitane bhee so ja sakata hai jab vah vah vyakti purushon se gujar nahin jaata hai usaka svaroop kuchh bhee ho sakata hai agar usamen yah kisee vyakti mein agar karoonga jaagrt ho aur na kabhee star par to vah paanee maatr tak kee peeda ko samajh sakata hai buddh purush jo hue hain unake karuna ka bada vistaar hua tha aur bhagavaan mahaaveer ne ek drshy dekha tha ki ek maalik jo hai gulaam ko maar raha tha aur vah naam se ja rahe the tum usako vah doosare dekhate hue unake apane shareer par vah jo gaanv hai jo maalik apane gulaam ko de raha tha maar raha maar raha tha us unake shareer par baithe itana unako dukh hua yah karo na kya maanavata ka vistaar hota hai aur kaee aise log hain jo sarakaar nahin karate hain lekin sab kee peeda janashakti isamen koee jaroorat nahin hai ki apane ghar ke hee peeda sab samasya anaavashyak ghar kee bhee sun ja sakata hai aur nahin bhee samajha sakata lekin isaka matalab nahin hai ki doosaron kee samasya nahin sulajha paata ichchha ho ya kisee ke lie kuchh karane ka usakee yaad karane kee usake ant ant ant ant ant ichchha hotee hai karuna to vah doosaron kee samasya ko bhee apanee samasya samajh kar usamen hissa lega samasya chhudavaane ke lie har prayaas karega us samasya sulajha dega kaee udaaharan hai saikadon udaaharan aur jyaada karake mahaapurush jo bade hain yahaan pratibhaavaan vyakti jo bane hain jinhonne pooree duniya ke karodon logon kee samasyaon ko sulajhaaya vah karake unaka apana apana sansaar nahin tha yaar apana vivaah nahin hua tha aur kuchh logon ka hua bhee tha unhonne ek nahin karodon kee samasyaon ka samasyaon ko sulajhaaya mohammad paigambar buddh do aambedakar agar aapako yah mera javaab sahee laga to krpaya laik karen dhanyavaad

Md Mahmud Alam Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Md जी का जवाब
स्टूडेंट विद्यार्थी
0:50
आज का सवाल है जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरी की समस्या सुलझा सकता है दीजिए यह इंसान पर डिपेंड करता है कि निशान किस तरह का होता है यह समस्या कोई भी समस्या है समस्या समाधान समस्या एक जैसा होता है या घर का हो या बाहर का किसी प्रकार की समस्या हो लेकिन समस्या समस्या ही होता है कहा जाता कितने प्रकार समस्या क्यों ना हो उसका समाधान निकल ही जाता है तो जो इंसान समझदार और अच्छा होने वाला होगा वह घर का ही क्या अगर दुनिया का कोई भी समस्या हो तो उसका समाधान जरूर निकाल दे इसलिए आज भी होता है कि अगर जो इंसान घर की समस्या का समाधान करता है वह बाहर का भी कर सकता है यह इंसान पर डिपेंड करता है धन्यवाद
Aaj ka savaal hai jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosaree kee samasya sulajha sakata hai deejie yah insaan par dipend karata hai ki nishaan kis tarah ka hota hai yah samasya koee bhee samasya hai samasya samaadhaan samasya ek jaisa hota hai ya ghar ka ho ya baahar ka kisee prakaar kee samasya ho lekin samasya samasya hee hota hai kaha jaata kitane prakaar samasya kyon na ho usaka samaadhaan nikal hee jaata hai to jo insaan samajhadaar aur achchha hone vaala hoga vah ghar ka hee kya agar duniya ka koee bhee samasya ho to usaka samaadhaan jaroor nikaal de isalie aaj bhee hota hai ki agar jo insaan ghar kee samasya ka samaadhaan karata hai vah baahar ka bhee kar sakata hai yah insaan par dipend karata hai dhanyavaad

पुरुषोत्तम सोनी Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए पुरुषोत्तम जी का जवाब
साहित्यकार, समीक्षक, संपादक पूर्व अधिकारी विजिलेंस
1:10
बिल्कुल सत्य बात है जो इंसान अपने घर के समस्या ने सुलझा पाता वह दूसरे के समस्या से कैसे सो जा सकता है बिल्कुल सही बात है लेकिन कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां होती है कि जो व्यक्ति अपने घर के सामने सुलझा पाता है उसके कई कारण होते हैं कि वह समाज में अपनी बेज्जती से डरता अपने घर परिवार लेकिन और दूसरे के समस्याओं को सुलझाने में काफी माहिर होता है क्योंकि उसको अपने घर के समस्याओं के विषय में काफी ज्ञान होता है और काफी उसके विषय में अनुभव होता है इसलिए पूछा आप अपने अनुभव को वह बदला करके आपके समस्याओं को समाधान कर सकता है क्योंकि उसकी बीवी के ना पड़ती हो जो उसकी बीवी लंपट हो उसकी बीवी इतनी बदतमीज हो कि चार आदमी के सामने बेइज्जती कर देती हो और यह सब कुछ जानने के बाद भी वह स्कूल कूनूर करती तो हर घर की परिस्थितियां अलग अलग होते हैं और पति की समस्याएं अलग-अलग होती हैं अपनी समस्या हो सकता को समस्याएं उसकी भिन्न प्रकार की हो जो आपके समस्या से अलग हो यदि ऐसा नहीं कहा जा सकता कभी-कभी आदमी अपनी समस्याओं को ओझल करके दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में सक्सेस हो जाता है तो इसलिए उस चीज को स्वीकार करना चाहिए
Bilkul saty baat hai jo insaan apane ghar ke samasya ne sulajha paata vah doosare ke samasya se kaise so ja sakata hai bilkul sahee baat hai lekin kabhee-kabhee aisee paristhitiyaan hotee hai ki jo vyakti apane ghar ke saamane sulajha paata hai usake kaee kaaran hote hain ki vah samaaj mein apanee bejjatee se darata apane ghar parivaar lekin aur doosare ke samasyaon ko sulajhaane mein kaaphee maahir hota hai kyonki usako apane ghar ke samasyaon ke vishay mein kaaphee gyaan hota hai aur kaaphee usake vishay mein anubhav hota hai isalie poochha aap apane anubhav ko vah badala karake aapake samasyaon ko samaadhaan kar sakata hai kyonki usakee beevee ke na padatee ho jo usakee beevee lampat ho usakee beevee itanee badatameej ho ki chaar aadamee ke saamane beijjatee kar detee ho aur yah sab kuchh jaanane ke baad bhee vah skool koonoor karatee to har ghar kee paristhitiyaan alag alag hote hain aur pati kee samasyaen alag-alag hotee hain apanee samasya ho sakata ko samasyaen usakee bhinn prakaar kee ho jo aapake samasya se alag ho yadi aisa nahin kaha ja sakata kabhee-kabhee aadamee apanee samasyaon ko ojhal karake doosaron kee samasyaon ko sulajhaane mein sakses ho jaata hai to isalie us cheej ko sveekaar karana chaahie

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए Er.Awadhesh जी का जवाब
Unknown
2:42
जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरों की समस्या सुधार सकता है समाज में सबसे बड़ा अगर देखा जाए तो मत भेज और जिस पर सवाल खड़े हुए हैं जो इंसान अगर कुछ नहीं किया है वह दूसरों को क्या सीख दे सकता है जोफीलिया है उसे हम क्या सीख रख सकते हैं लोग यही सोचते हैं लेकिन जो फेरिया रहना अगर देखा जाए हकीकत में इनसे ही सीखने को चीजें मिलेंगी उसी लड़ने की ताकत मिलेगी उसके कुछ ऐसे पॉइंट हो गए जो उस समय तो हार गया लेकिन आपको सीखने की आपके पास अगर क्षमता है ना वह जरूर बताएगा कि हां मैंने मेरी कमजोरियां थी और मैसेज सुधार नहीं कर पाया अगर तुम सुधार कर सकते हो तो अपने जीवन में सबसे बड़ा लक्ष्य को हासिल करोगे हकीकत है जिसे आपने भी देखा होगा चक दे इंडिया में देखा आपने 1 भारतीयों को भी जताया गया आपको दिखाएंगे मोटिवेशन आपकी जिंदगी में काम आती है जिसे कभी कभी आता है दूसरे से मूवीस है सीरियल जो आपने देखा होगा कि जीत के भी हार मिले लेकिन क्या है कि आप लड़ने की ताकत रही होगी आप कहीं ऐसी मजबूरियों में ना फंसे होंगे जिससे कि क्या होगा कि जीप गेम क्या होता है जब इंसान जो इंसान होता है उसे हमें क्या होता है कि अपने खुद हार चुका होता है लेकिन जब दूसरों को बताता है ना ऐसे लोगों को यह मजाक समझ में आती है उसकी ऐसी स्थिति होती है ऐसा समझ में आता है कि लगता है कि आप इस की बातें सुनना इग्नोर करने के बराबर उसे अच्छा क्या हम ना सुने अपना सारा समय न बर्बाद अगर हकीकत में है और सीनियर को पढ़िए जुवेलियर है तो उसको अप्पड़िए उनको उनको अपने जिंदगी में उनसे कुछ सीखने की कोशिश करिए इसे क्या कुछ जीत खजूर लक्ष्यजीत का जो पॉइंट है उनसे ही मिलेगा तुम्हें बस यही कहूंगा कि उनसे आप कुछ चीजें कैसे सीखे जिससे कि अपनी जिंदगी में आप खुद उसकी स्थिति को सुलझा सके क्योंकि उसे इग्नोर नेट के रूप में रखे मैं यही कहूंगा कि आप मेरी बातों से सहमत होंगे क्योंकि मैं जानता हूं कि हर एक इंसान सक्सेस नहीं बताते नियर होता है लेकिन उस जरूर दूसरों को सक्सेस करता है इसमें इस पॉइंट में बहुत बड़ा दम है अगर आप अपनी जिंदगी में ऐसा अगर लाइफ में शेयर करते हैं लाइफ में आपको उसे एक्सेप्ट करते हैं अडॉप्ट करते हैं मैं जानता हूं कि आप से अच्छा इंसान कोई होगा ही नहीं और अब आप अपने लक्ष्य को बहुत आसानी से पा जाएंगे
Jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosaron kee samasya sudhaar sakata hai samaaj mein sabase bada agar dekha jae to mat bhej aur jis par savaal khade hue hain jo insaan agar kuchh nahin kiya hai vah doosaron ko kya seekh de sakata hai jopheeliya hai use ham kya seekh rakh sakate hain log yahee sochate hain lekin jo pheriya rahana agar dekha jae hakeekat mein inase hee seekhane ko cheejen milengee usee ladane kee taakat milegee usake kuchh aise point ho gae jo us samay to haar gaya lekin aapako seekhane kee aapake paas agar kshamata hai na vah jaroor bataega ki haan mainne meree kamajoriyaan thee aur maisej sudhaar nahin kar paaya agar tum sudhaar kar sakate ho to apane jeevan mein sabase bada lakshy ko haasil karoge hakeekat hai jise aapane bhee dekha hoga chak de indiya mein dekha aapane 1 bhaarateeyon ko bhee jataaya gaya aapako dikhaenge motiveshan aapakee jindagee mein kaam aatee hai jise kabhee kabhee aata hai doosare se moovees hai seeriyal jo aapane dekha hoga ki jeet ke bhee haar mile lekin kya hai ki aap ladane kee taakat rahee hogee aap kaheen aisee majabooriyon mein na phanse honge jisase ki kya hoga ki jeep gem kya hota hai jab insaan jo insaan hota hai use hamen kya hota hai ki apane khud haar chuka hota hai lekin jab doosaron ko bataata hai na aise logon ko yah majaak samajh mein aatee hai usakee aisee sthiti hotee hai aisa samajh mein aata hai ki lagata hai ki aap is kee baaten sunana ignor karane ke baraabar use achchha kya ham na sune apana saara samay na barbaad agar hakeekat mein hai aur seeniyar ko padhie juveliyar hai to usako appadie unako unako apane jindagee mein unase kuchh seekhane kee koshish karie ise kya kuchh jeet khajoor lakshyajeet ka jo point hai unase hee milega tumhen bas yahee kahoonga ki unase aap kuchh cheejen kaise seekhe jisase ki apanee jindagee mein aap khud usakee sthiti ko sulajha sake kyonki use ignor net ke roop mein rakhe main yahee kahoonga ki aap meree baaton se sahamat honge kyonki main jaanata hoon ki har ek insaan sakses nahin bataate niyar hota hai lekin us jaroor doosaron ko sakses karata hai isamen is point mein bahut bada dam hai agar aap apanee jindagee mein aisa agar laiph mein sheyar karate hain laiph mein aapako use eksept karate hain adopt karate hain main jaanata hoon ki aap se achchha insaan koee hoga hee nahin aur ab aap apane lakshy ko bahut aasaanee se pa jaenge

Rakesh Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 77
सुनिए Rakesh जी का जवाब
👨‍🏫 Teacher.
1:20
प्रश्न है कि जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता तो क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा सकता है देखिए हम सभी जानते हैं कि एक के मुहावरे बहुत प्रसिद्ध हुआ करती है कि घर के मुर्गी दाल बराबर मतलब की घर की चीजें का महत्व उतना नहीं होता है जितनी बार है और मुझे लगता है कि इसी दिशा में ठीक यही होता है कि हम अपने जो है समस्याओं को सुलझा नहीं पाते हैं जैसे अगर मान लेते हैं कि हो सकता है कि आपकी बीवी से आपके भाई से आपके माता-पिता से भी आप को कुछ समझते हैं हो वहां पर आपके दिमाग ना चलता हो या आप नहीं समझा पाते हो या उसको समझा नहीं पाते हो लेकिन इसका मतलब यह नहीं समझ सकते हैं कि आप बाहर भी इसी तरह से समस्याओं को नहीं सुलझा सकते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं है देखा जाता है कि कुछ लोग जो है बाहरी जो है बहुत अच्छी तरह से दूसरे को समस्याओं को समाधान करते हैं और बहुत बढ़-चढ़कर भाग भी लेते हैं लेकिन घरों में कुछ ऐसी स्थिति होती है कि ऐसा नहीं कर पाते हैं तो इस बात से इनकार किया जा सकता है कि जो इंसान अपने घर के समस्या को नहीं भी सुलझा पाता है तो दूसरे के समस्याओं को सुलझा सकता है धन्यवाद
Prashn hai ki jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata to kya vah doosare kee samasya sulajha sakata hai dekhie ham sabhee jaanate hain ki ek ke muhaavare bahut prasiddh hua karatee hai ki ghar ke murgee daal baraabar matalab kee ghar kee cheejen ka mahatv utana nahin hota hai jitanee baar hai aur mujhe lagata hai ki isee disha mein theek yahee hota hai ki ham apane jo hai samasyaon ko sulajha nahin paate hain jaise agar maan lete hain ki ho sakata hai ki aapakee beevee se aapake bhaee se aapake maata-pita se bhee aap ko kuchh samajhate hain ho vahaan par aapake dimaag na chalata ho ya aap nahin samajha paate ho ya usako samajha nahin paate ho lekin isaka matalab yah nahin samajh sakate hain ki aap baahar bhee isee tarah se samasyaon ko nahin sulajha sakate hain aisa bilkul nahin hai dekha jaata hai ki kuchh log jo hai baaharee jo hai bahut achchhee tarah se doosare ko samasyaon ko samaadhaan karate hain aur bahut badh-chadhakar bhaag bhee lete hain lekin gharon mein kuchh aisee sthiti hotee hai ki aisa nahin kar paate hain to is baat se inakaar kiya ja sakata hai ki jo insaan apane ghar ke samasya ko nahin bhee sulajha paata hai to doosare ke samasyaon ko sulajha sakata hai dhanyavaad

Chetan Chandrawanshi Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Chetan जी का जवाब
Finding a part time job
2:05
देखी लोग कहते हैं कि जो अपनी समझ से नहीं सुलझा सकता वह दूसरों की कसम जाएगा तो उनका मतलब यह होता है कि खुद की समस्या नहीं सुलझा सकते हो गुस्से में निकल पा रहे हो दूसरों की समस्या को समझ ही नहीं पाएंगे और फिर बचा ही नहीं समय करने की बात ही दूर तो यहां पर मुद्दा उठता है खुद की प्रॉब्लम समझने का तो जो लोग घर की प्रॉब्लम कुछ नहीं सकते हैं वह या तो कायर होते हैं या नासमझ होते या लापरवाह होते हैं अपनी जिम्मेदारियों से बाहर ना चाहते हैं बस खुश ही रहना चाहते जिंदगी में कोई जिम्मेदारी है कि वह अपने सर पर लेना नहीं चाहती तो इंसान कोई काम की जिंदगी में आए हो तो कुछ करो और फिर उसे इंजॉय करो लेकिन भाई यह समझेंगे नहीं करे जिंदगी धीरे धीरे समझा देगी पर क्यों क्यों कैसे बोलते हैं जो सिर्फ घर की प्रॉब्लम को नहीं समझा पाते बाकी प्रॉब्लम्स को भी सुलझा सकते हैं क्योंकि घर की प्रॉब्लम या तो उसे इंटरेस्ट नहीं है उसको सुधारने में और बाहर की प्रॉब्लम उसको समझ में आएगी वह बाकी दोनों में दिखी थी उसने तर्क देने की कोशिश करता हूं कि यहां कुछ भी हो सकता है इस संसार में हर चीज संभोग विश्वास के साथ धन्यवाद
Dekhee log kahate hain ki jo apanee samajh se nahin sulajha sakata vah doosaron kee kasam jaega to unaka matalab yah hota hai ki khud kee samasya nahin sulajha sakate ho gusse mein nikal pa rahe ho doosaron kee samasya ko samajh hee nahin paenge aur phir bacha hee nahin samay karane kee baat hee door to yahaan par mudda uthata hai khud kee problam samajhane ka to jo log ghar kee problam kuchh nahin sakate hain vah ya to kaayar hote hain ya naasamajh hote ya laaparavaah hote hain apanee jimmedaariyon se baahar na chaahate hain bas khush hee rahana chaahate jindagee mein koee jimmedaaree hai ki vah apane sar par lena nahin chaahatee to insaan koee kaam kee jindagee mein aae ho to kuchh karo aur phir use injoy karo lekin bhaee yah samajhenge nahin kare jindagee dheere dheere samajha degee par kyon kyon kaise bolate hain jo sirph ghar kee problam ko nahin samajha paate baakee problams ko bhee sulajha sakate hain kyonki ghar kee problam ya to use intarest nahin hai usako sudhaarane mein aur baahar kee problam usako samajh mein aaegee vah baakee donon mein dikhee thee usane tark dene kee koshish karata hoon ki yahaan kuchh bhee ho sakata hai is sansaar mein har cheej sambhog vishvaas ke saath dhanyavaad

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
2:02
सारा कपड़ा स्नेह जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं समझा पाता क्या वह दूसरों की समस्या सुलझा सकता है तो आपको बता देंगे देखिए बात तो बिल्कुल भी पूछे आपने प्रश्न बहुत अच्छा है प्रश्न पूछने धन्यवाद लेकिन कई बार ऐसी चीजें भी होती है कि आप दूसरों को तो समझा देते हैं दूसरे समझ भी जाते हैं लेकिन जब वही बात अपनों को समझाने की बारी आती है तो आप मां पर फेल हो जाते हैं मैं खुद भी अपनी अगर पर्सनल बात करूं तो काफी लोग मुझसे सलाह मशवरा करते हैं उनको सहिष्णु को देता हूं चाहे उनके पर्सनल नहीं हो प्रकाशन रहे हो उसके बारे में अच्छी से अच्छी सलाह देने की कोशिश करता हूं और लोग सलाह देते भी हैं और उसको आजमाते भी है और बाद में शुक्रिया भी अदा करते हैं कि बहुत अच्छा रहा है जिस तरह से डिसीजन लेना की चीजें सही नहीं हुई लेकिन वही चीज जब मैं अपने परिवार में जब इंस्ट्रूमेंट करने की कोशिश करता हूं या अपने पेरेंट्स के साथ के बाद रखता हुआ है और कई बार होता है कि उसे रे नकार दी जाती है बातें अब वहां पर एक एटीट्यूड मैं जब मैं दिखाऊं तो वह कहीं से जस्टिफाइड नहीं होता क्यों क्योंकि वहां पर हमारे लिए सब कुछ अलग तरीके के होते हैं कई बार ऐसे ही आप जगह पर फंस जाते हैं जहां पर आप को भले ही सामने पता चल रहा होता है कि चीज गलत हो रही है सही नहीं है कमियां है लेकिन आप उसमें चाह कर भी कुछ नहीं कर सकते क्योंकि आपको वहां पर खामोश रहना होता है भाई बाद में जाकर सामने वाले को रिलायंस हो कि नहीं आर एस की बात सुन ली होती तो यह चीज ना होती लेकिन आप वहां पर जानते पूछते हुए देखते हुए भी खामोश रहते हैं कि ठीक है आपको सिर्फ वहां पर मैसेज को वैल्यू देनी होती है तो इस तरह की चीजें होती हैं खुद मैं भी पर्सनली भी कोशिश करता हूं लेकिन यह समय के मुताबिक आपको अपनी चीजों को रखना होता है आपके क्या विचार है इस बारे में कम से कम अपनी राय जरुर व्यक्त करें शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Saara kapada sneh jo insaan apane ghar kee samasya nahin samajha paata kya vah doosaron kee samasya sulajha sakata hai to aapako bata denge dekhie baat to bilkul bhee poochhe aapane prashn bahut achchha hai prashn poochhane dhanyavaad lekin kaee baar aisee cheejen bhee hotee hai ki aap doosaron ko to samajha dete hain doosare samajh bhee jaate hain lekin jab vahee baat apanon ko samajhaane kee baaree aatee hai to aap maan par phel ho jaate hain main khud bhee apanee agar parsanal baat karoon to kaaphee log mujhase salaah mashavara karate hain unako sahishnu ko deta hoon chaahe unake parsanal nahin ho prakaashan rahe ho usake baare mein achchhee se achchhee salaah dene kee koshish karata hoon aur log salaah dete bhee hain aur usako aajamaate bhee hai aur baad mein shukriya bhee ada karate hain ki bahut achchha raha hai jis tarah se diseejan lena kee cheejen sahee nahin huee lekin vahee cheej jab main apane parivaar mein jab instrooment karane kee koshish karata hoon ya apane perents ke saath ke baad rakhata hua hai aur kaee baar hota hai ki use re nakaar dee jaatee hai baaten ab vahaan par ek eteetyood main jab main dikhaoon to vah kaheen se jastiphaid nahin hota kyon kyonki vahaan par hamaare lie sab kuchh alag tareeke ke hote hain kaee baar aise hee aap jagah par phans jaate hain jahaan par aap ko bhale hee saamane pata chal raha hota hai ki cheej galat ho rahee hai sahee nahin hai kamiyaan hai lekin aap usamen chaah kar bhee kuchh nahin kar sakate kyonki aapako vahaan par khaamosh rahana hota hai bhaee baad mein jaakar saamane vaale ko rilaayans ho ki nahin aar es kee baat sun lee hotee to yah cheej na hotee lekin aap vahaan par jaanate poochhate hue dekhate hue bhee khaamosh rahate hain ki theek hai aapako sirph vahaan par maisej ko vailyoo denee hotee hai to is tarah kee cheejen hotee hain khud main bhee parsanalee bhee koshish karata hoon lekin yah samay ke mutaabik aapako apanee cheejon ko rakhana hota hai aapake kya vichaar hai is baare mein kam se kam apanee raay jarur vyakt karen shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

Rajendra Malkhat Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Rajendra जी का जवाब
Self student
3:07
नमस्कार दोस्तों आप का प्रेशर है जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा सकता है दोस्तो ऐसा कई बार होता हुआ हमें दिखाई देता है या ऐसा होता है कि जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता है वह दूसरों की जरूरत सो जाता है तो तो ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिस घर में जो इंसान रहता है उसकी अहमियत उस घर में थोड़ी कम होती है क्योंकि वह नहीं जानता है और घर में उसकी जान पहचान होने के कारण कुछ उसके चाहते होते हैं या फिर कुछ इंसान अपने चहेतों को रोकता है तो ऐसे दोनों ही स्थितियां पैदा हो जाती है इस कारण से वह इंसान अपने घर में जो कुछ भी अपनी अच्छी तो सोच है उसके बारे में बताएगा या अपनी अच्छी योजना के बारे में बताएगा तो उसकी कुछ लोग जो परिवार वाले हैं वो नहीं मानेंगे और कुछ मान जाएंगे तो दोस्तों इस प्रकार से पूर्णतया घर की समस्या सुलझाने में वह सफल नहीं हो पाते हैं हां कुछ सफल होगी जाते हैं लेकिन अधिकांश है ऐसे होते हैं कि घर में समस्या सुलझाने में होना काम से हो जाते हैं इसलिए कहीं कहीं उसको मौन रहकर के समय बिता लेना पड़ता है क्योंकि शहीदों के बीच में बहुत ज्यादा अपना अधिकार रोग या फिर उसे सब है ऐसा दर्शाया नहीं जा सकता है जबकि किसी दफ्तर में एक ही कार्यालय में कोई संस्था में बड़ों से छोटों के प्रति कुछ नियम बनाए हुए होते हैं यदि उनको उनका उल्लंघन कर दे तोड़ दे तो उनको निरस्त किया जा सकता है निलंबित किया जा सकता है उनको डाटा जा सकता है और उसे कुछ न कुछ दंड दिया जा सकता है जबकि घर में ऐसा होता नहीं है घर में ऐसा होने से बहुत ज्यादा बवाल खड़ा हो जाता है क्योंकि सबको पता होता है कि सब एक दूसरे से मिले जुले या जान पहचान वाले होते हैं और एक दूसरे के कहीं न कहीं चहेते होते हैं तो बहुत ही ज्यादा उन पर यह डांट फटकार या कुछ कहना ऐसा होता नहीं है तो इस प्रकार से समस्याएं बनी की बनी रह जाती है उसे फिर यूं ही मौन रहकर दबाना पड़ता है ज्योति है बातें घटाएं लेकिन यदि वही बातें हैं कि बाहर के मैदान में वह कोई दफ्तर में कोई कार्यालय में किसी भी संस्था में अपने टुकुर सुलझा सकते हैं क्योंकि उसका कहना उस आदमी का कहना लोग सभी मानते हैं और नियम के अनुसार चलते हैं नियमों का उल्लंघन नहीं करते हैं धन्यवाद
Namaskaar doston aap ka preshar hai jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosare kee samasya sulajha sakata hai dosto aisa kaee baar hota hua hamen dikhaee deta hai ya aisa hota hai ki jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata hai vah doosaron kee jaroorat so jaata hai to to aisa isalie hota hai kyonki jis ghar mein jo insaan rahata hai usakee ahamiyat us ghar mein thodee kam hotee hai kyonki vah nahin jaanata hai aur ghar mein usakee jaan pahachaan hone ke kaaran kuchh usake chaahate hote hain ya phir kuchh insaan apane chaheton ko rokata hai to aise donon hee sthitiyaan paida ho jaatee hai is kaaran se vah insaan apane ghar mein jo kuchh bhee apanee achchhee to soch hai usake baare mein bataega ya apanee achchhee yojana ke baare mein bataega to usakee kuchh log jo parivaar vaale hain vo nahin maanenge aur kuchh maan jaenge to doston is prakaar se poornataya ghar kee samasya sulajhaane mein vah saphal nahin ho paate hain haan kuchh saphal hogee jaate hain lekin adhikaansh hai aise hote hain ki ghar mein samasya sulajhaane mein hona kaam se ho jaate hain isalie kaheen kaheen usako maun rahakar ke samay bita lena padata hai kyonki shaheedon ke beech mein bahut jyaada apana adhikaar rog ya phir use sab hai aisa darshaaya nahin ja sakata hai jabaki kisee daphtar mein ek hee kaaryaalay mein koee sanstha mein badon se chhoton ke prati kuchh niyam banae hue hote hain yadi unako unaka ullanghan kar de tod de to unako nirast kiya ja sakata hai nilambit kiya ja sakata hai unako daata ja sakata hai aur use kuchh na kuchh dand diya ja sakata hai jabaki ghar mein aisa hota nahin hai ghar mein aisa hone se bahut jyaada bavaal khada ho jaata hai kyonki sabako pata hota hai ki sab ek doosare se mile jule ya jaan pahachaan vaale hote hain aur ek doosare ke kaheen na kaheen chahete hote hain to bahut hee jyaada un par yah daant phatakaar ya kuchh kahana aisa hota nahin hai to is prakaar se samasyaen banee kee banee rah jaatee hai use phir yoon hee maun rahakar dabaana padata hai jyoti hai baaten ghataen lekin yadi vahee baaten hain ki baahar ke maidaan mein vah koee daphtar mein koee kaaryaalay mein kisee bhee sanstha mein apane tukur sulajha sakate hain kyonki usaka kahana us aadamee ka kahana log sabhee maanate hain aur niyam ke anusaar chalate hain niyamon ka ullanghan nahin karate hain dhanyavaad

T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए T जी का जवाब
Business
2:57
यह क्या आपने प्रश्न किया है कि जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा सकते हैं लेकिन दोनों स्थितियों की तुलना करना एक व्यक्ति के लिए इंदौर स्थितियों की कल्पना करना मेरी समझ से परे जो कि किसी समस्या का 16 + यह समस्या का सुलझाना एक दूसरे व्यक्ति की सोच उस समय की उस तरह की परिस्थितियों पर निर्भर करता है सामने वाला व्यक्ति जिस को समझाया जा रहा है बस समझना चाहता भी है या नहीं समझना और जिस व्यक्ति को समझाया जा रहा है उसको क्या समझाया जा रहा है और जो समझाया जा रहा है वह उस व्यक्ति के लिए कुछ प्रतिशत भी अनुकूल है या नहीं यह निर्भर करता है इसलिए इन दोनों स्थितियों की तुलना करना बिल्कुल गलत है अब हो सकता है एक बहुत ज्ञानी व्यक्ति भक्त शब्द व्यक्ति बहुत सुंदर व्यक्ति बहुत कुछ सोच विचार वाला व्यक्ति अपने घर में किसी स्थिति में किसी परिस्थिति में हो सकता है ना समझा पा रहा हूं लेकिन हम यह कैसे कल्पना कर सकते हैं कि वह व्यक्ति जहां दूसरी जगह किसी को समझा रहा है वहां पर भी समकालीन समान परिस्थितियां रह रही हो अब हो सकता है मैंने ऐसे भी लोगों को देखा है जो उनके घर में पति पत्नी के बीच में संबंध ठीक नहीं है लेकिन वो व्यक्ति कई सारे परिवारों को लूटने से बचा लेता क्योंकि उस व्यक्ति की पत्नी खुद उस तरह की सोच से पीड़ित है कि उसको कुछ भी समझाया जाए वह नहीं समझना चाहती थी लेकिन जो व्यक्ति अपने परिवार को अपने घर को अच्छा देखना चाहता है समझना चाहती बात को गंभीरता से समझ करके उस पर आगे बढ़ना चाहता हूं वहां पर वही व्यक्ति जाकर कि उन चीजों को उस रूप में प्रस्तुत करता है समझाता है तो समस्या कॉलेज जाती इसलिए दोनों स्थितियां अलग अलग है और इसमें व्यक्ति क्यों किसी तरीके से दोष आरोपित करना गलत बात है धन्यवाद
Yah kya aapane prashn kiya hai ki jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosare kee samasya sulajha sakate hain lekin donon sthitiyon kee tulana karana ek vyakti ke lie indaur sthitiyon kee kalpana karana meree samajh se pare jo ki kisee samasya ka 16 + yah samasya ka sulajhaana ek doosare vyakti kee soch us samay kee us tarah kee paristhitiyon par nirbhar karata hai saamane vaala vyakti jis ko samajhaaya ja raha hai bas samajhana chaahata bhee hai ya nahin samajhana aur jis vyakti ko samajhaaya ja raha hai usako kya samajhaaya ja raha hai aur jo samajhaaya ja raha hai vah us vyakti ke lie kuchh pratishat bhee anukool hai ya nahin yah nirbhar karata hai isalie in donon sthitiyon kee tulana karana bilkul galat hai ab ho sakata hai ek bahut gyaanee vyakti bhakt shabd vyakti bahut sundar vyakti bahut kuchh soch vichaar vaala vyakti apane ghar mein kisee sthiti mein kisee paristhiti mein ho sakata hai na samajha pa raha hoon lekin ham yah kaise kalpana kar sakate hain ki vah vyakti jahaan doosaree jagah kisee ko samajha raha hai vahaan par bhee samakaaleen samaan paristhitiyaan rah rahee ho ab ho sakata hai mainne aise bhee logon ko dekha hai jo unake ghar mein pati patnee ke beech mein sambandh theek nahin hai lekin vo vyakti kaee saare parivaaron ko lootane se bacha leta kyonki us vyakti kee patnee khud us tarah kee soch se peedit hai ki usako kuchh bhee samajhaaya jae vah nahin samajhana chaahatee thee lekin jo vyakti apane parivaar ko apane ghar ko achchha dekhana chaahata hai samajhana chaahatee baat ko gambheerata se samajh karake us par aage badhana chaahata hoon vahaan par vahee vyakti jaakar ki un cheejon ko us roop mein prastut karata hai samajhaata hai to samasya kolej jaatee isalie donon sthitiyaan alag alag hai aur isamen vyakti kyon kisee tareeke se dosh aaropit karana galat baat hai dhanyavaad

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
0:50
नमस्कार दोस्तों प्रशना कि जो इंसान अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाता क्या वह दूसरे की समस्या सुलझा सकता है तो दोस्तों बिल्कुल सत्य है बहुत सारे व्यक्ति ऐसे होते हैं जो अपने घर की समस्या नहीं सुलझा पाते हैं उनके घर में चलती नहीं है तो इसीलिए बाहरी व्यक्ति को बुलाया जाता है समझाने के लिए घर वाले ऐसा होते हैं कई बार लोग महत्व नहीं देते हैं उसमें भी घरवालों की जो 16 ना होती है बाहर वाले को बुलाएगा तो आसानी से 2 लोग समझ जाते हैं ऐसी जिसकी घर ही नहीं समझता नहीं सुलझा पाता वह हो सकता है बहुत ही अच्छा बाहर लोगों को सलाह दे पाता हूं बहुत अच्छा समझा पाता उसके जो है मशीनों को हो सकता है उसको किसी विशेष विषय का ज्ञान भी हो उसके आधार पर भी वह मसले सुलझा सकता है वैसा कथन सत्य है बहुत सारे ऐसे मैंने लोग देखे हैं जो खुद घर में डिस्टर्ब रहते हैं लेकिन बाहर बहुत अच्छा सा मसला सुलझा पाते हैं धन्यवाद
Namaskaar doston prashana ki jo insaan apane ghar kee samasya nahin sulajha paata kya vah doosare kee samasya sulajha sakata hai to doston bilkul saty hai bahut saare vyakti aise hote hain jo apane ghar kee samasya nahin sulajha paate hain unake ghar mein chalatee nahin hai to iseelie baaharee vyakti ko bulaaya jaata hai samajhaane ke lie ghar vaale aisa hote hain kaee baar log mahatv nahin dete hain usamen bhee gharavaalon kee jo 16 na hotee hai baahar vaale ko bulaega to aasaanee se 2 log samajh jaate hain aisee jisakee ghar hee nahin samajhata nahin sulajha paata vah ho sakata hai bahut hee achchha baahar logon ko salaah de paata hoon bahut achchha samajha paata usake jo hai masheenon ko ho sakata hai usako kisee vishesh vishay ka gyaan bhee ho usake aadhaar par bhee vah masale sulajha sakata hai vaisa kathan saty hai bahut saare aise mainne log dekhe hain jo khud ghar mein distarb rahate hain lekin baahar bahut achchha sa masala sulajha paate hain dhanyavaad

घनश्याम वन Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए घनश्याम जी का जवाब
मंदिर सेवा
0:47
बहुत सी समस्याएं ऐसी होती हैं इंसान अपनी पारिवारिक समस्याओं ने समझा हरदा और दूसरे की समस्या सुलझाने में उसका मन मस्तिष्क काम कर जाता है जैसे किसी का लड़ाई झगड़ा हो रहा है और इंसान में चला जाए और उन दोनों में अपनी चतुर्दशी अपनी अच्छाई से उन दोनों के झगड़े को समाप्त करा सकता है ऐसी कौन सी समस्याएं हैं जो इंसान खुद नहीं सुलझा पाता और दूसरे की समस्या सुलझा देता है यह इंसान थे मनो वैज्ञानिक और उसके कर्तव्य निर्धारित करता है
Bahut see samasyaen aisee hotee hain insaan apanee paarivaarik samasyaon ne samajha harada aur doosare kee samasya sulajhaane mein usaka man mastishk kaam kar jaata hai jaise kisee ka ladaee jhagada ho raha hai aur insaan mein chala jae aur un donon mein apanee chaturdashee apanee achchhaee se un donon ke jhagade ko samaapt kara sakata hai aisee kaun see samasyaen hain jo insaan khud nahin sulajha paata aur doosare kee samasya sulajha deta hai yah insaan the mano vaigyaanik aur usake kartavy nirdhaarit karata hai

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