#धर्म और ज्योतिषी

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क्या लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराना चाहिए था?Kya Laal Kile Par Dharmik Jhanda Fairana Chaiye Tha
T P Singh Bolkar App
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4:58
आपका प्रश्न है कि क्या लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराना चाहिए था देखे बात ऐसी है हमको हमारे राष्ट्र की कुछ मूलभूत चीजों के बारे में जानना चाहिए इस प्रश्न का उत्तर देने से हमको यह समझ लेना चाहिए कि हमारा राष्ट्र अनेकता में एकता के सिद्धांत पर काम करता है अनेकता में एकता के सिद्धांत के साथ हमारा राष्ट्र पूरा बना हुआ है हमारे राष्ट्र में हम हर धर्म का सम्मान करते हैं हर संप्रदाय का सम्मान करते हर धर्म हर धर्म के रीति रिवाज हर धर्म के हर धर्म के कार्य और हर धर्म के मानने वालों की जो आस्था है हम उसके सम्मान करते हैं हम एक दूसरे की भाषा का सम्मान करने हैं हम एक दूसरे के पहनावे का सम्मान करते हैं हम एक दूसरे की विचारों का भी सम्मान था हम और सहमति के होते हुए भी एक दूसरे को आदर दे लेकिन यहां पर बात हमारे राष्ट्र के सम्मान की आप जानते हैं कि जब हम 26 जनवरी को मनाने की बात करते हैं जब हम हमारे गणतंत्र दिवस को मनाने की बात करते हैं तो हमें सबसे पहले यह याद रखना चाहिए कि राष्ट्र इतनी आसानी से आजाद नहीं हुआ हजारों लाखों इस देश के वीर सपूतों ने अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था इस राष्ट्र को आजाद कराने इस राष्ट्र को सुंदर स्वरुप में देखने के लिए वह तो नहीं रहे लेकिन वह हमारे हाथों में इस राष्ट्र की बागडोर संभाल के गणतंत्र दिवस हो या 15 अगस्त का दिन हो जो कि हमारा स्वाधीनता दिवस होता है ऐसे दिवस में जो कि राष्ट्रीय पर्व है यह ऐसे दिन हैं जो हमारे देश के सम्मान का गौरव का प्रतीक है यह ऐसे दिन हैं जहां पर हम अपने वीर शहीदों को याद करते हैं हम अपने महापुरुषों को याद करते हैं हमारा राष्ट्र इस ग्रुप में आया इसके लिए हम को उस दिन गौरव की अनुभूति और उस दिन गुंडों के रूप में जो कि नाम किसान आंदोलन का था और सैकड़ों गुंडे लोग अत्याचारी लोग अराजक लोग एक धर्म का झंडा लेकर के वहां पर लाल किले पर चढ़ाने जा पूरे संसार में हमारे देश की आकृति होती है पूरे संसार के अंदर हमारे देश का अपमान होता पूरे संसार के अंदर हमारी देश का स्वाभिमान है वह नीचे गिरता है देखिए इनका गणतंत्र दिवस था और किस तरह की वहां पर स्थिति कोई देश की सरकार नहीं चाहती और मैं प्रणाम करना चाहता हूं मोदी सरकार को इतनी बड़ी घटना होती बेबी सरकार ने गोली नहीं चलाई सरकार ने बहुत ज्यादा किसी तरह का दामन नहीं किया लेकिन क्योंकि उन्होंने गणतंत्र दिवस के दिन इसी तरह का खून खराबा हो हमारे देश का किसी नागरिक की जान जाए इसलिए सरकार ने अपने आप को सीमित कर दिया लेकिन क्या ऐसा करना जायज था तुम मेरे मेरे विचार में लाल किले पर किसी भी तरह का धार्मिक झंडा फहराना गलत है गलत था और भविष्य में भी अगर कोई स्तर की कोशिश करता है तो वह गलत ही माना जाएगा यह देश के स्वाभिमान की बात हमारा सर झुक गया पूरी दुनिया के सामने हम शर्मिंदा हूं हमारा राष्ट्रीय पर्व जलील हुआ बहुत बुरी घटना पर इसलिए धार्मिक झंडा नहीं फहराना चाहिए नई पर आना चाहिए था धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki kya laal kile par dhaarmik jhanda phaharaana chaahie tha dekhe baat aisee hai hamako hamaare raashtr kee kuchh moolabhoot cheejon ke baare mein jaanana chaahie is prashn ka uttar dene se hamako yah samajh lena chaahie ki hamaara raashtr anekata mein ekata ke siddhaant par kaam karata hai anekata mein ekata ke siddhaant ke saath hamaara raashtr poora bana hua hai hamaare raashtr mein ham har dharm ka sammaan karate hain har sampradaay ka sammaan karate har dharm har dharm ke reeti rivaaj har dharm ke har dharm ke kaary aur har dharm ke maanane vaalon kee jo aastha hai ham usake sammaan karate hain ham ek doosare kee bhaasha ka sammaan karane hain ham ek doosare ke pahanaave ka sammaan karate hain ham ek doosare kee vichaaron ka bhee sammaan tha ham aur sahamati ke hote hue bhee ek doosare ko aadar de lekin yahaan par baat hamaare raashtr ke sammaan kee aap jaanate hain ki jab ham 26 janavaree ko manaane kee baat karate hain jab ham hamaare ganatantr divas ko manaane kee baat karate hain to hamen sabase pahale yah yaad rakhana chaahie ki raashtr itanee aasaanee se aajaad nahin hua hajaaron laakhon is desh ke veer sapooton ne apane jeevan ka sarvochch balidaan diya tha is raashtr ko aajaad karaane is raashtr ko sundar svarup mein dekhane ke lie vah to nahin rahe lekin vah hamaare haathon mein is raashtr kee baagador sambhaal ke ganatantr divas ho ya 15 agast ka din ho jo ki hamaara svaadheenata divas hota hai aise divas mein jo ki raashtreey parv hai yah aise din hain jo hamaare desh ke sammaan ka gaurav ka prateek hai yah aise din hain jahaan par ham apane veer shaheedon ko yaad karate hain ham apane mahaapurushon ko yaad karate hain hamaara raashtr is grup mein aaya isake lie ham ko us din gaurav kee anubhooti aur us din gundon ke roop mein jo ki naam kisaan aandolan ka tha aur saikadon gunde log atyaachaaree log araajak log ek dharm ka jhanda lekar ke vahaan par laal kile par chadhaane ja poore sansaar mein hamaare desh kee aakrti hotee hai poore sansaar ke andar hamaare desh ka apamaan hota poore sansaar ke andar hamaaree desh ka svaabhimaan hai vah neeche girata hai dekhie inaka ganatantr divas tha aur kis tarah kee vahaan par sthiti koee desh kee sarakaar nahin chaahatee aur main pranaam karana chaahata hoon modee sarakaar ko itanee badee ghatana hotee bebee sarakaar ne golee nahin chalaee sarakaar ne bahut jyaada kisee tarah ka daaman nahin kiya lekin kyonki unhonne ganatantr divas ke din isee tarah ka khoon kharaaba ho hamaare desh ka kisee naagarik kee jaan jae isalie sarakaar ne apane aap ko seemit kar diya lekin kya aisa karana jaayaj tha tum mere mere vichaar mein laal kile par kisee bhee tarah ka dhaarmik jhanda phaharaana galat hai galat tha aur bhavishy mein bhee agar koee star kee koshish karata hai to vah galat hee maana jaega yah desh ke svaabhimaan kee baat hamaara sar jhuk gaya pooree duniya ke saamane ham sharminda hoon hamaara raashtreey parv jaleel hua bahut buree ghatana par isalie dhaarmik jhanda nahin phaharaana chaahie naee par aana chaahie tha dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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आजाद हिंद फौज का गठन किसने किया था?Aajaad Hind Fauj Ka Gathan Kisne Kiya Tha
T P Singh Bolkar App
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4:54
कृष्ण जी की आजाद हिंद फौज का गठन किसने किया देखी बड़ी खुशी होती है जब लोग हमारे महापुरुषों के बारे में जानकारी चाहते हैं उसके बारे में जानकारी जुटाना चाहते हैं अपने महापुरुषों को याद करते हैं अपने महापुरुषों के द्वारा की गई और अपने राष्ट्र को आजाद कराने के लिए उनके द्वारा दिए गए बलिदान के बारे में लोग जानना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छी बात है और मैं इस प्रश्न के लिए आपको धन्यवाद देना चाहूंगा लेकिन सबसे पहले तो यह कि आजाद हिंद फौज या जिसको हम अंग्रेजी में कहते हैं इंडियन नेशनल आर्मी का गठन 1942 में किया गया था और इसका उद्देश्य था कि भारत को कैसे स्वतंत्र किया जाए भारत को कहते अंग्रेजों की दासता से मुक्त कराए जाएं और इसकी जो स्थापना हुई थी वह 21 अक्टूबर 1942 की हुई थी और इसका जो प्रतीक चिन्ह था वह था एक झंडे पर दौड़ते हुए बाघ का चित्र और आजाद हिंद फौज कहेंगे इंडियन नेशनल आर्मी है इसके गठन की प्रक्रिया होती है आज 26 मार्च 1942 में टोक्यो में रह रहे भारतीय राशि हारी बॉस ने इंडियन नेशनल आर्मी यहां आजाद हिंद फौज के गठन पर विचार की सम्मेलन बुलाया और कैप्टन मोहन सिंह रास बिहारी बोस एवं निरंजन सिंह इन के सहयोग से इंडियन नेशनल आर्मी का गठन किया क्योंकि आजाद हिंद फौज की स्थापना का विचार सर्वप्रथम मोहन सिंह के मन में आया था इसलिए इंडियन नेशनल आर्मी आजाद हिंद फौज का गठन का श्रेय कैप्टन मोहन सिंह को दिया जाता है विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए इंडियन इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना की गई विश्व का प्रथम सम्मेलन जून 1942 में बैंकॉक में हुआ था आजाद हिंद फौज की प्रथम डिवीजन का गठन 1 दिसंबर 1942 को मोहन सिंह के अधीन हुआ इसमें लगभग 16300 सैनिक से कालांतर में जापान ने 60000 युद्ध बंदियों को आजाद हिंद फौज में शामिल होने के लिए जापानी सरकार और मोहन सिंह के अधीन भारतीय सैनिकों के बीच आजाद हिंद फौज की भूमिका के संबंध में विवाद उत्पन्न हो जाने के कारण कैप्टन मोहन सिंह निरंजन सिंह गिल को गिरफ्तार कर लिया गया आजाद हिंद फौज का दूसरा चरण कब प्रारंभ हुआ जो सुभाष चंद्र बोस सिंगापुर सुभाष चंद्र बोस ने 1941 में बर्लिन में इंडियन लीग की स्थापना की किंतु जब जर्मनी ने उन्हें रूस के विरुद्ध प्राप्त करने का प्रयास किया तब कठिनाइयां उत्पन्न हुई और बॉस ने दक्षिण पूर्व ही सजा का निश्चय किया जुलाई 1945 में सुभाष चंद्र बोस पंडित जी द्वारा जर्मनी से जापानी नियंत्रण वाले सिंगापुर पहुंचे वहां उन्होंने दिल्ली चलो का प्रसिद्ध नारा दिया 4 जुलाई 1942 को सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज एम इंडियन टीम की कमान को संभाला था आजाद हिंद फौज के सिपाही सुभाष चंद्र बोस को नेताजी कहते थे बॉस ने अपने अनुयायियों को अपने मानने वालों को जय हिंद का नारा दिया था उन्होंने 21 अक्टूबर 1942 को सिंगापुर में अस्थाई भारत सरकार आजाद हिंद सरकार की स्थापना की सुभाष चंद्र बोस इस सरकार के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री व थानाध्यक्ष तीनों वित्त विभाग एसपी चटर्जी को प्रचार विभाग ऐसे अय्यर को तथा महिला संगठन लक्ष्मी स्वामीनाथन को सौंपा गया संक्षिप्त में मैंने आपको हिंद फौज के गठन की प्रक्रिया इसकी शुरुआत और इसकी गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त में आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास किया है मुझे बहुत खुशी है मैं दोबारा से कहना चाहता हूं कि सुभाष चंद्र बोस नेताजी उन्होंने हमारे राष्ट्रीय के लिए हमारे राष्ट्र को आजाद कराने के लिए अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने आप उत्तर वस्तु इस राष्ट्र के कल्याण के लिए राष्ट्र के अच्छाई के लिए अपने आप कब जीवन समर्पित कर दिया हमको ऐसे महान नेता जी सुभाष चंद्र बोस और उस समय के समस्त वितरकों का हम शत शत प्रणाम करते हैं धन्यवाद
Krshn jee kee aajaad hind phauj ka gathan kisane kiya dekhee badee khushee hotee hai jab log hamaare mahaapurushon ke baare mein jaanakaaree chaahate hain usake baare mein jaanakaaree jutaana chaahate hain apane mahaapurushon ko yaad karate hain apane mahaapurushon ke dvaara kee gaee aur apane raashtr ko aajaad karaane ke lie unake dvaara die gae balidaan ke baare mein log jaanana chaahate hain to yah bahut achchhee baat hai aur main is prashn ke lie aapako dhanyavaad dena chaahoonga lekin sabase pahale to yah ki aajaad hind phauj ya jisako ham angrejee mein kahate hain indiyan neshanal aarmee ka gathan 1942 mein kiya gaya tha aur isaka uddeshy tha ki bhaarat ko kaise svatantr kiya jae bhaarat ko kahate angrejon kee daasata se mukt karae jaen aur isakee jo sthaapana huee thee vah 21 aktoobar 1942 kee huee thee aur isaka jo prateek chinh tha vah tha ek jhande par daudate hue baagh ka chitr aur aajaad hind phauj kahenge indiyan neshanal aarmee hai isake gathan kee prakriya hotee hai aaj 26 maarch 1942 mein tokyo mein rah rahe bhaarateey raashi haaree bos ne indiyan neshanal aarmee yahaan aajaad hind phauj ke gathan par vichaar kee sammelan bulaaya aur kaiptan mohan sinh raas bihaaree bos evan niranjan sinh in ke sahayog se indiyan neshanal aarmee ka gathan kiya kyonki aajaad hind phauj kee sthaapana ka vichaar sarvapratham mohan sinh ke man mein aaya tha isalie indiyan neshanal aarmee aajaad hind phauj ka gathan ka shrey kaiptan mohan sinh ko diya jaata hai videshon mein rah rahe bhaarateeyon ke lie indiyan indipendens leeg kee sthaapana kee gaee vishv ka pratham sammelan joon 1942 mein bainkok mein hua tha aajaad hind phauj kee pratham diveejan ka gathan 1 disambar 1942 ko mohan sinh ke adheen hua isamen lagabhag 16300 sainik se kaalaantar mein jaapaan ne 60000 yuddh bandiyon ko aajaad hind phauj mein shaamil hone ke lie jaapaanee sarakaar aur mohan sinh ke adheen bhaarateey sainikon ke beech aajaad hind phauj kee bhoomika ke sambandh mein vivaad utpann ho jaane ke kaaran kaiptan mohan sinh niranjan sinh gil ko giraphtaar kar liya gaya aajaad hind phauj ka doosara charan kab praarambh hua jo subhaash chandr bos singaapur subhaash chandr bos ne 1941 mein barlin mein indiyan leeg kee sthaapana kee kintu jab jarmanee ne unhen roos ke viruddh praapt karane ka prayaas kiya tab kathinaiyaan utpann huee aur bos ne dakshin poorv hee saja ka nishchay kiya julaee 1945 mein subhaash chandr bos pandit jee dvaara jarmanee se jaapaanee niyantran vaale singaapur pahunche vahaan unhonne dillee chalo ka prasiddh naara diya 4 julaee 1942 ko subhaash chandr bos ne aajaad hind phauj em indiyan teem kee kamaan ko sambhaala tha aajaad hind phauj ke sipaahee subhaash chandr bos ko netaajee kahate the bos ne apane anuyaayiyon ko apane maanane vaalon ko jay hind ka naara diya tha unhonne 21 aktoobar 1942 ko singaapur mein asthaee bhaarat sarakaar aajaad hind sarakaar kee sthaapana kee subhaash chandr bos is sarakaar ke raashtrapati pradhaanamantree va thaanaadhyaksh teenon vitt vibhaag esapee chatarjee ko prachaar vibhaag aise ayyar ko tatha mahila sangathan lakshmee svaameenaathan ko saumpa gaya sankshipt mein mainne aapako hind phauj ke gathan kee prakriya isakee shuruaat aur isakee gatividhiyon ke baare mein sankshipt mein aapako pooree jaanakaaree dene ka prayaas kiya hai mujhe bahut khushee hai main dobaara se kahana chaahata hoon ki subhaash chandr bos netaajee unhonne hamaare raashtreey ke lie hamaare raashtr ko aajaad karaane ke lie angrejon kee gulaamee se mukt karaane ke lie unhonne apane aap uttar vastu is raashtr ke kalyaan ke lie raashtr ke achchhaee ke lie apane aap kab jeevan samarpit kar diya hamako aise mahaan neta jee subhaash chandr bos aur us samay ke samast vitarakon ka ham shat shat pranaam karate hain dhanyavaad

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स्वयं को लंबे समय तक जवान और फिट रखने के लिए क्या करना चाहिए?Swayam Ko Lambe Samay Tak Jawaan Aur Fit Rakhne Ke Liye Kya Karna Chahiye
T P Singh Bolkar App
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आपका प्रश्न है कि स्वयं को लंबे समय तक जवान और फिट रहने के लिए क्या करना चाहिए बहुत अच्छा प्रश्न है यह मनुष्य की साधारण प्रकृति है कि कोई भी व्यक्ति जुड़ा नहीं देखना चाहता हर व्यक्ति हमेशा जवान देखते रहना चाहता हालांकि उम्र का प्रभाव कभी भी खत्म नहीं हो सकता वह आपके शरीर पर धीरे-धीरे दिल करेगा तो लेकिन बहुत सारे लोग उम्र से पहले ही बूढ़े दिखाई देने लगी बहुत सारे लोग जवानी में ही बुरे दिखने लगते तो हम इस बात पर आपको बहुत अच्छी तरीके से कुछ चीजें बताना चाहेंगे और मेरा विश्वास कीजिए अगर आप इन चीजों को बहुत ध्यान से अगर आप इसकी पालना करेंगे तो आप अपने आपको लंबे समय तक जवान और फिट बनाए रखेंगे आपका शरीर तंदुरुस्त दिखेगा आपका मन मस्तिष्क तंदुरुस्त रहेगा सबसे पहली है गर्म बात करते हैं तो क्या या हमेशा यंग दिखने के लिए व्यायाम करना सबसे जरूरी है व्यायाम करने से आपके शरीर पर अतिरिक्त चर्बी सफेद जमा नहीं होती एक्सरसाइज में आप सूर्य नमस्कार कर सकते हैं रनिंग कर सकते हैं वॉकिंग कर सकते हैं जोगिंग कर सकते हैं स्विमिंग कर सकते हैं साइकिलिंग कर सकते हैं रस्सी कूद कर इसके अलावा आप कुछ प्राणायाम कर सकते दूसरी अगर हम बात करें तो पौष्टिक आहार आज के समय में व्यक्ति जिस तरीके से फास्ट फूड खा रहा है जिस तरीके से डिब्बाबंद खाना खा रहा है जिस तरीके से जंग फूड खा रहा यह व्यक्ति के शरीर को समय से पहले समाप्त कर रहा है इसलिए हमेशा फर्स्टपोस्ट तंदुरुस्त रहने के लिए सही खानपान बहुत जरूरी है अगर आपके शरीर के अंदर से कोई शक्ति नहीं होगी तो आप बाहर से कितना भी अच्छा अपने शरीर को दिखाना चाहे वह संभव नहीं है इसलिए जरूरी है कि आप विटामिन क्या लोरी प्रोटीन फॉर आयरन वाले पदार्थों को अपने भोजन में ले हरी सब्जी वाले फ्रूट खाएं सादा जीवन उच्च विचार तीसरा है पूरी नींद जब तक अगर आप नींद अपने शरीर को पूरी नहीं देंगे तो आपके शरीर पर चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लग जाएगी आपके शरीर में हार्मोन के अंदर बदलाव होगा जिससे आपके शरीर पर बहुत बुरा कर पड़े कम से कम व्यक्ति के लिए 7 घंटा सोना जरूरी अनावश्यक चौथी चीज है अनावश्यक तनाव न लें आजकल लोग बहुत ज्यादा तनाव ही दिखते हैं जिससे उनके जल्दी बाल सफेद हो जाते हैं बाल झड़ने लगते हैं चेहरे पर झुर्रियां हो जाती है जवानी में बुढ़ापा दिखता है इसलिए हमेशा योग करें और अपने आपको ज्यादा से ज्यादा कोशिश करें कि आपका गुलाब जल का इस्तेमाल जरूर करें जो पांचवी चीज है अपने चेहरे पर कुछ गुलाब जल की बूंदे बूंदों में कुछ स्क्रीन मिला करके और इसमें आप थोड़ा नींबू का रस मिलाकर के अपने चेहरे पर रुणिचे लगाएं यह आपके चेहरे को बहुत चमकदार शानदार बनाएगा नारियल का दूध झुर्रियों को दूर करने में बहुत असरदार होता है कच्चे नारियल के दूध को अपने चेहरे पर लगाएं और सूख जाने के बाद बहुत बुरी आत्माओं से छुटकारा बहुत जरूरी है आजकल जिस तरह के पाश्चात्य संस्कृति हमारे अंदर दिखाई दे रही है बुरी आदतों से छुटकारा जरूरी है जैसे शराब सिगरेट तंबाकू नशीली दवाएं नशीले पदार्थ ट्रक इन से अपने आप को दूर रखें कि आपके जीवन को तबाह कर देते हैं ज्यादा मीठा खाने से बचें ज्यादा मीठा खाने से आपके शरीर में लाइट नामक पदार्थ की प्रति होती है जो कि जवानी को जल्द ही बुढ़ापे में परिवर्तित कर देता है इसके अलावा पानी हमेशा याद आती है ज्यादा पानी पीने से आपके शरीर को हमेशा नमी मिलती है जिससे आपकी त्वचा में रूखापन नहीं आता है यह कुछ चीजें हैं इसके अलावा आप भोजन में मूंग की दाल को शामिल करें विटामिन ई की मात्रा उसमें ज्यादा होती है आप ब्लॉक यूज़ करें गाजर का जूस पीएम रातों को हमेशा अच्छे से साफ रखें और सब से एक अच्छा चिंता कम करें चिंता से शक्ति गटे गटे गटे धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki svayan ko lambe samay tak javaan aur phit rahane ke lie kya karana chaahie bahut achchha prashn hai yah manushy kee saadhaaran prakrti hai ki koee bhee vyakti juda nahin dekhana chaahata har vyakti hamesha javaan dekhate rahana chaahata haalaanki umr ka prabhaav kabhee bhee khatm nahin ho sakata vah aapake shareer par dheere-dheere dil karega to lekin bahut saare log umr se pahale hee boodhe dikhaee dene lagee bahut saare log javaanee mein hee bure dikhane lagate to ham is baat par aapako bahut achchhee tareeke se kuchh cheejen bataana chaahenge aur mera vishvaas keejie agar aap in cheejon ko bahut dhyaan se agar aap isakee paalana karenge to aap apane aapako lambe samay tak javaan aur phit banae rakhenge aapaka shareer tandurust dikhega aapaka man mastishk tandurust rahega sabase pahalee hai garm baat karate hain to kya ya hamesha yang dikhane ke lie vyaayaam karana sabase jarooree hai vyaayaam karane se aapake shareer par atirikt charbee saphed jama nahin hotee eksarasaij mein aap soory namaskaar kar sakate hain raning kar sakate hain voking kar sakate hain joging kar sakate hain sviming kar sakate hain saikiling kar sakate hain rassee kood kar isake alaava aap kuchh praanaayaam kar sakate doosaree agar ham baat karen to paushtik aahaar aaj ke samay mein vyakti jis tareeke se phaast phood kha raha hai jis tareeke se dibbaaband khaana kha raha hai jis tareeke se jang phood kha raha yah vyakti ke shareer ko samay se pahale samaapt kar raha hai isalie hamesha pharstapost tandurust rahane ke lie sahee khaanapaan bahut jarooree hai agar aapake shareer ke andar se koee shakti nahin hogee to aap baahar se kitana bhee achchha apane shareer ko dikhaana chaahe vah sambhav nahin hai isalie jarooree hai ki aap vitaamin kya loree proteen phor aayaran vaale padaarthon ko apane bhojan mein le haree sabjee vaale phroot khaen saada jeevan uchch vichaar teesara hai pooree neend jab tak agar aap neend apane shareer ko pooree nahin denge to aapake shareer par chehare par jhurriyaan padane lag jaegee aapake shareer mein haarmon ke andar badalaav hoga jisase aapake shareer par bahut bura kar pade kam se kam vyakti ke lie 7 ghanta sona jarooree anaavashyak chauthee cheej hai anaavashyak tanaav na len aajakal log bahut jyaada tanaav hee dikhate hain jisase unake jaldee baal saphed ho jaate hain baal jhadane lagate hain chehare par jhurriyaan ho jaatee hai javaanee mein budhaapa dikhata hai isalie hamesha yog karen aur apane aapako jyaada se jyaada koshish karen ki aapaka gulaab jal ka istemaal jaroor karen jo paanchavee cheej hai apane chehare par kuchh gulaab jal kee boonde boondon mein kuchh skreen mila karake aur isamen aap thoda neemboo ka ras milaakar ke apane chehare par runiche lagaen yah aapake chehare ko bahut chamakadaar shaanadaar banaega naariyal ka doodh jhurriyon ko door karane mein bahut asaradaar hota hai kachche naariyal ke doodh ko apane chehare par lagaen aur sookh jaane ke baad bahut buree aatmaon se chhutakaara bahut jarooree hai aajakal jis tarah ke paashchaaty sanskrti hamaare andar dikhaee de rahee hai buree aadaton se chhutakaara jarooree hai jaise sharaab sigaret tambaakoo nasheelee davaen nasheele padaarth trak in se apane aap ko door rakhen ki aapake jeevan ko tabaah kar dete hain jyaada meetha khaane se bachen jyaada meetha khaane se aapake shareer mein lait naamak padaarth kee prati hotee hai jo ki javaanee ko jald hee budhaape mein parivartit kar deta hai isake alaava paanee hamesha yaad aatee hai jyaada paanee peene se aapake shareer ko hamesha namee milatee hai jisase aapakee tvacha mein rookhaapan nahin aata hai yah kuchh cheejen hain isake alaava aap bhojan mein moong kee daal ko shaamil karen vitaamin ee kee maatra usamen jyaada hotee hai aap blok yooz karen gaajar ka joos peeem raaton ko hamesha achchhe se saaph rakhen aur sab se ek achchha chinta kam karen chinta se shakti gate gate gate dhanyavaad

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इंसान की विनम्रता की असली परीक्षा कब होती है?Insaan Ki Vinamrata Ki Asli Pareeksha Kab Hoti Hai
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4:08
ने प्रश्न किया है कि हिंदुस्तान की विनम्रता की असली परीक्षा कब है बहुत अच्छा प्रश्न है देखिए इंसान की विनम्रता की असली परीक्षा कब होती है जब इंसान सक्षम जब इंसान ऐसे पद पर हो ऐसी स्थिति में जहां पर उसके पास में दो परिस्थितियां आई कहिए दोस्ती क्या होती है एक उस परिस्थिति में बगदम अंड कर सकता है और उस परिस्थिति में विनम्र बंसल उदाहरण के लिए कोई एक ऐसा व्यक्ति है जो यूं तो साधारणतया आपको बहुत विनम्र लगता है लेकिन कल्पना कीजिए वही व्यक्ति अचानक से किसी बहुत बड़े पद पर पहुंच जाता है वही व्यक्ति बिजनेस में बहुत ज्यादा सफल हो जाता है करोड़पति अरबपति बन जाता है वही कोई साधारण व्यक्ति बहुत बड़ा राजनेता बन जाता है बहुत बड़ा पद हासिल कर लेता है वही साधारण व्यक्ति को ऐसा कार्य करें जिसकी वजह से उसको सारी दुनिया जानने लग जाती है उस परिस्थिति में भी अगर व्यक्ति विनम्र रहता है या उस परिस्थिति में व्यक्ति को घमंड आ जाता है यह वही समय होता है जब इंसान की असली परीक्षा होती है क्योंकि साधारण परिस्थितियों तो वैसे भी व्यक्ति को विनम्र बना ही देती है लेकिन जब आप उस स्थिति में जहां पर आप परिवार को समाज को संस्कृति को अपने आसपास के वातावरण को प्रभावित करने में सक्षम हो उस समय आप की स्थिति में है आप में उसका मन है अभिमान है या उस समय आप विनम्र उसी समय व्यक्ति की अपनी परीक्षा होती है क्योंकि मैंने देखा है ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो समाज में जब साधारण स्थिति में से साधारण जीवन जी रहे थे तब वह हमेशा विनम्र नजर आते थे लेकिन वही व्यक्ति जब किसी बहुत बड़े पद पर पहुंच गया वही व्यक्ति जब बहुत बड़ा राजनेता बन गया वही व्यक्ति बहुत बड़ा बिजनेसमैन बन गया अचानक से उस व्यक्ति में घमंड आ जाता है विनम्रता मानव रातों-रात कहीं गायब हो गई होती तो उन परिस्थितियों पर निर्भर करता है कि जब व्यक्ति ऐसी परिस्थिति में हो जहां पर वह बहुत पकड़म हो जहां पर वह बहुत प्रभावित करने की स्थिति में हूं अब ऐसे बहुत सारे लोगों को उस परिस्थिति में उपस्थिति में दूसरे आसपास के लोग कीड़े मकोड़ों की तरह नजर आता है वह इंसान को इंसान नहीं समझता वह गरीब को इंसान नहीं समझते साधारण व्यक्ति को इंसान नहीं सकता उसे लगता है यह कुछ लोग हैं यह क्या करता है जबकि वही व्यक्ति कल तक साधारण था और उसी समाज का हिस्सा था लेकिन उस औरत ने उस पद नहीं इस पैसे ने उस व्यक्ति को अभिमानी बना दो असली परीक्षा व्यक्ति की तभी होती है जब वह ऐसी स्थिति में होता है मेरा आकलन यही है उम्मीद करता हूं मेरे उत्तर से आपसे धन्यवाद
Ne prashn kiya hai ki hindustaan kee vinamrata kee asalee pareeksha kab hai bahut achchha prashn hai dekhie insaan kee vinamrata kee asalee pareeksha kab hotee hai jab insaan saksham jab insaan aise pad par ho aisee sthiti mein jahaan par usake paas mein do paristhitiyaan aaee kahie dostee kya hotee hai ek us paristhiti mein bagadam and kar sakata hai aur us paristhiti mein vinamr bansal udaaharan ke lie koee ek aisa vyakti hai jo yoon to saadhaaranataya aapako bahut vinamr lagata hai lekin kalpana keejie vahee vyakti achaanak se kisee bahut bade pad par pahunch jaata hai vahee vyakti bijanes mein bahut jyaada saphal ho jaata hai karodapati arabapati ban jaata hai vahee koee saadhaaran vyakti bahut bada raajaneta ban jaata hai bahut bada pad haasil kar leta hai vahee saadhaaran vyakti ko aisa kaary karen jisakee vajah se usako saaree duniya jaanane lag jaatee hai us paristhiti mein bhee agar vyakti vinamr rahata hai ya us paristhiti mein vyakti ko ghamand aa jaata hai yah vahee samay hota hai jab insaan kee asalee pareeksha hotee hai kyonki saadhaaran paristhitiyon to vaise bhee vyakti ko vinamr bana hee detee hai lekin jab aap us sthiti mein jahaan par aap parivaar ko samaaj ko sanskrti ko apane aasapaas ke vaataavaran ko prabhaavit karane mein saksham ho us samay aap kee sthiti mein hai aap mein usaka man hai abhimaan hai ya us samay aap vinamr usee samay vyakti kee apanee pareeksha hotee hai kyonki mainne dekha hai aise bahut saare log hain jo samaaj mein jab saadhaaran sthiti mein se saadhaaran jeevan jee rahe the tab vah hamesha vinamr najar aate the lekin vahee vyakti jab kisee bahut bade pad par pahunch gaya vahee vyakti jab bahut bada raajaneta ban gaya vahee vyakti bahut bada bijanesamain ban gaya achaanak se us vyakti mein ghamand aa jaata hai vinamrata maanav raaton-raat kaheen gaayab ho gaee hotee to un paristhitiyon par nirbhar karata hai ki jab vyakti aisee paristhiti mein ho jahaan par vah bahut pakadam ho jahaan par vah bahut prabhaavit karane kee sthiti mein hoon ab aise bahut saare logon ko us paristhiti mein upasthiti mein doosare aasapaas ke log keede makodon kee tarah najar aata hai vah insaan ko insaan nahin samajhata vah gareeb ko insaan nahin samajhate saadhaaran vyakti ko insaan nahin sakata use lagata hai yah kuchh log hain yah kya karata hai jabaki vahee vyakti kal tak saadhaaran tha aur usee samaaj ka hissa tha lekin us aurat ne us pad nahin is paise ne us vyakti ko abhimaanee bana do asalee pareeksha vyakti kee tabhee hotee hai jab vah aisee sthiti mein hota hai mera aakalan yahee hai ummeed karata hoon mere uttar se aapase dhanyavaad

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अमरुद खाने के क्या-क्या फायदा है?Amrud Khane Ke Kya Kya Fayada Hai
T P Singh Bolkar App
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4:57
आपका प्रश्न है कि अमरूद खाने के क्या-क्या फायदे हैं वाह मजा आ गया आपने मेरे पसंदीदा फ्रूट के बारे में पूछा है तो मैं आपको इसके बारे में पूर्ण जानकारी देना चाहता हूं देखिए अमरुद में कई सारे औषधीय गुण होते हैं अमरुद और इस पेड़ के जो अन्य उत्पाद हैं उसमें आपको एंटीमाइक्रोबियल्स एंटी फंगल एंटी डायबिटिक और एंड की डायल पुणे में पायल एरिया में श्वसन संक्रमण है उसमें मुंह लगाकर संक्रमण है इसका संक्रमण है आपको डायबिटीज है आपको हार्ट की प्रॉब्लम है तो उसके लिए भी यह बहुत फायदेमंद है इसके अलावा जो नहीं है क्या न्यूज़ में यह भी पता चला है कि महिलाओं की जो स्वास्थ्य समस्याएं हैं किडनी और कैंसर में भी अमरूद का भोसड़ा अमरूद के फायदे में हम देखते हैं तो एक तो मधुमेह के लिए डायबिटीज के लिए बहुत फायदेमंद जो बिना छिलके वाला अमरुद है वह आपकी ब्लड शुगर को कम करने में बहुत मदद कर सकता है इसके अंदर एक पाली से के राइट्स तत्व होता है जो आपको डायबिटीज कम करने में मदद करता है इसके अलावा कैंसर से बचाव के लिए भी अमरूद का बहुत फायदा है एक विशेष जो रिसर्च हुई है उस में पता चला है कि जो प्रॉस्टेट कैंसर होता है उसको कम करने में बहुत मददगार है इसमें एक लाइक लाइकोपीन नामक एक तत्व मौजूद होता है जो प्रॉस्टेट कैंसर सेल्स के विरुद्ध कीमोंप्रीवेंटिव प्रभाव प्रदर्शित करता है और इससे प्रॉस्टेट कैंसर के जोखिम से बचा जा सकता वजन कम करने के लिए भी अमरूद का फायदा है इसको आप जो आपका बीएमआई होता है जिसको आप बॉडी मास इंडेक्स कहते हैं उससे पता चलता है कि आपके अंदर कितना मोटापा है तो उस मोटापे को भी दूर मोटापे को दूर करने के लिए अमरुद से बने हुए जो सप्लीमेंट्स होते हैं वह आपके बॉडी मास इंडेक्स को कम हो तो मोटापे के लिए बहुत फायदेमंद है सही पाचन शक्ति अच्छे से पाचन शक्ति के लिए भी अमरुद बहुत फायदे पैसा जानकारी में आता है कि कोई अमरूद के अंदर फाइबर काफी होता है और आप जानते हैं कि फाइबर की कमी की वजह से आपको कब्ज की समस्या रहती है ऐसे में अगर आप अमरुद नियमित रूप से खाएं वह आपको कब्ज से निजात मिल सकती मिल सकती है रोग प्रतिरोधक क्षमता की बहुत फायदा अमरूद के अंदर जो विटामिन होता है खास करके विटामिन थी वह आपकी जो प्रतिरक्षा प्रणाली है उसको बेहतर करें और रोगों से लड़ने में मदद करता है हार्ट के लिए भी अमरुद का फायदा के अंदर पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है जो आपकी रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाने का काम करता है कि से आंखें ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मदद मिलती है और इसके अंदर जो फाइबर होता है वह फाइबर भी आपकी खराब कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारी को दूर करने में मदद करता है आंखों के लिए अमरुद फायदेमंद जो ज्यादा टीवी देखना ज्यादा समय तक पढ़ाई करना कम रोशनी में पढ़ाई करना बढ़ती उम्र में पौष्टिक आहार की कमी है ऐसे में आपको अमरुद को अपने आहार में शामिल करना चाहिए इसके अंदर जो विटामिन ए सी और फॉर लेट होता है यह आपको इन सब में के अलावा इसमें जिंक और कॉपर भी होता है यह सब आपकी आंखों के लिए बहुत फायदा करने वाला है गर्भावस्था में ही अमरुद फायदा करता है अमरूद में विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के आयरन के अवशोषण की को बढ़ावा देता है और जो गर्भावस्था में महिलाओं में खून की कमी होती है उसको दूर करने में यह बहुत मदद करता है अगर आपको टेंशन रहता है तनाव रहता हिंदुस्तान के अंदर क्योंकि इसके अंदर मैग्नीशियम होता है और मैग्नीशियम आपके तनाव को कम कर सकता है इससे पूर्व आपके खाने में जरूर शामिल करें ब्लड प्रेशर के लिए कि हम लोग के बहुत ज्यादा फायदा है थायराइड के लिए भी हम रूप से बहुत मदद मिलती है अगर आपको लगातार सर्दी जुकाम की समस्या है तो उसमें भी अमरुद फायदा करता है अगर आपको कब्ज की समस्या है तो इसमें अमरुद फायदा करता है आपके माइंड के डेवलपमेंट के दिमागी विकास के लिए अमृत फायदा करता है इतनी सारी चीजें हैं जिससे आपको अमरूद खाने से फायदा होता है उठाएं मस्त रहें स्वस्थ रहें धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki amarood khaane ke kya-kya phaayade hain vaah maja aa gaya aapane mere pasandeeda phroot ke baare mein poochha hai to main aapako isake baare mein poorn jaanakaaree dena chaahata hoon dekhie amarud mein kaee saare aushadheey gun hote hain amarud aur is ped ke jo any utpaad hain usamen aapako enteemaikrobiyals entee phangal entee daayabitik aur end kee daayal pune mein paayal eriya mein shvasan sankraman hai usamen munh lagaakar sankraman hai isaka sankraman hai aapako daayabiteej hai aapako haart kee problam hai to usake lie bhee yah bahut phaayademand hai isake alaava jo nahin hai kya nyooz mein yah bhee pata chala hai ki mahilaon kee jo svaasthy samasyaen hain kidanee aur kainsar mein bhee amarood ka bhosada amarood ke phaayade mein ham dekhate hain to ek to madhumeh ke lie daayabiteej ke lie bahut phaayademand jo bina chhilake vaala amarud hai vah aapakee blad shugar ko kam karane mein bahut madad kar sakata hai isake andar ek paalee se ke raits tatv hota hai jo aapako daayabiteej kam karane mein madad karata hai isake alaava kainsar se bachaav ke lie bhee amarood ka bahut phaayada hai ek vishesh jo risarch huee hai us mein pata chala hai ki jo prostet kainsar hota hai usako kam karane mein bahut madadagaar hai isamen ek laik laikopeen naamak ek tatv maujood hota hai jo prostet kainsar sels ke viruddh keemompreeventiv prabhaav pradarshit karata hai aur isase prostet kainsar ke jokhim se bacha ja sakata vajan kam karane ke lie bhee amarood ka phaayada hai isako aap jo aapaka beeemaee hota hai jisako aap bodee maas indeks kahate hain usase pata chalata hai ki aapake andar kitana motaapa hai to us motaape ko bhee door motaape ko door karane ke lie amarud se bane hue jo sapleements hote hain vah aapake bodee maas indeks ko kam ho to motaape ke lie bahut phaayademand hai sahee paachan shakti achchhe se paachan shakti ke lie bhee amarud bahut phaayade paisa jaanakaaree mein aata hai ki koee amarood ke andar phaibar kaaphee hota hai aur aap jaanate hain ki phaibar kee kamee kee vajah se aapako kabj kee samasya rahatee hai aise mein agar aap amarud niyamit roop se khaen vah aapako kabj se nijaat mil sakatee mil sakatee hai rog pratirodhak kshamata kee bahut phaayada amarood ke andar jo vitaamin hota hai khaas karake vitaamin thee vah aapakee jo pratiraksha pranaalee hai usako behatar karen aur rogon se ladane mein madad karata hai haart ke lie bhee amarud ka phaayada ke andar poteshiyam kee maatra paee jaatee hai jo aapakee rakt vaahikaon ko aaraam pahunchaane ka kaam karata hai ki se aankhen blad preshar ko bhee niyantrit karane mein madad milatee hai aur isake andar jo phaibar hota hai vah phaibar bhee aapakee kharaab kolestrol aur dil kee beemaaree ko door karane mein madad karata hai aankhon ke lie amarud phaayademand jo jyaada teevee dekhana jyaada samay tak padhaee karana kam roshanee mein padhaee karana badhatee umr mein paushtik aahaar kee kamee hai aise mein aapako amarud ko apane aahaar mein shaamil karana chaahie isake andar jo vitaamin e see aur phor let hota hai yah aapako in sab mein ke alaava isamen jink aur kopar bhee hota hai yah sab aapakee aankhon ke lie bahut phaayada karane vaala hai garbhaavastha mein hee amarud phaayada karata hai amarood mein vitaamin see paaya jaata hai jo shareer ke aayaran ke avashoshan kee ko badhaava deta hai aur jo garbhaavastha mein mahilaon mein khoon kee kamee hotee hai usako door karane mein yah bahut madad karata hai agar aapako tenshan rahata hai tanaav rahata hindustaan ke andar kyonki isake andar maigneeshiyam hota hai aur maigneeshiyam aapake tanaav ko kam kar sakata hai isase poorv aapake khaane mein jaroor shaamil karen blad preshar ke lie ki ham log ke bahut jyaada phaayada hai thaayaraid ke lie bhee ham roop se bahut madad milatee hai agar aapako lagaataar sardee jukaam kee samasya hai to usamen bhee amarud phaayada karata hai agar aapako kabj kee samasya hai to isamen amarud phaayada karata hai aapake maind ke devalapament ke dimaagee vikaas ke lie amrt phaayada karata hai itanee saaree cheejen hain jisase aapako amarood khaane se phaayada hota hai uthaen mast rahen svasth rahen dhanyavaad

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साइनस बीमारी क्या है और इसके शुरुआती लक्षण क्या है?Sinusitis Bimari Kya Hai Or Iske Shuruaat Lakshan Kya Hai
T P Singh Bolkar App
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4:29
आपका प्रश्न है कि साइनस बीमारी क्या है और उसकी शुरुआती लक्षण चल चलिए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से समझाते हैं क्योंकि यह समस्या बहुत सारे लोगों को है और लोगों को अक्सर साइनस की बहुत ज्यादा तकलीफ होती है साइनस को साइनोसाइटिस भी कहा जाता है लेकिन आपको इसके बारे में डिटेल में समझना चाहिए कि सबसे पहले हम यह समझे कि क्यों होता है साइना सर क्या होता है फाइनल हमारे मस्तिष्क में कई छेद होते हैं जो सांस लेने में हमारी मदद करते हैं खोपड़ी में मौजूद फोटो छिद्रों की उम्मीद - कहा जाए जब इन्फोटेक छिद्रों में बलगम भर जाए और इंसान को सांस लेने की प्रक्रिया में दिक्कत आने लगती है तो इस बीमारी को साइनोसाइटिस अथवा पाइनस कहा जाता है और इन्फेक्शन के कारण साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है जिससे यह बीमारी होती है किस बीमारी में नाक की हड्डी भी कई बार बढ़ जाती है अथवा नाक की हड्डी टेढ़ी हो जाती है नस के मुख्य दो प्रकार हैं एक होता है एक क्यूट सा इन एक्यूट साइनस चुका है वह बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है जिसमें सांस की नली के ऊपरी हिस्से में इंफेक्शन हो जाता है इसमें ना इसमें नाक में सूजन आ जाती है जिसके लिए नागल ड्रॉप्स भी डाली जाती है एंटीबायोटिक दवाएं भी दी जाती है आप भी दी जाती है एक होता है क्यूट है बस में क्या होता है कि इतने व्यक्ति को चार से 8 हफ्ते तक मस्तिष्क की जो साइनस की जल्दी होती है उसमें सूजन और जलन रहती है और इसके इलाज का भी वही तरीका है जो 1 - 1 होता है क्रॉनिक साइरोनिक्स में क्या होता है इसमें लंबे समय तक फाइनल में जलन और सूजन रहती है इस तरह के नाक में दर्द रहता है ना कि रास्ते को साफ करने की जरूरत होती है और अगर यह समस्या लंबे समय तक रही और इतना समय पर उपचार न कराया गया तो यह सीमा में भी तकलीफ होता है रिकरेंट साइना रिकरेंट साइनस क्या होता है कि अगर आपको एलर्जी से संबंधित कोई बीमारी है या आपको दमा अस्थमा है तो आपको रिकरेंट साइनस की समस्या हो सकती है इसमें डॉक्टर मरीज की अलग-अलग स्थिति के अनुसार उसको दवाई देते हैं ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप शुरुआत में ही डॉक्टर से सलाह लेते हैं तो दवाओं से इसका इलाज उपचार किया जा सकता है अगर आप इसमें तेरी करवाते हैं तो आपको सर्जरी करवानी पड़ सकती है अब इसमें बात आती है कि इसके शुरुआती लक्षण क्या है देखिए साईं नाथ के शुरुआती लक्षण है आपको हल्का सिरदर्द बने रहना आप को बुखार रहना आपको खांसी होना आजा कब का जन्म जाना नाक से सफेद अथवा पीला पीला कब निकलना है इसके मुख्य लक्षण इसके अलावा चेहरे पर सूजन आना किसी प्रकार की गंध महसूस न कर पाना यह भी इसके लक्षण माने जाते हैं मेरा आप सभी से विनम्र निवेदन है प्रार्थना है कि आपको हल्की सी बी अगर इस तरह की समस्या लगती है कि आखिर लगातार नाक से सफेद या मिला पानी बह रहा है कब दे रहा है आपको सर दर्द हो रहा है आपको इस तरह की समस्या और हल्का बुखार आ रहा है आपको गंधकम महसूस हो रही है तो आप को आती बलगम की समस्या हो रही है तो बिल्कुल देरी ना करें तुरंत अच्छे डॉक्टर को जो भी आपके नजदीक में अच्छा डॉक्टर है उसको दिखाएं इस समय पर इसका इलाज करवाएं अन्यथा भविष्य में आपको इसके लिए ऑपरेशन मत करवाना पड़ सकता है सर्जरी करवानी पड़ सकती है इतनी तकलीफ से बचें आप स्वस्थ रहें अपना अपना ध्यान रखें अपने अपने परिवार की सेहत का पूरा ध्यान रखें और खास करके इस समय जो कोरोना की शक्ल चल रही है आपको और भी ज्यादा सावधानी की जरूरत है तो यही मेरा कहना है और उम्मीद करता हूं कि मेरी हुई इस जानकारी से हर व्यक्ति को फायदा होगा समय पर इलाज लेंगे इसके बारे में जानकारी रखें ध्यान रखें स्वस्थ रहें धन्यवाद
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वसा में घुलनशील विटामिन कौन से है?Vasa Me Ghulanasheel Vitamin Kaun Se Hai
T P Singh Bolkar App
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1:28
आपका प्रश्न है कि वसा में घुलनशील विटामिन कौन से देखिए पहले तो यह समझ लेते हैं कि विटामिन प्रमुख रूप से कौन-कौन से होते हैं विटामिन ए विटामिन बी विटामिन सी विटामिन डी विटामिन बी और विटामिन के के मुख्य रूप से विटामिन अब मानती है कि वसा में घुलनशील विटामिन कौन-कौन से हैं तो हमको ऐसे समझना चाहिए कि केवल विटामिन बी और विटामिन B12 ही विटामिन ऐसे हैं जो कि जल में घुलनशील है बाकी जितने भी शामिल है वह सारे वसा में घुलनशील होता है विटामिन ए विटामिन बी विटामिन बी और विटामिन के यह सारे विटामिन वसा में घुलनशील होते हैं विटामिन को हमेशा दो ही भागों में बांटा जा सकता है एक जल में घुलनशील विटामिन वसा में घुलनशील विटामिन जल में घुलनशील मैंने आपको बताया विटामिन बी और विटामिन सी और वसा में घुलनशील विटामिन के बताएं विटामिन ए विटामिन बी विटामिन ई विटामिन यह सारे वसा में घुलनशील होता है धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki vasa mein ghulanasheel vitaamin kaun se dekhie pahale to yah samajh lete hain ki vitaamin pramukh roop se kaun-kaun se hote hain vitaamin e vitaamin bee vitaamin see vitaamin dee vitaamin bee aur vitaamin ke ke mukhy roop se vitaamin ab maanatee hai ki vasa mein ghulanasheel vitaamin kaun-kaun se hain to hamako aise samajhana chaahie ki keval vitaamin bee aur vitaamin b12 hee vitaamin aise hain jo ki jal mein ghulanasheel hai baakee jitane bhee shaamil hai vah saare vasa mein ghulanasheel hota hai vitaamin e vitaamin bee vitaamin bee aur vitaamin ke yah saare vitaamin vasa mein ghulanasheel hote hain vitaamin ko hamesha do hee bhaagon mein baanta ja sakata hai ek jal mein ghulanasheel vitaamin vasa mein ghulanasheel vitaamin jal mein ghulanasheel mainne aapako bataaya vitaamin bee aur vitaamin see aur vasa mein ghulanasheel vitaamin ke bataen vitaamin e vitaamin bee vitaamin ee vitaamin yah saare vasa mein ghulanasheel hota hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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व्यापार की सफलता का रहस्य क्या है?Vyapar Ki Safalta Ka Rahasya Kya Hai
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4:58
आपका प्रश्न है कि व्यापार की सफलता का रहस्य क्या है इस प्रश्न के उत्तर को बहुत गौर से सुने हर वह व्यक्ति सुने जो कर रहा है हर वह व्यक्ति सुने जो बिजनेस करने की इच्छा रखता है हर वह व्यक्ति सुने जिसने बिजनेस अभी अभी शुरु किया है या भविष्य में शुरू करना चाहोगे आप को व्यापार की सफलता का जो रहस्य है उसके प्रमुख बिंदुओं के बारे में मैं आपको जानकारी देना आवश्यक समझता हूं आ रहा अकेली बहुत हितकर हो पहली बात तो बिजनेस करना बिजनेस बिजनेस की शुरुआत करना यही अपने आप में लोग बहुत बड़ी चुनौती समझते हैं सोचते बहुत लोग हैं कि वह बिजनेस करें लेकिन बहुत कम लोग इतनी हिम्मत जुटा पाते हैं कि वह विश्वास करें और बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो पेज में शुरू करते हैं और कुछ समय के अंदर छोड़ दें बिजनेस के लिए सबसे पहले एक बात हमेशा बहुत समझ के रखे कि आपने अगर बिजनेस चालू कर दिया है या अगर आप बिजनेस आपने शुरू कर दिया है तो अपने फैसले पर भरोसा रखें अपने फैसले में विश्वास कर उसके प्रति जिद्दी बने ऐसा नहीं है कि आपने थोड़ा समय व्यापार किया और थोड़ी सी परिस्थितियां डगमगाए और आपने उस से वापस बाहर निकल गए इस तरीके से बिजनेस नहीं होता है और किस तरह से बिजनेस में सफलता नहीं पाई जा सकती व्यापार की सफलता का पहला रहस्य यही है कि आप जो भी बिजनेस शुरू कर रहे हैं अपने आप पर भरोसा रखें अपने फैसले पर भरोसा रखें थोड़ी बहुत परिस्थितियां ऊपर नीचे से डगमगाए नहीं और आगे बढ़े दूसरा सबसे अच्छा प्रोडक्ट की सर्विस जो भी कर रहे हैं जो भी प्रोडक्ट आफ बिजनेस में आप लेकर आए हैं सबसे जरूरी है कि आप सिर्फ प्रॉफिट के बारे में सोचकर अगर आप काम करेंगे तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे ग्राहक भगवान होता है यह बात समझ में आप जब तक ग्राहक को संतुष्ट नहीं रखते हैं आप उसको निरंतर अच्छी सर्विस नहीं कहेंगे तब तक आग वह ग्राहक तो आपके पास दोबारा आएगा ही नहीं लेकिन वह अन्य लोगों में भी आपके प्रति नकारात्मक संदेश देगा जिससे भविष्य में आपके यहां पर अन्य ग्रहण नहीं आएंगे अगर आपने एक ग्रह को अच्छे से संतुष्ट किया जिसने ग्रह का के यहां पर आए उनको संतुष्ट किया अच्छी सर्विस दी तो वह आपके साथ बहुत सारे लोगों को आगे जाकर ताजा दूसरा अपनी उम्मीद से बड़ा लक्ष्य हर रोज प्रतिदिन अपनी सोच के दायरे को बढ़ाएं उम्मीद से बड़ा लक्ष्य रखें कठिन मरी मेहनत करें परिश्रम करें कोई भी इंसान चुटकी में अमीर नहीं बनता याद रहती है इसके आगे हमेशा सीखने के लिए तैयार आप व्यापार करते हैं गलतियां होती हैं लेकिन जरूरत होती है उन गलतियों से सीख कर आगे बढ़ने की और उन गलतियों को न दोहराने की जहां बदलाव करना जरूरी लगता है वहां बदलाव करें अपने लक्ष्य को पकड़े रख ऐसा नहीं है मैंने जैसा पहले भी कहा है कि थोड़ी ऊपर नीचे परिस्थितियां होती है तो आप अपने भटक न जाए याद रखें ईश्वर भी आपकी परीक्षा लेता है क्या आप कितने बड़े हैं अपने फैसले के प्रति अपने लक्ष्य के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहे जब भी कोई आपके छोटे से कार्य की सराहना करता है आप उनके प्रति कृतज्ञ हैं अगर आप इन चीजों को गौर से समझते हैं और आप करेंगे तो निश्चित रूप से आपको भी बिजनेस में सफलता मिलेगी निश्चित रूप से मारना है
Aapaka prashn hai ki vyaapaar kee saphalata ka rahasy kya hai is prashn ke uttar ko bahut gaur se sune har vah vyakti sune jo kar raha hai har vah vyakti sune jo bijanes karane kee ichchha rakhata hai har vah vyakti sune jisane bijanes abhee abhee shuru kiya hai ya bhavishy mein shuroo karana chaahoge aap ko vyaapaar kee saphalata ka jo rahasy hai usake pramukh binduon ke baare mein main aapako jaanakaaree dena aavashyak samajhata hoon aa raha akelee bahut hitakar ho pahalee baat to bijanes karana bijanes bijanes kee shuruaat karana yahee apane aap mein log bahut badee chunautee samajhate hain sochate bahut log hain ki vah bijanes karen lekin bahut kam log itanee himmat juta paate hain ki vah vishvaas karen aur bahut saare log aise hote hain jo pej mein shuroo karate hain aur kuchh samay ke andar chhod den bijanes ke lie sabase pahale ek baat hamesha bahut samajh ke rakhe ki aapane agar bijanes chaaloo kar diya hai ya agar aap bijanes aapane shuroo kar diya hai to apane phaisale par bharosa rakhen apane phaisale mein vishvaas kar usake prati jiddee bane aisa nahin hai ki aapane thoda samay vyaapaar kiya aur thodee see paristhitiyaan dagamagae aur aapane us se vaapas baahar nikal gae is tareeke se bijanes nahin hota hai aur kis tarah se bijanes mein saphalata nahin paee ja sakatee vyaapaar kee saphalata ka pahala rahasy yahee hai ki aap jo bhee bijanes shuroo kar rahe hain apane aap par bharosa rakhen apane phaisale par bharosa rakhen thodee bahut paristhitiyaan oopar neeche se dagamagae nahin aur aage badhe doosara sabase achchha prodakt kee sarvis jo bhee kar rahe hain jo bhee prodakt aaph bijanes mein aap lekar aae hain sabase jarooree hai ki aap sirph prophit ke baare mein sochakar agar aap kaam karenge to aap aage nahin badh paenge graahak bhagavaan hota hai yah baat samajh mein aap jab tak graahak ko santusht nahin rakhate hain aap usako nirantar achchhee sarvis nahin kahenge tab tak aag vah graahak to aapake paas dobaara aaega hee nahin lekin vah any logon mein bhee aapake prati nakaaraatmak sandesh dega jisase bhavishy mein aapake yahaan par any grahan nahin aaenge agar aapane ek grah ko achchhe se santusht kiya jisane grah ka ke yahaan par aae unako santusht kiya achchhee sarvis dee to vah aapake saath bahut saare logon ko aage jaakar taaja doosara apanee ummeed se bada lakshy har roj pratidin apanee soch ke daayare ko badhaen ummeed se bada lakshy rakhen kathin maree mehanat karen parishram karen koee bhee insaan chutakee mein ameer nahin banata yaad rahatee hai isake aage hamesha seekhane ke lie taiyaar aap vyaapaar karate hain galatiyaan hotee hain lekin jaroorat hotee hai un galatiyon se seekh kar aage badhane kee aur un galatiyon ko na doharaane kee jahaan badalaav karana jarooree lagata hai vahaan badalaav karen apane lakshy ko pakade rakh aisa nahin hai mainne jaisa pahale bhee kaha hai ki thodee oopar neeche paristhitiyaan hotee hai to aap apane bhatak na jae yaad rakhen eeshvar bhee aapakee pareeksha leta hai kya aap kitane bade hain apane phaisale ke prati apane lakshy ke prati hamesha krtagy rahe jab bhee koee aapake chhote se kaary kee saraahana karata hai aap unake prati krtagy hain agar aap in cheejon ko gaur se samajhate hain aur aap karenge to nishchit roop se aapako bhee bijanes mein saphalata milegee nishchit roop se maarana hai

#जीवन शैली

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हमारे नाखून किस चीज से बने होते हैं?Humare Nakhun Kis Cheej Se Bane Hote Hai
T P Singh Bolkar App
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2:19
आपका प्रश्न है कि हमारे नाखून किस चीज से बने होते हैं वह कुत्ता वाला प्रश्न है और बहुत सारे लोग सोचते होंगे और शायद समझना चाहते होंगे कि आखिर नाखून कैसे बनते हैं नाखून किस चीज से बनते हैं नाखून क्या है तो मैं आपकी उम्र दा को दूर करना चाहूंगा देखिए नाखून जो है वह हमारे ही त्वचा से निकली हुई एक विशेष रचना है और नाखून का ज्यादातर हिस्सा एक 11 दिन नामक पदार्थ से बना होता है यह जो पदार्थ है इस वक्त और मृत प्रोटीन से बना होता है क्योंकि नाखून की जड़ जो है वह त्वचा में तैसी होती है लेकिन नाखून के नीचे जो त्वचा होती है वह अन्य त्वचा जैसी नहीं होती है सिवाय इस बात की है उसमें इलास्टिक फाइबर भी होता है और यह नाखून से जुड़ा हुआ है यही सब सफेद और आधे चांद जैसा होता है और इसे लूल लूल कहते हैं यूल यूल अब सवाल यह है कि नाखून आप अगर इसको और थोड़ा डिटेल में जाएं तो नाखून कम से कम 50 मिलीमीटर बढ़ता है और नाखून जो है कई बार का बहुत कमजोर होते हैं कई लोगों के नाखून बहुत सख्त होते हैं या आधा कुत्ते भी हैं और इसका कारण है कि मैं इंफेक्शन हो सकता है आपका न्यूट्रीशनल सिस्टम में गड़बड़ी हो सकती है या खून का दौरा सही ढंग से नहीं होने की समस्या हो सकती है या ग्लैड्यूलर गड़बड़ी भी शामिल हो सकती है तो नाखून के बारे में मैं समझता हूं आपकी उत्सुकता शांत हुई होगी और आप समझ गए होंगे कि नाखून किस चीज के बने होते हैं धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki hamaare naakhoon kis cheej se bane hote hain vah kutta vaala prashn hai aur bahut saare log sochate honge aur shaayad samajhana chaahate honge ki aakhir naakhoon kaise banate hain naakhoon kis cheej se banate hain naakhoon kya hai to main aapakee umr da ko door karana chaahoonga dekhie naakhoon jo hai vah hamaare hee tvacha se nikalee huee ek vishesh rachana hai aur naakhoon ka jyaadaatar hissa ek 11 din naamak padaarth se bana hota hai yah jo padaarth hai is vakt aur mrt proteen se bana hota hai kyonki naakhoon kee jad jo hai vah tvacha mein taisee hotee hai lekin naakhoon ke neeche jo tvacha hotee hai vah any tvacha jaisee nahin hotee hai sivaay is baat kee hai usamen ilaastik phaibar bhee hota hai aur yah naakhoon se juda hua hai yahee sab saphed aur aadhe chaand jaisa hota hai aur ise lool lool kahate hain yool yool ab savaal yah hai ki naakhoon aap agar isako aur thoda ditel mein jaen to naakhoon kam se kam 50 mileemeetar badhata hai aur naakhoon jo hai kaee baar ka bahut kamajor hote hain kaee logon ke naakhoon bahut sakht hote hain ya aadha kutte bhee hain aur isaka kaaran hai ki main imphekshan ho sakata hai aapaka nyootreeshanal sistam mein gadabadee ho sakatee hai ya khoon ka daura sahee dhang se nahin hone kee samasya ho sakatee hai ya glaidyoolar gadabadee bhee shaamil ho sakatee hai to naakhoon ke baare mein main samajhata hoon aapakee utsukata shaant huee hogee aur aap samajh gae honge ki naakhoon kis cheej ke bane hote hain dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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बढ़ते हुए पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतों पर आपके क्या विचार है?Badhate Hue Petrol Deejal Aur Gais Kee Keematon Par Aapake Kya Vichaar Hai
T P Singh Bolkar App
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Business
4:56
आपका प्रश्न है कि बढ़ते हुए पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतों पर आपके क्या विचार है देखिए मैं बहुत सारे मुद्दों पर मोदी सरकार का पत्थर रहा हूं लेकिन जहां पर विरोध करने लायक कोई बात है तो मैं विरोध भी करता हूं और पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतों पर मैं मोदी सरकार और राज्य सरकार दोनों की भरपूर आलोचना करना चाहिए मेरे विचार स्पष्ट है आप चाहे कोई सी भी सरकार राज्य सरकार कहती है कि उनके आय का कोई जरिया नहीं है और उनको सरकार चलाने के लिए खर्चों की जरूरत है वह पेट्रोल डीजल से प्राप्त करना चाहते हैं केंद्र सरकार भी कहती है कि उनको भी खर्चे चलाने के लिए जरूरत है और पेट्रोल डीजल और गैस भेजो टैक्स लगाते हैं उससे उनका खर्चा चलता है अरे साहब आपका सब का खर्चा चलता है लेकिन एक गरीब अपने घर का खर्चा कैसे चलेगा यह भी तो इन सरकारों को देखना पड़ेगा एक गरीब के चुप बड़ी मुश्किल से इस कोरोना का हाल के अंदर जिस जिस में कोल्डड्रिंक पहले ही व्यक्ति बहुत सारी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है काम ना कर रहा है लड़ रहा ऐसे में 9095 100 रेट पेट्रोल और डीजल की कैसे आम व्यक्ति इस को सहन कर सकता है और जब पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतें बढ़ती है तो यह स्पष्ट बात है कि 12 खर्चा कहीं न कहीं इसके इर्द-गिर्द घूमता है क्योंकि जितना भी एक दूसरी जगह से ट्रांसपोर्टेशन होता है उस में पेट्रोल और डीजल तो लगता ही है मुझे भाड़े की वृद्धि होगी तो बाकी चीजों में भी सामान में प्रति होगी तब जो हमें आना आज में हर जगह इसकी प्रति होगी ऐसे में मेरा स्पष्ट मानना है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को अपने टैक्स में कटौती करनी चाहिए ठीक है जो अगर आपकी जो जायज आवश्यकता है हम समझते हैं कि देश चलाने के लिए सरकारें चलाने के लिए राष्ट्र चलाने के लिए और बहुत सारे जनकल्याण के कार्यों को चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है लेकिन हर चीज सीमा में ठीक लगती है अगर आप 35 ₹40 का जो वास्तविक कीमत है तेल की अगर आप उस पर ₹50 ₹55 से ₹60 प्रति लीटर अगर आप उस पर टेक्स्ट लगाना चाह रहे हैं तो यह भी नियम के विरुद्ध है यह गलत है एक निम्न वर्गीय व्यक्ति एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति इन खर्चों का बोझ उठाने में सक्षम नहीं है और निश्चित रूप से राज्य सरकारें भी फार्म भर कर के टैक्स वसूल कर रही है केंद्र सरकार भी भर भर के टैक्स वसूल कर रही है भाई साहब महान व्यक्ति कहां जाएगा आपको अपना खर्चा चलाना है तो एक गरीब को एक मध्यमवर्गीय परिवार को भी तो अपने घर का खर्चा चलाना है उसकी भी तो आए और सीमित नहीं हैं उसकी इनकम भी तो सीमित है और उसे सीमित इनकम में उसे अपने घर का खर्चा भी चलाना है उसे यातायात का खर्चा भी चलाना है उसके अपनी मोटरसाइकिल के अंदर तिल भी डलवाना है उसको अपने ट्रैक्टर में भी तेल भी तेजल डलवाना है उसको किसी को कार है उसमें भी डिटेल डलवाना है पेट्रोल डलवाना है वह अपने घर का खर्चा कैसे चलाएं पर यह मानने में कोई तकलीफ नहीं है तो सरकार कहती है कि 85% तेल हम विदेशों से आयात करते हैं और आज तक की सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया कि हम कैसे आयात कम करें और अपने देश में ही या तेल के उत्पादन को बढ़ावा देकर के खर्चे को कम करें लेकिन अब इस पर विचार करने की जरूरत है और पेट्रोल और डीजल किसी भी किसी भी स्थिति में ₹80 प्रति से ज्यादा का भाव नहीं होना चाहिए वरना यह आम व्यक्ति के जो आर्थिक उसका बजट है उसको पूरा घर बढ़ा दिया है और सरकारों को इस पर सोचने की जरूरत है और तुरंत इसकी रेट कम धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki badhate hue petrol deejal aur gais kee keematon par aapake kya vichaar hai dekhie main bahut saare muddon par modee sarakaar ka patthar raha hoon lekin jahaan par virodh karane laayak koee baat hai to main virodh bhee karata hoon aur petrol deejal aur gais kee keematon par main modee sarakaar aur raajy sarakaar donon kee bharapoor aalochana karana chaahie mere vichaar spasht hai aap chaahe koee see bhee sarakaar raajy sarakaar kahatee hai ki unake aay ka koee jariya nahin hai aur unako sarakaar chalaane ke lie kharchon kee jaroorat hai vah petrol deejal se praapt karana chaahate hain kendr sarakaar bhee kahatee hai ki unako bhee kharche chalaane ke lie jaroorat hai aur petrol deejal aur gais bhejo taiks lagaate hain usase unaka kharcha chalata hai are saahab aapaka sab ka kharcha chalata hai lekin ek gareeb apane ghar ka kharcha kaise chalega yah bhee to in sarakaaron ko dekhana padega ek gareeb ke chup badee mushkil se is korona ka haal ke andar jis jis mein koldadrink pahale hee vyakti bahut saaree aarthik samasyaon se joojh raha hai kaam na kar raha hai lad raha aise mein 9095 100 ret petrol aur deejal kee kaise aam vyakti is ko sahan kar sakata hai aur jab petrol deejal aur gais kee keematen badhatee hai to yah spasht baat hai ki 12 kharcha kaheen na kaheen isake ird-gird ghoomata hai kyonki jitana bhee ek doosaree jagah se traansaporteshan hota hai us mein petrol aur deejal to lagata hee hai mujhe bhaade kee vrddhi hogee to baakee cheejon mein bhee saamaan mein prati hogee tab jo hamen aana aaj mein har jagah isakee prati hogee aise mein mera spasht maanana hai ki raajy sarakaar aur kendr sarakaar donon ko apane taiks mein katautee karanee chaahie theek hai jo agar aapakee jo jaayaj aavashyakata hai ham samajhate hain ki desh chalaane ke lie sarakaaren chalaane ke lie raashtr chalaane ke lie aur bahut saare janakalyaan ke kaaryon ko chalaane ke lie paise kee jaroorat hotee hai lekin har cheej seema mein theek lagatee hai agar aap 35 ₹40 ka jo vaastavik keemat hai tel kee agar aap us par ₹50 ₹55 se ₹60 prati leetar agar aap us par tekst lagaana chaah rahe hain to yah bhee niyam ke viruddh hai yah galat hai ek nimn vargeey vyakti ek madhyamavargeey vyakti in kharchon ka bojh uthaane mein saksham nahin hai aur nishchit roop se raajy sarakaaren bhee phaarm bhar kar ke taiks vasool kar rahee hai kendr sarakaar bhee bhar bhar ke taiks vasool kar rahee hai bhaee saahab mahaan vyakti kahaan jaega aapako apana kharcha chalaana hai to ek gareeb ko ek madhyamavargeey parivaar ko bhee to apane ghar ka kharcha chalaana hai usakee bhee to aae aur seemit nahin hain usakee inakam bhee to seemit hai aur use seemit inakam mein use apane ghar ka kharcha bhee chalaana hai use yaataayaat ka kharcha bhee chalaana hai usake apanee motarasaikil ke andar til bhee dalavaana hai usako apane traiktar mein bhee tel bhee tejal dalavaana hai usako kisee ko kaar hai usamen bhee ditel dalavaana hai petrol dalavaana hai vah apane ghar ka kharcha kaise chalaen par yah maanane mein koee takaleeph nahin hai to sarakaar kahatee hai ki 85% tel ham videshon se aayaat karate hain aur aaj tak kee sarakaaron ne is par dhyaan nahin diya ki ham kaise aayaat kam karen aur apane desh mein hee ya tel ke utpaadan ko badhaava dekar ke kharche ko kam karen lekin ab is par vichaar karane kee jaroorat hai aur petrol aur deejal kisee bhee kisee bhee sthiti mein ₹80 prati se jyaada ka bhaav nahin hona chaahie varana yah aam vyakti ke jo aarthik usaka bajat hai usako poora ghar badha diya hai aur sarakaaron ko is par sochane kee jaroorat hai aur turant isakee ret kam dhanyavaad

#जीवन शैली

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क्या आप सकारात्मक सोच की शक्ति को समझा सकते हैं?Kya Aap Sakaartmak Soch Ki Shakti Ko Samjha Sakte Hain
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4:58
का प्रश्न है कि क्या आप सकारात्मक सोच की शक्ति को समझा सकते हैं कि मुझे बहुत खुशी होगी अगर मैं आपको समझा पाया हर घड़ी अगर इसको समझ पाएगा तो उसके जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा लेकिन सकारात्मकता का सीधा अर्थ होता है सही सोच ना अच्छा सोचना आशावादी सोचना और नकारात्मक का मतलब होता है कि गलत सूचना तंत्र सोचना और हर चीज से खुद को खराब है दुनिया का एक तंत्र चलाने की प्रक्रिया कोई भी काम एक प्रक्रिया के तहत किया जाता है कई बार ऐसा होता है कि हमें वह प्रक्रिया बहुत बड़ी नजर आती है पर हमें ऐसा लगता है कि हम से नहीं होगा या हम इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाएंगे और इसको नकारात्मक सोच जबकि ठीक इसके उल्टा सकारात्मक सोचने का अर्थ होता है कि किसी भी कार्य में खुद को केवल कुशल ही नहीं मानना अपितु उस कार्य को करने में कुशल नहीं है इस बात को स्वीकार करके उसको ठीक कर ऐसा समझिए और विचार कीजिए कि कोई व्यक्ति एक नदी पार करना चाहता है और वह व्यक्ति कोई बहुत अभ्यास रथ तेरा तो नहीं है लेकिन वरना जानता है अब नकारात्मक सोच उसे ऐसा करने से रोकेगी और बाबा ही रह जाएगा लेकिन सकारात्मक सोच से नदी में उतरने के लिए प्रेरित करेंगे और 1 नदी को पार कर उदाहरण के तौर पर किसी आदमी का वजन बहुत ज्यादा बढ़ चुका है उसका वजन इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि उसके दैनिक जीवन में हम उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा और इतना ज्यादा वजन कम करना किसी कठिन संघर्ष के त्याग के संभव नहीं है मुमकिन नहीं और इस वजन कम करने के लिए एक लंबी प्रक्रिया का क्रियान्वयन करना पड़ता है इस दौरान उसको कई स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को भी छोड़ना पड़ेगा नियमित तौर पर कसरत X5 करनी पड़ेगी कठिन है लेकिन ना मुमकिन नहीं इस कार्य को शुरू कर सकते हैं लेकिन दिक्कत शुरुआत के बाद आती है और यह कार्य के मत होता है यदि आप सकारात्मक है तो आप कार्य को अंतिम लक्ष्य तक ले जा करके खत्म करेंगे पर अगर आप नकारात्मक सोच रखते हैं तो बीच में छूट सकारात्मक सोचने का अर्थ होता है अपने तू को पहचानना यह जानना कि वह कौन से कारक है जो आप कर सकते हैं वह कौन से कार्य है जिसमें आप कुशलता हासिल कर सकते हैं या वह कौन से कार्य हैं जो आपके क्षेत्र से बाहर है लेकिन आप प्रयास से अभ्यर्थियों को प्राप्त कर सकते हैं सकारात्मक सोच का अर्थ होता है अपनी अच्छाइयों बुराइयों को जानते हुए भी खुद के प्रति आदर भाव रखना और खुद को कभी ना नकार अगर आपने अपने आप को नकार दिया तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे वहीं रह जाए जीवन में सकारात्मक सोच और सकारात्मक प्रेरणा वही है जिसकी जरूरत दुनिया दुनिया में हर रोज पर एक अमेरिकी मूल के महान उपन्यासकार मार्क टवेन नहीं है कहा था की प्रेरणा कायम नहीं कैटरीना ही स्नान इसलिए ही लोग उसे हर रोज करने की अनुशंसा करते हैं जीवन में सकारात्मक सोच ताकतवर रखना जरूरी होता है ताकि जीवन ताकतवर मार्ग में आने वाली रुकावट सकारात्मक सोच से हल कर आगे बढ़े अगर जीवन में सकारात्मक सोच ताकतवर नहीं है और वह कमजोर है तो और आप उसके प्रति लापरवाह है वे संभावनाएं हमेशा रहेगी या फिर विपरीत शिकार के सोच बनेंगे जबकि सकारात्मक सोच ताकतवर होने से हर पल आप एक आशावादी व्यक्ति कल आएंगे और अपने जीवन में जो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों से भी आप बाहर निकल कर के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे इसलिए थका रात में सोच शक्ति ही है इस दुनिया में जो महान लोग हुए हैं वह विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सकारात्मक सोच की शक्ति से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाए आप भी ऐसा कर सकते हैं संसार का हर व्यक्ति ऐसा कर सकता है बशर्ते उसे सोच नकारात्मक मुझे उम्मीद है कि उदाहरणों के माध्यम से पर पूर्ण तरीके से मैं आपको समझा पाया हूंगा समझ में आया
Ka prashn hai ki kya aap sakaaraatmak soch kee shakti ko samajha sakate hain ki mujhe bahut khushee hogee agar main aapako samajha paaya har ghadee agar isako samajh paega to usake jeevan mein kraantikaaree parivartan aaega lekin sakaaraatmakata ka seedha arth hota hai sahee soch na achchha sochana aashaavaadee sochana aur nakaaraatmak ka matalab hota hai ki galat soochana tantr sochana aur har cheej se khud ko kharaab hai duniya ka ek tantr chalaane kee prakriya koee bhee kaam ek prakriya ke tahat kiya jaata hai kaee baar aisa hota hai ki hamen vah prakriya bahut badee najar aatee hai par hamen aisa lagata hai ki ham se nahin hoga ya ham is prakriya ko poora nahin kar paenge aur isako nakaaraatmak soch jabaki theek isake ulta sakaaraatmak sochane ka arth hota hai ki kisee bhee kaary mein khud ko keval kushal hee nahin maanana apitu us kaary ko karane mein kushal nahin hai is baat ko sveekaar karake usako theek kar aisa samajhie aur vichaar keejie ki koee vyakti ek nadee paar karana chaahata hai aur vah vyakti koee bahut abhyaas rath tera to nahin hai lekin varana jaanata hai ab nakaaraatmak soch use aisa karane se rokegee aur baaba hee rah jaega lekin sakaaraatmak soch se nadee mein utarane ke lie prerit karenge aur 1 nadee ko paar kar udaaharan ke taur par kisee aadamee ka vajan bahut jyaada badh chuka hai usaka vajan itana jyaada badh chuka hai ki usake dainik jeevan mein ham use pareshaaniyon ka saamana karana pada aur itana jyaada vajan kam karana kisee kathin sangharsh ke tyaag ke sambhav nahin hai mumakin nahin aur is vajan kam karane ke lie ek lambee prakriya ka kriyaanvayan karana padata hai is dauraan usako kaee svaadisht khaady padaarthon ko bhee chhodana padega niyamit taur par kasarat x5 karanee padegee kathin hai lekin na mumakin nahin is kaary ko shuroo kar sakate hain lekin dikkat shuruaat ke baad aatee hai aur yah kaary ke mat hota hai yadi aap sakaaraatmak hai to aap kaary ko antim lakshy tak le ja karake khatm karenge par agar aap nakaaraatmak soch rakhate hain to beech mein chhoot sakaaraatmak sochane ka arth hota hai apane too ko pahachaanana yah jaanana ki vah kaun se kaarak hai jo aap kar sakate hain vah kaun se kaary hai jisamen aap kushalata haasil kar sakate hain ya vah kaun se kaary hain jo aapake kshetr se baahar hai lekin aap prayaas se abhyarthiyon ko praapt kar sakate hain sakaaraatmak soch ka arth hota hai apanee achchhaiyon buraiyon ko jaanate hue bhee khud ke prati aadar bhaav rakhana aur khud ko kabhee na nakaar agar aapane apane aap ko nakaar diya to aap aage nahin badh paenge vaheen rah jae jeevan mein sakaaraatmak soch aur sakaaraatmak prerana vahee hai jisakee jaroorat duniya duniya mein har roj par ek amerikee mool ke mahaan upanyaasakaar maark taven nahin hai kaha tha kee prerana kaayam nahin kaitareena hee snaan isalie hee log use har roj karane kee anushansa karate hain jeevan mein sakaaraatmak soch taakatavar rakhana jarooree hota hai taaki jeevan taakatavar maarg mein aane vaalee rukaavat sakaaraatmak soch se hal kar aage badhe agar jeevan mein sakaaraatmak soch taakatavar nahin hai aur vah kamajor hai to aur aap usake prati laaparavaah hai ve sambhaavanaen hamesha rahegee ya phir vipareet shikaar ke soch banenge jabaki sakaaraatmak soch taakatavar hone se har pal aap ek aashaavaadee vyakti kal aaenge aur apane jeevan mein jo mushkil se mushkil paristhitiyon se bhee aap baahar nikal kar ke apane lakshy ko praapt kar lenge isalie thaka raat mein soch shakti hee hai is duniya mein jo mahaan log hue hain vah vipareet se vipareet paristhitiyon mein bhee apanee sakaaraatmak soch kee shakti se apane lakshy ko praapt kar pae aap bhee aisa kar sakate hain sansaar ka har vyakti aisa kar sakata hai basharte use soch nakaaraatmak mujhe ummeed hai ki udaaharanon ke maadhyam se par poorn tareeke se main aapako samajha paaya hoonga samajh mein aaya

#पढ़ाई लिखाई

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बच्चों को काले रंग से डर क्यों लगता है?Bachon Ko Kaale Rang Se Dar Kyun Lagta Hai
T P Singh Bolkar App
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2:28
आपका प्रश्न है कि बच्चों को काले रंग से डर क्यों लगता है देखिए जहां तक मैं समझता हूं काले रंग का संबंध अज्ञान से होता है और जहां अज्ञान होता है वहां पर वह स्वयं जन्म लेता है अंधेरी रात में आपको चीजें दिखती नहीं अंधेरे में आपको चीजों का ज्ञान नहीं होता चीजें स्पष्ट दृष्टिगोचर नहीं होती पर क्योंकि वह दिखाई नहीं देती इसलिए वहां पर बनकता नजर आती है दिन की रोशनी में सभी चीजें स्पष्ट नजर आती है इसलिए बच्चों को दिन में डर नहीं लगता लेकिन यदि किसी अंधेरे कमरे में जाए और कुछ भी ठीक से दिखाई ना दे तो कहते हैं कि डर लगता है अर्थात अज्ञान और डर कार्टून आता है दूसरी बात क्यों को बचपन से देखिए कोई बच्चा जन्म लेने के बाद हम उसे कैसा सिखाते हैं हम उसे कैसे तैयार करते हम उसे किस तरह का ज्ञान देते हैं उसी से बच्चे के अंदर भय और निडरता उसी से उसके अंदर आती है जैसे माय बचपन में बच्चों को डराती है देखो अंधेरा दिखा करके कि वहां पर देखो अंधेरे के अंदर भूत है तुम सो जाओ नहीं तो भूत आ जाएगा इस तरह की चीजों से बच्चों के अंदर और भी काले रंग के प्रति डर का वास होता है अगर हम बच्चों को इस तरह की नकारात्मक चीजों से दूर रखें तो ना तो वह कभी अंधेरे से डरेगा न काले रंग से डरेगा लेकिन इसका बहुत बड़ा कारण है क्योंकि हम बच्चों के अंदर इस तरह का डर हम ही डालते हैं इस तरह की गलत भावनाएं भूत काला सफेद अंधेरा यह सब बच्चों के अंदर हम ही डालते हैं और यही कारण है कि बच्चों के अंदर काले रंग से बच्चों को डर लगता है मेरे को लगता है कि आपको उत्तर मिल गया होगा धन्यवाद कभी भी अपने बच्चों को इस तरह से ना डर आएं धन्यवाद
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#जीवन शैली

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क्यों इंसान परिस्थितियों से हार जाता है?Kyo Insan Paristhitiyo Se Haar Jata Hai
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4:55
आपने प्रश्न किया है कि क्यों इंसान परिस्थितियों से हार जाता है देखिए मैं इस प्रश्न का उत्तर आपको बहुत अच्छे तरीके से देना चाहूंगा और उम्मीद करता हूं कि मेरे इस उत्तर से शायद बहुत सारे लोगों की आंखें खुल जाएगी इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले मैं आपको एक कहानी सुनाना चाहूंगा अगर आपने सुकरात का नाम सुना है एक बार सुकरात से किसी आदमी ने पूछा कि सफलता का क्या राज है पिक कितनी भी अच्छी बुरी परिस्थितियां हो लेकिन उसमें जो व्यक्ति सफल होता है तो उस व्यक्ति ने पूछा सुकरात से की सफलता का क्या राज है तो सुकरात उस व्यक्ति को एक नदी के किनारे ले गए और बोले कि सफलता का राज सी नदी में है इसलिए इसके अंदर चलो तो तुम्हें खुद ही पता चल जाएगा वह आदमी सुकरात के साथ में नदी के अंदर चला गया और जब गर्दन तक पानी आ गया तो आदमी बोला अब तो बता दो सफलता कैसे मिल सकती है सुकरात ने उस आदमी की गर्दन पकड़ी और नदी में डूबा और खुद उसके कंधों पर बैठ गए उस आदमी ने सुकरात को हटाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह शक्तिशाली सुकरात को अपने ऊपर से हटाने में नाकामयाब रहा जब वह आदमी बिल्कुल डूबने वाला था और उसे लगने लगा कि वह तो इस पागल सुकरात के हाथों मारा जाएगा तो उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर सुकरात को गिरा दिया और चिल्लाने लगा यह क्या तरीका है अगर तुम्हें मेरे प्रश्न का उत्तर नहीं आता तो कह देते मेरी जान क्यों लेना चाहते हो सुकरात ने उसे कहा तुम्हारे प्रश्न का उत्तर किसी बात में है कि जब तुम डूब रहे थे तो तुम ने शुरू में कितनी ताकत लगाई तो उस आदमी ने कहा कि पहले तो मेरी कुछ समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ कि मुझे लगा कि तुम मजाक कर रहे हो इसलिए मैंने थोड़ी सी ताकत लगाई और सोचा तुम खुद ही हट जाओगे लेकिन जब मेरा दम घुटने लगा और तुम टस से मस नहीं हुए हुए तो मैंने सोचा यह पागल तो मुझे मार ही डालेगा इसलिए यदि मुझे जिंदा रहना है तो अपनी पूरी ताकत लगानी होगी और तब मैंने पूरी ताकत लगाकर अपनी जान बचा ली अब तक रात में उसे कहा बस यही परिस्थितियों और सफलता की कहानी है सफलता भी हमारे पूरे प्रयास चाहती है पर थोड़ी भी कमी रहने पर वह हमें बीच मझधार में ही छोड़कर किसी ऐसे इंसान का वर्णन कर लेती है जो सफलता पाने के लिए अपनी पूरी ताकत बना देता आपके प्रश्न का उत्तर देता हूं पर शायद आपको आपके प्रश्न का उत्तर मिल भी गया हूं व्यक्ति परिस्थितियों से इसलिए हार मान जाता है क्योंकि वह उससे आगे की सोचता नहीं है थोड़ी सी नकारात्मक परिस्थितियां व्यक्ति के सामने आती है तो व्यक्ति उससे बाहर निकलने बाहर निकलने की बजाय उस बाहर निकलने के लिए सोचने की बजाय धैर्य के साथ परिश्रम के साथ और पूर्ण ताकत के साथ बाहर निकलने की बजाय वह हार मान लेता है जैसे कि अगर वह व्यक्ति अपनी आखरी में पूरी ताकत नहीं लगाता तो वह व्यक्ति मरने वाला बात की समझ लीजिए अपने आप को कभी मायूस ना करें कामयाबी आपको मिलेगी आप आसमान छू सकते हैं संसार में ऐसा कोई महान व्यक्ति उठा कर के देख लीजिए जो नहीं है जिसने अपने जीवन में नकारात्मक परिस्थितियां नहीं देखी हर व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक परिस्थितियां आती है लेकिन उसमें से कुछ लोग उन नकारात्मक परिस्थितियों के आगे हथियार डाल देते हैं झुक जाते हैं अपने जीवन को वहीं पर रोक लेते हैं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो उन परिस्थितियों के सामने पूरे जज्बे के साथ लड़ाई लड़ते हैं और एक ताकत से लड़ाई लड़ते हैं अपना हर अंतिम बार पूरा करते हैं इसलिए हमको यह समझने की जरूरत है और अगर आप इसको समझ गए तो आपको उत्तर मिल गया होगा धन्यवाद
Aapane prashn kiya hai ki kyon insaan paristhitiyon se haar jaata hai dekhie main is prashn ka uttar aapako bahut achchhe tareeke se dena chaahoonga aur ummeed karata hoon ki mere is uttar se shaayad bahut saare logon kee aankhen khul jaegee is prashn ka uttar dene se pahale main aapako ek kahaanee sunaana chaahoonga agar aapane sukaraat ka naam suna hai ek baar sukaraat se kisee aadamee ne poochha ki saphalata ka kya raaj hai pik kitanee bhee achchhee buree paristhitiyaan ho lekin usamen jo vyakti saphal hota hai to us vyakti ne poochha sukaraat se kee saphalata ka kya raaj hai to sukaraat us vyakti ko ek nadee ke kinaare le gae aur bole ki saphalata ka raaj see nadee mein hai isalie isake andar chalo to tumhen khud hee pata chal jaega vah aadamee sukaraat ke saath mein nadee ke andar chala gaya aur jab gardan tak paanee aa gaya to aadamee bola ab to bata do saphalata kaise mil sakatee hai sukaraat ne us aadamee kee gardan pakadee aur nadee mein dooba aur khud usake kandhon par baith gae us aadamee ne sukaraat ko hataane kee bahut koshish kee lekin vah shaktishaalee sukaraat ko apane oopar se hataane mein naakaamayaab raha jab vah aadamee bilkul doobane vaala tha aur use lagane laga ki vah to is paagal sukaraat ke haathon maara jaega to usane apanee pooree taakat lagaakar sukaraat ko gira diya aur chillaane laga yah kya tareeka hai agar tumhen mere prashn ka uttar nahin aata to kah dete meree jaan kyon lena chaahate ho sukaraat ne use kaha tumhaare prashn ka uttar kisee baat mein hai ki jab tum doob rahe the to tum ne shuroo mein kitanee taakat lagaee to us aadamee ne kaha ki pahale to meree kuchh samajh mein hee nahin aaya ki kya hua ki mujhe laga ki tum majaak kar rahe ho isalie mainne thodee see taakat lagaee aur socha tum khud hee hat jaoge lekin jab mera dam ghutane laga aur tum tas se mas nahin hue hue to mainne socha yah paagal to mujhe maar hee daalega isalie yadi mujhe jinda rahana hai to apanee pooree taakat lagaanee hogee aur tab mainne pooree taakat lagaakar apanee jaan bacha lee ab tak raat mein use kaha bas yahee paristhitiyon aur saphalata kee kahaanee hai saphalata bhee hamaare poore prayaas chaahatee hai par thodee bhee kamee rahane par vah hamen beech majhadhaar mein hee chhodakar kisee aise insaan ka varnan kar letee hai jo saphalata paane ke lie apanee pooree taakat bana deta aapake prashn ka uttar deta hoon par shaayad aapako aapake prashn ka uttar mil bhee gaya hoon vyakti paristhitiyon se isalie haar maan jaata hai kyonki vah usase aage kee sochata nahin hai thodee see nakaaraatmak paristhitiyaan vyakti ke saamane aatee hai to vyakti usase baahar nikalane baahar nikalane kee bajaay us baahar nikalane ke lie sochane kee bajaay dhairy ke saath parishram ke saath aur poorn taakat ke saath baahar nikalane kee bajaay vah haar maan leta hai jaise ki agar vah vyakti apanee aakharee mein pooree taakat nahin lagaata to vah vyakti marane vaala baat kee samajh leejie apane aap ko kabhee maayoos na karen kaamayaabee aapako milegee aap aasamaan chhoo sakate hain sansaar mein aisa koee mahaan vyakti utha kar ke dekh leejie jo nahin hai jisane apane jeevan mein nakaaraatmak paristhitiyaan nahin dekhee har vyakti ke jeevan mein nakaaraatmak paristhitiyaan aatee hai lekin usamen se kuchh log un nakaaraatmak paristhitiyon ke aage hathiyaar daal dete hain jhuk jaate hain apane jeevan ko vaheen par rok lete hain kuchh log aise hote hain jo un paristhitiyon ke saamane poore jajbe ke saath ladaee ladate hain aur ek taakat se ladaee ladate hain apana har antim baar poora karate hain isalie hamako yah samajhane kee jaroorat hai aur agar aap isako samajh gae to aapako uttar mil gaya hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

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विटामिन डी की कमी से कौन सा रोग होता है?Vitamin D Ki Kami Se Kaun Sa Rog Hota Hai
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4:58
आपका प्रश्न है कि विटामिन डी की कमी से कौन सा रोग होता है देखिए विटामिन बी से हमारे शरीर को बहुत ऊर्जा मिलती है जिससे हमारा सही सही ढंग से काम करते हैं अब बात यह है कि विटामिन बी मिलता कहो तो सूर्य की किरणों को विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है और खासकर जब सुबह सुबह के समय में जब सूर्योदय होता है और उस समय जो सूर्य की किरणें आती है अगर आप उसकी अपने आप अपने शरीर पर उसको लेते हैं तो सबसे अच्छा विटामिन इ का स्रोत वही विटामिन बी आपके शरीर में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करता है जो कि आपके तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली और हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत आवश्यक है विटामिन बी विटामिन बी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है विटामिन बी की कमी के चलते आपके अंदर हमेशा थकान बनी रहेगी मांसपेशियां कमजोर हो जाएगी और अन्य भी कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें पैदा हो सकती है अब बात आती है कि विटामिन डी की कमी से कौन सा रोग होता है देखिए विटामिन बी की कमी से एक तो आपको सबसे बड़ी तकलीफ है कि डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है मोटापे के साथ-साथ विटामिन बी की कमी से आपको डायबिटीज हो सकती है मोटापा और विटामिन बी की प्रॉब्लम एक साथ हो जाए तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को संतुलित करने वाली इस बीमारी के होने का खतरा और भी बढ़ जाता है इसलिए बहुत सावधानी की जरूरत है दूसरा विटामिन डी की कमी से कोलेस्ट्रॉल और सूजन जलन का बन्ना हो सकता है जब आपके शरीर को धूप नहीं मिलेगी तो विटामिन डी बनाने वाले जो तत्व होते हैं वह कोलेस्ट्रॉल में बदल जाते हैं और विटामिन बी का स्तर कम होने से अब का इम्यून सिस्टम तेजी से कम होता है और इससे सर्दी व जुकाम और संक्रमण और बीमारियों की शिकायत बढ़ जाती है जूस तीसरा अगर रास्ता विटामिन डी की कमी है तो आपकी त्वचा का रंग गहरा हो जाएगा क्योंकि त्वचा का गहरा रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट के कारण होता है और मिले नींद बहुत अधिक होने के कारण धूप लगने पर त्वचा में विटामिन डी का निर्माण भी ठीक से नहीं हो पाता इसके अलावा अगर विटामिन डी की कमी है तो आप के दिमाग पर असर पड़ सकता है क्योंकि विटामिन बी की कमी ना सिर्फ हेल्दी बॉडी के लिए जरूरी है लेकिन आपके हेल्दी माइंड के लिए भी जरूरी है विटामिन बी अगर जो विटामिन बी है वह दिमाग में केमिकल सारे तो नहीं और डोपामिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए हेल्दी मस्तिष्क के लिए ब्रेन के लिए शरीर में विटामिन डी का स्तर ठीक होना चाहिए अगर आपके अंदर विटामिन बी की कमी है तो आप को हार्टअटैक और अस्थमा की प्रॉब्लम हो सकती है विटामिन डी की कमी से ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है विटामिन बी की कमी से हार्ड अटैक आ सकता है और विटामिन डी की कमी से कमी आपके बच्चों के लिए भी बहुत खतरनाक हो सकती है बच्चों में लंबे समय तक विटामिन बी की कमी बने रहने से एनीमिया रोग हो सकता है अगर खून में विटामिन D3 नैनो ग्राम प्रति मिलीलीटर से कम हो तो बच्चों में एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है अब देखिए आप कितनी सारी बीमारियां हैं जो कि विटामिन डी की कमी के कारण हो सकती है और गंभीर रूप से आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है इसलिए हम को नियमित तौर से 6 महीने में 1 साल के अंदर हमारे शरीर में विटामिन डी की मात्रा हमारे ब्लड में कितनी है हमको इसको चक्कर आना चाहिए और अगर विटामिन ई की मात्रा की कमी है सोनिया अमित रूप से हमको सूर्य की रोशनी में सुबह की सूर्य की धूप की रोशनी में हमको बैठना चाहिए हमारे शरीर पर पूरा सूर्य की किरने आनी चाहिए इसके अलावा अगर ज्यादा विटामिन डी की कमी हो गई है तो सप्लीमेंट के जरिए भी एक बार इसकी तुरंत पूर्ति होना बहुत जरूरी है और विटामिन डी का पैसे भी पता लगा सके विटामिन डी की कमी है तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ता हो सकता है आपको झुर्रियां पड़ सकती है आपकी हड्डियों में दर्द हो सकती है मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है आपको एनर्जी लेवल कम अगर महसूस हो रहा है तो भी इसका खत्म आपको लग सकते हो इसका एक कारण है कि विटामिन बी की कमी हो सकती साहब को जांच करवानी चाहिए ज्यादा आपको जरुर से ज्यादा नींद आ रही है डिप्रेशन हो रहा है तुम यह सब चीजें हैं जो के विटामिन ई की कमी से बहुत प्रभावित होती है और इसका बहुत ध्यान रखना चाहिए आप सभी स्वस्थ रहें और उन बातों का बहुत गौर से ध्यान
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#जीवन शैली

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तैलीय त्वचा को कैसे ठीक करें?Taileey Tvacha Ko Kaise Theek Kare
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4:56
आपका प्रश्न है कि तैलीय त्वचा को कैसे ठीक करें देखिए पहली बात तो यह कि सब की त्वचा अलग-अलग तरह की होती है किसी की त्वचा सूखी होती है किसी की तैलीय त्वचा तैलीय त्वचा वाले व्यक्ति को क्या है कि कील मुंहासे ज्यादा होते हैं हर वक्त उसकी त्वचा चिपचिपी रहती है इसलिए लोग कई बार उसके चेहरे पर हमेशा थोड़ा वहीं बना रहता है इसलिए दुनिया भर का जो है वहीं कमेंट लगाते हैं मेडिसिंस लेते हैं लेकिन मेरे हिसाब से इन चीजों से बचना चाहिए क्योंकि यह आपकी त्वचा को और ज्यादा खराब कर सकता है अब तेलीय त्वचा क्या है कि जो शब्द सदस्य सचिव लैंड चुस्ती है उससे शिवम शिवम कहते हैं पेट युक्त तैलीय पदार्थ तो हमारी तबीयत ब्लेंस शिवम निकलता है और जिससे त्वचा चिपचिपी होती है चमकदार और इससे बचने इसके जो मेन कारण है वह मैं आपको बताया है कि अधिक सेवन के कारण त्वचा के लिए होती है इसके अलावा भी आपके हार्मोन के में बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है इसके कारण आनुवांशिक कारण हो सकते हैं मौसम में बदलाव एक कारण हो सकता है आपकी डाइट आप किस तरह का खाना खाते हैं ज्यादा तेली खाना खाते तो वह एक कारण हो सकता है अगर आप ज्यादा तनाव लेते हैं तब भी इसका प्रभाव पड़ता है अपनी त्वचा की आप सही से देखभाल नहीं करते हैं तब भी इसकी पर अब देखें इलाज इसकी त्वचा को ठीक कैसे करें वैसे बहुत इलाज हैं लेकिन मेरा मानना है कि बड़ी महंगी महंगी दवाओं से दूर रहें जितना भी एलोपैथिक ट्रीटमेंट है उससे दूर रहें आप चाहे तो मैं आपको कुछ इलाज बता रहा हूं उसको अगर आप करेंगे तो निश्चित तौर पर आपको बहुत फायदा एक तो गुलाब जल से गुलाब जल को टर्न को करके उससे अपने चेहरे को दिन में दो-तीन बार आप जरूर साफ करें इससे क्या होगा कि आपकी जो तेल नियंत्रित रहेगा और जो गुलाब जल है वह आपकी त्वचा के पीएच को संतुलित करता है इसलिए आपको बहुत फायदा करेगा और एक तरह का स्किन पाना भी है इसके अलावा मुल्तानी मिट्टी है मुल्तानी मिट्टी में आप पूरा दही मिला ले दो-तीन थोड़ा-सा नींबू मिला लें और इस को मिक्स करके अपने चेहरे पर पेस्ट बनाकर के लगाएं और जब रुक जाए तो इसको हटा लें यदि आपकी त्वचा को बहुत अच्छा करेगा और जो तेरी या तेल है त्वचा ब्रह्मोस को दूर कर देगा और आपके छोटे छोटे रोम छिद्रों को भी खोल देगा तो यह आपके लिए बहुत अच्छा है और मुल्तानी मिट्टी शरीर के लिए बहुत अच्छा रहता है त्वचा के लिए सौंपा इसके अलावा मसूर की दाल को भी यूज कर सकते हैं मसूर की दाल को आप पानी में भिगो ले उसको अच्छी तरह से पीस लें सुबह उसमें थोड़ा दूध और बादाम मिलाकर के पेस्ट बना करके इसको फेस पैक की तरह अपने चेहरे पर लगाएं और फिर इसको देखने के बाद बोलेंगे आपको बहुत फायदा करें इसी तरीके से नियम है नियम कि आप थोड़ी पत्तियां लेने उसमें आप थोड़ा हा हा हा थोड़ा सा आप तीन चार क्योंकि हल्दी पाउडर ले ले उसका अच्छा पेस्ट बना लें इसको भी आप अपने चेहरे पर पेस्ट बनाकर लगाएं और जब सूख जाए तो बोले ही आपके शरीर से त्वचा को एक नया रंग देने का नया रूप देने का संतरे के छिलके थोड़ा सा उसमें दूध और थोड़ा सा गुलाब चंद यह मिक्स करके भी अगर आप इसको चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद 15:20 मिनट बाद धो लें तो यह आपकी प्रजा को एकदम नई रंगत देगा और जो संतरे का छिलका है उसमें एंटी ऑक्सीडेंट के गुण होते हैं तो आपकी त्वचा को ज्यादा देरी होने से बचाएगा एलोवेरा जेल को आप यूज कर सकते हैं वह भी आपकी कुछ चिल्ली बहुत अच्छा रहेगा आप बेसन को यूज कर सकते हैं बेसन उसमें थोड़ा सा गुलाब जल मिक्स करके अपने चेहरे पर उसको लगाएं उस चेहरे को चेहरे को उसे अच्छी तरीके से धो लें यह भी आपकी त्वचा पर निखार लाएगा और तेली त्वचा दूर होगी इसके अलावा आप चाहे तो खीरा ककड़ी को यूज कर सकते हैं उसे भी आपके उसको बहुत फायदा होगा अब दही को यूज कर सकते हैं चाहे तो एक जोजोबा ऑयल आता है उससे फायदा है हल्दी को आप लगाएं हल्दी थोड़ा उसमें नींबू का रस और शहद मिक्स करके अपने चेहरे पर लगाएं या जहां भी तेरी तू चाहे उसको लगाएं तो आपको यह बहुत फायदा करें मेरा मानना है कि आपको और महंगी दवाओं पर जाने की बजाय इन घरेलू उपायों को आजमा कर के अपनी तैलीय त्वचा को बहुत अच्छा ठीक कर सकते हैं धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki taileey tvacha ko kaise theek karen dekhie pahalee baat to yah ki sab kee tvacha alag-alag tarah kee hotee hai kisee kee tvacha sookhee hotee hai kisee kee taileey tvacha taileey tvacha vaale vyakti ko kya hai ki keel munhaase jyaada hote hain har vakt usakee tvacha chipachipee rahatee hai isalie log kaee baar usake chehare par hamesha thoda vaheen bana rahata hai isalie duniya bhar ka jo hai vaheen kament lagaate hain medisins lete hain lekin mere hisaab se in cheejon se bachana chaahie kyonki yah aapakee tvacha ko aur jyaada kharaab kar sakata hai ab teleey tvacha kya hai ki jo shabd sadasy sachiv laind chustee hai usase shivam shivam kahate hain pet yukt taileey padaarth to hamaaree tabeeyat blens shivam nikalata hai aur jisase tvacha chipachipee hotee hai chamakadaar aur isase bachane isake jo men kaaran hai vah main aapako bataaya hai ki adhik sevan ke kaaran tvacha ke lie hotee hai isake alaava bhee aapake haarmon ke mein badalaav ke kaaran aisa ho sakata hai isake kaaran aanuvaanshik kaaran ho sakate hain mausam mein badalaav ek kaaran ho sakata hai aapakee dait aap kis tarah ka khaana khaate hain jyaada telee khaana khaate to vah ek kaaran ho sakata hai agar aap jyaada tanaav lete hain tab bhee isaka prabhaav padata hai apanee tvacha kee aap sahee se dekhabhaal nahin karate hain tab bhee isakee par ab dekhen ilaaj isakee tvacha ko theek kaise karen vaise bahut ilaaj hain lekin mera maanana hai ki badee mahangee mahangee davaon se door rahen jitana bhee elopaithik treetament hai usase door rahen aap chaahe to main aapako kuchh ilaaj bata raha hoon usako agar aap karenge to nishchit taur par aapako bahut phaayada ek to gulaab jal se gulaab jal ko tarn ko karake usase apane chehare ko din mein do-teen baar aap jaroor saaph karen isase kya hoga ki aapakee jo tel niyantrit rahega aur jo gulaab jal hai vah aapakee tvacha ke peeech ko santulit karata hai isalie aapako bahut phaayada karega aur ek tarah ka skin paana bhee hai isake alaava multaanee mittee hai multaanee mittee mein aap poora dahee mila le do-teen thoda-sa neemboo mila len aur is ko miks karake apane chehare par pest banaakar ke lagaen aur jab ruk jae to isako hata len yadi aapakee tvacha ko bahut achchha karega aur jo teree ya tel hai tvacha brahmos ko door kar dega aur aapake chhote chhote rom chhidron ko bhee khol dega to yah aapake lie bahut achchha hai aur multaanee mittee shareer ke lie bahut achchha rahata hai tvacha ke lie saumpa isake alaava masoor kee daal ko bhee yooj kar sakate hain masoor kee daal ko aap paanee mein bhigo le usako achchhee tarah se pees len subah usamen thoda doodh aur baadaam milaakar ke pest bana karake isako phes paik kee tarah apane chehare par lagaen aur phir isako dekhane ke baad bolenge aapako bahut phaayada karen isee tareeke se niyam hai niyam ki aap thodee pattiyaan lene usamen aap thoda ha ha ha thoda sa aap teen chaar kyonki haldee paudar le le usaka achchha pest bana len isako bhee aap apane chehare par pest banaakar lagaen aur jab sookh jae to bole hee aapake shareer se tvacha ko ek naya rang dene ka naya roop dene ka santare ke chhilake thoda sa usamen doodh aur thoda sa gulaab chand yah miks karake bhee agar aap isako chehare par lagaen aur sookhane ke baad 15:20 minat baad dho len to yah aapakee praja ko ekadam naee rangat dega aur jo santare ka chhilaka hai usamen entee okseedent ke gun hote hain to aapakee tvacha ko jyaada deree hone se bachaega elovera jel ko aap yooj kar sakate hain vah bhee aapakee kuchh chillee bahut achchha rahega aap besan ko yooj kar sakate hain besan usamen thoda sa gulaab jal miks karake apane chehare par usako lagaen us chehare ko chehare ko use achchhee tareeke se dho len yah bhee aapakee tvacha par nikhaar laega aur telee tvacha door hogee isake alaava aap chaahe to kheera kakadee ko yooj kar sakate hain use bhee aapake usako bahut phaayada hoga ab dahee ko yooj kar sakate hain chaahe to ek jojoba oyal aata hai usase phaayada hai haldee ko aap lagaen haldee thoda usamen neemboo ka ras aur shahad miks karake apane chehare par lagaen ya jahaan bhee teree too chaahe usako lagaen to aapako yah bahut phaayada karen mera maanana hai ki aapako aur mahangee davaon par jaane kee bajaay in ghareloo upaayon ko aajama kar ke apanee taileey tvacha ko bahut achchha theek kar sakate hain dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या रात 8:00 बजे के बाद भोजन के पाचन की प्रक्रिया बंद हो जाती है?Kya Raat 8 Bje Ke Baad Bhojan Ke Pachan Ki Prakriya Band Ho Jati Hai
T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए T जी का जवाब
Business
4:57
आपका प्रश्न है कि क्या रात 8:00 बजे के बाद भोजन के पाचन की प्रक्रिया बंद हो जाती है आपका प्रश्न आम व्यक्ति के लिए आम जनमानस के लिए समझने के लिए बहुत जरूरी है कि क्यों हमको भोजन शाम के समय जल्दी करना चाहिए क्यों हम रात को लेट अगर खाना खाने तो उसके क्या नुकसान हो सकते हैं और क्या कारण है कि हम को रात को लेट खाना नहीं खाना चाहिए 8:00 बजे के बाद खाना नहीं खाना चाहिए इसका उत्तर में थोड़ा विस्तार में देना चाहूंगा ताकि हर व्यक्ति को इसका फायदा मिले क्योंकि गलत समय पर खाया गया खाना या गलत समय पर किया गया डिनर आपके दिन भर की मेहनत पर पानी फेर देता है डेली रूटीन में हम बहुत सारी चीजों का ख्याल रखते हैं प्रोटीन युक्त आहार लेते हैं व्यायाम भी करते हैं लो कैलोरी का भी ख्याल रखते हैं लेकिन बेवक्त रात का खाना खाकर आप अपने दिन भर की मेहनत पर पानी फेर देते हैं यह हम तो समझना बहुत जरूरी है और आपको इस जरूर सुनना चाहिए अगर आप उन लोगों में से हैं जो अक्सर रात को देर से खाना खाते हैं तो आपको जानना चाहिए कि देर रात को खाना खाना आपकी सेहत के लिए कैसे नुकसानदायक है जब भी आप रात को 8:00 बजे बाद खाना खाते हैं जो कुछ इस परिस्थिति में 8:00 बजे के बाद आप जो कुछ भी अपने शरीर में लेते हैं शरीर उसको मेटाबोलिज करता है और क्योंकि इस वक्त आपका शरीर ज्यादा सक्रिय नहीं होता आप इस समय के बाद में अक्सर सोने चले जाते हैं ऐसे बैठे रहते हैं आपका कोई शारीरिक कार्य नहीं होता इसके कारण क्योंकि आपका शरीर सक्रिय नहीं हैं तो मेटाबोलिज्म के परिणाम स्वरुप आपके शरीर की जो मजा है वह भाषा के रूप में पेट के रूप में संजीत होने लगती है अंततः यह आपके शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है एक एक एक मेडिकल स्टडी किया गया है एक चिकित्सा अध्ययन किया गया उस में पाया गया है कि सुबह 8:00 से शाम के 7:00 बजे के बीच भोजन करने की तुलना में रात को 8:00 से 12:00 के बीच भोजन करने से आपका ब्लड ग्लूकोस आपका इंसुलिन कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है और देखिए अगर आप देर से खाना खाते हैं तो उसके जो मुख्य प्रभाव है उसे न सिर्फ आप देर से सोते हैं आपकी नींद पूरी नहीं होती आपका स्लीपिंग साइकिल बिगड़ जाता है लेकिन आपका खराब पाचन होता है क्योंकि जब आप देर से खाना खाते हैं तो यह कई गैस्ट्रिक परेशानियों को जन्म देता है आपके पेट में एसिडिटी ज्यादा होने लगती है आपके शरीर का वजन बढ़ने लगता है क्योंकि रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है जिससे आपकी कैलोरी बर्न इतनी अच्छे से नहीं होती जितनी कि दिन में होती हैं इस वजह से आपका वजन बढ़ने लगता है आपकी मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है जब आप ठीक से नहीं सोते हैं तो आपके पूरे होते हैं देर से खाने के कारण आप अपने शरीर के बॉडी क्लॉक में गड़बड़ करते हैं इससे आपको अवसाद और चिंता की संभावना अधिक होती है इससे आपको ब्लड प्रेशर में वृद्धि हो सकती है रात को देर से खाना और सोने से भी हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारी होने का खतरा अधिक होता है इसलिए कोशिश करें हमेशा कोशिश करें कि आपका भोजन रात को शाम को 7:00 से 8:00 बजे से पहले पहले हो जाए 8:00 बजे के बाद खाना सुनाना सर्वथा अनुचित है और फिर भी किसी कारणवश अगर आपको रात को खाना खाना पड़े उसमें कार्बोहाइड्रेट युक्त खाना खाने से परहेज करें उसमें शक्कर बेटी चीजों को कम यूज करें उसमें आप जंक फूड को डिब्बाबंद चीजों को कम यूज में करें फास्ट फूड को शामिल ना करें तो मैं समझता हूं कि आपको आपके प्रश्न का उत्तर पूर्ण रूप से मिला होगा कि क्या हमारे भोजन के पाचन की प्रक्रिया बंद हो जाती 8:00 बजे जी चित्तौड़ से कम हो जाती क्योंकि मोटा बलिदान के कारण ऐसा होता है धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki kya raat 8:00 baje ke baad bhojan ke paachan kee prakriya band ho jaatee hai aapaka prashn aam vyakti ke lie aam janamaanas ke lie samajhane ke lie bahut jarooree hai ki kyon hamako bhojan shaam ke samay jaldee karana chaahie kyon ham raat ko let agar khaana khaane to usake kya nukasaan ho sakate hain aur kya kaaran hai ki ham ko raat ko let khaana nahin khaana chaahie 8:00 baje ke baad khaana nahin khaana chaahie isaka uttar mein thoda vistaar mein dena chaahoonga taaki har vyakti ko isaka phaayada mile kyonki galat samay par khaaya gaya khaana ya galat samay par kiya gaya dinar aapake din bhar kee mehanat par paanee pher deta hai delee rooteen mein ham bahut saaree cheejon ka khyaal rakhate hain proteen yukt aahaar lete hain vyaayaam bhee karate hain lo kailoree ka bhee khyaal rakhate hain lekin bevakt raat ka khaana khaakar aap apane din bhar kee mehanat par paanee pher dete hain yah ham to samajhana bahut jarooree hai aur aapako is jaroor sunana chaahie agar aap un logon mein se hain jo aksar raat ko der se khaana khaate hain to aapako jaanana chaahie ki der raat ko khaana khaana aapakee sehat ke lie kaise nukasaanadaayak hai jab bhee aap raat ko 8:00 baje baad khaana khaate hain jo kuchh is paristhiti mein 8:00 baje ke baad aap jo kuchh bhee apane shareer mein lete hain shareer usako metaabolij karata hai aur kyonki is vakt aapaka shareer jyaada sakriy nahin hota aap is samay ke baad mein aksar sone chale jaate hain aise baithe rahate hain aapaka koee shaareerik kaary nahin hota isake kaaran kyonki aapaka shareer sakriy nahin hain to metaabolijm ke parinaam svarup aapake shareer kee jo maja hai vah bhaasha ke roop mein pet ke roop mein sanjeet hone lagatee hai antatah yah aapake shareer ke lie bahut haanikaarak hota hai ek ek ek medikal stadee kiya gaya hai ek chikitsa adhyayan kiya gaya us mein paaya gaya hai ki subah 8:00 se shaam ke 7:00 baje ke beech bhojan karane kee tulana mein raat ko 8:00 se 12:00 ke beech bhojan karane se aapaka blad glookos aapaka insulin kolestrol ka star badh jaata hai aur dekhie agar aap der se khaana khaate hain to usake jo mukhy prabhaav hai use na sirph aap der se sote hain aapakee neend pooree nahin hotee aapaka sleeping saikil bigad jaata hai lekin aapaka kharaab paachan hota hai kyonki jab aap der se khaana khaate hain to yah kaee gaistrik pareshaaniyon ko janm deta hai aapake pet mein esiditee jyaada hone lagatee hai aapake shareer ka vajan badhane lagata hai kyonki raat ke samay shareer ka metaabolijm dheema ho jaata hai jisase aapakee kailoree barn itanee achchhe se nahin hotee jitanee ki din mein hotee hain is vajah se aapaka vajan badhane lagata hai aapakee maanasik svaasthy par bura prabhaav padata hai jab aap theek se nahin sote hain to aapake poore hote hain der se khaane ke kaaran aap apane shareer ke bodee klok mein gadabad karate hain isase aapako avasaad aur chinta kee sambhaavana adhik hotee hai isase aapako blad preshar mein vrddhi ho sakatee hai raat ko der se khaana aur sone se bhee haee blad preshar aur shugar kee beemaaree hone ka khatara adhik hota hai isalie koshish karen hamesha koshish karen ki aapaka bhojan raat ko shaam ko 7:00 se 8:00 baje se pahale pahale ho jae 8:00 baje ke baad khaana sunaana sarvatha anuchit hai aur phir bhee kisee kaaranavash agar aapako raat ko khaana khaana pade usamen kaarbohaidret yukt khaana khaane se parahej karen usamen shakkar betee cheejon ko kam yooj karen usamen aap jank phood ko dibbaaband cheejon ko kam yooj mein karen phaast phood ko shaamil na karen to main samajhata hoon ki aapako aapake prashn ka uttar poorn roop se mila hoga ki kya hamaare bhojan ke paachan kee prakriya band ho jaatee 8:00 baje jee chittaud se kam ho jaatee kyonki mota balidaan ke kaaran aisa hota hai dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या आंदोलनरत किसानों के साथ बाकी किसान सहयोग नहीं कर रहे हैं?Kya Andolan Kishano Ke Sath Baki Kishan Sahayog Nahi Kar Rahe Hai
T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए T जी का जवाब
Business
4:57
आपका प्रश्न है कि क्या आंदोलनरत किसानों के साथ बाकी किसान सहयोग नहीं कर रहे हैं देखिए बात ऐसी है हमारे पुराने लोग कहा करते थे कि जब खेत जब्बार जो है वह खेत को ही खाने लग जाए तो उस बाढ़ का महत्व सकारात्मक नहीं वह चीज नकारात्मक ऊर्जा किसान आंदोलन शुरू हुआ था जिन मुद्दों को लेकर के शुरू हुआ था पहली बात तो वह पहले दिन से ही राजनीतिक आंदोलन था यह कोई किसानों का स्वयं में अपने मित्र हुआ कोई आंदोलन में सर्वप्रथम कृषि बिलों के विरोध में राहुल गांधी जो पता नहीं मैं नहीं जानता कि देश की जनता है प्रबुद्ध जनता है क्यों ऐसे व्यक्ति की बात सुनती है और क्या उस बात उस व्यक्ति की बात की महत्ता है या उस व्यक्ति का ज्ञान है क्या उस व्यक्ति की सोच है मैं तो आज तक नहीं समझ पाया लेकिन चलिए मान लेते हैं लोकतंत्र है एक बार के लिए तो हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का हक है तो सबसे पहले राहुल गांधी पंजाब गया वहां पर इसने किसानों को भड़का या फिर पंजाब के अंदर अमरिंदर सिंह ने भी वोट की राजनीति के चलते जो कि पंजाब में कृषि एक बहुत बड़ा मुद्दा है और वोट की राजनीति के चलते किसानों को भड़काया गया शायद आपको इस बात का अंदाजा नहीं हो लेकिन कांग्रेस की सरकार ने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक हजार करोड़ रूपया किसान आंदोलन को इस स्थिति में लाने के लिए खर्च और यह बात मैं नहीं कहता यह बात मैंने पंजाब के जो जो समझदार किसान जो पंजाबी हैं उन लोगों के मुंह से यह बात सुन पूर्णतया राजनीतिक इसमें किसानों के हित की कोई बात है इसमें जुड़ी हुई नहीं थी कि क्रिकेट किसानों के हित की बात तो वास्तव में उसके सिविल में है और जब इस तरह के राजनीतिक आंदोलन में जहां पर कुछ राजनीतिक दल अपनी खोई हुई सत्ता की जमीन को किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर के उस जमीन को पुणे से प्राप्त करना चाहते और अनावश्यक रूप से देश के माहौल को खराब करना चाहते हैं अनावश्यक रूप से विरोध करने के लिए केवल विरोध किया जा रहा हूं जो बिल वास्तव में किसानों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला बिल है जिससे किसानों को आढ़तियों से और दलालों से मुक्ति मिलने वाला किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाला बिल है क्यों ऐसे बिल का विरोध किया जा रहा है लेकिन अपनी राजनीति चमकाने के लिए राहुल गांधी और कुछ लोग जो वामपंथी अपनी जो गैंग है वह अनावश्यक रूप से इस बिल का विरोध कर रही है और जो वास्तविक किसान है जो वास्तविकता में खेती करते हैं जिनकी अपनी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है जो सच्चाई को समझते हैं वह किसान किसान ऐसे आंदोलनकारियों के साथ नहीं है वह समझ चुके हैं इस बार लेकर बाकी किसान सहयोग नहीं कर रहे हैं तो इसीलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि उनको वास्तविकता की समझ है क्योंकि वह जानते हैं कि इस बिल के अंदर क्या हो रहा है क्योंकि बाकी किसान इस बात को समझ चुके हैं कि जिस तरह से ग्रेटर थन बर्गर रही ना कुछ लोग ऐसे नाम हैं जिनका में शायद नाम लेना भी उचित नहीं समझता एसबी विश्व में जो अलगाववादी नाचते हैं वह देश को कमजोर करने के लिए किसान आंदोलन के नाम पर देश में लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं देश के अंदर जो एक वामपंथी गैंग है जो कांग्रेसी गैंग है और कुछ ऐसे जो देश विरोधी गेम है वह किसान आंदोलन का बहाना लेकर के अनावश्यक रूप से देश के माहौल को खराब करना चाहते हैं ऐसे में अगर जो समझदार किसान है जो बात से किसान चंद्र बोस का समर्थन नहीं कर रहे हैं तो यह जायज है और यह अच्छा है और मुझे लगता है कि आने वाले समय में यह इस आंदोलन का कोई महत्व नहीं रह जाएगा जिस तरीके से किसानों को जिस तरीके से दिल्ली पुलिस के साथ मारपीट की गई गणतंत्र दिवस को बदनाम किया गया ऐसे में इस आंदोलन का कोई महत्व नहीं धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki kya aandolanarat kisaanon ke saath baakee kisaan sahayog nahin kar rahe hain dekhie baat aisee hai hamaare puraane log kaha karate the ki jab khet jabbaar jo hai vah khet ko hee khaane lag jae to us baadh ka mahatv sakaaraatmak nahin vah cheej nakaaraatmak oorja kisaan aandolan shuroo hua tha jin muddon ko lekar ke shuroo hua tha pahalee baat to vah pahale din se hee raajaneetik aandolan tha yah koee kisaanon ka svayan mein apane mitr hua koee aandolan mein sarvapratham krshi bilon ke virodh mein raahul gaandhee jo pata nahin main nahin jaanata ki desh kee janata hai prabuddh janata hai kyon aise vyakti kee baat sunatee hai aur kya us baat us vyakti kee baat kee mahatta hai ya us vyakti ka gyaan hai kya us vyakti kee soch hai main to aaj tak nahin samajh paaya lekin chalie maan lete hain lokatantr hai ek baar ke lie to har vyakti ko apanee baat kahane ka hak hai to sabase pahale raahul gaandhee panjaab gaya vahaan par isane kisaanon ko bhadaka ya phir panjaab ke andar amarindar sinh ne bhee vot kee raajaneeti ke chalate jo ki panjaab mein krshi ek bahut bada mudda hai aur vot kee raajaneeti ke chalate kisaanon ko bhadakaaya gaya shaayad aapako is baat ka andaaja nahin ho lekin kaangres kee sarakaar ne pratyaksh apratyaksh roop se kareeb ek hajaar karod roopaya kisaan aandolan ko is sthiti mein laane ke lie kharch aur yah baat main nahin kahata yah baat mainne panjaab ke jo jo samajhadaar kisaan jo panjaabee hain un logon ke munh se yah baat sun poornataya raajaneetik isamen kisaanon ke hit kee koee baat hai isamen judee huee nahin thee ki kriket kisaanon ke hit kee baat to vaastav mein usake sivil mein hai aur jab is tarah ke raajaneetik aandolan mein jahaan par kuchh raajaneetik dal apanee khoee huee satta kee jameen ko kisaanon ke kandhe par bandook rakhakar ke us jameen ko pune se praapt karana chaahate aur anaavashyak roop se desh ke maahaul ko kharaab karana chaahate hain anaavashyak roop se virodh karane ke lie keval virodh kiya ja raha hoon jo bil vaastav mein kisaanon ke jeevan mein kraantikaaree parivartan laane vaala bil hai jisase kisaanon ko aadhatiyon se aur dalaalon se mukti milane vaala kisaanon ke jeevan mein badalaav laane vaala bil hai kyon aise bil ka virodh kiya ja raha hai lekin apanee raajaneeti chamakaane ke lie raahul gaandhee aur kuchh log jo vaamapanthee apanee jo gaing hai vah anaavashyak roop se is bil ka virodh kar rahee hai aur jo vaastavik kisaan hai jo vaastavikata mein khetee karate hain jinakee apanee koee raajaneetik mahatvaakaanksha nahin hai jo sachchaee ko samajhate hain vah kisaan kisaan aise aandolanakaariyon ke saath nahin hai vah samajh chuke hain is baar lekar baakee kisaan sahayog nahin kar rahe hain to iseelie nahin kar rahe hain kyonki unako vaastavikata kee samajh hai kyonki vah jaanate hain ki is bil ke andar kya ho raha hai kyonki baakee kisaan is baat ko samajh chuke hain ki jis tarah se gretar than bargar rahee na kuchh log aise naam hain jinaka mein shaayad naam lena bhee uchit nahin samajhata esabee vishv mein jo alagaavavaadee naachate hain vah desh ko kamajor karane ke lie kisaan aandolan ke naam par desh mein logon ko bhadakaane ka kaam kar rahe hain desh ke andar jo ek vaamapanthee gaing hai jo kaangresee gaing hai aur kuchh aise jo desh virodhee gem hai vah kisaan aandolan ka bahaana lekar ke anaavashyak roop se desh ke maahaul ko kharaab karana chaahate hain aise mein agar jo samajhadaar kisaan hai jo baat se kisaan chandr bos ka samarthan nahin kar rahe hain to yah jaayaj hai aur yah achchha hai aur mujhe lagata hai ki aane vaale samay mein yah is aandolan ka koee mahatv nahin rah jaega jis tareeke se kisaanon ko jis tareeke se dillee pulis ke saath maarapeet kee gaee ganatantr divas ko badanaam kiya gaya aise mein is aandolan ka koee mahatv nahin dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
व्रत वा उपवास रखने के धार्मिक वा वैज्ञानिक कारण क्या है?Vrat Va Upavas Rakhne Ke Dharmik Va Vaigyanik Karan Kya Hai
T P Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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4:58
आप ने प्रश्न किया है कि व्रत या उपवास रखने के धार्मिक व वैज्ञानिक कारण क्या है बहुत अच्छा प्रश्न है देखिए व्रत कहें या हम उपवास कहें इन दोनों के धार्मिक कारण भी बहुत सारे हैं और वैज्ञानिक कारण भी बहुत सारे और भारतीय दर्शन को व्यापार की संस्कृति या भारतीय परंपरा को आप कितना समृद्ध मानेंगे कि हजारों लाखों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने हमारे पूर्वजों ने जो व्रत रखने की परंपरा शुरू करें आज विज्ञान भी उस बात को मान रहा है कि हां व्रत या उपवास रखने से शरीर को बहुत ज्यादा फायदे होते हैं हालांकि भारत के अंत लोग श्रद्धा और भक्ति के लिए और अपनी मनोकामना ओं की पूर्ति के लिए व्रत रखते हैं लेकिन व्रत को वैज्ञानिक रूप से भी परखा गया है और विज्ञान भी कहता है कि व्रत उपवास रखना फायदेमंद है और अध्यात्म भी कहता है कि व्रत और उपवास रखना लाभकारी होता है इसका मूल उद्देश्य वैज्ञानिक रूप से यह है कि इससे हमारा शरीर स्वस्थ हो जाए शरीर शुद्ध हो जाए अगर हम आध्यात्मिक रूप से बात करें तो आध्यात्मिक रूप से व्रत रखने से मन और आत्मा को नियंत्रित किया जाता है मन और आत्मा दोनों नियंत्रण में आ जाते हैं अलग-अलग तिथियों और अलग-अलग तरह के दिन आपके मन को और आपके शरीर को अलग-अलग तरह से यह व्रत उपवास प्रभावित करते अलग-अलग तिथियों के हिसाब से अलग-अलग दिनों के हिसाब से आपका जो मन है वह विभिन्न प्रकार से प्रभावित होता है और इसी को ध्यान में रखकर के हमारे ऋषि-मुनियों ने हमारे पूर्वजों ने बुजुर्गों ने अलग-अलग तिथियों और दिनों को उपवास और व्रत का विधान बताया है कि किस तिथि का हमारे शरीर पर और हमारे मन पर क्या असर होगा इस दिन का हमारे मन पर श्री प्रत्याशा असर पड़ेगा और उस को ध्यान में रखकर व्रत और उपवास के नियम बनाए हैं विपक्षी विशेष तिथियों या दिनों को व्रत उपवास रखने से शरीर और मन तो शुद्ध होता ही है साथ ही इससे मनचाही इच्छा भी पूरी होती है ऐसा हमारे शास्त्र कहते हैं व्रतों में सबसे अधिक महत्वपूर्ण जो व्रत माने गए हैं वह है एकादशी पूर्णिमा अमावस्या और नवरात्रि व्रत सामान्य तौर पर पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पवित्र माने जाते हैं कहते हैं कि एकादशी का नियमित रूप से व्रत रखे तो उसके मन की चंचलता समाप्त होती है साथ ही धन और आरोग्य की भी प्राप्ति होती है अगर कोई व्यक्ति पूर्णिमा अमावस्या का व्रत रखता है क्योंकि यह व्रत बहुत मोहम्मद मोहन माने जाते हैं पूर्णिमा और अमावस्या का व्रत रखने से मनुष्य के शरीर में हार्मोन की समीक्षा ठीक होती जाती है कई सारी मानसिक बीमारियां है वह भी इससे निजात पा लेते हैं इसके अलावा साल में दो बार क्योंकि रितु की संध्या भी पड़ती है एक बार गर्मी शुरू होने से पहले एक बार सर्दी शुरू होने के पहले और उस समय शरीर की धातुओं को संतुलित करने के लिए नवरात्रि के व्रत का विधान एक वास्तविक नवरात्रि है और दूसरी शारदीय नवरात्रि और उस समय मौसम के बदलने पर हमारे शरीर पर हमारे मन पर कोई असर न पड़े इसलिए नवरात्रि के व्रत का विधान किया गया वर्ष में अगर कोई व्यक्ति केवल दोनों नवरात्रों में 99 दिन का उपवास रखता है तो उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है इसके अलावा स्थल घर भी व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है इसके वैज्ञानिक कारण भी और वैज्ञानिक कारण में यह भी बताया गया है कि हम निरंतर जब खाना खाते रहते हैं प्रतिदिन खाना खाते रहते हैं जो हमारे शरीर की आंतों पर हमारे आमाशय पर हमारे उस पर बहुत ज्यादा बोझ पड़ता है तो जब हम व्रत रखते हैं उपवास रखते हैं तो हमारे शरीर को हमारी ग्रंथियों को हमारे शरीर के अंगों को आराम मिलता है और वह अपनी वास्तविक स्थिति में फिर से आ जाते हैं रिश्ते हमारा शरीर सही क्रियाओं से सही तरीके से काम करने लगता है तो आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों महत्व है व्रत और उपवास का कितने महत्वपूर्ण है और मैं प्रणाम करना चाहता हूं अपने मां ऋषि यों को बुजुर्गों को जिन्होंने इतने वर्षों पहले इतनी बड़ी ज्ञान की बातें कही है धन्यवाद
Aap ne prashn kiya hai ki vrat ya upavaas rakhane ke dhaarmik va vaigyaanik kaaran kya hai bahut achchha prashn hai dekhie vrat kahen ya ham upavaas kahen in donon ke dhaarmik kaaran bhee bahut saare hain aur vaigyaanik kaaran bhee bahut saare aur bhaarateey darshan ko vyaapaar kee sanskrti ya bhaarateey parampara ko aap kitana samrddh maanenge ki hajaaron laakhon varsh poorv hamaare rshi-muniyon ne hamaare poorvajon ne jo vrat rakhane kee parampara shuroo karen aaj vigyaan bhee us baat ko maan raha hai ki haan vrat ya upavaas rakhane se shareer ko bahut jyaada phaayade hote hain haalaanki bhaarat ke ant log shraddha aur bhakti ke lie aur apanee manokaamana on kee poorti ke lie vrat rakhate hain lekin vrat ko vaigyaanik roop se bhee parakha gaya hai aur vigyaan bhee kahata hai ki vrat upavaas rakhana phaayademand hai aur adhyaatm bhee kahata hai ki vrat aur upavaas rakhana laabhakaaree hota hai isaka mool uddeshy vaigyaanik roop se yah hai ki isase hamaara shareer svasth ho jae shareer shuddh ho jae agar ham aadhyaatmik roop se baat karen to aadhyaatmik roop se vrat rakhane se man aur aatma ko niyantrit kiya jaata hai man aur aatma donon niyantran mein aa jaate hain alag-alag tithiyon aur alag-alag tarah ke din aapake man ko aur aapake shareer ko alag-alag tarah se yah vrat upavaas prabhaavit karate alag-alag tithiyon ke hisaab se alag-alag dinon ke hisaab se aapaka jo man hai vah vibhinn prakaar se prabhaavit hota hai aur isee ko dhyaan mein rakhakar ke hamaare rshi-muniyon ne hamaare poorvajon ne bujurgon ne alag-alag tithiyon aur dinon ko upavaas aur vrat ka vidhaan bataaya hai ki kis tithi ka hamaare shareer par aur hamaare man par kya asar hoga is din ka hamaare man par shree pratyaasha asar padega aur us ko dhyaan mein rakhakar vrat aur upavaas ke niyam banae hain vipakshee vishesh tithiyon ya dinon ko vrat upavaas rakhane se shareer aur man to shuddh hota hee hai saath hee isase manachaahee ichchha bhee pooree hotee hai aisa hamaare shaastr kahate hain vraton mein sabase adhik mahatvapoorn jo vrat maane gae hain vah hai ekaadashee poornima amaavasya aur navaraatri vrat saamaany taur par pooree duniya mein sabase jyaada pavitr maane jaate hain kahate hain ki ekaadashee ka niyamit roop se vrat rakhe to usake man kee chanchalata samaapt hotee hai saath hee dhan aur aarogy kee bhee praapti hotee hai agar koee vyakti poornima amaavasya ka vrat rakhata hai kyonki yah vrat bahut mohammad mohan maane jaate hain poornima aur amaavasya ka vrat rakhane se manushy ke shareer mein haarmon kee sameeksha theek hotee jaatee hai kaee saaree maanasik beemaariyaan hai vah bhee isase nijaat pa lete hain isake alaava saal mein do baar kyonki ritu kee sandhya bhee padatee hai ek baar garmee shuroo hone se pahale ek baar sardee shuroo hone ke pahale aur us samay shareer kee dhaatuon ko santulit karane ke lie navaraatri ke vrat ka vidhaan ek vaastavik navaraatri hai aur doosaree shaaradeey navaraatri aur us samay mausam ke badalane par hamaare shareer par hamaare man par koee asar na pade isalie navaraatri ke vrat ka vidhaan kiya gaya varsh mein agar koee vyakti keval donon navaraatron mein 99 din ka upavaas rakhata hai to usake shareer kee rog pratirodhak kshamata badhatee hai isake alaava sthal ghar bhee vyakti svasth rah sakata hai isake vaigyaanik kaaran bhee aur vaigyaanik kaaran mein yah bhee bataaya gaya hai ki ham nirantar jab khaana khaate rahate hain pratidin khaana khaate rahate hain jo hamaare shareer kee aanton par hamaare aamaashay par hamaare us par bahut jyaada bojh padata hai to jab ham vrat rakhate hain upavaas rakhate hain to hamaare shareer ko hamaaree granthiyon ko hamaare shareer ke angon ko aaraam milata hai aur vah apanee vaastavik sthiti mein phir se aa jaate hain rishte hamaara shareer sahee kriyaon se sahee tareeke se kaam karane lagata hai to aap isase andaaja laga sakate hain ki vaigyaanik aur dhaarmik donon mahatv hai vrat aur upavaas ka kitane mahatvapoorn hai aur main pranaam karana chaahata hoon apane maan rshi yon ko bujurgon ko jinhonne itane varshon pahale itanee badee gyaan kee baaten kahee hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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बच्चों का कद बढ़ाने के लिए सबसे अच्छे पौष्टिक आहार क्या हो सकते हैं?Bachon Ka Kad Badhane Ke Lie Sabse Ache Paushtik Aahar Kya Ho Sakte Hain
T P Singh Bolkar App
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4:58
अपने प्रश्न किया है कि बच्चों का कद बढ़ाने के लिए सबसे अच्छे पौष्टिक आहार क्या हो सकते हैं लिखिए सबसे पहले तो यह कि बच्चों का दर्द जो है कई बार आनुवांशिक कारणों से भी बच्चों का कद होता है लेकिन सिर्फ इस धारणा को सही नहीं माना जा सकता कि मां-बाप की लंबाई पर ही बच्चों की लंबाई निर्भर है बच्चों का सही कब उन बच्चों की सही देखरेख पर निर्भर करता है और हम जानते हैं कि बच्चों की लंबाई को लेकर अक्सर माता-पिता चिंतित रहते हैं और चिंतित होना स्वाभाविक भी है क्योंकि कई क्षेत्रों में कैरियर बनाने के लिए उस जगह की जरूरत होती है जैसे पुलिस है मॉडलिंग है संजीव सेवाएं हालांकि मैं यह नहीं कहना चाहता कि कम हाइट वाले सफल नहीं होते क्योंकि सफलता का मापदंड लंबाई से कतई नहीं है सफलता तो बुद्धिमता मेहनत पर निर्भर करती है लेकिन फिर भी हर व्यक्ति चाहता है कि उसके बच्चे अच्छे कद काठी के हो अच्छी उनके लंबाई हो अच्छा शरीर हो और उसके लिए कुछ खाने पीने की चीजों में कुछ पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है जो मैं आप सब को बताना चाहता हूं और इसे बहुत गौर से सुने बहुत ध्यान से सुने मैं चाहता हूं कि हर भारतीय स्वस्थ रहे उनके बच्चे स्वस्थ रहें उनके बच्चों की अच्छी हेल्थाइड पौष्टिक आहार की जन्म बात करते हैं तो पोस्टिक आहार के अंदर विटामिन प्रोटीन कैल्शियम मैग्नीशियम और पासवर्ड यह लंबाई बढ़ाने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान देते पर इसलिए एक बात ध्यान रखें कि जितना भी आजकल मार्केट के अंदर जो आपको कार बहुत कार्बोनेटेड जो प्रेम मिलता है जो से आपके कोका कोला पेप्सी हम कभी एक तो इनसे दूर है एक पेटी पेटी बच्चों और एक जाना शक्कर से परहेज करें क्योंकि यह बच्चों की लंबाई पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है कैल्शियम के लिए आप दूध चीज दही पनीर मक्खन खिलाई बच्चों और मिनरल्स के लिए पालक हरी बींस ब्रोकली गोभी कद्दू गाजर दाल मूंगफली के लिए अंगूर के विटामिन के लिए बच्चों को दाल खिलाए सोया खिलाए मशरूम खिलाए बाद आंसर चैटिंग के लिए आपको दूध है चीज है डाले हैं मूंगफली सोयाबीन काजू यह खिलाए इसके अलावा आपका बच्चा ही मैसेज इस हार को पसंद करता है उसमें उसकी डाइट में शामिल करें हर तरह का फूड ग्रुप बच्चों को देना चाहिए डाइट प्लान के अंदर कैल्शियम मिनरल आयरन विटामिन और प्रोटीन की संतुलित मात्रा बच्चों को मिलने चाहिए इसके अलावा खूब सारी सब्जियां और फल बच्चों को खिलाएं और आपने सुना भी होगा कहते हैं अच्छा खाओ और अच्छी सेहत पाओ तो मैं फिर से सब से निवेदन करना चाहता हूं कि बच्चों को जंक फूड से दूर है देखिए हेल्दी खाना खाने से न केवल सुंदरता में निखार आता है बल्कि बच्चों की हड्डियां भी मजबूत होती है जो लंबाई मकान बढ़ाने में बहुत मदद की हड्डियों की मजबूती के लिए विटामिन D3 की बहुत जरूरत होती है जो कि धूप में पाया जाता है इससे बच्चों की तीन और मांस पेशियां अच्छी होती है बच्चों को लटकना चलना को बढ़ाना रस्सी कूदना साइकिलिंग कराना तैराकी कराना यह भी अपने बच्चों के उनके थोड़ा योग कराना यह भी बच्चों को सिखाएं इसके अलावा आप बच्चों को शीर्षासन करा सकते हैं सूर्यनमस्कार करा सकते हैं ताड़ासन करा सकते हैं इससे भी बच्चों की मांग देशों के दबाव पड़ता है मांसपेशी खींचती है जिससे उनकी लंबाई जल्दी बढ़ती है बच्चों को लंबे समय तक भूखा ना रखें बच्चों में शरीर में ग्रोथ हार्मोन को बढ़ाने के लिए कम से कम दिन में तीन से चार बार छोटा-छोटा कम कम मात्रा में बच्चों को खाना चाहिए बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दे कम से कम 8 घंटे बच्चों को जरूर हो मैंने यह बहुत जरूरी है अगर आप यह सब कुछ करेंगे तो मैं आपको निश्चित रूप से वादा करता हूं कि आपके बच्चों की लंबाई अच्छी होगी उनका शरीर अच्छा होगा पौष्टिक आहार खाने से उनका स्वस्थ रहो मैं यही चाहता हूं आपके बच्चे स्वस्थ रहें धन्यवाद
Apane prashn kiya hai ki bachchon ka kad badhaane ke lie sabase achchhe paushtik aahaar kya ho sakate hain likhie sabase pahale to yah ki bachchon ka dard jo hai kaee baar aanuvaanshik kaaranon se bhee bachchon ka kad hota hai lekin sirph is dhaarana ko sahee nahin maana ja sakata ki maan-baap kee lambaee par hee bachchon kee lambaee nirbhar hai bachchon ka sahee kab un bachchon kee sahee dekharekh par nirbhar karata hai aur ham jaanate hain ki bachchon kee lambaee ko lekar aksar maata-pita chintit rahate hain aur chintit hona svaabhaavik bhee hai kyonki kaee kshetron mein kairiyar banaane ke lie us jagah kee jaroorat hotee hai jaise pulis hai modaling hai sanjeev sevaen haalaanki main yah nahin kahana chaahata ki kam hait vaale saphal nahin hote kyonki saphalata ka maapadand lambaee se katee nahin hai saphalata to buddhimata mehanat par nirbhar karatee hai lekin phir bhee har vyakti chaahata hai ki usake bachche achchhe kad kaathee ke ho achchhee unake lambaee ho achchha shareer ho aur usake lie kuchh khaane peene kee cheejon mein kuchh paushtik aahaar bahut jarooree hai jo main aap sab ko bataana chaahata hoon aur ise bahut gaur se sune bahut dhyaan se sune main chaahata hoon ki har bhaarateey svasth rahe unake bachche svasth rahen unake bachchon kee achchhee helthaid paushtik aahaar kee janm baat karate hain to postik aahaar ke andar vitaamin proteen kailshiyam maigneeshiyam aur paasavard yah lambaee badhaane mein sabase jyaada mahatvapoorn yogadaan dete par isalie ek baat dhyaan rakhen ki jitana bhee aajakal maarket ke andar jo aapako kaar bahut kaarboneted jo prem milata hai jo se aapake koka kola pepsee ham kabhee ek to inase door hai ek petee petee bachchon aur ek jaana shakkar se parahej karen kyonki yah bachchon kee lambaee par pratikool prabhaav daalata hai kailshiyam ke lie aap doodh cheej dahee paneer makkhan khilaee bachchon aur minarals ke lie paalak haree beens brokalee gobhee kaddoo gaajar daal moongaphalee ke lie angoor ke vitaamin ke lie bachchon ko daal khilae soya khilae masharoom khilae baad aansar chaiting ke lie aapako doodh hai cheej hai daale hain moongaphalee soyaabeen kaajoo yah khilae isake alaava aapaka bachcha hee maisej is haar ko pasand karata hai usamen usakee dait mein shaamil karen har tarah ka phood grup bachchon ko dena chaahie dait plaan ke andar kailshiyam minaral aayaran vitaamin aur proteen kee santulit maatra bachchon ko milane chaahie isake alaava khoob saaree sabjiyaan aur phal bachchon ko khilaen aur aapane suna bhee hoga kahate hain achchha khao aur achchhee sehat pao to main phir se sab se nivedan karana chaahata hoon ki bachchon ko jank phood se door hai dekhie heldee khaana khaane se na keval sundarata mein nikhaar aata hai balki bachchon kee haddiyaan bhee majaboot hotee hai jo lambaee makaan badhaane mein bahut madad kee haddiyon kee majabootee ke lie vitaamin d3 kee bahut jaroorat hotee hai jo ki dhoop mein paaya jaata hai isase bachchon kee teen aur maans peshiyaan achchhee hotee hai bachchon ko latakana chalana ko badhaana rassee koodana saikiling karaana tairaakee karaana yah bhee apane bachchon ke unake thoda yog karaana yah bhee bachchon ko sikhaen isake alaava aap bachchon ko sheershaasan kara sakate hain sooryanamaskaar kara sakate hain taadaasan kara sakate hain isase bhee bachchon kee maang deshon ke dabaav padata hai maansapeshee kheenchatee hai jisase unakee lambaee jaldee badhatee hai bachchon ko lambe samay tak bhookha na rakhen bachchon mein shareer mein groth haarmon ko badhaane ke lie kam se kam din mein teen se chaar baar chhota-chhota kam kam maatra mein bachchon ko khaana chaahie bachchon ko paryaapt neend lene de kam se kam 8 ghante bachchon ko jaroor ho mainne yah bahut jarooree hai agar aap yah sab kuchh karenge to main aapako nishchit roop se vaada karata hoon ki aapake bachchon kee lambaee achchhee hogee unaka shareer achchha hoga paushtik aahaar khaane se unaka svasth raho main yahee chaahata hoon aapake bachche svasth rahen dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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देर रात सोने से क्या होगा?Der Raat Sone Se Kya Hoga
T P Singh Bolkar App
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4:58
आपका प्रश्न है कि देर रात सोने से क्या होगा बहुत अच्छा प्रश्न है और वर्तमान समय में या यूं कहिए आधुनिक युग में भारतीय दर्शन और भारतीय संस्कृति परंपराओं के विपरीत लोग बाग आजकल देर से रात को काफी देर से सोने लगे और सुबह भी देरी से उठते हैं जबकि आप जानते हैं किसी ने कहा है कि अर्ली टू बेड एंड अर्ली टू राइज कि रात को सोने के लिए जल्दी जाइए और सुबह जल्दी उठ आप शायद विश्वास न करें लेकिन एक सर्वे हुई है एक रिसर्च हुई है और उस रिश्ते से पता चला है और यह हर व्यक्ति पहुंच जाना चाहिए और यह शायद उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि हर व्यक्ति जीवन में अपने स्वयं से व्यक्ति प्यार जरूर करता है हर व्यक्ति का स्वयं के अंदर रुचि बहुत ज्यादा होती है हर व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है खुश रहना चाहता है हर व्यक्ति लंबे समय के लिए जीना चाहता हर व्यक्ति अपना अच्छा स्वास्थ्य चाहता है और जो रिसर्च हुई है उसे यह पता चला है कि जो लोग देर रात तक जाते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं उनमें जल्दी सोने और जल्दी जागने वालों की तुलना में मरने की आशंका 10% अधिक होती है कितनी खतरनाक बात है समझी है अर्थात जो लोग देर रात तक बिस्तर से दूर रहते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं वे जल्दी उठने वालों की तुलना में कम जीते हैं ब्रिटेन के अंदर 38 साल से लेकर 73 साल के 4:30 लाख लोगों पर यह रिसर्च की गई और उससे यह पता चला है कि इस तरह की स्थिति प्रति दूसरा रात में जागने वालों में से लिरिक्स समस्याएं भी अधिक होती है अगर आप गौर से इसको नोट करेंगे और उस शोध में उस रिसर्च में यह भी पता चला कि उसमें 27% लोगों ने खुद को पूरी तरह से सुबह काम करने वाला व्यक्ति बताया 35% ने खुद को काफी काम सुबह तो कुछ काम शाम में करने बताया और 28% लोगों ने बताया कि वह शाम में ज्यादा और सुबह कम काम करते हैं जबकि 9% लोग पूरी तरह से खुद को शाम में काम करने वाला व्यक्ति और उस रिसर्च में यह भी पता चला कि जो लोग सुबह देर तक सोते हैं रात को देरी से उम्र में वजन बढ़ने की समस्या धूम्रपान की आदत सामाजिक आर्थिक स्थिति खराब होना यह भी पाया गया और जो लोग देर रात तक जागते हैं उन लोगों के अंदर डायबिटीज की तकलीफ पेट और साथ ही तकलीफ मनोवैज्ञानिक तकलीफ कम नींद की समस्या शराब कॉपी ड्रग धूम्रपान यह सब उन लोगों में ज्यादा पाया गया जो लोग रात को देरी से सोते हैं और सुबह भी लेट तक सोए रहते हैं ऐसा करने से व्यक्ति का मानसिक तनाव बढ़ जाता है क्योंकि व्यक्ति का जो स्वाभाविक नेचर होता है उसका जो बायोलॉजिकल घड़ी होती है वह उस वातावरण से मेल नहीं खाती इन सब चीजों को देखते हुए तो मेरा यही कहना है कि व्यक्ति को रात को शुभ रात को जल्दी सो जाना चाहिए और सुबह 5:00 से 6:00 के बीच में हर हालत में व्यक्ति को जाना चाहिए सुबह उसको हल्का-फुल्का व्यायाम करना चाहिए क्योंकि आप अपना शरीर को स्वस्थ रखने के अपने मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो आप जीवन में हर काम अच्छा कर पाएंगे मैं चाहता हूं आप सब खुश रहें स्वस्थ रहें मस्त रहें धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki der raat sone se kya hoga bahut achchha prashn hai aur vartamaan samay mein ya yoon kahie aadhunik yug mein bhaarateey darshan aur bhaarateey sanskrti paramparaon ke vipareet log baag aajakal der se raat ko kaaphee der se sone lage aur subah bhee deree se uthate hain jabaki aap jaanate hain kisee ne kaha hai ki arlee too bed end arlee too raij ki raat ko sone ke lie jaldee jaie aur subah jaldee uth aap shaayad vishvaas na karen lekin ek sarve huee hai ek risarch huee hai aur us rishte se pata chala hai aur yah har vyakti pahunch jaana chaahie aur yah shaayad usake lie bahut mahatvapoorn hai ki har vyakti jeevan mein apane svayan se vyakti pyaar jaroor karata hai har vyakti ka svayan ke andar ruchi bahut jyaada hotee hai har vyakti svasth rahana chaahata hai khush rahana chaahata hai har vyakti lambe samay ke lie jeena chaahata har vyakti apana achchha svaasthy chaahata hai aur jo risarch huee hai use yah pata chala hai ki jo log der raat tak jaate hain aur subah der tak sote rahate hain unamen jaldee sone aur jaldee jaagane vaalon kee tulana mein marane kee aashanka 10% adhik hotee hai kitanee khataranaak baat hai samajhee hai arthaat jo log der raat tak bistar se door rahate hain aur subah der tak sote rahate hain ve jaldee uthane vaalon kee tulana mein kam jeete hain briten ke andar 38 saal se lekar 73 saal ke 4:30 laakh logon par yah risarch kee gaee aur usase yah pata chala hai ki is tarah kee sthiti prati doosara raat mein jaagane vaalon mein se liriks samasyaen bhee adhik hotee hai agar aap gaur se isako not karenge aur us shodh mein us risarch mein yah bhee pata chala ki usamen 27% logon ne khud ko pooree tarah se subah kaam karane vaala vyakti bataaya 35% ne khud ko kaaphee kaam subah to kuchh kaam shaam mein karane bataaya aur 28% logon ne bataaya ki vah shaam mein jyaada aur subah kam kaam karate hain jabaki 9% log pooree tarah se khud ko shaam mein kaam karane vaala vyakti aur us risarch mein yah bhee pata chala ki jo log subah der tak sote hain raat ko deree se umr mein vajan badhane kee samasya dhoomrapaan kee aadat saamaajik aarthik sthiti kharaab hona yah bhee paaya gaya aur jo log der raat tak jaagate hain un logon ke andar daayabiteej kee takaleeph pet aur saath hee takaleeph manovaigyaanik takaleeph kam neend kee samasya sharaab kopee drag dhoomrapaan yah sab un logon mein jyaada paaya gaya jo log raat ko deree se sote hain aur subah bhee let tak soe rahate hain aisa karane se vyakti ka maanasik tanaav badh jaata hai kyonki vyakti ka jo svaabhaavik nechar hota hai usaka jo baayolojikal ghadee hotee hai vah us vaataavaran se mel nahin khaatee in sab cheejon ko dekhate hue to mera yahee kahana hai ki vyakti ko raat ko shubh raat ko jaldee so jaana chaahie aur subah 5:00 se 6:00 ke beech mein har haalat mein vyakti ko jaana chaahie subah usako halka-phulka vyaayaam karana chaahie kyonki aap apana shareer ko svasth rakhane ke apane maanasik svaasthy achchha rahega to aap jeevan mein har kaam achchha kar paenge main chaahata hoon aap sab khush rahen svasth rahen mast rahen dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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मोबाइल चलाते वक्त आंखों में दर्द क्यों होने लगता है?Mobile Chalte Waqt Aankho Me Dard Kyo Hone Lagta Hai
T P Singh Bolkar App
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4:54
अपने प्रश्न किया है कि मोबाइल चलाते वक्त आंखों में दर्द क्यों होने लगता है यह बहुत महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण प्रश्न आपने किया है जिसका उत्तर जानना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है हर व्यक्ति की आंखों की सुरक्षा की दृष्टि से बहुत जरूरी है जागरूकता के लिए जरूरी है आपकी भी जरूरी है आपके बच्चों के लिए जरूरी है इसलिए मैं तो यहां पर जो कुछ बताने जा रहा हूं उसको बहुत ध्यान से सुने बहुत गौर से सुने और उस पर अमल भी कर देखें मोबाइल की स्क्रीन के अंदर हाई एनर्जी विजिबल लाइट थी जिसे सामान्य भाषा में ब्लू लाइट कहा जाता है और हाई एनर्जी विजिबल लाइट कम दूरी की तरंगों के रूप में आंखों के टिशूज शान पहुंचा था एक स्टडी के अंदर यह बात प्रमाणित हुई है कि ब्लूलाइफ का अधिक सामना करने पर रेटीना के आते जो आंखों के रेटिना है उसकी आंखों को उसके टिशूज को क्षति पहुंचती है जो आंखों में धुंधलापन या अन्य परेशानियां पैदा करता है और धीरे-धीरे आपकी आंखों में दर्द बढ़ने लगता है आंखों में दर्द हो वैसे तो एलईडी बल्ब और सूर्य की रोशनी के अंदर बिजली लाइट होती है पर इनके संपर्क में हम लगातार नहीं नहीं लगा तारीख तक देखते रहते हैं जबकि हम मोबाइल का प्रयोग लगातार लंबे समय तक करते हैं इसलिए हम लोगों को वक्त के साथ बहुत जागरुक होने की दवा क्योंकि आज के समय में स्मार्टफोन हर व्यक्ति की एक तरह की जरूरत पड़ चुका है और कई बार तू जरूरत ना होते हुए भी हम अनावश्यक बहुत ज्यादा मोबाइल पर आंखें गड़ाए रखते हैं आजकल बच्चों को भी मां-बाप मोबाइल दे देते हैं और बच्चों की बचपन में ही आकर खत्म हुआ जा रही है खराब हुए जानी है कोशिश करें मोबाइल की लत से दूर रहें इस को निशाना बनाया हर 15:20 मिनट बाद में मोबाइल से ब्रेक लेने अपनी आंखों को उस मोबाइल पर देखने से दूर करें और अपनी आंखों को आराम से आंखों की मांसपेशियों को अरेस्ट देना बहुत जरूरी है इसके अलावा आप पलकों को जल्दी जल्दी जब खाएं इससे भी आपकी आंखों को आराम मिलेगा हमेशा मोबाइल से 18 इंच से 18 इंच के लगभग कम से कम 15 इंच तक मोबाइल की स्क्रीन से अपनी आंखों को दूरी बनाए अपनी आंखों में ठंडे पानी के छींटे मारे मोबाइल की स्क्रीन भी लोग बाग उसकी चमक बहुत ज्यादा तेज रखते हैं तो मोबाइल की स्क्रीन की चमक को कम रखे हो सके तो मोबाइल के अंदर प्लेयर प्रोटेक्टर का ब्राइटनेस और कौन ट्रांसफर दोनों का संतुलित उपयोग होना चाहिए मोबाइल की नियमित साफ-सफाई रखें अन्यथा आप को आंखों में सूखापन आंखों में जलन आंखों में खुजली धुंधलापन सिरदर्द की शिकायत नींद नहीं आने की तकलीफ दूर की नजर कमजोर हो जाने की इस तरह की समस्याएं आपको बहुत ज्यादा परेशान कर सकती हैं और मेरी एक कला और भी है कि तुरंत हमेशा अंधेरे के अंदर मोबाइल को ज्यादा यूज़ में हल्की रोशनी में अपने स्मार्टफोन का यूज करो स्मार्टफोन से कई तरह के कलर निकलते हैं और यह कलर रिफ्लेक्शन से आपकी आंखों पर बुरा बुरा प्रभाव पड़ता है उसको थोड़ा गेट देकर के मोबाइल में उम्मीद करता हूं कि मैंने जन जागरूकता के लिए आप सभी के स्वास्थ्य के लिए आपकी आंखों की रोशनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण जानकारियां दी है इसको अपने जीवन में इसका उपयोग करें ध्यान रखें मैं चाहता हूं आप स्वस्थ रहें आपकी आंखें अच्छे रहें अच्छे रहें जीवन भर आप खुश रहें धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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क्या प्यार सूरत देखकर करना चाहिए या फिर सीरत देखकर?Kya Pyar Surat Dekhkar Karna Chayia Ya Fir Seerat Dekhkar
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4:57
आपने बहुत अच्छा प्रश्न किया है कि क्या प्यार सूरत देखकर करना चाहिए या फिर सिर्फ देखें सबसे पहले तो इस अति उत्तम प्रश्न के लिए मैं जिस में भी प्रश्न पूछा है उसको बहुत बधाई देना चाहता हूं लेकिन किसी ने कहा है कि दौलत से प्यार किया तो क्या किया दौलत से प्यार किया तो क्या किया शोहरत से प्यार किया तो क्या किया प्यार करना है तो सीरत से प्यार करना है तो सूरत से करो सूरत से प्यार किया तो क्या किया इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि तीरथ का क्या महत्व है शायद कुछ लोग ना समझते हो किस तीरथ किसको कहते हैं धीरज का मतलब होता है क्या भाव और सीमा की सोच लिखित प्यार ना तो दौलत से होता है प्यार ना ही सूरत से होता है क्या चित्र देखकर और दौलत प्यार जो करने वाले होते हैं वह कहते हैं दौलत देखी ना उसकी सूरत में दौलत देखी ना उसकी सूरत देखी हमने तो सिर्फ उनकी सीरत तो प्यार कि अगर हम तीरथ से तुलना करें या हम सूरत की तुलना अगर तीरथ से करें तुम मेरी दृष्टि में तीरथ का पलड़ा ही हमेशा भारी नजर है और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मोहब्बत के अंदर प्यार के अंदर सुरतिया जज्बात नहीं देखे जाते बल्कि मोहब्बत तो दिल मिलने से होती है और दिल केवल तभी मिलता है जब विचार मिलते हैं और विचार तब मिलते हैं जब सीरत अच्छी देखी साहब प्यार में ना तो दौलत का कोई स्थान होता है ना ही शोहरत का आप अगर किसी की दौलत पर औरत को देखकर मोहब्बत की बात करते हैं तो आप गलत है क्योंकि वाकई में यह तो सीरत से होता है कई बार लोग केवल चेहरा देखकर एक दूसरे को दिल में बसाने की बात करते हैं लेकिन वह लोग भूल जाते हैं कई अच्छे दिखने वाले चेहरों के पीछे भी लाख शरीफ चुके हैं और इसीलिए किसी ने कहा है प्रेमियों के लिए धोखा है प्यार दीवानों के लिए तोहफा है प्यार यूं तो कोई भी कर लेता है मगर इंसानों के लिए पूजा है प्यार को अगर पूजा की उपमा दें तो ज्यादा बेहतर होगा अगर आप किसी के प्रति कमिटेड हैं उसकी हर बात का ख्याल रखें उसके लिए अपनी पूरी जिंदगी कुर्बान कर देते हैं यह प्यार ही तो है जाटों को चाहना और चाहकर चाहते रहना प्यार को देखना और देखकर प्यार करते रहना तो आप इस बात से अंदाजा लगा और इसलिए मेरी दृष्टि में सूरत के साथ में तो धोखा हो सकता है लेकिन तीरथ के साथ में धोखा होने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती है कई लाख दिखने वाले बेहद खूबसूरत चेहरे होते हैं लेकिन उन खूबसूरत चेहरों के पीछे कुछ खूबसूरत सूरत के पीछे कई लाख धोखे चुके हो उसके पीछे कटुता छिपी होती है उस सूरत के पीछे कई बार फैंसीपन छुपा होता है लेकिन जो तीरथ है वह आपको वास्तविकता बयान करती है सच्चाई बयान करते हैं आज की पीढ़ी कई बार सूरत के जाल में धोखा खा जाते पर इसलिए यह बहुत गलत बात है यार तीरथ देखकर कि कीजिए सूरत देखकर से मत कीजिए जीवन में आप आपका परिवार आपका जीवन खुशहाल होगा जल्दबाजी में जाएंगे तो हो सकता है तो खा जाएं यही मेरी दृष्टि में इसका उत्तर है धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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महिलाओं के लिए सरकारी संस्थान में सबसे अच्छी नौकरी कौन सी है?Mahilao Ke Liye Sarkari Sansthan Me Sabse Achi Naukri Kon Si Hai
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4:51
आपका प्रश्न है कि महिलाओं के लिए सरकारी संस्थान में सबसे अच्छी नौकरी कौन सी है दिखे वैसे तो सरकारी संस्थानों में आज के समय में महिलाओं के लिए हर जगह नौकरी उपलब्ध है लेकिन कुछ ऐसी जगह है जहां पर मेरी दृष्टि में महिलाओं के लिए सबसे उचित है और मेरी नजर में सबसे पहले आता है टीचिंग शिक्षक जो कि सबसे रास्ता फुल और रेपुटेड का माना जाता है और आज भी टीचिंग की नौकरी महिलाओं की सबसे पसंदीदा नौकरी है अलग-अलग अपनी क्वालिफिकेशन के आधार पर नौकरी में अप्लाई कर सकती हैं चाहे वह छोटे बच्चों के लिए शिक्षक हो चाहे वह प्राइमरी स्कूल में चाय मिडिल स्कूल के अंदर को चाहे सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अंदर वह चाहे कॉलेज में शिक्षिका हो इसके अलावा टीचिंग की जॉब में फिक्स काम करने के लिए घंटे होते हैं वीकेंड के अलावा सरकारी और दूसरी बड़ी छुट्टियां मिलती है पीछे ही एकमात्र ऐसा जॉब है जिसमें समर विंटर वेकेशन मिलता है इसके अलावा आज के समय में टीचिंग की नौकरी में सैलरी भी बहुत अच्छी तो टीचिंग एक ऐसी नौकरी है जिसमें महिलाएं अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों को अच्छी तरीके से मैनेज कर पाती है और इसलिए मैं टीचिंग की जॉब को महिलाओं के लिए खास करके सरकारी संस्थान में बहुत अच्छी नौकरी माता-पिता के अलावा अगर हम बात करें तो दूसरी जो मुझे इंपॉर्टेंट जॉब दिखती है वह है स्वास्थ्य चाहे वो डॉक्टर हो चाहे वह नर्सिंग स्टाफ हो यह दोनों भी सिंह स्टाफ डॉक्टर महिलाओं के लिए सरकारी संस्थानों में बहुत अच्छी जॉब है इस प्रोफेशन के अंदर भी काम करने के लिए फिक्स घंटे होते हैं मरीज का ख्याल रखना हेल्थ को मॉनिटर करना टाइम पर दवाई देना जरूरी चेकअप का काम करना यह सब काम महिलाएं बहुत अच्छे से करती है क्योंकि उनका केयरिंग नेचर होता है सैलरी भी अच्छी मिलती है और यह महिलाओं के लिए बहुत रेस्पेक्ट फुल जॉब भी तुम मेरी दृष्टि में डॉक्टर और नर्स सिंह नाम के अन्य स्वास्थ्य कर्मी जो है वह महिलाओं के लिए बहुत अच्छे होते हैं इसके अलावा अगर अपन और जॉब की बात करें तो बैंकिंग के अंदर भी महिलाओं के लिए अच्छी जॉब हो सकती है अथवा जो कि सरकारी संस्थानों में इसके अलावा जो पब्लिक रिलेशन और एडवरटाइजिंग की जो जॉब होती है यह देखिए प्यार और एडवरटाइजिंग के अंदर आजकल हर प्राइवेट कंपनी में तो होता ही है इसके अलावा आजकल आप तमाम जो सरकारी डिपार्टमेंट में भी आप प्यार के लिए अप्लाई करना इसमें जो उनकी रिसर्च है शिफ्टिंग है डायरेक्शन है तो सेल बढ़ाने के लिए क्या प्लानिंग है एडवरटाइजिंग कैसे कर सकते हैं ग्राफ़िक डिज़ाइनर है कॉपीराइटर्स फोटोग्राफर है एक लाइन मार्केट रिसर्च है तो इस पद के अंदर भी जो सरकारी संस्था ने उस में महिलाओं के लिए बहुत अच्छी जॉब यह मंजन मेरी दृष्टि में यह कुछ जॉब है जो कि महिलाओं के लिए सरकारी संस्थानों में जाना महिलाओं के लिए बहुत अच्छा है जहां पर वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ है उसको और निजी जिंदगी को पारिवारिक जिंदगी को सामाजिक जीवन को बहुत अच्छे से आपस में दोनों को मैनेज कर सकती है मेरी दृष्टि में यही उचित है और उम्मीद करता हूं आप मेरे ऊपर से सहमत होंगे धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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एक परिवार के मुखिया में कौन से गुण होने चाहिए?Ek Parivar Ke Mukhiya Me Kaun Se Gun Hone Chahiye
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4:57
आपका प्रश्न है कि एक परिवार की मुखिया में कौन से गुण होने चाहिए देखिए श्रीमद् भागवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं यह दादा चढ़ती श्रेष्ठ तक देवेश रोजना तो यह प्रमाणम कुर्ते लोकल तनु वर्तते अर्थात श्रेष्ठ पुरुष जिस रास्ते से चले जाते हैं अन्य लोग भी अन्य मनुष्य भी उसी मार्ग पर चलने लगते हैं अर्थात वह व्यक्ति जो अपने आचरण से ऐसे उदाहरण उपस्थित करता है जो एक परिवार के लिए सुख और शांति में जीवन यापन करने और उनके अनेक मुद्दों को सुलझाने की क्षमता रखता हूं जो व्यक्ति कठिनाइयों को सरल बनाने सुख दुख में साथ रहने में निपुण होता है उनका परिवार उनके पीछे चलता है और प्रेम पूर्वक संगठित रहता है जिसमें आत्मीयता का गुण हूं जैसे रामायण जी में कहा गया है ना कि प्रभु उत्तर उत्तर कभी दार पर किए थे आप समान तुलसी कहूं आराम से साहब सिवनी जिस तरीके से रघुनाथ जी ने भील जाति के प्रति चित्रकूट में बर्ताव किया मुखिया को अपने परिवार के साथ में इस तरह का बर्ताव करना चाहिए चाहे वह मनुष्य चाहे उसके परिवार में कोई छोटा हो बड़ा हो तरुण हो वृद्ध हो ज्ञानी हो ज्ञानी हो मूर्ख समानता का बर्ताव रखते हुए उसकी तकलीफ में हाथ बढ़ाना चाहिए घर के मुखिया को अपने लिए अपने परिवार से बहुत अधिक सुविधा सामग्री प्राप्त करने की चेष्टा नहीं करनी चाहिए नहीं तो परिजनों से असंतुष्ट रहने लग जाएंगे घर के संचालक का कर्तव्य है कि वह अपने भोजन वस्त्र शौक मौज में उतना खर्च ना करें जो अपने आश्रितों अनुयायियों के लिए जुटा सके देखिए जो व्यक्ति अपने परिजनों की अपेक्षा जो स्वयं अधिक शौक मौज करता है वह मुख्य कवि सफल मुखिया कभी सफल संचालक नहीं बनता जो भी परिवार का मुखिया है उसको समुचित अपने आश्रितों के प्रति समुचित ने सहानुभूति उदारता सरिता और त्याग का उदाहरण उपस्थित करना चाहिए तभी वह घर का जो संगठन है वह हमेशा स्थिर बना रहे पाएंगे यह बहुत आवश्यक चीजें परिवार का मुखिया बहुत ज्यादा स्वार्थी नहीं होना चाहिए परिवार के मुखिया को अपने परिवार को वक्त देना चाहिए परिवार के छोटे से बड़े सदन सबसे तेज जब खुलकर बात करने की क्षमता जिसमें होनी चाहिए परिवार के हर सदस्य के भविष्य की चिंता करने वाला होना चाहिए अच्छे बुरे वक्त में उनके साथ खड़े रहने वाला हूं ना घर का मुखिया है इसका अर्थात का मतलब यह नहीं कि वह घर में तानाशाही अपना घर के सभी लोगों को साथ ले कर के चले घर के सदस्यों को अच्छे संस्कार दें आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार परंपराएं उनमें विकसित करें हर व्यक्ति के प्रति कल्याण की भावना भी लोगों में जागृत हो इस तरह के गुण उसमें होनी चाहिए और परिवार में भी उस तरह के गुण पनपने चाहिए या कुछ प्रमुख चीजें हैं जो एक परिवार के मुखिया में यह गुण होने ही चाहिए धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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हम किस तरह खानपान की आदत रखे जिससे डॉक्टर और दवाई का खर्चा बचा सके?Hum Kis Tarah Khanpan Ki Adat Rakhe Jisse Doctor Aur Davayi Ka Kharcha Bacha Sake
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4:57
आप ने प्रश्न किया है कि हम किस तरह खानपान की आदत रखें जिससे डॉक्टर और दवाई का खर्चा बचा सके भाव ज्यादा दिखे भारतीय संस्कृति जो है और भारतीय चिकित्सा पद्धति है जिसको हम आयुर्वेद कहते हैं वह संसार के किसी भी चिकित्सा पद्धति में सबसे समृद्ध चिकित्सा पद्धति है और उस आयुर्वेद के चिकित्सा पद्धति के अंदर और हमारे को विरासत में मिले हुए जो चिकित्सीय ग्रह इतने सक्षम हैं और इतने समृद्ध हैं कि वह सिर्फ आपको बीमारी दूर करने के बारे में ही नहीं बताता बंद की बीमारी से कैसे बचा जा सके इस पर हमारा जो भारतीय दर्शन है जो भारतीय साहित्य है स्वास्थ्य को लेकर के वह हमको इसमें ज्यादा मदद करता है हमारे यहां पर एक बात कही गई है खानपान के बारे में व्यक्ति को जो सुबह का नाश्ता है वह सुबह का नाश्ता एक चक्रवर्ती सम्राट की तरह होना चाहिए दोपहर का भोजन एक राजा की तरह होना चाहिए और शाम का भोजन अर्थात रात का भोजन एक 3 तारीख फकीर की तरह खाना होना चाहिए पहली बार दूसरा हमारी चिकित्सा पद्धति में एक बात और कही गई है दिन के पहले पानी दिन के मध्य में मट्ठा और दिन के अंत में दूध फिर डॉक्टर आवे तो रखो एक लट्ठा अर्थात आप सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पिए घुट घुट करके पानी पिए दिन में भोजन के साथ में आप मट्ठा यानी छाछ का प्रयोग करें और रात को सोते समय अब दूध का प्रयोग करें अगर आप ऐसा करेंगे तो हमारा सारा कहता है कि आपको जॉब की जरूरत नहीं पड़ेगी इसके अलावा आज के समय में जिस तरह का हम जंक फूड खा रहे हैं जिस तरह से डिब्बाबंद खाना खा रहे हैं जिस तरह का फास्ट फूड का रहे हैं उसने हम शरीर का सत्यानाश कर दिया है जिस तरह से हम दोस्तों से खाना करें हमारा शास्त्र कहता है वह हमारा चिकित्सा पद्धति कहती है कि व्यक्ति को उतना ही भोजन करना चाहिए जितनी उसको भूख है इसके अलावा सप्ताह में कम से कम एक बार व्यक्ति को जरूर रखना चाहिए या कुछ लिखिए वैसे तो बहुत मैं आपको इसके बारे में कम से कम 5 घंटे तक बता सकता हूं लेकिन यह पूछ बहुत महत्वपूर्ण जरूरी बातें हैं जिनका उल्लेख में ही सीमित समय में करना चाहूंगा जिससे आपको फायदा होगा इसके अलावा कोशिश करें कि कम से कम चाय का प्रयोग करें कॉफी का प्रयोग करें शराब के सेवन से बचें बंद खाना फास्ट फूड खाना होटल और रेस्टोरेंट पर खाना जितना हो सके किसको है वोट करें घर का खाना खाएं शुद्ध खाना खाएं हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें दाल का सेवन करें भोजन के बाद में कभी भी फ्रूट ना खाएं यह खास करके ध्यान रखें अगर आपको क्यूट खाना है तो भोजन के पहले करने भोजन के बाद में कभी भी फ्रूट का सेवन ना करें ऐसी छोटी-छोटी बहुत सारी चीजें हैं जो मैंने आपको बताई है इसके अलावा भी बहुत सारी चीजें हो सकती है लेकिन समय है इन चीजों का अगर आप खानपान में ध्यान रखेंगे सावधानी रखेंगे तो आपको डॉक्टर होता भाई का खर्चा बचा सकेंगे इसके अलावा नियमित तौर पर थोड़ी देर के लिए योग प्राणायाम प्रतिदिन जरूर करें धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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व्यवसाय शुरू करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है?Vyavaay Shuru Karne Se Pehle Sabse Mahtvapurn Cheej Kya Hai
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4:55
आपका प्रश्न है कि व्यवसाय शुरू करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है देखिए व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है सही योजना बनाना और योजना बनाने के बाद उसको जमीन पर सही से क्रियान्वित करना जब भी आप किसी नए व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले तो हमको यह समझना होगा कि जिस किसी चीज का आप व्यवसाय करना चाहते हैं उस शहर के अंदर व्यवसाय सही तरीके से चल पाएगा या नहीं चल पाएगा उस शहर के अंदर उस व्यवसाय की के लिए कितने ज्यादा उस पर दूसरा उस शहर के अंदर जिस स्थान पर आप व्यवसाय शुरू कर रहे हैं वहां की भौगोलिक और जनसंख्या की स्थिति कैसी है किस व्यवसाय को अब शुरू करना चाहते हैं उसके उपभोक्ता कितने जिस व्यवसाय को अब शुरू करना चाहते हैं उसके लिए संसाधन क्या-क्या लगेंगे व्यवसाय के लिए आपूर्ति कैसे हो खर्च कितना आएगा कितना आप बैंक से ऋण लेंगे उसका ब्याज कितना लगेगा और एक अनुमानित सेल कितनी होगी जिसके आधार पर आप अपना व्यवसाय लंबे समय पर चला पाएंगे और उसको प्रॉफिट मिला पाएंगे इन सारी चीजों की प्लानिंग बहुत जरूरी है उसके लिए आपको कितने लोगों को फायरिंग करेंगे आप कितने लोगों को नौकरी पर रखेंगे कितना आपका उस दुकान को आप या जो भी व्यवसाय आप ले रहे हैं शुरू करना चाह रहे हैं वह आपकी निजी जगह है यह आप उसको रेंट पर ले रहे हैं या आप खरीद रहे हैं बहुत सारी चीजें हैं इन सब की सही योजना बनानी बहुत जरूरी बिना योजना के कोई भी कार्य अगर करेंगे तो उसके फेल होने का खतरा बहुत ज्यादा होगा और उसी योजना को सही से बनाने के बाद उसको सही से क्रियान्वित भी करना होगा अगर यह सब चीजें आप नहीं करेंगे तो फिर उस व्यवसाय का ना तो सही कोई आधार होगा ना उसका कोई वर्तमान होगा ना कोई भविष्य होगा कल्पना कीजिए कि आप ऐसे शहर के अंदर होटल खोलना चाहते हैं जहां पर ज्यादा लोग बाहर से आते ही ना जहां पर लोगों का आवागमन बहुत कम हो और वहां पर आप होटल खोल दें तब नुकसान हो सकता जिस शहर के अंदर ज्यादातर लोग मांसाहारी हो वहां पर आप एक बहुत अच्छी शाकाहारी होटल खोल दें रेस्टोरेंट्स खोल दें आप ऐसी जगह किराना की दुकान खोल दे जहां पर पहले से 10 किराने की दुकान है और उनका ही व्यवसाय अच्छे से नहीं चल रहा है बहुत सारी चीजों को देखने की जरूरत है जल्दबाजी के अंदर व्यवसाय करना हमेशा घाटे का सौदा है इसलिए जब भी कोई व्यवसाय करें उसका पूरा सर्वे करें पूरी प्लानिंग योजना बनाएं आर्थिक स्थिति का पूरी तरीके से अवलोकन करें जिस चीज का व्यवसाय करना चाहते हैं उसकी उपयोगिता और खपत के बारे में पूरी रणनीति बनाएं और इस व्यवसाय को चलाने के लिए लंबे समय तक चलाने के लिए जो धन की जरूरत होगी उसकी पूरी प्लानिंग करें यह सबसे महत्वपूर्ण चीजें हैं जो बेवफाई के लिए जरूरी बात

#भारत की राजनीति

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4:56
अपने प्रश्न किया है कि क्या भाजपा ममता बनर्जी को हराकर पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बना पाएंगे कि मुझे तो निश्चित तौर पर लगता है जिस तरह से पश्चिम बंगाल की जनता पीड़ित है जिस तरीके से पश्चिम बंगाल की जनता को दुखी किया गया जिस तरीके से पश्चिम बंगाल की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है आने वाले समय में इस विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की सरकार को उखाड़ करके फेंक देगी जिस तरीके से वहां पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति हुई है जिस तरीके से हिंदुओं को अपना धर्म को चाय रखने की लड़ाई लड़नी पड़ रही है जिस तरीके से हिंदुओं को वहां पर अपने धार्मिक त्योहार मनाने की आजादी नहीं है हिंदुओं को अपनी चाहे सरस्वती पूजा हो चाहे दुर्गा पूजा हो चाहे मूर्ति विसर्जन हो आतंक के साए में लोगों को हिंदुओं को अपना धर्म की रक्षा करनी पड़ रही है अपना त्यौहार मनाना पड़ रहा है दुर्गा पूजा की अनुमति नहीं मिलती हर बार वहां की अदालत के हस्तक्षेप से लोग बाग अपने धर्म को बचाए रख रखे हैं बचाए रखने हैं जिस तरीके से वहां बाजी हो रही है जिस तरीके से चिटफंड के लिए घोटाले हुए और आम गरीब जनता का पैसा लेकर के तृणमूल के गुंडे और तृणमूल के बड़े राजनेता पैसा लेकर के अपनी पड़ी कोठिया बनाने में लगे हुए जिस तरीके से वहां पर चाय व्यक्ति अपना मकान नहीं बना सकता मकान बनाने के लिए भी अपना घर बनाने के लिए भी व्यक्ति को तृणमूल के गुंडों को पैसे देने पड़ते हैं उसमें उनका बीच में टैक्स लगता है जिस तरीके से वहां पर राजनीतिक हत्याएं हो रही है और बीजेपी के कार्यकर्ताओं को यात्रा अमूल के खिलाफ बोलने वाले व्यक्ति को मार कर के उल्टा पैरों पर टांग दिया जाता है जिस तरीके से पश्चिम बंगाल के अंदर बांग्लादेश पर मुस्लिम शरणार्थियों की घुसपैठ हुई है वहां की जनसंख्या वहां की आबादी को बदलने की कोशिश की जा रही है जिस तरीके से वहां पर अवैध हथियारों का कार्य होता है बम बंदूक की वहां पर राजनीति हो रही है जिस तरीके से अपराध और भ्रष्टाचार में पश्चिम बंगाल डूब गया है तृणमूल कांग्रेस के सरकार ऐसे में उस सरकार को उखाड़ फेंकना जरूरी है पश्चिम बंगाल की इतनी समृद्ध संस्कृति सभ्यता परंपराओं को समूल नष्ट करने की कोशिश की जा रही है पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा तृणमूल कांग्रेस की सरकार द्वारा जिस तरह से मुस्लिम तुष्टीकरण हो रहा है जिस तरह से हिंदुओं को धीरे-धीरे करके प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि वह लोग वहां से छोड़ छोड़ करके भाग जाए भला ऐसी कोई लोकतंत्र में सरकार होती है तो मेरा मानना है और स्पष्ट मान सरकार को अब वहां नहीं रहना चाहिए भ्रष्टाचार अराजकता हिंसा हिंदुओं के प्रति अत्याचार यह इस तरह की चीजें हैं वहां पर आप सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकते अन्यथा अगले दिन व्यक्ति मृत पाया जाता है भला ऐसी कोई लोकतंत्र में सरकार होती है मुझे बड़ा दुख होता है कि मेरे पश्चिम बंगाल के भाई बहन मेरे पश्चिम बंगाल की मेरी देश की जनता वहां के हिंदू भाई बहन किस मुश्किल में जी रहे होंगे किस तकलीफ में जी रहे होंगे हम तो वहां के नहीं रहने वाले हैं लेकिन जिस तरह की खबरें आती है उसको सुनकर बड़ा दुख होता है उम्मीद करता हूं कि वहां की यह सरकार को उखाड़ कर फेंक दिया जाएगा इस चुनाव धन्यवाद

#धर्म और ज्योतिषी

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पृथ्वी पर ऐसे कौन से स्थान है जहां किसी को जाने की अनुमति नहीं है?Prithvi Par Aise Kaun Se Sthaan Hai Jahan Kisi Ko Jaane Ki Anumati Nahin Hai
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4:50
आपका प्रश्न है कि पृथ्वी पर ऐसी कौन से स्थान है जहां किसी को जाने की अनुमति नहीं है बहुत शानदार प्रश्न है कि कुछ स्थानों का जिक्र में करना चाहूंगा एक है प्रोवेग में आएगी आईलैंड डिप्रोवेट लिया आईलैंड इटली में और एक ऐसा आईलैंड है जिससे आईलैंड ऑफ़ आइलैंड ऑफ जेड कहा जाता है कहते हैं यहां पर जाने वाला व्यक्ति कभी जिंदा बचकर लौट नहीं लौटता और इसीलिए यहां पर किसी को भी जाने की मनाही है इसी तरीके से वेटिकन सिटी के अंदर एक जगह है जिसको कहते हैं मेडिकल सीक्रेट आर्काइव यहां पर पोप को छोड़कर किस के अंदर कोई भी नहीं जा पाता क्योंकि ऐसा मानते हैं कि यहां पर कुछ गुप्त डॉक्यूमेंट रखे हैं जिसके कारण यहां पर किसी को भी जाना अलाउड नहीं इसी तरीके से भारत में अंडर मानवी के पास एक 9 मिनट अलग्रिप है जहां पर यहां के मूल निवासी करीब 400 लोग रहते हैं और वह किसी भी बाहरी व्यक्ति को अपने दिल पर नहीं आने देते अगर कोई जाता है तो उसको मार डालते हैं इसलिए भारत सरकार ने यहां पर जाने के लिए रोक लगा रखी इसी तरीके से ब्राजील के अंदर एक स्नेक आइलैंड है इतने का आइसलैंड पर हर एक मीटर बंद हर 1 मीटर की दूरी पर आपको साफ नजर आएगा और यहां पर इतनी ज्यादा सांप रहते हैं और यहां पर हर तरह का साथ छिपा वह मिलेगा इसलिए यहां पर इस आयरलैंड पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है इसी तरीके से जापान के अंदर आई ग्रैंड स्पा इन करके जगह है यह जापान में एक बहुत पवित्र जगह मानी जाती है जहां पर पुजारी को छोड़ इसी तरीके से एक जियांगसू नेशनल सिक्योरिटी एजुकेशन म्यूजियम चाइना के अंदर है जहां पर किसी भी विदेशी को इस म्यूजियम को देखने नहीं दिया जाता क्योंकि यहां पर बहुत खुफिया हथियार रखे गए हैं ऐसा माना जाता है एक है इजरायल के अंदर निवास न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर यहां पर भी किसी को जाने की अनुमति नहीं है और जाना तो दूर इसके ऊपर आप हवाई उड़ान भी नहीं बस रूट के अंदर एक मेट्रो करके जगह है मेट्रो टू कहते हैं इसको और यह कुत्ता अंडरग्राउंड मेट्रो सिस्टम है और उसके सभी जरूरी जगहों से जुड़ा हुआ है यहां रूस की खुफिया एजेंसियों ने इसके पुणे और ना होने की अभी तक पुष्टि नहीं की है लेकिन यहां पर किसी को भी अलाउड नहीं किया फ्रांस के अंदर लॉक किस गुफा किस गुफा में ऐसा माना जाता है कि यहां पर जो तस्वीर है वह करीब 17300 साल पुरानी है और 1963 में इंसानों के लिए इसके दरवाजे बंद कर दिए गए थे क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना था कि यहां पर इंसानों के प्रवेश से इन तस्वीरों को नुकसान पहुंच सकता है कि तरीके से चीन के अंदर विभाग का किला है और यहां पर भी चीन की सरकार ने किसी भी तरह के किसी भी तरह से लोगों का जाना मना कर रखा 1 क्वींस बेडरूम में बकिंघम पैलेस विंस बेडरूम को सबसे ज्यादा सुरक्षा में रखा जाता है और यहां पर किसी व्यक्ति को नहीं जाने दिया जाता नॉर्थ कोरिया में रूम नंबर 39 कहा जाता है कि एक ऐसी खुफिया जगह है जहां से नॉर्थ कोरिया के अवैध हथियार और ड्रग सप्लाई का काम होता है और इसलिए यहां पर किसी को अलाउड नहीं किया जाता इसी तरीके से एक निहाओ द्वीप है और इसने हाउस द्वीप के अंदर भी युवा सरकार द्वारा किसी को भी अलाउड नहीं है यह कुछ जगह हैं इस दुनिया में जहां पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है उम्मीद करता हूं आप मेरे इस प्रश्न के उत्तर को सुनकर के खुश होंगे और आपको जानकारी अच्छी लगी होगी धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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3:00
आपका प्रश्न है कि क्या कोई व्यक्ति अपनी नकारात्मक खबर को फैलने से रोकने के लिए देश भर के अखबारों को खरीद सकता है लेकिन आधुनिक युग में जहां पर सत्य के लिए व्यक्ति संघर्ष कर रहा है बहुत सारे अखबारों के मालिक बहुत सारे अखबार अगर उनको उचित राशि का प्रलोभन दिया जाए तो वह नकारात्मक खबर को छिपाने चला कि जहां तक मैं समझता हूं शायद कहीं नहीं सकते जिंदा होगा और यह संभव नहीं होगा इस देश के हर अखबार को खरीद लिया जाए और नकारात्मक खबर को न फैलने दिया मुझे यह संभव कम दिखता है शायद किसी ने किसी अखबार में कुछ लोगों में तो गैरत बची होगी कि वह पत्रकारिता अगर करना है तो सत्य को दिखाएं न कि धन के लालच में पैसे के लालच में नकारात्मक खबर को छुपाया हालांकि मीडिया आजकल एक बहुत बड़ा बिजनेस पत्रकार क्षेत्र के लिए संघर्ष कर रहे हो गिने-चुने नाम दिखते हैं ऐसे में और संभव नहीं दिखता है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि भारत जैसे देश में सत्य कहीं न कहीं जिंदा है और हर अखबार इसके लिए बिक जाएगा मुझे इसमें संशय है लेकिन कहीं किसी ने कहा भी है कि अगर कीमत सही लगाई जाए तो बिकने के लिए हर कोई तैयार है अगर वाकई ऐसी स्थिति है तो निसंदेह कोई व्यक्ति सारे अखबारों को खरीद सकता और अपनी खबर को नकारात्मक खबर को गलत खबर हो तो उसके लिए नुकसानदेह है उसे छिपा सकता है लेकिन मेरा मेरा अंदर से आत्मविश्वास कहिए या अंदर से विश्वास चाहिए यह कहता है कि मेरे इस देश में कुछ लोग होंगे जो पैसे के लिए अपने जमीर को नहीं देते ऐसा मुझे विश्वास है धन्यवाद

#मनोरंजन

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1:50
आपका प्रश्न है कि साउथ की ऐसी कौन सी मूवी है जिसे देखने के बाद आपको लगता है कि आज तक बॉलीवुड में ऐसी मूवी नहीं बनी देखिए मुझे चारों तरफ दृष्टि डालने के बाद एक मात्र मूवी बाहुबली लगती है चाहे वह बाहुबली1 हो या चाहे बाहुबली 2 मूवी को देखने के बाद वाकई लगता है कि हमारा बॉलीवुड इंडस्ट्री इतना बड़ा होने के बाद में आज तक एक ऐसी मूवी नहीं बना पाया और यह वाकई बड़ी हैरानी वाली बात है मुझे यकीन मानिए उसके आसपास में भी ऐसी कोई फिल्म नहीं है जो मुझे बाहुबली के नजदीक भी लगती हो जो कि बॉलीवुड में बनी हो हिंदी फिल्म सिनेमा में बनी पता नहीं बॉलीवुड क्या कर रहा है इतने बड़े बड़े नाम हैं आप इतने बड़े नाम हमको साउथ की फिल्मों में नहीं दिखते लेकिन जगह हम बाहुबली मूवी देखते हैं तो वाकई कमाल और बॉलीवुड को वाकई में सोचने की जरूरत है बाकी मेरा स्पष्ट तौर पर मानना है कि हां साउथ की मैंने और भी कुछ फिल्में देखी है लेकिन बाहुबली वाकई कमाल की मूवी बनाई गई शायद किसी भी दृष्टिकोण से देखें बाहुबली एक शानदार फिल्म जिसको एक बार नहीं कई बार देखने की इच्छा होती है और हिंदी सिनेमा जगत में बॉलीवुड में ऐसी कोई मूवी अब तक बनी नहीं और जरूर हम उम्मीद करना चाहिए हमको कि शायद बॉलीवुड कोई ऐसी शानदार मूवी हमको दे पाए धन्यवाद
Aapaka prashn hai ki sauth kee aisee kaun see moovee hai jise dekhane ke baad aapako lagata hai ki aaj tak boleevud mein aisee moovee nahin banee dekhie mujhe chaaron taraph drshti daalane ke baad ek maatr moovee baahubalee lagatee hai chaahe vah baahubalee1 ho ya chaahe baahubalee 2 moovee ko dekhane ke baad vaakee lagata hai ki hamaara boleevud indastree itana bada hone ke baad mein aaj tak ek aisee moovee nahin bana paaya aur yah vaakee badee hairaanee vaalee baat hai mujhe yakeen maanie usake aasapaas mein bhee aisee koee philm nahin hai jo mujhe baahubalee ke najadeek bhee lagatee ho jo ki boleevud mein banee ho hindee philm sinema mein banee pata nahin boleevud kya kar raha hai itane bade bade naam hain aap itane bade naam hamako sauth kee philmon mein nahin dikhate lekin jagah ham baahubalee moovee dekhate hain to vaakee kamaal aur boleevud ko vaakee mein sochane kee jaroorat hai baakee mera spasht taur par maanana hai ki haan sauth kee mainne aur bhee kuchh philmen dekhee hai lekin baahubalee vaakee kamaal kee moovee banaee gaee shaayad kisee bhee drshtikon se dekhen baahubalee ek shaanadaar philm jisako ek baar nahin kaee baar dekhane kee ichchha hotee hai aur hindee sinema jagat mein boleevud mein aisee koee moovee ab tak banee nahin aur jaroor ham ummeed karana chaahie hamako ki shaayad boleevud koee aisee shaanadaar moovee hamako de pae dhanyavaad
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