#जीवन शैली

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किसी से मोलभाव कैसे किया जाए?Kisi Se Molbhaav Kaise Kiya Jaye
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1:18
तो मेरे आदमी भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से मिठाई आत्या शिकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं जी तो नोट जोड़ने में उत्तर का शिकार कर लेना क्वेश्चन है इसी से मोलभाव कैसे किया जाए ना देगी सबसे पहले इस चीज को ध्यान रख लीजिए कभी भी किसी दुकानदार के पास आकर जाते तो यस अंकल मत क्रिएट कीजिए कि यह मुझको ज्यादा रेट ले लेगा लूट लेगा तो किस से क्या होता है कि नेगेटिव एनर्जी जनरेट होती है दूसरी बात आपने भी सुना होगा आप जैसा सोचा आप के साथ वैसा ही होता है तो उसके पति आप सरकार में सकारात्मक संकल बनाई है ना जो भी वह उचित रेट लगाए गाना और पूरी कोशिश करूंगा अपनी तरफ से ठीक है अब मोल भाव की बात आ गई है ना तो जो भी आपके हिसाब से रेट आप डिसाइड करने के बाद उनसे एक सेंटेंस बोलिए देखो भाई मेरे यह है अगर आपको आपका नुकसान नहीं होना चाहिए अभी ईमान बेच रहा है इस प्रकार से आप उसको बोले तो हो सकता है कि वह आपको एक उचित रेट पर अपना सामान भेज दे उसके मन में एक सोचने वाला संकल्प आ जाएगा ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछे कल धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया
To mere aadamee bhaiyon aur bahanon ko gireesh jee kee taraph se mithaee aatya shikaar karana jee to aap sabhee kaise hain jee to not jodane mein uttar ka shikaar kar lena kveshchan hai isee se molabhaav kaise kiya jae na degee sabase pahale is cheej ko dhyaan rakh leejie kabhee bhee kisee dukaanadaar ke paas aakar jaate to yas ankal mat kriet keejie ki yah mujhako jyaada ret le lega loot lega to kis se kya hota hai ki negetiv enarjee janaret hotee hai doosaree baat aapane bhee suna hoga aap jaisa socha aap ke saath vaisa hee hota hai to usake pati aap sarakaar mein sakaaraatmak sankal banaee hai na jo bhee vah uchit ret lagae gaana aur pooree koshish karoonga apanee taraph se theek hai ab mol bhaav kee baat aa gaee hai na to jo bhee aapake hisaab se ret aap disaid karane ke baad unase ek sentens bolie dekho bhaee mere yah hai agar aapako aapaka nukasaan nahin hona chaahie abhee eemaan bech raha hai is prakaar se aap usako bole to ho sakata hai ki vah aapako ek uchit ret par apana saamaan bhej de usake man mein ek sochane vaala sankalp aa jaega aisa ho sakata hai prashn poochhe kal dhanyavaad thainks shukriya

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1:28
मेरे महान मीठे भाइयों और बहनों को गिरी जी की तरफ से याद किया शिकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं तो नॉट जज नहीं मेरा उत्तर को आप स्वीकार कर लेना कुछ नहीं क्या इंसान को उसके पहले पेज पहने जाने वाले कपड़े से तो मेरे आत्मिक भाई और बहनों को गणेश जी की तरफ से यात्रा शिकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं जी तो नोट जरूर नहीं इस उत्तर को आप स्वीकार कर लेना को चने का इंसान को उसके पहने जाने वाले कपड़े से जब करना सही है क्यों और क्यों नहीं है ना देखिए सबसे पहली बात है जो जप मंत्र जपने वाली बातें कपड़े वाली बात बताइए ना दिखे कपड़ों से कोई फर्क नहीं पड़ता है ना ठीक है मैंने प्राथमिकता तो यह जॉब मंत्र जप रहे हैं तो उसके पीछे आपकी भावना की क्या उद्देश्य महत्वपूर्ण है दूसरी बात आपका मन मन की सही अवस्था में है कि नहीं आपको ही चेक करना पड़ेगा पॉजिटिव या नेगेटिव हो है ना ठीक है तो यह दोनों सिचुएशन आपको ध्यान रखनी पड़ेगी उसका मेरे हो सकता है कि कपड़े पहनने से या नहीं है पुराने पहनने से इसे मेरे ख्याल से कोई फर्क नहीं पड़ सकता है ठीक है ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया
Mere mahaan meethe bhaiyon aur bahanon ko giree jee kee taraph se yaad kiya shikaar karana jee to aap sabhee kaise hain to not jaj nahin mera uttar ko aap sveekaar kar lena kuchh nahin kya insaan ko usake pahale pej pahane jaane vaale kapade se to mere aatmik bhaee aur bahanon ko ganesh jee kee taraph se yaatra shikaar karana jee to aap sabhee kaise hain jee to not jaroor nahin is uttar ko aap sveekaar kar lena ko chane ka insaan ko usake pahane jaane vaale kapade se jab karana sahee hai kyon aur kyon nahin hai na dekhie sabase pahalee baat hai jo jap mantr japane vaalee baaten kapade vaalee baat bataie na dikhe kapadon se koee phark nahin padata hai na theek hai mainne praathamikata to yah job mantr jap rahe hain to usake peechhe aapakee bhaavana kee kya uddeshy mahatvapoorn hai doosaree baat aapaka man man kee sahee avastha mein hai ki nahin aapako hee chek karana padega pojitiv ya negetiv ho hai na theek hai to yah donon sichueshan aapako dhyaan rakhanee padegee usaka mere ho sakata hai ki kapade pahanane se ya nahin hai puraane pahanane se ise mere khyaal se koee phark nahin pad sakata hai theek hai aisa ho sakata hai prashn poochhane ke lie dhanyavaad thainks shukriya

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आत्म नियंत्रण की प्रविधि नहीं है?Aatm Niyantran Ki Pravidhi Nahin Hai
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2:31
मेरे आत्मिक भाइयों और बहनों को ईद जी की तरफ से याद किया स्वीकार करना जी तो कहिए आप सभी कैसे हैं तो क्वेश्चन आत्म नियंत्रण की प्रविधि प्रविधि नहीं है सबसे पहले हमको यह चीज संभालना पड़ेगा कि आत्मा का थोड़ा सा परिचय कर लेते हैं आत्मा बिंदु शुरू होती जिस को अपनाकर आंखों से नहीं देख सकते हैं ना आत्मम रुकती या तिलक और बिंदु लगाते वही रहती है ठीक है मैंने आत्मा क्या करती इस पूरे शरीर को चलाती है ना जैसे अगर मोबाइल में सिम नहीं होता तो मोबाइल कुछ काम का नहीं रहता ना उसी प्रकार आत्मा भी इस शरीर को पूरा कंट्रोल चलाती है ना ठीक है अपनी बात आत्मा में आत्मा मन बुद्धि और संस्कार सहित होती है ना ठीक है अब एक उसने पूछा आत्म नियंत्रण की प्रवृत्ति नहीं है क्या बनेगी कहने का तात्पर्य थोड़ा सा यह पूछ रहा है कि उसको पर नियंत्रित कर सकते हैं कि नहीं है ना की आत्माओं को नियंत्रित करने के लिए यह जो बता रहे हैं प्रविधि बता रहे हैं जो पूछ रहे हैं कि आत्मा में जो मेन कार रहता है मन का रहता है ना ठीक है क्योंकि मन की बात सोचने के बाद जब बुद्धि में जाता है और फिर संस्कार से मैच करके वह निर्णय लेता है ना उड़न का मेन जो राजा रहता है आत्मा की आत्मा में मन बुद्धि होता है ना तो मेन चीज का में मारा सोचने का तो उसके लिए सबसे पहले आपको मन को कंट्रोल करना पड़ेगा है ना ठीक है याद मत न्यू भी आपको दिखाई नहीं देती है तो मन जो रहता है मन को आप सकारात्मक सोचना पड़ेगा ना पहली बात तो यह दूसरी बात आपको मेडिटेशन करना भी बहुत आवश्यक है दूसरी बात है आप को परखने और नीले निर्णय लेने की शक्ति को भी बढ़ाना चाहिए जिससे भी मन कंट्रोल हो जाता है अपने मन को सही रूप से कंट्रोल कर लिया वे अब से बचा लिया आत्मा की प्रवृति ऑटोमेटिक कंट्रोल हो सकती है साथिया योगासन योगासन में अनुलोम विलोम कपालभाति भी कर सकते हैं उससे भी क्या है कि आपका ब्रेन अभी माने की बारिश रहेगा और बुद्धि भी ठीक-ठाक प्रॉपर्टी के लिए द्वारका करती है ठीक है ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स और शुक्रिया
Mere aatmik bhaiyon aur bahanon ko eed jee kee taraph se yaad kiya sveekaar karana jee to kahie aap sabhee kaise hain to kveshchan aatm niyantran kee pravidhi pravidhi nahin hai sabase pahale hamako yah cheej sambhaalana padega ki aatma ka thoda sa parichay kar lete hain aatma bindu shuroo hotee jis ko apanaakar aankhon se nahin dekh sakate hain na aatmam rukatee ya tilak aur bindu lagaate vahee rahatee hai theek hai mainne aatma kya karatee is poore shareer ko chalaatee hai na jaise agar mobail mein sim nahin hota to mobail kuchh kaam ka nahin rahata na usee prakaar aatma bhee is shareer ko poora kantrol chalaatee hai na theek hai apanee baat aatma mein aatma man buddhi aur sanskaar sahit hotee hai na theek hai ab ek usane poochha aatm niyantran kee pravrtti nahin hai kya banegee kahane ka taatpary thoda sa yah poochh raha hai ki usako par niyantrit kar sakate hain ki nahin hai na kee aatmaon ko niyantrit karane ke lie yah jo bata rahe hain pravidhi bata rahe hain jo poochh rahe hain ki aatma mein jo men kaar rahata hai man ka rahata hai na theek hai kyonki man kee baat sochane ke baad jab buddhi mein jaata hai aur phir sanskaar se maich karake vah nirnay leta hai na udan ka men jo raaja rahata hai aatma kee aatma mein man buddhi hota hai na to men cheej ka mein maara sochane ka to usake lie sabase pahale aapako man ko kantrol karana padega hai na theek hai yaad mat nyoo bhee aapako dikhaee nahin detee hai to man jo rahata hai man ko aap sakaaraatmak sochana padega na pahalee baat to yah doosaree baat aapako mediteshan karana bhee bahut aavashyak hai doosaree baat hai aap ko parakhane aur neele nirnay lene kee shakti ko bhee badhaana chaahie jisase bhee man kantrol ho jaata hai apane man ko sahee roop se kantrol kar liya ve ab se bacha liya aatma kee pravrti otometik kantrol ho sakatee hai saathiya yogaasan yogaasan mein anulom vilom kapaalabhaati bhee kar sakate hain usase bhee kya hai ki aapaka bren abhee maane kee baarish rahega aur buddhi bhee theek-thaak propartee ke lie dvaaraka karatee hai theek hai aisa ho sakata hai prashn poochhane ke lie dhanyavaad thainks aur shukriya

#जीवन शैली

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शक्ति, ज्ञान और पैसा, आप क्या चुनते हैं?Shakti Gyaan Aur Paisa Aap Kya Chunate Hain
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1:47
मेरे महान मीठे भाइयों और बहनों को गणेश जी की तरफ से यात्रा शिकार करना जी और आप सभी कैसे हैं सभी घुसा और मौज में है तो गुस्से में शक्ति ज्ञान और पैसा आप क्या चुनते हैं देखिए इसमें से हम ज्ञान को सुनेंगे ना इसको ऐसा समझे कि जैसे आपको कहीं जाना है तो उसके लिए आपको उसका एड्रेस चाहिए है ना एड्रेस मैंने किया है ना ठीक है अब ज्ञान के बाद दो चीजें बताइए शक्ति और पैसा देखिए अगर आपके पास ज्ञान होगा तो आप स्वयं को पहचानेंगे है ना कि स्वयं को पहचानने से क्या होगा आपको किन क्षेत्रों में मैंने शक्ति और दिमाग और माइंड लगाना चाहते हो वो पता चल जाएगा ठीक है तू जहां जिस क्षेत्र में आप मन की शक्ति लगाएंगे ज्ञान के आधार पर लाइन लगाएंगे तो फिर उसी जगह से आपको मैंने पैसा मिलेगा आपने देखा होगा ना जीतू ने भी अपनी विशेषताओं को पहचाना विशेषताओं के आधार पर उन्होंने वहां पर शक्ति लगे और पैसा आया अभिषेक था तभी आएगी जब आपके पास ज्ञान होगा है ना ध्यान से अब क्या किसी चीज को पढ़ते हैं देखते सुनते तो उसको समझते हैं तो उस सिर्फ ज्ञान के आधार से आ सकती है ठीक है वह बोलते हैं ना कि जहां पर अगर आपको मैंने की ज्ञान लगाना हो वहां ग्राम शक्ति लगाओगे तो कुछ फायदा नहीं है ठीक है तो ऐसा हो सकता है साथ ही प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद और थैंक्स शुक्रिया साथिया मीठी मौज में रहते हैं आनंद में है और रात में आपको परमात्मा की यात्रा ओम शांति ओम शांति
Mere mahaan meethe bhaiyon aur bahanon ko ganesh jee kee taraph se yaatra shikaar karana jee aur aap sabhee kaise hain sabhee ghusa aur mauj mein hai to gusse mein shakti gyaan aur paisa aap kya chunate hain dekhie isamen se ham gyaan ko sunenge na isako aisa samajhe ki jaise aapako kaheen jaana hai to usake lie aapako usaka edres chaahie hai na edres mainne kiya hai na theek hai ab gyaan ke baad do cheejen bataie shakti aur paisa dekhie agar aapake paas gyaan hoga to aap svayan ko pahachaanenge hai na ki svayan ko pahachaanane se kya hoga aapako kin kshetron mein mainne shakti aur dimaag aur maind lagaana chaahate ho vo pata chal jaega theek hai too jahaan jis kshetr mein aap man kee shakti lagaenge gyaan ke aadhaar par lain lagaenge to phir usee jagah se aapako mainne paisa milega aapane dekha hoga na jeetoo ne bhee apanee visheshataon ko pahachaana visheshataon ke aadhaar par unhonne vahaan par shakti lage aur paisa aaya abhishek tha tabhee aaegee jab aapake paas gyaan hoga hai na dhyaan se ab kya kisee cheej ko padhate hain dekhate sunate to usako samajhate hain to us sirph gyaan ke aadhaar se aa sakatee hai theek hai vah bolate hain na ki jahaan par agar aapako mainne kee gyaan lagaana ho vahaan graam shakti lagaoge to kuchh phaayada nahin hai theek hai to aisa ho sakata hai saath hee prashn poochhane ke lie dhanyavaad aur thainks shukriya saathiya meethee mauj mein rahate hain aanand mein hai aur raat mein aapako paramaatma kee yaatra om shaanti om shaanti

#जीवन शैली

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इंसान आध्यात्मिक ज्ञान के बाद अपने स्वभाव एक जीवन शैली क्यों बदल लेता है?insaan aadhyaatmik gyaan ke baad apane svabhaav ek jeevan shailee kyon badal leta hai
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1:50
तो मेरे सभी मीठे आत्मिक भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से यात्रा स्वीकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं तो नोट जरूर नहीं इस उत्तर को आप स्वीकार कर ले क्वेश्चन है इंसान आध्यात्मिक ज्ञान के बाद अपने स्वभाव एक जीवन शैली क्यों बदल देता है कि आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने के बाद इंसान को अपनी कमियों और खामियों का विश्लेषण करने का चेकिंग करने का समय मिल जाता है ना अर्थात वह खुद को देखता है ना उसमें क्या कमी है क्या दोष है ना ठीक है और उस पर क्या करता हूं पूछा करना चालू कर देता है तो है ना पहले क्या करता था वह कि दूसरों को देखता था कि दूसरा क्या कर रहा है क्यों कर रहा है ना ठीक है उससे अपनी पहचान मिल जाती मैं कौन हूं कहां से आया हूं और कहां जाना है तो वह अपने को संपूर्ण करने में लग जाता है तो किस क्योंकि स्वयं के साथ ओ कितने समय रहता है है ना सेम का अच्छा डॉक्टर होता है या ना हम दूसरों के डॉक्टर नहीं हो सकते हैं ना देखिए अगर हम एक को बदलेंगे दो को बदलेंगे है ना पूरी दुनिया को तो बदल नहीं सकते हैं ठीक है और कहते हैं स्वयं का परिवर्तन तो विश्व का परिवर्तन जो देखी स्वयं को बदलता है वही आगे बढ़ता है ना और जिन्होंने स्वयं को बदला है उन्होंने दुनिया में बहुत सारे बड़े-बड़े कार्य के अविष्कार करें हैं और उनका विश्व में बहुत ऊंचा नाम है तो ऐसा हो सकता है तो प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद सत्य आप मधुरता युक्त है आनंद में है तो साथ में आपको परमात्मा की याद प्यार ओम शांति ओम शांति
To mere sabhee meethe aatmik bhaiyon aur bahanon ko gireesh jee kee taraph se yaatra sveekaar karana jee to aap sabhee kaise hain to not jaroor nahin is uttar ko aap sveekaar kar le kveshchan hai insaan aadhyaatmik gyaan ke baad apane svabhaav ek jeevan shailee kyon badal deta hai ki aadhyaatmik gyaan praapt karane ke baad insaan ko apanee kamiyon aur khaamiyon ka vishleshan karane ka cheking karane ka samay mil jaata hai na arthaat vah khud ko dekhata hai na usamen kya kamee hai kya dosh hai na theek hai aur us par kya karata hoon poochha karana chaaloo kar deta hai to hai na pahale kya karata tha vah ki doosaron ko dekhata tha ki doosara kya kar raha hai kyon kar raha hai na theek hai usase apanee pahachaan mil jaatee main kaun hoon kahaan se aaya hoon aur kahaan jaana hai to vah apane ko sampoorn karane mein lag jaata hai to kis kyonki svayan ke saath o kitane samay rahata hai hai na sem ka achchha doktar hota hai ya na ham doosaron ke doktar nahin ho sakate hain na dekhie agar ham ek ko badalenge do ko badalenge hai na pooree duniya ko to badal nahin sakate hain theek hai aur kahate hain svayan ka parivartan to vishv ka parivartan jo dekhee svayan ko badalata hai vahee aage badhata hai na aur jinhonne svayan ko badala hai unhonne duniya mein bahut saare bade-bade kaary ke avishkaar karen hain aur unaka vishv mein bahut ooncha naam hai to aisa ho sakata hai to prashn poochhane ke lie dhanyavaad saty aap madhurata yukt hai aanand mein hai to saath mein aapako paramaatma kee yaad pyaar om shaanti om shaanti

#जीवन शैली

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खो देने का डर पा लेने की खुशी को खत्म क्यों कर देता है?Kho Dene Ka Dar Pa Lene Kee Khushee Ko Khatm Kyon Kar Deta Hai
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1:38
अरे आत्मिक भाई और बहनों को गिरीश जी की तरफ से याद किया स्वीकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं तो नोट जारी नहीं में उत्तर को आप स्वीकार कर ले क्वेश्चन खुद होने का डर या पा लेने की खुशी को खत्म क्यों कर देता है कि सबसे पहले बात है जिस चीज को अपने प्राप्त किया है तो आपकी उसमें भावना क्या चीज को पाने की उससे भी मैंने उस चीज का संबंध रहता है ना अगली बार कि मनुष्य जो रहता है अधिकतर उन चीजों को प्राप्त करने में लगा रहता है वह होता है जो दे है वह दे संबंधित चीजें रहती है ना अगर आपको पता होगा कि देवडे संबंधी चीजें एक दिन हमें नष्ट होने वाली है तू चीज है और जो इसको चीजें पांच तत्वों से मिलकर बनी होती है ना एक दिन या तो उसको जाना है जल जाना है टूट जाना है ना ठीक है उसमें हमेशा डर बना रहता है ना जैसे आप आप एक मोबाइल लेना एग्जांपल तो क्या हुआ कुछ देखो उसको आपको उस टाइम तक यूज़ करो तो बोरियत महसूस हो गया ना पहली बात तो यह है क्योंकि संपूर्ण नहीं कोई सी चीज है आप यहां तक कि मानव भी नहीं है ना फिर इसमें वह भी डर रहता है मोबाइल का ही गिर गया तो क्या होगा ना ए टू जेड गिर गया चोरी हो गया तो डर रहता है ना ठीक है इसलिए कोई भी चीज पा लेने पर है ना वह डर उसको उस खुशी को खत्म कर देता है है ना ठीक है तो ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया
Are aatmik bhaee aur bahanon ko gireesh jee kee taraph se yaad kiya sveekaar karana jee to aap sabhee kaise hain to not jaaree nahin mein uttar ko aap sveekaar kar le kveshchan khud hone ka dar ya pa lene kee khushee ko khatm kyon kar deta hai ki sabase pahale baat hai jis cheej ko apane praapt kiya hai to aapakee usamen bhaavana kya cheej ko paane kee usase bhee mainne us cheej ka sambandh rahata hai na agalee baar ki manushy jo rahata hai adhikatar un cheejon ko praapt karane mein laga rahata hai vah hota hai jo de hai vah de sambandhit cheejen rahatee hai na agar aapako pata hoga ki devade sambandhee cheejen ek din hamen nasht hone vaalee hai too cheej hai aur jo isako cheejen paanch tatvon se milakar banee hotee hai na ek din ya to usako jaana hai jal jaana hai toot jaana hai na theek hai usamen hamesha dar bana rahata hai na jaise aap aap ek mobail lena egjaampal to kya hua kuchh dekho usako aapako us taim tak yooz karo to boriyat mahasoos ho gaya na pahalee baat to yah hai kyonki sampoorn nahin koee see cheej hai aap yahaan tak ki maanav bhee nahin hai na phir isamen vah bhee dar rahata hai mobail ka hee gir gaya to kya hoga na e too jed gir gaya choree ho gaya to dar rahata hai na theek hai isalie koee bhee cheej pa lene par hai na vah dar usako us khushee ko khatm kar deta hai hai na theek hai to aisa ho sakata hai prashn poochhane ke lie dhanyavaad thainks shukriya

#रिश्ते और संबंध

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1:49
तो मेरे अजी समझदार भाइयों और बहनों को गिरी जी की तरफ से आप का शिकार करना क्वेश्चन कहते समस्या को दी पाल रखे तो वह बच्चों को जन्म देती है इस से क्या तात्पर्य है ना कोई इसको एक उदाहरण समझे जो पशु पक्षियों को पालते हैं ठीक है उनके बाद उनके बच्चों की संख्या बढ़ती है कि नहीं ठीक है जो चीज रखेंगे उसका ध्यान रखेंगे तो निश्चित ही वह चीज बढ़ेगी ठीक है तो अब समस्या वाली बात को थोड़ा समझ लेना कि क्या होता है कि हमारी आत्मा की कई जन्म ज्यादा होने के कारण हमने विकृतियां समस्या पैदा हो गई है ना और वह एक जन्म की नहीं रहती कई जन्म की रहती है ना ठीक है अब क्या होता है जिसे हम हमारे पास कुछ समस्या है एग्जांपल है ना ठीक है तो हमारे जो मन में है या मरे जो अचेतन मन में है ना पूर्व जन्म की बहुत सारी बनेगी नकारात्मक समस्या है पहले से रिकॉर्ड डेट है जहां अपनी समस्या सूची तो उससे लेटर बहुत सारी की समस्या है ऑटोमेटिक उठ के आ जाएंगे क्योंकि वह रिकॉर्ड डेट है आप उसको हटा नहीं सकते हो ठीक है इसे बोलते हैं कि समस्या को ध्यान देना चाहिए इतना जरूरी हो जगत ज्यादा समस्या हो तो उसको आप बने और मैंने भविष्य के लिए छोड़ दें कि ठीक हो जाएगी यह परमात्मा को दे देना जिस चीज को आप ज्यादा कर करेंगे रखेंगे तो निश्चित ही वह बढ़ेगी बीमारी हुई बीमारी को आपने प्रॉपर्ली मैंने कि उस पर कोई ध्यान नहीं दिया चल रहा है तो है ना वह बढ़ते जाएगी बढ़ते जाइए समस्या का है ठीक है ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

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किस तरह के लड़के को लड़की घास नहीं डालती?Kis Tarah Ke Ladke Ko Ladki Ghaas Nahin Dalte
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1:27
तो मेरे अति महान मधुर भाई और बहनों को गणेश जी की तरफ से याद प्यार स्वीकार करना जी तो नोट जरूरी नहीं मेरे उत्तर का शिकार कल्याण क्वेश्चन किस तरह के लड़के को लड़कियां घास नहीं डालती देखिए क्वेश्चन बड़ा लाजवाब है यह क्वेश्चन थोड़ा संशय वाला है क्योंकि जो कि मैं आपको एक चीज बताता हूं जितनी भी लड़कियां रहती है या वह क्या करते टाइम पास करती है ना अब क्यों करती इसका कारण है लेकिन लड़कियां की जो शादी हुई होती है जो उसके माता-पिता चाहते हैं ठीक है यह तो हमारी सोच है कि उस लड़के को आज नहीं डालती फलाना डिंका है ना ठीक है तो इस सोच से मुक्त हो कि बनेगी लड़के लड़के को लड़की कोई से जांच में डालती है इस विषय में कोई वाली बात नहीं है है ना अपना समय बर्बाद करना है कैरियर बर्बाद करना है ठीक है इसलिए सबसे पहले हमसे हमसे प्यार करना सीखे ठीक है अपने प्यार अपने कीजिए और अपने कैरियर पर ध्यान रखिए तो आपको हर चीज सही समय पर प्राप्त हो जाएगी और अगर आप करते भी हैं तो कोई दिक्कत नहीं पर अपने कैरियर पर विशेष ध्यान दीजिए तो ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

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1:40
तो मेरे अति मीठे लाडले भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से यात्रा शिकार करना जी तनोट जरूरी नहीं है तब आप स्वीकार कर ले उसने जो लोग अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड शादी के बाद भी बातचीत करते हैं या फ्रेंडशिप लगते तो उनसे शादी क्यों नहीं करते हैं ना ठीक हो तो ऐसा हो सकता है कि जो ब्वॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड है वह शादी से इसलिए इसलिए नहीं करते कि उनको पता रहता है कि कुछ बनेगी जो भी कारण है कमियां है ए टू जेड तुष्टिकरण की शादी तो हो नहीं पाएगी ठीक है पहला कारण तो यह अगली बार आज क्या होता है कि जैसे ब्वॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड की लड़कों की शादी हो गई है ना ठीक है तुमसे शादी होती है तो देखिए हमेशा से ध्यान रखें इस दुनिया में कोई संपूर्ण नहीं है ना कि की शादी के बाद क्या होता है कुछ समय तक उनके संबंध अच्छा चलते हैं लेकिन एक-दो को जानने पहचानने के बहुत से बोरियत महसूस होती है ना ठीक है क्योंकि मैंने भी पता है कि संपूर्ण ही दुनिया में ना ठीक है आपने नया मोबाइल लाया ना कुछ क्षण उपयोग करने के बाद आपको से बोरियत महसूस हो गई यह सब फंक्शन आपको पता चल गया ना ठीक है सर मानव संबंध में होता है ना शादी के बाद क्या होती है सब पहचान उड़ा सकते हैं पूर्ण होने के बाद फिर लगाता व्यक्ति का मन भरा जाता है फिर वह क्या करता है वही जो अपने रिलेशनशिप की बात बताई कि वह शादी के बाद ही दूसरे से संबंधित बातचीत करते हैं ठीक है तो ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

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1:56
मेरे खुशी-खुशी दिल में रहने वाले भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से याद प्यार स्वीकार करना जी तो क्वेश्चन है कि जीवन में खुशी की मौत तूने तो लोग खुशी क्यों नहीं मांग रहे हैं इसको पहले समझ लेते हैं ना लेकिन क्या होता है मैंने इसके उत्तर में बता चुका हूं खुशियां अपना एक खुशी आनंद प्यार समाज का तीर्थ स्थान अमृता हमारे नेचर गुण है लेकिन हमारे जन्म ज्यादा होने के कारण धीरे-धीरे इन गुणों से हमारी स्मृतियां होने लग गई मने की आवाज रेडी क्या यह हमारे पास है जिसे कस्तूरी मृग देखा ना तो उसकी जो खुशबू के लिए वह मुर्ग मैंने जो हीरोइन है बल्कि उस खुशबू को ढूंढने के लिए बाहर भागता रहता बल्कि रहते उसके शरीर के अंदर ही वैसे इन गुणों का है ठीक है तो व्यक्ति क्या कर रहा है इन चीजों के बाहर बाहर की वस्तुओं में ढूंढ रहा है ठीक है अब बाहर की वस्तुओं के लिए चाहिए उसको क्या पैसा हो सकती है ना ठीक है कि पैसा क्या करेगा वह वस्तुएं और चीजें खरीदेगा उन्होंने फिर वह थिंकिंग बना ली ना कि पूरी दुनिया समाज वैसा ही कर रहा है फिर भी खुशियां आपको कहां मिल रही है सब खुशी के पीछे दौड़ रहे हैं रोज नई-नई चीजें बन रही है फिर भी लोगों का मन नहीं भरा था लोग खरीद रहे हैं तो इसका यह कारण हो सकता है यह हम क्या कर रहे हैं हमारे नेचर * जो रहते हैं उन गुणों का कर्मों में उपयोग नहीं कर रहे हैं उनको साधनों में ढूंढ रहे हैं कि साधनों का उपयोग भी करना जरूरी है ठीक है लेकिन साधन भी सब कुछ नहीं है उनका उपयोग जरूर करें ठीक है खुशी से करे गुणों से करें और नहीं भी हो तो कोई बात नहीं पर या जरूर करें ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए खुशी-खुशी से धन्यवाद ओके

#जीवन शैली

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क्या इंसान की इच्छा है इंसान को गलत काम करने पर विवश कर सकती है?Kya Insaan Kee Icha Hai Insaan Ko Galat Kaam Karne Par Vivash Kar Sakti Hai
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2:04
मेरे पति दिल खुशनुमा भाइयों और बहनों को गिरी जी की तरफ से यात्रा शिकार करना जी तनोट जरूर नहीं मेरे उत्तर को आप स्वीकार कर लेना ठीक है तो इसमें सबसे पहले इच्छा शब्द आया हुआ ना तो इच्छा के बारे में थोड़ा समझ लेना इच्छा के लिए तो वैसा ही बोल गया अच्छा अच्छा नहीं बढ़ने देती है ना ठीक है तो कब क्वेश्चन क्या इंसान की इच्छा है इंसान को गलत काम करने पर विवश करती है ना ठीक है देखिए हम उनकी गलत कार्य क्यों करते हैं सकरी जाने क्या होता है कि जो इस दुनिया में कलयुग में रह रहे हैं वह जो वातावरण है प्लस साथ में बनेगी विकृतियां विकार कौन से काम क्रोध मोह लोभ अहंकार है ना ठीक है जो मैंने विकारों का भ्रम बताया तो विकारों की सही पहचान नहीं होने के कारण और इन विकारों की भोसारी ब्रांच होती है जिसे क्रोध है तो क्रोध में भोसारी ब्रांच ऐसे लोगों पर ऐसी बहुत सारी है तो क्या होता है उन सभी के अज्ञानता के वंश को परखने का कारण के भाषण गलत कार्य करते हैं यह तो हमें समझना चाहिए ना अगर हम कर भी रहे हैं ठीक है इसलिए गलत काम करता है तो फिर क्या बनाए गए कानून पुलिस है ना यह चीजें बनाई गई है ना ठीक है और इसके बारे में आपको पता है कि सच में ना तो कोई डॉक्टर है थाना जेल देती ना पुलिस रहती है क्योंकि वहां क्या है आत्मा से तो प्रधान की स्टेज मिली थी वह विकार नहीं होते हैं तो कहने का तात्पर्य यह तो कलयुग का प्रभाव भी रहता है दूसरा जो पांच विकार है काम क्रोध मोह लोभ अहंकार है ना ठीक है और एक और में रीजन बताना चाहता हूं क्या था कि पूर्व जन्म में भी हमारा कोई आत्मा से हिसाब किताब रहता है ठीक है इसलिए वह भी बदले की भावना से भी यह कार हम करते हैं तो सब प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स और शुक्रिया

#जीवन शैली

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1:37
तो मेरे अति मधुरता युक्त भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से याद प्यार स्वीकार करना जी नोट जरूर नहीं सूत्र का शिकार कर लेना क्वेश्चन विषय में अपने सुख के साधनों में खुशी मिलती है ना इसको पहले समझ लेते हैं ना कि क्या होता है जो भी सावधान रहते हैं तो यह जो भी साधन निर्देश संबंधित रहते हैं क्या होता है इन चीजों को खरीदने के बाद उपयोग करने से मुंह से अटैच हो जाते हैं इसमें जुड़ा होना ठीक है किशन जुड़ाव महसूस कर लेते हैं फिर हमको उनसे खुशी मिलती है ना ठीक है अब दूसरी बातें दूसरों के सुख के साधनों को देखकर हमें खुशी का नंबर क्यों नहीं होता है दिल क्या होता है जब हम अपने साधनों का उपयोग करते हैं तो उसको इस तरह से मानते हैं ना ठीक है वह साधन कैसा भी हो क्योंकि उसमें अपना अभी तो रहता है साथ साथ में गोविंद घमंड है ना ठीक है इसलिए फिर क्या होता हम दूसरों को साधना को देखकर मैं खुशी नहीं होती है कि हमारा साधन अच्छा है हम मंजू यूज कर रहे हो नंबर वन है उसी कमी और खामियां में हम निकालते रहते हैं क्योंकि यह चीज हमें फिर क्या है इस समाज से दुनिया और बच्चों से भी सिखाई गई है अरे देखी है वह भी मालूम है हम भी माना हुए हैं ना वह भी उस चीज का साधन का उपयोग कर रहा है ना थोड़ा सा कुछ उसमें डिफरेंस होगा ठीक है तो ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

#जीवन शैली

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क्या दिल टूटने के बाद इंसान सफल होने की पूरी कोशिश करने लगता है?Kya Dil Tutne Ke Baad Insaan Safal Hone Ki Puri Koshish Karne Lagta Hai
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1:53
मेरे सभी सफल भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से यात्रा शिकार करना जी तो नोट जरूर नहीं विरुद्ध रुको आप स्वीकार कर लेना ठीक है सकुचा दिल टूटने के बाद इंसान सफल होने की पूरी कोशिश करने लगता है ना ठीक है देखिए सबसे पहली बात तो सब ठीक तो है ही नहीं क्योंकि सच्ची में देवी देवता को तो सफलता का जन्मसिद्ध अधिकार वाला बनेगी वाक्य वहां पर घोषित होता है जभी तो हम देवी देवताओं को पूजे जाते कि कुछ सफल थे उनका हाथ ऊपर रहता हमेशा ठीक है पर आप उनको अपना हाथ उनके आगे नीचे रहता है क्योंकि वह सफल थे वह आशीर्वाद देने को ठीक है तुम तो सफलता और यहां तो दिल टूटेगा कि कलयुग में तो दुख है ना कलयुग में सुख थोड़ी है ना दूसरी बात मैंने कभी उत्तर में बताया है देखिए आप अगर आप और सफल नहीं होंगे ना तो आपकी कमी हमें आपको कैसे पता चलेगी लेना ठीक है और जब हमने जिसे खुशी है आनंद है धीरज ता है मुस्कुराहट है तो अगर आपको दुख नहीं होगा ना तो दुख से ऊंचा उठने के बाद आपको यह चीज महसूस होगी तभी तो खुशी आनंद प्यार का प्रभु कर पाएंगे ठीक है तो यह चीज होना भी जरूरी दिल टूट ना तभी आप ही खुशी आनंद प्यार चीजों को महसूस करना करेंगे क्योंकि यह हमको चाहिए फिर हमने किस चीज से टूटते हैं दुखी होते हैं फिर से उस को सफल करने में लग जाते हैं क्योंकि हमें वह चीज चाहिए जिससे हमें प्यास लगती तो बिना पानी क्यों नहीं रह सकते उसी प्रकार हमारे जीजू होने प्यार शांति समाज सहनशीलता तीरथ नम्रता तो दिल टूटने के बाद हमको वापस प्राप्त करने के लिए सार्थक प्रयास करते हैं तो प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

#जीवन शैली

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क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है?Christmas Day Kyun Manaya Jata Hai
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1:21
मेरे पति लाडले भाई और बहनों को गिरी जी की तरफ से याद किया शिकार करना तनोट जरूर नहीं में उत्तर को स्वीकार कर लेना कुछ नहीं क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है ना देखिए से आम धारणा है कि यह प्रभु मैंने जो इसा मसीह उनके जन्मदिन के उपलक्ष में क्रिसमस डे बनाया जाता है ना हो तो एक कारण हो गया अभी फोटो डालता लिया है कि टाटा लेस मीनिंग हो सकता है सतयुग त्रेता द्वापर कलयुग में जितने धाराम आए वह टाल टाल यो का सूचक हो सकता है ना ठीक है अब जो चार चक्र सतयुग त्रेता द्वापर कलयुग तो वह मैंने आत्मा का सूचक है तो हम सब आत्मा इन चारों चक्र में आ चुकी है तो ऐसा मैंने मैंने कि मैंने कहीं पढ़ा था यह सोचा ऐसा हो सकता है सतीश प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स और शुक्रिया साथी आप सभी लोग आगे बढ़ते रहें यही शुभकामनाओं सहित

#जीवन शैली

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2:22
मेरे सभी भाग्यवान भाइयों और बहनों को गिरी जी की तरफ से आज का शिकार करना जी तो क्वेश्चन है क्यों माना जाता है कि समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कभी किसी को कुछ हासिल नहीं हो पाता है ना इसके उदाहरण समझे कि जैसा आपने कहा आम का वृक्ष होता है ना तो एक निश्चित अवधि के बाद फल देगा है ना ठीक है कभी आपको जो जन्म मिला है ना तो आपको जो जन्म में पूर्व जन्म में जो आपने कर्म करे थे अच्छे या बुरे हैं ना उसके आधार पर आपको जीवन मिलता है ना ठीक है और उसके अच्छे कर्म की भूख ना आपको भूख नहीं है ना इसमें परमात्मा भी कुछ नहीं कर सकते कर सकता है इससे बताया है समय और भाग्य से ज्यादा नहीं मिलता है ठीक है हो सकता है कि पूर्व जन्म में आपने जो चक्कर में करें उसका अपमान की प्रारब्ध बोलेंगे और जो ने अपने अनजाने अनजाने में विक्रम करें थे उनका आपको मैंने भोगना भोगनी पड़ेगी लेकिन अगर आप उस को सकारात्मक रूप से परमात्मा की याद में करेंगे तो भोगना तो आएगी लेकिन आप उसको अच्छी तरह से हैंडल कर सकते हैं ना ठीक है गीता में भी लिखा है जो होगा अच्छा होगा जो राव बहुत अच्छा होगा ना मने हर चीज फिक्स है ठीक है लेकिन क्या होता है बाकी जो है आपका भाग्य को भी आपको किस करना पड़ेगा दूसरी बात आपको भाग्य भाग्य भाग्य को आपने ज्यादा खर्च कर दिया तो वह भी मैंने कि खत्म होते जाएगा बच्चेदानी जिससे आपके पास जब मैं पैसा खराब खर्च करता गया तो खर्चा होते जाएगा अगली बार अभी जो आप कर रहे हो अब इसमें कुछ चेंज नहीं हो सकता है अगर आप भी अच्छा कर रहे हो तो अगले जन्म में आपको कुछ अच्छा प्राप्त होगा दान भी करते हैं यह भी करते हैं तो क्या सोचते कि उसका अभी फायदा मिलता नहीं उसका आपको आगे का जन्म मिलेगा और पूर्व जन्म में जो आपने दान करा था अच्छे कार्य करा था उसकी प्रारंभ होकर आपको अभी मैंने मिलती है ठीक है तो अपने कार्य को आप समतुल्य था से करें ना पाप और पुण्य को समझ कर कार्य करें तो निश्चित ही अभी इस समय इस जन्म में आप संतो लेता से अच्छी तरह से जीवन जी सकेंगे तो प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद थैंक्स और शुक्रिया

#जीवन शैली

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हम जीवन में एक समान खुशी कैसे पा सकते हैं?Hum Jeevan Mein Ek Samaan Khushi Kaise Pa Sakte Hain
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2:08
मेरे दिल के स्नेही भाइयों और बहनों को गिरीश जी की तरफ से अब प्यार स्वीकार करना जी तो आप सभी कैसे हैं तो इस क्वेश्चन में सबसे पहले हम खुशी को समझ लेते खुशी क्या होती है ना देखिए खुशी हम मनुष्य जीवन के गुण हैं ना ऐसे खुशियां आनंद विहार समाज सहनशीलता धीरे रामरतन ठीक है हमारे निजी गुण है ना ठीक है वास्तव में क्या गुणों को हम खो चुके हैं उनको ढूंढ रहे हैं ना ठीक है अब इसमें पूछा सामान खुशी के लिए क्या करें ना तो लिखिए सेटिंग जो रहता है सतयुग करता है सतयुग त्रेता में विकार नहीं रहते हैं तो अधिकार नहीं होने कारण खुशी एक समान रहती है ना ठीक है बल्कि जी सब युग में जी रहे हैं कलयुग तो कलयुग में पांच कारों का बोलबाला है कौन से काम क्रोध मोह लोभ अहंकार तो इन विकारों के कारण है हमको अपनी खुशी प्राप्त हो नहीं पाती है ठीक है बिकाऊ करण बुरे कर्म होते और हमारी खुशी गायब हो जाती है दूसरी बातें खुशियां मना नहीं जी कौन है जो हम दूसरों में ढूंढ रहा है ना ठीक है आपकी खुशी क्या मिल तो सकती नहीं आपको सामान तो दिखी सतयुग में रहती है तो हम यह कर सकते हैं कि अपने कार्यों को ना खुशी से करें ठीक है अगली बार देखे कलयुग में कुछ कुछ क्षण के लिए खुशी रहेगी हमेशा के लिए नहीं रहेगी तुझे दुख भी आए हैं ना तो दुख में भी आपको खुशी ढूंढना है ना कि कलयुग को बोलते कला का योग गुड्डू का यह खुशी भी आएगी तो नाम मात्र की आएगी तो दुख स्वीकार करें आप स्वीकार नहीं करते तो दुख अशांति को स्वीकार करें और मैंने उसमें से आप कुछ सीखें खुशी धीरज आदि गुणों को मने सीखे उस परिस्थिति स्थिति में तभी हो सकता है एक सार्थक प्रयास द्वारा आप समान भूसी को अनुभव करने का प्रयास करें तो ऐसा हो सकता है प्रश्न पूछने के धन्यवाद थैंक्स शुक्रिया

#जीवन शैली

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सभी लोग मुझे समझ क्यों नहीं पाते?Sabhi Log Mujhe Samajh Kyun Nahin Paate
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2:53

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ईश्वर हमारे पास है या हमसे दूर है इसका पता हम कैसे लगाए?Ishvar Humare Paas Hai Ya Humse Door Hai Iska Pata Ham Kaise Lagaye
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2:15

#धर्म और ज्योतिषी

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2:27

#धर्म और ज्योतिषी

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कर्मफल के परिणाम में विफल क्यों होता है?Karmaphal Ke Parinaam Mein Viphal Kyon Hota Hai
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2:03

#धर्म और ज्योतिषी

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इंसान अपने कर्म बंधन से मुक्त कैसे हो सकता है?insaan apane karm bandhan se mukt kaise ho sakata hai
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2:22

#धर्म और ज्योतिषी

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पीपल के वृक्ष को देवता क्यों माना जाता है?peepal ke vrksh ko devata kyon maana jaata hai
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1:43

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मानसिक परेशानी में अच्छे बुरे कार्यों का ज्ञान नहीं होता?Maanasik Pareshaanee Mein Achchhe Bure Kaaryon Ka Gyaan Nahin Hota
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1:56

#धर्म और ज्योतिषी

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क्या ईश्वर सबकी सुनता है और हर पल हमें देखता रहता है?kya eeshvar sabakee sunata hai aur har pal hamen dekhata rahata hai
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2:24

#धर्म और ज्योतिषी

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प्रत्येक निराशा में छुपी है आशा क्या यह बात सत्य है?Pratyek Nirasha Mein Chupi Hai Aasha Kya Yah Baat Saty Hai
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1:53

#धर्म और ज्योतिषी

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अच्छा कर्म करने के बाद भी अगर इंसान को सम्मान ना मिले तो उसे दुख क्यों होता है?achchha karm karane ke baad bhee agar insaan ko sammaan na mile to use dukh kyon hota hai
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1:54

#धर्म और ज्योतिषी

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जिस समस्या का कोई समाधान ना हो क्या उसे ईश्वर के भरोसे छोड़ देना चाहिए?Jis Samasya Ka Koi Samadhan Na Ho Kya Use Ishvar Ke Bharose Chod Dena Chaiye
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1:51

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हमारे मन में ईश्वर के लिए इतना विश्वास क्यू है।?Hamaare Man Mein Eeshvar Ke Lie Itana Vishvaas Kyoo Hai.
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2:23

#धर्म और ज्योतिषी

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क्या मंदिर में सबसे पहले पूजा करने से ज्यादा पुण्य मिलता है?Kya Mandir Mein Sabse Pehle Pooja Karne Se Jyada Puny Milta Hai
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0:58

#धर्म और ज्योतिषी

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2:28
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