#भारत की राजनीति

Er.Awadhesh kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 66
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Unknown
2:08
क्या आपको लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के समान वेतन और भत्ता भारत सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए हकीकत दिखे तू जो सेना के जवान को मिलना चाहिए उन्हीं मिलता है उसका फायदा जो पॉलिटिक्स में जाते हैं उन्हें उसका फायदा मिलता है उतना आनंद मिलता है उतना सुकून मिलता है क्योंकि हमारे देश का जवान जो मेहनत करता है जो हमारे देश की रक्षा करता है उसकी एवज में उसे कुछ भी नहीं मिलता है अगर वह शहीद हो जाता है तो उसे 24 1000000 रुपए देकर ही मामला दबा दिया जाता और कहीं ना कहीं आए दिन जो सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है कहीं ना कहीं उस जवानों की मौत होती है उन माता-पिता किन लालू की होती है जो इस देश की सेवा करते हुए अपनी जान की आहुति देते हैं तो कहीं नहीं देखा जाए तो मिलना चाहिए नहीं मिलता है और हमारी भारत सरकार जो है उन नहीं दे पाती है लेकिन अगर सरकार कोशिश करती है तूने सबसे बड़ा सम्मान सबसे ज्यादा उन्हें शैली भत्ता सब कुछ देना चाहिए जो उनके परिवार आए आने वाले समय में याद करेगी हां मेरा परिवार था और मैं उसके बाद मेरी ऐसी स्थिति है अगर कोई जवान शहीद हो जाता है उसके परिवार की जो दयनीय स्थिति आपने कभी देखा नहीं होगा इतनी ज्यादा खराब हो जाती है क्योंकि किसी के परिवार में एक ही लाल होता है एक ही बैठा होता है जो शहीद हो जाता है उसके बाद उस परिवार का पालन पोषण करने के लिए कोई भी आगे नहीं आता है उल्लू चंद पैसे मिलते हैं वह कब खत्म हो जाते हैं उसकी कोई गारंटी नहीं है तो उस ऐसा नहीं होना चाहिए कि उस परिवार के लिए जब तक उनका परिवार जिंदा है उन्हें कुछ ना कुछ मिलता रहे जिससे कि उनके जीवन का विज्ञापन चल चल सके क्योंकि वही बता उनके जीवन का पीड़ादायक हो सकता है उनके परिवार का जो दुखों का दर्द जो दुख का निवारण बन सकता है वहीं एक भत्ता है जो मिलना चाहिए उन्हें

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DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:31
अपनी कहा क्या आपको लगता है कि सेना को भी सांसदों के समान वेतन भत्ता भारत सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए मेरा मानना है उस माननीय के पीछे तीन पट्टी देश का जवान देश का किसान अतीत का शिक्षक जान जो पूरी दुनिया को चलाता है जहां नक्शा करके किसान अन्नदाता बनकर और अध्यापक जीवनदाता बनकर इन तीनों को सांसदों से भी ज्यादा वेतन देना चाहिए उनको सुविधाएं देनी चाहिए जो सरकार इन्हें कि वो देश कभी भी कसमें नहीं रहेगा वह देश दुनिया की बहुत बड़ी ताकत होगा पूरे विश्व का एक जो है आदर्श होगा लेकिन दुर्भाग्य भारत में इन तीनों की दुर्गति है जवानों को चुनाव जीतने के लिए शहीद होना पड़ता है किसानों को अपनी मांगों के लिए शहीद होना पड़ता है अध्यापकों को इस सरकार ने सड़क पर सब्जियां विक्वाजी उनको बेरोजगार कर दिया ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर अध्यापकों का उन्होंने जो है 3 जून को मैं तू जानती है दिया

Archana Mishra Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Housewife
0:28
हेलो फ्रेंड स्वागत है आपका आपका प्रश्न है क्या आपको लगता है कि 9 जवानों को भी सांसदों के समान वेतन और भत्ता भारत सरकार द्वारा दिया जाना चाहिए यह फ्रेंड को को भी इतना ही भट्टा और अधिकार तब मिलने चाहिए और उनकी और ज्यादा सुविधाएं देना चाहिए था और ज्यादा वेतन मिलना चाहिए सर सांसदों के बराबर ही सुविधाएं उनको भी मिलना चाहिए क्योंकि सेना के जवान अपनी जान हथेली पर रखकर अपनी ड्यूटी करते हैं धन्यवाद

Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Life Coach | Motivational Speaker
6:53
चली पहले समझ लेते हैं कि जो लोग सेना में होते हैं या सरकारी नौकरी में होते हैं सरकारी नौकरी को भी अभी साइट करते हैं खाली सीना की बात करते हैं और डिफेंस फोर्स में जो लोग होते हैं चाहे वह फूलों को आर्मी ऑन ए बी और सी आर पी एफ ओ आर पी एफ ओ है यह सारे जितने भी हैं इनमें क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं और इसको और थोड़ा कम करके देखें तो खाली डिफेंस को देखिए को शाम ही नहीं भी को देखें तो वहां पर क्या मिलता है सहूलियत जी एक तो सब को सैलरी मिलता है सब की तनख्वाह होती है जो कि ठीक 30 दिन बाद उनको मिलती है उनके पास मेडिकल फैसिलिटी होती है मतलब उनका आता है मालूम होता है वहां पर घर के पास ही होता है या तो कॉन्प्लेक्स में होता है या फिर थोड़ा दूर होता है जहां पर उनको फ्री से कितना मिलती है घर के परिवार के सदस्यों को भी फ्री चिकित्सा मिलती है मतलब जैसे मान लीजिए रोज में रखिएगा कोई आधा बीमारी वगैरह होती है जैसे मान लीजिए खासी बुखार सर्दी वगैरा फ्री में जाते हैं वहां पर चेकअप होता है दवाई मिल जाती है कोई दिक्कत नहीं है इसी तरीके से अगर घर परिवार का कोई सदस्य को कोई आईना शायरी वगैरा की भी जरूरत है ऐसा कुछ होता है तो भी मेडिकल उनका देखा जा देख लिया जाता है उनका अपने हॉस्पिटल में है चाहे वह आदमी का हो एयरपोर्ट कहां पर फ्री इलाज हो जाता है उसके बाद उनके पास सीएसडी कैंटीन की सुविधा होती है कैंटीन वह चेक होती है जैसे हमारे यहां मॉल वगैरह होते तो क्या तीनों जगह होती है जहां पर चीन से मार्केट रेट से थोड़े कम दाम में मिलती हैं मान लीजिए अगर एक अकाउंट में ₹100 का है तो वहां पर कैंटीन में वह साबुन 8085 रुपए का मिलेगा ठीक है तो अलग-अलग प्राइस के साथ यहां पर होते तो कैंटीन में जो सामान मिलता है वह थोड़ा कंपेरटिवली कम रेट का होता है उसके बाद लिख कर का प्रवेश होता है एक कैंटीन का कार्ड बनता है इसी तरह लिखकर का वेली कर मतलब है हल्का-हल्का उत्सव ईयर कार्ड होता है तो सैनिकों के पास से जो भी रहोगे डिफेंस में होते हैं और उसका इलाज होता है जैसे मान लीजिए महीने में दो बोतल या तीन बोतल है जो भी है जो भी इनका क्वांटिटी ऐसे करके अब वह भी होता है इसके साथ चावल होता है जैसे मान लीजिए साल में दो बार ta-da मिलते हैं या तीन या चार ऐसे करके होता है कि आप ऐसे में जब जाते हैं सफर करते हैं खुद के लिए और परिवार के लिए 2 साल में दो या चार ऐसे करके देते हम पास होते ना तो फ्री में चावल करने का तो वैसा करके मिलता है खुद के लिए और परिवार के लिए अनडिस्काउंटेड रेट पर यह प्रवेश मिलता है 30 तारीख की व्यवस्था मिलती है एक का सैनिक को आता भी है क्या यह सही है क्या इसको बड़ा करके सांसदों के समान ना कर देना चाहिए तुझे देखे सांसदों की है जो सैलरी है वह अच्छी है थोड़ी बैठे रहे मतलब जब हम प्राइवेट लोग से बात करते हैं हम प्यार करते हैं तो तेरे वहां पर इतनी नहीं है और सुविधाएं उनके पास भी वही हैं भाई उनको फैसिलिटी मिलती हैं मकान मिलता है अब ऐसे डिफेंस में भी लोग जो लोग होते हैं उनको मकान मिलता है उनका शॉप नंबर आते हैं तो उनको मकान मिलता है वैसे वह रेंट पर रहते हैं लेकिन अजब नंबर आते हैं क्वार्टर उनको मिलते हैं जहां पर वह रहते हैं लेकिन जो ऑफिस जो तेरी बहन को शुरू से ही क्वार्टर मिलता है तो उनको बाहर से बिल में प्राइवेट में रहने की जरूरत नहीं होती है तो ऐसे कर के होते हैं अच्छा तो क्या इनको भी उतना वेतन और भत्ता मिलना चाहिए जितना सांसदों को मिलता है उतना मिलना तो शायद उचित नहीं होगा क्योंकि देखिए यहां पर यह एक सैनिक है जो खेती में काम करता है भारत के गोरी भजन करता है लड़ता है और जंग में और इस द विनर सैनिक कार्यालय में ही होता है कुछ हमारे भाई अवार्ड पर होते हैं बाकी सारे लोग आवेदन कंट्री होते हैं और अब जब हम सांसदों की बात करते हैं तो उनका रोल अलग होता है उनका काम अलग होता है ठीक है तो अलग रह गया कहानियां अलग-अलग चीजें तो इसको उठा कर सीधा उतना कर देना शायद मेरी नजर में सही नहीं रहेगा बल्कि यह भी सोचने की बात है कि वे सांसदों से ही क्यों कंपेयर करें और उनके बराबर ही क्यों करें सबसे बड़ा सवाल तो यह ऐसा क्यों लेकिन फिर भी बात आती है कि क्या फिर इनकी सैलरी को बढ़ाना चाहिए क्या इनको सुविधाएं देनी चाहिए क्या उनको वह आदर सम्मान देना चाहिए तो जी हां बिल्कुल जितना उनको मिलता है क्या उसके ऊपर को मिला जी हां बिल्कुल मिलना चाहिए लेकिन इसके साथ जो उन्हें मिलना चाहिए सबसे ज्यादा जो जरूरी है वह यह है कि वही उनको वह सुविधाएं मिलें उनको वह आम मेरे उर्दू अवनीश मिले उनको वह से मिले जो उनको सहायता करती हैं बॉर्डर पर रहने में चाहे वह सर्दी में गर्म कपड़े हो वह तो बोले तो फिर जैकेट हूं और कुछ जरूरत होती है कि भाई हमारी टीम में या यह हमारे पक्ष में हमारे बटालियन में लोग हैं क्योंकि कई बार हमने देखा है चाहे वह हम ही हम बॉर्डर पर जाकर तो देखते नहीं है मूवीस में याद है भाई सब ने देखा है पढ़ाई सुना है हमने यही महसूस किया कि नहीं वहां पर हमारे लोग कब वोट पड़ जाते थे लोग नहीं होते थे और उस कारण से कई जगह हमारी छोटी सी टुकड़ी ने बहुत बड़ी टुकड़ी का सामना किया लेकिन हमारी यह टुकड़ी जो थी वह वीरगति को प्राप्त हुई तो इन सब पर ध्यान देने की जरूरत है कि मैं इसको कैसे सिद्ध किया जाए कि हमारे सैनिको वह सुविधा मिले जब वह अपनी ड्यूटी पर हो अपना जवाब कर रहे हो यह देखना चाहिए कि वही उनको साल में जो छुट्टियां मिलती हैं वह ठीक है यानी उनकी पोस्टिंग का सीरियस में होती है वह कम समय के लिए रहे और विनोद और रोटेशन पर दादा रहे ऐसे करके बहुत सारी चीजें देखनी होती है उस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है अब बजाय इसके कि खा लिया विद्यालय उठाकर और सांसो पर किधर किस तरह कर दें मैं बहुत डिटेल में जाता हूं क्योंकि जानता हूं यह सब क्योंकि मैं डिफेंस मैग्नम से बिलॉन्ग करता हूं मेरे फादर खुद एयरफोर्स में थे तो हमने हर 3 साल कभी इधर कभी उधर काटे हैं मुझे पता है मैं केंद्रीय विद्यालय में पढ़ा हूं तो मुझे पता है कि क्या होता है क्या नहीं होता तो और डिटेल में बता चुका हूं 1 घंटे तक बात करते हो लेकिन समय क्या भाव थे अभी मैं फिलहाल इतना ही बता रहा हूं आपको

Rahul chaudhary Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
1:43
आपका सवाल है कि क्या आपको लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के समान वेतन और भत्ता भारत सरकार द्वारा दिया ना चाहिए देखिए अगर ऐसा किया जाएगा मैं सेना के जवानों के खिलाफ नहीं हूं लेकिन ऐसा प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है क्योंकि सेना के जवानों की संख्या बहुत ज्यादा है और जो हमारे सांसद और विधायक हैं उनकी संख्या उनकी तुलना में बहुत कम है अगर उन सबको ही सांसदों के समान वेतन और भत्ता दिया जाएगा तो यह भारत सरकार पर बहुत ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ेगा क्योंकि जो सांसद हैं या विधायक हैं उनको जो वेतन मिलता है वह आप ऐसे तुलना कर सकते हैं कि 10 या 12 या मरे सैनी के उन सब को मिलाकर जो सुविधाएं मिलती हैं वह एक सांसद या विधायक अकेला ले लेता है तो इससे अगर ऐसा किया जाएगा तो बहुत आर्थिक बोझ पड़ेगा हां इसकी जगह किया जा सकता है जब यह नेतागण कहते हैं कि हम तो देश सेवा कर रहे हैं तो देश सेवा कर रहे तो आप किस चीज के पैसे ले रहे हो इतने भक्त एयरलाइंस के टिकट फ्री लैंडलाइन का पानी का इतनी बड़ी बड़ी कोठी बंगले यह किस लिए हैं फिर जब तुम्हें सेवा ही करनी है तो तुम्हारी हर 5 साल बाद संपत्ति किसी की 800 गुना बढ़ जाती किसी की हजार गुना बढ़ जाती है कैसे होता है तो इस चीजों पर अंकुश लगना चाहिए और जो सेना के जवानों को जो उनकी जरूरत की चीजें हैं तनहाई बेशक आप जितनी है उतनी रख ले लेकिन उनके जीवन की जो संबंधित खाने पीने या उनकी ब्लूटूथ प्रूफ जैकेट और सियारिन की कमी हमारे देश की जवानों को नहीं होनी चाहिए और जो यह सांसद है और इनके वेतन और भत्तों में भारी कटौती करनी चाहिए ताकि यह जो आज के समय में पैसों का व्यापार बन गया है राजनीतिक इस पर थोड़ा अंकुश लग सके धन्यवाद

Harender Kumar Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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As School administration & Principal
1:49
कल क्या आपको लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के संबंध में तन और सत्ताधारी सरकार को दिए थे हमारे जवानों को बच्ची फैसिलिटी और बता दिया यार ऐसी बात नहीं है पहले ही चीजों में छोड़ दिए थे जो सेवंथ पे कमिशन के अनुसार दिया गया है बेहतर है और और इसमें बढ़ोतरी होने चाहिए सेफ्टी सिक्योरिटी और चीजों का जरूरी है बिल्कुल क्योंकि वह हमारी जो बॉर्डर से उनकी सुरक्षा करते हैं और हम पर जान भी हवा के यांतर के सांसदों के समान है वे सांसदों को तो बहुत ज्यादा भत्ता मिलता है अगर उतना भत्ता देने लगे तो शेयर जरूर करो कि वही सांसदों की संख्या को गिनी चुनी 545 होती है और इनकी संख्या हमारे जो जवानों की होगी 8:00 1000000 होगी अगर इतना ज्यादा सुविधाएं लेंगे तो हमारी जीडीपी चली जाए क्या क्या होगा कि हम विकास की दूसरी चीजें हैं वह बंद कर दें वही उनको भरते ही और चीज़ें अच्छी दी जा रही है और अच्छी होनी चाहिए लेकिन सांसदों के बराबर कर चला गया इनकी सैलरी मत देखना की रिकॉर्डिंग दोनों उसके अलावा भी कम से कम हो सरकार उनके ऊपर हर महीने 40 50 लाख अलग से कर कर टेलीफोन क्या कहती थी कि कहीं भी जा रहे हैं हर रोल में गाड़ियों में बसों में ट्रेनों में की जाएगी और हरी मिर्च ज्योति फिर अपने क्षेत्र में घूमने के लिए उनकी कार्यकर्ता है उनकी कलरफुल का बच्चे का क्या

Manish Kumar  Bolkar App
Top Speaker,Level 22
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Defence
4:57
जाती हुई कमांडो कैसे बनता है 5 किलोमीटर विद्या के हथियारबंद लोगों से लड़ना जय हिंद वंदे मातरम दोस्तों हमारे देश के जवान जिसे कारण घरों में सुरक्षित है और चैन की नींद ले रहे हैं उन्हें अपने क्रिटिक्स लूट कर दीजिए और कमेंट में जय हिंद वंदे मातरम लिख दीजिए क्योंकि जो जवान हमारे लिए भी विषम परिस्थितियों में प्राकृतिक आपदाओं से लड़के आंधी तूफान भारत का ज्वालामुखी का फटना कड़ी चिल्लाती धूप बारिश त्रिपाठी सर बड़ा में जमकर हमारे लिए ड्यूटी कर रहे हैं उनके लिए एक शेर तो बनता है दोस्तों आप लोग क्या हो पैसा नहीं लेते हैं वह पैसा लेते हैं परंतु वह इस धरती मां की सेवा कर रहे वह इस देश को लूट नहीं रहे उनका ड्यूटी ऐसा है जिसे कर पढ़ना सभी के बस की बात नहीं होती है सेना में एक जवान के भर्ती होने के लिए इन्हें विभिन्न प्रकार के चेस्ट रिटन टेस्ट फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट मेडिकल टेस्ट जैसे टेस्ट से गुजरना पड़ता है मैथमेटिक्स हिंदी इंग्लिश जनरल नॉलेज जनरल अवेयरनेस जैसे विश्व में होते नौकर वह भी आज के कंपटीशन समय में 75 परसेंटेज नंबर लेकर रिटन एग्जाम पास करना फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट पास करना मेडिकल टेस्ट पास करना और फिर आरक्षण की मार को जलते हुए जो है अपने आप को इसमें सफलता पाना यह एक बड़ी चुनौती होती है हमारे देश का नेता जिसके हाथ में इस पूरे देश के शासन सत्ता का भाग दौड़ थामा जाता है उन्हें ना तो कोई रिटन एग्जाम है ना ही कोई फिश कल एग्जाम है और ना ही कोई रिटेन एग्जाम है हमें शर्म आती है इस भारत देश के शासन व्यवस्था पर की जिसे एक बंदूक लेकर ड्यूटी करनी है उसके लिए इतना टेस्ट और जिसे इन देश का पूरा नियंत्रण कंट्रोल उनके हाथ में देना है उन्हें कोई रिटन टेस्ट नहीं वह गैरकानूनी कार्य भी करते हैं उनका कोई कैरेक्टर सर्टिफिकेट नहीं जबकि एक सिपाही के लिए करैक्टर सर्टिफिकेट लगाना आवश्यक होता है एक सिपाही जो इस देश के सरहद को संभालता है इस देश को बचाता है नहीं तो आज हमारा दुश्मन देश रातो रात में मार के चला जाए इन्हीं सिपाहियों की वजह से जो है हम अपने घरों में सुरक्षित हैं वह अपनी हथेली पर अपनी जान को लेकर हमारे लिए दिन रात एक कर के लड़े लगे रहते हैं उन्हें कोई फैसिलिटी नहीं दिया जाता है नेता के सामान यह बहुत ही गलत बात है सब परिवार को छोड़कर जो है ड्यूटी कर रहे हैं उन्हें इस न्यू पेंशन के सहारे जो कि हम तुम्हें मुश्किल से दो चार पांच हजार का मन असली आएगा उनके भरोसे हैं तो ऐसा नहीं होना चाहिए एक बार जो है कोई भी नेता मंत्री बन जाता है तो वह अपने फंड से जो पैसे चुराता है उसके साथ ही साथ पेंशन उसके पूरे जो है साथ पुस्तक अध्याय खर्च निर्माण करता है परंतु एक जवान जो है अपने पूरा लाइफ जो है घर परिवार से दूर होकर के बॉर्डर पर लगाते हैं परंतु जो है ना वो खुश रह पाता नहीं जो है आज उसका परिवार खुश रहता है बहुत कम ही नेता है जो सुसाइड करते हैं परंतु एक बार फौज का हिस्ट्री उठाकर देख लो मेरे दोस्तों कितनी आती क्या होती है टेंशन से घर परिवार की दूरी तो उनके भेजे है पेंशन और वेतन का तत्वज्ञान देनी चाहिए धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम दोस्तों

Ganga Asati Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Ganga जी का जवाब
Unknown
0:25
लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के समान वेतन 71 भाग सर कट कर दिया जाना चाहिए तो हम पढ़ाई करती हो सैया छोटी सी चूक हुई इनकी इनकी ने देखा कि तुम को गोली लगी हुई हमसे गुस्सा ही सो जाते हैं उनका परिवार दुखी हो जाता है

nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए nav जी का जवाब
Service
1:50
नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आपको लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के समान वेतन और भत्ता और भारत सरकार द्वारा दिया जाता है जो चाहिए आपका सवाल अच्छा है और आपने बहुत अच्छी बात उठाई है लेकिन आप जो कहना चाह रहे हैं ना वह पॉसिबल नहीं है क्योंकि जो सांसद होता है उसका वेतन सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है संविधान के अनुसार निर्धारित किया जाता है और जो जवान हैं सेना के उनका वेतन जो है वह मंत्रालय के द्वारा निर्धारित किया जाता है जो रक्षा मंत्रालय हैं वह लोग निर्धारित करते हैं वह आ जाऊं पर अफसर बैठे हुए वह सब चीज सोच समझ कर के ही संस्कार सेना के जवानों का वेतन तय करते हैं तो यह सब चीजें थोड़ा सा अभी मुश्किल है और कभी हो भी नहीं पाएंगे लेकिन हां आपकी बात अच्छी लगी और आपने बहुत अच्छी बात कही है तो मैं आप के समर्थन में यह बात जरूर कहूंगा कि सेना के जवानों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जानी चाहिए और खुद आना का शायद ही कोई जवान वतन पर शहीद हो जाता है माली जी फौजी बॉर्डर पर लड़ते लड़ते शहीद हो जाता है तो उसको इतना पैसा दे दिया जाए या उसकी इतनी सहायता कर दी जाए कि उसके घर वाले मतलब उसके घरवालों को बहुत अच्छा पैसा मिलना चाहिए उसके घरवालों की इतनी सहायता कर देनी चाहिए कि उसके घर वाले उसकी कमी को थोड़ा कम महसूस कर सके या महसूस ही ना कर पाए यह जरूर होना चाहिए और सेना के जवानों की वेतन अच्छा होना चाहिए उनको भरते भी अच्छे मिलने चाहिए सरकारी कर्मचारियों को भी बराबर उनको वेतन मिलना चाहिए सरकारी कर्मचारियों के बराबर जो सुविधाएं मंत्रालयों में बैठे हुए चपरासी को या उनको मिलती है लिपिक वगैरह को करो जो कर्म फल अंगारा होते हैं उनको मिलते हैं वह शिव सेना के जवानों को भी चाहिए यह बात आपकी बिल्कुल जायज है उम्मीद करता हूं जवाब अच्छा लगेगा मुझे सब्सक्राइब कीजिए धन्यवाद

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