#जीवन शैली

bolkar speaker
जिंदगी कभी दूसरा मौका नहीं देते क्या यह सच है?Zindagi Kabhi Dusra Mauka Nahin Dete
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
1:30
सवाल है कि जिंदगी कभी दूसरा मौका नहीं देती है यह सच है तू ऐसा कुछ नहीं है दोस्त चॉइस आपके पास है अगर आपके पास 24 ही नहीं तो मौका ही नहीं है फिर आपके पास चॉइस है तो हमेशा एक मौका है अगर आपने भिन्न का सवाल में 1 तरीके से समझ भी रहूंगी करने वालों के जो काम बहुत से मतलब निकलते एक जगह मतलब निकलता है नौकरी का एक जगह मतलब निकलता है कि आपने टाइम पर दारू पिए नशा किया और एक बार आप मतलब बहुत ही ज्यादा क्रिटिकल स्टेज पर आ गए और उसके बाद भी अगर आपको चीज को नहीं छोड़ रहे तो आप को मौका नहीं मिलेगा तो यहां पर यह बात बिल्कुल सही बैठती हो अगर आप कोई ना चाहो तो बात कर रहे हैं और उसका जो असर है वह आपके शरीर पर बहुत ही बुरा पड़ गया और उसके बाद भी आप नहीं तो तुम जी भाई दूसरा मौका नहीं देगी तुम कितना चलेगा लेकिन आपके लक्ष्य का सीन है अगर कभी कोई लक्ष्य नहीं होता तो यह नहीं कि जिंदगी आपको लक्ष्य है लक्ष्य तो आप खुद तय कर खुद बनाते हैं तो ऐसे जियो और आप कुछ भी कर सकते हैं धन्यवाद इसके बाद में बात कीजिए और कोई ज्यादा बात ही नहीं है बाकी अगर नीचे से पूछा गया यह सवाल तो भाई छोड़ बाकी जिंदगी में कुछ बोल देती है कामयाब
Savaal hai ki jindagee kabhee doosara mauka nahin detee hai yah sach hai too aisa kuchh nahin hai dost chois aapake paas hai agar aapake paas 24 hee nahin to mauka hee nahin hai phir aapake paas chois hai to hamesha ek mauka hai agar aapane bhinn ka savaal mein 1 tareeke se samajh bhee rahoongee karane vaalon ke jo kaam bahut se matalab nikalate ek jagah matalab nikalata hai naukaree ka ek jagah matalab nikalata hai ki aapane taim par daaroo pie nasha kiya aur ek baar aap matalab bahut hee jyaada kritikal stej par aa gae aur usake baad bhee agar aapako cheej ko nahin chhod rahe to aap ko mauka nahin milega to yahaan par yah baat bilkul sahee baithatee ho agar aap koee na chaaho to baat kar rahe hain aur usaka jo asar hai vah aapake shareer par bahut hee bura pad gaya aur usake baad bhee aap nahin to tum jee bhaee doosara mauka nahin degee tum kitana chalega lekin aapake lakshy ka seen hai agar kabhee koee lakshy nahin hota to yah nahin ki jindagee aapako lakshy hai lakshy to aap khud tay kar khud banaate hain to aise jiyo aur aap kuchh bhee kar sakate hain dhanyavaad isake baad mein baat keejie aur koee jyaada baat hee nahin hai baakee agar neeche se poochha gaya yah savaal to bhaee chhod baakee jindagee mein kuchh bol detee hai kaamayaab

#जीवन शैली

bolkar speaker
कुछ बुजुर्गों को नए जमाने की हर बात बुरी लगती है क्या उनकी यह आदत सही है?Kuch Bujurgon Ko Naye Jamane Ki Har Baat Buri Lagti Hai Kya Unki Yah Adat Sahi Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
इसमें कहा है इस सवाल किया गया है कि कुछ बुजुर्गों को नए जमाने की हर बात बुरी लगती है क्या यह उनकी आदत सही है तो मैं कहूंगा नहीं है बिल्कुल हमारे जमाने में बहुत सी चीजें अच्छी हैं तो बहुत ही चीजें गलत भी है और यह सही और गलत तो हमेशा रहेगा मैं तो यह कहता हूं कि जो हमारे बुजुर्ग दे यह जो बुजुर्ग हैं उन्होंने तो हमें कोई ऐसी नॉलेज की थी जिससे हम अपने आप को सही बना सके मैं अपने आप को देख कर बता रहा हूं और अपने सामने जो समाज मेरे को दी दिखाई देता है उसे देख कर मैं नहीं आ कलंदर रिचार्ज बुजुर्गों की ही बहुत ही गलत बातें थी जिनकी वजह से आज हम इतना नहीं जानता तो चाहिए ना यार अगर आप बचपन से ही आपको आपके मां-बाप यह सिखाते हैं मुझे आपके मां-बाप को उनके मां-बाप यह सिखाते कि हमेशा पूजा करनी चाहिए भगवान से डरना नहीं चाहिए भगवान से प्रेम रखना चाहिए योग का अगर हुई यह बातें आप को समझाते तो मैं भी आज जो समाज है वह ऐसा नहीं होता बल्कि मैं तो यह देख रहा हूं कि आज के टाइम पर जो बुजुर्ग भी काफी दादा ऐसे योगी जी ने योग के बारे में कोई नॉलेज नहीं है तो किस बात की फिर वह बुजुर्ग सिर्फ लाइट को एक तरीके से जीना और अपनी उम्र को बढ़ा लेना अपनी उम्र के बाद पर जाने के बाद आपके पास नॉलेज आजा यार यह तो सही नहीं है ना मेरी नजर में समझदार वह नहीं है जिसकी उम्र बहुत बढ़ जाए समझदार वह है जो हर बात को समझते हो कि मैं कोई भी हो तो इसलिए मुझे अच्छा नहीं लगता कि जो पिछले टाइम में जो बुजुर्ग लोग थे उन्होंने क्यों नहीं हमारी संस्कृति को इतना आगे बढ़ा एक जगह तो वह कहते हैं कि हमारे जमाने की चीज अच्छी नहीं लगती लेकिन दूसरी जगह उन्होंने हमें उन्होंने अपनी संस्कृति को हम तक पहुंचा या नहीं पहुंचा लोग अपनी मस्ती में मगन मत इसलिए आज हम लोग ऐसी सिचुएशन में आगे की जहां पर हमारा जो जीवन है वह बिल्कुल बेकार हो चुका है तो आज हमारा जो इसका आकलन मैं आपको बता दूं आने वाली दादी या 50 सालों में लोग 50 से 60 साल या 40 साल की उम्र में ही बुड्ढे होने लग जाएंगे तो इस अब मैं उन बुजुर्गों की गलती मानता हूं कि क्यों नहीं दी उन्होंने हमारी संस्कृति हमेशा बहुत से लोग नेतागिरी में रह गए अपनी मगन मस्ती में रहेगी कभी किसी ने बताया कि यह भी एक संस्कृति पिछले जमाने के बुजुर्ग लोग हैं उनकी वजह से पूरे कपड़े पहनने से संस्कृति नहीं आ जाती संस्कृति आती है आपके मन से आपकी आत्मा से बस इतना ही कहना चाहूंगा धन्यवाद
Isamen kaha hai is savaal kiya gaya hai ki kuchh bujurgon ko nae jamaane kee har baat buree lagatee hai kya yah unakee aadat sahee hai to main kahoonga nahin hai bilkul hamaare jamaane mein bahut see cheejen achchhee hain to bahut hee cheejen galat bhee hai aur yah sahee aur galat to hamesha rahega main to yah kahata hoon ki jo hamaare bujurg de yah jo bujurg hain unhonne to hamen koee aisee nolej kee thee jisase ham apane aap ko sahee bana sake main apane aap ko dekh kar bata raha hoon aur apane saamane jo samaaj mere ko dee dikhaee deta hai use dekh kar main nahin aa kalandar richaarj bujurgon kee hee bahut hee galat baaten thee jinakee vajah se aaj ham itana nahin jaanata to chaahie na yaar agar aap bachapan se hee aapako aapake maan-baap yah sikhaate hain mujhe aapake maan-baap ko unake maan-baap yah sikhaate ki hamesha pooja karanee chaahie bhagavaan se darana nahin chaahie bhagavaan se prem rakhana chaahie yog ka agar huee yah baaten aap ko samajhaate to main bhee aaj jo samaaj hai vah aisa nahin hota balki main to yah dekh raha hoon ki aaj ke taim par jo bujurg bhee kaaphee daada aise yogee jee ne yog ke baare mein koee nolej nahin hai to kis baat kee phir vah bujurg sirph lait ko ek tareeke se jeena aur apanee umr ko badha lena apanee umr ke baad par jaane ke baad aapake paas nolej aaja yaar yah to sahee nahin hai na meree najar mein samajhadaar vah nahin hai jisakee umr bahut badh jae samajhadaar vah hai jo har baat ko samajhate ho ki main koee bhee ho to isalie mujhe achchha nahin lagata ki jo pichhale taim mein jo bujurg log the unhonne kyon nahin hamaaree sanskrti ko itana aage badha ek jagah to vah kahate hain ki hamaare jamaane kee cheej achchhee nahin lagatee lekin doosaree jagah unhonne hamen unhonne apanee sanskrti ko ham tak pahuncha ya nahin pahuncha log apanee mastee mein magan mat isalie aaj ham log aisee sichueshan mein aage kee jahaan par hamaara jo jeevan hai vah bilkul bekaar ho chuka hai to aaj hamaara jo isaka aakalan main aapako bata doon aane vaalee daadee ya 50 saalon mein log 50 se 60 saal ya 40 saal kee umr mein hee buddhe hone lag jaenge to is ab main un bujurgon kee galatee maanata hoon ki kyon nahin dee unhonne hamaaree sanskrti hamesha bahut se log netaagiree mein rah gae apanee magan mastee mein rahegee kabhee kisee ne bataaya ki yah bhee ek sanskrti pichhale jamaane ke bujurg log hain unakee vajah se poore kapade pahanane se sanskrti nahin aa jaatee sanskrti aatee hai aapake man se aapakee aatma se bas itana hee kahana chaahoonga dhanyavaad

#जीवन शैली

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
थोड़ी देर पहले किसी ने ऐसा ही सवाल किया था कि इंसान अक्सर बुराइयों को ही क्यों ज्यादा महत्व देता है यह बुराई की तरफ ही बुराइयों को ही क्यों सुनना चाहते तो ठीक है ऐसी ही यह भी सवाल है कि इंसान अक्सर तक रात मक को छोड़कर नकारात्मकता की ओर अधिक क्यों खींचता है तो दोस्त यह इसलिए है इसका जवाब भी कुछ वैसे ही है जैसे मैंने अभी पहले सवाल का दिया इसका जवाब यह है कि हम हमेशा बुराइयों को देखना चाहते हैं हम अगर कहीं चल रहे हैं और कहीं पर झगड़ा हो रहा है तो हम रुक जाते हैं उसे देखने के लिए किसी की बुराई हो रही हो तो आप उसे सुनने में ज्यादा मजा आनंद लेते हैं लेकिन ऐसे इंसान ज्यादा नहीं है मैं यह भी जानता हूं बहुत से इंसान ऐसे हैं जिन्हें इन बातों से कोई मतलब ही नहीं अगर कोई लड़ रहा है और अगर वह से रोक सकते हैं अगर उन्हें लगता है कि किसी पर गलत हो रहा है या चार मिलकर किसी एक को मार रहे हैं तो वह इंसान उन्हें वहां पर जाके बचाने की कोशिश करता है ना कि मैं खड़ा होकर देखता है तू अगर वह इंसान यह करता है तो यह नकारात्मक ता है सॉरी सकारात्मकता है और अगर वह खड़े होकर वहां देखता है और उनकी बुराइयां सुनता है हमेशा बुराइयों को ऑब्जर्व करता है तो यह एक नकारात्मकता है इसलिए इंसान नकारात्मकता की और किस तरह नकारात्मकता की ओर खींचना एक आंसर और भी है कि इंसान हमेशा अपने बारे में तो अच्छा ही सुनना चाहता है लेकिन दूसरे के बारे में उसे बुराई सुनने में ज्यादा मजा आता है इसीलिए ऐसी आदतों की वजह से नकारात्मकता की ओर खींचने लग जाता है वह हमेशा बुराइयों को देखना चाहते हैं कहीं झगड़ा और है उसे देखना चाहता है खड़ा होके कहीं किसी को गाली सुनाई जा रही है कि नहीं मोहल्ले में झगड़ा हो रहा तो वह उसे देखना अच्छा लगता है तो यही सब चीज आपको नकारात्मकता की ओर ले के चली जाती है लेकिन अगर इसी की जगह आप यह सोचे कि मैं हमेशा अच्छी चीजों को देखो यह सही जोहोरा मुझे नहीं देखना मुझे इससे कुछ नहीं मिलेगा मेरा मन खराब होगा तो ऐसा इंसान एक अच्छा जीवन जी सकता है क्योंकि ऐसे ही इंसान जीवन को जीते हैं जो हमेशा बुराइयों की ओर खींचते हैं आकर्षित होते हैं यह जीवन को जी नहीं रहे दोस्त यह तो जीवन को काट रहे जीवन को क्या जी क्या फायदा इसीलिए मैं हमेशा कहता हूं कि आप हमेशा अच्छाइयों को साफ करने की कोशिश कीजिए इससे आप में बुढ़ापा काम आएगा देखो दोस्त पूरा शरीर होता है मन कभी बूढ़ा नहीं होता हम कहते थे कि बुढ़ापे में अक्सर बुड्ढे सठिया जाते हैं लेकिन शास्त्र कहते हैं कि मन दिमाग कभी बूढ़ा नहीं होता बुरा होता है आपका शरीर दिमाग तो इसलिए बूढ़ा हो जाता है क्योंकि आपने अपने अंदर नखरा थकता ही नहीं डालनी है इसलिए हमेशा अपने आप को सकारात्मक था की ओर खींचने की कोशिश कीजिए आप भारत में रहते हैं भारत की संस्कृति को पहचानने की कोशिश कीजिए मुस्लिम है तो
Thodee der pahale kisee ne aisa hee savaal kiya tha ki insaan aksar buraiyon ko hee kyon jyaada mahatv deta hai yah buraee kee taraph hee buraiyon ko hee kyon sunana chaahate to theek hai aisee hee yah bhee savaal hai ki insaan aksar tak raat mak ko chhodakar nakaaraatmakata kee or adhik kyon kheenchata hai to dost yah isalie hai isaka javaab bhee kuchh vaise hee hai jaise mainne abhee pahale savaal ka diya isaka javaab yah hai ki ham hamesha buraiyon ko dekhana chaahate hain ham agar kaheen chal rahe hain aur kaheen par jhagada ho raha hai to ham ruk jaate hain use dekhane ke lie kisee kee buraee ho rahee ho to aap use sunane mein jyaada maja aanand lete hain lekin aise insaan jyaada nahin hai main yah bhee jaanata hoon bahut se insaan aise hain jinhen in baaton se koee matalab hee nahin agar koee lad raha hai aur agar vah se rok sakate hain agar unhen lagata hai ki kisee par galat ho raha hai ya chaar milakar kisee ek ko maar rahe hain to vah insaan unhen vahaan par jaake bachaane kee koshish karata hai na ki main khada hokar dekhata hai too agar vah insaan yah karata hai to yah nakaaraatmak ta hai soree sakaaraatmakata hai aur agar vah khade hokar vahaan dekhata hai aur unakee buraiyaan sunata hai hamesha buraiyon ko objarv karata hai to yah ek nakaaraatmakata hai isalie insaan nakaaraatmakata kee aur kis tarah nakaaraatmakata kee or kheenchana ek aansar aur bhee hai ki insaan hamesha apane baare mein to achchha hee sunana chaahata hai lekin doosare ke baare mein use buraee sunane mein jyaada maja aata hai iseelie aisee aadaton kee vajah se nakaaraatmakata kee or kheenchane lag jaata hai vah hamesha buraiyon ko dekhana chaahate hain kaheen jhagada aur hai use dekhana chaahata hai khada hoke kaheen kisee ko gaalee sunaee ja rahee hai ki nahin mohalle mein jhagada ho raha to vah use dekhana achchha lagata hai to yahee sab cheej aapako nakaaraatmakata kee or le ke chalee jaatee hai lekin agar isee kee jagah aap yah soche ki main hamesha achchhee cheejon ko dekho yah sahee johora mujhe nahin dekhana mujhe isase kuchh nahin milega mera man kharaab hoga to aisa insaan ek achchha jeevan jee sakata hai kyonki aise hee insaan jeevan ko jeete hain jo hamesha buraiyon kee or kheenchate hain aakarshit hote hain yah jeevan ko jee nahin rahe dost yah to jeevan ko kaat rahe jeevan ko kya jee kya phaayada iseelie main hamesha kahata hoon ki aap hamesha achchhaiyon ko saaph karane kee koshish keejie isase aap mein budhaapa kaam aaega dekho dost poora shareer hota hai man kabhee boodha nahin hota ham kahate the ki budhaape mein aksar buddhe sathiya jaate hain lekin shaastr kahate hain ki man dimaag kabhee boodha nahin hota bura hota hai aapaka shareer dimaag to isalie boodha ho jaata hai kyonki aapane apane andar nakhara thakata hee nahin daalanee hai isalie hamesha apane aap ko sakaaraatmak tha kee or kheenchane kee koshish keejie aap bhaarat mein rahate hain bhaarat kee sanskrti ko pahachaanane kee koshish keejie muslim hai to

#जीवन शैली

bolkar speaker
इंसान किसी की बुराई सुनने में इतनी दिलचस्पी क्यों रखता है?Insan Kisi Ki Burai Sunne Mein Itne Dilchaspi Kyun Rakhta Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
बहुत ही अच्छा है कि इंसान किसी की बुराई सुनने में इतनी दिलचस्पी क्यों रखता है इसका सरल सा जवाब यही है कि उसे खुद की अच्छाई ज्यादा अच्छी लगती है मुझे खुद की अच्छाई सुनना ज्यादा पसंद है इसलिए हम किसी की अच्छाई सुनना इतना पसंद नहीं करते जितना कि उसकी बुराई तो बुराई सुनने की आदत होती है बहुत ज्यादा इंसान नहीं है ऐसा भी नहीं है कि सभी ऐसे हैं बहुत ऐसे लोग हैं जो लोगों की अच्छी बातें भी तुमने सुनना पसंद करते हैं लोगों की का मतलब हमेशा जो अच्छी बातें करना पसंद करते अच्छी आदतें आदतों को अपनाना पसंद करते हैं तो बुराई सुनने वाले लोग हैं ना तो बुराई को सुनने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं असल में उनका मन बुराइयों से भर जाता है क्योंकि आप जैसा सुन रहे हो वैसा ही आप जो भी करोगे आप जैसा देखना चाहोगे वैसा ही आप ऑब्जर्व करोगे अगर आप देखना चाह बहुत के नेट नीचे को आप देखना चाहते हो भाई को आप देखना चाहते हैं खूबसूरती को तो यहां पर क्या है आप एक पॉजिटिव एनर्जी को ऑफ करें लेकिन आप उसके देखना चाहते यार किसी का झगड़ा हो जाए तो मैं ठीक हूं जा रहा हूं उसकी बुराई हो रही मैं कहां लगा लूं या कहीं लड़ाई हो रही तो मैं रुक जाता हूं देख लूंगा कैसे कैसे हो रही आपको नेगेटिविटी की ओर ले कर चली जाएगी आपको बुराई की ओर ले कर चली जाती है क्योंकि आप हमेशा बुराई को सुनना बुराई को देखना झगड़ों को देखना उसमें आपको दिलचस्पी आज तिथि क्या है हम नेगेटिविटी को ऑफ कर दो दिन अगर आपने यह चीज बदल दिया अपने अंदर अगर आपने सोचा कि हम सिर्फ एक खूबसूरत ईश्वर की बनाई हुई चीज है जो हमेशा अच्छाइयों के लिए बनी है तो उससे क्या होगा हमें पॉजिटिविटी एनर्जी का एक भंडार जो है सपोर्ट होगा और उसकी वजह से आपको चारों तरफ जो जो अच्छा है वह दिखना शुरू हो जाएंगे और आप उन्हीं की तरफ खींच लेंगे और इससे आपको एक फायदा और अमीर इंसान इस तरीके का जीवन जीता है मतलब कोई लड़ाई नहीं कोई झगड़ा नहीं किसी को गाली नहीं देना किसी की बुराई नहीं करना किसी की बुराई नहीं सुनना ऐसा इंसान जिस तरह लोग अपने जीवन को हंड्रेड एंड 10% पूरी तरीके से जीता है बाकी जो इंसान बुराइयां देखते हैं या इन सभी चीजों में पड़े रहते हैं कि जीवन को जीते नहीं है तो इस जीवन को सिर्फ और सिर्फ काट रहे हैं और ऐसे जीवन काटने वाले कवि ईश्वर के घर पर एक्सेप्ट नहीं किए जाते क्योंकि ईश्वर को भी एक ऐसा इंसान से यह नहीं कहती आत्मा चाहिए जो सिद्ध हो ऐसे इंसान का क्या करना जो इन बुराइयों में अच्छाइयों में हमेशा खड़ा रहेगा उसका ईश्वर कुछ नहीं करते और उसे अपने पास बुलाते भी नहीं
Bahut hee achchha hai ki insaan kisee kee buraee sunane mein itanee dilachaspee kyon rakhata hai isaka saral sa javaab yahee hai ki use khud kee achchhaee jyaada achchhee lagatee hai mujhe khud kee achchhaee sunana jyaada pasand hai isalie ham kisee kee achchhaee sunana itana pasand nahin karate jitana ki usakee buraee to buraee sunane kee aadat hotee hai bahut jyaada insaan nahin hai aisa bhee nahin hai ki sabhee aise hain bahut aise log hain jo logon kee achchhee baaten bhee tumane sunana pasand karate hain logon kee ka matalab hamesha jo achchhee baaten karana pasand karate achchhee aadaten aadaton ko apanaana pasand karate hain to buraee sunane vaale log hain na to buraee ko sunane mein jyaada dilachaspee rakhate hain asal mein unaka man buraiyon se bhar jaata hai kyonki aap jaisa sun rahe ho vaisa hee aap jo bhee karoge aap jaisa dekhana chaahoge vaisa hee aap objarv karoge agar aap dekhana chaah bahut ke net neeche ko aap dekhana chaahate ho bhaee ko aap dekhana chaahate hain khoobasooratee ko to yahaan par kya hai aap ek pojitiv enarjee ko oph karen lekin aap usake dekhana chaahate yaar kisee ka jhagada ho jae to main theek hoon ja raha hoon usakee buraee ho rahee main kahaan laga loon ya kaheen ladaee ho rahee to main ruk jaata hoon dekh loonga kaise kaise ho rahee aapako negetivitee kee or le kar chalee jaegee aapako buraee kee or le kar chalee jaatee hai kyonki aap hamesha buraee ko sunana buraee ko dekhana jhagadon ko dekhana usamen aapako dilachaspee aaj tithi kya hai ham negetivitee ko oph kar do din agar aapane yah cheej badal diya apane andar agar aapane socha ki ham sirph ek khoobasoorat eeshvar kee banaee huee cheej hai jo hamesha achchhaiyon ke lie banee hai to usase kya hoga hamen pojitivitee enarjee ka ek bhandaar jo hai saport hoga aur usakee vajah se aapako chaaron taraph jo jo achchha hai vah dikhana shuroo ho jaenge aur aap unheen kee taraph kheench lenge aur isase aapako ek phaayada aur ameer insaan is tareeke ka jeevan jeeta hai matalab koee ladaee nahin koee jhagada nahin kisee ko gaalee nahin dena kisee kee buraee nahin karana kisee kee buraee nahin sunana aisa insaan jis tarah log apane jeevan ko handred end 10% pooree tareeke se jeeta hai baakee jo insaan buraiyaan dekhate hain ya in sabhee cheejon mein pade rahate hain ki jeevan ko jeete nahin hai to is jeevan ko sirph aur sirph kaat rahe hain aur aise jeevan kaatane vaale kavi eeshvar ke ghar par eksept nahin kie jaate kyonki eeshvar ko bhee ek aisa insaan se yah nahin kahatee aatma chaahie jo siddh ho aise insaan ka kya karana jo in buraiyon mein achchhaiyon mein hamesha khada rahega usaka eeshvar kuchh nahin karate aur use apane paas bulaate bhee nahin

#जीवन शैली

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
सवाल काफी अच्छा है और यह सवाल ही नहीं का नहीं ऐसे बहुत से लोगों का है तो मैं सवाल कहता हूं कि मैं कभी कामयाब नहीं हो पाता यार कुछ भी कर लो कितनी भी मेहनत कर लो कहीं ना कहीं कोई ना कोई कमी रह जाती है तो दोस्तों यह जो सवाल है यह सिर्फ आप ही का नहीं ऐसे बहुत से लोग तो मैं आज आप कोई सवाल का जवाब देने के लिए एक बात बता तो देखो दोस्त जीवन में इस संसार में तो हर एक एक इंसान पड़ेगा चाहे आप इंडिया ले लो अमेरिका ले लो जी ले लो चाहे ना कहीं पर भी आप चले जाइए हमेशा आपको दो तरह के लोग भी एक वह जो अपने रिलीजन के घाट पर भगवान पर अल्लाह पर वाहेगुरु पर विश्वास रखते हैं और एक वह जो इन सभी बातों पर विश्वास नहीं रखते तो आइए देखते कि इन दोनों की जिंदगी किस तरीके की होती है जो ईश्वर में विश्वास नहीं रखता सर मैं मेहनत वह भी कर रहे हैं ईश्वर पर विश्वास रखता है अर्जुन रखता है ईश्वर पर विश्वास खुद को यह सब कुछ मानता है तो क्या होता है कि वह मेहनत करता है हर तरह का काम करने की कोशिश करता है लेकिन सफल नहीं हुआ तो जरूरी नहीं है कि दुनिया में जितने लोग सभी एक बड़ा सपना लेकर पैदा होते हैं और यह भी जरूरी नहीं है कि हर कोई अपने को खा ले तो क्या होता है जो इंसान सिर्फ खुद को ही मानता है क्योंकि देखो या को ईश्वर को मानो या तो खुद को मानो ऐसा ही इंसान कि मैं डिलीट होती है अगर वह ईश्वर में विश्वास रखता है तो वह खुद को कुछ नहीं मानता और अपने आप को सिर्फ ईश्वर के भरोसे रखता है और जो ईश्वर को नहीं मानता वह सब कुछ खुद को ही मानता है तो अब ऐसे में क्या होता है जब ऐसा इंसान है जो ईश्वर में विश्वास नहीं रखता गॉड पर ट्रस्ट नहीं रखता तो ऐसा इंसान जब फेल होता है अपनी लाइफ में मेहनत करता है और फिर भी कुछ ना कुछ कमी रह जाती हो कि काम हो गया तो क्या है कि इन कामों को बनाने के लिए उम्मीद दूसरों से करता है और एक छोटी सी उम्मीद खुद से भी करता है लेकिन इसे फिर भी कामयाबी नहीं मिलती तो ऐसे में क्या है कि एक दिन यह कमजोर पड़ जाता है पॉजिटिव एनर्जी स्टार्टिंग में होती है मेहनत के टाइम पर वह सब नेगेटिव बन जाती है और यह कैसा इंसान बन जाता है जिसमें किसी भी प्रकार का जिज्ञासा नहीं रहती तो ईश्वर पर विश्वास रखते हैं वह हमेशा सोचता है कि अगर कुछ भी गलत काम पड़ता है लेकिन जितनी भी मेहनत का फल होता हूं तो शायद पिछले जन्म के पुराने कर्मों का ही मेरे को फल मिलता है लेकिन उसकी दोस्त कैसी होती उसकी सोच ऐसी होती कि यार शायद मुझे जितना इस टाइम पर मिल रहा है या जितना मेरे को भोगना पड़ रहा है वह ईश्वर के नाम लेने से कम मिल रहे हैं तो इसके अंदर ही रहती है हमेशा की तो बस दोस्ती है या घर ईश्वर को मान लोगे तो शायद एनर्जी हमेशा बरकरार रहेगी और अपना
Savaal kaaphee achchha hai aur yah savaal hee nahin ka nahin aise bahut se logon ka hai to main savaal kahata hoon ki main kabhee kaamayaab nahin ho paata yaar kuchh bhee kar lo kitanee bhee mehanat kar lo kaheen na kaheen koee na koee kamee rah jaatee hai to doston yah jo savaal hai yah sirph aap hee ka nahin aise bahut se log to main aaj aap koee savaal ka javaab dene ke lie ek baat bata to dekho dost jeevan mein is sansaar mein to har ek ek insaan padega chaahe aap indiya le lo amerika le lo jee le lo chaahe na kaheen par bhee aap chale jaie hamesha aapako do tarah ke log bhee ek vah jo apane rileejan ke ghaat par bhagavaan par allaah par vaaheguru par vishvaas rakhate hain aur ek vah jo in sabhee baaton par vishvaas nahin rakhate to aaie dekhate ki in donon kee jindagee kis tareeke kee hotee hai jo eeshvar mein vishvaas nahin rakhata sar main mehanat vah bhee kar rahe hain eeshvar par vishvaas rakhata hai arjun rakhata hai eeshvar par vishvaas khud ko yah sab kuchh maanata hai to kya hota hai ki vah mehanat karata hai har tarah ka kaam karane kee koshish karata hai lekin saphal nahin hua to jarooree nahin hai ki duniya mein jitane log sabhee ek bada sapana lekar paida hote hain aur yah bhee jarooree nahin hai ki har koee apane ko kha le to kya hota hai jo insaan sirph khud ko hee maanata hai kyonki dekho ya ko eeshvar ko maano ya to khud ko maano aisa hee insaan ki main dileet hotee hai agar vah eeshvar mein vishvaas rakhata hai to vah khud ko kuchh nahin maanata aur apane aap ko sirph eeshvar ke bharose rakhata hai aur jo eeshvar ko nahin maanata vah sab kuchh khud ko hee maanata hai to ab aise mein kya hota hai jab aisa insaan hai jo eeshvar mein vishvaas nahin rakhata god par trast nahin rakhata to aisa insaan jab phel hota hai apanee laiph mein mehanat karata hai aur phir bhee kuchh na kuchh kamee rah jaatee ho ki kaam ho gaya to kya hai ki in kaamon ko banaane ke lie ummeed doosaron se karata hai aur ek chhotee see ummeed khud se bhee karata hai lekin ise phir bhee kaamayaabee nahin milatee to aise mein kya hai ki ek din yah kamajor pad jaata hai pojitiv enarjee staarting mein hotee hai mehanat ke taim par vah sab negetiv ban jaatee hai aur yah kaisa insaan ban jaata hai jisamen kisee bhee prakaar ka jigyaasa nahin rahatee to eeshvar par vishvaas rakhate hain vah hamesha sochata hai ki agar kuchh bhee galat kaam padata hai lekin jitanee bhee mehanat ka phal hota hoon to shaayad pichhale janm ke puraane karmon ka hee mere ko phal milata hai lekin usakee dost kaisee hotee usakee soch aisee hotee ki yaar shaayad mujhe jitana is taim par mil raha hai ya jitana mere ko bhogana pad raha hai vah eeshvar ke naam lene se kam mil rahe hain to isake andar hee rahatee hai hamesha kee to bas dostee hai ya ghar eeshvar ko maan loge to shaayad enarjee hamesha barakaraar rahegee aur apana

#जीवन शैली

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
यह सवाल मैंने ही किया था कि किसी भी क्रिया को करने के लिए बल की आवश्यकता होती है क्रिया को करने के बाद एक प्रतिक्रिया पैदा होती है और दिल की धड़कन की धड़कने से शरीर में जीवन का संचार पैदा होता है तो दिल एक क्रिया कर रहा है और उस क्रिया से एक प्रतिक्रिया पैदा हो रही है जो हमारे शरीर में जीवन को उत्पन्न करता है हमारा ब्लड सर्कुलेशन चलता है ठीक लेकिन आप तक विज्ञान भी इस बात को नहीं बता पाया या फिर विज्ञान भी इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देता कि दिल कहां से धड़क रहा है मुझे मेरे दोस्त ने जिन्होंने जवाब दिया मेरे सवाल पर उन्होंने बताया कि ब्लड सर्कुलेशन की वजह से दिल धड़कता है पर हकीकत में मैं आपको बता दूं दोस्त जो ब्लड सरकुलेशन ता है वह आपके दिल से ही हो रहा है वह फ्लैट सर्कुलेट कहीं बाहर से नहीं हो रहा है शरीर के यह शरीर के किसी और हिस्से से नहीं हो रहा है वह ब्लड सर्कुलेशन हो रहा है वह आपके दिल की धड़कनें पर हो रहा है जब वह पंप कर सारा खून पूरे शरीर पर रहता है जब वह अंदर की ओर डाउन होता है तो सारा खून वापस अपनी अंदर की ओर खींच लेता है और उसके बाद फोन करके शरीर में खून को प्रभाकर देता है छोड़ दो यह तो जवाब विज्ञान भी नहीं देता तो यह सवाल मैंने इसलिए पूछा कि किसी भी क्रिया को करने के लिए बल की आवश्यकता होती है और उस क्रिया को करने के बाद एक प्रतिक्रिया पैदा होती है सवाल इसलिए पूछा क्योंकि एक न्यूटन का लो है फिजिक्स का लो है कि xn2 रिएक्शन लो आप कोई भी कार्य करेंगे उसके बाद एक रिसेप्शन होगा और हर कार्य को करने के लिए बल की आवश्यकता होती है तो पहले तो विज्ञान इस बात को मानता है लेकिन दूसरी जगह पर विज्ञान से यह सवाल कर लिया जाए कि उस दिल को धड़कने के लिए शक्ति कहां से मिल रही है तो विज्ञान कहेगा कि उसके पास इसका कोई जवाब नहीं है सच में दोस्त विज्ञान के पास भी इस बात का जवाब नहीं कि दिल कैसे धड़कता तो इसका जवाब मिलता है हमारे शास्त्रों में शास्त्रों में कहा जाता है कि जब एक शरीर तैयार होता है शरीर को तैयार होने से पहले एक आत्मा का शिवलिंग कारण होता है जो इतना छोटा है जो पदार्थ नहीं है मैंने अभी से कुछ पहले एक सवाल भी किया था कि पदार्थ क्या है प्रधान से भिन्न क्या कोई चीज हो सकती है तो किसी ने उसका सही जवाब नहीं दिया था पदार्थ से जो भिन्न है वह है आत्मा का आत्मा कारण है साडू है जो परिवर्तित नहीं है जो कभी बदलता नहीं जो बढ़ता नहीं तो छोटा नहीं होता जिसमें किसी भी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं होता तो यही जो आत्मा कांड हुए हमारे हृदय में होता है ईश्वर हमारे हृदय में रहते हैं जिसकी वजह से की इलेक्ट्रिकल सर्किट पूरे शरीर में पैदा होता है और उसी इलेक्ट्रिकल सर्किट से जमाई शरीर में पूरा जाल बिछा बिछा हुआ होता है उसमें खून का प्रभाव होने लगता है तो आप क्यों खून में ऑक्सीजन भी होती है इलेक्ट्रिकल सिगनल्स भी होते हैं खून ब्लड भी होता है वाइट ब्लड सेल्स यह सब होता है तब आप समझ गए होंगे कि दिल क्यों धक
Yah savaal mainne hee kiya tha ki kisee bhee kriya ko karane ke lie bal kee aavashyakata hotee hai kriya ko karane ke baad ek pratikriya paida hotee hai aur dil kee dhadakan kee dhadakane se shareer mein jeevan ka sanchaar paida hota hai to dil ek kriya kar raha hai aur us kriya se ek pratikriya paida ho rahee hai jo hamaare shareer mein jeevan ko utpann karata hai hamaara blad sarkuleshan chalata hai theek lekin aap tak vigyaan bhee is baat ko nahin bata paaya ya phir vigyaan bhee is baat par jyaada dhyaan nahin deta ki dil kahaan se dhadak raha hai mujhe mere dost ne jinhonne javaab diya mere savaal par unhonne bataaya ki blad sarkuleshan kee vajah se dil dhadakata hai par hakeekat mein main aapako bata doon dost jo blad sarakuleshan ta hai vah aapake dil se hee ho raha hai vah phlait sarkulet kaheen baahar se nahin ho raha hai shareer ke yah shareer ke kisee aur hisse se nahin ho raha hai vah blad sarkuleshan ho raha hai vah aapake dil kee dhadakanen par ho raha hai jab vah pamp kar saara khoon poore shareer par rahata hai jab vah andar kee or daun hota hai to saara khoon vaapas apanee andar kee or kheench leta hai aur usake baad phon karake shareer mein khoon ko prabhaakar deta hai chhod do yah to javaab vigyaan bhee nahin deta to yah savaal mainne isalie poochha ki kisee bhee kriya ko karane ke lie bal kee aavashyakata hotee hai aur us kriya ko karane ke baad ek pratikriya paida hotee hai savaal isalie poochha kyonki ek nyootan ka lo hai phijiks ka lo hai ki xn2 riekshan lo aap koee bhee kaary karenge usake baad ek risepshan hoga aur har kaary ko karane ke lie bal kee aavashyakata hotee hai to pahale to vigyaan is baat ko maanata hai lekin doosaree jagah par vigyaan se yah savaal kar liya jae ki us dil ko dhadakane ke lie shakti kahaan se mil rahee hai to vigyaan kahega ki usake paas isaka koee javaab nahin hai sach mein dost vigyaan ke paas bhee is baat ka javaab nahin ki dil kaise dhadakata to isaka javaab milata hai hamaare shaastron mein shaastron mein kaha jaata hai ki jab ek shareer taiyaar hota hai shareer ko taiyaar hone se pahale ek aatma ka shivaling kaaran hota hai jo itana chhota hai jo padaarth nahin hai mainne abhee se kuchh pahale ek savaal bhee kiya tha ki padaarth kya hai pradhaan se bhinn kya koee cheej ho sakatee hai to kisee ne usaka sahee javaab nahin diya tha padaarth se jo bhinn hai vah hai aatma ka aatma kaaran hai saadoo hai jo parivartit nahin hai jo kabhee badalata nahin jo badhata nahin to chhota nahin hota jisamen kisee bhee prakaar ka koee parivartan nahin hota to yahee jo aatma kaand hue hamaare hrday mein hota hai eeshvar hamaare hrday mein rahate hain jisakee vajah se kee ilektrikal sarkit poore shareer mein paida hota hai aur usee ilektrikal sarkit se jamaee shareer mein poora jaal bichha bichha hua hota hai usamen khoon ka prabhaav hone lagata hai to aap kyon khoon mein okseejan bhee hotee hai ilektrikal siganals bhee hote hain khoon blad bhee hota hai vait blad sels yah sab hota hai tab aap samajh gae honge ki dil kyon dhak

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
क्या माता-पिता के बुरे कर्मों की सजा पुत्र को भी भुगतनी पड़ती है?Kya Mata Pita Ke Bure Karmon Ki Saja Putr Ko Bhe Bhugtane Padti Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:26
सवाल है कि क्या माता-पिता के बुरे कर्मों की सजा पुत्र को भी भुगतनी पड़ती है तो जवाब है हां बिल्कुल यार मेरी अभी शादी नहीं हुई माली जी में शादी करता हूं उसके बाद मैं रोज दारु पीता हूं मैं ऐसा करता हूं अपने बीवी बच्चों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता तो एक समय ऐसा आएगा जब मैं तो बिल्कुल पैसे नहीं होंगे तो उसका इंपैक्ट क्या है मेरी आगे वाली पीढ़ी को देखना पड़ेगा इसीलिए कहा जाता है कि माता-पिता के अच्छे कर्म और माता-पिता के बुरे कर्म बच्चों पर प्रभाव डालते हैं अगर मैंने अच्छा पैसा जोड़ लिया अपने जीवन में बहुत अच्छा पैसा अर्जित कर लिया अपने बच्चों के लिए अच्छे से घर बना दिया यह मेरे सारे फल मिलेगा क्योंकि मैं तो यह सब नहीं रोक सकता क्योंकि मेरा समय पूरा हो जाएगा मुझे जाना पड़ेगा तो यह क्या है उन कर्मों को फिर वह बच्चे होंगे तो यह तो एक समझ ले अभी तक विज्ञानी किया जो बंधन में बंध है उस बंधन में वह करता था तो उसको भी वह दुख वह दुख झेल कर चलना पड़ता है लेकिन मान लीजिए मेरी अभी मम्मी पापा अभी शादी तो नहीं हुई है अब मैं कुछ बाहर गलत काम करता है तो उसका जो दुख है उसका जो दर्द है वह मेरी मां को मेरे पापा को भी तो कहना पड़ेगा अगर मैं पापा को कोई गाली देगा तो वह गाली में पापा को थोड़ी ना लगेगी तो मुझे भी दुख बंधन जो है बंधन है ही ऐसा जिसमें आप एक दूसरे के कर्मों की सजा के पात्र बन जाते हैं तो इसलिए कोशिश करें कि आप कभी-कभी यह सोचते कि यार मैं इसे कर रहा हूं मेरी लाइफ से मेरा यह मेरा वह है इससे किसी को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन यह सोच है आपकी ऐसा मत कीजिए ऐसी सोच रखना भी बहुत विनाशकारी हो जाएगा बहुत गलत होता है आपने तो बच्चे टूटने की मेरे काम से किसी का भला हो जाए और एक दिन आप मेरी बात का विश्वास कीजिए कि अगर आप ऐसा करके अपनी बदलेंगे तो क्या होगा आप जितना भी अच्छा काम करते जाएंगे वह आपकी ही आने वाली पीढ़ी तक वह काम पहुंच जाएंगे और उनका भला हो जाएगा तो इनका सवाल बहुत सही है कि क्या माता-पिता के बुरे कर्मों की सजा पुत्र को भुगतनी पड़ती है तो हां बिल्कुल भुगतनी पड़ती है यही एक विज्ञान है यही एक बंधन है और यही एक भवसागर है जिसमें हम सारे धन्यवाद
Savaal hai ki kya maata-pita ke bure karmon kee saja putr ko bhee bhugatanee padatee hai to javaab hai haan bilkul yaar meree abhee shaadee nahin huee maalee jee mein shaadee karata hoon usake baad main roj daaru peeta hoon main aisa karata hoon apane beevee bachchon ke baare mein bilkul nahin sochata to ek samay aisa aaega jab main to bilkul paise nahin honge to usaka impaikt kya hai meree aage vaalee peedhee ko dekhana padega iseelie kaha jaata hai ki maata-pita ke achchhe karm aur maata-pita ke bure karm bachchon par prabhaav daalate hain agar mainne achchha paisa jod liya apane jeevan mein bahut achchha paisa arjit kar liya apane bachchon ke lie achchhe se ghar bana diya yah mere saare phal milega kyonki main to yah sab nahin rok sakata kyonki mera samay poora ho jaega mujhe jaana padega to yah kya hai un karmon ko phir vah bachche honge to yah to ek samajh le abhee tak vigyaanee kiya jo bandhan mein bandh hai us bandhan mein vah karata tha to usako bhee vah dukh vah dukh jhel kar chalana padata hai lekin maan leejie meree abhee mammee paapa abhee shaadee to nahin huee hai ab main kuchh baahar galat kaam karata hai to usaka jo dukh hai usaka jo dard hai vah meree maan ko mere paapa ko bhee to kahana padega agar main paapa ko koee gaalee dega to vah gaalee mein paapa ko thodee na lagegee to mujhe bhee dukh bandhan jo hai bandhan hai hee aisa jisamen aap ek doosare ke karmon kee saja ke paatr ban jaate hain to isalie koshish karen ki aap kabhee-kabhee yah sochate ki yaar main ise kar raha hoon meree laiph se mera yah mera vah hai isase kisee ko koee prabhaav nahin padega lekin yah soch hai aapakee aisa mat keejie aisee soch rakhana bhee bahut vinaashakaaree ho jaega bahut galat hota hai aapane to bachche tootane kee mere kaam se kisee ka bhala ho jae aur ek din aap meree baat ka vishvaas keejie ki agar aap aisa karake apanee badalenge to kya hoga aap jitana bhee achchha kaam karate jaenge vah aapakee hee aane vaalee peedhee tak vah kaam pahunch jaenge aur unaka bhala ho jaega to inaka savaal bahut sahee hai ki kya maata-pita ke bure karmon kee saja putr ko bhugatanee padatee hai to haan bilkul bhugatanee padatee hai yahee ek vigyaan hai yahee ek bandhan hai aur yahee ek bhavasaagar hai jisamen ham saare dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
कर्म ज्यादा अच्छा होता है या भक्ति?Karm Jyada Acha Hota Hai Ya Bhakti
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
अच्छा सवाल है कि कर्म ज्यादा हो अच्छा होता है या भक्ति देखो हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि कर्म ओ कर्म को करने से आप बंधन में बंध जाते हैं इसलिए उन कर्मों को त्याग कर काफी ज्यादा जो लोग हैं वह संन्यास ले लेते हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार का कोई कर्म ना करना पड़े और वह ईश्वर के ध्यान में आत्म साक्षात्कार हो जाए इसे ब्रह्मा निराकार कहते हैं मतलब जो ब्रह्मा की जो आत्मसाक्षात्कार चाहता है आत्म साक्षात्कार करते जो स्वर्ग नहीं जाना चाहता जो ब्रह्मलोक नहीं जाना चाहता जो मुक्ति चाहता है इस शरीर से शरीर के बंधन से विभाग चक्र थे जो मुक्ति पाना चाहता है वह संन्यास लेता है फिर आत्मसाक्षात्कार होने के लिए बहुत कठिन प्रयास करने पड़ते हैं जैसे कि उसे प्रातः सुबह नहाना पड़ता है उसे संध्या के समय नहाना पड़ता है हमेशा ईश्वर का नाम लेना पड़ता है और ध्यान मग्न रहना पड़ता है साक्षात्कार के कुछ पद हैं जिनमें चल के इंसान आत्म साक्षात्कार हो सकता है लेकिन गीता गीता ने हमें यह बताया कि अगर आप सन्यासी नहीं बन सकते अगर आपको अपने मां-बाप के लिए कर्म करना ही पड़ेगा तो इग्नोर इन का सवाल है कर्म ज्यादा अच्छा होता है भक्ति तो हमारे में उसमें जो बताया गया है वह यह बताया गया है कि आप कर्मों के साथ-साथ भक्ति कर सकते हैं कहीं काम कर रहा हूं अब वहां मेरे को पिया उठा के एक साइड से दूसरी साइड रखनी है लेकिन एक जगह में उन पेड़ों को उठाते हुए अपने मन में तरह-तरह के विचार कर रहा हूं कई में किसी टेंशन को लेकर बैठा हूं कहीं मैं अपने मन में मन बना कर बैठा हूं कि मैं वहां जाऊंगा पैसे आएंगे तो यह करूंगा वह करो यह क्या है यह आपको आपके मन को फंसा लेती है यह बातें और आपका वह जो कर्म होता है वह कर्म का एक पल बन जाता है अब चाहे वह अच्छा है या बुरा अब इस पल की क्या होता है आपको उत्पल को भोगना पड़ता है आपको दोबारा ही धरती लोक पर आना पड़ता है लेकिन अगर आप वही ईश्वर का नाम लेते हुए देते हरे कृष्णा हरे रामा हरे कृष्णा हरे रामा इस तरह का महा जब का उच्चारण करते हुए हर काम करेंगे लेकिन एक पेटी उठा रहा हूं मैं पेटी उठाते हुए उसे दूसरी साइड रखनी है तो मैं रख सकता हूं हरे कृष्णा का नाम लेते आप गाना गाते हुए भी तो करते हैं ना तो आपको बस यह हरे कृष्णा हरे कृष्णा का नाम लेते हुए हर काम को करने से क्या होगा आप सुख और दुख इन दोनों की भावनाओं से बच जाएंगे इच्छाओं से बच जाएंगे इच्छा है क्या होती है जो मन में आती है कि मैं यह करूंगा आज ढाई ₹100 मिलेंगे ₹300 मिले मैं आ जाऊंगा यहां करूंगा वह करो यह सब गलत है दोस्त अगर ईश्वर का नाम लेकर अपना कर्म करोगे कर्म ज्यादा अच्छा होता है कर्म करो लेकिन भक्ति के साथ कर्म करो अगर आप इस तरीके से कर्म करेंगे तो उसका जो भी फल बनेगा ईश्वर अपने ऊपर ले लेते हैं जिससे आपका जब मृत्यु काल आती है उस टैंक आपका कोई पल नहीं बनता और
Achchha savaal hai ki karm jyaada ho achchha hota hai ya bhakti dekho hamaare shaastron mein bataaya gaya hai ki karm o karm ko karane se aap bandhan mein bandh jaate hain isalie un karmon ko tyaag kar kaaphee jyaada jo log hain vah sannyaas le lete hain taaki unhen kisee prakaar ka koee karm na karana pade aur vah eeshvar ke dhyaan mein aatm saakshaatkaar ho jae ise brahma niraakaar kahate hain matalab jo brahma kee jo aatmasaakshaatkaar chaahata hai aatm saakshaatkaar karate jo svarg nahin jaana chaahata jo brahmalok nahin jaana chaahata jo mukti chaahata hai is shareer se shareer ke bandhan se vibhaag chakr the jo mukti paana chaahata hai vah sannyaas leta hai phir aatmasaakshaatkaar hone ke lie bahut kathin prayaas karane padate hain jaise ki use praatah subah nahaana padata hai use sandhya ke samay nahaana padata hai hamesha eeshvar ka naam lena padata hai aur dhyaan magn rahana padata hai saakshaatkaar ke kuchh pad hain jinamen chal ke insaan aatm saakshaatkaar ho sakata hai lekin geeta geeta ne hamen yah bataaya ki agar aap sanyaasee nahin ban sakate agar aapako apane maan-baap ke lie karm karana hee padega to ignor in ka savaal hai karm jyaada achchha hota hai bhakti to hamaare mein usamen jo bataaya gaya hai vah yah bataaya gaya hai ki aap karmon ke saath-saath bhakti kar sakate hain kaheen kaam kar raha hoon ab vahaan mere ko piya utha ke ek said se doosaree said rakhanee hai lekin ek jagah mein un pedon ko uthaate hue apane man mein tarah-tarah ke vichaar kar raha hoon kaee mein kisee tenshan ko lekar baitha hoon kaheen main apane man mein man bana kar baitha hoon ki main vahaan jaoonga paise aaenge to yah karoonga vah karo yah kya hai yah aapako aapake man ko phansa letee hai yah baaten aur aapaka vah jo karm hota hai vah karm ka ek pal ban jaata hai ab chaahe vah achchha hai ya bura ab is pal kee kya hota hai aapako utpal ko bhogana padata hai aapako dobaara hee dharatee lok par aana padata hai lekin agar aap vahee eeshvar ka naam lete hue dete hare krshna hare raama hare krshna hare raama is tarah ka maha jab ka uchchaaran karate hue har kaam karenge lekin ek petee utha raha hoon main petee uthaate hue use doosaree said rakhanee hai to main rakh sakata hoon hare krshna ka naam lete aap gaana gaate hue bhee to karate hain na to aapako bas yah hare krshna hare krshna ka naam lete hue har kaam ko karane se kya hoga aap sukh aur dukh in donon kee bhaavanaon se bach jaenge ichchhaon se bach jaenge ichchha hai kya hotee hai jo man mein aatee hai ki main yah karoonga aaj dhaee ₹100 milenge ₹300 mile main aa jaoonga yahaan karoonga vah karo yah sab galat hai dost agar eeshvar ka naam lekar apana karm karoge karm jyaada achchha hota hai karm karo lekin bhakti ke saath karm karo agar aap is tareeke se karm karenge to usaka jo bhee phal banega eeshvar apane oopar le lete hain jisase aapaka jab mrtyu kaal aatee hai us taink aapaka koee pal nahin banata aur

#धर्म और ज्योतिषी

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:44
यह सवाल पूछने वाला इंसान जरूर एक शुद्ध भक्तों है जो चाहता है कि ईश्वर के प्रति जो प्रेम भाव है वह लोगों में जगह क्योंकि आजकल पहले तो जो 62 70% लोग हैं वह ईश्वर पर विश्वास नहीं करते बाकी जो बचे हुए लोग हैं वह लालच के कारण ईश्वर पर विश्वास रखते हैं और जो कुछ परसेंटेज के बाकी बचे हुए हैं मुश्किल से दो या तीन परसेंट के जो लोग हैं वह ईश्वर को एक सही मायने में मानते हैं यार दोस्त एक आपको कहानी बताता हूं हमारे शास्त्रों में लिखा है कि कृष्ण को राधा चाहती थी और वह किसी और को चाहते थे और शादी हुई उनकी मीरा से तो कृष्ण कहते हैं की विधि का विधान तो मैं भी नहीं बदल सकता ईश्वर होते हुए भी मैं विधि का विधान नहीं पलट पाया तो तुम तो एक साधारण मनुष्य आपने कहा कि हमें क्या करना होगा तो दो हमें सिर्फ ईश्वर के लिए कार्य करने होंगे मर्द के साथ भी बात करते हैं उसे ईश्वर के बारे में बताना होगा लेकिन उसके लिए आपको पहले खुद ईश्वर को जान लेना पड़ेगा खुद ईश्वर को ढंग से समझना पड़ेगा पहले तो जो इंसान ईश्वर के पास की इच्छा के कारण आता है इसको कभी उसकी शक्तियों को नहीं समझ सकता कभी उसे स्मरण नहीं कर सकता कभी उसे महसूस नहीं कर सकता एक दिन मेरे को एक ने कहा कि एक मेरे बाबा है पता नहीं क्या नाम बताया था उन्होंने उनका अगर आपको ईश्वर परमात्मा की अनुभूति करनी तो आप उन बाबा के पास चले गए लेकिन दो यह सब बाबा गूगल लोग बेकार हैं ईश्वर ने क्या कहा ईश्वर ने कहा है मैं तो कण-कण में हूं मुझे तो मेरी अनुभूति तो आप कहीं भी प्राप्त कर सकते हैं किसी भी जगह पर तू आपको सिर्फ उसका एक सच्चे दिल से स्मरण करना है आपको यह नहीं कि मैं ईश्वर तुझे मान लूंगा तो मुझे यह मिल जाएगा या तेरे को मारने से मेरे पाप कर्म दूर हो जाएंगे या यह दूध नहीं सिर्फ अपना एक दोस्त मानो एक ऐसा दोस्त जो हमेशा तुम्हें सुनता है जो हमेशा तुम्हें सुनेगा आप हमेशा चाहते हैं कि आपको कोई ना कोई सुने आप हमेशा चाहते हैं आप हमेशा कुछ ना कुछ बोले ना कि कोई आपको सुनता है लेकिन सबसे जो बैनर है वह ईश्वर वह है गॉड तो उस पर पूरा विश्वास रखें और आपकी जो सवाल का जवाब है वह यह है कि आप जागरूक करना चाहते हैं तो भाई ईश्वर की सच्ची श्रद्धा अपने अंदर प्रेम रखिए आप अपने आप ही सब को बताते चले जाएंगे तब वह लीलाएं आपके साथ होंगी ना आप ले लो अपनी आंखों के सामने देखेंगे ईश्वर आपके साथ
Yah savaal poochhane vaala insaan jaroor ek shuddh bhakton hai jo chaahata hai ki eeshvar ke prati jo prem bhaav hai vah logon mein jagah kyonki aajakal pahale to jo 62 70% log hain vah eeshvar par vishvaas nahin karate baakee jo bache hue log hain vah laalach ke kaaran eeshvar par vishvaas rakhate hain aur jo kuchh parasentej ke baakee bache hue hain mushkil se do ya teen parasent ke jo log hain vah eeshvar ko ek sahee maayane mein maanate hain yaar dost ek aapako kahaanee bataata hoon hamaare shaastron mein likha hai ki krshn ko raadha chaahatee thee aur vah kisee aur ko chaahate the aur shaadee huee unakee meera se to krshn kahate hain kee vidhi ka vidhaan to main bhee nahin badal sakata eeshvar hote hue bhee main vidhi ka vidhaan nahin palat paaya to tum to ek saadhaaran manushy aapane kaha ki hamen kya karana hoga to do hamen sirph eeshvar ke lie kaary karane honge mard ke saath bhee baat karate hain use eeshvar ke baare mein bataana hoga lekin usake lie aapako pahale khud eeshvar ko jaan lena padega khud eeshvar ko dhang se samajhana padega pahale to jo insaan eeshvar ke paas kee ichchha ke kaaran aata hai isako kabhee usakee shaktiyon ko nahin samajh sakata kabhee use smaran nahin kar sakata kabhee use mahasoos nahin kar sakata ek din mere ko ek ne kaha ki ek mere baaba hai pata nahin kya naam bataaya tha unhonne unaka agar aapako eeshvar paramaatma kee anubhooti karanee to aap un baaba ke paas chale gae lekin do yah sab baaba googal log bekaar hain eeshvar ne kya kaha eeshvar ne kaha hai main to kan-kan mein hoon mujhe to meree anubhooti to aap kaheen bhee praapt kar sakate hain kisee bhee jagah par too aapako sirph usaka ek sachche dil se smaran karana hai aapako yah nahin ki main eeshvar tujhe maan loonga to mujhe yah mil jaega ya tere ko maarane se mere paap karm door ho jaenge ya yah doodh nahin sirph apana ek dost maano ek aisa dost jo hamesha tumhen sunata hai jo hamesha tumhen sunega aap hamesha chaahate hain ki aapako koee na koee sune aap hamesha chaahate hain aap hamesha kuchh na kuchh bole na ki koee aapako sunata hai lekin sabase jo bainar hai vah eeshvar vah hai god to us par poora vishvaas rakhen aur aapakee jo savaal ka javaab hai vah yah hai ki aap jaagarook karana chaahate hain to bhaee eeshvar kee sachchee shraddha apane andar prem rakhie aap apane aap hee sab ko bataate chale jaenge tab vah leelaen aapake saath hongee na aap le lo apanee aankhon ke saamane dekhenge eeshvar aapake saath

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
क्या रोज पूजा करना सही होता है?Kya Roj Pooja Karna Sahi Hota Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
भिन्न का सवाल है कि क्या रोज पूजा करना सही होता है हां बिल्कुल सही होता है दोस्त इसमें मैं आपको बता देता हूं हमारे शास्त्रों में पूजा करना और मैं अपने दिमाग से जैसे आज के विज्ञान के हिसाब से मैं आपको बताऊं तो मेडिटेशन को काफी ज्यादा उन्नति मिल रही है काफी ज्यादा मतलब लोग उससे अप्रिशिएट हैं कि मेडिटेशन करना अच्छा होता है कि अगर ना करना चाहिए तो मैं आपको बता दूं मेडिटेशन का मतलब होता है यानी कि खुद के लिए एक समय ऐसा जो खुद के लिए निकालो और जब मैं पूजा करता हूं तो आपको मैं एक बार बता देता हूं एक ईश्वर ही होता है एक अल्लाह ही होता है जिसके बारे में आप जब सोचते हैं ध्यान करते हैं तो आप क्या है आप खुद को समय दे रहे हैं उस टाइम पर तो आप एक तरीके का मेडिटेशन कर रहे हैं आप एक तरीके का योग कर रहे हैं तो अगर आप अपने आप में ही रोज पूजा करने का संकल्प लेते हैं तो आप 1 तरीके योग से जुड़ चुके हैं दोस्त और योग करना आपके शरीर के लिए ही लाभप्रद नहीं है यह आपके मानसिक मानसिक चिंतन ओं के लिए भी बहुत ज्यादा लाभप्रद है इससे मानसिक जो तनाव है वह भी काफी कम होता है आप रोज पूजा करेंगे तो आप भगवान से जुड़े होंगे और आप भगवान से जुड़ने के पश्चात ही खुद से भी जुड़ जाएंगे यानी कि खुद को समय दे पाएंगे तो कहा जाता है कि आप अपने पूरे 24 घंटे में 5 से 10 मिनट 15 मिनट खुद को एक जगह ध्यान लगाकर बैठी है तो इससे आप काफी ज्यादा स्वस्थ होंगे आपकी जो सोच है वह काफी दादा बड़ी की इनक्रीस होगी और भी मतलब जो आपकी मेंटालिटी है वह भी काफी बदल जाएगी बहुत से विचारों के प्रति उसके लिए आपको कोई किताब पढ़ने की जरूरत नहीं है वह खुद ब खुद आपके अंदर से जनरेट होती है यह कुछ एक प्रकार की एलर्जी होती है ब्रह्मांड में चारों तरफ है लेकिन विज्ञान इसे ढूंढ पाने में भी आरक्षण है इस कारणवश विज्ञान इन बातों पर विश्वास नहीं करता लेकिन यह सभी व्यक्ति यह सभी एनर्जी हमारे ब्रह्मांड में ही उपस्थित हैं तो जब पूजा करते हैं तो आप उन एनर्जी से जुड़ जाते हैं और उन्हें एनर्जी से जुड़ने से क्या होता है उनके द्वारा काफी ज्यादा जो ज्ञान होता है कि आप इरादा तो आपकी सोच होती है उस पर इंपैक्ट पड़ता है और वह काफी ज्यादा अच्छी होने लगती है वह समझ नहीं लगती है कि क्या सही है और क्या गलत तो आपका जो सवाल है कि रोज पूजा करना चाहिए हां दोस्त क्या आप रोज खाना नहीं खाते तो इसी तरीके से मानसिक मन को भी शक्ति देना रोज जरूरी है और पूजा ही एक ऐसा साधन है जिसके द्वारा आप अपने मन को शक्ति दे पाएंगे आप पूजा कर लीजिए अगर मंदिर नहीं है जंगल में बैठे हैं कहीं ऐसी जगह जहां पर आप नहीं है तो वहां पर आप क्या कीजिए आराम से एक जगह बैठी है अपने भगवान का ध्यान कीजिए तो वह भी एक तरीके की पूजा है क्योंकि दोस्त ईश्वर तो कण-कण में है आप जहां भी देखना चाहेंगे धन्यवाद
Bhinn ka savaal hai ki kya roj pooja karana sahee hota hai haan bilkul sahee hota hai dost isamen main aapako bata deta hoon hamaare shaastron mein pooja karana aur main apane dimaag se jaise aaj ke vigyaan ke hisaab se main aapako bataoon to mediteshan ko kaaphee jyaada unnati mil rahee hai kaaphee jyaada matalab log usase aprishiet hain ki mediteshan karana achchha hota hai ki agar na karana chaahie to main aapako bata doon mediteshan ka matalab hota hai yaanee ki khud ke lie ek samay aisa jo khud ke lie nikaalo aur jab main pooja karata hoon to aapako main ek baar bata deta hoon ek eeshvar hee hota hai ek allaah hee hota hai jisake baare mein aap jab sochate hain dhyaan karate hain to aap kya hai aap khud ko samay de rahe hain us taim par to aap ek tareeke ka mediteshan kar rahe hain aap ek tareeke ka yog kar rahe hain to agar aap apane aap mein hee roj pooja karane ka sankalp lete hain to aap 1 tareeke yog se jud chuke hain dost aur yog karana aapake shareer ke lie hee laabhaprad nahin hai yah aapake maanasik maanasik chintan on ke lie bhee bahut jyaada laabhaprad hai isase maanasik jo tanaav hai vah bhee kaaphee kam hota hai aap roj pooja karenge to aap bhagavaan se jude honge aur aap bhagavaan se judane ke pashchaat hee khud se bhee jud jaenge yaanee ki khud ko samay de paenge to kaha jaata hai ki aap apane poore 24 ghante mein 5 se 10 minat 15 minat khud ko ek jagah dhyaan lagaakar baithee hai to isase aap kaaphee jyaada svasth honge aapakee jo soch hai vah kaaphee daada badee kee inakrees hogee aur bhee matalab jo aapakee mentaalitee hai vah bhee kaaphee badal jaegee bahut se vichaaron ke prati usake lie aapako koee kitaab padhane kee jaroorat nahin hai vah khud ba khud aapake andar se janaret hotee hai yah kuchh ek prakaar kee elarjee hotee hai brahmaand mein chaaron taraph hai lekin vigyaan ise dhoondh paane mein bhee aarakshan hai is kaaranavash vigyaan in baaton par vishvaas nahin karata lekin yah sabhee vyakti yah sabhee enarjee hamaare brahmaand mein hee upasthit hain to jab pooja karate hain to aap un enarjee se jud jaate hain aur unhen enarjee se judane se kya hota hai unake dvaara kaaphee jyaada jo gyaan hota hai ki aap iraada to aapakee soch hotee hai us par impaikt padata hai aur vah kaaphee jyaada achchhee hone lagatee hai vah samajh nahin lagatee hai ki kya sahee hai aur kya galat to aapaka jo savaal hai ki roj pooja karana chaahie haan dost kya aap roj khaana nahin khaate to isee tareeke se maanasik man ko bhee shakti dena roj jarooree hai aur pooja hee ek aisa saadhan hai jisake dvaara aap apane man ko shakti de paenge aap pooja kar leejie agar mandir nahin hai jangal mein baithe hain kaheen aisee jagah jahaan par aap nahin hai to vahaan par aap kya keejie aaraam se ek jagah baithee hai apane bhagavaan ka dhyaan keejie to vah bhee ek tareeke kee pooja hai kyonki dost eeshvar to kan-kan mein hai aap jahaan bhee dekhana chaahenge dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:39
सवाल बहुत ही अच्छा है और सिंपल सा है किसी के हत्या करने वाला और किसी की हत्या कराने वाला दोनों में दोषी कौन है देंगे या दोनों का दोष बराबर है अगर मैं कानून के हिसाब से चलो तो कानून क्या कहता है मैं नहीं जानता कानून के हिसाब से तो यह दोनों ही दोषी है लेकिन मैं आपको शास्त्रों की एक बात बताता हूं शास्त्र में लिखा है कि एक जगह आप हो रहा है तो आप उस बात को होते हुए देख रहे हैं जितना दोषी वह पाप करने वाला नहीं होगा उससे कहीं ज्यादा अधिक दोषी आप लोगों के मैंने एक न्यूज़ देखी थी एक बार की एक गांव में एक औरत को 1 आदमी ने मार मार के मार मार के जान से मार दिया पीट-पीटकर जान से मार दिया और गांव वाले सारे साइड में खड़े हो कर देख रहे थे उसकी वीडियो बना रहे थे और कुछ भी नहीं कर रहे थे तो दोस्त अगर शास्त्रों के हिसाब से कानून चलता ना तो इतनी सजा उस आदमी को नहीं मिलती जितनी खड़े हुए लोगों को मिल जाती अब यह क्या शास्त्रों में ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि जब हम किसी चीज को देखते हैं तो उसका असर हमारे दिमाग में ज्यादा होता है तो जब हमारा हम मृत्यु की और को प्राप्त होते हैं और उसके बाद हमारी आत्मा का आकलन निकाला जाता है तो हमारी आत्मा में पाया जाता है कि इसके दिमाग में तो कई प्रकार की चिंताएं हैं कहीं मृत्यु को देख रहा है कहीं सांप होते दिख रहा है तू ही दोषी है इसे दोस्त इसे इसके कर्मों का फल मिलेगा तो हमारे शास्त्रों के हिसाब से जो गलत काम करता है वह तो दोषी है लेकिन जो काम को होते हुए देख रहा है वह उससे भी कहीं ज्यादा अधिक दोषी है क्योंकि वह उसे देख रहा है बिना कुछ कहे तो उसके मन में चिंताएं रह जाती है और यही चिंता है उसे 84 के गेम में फंसा देती लाइक इस भवसागर में फंसा देगी जिसमें हम सारे ही भरते हैं दोस्त और जो लोग सोचते हैं कि भगवान नहीं है यह नहीं है वह नहीं है आज विज्ञान का जमाना है यह है वह तो दोस्त मैं भी मैं भी इसी जमाने में पैदा हुआ हूं मैंने अपने आप को विज्ञान के अनुसार भी डालने की कोशिश की लेकिन विज्ञान कभी हमें स्वस्थ रहना नहीं सिखाता विज्ञान कभी हमें ओपन माइंडेड सूट के बारे में नहीं बताता लेकिन हमारे साथ फिर बताते हैं तो जब शास्त्रों की यह सारी बातें बहुत अच्छी है जिन्हें मैंने अपने शरीर से देखा मैं स्वस्थ होता चला गया था तू जब मैं नहीं पाया तो मुझे लगा कि आप जब इनकी इतनी बातें सही कहने वाला भी सही होगा ना तुझे इतने सारे लिखे वह साक्षात ईश्वर है ऊपर वाला है तो जिनकी इतनी बातें सही है उनकी बातों पर टीकाकरण करना मेरे हिसाब से एक मूर्खता होगी धन्यवाद
Savaal bahut hee achchha hai aur simpal sa hai kisee ke hatya karane vaala aur kisee kee hatya karaane vaala donon mein doshee kaun hai denge ya donon ka dosh baraabar hai agar main kaanoon ke hisaab se chalo to kaanoon kya kahata hai main nahin jaanata kaanoon ke hisaab se to yah donon hee doshee hai lekin main aapako shaastron kee ek baat bataata hoon shaastr mein likha hai ki ek jagah aap ho raha hai to aap us baat ko hote hue dekh rahe hain jitana doshee vah paap karane vaala nahin hoga usase kaheen jyaada adhik doshee aap logon ke mainne ek nyooz dekhee thee ek baar kee ek gaanv mein ek aurat ko 1 aadamee ne maar maar ke maar maar ke jaan se maar diya peet-peetakar jaan se maar diya aur gaanv vaale saare said mein khade ho kar dekh rahe the usakee veediyo bana rahe the aur kuchh bhee nahin kar rahe the to dost agar shaastron ke hisaab se kaanoon chalata na to itanee saja us aadamee ko nahin milatee jitanee khade hue logon ko mil jaatee ab yah kya shaastron mein aisa isalie kaha gaya hai kyonki jab ham kisee cheej ko dekhate hain to usaka asar hamaare dimaag mein jyaada hota hai to jab hamaara ham mrtyu kee aur ko praapt hote hain aur usake baad hamaaree aatma ka aakalan nikaala jaata hai to hamaaree aatma mein paaya jaata hai ki isake dimaag mein to kaee prakaar kee chintaen hain kaheen mrtyu ko dekh raha hai kaheen saamp hote dikh raha hai too hee doshee hai ise dost ise isake karmon ka phal milega to hamaare shaastron ke hisaab se jo galat kaam karata hai vah to doshee hai lekin jo kaam ko hote hue dekh raha hai vah usase bhee kaheen jyaada adhik doshee hai kyonki vah use dekh raha hai bina kuchh kahe to usake man mein chintaen rah jaatee hai aur yahee chinta hai use 84 ke gem mein phansa detee laik is bhavasaagar mein phansa degee jisamen ham saare hee bharate hain dost aur jo log sochate hain ki bhagavaan nahin hai yah nahin hai vah nahin hai aaj vigyaan ka jamaana hai yah hai vah to dost main bhee main bhee isee jamaane mein paida hua hoon mainne apane aap ko vigyaan ke anusaar bhee daalane kee koshish kee lekin vigyaan kabhee hamen svasth rahana nahin sikhaata vigyaan kabhee hamen opan mainded soot ke baare mein nahin bataata lekin hamaare saath phir bataate hain to jab shaastron kee yah saaree baaten bahut achchhee hai jinhen mainne apane shareer se dekha main svasth hota chala gaya tha too jab main nahin paaya to mujhe laga ki aap jab inakee itanee baaten sahee kahane vaala bhee sahee hoga na tujhe itane saare likhe vah saakshaat eeshvar hai oopar vaala hai to jinakee itanee baaten sahee hai unakee baaton par teekaakaran karana mere hisaab se ek moorkhata hogee dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
चीन का सवाल है कि सर हमारा लक्ष्य कैसा होना चाहिए कंजरवेटिव होना चाहिए यह हमेशा बड़ा लक्ष्य होना चाहिए दोस्त इसका जवाब यह है कि पहले तो हमें ही नहीं करनी चाहिए अगर आप अपना एक लक्ष्य तय करते हैं तो उस लक्ष्य के लिए आपको कर्म करना चाहिए उस लक्ष्य के पीछे काम करना चाहिए यह नहीं होना चाहिए कि हमें बड़ा लक्ष्य रखना है यह समझो बेटी छोटा लक्ष्य लक्ष्य रखना है ऐसा कुछ नहीं होता तो आपको जो जीवन में चाहिए उसके प्रति आपको एक लक्ष्य बनाना पड़ता अब चाहे वह लक्ष्य आप का बहुत ही बड़ा हो या आपका एक छोटा सा लक्ष्य और लाइक घर बनाना कार बनाना कार खरीदना शादी करना है तो बच्चे पैदा करना यह भी एक तरीके गैलेक्सी जीवन के जगह नौकरी करके कुछ पैसे घंटे करना आपको इन लक्ष्यों को बनाकर उनके प्रति चाय नहीं बनानी चाहिए कि चाय बनाने से इंसान दुख में चला जाता है क्योंकि जब लक्ष्य पूरा नहीं होगा तो आपने जितनी इच्छा है क्योंकि उसके प्रति वह सारी इच्छाएं दुख में परिवर्तित हो जाएंगे जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होगा तब तक वह इच्छाएं दुख देंगे मन को शांति नहीं देंगे लेकिन मन को लुभा आएंगे जरूर आप मजा आएगा सोचने में लेकिन यही सोचना यही बार बार सोचना यह बार-बार इच्छा करना इंसान के दुखों का कारण बन जाता है लक्ष्य कैसा भी हो चाहे बड़ा या छोटा आपको उसके लिए काम करना चाहिए अगर काम नहीं भी हुआ पूरा तो आपको यह सोचना चाहिए कि शायद ईश्वर ने शायद ऊपर वाले ने हमारे लिए ऐसा कुछ लिखा ही नहीं पर यह सब सोचकर आपको अपने एक नए लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए आपको कभी हारना नहीं चाहिए कि मेरा यह लक्ष्य पूरा नहीं हो तो मैं कुछ और नहीं कर सकता शायद ईश्वर ने आपको उससे भी बड़ा लक्ष्य रखो कुछ और दे रखो तो हमें हमेशा यह सोचना चाहिए कि जो हमारे सामने आ रहा है आप पहले तो उसे करें और उसके बाद जिसे आप करना चाहते हैं उसके लिए आप काम करना शुरू करें बिना किसी इच्छा के बिना किसी फल की प्राप्ति है तो इससे यह होगा कि अगर वह काम पूरा नहीं भी होता तो भी आप उदास नहीं होंगे आप हमेशा खुश रहेंगे हमेशा खुश रहने की वजह से आप में कहने जी हमेशा बनी रहेगी जिस एनर्जी का उपयोग आप आने वाले लक्षणों के लिए कर सकते हैं आने वाली परिस्थितियों के लिए कर सकते तो जीवन को अगर इस तरीके से डालोगे तो एक दिन आप जैसा लक्ष्य बनाएंगे आप उसे भी पा लेंगे क्योंकि लक्ष्य चाहे आप जवानी में पूरा कर ले यह बुढ़ापे में लक्ष्य एक बार पूरा हो जाता है तो मन को शांति मिल जाती है बट इच्छा मत करना नहीं तो क्या बोलते हैं बिना स्वार्थ के काम को करना बिना किसी फल की इच्छा के किसी काम को करने यही आपको एक दिन मानुष बनाता है
Cheen ka savaal hai ki sar hamaara lakshy kaisa hona chaahie kanjaravetiv hona chaahie yah hamesha bada lakshy hona chaahie dost isaka javaab yah hai ki pahale to hamen hee nahin karanee chaahie agar aap apana ek lakshy tay karate hain to us lakshy ke lie aapako karm karana chaahie us lakshy ke peechhe kaam karana chaahie yah nahin hona chaahie ki hamen bada lakshy rakhana hai yah samajho betee chhota lakshy lakshy rakhana hai aisa kuchh nahin hota to aapako jo jeevan mein chaahie usake prati aapako ek lakshy banaana padata ab chaahe vah lakshy aap ka bahut hee bada ho ya aapaka ek chhota sa lakshy aur laik ghar banaana kaar banaana kaar khareedana shaadee karana hai to bachche paida karana yah bhee ek tareeke gaileksee jeevan ke jagah naukaree karake kuchh paise ghante karana aapako in lakshyon ko banaakar unake prati chaay nahin banaanee chaahie ki chaay banaane se insaan dukh mein chala jaata hai kyonki jab lakshy poora nahin hoga to aapane jitanee ichchha hai kyonki usake prati vah saaree ichchhaen dukh mein parivartit ho jaenge jab tak lakshy poora nahin hoga tab tak vah ichchhaen dukh denge man ko shaanti nahin denge lekin man ko lubha aaenge jaroor aap maja aaega sochane mein lekin yahee sochana yahee baar baar sochana yah baar-baar ichchha karana insaan ke dukhon ka kaaran ban jaata hai lakshy kaisa bhee ho chaahe bada ya chhota aapako usake lie kaam karana chaahie agar kaam nahin bhee hua poora to aapako yah sochana chaahie ki shaayad eeshvar ne shaayad oopar vaale ne hamaare lie aisa kuchh likha hee nahin par yah sab sochakar aapako apane ek nae lakshy kee or badhana chaahie aapako kabhee haarana nahin chaahie ki mera yah lakshy poora nahin ho to main kuchh aur nahin kar sakata shaayad eeshvar ne aapako usase bhee bada lakshy rakho kuchh aur de rakho to hamen hamesha yah sochana chaahie ki jo hamaare saamane aa raha hai aap pahale to use karen aur usake baad jise aap karana chaahate hain usake lie aap kaam karana shuroo karen bina kisee ichchha ke bina kisee phal kee praapti hai to isase yah hoga ki agar vah kaam poora nahin bhee hota to bhee aap udaas nahin honge aap hamesha khush rahenge hamesha khush rahane kee vajah se aap mein kahane jee hamesha banee rahegee jis enarjee ka upayog aap aane vaale lakshanon ke lie kar sakate hain aane vaalee paristhitiyon ke lie kar sakate to jeevan ko agar is tareeke se daaloge to ek din aap jaisa lakshy banaenge aap use bhee pa lenge kyonki lakshy chaahe aap javaanee mein poora kar le yah budhaape mein lakshy ek baar poora ho jaata hai to man ko shaanti mil jaatee hai bat ichchha mat karana nahin to kya bolate hain bina svaarth ke kaam ko karana bina kisee phal kee ichchha ke kisee kaam ko karane yahee aapako ek din maanush banaata hai

#भारत की राजनीति

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
सवाल है कि मान लीजिए कि आप हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री होते तो आप किस तरह से हमारे भारत देश को सुखी संपन्न बनाती है तो दोस्त मेरा जवाब इसमें यह है कि सुख और दुख यह 1 तरीके की गर्मी और सर्दी की तरह जिस तरीके से सर्दी आती है उसी तरीके से दुख भी आता है इस तरीके से गर्मी आती है उसी तरीके से सुप्री आता है लेकिन जो हमेशा ही सुख-दुख में लगा रहता है वह हमेशा कभी खुश नहीं रह पाता लेकिन जो इन्हीं चीजों से आगे बढ़ कर तो देखो यार हम जानते हैं कि देश में कैसा भी प्रधानमंत्रियों कितने से भी अच्छे से अच्छा प्रधानमंत्री आ जाए उसे कुछ नहीं होने वाला दोस्त होगा अच्छा तभी जब लोग अच्छे होंगे लोगों की सोच अच्छी हो जाएगी लोग बेहतर हो जाएंगे लोग बेहतर जिंदगी को जीना सीख जाएंगे और बेहतर जिंदगी को जीने के लिए आपको एक फरारी नहीं चाहिए एक बीएमडब्ल्यू नहीं चाहिए मर्सिडीज नहीं चाहिए एक बड़ा घर नहीं चाहिए पैसा जिंदगी को जीने के लिए आपको एक अच्छी सोच की जरूरत है क्योंकि देखो सुख और दुख तो हमेशा लगा रहेगा एक अमीर हो या गरीब अमीर आप यह नहीं कह सकते कि एक अमीर को हर तरह का का सुख प्राप्त नहीं वह हर चीज खरीद सकता वस्तु को खरीदने की क्षमता तो उसमें भी नीति के प्रमुख एक गरीब के घर में भी पाया जाता है और दुख एक अमीर के घर में भी तो आपको अपने आप को बदलना आना चाहिए प्रधानमंत्री तो कितना अच्छे से अच्छा जाए दोस्त लेकिन देश तभी बदल पाएगा जब देश के लोग बदलेंगे और आपने सवाल कीजिए कहा है कि अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो भाई मैं अगर प्रधानमंत्री होता तो मैं सबसे पहले स्कूलों में जो इस स्टडी कराई जा रही है उसके विपरीत एक स्टडी और करा था वह है शास्त्रों की जो हमें जीना सिखाती है हमारी आज की पढ़ाई हमें जीना नहीं सिखाती दोस्त हमारी आज की पढ़ाई तो इस तरीके की मशीनें तैयार करती है इसलिए मेरे को पढ़ाई से हिट हो गया था मैंने तस्वीर के बाद स्कूल छोड़ दिया था लेकिन उसके बाद मैंने शास्त्रों की पढ़ाई करना शुरू कि शास्त्रों में मैंने भगवत गीता को पड़ा और उसने मुझे जिंदगी को एक नई राह आती नहीं नहीं तरीके से जिंदगी को जीने का ढंग सिखाए तो मेरे हिसाब से आजकल के बच्चों को जो सबसे ज्यादा जरूरी है और एक बात आपको मैं सिंपल थी बताऊंगा आज जो हम पढ़ाई कर रहे हैं दोस्तों आने वाले 50 साल में बिल्कुल खत्म हो जाएगी क्योंकि आने वाली जनरेशन रोबोटिक्स होगी आज आप एमबीए करते हैं बड़ी से बड़ी डिग्री को हासिल करते हैं डॉक्टर बनने के लिए लेकिन जिस दिन आपको यह समझ आ जाएगा कि आज एक डॉक्टर से अच्छा है एक रोबोट एक ऑपरेशन को सक्षम बना सकता है तो मैं भी आपको उस पढ़ाई की जरूरत ही नहीं है हम सीधा उसके लिए रोबोट बनाएंगे पुलिस की भर्ती के लिए हम रोबोट खड़े करेंगे पढ़ाई तो कहीं रहे नहीं जाएगी दोस्त तो पढ़ाई कौन सी है हमारे शास्त्रों की
Savaal hai ki maan leejie ki aap hamaare bhaarat desh ke pradhaanamantree hote to aap kis tarah se hamaare bhaarat desh ko sukhee sampann banaatee hai to dost mera javaab isamen yah hai ki sukh aur dukh yah 1 tareeke kee garmee aur sardee kee tarah jis tareeke se sardee aatee hai usee tareeke se dukh bhee aata hai is tareeke se garmee aatee hai usee tareeke se supree aata hai lekin jo hamesha hee sukh-dukh mein laga rahata hai vah hamesha kabhee khush nahin rah paata lekin jo inheen cheejon se aage badh kar to dekho yaar ham jaanate hain ki desh mein kaisa bhee pradhaanamantriyon kitane se bhee achchhe se achchha pradhaanamantree aa jae use kuchh nahin hone vaala dost hoga achchha tabhee jab log achchhe honge logon kee soch achchhee ho jaegee log behatar ho jaenge log behatar jindagee ko jeena seekh jaenge aur behatar jindagee ko jeene ke lie aapako ek pharaaree nahin chaahie ek beeemadablyoo nahin chaahie marsideej nahin chaahie ek bada ghar nahin chaahie paisa jindagee ko jeene ke lie aapako ek achchhee soch kee jaroorat hai kyonki dekho sukh aur dukh to hamesha laga rahega ek ameer ho ya gareeb ameer aap yah nahin kah sakate ki ek ameer ko har tarah ka ka sukh praapt nahin vah har cheej khareed sakata vastu ko khareedane kee kshamata to usamen bhee neeti ke pramukh ek gareeb ke ghar mein bhee paaya jaata hai aur dukh ek ameer ke ghar mein bhee to aapako apane aap ko badalana aana chaahie pradhaanamantree to kitana achchhe se achchha jae dost lekin desh tabhee badal paega jab desh ke log badalenge aur aapane savaal keejie kaha hai ki agar main pradhaanamantree hota to bhaee main agar pradhaanamantree hota to main sabase pahale skoolon mein jo is stadee karaee ja rahee hai usake vipareet ek stadee aur kara tha vah hai shaastron kee jo hamen jeena sikhaatee hai hamaaree aaj kee padhaee hamen jeena nahin sikhaatee dost hamaaree aaj kee padhaee to is tareeke kee masheenen taiyaar karatee hai isalie mere ko padhaee se hit ho gaya tha mainne tasveer ke baad skool chhod diya tha lekin usake baad mainne shaastron kee padhaee karana shuroo ki shaastron mein mainne bhagavat geeta ko pada aur usane mujhe jindagee ko ek naee raah aatee nahin nahin tareeke se jindagee ko jeene ka dhang sikhae to mere hisaab se aajakal ke bachchon ko jo sabase jyaada jarooree hai aur ek baat aapako main simpal thee bataoonga aaj jo ham padhaee kar rahe hain doston aane vaale 50 saal mein bilkul khatm ho jaegee kyonki aane vaalee janareshan robotiks hogee aaj aap emabeee karate hain badee se badee digree ko haasil karate hain doktar banane ke lie lekin jis din aapako yah samajh aa jaega ki aaj ek doktar se achchha hai ek robot ek opareshan ko saksham bana sakata hai to main bhee aapako us padhaee kee jaroorat hee nahin hai ham seedha usake lie robot banaenge pulis kee bhartee ke lie ham robot khade karenge padhaee to kaheen rahe nahin jaegee dost to padhaee kaun see hai hamaare shaastron kee

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
क्या खाना खाने के बाद पानी पीना स्वास्थ्य के लिए सही है?Kya Khana Khane Ke Baad Paani Peena Swasthya Ke Liye Sahi Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:51
नमस्कार दोस्तों का सवाल है कि खाना खाने के बाद पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कितना सही है तो जवाब यह है कि दोस्त खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना बिल्कुल भी सही नहीं है विज्ञान कहता है हमारे शरीर हमारे पेट में चमक में चमक एसिड पाया जाता है जिसकी वजह से खाना पक जाता है और वहीं पर मैं आपको बस पहली बता दूं कि मैं एक भगवत गीता लड़ना हूं और साथ में ही मैंने चैन के विज्ञान की भी काफी ज्यादा बातें समझता हूं और मैंने सीखी है तो उसके मुताबिक मैं आपको जो भी बात बताऊंगा वह तब मैंने अपने आप से अध्ययन करके बताऊंगा ऐसा नहीं है कि मैंने कहीं से पढ़ा है और आपको बता रहा हूं ऐसा बिल्कुल नहीं करता मैं जब तक उस चीज को मैं खुद से ना करके देखूं तो दोस्त खाना खाने के बाद पानी पीना इसमें यह होता है कि विज्ञान कहता है की चमक एसिड पाया जाता है उसकी वजह से आपका खाना पचता है ठीक हमारे शास्त्रों में कहा जाता है कि पेट के अंदर एक अग्नि जल जाती है जिससे खाना वह पछताए जिस तरीके से खाने को पकाने के लिए अग्नि की जरूरत होती है ठीक उसी तरीके से उसे बचाने के लिए अग्नि की जरूरत होती है तो जब वह अपनी चलती है तो उससे वह खाना पक जाता है जिसे हमारे शरीर में जो पोषक तत्व होते हैं वह पूरी तरीके से हमें लग जाते हैं लेकिन आप क्या करते हैं कि आप खाना खाते हैं और तुरंत बाद उसके एकदम पानी पी लेते हैं आप पर मैंने बहुत से लोगों को देखा वह एक टुकड़ा खाएंगे पानी पिएंगे दूसरा टुकड़ा खाएंगे पानी पिएंगे दोस्ती क्या करते हैं आपकी आपका जो खाना अंदर जाता है अब आगे आप तो पानी से बुझ जाएगी ना तो फिर खाना कैसे आपका पड़ेगा और मैंने भी जब अधिकतर यह देखा है कि जब मैं खाना खाता हूं और खाना खाने के बाद में एकदम पानी पी लो तुम पेट एकदम से बाहर सा हो जाता है पेट भरता जाता है टाइप हो जाता है लेकिन अगर आपने कोशिश करी शुरुआत में हर चीज के लिए कोशिश जरूरी है देखो हम सुनते सब किए करते अपने मन की और इसी वजह से हम फंस जाते गलत आदतों सबकी और करो भी सबकी सुन के कि हां भाई यह ठीक हो सकता है या यह ठीक हो सकता है इस तरीके से आप समझ जाएंगे कि आपके लिए क्या चाहिए तो आप अगर अभी पानी पीते हैं तो कोशिश कीजिए कि नहीं मुझे आज पानी पीना ही नहीं आधे घंटे तक कम से कम पानी नहीं पीना और खाना खाने से पहले आधे घंटे पहले पानी पी लीजिए तो इस तरह से जब आप देखेंगे खुद ही तो आपको कुछ टाइम बाद एक आदत सी पड़ जाएगी कि आप खाना खाएंगे और आपको पानी की प्यास बिल्कुल नहीं लगेगी तो हर चीज के लिए आदत जरूरी होती है जो यह शरीर है यह ठंड में भी बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा ठंड में भी रह सकता और बहुत ज्यादा गर्मी में भी रह सकता है इसके लिए उसे बदलना पड़ता है तो अपने आप को पालना सीखो किसी भी चीज में धन्यवाद
Namaskaar doston ka savaal hai ki khaana khaane ke baad paanee peena svaasthy ke lie kitana sahee hai to javaab yah hai ki dost khaana khaane ke turant baad paanee peena bilkul bhee sahee nahin hai vigyaan kahata hai hamaare shareer hamaare pet mein chamak mein chamak esid paaya jaata hai jisakee vajah se khaana pak jaata hai aur vaheen par main aapako bas pahalee bata doon ki main ek bhagavat geeta ladana hoon aur saath mein hee mainne chain ke vigyaan kee bhee kaaphee jyaada baaten samajhata hoon aur mainne seekhee hai to usake mutaabik main aapako jo bhee baat bataoonga vah tab mainne apane aap se adhyayan karake bataoonga aisa nahin hai ki mainne kaheen se padha hai aur aapako bata raha hoon aisa bilkul nahin karata main jab tak us cheej ko main khud se na karake dekhoon to dost khaana khaane ke baad paanee peena isamen yah hota hai ki vigyaan kahata hai kee chamak esid paaya jaata hai usakee vajah se aapaka khaana pachata hai theek hamaare shaastron mein kaha jaata hai ki pet ke andar ek agni jal jaatee hai jisase khaana vah pachhatae jis tareeke se khaane ko pakaane ke lie agni kee jaroorat hotee hai theek usee tareeke se use bachaane ke lie agni kee jaroorat hotee hai to jab vah apanee chalatee hai to usase vah khaana pak jaata hai jise hamaare shareer mein jo poshak tatv hote hain vah pooree tareeke se hamen lag jaate hain lekin aap kya karate hain ki aap khaana khaate hain aur turant baad usake ekadam paanee pee lete hain aap par mainne bahut se logon ko dekha vah ek tukada khaenge paanee pienge doosara tukada khaenge paanee pienge dostee kya karate hain aapakee aapaka jo khaana andar jaata hai ab aage aap to paanee se bujh jaegee na to phir khaana kaise aapaka padega aur mainne bhee jab adhikatar yah dekha hai ki jab main khaana khaata hoon aur khaana khaane ke baad mein ekadam paanee pee lo tum pet ekadam se baahar sa ho jaata hai pet bharata jaata hai taip ho jaata hai lekin agar aapane koshish karee shuruaat mein har cheej ke lie koshish jarooree hai dekho ham sunate sab kie karate apane man kee aur isee vajah se ham phans jaate galat aadaton sabakee aur karo bhee sabakee sun ke ki haan bhaee yah theek ho sakata hai ya yah theek ho sakata hai is tareeke se aap samajh jaenge ki aapake lie kya chaahie to aap agar abhee paanee peete hain to koshish keejie ki nahin mujhe aaj paanee peena hee nahin aadhe ghante tak kam se kam paanee nahin peena aur khaana khaane se pahale aadhe ghante pahale paanee pee leejie to is tarah se jab aap dekhenge khud hee to aapako kuchh taim baad ek aadat see pad jaegee ki aap khaana khaenge aur aapako paanee kee pyaas bilkul nahin lagegee to har cheej ke lie aadat jarooree hotee hai jo yah shareer hai yah thand mein bhee bahut jyaada bahut jyaada thand mein bhee rah sakata aur bahut jyaada garmee mein bhee rah sakata hai isake lie use badalana padata hai to apane aap ko paalana seekho kisee bhee cheej mein dhanyavaad

#मनोरंजन

bolkar speaker
आपको भारत में क्या क्या बदलाव देखना है?Apko Bhaarat Mein Kya Kya Badlav Dekhna Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
नमस्कार दोस्तों का सवाल है कि खाना खाने के बाद पानी पीना स्वास्थ्य के लिए कितना सही है तो जवाब यह है कि दोस्त खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना बिल्कुल भी सही नहीं है विज्ञान कहता है हमारे शरीर हमारे पेट में चमक में चमक एसिड पाया जाता है जिसकी वजह से खाना पक जाता है और वहीं पर मैं आपको बस पहली बता दूं कि मैं एक भगवत गीता लड़ना हूं और साथ में ही मैंने चैन के विज्ञान की भी काफी ज्यादा बातें समझता हूं और मैंने सीखी है तो उसके मुताबिक मैं आपको जो भी बात बताऊंगा वह तब मैंने अपने आप से अध्ययन करके बताऊंगा ऐसा नहीं है कि मैंने कहीं से पढ़ा है और आपको बता रहा हूं ऐसा बिल्कुल नहीं करता मैं जब तक उस चीज को मैं खुद से ना करके देखूं तो दोस्त खाना खाने के बाद पानी पीना इसमें यह होता है कि विज्ञान कहता है की चमक एसिड पाया जाता है उसकी वजह से आपका खाना पचता है ठीक हमारे शास्त्रों में कहा जाता है कि पेट के अंदर एक अग्नि जल जाती है जिससे खाना वह पछताए जिस तरीके से खाने को पकाने के लिए अग्नि की जरूरत होती है ठीक उसी तरीके से उसे बचाने के लिए अग्नि की जरूरत होती है तो जब वह अपनी चलती है तो उससे वह खाना पक जाता है जिसे हमारे शरीर में जो पोषक तत्व होते हैं वह पूरी तरीके से हमें लग जाते हैं लेकिन आप क्या करते हैं कि आप खाना खाते हैं और तुरंत बाद उसके एकदम पानी पी लेते हैं आप पर मैंने बहुत से लोगों को देखा वह एक टुकड़ा खाएंगे पानी पिएंगे दूसरा टुकड़ा खाएंगे पानी पिएंगे दोस्ती क्या करते हैं आपकी आपका जो खाना अंदर जाता है अब आगे आप तो पानी से बुझ जाएगी ना तो फिर खाना कैसे आपका पड़ेगा और मैंने भी जब अधिकतर यह देखा है कि जब मैं खाना खाता हूं और खाना खाने के बाद में एकदम पानी पी लो तुम पेट एकदम से बाहर सा हो जाता है पेट भरता जाता है टाइप हो जाता है लेकिन अगर आपने कोशिश करी शुरुआत में हर चीज के लिए कोशिश जरूरी है देखो हम सुनते सब किए करते अपने मन की और इसी वजह से हम फंस जाते गलत आदतों सबकी और करो भी सबकी सुन के कि हां भाई यह ठीक हो सकता है या यह ठीक हो सकता है इस तरीके से आप समझ जाएंगे कि आपके लिए क्या चाहिए तो आप अगर अभी पानी पीते हैं तो कोशिश कीजिए कि नहीं मुझे आज पानी पीना ही नहीं आधे घंटे तक कम से कम पानी नहीं पीना और खाना खाने से पहले आधे घंटे पहले पानी पी लीजिए तो इस तरह से जब आप देखेंगे खुद ही तो आपको कुछ टाइम बाद एक आदत सी पड़ जाएगी कि आप खाना खाएंगे और आपको पानी की प्यास बिल्कुल नहीं लगेगी तो हर चीज के लिए आदत जरूरी होती है जो यह शरीर है यह ठंड में भी बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा ठंड में भी रह सकता और बहुत ज्यादा गर्मी में भी रह सकता है इसके लिए उसे बदलना पड़ता है तो अपने आप को पालना सीखो किसी भी चीज में धन्यवाद
Namaskaar doston ka savaal hai ki khaana khaane ke baad paanee peena svaasthy ke lie kitana sahee hai to javaab yah hai ki dost khaana khaane ke turant baad paanee peena bilkul bhee sahee nahin hai vigyaan kahata hai hamaare shareer hamaare pet mein chamak mein chamak esid paaya jaata hai jisakee vajah se khaana pak jaata hai aur vaheen par main aapako bas pahalee bata doon ki main ek bhagavat geeta ladana hoon aur saath mein hee mainne chain ke vigyaan kee bhee kaaphee jyaada baaten samajhata hoon aur mainne seekhee hai to usake mutaabik main aapako jo bhee baat bataoonga vah tab mainne apane aap se adhyayan karake bataoonga aisa nahin hai ki mainne kaheen se padha hai aur aapako bata raha hoon aisa bilkul nahin karata main jab tak us cheej ko main khud se na karake dekhoon to dost khaana khaane ke baad paanee peena isamen yah hota hai ki vigyaan kahata hai kee chamak esid paaya jaata hai usakee vajah se aapaka khaana pachata hai theek hamaare shaastron mein kaha jaata hai ki pet ke andar ek agni jal jaatee hai jisase khaana vah pachhatae jis tareeke se khaane ko pakaane ke lie agni kee jaroorat hotee hai theek usee tareeke se use bachaane ke lie agni kee jaroorat hotee hai to jab vah apanee chalatee hai to usase vah khaana pak jaata hai jise hamaare shareer mein jo poshak tatv hote hain vah pooree tareeke se hamen lag jaate hain lekin aap kya karate hain ki aap khaana khaate hain aur turant baad usake ekadam paanee pee lete hain aap par mainne bahut se logon ko dekha vah ek tukada khaenge paanee pienge doosara tukada khaenge paanee pienge dostee kya karate hain aapakee aapaka jo khaana andar jaata hai ab aage aap to paanee se bujh jaegee na to phir khaana kaise aapaka padega aur mainne bhee jab adhikatar yah dekha hai ki jab main khaana khaata hoon aur khaana khaane ke baad mein ekadam paanee pee lo tum pet ekadam se baahar sa ho jaata hai pet bharata jaata hai taip ho jaata hai lekin agar aapane koshish karee shuruaat mein har cheej ke lie koshish jarooree hai dekho ham sunate sab kie karate apane man kee aur isee vajah se ham phans jaate galat aadaton sabakee aur karo bhee sabakee sun ke ki haan bhaee yah theek ho sakata hai ya yah theek ho sakata hai is tareeke se aap samajh jaenge ki aapake lie kya chaahie to aap agar abhee paanee peete hain to koshish keejie ki nahin mujhe aaj paanee peena hee nahin aadhe ghante tak kam se kam paanee nahin peena aur khaana khaane se pahale aadhe ghante pahale paanee pee leejie to is tarah se jab aap dekhenge khud hee to aapako kuchh taim baad ek aadat see pad jaegee ki aap khaana khaenge aur aapako paanee kee pyaas bilkul nahin lagegee to har cheej ke lie aadat jarooree hotee hai jo yah shareer hai yah thand mein bhee bahut jyaada bahut jyaada thand mein bhee rah sakata aur bahut jyaada garmee mein bhee rah sakata hai isake lie use badalana padata hai to apane aap ko paalana seekho kisee bhee cheej mein dhanyavaad

#मनोरंजन

bolkar speaker
लड़कियों को क्यों कमजोर समझा जाता है?Ladkiyo Ko Kyun Kamjor Samjha Jata Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
जफर वाले लड़कियों को क्यों कमजोर समझा जाता है और मेरा जवाब है कि जो लोग लड़कियों को कमजोर समझते हैं शायद वह यह भूल चुके हैं कि उन्होंने भी किसी मां के पेट से जन्म मैं आपको ही भाव बता देता हूं आप एहसास करने की कोशिश भी करेंगे ना दोस्त फिर भी एहसास नहीं कर पाएंगे उस दर्द का एहसास नहीं कर पाएंगे उस जन को ऐसा आदमी कर पाएंगे जो एक मां और बच्चे को पैदा करने से पहले लड़की है 9 महीने तक और उसके इस दुनिया में आने से पहले तू यह बातें हम सिर्फ सोच सकते हैं और कह सकते हैं कि हां उससे ज्यादा बड़ी जंग देश दुनिया में कुछ नहीं होते बड़ा युद्ध कुछ नहीं है लेकिन वहीं पर पेट से बाहर आ जाने के बाद कहीं पर कुछ लोगों की सोच होती है जिस तरह कैसे उन्होंने सवाल किया कि लड़कियों को क्यों कमजोर समझा जाता है भाई बहुत गलत है यार कमजोर समझना ही नहीं चाहिए बल्कि उनसे तो बड़ा योद्धा है इस दुनिया में है ही नहीं कोई अगर लड़की है तो वह आने वाले टाइम पर मार जरूर बनेगी और फिर उससे बड़ा युद्ध कोई नहीं लड़े तो वह लड़की है संसार के लिए इस संसार में आगे जीवन देने के लिए तो कभी भी ऐसा मत पूछो और वैसे भी यार दोस्त अब फिजिकली वह खत्म होते जा रहा मैं एक तरीके से बोलूं तो ईश्वर ने उन्हें शारीरिक रूप से थोड़ा नाजुक बनाया लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि वह नहा चुके हैं वह कमजोर है नाजुक और कमजोर में जमीन आसमान का फर्क ना दुकान नाजुक होते हुए भी अपने मन से सरल होते हुए भी बहुत कठिन हो सकता है बहुत ही ज्यादा मजबूत हो सकता है आप किसी से बहुत देर से बात करते हैं तो लगता है कि इंसान में बहुत ज्यादा सरलता है यह कुछ भी कर सकता और दूसरी जगह आप वहीं पर घोर परिश्रम करने का भी दम रखते हैं तो एक लड़की वह है जो अपने दिमाग से या अपने शरीर की किसी भी क्षमता को दिल से कमजोर नहीं करना चाहिए और आप तो समय बदलने वाला है तो अब सारे काम दिमाग से होने वाले आने वाले 10 से 20 30 सालों में जनरेशन बहुत चेंज हो इतने लोगों को सिर्फ अपने दिमाग से काम करना पड़े मोबाइल से काम करना पड़े तो ऐसे ही जनरेशन में आप एक लड़की को कमजोर नहीं बता सकते क्योंकि वह भी वहां उतना ही काम कर रही हो कि जितना कि एक पुरुष कर रहे हो तो यह सवाल गलत है कि लड़कियों को क्यों कमजोर सुंदर लड़कियों को कमजोर नहीं समझा जाता और जो समझते हैं वह शायद अपनी मां के पेट से पैदा होने के बाद भूल गए कि हमने भी किसी मां से से मिलती है किसी लड़की से
Japhar vaale ladakiyon ko kyon kamajor samajha jaata hai aur mera javaab hai ki jo log ladakiyon ko kamajor samajhate hain shaayad vah yah bhool chuke hain ki unhonne bhee kisee maan ke pet se janm main aapako hee bhaav bata deta hoon aap ehasaas karane kee koshish bhee karenge na dost phir bhee ehasaas nahin kar paenge us dard ka ehasaas nahin kar paenge us jan ko aisa aadamee kar paenge jo ek maan aur bachche ko paida karane se pahale ladakee hai 9 maheene tak aur usake is duniya mein aane se pahale too yah baaten ham sirph soch sakate hain aur kah sakate hain ki haan usase jyaada badee jang desh duniya mein kuchh nahin hote bada yuddh kuchh nahin hai lekin vaheen par pet se baahar aa jaane ke baad kaheen par kuchh logon kee soch hotee hai jis tarah kaise unhonne savaal kiya ki ladakiyon ko kyon kamajor samajha jaata hai bhaee bahut galat hai yaar kamajor samajhana hee nahin chaahie balki unase to bada yoddha hai is duniya mein hai hee nahin koee agar ladakee hai to vah aane vaale taim par maar jaroor banegee aur phir usase bada yuddh koee nahin lade to vah ladakee hai sansaar ke lie is sansaar mein aage jeevan dene ke lie to kabhee bhee aisa mat poochho aur vaise bhee yaar dost ab phijikalee vah khatm hote ja raha main ek tareeke se boloon to eeshvar ne unhen shaareerik roop se thoda naajuk banaaya lekin isaka yah arth nahin ki vah naha chuke hain vah kamajor hai naajuk aur kamajor mein jameen aasamaan ka phark na dukaan naajuk hote hue bhee apane man se saral hote hue bhee bahut kathin ho sakata hai bahut hee jyaada majaboot ho sakata hai aap kisee se bahut der se baat karate hain to lagata hai ki insaan mein bahut jyaada saralata hai yah kuchh bhee kar sakata aur doosaree jagah aap vaheen par ghor parishram karane ka bhee dam rakhate hain to ek ladakee vah hai jo apane dimaag se ya apane shareer kee kisee bhee kshamata ko dil se kamajor nahin karana chaahie aur aap to samay badalane vaala hai to ab saare kaam dimaag se hone vaale aane vaale 10 se 20 30 saalon mein janareshan bahut chenj ho itane logon ko sirph apane dimaag se kaam karana pade mobail se kaam karana pade to aise hee janareshan mein aap ek ladakee ko kamajor nahin bata sakate kyonki vah bhee vahaan utana hee kaam kar rahee ho ki jitana ki ek purush kar rahe ho to yah savaal galat hai ki ladakiyon ko kyon kamajor sundar ladakiyon ko kamajor nahin samajha jaata aur jo samajhate hain vah shaayad apanee maan ke pet se paida hone ke baad bhool gae ki hamane bhee kisee maan se se milatee hai kisee ladakee se

#मनोरंजन

bolkar speaker
क्या सच में बॉलीवुड नरक है?Kya Sach Mein Bollywood Narak Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:09
के सवाल है कि क्या सच में बॉलीवुड में रखें तो जवाब यह दो कि नर्क तो पूरा संसार है हमें यह जान लेना चाहिए कि हम एक कीचड़ में पैदा हूं लेकिन हमें एक कमल की भांति हमें पेश आना पड़ेगा कमल की भांति अपने आपको बनाना पड़ेगा जिस तरीके से कमल कीचड़ में रहने के बावजूद की बेदाग रहता है कीचड़ से विलग रहता है अलग रहती खुशी तरीके से हमें यह समझना पड़ेगा संसार सारा ही कीचड़ से भरा हुआ है लेकिन आपको कमल की भांति खेलना है आप को यह नहीं देखना कि बॉलीवुड न रखे टॉलीवुड न रखे या यह गंदा है या वह गंदा ही नहीं आप तो साफ होना तो जो इंसान खुद में सही होता है साफ होता है सच्चा होता है इमानदार होता है वही चीजें नहीं देखता दोस्त वह जहां भी जाता है वहां पर अगर आपके हैं बॉलीवुड में रखें तो मैं भी मगर आप अच्छे लोग हैं आप अपनी आत्मा को हमेशा अच्छा मानते हैं आप हमेशा अच्छा काम करना जानते हैं और अच्छा काम करना चाहते हैं तो आप जैसे लोगों का बॉलीवुड में भी जाएंगे भाई जो बॉलीवुड को कोई नरक नहीं करेगा बॉलीवुड क्या कोई भी कोई भी कार्य हो जैसे आज के टाइम में हम कहते हैं कि सरकार में भ्रष्टाचार बहुत हो गया सरकार में भ्रष्टाचार नहीं है लोगों में भ्रष्टाचार सिस्टम खराब नहीं है लोग खराब है तो अगर आप जैसे लोग आगे बढ़ेंगे आप जैसे लोग चाहे आप जैसे लोगों की जो सोच है वह उन लोगों की भी सोचो और ईमानदारी का जो विस्फोट होता है ना वह पड़ेगा तो हर चीज अच्छी हो जाएगी साफ-सुथरी होती है इसी के साथ विदा लेते हैं और मुझे बोलकर में फॉलो कीजिए सब्सक्राइब कीजिए मैं आपके सवालों का जवाब दूंगा धन्यवाद
Ke savaal hai ki kya sach mein boleevud mein rakhen to javaab yah do ki nark to poora sansaar hai hamen yah jaan lena chaahie ki ham ek keechad mein paida hoon lekin hamen ek kamal kee bhaanti hamen pesh aana padega kamal kee bhaanti apane aapako banaana padega jis tareeke se kamal keechad mein rahane ke baavajood kee bedaag rahata hai keechad se vilag rahata hai alag rahatee khushee tareeke se hamen yah samajhana padega sansaar saara hee keechad se bhara hua hai lekin aapako kamal kee bhaanti khelana hai aap ko yah nahin dekhana ki boleevud na rakhe toleevud na rakhe ya yah ganda hai ya vah ganda hee nahin aap to saaph hona to jo insaan khud mein sahee hota hai saaph hota hai sachcha hota hai imaanadaar hota hai vahee cheejen nahin dekhata dost vah jahaan bhee jaata hai vahaan par agar aapake hain boleevud mein rakhen to main bhee magar aap achchhe log hain aap apanee aatma ko hamesha achchha maanate hain aap hamesha achchha kaam karana jaanate hain aur achchha kaam karana chaahate hain to aap jaise logon ka boleevud mein bhee jaenge bhaee jo boleevud ko koee narak nahin karega boleevud kya koee bhee koee bhee kaary ho jaise aaj ke taim mein ham kahate hain ki sarakaar mein bhrashtaachaar bahut ho gaya sarakaar mein bhrashtaachaar nahin hai logon mein bhrashtaachaar sistam kharaab nahin hai log kharaab hai to agar aap jaise log aage badhenge aap jaise log chaahe aap jaise logon kee jo soch hai vah un logon kee bhee socho aur eemaanadaaree ka jo visphot hota hai na vah padega to har cheej achchhee ho jaegee saaph-sutharee hotee hai isee ke saath vida lete hain aur mujhe bolakar mein pholo keejie sabsakraib keejie main aapake savaalon ka javaab doonga dhanyavaad

#मनोरंजन

bolkar speaker
सबसे ऊंची चोटी कौन सी?Sabse Unchi Choti Kaun Si
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
0:35
भाई सबसे ऊंची चोटी है आपकी एवरेस्ट चोटी जो भारत में ही 1950 के दशक में इसका सर्वे करके बताया था कि 8848 मीटर की स्कीम चाहिए नेपाल में इसे किसी और भाषा से कहा इस नाम से जाना जाता है लेकिन ज्यादातर लोग इसे एवरेस्ट चोटी के नाम से जानते हैं और बाकी सवाल का जवाब नहीं दिया अब आप किसी को भी जवाब देते सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट
Bhaee sabase oonchee chotee hai aapakee evarest chotee jo bhaarat mein hee 1950 ke dashak mein isaka sarve karake bataaya tha ki 8848 meetar kee skeem chaahie nepaal mein ise kisee aur bhaasha se kaha is naam se jaana jaata hai lekin jyaadaatar log ise evarest chotee ke naam se jaanate hain aur baakee savaal ka javaab nahin diya ab aap kisee ko bhee javaab dete sabase oonchee chotee evarest

#मनोरंजन

bolkar speaker
क्या योग करने से ऑपरेशन की हुई आंख से रोशनी में वृद्धि हो सकती है?Kya Yog Karne Se Operation Ki Hui Aankh Se Roshni Mei Vridhi Ho Sakti Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
नमस्कार इन का सवाल है कि योग करने से ऑपरेशन की हुई आंख से रोशनी में वृद्धि हो सकती है या नहीं क्या योग एक ऑपरेशन की हुई हुई आंख में वृद्धि कर सकता है तो मेरा जवाब है हां बिल्कुल अब आपने यह सवाल इसलिए किया क्योंकि आपको कहीं ना कहीं एक शक है लव यू आज के समय में हम ने युवक को एक धंधे की तरह गई ले लिया मतलब उसमें भी इतने सारे पैमाने जोड़ दिए हैं कि जैसे योग नहीं हो गया एक रहते हो गया एक किताब हो गई जिसे हमें सीखना पड़ेगा लेकिन मेरे दोस्त लोग असल में ऐसा नहीं है योग तो इतना सरल है कि किसी को आप एक शब्द में समझा सकते हैं पर इतना कठिन है कि कोई एक शब्द में भी समझ नहीं सकता योग का अर्थ है मुक्ति अपने यह एक तरीके का गेम और योग उस गेम से बचने का सुरक्षा कवच आप यह समझ लीजिए आप में आपके नाक में आपके कान में आपकी हर जगह कहीं ना कहीं कोई ना कोई प्रॉब्लम हो सकती है भाई क्योंकि यह प्रॉब्लम हो से भरी हुई है लेकिन इससे बचाव के लिए ग्रुप बनाया आज योग कौन काफी अलग अलग तरीके से लेते हैं लाइक आपको कुछ और हो तो आप अनुलोम-विलोम कीजिए आपको कुछ और हो तो आप यह कीजिए पादासन कीजिए वह आसन कीजिए हर बीमारी के लिए योग बना दिया लेकिन मेरा मानना यह है कि सभी बीमारियों को लेकर के कि योग होते हैं वह लोग अगर आपको इन बीमारियों से बचना है तो मुक्त रहकर जीना पड़े रहने का अर्थ यह है दोस्त कि आपको हमेशा यह सोचना पड़ेगा कि जैसे हम जीवन में जी रहे हैं मैंने जो योग में सीखा है वह यही है कि किसी भी चीज का अपने मन में कभी भी किसी भी प्रकार की शंका को मत पैदा कीजिए विचलित ना हो गई जबकि यार ऐसा क्यों ऐसा क्यों नहीं है बस इसी चीजों में आप हंसकर आप ही रह जाती और 90 से ज्यादा परसेंट की जिंदगी है आप उसे समझ नहीं पाते देख नहीं पाते दोस्त लोग हमें उस दुनिया को देखने की क्षमता दे तो वह आप आंख से ही दुनिया को देखने की कोशिश कीजिए तो शायद रोशनी कम हो सकती है लेकिन इस दुनिया के अलावा इसी दुनिया में एक दुनिया और अगर आप उसी आंख से वह दुनिया को देखने की कोशिश करेंगे मेरे हिसाब से आपको भी सवाल उठाएंगे नहीं कि रोशनी में वृद्धि हो सकती है या नहीं इसलिए दोस्त मैं कहता हूं कि योग को एक सही पैमाने पर सीखो योग का अर्थ है कि मुक्त रहकर जी टेंशन मत लो गुस्सा मत करो किसी से घृणा मत
Namaskaar in ka savaal hai ki yog karane se opareshan kee huee aankh se roshanee mein vrddhi ho sakatee hai ya nahin kya yog ek opareshan kee huee huee aankh mein vrddhi kar sakata hai to mera javaab hai haan bilkul ab aapane yah savaal isalie kiya kyonki aapako kaheen na kaheen ek shak hai lav yoo aaj ke samay mein ham ne yuvak ko ek dhandhe kee tarah gaee le liya matalab usamen bhee itane saare paimaane jod die hain ki jaise yog nahin ho gaya ek rahate ho gaya ek kitaab ho gaee jise hamen seekhana padega lekin mere dost log asal mein aisa nahin hai yog to itana saral hai ki kisee ko aap ek shabd mein samajha sakate hain par itana kathin hai ki koee ek shabd mein bhee samajh nahin sakata yog ka arth hai mukti apane yah ek tareeke ka gem aur yog us gem se bachane ka suraksha kavach aap yah samajh leejie aap mein aapake naak mein aapake kaan mein aapakee har jagah kaheen na kaheen koee na koee problam ho sakatee hai bhaee kyonki yah problam ho se bharee huee hai lekin isase bachaav ke lie grup banaaya aaj yog kaun kaaphee alag alag tareeke se lete hain laik aapako kuchh aur ho to aap anulom-vilom keejie aapako kuchh aur ho to aap yah keejie paadaasan keejie vah aasan keejie har beemaaree ke lie yog bana diya lekin mera maanana yah hai ki sabhee beemaariyon ko lekar ke ki yog hote hain vah log agar aapako in beemaariyon se bachana hai to mukt rahakar jeena pade rahane ka arth yah hai dost ki aapako hamesha yah sochana padega ki jaise ham jeevan mein jee rahe hain mainne jo yog mein seekha hai vah yahee hai ki kisee bhee cheej ka apane man mein kabhee bhee kisee bhee prakaar kee shanka ko mat paida keejie vichalit na ho gaee jabaki yaar aisa kyon aisa kyon nahin hai bas isee cheejon mein aap hansakar aap hee rah jaatee aur 90 se jyaada parasent kee jindagee hai aap use samajh nahin paate dekh nahin paate dost log hamen us duniya ko dekhane kee kshamata de to vah aap aankh se hee duniya ko dekhane kee koshish keejie to shaayad roshanee kam ho sakatee hai lekin is duniya ke alaava isee duniya mein ek duniya aur agar aap usee aankh se vah duniya ko dekhane kee koshish karenge mere hisaab se aapako bhee savaal uthaenge nahin ki roshanee mein vrddhi ho sakatee hai ya nahin isalie dost main kahata hoon ki yog ko ek sahee paimaane par seekho yog ka arth hai ki mukt rahakar jee tenshan mat lo gussa mat karo kisee se ghrna mat

#धर्म और ज्योतिषी

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58

#धर्म और ज्योतिषी

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:36

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
ठंड के दिनों में क्या बेहतर है आग सेकना या हीटर का उपयोग करना?Thand Ke Dinon Mein Kya Behtar Hai Aag Sekna Ya Heater Ka Upyog Karna
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या भारत आने वाले समय में एक महाशक्ति बनेगा?Kya Bharat Ane Vale Samay Mei Ek Mahashakti Banega
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:51

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
हम अपने ज्ञान को जल्द कैसे बढ़ा सकते हैं?Hum Apne Gyaan Ko Jald Kaise Badha Sakte Hain
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:53

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
इंटरनेट के बारे में एक आश्चर्यजनक तथ्य क्या है?Internet Ke Bare Mein Ek Ashcharyajanak Tathya Kya Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
2020 ने हमें क्या कुछ अच्छा सिखाया है?2020 Ne Humen Kya Kuch Accha Sikhaya Hai
kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:55

#टेक्नोलॉजी

kaalki Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए kaalki जी का जवाब
Marketing executive,,deals with wellness products,,Driver,
2:58
इनका सवाल है कि हमारी जो आने वाली पीढ़ियां है वह बड़ी बदनसीब है क्योंकि वह सब चीज नहीं देख पाएंगे जो नसीब से हमें देखने को मिला है मैं नहीं जानता कि आप किस चीज को अपना नसीब बता रहे हैं और किस चीज को आप कह रहे हैं कि वह बड़े बदनसीब हैं लेकिन आपके सवाल से मेरे अंदर जो एक भविष्य को देखने की क्षमता है या अपने दिमाग से आकलन लगा लगाने कि भविष्य में क्या हो सकता है उसके हिसाब से मैं आपके सवाल के लिए जवाब दे रहा हूं तो मेरा जवाब यह है कि भाई सही में आने वाली पीढ़ी काफी बदनसीब है और वह बदनसीब वह खुद की वजह से नहीं है वह बदनसीब होगी हमारी वजह से हमारे दिल्ली शेड्यूल की वजह से एक जगह तो हम कहते हैं हम भारतीय हैं लेकिन हकीकत में भारतीय होने का जो हमें श्रेय मिलना चाहिए वह नहीं मिलना चाहिए क्योंकि हम सिर्फ नाम के बाहर किए हैं अगर हम भारतीय होते तुम हम सबसे पहले वह जानने की कोशिश करते जो हमारे जीवन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है जैसे कि मैं एक पहले ऐसा लड़का था जिसने अपने घर में सिर्फ यह समझा कि एक मंदिर होता है एक भगवान होता है और उसकी हमें रोज पूजा करनी चाहिए बस इससे ज्यादा और कुछ नहीं सीखा लेकिन एक समय के बाद मैं धीरे-धीरे मतलब इन्हीं चीजों में डूबने लग गया जैसे कि भगवान ने ही मेरा एक रास्ता बनाया कि तू अब इस पर चली मैं भगवान पर बिल्कुल विश्वास नहीं करता था ना ही मुझे कभी विश्वास था और आज भी चाय पी क्वेश्चन का जो आंसर सुन रहे होंगे वह भी बहुत से ऐसे लोगों के जो भगवान पर विश्वास नहीं करते लेकिन आज मैं यह कहता हूं कि आप मुझे एक बात बताइए कि भगवान को ना मानने से क्या मिलता है और मैं तो फायदे से ज्यादा आपको बताऊंगा कि भगवान को मानने से क्या मिलता है तो ऐसी दोस्त मेरा जो रास्ता था वह भगवान की तरफ हो गया मैं भी मेरे पापा ने मेरे को भी बुला कर दी थी जिसे भारत का सबसे सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ कहते हैं भागवत गीता करता था और मैं स्टेशन को बिल्कुल विज्ञान के नजरिए से देख कर चलता है कि किसी भगवान कोई भगवान भगवान तो होते नहीं लेकिन हां यह तो मेडिटेशन ही है जो योगा यह काफी एक वैज्ञानिक सूत्र है पुराने लोग लोगों का जो जिन्होंने यह सर्च रिसर्च करो क्योंकि मैं वह अपनी रिसर्च में कामयाबी का जाता है जो इंसान मेडिटेशन करता है वह अपनी जीवन की बहुत ही उलझन ओं से बस जाता है लाइक अपनी उसकी जो हेल्थ होती है वह औरों के मुकाबले ज्यादा अच्छी होती है और भी जो बहुत से बेनिफिट है तुम्हें मेडिसिन को कुछ इसी तरीके से लेकर चलता था लेकिन फिर एक समय आएगी जब मैं पापा ने मेरे को भूख लाकर दी तो मैंने सोचा कि चलो यार क्यों ना इसे भी पढ़ लिया जाए वैसे तो मैं कहता हूं कि भगवान नहीं है कोई नहीं एक बार भगवान के बारे में पढ़ लिया जाए इससे शायद मेरे बहुत से डाउट खत्म हो जाएंगे तो मैंने उसे पढ़ना शुरू किया और आप विश्वास नहीं करेंगे उसे पढ़ने के बाद उस बुक को पूरा
URL copied to clipboard