#जीवन शैली

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
3:14
नमस्कार प्रश्न यह है कि इंसान का मन अपने वश में क्यों नहीं रहता या इंसान ही अपना मन अपने वश में रखना नहीं चाहता एक शोध के अनुसार पता चला है कि 1 दिन में एक व्यक्ति के मन में 90,000 विचार आते हैं उत्पन्न होते हैं और अगर 90000 विचारों पर अगर काबू पाने जाते बहुत मुश्किल हो सकता है ऐसे में हमें अपने विचारों के साथ उलझना नहीं चाहिए दरअसल परेशानी का कारण यही होता है हमारे जीवन में कि हम अपने विचारों में ही उलझे रहते हैं अगर हमें किसी प्रकार की कोई समस्या है तो हम उस समस्या में उलझे रहेंगे बार-बार हमारे मन में इस चीज का डर आता रहेगा कि अब आगे क्या होगा आगे हमारा जीवन कैसे ओपन होगा दरअसल जो भी परेशानी हमारे मन में आती है उसे आने दीजिए उसका स्वागत कीजिए लेकिन उसके साथ लिप्त मत रही है उसके साथ परेशान मत होइए उसके बाद आपको यह ध्यान लगाना कि आप आखिर कर क्या रहे हैं और करना क्या चाहते हैं वास्ते मैं आपको एक सवाल का जवाब आपको खुद मिल जाएगा क्योंकि आप जानते हैं कि आपको परेशान नहीं होना है आप चाहते भी है कोई व्यक्ति ही नहीं चाहता कि परेशान रहना नहीं चाहता हर व्यक्ति अपने आप में कहीं ना कहीं अच्छा जीवन जीना चाहता है आम आदमी खुश रहना चाहता है तो उस चीज पर फोकस करें जो आप चाहते हैं आप जब अपनी चाहत के ऊपर फोकस करेंगे तो जो भी अनचाही चीजें होती हैं वह खुद-ब-खुद दोस्ती चली जाती है आप इसे कैसे हैं उदाहरण के तौर पर भी समझ सकते हैं मान लीजिए आपके घर पर एक टेबल है उस टेबल पर बहुत सारी चीजें हैं आप अब आपको कुछ चीजें अच्छी भी लगती है उस टेबल पर जो पढ़ी हुई और कुछ चीजें बेकार लगती है लेकिन जब आप उन चीजों पर फोकस करेंगे जो चीजें आपको अच्छी लगती हैं तो वह आपको काफी अच्छा फील करेंगी काफी अच्छा महसूस कर आएंगे और जिन चीजों पर आपका फोकस होगा वही चीजें आपके पर प्रभाव डालेगी वह चीजें आपके मन में विचार लाएंगे अगर आपको किसी गलत चीज को टेंशन दे रहे हैं तो वह आपको हमेशा ही बुरा फील कर आएगी बुरा महसूस कर आएगी क्योंकि आपका ध्यान उस चीज पर हर एक चीज का अपना एक प्रभाव होता है चाहे वह सजीव है या निर्जीव वस्तु हो ठीक है तो आपको करना क्या है कि आप उस चीज पर ध्यान लगाएं जो चीज आप चाहते हैं और जो चीजें आपके आसपास चाहे वह अच्छी हो या बुरी चीजें अब जब कुछ भी हो आपको जब उन पर ध्यान नहीं जाएगा तो आपके पर उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा उनका फोन आया ना होना आपके लिए कोई मायने नहीं रखेगा इस जीवन का एक सरल सा जीवन का एक नियम है जिसे हम अनदेखा करते हैं समझ नहीं पाते और जिसे ना समझने के कारण ही हम बहुत सी समस्याओं में फंस जाते हैं और हमारे जीवन बहुत ही ज्यादा कठिन हो जाता है ऐसा लगता है वैसे जीवन कठिन नहीं है बहुत सरल है बहुत सुखद है आशा करता हूं यह पोस्ट आप सभी श्रोताओं के लिए बहुत ही लाभकारी होगा बहुत ही ज्यादा अच्छा आपके जीवन में होगा यह प्रश्न का प्रभाव और आपको अगर कोई प्रश्न है तो आप कमेंट के माध्यम से हम से कर सकते हैं और इस पोस्ट को अगर आपको अच्छा लगता है यह सुनना तो आप इसे लाइक और हमसे जुड़ने के लिए हमारे प्रोफाइल योगी प्रशांत नाथ करके जो है उसे फॉलो कर सकते हैं
Namaskaar prashn yah hai ki insaan ka man apane vash mein kyon nahin rahata ya insaan hee apana man apane vash mein rakhana nahin chaahata ek shodh ke anusaar pata chala hai ki 1 din mein ek vyakti ke man mein 90,000 vichaar aate hain utpann hote hain aur agar 90000 vichaaron par agar kaaboo paane jaate bahut mushkil ho sakata hai aise mein hamen apane vichaaron ke saath ulajhana nahin chaahie darasal pareshaanee ka kaaran yahee hota hai hamaare jeevan mein ki ham apane vichaaron mein hee ulajhe rahate hain agar hamen kisee prakaar kee koee samasya hai to ham us samasya mein ulajhe rahenge baar-baar hamaare man mein is cheej ka dar aata rahega ki ab aage kya hoga aage hamaara jeevan kaise opan hoga darasal jo bhee pareshaanee hamaare man mein aatee hai use aane deejie usaka svaagat keejie lekin usake saath lipt mat rahee hai usake saath pareshaan mat hoie usake baad aapako yah dhyaan lagaana ki aap aakhir kar kya rahe hain aur karana kya chaahate hain vaaste main aapako ek savaal ka javaab aapako khud mil jaega kyonki aap jaanate hain ki aapako pareshaan nahin hona hai aap chaahate bhee hai koee vyakti hee nahin chaahata ki pareshaan rahana nahin chaahata har vyakti apane aap mein kaheen na kaheen achchha jeevan jeena chaahata hai aam aadamee khush rahana chaahata hai to us cheej par phokas karen jo aap chaahate hain aap jab apanee chaahat ke oopar phokas karenge to jo bhee anachaahee cheejen hotee hain vah khud-ba-khud dostee chalee jaatee hai aap ise kaise hain udaaharan ke taur par bhee samajh sakate hain maan leejie aapake ghar par ek tebal hai us tebal par bahut saaree cheejen hain aap ab aapako kuchh cheejen achchhee bhee lagatee hai us tebal par jo padhee huee aur kuchh cheejen bekaar lagatee hai lekin jab aap un cheejon par phokas karenge jo cheejen aapako achchhee lagatee hain to vah aapako kaaphee achchha pheel karengee kaaphee achchha mahasoos kar aaenge aur jin cheejon par aapaka phokas hoga vahee cheejen aapake par prabhaav daalegee vah cheejen aapake man mein vichaar laenge agar aapako kisee galat cheej ko tenshan de rahe hain to vah aapako hamesha hee bura pheel kar aaegee bura mahasoos kar aaegee kyonki aapaka dhyaan us cheej par har ek cheej ka apana ek prabhaav hota hai chaahe vah sajeev hai ya nirjeev vastu ho theek hai to aapako karana kya hai ki aap us cheej par dhyaan lagaen jo cheej aap chaahate hain aur jo cheejen aapake aasapaas chaahe vah achchhee ho ya buree cheejen ab jab kuchh bhee ho aapako jab un par dhyaan nahin jaega to aapake par unaka koee prabhaav nahin padega unaka phon aaya na hona aapake lie koee maayane nahin rakhega is jeevan ka ek saral sa jeevan ka ek niyam hai jise ham anadekha karate hain samajh nahin paate aur jise na samajhane ke kaaran hee ham bahut see samasyaon mein phans jaate hain aur hamaare jeevan bahut hee jyaada kathin ho jaata hai aisa lagata hai vaise jeevan kathin nahin hai bahut saral hai bahut sukhad hai aasha karata hoon yah post aap sabhee shrotaon ke lie bahut hee laabhakaaree hoga bahut hee jyaada achchha aapake jeevan mein hoga yah prashn ka prabhaav aur aapako agar koee prashn hai to aap kament ke maadhyam se ham se kar sakate hain aur is post ko agar aapako achchha lagata hai yah sunana to aap ise laik aur hamase judane ke lie hamaare prophail yogee prashaant naath karake jo hai use pholo kar sakate hain

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
भारतीय मान्यता के अनुसार हाथ मिलाना उचित है या नहीं?Bhartiya Manyata Ke Anusaar Haath Milana Uchit Hai Ya Nahi
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:33
नमस्कार प्रश्न किया है कि भारतीय मान्यता के अनुसार हाथ मिलाना उचित है या नहीं लेकिन भारतीय मान्यताओं में तो हाथ मिलाना है कहीं उल्लेख ने नहीं है क्योंकि हाथ मिलाना जैसा कि राज्य प्रवृत्ति में राशि पर भर्ती में कहा गया है कि कभी भी किसी को छूने देना है या छूने से हमारे अंदर की जो ऊर्जा होती है वह एक तरह से ट्रांसफर होती है यानी उस में परिवर्तित हो जाती है उस व्यक्ति के अंदर अगर आप किसी बुरे व्यक्ति का संगीत रखते हैं तो आप देखेंगे कि आपके अंदर भी कहीं ना कहीं बुराई जन्म लेने लगी कि पनपने लगेगी और संगति से जब इतना प्रभाव पड़ता है तो किसी को छूने से उसके साथ उठने बैठने से तो बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है तो इसलिए हमारे यहां पर हमारे भारतीय संस्कृति में हाथ जोड़ कर नमस्कार या अभिवादन करना ही उचित माना जाता है यही हमारी परंपरा है हम जब भी हमारे समक्ष कोई अतिथि आते या कोई भी हमारे मित्र होते तो हम उसका अभिवादन हाथ जोड़कर ही करते हैं यहां तक की पूजा पद्धति में भी अगर हम परमपिता परमेश्वर या भगवान की स्तुति या उनका अभिवादन करते हैं तो उनका ध्यान करते तो उस समय भी हमारी जो मुद्रा होती है वह हाथ जोड़कर उनको नमन करने की मुद्रा है सर्वोपरि होती है आशा करता हूं यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्पफुल और अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप कमेंट के माध्यम से हम तक जरूर रखें और अगर यह पोस्ट आपको पसंद आता है लाइक जरूर करें हमसे जुड़ने के लिए प्रोफाइल पेज को जरूर फॉलो करें
Namaskaar prashn kiya hai ki bhaarateey maanyata ke anusaar haath milaana uchit hai ya nahin lekin bhaarateey maanyataon mein to haath milaana hai kaheen ullekh ne nahin hai kyonki haath milaana jaisa ki raajy pravrtti mein raashi par bhartee mein kaha gaya hai ki kabhee bhee kisee ko chhoone dena hai ya chhoone se hamaare andar kee jo oorja hotee hai vah ek tarah se traansaphar hotee hai yaanee us mein parivartit ho jaatee hai us vyakti ke andar agar aap kisee bure vyakti ka sangeet rakhate hain to aap dekhenge ki aapake andar bhee kaheen na kaheen buraee janm lene lagee ki panapane lagegee aur sangati se jab itana prabhaav padata hai to kisee ko chhoone se usake saath uthane baithane se to bahut jyaada prabhaav pad sakata hai to isalie hamaare yahaan par hamaare bhaarateey sanskrti mein haath jod kar namaskaar ya abhivaadan karana hee uchit maana jaata hai yahee hamaaree parampara hai ham jab bhee hamaare samaksh koee atithi aate ya koee bhee hamaare mitr hote to ham usaka abhivaadan haath jodakar hee karate hain yahaan tak kee pooja paddhati mein bhee agar ham paramapita parameshvar ya bhagavaan kee stuti ya unaka abhivaadan karate hain to unaka dhyaan karate to us samay bhee hamaaree jo mudra hotee hai vah haath jodakar unako naman karane kee mudra hai sarvopari hotee hai aasha karata hoon yah post aapake lie kaaphee helpaphul aur agar aapake man mein koee prashn hai to aap kament ke maadhyam se ham tak jaroor rakhen aur agar yah post aapako pasand aata hai laik jaroor karen hamase judane ke lie prophail pej ko jaroor pholo karen

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
ब्राह्मण से पूजा-पाठ क्यों कराएं अन्य से क्यों नहीं?Brahman Se Pooja Paath Kyun Karaein Any Se Kyun Nahin
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:22
नमस्कार प्रश्न है ब्राह्मण से पूजा-पाठ क्यों कराएं अन्य से क्यों नहीं कि ब्राह्मण का अर्थ होता ब्रह्म को जानने वाला अगर कोई व्यक्ति किसी भी समाज से किसी भी धर्म से किसी भी प्रांत से क्यों ना ब्लॉक करें या संबंध रखें लेकिन अगर वह ब्रह्म को जानता भ्रम की सत्ता को जानता है भ्रम को समझता है तो ब्राह्मण रुपए में विराजमान और उस व्यक्ति के द्वारा आप किसी भी तरह के पूजा पाठ कर्म विधि करवा सकते हैं असल में क्या होता है कि जब हम किसी एक चीज को एक पूरे कह सकते हैं कि नियम अनुशासन के साथ उसे अपनाते हैं यहां पर मानसिकता का है मानसिक रूप से अगर आप किसी धर्म को अपनाते हैं या किसी भी आचरण को अपनाते हैं तो आप उसी के स्वरूप में ढल जाते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस धर्म से है किस जाति से हैं किस प्रांत से इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि अगर कोई ब्राह्मण है या कोई पंडित है और वह उसके अंदर उसके गुण ही नहीं वह हमेशा ही बुरे कर्म कर रहा है आचरण नहीं रखता अच्छे तो ऐसे में उस व्यक्ति की कोई स्थान नहीं है वह पद की योग्य नहीं है और उस व्यक्ति से कुछ भी शुभ कार्य कराना निरर्थक होगा लेकिन अगर कोई सात्विक रूप से सही नियम अनुशासन को फॉलो करता है पालन करता है उसे नियम पर चलता है उस अनुशासन को अपने जीवन में उतारता है और बहुत ही सादा जीवन व्यतीत करता है और उच्च विचार रखता है अपने अंदर अच्छे विचार रखता है तो वह व्यक्ति ब्रह्म के समान है क्योंकि वह भ्रम की सत्ता को जानता है उसके नियम को जानता है उसके अनुशासन को जानता है उसको उसका पालन करता है आप पूरी कठोरता के साथ उसके नियमों का पालन करता है तो वह ब्रह्म के समान है ब्रह्म का स्वरूप है उसे ही भर हम रखा जाता है तो ऐसे व्यक्तियों से कोई भी शुभ कार्य शुभ विधि कराना बहुत ही मांगलिक कार्य होता है आशा करता हूं यह पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प लो और अगर आपके मन में कोई विचार है कोई प्रश्न है वह आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो लाइक करें हमसे जुड़ने के लिए हमारे प्रोफाइल पेज को जरूर फॉलो कर ले
Namaskaar prashn hai braahman se pooja-paath kyon karaen any se kyon nahin ki braahman ka arth hota brahm ko jaanane vaala agar koee vyakti kisee bhee samaaj se kisee bhee dharm se kisee bhee praant se kyon na blok karen ya sambandh rakhen lekin agar vah brahm ko jaanata bhram kee satta ko jaanata hai bhram ko samajhata hai to braahman rupe mein viraajamaan aur us vyakti ke dvaara aap kisee bhee tarah ke pooja paath karm vidhi karava sakate hain asal mein kya hota hai ki jab ham kisee ek cheej ko ek poore kah sakate hain ki niyam anushaasan ke saath use apanaate hain yahaan par maanasikata ka hai maanasik roop se agar aap kisee dharm ko apanaate hain ya kisee bhee aacharan ko apanaate hain to aap usee ke svaroop mein dhal jaate hain isase koee phark nahin padata ki aap kis dharm se hai kis jaati se hain kis praant se isase koee phark nahin padata hai ki agar koee braahman hai ya koee pandit hai aur vah usake andar usake gun hee nahin vah hamesha hee bure karm kar raha hai aacharan nahin rakhata achchhe to aise mein us vyakti kee koee sthaan nahin hai vah pad kee yogy nahin hai aur us vyakti se kuchh bhee shubh kaary karaana nirarthak hoga lekin agar koee saatvik roop se sahee niyam anushaasan ko pholo karata hai paalan karata hai use niyam par chalata hai us anushaasan ko apane jeevan mein utaarata hai aur bahut hee saada jeevan vyateet karata hai aur uchch vichaar rakhata hai apane andar achchhe vichaar rakhata hai to vah vyakti brahm ke samaan hai kyonki vah bhram kee satta ko jaanata hai usake niyam ko jaanata hai usake anushaasan ko jaanata hai usako usaka paalan karata hai aap pooree kathorata ke saath usake niyamon ka paalan karata hai to vah brahm ke samaan hai brahm ka svaroop hai use hee bhar ham rakha jaata hai to aise vyaktiyon se koee bhee shubh kaary shubh vidhi karaana bahut hee maangalik kaary hota hai aasha karata hoon yah post aapake lie kaaphee help lo aur agar aapake man mein koee vichaar hai koee prashn hai vah aap hamen kament ke maadhyam se poochh sakate hain agar aapako yah post achchha laga to laik karen hamase judane ke lie hamaare prophail pej ko jaroor pholo kar le

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
दगा करना और धोखा देना दोनों में क्या अंतर है या फिर दोनों एक ही है?Dga Karna Aur Dhokha Dena Dono Mei Kya Antar Hai Ya Dono Ek Hi Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:46
का प्रश्न है दगा करना और धोखा देना दोनों में क्या अंतर है क्या दोनों एक ही है लेकिन दगा देना मतलब होता है कि आप किसी के विपरीत खड़े हैं आप किसी के से उसके खिलाफ खड़े होना उसे दगा देना और धोखा जो देना होता है वह होता है कि उसके साथ मिलकर उसके विपरीत उसके बुरे विचारों के लिए रखना उसके लिए भी रहे विचार रखना या उसका बुरा चाहने यह बता धोखा देना यानि उस व्यक्ति को तो यह लगता है कि आप उसके साथ है लेकिन आप स्वयं उसके साथ कभी नहीं होते आप उसका कभी भी हित नहीं चाहेंगे उसके साथ होकर भी आप उसे दिखाएंगे कि आप उसका ही चाहते हैं आप उसके शुभचिंतक है लेकिन असल मायने में आप जानते हैं कि आप उस के सबसे बड़े शत्रु हैं आप सब से उसके ज्यादा उसका बुरा चाहने वाले हैं तो इसे कहते धोखा देना मैंने यानी कि किसी के साथ नहीं कर उसके लिए झूठी कैसे एक इमेज बनाना कि हां हम आपके लिए सबसे ज्यादा आप परवाह करते हैं यह करते हैं लेकिन वास्तव में आप को इसकी कोई परवाह नहीं होती आपको लेकिन दादा देना आप विपरीत खड़े हो जाते हैं उसे पता होता तो इनको जिसको आप दगा दे रहे कि आप उसके विपरीत हैं आपकी बातें या उसकी बातें आपको पसंद नहीं है तो एक दूसरे के सामने आपको स्पष्ट रूप से मतलब एक विरोधाभास रहता है या फिर स्पष्ट रूप से विरोध कर रहे हो तो उसे कैसे लगा देना अभी एक पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प खोलो और आप हमसे जुड़ना चाहते हैं तो प्रोफाइल पेज को जरूर फॉलो करें और लाइक करें अगर आपको यह पोस्ट पसंद आता है कमेंट करें उस कुछ भी बात हो अगर आपको इस पोस्ट से रिलेटेड कहीं नहीं हो हमसे
Ka prashn hai daga karana aur dhokha dena donon mein kya antar hai kya donon ek hee hai lekin daga dena matalab hota hai ki aap kisee ke vipareet khade hain aap kisee ke se usake khilaaph khade hona use daga dena aur dhokha jo dena hota hai vah hota hai ki usake saath milakar usake vipareet usake bure vichaaron ke lie rakhana usake lie bhee rahe vichaar rakhana ya usaka bura chaahane yah bata dhokha dena yaani us vyakti ko to yah lagata hai ki aap usake saath hai lekin aap svayan usake saath kabhee nahin hote aap usaka kabhee bhee hit nahin chaahenge usake saath hokar bhee aap use dikhaenge ki aap usaka hee chaahate hain aap usake shubhachintak hai lekin asal maayane mein aap jaanate hain ki aap us ke sabase bade shatru hain aap sab se usake jyaada usaka bura chaahane vaale hain to ise kahate dhokha dena mainne yaanee ki kisee ke saath nahin kar usake lie jhoothee kaise ek imej banaana ki haan ham aapake lie sabase jyaada aap paravaah karate hain yah karate hain lekin vaastav mein aap ko isakee koee paravaah nahin hotee aapako lekin daada dena aap vipareet khade ho jaate hain use pata hota to inako jisako aap daga de rahe ki aap usake vipareet hain aapakee baaten ya usakee baaten aapako pasand nahin hai to ek doosare ke saamane aapako spasht roop se matalab ek virodhaabhaas rahata hai ya phir spasht roop se virodh kar rahe ho to use kaise laga dena abhee ek post aapake lie kaaphee help kholo aur aap hamase judana chaahate hain to prophail pej ko jaroor pholo karen aur laik karen agar aapako yah post pasand aata hai kament karen us kuchh bhee baat ho agar aapako is post se rileted kaheen nahin ho hamase

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
क्या इंसानियत से भी बड़ा कोई धर्म है यदि कोई इससे बडा धर्म है तो वह कौन सा धर्म है?Kya Insaniyat Se Bhe Bda Koi Dharm Hai Yadi Koi Isse Bada Dharm Hai To Vah Kaun Sa Dharm Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:54
नमस्कार इंसानियत से भी बड़ा कोई धर्म है यदि इससे बड़ा धर्म है तो वह कौन सा धर्म है इंसानियत कहने को तो एक शब्द है लेकिन इसमें सारा ग्रंथ धर्म सब समाया हुआ है आप देखेंगे विपरीत प्रांत नेतृत्व धर्म विपरीत प्रजाति के जो लोग हैं हर एक के धर्म ग्रंथ में एक चीज को मन है यानी एक चीज सामान्य है वह इंसानियत सभी धर्म इंसानियत सिखाते हैं हमें जीवन में इंसानियत का चोर ढंग है इंसानियत किस तरह से बरकरार रखें यही सिखाया जाता है कि एक दूसरे के साथ किस तरह से तालमेल बनाए रखें किस तरह से व्यवहार करें और किस तरह से एक दूसरे की इज्जत करें यह सारे धर्म ग्रंथों में सिखाया जाता है तो यही इंसानियत का सर्वोपरि है कि इंसान ने सबसे बड़ा धर्म है आप किसी को भी माने ना माने अगर आप के अंदर इंसानियत जिंदा है और आप इंसानियत रखते हैं अपने अंदर लोगों की परवाह करते हैं एक दूसरे का ख्याल रखते हैं तो इससे बढ़कर कोई धर्म कोई कर्म कुछ नहीं है सबसे बड़ा धर्म ही है इंसानियत क्योंकि सारे धर्म यही सिखाते हैं इससे विपरीत कहीं कुछ भी आप को देखेंगे कहीं उल्लेख नहीं मिलेगा कोई भी धर्म एक दूसरे को मारकाट नहीं सिखाता सभी धर्म शांति का उपदेश देते भाईचारे का उपदेश देते हैं एक दूसरे के साथ मिलजुल कर रहने का उपदेश देते हैं आई हो चौधरी जी पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प हो लो और मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि अगर आपको यह पोस्ट पसंद आता है और आप हमसे जुड़ना चाहते हैं तो हमारी प्रोफाइल पेज को जरूर फॉलो करें लाइक करें और कमेंट के माध्यम से अपने विचार जरूर हम तक पहुंचाएं
Namaskaar insaaniyat se bhee bada koee dharm hai yadi isase bada dharm hai to vah kaun sa dharm hai insaaniyat kahane ko to ek shabd hai lekin isamen saara granth dharm sab samaaya hua hai aap dekhenge vipareet praant netrtv dharm vipareet prajaati ke jo log hain har ek ke dharm granth mein ek cheej ko man hai yaanee ek cheej saamaany hai vah insaaniyat sabhee dharm insaaniyat sikhaate hain hamen jeevan mein insaaniyat ka chor dhang hai insaaniyat kis tarah se barakaraar rakhen yahee sikhaaya jaata hai ki ek doosare ke saath kis tarah se taalamel banae rakhen kis tarah se vyavahaar karen aur kis tarah se ek doosare kee ijjat karen yah saare dharm granthon mein sikhaaya jaata hai to yahee insaaniyat ka sarvopari hai ki insaan ne sabase bada dharm hai aap kisee ko bhee maane na maane agar aap ke andar insaaniyat jinda hai aur aap insaaniyat rakhate hain apane andar logon kee paravaah karate hain ek doosare ka khyaal rakhate hain to isase badhakar koee dharm koee karm kuchh nahin hai sabase bada dharm hee hai insaaniyat kyonki saare dharm yahee sikhaate hain isase vipareet kaheen kuchh bhee aap ko dekhenge kaheen ullekh nahin milega koee bhee dharm ek doosare ko maarakaat nahin sikhaata sabhee dharm shaanti ka upadesh dete bhaeechaare ka upadesh dete hain ek doosare ke saath milajul kar rahane ka upadesh dete hain aaee ho chaudharee jee post aapake lie kaaphee help ho lo aur main aap sabhee se anurodh karata hoon ki agar aapako yah post pasand aata hai aur aap hamase judana chaahate hain to hamaaree prophail pej ko jaroor pholo karen laik karen aur kament ke maadhyam se apane vichaar jaroor ham tak pahunchaen

#जीवन शैली

bolkar speaker
तीव्र भावनाओं का मनुष्य के व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है?Teevr Bhaavnao Ka Manushya Ke Vyaktitv Par Kya Prabhav Padta Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:26
नमस्कार तेरी भावनाओं का मनुष्य के व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है मनुष्य अपने जीवन में जो भी कर्म करता है जैसा व्यवहार करता है जैसा रिजेक्ट करता है उससे उसका व्यक्तित्व बनता है जो अच्छे कर्म करते अच्छा व्यवहार करता है उसका व्यक्तित्व अच्छा बनता चला जाता है बात करें यहां भावना की तो भावनाएं हमारे कर्मों पर बहुत ज्यादा इफेक्ट करते हैं अगर हम किसी चीज को लेकर बहुत ज्यादा भावुक हो जाते हैं बहुत ज्यादा डिप्रेस्ड हो जाते हैं तो हमारा परफॉर्मेंस जो है बिगड़ सकता है हम अच्छे परफॉर्मेंस नहीं दे पाएंगे क्योंकि हमारा काबू नहीं रहता बॉडी का पर इतना तो जीवन में भावना को संतुलित रखना बहुत जरूरी है ना ज्यादा दुखी हो ना ज्यादा खुश हो सही मूवमेंट को अपना बनाए रखना चाहिए क्योंकि शास्त्रों में भी लिखा गया कि कई बार ज्यादा खुश होकर भी व्यक्ति कुछ ऐसी बातें कुछ ऐसी कह सकते हैं कि वचन दे देते हैं कि भाई आप आज हम बहुत खुश हैं आप मांगो जो मांगते हो और ए बाद में क्या होता है कि अगर कोई कुछ इस तरह की चीजें मांग लेता है जो आपके समर्थ से पा रहे हो तो अब दिक्कत में मुसीबत में फंस जाते हैं इसी प्रकार से जब डिप्रेशन होता है या हमें किसी प्रकार की समस्या में उलझे रहते हैं तो हमारे सामने इतनी अच्छी चीजें होती हैं वह भी हम नजरअंदाज कर देते हैं तो जीवन को संतुलित बनाया भावनाओं के बहाव में ना वह हर एक पल हर क्षण आता है चला जाता है हर एक पल हर क्षण के साथ अपने आप को नियंत्रित रखें नियंत्रित रखेंगे आप अपने भावनाओं पर कंट्रोल रखेंगे करेंगे तो आपका जो मूवमेंट है जो भी आप व्यवहार करेंगे बहुत ही सही व्यवहार करेंगे समाज में लोगों के साथ इस तरह से आपका व्यक्तित्व अच्छा बनेगा वह भरकर निखर कर आएगा और आप जीवन में हर एक क्षेत्र में सफल होंगे चाहे वो कोई भी क्षेत्र क्यों नहीं बेसिक है आपका सोच अप नजरिया जो है वह अगर आपका सकारात्मक है उसके ऊपर किसी भी चीज का पर्दा नहीं चढ़ा हुआ है तो फिर आप जीवन में हर चीज अचीव कर सकते हैं यह बहुत ही महत्वपूर्ण है आशा करता हूं कि पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प लो
Namaskaar teree bhaavanaon ka manushy ke vyaktitv par kya prabhaav padata hai manushy apane jeevan mein jo bhee karm karata hai jaisa vyavahaar karata hai jaisa rijekt karata hai usase usaka vyaktitv banata hai jo achchhe karm karate achchha vyavahaar karata hai usaka vyaktitv achchha banata chala jaata hai baat karen yahaan bhaavana kee to bhaavanaen hamaare karmon par bahut jyaada iphekt karate hain agar ham kisee cheej ko lekar bahut jyaada bhaavuk ho jaate hain bahut jyaada dipresd ho jaate hain to hamaara paraphormens jo hai bigad sakata hai ham achchhe paraphormens nahin de paenge kyonki hamaara kaaboo nahin rahata bodee ka par itana to jeevan mein bhaavana ko santulit rakhana bahut jarooree hai na jyaada dukhee ho na jyaada khush ho sahee moovament ko apana banae rakhana chaahie kyonki shaastron mein bhee likha gaya ki kaee baar jyaada khush hokar bhee vyakti kuchh aisee baaten kuchh aisee kah sakate hain ki vachan de dete hain ki bhaee aap aaj ham bahut khush hain aap maango jo maangate ho aur e baad mein kya hota hai ki agar koee kuchh is tarah kee cheejen maang leta hai jo aapake samarth se pa rahe ho to ab dikkat mein museebat mein phans jaate hain isee prakaar se jab dipreshan hota hai ya hamen kisee prakaar kee samasya mein ulajhe rahate hain to hamaare saamane itanee achchhee cheejen hotee hain vah bhee ham najarandaaj kar dete hain to jeevan ko santulit banaaya bhaavanaon ke bahaav mein na vah har ek pal har kshan aata hai chala jaata hai har ek pal har kshan ke saath apane aap ko niyantrit rakhen niyantrit rakhenge aap apane bhaavanaon par kantrol rakhenge karenge to aapaka jo moovament hai jo bhee aap vyavahaar karenge bahut hee sahee vyavahaar karenge samaaj mein logon ke saath is tarah se aapaka vyaktitv achchha banega vah bharakar nikhar kar aaega aur aap jeevan mein har ek kshetr mein saphal honge chaahe vo koee bhee kshetr kyon nahin besik hai aapaka soch ap najariya jo hai vah agar aapaka sakaaraatmak hai usake oopar kisee bhee cheej ka parda nahin chadha hua hai to phir aap jeevan mein har cheej acheev kar sakate hain yah bahut hee mahatvapoorn hai aasha karata hoon ki post aapake lie kaaphee help lo

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
लैपटॉप या डेस्कटॉप पीसी उनमें से कौन सा अच्छा होता है?Laptop Ya Desktop Pc Unme Se Kaun Sa Acha Hota Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:09
आपका यह प्रश्न है कि लैपटॉप डेस्कटॉप पीसी इनमे से कौन सा अच्छा होता है दरअसल दोनों ही अपनी जगह बहुत अच्छे होते हैं और दोनों का अपने-अपने यूज़ अनुसार जो अपनी क्षमता है जिस प्रकार का हम काम करते हैं उसके अनुसार ही दोनों का अपना ही एक अलग महत्व है दोनों अपनी जगह बहुत ही अच्छे काम करते हैं यह डिपेंड करता है आपके ऊपर अगर आप बहुत ज्यादा ट्रैवल करते हैं बसों में ट्रेन में मेट्रो में और एक जगह से दूसरी जगह जाने का काम है आपका तो ऐसे में डेक्सटॉप को लेना बहुत कैरी करना एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना बहुत मुश्किल हो जाता है बहुत सारी वायरिंग होती है और बहुत सारे उपकरण होते हैं डिवाइस होते हैं जैसे माउस कीबोर्ड इन सब को कैरी करना एक जगह से दूसरी जगह बहुत ज्यादा डिफिकल्ट हो जाता है ऐसे में हमारे लिए सहूलियत के लिए होटल लैपटॉप लैपटॉप एक बहुत ही ज्यादा सहूलियत पूर्ण है बहुत ही स्मार्ट डिवाइस है सकते हैं आराम से कैरी करने में कोई सा नहीं रहता है वह बहुत अच्छा जी बिल्कुल इसी तरह डिपेंड आप पर करता अगर आप एक जगह रह कर काम करते जिसे आपकी कोई शॉप है या आपका कोई ऑफिस है आप ऑफिस में 8 से 12 घंटे काम करते हैं तो उस हिसाब से ड्रेस टॉप बहुत अच्छा है क्योंकि बेड रेस्ट ऑफ में क्या है कि आपको उसमें मॉडिफिकेशन कर सकते अपने अनुसार आप उसको बढ़ा सकते चाहे हम हो चाय हार्ड डिक्स तो और भी बहुत सारी चीजें होती है ग्राफिक कार्ड हो गए मॉनिटर का साइज हो गई है सब चीजें आप अपने अनुसार सुविधा के अनुसार बढ़ा सकते हो बजट के अनुसार बढ़ा सकते जरूरतों के अनुसार ओल्ड लैपटॉप में आप यह नहीं कर सकते उनमें आप ज्यादा से ज्यादा रैम इंप्रूव कर सकते हो हार्ड डिक्स इंप्रूव कर सकते हो बट जैसे कीबोर्ड हो गया माउस हो गया और स्क्रीन हो गई वह आपको सिम ला दे पिया डिपेंड करता आप के वर्क के ऊपर दोनों ही अपनी जगह आपको यह जाने की आवश्यकता कि आपका काम किस प्रकार का ज्यादा ट्रैवल से रिलेटेड है तो आप लैपटॉप परचेज कर लीजिए अगर आप एक जगह काफी अच्छा काम करना चाहते हैं तो उस हिसाब से टेस्ट आशा करता हूं कि यह पोस्ट आपके लिए काफी अच्छा हो
Aapaka yah prashn hai ki laipatop deskatop peesee iname se kaun sa achchha hota hai darasal donon hee apanee jagah bahut achchhe hote hain aur donon ka apane-apane yooz anusaar jo apanee kshamata hai jis prakaar ka ham kaam karate hain usake anusaar hee donon ka apana hee ek alag mahatv hai donon apanee jagah bahut hee achchhe kaam karate hain yah dipend karata hai aapake oopar agar aap bahut jyaada traival karate hain bason mein tren mein metro mein aur ek jagah se doosaree jagah jaane ka kaam hai aapaka to aise mein deksatop ko lena bahut kairee karana ek jagah se doosaree jagah pahunchaana bahut mushkil ho jaata hai bahut saaree vaayaring hotee hai aur bahut saare upakaran hote hain divais hote hain jaise maus keebord in sab ko kairee karana ek jagah se doosaree jagah bahut jyaada diphikalt ho jaata hai aise mein hamaare lie sahooliyat ke lie hotal laipatop laipatop ek bahut hee jyaada sahooliyat poorn hai bahut hee smaart divais hai sakate hain aaraam se kairee karane mein koee sa nahin rahata hai vah bahut achchha jee bilkul isee tarah dipend aap par karata agar aap ek jagah rah kar kaam karate jise aapakee koee shop hai ya aapaka koee ophis hai aap ophis mein 8 se 12 ghante kaam karate hain to us hisaab se dres top bahut achchha hai kyonki bed rest oph mein kya hai ki aapako usamen modiphikeshan kar sakate apane anusaar aap usako badha sakate chaahe ham ho chaay haard diks to aur bhee bahut saaree cheejen hotee hai graaphik kaard ho gae monitar ka saij ho gaee hai sab cheejen aap apane anusaar suvidha ke anusaar badha sakate ho bajat ke anusaar badha sakate jarooraton ke anusaar old laipatop mein aap yah nahin kar sakate unamen aap jyaada se jyaada raim improov kar sakate ho haard diks improov kar sakate ho bat jaise keebord ho gaya maus ho gaya aur skreen ho gaee vah aapako sim la de piya dipend karata aap ke vark ke oopar donon hee apanee jagah aapako yah jaane kee aavashyakata ki aapaka kaam kis prakaar ka jyaada traival se rileted hai to aap laipatop parachej kar leejie agar aap ek jagah kaaphee achchha kaam karana chaahate hain to us hisaab se test aasha karata hoon ki yah post aapake lie kaaphee achchha ho

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
किसानों की कृषि कानूनों को सरकार से वापस लेने की जिद को आप कैसे समझते हैं?Kisaanon Ki Krishi Kaanunon Ko Sarkar Se Vapas Lene Ki Jid Ko Aap Kaise Samajhte Hain
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:04

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
जमीन खरीद कर घर बनवाने और बना हुआ घर खरीदने में दोनों में कौन बेहतर है?Jamin Kharid Kar Ghar Banvane Aur Bna Hua Ghar Kharidne Mein Dono Mein Kaun Behtar Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
0:41
जमीन खरीद कर दो खजनी दोनों में कौन सा बेहतर वैसे जमीन अगर खरीदे और उसके बाद फिर अब घर बनाए तो वह बेहतर होता है क्योंकि अपने आप से जो बनाते ना का तो उसमें सीमेंट सरिया जो भी अच्छा अच्छा मजबूत लगाते हैं तो वह सब मजबूत सा भी मिलता टीका होगी बनता है अच्छा भी बनता है तो आगे के लिए लॉन्ग लाइफ फ्री में तो बहुत मजबूत में रहता है कोई प्रॉब्लम नहीं होती और बिल्डर के साथ से थोड़ी प्रॉब्लम हो जाती है थोड़ा उतना कंफर्टेबल नहीं होता इसलिए थोड़ा वह मुंह अपने तरीके से बनाते हैं पर वह आदमी जो अपनी तरह अपनी तरफ से बनाता है वह मैं अपनी तरफ से मजबूत होता है यह होता है
Jameen khareed kar do khajanee donon mein kaun sa behatar vaise jameen agar khareede aur usake baad phir ab ghar banae to vah behatar hota hai kyonki apane aap se jo banaate na ka to usamen seement sariya jo bhee achchha achchha majaboot lagaate hain to vah sab majaboot sa bhee milata teeka hogee banata hai achchha bhee banata hai to aage ke lie long laiph phree mein to bahut majaboot mein rahata hai koee problam nahin hotee aur bildar ke saath se thodee problam ho jaatee hai thoda utana kamphartebal nahin hota isalie thoda vah munh apane tareeke se banaate hain par vah aadamee jo apanee tarah apanee taraph se banaata hai vah main apanee taraph se majaboot hota hai yah hota hai

#मनोरंजन

bolkar speaker
फॉरेस्ट गंप फिल्म से क्या सीख मिलती है?Forest Gamp Film Se Kya Seekh Milti Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
0:38
कोल्ड स्टोर में एक बहुत ही शानदार मूवी है और इसका सीधा-सीधा स्पष्ट रूप से भी यही है मत लाना है कि आपको एक रहा अभी तक सीधी राजा बीच में कितने भी मुश्किल हो जाए कोई कुछ भी करें उनको पूरा कर्बला का कोई फर्क नहीं पड़ता अगर आप उन चीजों को ध्यान नहीं देते तो यकीनन एक दिन आपको हर वह चीज मिल जाएगी जिस चीज की कमी नहीं है
Kold stor mein ek bahut hee shaanadaar moovee hai aur isaka seedha-seedha spasht roop se bhee yahee hai mat laana hai ki aapako ek raha abhee tak seedhee raaja beech mein kitane bhee mushkil ho jae koee kuchh bhee karen unako poora karbala ka koee phark nahin padata agar aap un cheejon ko dhyaan nahin dete to yakeenan ek din aapako har vah cheej mil jaegee jis cheej kee kamee nahin hai

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
कठिन समय में अपने दिमाग को कैसे शांत करें?Kathin Samay Mein Apne Dimag Ko Kaise Shant Karein
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:33
बनाया हुआ है कि अपने दिमाग को कैसे शांत रखें वर्तमान स्थिति में जो व्यक्ति की मनोदशा है वह किस ढंग से शांत करना चाहता है सबसे पहली बार अधिकांश लोग किसी ना किसी समस्या में या शारीरिक या मानसिक पीड़ा में स्थित रहते हैं और उसके पश्चात हो कुछ देखना चाहते लेकिन इस ओर आकर्षित पैदल फंसे हुए हैं फिलहाल उद्देश्य मोल लेने देने वाले जबकि की लेने देने वाले की अगर दिमाग के संतुलन मतलब है स्वभाव में है तो वह इस भाषा को अलग प्रकार से समझ सकते हैं लेकिन रिसेंटली अगर किसी को ग्रसित दशा में है अर्थात जैसे एक्सीडेंट हो गया कोई अब उसको कैसे मानसिक दशा से कैसे हम उसको डिलीट कर सकते हैं 110 आई आ सकती जो बिल्कुल आफत उदाहरण स्थिति बोलते हैं उसको जिसको उसको शाम को नहीं पता होता वह ग्रसित भाव में रहता दूसरी बात हम जो भावना सुन रहे हैं अपने आगे भविष्य के लिए शांति की में कैसे बनाई दोनों चैप्टर अलग जाते हैं और मैं किसी भी चीज की विवेचना संपूर्णता देना चाहता है तोहफे में कोई काम हो तो फिलहाल मैं तुम्हारे को ही स्थिति बुलाता हूं जो आपस स्थिति में होता है आपस का मतलब ही होता है जिसमें आप अनभिज्ञ रहते हैं और वह घुटने किसी तरह की घटनाएं हैं आप के दौर में गुजर जाते हैं और जहां समाधान और कोई भी चीज का सहारा नहीं मिल पाता तो इसके लिए तो बंदूक और यही है कि अगर जिंदगी भर याद जीवन आपने किसी आस्था का पॉइंट अगर बनाया होगा चाहे पीपल का देवता हो या नदी की देवी हो गया जो व्यास सा का पहला जो भी आपके मुख मंडल में आता है उसे किस मर्ज में ध्यान में विलीन हो जाना चाहिए और उसके तक्षण छोड़ देना चाहिए जो परिस्थितियों क्योंकि अवश्य प्रवाह मान होता है अर्थात उसके वश में नहीं चलता वह बेहतर विधाता में बहता हुआ तिनका भी नहीं होता तो सिर्फ बस नाम के आश्रय पहली बात तो मैंने यहां खत्म करें जो पति स्थिति में होते हैं दूसरे चली जो लोग मानसिक रूप से प्रिपेयर होना चाहते हैं यानी कभी भी आए नहीं टेंशन वगैरह सब कुछ तो यहां से लोगों के अंदर पहली बात अलग है कि प्रति निष्ठा होनी चाहिए कि उसकी लाइफ का कारण क्या बना हुआ है कि कहीं ना कहीं हमारे आतम दोहन का विषय बनता अर्थात उसमें हमारा भी स्वार्थपारा संभावना है जुड़ी होती है जिसे जो लोग निर्बंध झूठा कल्याण सिंह यानी कल्याण रूप के स्वभाव में जीते हैं उनके लिए स्वाभाविक और सही गतिविधियां होते हैं तो ब्राह्मणों के लिए बोलो के होते हैं जो किसी अनुसंधान के बीच पर अगर किसी मंत्र से कोई दिव्य मंडल के प्रति आकर्षित भावनाएं प्रकट होती हैं उसका बार-बार स्मरण करें ध्यान करें चिंतन करें ही अभ्यास के दौर में होता है दूसरी बात अगर ऐसी बात है तो मोटे-मोटे उदाहरण के तौर पर भी आप शांत रह सकते हैं कहे कभी ज्यादा भाई जब से जीता सबसे सही ऐसे भी आप शांत रह सकते हैं इस तरह के कितने दिमाग के बारे में आप कहोगे हर एक बोलने से पहले हारे के दिमाग की कॉमेडी चलती रहती है और संसार लाखों करोड़ों में है लेकिन युक्ति पूर्वक एक परिभाषा में अगर समझाया जाए तो यही है कि अपने आप को शांति रखने का एक ही तरीका है कि आप सत्य पर आधारित एक ही सत्य और धर्म यह जिसको ज्ञान हो जाए स्वस्थ और धर्म वह कभी भी जिंदगी में कभी भी अशांत नहीं हो सकता है लेकिन अभी धर्म की परिभाषा नहीं पता है लोगों को और सत्य की भी परिभाषा नहीं पाता इसलिए वह डामाडोल होते रहते हैं जो स्थिर होता है वह दिखता है जो चलाएं मान होता है वह चंचल होता है धर्म में तैरता है पता है तो धर्म तत्व के बारे में अगर आप इसके बारे में जानकारी रखेंगे इत्यादि चीजों के बारे में फिलहाल मैं इतना ही कहना चाहता हूं क्योंकि इस समय का भी अभाव होने वाला शायद पहुंचने का समय होता है तो इसके विश्लेषण से आप अपने आप को कुछ समझ सकते हैं धन्यवाद मैं चाहता हूं कुछ ना कुछ आपको वकील पदार्थ मिला होगा धन्यवाद
Banaaya hua hai ki apane dimaag ko kaise shaant rakhen vartamaan sthiti mein jo vyakti kee manodasha hai vah kis dhang se shaant karana chaahata hai sabase pahalee baar adhikaansh log kisee na kisee samasya mein ya shaareerik ya maanasik peeda mein sthit rahate hain aur usake pashchaat ho kuchh dekhana chaahate lekin is or aakarshit paidal phanse hue hain philahaal uddeshy mol lene dene vaale jabaki kee lene dene vaale kee agar dimaag ke santulan matalab hai svabhaav mein hai to vah is bhaasha ko alag prakaar se samajh sakate hain lekin risentalee agar kisee ko grasit dasha mein hai arthaat jaise ekseedent ho gaya koee ab usako kaise maanasik dasha se kaise ham usako dileet kar sakate hain 110 aaee aa sakatee jo bilkul aaphat udaaharan sthiti bolate hain usako jisako usako shaam ko nahin pata hota vah grasit bhaav mein rahata doosaree baat ham jo bhaavana sun rahe hain apane aage bhavishy ke lie shaanti kee mein kaise banaee donon chaiptar alag jaate hain aur main kisee bhee cheej kee vivechana sampoornata dena chaahata hai tohaphe mein koee kaam ho to philahaal main tumhaare ko hee sthiti bulaata hoon jo aapas sthiti mein hota hai aapas ka matalab hee hota hai jisamen aap anabhigy rahate hain aur vah ghutane kisee tarah kee ghatanaen hain aap ke daur mein gujar jaate hain aur jahaan samaadhaan aur koee bhee cheej ka sahaara nahin mil paata to isake lie to bandook aur yahee hai ki agar jindagee bhar yaad jeevan aapane kisee aastha ka point agar banaaya hoga chaahe peepal ka devata ho ya nadee kee devee ho gaya jo vyaas sa ka pahala jo bhee aapake mukh mandal mein aata hai use kis marj mein dhyaan mein vileen ho jaana chaahie aur usake takshan chhod dena chaahie jo paristhitiyon kyonki avashy pravaah maan hota hai arthaat usake vash mein nahin chalata vah behatar vidhaata mein bahata hua tinaka bhee nahin hota to sirph bas naam ke aashray pahalee baat to mainne yahaan khatm karen jo pati sthiti mein hote hain doosare chalee jo log maanasik roop se pripeyar hona chaahate hain yaanee kabhee bhee aae nahin tenshan vagairah sab kuchh to yahaan se logon ke andar pahalee baat alag hai ki prati nishtha honee chaahie ki usakee laiph ka kaaran kya bana hua hai ki kaheen na kaheen hamaare aatam dohan ka vishay banata arthaat usamen hamaara bhee svaarthapaara sambhaavana hai judee hotee hai jise jo log nirbandh jhootha kalyaan sinh yaanee kalyaan roop ke svabhaav mein jeete hain unake lie svaabhaavik aur sahee gatividhiyaan hote hain to braahmanon ke lie bolo ke hote hain jo kisee anusandhaan ke beech par agar kisee mantr se koee divy mandal ke prati aakarshit bhaavanaen prakat hotee hain usaka baar-baar smaran karen dhyaan karen chintan karen hee abhyaas ke daur mein hota hai doosaree baat agar aisee baat hai to mote-mote udaaharan ke taur par bhee aap shaant rah sakate hain kahe kabhee jyaada bhaee jab se jeeta sabase sahee aise bhee aap shaant rah sakate hain is tarah ke kitane dimaag ke baare mein aap kahoge har ek bolane se pahale haare ke dimaag kee komedee chalatee rahatee hai aur sansaar laakhon karodon mein hai lekin yukti poorvak ek paribhaasha mein agar samajhaaya jae to yahee hai ki apane aap ko shaanti rakhane ka ek hee tareeka hai ki aap saty par aadhaarit ek hee saty aur dharm yah jisako gyaan ho jae svasth aur dharm vah kabhee bhee jindagee mein kabhee bhee ashaant nahin ho sakata hai lekin abhee dharm kee paribhaasha nahin pata hai logon ko aur saty kee bhee paribhaasha nahin paata isalie vah daamaadol hote rahate hain jo sthir hota hai vah dikhata hai jo chalaen maan hota hai vah chanchal hota hai dharm mein tairata hai pata hai to dharm tatv ke baare mein agar aap isake baare mein jaanakaaree rakhenge ityaadi cheejon ke baare mein philahaal main itana hee kahana chaahata hoon kyonki is samay ka bhee abhaav hone vaala shaayad pahunchane ka samay hota hai to isake vishleshan se aap apane aap ko kuchh samajh sakate hain dhanyavaad main chaahata hoon kuchh na kuchh aapako vakeel padaarth mila hoga dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या बेटी किसी और के घर की अमानत होती हैं?Kya Beti Kisi Aur Ke Ghar Ki Amaanat Hoti Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:31
मुस्कान भारत में प्रथम चली आ रही है दहेज प्रथा अगर जैसा कि आप ने सवाल किया है कि अगर बेटियां किसी और की अमानत होती जिस व्यक्ति को वह मान लेती जा रही है तो उसे हमें तय करना चाहिए कि यहां तो उल्टी प्रथा चल रही है एक तो लड़कियां दो ठीक है उसके बावजूद भी आप एक अच्छी खासी रकम दहेज के रूप में देते हैं और इस सदियों से चला रहा है सरकार इतनी ज्यादा शक्ति कानून बना रही है इसके बावजूद भी इन चीजों पर लगाम नहीं लगा पा रही है कहीं ना कहीं इसमें हमारी और आपकी कमी है बहुत ही कड़वी शब्द है कि किसी की जागीर नहीं है किसी की बेटियां वो खुद की मालिक हैं ठीक है खुद की अमानत है अपना डिसीजन खुद चाहे ले सकते हैं जो चाहे वह कर सकती हैं इस पर कोई रोक टोक नहीं है परिचय दें हमारी बेटियों को समझना चाहिए कहीं ना कहीं बहुत समझदार होती हैं बेटियां वो अपने आप को अपने स्वार्थ को अपने शहर को हटाकर सबकी परवाह करती है यही कारण है कहीं ना कहीं से उनकी कमजोरी बन जाती है आज के समय में मैं यह कहूंगा कि किसी तरह की किसी भी दबाव में आकर कोई डिसीजन लेना बहुत गलत है आपकी रिस्पेक्ट तभी होगी जब आप अपनी रिस्पेक्ट करेंगे तो आप खुद की अमानत है अपने आप को संभाल लिया आप किसी की जागीर किसी और की अमानत नहीं है और यह सिर्फ एक से भ्रांति बना रखी है सपने में क्या करता है तो जिनके साथ आप का विवाह होता जिनके साथ जीवन आपका यापन होना था पूरी लाइफ आप किसको सपोर्ट करते हैं उनको आपको पे करना चाहिए आपके लिए बदले वह क्या करते हैं आपके बदले कुछ भी नहीं बस सारी जिंदगी यही कहते रहते हैं कि हां भाई हमने तुम्हारे लिए क्या हमने तुम्हारे लिए क्या पता भी लड़कियों की यह बहुत अच्छी बात होती है कि कभी वह जाति नहीं है उन्होंने जिंदगी भर सबके लिए बहुत कुछ किया होता है पहले अपने मां बाप के लिए अपने घर के लिए रितेश घर में वह जाती है वहां के लिए लेकिन कभी भी इस चीज को बताती नहीं है जैसा कि मैंने क्या किया है मैंने कितना सैक्रिफाइस क्या कितना बड़ा त्याग बलिदान दिया और यही कारण होता कि उनकी महत्वता को हर कोई नहीं समझ पाता बहुत कम लोग होते हैं जो बेटियों की महत्वता को समझते हैं बेटियां सौभाग्य से मिलती हैं और वह हर तरफ से सक्षम होती हैं किसी की आवश्यकता नहीं होने किसी चीज पर आश्रित रहने की आवश्यकता है खुद का भी ख्याल रख सकती हैं और दूसरों का भी बहुत अच्छे से ख्याल रख सकते हैं यह सब हम जानते हैं बखूबी पहचानते बस हम अनजान बनने का नाटक करते रहते हैं शुरू से ही लड़कियां क्या किसी भी घर परिवार से दूर हैं वह हर एक चीज को बहुत अच्छे से संभाल लेती है उनमें यह क्षमता होती हर परिस्थिति को समझने की देखने की सोचने की है और उसके ऊपर रखते रिजेक्ट करने की आसान लेने की तो सबसे पहली बात तो बहुत ना ठीक है उनको आप इस तरह के सवाल जवाब से कहीं इंसल्ट ना करें बहुत ऊंची होती हैं लड़कियां लड़कों से भी बढ़कर मेरी सोच है मेरी दिन तुम और मैं यही चाहूंगा कि आप भी अपनी सोच बदले रिस्पेक्ट करें लड़कियों की किसी भी प्रकार से यह भावना देता है तो वह रोज होती है या किसी और की अमानत होती हैं ऐसी कोई चीज नहीं है वह कोई सामान नहीं है कोई वस्तु नहीं है कि किसी की अमानत है ठीक है वह खुद एक जीता जाता इंसान हैं उनको भी अपने फैसले करने की आजादी है वह अपने फैसले खुद भी कर सकती हैं ले सकते हैं और इसमें हमें सहयोग करना चाहिए ना कि उनका विरोध अवश्य दे दिए पोस्ट सभी नेशनल्स को अच्छा लगा और सभी के लिए एक सबक होगा थैंक यू फॉर लिसनिंग दिस पोस्ट
Muskaan bhaarat mein pratham chalee aa rahee hai dahej pratha agar jaisa ki aap ne savaal kiya hai ki agar betiyaan kisee aur kee amaanat hotee jis vyakti ko vah maan letee ja rahee hai to use hamen tay karana chaahie ki yahaan to ultee pratha chal rahee hai ek to ladakiyaan do theek hai usake baavajood bhee aap ek achchhee khaasee rakam dahej ke roop mein dete hain aur is sadiyon se chala raha hai sarakaar itanee jyaada shakti kaanoon bana rahee hai isake baavajood bhee in cheejon par lagaam nahin laga pa rahee hai kaheen na kaheen isamen hamaaree aur aapakee kamee hai bahut hee kadavee shabd hai ki kisee kee jaageer nahin hai kisee kee betiyaan vo khud kee maalik hain theek hai khud kee amaanat hai apana diseejan khud chaahe le sakate hain jo chaahe vah kar sakatee hain is par koee rok tok nahin hai parichay den hamaaree betiyon ko samajhana chaahie kaheen na kaheen bahut samajhadaar hotee hain betiyaan vo apane aap ko apane svaarth ko apane shahar ko hataakar sabakee paravaah karatee hai yahee kaaran hai kaheen na kaheen se unakee kamajoree ban jaatee hai aaj ke samay mein main yah kahoonga ki kisee tarah kee kisee bhee dabaav mein aakar koee diseejan lena bahut galat hai aapakee rispekt tabhee hogee jab aap apanee rispekt karenge to aap khud kee amaanat hai apane aap ko sambhaal liya aap kisee kee jaageer kisee aur kee amaanat nahin hai aur yah sirph ek se bhraanti bana rakhee hai sapane mein kya karata hai to jinake saath aap ka vivaah hota jinake saath jeevan aapaka yaapan hona tha pooree laiph aap kisako saport karate hain unako aapako pe karana chaahie aapake lie badale vah kya karate hain aapake badale kuchh bhee nahin bas saaree jindagee yahee kahate rahate hain ki haan bhaee hamane tumhaare lie kya hamane tumhaare lie kya pata bhee ladakiyon kee yah bahut achchhee baat hotee hai ki kabhee vah jaati nahin hai unhonne jindagee bhar sabake lie bahut kuchh kiya hota hai pahale apane maan baap ke lie apane ghar ke lie ritesh ghar mein vah jaatee hai vahaan ke lie lekin kabhee bhee is cheej ko bataatee nahin hai jaisa ki mainne kya kiya hai mainne kitana saikriphais kya kitana bada tyaag balidaan diya aur yahee kaaran hota ki unakee mahatvata ko har koee nahin samajh paata bahut kam log hote hain jo betiyon kee mahatvata ko samajhate hain betiyaan saubhaagy se milatee hain aur vah har taraph se saksham hotee hain kisee kee aavashyakata nahin hone kisee cheej par aashrit rahane kee aavashyakata hai khud ka bhee khyaal rakh sakatee hain aur doosaron ka bhee bahut achchhe se khyaal rakh sakate hain yah sab ham jaanate hain bakhoobee pahachaanate bas ham anajaan banane ka naatak karate rahate hain shuroo se hee ladakiyaan kya kisee bhee ghar parivaar se door hain vah har ek cheej ko bahut achchhe se sambhaal letee hai unamen yah kshamata hotee har paristhiti ko samajhane kee dekhane kee sochane kee hai aur usake oopar rakhate rijekt karane kee aasaan lene kee to sabase pahalee baat to bahut na theek hai unako aap is tarah ke savaal javaab se kaheen insalt na karen bahut oonchee hotee hain ladakiyaan ladakon se bhee badhakar meree soch hai meree din tum aur main yahee chaahoonga ki aap bhee apanee soch badale rispekt karen ladakiyon kee kisee bhee prakaar se yah bhaavana deta hai to vah roj hotee hai ya kisee aur kee amaanat hotee hain aisee koee cheej nahin hai vah koee saamaan nahin hai koee vastu nahin hai ki kisee kee amaanat hai theek hai vah khud ek jeeta jaata insaan hain unako bhee apane phaisale karane kee aajaadee hai vah apane phaisale khud bhee kar sakatee hain le sakate hain aur isamen hamen sahayog karana chaahie na ki unaka virodh avashy de die post sabhee neshanals ko achchha laga aur sabhee ke lie ek sabak hoga thaink yoo phor lisaning dis post

#जीवन शैली

bolkar speaker
लड़कियों के पहनावे पर सवाल क्यों उठते हैं?Ladkiyon Ke Pehnave Par Sawal Kyun Uthate Hain
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
3:57
नमस्कार पहनावा एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है जो हमारे विचारों का हमारे व्यक्तित्व को और ज्यादा निकाल कर लाती है अगर आप किसी चीज को अपने लिए करते हैं तो बहुत अच्छी अच्छी है लेकिन अगर आप उसको किसी को दिखावे के लिए करते हैं वह कहीं ना कहीं आपके लिए भी गलत होती है और सभी के लिए भी गलती होती है एक तरफ से जवाब कोई चीज करना चाहते हैं तो यह सबसे पहले सोचिए कि आप वाकई में वह चीज करना चाहते कि सिर्फ किसी के दिखावे पर या किसी के कहने पर करना चक्कर रहे क्योंकि कर किसी के कहने पर या किसी को दिखाने के लिए आपको कोई चीज करते हैं तू चीज बेकार है इसमें समय भी ज्यादा एनर्जी पर बेस्ड होगी मोबाइल चार्ज किसी ने रिजेक्ट कर दिया तो बेज्जती अलग महसूस होती है हमें कि हमने इतनी मेहनत करी उसके बाद भी निरीक्षण का सामना करना पड़ा तुम सबसे पहले यह मायने रखता है कि आप किस चीज को अपने लिए कंफर्टेबल मानते हैं धन्य समाज इतनी परवाह करने लगेंगे सब के बारे में सोचने लगेंगे तो आप अपने आपको खो बैठेंगे आप का अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा अपने अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए अपने आप की पहचान करना जरुरी होता है अपने आप को जारी है अपने आप को समझिए कि क्या चीज आपके लिए सूटेबल है कि अभी झा प्ले स्टोर टेबल नहीं है किस चीज में आपका ऑफ रेबल महसूस करते हैं करते हैं वह चीजें आप पढ़ाई कीजिए अपने ऊपर अपने जीवन में किसी और के कहने या सुनने पर ना जाएं हर तरह के लोग होते हैं बातों के लोगों 272 विचार होते सबका कहना अलग अलग और मैंने इसी से संबंधित मुझे एक कहानी याद आ रही है एक बार एक शहर में दो व्यक्ति थे एक बाप बेटे पर जा रहे थे वह ज्यादा दे लेकिन बाजार में वहां से उन्होंने एक गधा खरीदारी के घर की तरफ चलने लगे कुछ समय पश्चात कुछ लोग मुझे कुछ दूरी पर उन्होंने का बताओ कैसे मुर्ख लोग इनके पास एक के जानवर है गधा है उसकी सवारी करनी चाहिए और दोनों पैदल चल रहे हैं क्या फायदा किसी से खरीदने का क्या फायदा है उसका पैसा व्यर्थ करने का उसने सोचा चलो जी सही कह रहे हैं लोगों को तो उसके पिताजी पड़े थे तो वह बैठ गए कुछ दूरी का है तो कहने लगे कुछ लोग यह बताओ कैसा नहीं रहे वहां पर बच्चे को पैदल चला रहा है खुद खुद सवारी कर रहा है आराम से बैठा हुआ है तो उसे फिर थोड़ी सी लग जाए उसे लगा शायद सही कहने दो सही कह रहा है फिर तो खुद उतरकर उसने अपने बेटे को बैठा दिया कुछ दूरी चलाई तो फिर कुछ लोग मिलते हैं ओके थे कि कैसा रहता है कि सभ्यता नहीं है कि बड़े बुजुर्गों पैदल चल रहा है और खुद आराम से बैठा हुआ है तू ऐसे करके दोनों ही बैठ जाते हैं उस गधे के आगे चलकर कुछ और लोग मिलते हैं वह कहते कितने निर्दई लोग हैं विचार एक जानवर के पर इतना अत्याचार कर रहे हैं दोनों जने का भार विचारों को संभाल नहीं पा रहा है उन्होंने इतनी बेशर्मी के साथ बैठे हैं तो क्या करते हैं उस गधे के पांव बांधकर उसे अपने पर लादकर चलने लगे तो कुछ समय बाद देखते तो समाज में समरसता पर बहुत हंसता है तो यही सोचे सुनिधि आपके सवाल की जवाब अगर आप किसी और के कहने पर चलेंगे तो कुछ भी नहीं कर पाएंगे सुनो सबकी करो अपने मन की आपने सुना होगा आई होम सोसायटी पोस्टों के लिए काफी हेल्पफुल
Namaskaar pahanaava ek bahut mahatvapoorn cheej hai jo hamaare vichaaron ka hamaare vyaktitv ko aur jyaada nikaal kar laatee hai agar aap kisee cheej ko apane lie karate hain to bahut achchhee achchhee hai lekin agar aap usako kisee ko dikhaave ke lie karate hain vah kaheen na kaheen aapake lie bhee galat hotee hai aur sabhee ke lie bhee galatee hotee hai ek taraph se javaab koee cheej karana chaahate hain to yah sabase pahale sochie ki aap vaakee mein vah cheej karana chaahate ki sirph kisee ke dikhaave par ya kisee ke kahane par karana chakkar rahe kyonki kar kisee ke kahane par ya kisee ko dikhaane ke lie aapako koee cheej karate hain too cheej bekaar hai isamen samay bhee jyaada enarjee par besd hogee mobail chaarj kisee ne rijekt kar diya to bejjatee alag mahasoos hotee hai hamen ki hamane itanee mehanat karee usake baad bhee nireekshan ka saamana karana pada tum sabase pahale yah maayane rakhata hai ki aap kis cheej ko apane lie kamphartebal maanate hain dhany samaaj itanee paravaah karane lagenge sab ke baare mein sochane lagenge to aap apane aapako kho baithenge aap ka astitv hee nahin rah jaega apane astitv ko barakaraar rakhane ke lie apane aap kee pahachaan karana jaruree hota hai apane aap ko jaaree hai apane aap ko samajhie ki kya cheej aapake lie sootebal hai ki abhee jha ple stor tebal nahin hai kis cheej mein aapaka oph rebal mahasoos karate hain karate hain vah cheejen aap padhaee keejie apane oopar apane jeevan mein kisee aur ke kahane ya sunane par na jaen har tarah ke log hote hain baaton ke logon 272 vichaar hote sabaka kahana alag alag aur mainne isee se sambandhit mujhe ek kahaanee yaad aa rahee hai ek baar ek shahar mein do vyakti the ek baap bete par ja rahe the vah jyaada de lekin baajaar mein vahaan se unhonne ek gadha khareedaaree ke ghar kee taraph chalane lage kuchh samay pashchaat kuchh log mujhe kuchh dooree par unhonne ka batao kaise murkh log inake paas ek ke jaanavar hai gadha hai usakee savaaree karanee chaahie aur donon paidal chal rahe hain kya phaayada kisee se khareedane ka kya phaayada hai usaka paisa vyarth karane ka usane socha chalo jee sahee kah rahe hain logon ko to usake pitaajee pade the to vah baith gae kuchh dooree ka hai to kahane lage kuchh log yah batao kaisa nahin rahe vahaan par bachche ko paidal chala raha hai khud khud savaaree kar raha hai aaraam se baitha hua hai to use phir thodee see lag jae use laga shaayad sahee kahane do sahee kah raha hai phir to khud utarakar usane apane bete ko baitha diya kuchh dooree chalaee to phir kuchh log milate hain oke the ki kaisa rahata hai ki sabhyata nahin hai ki bade bujurgon paidal chal raha hai aur khud aaraam se baitha hua hai too aise karake donon hee baith jaate hain us gadhe ke aage chalakar kuchh aur log milate hain vah kahate kitane nirdee log hain vichaar ek jaanavar ke par itana atyaachaar kar rahe hain donon jane ka bhaar vichaaron ko sambhaal nahin pa raha hai unhonne itanee besharmee ke saath baithe hain to kya karate hain us gadhe ke paanv baandhakar use apane par laadakar chalane lage to kuchh samay baad dekhate to samaaj mein samarasata par bahut hansata hai to yahee soche sunidhi aapake savaal kee javaab agar aap kisee aur ke kahane par chalenge to kuchh bhee nahin kar paenge suno sabakee karo apane man kee aapane suna hoga aaee hom sosaayatee poston ke lie kaaphee helpaphul

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या दुनिया की हर औरत की नजर में खाली जेब वाले मर्द सबसे बदसूरत होता है?Kya Duniya Ki Har Aurat Ki Najar Mein Khali Jeb Vale Mard Sabse Badsurat Hota Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:59
नमस्कार हमारे बड़े बुजुर्गों का कहना है कि प्रस्तुति चेहरे से नहीं होती मन से होती है दिल से होते विचारों से होती है तो अगर आपके मन में किसी चीज को कोई हासिल करने की कोई काम ना नहीं है किसी चीज के प्रति कोई काम में कर्मठ व जुझारू नहीं है आप तो यह कहना ना मन से तो बस सूरत है इसका परिणाम आप यह देखते हैं क्या आपके पास धन की हमेशा कमी रहती है परेशान रहते हैं खुशियों के लिए तरसते रहते हैं तो कहीं ना कहीं यह सही है कि आप मन से बदसूरत है आपका जीवन है दिला देना दे बसंती उसमें बस यूं ही चेहरा कितना भी खूबसूरत क्यों ना हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन जब मन के अंदर से खूबसूरती निखर कर आती है खूबसूरती दूसरों को भी अच्छी लगती है बस सुरती हर किसी को बेकार लगती है तो आप जब देखेंगे कोई ऐसा व्यक्ति है जिसके पास पैसे की कमी हो या निर्धन हो और क्या ज्ञान की कमी हो हर चीज से कह सकते हैं सिर्फ एक विषय वस्तु को लेकर नहीं दे सकते हर तरह की चीजें होनी चाहिए हर चीज में समर्थ होना चाहिए तो वाकई में वह व्यक्ति बदसूरत है फिर किस बेस पर उसका आकलन करना कि शारीरिक रूप से वह सुंदर है तो यह सही नहीं है वह वास्तविक सुंदरता नहीं है वास्तविक सुंदरता आपके मन से आती है और जब आपका मन सुंदर होता है तो आप की बाहरी सुंदरता अपने आप निकल कर आती है सुंदरबन में कहते हैं ना लक्ष्मी का वास होता है सरस्वती का वास होता है सच्चे मन के लोग होते हैं तो मन साफ रखेंगे सच रखेंगे तो जीवन में हर एक चीज जिन चीजों को आप चाहते हैं वह हासिल हो जाएगी आप मंदिर में पुजारी को देखते हैं सुबह 4:00 बजे ब्रह्मा व्रत में उतर जाता है उठ कर अपने आप को स्वच्छ करता है मंदिर को स्वच्छ करता है पूजा आराधना सारी स्थितियां सब कुछ व्यवस्थित रूप से करता हर दिन प्रतिदिन निरंतर करता रहता है उसका प्रभाव भी थे वहां पर कितना अच्छा माहौल बना रहता है कि सकारात्मक ऊर्जा करनी रहती है इसी तो कब से जब हम कोई प्रेक्टिस करते हैं अपने मन से किसी चीज को चाहने के लिए किसी को पाने के लिए किसी को अगर हम अपना एक लक्ष्य बना लेते हैं और उसके लिए निरंतर प्रयास करते हैं लापरवाही हम कर देते कि आलस कर जाते हैं 1 दिन किया 2 दिन किया उसका रिजल्ट नहीं आता तो फिर हम खुद हताश और निराश हो जाते हैं जिसकी वजह से परिणाम दिखता नहीं है और जो समय दिया था वह भी व्यर्थ हो जाता है और समय के साथ साथ जो ऊर्जा होती है वह भी खर्च हो जाते हैं तो सही दिशा में प्रयास करने से ही और निरंतर प्रयास करने से ही सफलता जीवन में हासिल होती है और जीवन में एक सुंदर बन जाता है आप सो जाइए पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प
Namaskaar hamaare bade bujurgon ka kahana hai ki prastuti chehare se nahin hotee man se hotee hai dil se hote vichaaron se hotee hai to agar aapake man mein kisee cheej ko koee haasil karane kee koee kaam na nahin hai kisee cheej ke prati koee kaam mein karmath va jujhaaroo nahin hai aap to yah kahana na man se to bas soorat hai isaka parinaam aap yah dekhate hain kya aapake paas dhan kee hamesha kamee rahatee hai pareshaan rahate hain khushiyon ke lie tarasate rahate hain to kaheen na kaheen yah sahee hai ki aap man se badasoorat hai aapaka jeevan hai dila dena de basantee usamen bas yoon hee chehara kitana bhee khoobasoorat kyon na ho isase koee phark nahin padata lekin jab man ke andar se khoobasooratee nikhar kar aatee hai khoobasooratee doosaron ko bhee achchhee lagatee hai bas suratee har kisee ko bekaar lagatee hai to aap jab dekhenge koee aisa vyakti hai jisake paas paise kee kamee ho ya nirdhan ho aur kya gyaan kee kamee ho har cheej se kah sakate hain sirph ek vishay vastu ko lekar nahin de sakate har tarah kee cheejen honee chaahie har cheej mein samarth hona chaahie to vaakee mein vah vyakti badasoorat hai phir kis bes par usaka aakalan karana ki shaareerik roop se vah sundar hai to yah sahee nahin hai vah vaastavik sundarata nahin hai vaastavik sundarata aapake man se aatee hai aur jab aapaka man sundar hota hai to aap kee baaharee sundarata apane aap nikal kar aatee hai sundaraban mein kahate hain na lakshmee ka vaas hota hai sarasvatee ka vaas hota hai sachche man ke log hote hain to man saaph rakhenge sach rakhenge to jeevan mein har ek cheej jin cheejon ko aap chaahate hain vah haasil ho jaegee aap mandir mein pujaaree ko dekhate hain subah 4:00 baje brahma vrat mein utar jaata hai uth kar apane aap ko svachchh karata hai mandir ko svachchh karata hai pooja aaraadhana saaree sthitiyaan sab kuchh vyavasthit roop se karata har din pratidin nirantar karata rahata hai usaka prabhaav bhee the vahaan par kitana achchha maahaul bana rahata hai ki sakaaraatmak oorja karanee rahatee hai isee to kab se jab ham koee prektis karate hain apane man se kisee cheej ko chaahane ke lie kisee ko paane ke lie kisee ko agar ham apana ek lakshy bana lete hain aur usake lie nirantar prayaas karate hain laaparavaahee ham kar dete ki aalas kar jaate hain 1 din kiya 2 din kiya usaka rijalt nahin aata to phir ham khud hataash aur niraash ho jaate hain jisakee vajah se parinaam dikhata nahin hai aur jo samay diya tha vah bhee vyarth ho jaata hai aur samay ke saath saath jo oorja hotee hai vah bhee kharch ho jaate hain to sahee disha mein prayaas karane se hee aur nirantar prayaas karane se hee saphalata jeevan mein haasil hotee hai aur jeevan mein ek sundar ban jaata hai aap so jaie post aapake lie kaaphee help

#जीवन शैली

bolkar speaker
बुरे वक्त में किन चीजों को तुरंत दूर कर देना चाहिए?Bure Vakt Mein Kin Cheejon Ko Turant Door Kar Dena Chaiye
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:58
नमस्कार आप और हम सभी जानते हैं कि बुरे वक्त में हर कोई साथ छोड़ कर चला जाता है तो सवाल यह नहीं है कि इन चीजों को छोड़ दिया जाना चाहिए सवाल यह कौन सी चीज है जो हमारे पास तो जो है जाती है जब तब भी थी जब हमारा बुरा वक्त नहीं लगा था और वह अब भी है जब हमारा बुरा वक्त चल रहा होगा सही मायने में यही चीजें होती हैं जो हमारे बुरे वक्त के कारण बनती हैं जिस दिन हमें किसी के ऊपर ज्यादा उम्मीद रखना कि कोई हमें आएगा हमारा काम करेगा हमें सफलता सफलता हाथ लेकर आएगा तो यह किसी पर विश्वास करना छोड़ दीजिए उस वक्त जब आपका बुरा वक्त चल रहा है सर हम यह गलतियां करते हैं कि बुरे वक्त लोगों से बहुत ज्यादा उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जब हमारा बुरा वक्त चलेगा तो यह हमारा साथ देगा और असल में जब बुरा वक्त आता है तो कोई हमारा साथ नहीं देता हम जिन जिन के पास जाते जिस से उम्मीद लगाए रहते हैं कि भाई हमारी समस्या है चल रही है प्लीज हमारी हेल्प कर दीजिए तो उसको अपना हाथ देखे तो कहते हैं दूसरी सबसे बड़ी कमजोरी होती है हाल है जी हां हम हर काम को सोचते हैं कि आज नहीं कल कर देंगे कल नहीं परसों कर देंगे कोई बात नहीं आज नहीं हो तो कल करके यही सबसे बड़ा कारण है किसी चीज को दोष देने की वजह हमें अपने आप को दोष देना बहुत जरूरी होता है अगर हम मान लेते हैं कि गलती हमारी है तो सुधारने का भी मत हमारे में होता है कि हम उसे सुधार सकते हैं गलती किसी और की हो उसे फिर आप को विवश करवाना पड़ेगा कि आप अपनी गलती सुधार हो लेकिन ऐसा फील होता है इसलिए अपने आप को सुधारना चाहे किसी और को सुधारने के बजाय तो सबसे पहली बात यही है कि समय का सदुपयोग मेरे जितने भी हालत है डिलीट करना होता है उनको छोड़ देगी कोई सही मुहूर्त निकलेगा या कोई चीज की प्रतीक्षा करें ऐसा वेटिंग पर मत जाइए करते जाइए जो अच्छा होगा अच्छा होगा बुरा होगा वैसे भी भगवान श्री कृष्ण गीता में कहा एक कर्म करो फल की चिंता मत करो हम क्या करते हैं व्रत का समय देखते हैं किस्मत में कर्म का फल अच्छा होगा हम गलत लॉजिक पकड़ लेते हैं जैसा कि भगवान श्री कृष्ण गीता में कहा है कि कर्म करना ही हमारा पा रहा है तो हमें सिर्फ और सिर्फ कर्म कर्म ही पूजा है कर्म ही सर्वोपरि है फल की चिंता किए बिना निस्वार्थ भाव से जब हम कुछ कर्म करते हैं वह हमारे लिए लाभकारी होता है जो हम लॉजिक लगा लेते हैं कि यह घड़ी यह छठ की मूरत हमारे लिए शुभ होगा और हम उस वक्त में काम करते हैं और वह परिणाम हमें नहीं मिलता तो हमें हताशा और निराशा होने लगती है लेकिन जब हम बिना किसी प्लानिंग की कोई काम करते हैं और उसका रिजल्ट अच्छा आता है वह यह कहे कि भाई उस समय तो मुहूर्त बड़ा बेकार था और तुमने थे तब आपके अंदर ज्यादा एनर्जी होती थी उसको मैंने उस बुरे वक्त में भी अच्छी चीजें हासिल कर दी तुरंत करते किसी चीज के लिए बैठ ना करें कि कोई आएगा या कोई करेगा आज जो आपके साथ है चल रहा है बहुत अच्छी बात है उनका सम्मान करें को साथ लेकर चलें लेकिन किसी का इंतजार ना करें किसी के इंतजार के समय में क्योंकि जिंदगी कभी किसी का इंतजार नहीं करती एक पल की जिंदगी खत्म खत्म हो जाएगा ऐसा नहीं है कि बुरा वक्त रहेगा कुछ भी इस दुनिया में रहता नहीं तो क्या जीवन आप देखिए जहां कल का कोई आज कोई और है और कल फिर कोई और होगा जो आज मेरी हालत है चाहे वह अच्छी हो या बुरी हो वह कल किसी और की थी आज मेरी है और कल किसी और की होगी तो जीवन अधूरा होता है उसी प्रकार से हर एक के जीवन में समस्याएं भी आती हैं समाधान भी आता है लेकिन नजरिया हमारा काम करता है कि हम उसे किस नजरिए से देखते हैं उसको किस तरह से हैंडल करते किस तरह से पेश करते हैं उस सिचुएशन को यह बहुत मायने रखता है बहुत से लोग हार जाते हताश हो जाते निराश हो जाते हैं ज्यादातर होते भी देखा जाता है अगर मैं आपसे बस इतना कहना चाहूंगा कि जीवन की परिस्थिति कुछ भी करूंगा मैं अभी भी किसी के आगे अपना दुखड़ा नहीं रोना चाहिए नहीं कहना चाहिए
Namaskaar aap aur ham sabhee jaanate hain ki bure vakt mein har koee saath chhod kar chala jaata hai to savaal yah nahin hai ki in cheejon ko chhod diya jaana chaahie savaal yah kaun see cheej hai jo hamaare paas to jo hai jaatee hai jab tab bhee thee jab hamaara bura vakt nahin laga tha aur vah ab bhee hai jab hamaara bura vakt chal raha hoga sahee maayane mein yahee cheejen hotee hain jo hamaare bure vakt ke kaaran banatee hain jis din hamen kisee ke oopar jyaada ummeed rakhana ki koee hamen aaega hamaara kaam karega hamen saphalata saphalata haath lekar aaega to yah kisee par vishvaas karana chhod deejie us vakt jab aapaka bura vakt chal raha hai sar ham yah galatiyaan karate hain ki bure vakt logon se bahut jyaada ummeed lagae baithe hain ki jab hamaara bura vakt chalega to yah hamaara saath dega aur asal mein jab bura vakt aata hai to koee hamaara saath nahin deta ham jin jin ke paas jaate jis se ummeed lagae rahate hain ki bhaee hamaaree samasya hai chal rahee hai pleej hamaaree help kar deejie to usako apana haath dekhe to kahate hain doosaree sabase badee kamajoree hotee hai haal hai jee haan ham har kaam ko sochate hain ki aaj nahin kal kar denge kal nahin parason kar denge koee baat nahin aaj nahin ho to kal karake yahee sabase bada kaaran hai kisee cheej ko dosh dene kee vajah hamen apane aap ko dosh dena bahut jarooree hota hai agar ham maan lete hain ki galatee hamaaree hai to sudhaarane ka bhee mat hamaare mein hota hai ki ham use sudhaar sakate hain galatee kisee aur kee ho use phir aap ko vivash karavaana padega ki aap apanee galatee sudhaar ho lekin aisa pheel hota hai isalie apane aap ko sudhaarana chaahe kisee aur ko sudhaarane ke bajaay to sabase pahalee baat yahee hai ki samay ka sadupayog mere jitane bhee haalat hai dileet karana hota hai unako chhod degee koee sahee muhoort nikalega ya koee cheej kee prateeksha karen aisa veting par mat jaie karate jaie jo achchha hoga achchha hoga bura hoga vaise bhee bhagavaan shree krshn geeta mein kaha ek karm karo phal kee chinta mat karo ham kya karate hain vrat ka samay dekhate hain kismat mein karm ka phal achchha hoga ham galat lojik pakad lete hain jaisa ki bhagavaan shree krshn geeta mein kaha hai ki karm karana hee hamaara pa raha hai to hamen sirph aur sirph karm karm hee pooja hai karm hee sarvopari hai phal kee chinta kie bina nisvaarth bhaav se jab ham kuchh karm karate hain vah hamaare lie laabhakaaree hota hai jo ham lojik laga lete hain ki yah ghadee yah chhath kee moorat hamaare lie shubh hoga aur ham us vakt mein kaam karate hain aur vah parinaam hamen nahin milata to hamen hataasha aur niraasha hone lagatee hai lekin jab ham bina kisee plaaning kee koee kaam karate hain aur usaka rijalt achchha aata hai vah yah kahe ki bhaee us samay to muhoort bada bekaar tha aur tumane the tab aapake andar jyaada enarjee hotee thee usako mainne us bure vakt mein bhee achchhee cheejen haasil kar dee turant karate kisee cheej ke lie baith na karen ki koee aaega ya koee karega aaj jo aapake saath hai chal raha hai bahut achchhee baat hai unaka sammaan karen ko saath lekar chalen lekin kisee ka intajaar na karen kisee ke intajaar ke samay mein kyonki jindagee kabhee kisee ka intajaar nahin karatee ek pal kee jindagee khatm khatm ho jaega aisa nahin hai ki bura vakt rahega kuchh bhee is duniya mein rahata nahin to kya jeevan aap dekhie jahaan kal ka koee aaj koee aur hai aur kal phir koee aur hoga jo aaj meree haalat hai chaahe vah achchhee ho ya buree ho vah kal kisee aur kee thee aaj meree hai aur kal kisee aur kee hogee to jeevan adhoora hota hai usee prakaar se har ek ke jeevan mein samasyaen bhee aatee hain samaadhaan bhee aata hai lekin najariya hamaara kaam karata hai ki ham use kis najarie se dekhate hain usako kis tarah se haindal karate kis tarah se pesh karate hain us sichueshan ko yah bahut maayane rakhata hai bahut se log haar jaate hataash ho jaate niraash ho jaate hain jyaadaatar hote bhee dekha jaata hai agar main aapase bas itana kahana chaahoonga ki jeevan kee paristhiti kuchh bhee karoonga main abhee bhee kisee ke aage apana dukhada nahin rona chaahie nahin kahana chaahie

#खेल कूद

bolkar speaker
क्या मर जाना है सभी समस्याओं का समाधान है?Mar Jana Hai Sabhi Samasyaon Ka Samadhan
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
3:04
नमस्कार जी हां मरना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आप किसी चीज के लिए मरते हैं अपने लक्ष्य के लिए अगर आप मरते हैं दिन रात एक कर देते हैं तो ही आपकी सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है और जो मरना ही चाहता है तो सबसे पहले तो उन समस्याओं को मारे जिन्हें वह पेश कर रहा है जिन समस्याओं से ग्रसित है यह मान ले कि उसके कोई सी प्रकार की कोई टेंशन ही नहीं है अब उसका होना ना होना एक बराबर है और बिना किसी डर के क्योंकि जो मृत व्यक्ति होता है उसको किसी डर की आवश्यकता नहीं होता जो मर चुका है उसे और क्यों मरने का दुनिया का सबसे बड़ा है जो होता है वह मौत होती है और जिसकी मौत आ चुकी होती है उसको किस चीज का भय होता है वह बिल्कुल निर्भय हो जाता है तो निर्भय कि यह बहुत बड़ी परिभाषा है कि जीवन में जब भी कुछ हासिल करना होता है तो मौत को परे रखकर उस पर विजय पाकर ही की जा सके क्योंकि मौत तो 1 दिन सबको आनी है ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो हमारे और अगर ऐसा ही होगा होता कि हर एक समस्या का समाधान नहीं होता तो भगवान हर किसी को पैदा नहीं होते अगर आप पैदा हुए हैं और मरना निश्चित है तो इसके बीच का जो समय अंतराल है उसका पूरी तरह से उपयोग कीजिए सदुपयोग कीजिए के लिए दुनिया में बिना किसी दबाव के क्योंकि 1 दिन ज्यादा से ज्यादा कोई आपका कितना अहित कर सकता है जो मेन पॉइंट है आप की मौत के ऊपर आकर जो खत्म होता है उसके बाद कुछ नहीं रह जाता उससे ज्यादा तो कोई किसी का कोई भी गाड़ी नहीं सकता इस चीज को समझना बहुत जरूरी है कि जीवन में कुछ हासिल करने के लिए कुछ त्याग तो करना पड़ता है क्योंकि मरने का मतलब यही है कि हम अपने अच्छे जीवन को त्याग रहे इतना मूल्यवान जो जीवन है जिसके लिए कहा गया है देवता भी तरसते हैं आप इतनी मूल्यवान चीज को अगर आप त्याग रहे हैं तो आप कुछ इसके बदले चाहत भी होनी चाहिए और अगर आप बहुत सारे अपने जीवन में बहुत सारी सुख सुविधाएं होती है अगर आप उनको प्यार देंगे उनके लिए उनको मारेंगे तब जाकर आपको चीज हासिल कर सकेंगे तो इसे एक नजरिया आप बदल कर देखें तो यह आपके जीवन को बदल देगा बस फर्क इतना है कि एक तरफ कायरता भरी बात होती है और एक तरफ वीरता वाली बात होती है तो आप का चुनाव होता है क्या आप किस श्रेणी में जाना चाहते हैं आप कायरता की मौत मरना चाहते हैं या वीरों की आई होप सो दैट यह पोस्ट आप सभी के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और एक सफल व्यक्तित्व के रूप में आपके लिए काम आएगा और अगर आपको यह पोस्ट के बारे में कुछ भी कहना है तो कमेंट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया जरूर हमें बताया करें क्योंकि हमें अच्छा लगता है कि आपके विचार जानकर कि हमारे जो कमेंट है जो पोस्ट है उनके बारे में आपकी क्या राय है और अगर अच्छा लगता है तो लाइक करो और हमारे पोस्ट को सुनने के लिए हमसे जुड़ सकते फॉलो कर सकते प्रोफाइल भेजो
Namaskaar jee haan marana bahut jarooree hai kyonki agar aap kisee cheej ke lie marate hain apane lakshy ke lie agar aap marate hain din raat ek kar dete hain to hee aapakee saaree samasyaon ka samaadhaan ho sakata hai aur jo marana hee chaahata hai to sabase pahale to un samasyaon ko maare jinhen vah pesh kar raha hai jin samasyaon se grasit hai yah maan le ki usake koee see prakaar kee koee tenshan hee nahin hai ab usaka hona na hona ek baraabar hai aur bina kisee dar ke kyonki jo mrt vyakti hota hai usako kisee dar kee aavashyakata nahin hota jo mar chuka hai use aur kyon marane ka duniya ka sabase bada hai jo hota hai vah maut hotee hai aur jisakee maut aa chukee hotee hai usako kis cheej ka bhay hota hai vah bilkul nirbhay ho jaata hai to nirbhay ki yah bahut badee paribhaasha hai ki jeevan mein jab bhee kuchh haasil karana hota hai to maut ko pare rakhakar us par vijay paakar hee kee ja sake kyonki maut to 1 din sabako aanee hai aisa koee vyakti nahin hai jo hamaare aur agar aisa hee hoga hota ki har ek samasya ka samaadhaan nahin hota to bhagavaan har kisee ko paida nahin hote agar aap paida hue hain aur marana nishchit hai to isake beech ka jo samay antaraal hai usaka pooree tarah se upayog keejie sadupayog keejie ke lie duniya mein bina kisee dabaav ke kyonki 1 din jyaada se jyaada koee aapaka kitana ahit kar sakata hai jo men point hai aap kee maut ke oopar aakar jo khatm hota hai usake baad kuchh nahin rah jaata usase jyaada to koee kisee ka koee bhee gaadee nahin sakata is cheej ko samajhana bahut jarooree hai ki jeevan mein kuchh haasil karane ke lie kuchh tyaag to karana padata hai kyonki marane ka matalab yahee hai ki ham apane achchhe jeevan ko tyaag rahe itana moolyavaan jo jeevan hai jisake lie kaha gaya hai devata bhee tarasate hain aap itanee moolyavaan cheej ko agar aap tyaag rahe hain to aap kuchh isake badale chaahat bhee honee chaahie aur agar aap bahut saare apane jeevan mein bahut saaree sukh suvidhaen hotee hai agar aap unako pyaar denge unake lie unako maarenge tab jaakar aapako cheej haasil kar sakenge to ise ek najariya aap badal kar dekhen to yah aapake jeevan ko badal dega bas phark itana hai ki ek taraph kaayarata bharee baat hotee hai aur ek taraph veerata vaalee baat hotee hai to aap ka chunaav hota hai kya aap kis shrenee mein jaana chaahate hain aap kaayarata kee maut marana chaahate hain ya veeron kee aaee hop so dait yah post aap sabhee ke jeevan mein ek sakaaraatmak parivartan laega aur ek saphal vyaktitv ke roop mein aapake lie kaam aaega aur agar aapako yah post ke baare mein kuchh bhee kahana hai to kament ke maadhyam se apanee pratikriya jaroor hamen bataaya karen kyonki hamen achchha lagata hai ki aapake vichaar jaanakar ki hamaare jo kament hai jo post hai unake baare mein aapakee kya raay hai aur agar achchha lagata hai to laik karo aur hamaare post ko sunane ke lie hamase jud sakate pholo kar sakate prophail bhejo

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है?Computer Ki Vishestayein Kya Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
3:16
यूं तो कंप्यूटर की कोई व्यवस्था तो है नहीं क्योंकि उसको संचालित करने वाले आप और हम हैं यह एक माध्यम है जो सरलता हमारे लिए करते हैं हम किसी कार्य को करना चाहते हैं उसे सरल रूप से आपके सामने सक्षम रूप से प्रस्तुत करती हैं पर आप करना क्या चाहते हैं यह मायने रखता है किस तरह से वह कार्य होता है यह मायने नहीं रखता अगर वह कार्य आप जो करना चाहते हैं वह सरलता से हो जाता है तो बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि समय और ऊर्जा बजती है तो इसलिए हमें कंप्यूटर की महत्वता को समझना चाहिए क्योंकि हमारे कार्य को श्रद्धा से कर देता है और हमारी काफी ऊर्जा बचाता है जैसे कि आपका कोई चीज समझ नहीं आ रही कोई चीज आप सर्च करना चाहते तो गूगल पर जाकर आप इंफॉर्मेशन कैरी कर सकते हैं जो आप चाहते हैं इसके लिए आपको किसी के आगे जाना नहीं पड़ेगा किसी के पास कहना नहीं पड़ेगा किसी का आभार व्यक्त कर नहीं लिखना नहीं पड़ेगा और आपको वह सारी जानकारी आपको सहज रूप से मिल जाएगी और आप जो करना चाहते हैं वह भी आप कर सकते हैं सॉफ्टवेयर के माध्यम से इसलिए जो भी आपके मन की चाहे वह वीडियो हो ऑडियो हो या और भी कुछ तो डाटा हो कोई भी वह आप बहुत अच्छे से कंप्यूटर के माध्यम से कर सकते लेकिन यहां सबकुछ आपके ऊपर डिपेंड करता आप किस नजरिए से किस तरह से इसका उपयोग करते हैं यह बहुत जरूरी है एक ऐसा मित्र है यह आपका जो आपके लिए सारे रास्ते आसान कर देता है जी हां हमें बस जरूरत है कि हम क्या करना चाहते हैं आपका दोस्त जो है आपके साथ तब तक आप का साथ निभाता है जब तक आप जानते हैं कि आपको क्या करना है वह आप को गाइड कर गए एक अच्छा दोस्त जो होता है तो सबसे अच्छा दोस्त हमारा कंप्यूटर होता है मुझे जीवन में हमारे सारी समस्याओं का हल कर सकता है वह चाहे हमारे मन में किसी प्रकार की कोई भी समस्या हो या कोई सवाल हो उनको वह सरल करने की कोशिश करता है सिर्फ और सिर्फ वह सरल कर सकता है उसे आसान और कठिन बनाना भी आपके ऊपर निर्भर करता है जीवन का सबसे अच्छा अर्थ यही है कि आप अपने जीवन की समस्याओं को किस तरह से सरलता से सहज रूप से उसे ठीक करते हैं की बहुत सारी समस्याएं होती जिन को ठीक करना बड़ा मुश्किल लगता है लेकिन कुछ चीज अगर हमारे साथ जुड़ती हैं जो हमें एक नया रास्ता दिखाते हैं वह हमारे लिए हमारे जीवन को सरल बनाते हैं तो इस जीवन में जो कंप्यूटर का महत्व है वह यही है कि वह हमारी हर चीज को सरल करता है सरलता ही कंप्यूटर है आई होप सो दैट यह पोस्ट आपके लिए काफी हल खोलो और आप कंप्यूटर का अच्छा उपयोग कर सकें थैंक यू फॉर लिसनिंग दिस पोस्ट माय सेल्फ योगी प्रशांत नाथ और मैं आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत करता हूं आपके अपने पोस्ट पर ठीक है
Yoon to kampyootar kee koee vyavastha to hai nahin kyonki usako sanchaalit karane vaale aap aur ham hain yah ek maadhyam hai jo saralata hamaare lie karate hain ham kisee kaary ko karana chaahate hain use saral roop se aapake saamane saksham roop se prastut karatee hain par aap karana kya chaahate hain yah maayane rakhata hai kis tarah se vah kaary hota hai yah maayane nahin rakhata agar vah kaary aap jo karana chaahate hain vah saralata se ho jaata hai to bahut hee achchhee baat hai kyonki samay aur oorja bajatee hai to isalie hamen kampyootar kee mahatvata ko samajhana chaahie kyonki hamaare kaary ko shraddha se kar deta hai aur hamaaree kaaphee oorja bachaata hai jaise ki aapaka koee cheej samajh nahin aa rahee koee cheej aap sarch karana chaahate to googal par jaakar aap imphormeshan kairee kar sakate hain jo aap chaahate hain isake lie aapako kisee ke aage jaana nahin padega kisee ke paas kahana nahin padega kisee ka aabhaar vyakt kar nahin likhana nahin padega aur aapako vah saaree jaanakaaree aapako sahaj roop se mil jaegee aur aap jo karana chaahate hain vah bhee aap kar sakate hain sophtaveyar ke maadhyam se isalie jo bhee aapake man kee chaahe vah veediyo ho odiyo ho ya aur bhee kuchh to daata ho koee bhee vah aap bahut achchhe se kampyootar ke maadhyam se kar sakate lekin yahaan sabakuchh aapake oopar dipend karata aap kis najarie se kis tarah se isaka upayog karate hain yah bahut jarooree hai ek aisa mitr hai yah aapaka jo aapake lie saare raaste aasaan kar deta hai jee haan hamen bas jaroorat hai ki ham kya karana chaahate hain aapaka dost jo hai aapake saath tab tak aap ka saath nibhaata hai jab tak aap jaanate hain ki aapako kya karana hai vah aap ko gaid kar gae ek achchha dost jo hota hai to sabase achchha dost hamaara kampyootar hota hai mujhe jeevan mein hamaare saaree samasyaon ka hal kar sakata hai vah chaahe hamaare man mein kisee prakaar kee koee bhee samasya ho ya koee savaal ho unako vah saral karane kee koshish karata hai sirph aur sirph vah saral kar sakata hai use aasaan aur kathin banaana bhee aapake oopar nirbhar karata hai jeevan ka sabase achchha arth yahee hai ki aap apane jeevan kee samasyaon ko kis tarah se saralata se sahaj roop se use theek karate hain kee bahut saaree samasyaen hotee jin ko theek karana bada mushkil lagata hai lekin kuchh cheej agar hamaare saath judatee hain jo hamen ek naya raasta dikhaate hain vah hamaare lie hamaare jeevan ko saral banaate hain to is jeevan mein jo kampyootar ka mahatv hai vah yahee hai ki vah hamaaree har cheej ko saral karata hai saralata hee kampyootar hai aaee hop so dait yah post aapake lie kaaphee hal kholo aur aap kampyootar ka achchha upayog kar saken thaink yoo phor lisaning dis post maay selph yogee prashaant naath aur main aap sabhee ka bahut-bahut svaagat karata hoon aapake apane post par theek hai

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
भारत पाकिस्तान विभाजन के उत्तरदायित्व कारणों ?Bharat Pakistan Vibhajan Ke Uttardayitv Kaarnon Ka
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:19
नमस्कार परिवार में देखना है कि घर में कोई विभाजन होता है तो उसका जिम्मेदार सिर्फ एक व्यक्ति नहीं होता हम सबकी कहीं ना कहीं कोई कमी होती है चाहे वह हमारे मां-बाप हो या हम खुद हो कि हमारे परिवार के सदस्यों ने ऐसे ही भारत भी एक परिवार है तो कहीं ना कहीं हम एक दूसरे के प्रति कुछ अलग रे नजरिया रखते हैं खटास बंद रखते हैं कि भाई तुम यह हो वह हो लेकिन जब समस्या थी तो सब एकजुट हो जाते परिवार का मतलब यह होता है कि जब परिवार पर कोई समस्या आती है तो सब एकजुट हो जाते हैं वह नहीं समझते कि हमारे पीछे जो कुछ भी है वह हमारे अपने दायरे लेकिन कोई बाहर का व्यक्ति हमारे बीच में नहीं आ सकता यह आपने स्वतंत्रता दिवस पर आपने देखा होगा कि जब हमारा भारत आजादी के लिए संघर्ष करता तो सब एकजुट उसमें किसी को कोई परवाह नहीं थी यह कौन क्या है कौन किस धर्म से खून किस जाति से उस समय सब एकजुट थे तो परिवार है यह एक परिवार की परिभाषा परिवार में सब लोग बाहर से हमारे परिवार में कोई दाखिल होता है हमें नुकसान पहुंचाना चाहता हमारे परिवार को तो हम सब एकजुट हो जाते हैं और सामना करते हैं उसका लेकिन हमारी निजी हमारे विचार होते हैं हमारी नीति निर्णय होते हैं उनका हमें सम्मान करना चाहिए ठीक है भारत पाकिस्तान का विभाजन जो हुआ ठीक है किन कारणों से होगा जो भी था हमें सम्मान करना चाहिए लेकिन हमने उसका सम्मान ना करते थे हमने बहुत सारी अपनी गुस्सा अपनी प्रतिक्रिया नहीं जताई थी इसकी वजह से हमारा खुद का नुकसान हुआ है अगर हम चाहते हैं विभाजन करना अगर एक परिवार में कोई चाहता है अलग रहना तो बहुत मुश्किल होता है कि बहुत सारी चीजें आपको गलत ठहराने की कोशिश करती है लेकिन आप जानते हैं कि अगर आप आए रहेंगे तो आप भी बहुत बेहतर जिंदगी भी सकते हैं लेकिन कोई चाहता नहीं है कि आप अलग रहो हम सब चाहते कि जोड़कर हो अगर आपसे कोई प्रेम करता है तो वह चाहेगा कि आपको आपके साथ रखने की कोशिश करेगा अपने साथ लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि हरेक की अपनी स्वतंत्रता है अपनी निजी जीवन है कि हरेक की अपनी एक निजी आजादी है जो हम नहीं छीन सकते किसी से जो जैसा जीवन चाहता है उसको जीने का अधिकार है और प्रेम का मतलब है देना लेना नहीं कि किसी को काबू करके या वर्ष में करके अपने पास जबरदस्त रखना प्रेम की परिभाषा नहीं है उसको स्वतंत्रता देना ही प्रेम की परिभाषा स्वतंत्रता ही प्रेम की परिभाषा परिभाषा है अब कुछ समय बाद भी जरूरी है और जीवन में हम सब जानते हैं इसका क्या महत्व है कि हम सब उस दौर से निकल चुके हैं हमारे पूर्वज जानते इसकी क्या महत्व था हमने गुलामी का जो समय झेला है तो यही कारण थे जिन कारणवश इंडिया और पाकिस्तान का विभाजन हुआ है क्योंकि वह चाहते थे अपनी स्वतंत्रता अपने ही धर्म का प्रचार प्रसार अपने तौर-तरीके का जीवन जीना चाहते थे क्योंकि अगर एक साथ रहते तो कहीं ना कहीं दिक्कत होती हम लोग एक दूसरे के ऊपर ताने कसते जैसा कि हमारे परिवार के सदस्य के साथ होता ही है छोटे बड़े जो भी होते हैं भाई बहन तो हम सब एक दूसरे की खिंचाई तो करते ही हैं लेकिन इन चीजों को इतना बुरा नहीं समझना चाहिए कि कि होते तो हम एक साथ साथ चलता है रिपोर्ट आपके लिए काफी लाभकारी हो और आपको अच्छा लगे तो कमेंट में अपना जवाब जरूर देना आप को लाइक करना और जुड़ने के लिए इस तरह के सवाल जवाब को सुनने के लिए हमारे प्रोफाइल पेज को फॉलो जरूर करें आप ने हमेशा ही जीवन में उसके जितने भी आपके लिए हेल्प कर सकूं इस तरह की पोस्ट डालता हूं थैंक यू सो मच आप सभी का मेरे लिए आपने समय दिया और मेरी कोशिश रहती है कि आपके लिए भी बहुत अच्छे से पोस्ट अपलोड कर सकूं धन्यवाद
Namaskaar parivaar mein dekhana hai ki ghar mein koee vibhaajan hota hai to usaka jimmedaar sirph ek vyakti nahin hota ham sabakee kaheen na kaheen koee kamee hotee hai chaahe vah hamaare maan-baap ho ya ham khud ho ki hamaare parivaar ke sadasyon ne aise hee bhaarat bhee ek parivaar hai to kaheen na kaheen ham ek doosare ke prati kuchh alag re najariya rakhate hain khataas band rakhate hain ki bhaee tum yah ho vah ho lekin jab samasya thee to sab ekajut ho jaate parivaar ka matalab yah hota hai ki jab parivaar par koee samasya aatee hai to sab ekajut ho jaate hain vah nahin samajhate ki hamaare peechhe jo kuchh bhee hai vah hamaare apane daayare lekin koee baahar ka vyakti hamaare beech mein nahin aa sakata yah aapane svatantrata divas par aapane dekha hoga ki jab hamaara bhaarat aajaadee ke lie sangharsh karata to sab ekajut usamen kisee ko koee paravaah nahin thee yah kaun kya hai kaun kis dharm se khoon kis jaati se us samay sab ekajut the to parivaar hai yah ek parivaar kee paribhaasha parivaar mein sab log baahar se hamaare parivaar mein koee daakhil hota hai hamen nukasaan pahunchaana chaahata hamaare parivaar ko to ham sab ekajut ho jaate hain aur saamana karate hain usaka lekin hamaaree nijee hamaare vichaar hote hain hamaaree neeti nirnay hote hain unaka hamen sammaan karana chaahie theek hai bhaarat paakistaan ka vibhaajan jo hua theek hai kin kaaranon se hoga jo bhee tha hamen sammaan karana chaahie lekin hamane usaka sammaan na karate the hamane bahut saaree apanee gussa apanee pratikriya nahin jataee thee isakee vajah se hamaara khud ka nukasaan hua hai agar ham chaahate hain vibhaajan karana agar ek parivaar mein koee chaahata hai alag rahana to bahut mushkil hota hai ki bahut saaree cheejen aapako galat thaharaane kee koshish karatee hai lekin aap jaanate hain ki agar aap aae rahenge to aap bhee bahut behatar jindagee bhee sakate hain lekin koee chaahata nahin hai ki aap alag raho ham sab chaahate ki jodakar ho agar aapase koee prem karata hai to vah chaahega ki aapako aapake saath rakhane kee koshish karega apane saath lekin ham yah bhool jaate hain ki harek kee apanee svatantrata hai apanee nijee jeevan hai ki harek kee apanee ek nijee aajaadee hai jo ham nahin chheen sakate kisee se jo jaisa jeevan chaahata hai usako jeene ka adhikaar hai aur prem ka matalab hai dena lena nahin ki kisee ko kaaboo karake ya varsh mein karake apane paas jabaradast rakhana prem kee paribhaasha nahin hai usako svatantrata dena hee prem kee paribhaasha svatantrata hee prem kee paribhaasha paribhaasha hai ab kuchh samay baad bhee jarooree hai aur jeevan mein ham sab jaanate hain isaka kya mahatv hai ki ham sab us daur se nikal chuke hain hamaare poorvaj jaanate isakee kya mahatv tha hamane gulaamee ka jo samay jhela hai to yahee kaaran the jin kaaranavash indiya aur paakistaan ka vibhaajan hua hai kyonki vah chaahate the apanee svatantrata apane hee dharm ka prachaar prasaar apane taur-tareeke ka jeevan jeena chaahate the kyonki agar ek saath rahate to kaheen na kaheen dikkat hotee ham log ek doosare ke oopar taane kasate jaisa ki hamaare parivaar ke sadasy ke saath hota hee hai chhote bade jo bhee hote hain bhaee bahan to ham sab ek doosare kee khinchaee to karate hee hain lekin in cheejon ko itana bura nahin samajhana chaahie ki ki hote to ham ek saath saath chalata hai riport aapake lie kaaphee laabhakaaree ho aur aapako achchha lage to kament mein apana javaab jaroor dena aap ko laik karana aur judane ke lie is tarah ke savaal javaab ko sunane ke lie hamaare prophail pej ko pholo jaroor karen aap ne hamesha hee jeevan mein usake jitane bhee aapake lie help kar sakoon is tarah kee post daalata hoon thaink yoo so mach aap sabhee ka mere lie aapane samay diya aur meree koshish rahatee hai ki aapake lie bhee bahut achchhe se post apalod kar sakoon dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या कपड़ों से या पहनावे से इंसान का चरित्र पता किया जा सकता है?Kya Kapdon Se Ya Pehnave Se Insan Ka Charitra Pata Kiya Ja Sakta Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:40
किसी को उसके कपड़ों के अनुसार जांच करना कहीं ना कहीं गलत है या कह सकते हैं कि किसी को किसी की हैसियत के अकॉर्डिंग चेंज करना कि भाई यह व्यक्ति अमीर है या यह व्यक्ति गरीब है तो अमीर व्यक्ति इस तरह के होते हैं गरीब व्यक्ति इस तरह के होते इस तरह की सोच स्तर के मेंटली रखना कहीं ना कहीं गलत है क्योंकि हर एक तरह के व्यक्ति होते हैं और हर एक जगह होते हैं या अमीर व्यक्ति यह नहीं हो सकता कि अच्छा योगदान भी रहो और गरीब व्यक्ति ऐसा नहीं हो सकता कि हर व्यक्ति बुरा हो तो उसके तौर-तरीके उसके हाव-भाव से जाना जा सकता है क्योंकि कह देना कि अच्छी लिबास से आपको क्या पसंद है यह जरूर पता चल सकता है कि आपका जो पहना हुआ है जो रहन-सहन है इससे इस चीज के बारे में हम जान सकते कि आपको क्या चीजें पसंद है क्या चीजें नहीं पसंद है किन चीजों में आपकी दिलचस्पी है और किन चीजों में नहीं कि जीवन चरित्र के बारे में तो सिर्फ और सिर्फ आपके हाव-भाव आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं यह सारी चीजें आपके चरित्र को बनाते हैं अजब आप अपने से छोटों के साथ किस तरह से व्यवहार करते हैं या जो आपसे जो गरीब लोग हैं उन से किस तरह से बात करते हैं तो यह चीजें आपके चरित्र की पहचान बनती है जब आपको गुस्सा आता उस समय आप किस तरह के एक्टिविटी करते हैं किस तरह से रिजेक्ट करते हैं इन चीजों से आपके चरित का पता चलता आई होप सो दैट आप इन चीजों को इन प्वाइंटों को जो मैंने बताया है नोट करेंगे और किसी को जज करने से पहले एक बार इन चीजों पर मेरी बताई नहीं बातों पर जरूर ध्यान रखें
Kisee ko usake kapadon ke anusaar jaanch karana kaheen na kaheen galat hai ya kah sakate hain ki kisee ko kisee kee haisiyat ke akording chenj karana ki bhaee yah vyakti ameer hai ya yah vyakti gareeb hai to ameer vyakti is tarah ke hote hain gareeb vyakti is tarah ke hote is tarah kee soch star ke mentalee rakhana kaheen na kaheen galat hai kyonki har ek tarah ke vyakti hote hain aur har ek jagah hote hain ya ameer vyakti yah nahin ho sakata ki achchha yogadaan bhee raho aur gareeb vyakti aisa nahin ho sakata ki har vyakti bura ho to usake taur-tareeke usake haav-bhaav se jaana ja sakata hai kyonki kah dena ki achchhee libaas se aapako kya pasand hai yah jaroor pata chal sakata hai ki aapaka jo pahana hua hai jo rahan-sahan hai isase is cheej ke baare mein ham jaan sakate ki aapako kya cheejen pasand hai kya cheejen nahin pasand hai kin cheejon mein aapakee dilachaspee hai aur kin cheejon mein nahin ki jeevan charitr ke baare mein to sirph aur sirph aapake haav-bhaav aap logon ke saath kaisa vyavahaar karate hain yah saaree cheejen aapake charitr ko banaate hain ajab aap apane se chhoton ke saath kis tarah se vyavahaar karate hain ya jo aapase jo gareeb log hain un se kis tarah se baat karate hain to yah cheejen aapake charitr kee pahachaan banatee hai jab aapako gussa aata us samay aap kis tarah ke ektivitee karate hain kis tarah se rijekt karate hain in cheejon se aapake charit ka pata chalata aaee hop so dait aap in cheejon ko in pvainton ko jo mainne bataaya hai not karenge aur kisee ko jaj karane se pahale ek baar in cheejon par meree bataee nahin baaton par jaroor dhyaan rakhen

#जीवन शैली

bolkar speaker
बात कहने के तरीके से दैनिक जीवन कैसे प्रभावित होता है?Bat Kehne Ke Tareeke Se Dainik Jeevan Kaise Prabhavit Hota Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:54
मेरे दोस्त रमेश हमेशा ही निराशाजनक बातें करता है और वही संजय की बात करें तो जब भी मैं उससे बात करता हूं तो मुझे कहीं ना कहीं एक ओर जा एक सकारात्मकता मिलती है कुछ नया सीखने को मिलता है कुछ नए रास्ते खुल जाते हैं मेरे जीवन में जब भी कोई समस्या आती है तो वह हमेशा संजय से बात जरूर करता हूं ताकि उससे जब बात करता हूं तो मुझे खुद में कुछ न कुछ ऐसा तरीका मिल जाता है अपने जीवन में अपने जीवन में हो रही समस्या से बाहर निकल कर देखा तो फर्क कितना बड़ा है सिर्फ बातों का ही है हम अपने बातों के महत्व को नहीं समझते जब हम किसी से कुछ बात करते हैं बोलते हैं तो हम इसे नजरअंदाज कर देते हैं कि यह हमारे बोलने की भी एक कीमत होती है जो हमारी कीमत को बदामा बनाती है बढ़ाते हैं हम किसी को धन या कोई संप्रदा नहीं दे कोई बात नहीं लेकिन कम से कम इतने गरीब तो नहीं बनी है कि आप किसी से अच्छी बात अपने अच्छे विचार अच्छी तरीके से व्यवहार ना कर सके जो व्यक्ति अच्छे तरीके से अपने बातों को अच्छी तरीके से नहीं कह सकता वह सबसे ज्यादा गरीब है और जो अपने बातों को बहुत अच्छे तरीके से कह सकता है रख सकता है उस से बढ़कर कोई अमीर नहीं क्योंकि शब्द ऐसे कह सकते औषधीय जो बड़े से बड़े झटकों को भी भर देता है और वही अगर इसके विपरीत की बात करें तो बहुत ही कह सकते हैं बड़े से बड़े जतिन को भी एक दे सकता है आपको भी कुछ ऐसे तीखे शब्दों होते हैं जिसको सुनकर आप खुद बहुत ज्यादा गुस्से में आ जाते हैं बहुत ज्यादा निराशाजनक हो जाता हताश हो जाते तो हमें इसका महत्व समझे जवाब समझ कर कुछ कहने से पहले थोड़ा रुक लेट है रे और एक लंबी गहरी सांस लें और सोचे जो मैं कहने वाला हूं उसका क्या प्रभाव पड़ेगा यकीनन शब्द या बोलने की जो कला है वह हमारे जीवन को प्रभावित करती है हमें समाज में इज्जत भी देती है और हमें अपने प्रमाणित भी करती है इसलिए मैं यही कहूंगा कि जब भी आपको कुछ कहे तो एक बार जरूर ऐड कर एक नंबर 230 सेकंड की डेट है उसके बाद सोचे और फिर उस बात को कहें एक बार अपने मन में ही अंदाजा लगा ले कि जॉब कह रहे हैं उसका क्या प्रभाव पड़ेगा क्या यह बताएगा या किसी की किसी की भला होगा किसी का बुरा होगा तब आप पाएंगे कि आप में एक अलग ही आपका एक व्यक्ति करके आपका परिचय एक अलग अलग व्यक्तित्व
Mere dost ramesh hamesha hee niraashaajanak baaten karata hai aur vahee sanjay kee baat karen to jab bhee main usase baat karata hoon to mujhe kaheen na kaheen ek or ja ek sakaaraatmakata milatee hai kuchh naya seekhane ko milata hai kuchh nae raaste khul jaate hain mere jeevan mein jab bhee koee samasya aatee hai to vah hamesha sanjay se baat jaroor karata hoon taaki usase jab baat karata hoon to mujhe khud mein kuchh na kuchh aisa tareeka mil jaata hai apane jeevan mein apane jeevan mein ho rahee samasya se baahar nikal kar dekha to phark kitana bada hai sirph baaton ka hee hai ham apane baaton ke mahatv ko nahin samajhate jab ham kisee se kuchh baat karate hain bolate hain to ham ise najarandaaj kar dete hain ki yah hamaare bolane kee bhee ek keemat hotee hai jo hamaaree keemat ko badaama banaatee hai badhaate hain ham kisee ko dhan ya koee samprada nahin de koee baat nahin lekin kam se kam itane gareeb to nahin banee hai ki aap kisee se achchhee baat apane achchhe vichaar achchhee tareeke se vyavahaar na kar sake jo vyakti achchhe tareeke se apane baaton ko achchhee tareeke se nahin kah sakata vah sabase jyaada gareeb hai aur jo apane baaton ko bahut achchhe tareeke se kah sakata hai rakh sakata hai us se badhakar koee ameer nahin kyonki shabd aise kah sakate aushadheey jo bade se bade jhatakon ko bhee bhar deta hai aur vahee agar isake vipareet kee baat karen to bahut hee kah sakate hain bade se bade jatin ko bhee ek de sakata hai aapako bhee kuchh aise teekhe shabdon hote hain jisako sunakar aap khud bahut jyaada gusse mein aa jaate hain bahut jyaada niraashaajanak ho jaata hataash ho jaate to hamen isaka mahatv samajhe javaab samajh kar kuchh kahane se pahale thoda ruk let hai re aur ek lambee gaharee saans len aur soche jo main kahane vaala hoon usaka kya prabhaav padega yakeenan shabd ya bolane kee jo kala hai vah hamaare jeevan ko prabhaavit karatee hai hamen samaaj mein ijjat bhee detee hai aur hamen apane pramaanit bhee karatee hai isalie main yahee kahoonga ki jab bhee aapako kuchh kahe to ek baar jaroor aid kar ek nambar 230 sekand kee det hai usake baad soche aur phir us baat ko kahen ek baar apane man mein hee andaaja laga le ki job kah rahe hain usaka kya prabhaav padega kya yah bataega ya kisee kee kisee kee bhala hoga kisee ka bura hoga tab aap paenge ki aap mein ek alag hee aapaka ek vyakti karake aapaka parichay ek alag alag vyaktitv

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
क्या आज के युग में सरकारी नौकरी की तैयारी करना टाइम पास है?Kya Aaj Ke Yug Mein Sarkari Naukari Ki Taiyari Karna Time Paas Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:42
नमस्कार आपने जो प्रश्न किया है उसमें कहीं ना कहीं नकारात्मकता और निराशा अच्छी लगती है जैसा कि आपने प्रश्न किया है क्या आज के युग में सरकारी नौकरी की तैयारी करना क्या टाइम पास है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है जो मेहनत करते हैं उन्हें सफलता जरूर मिलती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती आपने सुना होगा जब हम पहने ही नहीं करते तो कह सकते हैं कि हमें कोशिश ही नहीं की और हमारे मन में एक असफलता मतलब निश्चित हो जाती है लेकिन जब हम प्रयास करते हैं तो कहीं ना कहीं सफलता के परसेंटेज प्रतिशत बढ़ते जाते हैं कोशिश कीजिए कर्म कीजिए फल की चिंता मत कीजिए ऐसा कहा गया है वाकई यकीन कीजिए आप निस्वार्थ भाव से जब किसी चीज को करते हैं बिना फल की चिंता करें तो आपको यकीनन रिजल्ट मिलता है और आपका किया गया हर कार्य व्यर्थ नहीं जाता कहीं ना कहीं वो आपके काम आता है खासतौर पर बात करें शिक्षा से जुड़ी तो शिक्षा कभी व्यर्थ नहीं होती आप किसी से एग्जाम की तैयारी करते हैं तो वह आपके जीवन में हमेशा ही सकारात्मक परिवर्तन लाएगा कहीं न कहीं आपको और अगर आपको अपना हैंडेड 10% देते हैं तो जरूर आप अपने गोल को अचीव कर पाएंगे
Namaskaar aapane jo prashn kiya hai usamen kaheen na kaheen nakaaraatmakata aur niraasha achchhee lagatee hai jaisa ki aapane prashn kiya hai kya aaj ke yug mein sarakaaree naukaree kee taiyaaree karana kya taim paas hai to aisa bilkul nahin hai jo mehanat karate hain unhen saphalata jaroor milatee koshish karane vaalon kee kabhee haar nahin hotee aapane suna hoga jab ham pahane hee nahin karate to kah sakate hain ki hamen koshish hee nahin kee aur hamaare man mein ek asaphalata matalab nishchit ho jaatee hai lekin jab ham prayaas karate hain to kaheen na kaheen saphalata ke parasentej pratishat badhate jaate hain koshish keejie karm keejie phal kee chinta mat keejie aisa kaha gaya hai vaakee yakeen keejie aap nisvaarth bhaav se jab kisee cheej ko karate hain bina phal kee chinta karen to aapako yakeenan rijalt milata hai aur aapaka kiya gaya har kaary vyarth nahin jaata kaheen na kaheen vo aapake kaam aata hai khaasataur par baat karen shiksha se judee to shiksha kabhee vyarth nahin hotee aap kisee se egjaam kee taiyaaree karate hain to vah aapake jeevan mein hamesha hee sakaaraatmak parivartan laega kaheen na kaheen aapako aur agar aapako apana hainded 10% dete hain to jaroor aap apane gol ko acheev kar paenge

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
कंप्यूटर और लैपटॉप दोनों में क्या बेहतर है?Computer Aur Laptop Donon Mein Kya Behtar Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
2:46
नमस्कार आप जिस काम को सुई से कर सकते उस काम को आप तलवार से नहीं कर सकते और जिस काम को आप तलवार से कर सकते हैं उस काम को आप सही से नहीं कर सकते कहने का मेरा मतलब यही है कि हर चीज की अपनी एक महत्वता है डिपेंड करता है वह उस अपने कार्य क्षेत्र में क्योंकि से कार्य के लिए बनाया गया है किस कार्य के लिए इसी प्रकार से आपने जैसे प्रश्न किया कि कंप्यूटर और लैपटॉप दोनों में क्या बेहतर रहेगा तो देखिए यह डिपेंड करता आप केवल परपस के ऊपर आप किस परपस पर ले रहे हैं आप किस प्रकार का काम करते हैं अगर आप ज्यादा ही हेवी ड्यूटी काम के हिसाब से चाहते हैं कि आगे आप को आप के रेट करने में अपने सिस्टम को आसानी रहे तो आप एक ड्रेस टॉपिक कंप्यूटर बिल्ट कीजिए कि एक सिस्टम बिल्ड कीजिए इसमें क्या होगा आप अपने मदर बोर्ड को अपने कह सकते हैं प्रोसेसर को अपने राम को अपग्रेड कर सकते ग्राफिक कार्ड अप्पर अपग्रेड कर सकते अकॉर्डिंग जो भी आप की रिक्वायरमेंट होगी आपके काम की रिक्वायरमेंट होगी तो के साथ-साथ आप की रेट करा सकते बढ़ा सकते बट अगर आप लैपटॉप देते तो उसमें अपग्रेडेशन नहीं रहेगा आप अपडेट नहीं कर पाते लेकिन उसके अपने ही फायदे होते लैपटॉप एक तो लाइटवेट होता है और इजी टू कैरी का होता है क्या साहनी साहब कैरी कर सकते कहीं भी ले जा सकते हो अगर आपको ज्यादा ट्रैवल से रिलेटेड काम करते हैं और भागदौड़ भरी आपकी लाइफ रहती है एक कवि या कहीं आपका प्रेजेंटेशन देना होता है तो कहीं कुछ तो इस हिसाब से आपके स्टाफ को कैरी करके हर जगह तो ले जा रही सकते यह बहुत ज्यादा कह सकते हैं दिक्कत आए हो जाता है बहुत ज्यादा मुश्किल हो जाती तो ऐसे मैं आपको एक लैपटॉप कैरी कर सकते हैं इजी टू आप अपने उसको बैग में रख सकते लाइटवेट रहता और आजकल बहुत अच्छी परफॉर्मेंस के साथ आते हैं लैपटॉप ऐसी बात नहीं है तो यह मेरा मतलब आपके ऊपर और और आपके परिवार करता है क्योंकि सबसे पहले आप अपने आप को एनालाइज करें कि आपका पैर कैसा है आप किस परपस पर काम करते हैं आपका काम करने का तरीका क्या है उसके अकॉर्डिंग आप देखकर आप खुद चुनाव कर सकते कि आपको क्या लेना चाहिए और क्या आपके लिए बेहतर है वैसे दोनों ही बेहतर है डिपेंड करता है आपकी सिचुएशन आपके पास पड़ता उसके ऊपर आई होप सो दैट यह पोस्ट आपके लिए कुछ प्ले रिप्लिकेशन कर सका हो दोनों में चुनाव करने में और लाइक करें अगर आपको पसंद आए तो कमेंट के माध्यम से कोई भी आपके मन में कोई दुविधा हो तो हमें जरूर बताएं कुछ भी अगर आपको कुछ ना हो क्या नाम फॉलो करें इस तरह के सवाल जवाब को सुनने के लिए हमारे प्रोफाइल पेज को
Namaskaar aap jis kaam ko suee se kar sakate us kaam ko aap talavaar se nahin kar sakate aur jis kaam ko aap talavaar se kar sakate hain us kaam ko aap sahee se nahin kar sakate kahane ka mera matalab yahee hai ki har cheej kee apanee ek mahatvata hai dipend karata hai vah us apane kaary kshetr mein kyonki se kaary ke lie banaaya gaya hai kis kaary ke lie isee prakaar se aapane jaise prashn kiya ki kampyootar aur laipatop donon mein kya behatar rahega to dekhie yah dipend karata aap keval parapas ke oopar aap kis parapas par le rahe hain aap kis prakaar ka kaam karate hain agar aap jyaada hee hevee dyootee kaam ke hisaab se chaahate hain ki aage aap ko aap ke ret karane mein apane sistam ko aasaanee rahe to aap ek dres topik kampyootar bilt keejie ki ek sistam bild keejie isamen kya hoga aap apane madar bord ko apane kah sakate hain prosesar ko apane raam ko apagred kar sakate graaphik kaard appar apagred kar sakate akording jo bhee aap kee rikvaayarament hogee aapake kaam kee rikvaayarament hogee to ke saath-saath aap kee ret kara sakate badha sakate bat agar aap laipatop dete to usamen apagredeshan nahin rahega aap apadet nahin kar paate lekin usake apane hee phaayade hote laipatop ek to laitavet hota hai aur ijee too kairee ka hota hai kya saahanee saahab kairee kar sakate kaheen bhee le ja sakate ho agar aapako jyaada traival se rileted kaam karate hain aur bhaagadaud bharee aapakee laiph rahatee hai ek kavi ya kaheen aapaka prejenteshan dena hota hai to kaheen kuchh to is hisaab se aapake staaph ko kairee karake har jagah to le ja rahee sakate yah bahut jyaada kah sakate hain dikkat aae ho jaata hai bahut jyaada mushkil ho jaatee to aise main aapako ek laipatop kairee kar sakate hain ijee too aap apane usako baig mein rakh sakate laitavet rahata aur aajakal bahut achchhee paraphormens ke saath aate hain laipatop aisee baat nahin hai to yah mera matalab aapake oopar aur aur aapake parivaar karata hai kyonki sabase pahale aap apane aap ko enaalaij karen ki aapaka pair kaisa hai aap kis parapas par kaam karate hain aapaka kaam karane ka tareeka kya hai usake akording aap dekhakar aap khud chunaav kar sakate ki aapako kya lena chaahie aur kya aapake lie behatar hai vaise donon hee behatar hai dipend karata hai aapakee sichueshan aapake paas padata usake oopar aaee hop so dait yah post aapake lie kuchh ple riplikeshan kar saka ho donon mein chunaav karane mein aur laik karen agar aapako pasand aae to kament ke maadhyam se koee bhee aapake man mein koee duvidha ho to hamen jaroor bataen kuchh bhee agar aapako kuchh na ho kya naam pholo karen is tarah ke savaal javaab ko sunane ke lie hamaare prophail pej ko

#धर्म और ज्योतिषी

bolkar speaker
वह कौन सा बीज मंत्र है जिससे नकारात्मकता समाप्त होती है?Vah Kaun Sa Beej Mantra Hai Jisse Nakaratmakta Samaapt Hoti Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:58
नमस्कार जरूर फॉलो करें हमारे प्रोफाइल पेज को अगर मेरा यह पोस्ट आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता जितने भी नए श्रोता हेलिना सेल से मेरा अनुरोध है बात करें आपके प्रश्न के जीवन में कौन सा बीज मंत्र है जो सारे नकारात्मकता को समाप्त कर देता है तो वह है ओम जी ओम जो मंत्र है वह बीज मंत्र है जो हर एक मंत्र में सम्मिलित होता है सबसे पहले जान देते कि बीज मंत्र आखिर होता क्या इसका महत्व क्या होता बीज मंत्र जिस प्रकार का बीज को समझते बीच क्या करता बीच में एक बहुत बड़ा वृक्ष छुपा होता है और जो हमें दिखता नहीं है लेकिन जब हम उसे गाते हैं और उसके बाद उसको मिट्टी डालकर उसमें पानी और खाद से उसके सिंचाई करते हैं तो धीरे-धीरे को अंकुरित होकर फूटकर बाहर निकलता है और एक बहुत बड़ा वृक्ष का रूप ले लेता है तो बीज मंत्र यही है कि एक आपको अंत करण से उसमें पूरा एक वृक्ष समाया होता है व्हाट्सएप से जिसे कहते बरगद का बहुत विशाल पेड़ एक छोटे उसे बीच में ही समाया होता है उसी प्रकार से हमारे जीवन का सार है तो होता है जीवन का जो बहुत बड़ा वृक्ष है एक छोटे से शब्द में समाया होता है हमारी सोच में समाया होता है और सोच को सकारात्मक करने के लिए इस बीज मंत्र का बहुत ज्यादा उपयोगी बताया गया है क्योंकि हर एक मंत्र को देख लीजिए चाहे कोई सभी मंत्र ओम से जरूर शुरू होता है उसका स्टार्टिंग पॉइंट जो है वह ओम के बाद होता ओम श्री गणेशाय नमः ओम नमः शिवाय ओम जो है यह एक बहुत ही ज्यादा पावरफुल कह सकते बीज मंत्र है जिससे आपके मन की सारी समस्या दूर होती परेशानी हो तो दूर हो जाती आप का जमाई बहुत ज्यादा रिलैक्स हो जाता है आपकी जो सोल है बहुत ज्यादा पीसफुल हो जाती है तो रिलैक्स हो जाती है जब हम रिलैक्स होते जब हमारे माइंड में किसी प्रकार की समस्या दुविधा नहीं होती तब हम सही डिसीजन कर पाते हैं तब हम सही नजरिए से देख पाते हैं अपने जीवन को क्योंकि जब तक हमारे जीवन में हमारी आंखों पर रहता है वह परेशानियों का डिप्रेशन का तब तक हम सही डिसीजन नहीं ले पाते और सही नजरिए से जिंदगी को देख नहीं पाते हमें हर चीज हर तरफ नकारात्मकता दिखाई देते हैं क्योंकि हमारे जैसे आप चश्मा पहले तो आप जिस कलर का चश्मा पहनो गे चाहे वह ब्लैक जो वह चाहे वह ब्लू हो चाहे वह ऐड हो तो दुनिया आपको उसी ने दिखाई देगी उसको उस चश्मे को उतारेंगे तब आपको हकीकत का कलर का पता चलेगा रंगों का पता चलेगा और हकीकत में दुनिया कैसी होती है वह पता चलेगा उस चीज कहने का मतलब यही है कि जो मैंने एग्जांपल दिया है वह यही है कि आपके मन में जो समस्याएं हैं वह एक तरह के चश्मे की तरह आपके ऊपर चढ़ी हुई है और समस्याओं के चलते आपको हर तरफ से जीवन में समझता ही नजर आती है और इस चीजों को हटाने के लिए अपने माइंड को वश करने के लिए साफ करने के लिए क्लियर करने के लिए हमें क्या किस चीज की आवश्यकता होती है बीज मंत्र की और वह भी जमंत है और यह बहुत ज्यादा पावरफुल है आप इसे जरूर अपने जीवन में अप्लाई करें और हो सके तो सुबह के वक्त क्योंकि 12 बहुत ज्यादा शांत होता खाली होता किसी प्रकार की कोई विचार नहीं चल रहे थे उस समय सिर्फ अपने आप को समय दे थोड़ा सा और इस मंत्र का बस 5 मिनट आप उच्चारण तेरे कुछ नहीं करना आपको जिस बेड पर लेटे होते उस पर आप बैठ जाए और थोड़ी देर के लिए सांस भरे और लंबी गहरी सांस लें और उसको छोड़ते हो तो ओम का उच्चारण करें आपके जीवन में एक बहुत ज्यादा प्रभावशाली उर्जा लाएगा उसके बाद आप देखेंगे कि आपको वह चीजें दिखाएं जो साथ रात में होगी उन पर आपके नजरिया जाएगा क्योंकि आपकी जो नकारात्मकता है वह हट चुकी होगी आपका माइंड बहुत ज्यादा रिलैक्स होगा तो आप कमेंट जाएगा अच्छी चीजों का एक जॉब करना सुबह-सुबह हम इस चीज को बहुत ज्यादा व्यस्त कर देते हैं बहुत ज्यादा खराब कर देते सुबह उठते ही हम फोन चेक करने लगते हैं और दुनिया भर की नोटिफिकेशन आ जाती किसी का व्हाट्सएप आ जाता है तो कोई अच्छी खबर होती कोई बुरी खबर होती है तो हमारा मन जो तस्वीर में ही खराब हो जाता है पूरा और उसकी वजह से हमारा पूरा दिन पूरा खराब चला जाता है इसलिए यही सबसे पहले दिन की शुरुआत अच्छी होनी चाहिए कितना दिन की शुरुआत के लिए लोग एक कप चाय का सजेशन देते लेकिन मैं कहूंगा कि दिन की शुरुआत के लिए एक अच्छी सी भावना एक अच्छे से विचार एक अच्छे बीज मंत्र की आवश्यकता होती है और वही है आप उसका उच्चारण करें सुबह सुबह 5:00 मिनट के लिए आप देखिए कि आपके अंदर जी सारे जितने आप योगा करते एक्सरसाइज करते उससे हजार गुना आपको बेनिफिट मिलेगा इस 5 मिनट देने से आपको क्या आप जीवन में योगा करें ना करें एक्सरसाइज करें ना करें हेल्दी फूड हेल्दी डाइट लेना लेकिन आप सिर्फ एक बीज मंत्र कोई फॉलो करते तो आपके जीवन में अलग ही अलग ही क्या सकते प्रभाव देखने को मिलेगा सकारात्मक प्रभाव लेगा आप कितने भी सफल लोगों को देख लीजिए कभी भी किसी की जीवनशैली एक जैसी नहीं होती कि उन्होंने एक जैसा दो-तीन फॉलो किया था लेकिन उनमें जो एक विचारधारा होती है वह एक जैसी होती है वह 30 सकारात्मकता का कहीं ना कहीं वह सीक्रेट भी रखते हैं कि वह किस तरह से अपने आप को प्रेस करते हैं अपने माइंड को वोट करते किस प्रकार से अपने माइंड
Namaskaar jaroor pholo karen hamaare prophail pej ko agar mera yah post aapake jeevan mein sakaaraatmak parivartan laata jitane bhee nae shrota helina sel se mera anurodh hai baat karen aapake prashn ke jeevan mein kaun sa beej mantr hai jo saare nakaaraatmakata ko samaapt kar deta hai to vah hai om jee om jo mantr hai vah beej mantr hai jo har ek mantr mein sammilit hota hai sabase pahale jaan dete ki beej mantr aakhir hota kya isaka mahatv kya hota beej mantr jis prakaar ka beej ko samajhate beech kya karata beech mein ek bahut bada vrksh chhupa hota hai aur jo hamen dikhata nahin hai lekin jab ham use gaate hain aur usake baad usako mittee daalakar usamen paanee aur khaad se usake sinchaee karate hain to dheere-dheere ko ankurit hokar phootakar baahar nikalata hai aur ek bahut bada vrksh ka roop le leta hai to beej mantr yahee hai ki ek aapako ant karan se usamen poora ek vrksh samaaya hota hai vhaatsep se jise kahate baragad ka bahut vishaal ped ek chhote use beech mein hee samaaya hota hai usee prakaar se hamaare jeevan ka saar hai to hota hai jeevan ka jo bahut bada vrksh hai ek chhote se shabd mein samaaya hota hai hamaaree soch mein samaaya hota hai aur soch ko sakaaraatmak karane ke lie is beej mantr ka bahut jyaada upayogee bataaya gaya hai kyonki har ek mantr ko dekh leejie chaahe koee sabhee mantr om se jaroor shuroo hota hai usaka staarting point jo hai vah om ke baad hota om shree ganeshaay namah om namah shivaay om jo hai yah ek bahut hee jyaada paavaraphul kah sakate beej mantr hai jisase aapake man kee saaree samasya door hotee pareshaanee ho to door ho jaatee aap ka jamaee bahut jyaada rilaiks ho jaata hai aapakee jo sol hai bahut jyaada peesaphul ho jaatee hai to rilaiks ho jaatee hai jab ham rilaiks hote jab hamaare maind mein kisee prakaar kee samasya duvidha nahin hotee tab ham sahee diseejan kar paate hain tab ham sahee najarie se dekh paate hain apane jeevan ko kyonki jab tak hamaare jeevan mein hamaaree aankhon par rahata hai vah pareshaaniyon ka dipreshan ka tab tak ham sahee diseejan nahin le paate aur sahee najarie se jindagee ko dekh nahin paate hamen har cheej har taraph nakaaraatmakata dikhaee dete hain kyonki hamaare jaise aap chashma pahale to aap jis kalar ka chashma pahano ge chaahe vah blaik jo vah chaahe vah bloo ho chaahe vah aid ho to duniya aapako usee ne dikhaee degee usako us chashme ko utaarenge tab aapako hakeekat ka kalar ka pata chalega rangon ka pata chalega aur hakeekat mein duniya kaisee hotee hai vah pata chalega us cheej kahane ka matalab yahee hai ki jo mainne egjaampal diya hai vah yahee hai ki aapake man mein jo samasyaen hain vah ek tarah ke chashme kee tarah aapake oopar chadhee huee hai aur samasyaon ke chalate aapako har taraph se jeevan mein samajhata hee najar aatee hai aur is cheejon ko hataane ke lie apane maind ko vash karane ke lie saaph karane ke lie kliyar karane ke lie hamen kya kis cheej kee aavashyakata hotee hai beej mantr kee aur vah bhee jamant hai aur yah bahut jyaada paavaraphul hai aap ise jaroor apane jeevan mein aplaee karen aur ho sake to subah ke vakt kyonki 12 bahut jyaada shaant hota khaalee hota kisee prakaar kee koee vichaar nahin chal rahe the us samay sirph apane aap ko samay de thoda sa aur is mantr ka bas 5 minat aap uchchaaran tere kuchh nahin karana aapako jis bed par lete hote us par aap baith jae aur thodee der ke lie saans bhare aur lambee gaharee saans len aur usako chhodate ho to om ka uchchaaran karen aapake jeevan mein ek bahut jyaada prabhaavashaalee urja laega usake baad aap dekhenge ki aapako vah cheejen dikhaen jo saath raat mein hogee un par aapake najariya jaega kyonki aapakee jo nakaaraatmakata hai vah hat chukee hogee aapaka maind bahut jyaada rilaiks hoga to aap kament jaega achchhee cheejon ka ek job karana subah-subah ham is cheej ko bahut jyaada vyast kar dete hain bahut jyaada kharaab kar dete subah uthate hee ham phon chek karane lagate hain aur duniya bhar kee notiphikeshan aa jaatee kisee ka vhaatsep aa jaata hai to koee achchhee khabar hotee koee buree khabar hotee hai to hamaara man jo tasveer mein hee kharaab ho jaata hai poora aur usakee vajah se hamaara poora din poora kharaab chala jaata hai isalie yahee sabase pahale din kee shuruaat achchhee honee chaahie kitana din kee shuruaat ke lie log ek kap chaay ka sajeshan dete lekin main kahoonga ki din kee shuruaat ke lie ek achchhee see bhaavana ek achchhe se vichaar ek achchhe beej mantr kee aavashyakata hotee hai aur vahee hai aap usaka uchchaaran karen subah subah 5:00 minat ke lie aap dekhie ki aapake andar jee saare jitane aap yoga karate eksarasaij karate usase hajaar guna aapako beniphit milega is 5 minat dene se aapako kya aap jeevan mein yoga karen na karen eksarasaij karen na karen heldee phood heldee dait lena lekin aap sirph ek beej mantr koee pholo karate to aapake jeevan mein alag hee alag hee kya sakate prabhaav dekhane ko milega sakaaraatmak prabhaav lega aap kitane bhee saphal logon ko dekh leejie kabhee bhee kisee kee jeevanashailee ek jaisee nahin hotee ki unhonne ek jaisa do-teen pholo kiya tha lekin unamen jo ek vichaaradhaara hotee hai vah ek jaisee hotee hai vah 30 sakaaraatmakata ka kaheen na kaheen vah seekret bhee rakhate hain ki vah kis tarah se apane aap ko pres karate hain apane maind ko vot karate kis prakaar se apane maind

#रिश्ते और संबंध

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:29
स्कार जरूर फॉलो करें हमारे प्रोफाइल पेज को अगर मेरा जवाब आपके जीवन में कुछ सकारात्मक परिवर्तन लाता है आपके काम आता है और एक बार एक लड़का था बहुत ज्यादा शर्मिला था और वह कोशिश करता था कि अपनी फीलिंग किसी को बताने के लिए पर वह डरता था कहने से क्योंकि वह सोचता था शायद इससे कहीं उनका जो रिलेशनशिप वह भी खराब ना हो जाए और कोई बुरा ना मानना क्योंकि कई बार हम कहना कुछ चाहते हैं और लोग समझते कुछ और है मतलब कुछ और निकाल लेते ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि सामने वाले व्यक्ति के मन में आखिर चल क्या रहा हमारे राय क्या है उसके लिए और उसके मन में हमारी इमेज क्या है बहुत ही अच्छा तरीका हम नोटिस कर सकते हैं उनके हावभाव को जब हम किसी से बात करते हैं तो वह हमें दिलचस्पी ले रहा है कि नहीं ले रहा है यह हम उसके हाव-भाव से उसके बाद करने के या तौर तरीके से एक अंदाजा लगा सकते हैं उसके बाद अपनी बात कहनी चाहिए करनी चाहिए जैसा कि आपने प्रश्न किया है कि कैसे जाने कि किसी के मन में क्या चल रहा है तो यही सजेस्ट करूंगा कि आप सबसे पहले जाएं उनसे जब आप बात करते हैं तो इस चीज को नोटिस कीजिए कि वह आपको कितनी अटेंशन देते हैं कितना ध्यान देते हैं कितनी परवाह करते हैं आपके अक्सर देखा जाता है ज्यादातर लोग इस चीज को नजरअंदाज कर देते हैं इस चीज को ध्यान नहीं देते इस बात का और अपनी बात कहने लगते हैं शुरू होने लग गई इस चीज की पढ़ाई बिल्कुल नहीं करते कि सामने वाले व्यक्ति को कैसा लगेगा आपकी बात सुनकर अच्छा लगेगा बुरा लगेगा तो सबसे पहले तो एक अंदाजा लगा ले माहौल का कि वाकई में वह व्यक्ति आप में दिलचस्पी लेता है कि नहीं अगर लेता है तो बहुत अच्छी बातें फिर अपनी बात आप रखें क्योंकि कोई किसी को अगर आपकी परवाह नहीं हो और आप उसके सामने अपनी बात कहते हैं तो वह बेकार हो जाती वह बातें क्योंकि उसे उसके मायने नहीं पता उसे उसकी अहमियत नहीं पता होती आपकी जो बात तो थी आपकी जो फीलिंग होती है उनकी अहमियत को समझना बहुत जरूरी होता है हमेशा उस व्यक्ति के आगे अपनी बात रखें अपने दिल की बात उस व्यक्ति से रखें जो आपकी अहमियत को समझता हूं आपकी बात की अहमियत को समझता हूं उस व्यक्ति से कहने का क्या फायदा जो आपको अहमियत नहीं देता आपको कुछ समझता ही नहीं तो यह बहुत जरूरी है आप जाइए बात कीजिए हां सुनिए और उन्हें चौक कीजिए कि कैसे वह इंटरेस्ट है कि नहीं है फिर अपनी 14 फीलिंग है उनके साथ शेयर करें फीलिंग बताना बहुत जरूरी होता है क्योंकि कई बार हम शर्मीले पन की वजह से दबाए रखते हैं अपने अंदर और घूमते रहते तो इससे अच्छा क्या आप अपनी फील्डिंग बयां करें लेकिन इन बातों का जरूर ध्यान रखें जो मैंने कही है कि सामने वाले के नजरिए को जरूर समझे कि वाकई में उसके सामने आपकी इमेज क्या है वह आपको कितना आए क्या तुम्हें क्या टेंशन देता है उस चीज को देखते हुए फिर अपनी बात जरूर कही मैं तो यह कहूंगा अपनी फीलिंग जो है जरूर बताएं और उसके बाद जो भी उसका डिसीजन होगा वह आप और पूरी तरह से उसके ऊपर छोड़ दीजिए किसी प्रकार का कोई फोर्स मत कि जो भी हां या ना में और जो भी उनका डिसीजन होगा उसकी रिस्पेक्ट करें उनके जो भी मानना होगा जो भी राय होगी विचारों की जो भी वह आपको कहते हैं तो उसकी रिस्पेक्ट करें उसकी बात को समझे माने क्योंकि हम किसी को फोर्स नहीं कर सकते हम अपनी बात कह सकते दिल की बात जैसे हमें स्वतंत्रता है आजादी अपनी बात कहने की रखने की इसमें कोई गलत बात नहीं है और उसी तरह से उनको भी स्वतंत्रता है चुनाव करने की हां वह कैसे चाहे किसी ना चाहे यह पूरी तरह उनकी आजादी तो पर है क्योंकि जब चाहत की बात होती है तो वह सिर्फ और सिर्फ एक तरफा नहीं होती दोनों तरफ से होना चाहिए और किसी को जबरन कैसे अपना फोर्सफुली आप किसी को अपने पास बैठा नहीं सकते बांध के नहीं रख सकते रोक नहीं सकते अगर किसी की इच्छा है कोई आपको समय देता है कोई आपको पसंद करता है वह उसकी पसंद के ऊपर डिपेंड करता है ठीक है और मैं बेस्ट ऑफ लक कहूंगा आपको अगर आपको कुछ भी लगता है तो कमेंट के माध्यम से आप जरूर हमें पता है इस पोस्ट के बारे में और लाइक करें और जैसा कि मैंने कहा कि फॉलो जरूर करें हमारे सवाल जवाब तो कुछ सुनने के लिए मेरा नाम है योगी प्रशांत नाथ
Skaar jaroor pholo karen hamaare prophail pej ko agar mera javaab aapake jeevan mein kuchh sakaaraatmak parivartan laata hai aapake kaam aata hai aur ek baar ek ladaka tha bahut jyaada sharmila tha aur vah koshish karata tha ki apanee pheeling kisee ko bataane ke lie par vah darata tha kahane se kyonki vah sochata tha shaayad isase kaheen unaka jo rileshanaship vah bhee kharaab na ho jae aur koee bura na maanana kyonki kaee baar ham kahana kuchh chaahate hain aur log samajhate kuchh aur hai matalab kuchh aur nikaal lete aise mein yah jaanana bahut jarooree ho jaata hai ki saamane vaale vyakti ke man mein aakhir chal kya raha hamaare raay kya hai usake lie aur usake man mein hamaaree imej kya hai bahut hee achchha tareeka ham notis kar sakate hain unake haavabhaav ko jab ham kisee se baat karate hain to vah hamen dilachaspee le raha hai ki nahin le raha hai yah ham usake haav-bhaav se usake baad karane ke ya taur tareeke se ek andaaja laga sakate hain usake baad apanee baat kahanee chaahie karanee chaahie jaisa ki aapane prashn kiya hai ki kaise jaane ki kisee ke man mein kya chal raha hai to yahee sajest karoonga ki aap sabase pahale jaen unase jab aap baat karate hain to is cheej ko notis keejie ki vah aapako kitanee atenshan dete hain kitana dhyaan dete hain kitanee paravaah karate hain aapake aksar dekha jaata hai jyaadaatar log is cheej ko najarandaaj kar dete hain is cheej ko dhyaan nahin dete is baat ka aur apanee baat kahane lagate hain shuroo hone lag gaee is cheej kee padhaee bilkul nahin karate ki saamane vaale vyakti ko kaisa lagega aapakee baat sunakar achchha lagega bura lagega to sabase pahale to ek andaaja laga le maahaul ka ki vaakee mein vah vyakti aap mein dilachaspee leta hai ki nahin agar leta hai to bahut achchhee baaten phir apanee baat aap rakhen kyonki koee kisee ko agar aapakee paravaah nahin ho aur aap usake saamane apanee baat kahate hain to vah bekaar ho jaatee vah baaten kyonki use usake maayane nahin pata use usakee ahamiyat nahin pata hotee aapakee jo baat to thee aapakee jo pheeling hotee hai unakee ahamiyat ko samajhana bahut jarooree hota hai hamesha us vyakti ke aage apanee baat rakhen apane dil kee baat us vyakti se rakhen jo aapakee ahamiyat ko samajhata hoon aapakee baat kee ahamiyat ko samajhata hoon us vyakti se kahane ka kya phaayada jo aapako ahamiyat nahin deta aapako kuchh samajhata hee nahin to yah bahut jarooree hai aap jaie baat keejie haan sunie aur unhen chauk keejie ki kaise vah intarest hai ki nahin hai phir apanee 14 pheeling hai unake saath sheyar karen pheeling bataana bahut jarooree hota hai kyonki kaee baar ham sharmeele pan kee vajah se dabae rakhate hain apane andar aur ghoomate rahate to isase achchha kya aap apanee pheelding bayaan karen lekin in baaton ka jaroor dhyaan rakhen jo mainne kahee hai ki saamane vaale ke najarie ko jaroor samajhe ki vaakee mein usake saamane aapakee imej kya hai vah aapako kitana aae kya tumhen kya tenshan deta hai us cheej ko dekhate hue phir apanee baat jaroor kahee main to yah kahoonga apanee pheeling jo hai jaroor bataen aur usake baad jo bhee usaka diseejan hoga vah aap aur pooree tarah se usake oopar chhod deejie kisee prakaar ka koee phors mat ki jo bhee haan ya na mein aur jo bhee unaka diseejan hoga usakee rispekt karen unake jo bhee maanana hoga jo bhee raay hogee vichaaron kee jo bhee vah aapako kahate hain to usakee rispekt karen usakee baat ko samajhe maane kyonki ham kisee ko phors nahin kar sakate ham apanee baat kah sakate dil kee baat jaise hamen svatantrata hai aajaadee apanee baat kahane kee rakhane kee isamen koee galat baat nahin hai aur usee tarah se unako bhee svatantrata hai chunaav karane kee haan vah kaise chaahe kisee na chaahe yah pooree tarah unakee aajaadee to par hai kyonki jab chaahat kee baat hotee hai to vah sirph aur sirph ek tarapha nahin hotee donon taraph se hona chaahie aur kisee ko jabaran kaise apana phorsaphulee aap kisee ko apane paas baitha nahin sakate baandh ke nahin rakh sakate rok nahin sakate agar kisee kee ichchha hai koee aapako samay deta hai koee aapako pasand karata hai vah usakee pasand ke oopar dipend karata hai theek hai aur main best oph lak kahoonga aapako agar aapako kuchh bhee lagata hai to kament ke maadhyam se aap jaroor hamen pata hai is post ke baare mein aur laik karen aur jaisa ki mainne kaha ki pholo jaroor karen hamaare savaal javaab to kuchh sunane ke lie mera naam hai yogee prashaant naath

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
अच्छी नींद लेने के क्या-क्या फायदे हैं?Achi Neend Lene Ke Kya Kya Fayde Hain
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:12
नमस्कार आज मेरे फोन की बैटरी है कि जो थी वह लोग गई थी चार्ज नहीं किया था किसी कारणवश मैं उसे चार्ज नहीं कर पाया और मुझे बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा जैसे बहुत सारे फोन कॉल थे बहुत सारे मैसेज थे ईमेल थे व्हाट्सएप पर इन सारी चीजों का हमें ठीक ढंग से उपयोग नहीं कर पाया और किसी संपर्क नहीं रख पाए दरअसल यह मैंने इसलिए कहा है क्योंकि आपने प्रश्न क्या है कि अच्छी नींद लेने के क्या फायदे हैं तो फायदे इसी प्रकार से क्योंकि जब नींद लेते तो हम अपनी बॉडी को चार्ज करते एनर्जी देते हैं हम दिन भर के काम करते हैं थक जाते हैं हम डिस्चार्ज हो जाते तो अपने आप ही अपनी उर्जा को चार्ज करने के लिए और अपने आपको ऊर्जावान बनाने के लिए हमें नींद की बहुत जरूरत होती है एक अच्छी नींद अच्छे तरीके से सोना और सोने की व्यवस्था को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि हम लापरवाही कर देते हैं ठीक ढंग से खाते नहीं है ठीक ढंग से सोते नहीं है और फिर जीवन में कहते कि बहुत ज्यादा स्ट्रेस है बहुत ज्यादा समस्या है तो हमारा प्रोफोमंस भी बहुत ज्यादा खराब हो जाता है इन चीजों अगर आप चाहते हैं जीवन में कुछ चीज हासिल करना है आपने परफॉर्मेंस अपने व्यक्तित्व को नहीं खाना चाहते तो आप एक रूटीन बनाएं आज तो फिर कुछ नहीं तो आप सिर्फ सोने का रूटीन अच्छे से बना ले सोने का समय निर्धारित करें कम से कम 8 घंटे की नींद तो बहुत जरूरी है हमारे लिए और वह भी किस प्रकार से जब आप सोते हैं तो अपने बिस्तर को अच्छे से व्यवस्थित करें और हो सके तो कोई सुगंधित फूल या कोई है जिसमें खुशबू आती है ऐसे ही तेल का प्रयोग करें अच्छा म्यूजिक सुने सुनते वक्त ताकि आपकी बॉडी पूरी तरह से रिलैक्स है जो दिन भर की थकान होती है ना वह पूरी तरह से उतर जाए तो देखा ही जाता है कि जो लोग अच्छी नींद लेते हैं वह बहुत ज्यादा ऊर्जावान एक्टिव रहते हैं और अपनी लाइफ में अच्छा परफॉर्मेंस करके दिखाते एक अच्छा कह सकते कार्य करके दिखाते क्योंकि उनमें बहुत ज्यादा ऊर्जा होते हैं लेकिन वह दूसरी तरफ अगर देखा जाए तो जो लोग ठीक ढंग से नींद नहीं ले पाते उन्हें अक्सर इस चीज की कमी होती है कि वह बहुत ज्यादा चिड़चिड़ा स्वभाव हो जाता है उनका बहुत ज्यादा है परेशान रहते हैं क्योंकि उनका तालमेल नहीं बन पाता दिमाग और शरीर का जो तालमेल होता है क्योंकि दिमाग अंदर से थका होता है शरीर में थकावट और आप उसको और ज्यादा वर्क लोड देते जाते तो इसलिए मुझे नहीं यह कहावत कही कि मेरा फोन जो था वह डिस्चार्ज हो गया था मुझे लगा कि यह चीज यहां पर ठीक बैठती है और आपने भी देखा होगा आपको गुस्सा आता होगा जब आपका फोन कभी चार्ज नहीं होता है उसकी बैटरी बहुत कम होती है तो इसी पर करते हैं जब हम फोन को लेकर इतनी गहरी हो सकते हैं स्पीकर बंद हो सकते इतनी लापरवाही क्यों करते हैं अपने संदीप के साथ मैं बस यही चाहूंगा मेरे कहने का मतलब यही है कि आप सब अपने जीवन में कोई और चीज हो ना हो क्योंकि आज के समय में इतना व्यस्त हो गया है जीवन भागदौड़ भरी जिंदगी हो गई है कि एक्सरसाइज करने तक का हमारे पास समय नहीं होता हमारा हमें ठीक ढंग से खाने का भी समय नहीं होता तो ऐसे में स्वास्थ्य तभी करता ही है लेकिन एक चीज है जिससे सबसे ज्यादा प्रभावित होता हमारा शरीर वह नींद उस पर तो हम कम से कम एक अच्छी नींद तो ले सकते अगर हम जिंदगी भर कोई काम करें और हमें अच्छी नींद तक हासिल ले रही तो क्या फायदा अगर हम पैसा कमाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं और उस पैसे कमाने के चलते हम अच्छी नींद नहीं ले सकते तो उस पैसे का क्या फायदा हम पैसा किस लिए कमाते हैं या धन किस ले संचित करते हैं अपनी सुख-सुविधाओं को मौलिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अगर आप की मौलिक आवश्यकता है सुख सुविधाएं नहीं बन पा रही हूं चीजों से की वजह से तो क्या फायदा ऐसे धन कहां से आएगा इस चीज को पर जरूर विचार करें और कमेंट के माध्यम से आप जरूर अपनी राय रखें कि आपको हमारे पोस्ट कैसा लगा और इस हमारे सवाल जवाब अगर आपको पसंद आते आप चाहते हैं आगे भी सूचना तो फॉलो करें जरूर फॉलो करें हमारे प्रोफाइल पेज को और यही कहूंगा कि पसंद आया तो लाइक जरूर करना
Namaskaar aaj mere phon kee baitaree hai ki jo thee vah log gaee thee chaarj nahin kiya tha kisee kaaranavash main use chaarj nahin kar paaya aur mujhe bahut saaree samasyaon ka saamana karana pada jaise bahut saare phon kol the bahut saare maisej the eemel the vhaatsep par in saaree cheejon ka hamen theek dhang se upayog nahin kar paaya aur kisee sampark nahin rakh pae darasal yah mainne isalie kaha hai kyonki aapane prashn kya hai ki achchhee neend lene ke kya phaayade hain to phaayade isee prakaar se kyonki jab neend lete to ham apanee bodee ko chaarj karate enarjee dete hain ham din bhar ke kaam karate hain thak jaate hain ham dischaarj ho jaate to apane aap hee apanee urja ko chaarj karane ke lie aur apane aapako oorjaavaan banaane ke lie hamen neend kee bahut jaroorat hotee hai ek achchhee neend achchhe tareeke se sona aur sone kee vyavastha ko samajhana bahut jarooree hai kyonki ham laaparavaahee kar dete hain theek dhang se khaate nahin hai theek dhang se sote nahin hai aur phir jeevan mein kahate ki bahut jyaada stres hai bahut jyaada samasya hai to hamaara prophomans bhee bahut jyaada kharaab ho jaata hai in cheejon agar aap chaahate hain jeevan mein kuchh cheej haasil karana hai aapane paraphormens apane vyaktitv ko nahin khaana chaahate to aap ek rooteen banaen aaj to phir kuchh nahin to aap sirph sone ka rooteen achchhe se bana le sone ka samay nirdhaarit karen kam se kam 8 ghante kee neend to bahut jarooree hai hamaare lie aur vah bhee kis prakaar se jab aap sote hain to apane bistar ko achchhe se vyavasthit karen aur ho sake to koee sugandhit phool ya koee hai jisamen khushaboo aatee hai aise hee tel ka prayog karen achchha myoojik sune sunate vakt taaki aapakee bodee pooree tarah se rilaiks hai jo din bhar kee thakaan hotee hai na vah pooree tarah se utar jae to dekha hee jaata hai ki jo log achchhee neend lete hain vah bahut jyaada oorjaavaan ektiv rahate hain aur apanee laiph mein achchha paraphormens karake dikhaate ek achchha kah sakate kaary karake dikhaate kyonki unamen bahut jyaada oorja hote hain lekin vah doosaree taraph agar dekha jae to jo log theek dhang se neend nahin le paate unhen aksar is cheej kee kamee hotee hai ki vah bahut jyaada chidachida svabhaav ho jaata hai unaka bahut jyaada hai pareshaan rahate hain kyonki unaka taalamel nahin ban paata dimaag aur shareer ka jo taalamel hota hai kyonki dimaag andar se thaka hota hai shareer mein thakaavat aur aap usako aur jyaada vark lod dete jaate to isalie mujhe nahin yah kahaavat kahee ki mera phon jo tha vah dischaarj ho gaya tha mujhe laga ki yah cheej yahaan par theek baithatee hai aur aapane bhee dekha hoga aapako gussa aata hoga jab aapaka phon kabhee chaarj nahin hota hai usakee baitaree bahut kam hotee hai to isee par karate hain jab ham phon ko lekar itanee gaharee ho sakate hain speekar band ho sakate itanee laaparavaahee kyon karate hain apane sandeep ke saath main bas yahee chaahoonga mere kahane ka matalab yahee hai ki aap sab apane jeevan mein koee aur cheej ho na ho kyonki aaj ke samay mein itana vyast ho gaya hai jeevan bhaagadaud bharee jindagee ho gaee hai ki eksarasaij karane tak ka hamaare paas samay nahin hota hamaara hamen theek dhang se khaane ka bhee samay nahin hota to aise mein svaasthy tabhee karata hee hai lekin ek cheej hai jisase sabase jyaada prabhaavit hota hamaara shareer vah neend us par to ham kam se kam ek achchhee neend to le sakate agar ham jindagee bhar koee kaam karen aur hamen achchhee neend tak haasil le rahee to kya phaayada agar ham paisa kamaane ke lie bhaagadaud kar rahe hain aur us paise kamaane ke chalate ham achchhee neend nahin le sakate to us paise ka kya phaayada ham paisa kis lie kamaate hain ya dhan kis le sanchit karate hain apanee sukh-suvidhaon ko maulik aavashyakataon ko poora karane ke lie agar aap kee maulik aavashyakata hai sukh suvidhaen nahin ban pa rahee hoon cheejon se kee vajah se to kya phaayada aise dhan kahaan se aaega is cheej ko par jaroor vichaar karen aur kament ke maadhyam se aap jaroor apanee raay rakhen ki aapako hamaare post kaisa laga aur is hamaare savaal javaab agar aapako pasand aate aap chaahate hain aage bhee soochana to pholo karen jaroor pholo karen hamaare prophail pej ko aur yahee kahoonga ki pasand aaya to laik jaroor karana

#जीवन शैली

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:58
एक व्यक्ति जो शारीरिक रूप से सक्षम नहीं होता उसे देखकर हमें उस पर तरस आता है या हम सोचते हैं कि आखिर इसके साथ ऐसा क्यों हुआ हमें उसे सीख लेनी चाहिए कि जो चीज हमारे पास है जो अनमोल धरोहर अनमोल रतन जो हमारे पास है वह हमारा स्वास्थ्य शरीर है अगर हम शारीरिक रूप से सक्षम है हमारे हाथ पांव हमारे सारे शरीर की जितनी भी इंद्रियां है वह सही रूप से काम करें तो हमें उसका सदुपयोग करना चाहिए ऐसा ना हो कि बाद में वह हमें उनकी महत्वता का पता चलता है जब हम ना हम किसी शारीरिक रूप से ग्रस्त हो जाते हैं बीमारी से या किसी शारीरिक रूप से किसी काम को करने में असमर्थ हो जाते तब हमें उनका महत्व पता चलता है उदाहरण के तौर पर आकर हम आंखों की ही बात करें जो लोग देख सकते हैं उन्हें इतना महत्व नहीं पता चलता होगा जब उन लोगों से पूछे जो लोग देख नहीं सकते रंगों का आस्वादन नहीं ले सकते रंगों को देख नहीं सकते कि रंगों को फील नहीं कर सकते ऐसे में जब हमें ऐसे व्यक्ति मिलते हैं जो शारीरिक रूप से सक्षम होते हैं तो उनसे सबसे पहले हमें सीख लेनी चाहिए कि हमें अपने जीवन में जो भी हमारा यह शरीर मिला है उसका हमें सही से इस्तेमाल करना चाहिए उसकी परवाह करनी चाहिए उसकी देखरेख करनी चाहिए और हो सके उसे जितने भी अच्छे काम हो सके जितने लोगों की मदद हो सके वह करना चाहिए जरूरी नहीं है कि धन की वजह से आप किसी की मदद करें किसी को पैसा भी देखकर आपकी उसको किसी की मदद की जा सकती है आपके पास आते तो उसकी समस्याओं को उठा सकते आप उसके मुझको उठा सकते कम कर सकते हैं अगर आपके पास जवाब है तो आप अच्छे शब्द बोल कर किसी का दुख दर्द तकलीफ दूर कर सकते हैं किसी के समस्या का समाधान दे सकते हैं वैसे हर एक इंद्रियों का अपना एक काम होता है और बात करें जो व्यक्ति शारीरिक रूप से आज सक्षम होते हैं जो इस तरह के हालातों का सामना कर रहे होते तो यह उनकी मनोज स्त्री को पर डिपेंड करता है और ज्यादातर लोग उन चीजों का महत्व समझते हैं हम और आप अपने शरीर का महत्व नहीं समझते लेकिन जो लोग शरीर से आज सक्षम होते हैं किसी तरह से दिव्यांग होते वह उनका महत्व जानते हैं उन अंगों का महत्व जानते हुए उनकी ख्वाहिश सिर्फ यही रहती है काश एक बार मुझे यह अगर जो व्यक्ति चलने फिरने में सक्षम है तो वह यही चाहेगा काश एक बार मुझे दौड़ने का मौका मिला और अगर वाकई उसे दौड़ने का एक बार मौका मिल जाता तो वह खुशी का कोई भी कह सकते उसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता अनुभव नहीं कर सकता उसे इतनी अच्छी नहीं ज्यादा खुशी होगी जीवन में उसकी चाहत रहेगी काश एक बार ऐसा हो जाए वह किसी चमत्कार से कम नहीं रहेगा उस व्यक्ति के लिए लेकिन हम और आप जो शिक्षामित्र चलते हमें इतना महत्व नहीं देते या अपने शरीर के प्रति इतने लापरवाह हो जाते बाद में जब हम समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं शारीरिक रूप से तब हमें बड़ा पछतावा था कि हमने इस शरीर का क्यों ख्याल नहीं रखा तो सबसे पहले यही कहूंगा कि आप अपने आप से अपने आसपास की उन लोगों से सीख ले जिनके पास किसी चीज से कुछ कमी है शारीरिक रूप से और अगर आप असमर्थ महान है शरीर से तो उस शरीर का सदुपयोग करें किसी की भलाई के लिए और रहा सवाल जो लोग शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हैं उनके प्रति समाज में यही होता है कि के कह सकते हैं कि एक के बिना मर भावना होती है कि आप लोगों के पास तो यह भी साफ सारी समर्थ है और यह सब कुछ होने के बाद भी आप लोग इतनी मूर्खता करते हैं कि नजरअंदाज करते थे उनके प्रति लापरवाह हो जाते हैं अपने तो उनका नजरिया वह जानते हैं कि आप कितने महत्वपूर्ण हैं आपके जो अंग है जो शरीर के शरीर का क्या महत्व है उस महत्व को जानते उनकी जगह से पिक दृष्टिकोण होता बहुत ही ज्यादा रिस्पेक्टबल होता है आपके शरीर के लिए अपने शरीर के लिए क्यों क्यों नहीं पता होता है कि उन्होंने क्या खोया और क्या पाया है जिसे यह आभासी ना हो कि उसने क्या खोया क्या पाया तो क्या किसी को कोई चीज मिल जाती है तो उसको चीज एहसास ही नहीं रहता या फिर वह चीज कितनी कीमती है खोने के बाद हमें पता चलता है कि उसकी वैल्यू या फिर वह कितना कीमती था चाहे वह शरीर हो चाहे कोई व्यक्ति हो चाहे कोई भी चारों हर एक जगह लागू होता है आशा करता हूं यह पोस्ट आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा विचार में आपके और चाहूंगा कि आप कमेंट के माध्यम से अपने बीच
Ek vyakti jo shaareerik roop se saksham nahin hota use dekhakar hamen us par taras aata hai ya ham sochate hain ki aakhir isake saath aisa kyon hua hamen use seekh lenee chaahie ki jo cheej hamaare paas hai jo anamol dharohar anamol ratan jo hamaare paas hai vah hamaara svaasthy shareer hai agar ham shaareerik roop se saksham hai hamaare haath paanv hamaare saare shareer kee jitanee bhee indriyaan hai vah sahee roop se kaam karen to hamen usaka sadupayog karana chaahie aisa na ho ki baad mein vah hamen unakee mahatvata ka pata chalata hai jab ham na ham kisee shaareerik roop se grast ho jaate hain beemaaree se ya kisee shaareerik roop se kisee kaam ko karane mein asamarth ho jaate tab hamen unaka mahatv pata chalata hai udaaharan ke taur par aakar ham aankhon kee hee baat karen jo log dekh sakate hain unhen itana mahatv nahin pata chalata hoga jab un logon se poochhe jo log dekh nahin sakate rangon ka aasvaadan nahin le sakate rangon ko dekh nahin sakate ki rangon ko pheel nahin kar sakate aise mein jab hamen aise vyakti milate hain jo shaareerik roop se saksham hote hain to unase sabase pahale hamen seekh lenee chaahie ki hamen apane jeevan mein jo bhee hamaara yah shareer mila hai usaka hamen sahee se istemaal karana chaahie usakee paravaah karanee chaahie usakee dekharekh karanee chaahie aur ho sake use jitane bhee achchhe kaam ho sake jitane logon kee madad ho sake vah karana chaahie jarooree nahin hai ki dhan kee vajah se aap kisee kee madad karen kisee ko paisa bhee dekhakar aapakee usako kisee kee madad kee ja sakatee hai aapake paas aate to usakee samasyaon ko utha sakate aap usake mujhako utha sakate kam kar sakate hain agar aapake paas javaab hai to aap achchhe shabd bol kar kisee ka dukh dard takaleeph door kar sakate hain kisee ke samasya ka samaadhaan de sakate hain vaise har ek indriyon ka apana ek kaam hota hai aur baat karen jo vyakti shaareerik roop se aaj saksham hote hain jo is tarah ke haalaaton ka saamana kar rahe hote to yah unakee manoj stree ko par dipend karata hai aur jyaadaatar log un cheejon ka mahatv samajhate hain ham aur aap apane shareer ka mahatv nahin samajhate lekin jo log shareer se aaj saksham hote hain kisee tarah se divyaang hote vah unaka mahatv jaanate hain un angon ka mahatv jaanate hue unakee khvaahish sirph yahee rahatee hai kaash ek baar mujhe yah agar jo vyakti chalane phirane mein saksham hai to vah yahee chaahega kaash ek baar mujhe daudane ka mauka mila aur agar vaakee use daudane ka ek baar mauka mil jaata to vah khushee ka koee bhee kah sakate usaka koee andaaja nahin laga sakata anubhav nahin kar sakata use itanee achchhee nahin jyaada khushee hogee jeevan mein usakee chaahat rahegee kaash ek baar aisa ho jae vah kisee chamatkaar se kam nahin rahega us vyakti ke lie lekin ham aur aap jo shikshaamitr chalate hamen itana mahatv nahin dete ya apane shareer ke prati itane laaparavaah ho jaate baad mein jab ham samasya se grast ho jaate hain shaareerik roop se tab hamen bada pachhataava tha ki hamane is shareer ka kyon khyaal nahin rakha to sabase pahale yahee kahoonga ki aap apane aap se apane aasapaas kee un logon se seekh le jinake paas kisee cheej se kuchh kamee hai shaareerik roop se aur agar aap asamarth mahaan hai shareer se to us shareer ka sadupayog karen kisee kee bhalaee ke lie aur raha savaal jo log shaareerik chunautiyon ka saamana karate hain unake prati samaaj mein yahee hota hai ki ke kah sakate hain ki ek ke bina mar bhaavana hotee hai ki aap logon ke paas to yah bhee saaph saaree samarth hai aur yah sab kuchh hone ke baad bhee aap log itanee moorkhata karate hain ki najarandaaj karate the unake prati laaparavaah ho jaate hain apane to unaka najariya vah jaanate hain ki aap kitane mahatvapoorn hain aapake jo ang hai jo shareer ke shareer ka kya mahatv hai us mahatv ko jaanate unakee jagah se pik drshtikon hota bahut hee jyaada rispektabal hota hai aapake shareer ke lie apane shareer ke lie kyon kyon nahin pata hota hai ki unhonne kya khoya aur kya paaya hai jise yah aabhaasee na ho ki usane kya khoya kya paaya to kya kisee ko koee cheej mil jaatee hai to usako cheej ehasaas hee nahin rahata ya phir vah cheej kitanee keematee hai khone ke baad hamen pata chalata hai ki usakee vailyoo ya phir vah kitana keematee tha chaahe vah shareer ho chaahe koee vyakti ho chaahe koee bhee chaaron har ek jagah laagoo hota hai aasha karata hoon yah post aapake jeevan mein sakaaraatmak parivartan laega vichaar mein aapake aur chaahoonga ki aap kament ke maadhyam se apane beech

#जीवन शैली

Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:58
एक शायरी है कि हम जिसे चाहते वह किसी और को चाहता है और जो हमें चाहता है उसे कौन चाहता है तो कहने का अभिप्राय यही है कि हमारे जीवन में बहुत सी ऐसी चीजें होती है जिन्हें हम चाहत के रूप में देखते हैं हमारी चाहत होती से कह सकते हैं हमारी चाहत बन जाती है पर यह बात करें कि हरेक की अपनी नीति हां कह सकते हैं स्वतंत्रता है निजी चुनाव करने का अधिकार है कि किस को क्या अच्छा लगता है और क्या किसके साथ अपना जीवन व्यतीत करना चाहता है ऐसे में जो आप ने प्रश्न किया है कि अक्सर ऐसा देख क्यों होता है कि जिन्हें हम चाहते हैं वह किसी और को चाहता है और मैं जो हमें चाहता है हम उसे नहीं चाहते ऐसा क्यों हर एक व्यक्ति का अपने ही एक के पसंद होती है पसंद ना पसंद होती है इसमें किसी का कोई दोष नहीं होता हर व्यक्ति का अपना एक के निजी चुनाव बताएं कि उसे क्या अच्छा लगता है क्या नहीं लगता है इसमें कोई फोर्स के नहीं कर सकता कि यह आपको यह पसंद करना चाहिए आपको यह पसंद नहीं करना चाहिए आप कोई अच्छा लगना चाहिए आइए नहीं लगना चाहिए कोई नहीं बता सकता यह खुद फील कर सकते हैं कि आपको जब महसूस होता है इसके साथ वक्त गुजारना रहना अच्छा लगता है भैया आपकी खुद की चॉइस होती है उसके लिए आप कुछ भी करते हैं वह आपकी खुद की डिसीजन का आपका खुद का निर्णय होता है लेकिन हमें सामने वाले की भी रिस्पेक्ट करने चाहिए उसके भी निर्णय का रिस्पेक्ट नतीजा ऑफिस का डिसीजन है उसकी भी रिस्पेक्ट करनी चाहिए आदर करना चाहिए ऐसा नहीं आप जिसको चाहते हो तो फोर्सफुली चाहत का एहसास ही होता है कि किसी को कुछ देना किसी के लिए समर्पित हो ना की किसी को जबरन बांध के रखना अपने पास ठीक है और इसमें कोई जोर नहीं है किसी चीज को चलता और कह सकते हैं एक तरह से कि जब जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं जब हमें एक किसी एक का चुनाव करना पड़ता है जैसा कि आपने जिक्र किया है कि हमें जो चाहता है वह पिया हम जिसे चाहते हैं यह निर्णय आपका बताएं इससे कोई और इस बात का निर्णय नहीं ले सकता कि आप किस का चुनाव करते हैं हालांकि सलाह दे सकते हैं मैं भी यही सलाह दूंगा कि आप का चुनाव करें जो आपको चाहता है कि कि आपको जो व्यक्ति समय दे रहा है उसके हिसाब से अगर आप उस का चुनाव करते हैं तो वह आपके लिए समर्पित रहेगा और एक के कैसेट तमाम टेंशन बन जाती है क्या सकते हैं जोड़ी बन जाती है जीवन में और भरदा तो आपको जो नहीं चाहता आप जिसको चाहते हैं उसके पीछे भागते रहेंगे तो आपको कुछ हासिल होने वाला नहीं है कम से कम जीवन में कुछ एक चीज तो हासिल हो सके तो प्रयास वही करना चाहिए जो समर्थक हूं जिससे कुछ हासिल भी हो सके हालांकि यह कहना कि कुछ हासिल करने के लिए किसी की चाहत रखना तो यह गलत भी है क्योंकि जो चाहा तो तारो प्रेम होता है वह निस्वार्थ भाव से होता है वह सिर्फ देना जानता है नहीं जानता वह समर्पण जानता है किसी को जबरन अपने पास से बांध के रखना नहीं चाहता स्वतंत्रता देना चाहता है जवाब तो देखेंगे कि जिसको आप चाहते हैं आप उसके लिए कुछ करते हैं अगर उसकी खुशी में आपको खुशी महसूस होती है तो यकीनन यह ही वास्तविक प्रेम होता है क्योंकि किसी और की खुशी खुशी देखकर खुद को खुशी में सुषमा किसी और की तकलीफ में आपको तकलीफ में सोचो यह बहुत ही कह सकते अलग और अनुभव जो एहसास होता है इसे सास को बयां नहीं किया जा सकता किसी लाइन में किसी डिस्को कह नहीं सकते कि इसका क्या अर्थ बनता है इसका कोई मतलब सार्थक जवाब नहीं होता यह तो बस एक एहसास होता है जब किसी को खुश करने के लिए किसी को कुछ किसी के लिए कुछ करने में आपको खुशी मिलती है फिर वह चाहे आप की परवाह करें या ना करें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता जीवन का सत्य ही है कि हमें हर वो चीज तो करनी चाहिए जो जिससे हमें खुशी मिले लेकिन कहीं ना कहीं अगर एक सामाजिक दायरा देखा जाए तो हमारे उन लोगों का भी आदर करना चाहिए जो हमारा हमारी रिस्पेक्ट करते हैं हमारी परवाह करते तो हमें उनकी भी परवाह एक बार जरूर करनी चाहिए यह मानवता है इसी का इंसानियत कह सकते हैं तु मेरी सलाह यही है कि जो आपको चाहे आप उसे चाहे तो यह बहुत अच्छी बात है आई होप सो दैट ही पोस्ट आपके लिए काफी हेल्प लो और कमेंट के माध्यम से जरूर अपनी राय हम तक रखें कि आपको कैसा लगता हमारा पोस्ट
Ek shaayaree hai ki ham jise chaahate vah kisee aur ko chaahata hai aur jo hamen chaahata hai use kaun chaahata hai to kahane ka abhipraay yahee hai ki hamaare jeevan mein bahut see aisee cheejen hotee hai jinhen ham chaahat ke roop mein dekhate hain hamaaree chaahat hotee se kah sakate hain hamaaree chaahat ban jaatee hai par yah baat karen ki harek kee apanee neeti haan kah sakate hain svatantrata hai nijee chunaav karane ka adhikaar hai ki kis ko kya achchha lagata hai aur kya kisake saath apana jeevan vyateet karana chaahata hai aise mein jo aap ne prashn kiya hai ki aksar aisa dekh kyon hota hai ki jinhen ham chaahate hain vah kisee aur ko chaahata hai aur main jo hamen chaahata hai ham use nahin chaahate aisa kyon har ek vyakti ka apane hee ek ke pasand hotee hai pasand na pasand hotee hai isamen kisee ka koee dosh nahin hota har vyakti ka apana ek ke nijee chunaav bataen ki use kya achchha lagata hai kya nahin lagata hai isamen koee phors ke nahin kar sakata ki yah aapako yah pasand karana chaahie aapako yah pasand nahin karana chaahie aap koee achchha lagana chaahie aaie nahin lagana chaahie koee nahin bata sakata yah khud pheel kar sakate hain ki aapako jab mahasoos hota hai isake saath vakt gujaarana rahana achchha lagata hai bhaiya aapakee khud kee chois hotee hai usake lie aap kuchh bhee karate hain vah aapakee khud kee diseejan ka aapaka khud ka nirnay hota hai lekin hamen saamane vaale kee bhee rispekt karane chaahie usake bhee nirnay ka rispekt nateeja ophis ka diseejan hai usakee bhee rispekt karanee chaahie aadar karana chaahie aisa nahin aap jisako chaahate ho to phorsaphulee chaahat ka ehasaas hee hota hai ki kisee ko kuchh dena kisee ke lie samarpit ho na kee kisee ko jabaran baandh ke rakhana apane paas theek hai aur isamen koee jor nahin hai kisee cheej ko chalata aur kah sakate hain ek tarah se ki jab jeevan mein kuchh aise pal aate hain jab hamen ek kisee ek ka chunaav karana padata hai jaisa ki aapane jikr kiya hai ki hamen jo chaahata hai vah piya ham jise chaahate hain yah nirnay aapaka bataen isase koee aur is baat ka nirnay nahin le sakata ki aap kis ka chunaav karate hain haalaanki salaah de sakate hain main bhee yahee salaah doonga ki aap ka chunaav karen jo aapako chaahata hai ki ki aapako jo vyakti samay de raha hai usake hisaab se agar aap us ka chunaav karate hain to vah aapake lie samarpit rahega aur ek ke kaiset tamaam tenshan ban jaatee hai kya sakate hain jodee ban jaatee hai jeevan mein aur bharada to aapako jo nahin chaahata aap jisako chaahate hain usake peechhe bhaagate rahenge to aapako kuchh haasil hone vaala nahin hai kam se kam jeevan mein kuchh ek cheej to haasil ho sake to prayaas vahee karana chaahie jo samarthak hoon jisase kuchh haasil bhee ho sake haalaanki yah kahana ki kuchh haasil karane ke lie kisee kee chaahat rakhana to yah galat bhee hai kyonki jo chaaha to taaro prem hota hai vah nisvaarth bhaav se hota hai vah sirph dena jaanata hai nahin jaanata vah samarpan jaanata hai kisee ko jabaran apane paas se baandh ke rakhana nahin chaahata svatantrata dena chaahata hai javaab to dekhenge ki jisako aap chaahate hain aap usake lie kuchh karate hain agar usakee khushee mein aapako khushee mahasoos hotee hai to yakeenan yah hee vaastavik prem hota hai kyonki kisee aur kee khushee khushee dekhakar khud ko khushee mein sushama kisee aur kee takaleeph mein aapako takaleeph mein socho yah bahut hee kah sakate alag aur anubhav jo ehasaas hota hai ise saas ko bayaan nahin kiya ja sakata kisee lain mein kisee disko kah nahin sakate ki isaka kya arth banata hai isaka koee matalab saarthak javaab nahin hota yah to bas ek ehasaas hota hai jab kisee ko khush karane ke lie kisee ko kuchh kisee ke lie kuchh karane mein aapako khushee milatee hai phir vah chaahe aap kee paravaah karen ya na karen isase koee phark nahin padata jeevan ka saty hee hai ki hamen har vo cheej to karanee chaahie jo jisase hamen khushee mile lekin kaheen na kaheen agar ek saamaajik daayara dekha jae to hamaare un logon ka bhee aadar karana chaahie jo hamaara hamaaree rispekt karate hain hamaaree paravaah karate to hamen unakee bhee paravaah ek baar jaroor karanee chaahie yah maanavata hai isee ka insaaniyat kah sakate hain tu meree salaah yahee hai ki jo aapako chaahe aap use chaahe to yah bahut achchhee baat hai aaee hop so dait hee post aapake lie kaaphee help lo aur kament ke maadhyam se jaroor apanee raay ham tak rakhen ki aapako kaisa lagata hamaara post

#पढ़ाई लिखाई

bolkar speaker
यदि हमारे लक्ष्य 5 है तो उन में से कौन सा चुने?Yadi Hamare Lakshya 5 Hai To Un Mein Se Kaun Sa Chune
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:58
नमस्कार एक व्यक्ति हर वह काम कर सकता है बहुत अच्छे से जो से करने के लिए दिया जाता है लेकिन यह मायने रखता है कि उसकी दिलचस्पी किस में जब मैं आपके प्रश्न की बात कराओ कि जैसा कि आपने प्रश्न क्या यदि हमारे लक्ष्य 5 है तो उन में से कौन सा चुने लक्ष्य कोई भी हूं फर्क नहीं पड़ता है फर्क इससे पड़ता है क्या आपको खुशी किस से मिलती है इस काम को करने में आपको आनंद आता है यह बहुत महत्वपूर्ण है इसे समझना बहुत जरूरी है बहुत सारे काम होते हैं जब हम बहुत बखूबी बहुत अच्छे तरीके से कर लेते और हमें सजेस्ट किया जाता आपके पर यह सूट करेगा यह चीज आप कीजिए आप बहुत तरक्की करेंगे और ऐसा ही होता भी है हमारे मां-बाप हमारी चिंता करते हैं हमारी सबसे ज्यादा परवाह करते वह हमें गाइड भी करते कि आप के फ्यूचर के लिए आपके भविष्य के लिए लाइन है यह करिए इस लाइन में आप करियर बनाएं कर बात करें मेहनत करें यह आपके लिए ठीक रहेगा उनकी बात भी हालांकि ठीक है लेकिन आपको अपने आप से चुनाव करना पड़ता है यहां कोई आपको सजेस्ट नहीं कर सकता कोई आपको कह नहीं सकता बता सकते नहीं सकता कि आप क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए आप का चुनाव स्वयं का चुनाव बताओ खुद का चुनाव बताओ आप खुद उस चीज को चुन सकते कि आपको क्या करना है आप इसे समझने के लिए बहुत ही सहज रूप से आप देखिए कि जब आपको काम करते और उस काम को मैं इतने मग्न हो जाता कि आपको वक्त का पता नहीं चलता आपको थकान नहीं होती आपके अंदर जी बिल्कुल भी खर्च नहीं होते आप एक्टिव रहते हैं बहुत ज्यादा उस काम को करते हुए हर्ष होता है उल्लास के साथ आप उस काम को करते हैं तो यही आपका लक्ष्य है आपका जो कर्म है आपको जिसके लिए आप पैदा हुए हैं वही वही कार्य कुछ लोगों को आज मैं बहुत ज्यादा दिलचस्पी होती है जैसे सिंगिंग हो गया डांसिंग हो गया पेंटिंग हो गया इस तरह की एक्टिव हो गई इस तरह के कार्य को करने में उन्हें खुशी मिलती है और उन्हें पता ही नहीं चलता कि कब कितना समय लग गया कितना समय हो गया या कितना है उन्होंने काम किया इतनी थकान नहीं होती कितनी अर्जी उन्होंने लगाई है उस काम को बिल्कुल फ्रेश फील करते हो उस काम को करते हो तो जीवन का जो मूल्य है आधार जो है लक्ष्य सुनने का यही है कि आप जब भी कोई काम करें उसका आपको बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ आनंद के साथ करें और देखिए वह काम बहुत ही ज्यादा बेहतरीन हो जाता है जब आप किसी को मन लगाकर काम करते हैं काम करने के 2 तरीके होते हैं पहले तो आप मन मार के मार के काम कीजिए जैसा कि हमें पता जीवन को जीने के लिए कुछ धन की आवश्यकता पड़ती है ऊंचाई की आवश्यकता पड़ती है इसलिए हम जरूरी है कि हम एक जॉब करनी पड़ेगी है कि बिना आए के बिना धन के हम अपने जीवन को सही रूप से व्यवस्थित रूप से नहीं चला सकते जी सकते तो इसलिए हमें आवश्यकता पड़ती है उसकी पूर्ति के लिए धन की पूर्ति के लिए हम नौकरियां भी करते मन मार कर करना पड़ता है लेकिन करना पड़ता है चाहे हमें अच्छा लगे ना तो फर्क नहीं पड़ता लेकिन जिस काम को आप दिल से करते हैं मन लगाकर करते उस काम की तो अलग ही बात होती है उसमे अलग ही निखर के आता वह काम और लोग तो सराना भी करते तारीफ ही करते क्या आप अपने क्या काम करके दिखाया जॉब सबसे अलग होता है उसमें आपकी अपनी एक अलग पहचान आपका अलग एक व्यक्ति पर झलकता है उस कार्य को मैं कार्य में चाहे कुछ भी हो जाए वह पेंटिंग और डांसिंग में एक्टिंग हो जब आप उस चीज को हासिल करते जो चीज आप करना चाहते हैं तो यकीनन उसमें आप की छवि दिखाई देती आपका कुछ नयापन दिखाई दिया था क्या आपने उसमें कुछ ना कुछ क्रिएटिव बाकी अगर आप मनमोहन के काम करेंगे तो जैसे सब करते सिम ले लिया आप भी वही काम करेंगे 8 से 10 घंटे की जॉब करेंगे इस तरह से 10 में कोई नयापन नहीं कुछ उधर हो सकता नहीं आएगी और आप खुद आपसे कोई पूछेगा तो आप भी खुद प्रभावशाली ढंग से नहीं बता पाएंगे कि आप क्या करता है आप कहेंगे वही करता हूं जो हर कोई करता है जीवन जीने के लिए लेकिन जब आप वह चीज करते उस चीज का चुनाव करता हूं उस लक्ष्य का चुनाव करता है जो वाकई में आप करना चाहते हैं तो आप हर्ष के साथ गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमें इस चेहरे में क्षेत्र में कार्यरत हूं और मेरा जो काम है बहुत दिलचस्प है बहुत रोचक है और मुझे मेरा काम करने में बहुत ज्यादा खुशी महसूस होती है इस तरह के वाक्यों के चुनाव के लिए आपका लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए
Namaskaar ek vyakti har vah kaam kar sakata hai bahut achchhe se jo se karane ke lie diya jaata hai lekin yah maayane rakhata hai ki usakee dilachaspee kis mein jab main aapake prashn kee baat karao ki jaisa ki aapane prashn kya yadi hamaare lakshy 5 hai to un mein se kaun sa chune lakshy koee bhee hoon phark nahin padata hai phark isase padata hai kya aapako khushee kis se milatee hai is kaam ko karane mein aapako aanand aata hai yah bahut mahatvapoorn hai ise samajhana bahut jarooree hai bahut saare kaam hote hain jab ham bahut bakhoobee bahut achchhe tareeke se kar lete aur hamen sajest kiya jaata aapake par yah soot karega yah cheej aap keejie aap bahut tarakkee karenge aur aisa hee hota bhee hai hamaare maan-baap hamaaree chinta karate hain hamaaree sabase jyaada paravaah karate vah hamen gaid bhee karate ki aap ke phyoochar ke lie aapake bhavishy ke lie lain hai yah karie is lain mein aap kariyar banaen kar baat karen mehanat karen yah aapake lie theek rahega unakee baat bhee haalaanki theek hai lekin aapako apane aap se chunaav karana padata hai yahaan koee aapako sajest nahin kar sakata koee aapako kah nahin sakata bata sakate nahin sakata ki aap kya karana chaahie kya nahin karana chaahie aap ka chunaav svayan ka chunaav batao khud ka chunaav batao aap khud us cheej ko chun sakate ki aapako kya karana hai aap ise samajhane ke lie bahut hee sahaj roop se aap dekhie ki jab aapako kaam karate aur us kaam ko main itane magn ho jaata ki aapako vakt ka pata nahin chalata aapako thakaan nahin hotee aapake andar jee bilkul bhee kharch nahin hote aap ektiv rahate hain bahut jyaada us kaam ko karate hue harsh hota hai ullaas ke saath aap us kaam ko karate hain to yahee aapaka lakshy hai aapaka jo karm hai aapako jisake lie aap paida hue hain vahee vahee kaary kuchh logon ko aaj main bahut jyaada dilachaspee hotee hai jaise singing ho gaya daansing ho gaya penting ho gaya is tarah kee ektiv ho gaee is tarah ke kaary ko karane mein unhen khushee milatee hai aur unhen pata hee nahin chalata ki kab kitana samay lag gaya kitana samay ho gaya ya kitana hai unhonne kaam kiya itanee thakaan nahin hotee kitanee arjee unhonne lagaee hai us kaam ko bilkul phresh pheel karate ho us kaam ko karate ho to jeevan ka jo mooly hai aadhaar jo hai lakshy sunane ka yahee hai ki aap jab bhee koee kaam karen usaka aapako bahut hee harsh aur ullaas ke saath aanand ke saath karen aur dekhie vah kaam bahut hee jyaada behatareen ho jaata hai jab aap kisee ko man lagaakar kaam karate hain kaam karane ke 2 tareeke hote hain pahale to aap man maar ke maar ke kaam keejie jaisa ki hamen pata jeevan ko jeene ke lie kuchh dhan kee aavashyakata padatee hai oonchaee kee aavashyakata padatee hai isalie ham jarooree hai ki ham ek job karanee padegee hai ki bina aae ke bina dhan ke ham apane jeevan ko sahee roop se vyavasthit roop se nahin chala sakate jee sakate to isalie hamen aavashyakata padatee hai usakee poorti ke lie dhan kee poorti ke lie ham naukariyaan bhee karate man maar kar karana padata hai lekin karana padata hai chaahe hamen achchha lage na to phark nahin padata lekin jis kaam ko aap dil se karate hain man lagaakar karate us kaam kee to alag hee baat hotee hai usame alag hee nikhar ke aata vah kaam aur log to saraana bhee karate taareeph hee karate kya aap apane kya kaam karake dikhaaya job sabase alag hota hai usamen aapakee apanee ek alag pahachaan aapaka alag ek vyakti par jhalakata hai us kaary ko main kaary mein chaahe kuchh bhee ho jae vah penting aur daansing mein ekting ho jab aap us cheej ko haasil karate jo cheej aap karana chaahate hain to yakeenan usamen aap kee chhavi dikhaee detee aapaka kuchh nayaapan dikhaee diya tha kya aapane usamen kuchh na kuchh krietiv baakee agar aap manamohan ke kaam karenge to jaise sab karate sim le liya aap bhee vahee kaam karenge 8 se 10 ghante kee job karenge is tarah se 10 mein koee nayaapan nahin kuchh udhar ho sakata nahin aaegee aur aap khud aapase koee poochhega to aap bhee khud prabhaavashaalee dhang se nahin bata paenge ki aap kya karata hai aap kahenge vahee karata hoon jo har koee karata hai jeevan jeene ke lie lekin jab aap vah cheej karate us cheej ka chunaav karata hoon us lakshy ka chunaav karata hai jo vaakee mein aap karana chaahate hain to aap harsh ke saath garv ke saath kah sakate hain ki hamen is chehare mein kshetr mein kaaryarat hoon aur mera jo kaam hai bahut dilachasp hai bahut rochak hai aur mujhe mera kaam karane mein bahut jyaada khushee mahasoos hotee hai is tarah ke vaakyon ke chunaav ke lie aapaka lakshy spasht hona chaahie

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
सबसे अधिक बदलाव बचपन में क्या होता है?Sabse Adhik Badlav Bachpan Mein Kya Hota Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
4:31
नमस्कार एक कहावत है कि बच्चे कब बड़े हो जाते हैं पता ही नहीं चलता है वाकई यह बहुत ही सच्ची बात है कि बच्चों में बहुत जल्दी ग्रोथ होती है हर चीज से हार जाए वह शारीरिक रूप से हो चाहे वह मानसिक रूप से भी हो बच्चे बहुत जल्दी सीखते भी हैं हर चीज एक जॉब करते जो भी हमारे पास हो रहा है आसपास जिलों से ही बोल सकते हमारे आसपास के माहौल हमारे समाज के रीति रिवाज उठने बैठने जो भी तौर तरीके होते हैं उन सभी को बहुत जल्दी एक जॉब करते हैं जैसा कि आपने प्रश्न किया कि सबसे अधिक बदलाव बचपन में क्या होता है यह सबसे अधिक बदलाव जो बचपन में उससे होता है वह होता मानसिक तौर पर जो बच्चे होते जब बड़े होते जाते धीरे-धीरे तो वह कहीं ना कहीं अपनी मासूमियत होते जाते हैं उन लोगों के साथ समाज के साथ जो भी चल रहा होता है उसके अनुसार अपने आप को डाल देते हैं उसी के अनुसार उनकी विचारधारा बदलती रहती है और कहीं ना कहीं वह फिर इन सारी चीजों में फंस जाते हैं जैसे कि हमारे समाज में जैसा कि देखा जा रहा है कि खेल कबड्डी यह लोग मेरा तेरा बहुत सारी अच्छाइयां भी होते हैं बहुत सारी बुराइयां भी होती है और वह डिपेंड करता है कि उनके आसपास का माहौल कैसा है क्योंकि कह देना बचपन से भी कोई आदमी बुरा नहीं होता वक्त और हालात से मजबूर कर देते हैं एक गलत आदमी बनने में यह चीजें कहीं न कहीं यह कहावत सही है ज्यादातर यही देखा भी जाता है कि सोसाइटी का बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है इसलिए मैं यही चाहूंगा कि आप अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करें उन्हें अच्छी शिक्षा दें जैसा कि हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा आगे चलकर बहुत अच्छा काम करें उनका नाम रोशन करें तो सिर्फ चाहा लेने भर से कुछ नहीं होता उसके लिए हमें मेहनत करनी पड़ती प्ले तंग करना पड़ता है कोशिश करनी पड़ती है अपने बच्चों के साथ तालमेल बनाने की टिप्स के तौर पर नहीं फ्रेंड के तौर पर उसे बात करें ताकि उन्हें लगे कि हां कि कोई है जिससे हम अपनी सारी बातें शेयर कर सकते अपनी परेशानियों को मैं कई बार क्या होता है पहले से ज्यादा सख्त हो जाते इतने ज्यादा कठोर हो जाते कि बच्चे अपनी मन की बात उससे शेयर ही नहीं कर पाते उनकी जो दुविधा होती है समस्याएं होती वह को बिल्कुल बयां नहीं कर पाते कि आखिर उनके बाद में चलकर आता है और ऐसे में आगे चलता बहुत ज्यादा बदल जाती है खराब हो जाती है जो उन्हें संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है इसलिए यही चाहूंगा कि आप अपने बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त बने क्योंकि बच्चे भावनात्मक तौर पर बहुत ज्यादा विकास करते हैं बहुत जल्दी बढ़ते बदलाव आता है मैं बहुत जल्दी इमोशनल हो जाते बहुत जल्दी खुश हो जाते हैं जैसा कि आपने देखा होगा कि जो छोटे बच्चे वह कभी किसी चीज को माइंड नहीं करते अपने दोस्तों में हम उसके दो बच्चे होते उनके साथ खेलते हैं लड़ते झगड़ते हुए बाद में थोड़ी देर बाद फिर वापस खेलने लगते हो आप नेता आपस में मिल जाते तो इन चीजों को माइंड में कर दें जैसे कि हम बड़े हो जाते हैं हमें पता चलता है कि हम उन चीजों को बहुत ज्यादा बैठ कर दी जब हमारे हमारी किसी से लड़ाई हो जाती है और किसी से मनमुटाव हो जाता है तो हम उसे सालों भर से बनाए रखते बात नहीं करते हैं और उसके प्रति ईशा रहते लेकिन बच्चों की यह खासियत होती है कि जिस से भी थोड़ी देर के लिए अगर रूपी सड़क भी होती है तो बाद में ले कर ले फिर मिलकर खेलने लगते हैं या जो आपस में रहने लगते हैं तो यह क्वालिटी उनको ही बनाए रखनी चाहिए उन्हें कभी भी यह चीज चीज का एहसास नहीं है कि किस प्रकार से हम अपनी भावनाओं पर संयम रखें और काबू रखें और किसी भी चीज को इतनी जल्दी कह सकता है ना मानसिक तौर पर इतनी जल्दी किसी चीज के लिए विचार ना बनाएं हमें बताएं अच्छा लगता है जब आप कमेंट करते हैं और यही कहूंगा अगर हमारे सवाल जवाब आपको अच्छे लगते पसंद आते तो आप ही से सुनने के लिए प्रोफाइल पेज को फॉलो कर सकते हैं योगी प्रशांत करके हैं और लाइक जरुर करें
Namaskaar ek kahaavat hai ki bachche kab bade ho jaate hain pata hee nahin chalata hai vaakee yah bahut hee sachchee baat hai ki bachchon mein bahut jaldee groth hotee hai har cheej se haar jae vah shaareerik roop se ho chaahe vah maanasik roop se bhee ho bachche bahut jaldee seekhate bhee hain har cheej ek job karate jo bhee hamaare paas ho raha hai aasapaas jilon se hee bol sakate hamaare aasapaas ke maahaul hamaare samaaj ke reeti rivaaj uthane baithane jo bhee taur tareeke hote hain un sabhee ko bahut jaldee ek job karate hain jaisa ki aapane prashn kiya ki sabase adhik badalaav bachapan mein kya hota hai yah sabase adhik badalaav jo bachapan mein usase hota hai vah hota maanasik taur par jo bachche hote jab bade hote jaate dheere-dheere to vah kaheen na kaheen apanee maasoomiyat hote jaate hain un logon ke saath samaaj ke saath jo bhee chal raha hota hai usake anusaar apane aap ko daal dete hain usee ke anusaar unakee vichaaradhaara badalatee rahatee hai aur kaheen na kaheen vah phir in saaree cheejon mein phans jaate hain jaise ki hamaare samaaj mein jaisa ki dekha ja raha hai ki khel kabaddee yah log mera tera bahut saaree achchhaiyaan bhee hote hain bahut saaree buraiyaan bhee hotee hai aur vah dipend karata hai ki unake aasapaas ka maahaul kaisa hai kyonki kah dena bachapan se bhee koee aadamee bura nahin hota vakt aur haalaat se majaboor kar dete hain ek galat aadamee banane mein yah cheejen kaheen na kaheen yah kahaavat sahee hai jyaadaatar yahee dekha bhee jaata hai ki sosaitee ka bahut jyaada phark padata hai isalie main yahee chaahoonga ki aap apane bachchon kee achchhee paravarish karen unhen achchhee shiksha den jaisa ki har maan-baap chaahate hain ki unaka bachcha aage chalakar bahut achchha kaam karen unaka naam roshan karen to sirph chaaha lene bhar se kuchh nahin hota usake lie hamen mehanat karanee padatee ple tang karana padata hai koshish karanee padatee hai apane bachchon ke saath taalamel banaane kee tips ke taur par nahin phrend ke taur par use baat karen taaki unhen lage ki haan ki koee hai jisase ham apanee saaree baaten sheyar kar sakate apanee pareshaaniyon ko main kaee baar kya hota hai pahale se jyaada sakht ho jaate itane jyaada kathor ho jaate ki bachche apanee man kee baat usase sheyar hee nahin kar paate unakee jo duvidha hotee hai samasyaen hotee vah ko bilkul bayaan nahin kar paate ki aakhir unake baad mein chalakar aata hai aur aise mein aage chalata bahut jyaada badal jaatee hai kharaab ho jaatee hai jo unhen sambhaalana bahut mushkil ho jaata hai isalie yahee chaahoonga ki aap apane bachchon ke sabase achchhe dost bane kyonki bachche bhaavanaatmak taur par bahut jyaada vikaas karate hain bahut jaldee badhate badalaav aata hai main bahut jaldee imoshanal ho jaate bahut jaldee khush ho jaate hain jaisa ki aapane dekha hoga ki jo chhote bachche vah kabhee kisee cheej ko maind nahin karate apane doston mein ham usake do bachche hote unake saath khelate hain ladate jhagadate hue baad mein thodee der baad phir vaapas khelane lagate ho aap neta aapas mein mil jaate to in cheejon ko maind mein kar den jaise ki ham bade ho jaate hain hamen pata chalata hai ki ham un cheejon ko bahut jyaada baith kar dee jab hamaare hamaaree kisee se ladaee ho jaatee hai aur kisee se manamutaav ho jaata hai to ham use saalon bhar se banae rakhate baat nahin karate hain aur usake prati eesha rahate lekin bachchon kee yah khaasiyat hotee hai ki jis se bhee thodee der ke lie agar roopee sadak bhee hotee hai to baad mein le kar le phir milakar khelane lagate hain ya jo aapas mein rahane lagate hain to yah kvaalitee unako hee banae rakhanee chaahie unhen kabhee bhee yah cheej cheej ka ehasaas nahin hai ki kis prakaar se ham apanee bhaavanaon par sanyam rakhen aur kaaboo rakhen aur kisee bhee cheej ko itanee jaldee kah sakata hai na maanasik taur par itanee jaldee kisee cheej ke lie vichaar na banaen hamen bataen achchha lagata hai jab aap kament karate hain aur yahee kahoonga agar hamaare savaal javaab aapako achchhe lagate pasand aate to aap hee se sunane ke lie prophail pej ko pholo kar sakate hain yogee prashaant karake hain aur laik jarur karen

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
मच्छरों का भोजन क्या है?Macharon Ka Bhojan Kya Hai
Yogi Prashant Nath Bolkar App
Top Speaker,Level 22
सुनिए Yogi जी का जवाब
Business Owner
1:20
इसका जिस जीव का जिक्र आपने आपके प्रश्न किया है उस सभी से हम सभी भलीभांति परिचित हैं और परिचित क्या परेशान होते हैं क्योंकि हमारी रातों की नींद उड़ा देता है और कहावत भी एक मच्छर आदमी को क्या-क्या बना देता है क्या बात करें मच्छरों के खाने की तो भाई यह चीज बड़ी रोचक है कि आखिर मच्छर क्या खाते होंगे हमारी तरह ही कोई ऐसा वैसा कोई फूड खाते हैं कुछ उनकी अलग ही जिससे उनकी कुछ अलग ही रेसिपी है तो बता दो कि जो नर मच्छर होते जी आपने ठीक सुना दो तरह के मच्छरों के नारी अंडे देने वाले और एक के अंदर वह खून नहीं चूसते लोगों का यह बात सुनकर आप सभी को अच्छा लग रहे हो कि नर मच्छर तो खून नहीं सोचते हो पेड़ों के रस सही अपना भोजन लेते लेकिन मादा मच्छर होते हैं उनको खून की आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें अंडे देने होते बच्चों के लिए और अपने घर अपनी बॉडी को नॉर्मल में में कदम रखने के लिए इसलिए काफी पोषक तत्वों ने खून से मिलते तो इसलिए वह मादा मच्छर ही होते जिसके लिए हमारे लिया और डेंगू जैसी बीमारियों की जिम्मेवार होते हैं भाई यह पोस्ट आपको अच्छा लगा थैंक यू फॉर थिस पोस्ट
Isaka jis jeev ka jikr aapane aapake prashn kiya hai us sabhee se ham sabhee bhaleebhaanti parichit hain aur parichit kya pareshaan hote hain kyonki hamaaree raaton kee neend uda deta hai aur kahaavat bhee ek machchhar aadamee ko kya-kya bana deta hai kya baat karen machchharon ke khaane kee to bhaee yah cheej badee rochak hai ki aakhir machchhar kya khaate honge hamaaree tarah hee koee aisa vaisa koee phood khaate hain kuchh unakee alag hee jisase unakee kuchh alag hee resipee hai to bata do ki jo nar machchhar hote jee aapane theek suna do tarah ke machchharon ke naaree ande dene vaale aur ek ke andar vah khoon nahin choosate logon ka yah baat sunakar aap sabhee ko achchha lag rahe ho ki nar machchhar to khoon nahin sochate ho pedon ke ras sahee apana bhojan lete lekin maada machchhar hote hain unako khoon kee aavashyakata hotee hai kyonki unhen ande dene hote bachchon ke lie aur apane ghar apanee bodee ko normal mein mein kadam rakhane ke lie isalie kaaphee poshak tatvon ne khoon se milate to isalie vah maada machchhar hee hote jisake lie hamaare liya aur dengoo jaisee beemaariyon kee jimmevaar hote hain bhaee yah post aapako achchha laga thaink yoo phor this post
URL copied to clipboard