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Rahul kumar Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
2:26

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अनन्या सिहं Bolkar App
Top Speaker,Level 66
सुनिए अनन्या जी का जवाब
Bapu degree college
0:49

Nikhil Ranjan Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Nikhil जी का जवाब
Programme Coordinator at National Institute of Electronics & Information Technology (NIELIT)
1:07

डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:21

Daulat Ram sharma Shastri Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Daulat जी का जवाब
Retrieved sr tea . social activist,
2:12
भारत में जो अंग्रेजी का यूज करते हैं उसके तीन चार कारण है नंबर 1 कुछ लोग तो अपने आप को क्वालीफाई करने के लिए अंग्रेजी का प्रयोग करते हैं जबकि भी हकीकत में अंग्रेजी के को उतनी अच्छी तरह ना समझते हैं ना बोल सकते हैं लेकिन वह सिर्फ अपने आप को कॉलेज फाइट आधुनिक सिद्ध करने के लिए इंग्लिश का यूज करते हैं नंबर दो हमारे भारतीय समाज की मानसिकता भी इतनी स्तर हीन हो चुकी है कि भी इंग्लिश बोलने वालों को क्वालिफाइड समझते हैं अच्छा आधुनिक समझते हैं और चीनी अस्पष्ट हम मानते हैं इसलिए लोग उस दिखावे के लिए भी एक देश का प्रयोग करते हैं तीसरा फिर आप अपनी एक आंख भी इंग्लिश का प्रयोग बुद्धि की माप के रूप के रूप में भी प्रयोग किया जाता है कि जैसे कि आप देखते हैं कि जब पिंटू को होते हैं तो जो हिंदी में प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं उन लड़कों की तुलना में जो इंग्लिश में अच्छी तरह उत्तर दे पाते हैं उन लोगों को कलेक्शन अधिक मिल जाते हैं यह सच्चाई है यह मानकर चलें कि वह हमारी भक्ति एक घटिया मानसिकता का सूचक है क्योंकि हम आज यद्यपि स्त्री से स्वतंत्र हो चुके हैं लेकिन हमारी भारतीय मानसिकता आज भी अंग्रेजी भाषा की गुलाम है यह बात तो होती है क्योंकि 1950 में भारत की भाषाओं में हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया किंतु आज तक दक्षिण वाले लोग आज तक हिंदी को राष्ट्रभाषा स्वीकार नहीं करते हैं और दक्षिण की तरफ आप जब भी जाएंगे तो वहां आप इंग्लिश का या उनकी लोकल लैंग्वेज ओं का प्रयोग पाएंगे हिंदी का प्रयोग वहां बिल्कुल मेल है जबकि उत्तर भारत में हिंदी का प्रयोग किया जाता है
Bhaarat mein jo angrejee ka yooj karate hain usake teen chaar kaaran hai nambar 1 kuchh log to apane aap ko kvaaleephaee karane ke lie angrejee ka prayog karate hain jabaki bhee hakeekat mein angrejee ke ko utanee achchhee tarah na samajhate hain na bol sakate hain lekin vah sirph apane aap ko kolej phait aadhunik siddh karane ke lie inglish ka yooj karate hain nambar do hamaare bhaarateey samaaj kee maanasikata bhee itanee star heen ho chukee hai ki bhee inglish bolane vaalon ko kvaaliphaid samajhate hain achchha aadhunik samajhate hain aur cheenee aspasht ham maanate hain isalie log us dikhaave ke lie bhee ek desh ka prayog karate hain teesara phir aap apanee ek aankh bhee inglish ka prayog buddhi kee maap ke roop ke roop mein bhee prayog kiya jaata hai ki jaise ki aap dekhate hain ki jab pintoo ko hote hain to jo hindee mein prashnon ke uttar de rahe hain un ladakon kee tulana mein jo inglish mein achchhee tarah uttar de paate hain un logon ko kalekshan adhik mil jaate hain yah sachchaee hai yah maanakar chalen ki vah hamaaree bhakti ek ghatiya maanasikata ka soochak hai kyonki ham aaj yadyapi stree se svatantr ho chuke hain lekin hamaaree bhaarateey maanasikata aaj bhee angrejee bhaasha kee gulaam hai yah baat to hotee hai kyonki 1950 mein bhaarat kee bhaashaon mein hindee ko raashtrabhaasha ka darja diya gaya kintu aaj tak dakshin vaale log aaj tak hindee ko raashtrabhaasha sveekaar nahin karate hain aur dakshin kee taraph aap jab bhee jaenge to vahaan aap inglish ka ya unakee lokal laingvej on ka prayog paenge hindee ka prayog vahaan bilkul mel hai jabaki uttar bhaarat mein hindee ka prayog kiya jaata hai

Rahul chaudhary Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Rahul जी का जवाब
Unknown
2:33
आपका सवाल है कि क्या लोग अंग्रेजी का उपयोग एक भाषा के रूप में नहीं बल्कि बुद्धि की माप के रूप में व्यक्त करें देखिए आज के समय अगर हम अपने देश भारत की बात इंडिया तो इसमें ऐसा ही है अगर आपको बेसिक नॉलेज नहीं है हिंदी की लेकिन अगर आप अच्छी अंग्रेजी बोल लेते हैं तो आपको बहुत अच्छा माना जाएगा कि मतलब आप इंटेलिजेंट हो चाहे आपको और कुछ आता हो या ना बताओ लेकिन अगर आप अच्छे से इंग्लिश बोल लेते हैं तो आपको एक बुद्धिमान व्यक्ति माना जाएगा लेकिन मेरा मानना ऐसा है कि बुद्धि का मापन भाषा के आधार पर राजनीति का मापन व्यक्ति के विचारों से झलकता है उसमें विचारों में भाषा कभी भी रोना नहीं बननी चाहिए वह एक एक कहावत है कि कहावत नेम अलग कहानी है कि आई इंटरव्यू चल रहा था तो उसमें एक लड़का जो हिंदी में बात कर रहा था तो उसने कहा कि अगर आपको अंग्रेजी नहीं आती मर कैसे से स्टेट में लगा दिया आपको जान हिंदी कम आती है लोगों को तो आप उन चीज से कैसे हैंडल कर पाएंगे तो उसके बाद वह जो स्टूडेंट था उसने कहा कि सर मुझे पानी पीना है तो उनका कि आपके सामने गिलास रखा जिसमें पानी पी सकते उसने कर सर मुझे कांच के गिलास में नहीं फिल्म मुझे स्टील के गिलास में पानी पीना है तो उन्होंने पूछा कि भाई यह क्या मजाक है पानी तो जी स्टील के गिलास में हो रही इसमें है पानी तो पानी है तो उस तो नेट नहीं था कि सर भक्ति किसी भाषा हिंदी अंग्रेजी को देख कर नहीं आती अगर आप मुझे छमता है तो आप उस कार्य को अच्छे से कर पाएंगे और हमारे देश में तो अंग्रेजी बोलने वाले को इतना महत्व दिया जाता है अगर वह जैसे एक की हिंदी में गाली बक है अंग्रेजी में गाली बकी तो उसे जाएंगे वाह क्या शानदार बात बोली है तो ऐसा सिस्टम नहीं होना चाहिए हिसाब से तो लोगों को थोड़ा अपनी भाषा के प्रति भी हवेरा होना चाहिए बाकी देखते हैं हमारी सरकार क्या करती है सरकार को तो कुछ खास मतलब है नहीं सकता चाहिए मुझे बस उसके अलावा ना उन्हें रोजगार की छूट देने की चिंता है ना कुछ क्या बताएं आपको बुरा हाल चल जाए धन्यवाद
Aapaka savaal hai ki kya log angrejee ka upayog ek bhaasha ke roop mein nahin balki buddhi kee maap ke roop mein vyakt karen dekhie aaj ke samay agar ham apane desh bhaarat kee baat indiya to isamen aisa hee hai agar aapako besik nolej nahin hai hindee kee lekin agar aap achchhee angrejee bol lete hain to aapako bahut achchha maana jaega ki matalab aap intelijent ho chaahe aapako aur kuchh aata ho ya na batao lekin agar aap achchhe se inglish bol lete hain to aapako ek buddhimaan vyakti maana jaega lekin mera maanana aisa hai ki buddhi ka maapan bhaasha ke aadhaar par raajaneeti ka maapan vyakti ke vichaaron se jhalakata hai usamen vichaaron mein bhaasha kabhee bhee rona nahin bananee chaahie vah ek ek kahaavat hai ki kahaavat nem alag kahaanee hai ki aaee intaravyoo chal raha tha to usamen ek ladaka jo hindee mein baat kar raha tha to usane kaha ki agar aapako angrejee nahin aatee mar kaise se stet mein laga diya aapako jaan hindee kam aatee hai logon ko to aap un cheej se kaise haindal kar paenge to usake baad vah jo stoodent tha usane kaha ki sar mujhe paanee peena hai to unaka ki aapake saamane gilaas rakha jisamen paanee pee sakate usane kar sar mujhe kaanch ke gilaas mein nahin philm mujhe steel ke gilaas mein paanee peena hai to unhonne poochha ki bhaee yah kya majaak hai paanee to jee steel ke gilaas mein ho rahee isamen hai paanee to paanee hai to us to net nahin tha ki sar bhakti kisee bhaasha hindee angrejee ko dekh kar nahin aatee agar aap mujhe chhamata hai to aap us kaary ko achchhe se kar paenge aur hamaare desh mein to angrejee bolane vaale ko itana mahatv diya jaata hai agar vah jaise ek kee hindee mein gaalee bak hai angrejee mein gaalee bakee to use jaenge vaah kya shaanadaar baat bolee hai to aisa sistam nahin hona chaahie hisaab se to logon ko thoda apanee bhaasha ke prati bhee havera hona chaahie baakee dekhate hain hamaaree sarakaar kya karatee hai sarakaar ko to kuchh khaas matalab hai nahin sakata chaahie mujhe bas usake alaava na unhen rojagaar kee chhoot dene kee chinta hai na kuchh kya bataen aapako bura haal chal jae dhanyavaad

Pt. Rakesh  Chaturvedi ( Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant | Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Pt. जी का जवाब
Tally Trainer | Tax - Investment -Consultant |
2:20
नमस्कार दोस्तों प्रार्थना क्यों लोग अंग्रेजी का उपयोग एक भाषा के रूप में नहीं बल्कि बुद्धि की माप के रूप में कर रहे हैं तो दोस्तों से दुनिया का दस्तूर है जो चीज आसानी से पहुंच नहीं पाती है किसी व्यक्ति के पास वह समाज में बहुत महत्व रखती है मैं आपको छोटे-छोटे उदाहरण देकर बता सकता हूं कि पहले लिपटी आइडलेटर्स जो होते थे वह कहीं कहीं देखने को मिलते थे लेकिन आज शहरों में जाएंगे तो मेट्रो में जाएंगे तो आसानी से उपलब्ध है तो लोगों को आश्चर्य नहीं होता है ऐसे ही आप देखेंगे कि जो पायलट है हवाई जहाज चलाता है या जो हवाई जहाज में सफर करते हैं यात्री हम उनको दूसरी दृष्टि से देखते हैं है वह ड्राई हम कार के ड्राइवर के साथ अलग व्यवहार करेंगे उसकी टाइगर के बारे में हमारा व्यवहार या भावना रखेंगे जोशी तनखा भी काफी होती है तो जैसे जैसे बीच पहुंच जाएगी आपका मन लगने लग जाएगा ऐसी अंग्रेजी का है आपके बीच में नहीं है तो हो सकता है कि दूसरे वाला उसको बुद्धि का मापन बना ले लेकिन आप किसी अपने शब्दों पर महारत हासिल कर लें आप हिंदी पर ही महारत हासिल कर लें कि आप ऐसे शब्दों का चयन करके बोलेंगे उसको समझ में आता है निश्चित रूप से वह आपका सम्मान करेगा उसके लिए आप बंद नहीं होंगे से कोई भी अंग्रेजी हो कोई भी तो भाषा में कोई भी महारत हासिल कर ले जैसे कोई भी चाहे किसी भी फील्ड में महारत हासिल कर लेते तो अच्छा मौसी ही होता है अच्छा डॉक्टर ही होता है अच्छा नहीं होता है अच्छा बिजली वाला होता है का महारत हासिल कर लेते लोग उसको अच्छे नजरों से देखते हैं ऐसी अंग्रेजी का है बहुत कुछ लोग हम अंग्रेजी के समाज में रहते हैं अंग्रेजी बोलते हैं तो मां में देश को तो अंग्रेजी आती नहीं शहरों में कोई नहीं पूछता कि सारे लोग अंग्रेजी जान रहे होते हैं धन्यवाद
Namaskaar doston praarthana kyon log angrejee ka upayog ek bhaasha ke roop mein nahin balki buddhi kee maap ke roop mein kar rahe hain to doston se duniya ka dastoor hai jo cheej aasaanee se pahunch nahin paatee hai kisee vyakti ke paas vah samaaj mein bahut mahatv rakhatee hai main aapako chhote-chhote udaaharan dekar bata sakata hoon ki pahale lipatee aaidaletars jo hote the vah kaheen kaheen dekhane ko milate the lekin aaj shaharon mein jaenge to metro mein jaenge to aasaanee se upalabdh hai to logon ko aashchary nahin hota hai aise hee aap dekhenge ki jo paayalat hai havaee jahaaj chalaata hai ya jo havaee jahaaj mein saphar karate hain yaatree ham unako doosaree drshti se dekhate hain hai vah draee ham kaar ke draivar ke saath alag vyavahaar karenge usakee taigar ke baare mein hamaara vyavahaar ya bhaavana rakhenge joshee tanakha bhee kaaphee hotee hai to jaise jaise beech pahunch jaegee aapaka man lagane lag jaega aisee angrejee ka hai aapake beech mein nahin hai to ho sakata hai ki doosare vaala usako buddhi ka maapan bana le lekin aap kisee apane shabdon par mahaarat haasil kar len aap hindee par hee mahaarat haasil kar len ki aap aise shabdon ka chayan karake bolenge usako samajh mein aata hai nishchit roop se vah aapaka sammaan karega usake lie aap band nahin honge se koee bhee angrejee ho koee bhee to bhaasha mein koee bhee mahaarat haasil kar le jaise koee bhee chaahe kisee bhee pheeld mein mahaarat haasil kar lete to achchha mausee hee hota hai achchha doktar hee hota hai achchha nahin hota hai achchha bijalee vaala hota hai ka mahaarat haasil kar lete log usako achchhe najaron se dekhate hain aisee angrejee ka hai bahut kuchh log ham angrejee ke samaaj mein rahate hain angrejee bolate hain to maan mein desh ko to angrejee aatee nahin shaharon mein koee nahin poochhata ki saare log angrejee jaan rahe hote hain dhanyavaad

Manish BiharWalla ( YouTuber ) Bolkar App
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Blogger
2:08

Laxmi devi sant Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Laxmi जी का जवाब
Self development online classes abhi join kare instagram me
3:00
आपका प्रश्न है कि क्यों लोग अंग्रेजी का उपयोग एक भाषा के रूप में नहीं बल्कि बुद्धि की माफ करने के रूप में कर रहा है देखिए दोस्तों लोगों का अर्थ है ना सीखना है तू वह सही जगह जा कर देना सीखे लेकिन कुछ लोग होते हैं कि उन्हें लगता है कि तैरना हम कुएं नहीं सीख सकते हैं तो लोग क्या करते हुए कि वही जाते हैं जैसे लोग करते हैं वैसे आप सब लोग करने लगते हैं पर हमारे पास बुद्धि है कि तैरना हम एक सही जगह सीखेंगे जहां हम तैरना सीख सकते कुएं में जाना कोई नहीं सीखता आपको पता है तो आपको क्या कहना है जो भेड़ बकरी की चाल में चल रहे हैं चलने दीजिए अगर आपको इंग्लिश सीखना है आपको अपने लिए सीखना है कि मुझे फ्यूचर में कभी ऐसी प्रॉब्लम घणी पर कोई तकलीफ हो रही है मुझे तो मुझे बताने में दिक्कत नहीं ठीक है इंग्लिश मुझे सफिशिएंट मैं बता सकता हूं कि मुझे प्रॉब्लम हो रही है ऐसी बात है दुनिया को दिखाने के लिए नहीं पूरी दुनिया दुनिया को दिखाने के लिए कर रही है इसलिए वह जिंदगी भर दिखावे की जिंदगी जी रही है आपको अपने लिए सीखना है ताकि आपको कोई प्रॉब्लम ना हो दिखाओ मेरी तो पूरी दुनिया कर रही हमें नहीं करना यहां समझ गए दूसरा अमेरिका में किसी को हिंदी नहीं आती तो बोलो सिम सिम खुद के ऊपर नहीं करते कि मुझे हिंदी नहीं आती ठीक है उन्हें अपनी वहां से तो आती है उन्हें इस बात पर गर्व है उन्हें इंग्लिश तो आती वैसे ही हमें हिंदी तो आती है इस बात पर हमें खुद को गर्म करना सीखना होगा अगर आप नहीं कर पाते हो इंग्लिश में जरूरी है यह आपके मन में है या आपके मन में बैठा दिया गया तो इस चीज को सिस्टम को आपने जो भी सिस्टम बना लिया आपने माइंड में जो भी था जो भी नहीं है मना लेगी इंग्लिश आनी चाहिए इसे आप हटाए और मयंक को क्लियर करें कि जिस जगह आप रहते हैं हम तो आपको हिंदी तो आती है आपको खुद के ऊपर गर्व करना चाहिए कि मुझे हिंदी आती है क्योंकि मैं इंडिया का रहने वाला हूं तो हिंदी तो मुझे आनी चाहिए अगर मुझे इंग्लिश भाषा सीखनी है तो मुझे लोगों को सिखाने के लिए यह लोगों को दिखाने के लिए नहीं सीखनी है मुझे अपने लिए सीखने ताकि मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है अगर कोई मुझसे सीखना चाहता है कि इंग्लिश कैसे सीखे तो मैं सिखा भी दो कोई दिक्कत नहीं मुझे पर वहां मेरा नींद पॉइंट यह रहेगा कि मुझे लैंग्वेज आती है अगर हम इस तरीके से चलना सीखना तो हमारी वाइब्रेशन सेना सभी लोग इस तरीके से थिंकिंग लाना शुरू करेंगे लेकिन हमें क्या कहते हैं लोग कुएं में छलांग लगा रहे तो हम भी कुएं में छलांग लगाते हैं लोग भेड़ बकरी की चाल में चल रहे तो हम भी चलते हैं लोगों को थैंक यू ऐसे तो हम भी करते हैं तो लोगों को थैंक यू थिंकिंग उनकी गलत है यह रॉन्ग सिस्टम डाल दिया गया है सॉन्ग

Anand Kumar Rai Bolkar App
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सुनिए Anand जी का जवाब
Job
1:34

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