#भारत की राजनीति

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किसानों की कृषि कानूनों को सरकार से वापस लेने की जिद को आप कैसे समझते हैं?Kishano Ki Krishi Kanunon Ko Sarkar Se Vapas Lene Ki Jid Ko Aap Kaise Samajhte Hain
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नैंसी गहलोत और अंशुल मालवीय जी के द्वारा अनुरोध सवाल है कि किसानों की कृषि कानूनों को सरकार से वापस लेने की विधि को आप कैसे समझते हैं देखिए दोस्तों वैसे तो मैं भी किसान का ही बैठा हूं और यह जो नई किसी कानून बिल पारित किए गए हैं यह अगर सही मायने में देखा जाए तो किसानों के लिए काफी हद तक फायदेमंद होंगे क्योंकि अभी तक जो किसान जो भी कुछ होता है जो भी कुछ फसल उगाता है उसको एक सीमित दायरे में ही भेज सकता है लेकिन अब तो यह बिल बनाए गए हैं इन में किसानों को काफी राइट्स दिए गए हैं और मतलब अपनी जो फसल है वह एक राज्य से दूसरे राज्य में भेज सकता है उसको पूरी आजादी रहेगी और दूसरा एक कांटेक्ट फॉर्मिंग है उसका भी मतलब काफी हद तक फायदेमंद होगा मतलब जो भी उस अपनी जो जो फसल होगा आएगा उसका कांटेक्ट होगा और केवल फसल का ही कांटेक्ट होगा ऐसा नहीं है कि जमीन का होगा यह हो ही नहीं सकता और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में बहुत ही सेफ्टी दी गई है किसानों को ऐसा नहीं है कि केवल फॉर्मेलिटी है मतलब पूरा सेफ्टी रखा गया है और जो भी मतलब किसान इसी तरह से मतलब एक व्यापारी के तौर पर काम करेगा और इससे क्या होगा कि किसानों की जो अभी तक जो स्थिति है उसमें उससे मतलब ज्यादा कुछ विकास हो नहीं पा रहा था वही की मजबूरी में उसको एक को एक सीमित दायरे में ही अपनी फसल को दिखाना पड़ा था लेकिन अब जो यह बिल पारित हुए इनसे पूरी उनको आजादी रहेगी और मतलब जो भी जो फसल है वह भी उनकी तरह से व्यापार के रूप में उसका जो फसल है उसका अपना वह अच्छा दाम अपनी इच्छा से अपने अच्छे दाम पर बिक सकता है और जिस तरीके से अभी आप लोगों ने देखा होगा कि सभी जनवरी पर यह जो लाल किले पर एक विशेष धर्म का झंडा फहराया गया है इससे लगता तो नहीं है कि यह किसान आंदोलन है तो अगर इतने ही यह सानू के लिए फायदेमंद नहीं होता तो पूरे देश से किसान वहां मिलते हैं लेकिन कुछ ही राज्यों के किसान वहां पर हैं धन्यवाद दोस्तों
Nainsee gahalot aur anshul maalaveey jee ke dvaara anurodh savaal hai ki kisaanon kee krshi kaanoonon ko sarakaar se vaapas lene kee vidhi ko aap kaise samajhate hain dekhie doston vaise to main bhee kisaan ka hee baitha hoon aur yah jo naee kisee kaanoon bil paarit kie gae hain yah agar sahee maayane mein dekha jae to kisaanon ke lie kaaphee had tak phaayademand honge kyonki abhee tak jo kisaan jo bhee kuchh hota hai jo bhee kuchh phasal ugaata hai usako ek seemit daayare mein hee bhej sakata hai lekin ab to yah bil banae gae hain in mein kisaanon ko kaaphee raits die gae hain aur matalab apanee jo phasal hai vah ek raajy se doosare raajy mein bhej sakata hai usako pooree aajaadee rahegee aur doosara ek kaantekt phorming hai usaka bhee matalab kaaphee had tak phaayademand hoga matalab jo bhee us apanee jo jo phasal hoga aaega usaka kaantekt hoga aur keval phasal ka hee kaantekt hoga aisa nahin hai ki jameen ka hoga yah ho hee nahin sakata aur kontraikt phaarming mein bahut hee sephtee dee gaee hai kisaanon ko aisa nahin hai ki keval phormelitee hai matalab poora sephtee rakha gaya hai aur jo bhee matalab kisaan isee tarah se matalab ek vyaapaaree ke taur par kaam karega aur isase kya hoga ki kisaanon kee jo abhee tak jo sthiti hai usamen usase matalab jyaada kuchh vikaas ho nahin pa raha tha vahee kee majabooree mein usako ek ko ek seemit daayare mein hee apanee phasal ko dikhaana pada tha lekin ab jo yah bil paarit hue inase pooree unako aajaadee rahegee aur matalab jo bhee jo phasal hai vah bhee unakee tarah se vyaapaar ke roop mein usaka jo phasal hai usaka apana vah achchha daam apanee ichchha se apane achchhe daam par bik sakata hai aur jis tareeke se abhee aap logon ne dekha hoga ki sabhee janavaree par yah jo laal kile par ek vishesh dharm ka jhanda phaharaaya gaya hai isase lagata to nahin hai ki yah kisaan aandolan hai to agar itane hee yah saanoo ke lie phaayademand nahin hota to poore desh se kisaan vahaan milate hain lekin kuchh hee raajyon ke kisaan vahaan par hain dhanyavaad doston

#भारत की राजनीति

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सरकार लाल बहादुर शास्त्री की मौत के रहस्य का पर्दाफाश क्यों नहीं कर रही है?Sarkar Laal Bahadur Shastri Ki Maut Ke Rahasy Ka Pardafash Kyun Nahin Kar Rahe Hai
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2:56
सवाल किया गया है कि सरकार लाल बहादुर शास्त्री की मौत के रहस्य का पर्दाफाश क्यों नहीं कर रही है देखिए दोस्तों कोई भी लोकप्रिय व्यक्ति है और उसका घर किसी साजिश के तहत मर्डर किया गया है तो उसका पर्दाफाश सरकार नहीं कर सकती है क्योंकि जो भी लोग उससे जो भी लोग का उत्साह जिसमें हाथ है तो वह अपनी प्रॉपर्टी के दम पर उनका मतलब दबाव होता है वह किसी मुला अपने आप को बचाने के लिए चाहे कितने भी पैसे लगे तो वह लगाते हैं मतलब उनका पूरा दबाव होता है और आज के टाइम में बहुत कम ही लोग हैं जो सच्चाई को पैसों से नहीं खोलते हैं और देखा जाए तो सरकार भी कोई एक व्यक्ति के हाथ में होती नहीं है चलाना और सभी लोगों के जो थिंकिंग है वह अलग होती है और अधिकतर लोग पैसे को ज्यादा अहमियत देते हैं और सच्चाई को मतलब बताते नहीं है और इसी कारण से मतलब किसी भी लोकप्रिय कोई भी लोकप्रिय व्यक्ति है वह अगर उसका इसे साजिश के तहत मर्डर हुआ है तो उसका पर्दाफाश नहीं हो पाता है और ऐसे बहुत से लोकप्रिय व्यक्ति हुए हैं और नेता हुए हैं जो बहुत ही अच्छे अच्छे रहे हैं लेकिन उनका जो किसी साजिश के तहत मर्डर हुआ है लेकिन उनका आज तक पर्दाफाश नहीं हो पाया है और हो भी नहीं सकता है क्योंकि जो सिस्टम है वह पूरा मतलब उसमें हर तरीके के लोग होते हैं और पैसे के दम पर काफी हद तक बहुत कुछ बदला जा सकता है इसलिए बहुत से लोग ऐसे हैं हमारे देश में जिन्होंने अपने देश के लिए बहुत कुछ किया है और उनका साजिश के तहत मर्डर हुआ है और उनका आज तक कोई पर्दाफाश नहीं हो पाया है लेकिन कुछ किताबें हैं और कुछ नेट पर थोड़ी बहुत सच्चाई है जो मतलब लोग भाग देख सकते हैं बाकी पूरा डिटेल में नहीं देख सकते हैं धन्यवाद
Savaal kiya gaya hai ki sarakaar laal bahaadur shaastree kee maut ke rahasy ka pardaaphaash kyon nahin kar rahee hai dekhie doston koee bhee lokapriy vyakti hai aur usaka ghar kisee saajish ke tahat mardar kiya gaya hai to usaka pardaaphaash sarakaar nahin kar sakatee hai kyonki jo bhee log usase jo bhee log ka utsaah jisamen haath hai to vah apanee propartee ke dam par unaka matalab dabaav hota hai vah kisee mula apane aap ko bachaane ke lie chaahe kitane bhee paise lage to vah lagaate hain matalab unaka poora dabaav hota hai aur aaj ke taim mein bahut kam hee log hain jo sachchaee ko paison se nahin kholate hain aur dekha jae to sarakaar bhee koee ek vyakti ke haath mein hotee nahin hai chalaana aur sabhee logon ke jo thinking hai vah alag hotee hai aur adhikatar log paise ko jyaada ahamiyat dete hain aur sachchaee ko matalab bataate nahin hai aur isee kaaran se matalab kisee bhee lokapriy koee bhee lokapriy vyakti hai vah agar usaka ise saajish ke tahat mardar hua hai to usaka pardaaphaash nahin ho paata hai aur aise bahut se lokapriy vyakti hue hain aur neta hue hain jo bahut hee achchhe achchhe rahe hain lekin unaka jo kisee saajish ke tahat mardar hua hai lekin unaka aaj tak pardaaphaash nahin ho paaya hai aur ho bhee nahin sakata hai kyonki jo sistam hai vah poora matalab usamen har tareeke ke log hote hain aur paise ke dam par kaaphee had tak bahut kuchh badala ja sakata hai isalie bahut se log aise hain hamaare desh mein jinhonne apane desh ke lie bahut kuchh kiya hai aur unaka saajish ke tahat mardar hua hai aur unaka aaj tak koee pardaaphaash nahin ho paaya hai lekin kuchh kitaaben hain aur kuchh net par thodee bahut sachchaee hai jo matalab log bhaag dekh sakate hain baakee poora ditel mein nahin dekh sakate hain dhanyavaad

#जीवन शैली

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आपको यह कब एहसास हुआ कि आप जो भी आज कर रहे हैं, यही आपके जीवन का लक्ष्य था?Aapako Yah Kab Ehasaas Hua Ki Aap Jo Bhee Aaj Kar Rahe Hain Yahee Aapake Jeevan Ka Lakshy Tha
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आशिमा चौहान जी ने बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि आपको ही है कब एहसास हुआ कि आप जो भी आज कर रहे हैं यह आपके जीवन का लक्ष्य था जो मेरा लोंग टर्म का जो लक्ष्य है उसका एक पार्ट है जो मैं आज कर रहा हूं और मेरा जो मध्यम दर्जे का जो लक्ष्य है वह 2 साल का है और जो भी मतलब मैं आज कर रहा हूं उसका मतलब बात कीजिए कि एहसास होने की तो मेरे को समथिंग 4 साल हो गए हैं कि जब मेरे को यह एहसास हो गया था कि हां मुझे क्या करना चाहिए और मेरा जो जीवन का जो लॉन्ग टर्म का जो लक्ष्य है वह क्या होना चाहिए और उसके लिए किस तरीके से मुझे काम करना है और क्या मेरी एबिलिटी है और क्या मैं कर सकता हूं और किस भी मैं कर सकता हूं इस सब का जो एहसास है वह मुझे 4 साल पहले ही हो चुका था हां जो मतलब टाइम के अनुसार जो अपडेट है वो टाइम के अनुसार क्लियर होता जा रहा है और टाइम के अनुसार ही उसमें अपडेट किया जा रहा है कि किस तरीके से जल्दी प्रोग्रेस हो सकती है तो उसके लिए क्या क्या मतलब चीजें रिक्वायरमेंट होगी क्या नहीं होगी तो मतलब जो भी चीजें हैं उसको टाइम के अनुसार टाइम टू टाइम पर अपडेट हो रहा है और किया जा रहा है उसमें और टाइम के अनुसार ही मतलब क्लिक क्लियर भी हो रहा है कि हां मुझे इस तरीके से जल्दी पूरे सो सकती है और क्या मुझे करना चाहिए जिससे जल्दी मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकूं तो ऐसा नहीं है कि मतलब टारगेट बना लिया और सुमित के पीछे मतलब एक ही तरीके से उसके पीछे लगना है मतलब टाइम के अनुसार जो भी अपडेट होना चाहिए वह सब मतलब की जिनकी जारी है मेरे अकॉर्डिंग जो होनी चाहिए और मतलब कोई भी चीज है जल्दी लक्ष्य को प्राप्त हो सके मेरा उसके जो भी चीजें रिक्वायरमेंट होगी उसमें मतलब जो भी टाइम के अनुसार अपडेट होना है उसके लिए प्लानिंग की जा रही है तो जो भी मतलब किया जा रहा है वह सिचुएशन के कोडिंग अपडेट टाइम टू टाइम किया जा रहा है धन्यवाद
Aashima chauhaan jee ne bahut hee achchha savaal kiya hai ki aapako hee hai kab ehasaas hua ki aap jo bhee aaj kar rahe hain yah aapake jeevan ka lakshy tha jo mera long tarm ka jo lakshy hai usaka ek paart hai jo main aaj kar raha hoon aur mera jo madhyam darje ka jo lakshy hai vah 2 saal ka hai aur jo bhee matalab main aaj kar raha hoon usaka matalab baat keejie ki ehasaas hone kee to mere ko samathing 4 saal ho gae hain ki jab mere ko yah ehasaas ho gaya tha ki haan mujhe kya karana chaahie aur mera jo jeevan ka jo long tarm ka jo lakshy hai vah kya hona chaahie aur usake lie kis tareeke se mujhe kaam karana hai aur kya meree ebilitee hai aur kya main kar sakata hoon aur kis bhee main kar sakata hoon is sab ka jo ehasaas hai vah mujhe 4 saal pahale hee ho chuka tha haan jo matalab taim ke anusaar jo apadet hai vo taim ke anusaar kliyar hota ja raha hai aur taim ke anusaar hee usamen apadet kiya ja raha hai ki kis tareeke se jaldee progres ho sakatee hai to usake lie kya kya matalab cheejen rikvaayarament hogee kya nahin hogee to matalab jo bhee cheejen hain usako taim ke anusaar taim too taim par apadet ho raha hai aur kiya ja raha hai usamen aur taim ke anusaar hee matalab klik kliyar bhee ho raha hai ki haan mujhe is tareeke se jaldee poore so sakatee hai aur kya mujhe karana chaahie jisase jaldee main apane lakshy ko praapt kar sakoon to aisa nahin hai ki matalab taaraget bana liya aur sumit ke peechhe matalab ek hee tareeke se usake peechhe lagana hai matalab taim ke anusaar jo bhee apadet hona chaahie vah sab matalab kee jinakee jaaree hai mere akording jo honee chaahie aur matalab koee bhee cheej hai jaldee lakshy ko praapt ho sake mera usake jo bhee cheejen rikvaayarament hogee usamen matalab jo bhee taim ke anusaar apadet hona hai usake lie plaaning kee ja rahee hai to jo bhee matalab kiya ja raha hai vah sichueshan ke koding apadet taim too taim kiya ja raha hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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देखिए दोस्तों आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में किसी की किसी भी बीमारी को ठीक करने के लिए एक तो समय ज्यादा लगता है और दूसरा प्रेस भी करना होता है मतलब क्या चीज खाना है क्या नहीं खाना है इसका एक मतलब रूल होता है इसलिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में समय लगता है और अगर अंग्रेज प्रॉपर सही तरीके से नहीं किया है तो और ज्यादा समय लगता है इसलिए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का जो प्रचलन है वह कम होता जा रहा है और लोगों का जो विश्वास है वह कम होता जा रहा है वही जो एलोपैथिक ट्रीटमेंट है उसमें क्या है कि समय भी कम लगता है और ज्यादा कुछ खास प्रेस भी नहीं बताते हैं और लोगों को चाहिए क्या मतलब एक दो लोगों की जो डिमांड है वही है कि वह समय भी कम लगे और ज्यादा कुछ परहेज भी नहीं करना हो बंद नहीं होनी चाहिए तो वह सब कुछ एलोपैथिक ट्रीटमेंट में मिली जाता है इसलिए लोगों का जो विश्वास है वह आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में कम होता जा रहा है हां यह जरूर है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में बीमारी का इलाज है वह कुर्ते सिक्योर होता है मतलब जड़ से किसी वर्ग को ठीक कर सकता है और वहीं अगर एलोपैथिक ट्रीटमेंट हेल्प एलोपैथिक इलाज है उसमें क्या है कि समय तो कम लगता है लेकिन कहीं ना कहीं वह यह जो दवाएं हैं यह साइट डालती है हां इनका असर तुरंत नहीं मिलता है आपको साइट पर की लेकिन कुछ समय बाद आपको देखने को मिल सकता है और मतलब कुछ ना कुछ होता जरूर है और यदि आप लंबे समय तक एलोपैथिक दवा ले रहे हैं तो उसका फिर साइड इफेक्ट ज्यादा होता चला जाता है और फिर आपको खुद देखने को मिल सकता है तो मतलब जो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है उसका दो प्रचलन इसलिए विश्वास है इसलिए कम होता जा रहा है इसमें तो समय कम लगता है और फ्रिज वगैरा कुछ ज्यादा करने होते हैं लेकिन यह जरूर है अगर स्वास्थ्य की दृष्टि से देखा जाए तो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति दी बेस्ट है और वैसे तो स्वास्थ्य को देखते हुए अपने को आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट मिलने के लिए कर लेना चाहिए लेकिन क्या है कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी है उसमें लोग भाग टाइम बताने के चक्कर में और मतलब ज्यादा कपड़े नहीं करना हो इसलिए दूसरा जो इलाज उसको लेते हैं धन्यवाद दोस्तों
Dekhie doston aayurvedik chikitsa paddhati mein kisee kee kisee bhee beemaaree ko theek karane ke lie ek to samay jyaada lagata hai aur doosara pres bhee karana hota hai matalab kya cheej khaana hai kya nahin khaana hai isaka ek matalab rool hota hai isalie aayurvedik chikitsa paddhati mein samay lagata hai aur agar angrej propar sahee tareeke se nahin kiya hai to aur jyaada samay lagata hai isalie aayurvedik chikitsa paddhati ka jo prachalan hai vah kam hota ja raha hai aur logon ka jo vishvaas hai vah kam hota ja raha hai vahee jo elopaithik treetament hai usamen kya hai ki samay bhee kam lagata hai aur jyaada kuchh khaas pres bhee nahin bataate hain aur logon ko chaahie kya matalab ek do logon kee jo dimaand hai vahee hai ki vah samay bhee kam lage aur jyaada kuchh parahej bhee nahin karana ho band nahin honee chaahie to vah sab kuchh elopaithik treetament mein milee jaata hai isalie logon ka jo vishvaas hai vah aayurvedik chikitsa paddhati mein kam hota ja raha hai haan yah jaroor hai ki aayurvedik chikitsa paddhati mein beemaaree ka ilaaj hai vah kurte sikyor hota hai matalab jad se kisee varg ko theek kar sakata hai aur vaheen agar elopaithik treetament help elopaithik ilaaj hai usamen kya hai ki samay to kam lagata hai lekin kaheen na kaheen vah yah jo davaen hain yah sait daalatee hai haan inaka asar turant nahin milata hai aapako sait par kee lekin kuchh samay baad aapako dekhane ko mil sakata hai aur matalab kuchh na kuchh hota jaroor hai aur yadi aap lambe samay tak elopaithik dava le rahe hain to usaka phir said iphekt jyaada hota chala jaata hai aur phir aapako khud dekhane ko mil sakata hai to matalab jo aayurvedik chikitsa paddhati hai usaka do prachalan isalie vishvaas hai isalie kam hota ja raha hai isamen to samay kam lagata hai aur phrij vagaira kuchh jyaada karane hote hain lekin yah jaroor hai agar svaasthy kee drshti se dekha jae to aayurvedik chikitsa paddhati dee best hai aur vaise to svaasthy ko dekhate hue apane ko aayurvedik treetament milane ke lie kar lena chaahie lekin kya hai ki aajakal kee bhaagadaud bharee jindagee hai usamen log bhaag taim bataane ke chakkar mein aur matalab jyaada kapade nahin karana ho isalie doosara jo ilaaj usako lete hain dhanyavaad doston

#जीवन शैली

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जीवन में लक्ष्य कितना जरूरी होता है?Jeevan Mein Lakshya Kitna Jaruri Hota Hai
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विकी दोस्तों जीवन में लक्ष्य का होना बहुत जरूरी होता है क्योंकि बिना लक्ष्य के हम कोई काम नहीं कर सकते हैं वैसे तो अधिकतर सभी लोग लक्ष्य का निर्धारण करती हैं कि से 2 घंटे का हो या या 4 घंटे का या एक-दो दिन का हुआ ऐसे छोटे-छोटे दक्ष तो वैसे सभी अपना दीदार करते हैं लेकिन अगर हमें अपने जीवन में सफल होना है और बड़े मुकाम तक पहुंचना है तो उसके लिए हमें जो लॉन्ग टाइम के जो है टारगेट होते हैं वह हमें फिक्स करना चाहिए जैसे कि 6 महीने का हो गया या फिर 1 साल का हो गया या इससे ज्यादा हो गया दो-तीन साल का हो गया क्योंकि जब हम टारगेट सेक्स करते हैं तो उसके बाद क्या है कि हमारे पास एक लिमिटेड टाइम होता है और उस टाइम के अंतर्गत ही हमें पुजवा हमार टारगेट है उसको प्राप्त करना होता है और यदि हम उस लिमिटेड टाइम में हम अपने टारगेट को अचीव कर लेते हैं तो फिर हमारे अंदर अपना जो सेल्फ कॉन्फिडेंस है वह हमारा बढ़ता है और हमारा जो मोटिवेशन है वह भी हमारे अपने अपने आप को मिलता है और फिर हम और बड़े लक्ष्य की और हम कदम उठाने में हमारा जो विश्वास है वह पढ़ता है और फिर हम सफल होने के लिए हमारा जो विश्वास है वह बढ़ता जाता है और फिर हम अपने जीवन में बहुत आगे तक बढ़ सकते हैं और एक सफल इंसान बन सकते हैं इसलिए जीवन में जो हमारा टारगेट है वह होना बहुत ही जरूरी है और वैसे तो दो हमारे दिल्ली हम तो काम करते हैं जो आम आदमी करता है टारगेट तो उसके भी होते हैं लेकिन उसके क्या है कि 100 रन के टारगेट होते हैं मत कुछ घंटे के या कुछ दिनों के होते हैं जो कि सही नहीं है वैसे तो हमारा जो टारगेट है वह एक तरह से 5 महीने 6 महीने यार 10 महीने 1 साल का मतलब थोड़ा बड़े टारगेट हमें करनी चाहिए संधारित जिससे कि हमें मतलब सफल होने में आसानी हो और जितनी हमारी एबिलिटी है उससे थोड़ा सा अगर हम ज्यादा बड़े लक्ष्य निर्धारित करेंगे तो उससे क्या है कि फिर हम क्षमता है वह बढ़ेगी और फिर मतलब सफल होने में हमें आसानी होगी इसलिए हमें अब थोड़ा अपनी इंजॉय बिलिटी उससे थोड़ा सा अगर हम बढ़कर अपना टारगेट ऑफिस करेंगे तो फिर हमें आगे बढ़ने में हो तो आसानी रहेगी और फिर हम उस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे तो फिर हम अपना जो अभी तक बढ़ेगा धन्यवाद दोस्तों
Vikee doston jeevan mein lakshy ka hona bahut jarooree hota hai kyonki bina lakshy ke ham koee kaam nahin kar sakate hain vaise to adhikatar sabhee log lakshy ka nirdhaaran karatee hain ki se 2 ghante ka ho ya ya 4 ghante ka ya ek-do din ka hua aise chhote-chhote daksh to vaise sabhee apana deedaar karate hain lekin agar hamen apane jeevan mein saphal hona hai aur bade mukaam tak pahunchana hai to usake lie hamen jo long taim ke jo hai taaraget hote hain vah hamen phiks karana chaahie jaise ki 6 maheene ka ho gaya ya phir 1 saal ka ho gaya ya isase jyaada ho gaya do-teen saal ka ho gaya kyonki jab ham taaraget seks karate hain to usake baad kya hai ki hamaare paas ek limited taim hota hai aur us taim ke antargat hee hamen pujava hamaar taaraget hai usako praapt karana hota hai aur yadi ham us limited taim mein ham apane taaraget ko acheev kar lete hain to phir hamaare andar apana jo selph konphidens hai vah hamaara badhata hai aur hamaara jo motiveshan hai vah bhee hamaare apane apane aap ko milata hai aur phir ham aur bade lakshy kee aur ham kadam uthaane mein hamaara jo vishvaas hai vah padhata hai aur phir ham saphal hone ke lie hamaara jo vishvaas hai vah badhata jaata hai aur phir ham apane jeevan mein bahut aage tak badh sakate hain aur ek saphal insaan ban sakate hain isalie jeevan mein jo hamaara taaraget hai vah hona bahut hee jarooree hai aur vaise to do hamaare dillee ham to kaam karate hain jo aam aadamee karata hai taaraget to usake bhee hote hain lekin usake kya hai ki 100 ran ke taaraget hote hain mat kuchh ghante ke ya kuchh dinon ke hote hain jo ki sahee nahin hai vaise to hamaara jo taaraget hai vah ek tarah se 5 maheene 6 maheene yaar 10 maheene 1 saal ka matalab thoda bade taaraget hamen karanee chaahie sandhaarit jisase ki hamen matalab saphal hone mein aasaanee ho aur jitanee hamaaree ebilitee hai usase thoda sa agar ham jyaada bade lakshy nirdhaarit karenge to usase kya hai ki phir ham kshamata hai vah badhegee aur phir matalab saphal hone mein hamen aasaanee hogee isalie hamen ab thoda apanee injoy bilitee usase thoda sa agar ham badhakar apana taaraget ophis karenge to phir hamen aage badhane mein ho to aasaanee rahegee aur phir ham us lakshy ko praapt kar lenge to phir ham apana jo abhee tak badhega dhanyavaad doston

#जीवन शैली

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प्लास्टिक के बर्तन में गर्म खाना खाने के क्या नुकसान है?Plastic Ke Bartan Mein Garam Khana Khane Ke Kya Nuksan Hai
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2:55

#जीवन शैली

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ईट को जुड़ाई से पूर्व पानी में क्यों भिगोया जाता है?Eet Ko Judai Se Poorv Paani Mein Kyun Bhigoya Jata Hai
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2:27

#धर्म और ज्योतिषी

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हमारे सनातन धर्म में बांस को जलाना क्यों वर्जित है?Humare Sanatan Dharm Mein Baans Ko Jalana Kyun Varjit Hai
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1:44

#धर्म और ज्योतिषी

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तुलसी के पत्ते को काढ़ा बनाकर पीना कितना फायदेमंद हो सकता है?Tulsi Ke Patte Ko Kadha Banakar Peena Kitna Fayademand Ho Sakta Hai
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2:23

#धर्म और ज्योतिषी

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आजकल की सब्जियों में पहले की तरह स्वाद क्यों नहीं होता है?Aajkal Ki Sabjiyon Mein Pehle Ki Tarah Svaad Kyun Nahin Hota Hai
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2:20

#धर्म और ज्योतिषी

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आयुर्वेद के अनुसार सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए?Aayurved Ke Anusar Subah Ka Nashta Kab Tak Kha Lena Chaiye
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#धर्म और ज्योतिषी

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2:42

#पढ़ाई लिखाई

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क्या आने वाले समय में भविष्य में मनुष्य की जॉब खत्म हो जाएगी?Kya Aane Vale Samay Mein Bhavishya Mein Manushy Job Khatm Ho Jaegi
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2:48

#जीवन शैली

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क्या पैसा किसी व्यक्ति को बेहतर बना सकता है?Kya Paisa Kisi Vyakti Ko Behtar Bana Sakta Hai
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2:10

#टेक्नोलॉजी

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कैसे हम घर बैठे अपने स्मार्टफोन से रुपए कमा सकते हैं?Kaise Ham Ghar Baithe Apne Smartphone Se Rupee Kama Sakte Hain
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#टेक्नोलॉजी

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#टेक्नोलॉजी

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बुढ़ापा रोकने की कौनसी औषधि है?Budhapa Rokne Ki Kaunsi Aushadhi Hai
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#टेक्नोलॉजी

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हम कैसे मोबाइल फोन का जीवन बढ़ा सकते हैं?Hum Kaise Mobile Phone Ka Jeevan Badha Sakte Hain
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#पढ़ाई लिखाई

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7 केले को बिना काटे 8 लोगों में कैसे बांट सकते हैं?7 Kele Ko Bina Kaate 8 Logon Mein Kaise Baant Sakate Hain
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0:25

#पढ़ाई लिखाई

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योगासन ,प्राणायाम करने से क्या लाभ होता है?Yogasan Pranayaam Karne Se Kya Laabh Hota Hai
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#जीवन शैली

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जब मनुष्य ज्यादा किताबें पढ़ता है तो जिंदगी में क्या बदलाव होते हैं?Jab Manushya Jyada Kitaabe Padhta Hai To Zindagi Mein Kya Badlav Hote Hain
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2:35

#जीवन शैली

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क्या देसी गाय के दूध और जर्सी गाय के दूध के बीच पौष्टिकता में कोई अंतर है?Kya Desi Gaay Ke Doodh Aur Jarsi Gaay Ke Doodh Ke Beech Paushtikta Mein Koi Antar Hai
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#जीवन शैली

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दुनिया में बहुत से परिवार आज भी गरीब क्यों हैं?Duniya Mein Bahut Se Parivar Aaj Bhe Gareeb Kyun Hain
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2:35

#धर्म और ज्योतिषी

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भारत में दीपावली इतने धूमधाम से क्यों मनाई जाती है?Bharat Mein Deepavali Itne Dhoomdhaam Se Kyun Manayi Jati Hai
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2:21

#पढ़ाई लिखाई

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क्या हमें भारत में रहने के लिए इंग्लिश सीखना जरुरी है?Kya Hume Bharat Mein Rehne Ke Liye English Seekhna Jaruri Hai
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2:16

#पढ़ाई लिखाई

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कपड़े की दुकान खोलने में कितनी लागत लगती है और कितनी कमाई होती है?Kapde Ki Dukaan Kholne Mein Kitni Laagat Lagti Hai Aur Kitni Kamayi Hoti Hai
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2:08

#पढ़ाई लिखाई

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सबसे अधिक सकारात्मक ऊर्जा कहां रहती है?Sabse Adhik Sakaratmak Urja Kaha Rehti Hai
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2:09

#टेक्नोलॉजी

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रसायन विज्ञान किसे कहते है?Rasayan Vigyaan Kise Kehte Hai
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2:08

#टेक्नोलॉजी

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चीन भारत से इतना ऍडव्हान्स क्यु है? चीन क्या कर राहा है जो भारत नाही कर राहा है?Cheen Bhaarat Se Itana Aidavhaans Kyu Hai? Cheen Kya Kar Raaha Hai Jo Bhaarat Naahee Kar Raaha Hai
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2:39

#जीवन शैली

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कुछ लोग हर वक्त दूसरे की बुराई निंदा क्यों करते रहते हैं?kuchh log har vakt doosare kee buraee ninda kyon karate rahate hain
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2:07
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