#धर्म और ज्योतिषी

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1:55

#रिश्ते और संबंध

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क्यों एक लड़की सच्चे लड़के की फीलिंग को समझ नहीं पाती?Kyon Ek Ladakee Sachche Ladake Kee Pheeling Ko Samajh Nahin Paatee
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2:02

#भारत की राजनीति

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हमारे देश में जिस तरह बलात्कार और मर्डर हो रहे हैं क्या हमारे देश को भी सऊदी अरब की तरह कानून लाना चाहिए?Hamaare Desh Mein Jis Tarah Balaatkaar Aur Mardar Ho Rahe Hain Kya Hamaare Desh Ko Bhee Saoodee Arab Kee Tarah Kaanoon Laana Chaahie
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3:24

#रिश्ते और संबंध

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3:14

#पढ़ाई लिखाई

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क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल बेहतरीन तरीके से कैसे करें?Credit Card Ka Istemal Behtarin Tarike Se Kaise Kare
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6:41
जी देखिए आज कल पेमेंट करने के लिए याद पैसा ट्रांसफर करने के लिए बहुत सारे तरीके उपलब्ध हैं लेकिन ना कुछ साल पहले तक की बात करें तो हमारे पास झाडोली धोखा देते थे खुदा का एडमिट कार्ड जिसे हम प्रायः अपराधियों ने एटीएम कार्ड बोलते हैं और दूसरा होता था क्रेडिट कार्ड आजकल तो आप बहुत सारी चीजें यूज़ कर सकते हैं बहुत सारे कार्ड वगैरह तो क्रेडिट कार्ड की बात करते हैं लेकिन उससे पहले डेबिट कार्ड का भी समझ लेते हैं जरा डेबिट कार्ड वह कार्ड होता है इसे हम एटीएम कार्ड भी तुम बोलते हैं कि आपका मान लीजिए किसी एक बैंक में सरकारी हो या प्राइवेट उसमें अगर अकाउंट है आपने खाता खुला रखा है तो आपको पैसे निकालने के लिए जमा कराने के लिए आपको बैंक में ही नहीं जाने की जरूरत है आपको यह नहीं देखना कि अच्छा मंडे को जब बैंक खुलेगा तब मैं बैंक जाऊंगा और पैसे निकाल लूंगा जी नहीं आप उस दिन डेबिट कार्ड के जरिए उसके इस्तेमाल से बैंक की किसी भी एटीएम से कभी भी 24 घंटे किसी भी दिन पैसा निकाल सकते हैं अपने अकाउंट से तुरंत आपके अकाउंट से पैसा निकल जाता है इसी तरीके से उसको चाय पर भी कर सकते हैं आपने अगर कुछ खरीदारी की जहाज की टिकट खरीदी ट्रेन की टिकट परिधि मूवी की टिकट खरीदी तो आप सफाई कर सकते हैं काउंटर पर की मशीनें उसके हाथों और इमीडीएटली आपके अकाउंट से पैसा निकल जाता है यह होता है डेबिट कार्ड इसके लिए आपके पास अकाउंट होना चाहिए अकाउंट में पैसा होना चाहिए तभी आपके अकाउंट से पैसा निकलेगा क्रेडिट कार्ड क्या होता है वही होता है कि भाई आपको एक बैंक काट देता है उस कार्ड की एक लिमिट होती है माली से एक लाख दो लाख जो भी है डिपेंड करता है कि आपकी इनकम मंत्री कितनी है एनुअल इनकम कितनी है रिटर्न कैसे पाई करते हैं वगैरा-वगैरा और आपका जो क्रेडिट स्कोर है इन सारे हिसाब से बैंक आपको एक कार्ड बना कर देता है यह जानता है कि आप अगर ईश्वर यार इसका इस्तेमाल करेंगे तो वहां पर ही पेमेंट कर पाएंगे तो वह आपको एक काट देता है कार्ड की लिमिट होती है कार्ड का एक्सपायरी होता है कि कार्ड इतने समय तक चलेगा इसका बेहतरीन इस्तेमाल कैसे करें तो आपको दे दिया वीडियोस बैंक अकाउंट हो आईसीआईसीआई बैंक में अकाउंट नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं है यह दुआ का क्रेडिट कार्ड इसकी एक महीने की लिमिट है ₹100000 ₹100000 तक का आफ ट्रांजैक्शन कर सकते हो मदद खरीदारी पर चेंज भी हो सकता सकते हो उसके आपको देते हैं क्या सवाल लिमिट कि मई 2020 में जो भी है आप 1 महीने में निकाल सकते हो और जब आपको कार्ड की शुभ होता है तो एक इंस्ट्रक्ट मिलती है अब लेट होता है उसमें यह भी लिखा रहता है कि अगर आप जब यह कार्ड यूज करते हो और जब आपके पास मंथली स्टेटमेंट आता है पहले समझते हो तब आप यह कार्ड यूज करते हैं मान लीजिए 1 तारीख को आपने कहीं पर 5000 की खरीदारी की 5 तारीख को आपने कहीं और 2000 की खरीदारी की फिर आपने कहीं और कुछ खरीदारी करके उस पूरे महीने में आकर एक-एक साइकल होता है मंथली साइकिल उस पूरे महीने में गढ़वाली से एक लाख की लिमिट है और आपने 80000 की खरीदारी की है यह इस्तेमाल किया है किसी को दिया है कुछ किया जो किया है कैंसर से पेमेंट किया जो भी किसकी कुछ किया है आपको स्टेटमेंट मिलता है कि वह आपको आपने 1 महीने में 80000 की शॉपिंग की है जो भी किया कि आपका क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट है अब आप यह मुझे इस तारीख तक कर दो जंगली आपके पास 40 से 45 दिन होते हैं और 1 से लेकर 30 तारीख तक सरकार को दिया गया है पेमेंट करने का खरीदारी ज्यादा के लिए और अब आपके पास से पेमेंट करने की बारी आई और आप पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि 82000 दिन है लेकिन आपके पास सिर्फ 50,000 पड़े हैं और आप एहसास धर्म को भी करते हैं 30,000 बैलेंस हो जाते हैं जो आपको पे करना है तो उस 30,000 पीलीभीत में इंटरेस्ट लगता है और जब आपके पास माली जिंदर में सुधार होते हैं तो आप ₹10000 करते हैं तो जो 20000 होता है उस पर से डेली बेसिस पर इंटरेस्ट लगता है तू अगर आप इसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको इंटरेस्ट पे करना हो सकता है पड़ सकता है जो कि सही बात नहीं है बल्कि कार्ड को ऐसे इस्तेमाल करना चाहिए उतना ही करना चाहिए क्या आपको पता है कि भाई मेरे जितने हैं यह वाले फिजूल वाले इसको मैं इस महीने में नहीं करता क्योंकि जब मेरी सैलरी आएगी तो मैं 20000 तक का पेमेंट तो कर सकता हूं क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट आने पर उसे ज्यादा नहीं कर सकता हूं से ज्यादा का गठन करना होगा तो फिर मेरे को रुकना पड़ेगा ही कौन महीने अब जब आप 1 महीने रुकेंगे तो आपको इंटरेस्ट पे करना पड़ेगा और बैंक हमेशा यही चाहती है कि आप इंटरेस्ट पे करें तभी तो बैंक को फायदा है तो बैंक को आप को भेजने के लिए कार्ड देखे तो फायदा होता है एक तो यह कि एनुअल मेंबरशिप फी मिलती है आपसे जो कि अलग-अलग बैंक के अलग-अलग होती है और दूसरी उनको फायदा होता है इंटरेस्ट इसीलिए आप पैन कार्ड था ऐसे में इस्तेमाल कीजिए कि आपने कार्ड यूज भी कर लिया कार्ड यूज करने के बदले आपको पॉइंट भी मिलते हैं जिसको आप फ्यूचर में चलकर एडीएम कर सकते हैं कुछ खरीद सकते हैं कि पहुंचाया कुछ ले सकते हैं उस कंपनी से वह कौन से बैंक से जिसने आप को काट दिया है और साथ ही आपके पास टाइम भी मिलता है कि इतने समय में आप रीपेमेंट कर दें तो फिर आप टाइम पर ही पेमेंट कर देते हैं तो यह आपके लिए अच्छा है अदर वाइज हुजूर में आपको इंटरेस्ट पे करना पड़ेगा सही बात नहीं है तुम्हें तो मोटी मोटी बातें जितनी चादर उतने ही पैर फैलाना चाहिए यह हमारे पास एक ऑप्शन है ऑप्शन है कि चलो आज शॉपिंग कर लेते हैं और 1 महीने बाद पेमेंट देनी है तू ही तो एक सुविधा मिल गई है लेकिन इस सुविधा से बात नहीं करना चाहिए नहीं तो हमारा ही है ₹100 के बजाए हम 12031 रुपए देंगे तो फायदा क्या जो डिस्काउंट देकर आप शॉपिंग करने गए थे उससे ज्यादा तो आपको यहां पर करना पड़ रहा है ना तो सोच समझकर इस्तेमाल करना चाहिए

#पढ़ाई लिखाई

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हवाई सफर के वक्त यदि किसी को उल्टी आ जाए तो क्या करें?Havai Safar Ke Vakt Yadi Kisi Ko Ulti Aa Jae To Kya Kare
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2:35
जी बहुत ही अच्छा सवाल है ऐसा हो सकता है और अगर ऐसा हो जाएगा तो बहुत दिक्कत हो जाएगी जांच केंद्र क्योंकि वहां पर ऐसा तो है नहीं कि खिड़कियां खोल देंगे अंदर आ जाएगा या उसको ही मिली थी कि किया जा सकता है वगैरह वगैरह बहुत दिक्कत हो जाती है इसके लिए कुर्सी के पीछे जैसे क्षेत्रों में अपनी सीट मिली है चाहे वह विंडो सीटों में 2 सीटों ऑयल सीटों कोई भी चीज हो आप उस चीज पर बैठे हैं तो उस सामने वाली सीट के पीछे आप देखेंगे जहां पर अब मैगजीन रखने के लिए जगह होती है फोल्डर रखने के लिए कई जगह होती है उसे रखी होती है जिसे कहते हैं जानते हैं अगर माली जान से क्यों जाते हैं तो उसे कहते हैं यह थिकनेस बाद यह समझ लीजिए एक लिफाफे की तरह होता है पर मैं तो आप ही मेरे उसको निकाल सकते हैं और हाथ में रख सकते हैं अगर आपको लगता है कि आप हॉस्टल तक जा सकते हैं अथवा लेट तक जा सकते हैं तो आप चले जाइए लेकिन अगर आपको लगता है नहीं जा सकते हैं तो आप उसे एयर सेकने संभाग का उसे लिफाफे का प्रयोग कर सकते हैं और उसके बाद उसको ले जाकर आप अवश्य में यहां एयर होस्टेस क्या बैंक में है उनको बोल सकते हैं कि आप बताइए क्या करना है और वह आप को गाइड कर देंगे तो ऐसा प्रावधान होता है और जहां आपको लगता है कि नहीं आप की तबीयत ठीक नहीं है थोड़ा वह मीटिंग सा लग रहा है ऐसा कुछ हो रहा है और आपको ट्रेवल करना ही करना है आप आप उसके लिए अपनी टिकट कैंसिल नहीं करना चाहते वगैरा-वगैरा आपको दिक्कत परेशानी नहीं होगी जब जब आप खा लेते हैं तो इन्हें दवाई खाने के बाद एक बार उल्टी फिर भी आ जाए लेकिन अरे भाई रुक जाएगी और आपका एक घंटा दो घंटा ढाई घंटे का सफर अधिकतर सफर इतना ही होता है इंडिया में हवाई जहाज का मैक्सिमम ढाई घंटे का होता है इसमें फ्लाइट की बात कर रहा हूं मैं ऑफ फ्लाइट की बात नहीं करा क्या बदला दूसरा बदला उसकी बात नहीं कर रहा एक डायरेक्ट फ्लाइट का सफर ढाई घंटे मैक्सिमम होता है तो ढाई घंटे आप निकाल लेंगे अगर आप दवाई लेकर आ जाते हैं जांच में तो

#पढ़ाई लिखाई

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कोई लड़की अगर वादा करके लगातार धोखा दे रही है तो उसको कैसे सबक सिखाएं?Koi Ladki Agar Vada Karke Lagatar Dhokha De Rahi Hai To Usko Kaise Sabak Sikhaye
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2:36
शायद मेरा जवाब आपको पसंद नहीं आएगा जवाब यही है कि नहीं खाना नहीं चाहिए छोड़ देना चाहिए ऐसा लगता है कि यह सामने वाले इंसान का रिस्पांस एप्रोप्रियेट नहीं है सही नहीं है तो समझ आता है दो बार तीन बार समझ आता है लेकिन आपके कहने के अनुसार अगर बार बार होता है वह शायद आपके काबिल नहीं है दूसरी बात आपने इसको इतना इतनी बार ऐसे होने क्यों दिया नहीं होने देते ना एक बार धोखा मिल गया दो बार मिल गया चलो समझ आता है बार-बार मिल रहे तब तो दिक्कत है ना तो कोई बात नहीं अब उसको सबक सिखाने की जरूरत नहीं है आप यह देखिए कि आपको करना क्या है आप को सुकून चाहिए आप उन से परेशान हैं उनकी बात है आपको समझ में नहीं आ रही आपकी बातें उनको नहीं आ रही कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं कुछ तो गड़बड़ है और जब कोई धोखा देता है आपके अनुसार इन्होंने धोखा दिया है नहीं होता एक्सीडेंट तो एक दो बार हो सकता था लेकिन अगर वह बार-बार हो रहा है तो टेंशन ही उसके पीछे इन टेंशन होती है नहीं होती है और या फिर बड़ा क्यूट होता है आप लोग जो भी सही नहीं लग रहा खाने के बजाय आप साथ छोड़ देना चाहिए या फिर चाहे तो आप आखरी एक दो बार के धोखे की बात करके समझ आ जाएंगे और फिर उस हिसाब से निष्कर्ष पर पहुंचे डिसीजन ले सकते हैं भाई जब आपको आगे नहीं बढ़ना चाहिए और आपको आज तक भी नहीं सिखाना चाहिए कि उसकी कोई जरूरत नहीं है किसी को नुकसान क्यों पहुंचाएंगे क्योंकि उनकी फितरत है उनकी सोच है उनका दृष्टिकोण है यह उनके कदम है ये उनका कर्म है उनके ख्याल है और उन्होंने एक्शन ले आपको जोड़ नहीं है आपको भी इसी तरीके का व्यवहार करना है जी नहीं रहा पालक इंसान है आपकी सोच अलग है आप के सिद्धांत अलग हो सकते हैं तो क्या जरूरत है बदले की भावना से कुछ ऐसा करने के लिए क्योंकि कोई भी चीज आप करेंगे हर कर्म का कर्म फल होता है तो कर्म अगर अच्छा नहीं होगा तो वही कर्मफल भी तो अच्छा नहीं होगा और भूख देंगे कौन आप थोड़ी जो हो गया सो हो गया अब आगे का देखें और अपने हिसाब से कोई बंदा नहीं लेना चाहिए

#धर्म और ज्योतिषी

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मेरा सवाल यह है विरोध क्यों है आखिर क्यों समाज अपने तरीके से नहीं जी सकती है?Mera Savaal Yah Hai Virodh Kyun Hai Aakhir Kyun Samaaj Apne Tareeke Se Nahin Jee Sakti Hai
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4:22
जी देखिए हमेशा पृथ्वी पर इस समय अकेली नहीं है हम हमेशा से एक परिवार में पैदा होते हैं उस परिवार का हिस्सा होते हैं उस एक्सटेंडेड फैमिली का हिस्सा होते हैं उस समाज में और सोसाइटी में उस देश का हिस्सा होते हैं तो जब हम ऐसे रहते हैं तो उस घर परिवार में अपने संस्कार होते हैं कायदे कानून होते हैं जो आपको बताए जाते हैं आपको अपने माता-पिता के संबंधित से मिलते हैं आप कहीं पर भी जाते हैं वहां पर कुछ तौर तरीके होते हैं जिनको अपना ना होता है जो कि सही होता है जो कि समाज ने बनाया होता है हर जगह आपको कुछ रिटर्न में नहीं मिलेगा लेकिन आपको कुछ ना कुछ कहीं ना कहीं से पता जरूर होगा कि यहां पर ऐसे रहना है तो वहां पर ऐसे नहीं रहना यह उचित है यह अनुचित है तुझे बाप बोलते हैं कि भाई अब विरोध क्यों है आखिर क्यों समाज अपनी तरीके से नहीं जी सकता जी देखें समाज क्या है यह समूह के लोगों की सोच है विचारधारा है वह किस तरीके से अपना जीवन बिताते हैं किस तरीके से उनको लगता है कि यह सही है या नहीं है जो कि उस राज्य की ओर से देश की 1 तरीके की सामाजिक सोच होती है हर तरीके के आप आप तो देखेंगे चीजें उपलब्ध है कोई नाम पर राजनीतिक सोच ऐसी होती है सामाजिक सोच ऐसी होती है परिवार इस तरीके से देखना है सोचता है समझता है आप कहीं पर भी जाते हैं वहां पर अपनी कायदे कानून होते हैं तो जी जो मर्यादा में है वह डेफिनेटली आपको करना चाहिए वैसे ही आप रहेंगे ना बड़ी सिंपल सी बात है एक दम पर ले लेते हैं कि अपने तरीके से क्यों नहीं रह सकते अब आप सोचिए लड़की अगर मंदिर जाती हैं और वह कोर्ट में मंदिर जाती है तो कभी आपने किसी को देखा है इस कोर्ट में मंदिर जाते हुए आपको शायद ही कोई देखेगा क्या किसी ने मैं क्या आपको ऐसा नहीं जानेमन भी नहीं घर से उनको पता है कि जब मंदिर जाते हैं तो कैसे जाते हैं हमारे पहनावा कैसा होना चाहिए कि समय पर जाना चाहिए वगैरा-वगैरा तो किसी ने लिख कर कहीं नहीं दिया लेकिन हमको पता लग गया और हमें पता है और हमको यह लगता दिया कि नहीं यही उचित है तो अब आप सोचेंगे नहीं कोई फर्क नहीं पड़ता मैं ऐसा जीना चाहती हूं वैसा जीना चाहती तो आज जी सकते हैं कोई आपत्ति नहीं करेगा कोई बोलेगा नहीं ऑनलाइन स्नैपडील कोई ऐसी जगह जहां पर कोई बोलता हो लेकिन आसपास के घरों के आसपास के मंदिर या कहीं इधर उधर जाएंगे तो कोई गाने कोई दिक्कत परेशानी नहीं है लेकिन क्या वह सही है यह सोचना भी देखना भी तो हमारे ही करता बहना पर है ना कि सही क्या है क्या सही नहीं है आप अपने घर में रहते हैं और वहां पर बड़े बुजुर्ग मियां हर तरीके के लोग हैं तो किस तरीके से किया पर कपड़े पहनते हैं यह आप देखकर सोच समझकर पहनते हैं ना वहीं पर आप अगर माली से मैरिड हैं यार आप अकेले अपने हस्बैंड के साथ रह रहे हैं तो आपका घर है आप घर के अंदर जैसा रहना चाहते हैं जो कहना चाहते हैं जो खाना पीना चाहते हैं आपका यह कोई दिक्कत नहीं कोई परेशानी नहीं है तो मेरा कहने का मतलब है कि जब हम एक समाज में रहते हैं तो एक दृष्टिकोण होती है कि विचारधारा होती है एक तौर तरीके होते हैं उन को अपनाना चाहिए उस तरीके से रहना चाहिए जो कि सही होता है यादव है हमारे में हम शिक्षित लोगों में आ मानव में और जीव जंतु जानवरों में क्या फर्क रहेगा तो उसके देखें तो यह है कि वह सही कैसे रहें जो हमारे लिए तो अच्छा है ही है अबे सब के लिए सही है और वही सही तरीका होना चाहिए जीने का रहने का किसी भी तरीके से मेरे हिसाब से यह सही है इसमें कोई दिक्कत परेशानी नहीं है इसकी होने के बावजूद मर्यादा कायदे कानून संस्कृति सभ्यता कल्चर ट्रेडीशन अभी तो हमारी फ्रीडम है ना हमारे पास लिबर्टी है ना एक बारी तकिया कुछ इस तरीके से नहीं तो उस तरीके से कर सकते हैं अगर आप उससे बात करना चाहते हैं तो यहां पर डिपेंड करता है कि आप किस तरीके से उन चीजों को लेते हैं और क्या करना चाहते हैं आइए तो वह लोग जो सही होगा वही करेंगे तो वही करना चाहिए
Jee dekhie hamesha prthvee par is samay akelee nahin hai ham hamesha se ek parivaar mein paida hote hain us parivaar ka hissa hote hain us eksatended phaimilee ka hissa hote hain us samaaj mein aur sosaitee mein us desh ka hissa hote hain to jab ham aise rahate hain to us ghar parivaar mein apane sanskaar hote hain kaayade kaanoon hote hain jo aapako batae jaate hain aapako apane maata-pita ke sambandhit se milate hain aap kaheen par bhee jaate hain vahaan par kuchh taur tareeke hote hain jinako apana na hota hai jo ki sahee hota hai jo ki samaaj ne banaaya hota hai har jagah aapako kuchh ritarn mein nahin milega lekin aapako kuchh na kuchh kaheen na kaheen se pata jaroor hoga ki yahaan par aise rahana hai to vahaan par aise nahin rahana yah uchit hai yah anuchit hai tujhe baap bolate hain ki bhaee ab virodh kyon hai aakhir kyon samaaj apanee tareeke se nahin jee sakata jee dekhen samaaj kya hai yah samooh ke logon kee soch hai vichaaradhaara hai vah kis tareeke se apana jeevan bitaate hain kis tareeke se unako lagata hai ki yah sahee hai ya nahin hai jo ki us raajy kee or se desh kee 1 tareeke kee saamaajik soch hotee hai har tareeke ke aap aap to dekhenge cheejen upalabdh hai koee naam par raajaneetik soch aisee hotee hai saamaajik soch aisee hotee hai parivaar is tareeke se dekhana hai sochata hai samajhata hai aap kaheen par bhee jaate hain vahaan par apanee kaayade kaanoon hote hain to jee jo maryaada mein hai vah dephinetalee aapako karana chaahie vaise hee aap rahenge na badee simpal see baat hai ek dam par le lete hain ki apane tareeke se kyon nahin rah sakate ab aap sochie ladakee agar mandir jaatee hain aur vah kort mein mandir jaatee hai to kabhee aapane kisee ko dekha hai is kort mein mandir jaate hue aapako shaayad hee koee dekhega kya kisee ne main kya aapako aisa nahin jaaneman bhee nahin ghar se unako pata hai ki jab mandir jaate hain to kaise jaate hain hamaare pahanaava kaisa hona chaahie ki samay par jaana chaahie vagaira-vagaira to kisee ne likh kar kaheen nahin diya lekin hamako pata lag gaya aur hamen pata hai aur hamako yah lagata diya ki nahin yahee uchit hai to ab aap sochenge nahin koee phark nahin padata main aisa jeena chaahatee hoon vaisa jeena chaahatee to aaj jee sakate hain koee aapatti nahin karega koee bolega nahin onalain snaipadeel koee aisee jagah jahaan par koee bolata ho lekin aasapaas ke gharon ke aasapaas ke mandir ya kaheen idhar udhar jaenge to koee gaane koee dikkat pareshaanee nahin hai lekin kya vah sahee hai yah sochana bhee dekhana bhee to hamaare hee karata bahana par hai na ki sahee kya hai kya sahee nahin hai aap apane ghar mein rahate hain aur vahaan par bade bujurg miyaan har tareeke ke log hain to kis tareeke se kiya par kapade pahanate hain yah aap dekhakar soch samajhakar pahanate hain na vaheen par aap agar maalee se mairid hain yaar aap akele apane hasbaind ke saath rah rahe hain to aapaka ghar hai aap ghar ke andar jaisa rahana chaahate hain jo kahana chaahate hain jo khaana peena chaahate hain aapaka yah koee dikkat nahin koee pareshaanee nahin hai to mera kahane ka matalab hai ki jab ham ek samaaj mein rahate hain to ek drshtikon hotee hai ki vichaaradhaara hotee hai ek taur tareeke hote hain un ko apanaana chaahie us tareeke se rahana chaahie jo ki sahee hota hai yaadav hai hamaare mein ham shikshit logon mein aa maanav mein aur jeev jantu jaanavaron mein kya phark rahega to usake dekhen to yah hai ki vah sahee kaise rahen jo hamaare lie to achchha hai hee hai abe sab ke lie sahee hai aur vahee sahee tareeka hona chaahie jeene ka rahane ka kisee bhee tareeke se mere hisaab se yah sahee hai isamen koee dikkat pareshaanee nahin hai isakee hone ke baavajood maryaada kaayade kaanoon sanskrti sabhyata kalchar tredeeshan abhee to hamaaree phreedam hai na hamaare paas libartee hai na ek baaree takiya kuchh is tareeke se nahin to us tareeke se kar sakate hain agar aap usase baat karana chaahate hain to yahaan par dipend karata hai ki aap kis tareeke se un cheejon ko lete hain aur kya karana chaahate hain aaie to vah log jo sahee hoga vahee karenge to vahee karana chaahie

#धर्म और ज्योतिषी

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क्या अहंकार की सीमा होती है?Kya Ahankaar Ki Seema Hoti Hai
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3:21
जी नहीं अहंकार की कोई सीमा नहीं होती है कोई बहुत अहंकारी हो सकता है उसमें अत्यधिक हंकार हो सकता है तो किसी में क्षण मात्र भी थोड़ा सा भी इनकार नहीं होता किसी में हर समय एक अच्छा लगता है तो किसी में कभी भी नहीं चलता है यार कोई बाहर से आपको नहीं देता है आप बाहर से स्वीकार ग्रहण नहीं करते हो आप अहंकारी बनते चले जाते हो अगर आपने अपने इस स्वभाव को मनोदशा को एक दोस्त को कंट्रोल नहीं किया मैंने इसमें किया तो पता ही नहीं चलेगा कि हम कितने अहंकारी हो गए हैं जो कि सही नहीं है क्या इनका गुना के भी देखें थोड़ा बहुत है इनका सब में होता है लेकिन उतना हैंड कार ही होना चाहिए जितना कि ओके है जितना कि आई ना किसी को या अपने आप को किसी तरीके से हुआ छोटा ना दिखे किसी तरीके से किसी और को ऐसा प्रतीत ना हो कि आप इनकार में है किसी को आप के अहंकार के कारण कोई दुख तकलीफ या परेशानी ना पहुंचे अगर इतना है अगर होता है तो चल जाएगा पर क्या करना चाहिए जी नहीं आए घर होना नहीं चाहिए बड़ी कहना और ऐसी स्टेट में रहना आइडियलिस्टिक में रहना की जरा भी कहीं का नहीं है और एक बार नहीं 1 दिन नहीं कभी भी किसी भी परिस्थिति में उस इंसान को अहंकार नहीं होता यह होना थोड़ा मुश्किल होता है इसीलिए मैं कहता हूं कि चलो ठीक है मानक थोड़ा बहुत है यार लेकिन फिर वह छलक ना नहीं चाहिए हर जगह पर आप का अहंकार नहीं आना चाहिए नहीं होता क्या है बस सिंपल सी बात है आप अपने आप को किस तरीके से देखते हो दुनिया को किस तरीके से देखते हो आप अपने आप को लोगों से या परिस्थिति में ऊपर दिखाने के लिए क्या करते हो यही सब तो इंकार है जो कि सही नहीं है भाई आपको तो वैसे रहना चाहिए जैसा मुंह से प्रोक्रिएट होता है जैसा एकदम मुनासिब एकदम सही होता है उन व्यक्तियों के साथ कारण या उन व्यक्तियों के साथ उस ग्रुप में या फिर इंडिविजुअल किसी इंसान के साथ आपकी सोच आपकी अब जीवन शैली आपका देखने का नजरिया आप किस तरीके से अपने आपको दूसरों के संदर्भ में देखते हो परिस्थितियों को किस तरीके से देखते हो किस तरीके से अपने आप को परिस्थिति को लोगों को मैनेज करते हो यह सारा बताते हैं कि आपने कहता है कहां रे तुझे अगर आप उठा देते तरीके से चीजें मैनेज कर लेते हो तो बहुत की बात है कि नहीं करते तो फिर आप आप में अहंकार दिखता है और अगर इसको सही समय पर बार-बार कंट्रोल नहीं किया गया तो यह अच्छा लगने लगता है यह बता चला जाता है जो कि सही नहीं है यह इंकार हम खुद टेबल आप करते हैं खुद बनाते हैं और पता ही नहीं चलता हमें कि हम कितने अहंकारी हो गए हैं
Jee nahin ahankaar kee koee seema nahin hotee hai koee bahut ahankaaree ho sakata hai usamen atyadhik hankaar ho sakata hai to kisee mein kshan maatr bhee thoda sa bhee inakaar nahin hota kisee mein har samay ek achchha lagata hai to kisee mein kabhee bhee nahin chalata hai yaar koee baahar se aapako nahin deta hai aap baahar se sveekaar grahan nahin karate ho aap ahankaaree banate chale jaate ho agar aapane apane is svabhaav ko manodasha ko ek dost ko kantrol nahin kiya mainne isamen kiya to pata hee nahin chalega ki ham kitane ahankaaree ho gae hain jo ki sahee nahin hai kya inaka guna ke bhee dekhen thoda bahut hai inaka sab mein hota hai lekin utana haind kaar hee hona chaahie jitana ki oke hai jitana ki aaee na kisee ko ya apane aap ko kisee tareeke se hua chhota na dikhe kisee tareeke se kisee aur ko aisa prateet na ho ki aap inakaar mein hai kisee ko aap ke ahankaar ke kaaran koee dukh takaleeph ya pareshaanee na pahunche agar itana hai agar hota hai to chal jaega par kya karana chaahie jee nahin aae ghar hona nahin chaahie badee kahana aur aisee stet mein rahana aaidiyalistik mein rahana kee jara bhee kaheen ka nahin hai aur ek baar nahin 1 din nahin kabhee bhee kisee bhee paristhiti mein us insaan ko ahankaar nahin hota yah hona thoda mushkil hota hai iseelie main kahata hoon ki chalo theek hai maanak thoda bahut hai yaar lekin phir vah chhalak na nahin chaahie har jagah par aap ka ahankaar nahin aana chaahie nahin hota kya hai bas simpal see baat hai aap apane aap ko kis tareeke se dekhate ho duniya ko kis tareeke se dekhate ho aap apane aap ko logon se ya paristhiti mein oopar dikhaane ke lie kya karate ho yahee sab to inkaar hai jo ki sahee nahin hai bhaee aapako to vaise rahana chaahie jaisa munh se prokriet hota hai jaisa ekadam munaasib ekadam sahee hota hai un vyaktiyon ke saath kaaran ya un vyaktiyon ke saath us grup mein ya phir indivijual kisee insaan ke saath aapakee soch aapakee ab jeevan shailee aapaka dekhane ka najariya aap kis tareeke se apane aapako doosaron ke sandarbh mein dekhate ho paristhitiyon ko kis tareeke se dekhate ho kis tareeke se apane aap ko paristhiti ko logon ko mainej karate ho yah saara bataate hain ki aapane kahata hai kahaan re tujhe agar aap utha dete tareeke se cheejen mainej kar lete ho to bahut kee baat hai ki nahin karate to phir aap aap mein ahankaar dikhata hai aur agar isako sahee samay par baar-baar kantrol nahin kiya gaya to yah achchha lagane lagata hai yah bata chala jaata hai jo ki sahee nahin hai yah inkaar ham khud tebal aap karate hain khud banaate hain aur pata hee nahin chalata hamen ki ham kitane ahankaaree ho gae hain

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क्या भलाई करने से भलाई मिलती है?Kya Bhalai Karne Se Bhalai Milti Hai
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2:28
क्या भलाई करने से भलाई मिलती हैं तो इसको जरा दूसरे तरीके से देखते हैं क्या भलाई नहीं करने से भलाई मिलती है क्या बिल्कुल नहीं भाई हम जो कहते हैं वही हमें वापस मिलता है आप तो उसके देखिए आप किसी के साथ अगर अच्छा व्यवहार करते हैं तो क्या सामने बना के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करेगा यह तो वह हुआ जो आपको देख रहा है स्पष्ट रूप से लेकिन जीवन काल में होता क्या है कि भाई हम जैसा कर्म करते हैं वैसा ही हमें कर्म फल मिलता है जैसी हमारी सोच जैसी हमारी धारणा जैसे हमारे विचार जैसे हमारे कर्म ही नतीजा वैसा ही मिलेगा अब आप भलाई करेंगे तो डेफिनेटली आपको इन रिटर्न भलाई तो मिलेगा आपको कोई गलत चीज या कुछ और तो नहीं हो सकता लेकिन क्योंकि हम अरे कई घर में ऐसे भी होते हैं जिनको मैं पता नहीं होता है जहां पर हमने भलाई वगैरह नहीं किया होता तो वहां पर हो सकता है आपको कुछ और मिले जिसका हमें पता नहीं होता और हम पूछते हैं कि भाई मैं तो भलाई करता हूं लेकिन फिर यह ऐसा क्या था ऐसा भी होता है वह इसलिए क्योंकि हमें पता नहीं होता है वह घर में यह जीवन काल के हो सकते हैं पहले के हो सकते हैं हमारे प्रारब्ध में होता है तो बहुत सारी चीजें होती हैं लेकिन भाई जो तीर आप मारते हैं जो तीर छोड़ते हैं वैसा ही तीर आपको आगे लगता है इंटेंसिटी भी वैसी हो सकती है बस हमें पता नहीं होता तो बोलिए कि वह तेरा के हमें वापस लगेगा कब किस रूप में मिलेगा वह प्रधान तो यही होता है पर तुझे सिंपल सी बात है अगर आप भला ही नहीं करना चाहते तो मत कीजिए जैसा आप कर्म करेंगे वैसा आपको कर्म फल मिलेगा जरूरी नहीं है कि आज आपने कुछ बुरा कर्म किया और शाम तक कुछ नहीं हुआ तो आपने सोचा कुछ फर्क नहीं पड़ता है जी नहीं जो भी नहीं है कि आज ही कुछ हो जाए खाली कुछ हो जाए 1 साल 10 साल बाद कुछ हो जाए जी नहीं हो सकता इस जीवनकाल में कुछ ना हो बुरे कर्म करते चले जाओ मत भलाई करो लेकिन फिर उसका लेखा-जोखा तो कहीं होता है ना और उसी हिसाब से फिर हमको अगला जीवनिया जो कर्म फल है वह तो मिलेगा ही मिलेगा
Kya bhalaee karane se bhalaee milatee hain to isako jara doosare tareeke se dekhate hain kya bhalaee nahin karane se bhalaee milatee hai kya bilkul nahin bhaee ham jo kahate hain vahee hamen vaapas milata hai aap to usake dekhie aap kisee ke saath agar achchha vyavahaar karate hain to kya saamane bana ke saath achchha vyavahaar nahin karega yah to vah hua jo aapako dekh raha hai spasht roop se lekin jeevan kaal mein hota kya hai ki bhaee ham jaisa karm karate hain vaisa hee hamen karm phal milata hai jaisee hamaaree soch jaisee hamaaree dhaarana jaise hamaare vichaar jaise hamaare karm hee nateeja vaisa hee milega ab aap bhalaee karenge to dephinetalee aapako in ritarn bhalaee to milega aapako koee galat cheej ya kuchh aur to nahin ho sakata lekin kyonki ham are kaee ghar mein aise bhee hote hain jinako main pata nahin hota hai jahaan par hamane bhalaee vagairah nahin kiya hota to vahaan par ho sakata hai aapako kuchh aur mile jisaka hamen pata nahin hota aur ham poochhate hain ki bhaee main to bhalaee karata hoon lekin phir yah aisa kya tha aisa bhee hota hai vah isalie kyonki hamen pata nahin hota hai vah ghar mein yah jeevan kaal ke ho sakate hain pahale ke ho sakate hain hamaare praarabdh mein hota hai to bahut saaree cheejen hotee hain lekin bhaee jo teer aap maarate hain jo teer chhodate hain vaisa hee teer aapako aage lagata hai intensitee bhee vaisee ho sakatee hai bas hamen pata nahin hota to bolie ki vah tera ke hamen vaapas lagega kab kis roop mein milega vah pradhaan to yahee hota hai par tujhe simpal see baat hai agar aap bhala hee nahin karana chaahate to mat keejie jaisa aap karm karenge vaisa aapako karm phal milega jarooree nahin hai ki aaj aapane kuchh bura karm kiya aur shaam tak kuchh nahin hua to aapane socha kuchh phark nahin padata hai jee nahin jo bhee nahin hai ki aaj hee kuchh ho jae khaalee kuchh ho jae 1 saal 10 saal baad kuchh ho jae jee nahin ho sakata is jeevanakaal mein kuchh na ho bure karm karate chale jao mat bhalaee karo lekin phir usaka lekha-jokha to kaheen hota hai na aur usee hisaab se phir hamako agala jeevaniya jo karm phal hai vah to milega hee milega

#धर्म और ज्योतिषी

Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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Life Coach | Motivational Speaker
6:22
देखें जब हम ना दुख की बात करते हैं तो सर मैं उसको वहां पर दुख मत लीजिए अभी कौन सा कहीं बाहर है चीज है यह होती है कि हम उन चीजों को किस तरीके से देखते हैं वह बड़ा इंपॉर्टेंट हो जाता है तो जीवन में जो भी कुछ घटित हो रहा है वह बेसिकली अगर देखा जाए तो क्या है हम एक परिस्थिति से दूसरी परिस्थिति में जाते रहते हैं अभी ऐसी भी परिस्थिति कल को ऐसी होगी आज की परिस्थिति में आपको खुशी मिली पुख्ता सब कुछ बढ़िया था कल एक ऐसी परिस्थिति आगे जो बहुत चुनौती दी थी आपको चीजें ठीक-ठाक नहीं लग रही हैं वगैरा वगैरा तो ऐसे करके होता है जब आप इसको दुख बोल देते हैं जब आप इसको समस्या बोल देते हैं तो वह एक अच्छा लगता है वहीं पर अगर आपने सिर्फ बोर्ड को चेंज किया तो आपको थोड़ा ही सुकून मिलता है थोड़ा काम पर टेबल महसूस करो कि चलो ठीक है यह सिचुएशन है अब इस सिचुएशन में क्या करना है आप सलूशन की तरफ देखते हो आपको क्या चाहिए होता है आपको सलूशन चाहिए होते आपको दुख थोड़ी ना चाहिए होता है आपको समस्या छोड़ना चाहिए थी लेकिन फोकस समस्या और दुख पर चला जाता है हमें तो चाहिए सलूशन क्या है रास्ता क्या है इस परिस्थिति से निकलने का तो सबसे पहली बात तो यह कि हमें अपने नजरिए पर थोड़ा काम करना चाहिए वह देखना चाहिए कि हम चीजों को किस तरीके से देखते हैं बाकी आप के सवाल पर आपने कहा आपके विचार से खुद को नियंत्रित करके क्या अपने दुखों से छुटकारा पाया जा सकता है देखिए जब तक जीवन है ना तब तक जीवन में संघर्ष मतलब होता है शराब धूप छांव दुख परेशानी दिक्कत हर तरीके के चाहे वह शारीरिक हो चाहे वह मानसिक को देखा जाए तो भी दो ब्रॉडली दो तरीके की दिक्कत होती हमारे जीवन में या तो शरीर से संबंधित या फिर अनुमान से होता क्या है कि जीवन में आएंगे अब किसी के जीवन में अधिकतर समय खुशहाली रहती है किसी के जीवन में अधिकतर समय किन हो इतना बढ़िया नहीं रहता यह सारा चलता है बाकी सारा ऊपर नीचे सब कुछ होता रहता है जब आप बोलते हैं कि आपके विचार से खुद को नियंत्रित कर ले तो क्या हम दुखों से छुटकारा पा सकते हैं तो जी देखिए आप अपने विचारों को नियंत्रित करके छुटकारा नहीं पा सकते हैं आपके विचार डेफिनेटली आपको हेल्प करते हैं एक सही दिशा में जाने के लिए किसी सिचुएशन पर अप्लाई चुनाव करने के लिए कि भाई मेरा डिसिशन जो है वह सही हो सटीक हो आप किस तरीके से चीजों को देखते हैं किस नजरिए से देखते हैं यह पॉइंट होता है आप कितना उस में भागीदार होते हैं पार्टिसिपेट करते हैं राकेश ने उन परिस्थितियों को मैनेज करते हैं यह सारी चीजें डेफिनेटली आपके विचार से आती है सोचते आती है समझ जाती है बुद्धि से आती है एक पीरियड से आती है आपकी पढ़ाई लिखाई से आती है जीवन के तजुर्बे से आती है हर सारी चीजों से आपके विचार बनते हैं कंधे से माहौल से आपके विचार बनते हैं उत्पन्न होते वगैरह हो गया था जब आपके विचार एक तरह के होते हैं तो आप एक दिशा में जाते हैं आप आपका चरित्र आपका व्यक्तित्व एक तरीके का बनता है चला जाता है और आप एक तरीके के इंसान बन जाते हैं जब आप बोलते हैं कि हम अपने विचारों को ठीक कर ले नियंत्रित कर ले आओ तो दुखों से छुटकारा ही नहीं दुखों से छुटकारा नहीं मिलेगा वह कम हो सकता है क्यों क्योंकि एक इंसान ऐसे ही बढ़ते चले जा रहे हैं सोचता नहीं है ध्यान नहीं देता तो हो सकता है उसके लाइफ में एक्सीडेंट ज्यादा हूं परिस्थितियां अनुकूल ना मिले लेकिन वहीं पर एक इंसान सोच समझकर कदम बढ़ाता है सही दिशा में बढ़ाता है सही तरीके से बात करता है तो वह एक अलग दिशा में जाता है तो यह कहां से होता है विचार से कर्म से स्वभाव से इन सारी चीजों से होता है तो जैसे निकली छुटकारा नहीं देते लेकिन वह काफी हद तक आपको सही अधिवेशन में देते हैं अच्छा तो क्या यह गारंटी है कि मेरे को दुख नहीं मिलेगा जैसा आप सोच रहे हैं जिन्हें सब कुछ सही करने के बाद भी आप देखेंगे अधिकतर लोग तो प्रयास कर देना चीजें ठीक ठाक है लेकिन फिर भी दुख मिलता है तकलीफ मिलती है क्यों सही नहीं है सब कुछ हमारे हिसाब से हो जाए तो जब आप अपने आप को अपने विचारों को नियंत्रित करके आगे चलते हैं तो भी आपको दुख तकलीफ परेशानी परिस्थितियां मिलेंगे जो अनुकूल नहीं होंगे लेकिन ऐसा करने पर आप ज्यादा सक्षम हो जाते हैं उन परिस्थितियों को सही तरीके से मैनेज करने के लिए और यही करने की जरूरत होती है तो डेफिनेटली आपका आंसर अगर देना होगा एक मैं तो हां बिल्कुल यह विचारों को डेफिनेटली मतलब जो हम सोचते हैं जैसा चिंतन करते हैं उस पर डेफिनिटी ध्यान देने की जरूरत है हमारा नजरिया कैसे हैं आप रोज कहती है लाइव फिलॉसफी कैसी सारी चीजें बहुत इंपॉर्टेंट है हम अपने आप को कैसे रखते हैं हमारे अंदर क्या चलता है हम अपने आप से क्या बातें करते रहते हैं किसी परिस्थिति में हम अपने आप को कैसे देखते हैं परिस्थिति को और इंसान को कैसे देखते हैं कैसे मैनेज करते हैं यह सारी चीजें बांटने यह सारी चीजें आती हैं कि आप सोचते कहते आप की आंतरिक व्यवस्था कैसी है और वही फिर निर्धारित करती है कि आपका अगला कदम क्या होगा और किस दिशा में होगा और फिर उसका रिजल्ट या कौन सीक्वेंस कैसा होगा तो यह आपको दुख हो से दूर नहीं करती है लेकिन उसको कम करने में मदद करती है साथ ही साथ यह आपको ताकत देती है कि आप परिस्थितियों को सही तरीके से झूठ सके उससे उन उन चुनौतियों का सामना कर सके आप को मजबूत बनाती हैं और आप उन परिस्थितियों से कायदे से तरीके से सही समय पर निकल सकते हैं या को प्रेरणा भी देती है तो ऐसा जरूर करना चाहिए प्रयास जरूर होना चाहिए यह देखने के लिए कि हम जैसा सोचते हैं कि ऐसा कर्म करते हैं
Dekhen jab ham na dukh kee baat karate hain to sar main usako vahaan par dukh mat leejie abhee kaun sa kaheen baahar hai cheej hai yah hotee hai ki ham un cheejon ko kis tareeke se dekhate hain vah bada importent ho jaata hai to jeevan mein jo bhee kuchh ghatit ho raha hai vah besikalee agar dekha jae to kya hai ham ek paristhiti se doosaree paristhiti mein jaate rahate hain abhee aisee bhee paristhiti kal ko aisee hogee aaj kee paristhiti mein aapako khushee milee pukhta sab kuchh badhiya tha kal ek aisee paristhiti aage jo bahut chunautee dee thee aapako cheejen theek-thaak nahin lag rahee hain vagaira vagaira to aise karake hota hai jab aap isako dukh bol dete hain jab aap isako samasya bol dete hain to vah ek achchha lagata hai vaheen par agar aapane sirph bord ko chenj kiya to aapako thoda hee sukoon milata hai thoda kaam par tebal mahasoos karo ki chalo theek hai yah sichueshan hai ab is sichueshan mein kya karana hai aap salooshan kee taraph dekhate ho aapako kya chaahie hota 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#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
क्या एक कामयाब आदमी के पीछे सच में औरत का हाथ होता है?Kya Ek Kamyab Admi Ke Piche Sach Mein Aurat Ka Hath Hota Hai
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सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
2:04
जी देखिए ऐसा हो भी सकता है और ऐसा नहीं भी हो सकता है कोई आदमी अगर कामयाब होता है तो जरूरी नहीं है वह सिर्फ उसके कारण नहीं हो सकता है कई और सारे लोग उसके कामयाबी के पीछे हो खड़े हो जिस जिन्होंने उसको सपोर्ट किया उन्होंने उस को प्रेरित किया उन्होंने उसको एक बार किया मोटिवेट किया वह उसके साथ कुछ दूर चले ताकि वह सफलता की सीढ़ी चढ़ता के परिश्रम के दिनों में अगर उन लोगों ने उनका साथ दिया अब उसमें कोई भी हो सकता है वह औरत भी हो सकती है बहन और सकती है भाइयों सकते हैं माता-पिता हो सकते हैं रिश्तेदार हो सकते हैं दोस्त हो सकते हैं पर लोग हो सकते हैं आज पड़ोसी हो सकते हैं घर के रहने के पास रहने वाले या फिर ऑर्गेनाइजेशन के लोग कॉलेज के लोग स्कूलों के लोग कोई भी हो सकता है तो अगर उसने आप का साथ दिया है और आप कामयाब होते हैं तो डेफिनेटली जब कहते हैं आपकी तरफ से आज धन्यवाद वो डेफिनेटली काबिले तारीफ है क्योंकि उसकी वजह से आज आपको कामयाबी मिली है तो अब इसमें कोई ऐसा नहीं होता कि हर समय औरत के कारण ही कामयाबी मिलती है अब उसके देखिए अगर माली से किसी इंसान की शादी नहीं हुई है तो क्या वह इंसान कामयाब नहीं हो सकता हो सकता है ना भाई तो जरूरी नहीं है कि औरत के कारण ही कामयाबी मिलती है हां औरत के कारण भी मिल सकती है और बहुत सारी कैसे हमको देखते भी आपके आस पड़ोस में आप देखेंगे तो बहुत सारी ऐसी बातें हैं तो अध्यक्ष ने भी उनके कारण में मिलता है तो उनमें उनका हाथ होता है लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि खाली औरत के कारण ही होता है जी नहीं बहुत सारे फैक्टर जाते हैं और कौन से फैक्टर्स किस तरीके से उपयोग में आए हैं लाए गए हैं उस हिसाब से रिपेयर करते हैं कि आप का रिजल्ट कैसा होगा और अलग रिजल्ट पहुंचे पॉजिटिव है तो वह सारी चीजें डेफिनेटली आप के लिए हेल्प खुल रही है आप को कामयाब बनाने के लिए
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#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
इज्जत देने और इज्जत करने में क्या अंतर है?Ijjat Dene Or Ijjat Karne Me Kya Antar Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
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Life Coach | Motivational Speaker
2:37
जी देखें इज्जत देने और इज्जत करने में ज्यादा फर्क नहीं है सिर्फ लफ्जों का फर्क है और कुछ नहीं है बिजली हर एक इंसान चाहता है कि वह इस बार मिले हो जो हिसाब करता है चाहे छोटा बच्चा हूं चाहे वह बड़ा आदमी हो चाहे वह बुजुर्ग हो चाहे वह महिलाओं को पुरुषों ईश्वर का हो इस प्रदेश का हो इस देश का हो कोई फर्क नहीं पड़ता हर एक इंसान चाहता है कि उसको बहुत इज्जत मिलेंगे इसका मतलब वह सम्मान नहीं होता कि वह मेरे को अवार्ड मिल जाए मेरे को रिकॉग्निशन मिल रहा है वगैरा भेज देना तो सिंपल यह होता है कि भाई उस परिस्थिति में उस इंसान से उसको जो मिलना चाहिए क्या वह मिल रहा है या नहीं उस पेज पर पोस्ट या उन लोगों के बीच में उसको जो मिलना चाहिए क्या वह मिल जाए या नहीं इस दत्त मतलब क्या हुआ भाई वह छोटे जॉब करता है क्या डिजर्व करते हैं कोई इंसान वह आ जाए वह रे वह वह तरीके से बात करना एक तरीके से कम्युनिकेट करना उसका बर्ताव इस तरीके से होना अभी इस तारीख की से इंसान ही करता है ना भाई इज्जत देने की या लेने की जब बात होती है तो वह इंसान से इंसान के बीच में ही होती है ऐसा तो होता नहीं कि हम बात करें भाई वह पेड़ या वह पक्षी इज्जत नहीं दे रहा है जीना बाजे बेइज्जती करते हैं तो जैसे निकली वह मिलती कहां से हैं लोगों से मिलती है वह एक इंसान से मिल सकता है एक ग्रुप से मिल सकता है जहां पर एक नहीं अनेक लोगों वह आपको पर्सनल लेबल पर मिल सकता है अपने घर परिवार से रिश्तेदार से दोस्तों से या फिर आपको प्रोफेशनल एंड गवर्नमेंट में मिल सकता है जैसे आप के ऑफिस में स्कूल में कॉलेज में बिजनेस में किसी और सोशल गैदरिंग में वगैरा-वगैरा करने में कोई फर्क नहीं है बात सिर्फ इतनी है कि वह सामने वाले को जिस तरीके से ट्रीट करना है उसका जैसा बर्ताव करना चाहिए क्या वह प्रोक्रिएट है या नहीं बस इतना ख्याल रखना है और यही करना है हर इंसान डिस्टर्ब करता है आप भी चाहते हैं ना कि आपसे कोई शक तरीके बात करें तमीज से बात करें और कभी ही व्यर्थ बहुत सा प्रोक्रिएट हो सबसे सही है ना करी घाट करे आपको रेस्पेक्ट दे जिसे चाहते हैं ना तो इसी तरह सामने वाले भी चाहते हैं तो आपको इसको बनाए रखना चाहिए और तरीके से इंसान को डिलीट करना चाहिए
Jee dekhen ijjat dene aur ijjat karane mein jyaada phark nahin hai sirph laphjon ka phark hai aur kuchh nahin hai bijalee har ek insaan chaahata hai ki vah is baar mile ho jo hisaab karata hai chaahe chhota bachcha hoon chaahe vah bada aadamee ho chaahe vah bujurg ho chaahe vah mahilaon ko purushon eeshvar ka ho is pradesh ka ho is desh ka ho koee phark nahin padata har ek insaan chaahata hai ki usako bahut ijjat milenge isaka matalab vah sammaan nahin hota ki vah mere ko avaard mil jae mere ko rikognishan mil raha hai vagaira bhej dena to simpal yah hota hai ki bhaee us paristhiti mein us insaan se usako jo milana chaahie kya vah mil raha hai ya nahin us pej par post ya un logon ke beech mein usako jo milana chaahie kya vah mil jae ya nahin is datt matalab kya hua bhaee vah chhote job karata hai kya dijarv karate hain koee insaan vah aa jae vah re vah vah tareeke se baat karana ek tareeke se kamyuniket karana usaka bartaav is tareeke se hona abhee is taareekh kee se insaan hee karata hai na bhaee ijjat dene kee ya lene kee jab baat hotee hai to vah insaan se insaan ke beech mein hee hotee hai aisa to hota nahin ki ham baat karen bhaee vah ped ya vah pakshee ijjat nahin de raha hai jeena baaje beijjatee karate hain to jaise nikalee vah milatee kahaan se hain logon se milatee hai vah ek insaan se mil sakata hai ek grup se mil sakata hai jahaan par ek nahin anek logon vah aapako parsanal lebal par mil sakata hai apane ghar parivaar se rishtedaar se doston se ya phir aapako propheshanal end gavarnament mein mil sakata hai jaise aap ke ophis mein skool mein kolej mein bijanes mein kisee aur soshal gaidaring mein vagaira-vagaira karane mein koee phark nahin hai baat sirph itanee hai ki vah saamane vaale ko jis tareeke se treet karana hai usaka jaisa bartaav karana chaahie kya vah prokriet hai ya nahin bas itana khyaal rakhana hai aur yahee karana hai har insaan distarb karata hai aap bhee chaahate hain na ki aapase koee shak tareeke baat karen tameej se baat karen aur kabhee hee vyarth bahut sa prokriet ho sabase sahee hai na karee ghaat kare aapako respekt de jise chaahate hain na to isee tarah saamane vaale bhee chaahate hain to aapako isako banae rakhana chaahie aur tareeke se insaan ko dileet karana chaahie

#जीवन शैली

Umesh Upaadyay Bolkar App
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सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
2:47
ऐसा नहीं होगा कि कोरोनावायरस हमारे जीवन का एक हिस्सा होगा मैं जीवन का इंसान रोता बहुत है ना कि वह हमें यहां राजस्थान भ्रमित हो गए हैं और हम सोने जा रहे हैं उसके बाद से यह वायरस हमारे अंदर से गया नहीं है तो उधर उसके साथ हम जीते हैं तो हम कैसे थे हमारे जीवन का हिस्सा हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं होता अगर कोई संक्रमित होता है तो दो पॉसिबिलिटीज है या तो वॉइस से बाहर निकलकर ठीक हो जाएगा यहां पर मौजूद दुनिया को छोड़ जाएगा होता है जब वायरस की बात करते हैं तो हमें नहीं पता किसी भी वैज्ञानिक को किसी भी डॉक्टर को आज की तारीख में नहीं पता कि वायरस कब तक रहेगा हो सकता है खत्म भी हो जाए पूरी हो सकता है यह नहीं यह किसी और बीमारी की तरह इस दुनिया में रहे यह नहीं है कि हमारे पास रहे हमारे साथ रहे हो राम जिंदगी का हिस्सा बन जाए जी नहीं जिंदगी का हिस्सा तो यह बनता है कि हमें पता है कि कहीं ना कहीं पर या फिर किसी प्रांत में यह संक्रमण अभी भी है हम सतर्कता से जीते हैं तो उस सतर्कता से जीने का जो तरीका है वह अपनाते हैं और जीते हैं तो वह हमारे जिंदगी का हिस्सा हो सकता है वायरस नहीं हो सकता पर जहां पर अगर हम सबको अभी पता है वैसे हम सब जानते हैं कि भाई वायरस अभी है तो हम कैसे जीवन जी रहे हैं हम वैसे ही जी रहे हैं जैसा एक साल पहले जीते थे जब आर एस नया-नया था कि भाई गरम पानी पियो मस्त लगा हुआ मुंह धोया करो साफ-सुथरा अपने आप को रखो संक्रमित होने से बचा हो तो हम इस तरीके से जीवन जीना हमें शुरू कर दिया किस टाइम तक 11 महीनों से 1 साल होने को आ रहे हैं हमारे जीवन का हिस्सा वायरस नहीं हुआ है हमने अपने जीवन क्योंकि वायरस पेशेंट है मौजूद है अपनी जीवनशैली को इस तरीके से बना लिया है यह हो सकता है लंबे समय तक चले तब तक जब तक हम 10789 ना हो जाए या बिस्तर पृथ्वी पर आज की तारीख में ऐसा कोई वायरस नहीं है जिससे हम संक्रमित हो सकते हैं तो यह पॉसिबिलिटी उसे जीवन जो हम इस तरीके से जी रहे हैं हो सकता है इस्कॉन कंटिन्यू करें और ऐसा ही जीते रहे यह संभव है हमारा जीवन शैली ऐसा हो सकता है लेकिन यह नहीं होता कि आप हमारे जिंदगी का हिस्सा हो जाए वह तो तब होता है जब हम संतरा में थे और हम उसके साथ जिए जा रहे हैं सोच कर देखिए गा
Aisa nahin hoga ki koronaavaayaras hamaare jeevan ka ek hissa hoga main jeevan ka insaan rota bahut hai na ki vah hamen yahaan raajasthaan bhramit ho gae hain aur ham sone ja rahe hain usake baad se yah vaayaras hamaare andar se gaya nahin hai to udhar usake saath ham jeete hain to ham kaise the hamaare jeevan ka hissa ho sakata hai lekin aisa nahin hota agar koee sankramit hota hai to do posibiliteej hai ya to vois se baahar nikalakar theek ho jaega yahaan par maujood duniya ko chhod jaega hota hai jab vaayaras kee baat karate hain to hamen nahin pata kisee bhee vaigyaanik ko kisee bhee doktar ko aaj kee taareekh mein nahin pata ki vaayaras kab tak rahega ho sakata hai khatm bhee ho jae pooree ho sakata hai yah nahin yah kisee aur beemaaree kee tarah is duniya mein rahe yah nahin hai ki hamaare paas rahe hamaare saath rahe ho raam jindagee ka hissa ban jae jee nahin jindagee ka hissa to yah banata hai ki hamen pata hai ki kaheen na kaheen par ya phir kisee praant mein yah sankraman abhee bhee hai ham satarkata se jeete hain to us satarkata se jeene ka jo tareeka hai vah apanaate hain aur jeete hain to vah hamaare jindagee ka hissa ho sakata hai vaayaras nahin ho sakata par jahaan par agar ham sabako abhee pata hai vaise ham sab jaanate hain ki bhaee vaayaras abhee hai to ham kaise jeevan jee rahe hain ham vaise hee jee rahe hain jaisa ek saal pahale jeete the jab aar es naya-naya tha ki bhaee garam paanee piyo mast laga hua munh dhoya karo saaph-suthara apane aap ko rakho sankramit hone se bacha ho to ham is tareeke se jeevan jeena hamen shuroo kar diya kis taim tak 11 maheenon se 1 saal hone ko aa rahe hain hamaare jeevan ka hissa vaayaras nahin hua hai hamane apane jeevan kyonki vaayaras peshent hai maujood hai apanee jeevanashailee ko is tareeke se bana liya hai yah ho sakata hai lambe samay tak chale tab tak jab tak ham 10789 na ho jae ya bistar prthvee par aaj kee taareekh mein aisa koee vaayaras nahin hai jisase ham sankramit ho sakate hain to yah posibilitee use jeevan jo ham is tareeke se jee rahe hain ho sakata hai iskon kantinyoo karen aur aisa hee jeete rahe yah sambhav hai hamaara jeevan shailee aisa ho sakata hai lekin yah nahin hota ki aap hamaare jindagee ka hissa ho jae vah to tab hota hai jab ham santara mein the aur ham usake saath jie ja rahe hain soch kar dekhie ga

#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
एक इंसान के जीवन में पढ़ाई का क्या योगदान रहता है?Ek Insaan Ke Jeevan Mein Padhai Ka Kya Yogdaan Rehta Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
3:56
जी देखे चलाना पढ़ाई की बातें करते हैं तो ध्यान उस पर चाहते हैं कि स्कूल में जाते हैं कॉलेज में जाते हैं तो क्या पढ़ाई करते हैं तो यह तो हुआ फॉर्मल एजुकेशन फॉर मनी हम क्या कर रहे हैं कहां से बढ़ रहे हैं लेकिन पढ़ाई खाली है स्कूल वालों इसमें छोड़ने मिलती है उनके अलावा भी तो मिलती है ना बचपन से लेकर अभी तक हमें हर जगह से सीख मिलती है अब जरूरी नहीं है कि वह पढ़ाई वह वाली हो जो स्कूल कॉलेज से ही मिले हमें माता-पिता से संस्कार मिलते हैं क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए क्या सही है क्या गलत है या नहीं घर परिवार से मिलते हैं बड़ों से मिलता है भाई बहन से मिलता है घर में जितने भी लोग होते हैं माता-पिता के अलावा उनसे मिलता है तब बताते रहते हैं कि क्या सही है क्या नहीं है कई बार वह नहीं भी बताते लेकिन हम देखते हैं सुनते हैं समझते हैं और फॉलो करते हैं जो पढ़ाई हुई देवाराम देखते हैं कि आप किताबों के अलावा भी कई सारे और अपनी जगह है जहां से हमें ज्ञान ना हो सकता है वह पोस्ट के अलावा बहुत सारी किताबें होती हैं बहुत सारे चैनल सोते हैं अच्छे होते हैं चाहे वह कैसी भी हो सोशल मीडिया हो फोन तो नहीं पर कुछ सीखने जाते हैं स्किल डेवलप करने जाते हैं वहां से भी तो ज्ञान मिलता है ना आपको आप न्यूज़ पेपर पढ़ते हैं मैगजीन पढ़ते हैं नोबेल पढ़ते हैं कहीं कहीं से कुछ ना कुछ आप आते रहते हैं यह सारा ज्ञान ही तो है जो आप कहते हैं कि इंसान के जीवन में पढ़ाई का क्या योगदान रहता है तो जी देखिए वह सब बातें जो सही हैं जो आप सीखते हैं जानते हैं और तब क्या होता है अनुभव क्या होता है खुद खुद से या फिर किसी और के अनुभव को जीवन में उतारते हैं यह सारी बातें आपको हेल्प करती है एक बेहतर जीवन जीने में जरूरी नहीं है कि हम वही सारी चीजें सीखे जो स्कूल से मिलती है और जो किताबों में लिखी हुई टीचर बनाती है जीना जीवन के अनुभव अपने अनुभव दूसरों के अनुभव बहुत सारी चीजें बहुत सारी बातें हैं हम दिन रात देखते हैं उनके संपर्क में आते हैं समझते हैं ज्ञान लेते हैं अपना ज्ञान बढ़ाते हैं और जीवन को आगे बढ़ते बढ़ते चले चलते जाते हैं इससे हमें सहायता मिलती है कि नहीं हमारा चरण कहना कैसा होना चाहिए व्यवहार कैसा होना चाहिए कम्युनिकेशन कैसा होना चाहिए बिहेवियर कैसा होना चाहिए और एक तरीके से दूसरे तरीके से हमारे क्षेत्र का चरित्र का विकास होता है सारा ज्ञान से ही तो होता है पर वैसे ही तो होता है तुझे अगर हम भी ज्ञान अर्जित ना करें तो सोच लीजिए हमारे हमारे जीवन ज्ञानी तो जो हमें बताते हैं यह सही है कि गलत है इस मार्ग पर चलने से आप इस दिशा में जाते हैं और आपको यह मिल सकता है अगर आप ऐसा नहीं करते कोई और मार पकड़ते हैं तो आप पढ़ाई लिखाई से जीवन में बहुत अच्छा गाती हैं पता चलता है कि क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए किसी भी तरीके की पढ़ाई लिखाई हो सकते किसी भी तरीके का ज्ञान हो सकता है वह आपको मदद करता है चाहे कोई प्रोफेशनल काम करने में या फिर कोई पर्सनल निजी काम करने में आपको सहायता ही प्रदान करता है अगर आपने सही शॉट से सही समय पर सही ज्ञान अर्जित किया है तो यह सारे आपके लिए मददगार साबित ध्यान से सोच समझकर सही सोचते साइंस में लेनी चाहिए एकत्रित करनी चाहिए
Jee dekhe chalaana padhaee kee baaten karate hain to dhyaan us par chaahate hain ki skool mein jaate hain kolej mein jaate hain to kya padhaee karate hain to yah to hua phormal ejukeshan phor manee ham kya kar rahe hain kahaan se badh rahe hain lekin padhaee khaalee hai skool vaalon isamen chhodane milatee hai unake alaava bhee to milatee hai na bachapan se lekar abhee tak hamen har jagah se seekh milatee hai ab jarooree nahin hai ki vah padhaee vah vaalee ho jo skool kolej se hee mile hamen maata-pita se sanskaar milate hain kya karana chaahie kya nahin karana chaahie kya sahee hai kya galat hai ya nahin ghar parivaar se milate hain badon se milata hai bhaee bahan se milata hai ghar mein jitane bhee log hote hain maata-pita ke alaava unase milata hai tab bataate rahate hain ki kya sahee hai kya nahin hai kaee baar vah nahin bhee bataate lekin ham dekhate hain sunate hain samajhate hain aur pholo karate hain jo padhaee huee devaaraam dekhate hain ki aap kitaabon ke alaava bhee kaee saare aur apanee jagah hai jahaan se hamen gyaan na ho sakata hai vah post ke alaava bahut saaree kitaaben hotee hain bahut saare chainal sote hain achchhe hote hain chaahe vah kaisee bhee ho soshal meediya ho phon to nahin par kuchh seekhane jaate hain skil devalap karane jaate hain vahaan se bhee to gyaan milata hai na aapako aap nyooz pepar padhate hain maigajeen padhate hain nobel padhate hain kaheen kaheen se kuchh na kuchh aap aate rahate hain yah saara gyaan hee to hai jo aap kahate hain ki insaan ke jeevan mein padhaee ka kya yogadaan rahata hai to jee dekhie vah sab baaten jo sahee hain jo aap seekhate hain jaanate hain aur tab kya hota hai anubhav kya hota hai khud khud se ya phir kisee aur ke anubhav ko jeevan mein utaarate hain yah saaree baaten aapako help karatee hai ek behatar jeevan jeene mein jarooree nahin hai ki ham vahee saaree cheejen seekhe jo skool se milatee hai aur jo kitaabon mein likhee huee teechar banaatee hai jeena jeevan ke anubhav apane anubhav doosaron ke anubhav bahut saaree cheejen bahut saaree baaten hain ham din raat dekhate hain unake sampark mein aate hain samajhate hain gyaan lete hain apana gyaan badhaate hain aur jeevan ko aage badhate badhate chale chalate jaate hain isase hamen sahaayata milatee hai ki nahin hamaara charan kahana kaisa hona chaahie vyavahaar kaisa hona chaahie kamyunikeshan kaisa hona chaahie biheviyar kaisa hona chaahie aur ek tareeke se doosare tareeke se hamaare kshetr ka charitr ka vikaas hota hai saara gyaan se hee to hota hai par vaise hee to hota hai tujhe agar ham bhee gyaan arjit na karen to soch leejie hamaare hamaare jeevan gyaanee to jo hamen bataate hain yah sahee hai ki galat hai is maarg par chalane se aap is disha mein jaate hain aur aapako yah mil sakata hai agar aap aisa nahin karate koee aur maar pakadate hain to aap padhaee likhaee se jeevan mein bahut achchha gaatee hain pata chalata hai ki kya karana chaahie kya nahin karana chaahie kisee bhee tareeke kee padhaee likhaee ho sakate kisee bhee tareeke ka gyaan ho sakata hai vah aapako madad karata hai chaahe koee propheshanal kaam karane mein ya phir koee parsanal nijee kaam karane mein aapako sahaayata hee pradaan karata hai agar aapane sahee shot se sahee samay par sahee gyaan arjit kiya hai to yah saare aapake lie madadagaar saabit dhyaan se soch samajhakar sahee sochate sains mein lenee chaahie ekatrit karanee chaahie

#टेक्नोलॉजी

Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
6:07
देखें जरा पर ध्यान देंगे तो पिछले दो दशक में टेक्नोलॉजी ने साइंस में विज्ञान ने बहुत ज्यादा तरक्की की है हमें हर फील्ड में तरक्की देखती हैं चाहे आप कोई भी चाहे आप मेरी कर ले लीजिए इंजीनियरिंग ले लीजिए कहीं पर भी आप देखेंगे तो आपको एडवांस में मिलेगा और पिछले दो दशक में जो सबसे बड़ी योजनाएं हैं इंटरनेट के कारण बहुत सारी चीजें हैं जो देख रहे हैं वह आप इंटरनेट से जुड़ी हुई चीज देख रहे हैं आप मोबाइल कनेक्टिविटी से जुड़ी हुई चीज देख रहे हैं आपने क्या देखा आपने देखा कि पिछले दो दशक में हमारे हाथ में मोबाइल आ गया अब मोबाइल के साथ इतनी सारी चीजें आ गए आप गूगल नाथ यूज कर सकते हैं आप किसी को डाटा वीडियो कुछ भी निरहुआ पिक्चर भेज सकते हैं साथ ही मेल वगैरा अपने हाथ पर ही अपने मोबाइल के जरिए चेक कर सकते हैं तो बहुत सारे उपयोग हैं आप कैमरे से फोटो खींच सकते हैं तो कैमरा ऑफिस लेट हो गया मोबाइल में आपको कैमरा मिल गया था वॉइस रिकॉर्ड कर सकते हैं बहुत सारी चीजें कर सकते हैं इसी तरह आगे रात में मेडिकल साइड में जाएंगे तो आप देखेंगे कितनी सारी तकनीकी चीजें आ गई है ले जरा गया है बांदरी टेक्नोलॉजी का गई है जिससे काफी सारी चीजें करने में ऑफिस में सर्जरी में बहुत आसानी हो रही है इंजरिंग या कोई भी फील्ड ले लेंगे तो वहां पर आप देखेंगे साइंस विज्ञान है बहुत तरक्की की है तुझे वह बोलते हैं कि भाई अब आज के समय में कंप्यूटर मोबाइल आदि के बारे में देखना अवश्य के हाथों जी बिल्कुल आवश्यक है अगर आप देखेंगे तो आज से 25 साल पहले बैंक में कंप्यूटर नहीं होते थे या मैनुअल काम होता था ठीक है मतलब आपको दिखेगा कंप्यूटर टीवी पर नहीं दिखेगा आपको डांस में होगा कंप्यूटर लेकिन आजकल क्या है हर जगह हर चीज कंप्यूटर से चल रही है तो बैंक कर्मचारियों को कंप्यूटर सीखना पड़ा रेलवेज में ठीक है आप कुछ देर टिकट विंडो पर जवाब चाहते थे गडकरी ने तब आपको देखना था कि भाई वहां पर कंप्यूटर रखा है और वह कंप्यूटर से टिकट निकाल के दे रहा है ठीक है लेकिन आपको वहां जाने की जरूरत नहीं आपको टिकट अपने मोबाइल से बुक कर सकते हैं चाहे वह रेल का हो फ्लाइट का हो किसी का भी हो बच्चा भी कर सकते हैं ना तो गर्म नहीं देखेंगे तो हम पीछे रह जाएंगे आज आपको सिनेमा हॉल में जाकर लाइन में खड़े होकर टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है आज आप घर बैठे बैठे आप सिनेमा हॉल की इस शो की टिकट खरीद सकते हैं जितनी आप चाहते हैं आपको कल सुबह घर फ्लाइट लेनी है तो आप यहीं बैठे बैठे अपने मोबाइल से वह कर सकते हैं आपको घर कल सुबह घर पर कुछ सामान मंगाना है तो आ प्यार करे लेकिन अगर आपको यह सब यूज़ करना नहीं आएगा आप उसके बारे में पता नहीं होगा तो आप कैसे करेंगे सोच कर देखिए आपको मनी ट्रांसफर करना है तो हमें याद है कि आज से 15 साल पहले लोग अमरोहा पोस्ट ऑफिस में जाते थे और हम अलग जगह जाते थे जहां पर कंप्यूटर होते थे और वह बोलते थे कि हम आपका मनी ट्रांसफर करेंगे हम इतना पैसा लेंगे लेकिन आज तो आप बैठे बैठे कहीं से कहीं यह लो पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं पेमेंट करनी है और आपके पास पैसा नहीं है क्या नहीं है तो आपके पास अगर मोबाइल है तो आप पेमेंट कर सकते चाहे वह दुकानदार को कर सकते हैं या ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर कर सकते हैं आप टिकट खरीद सकते हैं वगैरा-वगैरा बहुत सारी चीजें कर सकते हैं तो फिर यह सारी चीजें हम नहीं देखेंगे तो हम पिछड़ जाएंगे क्योंकि अब हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उसके साथ रखता रखना अच्छी बात है क्योंकि यह सारी चीज से देखिए हमारी सहूलियत के लिए की गई है बनाई गई है यह सारे टूल सारे एप्लीकेशन के जरिए हैं जो हमें हेल्प करते हैं मदद करते हैं एक बेहतरीन जीवन जीने में अब सोचिए कोविड-19 थे पिछले अलमास से लेकर अभी तक करीब 11 महीने हो गए तुझे इन 11 महीनों में अब बच्चे आज बच्चों का अगर स्कूल बंद होता तो बच्चे तो पढ़ी नहीं सकते थे ना मिस कॉल तो बंद है लेकिन अब ऑनलाइन के कारण बच्चे अपनी क्लासेस चाहे वह माइक्रोसॉफ्ट टीम हो या फिर रूम कॉल हो उसके जरिए उनकी क्लासेज चलती रही और पूरा साल निकल गया पूरा एक क्लास समय सभी बच्चों ने कर लिया है कंप्लीट कर लिया है अब सारे बच्चे फाइनल एग्जाम की तैयारी में है और अपने एग्जाम दे रहे हैं यह संभव हुआ टेक्नोलॉजी के जरिए ही अब टीचर और बच्चों को दोनों को दिक्कत आएगी स्पेशली जो छोटे बच्चे हैं लेकिन धीरे-धीरे सीख आपको डांट कर लिया अब बहुत गर्मी में भी बहुत आराम से अपने घर से ही लोग ऑनलाइन क्लासेस नहीं लेते तो कोई दिक्कत परेशानी नहीं है मैं यह नहीं कहता कि हमेशा ऐसे ही बैठा यह भी हमारे पास एक स्कूल है आना चाहिए हमें तो यह सारी चीजें हमें हेल्प करती है और बेहतर जीवन जीने के लिए तो अगर हम नहीं देखेंगे तो हम पिछड़ जाएंगे इतनी जरूरी नहीं कि जैसा आते-आते 35 साल पहले चीजें चलती थी 20 साल पहले चलती थी वैसे ही अभी भी चले ऐसा नहीं होगा अब आप सोचिए कौन जाते हैं आज के जमाने में बहुत सारे लोग नहीं जाते हैं रेलवे स्टेशन और एयर टिकट बुक करता है और वहां से पूछता है कि इस फिल्म में देखो है कि नहीं उसमें है कि नहीं वगैरा-वगैरा भाई वह तो आप अपने मोबाइल पर ही कर सकते हैं अगले जाने की जरूरत नहीं है किसी भी समय कर सकते हैं सुबह के 5:00 बजे कर सकते हैं रात को 12:00 बजे कर सकते हैं कोई दिक्कत नहीं है वहीं अगर आपको नहीं आएगा तो आप क्या करेंगे आप किसी को बोलेंगे या फिर आप खुद रेलवे स्टेशन जाएंगे और ऐसे करेंगे वैसे करेंगे ना तो इसलिए हम अपने आप को बदलते समय में समय के साथ बदले तो यह बहुत बेहतर होगा हर इंसान के लिए आवश्यक है
Dekhen jara par dhyaan denge to pichhale do dashak mein teknolojee ne sains mein vigyaan ne bahut jyaada tarakkee kee hai hamen har pheeld mein tarakkee dekhatee hain chaahe aap koee bhee chaahe aap meree kar le leejie injeeniyaring le leejie kaheen par bhee aap dekhenge to aapako edavaans mein milega aur pichhale do dashak mein jo sabase badee yojanaen hain intaranet ke kaaran bahut saaree cheejen hain jo dekh rahe hain vah aap intaranet se judee huee cheej dekh rahe hain aap mobail kanektivitee se judee huee cheej dekh rahe hain aapane kya dekha aapane dekha ki pichhale do dashak mein hamaare haath mein mobail aa gaya ab mobail ke saath itanee saaree cheejen aa gae aap googal naath yooj kar sakate hain aap kisee ko daata veediyo kuchh bhee nirahua pikchar bhej sakate hain saath hee mel vagaira apane haath par hee apane mobail ke jarie chek kar sakate hain to bahut saare upayog hain aap kaimare se photo kheench sakate hain to kaimara ophis let ho gaya mobail mein aapako kaimara mil 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#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
जब नौकरी ना मिले तो क्या करना चाहिए?Jab Naukari Na Mile To Kya Karna Chahiye
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
4:47
विजय भाई नौकरी नहीं मिले तो क्या करना चाहिए नई नौकरियां क्यों चाहते हैं ताकि सोर्स ऑफ इनकम बनाने में आमदनी होती रहे आमदनी का जरिया या रास्ता खुल सके ताकि आप का प्रोफेशन बीन टेकन केयर आफ हो आप प्रोफेसर नहीं करेंगे इसको आप कहीं पर काम करें और जो काम करें उसके उस काम था आपको पैसा भी मिले आप इंग्लिश में आप काम करें और उसका सैलरी भी आपको मिली थी लीला लोग नौकरी करते हैं नौकरी नहीं मिले तो क्या करें सबसे पहली बात तो यह कि यहां पर चाहते हैं कोई काम मिले कोई नौकरी मिले तभी तो इनकम होगा तो भाई वह तो सही होगा ना उसका कुछ स्वास्थ्य ठीक तो है नहीं होती जगह कुछ और तो हो नहीं सकता एक चीज होती क्या नौकरी के बजाय अगर बिजनेस के करना चाहे तो वह आप देख सकते हैं लेकिन उससे भी पहले बात ही आती है कि आप नौकरी का ही प्रयास किया कीजिए मुझे नहीं पता कि आप फ्लैश या आप एक पीरियंस हैं आप अभी अभी कॉलेज से पास आउट हुए हैं यह आपके पास थोड़ा एक्सपीरियंस है आप कहां कैसे प्रयास कर रहे हैं इसको देखने की जरूरत है आप किसी और सेक्टर में ट्राई कर सकते हैं किसी और इंडस्ट्री में ट्राई कर सकते हैं आप बहुत सारे अबे पोर्टल से जहां पर प्रोफाइल बना सकते हैं नोटिफिकेशन पर ठीक कर सकते हैं आप रेफरेंस के लिए बोल सकते हैं जिनको आप जानते हैं जो किसी कंपनी में काम करते हैं वहां पर कहीं पर आप देखते हैं और वहां पर वाकिंग वगैरह होता है तो वहां पर आप जाने का प्रयास कर सकते हैं आप कंसलटेंट को जॉब कंसलटेंट जो होते हैं उनको आप अपना प्रोफाइल पर सकते हैं उनसे मिल सकते हैं और बता सकते हैं कि मेरी यह रिक्वायरमेंट है वगैरह वगैरह यह सारी चीजें आप कर सकते हैं और करते रहना चाहिए जब तक आपको नौकरी नहीं मिल जाती अगर आपके मन में लगता है कि नहीं मेरे पास एक आईडी अभी है मैं कुछ कर भी सकता हूं कोई भजन शेर छोटा-मोटा चीज शुरू करना चाहता हूं कोई सारे प्लान है कन्वेंशनल या नॉन कन्वेंशनल उसको आप देख सकते हैं लेकिन इन द मीन अगर आपको लगता है कि नहीं अभी पास टाइम है क्योंकि पूरे दिन बैठकर तो कोई नौकरी की तलाश नहीं करता अगर आपको लगता है कि मेरे पास टाइम है और आप कुछ देखना चाहते हैं स्किल डेवलप करना चाहते हैं आपको पैसे की ज्यादा अधिक परेशानी नहीं है आप कुछ लोन करना चाहते हैं सॉरी वेकेशन डिप्लोमा को वोट करना चाहते हैं तो वह आप कर सकते हैं आप भले ही उस लेवल का नौकरी के लिए प्रयास ना करें अन्यथा आप करें और आपको मिल ही रहा आप एक लेबल नीचे प्रयास चल सकते हैं शायद वह मिल जाए फॉर थे टाइम बीइंग हो सकता है आप अगर ट्रैक्टर बदले और थोड़ा नीचे के लेवल का प्रयास करें तो शायद वह मिल सकता सकते हैं और खाली समय है आपके पास तो आप चाहें तो अपने को 24:00 पर काम कर सकते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि नहीं सोर्स ऑफ इनकम की जरूरत है कुछ पैसे कमाने चाहिए क्योंकि किसी से लेते हुए अच्छा नहीं लगता बगैरा बगैरा तो आप छोटा मोटा काम शुरू कर सकते हैं माली से यहां पर एक दो घंटा दिन का निकालकर ट्यूशन अगर पढ़ाना चाहे वह कर सकते हैं कहीं पर पार्ट टाइम कोर्स करना चाह देबू कर सकते हैं घर से बहुत कम होम करना चाहे तो वह कर सकते हैं हालांकि बहुत सारे आप जगह पर देखेंगे वह बोलते हैं कि वह तो हमें ऐसा है वैसा है लेकिन रियालिटी कुछ और होती है तो उसे थोड़ा ध्यान से ढूंढना पड़ता है समझना पड़ता है आधा डालना पड़ता है फिर आप उसको ट्राई कर सकते हैं वैसे कुछ ऐसे कर सकते हैं डिपेंडिंग अपऑन थे कि अभी क्या स्थिति और आप क्या सोचते हैं क्या करना चाहते हैं अगर कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह ख्याल रखिएगा कि शुरू करना तो आसान होता है लेकिन लॉन्ग टर्म प्लानिंग करके चलना पड़ता है कि भाई अगर माली से हमें प्रॉफिट नहीं होता तो कितने समय तक में बैठ सकता हूं वह धंधा खोल के ताकि इनोवा मेरा कोई दिक्कत या परेशानी ना हो और मेजर प्रॉब्लम ना हो फ्रेंड की जरूरत ज्यादा ना पड़े और किस तरीके से आप चटनी बनाते हैं उन सब के द्वारा दिल ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा आपके पास रिसोर्सेज के यहां अंडरस्टैंडिंग क्या है नॉलेज क्या है क्या चीज कहां पर शुरू करना चाहते हैं सारी चीज बहुत इंपोर्टेंट होती है पूरी प्लान बहुत इंपॉर्टेंट होती है तभी जाकर आप बिजनेस में डालेगा तो भाई साहब वह नहीं करें तो बेहतर है कोई और कुछ और बोलता है तो उस पर ध्यान मत दीजिए आप यह देखें कि सही क्या है मेरे लिए मेरे अंदर काबिलियत चाहे और मैं क्या कर सकता हूं क्या रिसोर्सेज है मेरे पास रिसोर्सेज में आपके लोग हो सकते हैं आपके नॉलेज लेवल कहां पर टेंशन सब कुछ हो सकता है साथ में फाइनेंस भी होता है सब कुछ देखने के बाद ही आप कोई कदम बढ़ाएगा लेकिन अपनी जारी रखेगा कई बार ऐसा होता है कि जब हम जो चाहते हैं हो सकता है उस समय हमें ना मिले थोड़ा रुकना पड़ेगा लेकिन प्यार तो करते रहना पड़ेगा क्योंकि हमारी जगह कोई और प्रयास नहीं करेगा प्रयास तो हमें खुद ही करना पड़ेगा अभी सुगर लाख डोनर केबाब एंड उनके डिसएप्वॉइंटेड
Vijay bhaee naukaree nahin mile to kya karana chaahie naee naukariyaan kyon chaahate hain taaki sors oph inakam banaane mein aamadanee hotee rahe aamadanee ka jariya ya raasta khul sake taaki aap ka propheshan been tekan keyar aaph ho aap prophesar nahin karenge isako aap kaheen par kaam karen aur jo kaam karen usake us kaam tha aapako paisa bhee mile aap inglish mein aap kaam karen aur usaka sailaree bhee aapako milee thee leela log naukaree karate hain naukaree nahin mile to kya karen sabase pahalee baat to yah ki yahaan par chaahate hain koee kaam mile koee naukaree mile tabhee to inakam hoga to bhaee vah to sahee hoga na usaka kuchh svaasthy theek to hai nahin hotee jagah kuchh aur to ho nahin sakata ek cheej hotee kya naukaree ke bajaay agar bijanes ke karana chaahe to vah aap dekh sakate hain lekin usase bhee pahale baat hee aatee hai ki aap naukaree ka hee prayaas kiya keejie mujhe nahin pata ki aap phlaish ya aap ek peeriyans hain aap abhee abhee kolej se paas aaut hue hain yah 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padega kyonki hamaaree jagah koee aur prayaas nahin karega prayaas to hamen khud hee karana padega abhee sugar laakh donar kebaab end unake disepvointed

#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
एक समान हवाई जहाज अधिक से अधिक कितना वजन ले जा सकता है?Ek Samaan Hawai Jahaaj Adhik Se Adhik Kitna Vajan Le Ja Sakta Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
5:52
जी देखिए हवाई जहाज होते हैं वह कई तरह के होते हैं जिनका प्रयोग अलग-अलग कामों में किया जाता है और इनकी किन के पास होता है अब रोड लिंग स्पीकिंग सरकार के पास होते हैं और दूसरा निजी कंपनियों के बाद होता है अब इनके प्रयोग कैसे होते हैं और यह कैसे जहाज होते हैं जी देखें सरकार के पास जो होता है वह फाइटर एयरक्राफ्ट हो सकता है माल ढोने वाला हो सकता है एरोप्लेन कैसे में हो सकता है हेलीकॉप्टर कैसे में हो सकता है प्रेयर एयरक्राफ्ट हो सकता है जोकि सिखाता है जिस से सीखी जा सकती है यह की उड़ान कैसे करना है वगैरा-वगैरा प्राइवेट कंपनी के पास जंडली कमर्शियल ए क्राफ्ट होता है जिसमें अब वह या वह इंसान को ले जाते हैं आप और हम उस में चावल करते हैं हमारे साथ हमारा बागेश्वर भी चाहते हैं ऐसा मान जाता है कार्गो जाता है लाइव एनिमल्स भी चाहते हैं डेड बॉडीज में जाते हैं पेड़ पौधे और जीव जंतु यह सभी चाहते हैं इसी तरीके से एक कमर्शियल एक रखता हो वह होता है जिसमें खाली माल जाता है सामान जाता है अब ऐसा सरकार के पास भी होता है बड़े-बड़े जहां सोते हैं ऐसा प्राइवेट कंपनी के पास भी होता है जिसे हम आए ना पोरिया रे क्रश कह सकते हैं कार्गो सही शब्द होते हैं कार्गो एक राख कहते हैं हर एक एक रात की अपनी कृपा स्थिति होती है अभी हम समझ सकते हैं कि नॉर्मल लेकर आपको पहले देख लेते हैं आप एक रख कर बेचने के लिए कमर से लेकर आफ थे दो कंपनी बनाती है या विदेश की है दोनों एक हैं एअरबस और एक है तो बोइंग और एयर बस यह दुकान पर नहीं है जो कमर्शियल एकरा बनाती है और यह बोलकर आप ही बनाती है जिसमें खाली है आलोट ले जाया जाता है कार्गो ले जाए जाते हैं जैसे एडीएसएल हो गया ठीक है तो यह वह कंपनी से हो क्या इनके जो जहां सोते हैं इनकी कॉन्फ़िगरेशन अलग होते हैं कॉन्फ़िगरेशन मतलब कोई छोटा होता है कोई बड़ा होता है कोई इस सीरीज का होता है उस चीज का होता है जैसे बोइंग की बात करो तो बोरिंग में आपको मिलेगा बोइंग 737 384151 सीरीज केकरा इसी तरह अगर हर बात की बात करें तो उसमें a320 आपने नाम सुना होगा एक व्यक्ति ऐसे ऐसे करके एअरबस के जहां सोते हैं आज हम अब होता क्या है कि इन्हें क्राफ्ट में जब हम देखते हैं लेकर हम जाते हैं इसमें हम भी जा सकते हैं और हमारे साथ हमारा भाग्य से भी जाता है तो एक तो हमारे समाज जाता है इसके अलावा कार्गो भी जाता है तो नीचे कंपार्टमेंट होल्ड होते हैं तो जल्दी किसी भी नॉर्मल एक रात में चार होल्ड होते हैं जिन्हें चार कंपार्टमेंट बोलते हैं 1234 एबीसीडी जिनके अलग रह के बाद स्थिति होती है तो आप और हम तो ऊपर छत में बैठे हैं नीचे कार्गो होल्ड होते हैं जिनकी के बाद स्थिति होती अगर मैं बोइंग 737 को एक रात की बात करूं तो 4 जून के होल्ड होते हैं कंपार्ट में जिसमें सामान जाता है उनकी कृपा स्थिति कुछ ऐसी होती है जिसे पहले वाले कपाट मम्मी आटा 100 किलो तक आते हैं दूसरे वाले में 16 किलो पीछे वाले में 28 किलो और चौथे वाले में करीब 300 से 400 किलो का सामान जा सकता है क्या आप इससे ज्यादा इसमें लोड कर सकते हैं जी देखे इसका मतलब यह नहीं है कि अगर आप कोई high-density वाला है तो आपको जगह दिखती है तो आप लोड कर देंगे जी नहीं यह जहां की स्ट्रक्चर लिमिटेड में होती है मतलब इतने से ज्यादा आप इन कंपार्टमेंट में लोड नहीं कर सकते क्योंकि ऐसा करने पर जहां का सेंटर ऑफ ग्रेविटी बिगड़ जाता है और जहां को टेक ऑफ करने में या व्हाईल फ्लाइंग एयरपोर्ट लैंडिंग करने में दिक्कत आती है तो इसके लिए जितना बताया गया है जितनी उसकी निर्धारित क्षमता है उतना ही उसमें लोड करना चाहिए तो जैसे मैंने बताया वह टेंपरेचर ऑफ उमरेड का जो क्या स्थिति है मौसम देखा जाए तो 5:00 से 5:30 सरकार केजी का है यह जहां से जिसमें आप और हम जाते भी हैं अब इसका ऐसा है तो किसी का अचार दरोगा किसी का 6000 होगा ऐसे करके होता है के बाद शरीफ का क्या हमारे पास एटीआर एयरक्राफ्ट भी होते हैं आईटीआर भोजन में आप देखेंगे ही पंख लगे होते हैं उसमें कार्गो होल्ड नहीं होते हैं उसमें हम सामानों पर लेकर ही जाते हैं किसी किसी में अगर होता है तो बहुत थोड़ा सा छोटा सा होता है दवाई नहीं होता है तो क्या उसके बाद हम देखते हैं कि स्कूल प्लेज अट वो एक रात जो कि सरकार को कैरी करने के लिए होता है जैसे डीएचएल के पास होता है ब्लू डार्ट के पास होता है तो इनकी के पास भी बहुत ज्यादा होती है कई हजार किलो की गतिविधियों से होती है आप 50 से 7000 किलो तक क्या की केपेसिटी वाले जहाज होते हैं जिसमें खाली कार्गो ही जाते हैं आप और हम उस में बैठ कर उठते नहीं है इसी तरीके से ग्लोबमास्टर जो कि एक इनोवा का तरकारी एक रास्ता होता है जंगली भारत के पास भी है तो इसमें आप देखेंगे कि लेह लद्दाख वगैरह जनाबे ट्रांसपोर्टेशन करने के लिए तेरा चाहे वह आर्मी के लिए को छह सप्लाई हो फूड हो राशन हो खाना हो जो भी हो या फिर गाड़ियां वगैरा यह सारी चीजें इसे जहाज में जारी की जा सकती है इनकी क्षमता बहुत ज्यादा होती है ठीक है कई बार 100000 किलो समझ लीजिए उतना तक का होता है कि मैं सिटी और इसी तरीके से il-17 चाहिए जिससे हम गजल आज भी कहते हैं यह इंडियन एयरफोर्स के पास है उसके विषमता बहुत अच्छी है इसमें गाड़ी वगैरह भी चले जाते हैं टैंक वगैरह भी जाते हैं ठीक है तो ऐसे ए क्राफ्ट होते हैं
Jee dekhie havaee jahaaj hote hain vah kaee tarah ke hote hain jinaka prayog alag-alag kaamon mein kiya jaata hai aur inakee kin ke paas hota hai ab rod ling speeking sarakaar ke paas hote hain aur doosara nijee kampaniyon ke baad hota hai ab inake prayog kaise hote hain aur yah kaise jahaaj hote hain jee dekhen sarakaar ke paas jo hota hai vah phaitar eyarakraapht ho sakata hai maal dhone vaala ho sakata hai eroplen kaise mein ho sakata hai heleekoptar kaise mein ho sakata hai preyar eyarakraapht ho sakata hai joki sikhaata hai jis se seekhee ja sakatee hai yah kee udaan kaise karana hai vagaira-vagaira praivet kampanee ke paas jandalee kamarshiyal e kraapht hota hai jisamen ab vah ya vah insaan ko le jaate hain aap aur ham us mein chaaval karate hain hamaare saath hamaara baageshvar bhee chaahate hain aisa maan jaata hai kaargo jaata hai laiv enimals bhee chaahate hain ded bodeej mein jaate hain ped paudhe aur jeev jantu yah sabhee chaahate hain isee tareeke se ek kamarshiyal ek 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mein aapako milega boing 737 384151 seereej kekara isee tarah agar har baat kee baat karen to usamen a320 aapane naam suna hoga ek vyakti aise aise karake earabas ke jahaan sote hain aaj ham ab hota kya hai ki inhen kraapht mein jab ham dekhate hain lekar ham jaate hain isamen ham bhee ja sakate hain aur hamaare saath hamaara bhaagy se bhee jaata hai to ek to hamaare samaaj jaata hai isake alaava kaargo bhee jaata hai to neeche kampaartament hold hote hain to jaldee kisee bhee normal ek raat mein chaar hold hote hain jinhen chaar kampaartament bolate hain 1234 ebeeseedee jinake alag rah ke baad sthiti hotee hai to aap aur ham to oopar chhat mein baithe hain neeche kaargo hold hote hain jinakee ke baad sthiti hotee agar main boing 737 ko ek raat kee baat karoon to 4 joon ke hold hote hain kampaart mein jisamen saamaan jaata hai unakee krpa sthiti kuchh aisee hotee hai jise pahale vaale kapaat mammee aata 100 kilo tak aate hain doosare vaale mein 16 kilo peechhe vaale mein 28 kilo aur chauthe vaale mein kareeb 300 se 400 kilo ka saamaan ja sakata hai kya aap isase jyaada isamen lod kar sakate hain jee dekhe isaka matalab yah nahin hai ki agar aap koee high-dainsity vaala hai to aapako jagah dikhatee hai to aap lod kar denge jee nahin yah jahaan kee strakchar limited mein hotee hai matalab itane se jyaada aap in kampaartament mein lod nahin kar sakate kyonki aisa karane par jahaan ka sentar oph grevitee bigad jaata hai aur jahaan ko tek oph karane mein ya vhaeel phlaing eyaraport lainding karane mein dikkat aatee hai to isake lie jitana bataaya gaya hai jitanee usakee nirdhaarit kshamata hai utana hee usamen lod karana chaahie to jaise mainne bataaya vah temparechar oph umared ka jo kya sthiti hai mausam dekha jae to 5:00 se 5:30 sarakaar kejee ka hai yah jahaan se jisamen aap aur ham jaate bhee hain ab isaka aisa hai to kisee ka achaar daroga kisee ka 6000 hoga aise karake hota hai ke baad shareeph ka kya hamaare paas eteeaar eyarakraapht bhee hote hain aaeeteeaar 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sakatee hai inakee kshamata bahut jyaada hotee hai theek hai kaee baar 100000 kilo samajh leejie utana tak ka hota hai ki main sitee aur isee tareeke se il-17 chaahie jisase ham gajal aaj bhee kahate hain yah indiyan eyaraphors ke paas hai usake vishamata bahut achchhee hai isamen gaadee vagairah bhee chale jaate hain taink vagairah bhee jaate hain theek hai to aise e kraapht hote hain

#जीवन शैली

bolkar speaker
किसी के मन को कैसे जीत सकते हैं?Kisi Ke Mann Ko Kaise Jeet Sakte Hain
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
5:04
जी देखिए किसी को भी जितना उसके मन को जीतना उसको आप अच्छे लगे तो वह कब होता है वह तब होता है जब आप का बर्ताव आपका आचरण वैसा हो जो किसी को भी एक इंसान को नहीं हर इंसान को अच्छा लगे तो आपको प्रयास करना चाहिए कि मैं क्या करता हूं कैसे रहता हूं क्या सोचता हूं क्या महसूस करता हूं क्या कार्यकर्ताओं के इस दिशा में कार्य करता हूं मेरी नजरिया मेरा नजरिया कैसा है मेरी सोच कैसी है मेरा आचरण जंडली कैसा होता है मेरा व्यक्तित्व कैसा बनता चला गया है मेरा चरित्र कैसा है यह सारी चीजें अगर इन पर ध्यान दिया जाए फोकस किया जाए तो जैसे नीति सामने वाले को यह सारी चीजें आकर्षित करते हैं उसको अच्छा लगता है कि यही इंसान ठीक है यह इंसान सही है जो यह सोचता है वही करता है जो यह बोलता है जी करता है ऐसा नहीं है कि पीछे कुछ बोलेगा आगे कुछ बोलेगा पीछे कुछ करेगा आगे कुछ बर्ताव होगा ऐसा नहीं है तुझे किसी को जीतने के लिए आपको प्रयास नहीं करना चाहिए देखा जाए तो आपको तो वह करना चाहिए जो उस समय मौत प्रोक्रिएट है सोच कर देखिए मान लीजिए घर में मां है और मां के पैरों में दर्द है और आपको पता चला मां के पैर में दर्द है तो आपको वहां पर मन नहीं जीतना है मां का आपको वहां पर पैर दबाना है ताकि उनका पैर दर्द ठीक हो जाए है ना आप अगर कुछ करते हैं तो यह देखे करिए यह सोचकर करिए और कि भाई मुझे यह करना है क्योंकि इसकी जरूरत है आप यह सोचकर कोई काम मत कीजिए कि मुझे एक सामान जीतना है तो कई बार लगता है कि नहीं नहीं मुझे तो ऐसा करना है कि ताकि वह खुश हो जाए मैं समझता हूं यह आप प्रोफेशन में आपको ज्यादा दिखेगा अलग-अलग जगह पर दिखेगा कि मेरे को ऐसा करना है कि सामने वाला बहुत खुश हो जाए इस चीज को लेकर उस चीज को लेकर बगैर अगर ऐसा लगता है ऐसा होता है तो ठीक है बस आप कर सकते हैं वह आप कर सकते हैं कैसा करना होता है जैसा कि सामने वाले की एक्सपेक्टेशन है आपका बहुत बोलता है कि मेरे को एक रिपोर्ट बना कर दो और रिपोर्ट ऐसी होनी चाहिए तो जैसे निकले आपका प्रयास होना चाहिए कि भाई रिपोर्ट व्यक्ति बने जैसा मेरा बहुत सिक्स पैक करता है तो क्या है पर डालना चाहिए बिल्कुल आना चाहिए ऐसा करना चाहिए कि भाई आप भी संतुष्ट और सामने वाले भी संतुष्ट हूं कि आपको ऐसा करना चाहिए लेकिन एक और बात है अगर आप ऐसा नहीं करते अगर आप यह सोचते हैं कि भाई मेरे को मालूम नहीं जीतना यह नहीं करना वह नहीं करना है तो भी तो आप काम को तो जांच करेंगे ना काम को तो वैसा करेंगे ना जैसा करना सही है उसमें ऐसा डालेंगे ना उसको इतना सुंदर बनाने का प्रयास करेंगे ना तो भले ही आप सोचते ना करें कि मान जीतना है लेकिन फिर भी जाते तो आपको करना पड़ेगा उसी को लेकर जो आपके सामने हैं उस समय को लेकर उस परिस्थिति को लेकर तो वह करिए जो उस समय एकदम मनाते हुए मोस्ट एप्रुपरिएट है बस आप इसी तरीके से अपने कर्म करते चाहिए अपने बर्ताव रखिए थाने वाले डेफिनेटली खुश हो जाएगा खुश रहेगा प्रश्न उचित रहेगा लेकिन अगर आप हर वक्त यह सोच कर देखेंगे कि नहीं मैं इस को खुश करने के लिए करता हूं उसको नहीं करता मेरे को उसको नहीं खुश करना तुझे यह नजरिया सही नहीं है बात तो बड़ी सिंपल ती है एक इंसान को जैसे रहना चाहिए अगर वह बैठे रहता है चाहे वो पर्सनल लाइफ में हो चाहे वह प्रोफेशनल लाइफ में हो तो भाई उसको वह सब कुछ मिलेगा और कुछ नहीं मिलेगा प्यार मिलेगा प्रेम मिलेगा प्रीत ही मिलेगी आदत मिलेगा तक का मिलेगा सब कुछ मिलेगा क्योंकि यह इंसान इस तरीके का है इस तरह के हित के काम है इसी रुको इस तरीके से देखता है इस तरीके से करता है और जीवन में आगे बढ़ना है तो आप अपने आप को इस तरीके से रखे जिस तरीके से आप अपने आपको देखना चाहते हैं आपको वह कहां गया कोई भी चीज करते हुए अच्छा लगता है और आप भी चाहते हैं कि लोग भी बैठे रहे तो आप को ध्यान इस पर देना होता है ना की किसी का मन जीतने के चक्कर में हमेशा लगे रहे हां कभी-कभी ऐसी बात होती है तो जैसे निकली वह आप कर सकते हैं सरप्राइज देना होता है कुछ और मेरे को आपको लगता है कि नहीं यार इस बार तो उसको खुश कर दिया जाए तो चलो समझ जाता है लेकिन हर बार हर परिस्थिति में हर इंसान के साथ यह सोचकर कोई काम करना चाहिए और उस इंसान को छोड़ देना उन चीजों को छोड़ देना जहां पर आपको लगता है कि कोई फायदा नहीं है तो यह सही नहीं है ना भाई आपको तो वह करना चाहिए हमेशा उस तरीके से रहना चाहिए जो मोस्ट एप्रोप्रियेट होता है एकदम सही होता है उस समय के लिए
Jee dekhie kisee ko bhee jitana usake man ko jeetana usako aap achchhe lage to vah kab hota hai vah tab hota hai jab aap ka bartaav aapaka aacharan vaisa ho jo kisee ko bhee ek insaan ko nahin har insaan ko achchha lage to aapako prayaas karana chaahie ki main kya karata hoon kaise rahata hoon kya sochata hoon kya mahasoos karata hoon kya kaaryakartaon ke is disha mein kaary karata hoon meree najariya mera najariya kaisa hai meree soch kaisee hai mera aacharan jandalee kaisa hota hai mera vyaktitv kaisa banata chala gaya hai mera charitr kaisa hai yah saaree cheejen agar in par dhyaan diya jae phokas kiya jae to jaise neeti saamane vaale ko yah saaree cheejen aakarshit karate hain usako achchha lagata hai ki yahee insaan theek hai yah insaan sahee hai jo yah sochata hai vahee karata hai jo yah bolata hai jee karata hai aisa nahin hai ki peechhe kuchh bolega aage kuchh bolega peechhe kuchh karega aage kuchh bartaav hoga aisa nahin hai tujhe kisee ko jeetane ke lie aapako prayaas nahin karana chaahie dekha jae to aapako to vah karana chaahie jo us samay maut prokriet hai soch kar dekhie maan leejie ghar mein maan hai aur maan ke pairon mein dard hai aur aapako pata chala maan ke pair mein dard hai to aapako vahaan par man nahin jeetana hai maan ka aapako vahaan par pair dabaana hai taaki unaka pair dard theek ho jae hai na aap agar kuchh karate hain to yah dekhe karie yah sochakar karie aur ki bhaee mujhe yah karana hai kyonki isakee jaroorat hai aap yah sochakar koee kaam mat keejie ki mujhe ek saamaan jeetana hai to kaee baar lagata hai ki nahin nahin mujhe to aisa karana hai ki taaki vah khush ho jae main samajhata hoon yah aap propheshan mein aapako jyaada dikhega alag-alag jagah par dikhega ki mere ko aisa karana hai ki saamane vaala bahut khush ho jae is cheej ko lekar us cheej ko lekar bagair agar aisa lagata hai aisa hota hai to theek hai bas aap kar sakate hain vah aap kar sakate hain kaisa karana hota hai jaisa ki saamane vaale kee eksapekteshan hai aapaka bahut bolata hai ki mere ko ek riport bana kar do aur riport aisee honee chaahie to jaise nikale aapaka prayaas hona chaahie ki bhaee riport vyakti bane jaisa mera bahut siks paik karata hai to kya hai par daalana chaahie bilkul aana chaahie aisa karana chaahie ki bhaee aap bhee santusht aur saamane vaale bhee santusht hoon ki aapako aisa karana chaahie lekin ek aur baat hai agar aap aisa nahin karate agar aap yah sochate hain ki bhaee mere ko maaloom nahin jeetana yah nahin karana vah nahin karana hai to bhee to aap kaam ko to jaanch karenge na kaam ko to vaisa karenge na jaisa karana sahee hai usamen aisa daalenge na usako itana sundar banaane ka prayaas karenge na to bhale hee aap sochate na karen ki maan jeetana hai lekin phir bhee jaate to aapako karana padega usee ko lekar jo aapake saamane hain us samay ko lekar us paristhiti ko lekar to vah karie jo us samay ekadam manaate hue most eprupariet hai bas aap isee tareeke se apane karm karate chaahie apane bartaav rakhie thaane vaale dephinetalee khush ho jaega khush rahega prashn uchit rahega lekin agar aap har vakt yah soch kar dekhenge ki nahin main is ko khush karane ke lie karata hoon usako nahin karata mere ko usako nahin khush karana tujhe yah najariya sahee nahin hai baat to badee simpal tee hai ek insaan ko jaise rahana chaahie agar vah baithe rahata hai chaahe vo parsanal laiph mein ho chaahe vah propheshanal laiph mein ho to bhaee usako vah sab kuchh milega aur kuchh nahin milega pyaar milega prem milega preet hee milegee aadat milega tak ka milega sab kuchh milega kyonki yah insaan is tareeke ka hai is tarah ke hit ke kaam hai isee ruko is tareeke se dekhata hai is tareeke se karata hai aur jeevan mein aage badhana hai to aap apane aap ko is tareeke se rakhe jis tareeke se aap apane aapako dekhana chaahate hain aapako vah kahaan gaya koee bhee cheej karate hue achchha lagata hai aur aap bhee chaahate hain ki log bhee baithe rahe to aap ko dhyaan is par dena hota hai na kee kisee ka man jeetane ke chakkar mein hamesha lage rahe haan kabhee-kabhee aisee baat hotee hai to jaise nikalee vah aap kar sakate hain sarapraij dena hota hai kuchh aur mere ko aapako lagata hai ki nahin yaar is baar to usako khush kar diya jae to chalo samajh jaata hai lekin har baar har paristhiti mein har insaan ke saath yah sochakar koee kaam karana chaahie aur us insaan ko chhod dena un cheejon ko chhod dena jahaan par aapako lagata hai ki koee phaayada nahin hai to yah sahee nahin hai na bhaee aapako to vah karana chaahie hamesha us tareeke se rahana chaahie jo most epropriyet hota hai ekadam sahee hota hai us samay ke lie

#जीवन शैली

bolkar speaker
परफेक्ट कपल से आपका क्या मतलब है?Perfact Couple Se Aapaka Kya Matlab Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
5:45
जी नमस्ते जी वैसे तो आप जानते ही हैं कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता कोई भी इंसान संपूर्ण नहीं होता अगर एक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हर इंसान में खूबियां होती हैं और उसमें कुछ आदतें होती हैं उसमें गुण होते हैं उसमें और गुण भी होते हैं जब आप परफेक्ट कपल की बात करते हैं तो ऐसे करके देखा जाए तो परफेक्ट कपल नहीं होता कि वही दो लोग मिले और वह परफेक्ट कपल बन गए जी नहीं तो फिक्स काबिल तब होते हैं जब दो लोग अलग-अलग भागों से आते हैं दलित संस्कार मिले हैं शिक्षा मिली है उनके देखने का नजरिया उनका दृष्टिकोण उनका जीवन का अपना फिलॉसफी कैसा है कैसे कार्य करते हैं कैसे बर्ताव करते हैं कैसे बातें करते हैं सब कुछ अलग जब दो इंसान अलग-अलग घरों से आते हैं अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं इतने भी इंजीनियरिंग की है उसमें भी एंजॉय किया है तो क्या फर्क पड़ता है सेम कॉलेज से किया जिसको आप खाली पढ़ाई लिखाई या डिग्री से मत लीजिए एक इंसान खरीद डिग्री नहीं होता है एक इंसान एक ठोस होता है एक व्यक्ति तो होता है एक नजरिया होता है उसमें भावनाएं होती हैं उसमें डर होता है गुण होता है आप कौन होता है बहुत सारी चीजें होती हैं किंतु इंसान अगर आते हैं जोड़ते हैं तो वह ऑटोमेटिक के लिए परफेक्ट कपल हो कर नहीं आते हैं भाई दो इंसान बहुत पढ़े-लिखे हैं बहुत काबिल हैं और वह दोनों शादी के बंधन में बंध गए और और आप बोलते कि वह पपीता पहले ही नहीं ऐसे नहीं होता है होता है ऐसा है कि परफेक्ट कपल बनते हैं बनाया जाता है और दोनों के प्रयासों से बनाया जाता है क्योंकि जब एक इंसान अपना जीवन इस तरीके से जी रहा होता है और वह जब दूसरे इंसान के साथ जोड़ता है और डिसाइड करते हैं कि आगे का जीवन अर्थात मिलकर अभी खाएंगे गुजारेंगे जिसमें सुख-दुख एक साथ बाटेंगे वगैरा वगैरा तो दोनों को अपने अस्तित्व को दोनों को अपने आचरण को इस तरीके से रखना पड़ता है ताकि दूसरे को कोई परेशानी ना हो उसको अपना ख्याल रखने के साथ-साथ दूसरे का भी ख्याल रखना होता है और यहां पर खाली दूसरा ही नहीं होता उसके घर परिवार के लोग यहां बहुत सारी और बातें होती हैं तो बहुत कम लोग होते हैं जो जानते हैं कि वह मेरे पाटनर में यह कौन है यह अवगुण है मेरे अंदर यह गुण है यह गुण है मेरे को उसने उसके गुणों को लेकर चलना है और अगर हो सके तो मैं अपने अवगुणों को घर छोड़ दूं क्योंकि बहुत को पसंद नहीं है या असली में वह सही तरीका नहीं था वह सही नजरिया नहीं था सही दृष्टिकोण नहीं था की आदत ही नहीं थी आचरण नहीं था अगर मैं अपने आप में परिवर्तन करता हूं और इसी तरीके से दोनों का अपने आप में दोनों को कोई मदद दोनों इंडिकेटर अपने आप में परिवर्तन करते हैं और एक दूसरे के साथ समझ बोलकर कदम बढ़ाते हैं तो वह कहलाते हैं परफेक्ट कपल ऐसा नहीं होता कि उनके बीच में तकरार नहीं होती होगी ऐसा नहीं होता होगा कि उनकी विचारधारा हनी बघेल मैच कर जाए लेकिन जल्दी से मैच नहीं कर रही होती है वह कैसे बर्ताव करते हैं वह डिपेंड करता है और परफेक्ट कपल उस तरीके से बर्ताव करते हैं उस तरीके से कर्म करते हैं आचरण करते हैं कभी नहीं खींच करते हैं बात करते हैं जो की मौत एप्रोप्रियेट होता है ताकि गाड़ी भी चलती रहे और आपस में तनाव ना बने आपस में कोई दिक्कत परेशानी ना हो जाए परिस्थितियां आएंगे जो हमारे अनुकूल होंगी लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में यह जो इंसान के तरीके से मैनेज करते हैं पर स्थित देखो और अपने आपको वह बड़ा इंपॉर्टेंट हो जाता है जब ऑफिस का बिल की बात आती है तो यह वह लोग होते हैं जिनको पता होता है कि भाई चीजों को कैसे मैनेज करना है कैसे चलाना है कैसे ले जाना है यह खाली अपने सुख के बारे में नहीं देखते यह देखते हैं कि इस समय मेरा कर्तव्य क्या है धर्म क्या कहता है मुझे क्या कार्य करना चाहिए क्या उचित है या अनुचित है यही वह करते हैं जितना वह अपने आप को ओपन रख के बदलाव को लाने के लिए ऊपर रहते हैं और चीजों को मैनेज करते हैं उतना बढ़िया उनका आपसी संबंध रिलेशनशिप सॉन्ग होते चला जाता है और जीवन खुशहाल होता चला जाता है आजा भाई जीवन तो ऐसा है कि जीवन में उतार-चढ़ाव जरूर होंगे हर तरीके के होंगे कभी प्रोफेशन को लेकर बिजनेस को लेकर तो कभी पढ़ाई लिखाई को लेकर कभी शरीर को लेकर कभी पैसे रुपए को लेकर कभी किसी और व्यक्ति को लेकर तो कभी किसी और बात को लेकर सीधे ऊपर ही से होती रहेंगी लेकिन हम उस समय किस तरीके से अपने आप को और परिस्थिति को मालिश करते हैं हम अपने पार्टनर के साथ यह बताते हैं कि यह आइडियल परफेक्ट कपल है या नहीं प्रयास हमेशा संबंधों के करना चाहिए प्रयास हमेशा यह करना चाहिए कि अगर मेरे अंदर कुछ चीज है जो ठीक-ठाक नहीं है तो उसको अगर मैं बदल दूं तो मेरा जीवन तो अच्छा होगा यह मेरे भाई का और घर परिवार में सब तो खाएगी वह शांति आएगी और चीजें ठीक-ठाक से आगे बढ़ती चली जाएगी
Jee namaste jee vaise to aap jaanate hee hain ki koee bhee insaan paraphekt nahin hota koee bhee insaan sampoorn nahin hota agar ek drshtikon se dekha jae to har insaan mein khoobiyaan hotee hain aur usamen kuchh aadaten hotee hain usamen gun hote hain usamen aur gun bhee hote hain jab aap paraphekt kapal kee baat karate hain to aise karake dekha jae to paraphekt kapal nahin hota ki vahee do log mile aur vah paraphekt kapal ban gae jee nahin to phiks kaabil tab hote hain jab do log alag-alag bhaagon se aate hain dalit sanskaar mile hain shiksha milee hai unake dekhane ka najariya unaka drshtikon unaka jeevan ka apana philosaphee kaisa hai kaise kaary karate hain kaise bartaav karate hain kaise baaten karate hain sab kuchh alag jab do insaan alag-alag gharon se aate hain alag-alag baikagraund se aate hain itane bhee injeeniyaring kee hai usamen bhee enjoy kiya hai to kya phark padata hai sem kolej se kiya jisako aap khaalee padhaee likhaee ya digree se mat leejie ek insaan khareed digree nahin hota hai ek insaan ek thos hota hai ek vyakti to hota hai ek najariya hota hai usamen bhaavanaen hotee hain usamen dar hota hai gun hota hai aap kaun hota hai bahut saaree cheejen hotee hain kintu insaan agar aate hain jodate hain to vah otometik ke lie paraphekt kapal ho kar nahin aate hain bhaee do insaan bahut padhe-likhe hain bahut kaabil hain aur vah donon shaadee ke bandhan mein bandh gae aur aur aap bolate ki vah papeeta pahale hee nahin aise nahin hota hai hota hai aisa hai ki paraphekt kapal banate hain banaaya jaata hai aur donon ke prayaason se banaaya jaata hai kyonki jab ek insaan apana jeevan is tareeke se jee raha hota hai aur vah jab doosare insaan ke saath jodata hai aur disaid karate hain ki aage ka jeevan arthaat milakar abhee khaenge gujaarenge jisamen sukh-dukh ek saath baatenge vagaira vagaira to donon ko apane astitv ko donon ko apane aacharan ko is tareeke se rakhana padata hai taaki doosare ko koee pareshaanee na ho usako apana khyaal rakhane ke saath-saath doosare ka bhee khyaal rakhana hota hai aur yahaan par khaalee doosara hee nahin hota usake ghar parivaar ke log yahaan bahut saaree aur baaten hotee hain to bahut kam log hote hain jo jaanate hain ki vah mere paatanar mein yah kaun hai yah avagun hai mere andar yah gun hai yah gun hai mere ko usane usake gunon ko lekar chalana hai aur agar ho sake to main apane avagunon ko ghar chhod doon kyonki bahut ko pasand nahin hai ya asalee mein vah sahee tareeka nahin tha vah sahee najariya nahin tha sahee drshtikon nahin tha kee aadat hee nahin thee aacharan nahin tha agar main apane aap mein parivartan karata hoon aur isee tareeke se donon ka apane aap mein donon ko koee madad donon indiketar apane aap mein parivartan karate hain aur ek doosare ke saath samajh bolakar kadam badhaate hain to vah kahalaate hain paraphekt kapal aisa nahin hota ki unake beech mein takaraar nahin hotee hogee aisa nahin hota hoga ki unakee vichaaradhaara hanee baghel maich kar jae lekin jaldee se maich nahin kar rahee hotee hai vah kaise bartaav karate hain vah dipend karata hai aur paraphekt kapal us tareeke se bartaav karate hain us tareeke se karm karate hain aacharan karate hain kabhee nahin kheench karate hain baat karate hain jo kee maut epropriyet hota hai taaki gaadee bhee chalatee rahe aur aapas mein tanaav na bane aapas mein koee dikkat pareshaanee na ho jae paristhitiyaan aaenge jo hamaare anukool hongee lekin anukool paristhitiyon mein yah jo insaan ke tareeke se mainej karate hain par sthit dekho aur apane aapako vah bada importent ho jaata hai jab ophis ka bil kee baat aatee hai to yah vah log hote hain jinako pata hota hai ki bhaee cheejon ko kaise mainej karana hai kaise chalaana hai kaise le jaana hai yah khaalee apane sukh ke baare mein nahin dekhate yah dekhate hain ki is samay mera kartavy kya hai dharm kya kahata hai mujhe kya kaary karana chaahie kya uchit hai ya anuchit hai yahee vah karate hain jitana vah apane aap ko opan rakh ke badalaav ko laane ke lie oopar rahate hain aur cheejon ko mainej karate hain utana badhiya unaka aapasee sambandh rileshanaship song hote chala jaata hai aur jeevan khushahaal hota chala jaata hai aaja bhaee jeevan to aisa hai ki jeevan mein utaar-chadhaav jaroor honge har tareeke ke honge kabhee propheshan ko lekar bijanes ko lekar to kabhee padhaee likhaee ko lekar kabhee shareer ko lekar kabhee paise rupe ko lekar kabhee kisee aur vyakti ko lekar to kabhee kisee aur baat ko lekar seedhe oopar hee se hotee rahengee lekin ham us samay kis tareeke se apane aap ko aur paristhiti ko maalish karate hain ham apane paartanar ke saath yah bataate hain ki yah aaidiyal paraphekt kapal hai ya nahin prayaas hamesha sambandhon ke karana chaahie prayaas hamesha yah karana chaahie ki agar mere andar kuchh cheej hai jo theek-thaak nahin hai to usako agar main badal doon to mera jeevan to achchha hoga yah mere bhaee ka aur ghar parivaar mein sab to khaegee vah shaanti aaegee aur cheejen theek-thaak se aage badhatee chalee jaegee

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्यों इंसान परिस्थितियों से हार जाता है?Kyo Insan Paristhitiyo Se Haar Jata Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
5:34
देखिए जब तक जीवन है ना तब तक जीवन में संघर्ष यूं ही बनी रहे उतार-चढ़ाव ऊपर नीचे तक लगी रहेगी किसी के जीवन में अधिक समय तक हो सकता है इनोवा खुशी के कितना मिले किसी के जीवन में हमेशा खुशहाली रहे कभी कोई बहुत समय से बीमार है कभी कोई बीमारी ना पड़े हैं सभी उसे बहुत सारी बातें होती हैं इंसान हमेशा एक बड़े थे दूसरी परिस्थिति में मुंह करता हुआ चला जाता है ना अब इसी में वह इंसान जिनके अंदर बेल पावर नहीं है जिसकी सकारात्मक सोच नहीं है जो सही दिशा में सही कर्म नहीं कर पाता प्रयास नहीं करना चाहता तो उसका क्या होगा वह हार जाएगा ना भी चुनौतियां और परिस्थितियां तो हर इंसान के चोली में आती है लेकिन हम उनसे कैसे मुकाबला हर इंसान अपनी तरीके से कहते हैं अपनी सोच समझ के हिसाब से कहते हैं अपने नजरिए से करता है अपने अपनों से करता है अपने कर्म से कृपया अपने व्यवहार से करने आते अपने बातचीत से करता है तो वह इंसान जो सही समय पर सही काम करें उन परिस्थितियों में भूत डेफिनेटली या समझ लीजिए उसके जीतने के चांस है उस परिस्थिति से निकले के चांद निकलने की जान से बढ़ जाते हैं और जब तुझको निकलता नहीं है क्योंकि वह प्रयास कर रहा होता है उसको एक संतोष मिलता है खुशी नहीं लेकिन कम से कम संतोष तो मिलता है कि रिलीज मैंने प्रयास तो किया मैंने सोचा तो मैं यहां तो जाना चाहता था वह तो करना चाहता था और मैंने किया बाकी वक्त बताएगा कि मुझे सफलता मिलती है या नहीं मिलते तो जवाब बोलते हैं कि इंसान परिस्थितियों से आजा इसलिए हाथ है क्योंकि वह मन में भी माफ कर देता है जीवन क्यों करते हैं क्योंकि वह अपने बिलिंग के कारण अपनी सोच अपनी मानसिकता के कारण मेहनत ना करने के कारण नहीं सोचने के कारण की और किया किया जा सकता है तो नहीं पकड़ने के कारण बहुत सारे पैकेज होते हैं अपने माहौल के कारण बहुत सारे पात्र होते हैं जो उसको भूल जाते हैं खींचते हैं ताकि वह सकारात्मक ना सोच पाती मूवी परिस्थितियों से मुकाबला ना कर पाए और टूट जाए लेकिन हमें तो क्या करना है हमें यह देखना है कि परिस्थितियां कैसी भी हो हम से मुकाबला करना चाहिए आपके पास है क्या है क्या नहीं है भाई प्रयास तो करना पड़ेगा लगे तो रहना पड़ेगा ना यह ठीक उसी तरीके से है मान लीजिए आपको सुबह कहीं जाना है और अपनी गाड़ी निकाली आप चलते हुए जा रहे हैं परेशान ऐसे बहुत ढूंढा जाती है बहुत ढूंढ आती है तो आप क्या करेंगे क्या आप गाड़ी उसी स्पीड से चलाएंगे यहां थोड़ी शो कर लेंगे अगर ज्यादा है तो और क्यों कर लेंगे अगर फिर भी समझ नहीं आ रहा कि देखी नहीं रहा कुछ भाई पर चला रहे हैं करें वह करें कुछ भी नहीं समझ आ रहा तो आप क्या करेंगे हो सकता है आप किसी और गाड़ी के पीछे अपनी गाड़ी लगा दे अगर फिर भी समझ यार दोस्त है थोड़ी देर के लिए आप अपनी गाड़ी साइड में रख लें अगर और जेंट्स नहीं है जाना पहुंचना तो थोड़ी देर रुक जाओ थोड़ा झूठ कम हो तो फिर आपने निकले तुम ही परिस्थितियां सबके साथ होती है सबके लिए होते हैं उस परिस्थिति में क्या कहते हैं यह आप पर निर्भर करता है इंसान परिस्थिति से हार जाते हैं क्योंकि वह सूचना नहीं ज्यादा मेहनत नहीं करना चाहता प्रयास नहीं करना चाहता तो क्या होगा युवक कर देगा ना क्योंकि अब मेहनत लगेगी और दोबारा से कौन करेगा कि मेरे बस का नहीं है मैंने पहले भी किया था यह कैसे मिलती हुई चीज है यह मुझसे नहीं हुए थे क्योंकि उसने नहीं किया था इसलिए मैं भी नहीं कर सकता क्योंकि बाकी लोग नहीं कर सकते इसलिए मैं भी नहीं कर सकता अल्लाह ख्याल आते हैं लेकिन बात तो यह है कि बाकी ने नहीं किया है इसका मतलब यह नहीं है कि तुम नहीं कर सकते तुम करते हो बाकी नहीं क्यों नहीं किया यह उनकी परेशानी है यह उनके कारण है लेकिन तुम कर सकते हो यह तुम सोचो जान लो कि वह उनसे अलग हो तुम्हारे अंदर क्वालिटी हो सकती है तुम्हारे अंदर वह काम इतनी दूर सकता है वह मेहनत करने की क्षमता हो सकती है तो वह करो ना वह करना चाहिए ना तभी तो तुम उस परिस्थिति से निकलोगे करना परिस्थितियों से निकलने का गिफ्ट नहीं कर देना से आपको समझ आ गया ठोकर मिलेगी हां मैंने यही किया था और इससे रिजल्ट नहीं आएगा और यह करने के लिए सीएम ने जो मेरे पास नहीं है पहुंच जाएंगे मैं किसी भी तरीके से बोलना ही हरीश कर सकता यार ऑन कर सकता है वह खिला सकता तो ठीक है समझ आया इस बात को क्लोज कर दे आगे बढ़ते हैं ऐसा भी हां कर सकते हैं लेकिन करना पड़ेगा कुछ तो करना पड़ेगा ना सर आपके हाथ में है
Dekhie jab tak jeevan hai na tab tak jeevan mein sangharsh yoon hee banee rahe utaar-chadhaav oopar neeche tak lagee rahegee kisee ke jeevan mein adhik samay tak ho sakata hai inova khushee ke kitana mile kisee ke jeevan mein hamesha khushahaalee rahe kabhee koee bahut samay se beemaar hai kabhee koee beemaaree na pade hain sabhee use bahut saaree baaten hotee hain insaan hamesha ek bade the doosaree paristhiti mein munh karata hua chala jaata hai na ab isee mein vah insaan jinake andar bel paavar nahin hai jisakee sakaaraatmak soch nahin hai jo sahee disha mein sahee karm nahin kar paata prayaas nahin karana chaahata to usaka kya hoga vah haar jaega na bhee chunautiyaan aur paristhitiyaan to har insaan ke cholee mein aatee hai lekin ham unase kaise mukaabala har insaan apanee tareeke se kahate hain apanee soch samajh ke hisaab se kahate hain apane najarie se karata hai apane apanon se karata hai apane karm se krpaya apane vyavahaar se karane aate apane baatacheet se karata hai to vah insaan jo sahee samay par sahee kaam karen un paristhitiyon mein bhoot dephinetalee ya samajh leejie usake jeetane ke chaans hai us paristhiti se nikale ke chaand nikalane kee jaan se badh jaate hain aur jab tujhako nikalata nahin hai kyonki vah prayaas kar raha hota hai usako ek santosh milata hai khushee nahin lekin kam se kam santosh to milata hai ki rileej mainne prayaas to kiya mainne socha to main yahaan to jaana chaahata tha vah to karana chaahata tha aur mainne kiya baakee vakt bataega ki mujhe saphalata milatee hai ya nahin milate to javaab bolate hain ki insaan paristhitiyon se aaja isalie haath hai kyonki vah man mein bhee maaph kar deta hai jeevan kyon karate hain kyonki vah apane biling ke kaaran apanee soch apanee maanasikata ke kaaran mehanat na karane ke kaaran nahin sochane ke kaaran kee aur kiya kiya ja sakata hai to nahin pakadane ke kaaran bahut saare paikej hote hain apane maahaul ke kaaran bahut saare paatr hote hain jo usako bhool jaate hain kheenchate hain taaki vah sakaaraatmak na soch paatee moovee paristhitiyon se mukaabala na kar pae aur toot jae lekin hamen to kya karana hai hamen yah dekhana hai ki paristhitiyaan kaisee bhee ho ham se mukaabala karana chaahie aapake paas hai kya hai kya nahin hai bhaee prayaas to karana padega lage to rahana padega na yah theek usee tareeke se hai maan leejie aapako subah kaheen jaana hai aur apanee gaadee nikaalee aap chalate hue ja rahe hain pareshaan aise bahut dhoondha jaatee hai bahut dhoondh aatee hai to aap kya karenge kya aap gaadee usee speed se chalaenge yahaan thodee sho kar lenge agar jyaada hai to aur kyon kar lenge agar phir bhee samajh nahin aa raha ki dekhee nahin raha kuchh bhaee par chala rahe hain karen vah karen kuchh bhee nahin samajh aa raha to aap kya karenge ho sakata hai aap kisee aur gaadee ke peechhe apanee gaadee laga de agar phir bhee samajh yaar dost hai thodee der ke lie aap apanee gaadee said mein rakh len agar aur jents nahin hai jaana pahunchana to thodee der ruk jao thoda jhooth kam ho to phir aapane nikale tum hee paristhitiyaan sabake saath hotee hai sabake lie hote hain us paristhiti mein kya kahate hain yah aap par nirbhar karata hai insaan paristhiti se haar jaate hain kyonki vah soochana nahin jyaada mehanat nahin karana chaahata prayaas nahin karana chaahata to kya hoga yuvak kar dega na kyonki ab mehanat lagegee aur dobaara se kaun karega ki mere bas ka nahin hai mainne pahale bhee kiya tha yah kaise milatee huee cheej hai yah mujhase nahin hue the kyonki usane nahin kiya tha isalie main bhee nahin kar sakata kyonki baakee log nahin kar sakate isalie main bhee nahin kar sakata allaah khyaal aate hain lekin baat to yah hai ki baakee ne nahin kiya hai isaka matalab yah nahin hai ki tum nahin kar sakate tum karate ho baakee nahin kyon nahin kiya yah unakee pareshaanee hai yah unake kaaran hai lekin tum kar sakate ho yah tum socho jaan lo ki vah unase alag ho tumhaare andar kvaalitee ho sakatee hai tumhaare andar vah kaam itanee door sakata hai vah mehanat karane kee kshamata ho sakatee hai to vah karo na vah karana chaahie na tabhee to tum us paristhiti se nikaloge karana paristhitiyon se nikalane ka gipht nahin kar dena se aapako samajh aa gaya thokar milegee haan mainne yahee kiya tha aur isase rijalt nahin aaega aur yah karane ke lie seeem ne jo mere paas nahin hai pahunch jaenge main kisee bhee tareeke se bolana hee hareesh kar sakata yaar on kar sakata hai vah khila sakata to theek hai samajh aaya is baat ko kloj kar de aage badhate hain aisa bhee haan kar sakate hain lekin karana padega kuchh to karana padega na sar aapake haath mein hai

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या आप सकारात्मक सोच की शक्ति को समझा सकते हैं?Kya Aap Sakaartmak Soch Ki Shakti Ko Samjha Sakte Hain
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
4:58
चली समझते हैं हमारे दो चीजें आमतौर पर दिखती है मिलती हैं और वह क्या है कि बीजेपी हम उठते हैं तो हमारे अंदर ख्याल होते हैं पूरे दिन भर में हमारे अंदर तैयार होते हैं और उन्हें ख्यालों के साथ-साथ उनके जोड़ी हमारी भावनाएं होती हैं सोच देखें कुछ हुआ जो कुछ हुआ उसके बारे में आप का ख्याल हुआ आपने सोचा उसके बारे में ख्याल किया उसके बारे में जवाब ख्याल करते हैं उसके बारे में 26 था वह अनुभव रहा है उल्टा है या तो वह हो रहा है या पास्ता हेय फ्यूचर है आपके अंदर डालना है आएंगे इमोशंस आएंगे आप क्रोधित हो सकते हैं खुश हो सकते हैं आप उदास हो सकते हैं कुछ भी हो सकता है यह होता है अच्छा अब मान लीजिए अपने अपने पेपर दोनों दोस्त हैं एक का रिजल्ट अच्छा नहीं आया और एक का रिजल्ट थोड़ा बैठा रहा है यहां पर एक लड़का तो बहुत उदास हो गया परेशान हो क्या कि यार अब क्या करूं यह हो गया वह हो गया और उदासी में चला गया 1 दिन उदासी में बिना 2 दिन भी था खाना नहीं खाना दिन में बात नहीं करना ठीक है ना कोई काम ठीक से नहीं कह रहा कहीं जा नहीं रहा घर में कोने में लाइट ऑफ कर के बैठा हुआ है और वहीं पर दूसरा लड़का उसने देखा कि उसने सोचा समझा कि अच्छा मैंने पढ़ाई ठीक से नहीं की थी या मुझे नहीं आता था यह मुझे थोड़ा और ऑपरेशन करना है क्या करना है अगले साल तो ऐसा हो गया आप क्या कर सकता हूं मैं यह करो वह करो ऐसा करो वैसा करो किसी से बात करूं क्या करूं तो वो सॉल्यूशन मोड में जा रहा है कि जो होना था तो क्या लेकिन क्या किया जा सकता है तो यह जो दूसरा वाला लड़का है जो यह सोच रहा है कि चलो ठीक है जो होना था हो गया यह ऐसा भी नहीं है कि यह बहुत है यह सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता यह ऐसा नहीं है मैं यह लड़का जानता है कि मेरा रिजल्ट अच्छा नहीं है इससे यह कौन सीक्वेंस है यह नुकसान है यह सारी दिक्कतें होती है मुझे लेकिन अभी उसको लेकर रोए रोए गाय बैठे चुपचाप उसमें एक उदासी में चले जाएंगे फिर कुछ करें तो अभी जब सोचता है कि चलो कोई बात नहीं मेरे कोई चीज मिलती है कि एयरपोर्ट से काम नहीं बनता है ऐसे करने से नहीं होता है यह कहानी वो कहानी और यह की तरफ देखता है तो यह क्या करता है यह अपनी सोच को सकारात्मक दिशा में डाल रहा है यह सही दिशा दोबारा से पकड़ने की कोशिश कर रहा है कर्म करने का प्रयास कर रहा है वहीं पर मेरा लड़का उदासी में चला गया है उसको समझ ही नहीं है कि मुझे इन सीटों पर थिंकिंग और फीलिंग साद मुझे अपने आप को सही दिशा में ले जाना चाहिए कुछ करना चाहिए कुछ सोचना चाहिए कि आप क्या वह इंसान नहीं करा तो यह फर्क पड़ जाता है जब आप सकारात्मक होते हैं और जवाब सकारात्मक नहीं होते तो तुझे अभिषेक होता क्या है अगर सकारात्मक है आगे आप सकारात्मक है तो भले ही परिस्थितियां विपरीत होंगी आप उन चुनौतियों को भी स्वीकार करेंगे और अपना रास्ता ढूंढने का बनाने का प्रयास करेंगे अभी चलने का प्रयास करेंगे वहां पर रुकेंगे नहीं अगर हम सकारात्मक होंगे तो यह होती है इसकी शक्ति तो भले ही आपको एक पैक ना मिला हो आपको एक सीनियर मिला हो एक नहीं कई भी हो तो लेकिन आप तो रुकते नहीं है यहां पर दृढ़ निश्चय के साथ फिर अपनी मंजिल की तरफ बढ़ने लगते हैं तो वह आपको सहायता देती है कि आप कुछ ना कुछ लेकर ही लौटे भाई मेरा ग्राम सकारात्मक नहीं सोचेंगे तो आपके ही जान ही नहीं पाएंगे और जरूरत क्या है जरूरत है कदम उठाने की कदम बढ़ाने की ठोकर किसी को भी मिल सकती है लेकिन ठोकर मिलने के बाद आप अगर जमीन पर ही पड़े रहना चाहते हैं तो जी और इस आशा में कि कोई आपको उठाए तो चांसेस बहुत कम है कि कोई आएगा उठाएगा लोगों को देख कर चले जाएंगे ऐसे ही गिरा पड़ा है उनको और आनंद आ सकता है बरात में सोचने का प्रयास करेंगे तो और यही प्यार करने की जरूरत है दर्दे यही चीजें आती है सकारात्मक सोच से आपके व्यक्तित्व से आपकी बातों से और आपके घर से
Chalee samajhate hain hamaare do cheejen aamataur par dikhatee hai milatee hain aur vah kya hai ki beejepee ham uthate hain to hamaare andar khyaal hote hain poore din bhar mein hamaare andar taiyaar hote hain aur unhen khyaalon ke saath-saath unake jodee hamaaree bhaavanaen hotee hain soch dekhen kuchh hua jo kuchh hua usake baare mein aap ka khyaal hua aapane socha usake baare mein khyaal kiya usake baare mein javaab khyaal karate hain usake baare mein 26 tha vah anubhav raha hai ulta hai ya to vah ho raha hai ya paasta hey phyoochar hai aapake andar daalana hai aaenge imoshans aaenge aap krodhit ho sakate hain khush ho sakate hain aap udaas ho sakate hain kuchh bhee ho sakata hai yah hota hai achchha ab maan leejie apane apane pepar donon dost hain ek ka rijalt achchha nahin aaya aur ek ka rijalt thoda baitha raha hai yahaan par ek ladaka to bahut udaas ho gaya pareshaan ho kya ki yaar ab kya karoon yah ho gaya vah ho gaya aur udaasee mein chala gaya 1 din udaasee mein bina 2 din bhee tha khaana nahin khaana din mein baat nahin karana theek hai na koee kaam theek se nahin kah raha kaheen ja nahin raha ghar mein kone mein lait oph kar ke baitha hua hai aur vaheen par doosara ladaka usane dekha ki usane socha samajha ki achchha mainne padhaee theek se nahin kee thee ya mujhe nahin aata tha yah mujhe thoda aur opareshan karana hai kya karana hai agale saal to aisa ho gaya aap kya kar sakata hoon main yah karo vah karo aisa karo vaisa karo kisee se baat karoon kya karoon to vo solyooshan mod mein ja raha hai ki jo hona tha to kya lekin kya kiya ja sakata hai to yah jo doosara vaala ladaka hai jo yah soch raha hai ki chalo theek hai jo hona tha ho gaya yah aisa bhee nahin hai ki yah bahut hai yah sarakaar ko koee phark nahin padata yah aisa nahin hai main yah ladaka jaanata hai ki mera rijalt achchha nahin hai isase yah kaun seekvens hai yah nukasaan hai yah saaree dikkaten hotee hai mujhe lekin abhee usako lekar roe roe gaay baithe chupachaap usamen ek udaasee mein chale jaenge phir kuchh karen to abhee jab sochata hai ki chalo koee baat nahin mere koee cheej milatee hai ki eyaraport se kaam nahin banata hai aise karane se nahin hota hai yah kahaanee vo kahaanee aur yah kee taraph dekhata hai to yah kya karata hai yah apanee soch ko sakaaraatmak disha mein daal raha hai yah sahee disha dobaara se pakadane kee koshish kar raha hai karm karane ka prayaas kar raha hai vaheen par mera ladaka udaasee mein chala gaya hai usako samajh hee nahin hai ki mujhe in seeton par thinking aur pheeling saad mujhe apane aap ko sahee disha mein le jaana chaahie kuchh karana chaahie kuchh sochana chaahie ki aap kya vah insaan nahin kara to yah phark pad jaata hai jab aap sakaaraatmak hote hain aur javaab sakaaraatmak nahin hote to tujhe abhishek hota kya hai agar sakaaraatmak hai aage aap sakaaraatmak hai to bhale hee paristhitiyaan vipareet hongee aap un chunautiyon ko bhee sveekaar karenge aur apana raasta dhoondhane ka banaane ka prayaas karenge abhee chalane ka prayaas karenge vahaan par rukenge nahin agar ham sakaaraatmak honge to yah hotee hai isakee shakti to bhale hee aapako ek paik na mila ho aapako ek seeniyar mila ho ek nahin kaee bhee ho to lekin aap to rukate nahin hai yahaan par drdh nishchay ke saath phir apanee manjil kee taraph badhane lagate hain to vah aapako sahaayata detee hai ki aap kuchh na kuchh lekar hee laute bhaee mera graam sakaaraatmak nahin sochenge to aapake hee jaan hee nahin paenge aur jaroorat kya hai jaroorat hai kadam uthaane kee kadam badhaane kee thokar kisee ko bhee mil sakatee hai lekin thokar milane ke baad aap agar jameen par hee pade rahana chaahate hain to jee aur is aasha mein ki koee aapako uthae to chaanses bahut kam hai ki koee aaega uthaega logon ko dekh kar chale jaenge aise hee gira pada hai unako aur aanand aa sakata hai baraat mein sochane ka prayaas karenge to aur yahee pyaar karane kee jaroorat hai darde yahee cheejen aatee hai sakaaraatmak soch se aapake vyaktitv se aapakee baaton se aur aapake ghar se

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या आप मानते हैं कि मोबाइल से युवा बिगड़ते हैं?Kya Aap Maante Hain Ki Mobile Se Yuva Bigadte Hain
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
3:45
जी देखिए मैं आपके वाक्य को थोड़ा इस तरीके से बोलता हूं कि आप का सवाल है क्या आप मानते हैं कि मोबाइल से युवा बिगड़ते हैं तो मैं इसको इस तरीके से बोलता हूं कि मैं यह जानता हूं कि मोबाइल से युवा बिगड़ सकते हैं मैं यह नहीं बोलता कि मोबाइल से युवा बिगड़ जाएगा हर एक युवा बिगड़ जाएगा जी नहीं ऐसा नहीं होता है हर इंसान बिगड़ जाएगा ऐसा नहीं होता है मोबाइल क्या है यह एक तू है एक दिमाग से एक इंस्ट्रूमेंट है जिसकी बहुत सारे उपयोग हैं फिर से हम किसी को फोन कर सकते हैं किसी का फोन रिसीव कर सकते हैं मैसेज भेज सकते हैं हम देश दुनिया में क्या हो रहा है इंटरनेट के जरिए देख सकते हैं वीडियो देख सकते हैं वीडियोस पिक्चर्स किसी को भेज सकते हैं वीडियो कॉल कर सकते हैं बहुत सारी चीजें हम कर सकते हैं कैमरे से फोटो ले सकते हैं लेकिन तो क्या यह इन सुमन में कोई गड़बड़ है इन सब में कोई गड़बड़ नहीं है इंस्ट्रुमेंट इस चीज के लिए बना हुआ है नाम था इसका दुरुपयोग करता है तो क्या होगा वही तो वही बात हो गई ना मेरा पेमेंट एकदम पूरी होती है जिससे हम नाइट कहते हैं क्या करते हैं फल सब्जियां यह सकते हैं या कहीं पर कुछ बात नहीं है कुछ और काम करना है वहां पर हम इसका प्रयोग करते हैं उसके बाद उसको ले जाकर रख देते हैं तो क्या भोजपुरी की गलती है चीनी छोरी उसके लिए बना नहीं था सॉरी तो बना था फल सब्जियां काटने के लिए लेकिन आपने उससे आदमी को काट दिया तो वह तो गलत बात हो गई ना सॉरी का क्या दोष मोबाइल जो आपके हाथ में है इसका प्रयोग होता है एरिया में इन चीजों के लिए ऑफिस का प्रयोग कर सकते हैं ठीक है क्या करूं किसी को मैसेज भेजना फोटो भेजना है यह सब क्या गलत है जी कोई दिक्कत नहीं करेंगे या अपना समय व्यर्थ करेंगे गलत दिशा में जाएंगे तो सारी बातें खराब है इसी मोबाइल को लेकर कोई बहुत इसका सदुपयोग करते हैं कॉल बहुत दुरुपयोग करता है तो यह तो इंसान के ऊपर है ना अपने ऊपर है दिमाग से इंस्ट्रूमेंट में कोई प्रॉब्लम नहीं है इंस्ट्रूमेंट में जॉब मिल सकते मेरा फोन नहीं चल रहा है कि मेमोरी बहुत काम है इसका नाम कम है यह कहानी बोकारो चलो समझ आता है आज हमें कोई दिक्कत नहीं है मेरे पास गाड़ी है गाड़ी बहुत ध्यान से सोच समझकर चलाते हैं कोई दिक्कत है परेशानी नहीं नहीं आपने 10 साल 15 साल 20 साल गाड़ी चलाई कोई दिक्कत है नहीं लेकिन मैं गाड़ी ठीक से नहीं चलाता इधर मारता हूं उधर चलाते बताइए ना गुस्सा करता हूं लोगों को ट्रैफिक पर मुझे गुस्सा आता है मेरी मेरी गाड़ी में बहुत सारे डेंट लग गए हैं टूट गई है पीछे से अभी 2 साल ही हुए हैं गाड़ी का गाड़ी चालक चला रहे हैं गलती किसकी है क्या गाड़ी की गलती है गाड़ी बनाने वाले की गलती है या गाड़ी चलाने वाले की गलती है मेरी गलती है गलती तो मेरी हुई ना तो मोबाइल से युवा बिगाड़ सकते हैं उनका समय बर्बाद हो सकता है समय का सदुपयोग करना ही कर पाते हैं यह सारी बातें हैं लेकिन मोबाइल अपने आप में एक बहुत ही फायदेमंद इंस्ट्रूमेंट है जिसका उपयोग कई जगह पर कई समय पर हो सकता है
Jee dekhie main aapake vaaky ko thoda is tareeke se bolata hoon ki aap ka savaal hai kya aap maanate hain ki mobail se yuva bigadate hain to main isako is tareeke se bolata hoon ki main yah jaanata hoon ki mobail se yuva bigad sakate hain main yah nahin bolata ki mobail se yuva bigad jaega har ek yuva bigad jaega jee nahin aisa nahin hota hai har insaan bigad jaega aisa nahin hota hai mobail kya hai yah ek too hai ek dimaag se ek instrooment hai jisakee bahut saare upayog hain phir se ham kisee ko phon kar sakate hain kisee ka phon riseev kar sakate hain maisej bhej sakate hain ham desh duniya mein kya ho raha hai intaranet ke jarie dekh sakate hain veediyo dekh sakate hain veediyos pikchars kisee ko bhej sakate hain veediyo kol kar sakate hain bahut saaree cheejen ham kar sakate hain kaimare se photo le sakate hain lekin to kya yah in suman mein koee gadabad hai in sab mein koee gadabad nahin hai instrument is cheej ke lie bana hua hai naam tha isaka durupayog karata hai to kya hoga vahee to vahee baat ho gaee na mera pement ekadam pooree hotee hai jisase ham nait kahate hain kya karate hain phal sabjiyaan yah sakate hain ya kaheen par kuchh baat nahin hai kuchh aur kaam karana hai vahaan par ham isaka prayog karate hain usake baad usako le jaakar rakh dete hain to kya bhojapuree kee galatee hai cheenee chhoree usake lie bana nahin tha soree to bana tha phal sabjiyaan kaatane ke lie lekin aapane usase aadamee ko kaat diya to vah to galat baat ho gaee na soree ka kya dosh mobail jo aapake haath mein hai isaka prayog hota hai eriya mein in cheejon ke lie ophis ka prayog kar sakate hain theek hai kya karoon kisee ko maisej bhejana photo bhejana hai yah sab kya galat hai jee koee dikkat nahin karenge ya apana samay vyarth karenge galat disha mein jaenge to saaree baaten kharaab hai isee mobail ko lekar koee bahut isaka sadupayog karate hain kol bahut durupayog karata hai to yah to insaan ke oopar hai na apane oopar hai dimaag se instrooment mein koee problam nahin hai instrooment mein job mil sakate mera phon nahin chal raha hai ki memoree bahut kaam hai isaka naam kam hai yah kahaanee bokaaro chalo samajh aata hai aaj hamen koee dikkat nahin hai mere paas gaadee hai gaadee bahut dhyaan se soch samajhakar chalaate hain koee dikkat hai pareshaanee nahin nahin aapane 10 saal 15 saal 20 saal gaadee chalaee koee dikkat hai nahin lekin main gaadee theek se nahin chalaata idhar maarata hoon udhar chalaate bataie na gussa karata hoon logon ko traiphik par mujhe gussa aata hai meree meree gaadee mein bahut saare dent lag gae hain toot gaee hai peechhe se abhee 2 saal hee hue hain gaadee ka gaadee chaalak chala rahe hain galatee kisakee hai kya gaadee kee galatee hai gaadee banaane vaale kee galatee hai ya gaadee chalaane vaale kee galatee hai meree galatee hai galatee to meree huee na to mobail se yuva bigaad sakate hain unaka samay barbaad ho sakata hai samay ka sadupayog karana hee kar paate hain yah saaree baaten hain lekin mobail apane aap mein ek bahut hee phaayademand instrooment hai jisaka upayog kaee jagah par kaee samay par ho sakata hai

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या एटीट्यूड होना अच्छा है?Kya Attitude Hona Acha Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
4:38
दीदी चरण में एटीट्यूड की बात करते हैं तो उसका चालू किया हमारे शहर में जो बात आती है वह यह होती है कि आती तो हमेशा नेगेटिव होता है करने के बाद कंडीशनर देता है लगता है कि इसी तरीके से कोई किसी को नहीं देखता क्या है इसका बहुत साधारण तरीके से देखा जाए तो एक इंसान का पढ़ सुना कैसा है वह इंसान है कैसा कैसा बात करता है कैसा काम करता है और यह कैसे उसकी थिंकिंग है कैसे उसकी आक्रोश है कैसा दृष्टिकोण एक ऐसा कर्म करता है किस दिशा में करता है और देखा जाए तो आधी रोड हमेशा नेगेटिव नहीं होता है तो पूछते हैं कि क्या एटीट्यूड होना होना अच्छा है तुझे देखे थे ट्यूट्स कब में होता है किसी ने ज्यादा लेकिन दिक्कत यह होती है कि जहां पर जो चीज नहीं होनी चाहिए अगर वहां पर वह चीज डाल देते हैं तो वह गलत हो जाता है और वह वहां पर गलत या नेगेटिव एटीट्यूड हो जाता है एटीट्यूड क्या रवैया सोच के देखिए हम एटीट्यूड एटीट्यूड होता क्या है उसका रवैया कैसा है अगर उसका रवैया उस जगह पर मुनासिब नहीं है तो वह बेकार हुआ था उसकी जरूरत नहीं है इसी तरीके से जहां पर इसकी जरूरत है अगर वहां पर वह साहब का बर्ताव नहीं है रवैया नहीं है बीयर बीयर नहीं आया सर नहीं है तो फिर क्या फायदा तेरी हर समय अगर देखा जाए तो अपने आप को उस तरीके से रहना रखना चाहिए जो मोस्ट एप्रुपरिएट होता है सबसे ज्यादा उचित होता है चाहे वह हमारे नजरिए में हो सोच में हूं घर में हूं तभी निकेश में हो कोई भी बात नहीं हो तो इसीलिए तो नहीं करता है बताता है लिखना चाहे तो सब में होता है सही समय पर सही रवैया या सही बर्ताव करेंगे हवन करेंगे उसकी जरूरत होती है वो करना चाहिए किसी को हुआ है दीदी और लगे तो लगे लेकिन भाई उस समय एक इंसान को कैसे रहना चाहिए कैसे बात करना चाहिए यह करना चाहिए अगर वह दी बेस्ट करता है तो उसमें कोई आधी दूर नहीं है वह उस सरकमस्टेंसस थे उस समय की मांग है और वह अगर कोई फील करता है तो वही चाहिए उसको खिलाड़ी माली देवी का क्रिकेट मैच का क्या किसी विराट कोहली विराट कोहली क्यों जब उसके साथ रहता है का कैसा होना चाहिए ड्रेसिंग रूम के समीप लेटेस्ट कैसा होना चाहिए फील्ड में क्लियर साथ क्या-क्या होना चाहिए उनके साथ कैसा होना चाहिए मीडिया के सामने कैसा होना चाहिए एक तरीके का तरीका कम ज्यादा हो जाता है ज्यादा डिग्री का तो हमें लगता है लेकिन अगर वह तरीका मुरलिस वैसा ही है जैसा होना चाहिए तो हमें वह सही लगता है क्या वह आती थी उस होता है जी नहीं हुआ ठीक नहीं है फिर वह जो व्यवहार है वह मुंह शुरू किए थे उस समय की बात है और वह ऐसा करता है जो कि सही है फालतू में अगर कोई अपनी यह बताता है सांसो में एरो अपना आप अपने बारे में ज्यादा बढ़ चढ़के बात करना आती खाना आइए करना वह करना की कोई जरूरत नहीं है वह कहीं पर भी काम नहीं आता है वह करिए इस समय जहां पर जिस चीज की जरूरत है अच्छे से रहना चाहिए एक डॉक्टर पेशेंट के साथ कैसे रहते हैं वही किया है यह है मैं इतने बड़े हॉस्पिटल के लिए हो वह है जो उसके उपचार को सुनेगा और उसको एक पौधे वह करवा देगा तुम्हारे भाई की बात है जुम्मे की बात है उसको मुंह स्वरूप यह करना चाहिए आखिर उठकर में होता है लेकिन जहां पर उसकी जरूरत हो जितनी जरूरत जितनी मात्रा में अगर वह छलके तो अच्छा लगता है आ जाओ अच्छा नहीं लगता
Deedee charan mein eteetyood kee baat karate hain to usaka chaaloo kiya hamaare shahar mein jo baat aatee hai vah yah hotee hai ki aatee to hamesha negetiv hota hai karane ke baad kandeeshanar deta hai lagata hai ki isee tareeke se koee kisee ko nahin dekhata kya hai isaka bahut saadhaaran tareeke se dekha jae to ek insaan ka padh suna kaisa hai vah insaan hai kaisa kaisa baat karata hai kaisa kaam karata hai aur yah kaise usakee thinking hai kaise usakee aakrosh hai kaisa drshtikon ek aisa karm karata hai kis disha mein karata hai aur dekha jae to aadhee rod hamesha negetiv nahin hota hai to poochhate hain ki kya eteetyood hona hona achchha hai tujhe dekhe the tyoots kab mein hota hai kisee ne jyaada lekin dikkat yah hotee hai ki jahaan par jo cheej nahin honee chaahie agar vahaan par vah cheej daal dete hain to vah galat ho jaata hai aur vah vahaan par galat ya negetiv eteetyood ho jaata hai eteetyood kya ravaiya soch ke dekhie ham eteetyood eteetyood hota kya hai usaka ravaiya kaisa hai agar usaka ravaiya us jagah par munaasib nahin hai to vah bekaar hua tha usakee jaroorat nahin hai isee tareeke se jahaan par isakee jaroorat hai agar vahaan par vah saahab ka bartaav nahin hai ravaiya nahin hai beeyar beeyar nahin aaya sar nahin hai to phir kya phaayada teree har samay agar dekha jae to apane aap ko us tareeke se rahana rakhana chaahie jo most eprupariet hota hai sabase jyaada uchit hota hai chaahe vah hamaare najarie mein ho soch mein hoon ghar mein hoon tabhee nikesh mein ho koee bhee baat nahin ho to iseelie to nahin karata hai bataata hai likhana chaahe to sab mein hota hai sahee samay par sahee ravaiya ya sahee bartaav karenge havan karenge usakee jaroorat hotee hai vo karana chaahie kisee ko hua hai deedee aur lage to lage lekin bhaee us samay ek insaan ko kaise rahana chaahie kaise baat karana chaahie yah karana chaahie agar vah dee best karata hai to usamen koee aadhee door nahin hai vah us sarakamastensas the us samay kee maang hai aur vah agar koee pheel karata hai to vahee chaahie usako khilaadee maalee devee ka kriket maich ka kya kisee viraat kohalee viraat kohalee kyon jab usake saath rahata hai ka kaisa hona chaahie dresing room ke sameep letest kaisa hona chaahie pheeld mein kliyar saath kya-kya hona chaahie unake saath kaisa hona chaahie meediya ke saamane kaisa hona chaahie ek tareeke ka tareeka kam jyaada ho jaata hai jyaada digree ka to hamen lagata hai lekin agar vah tareeka muralis vaisa hee hai jaisa hona chaahie to hamen vah sahee lagata hai kya vah aatee thee us hota hai jee nahin hua theek nahin hai phir vah jo vyavahaar hai vah munh shuroo kie the us samay kee baat hai aur vah aisa karata hai jo ki sahee hai phaalatoo mein agar koee apanee yah bataata hai saanso mein ero apana aap apane baare mein jyaada badh chadhake baat karana aatee khaana aaie karana vah karana kee koee jaroorat nahin hai vah kaheen par bhee kaam nahin aata hai vah karie is samay jahaan par jis cheej kee jaroorat hai achchhe se rahana chaahie ek doktar peshent ke saath kaise rahate hain vahee kiya hai yah hai main itane bade hospital ke lie ho vah hai jo usake upachaar ko sunega aur usako ek paudhe vah karava dega tumhaare bhaee kee baat hai jumme kee baat hai usako munh svaroop yah karana chaahie aakhir uthakar mein hota hai lekin jahaan par usakee jaroorat ho jitanee jaroorat jitanee maatra mein agar vah chhalake to achchha lagata hai aa jao achchha nahin lagata

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Umesh Upaadyay Bolkar App
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सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
6:11
जी देखिए पहले ऐसा होता था और उन लोगों की यह मानसिकता थी कि भाई सरकारी नौकरी ले लो सरकारी नौकरी खेलोगे तो तुम्हें दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा बार-बार नौकरी चेंज नहीं करना पड़ेगा बरगद सरकारी नौकरी में चले गए तो घर ही तुम्हारा ट्रांसफर हो जाए ऐसे जगह से शहर से दूसरे शहर शहर इसलिए बाद में से दूसरे डिपार्टमेंट में है लेकिन एक लिस्ट आपके पास जॉब सिक्योरिटी होती थी तो इस हिसाब से मैं यह लगता था बड़े बुजुर्गों को किया नहीं है बेटा आज सरकारी नौकरी ले लो इसमें जॉब एबिलिटी होती है और कोई तुम्हें ऐसे ही निकाल नहीं देगा कोई तुमसे यह लो गलत तरीके से व्यवहार नहीं करेगा एक प्रॉपर तरीके से आसाम का चलता है ऐसा भी नहीं होता है किसी को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिल जाता है यह होता है बहुत है तो हर चीज का तरीका होता है उस तरीके से अजीज आगे बढ़ती है और धीरे-धीरे अद्भुत होता रहेगा तुम्हारे लिए प्ले सिद्दू मूसे वाला पंजाबी होती रहेगी तो इस हिसाब से लोग देखे थे पहले की बात अगर हम करें तो क्या करें कि आज एकदम से बदल गई है आज भी कई जगह पर कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि मैंने कोई सरकारी नौकरी होती है होती है तो बहुत अच्छा है और सरकारी नौकरी में तो यह सारी भी आते हैं जैसे हमारी जो गारमेंट की सरकारी बस जो यूपी किया डीटीसी दिल्ली की वगैरह वगैरह हो गया हालांकि बाकी सारे सरकारी तो है ही है जो हम सब जानते हैं डिफेंस हो गया यह पौधा मी है नहीं भी हो रेलवे सो गया यह सारे सरकारी हैं और थोड़ा गर्म देखेंगे और कूल इंडिया वगैरह सब सरकारी नहीं आते हैं ओके लेकिन आज ऐसा नहीं है ओके मानसिकता बदल गई है सरकारी नौकरी की तरफ नहीं देखते हैं क्योंकि यह फिल्म चाहिए लिबर्टी चाहिए उनको यह दिखता है कि मेरे को जल्दी से जल्दी ग्रोथ कहते मिलेगी कहां पर आई ऑफ यूनिटी से हैं आप कहां से में यूनिफार्म भी जा सकता हूं अपने आप को कैसे ग्रुप कर सकता हूं कौन सी काम पर नहीं आया कौन सी काम पर नहीं अपनी एम्पलॉइस का किस तरीके से ख्याल रखती है वहां पर क्या मिलता है क्या नहीं मिलता है फैसिलिटी क्या है बेनिफिट क्या है ऑपरेशन ना प्रमोशन कैसे होता है अब प्राइवेट कंपनी में यह नहीं होता कि भाई देखो जब 5 साल हो गए तो यह दूसरे लेवल पर जाओगे जी नहीं ऐसा नहीं होता है वहां पर परफॉर्मेंस बेस्ट होता है ऑपरेशन सिस्टम होता है इस कोर कार्ड होते हैं उस हिसाब से प्रमोशन होता है प्रोग्रेशन होता है आपका अप्रेजल सिस्टम होता है डिफाइंड होता है तो यह सारी बातें हैं तो बच्चे पेपर कहते हैं कि भैया प्राइवेट नौकरी हमें ज्यादा पसंद है एक 2 या 3 महीने में 15 महीने तक का नोटिस पीरियड होते हैं वह देखे वह दूसरी कंपनी को स्विच ऑफ कर लेते हैं तो अब आज की तारीख में अगर आप बोले कि भाई अगर सरकारी नौकरी नहीं है तो आप कामयाब नहीं है जी पहले यह जरूर था कि हां अगर किसी के घर में किसी बच्चे को सरकारी नौकरी मिल जाती तो यह मानते थे कि भैया बहुत अच्छी बात है बेटा कामयाब है वगैरा-वगैरा के बच्चे लोग भी अपने हाथ करते थे मैं अभी तो एग्जाम की तैयारी करते थे और चाहे वो यूपीएससी का एसएससी का है वगैरह वगैरह ताकि हम उसे क्लियर कर ले और निकल जाए सरकारी नौकरी में यह आईएस के लिए आय एफ एस के लिए आईपीएस के लिए जो तैयारी करते हैं यह सारी भी तो सरकारी नौकरी होती है ना तो पहले यह जरूर था और आज भी ऐसा नहीं है कि खत्म हो गया है भाई बच्चे अभी भी तैयारी करते हैं और सरकारी नौकरी की भी और प्राइवेट की भी तो इसका मतलब यह नहीं होता कि जो जिसके बाद सरकार ही नहीं है वह आज कामयाब नहीं है जी नहीं आप साइड में देख लीजिए बहुत सारे बच्चे बताने वाले बहुत सारे लोग कामयाब रहे और बहुत सारे लोगों ने अपनी कंपनी खोली है तो वह एक ही नहीं है भाई उन्होंने एंप्लॉयमेंट दिया है तो क्या यह कामयाबी की जी बहुत बड़ी बात है बहुत सारे लोगों ने हजारों लोगों की लाखों लोगों के लिए एंप्लॉयमेंट किया है तो क्या अच्छी बात नहीं है जरूर है अगर आप एक छोटा सा हो गया इसी को बोलते हैं और इसमें 5 से 10 लोगों को रखते हैं और काजू कतली कायदे से चलाते हैं तो यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है भैया तो उपलब्धि है यह तो आपका अचीवमेंट है तो हम इसको आप ही सेट करना चाहिए खाली सरकारी नौकरी के भरोसे है उसको कहानियां बोला सही नहीं होगा जीवन में होना चाहिए कि वह किस तरीके का इंसान है उसका एक जीवन के पहलुओं को देखिए कामयाब है क्योंकि इसके बाद सरकारी नौकरी है तो यह शायद सही नहीं होगा उसने पढ़ाई लिखाई कि उसके अंदर बोलते कॉपी पेंसिल से उसने मेहनत की उसको मिल गया अच्छी बात है लेकिन अगर वह अल्लाह इसको हॉलिस्टिकली नहीं जी रहा अगर वह सही तरीका क्या इंसान नहीं है उसको समझ नहीं आता रिलेशनशिप कैसे मैनेज करते हैं परिवार को कैसे देखते हैं क्या सही है क्या गलत है देश के बारे में नहीं सोचता है यार बहुत सारी चीजें आ तो फिर वह कहां का इनोवा कामयाबी खाली है क्या नौकरी पा लिया सरकारी तो वह खाली कामयाबी तो नहीं कहलाती ना तो सोच कि नहीं सीखा अभी आप पर किस तरीके के इंसान किस तरीके के जीवन जी रहे हैं आप अब वह सारे वोट दें नौकरी तो इंसान इसलिए करता है ताकि उसको एक सोर्स ऑफ इनकम मिले ताकि उसे भूख जीवन निर्वाह कर सकें और अगर चाहे तो एक बहुत अच्छी है लेसन वाली लाइट भी जी सकता है वह पूरा डिपेंड करता है कि भाई वह क्या सूचना है कैसे रहता है क्या करता है उन सब पर भी डिपेंड करता है कि उसका उसको हम कामयाब माने या ना माने बाकी तो इंसान की अपनी डेफिनेशन होती है भाई यह वह अपने आप को खुद तो सोच सकता है क्या कि मुझे सरकारी नौकरी मिल जाए तो यह मेरे लिए बहुत गौरव की बात होगी अचीवमेंट होगा हां ऐसा आप सोच सकते हैं कोई दिक्कत वाली बात नहीं है अगर यही आपका लक्ष्य उद्देश्य तो यह सुबह 9:00 के 1:00 बजे में जाकर 2 या किसी और एग्जाम पर दो पायलट यानी में जाना चाहता है या हम इसमें से कोई दिक्कत है कोई दिक्कत नहीं है ओके बाय
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क्या टिकैट इतने बड़े नेता बन गए हैं कि वह मोदी सरकार को उखाड़ने की बात करने लगे हैं?Kya Tikait Itane Bade Neta Ban Gae Hain Ki Vah Modee Sarakaar Ko Ukhaadane Kee Baat Karane Lage Hain
Umesh Upaadyay Bolkar App
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Life Coach | Motivational Speaker
2:58
देखी कोई बड़ा तब हो जाता है या समझने लगता है जब उसको तवज्जो मिलने लगता है अब है इन्होंने राकेश के खेत में है मोर्चा तो उठाया किसान धान आंदोलन तो उठाया अब इनकी मंशा क्या है क्या चाहते हैं क्या नहीं चाहते किस तरीके से इनकी पार्टी देख रही है हीरो का मतलब पार्टी का मतलब पॉलिटिकल पार्टी नहीं भाई आप किस तरीके से यह लोग देख रहे हैं क्या भाई हम किस तरीके से किसान आंदोलन को देखते हैं हम क्या तब्दीली चाहते हैं वगैरा-वगैरा तो इस चक्कर में अब जब कोई इंसान होता है प्रतिदिन वहां लगा रहता है तो मीडिया का भी जमावड़ा वहां पर होता है मीडिया भी देखता है कि मैं क्या हो रहा है रिसीव थे रिपोर्ट करता है कोई ऐसे रिपोर्ट करता है कोई वैसे रिपोर्ट करता है कोई इससे नजरिए से चीजों को प्रस्तुत करता है भारत की छवि खराब करने के लिए तो कोई किसानों की छवि खराब करने के लिए तो कोई कुछ कोई कुछ और है कोई ऐसे प्रस्तुत करता है कि हां भैया जी देहाती भजन सही है आपने देखा होगा बहुत सारे हाथ के आफ पॉलीटिकल पार्टी के नेता वहां पर जाकर टिकट को मिले वगैरा-वगैरा और इस अंदाज में मिले जैसे कि भाई के तो बहुत बड़ा आदमी है मतलब बोलिए झुके हुए लगे थोड़े दवे से लगे जब मैं आपके दिल की बात करता हूं तो सामने वाला इंसान है अपने आपको उसी तरीके से भी देखने लगता है कि हां भाई उसने एक-एक ऊर्जा का संचार हो जाता है उसको लगने लगता है कि हां भाई मैंने तो बहुत बड़ा काम किया है यह किया वह किया है यह सारी बातें आती हैं होती हैं स्वाभाविक है तो उसको यहां तक पहुंचाने वाला आया है था समझने वालों वाले आया बनने के लिए हमने ही तो और देखा जाए तो हम सभी तो जिम्मेदार हैं अगर हम इतना तवज्जो नहीं देते तो ऐसा होता नहीं और देखें बार क्या होता है वही तवज्जो देने की बात भी नहीं होती होता यह है कि मुद्दा ऐसा है कि वह सरकार उनको और सुनने के लिए तैयार है सरकार उनको सुन रही थी तो जैसे 90 साल बाद सरकार इनवाइट करेगी बातचीत होगी तुझे बातचीत होती है एक बार होती है दो बार कई राउंड आफ डिस्कशन हो गए थे वगैरह वगैरह हो रहा है कभी भी बोलो धरना पर बैठे हुए हैं डेफिनेटली अपना अपना कार्य पर जो भी कह लो इस लाइमलाइट और इंसानों से सारी चीजों के कारण ऊपर उठने की लगता है तो आप मुझे नहीं पता वह अपने आप को कितना बड़ा नेता समझते हैं लेकिन हम सब को तो दिख ही रहा है ना कि भाई वह एक चीज का आंदोलन का संचालन कर रहे हैं तो जैसे निकले उनका का तो बड़ा हो नहीं लगा है था यह बात गलत है और ऐसा नहीं करना चाहिए कि उनमें है मां जय और वह सारी बातें करें जो कि किसानों के हित में ना हो देश के हित में ना हो वगैरा-वगैरा यह सारी बातें सही नहीं होगी
Dekhee koee bada tab ho jaata hai ya samajhane lagata hai jab usako tavajjo milane lagata hai ab hai inhonne raakesh ke khet mein hai morcha to uthaaya kisaan dhaan aandolan to uthaaya ab inakee mansha kya hai kya chaahate hain kya nahin chaahate kis tareeke se inakee paartee dekh rahee hai heero ka matalab paartee ka matalab politikal paartee nahin bhaee aap kis tareeke se yah log dekh rahe hain kya bhaee ham kis tareeke se kisaan aandolan ko dekhate hain ham kya tabdeelee chaahate hain vagaira-vagaira to is chakkar mein ab jab koee insaan hota hai pratidin vahaan laga rahata hai to meediya ka bhee jamaavada vahaan par hota hai meediya bhee dekhata hai ki main kya ho raha hai riseev the riport karata hai koee aise riport karata hai koee vaise riport karata hai koee isase najarie se cheejon ko prastut karata hai bhaarat kee chhavi kharaab karane ke lie to koee kisaanon kee chhavi kharaab karane ke lie to koee kuchh koee kuchh aur hai koee aise prastut karata hai ki haan bhaiya jee dehaatee bhajan sahee hai aapane dekha hoga bahut saare haath ke aaph poleetikal paartee ke neta vahaan par jaakar tikat ko mile vagaira-vagaira aur is andaaj mein mile jaise ki bhaee ke to bahut bada aadamee hai matalab bolie jhuke hue lage thode dave se lage jab main aapake dil kee baat karata hoon to saamane vaala insaan hai apane aapako usee tareeke se bhee dekhane lagata hai ki haan bhaee usane ek-ek oorja ka sanchaar ho jaata hai usako lagane lagata hai ki haan bhaee mainne to bahut bada kaam kiya hai yah kiya vah kiya hai yah saaree baaten aatee hain hotee hain svaabhaavik hai to usako yahaan tak pahunchaane vaala aaya hai tha samajhane vaalon vaale aaya banane ke lie hamane hee to aur dekha jae to ham sabhee to jimmedaar hain agar ham itana tavajjo nahin dete to aisa hota nahin aur dekhen baar kya hota hai vahee tavajjo dene kee baat bhee nahin hotee hota yah hai ki mudda aisa hai ki vah sarakaar unako aur sunane ke lie taiyaar hai sarakaar unako sun rahee thee to jaise 90 saal baad sarakaar inavait karegee baatacheet hogee tujhe baatacheet hotee hai ek baar hotee hai do baar kaee raund aaph diskashan ho gae the vagairah vagairah ho raha hai kabhee bhee bolo dharana par baithe hue hain dephinetalee apana apana kaary par jo bhee kah lo is laimalait aur insaanon se saaree cheejon ke kaaran oopar uthane kee lagata hai to aap mujhe nahin pata vah apane aap ko kitana bada neta samajhate hain lekin ham sab ko to dikh hee raha hai na ki bhaee vah ek cheej ka aandolan ka sanchaalan kar rahe hain to jaise nikale unaka ka to bada ho nahin laga hai tha yah baat galat hai aur aisa nahin karana chaahie ki unamen hai maan jay aur vah saaree baaten karen jo ki kisaanon ke hit mein na ho desh ke hit mein na ho vagaira-vagaira yah saaree baaten sahee nahin hogee

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क्या मोदी जी ट्रंप के जैसे जो वह जो वाइडन दोस्त बना पाएंगे?kya modee jee tramp ke jaise jo vah jo vaidan dost bana paenge
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Life Coach | Motivational Speaker
3:11
जब मैं बहुत ही अच्छा सवाल किया है बल्कि यह सवाल बहुत सारे लोगों के दिमाग में होगा अभी कि भाई क्या ऐसा हो सकता है जैसा मोदी और ट्रंप की दोस्ती थी हमने देखा था हावडी मोदी वगैरह जैसे सामने ऑर्गेनाइज करवाया था और जैसी चीजें वहां पर हुई थी यूएस में जब मोदी वहां पर गए थे तो क्या वैसे दुबारा से संभव है वैसे रिलेशनशिप असंभव है पहुंचते ही डिपेंड करता है इंडिविजुअल पहचानती तरीके के इंसान हैं दीदी ने इस तरीके के इंसान है इसी तरह यू नो अलग-अलग राष्ट्रपति अलग अलग तरीके के इंसान रहे हैं तो यह डिपेंड करता है कि भाई रिक्वायरमेंट क्या है अभी हालात क्या है दोनों देशों के देशों के बीच में संबंध कैसे चल रहे हैं और कूटनीति क्या कहती है वहां पर क्या चीज का जरूरत है इन फॉरेन पॉलिसी के हिसाब से क्या है अभी यूएस किस तरीके से भारत को देख रहा है तो जब यूएस किस तरीके से भारत को देख रहा है तो यह खाली यह नहीं होता कि भाई उनका मंत्रालय क्या देख रहा है कौन का मंत्र इनपुट क्या देता है लीडर को इस द प्रेसिडेंट को और प्रेसिडेंट क्या डिस्टर्ब चाहते हैं क्या देखते हैं क्या सोचते हैं क्या समझते हैं तो हर एक इंसान का अपना अपना नजरिया है चाहे वह एक पॉलिटिशन हो या एक अप रेसिपीडिया प्राइम मिनिस्टर हो उनका अपना no-11 और होता है उनका अपना एक का तरीका होता है उनकी अपनी आप रोज होती है और इस समय के साथ ऊपर नीचे भी होती है तो बहुत सारी चीजें होती हैं जिस हिसाब से एक कंट्री आई का टीका प्रेसिडेंट प्राइम मिनिस्टर दूसरे को देखता है जरूरत के हिसाब से देखता है चाहे वह इकनोमिक हेलो हेलो भाई आज कल जब मैं गोविंद की बात करते हैं तो इन्हें इंडिया को देखा जा रहा था देख रहे हैं अभी चाहे वह पूरा विश्व हो जाए डब्ल्यूएचओ गया जो भी संस्थाएं हैं वह भी देख रहे हैं तो बहुत सारे खाते हैं जिनके जवाब जिनको लेकर आए थे या आकलन बनाए जाते हैं तो यह कहना भी सही नहीं होगा कि हां एकदम हो जाएगा एकदम नहीं होगा वह आने वाले समय में पता चलेगा कि कि ना आप ना मैं काम किसी हम जो भी दिन को नहीं जानते हम मोदी को तो जानते हैं लेकिन उसको नहीं जानते हो रही तो आने वाले समय में हमें कुछ चीजें पता लगेगी और उनके उनके पॉलिसी सुनके रूस उनके गाए ने उसे पता चलेगा पर जहां पर आप देखेंगे कि यूएसए वीजा को लेकर विशाल को करने को लेकर बहुत दिन हो रही थी कैसा है बहुत कम रहता है और उस कारण से इंडिया और उसके बीच में थोड़ा रहता है कभी-कभी तो यह सारे कुछ अगर कुछ दरवाजे खुलते हैं या नहीं होते या बंद हो जाते हैं तो उससे भी हमें पता चलता है कि वह चीजें कैसी होंगी हालांकि कोविड-19 है इसलिए एग्जैक्ट ली इस टॉपिक पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उतना सही नहीं होगा लेकिन आने वाले समय में जाकर निकली तो पता चलेगा हां क्या इन दोनों देशों के बीच में वैसे ही स्तंभित रह गए जी देखे एक्जेक्टली वैसे कभी नहीं रहता ऊपर इसे जरूर होगा तो हमें पता लग जाएगा कि या फिर किस दिशा में है यह दोस्ती यह दोनों आदेशों को ले जा रही है या रिलेशनशिप इन दोनों देशों को और किस तरीके से आगे बढ़ा रही है
Jab main bahut hee achchha savaal kiya hai balki yah savaal bahut saare logon ke dimaag mein hoga abhee ki bhaee kya aisa ho sakata hai jaisa modee aur tramp kee dostee thee hamane dekha tha haavadee modee vagairah jaise saamane orgenaij karavaaya tha aur jaisee cheejen vahaan par huee thee yooes mein jab modee vahaan par gae the to kya vaise dubaara se sambhav hai vaise rileshanaship asambhav hai pahunchate hee dipend karata hai indivijual pahachaanatee tareeke ke insaan hain deedee ne is tareeke ke insaan hai isee tarah yoo no alag-alag raashtrapati alag alag tareeke ke insaan rahe hain to yah dipend karata hai ki bhaee rikvaayarament kya hai abhee haalaat kya hai donon deshon ke deshon ke beech mein sambandh kaise chal rahe hain aur kootaneeti kya kahatee hai vahaan par kya cheej ka jaroorat hai in phoren polisee ke hisaab se kya hai abhee yooes kis tareeke se bhaarat ko dekh raha hai to jab yooes kis tareeke se bhaarat ko dekh raha hai to yah khaalee yah nahin hota ki bhaee unaka mantraalay kya dekh raha hai kaun ka mantr inaput kya deta hai leedar ko is da president ko aur president kya distarb chaahate hain kya dekhate hain kya sochate hain kya samajhate hain to har ek insaan ka apana apana najariya hai chaahe vah ek politishan ho ya ek ap resipeediya praim ministar ho unaka apana no-11 aur hota hai unaka apana ek ka tareeka hota hai unakee apanee aap roj hotee hai aur is samay ke saath oopar neeche bhee hotee hai to bahut saaree cheejen hotee hain jis hisaab se ek kantree aaee ka teeka president praim ministar doosare ko dekhata hai jaroorat ke hisaab se dekhata hai chaahe vah ikanomik helo helo bhaee aaj kal jab main govind kee baat karate hain to inhen indiya ko dekha ja raha tha dekh rahe hain abhee chaahe vah poora vishv ho jae dablyooecho gaya jo bhee sansthaen hain vah bhee dekh rahe hain to bahut saare khaate hain jinake javaab jinako lekar aae the ya aakalan banae jaate hain to yah kahana bhee sahee nahin hoga ki haan ekadam ho jaega ekadam nahin hoga vah aane vaale samay mein pata chalega ki ki na aap na main kaam kisee ham jo bhee din ko nahin jaanate ham modee ko to jaanate hain lekin usako nahin jaanate ho rahee to aane vaale samay mein hamen kuchh cheejen pata lagegee aur unake unake polisee sunake roos unake gae ne use pata chalega par jahaan par aap dekhenge ki yooese veeja ko lekar vishaal ko karane ko lekar bahut din ho rahee thee kaisa hai bahut kam rahata hai aur us kaaran se indiya aur usake beech mein thoda rahata hai kabhee-kabhee to yah saare kuchh agar kuchh daravaaje khulate hain ya nahin hote ya band ho jaate hain to usase bhee hamen pata chalata hai ki vah cheejen kaisee hongee haalaanki kovid-19 hai isalie egjaikt lee is topik par kisee nishkarsh par pahunchana utana sahee nahin hoga lekin aane vaale samay mein jaakar nikalee to pata chalega haan kya in donon deshon ke beech mein vaise hee stambhit rah gae jee dekhe ekjektalee vaise kabhee nahin rahata oopar ise jaroor hoga to hamen pata lag jaega ki ya phir kis disha mein hai yah dostee yah donon aadeshon ko le ja rahee hai ya rileshanaship in donon deshon ko aur kis tareeke se aage badha rahee hai

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क्या आंदोलनरत किसानों के साथ बाकी किसान सहयोग नहीं कर रहे हैं?Kya Andolan Kishano Ke Sath Baki Kishan Sahayog Nahi Kar Rahe Hai
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Life Coach | Motivational Speaker
2:30
जी देखे जरा पर आंदोलन करने वाले किसानों को देखेंगे तो प्राय यह सारे हमारे पंजाब के किसान हैं अच्छा अब मुद्दा यह है कि क्या यह असली में सारे ही हंड्रेड परसेंट इंसान है या यहां पर इनको आए ना कुछ भड़काया गया है बोला गया है और इसमें से काफी सारी जनता वह है जो किसान नहीं है किसी निजी स्वार्थ के कारण आ रही हैं अभी आप देखेंगे कि और भी बहुत सारे खुलासे हो रहे हैं बहुत सारे अलग-अलग एंगल जा रहे हैं जो किसानों को जनवरी तक आने वाली बात आ रही है उनको प्रभु करने वाली बात आई उकसाने वाली बात आ रही है तो जी यह बात सही नहीं है और यह सारे किसान नहीं है ओके अब यह जो किसान है ऐसा तो है नहीं कि पूरे भारतवर्ष के जितने भी किसान हैं उनके रिप्रेजेंटेटिव यहां पर हैं ऐसा भी नहीं है एक ग्रुप है किसानों का जो इनको रिप्रेजेंट कर रहा है जैसे बीट वगैरा तो आप उस हिसाब से यहां नहीं माना जा सकता सभी लोग इनके साथ हैं लेकिन यह भी नहीं बोला जा सकता कि सभी लोग इनके आगे हो सकता है किसी स्टेट में कहीं पर कोई इनके साथ भी होगा एनॉयर देखा जाए तो यह पंजाब का क्राउड है और पंजाब के किसान भाई इस आंदोलन को लेकर यहां पर आए हैं उनको भरता है क्या या जो भी कहानी है क्या है पता नहीं सरकार ने यह बोल भी दिया है कि भाई ऐसा है अगले 18 महीने तक हम इसको लागू नहीं करते हैं संगीत रखते हैं तो वही बात तो खत्म हो गई लेकिन यह भी उनको स्वीकार नहीं है भाई ऐसा क्यों स्वीकार नहीं भाई आपको कोई ना कोई स्टैंड या कोई ना कोई वह तो लेना पड़ेगा ना बात ऐसे ही बैठे रहोगे आप बोलोगे उस को खारिज कर दो भाई हर पार्टी जब वो पावर में थी कांग्रेस पीछे पावर में थी चाहे वह आपको कांग्रेस को जो भी हो यह सारी पार्टियां चाहती थी कि भाई ऐसे कानून बने ताकि किसान भाइयों को फायदा होगा जब बीजेपी ने बना दिया तो सब लोग गांव पोस्ट करें चाहे वह कांग्रेस पहुंचाया पूछे जो भी हो नहीं तो बात सही नहीं है के साथ नहीं है यह अच्छा से निकली बहुत छोटे आई नो नाम छोटा ग्रुप है और पंजाब से बिलॉन्ग करता है
Jee dekhe jara par aandolan karane vaale kisaanon ko dekhenge to praay yah saare hamaare panjaab ke kisaan hain achchha ab mudda yah hai ki kya yah asalee mein saare hee handred parasent insaan hai ya yahaan par inako aae na kuchh bhadakaaya gaya hai bola gaya hai aur isamen se kaaphee saaree janata vah hai jo kisaan nahin hai kisee nijee svaarth ke kaaran aa rahee hain abhee aap dekhenge ki aur bhee bahut saare khulaase ho rahe hain bahut saare alag-alag engal ja rahe hain jo kisaanon ko janavaree tak aane vaalee baat aa rahee hai unako prabhu karane vaalee baat aaee ukasaane vaalee baat aa rahee hai to jee yah baat sahee nahin hai aur yah saare kisaan nahin hai oke ab yah jo kisaan hai aisa to hai nahin ki poore bhaaratavarsh ke jitane bhee kisaan hain unake riprejentetiv yahaan par hain aisa bhee nahin hai ek grup hai kisaanon ka jo inako riprejent kar raha hai jaise beet vagaira to aap us hisaab se yahaan nahin maana ja sakata sabhee log inake saath hain lekin yah bhee nahin bola ja sakata ki sabhee log inake aage ho sakata hai kisee stet mein kaheen par koee inake saath bhee hoga enoyar dekha jae to yah panjaab ka kraud hai aur panjaab ke kisaan bhaee is aandolan ko lekar yahaan par aae hain unako bharata hai kya ya jo bhee kahaanee hai kya hai pata nahin sarakaar ne yah bol bhee diya hai ki bhaee aisa hai agale 18 maheene tak ham isako laagoo nahin karate hain sangeet rakhate hain to vahee baat to khatm ho gaee lekin yah bhee unako sveekaar nahin hai bhaee aisa kyon sveekaar nahin bhaee aapako koee na koee staind ya koee na koee vah to lena padega na baat aise hee baithe rahoge aap bologe us ko khaarij kar do bhaee har paartee jab vo paavar mein thee kaangres peechhe paavar mein thee chaahe vah aapako kaangres ko jo bhee ho yah saaree paartiyaan chaahatee thee ki bhaee aise kaanoon bane taaki kisaan bhaiyon ko phaayada hoga jab beejepee ne bana diya to sab log gaanv post karen chaahe vah kaangres pahunchaaya poochhe jo bhee ho nahin to baat sahee nahin hai ke saath nahin hai yah achchha se nikalee bahut chhote aaee no naam chhota grup hai aur panjaab se bilong karata hai

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या हमारे मोबाइल नंबर का हमारे जीवन पर कुछ प्रभाव पड़ता है?Kya Humare Mobile Number Ka Humare Jevan Par Kuch Prabhav Padta Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
3:04
जी नहीं आपके मोबाइल का के जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता हां अगर अंक ज्योतिष सागर हमा न्यूमैरोलॉजिस्ट या उनके हिसाब से देखें तो वही कमेंट करेंगे बोलेंगे नहीं नहीं आप ना यह वाला नंबर दे दो ही अच्छा रहता है यह बहुत प्रभावशाली गया था वगैरा-वगैरा एक छोटी सी बात है और इसको नजरअंदाज किया जाता है कोई फर्क नहीं पड़ता जीवन पर जीवन क्या है भाई हम एक फिजिकल फॉर्म में हैं और क्योंकि हम फिजिकल फॉर्म में हैं देखते हैं बात कर सकते हैं एक रंग रूप है तेरा भाई का अस्तित्व है एक फिजिकलिटी है तो हम अंतर स्पष्ट कर सकते हैं कि यह यह है वह वह है राइट इंसान क्या है भाई इंसान कलेक्शन ऑफ फॉर थे 1 तरीके से आप देखे तो इंसान एक मेमोरी है इंसान इमोशन से भागना है इंसान एक एनर्जी सिस्टम है कि सारे इंसान नहीं तो है ना तो इंसान को इस तरीके से देखे थे कि यह पूरा इंसान ही है ओके एनर्जी फॉर में रहता है हम सबको खाली ही पता नहीं फिजिकल फॉर्म में है इसका शरीर देखता है लेकिन नहीं मेंटल फॉर्म भी तो है ना जहां से बहुत सोचता है काल्पनिक चीज है यह या किसी चीज के बारे में प्लानिंग जो हो गया उसके बारे में जो हो रहा है जो होने वाले उसके बारे में उसके साथ भावनाएं जुड़ी होती है साथ में एक एनर्जी सिस्टम भी होता है नोजी बॉडी भी होती है बहुत जटिल मामला भी होता है और इंद्रियों से वह दुनिया को बाहर की दुनिया को देखता है बहुत चलाते हैं उनको तो बताती हैं कि बाहर क्या चल रहा है उस हिसाब से हम याद करते हैं याद करते हैं बगैरा बगैरा तो प्रभाव तो इन सारे इनपुट का पड़ता है वातावरण का पता है जिसके संगत में हम रहते हैं उसका पड़ता है जो हम देखते हैं पढ़ते हैं सुनते हैं जो हमारी दिनचर्या होती है जो हमारे दिमाग में चलता रहता है जो हम अपने हाथ से बातें करते हैं प्रभाव तो उठना पड़ता है हम हम अगर गलत संगत में रहते हैं गलत इनपुट तोड़ के बीच में रहते हैं प्रभाव वहां से पड़ता है धीरे-धीरे अगर हमारी आदत है इस तरीके की होती जा रही है तो वह हमारे जीवन को प्रभावित करती है जाना इस तरह होता है हम चले कहीं और जाते हैं और तभी तो कहते हैं लड़का भटक गया हाथ से निकल गया तो ठीक मोबाइल नंबर वगैरह छोड़िए इस को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है तनिक कभी नॉट इवन वॉर्स 0.1% चिंता करने की जरूरत है भाई अगर सूचना ही है तो अपनी जीवन पर ध्यान दीजिए अपने लाइफ पर ध्यान दीजिए अपनी इनपुट सूट पर ध्यान दीजिए अपने घर पर ध्यान दीजिए अपने कर्तव्य पर अपने धर्म पर ध्यान दीजिए जो अभी करना है उस पर ध्यान दीजिए हर अवस्था में फेसबुक लाइफ में उस समय जो करना है उस पर उसको डीजे बजे करने की जरूरत है डायरेक्ट

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
भारत में आध्यात्मिकता का भविष्य क्या है?Bharat Mein Adhyatmikta Ka Bhavishy Kya Hai
Umesh Upaadyay Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए Umesh जी का जवाब
Life Coach | Motivational Speaker
4:12
जी देखिए हम अपने भविष्य को कैसे देखते हैं हम अपने भविष्य को वर्तमान से जोड़कर देखते हैं तो ग्राहक वर्तमान में आज देखते हैं कि क्या हालात हैं वही चलके तो भविष्य बनेगा अब तो उसके देखिए आप आध्यात्मिकता की बात करते हैं अरे वह छोड़िए लोगों को तो भेजते नहीं पता है लोग जानते ही नहीं है पता ही नहीं है धर्म क्या है कर्तव्य क्या है सही क्या है गलत क्या है क्या करना चाहिए जीवन कैसे जीना चाहिए किसी ने आर्ट ऑफ लिविंग खोल रखा है किसी ने कुछ कर रखा है कि से कोई कुछ कर आ रहा है लेकिन वह बहुत सुपर फेशियल लेवल पर है सही में अभिराम आध्यात्म की बात करें और तू तो बहुत कम जगह पर कहीं-कहीं पर थोड़ा बहुत देखने को मिलता है बाकी सारी चीजें तो काफी हद तक डाइल्यूट हो गई है अगर हम हिंदुओं की बात करें तो भैया ग्रंथ तो दूर की बात है वेद उपनिषद गीता यह सब तो दूर की बात है भी नहीं जानते कि हमारी अक्ल चर्च स्थिति क्या है हमें कैसे रहना चाहिए क्या सत्कर्म होता है क्या नहीं करना चाहिए यह ऐसा करते हैं तो क्यों करते हैं अब आजकल के बच्चे उसको दकियानूसी समझते हैं रिचुअल समझते हैं अगर कुछ भी थे तो उनके पीछे साइंसिलॉजिक हां वह बात और है कि आपको आज बताने वाला नहीं है क्या आपको पता नहीं चल पाता है इसलिए आप हावी हो जाते हैं कि यह सब बकवास है लेकिन एक्चुअली में हर चीज के पीछे रीज़न था साइंस था लॉजिक था लेकिन क्योंकि यह बीच में बोलिए टूट गई है टूट रही है लोगों को पता नहीं है लोग बता नहीं पा रहे ट्रांसफर ऑफ नॉलेज नहीं हो पा रहा है लोग उसको इंबाइब नहीं कर पा रहे हैं लोग इनफेक्ट मेरे दोस्त जिम्मेदार कौन है पेरेंट्स होते हैं समाज होता है सुपरहिट ही होता है देश होता है सभी लोग जिम्मेदार होते हैं तुझे अगर उस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा तो भव ऐसे उतना अच्छा नहीं दिखेगा आप देखेंगे कि भारत की कितनी सारी चीजें वेस्टर्न कंट्रीज में अडॉप्ट हो गई है वह देख रहे हैं वह कर रहे हैं और आध्यात्म छोड़िए वह तो है ही है और उसके अलावा भी वही वहां पर एक पता नहीं कौन सी कौन सी है मुझे याद भी नहीं है वहां पर एक क्या-क्या से है जहां पर वह हल्दी वाला दूध देते हैं और वह बहुत फेमस है वहां पर अच्छा खासा उत्तर प्राइस है पता नहीं कितने डॉलर है तू सोचे हमारे यहां हल्दी वाला दूध तू तो भाई जन्म जन्मांतर से बोला जाता है पीते हैं आज भी पीते हैं लेकिन आज लोग कुछ कुछ लोग तब नहीं थोड़ा उसको वैसे मानते हैं कि क्या हल्दी दूध वगैरा लेकिन अभी देश में देखिए आप हल्दी दूध एक फैशन हो गया तुझे ध्यान देने की जरूरत है इस पर अपने बच्चों को बताने की जरूरत है आपने पर्व को अपने त्यौहार को अपने कल्चर को पकड़कर जान जाने की जरूरत है जमीन से जुड़े रहने की जरूरत है समझना चाहिए जाना चाहिए कि वे आफ लिविंग क्या है किस तरीके से रहना चाहिए उसके लिए हमारे पास था लिक्विड सामग्री है जिसको हम देख सकते हैं पढ़ सकते हैं सुन सकते हैं तो बहुत सारे सब माध्यम से है जहां से हम जान सकते हैं अगर हमें पता नहीं है तो और रुझान हमारा उस तरफ ही होना चाहिए ना की मशीन लिस्ट क्या बाकी सारी चीजों किधर है प्लीज यार और अपन और बाकी सारी चीजों की तरह की भी देखिए यह सब टेंपरेरी है यह शरीर वगैरह सब कुछ टेंपरेरी है अगर हमने ठीक तरीके से जीवन यापन नहीं किया है तो भी आप यह जो इससे योनि में हमें जन्म लिया है मानव योनि में मनुष्य योनि में यह बढ़ा दो लाभ होता है यह भी अच्छा हो जाएगा तो इसका सदुपयोग करना चाहिए भाई आप लाइव स्कोर जी लिए जी लीजिए जैसा आपको जीना चाहते हैं जैसा करना चाहते हैं जो करना है जो उचे कांस्य है जो हासिल करना चल सब कुछ करिए लेकिन आध्यात्म को पकड़ रखे अपने धर्म को पकड़ के रखे अपने कल्चर को संस्कृति को जो सही है उसको पकड़ कर रखिए स्तर में जो है उसको पकड़ कर रखी है आपने घर परिवार के सदस्य को भी बताइए और आगे बढ़े यही करना
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