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क्यों भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी नहीं की?

Kyo Bhagwan Vishnu Ne Krishna Avatar Me Vaishno Devi Se Shadi Nahi Ki
Shruti Yadav Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Student
6:53
सवाल यह है कि क्यों भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी नहीं की पौराणिक गाथा के अनुसार जब माता असुरों का संहार करने में व्यस्त थी तो माता ने माता के तीन रोड मोड़ दो माता महाकाली माता महालक्ष्मी और महासरस्वती एक दिन इकट्ठे हुए और उन्होंने अपने दिव्य आध्यात्मिक शक्तियों यानी अपने तेज को एकत्रित करके परस्पर मिला दिया तभी उस स्थान से जहां तीनों के तेज मिलकर एक रूप हुए आश्चर्यचकित करने वाली तीव्र ज्योति ने स्वरूप धारण कर लिया और उन तीनों के तेल के मिलने से एक अति सुंदर कन्या प्रकट हुई प्रकट होते ही उस कन्या ने उनसे पूछा मुझे क्यों बनाया गया है देवियों ने उसे समझाया कि उन्होंने धर्म से धरती पर रहकर सद्गुणों एवं सदाचार की स्थापना प्रचार-प्रसार एवं रक्षा हेतु अपना जीवन बिताने के लिए बनाया है देवियों ने कहा अब तुम भारत के दक्षिण में रहकर आकर हमारे परम भक्त रत्नाकर और उनकी पत्नी के घर जन्म लेकर धरती पर रह कर साथ एवं धर्म की स्थापना करो और स्वयं भी अध्यात्मिक साधना में तल्लीन होकर चेतना के उच्चतम स्तर को प्राप्त करो एक बार जब तुमने चेतना को उच्चतम स्तर को प्राप्त कर लिया तो विष्णु जी ने मिलकर उन में लीन होकर एक हो जाओगी ऐसा कहकर तीनों ने कन्या किया और वह युवती को बल प्रदान किए कुछ समय उपरांत रत्नाकर उनकी पत्नी के घर एक बहुत सुंदर कन्या ने जन्म लिया पति पत्नी ने कन्या का नाम वैष्णवी रखा कन्या में अपने शैशव काल से ही ज्ञान अर्जित करने की जिज्ञासा रही ज्ञान प्राप्त करने की उसकी वह कहती थी कि किसी भी प्रकार की शिक्षा दीक्षा से उसे संतुष्टि ना होती अंततः वैष्णवी नहीं ग्राम ज्ञान प्राप्ति के लिए अपने मन में चिंतन लीन होना आरंभ कर दिया और शीघ्र ही ध्यान लगाने की कला सीख ली और समझ गई कि चिंतन मनन और पश्चाताप स्वरूप तपस्या से ही वह अपने महान लक्ष्य तक पहुंच सकेगी इस तरह वैष्णवी ने घरेलू सुखों क्या कर दिया और तपस्या के लिए घने जंगलों में चली गई उन्हीं दिनों भगवान राम अपने 14 वर्ष के वनवास काल में वैष्णवी से आकर मिले तो वैष्णवी ने उन्हें एकदम पहचान लिया कि वह साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि भगवान विष्णु के अवतार हैं वैष्णवी ने पूरी कृतज्ञता के साथ उसने उनसे अपने आप में मिल जाने मिला लेने का निवेदन किया था कि वह परम सर्जक में मिलकर एक एक हो जाए जबकि राम ने इसे उचित समय ना जानकर वैष्णवी को रोक दिया और उत्साहित करते हुए कहा कि मैं उनसे वनवास खत्म होने के बाद दोबारा मिलेंगे उस समय यदि उसने उन्हें पहचान लिया तो वह उसकी इच्छा जरुर पूरी करेंगे अपने वचनों को सत्य करते हुए युद्ध जीतने के बाद राम उसे दोबारा मिले परंतु इस बार राम एक बड़े आदमी के भेष में मिले दुर्भाग्य से इस बार वैष्णवी उन्हें पहचान ना पाए और खींच कर उन्हें बुरा भला कहने लगी और दुखी हो गई रामदेव से उन्हें सांत्वना दी कि एक प्रोजेक्ट में मिलकर उनमें एक हो जाने का अभी उसके लिए उचित समय नहीं आया है और अंततः वह समय कलयुग में आएगा जब राम कल्कि का अवतार धारण करेंगे भगवान राम ने उन्हें तपस्या करने का निर्देश दिया और त्रिकुटा पर्वत श्रेणियों की तलहटी में आश्रम स्थापित करने और अपने अध्यात्मिक शक्ति का स्तर उन्नत करने और मानव मात्र को आशीर्वाद देने और निर्धनों का और वंचित लोगों के दुखों को दूर करने की प्रेरणा दी और कहा कि तभी विष्णु से अपने आप में समाहित करेंगे उसी समय भी उत्तर भारत की ओर चल पड़ी और अनेक कठिनाइयों को चीरती हुई त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में आ पहुंची वहां पहुंचकर वैष्णवी ने आश्रम स्थापित किया और चिंतन मनन करते हुए तपस्या में लीन रहने लगी जैसा कि राम जी ने भविष्यवाणी की उनकी महिमा दूर-दूर तक फैल गई और झुंड के झुंड लोग उनके पास आशीर्वाद लेने के लिए उनके आश्रम में आने समय बीतने पर महायोगी गुरु गोरखनाथ जी ने उन्हें अपने बीते समय में भगवान राम और वैष्णवी के बीच घटित संवाद को घटते हुए देखा था वह यह जानने के लिए उसको खोटे के आपकी क्या वैष्णवी अध्यात्मिक उच्चता को प्राप्त करने में सफल हुई है या नहीं यह सच्चाई जानने के लिए उन्होंने अपने विशेष क्वेश्चन शिष्य भैरवनाथ को भेजा आश्रम को ढूंढकर भैरवनाथ में छिपकर वैष्णवी की निगरानी करना आरंभ किया और जान गया कि यद्यपि वे साध्वी है पर हमेशा अपने साथ धनुष बाण रखती है और हमेशा लंगूर हो एवं भयंकर दिखने वाले शेर से घिरी रहती हैं भैरवनाथ वैष्णवी की असाधारण था और सुंदरता पर आसक्त हो गया अपनी सारी सुबुद्धि को भूलकर वैष्णवी पर विवाह करने के लिए दबाव डालने लगा इसी समय वैष्णवी के परम भक्त श्रीधर ने सामूहिक भंडारे का आयोजन किया जिसमें समूचे गांव और महायोगी गुरु गोरखनाथ जी को उनके सभी अनुयायियों को भैरवनाथ सहित निमंत्रण दिया गया सामूहिक भोज के दौरान भैरवनाथ ने वैष्णवी का अपहरण करना चाहा परंतु वैष्णवी ने किया करके उसे ज़ोर पर धकेल दिया अपने असफल रहने पर वैष्णवी ने पर्वतों में पलायन कर जाने का निर्णय लिया ताकि बिना किसी भी दिन के अपनी तपस्या कर सके फिर भी भैरवनाथ ने उसे अपने लक्ष्य तक उनका पीछा किया आजकल के बाढ़ गंगा चरण पादुका और अर्ध कुंवारी स्थानों पर पड़ाव के बाद अंततः देवी पवित्र गुफा में जा पहुंची तब जब भैरवनाथ ने देवी का संघर्ष से बचने के उनके प्रयासों के बावजूद पीछा करना ना छोड़ा तो देवी भी उसका वध करने के लिए विश्व विवश हो गई जब माता गुफा के मुहाने के बाहर थी तो उन्होंने भैरवनाथ का सिर धड़ से अलग कर दिया अंततः भैरवनाथ मृत्यु को प्राप्त हुआ भैरवनाथ का सिर दूर की पहाड़ी की चोटी पर चोटी पर जाकर धड़ाम से गिरा मृत्यु के समय भैरवनाथ ने अपने उद्देश्य की व्यस्तता को पहचान लिया और देवी से क्षमा प्रार्थना करने लगा सर्वशक्तिमान को माता को भैरवनाथ पर दया आ गई और उन्होंने उसे वरदान दिया कि देवी के प्रत्येक श्रद्धालु की देवी के दर्शनों के बाद भैरव नाथ के दर्शन करने पर ही यात्रा पूर्ण होगी इसी बीच वैष्णवी ने अपने भौतिक शरीर को त्याग देने का निर्णय लिया और तीन पहियों वाली एक शिला के रूप में परिवर्तित हो गई और सदा के लिए तपस्या में तल्लीन हो गई इस तरह तीनों से रोग या पंडित तीनों परियों वाले रिश्ता रे 5 फुट की लंबी शिलारू स्वरूप वैष्णवी के दर्शन श्रद्धालुओं की यात्रा का अंतिम पड़ाव होता है इस तरह पवित्र गुफा में यह तीन पंड्या पवित्र स्थान है यह पवित्र गुफा माता वैष्णवी वैष्णो देवी जी के मंदिर के रूप में विश्व प्रसिद्ध है और सभी लोगों के सम्मान में प्राप्त कर रही हैं
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क्यों भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी नहीं की?Kyo Bhagwan Vishnu Ne Krishna Avatar Me Vaishno Devi Se Shadi Nahi Ki
Rahul kumar Bolkar App
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Unknown
0:59
भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार वैष्णो देवी से शादी नहीं की दोस्तों भगवान विष्णु यानी कि सभी देवताओं में प्रमुख स्थान रखते हैं अब आप ने कह दिया कि वैष्णो देवी से शादी क्यों नहीं की तो इन चीजों में कुछ ज्यादा ही सक्रिय भक्ति भाव इत्यादि जो है यदि आपके शब्दों का शब्द है और कैरियर की बात करते हैं तो मेरे साथ से बैटर होगा यानी कंकण में राम यदि ऐसी बात माने तो बिल्कुल ही मेरे साथ से उचित नहीं है कि आप इन चीजों की तरफ ध्यान दें आपके लिए जनता विज्ञान के ऊपर ध्यान दीजिए इनके ऊपर नहीं फिर भी आप ने सवाल किया तो जवाब देना पड़ता है तो आइडिया लगा रहा हूं कुछ ज्यादा नहीं है
Bhagavaan vishnu ne krshn avataar vaishno devee se shaadee nahin kee doston bhagavaan vishnu yaanee ki sabhee devataon mein pramukh sthaan rakhate hain ab aap ne kah diya ki vaishno devee se shaadee kyon nahin kee to in cheejon mein kuchh jyaada hee sakriy bhakti bhaav ityaadi jo hai yadi aapake shabdon ka shabd hai aur kairiyar kee baat karate hain to mere saath se baitar hoga yaanee kankan mein raam yadi aisee baat maane to bilkul hee mere saath se uchit nahin hai ki aap in cheejon kee taraph dhyaan den aapake lie janata vigyaan ke oopar dhyaan deejie inake oopar nahin phir bhee aap ne savaal kiya to javaab dena padata hai to aaidiya laga raha hoon kuchh jyaada nahin hai

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क्यों भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी नहीं की?Kyo Bhagwan Vishnu Ne Krishna Avatar Me Vaishno Devi Se Shadi Nahi Ki
DR.OM PRAKASH SHARMA Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Principal, RSRD COLLEGE OF COMMERCE AND ARTS
1:33
आपने कहा भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी क्यों नहीं देखनी भगवान विष्णु ने अनेक कोटा इस लोक में या पड़ोस में या ब्रह्मांड में के अध्यक्ष भी चाहिए और हम अवतार में किसी ना किसी से विवाह करके उन्हें पत्नी का रूप प्रदान किया लेकिन वैष्णो देवी जो है उसने टीवी का रूप कन्या का रूप दोहे वह फैक्ट्री आ गए हैं हेलो कन्या किस प्रकार से अपनी बीवी चक्की से समाज का कल्याण करें और समाज का अपने भक्तों को किस प्रकार से पानी को चुन सकती हैं जिसमें एक स्त्री का नहीं बल्कि एक कन्या का रूप अगर टाइम बता कृष्ण अवतार में यही कुछ इस तरह का दावा भी दिखाएंगे
Aapane kaha bhagavaan vishnu ne krshn avataar mein vaishno devee se shaadee kyon nahin dekhanee bhagavaan vishnu ne anek kota is lok mein ya pados mein ya brahmaand mein ke adhyaksh bhee chaahie aur ham avataar mein kisee na kisee se vivaah karake unhen patnee ka roop pradaan kiya lekin vaishno devee jo hai usane teevee ka roop kanya ka roop dohe vah phaiktree aa gae hain helo kanya kis prakaar se apanee beevee chakkee se samaaj ka kalyaan karen aur samaaj ka apane bhakton ko kis prakaar se paanee ko chun sakatee hain jisamen ek stree ka nahin balki ek kanya ka roop agar taim bata krshn avataar mein yahee kuchh is tarah ka daava bhee dikhaenge

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क्यों भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार में वैष्णो देवी से शादी नहीं की?Kyo Bhagwan Vishnu Ne Krishna Avatar Me Vaishno Devi Se Shadi Nahi Ki
Navnit Kumar Bolkar App
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QUALITY ENGINEER
1:21
पंजाब का सवाल है भगवान विष्णु जी कृष्ण अवतार वैष्णो देवी जय मां वैष्णो देवी की जय भगवान श्री राम भगवान श्री राम जी को जब वैष्णो देवी ने पहली बार देखा तो उनके मन में ऐसा विचार आया कि यही मेरी राधे मतलब इनके साथ मेरे जीवन मतलब आगे पुण्यतिथि की तुलसीराम जी ने कहा कि मैं इस जन्म में तो नहीं लेकिन मैं अपने काम को पूरा करके लौट के आता हूं और अगर आपने मुझे पहचान लिया तो मैं आपसे शादी करूंगा और जब वह घर से लौट के आए तो तू बस मा वैष्णो उनको पहचान नहीं पाए तो उस पर श्री राम भगवान जी ने कहा कि ठीक है मैं एक अवतार लूंगा आगे कल्कि अवतार और उस अवतार में मैं आपसे शादी करूंगा तू मां वैष्णो महा विष्णु जी की जोशी राम अवतार थे उनके साथ उनका यह था उनके मन में विचार आया था शादी करने का और ओम के अगले अवतार में जैसा भगवान ने वादा किया था वह शादी करने के लिए
Panjaab ka savaal hai bhagavaan vishnu jee krshn avataar vaishno devee jay maan vaishno devee kee jay bhagavaan shree raam bhagavaan shree raam jee ko jab vaishno devee ne pahalee baar dekha to unake man mein aisa vichaar aaya ki yahee meree raadhe matalab inake saath mere jeevan matalab aage punyatithi kee tulaseeraam jee ne kaha ki main is janm mein to nahin lekin main apane kaam ko poora karake laut ke aata hoon aur agar aapane mujhe pahachaan liya to main aapase shaadee karoonga aur jab vah ghar se laut ke aae to too bas ma vaishno unako pahachaan nahin pae to us par shree raam bhagavaan jee ne kaha ki theek hai main ek avataar loonga aage kalki avataar aur us avataar mein main aapase shaadee karoonga too maan vaishno maha vishnu jee kee joshee raam avataar the unake saath unaka yah tha unake man mein vichaar aaya tha shaadee karane ka aur om ke agale avataar mein jaisa bhagavaan ne vaada kiya tha vah shaadee karane ke lie

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