#जीवन शैली

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गलतफहमी कैसे दूर करें?Galatfehmi Kaise Door Kare
Author Yogendra Singh Bolkar App
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लेखक
2:44
हरदा से मिलना है योगी नर्सिंग होम में एक लेखक ऑनलाइन कुछ हूं सवाली की गलतफहमी को कैसे दूर किया जाए तो दूर करने के लिए अलग-अलग तरीके हैं इनका गलतफहमी किस तरीके की है और किस बारे में है अभी हम ऐसा मानते हैं कि इंसान उसे अगर किसी के रिश्ते बिगड़े हुए हैं उसी वजह से गलतफहमी है यानी कि गलत समझ में से कोई रिश्ता बिगड़ा तो वहां पर अलग चीज है काम करेंगे लेकिन अगर किसी चीज की जानकारी के बारे में गलतफहमी है तो उसके लिए अलग तरीके से लेकिन एक चीज बिल्कुल ते हुए है कि अगर इंसान में अज्ञान है किसी भी चीज को लेकर के तो उसी के बारे में उसे गलतफहमी होती है अब मान लीजिए कि किसी इंसान को किसी एग्जाम के बारे में जानकारी नहीं है और उसकी मान्यता है कुछ और है उस चीज को लेकर के लेकिन जब उसे पता चलता है कि सच्चाई क्या है तो वह कहता है कि मैं गलतफहमी में था और इसी तरीके से इंसान की जो रिश्ते होते हैं वह भी इसी तरह टूट जाते हैं क्योंकि इंसान गलतफहमी का शिकार हो जाता है हम बात कर रहे हैं गलतफहमी को कैसे दूर करें चाहे किसी भी तरह की हो जरूरी है कि इंसान अपने ज्ञान को बढ़ाएं यानी कि अपनी जानकारी ठीक करें अगर आप उस चीज के बारे में ज्ञान बढ़ाएंगे अपना नॉलेज लेंगे जानकारी लेंगे तो आपका जो गलत है वह दूर हो जाए इंसान गलतफहमी की वजह से वो रिश्ते टूटते चले जा रहे हैं तो फिर जो आपके बीच में गलतफहमी है उनको बात कर कर ही दूर किया जा सकता है और इसी तरीके से किसी चीज के बारे में अगर आपको गलतफहमी तो उसके बारे में सही जानकारी सीधी और साधारण भाषा में कहें की सही जानकारी किसी इंसान के बारे में किसी बात को लेकर के यह किसी सब्जेक्ट के बारे में अगर आपके पास सही जानकारी है सच्ची जानकारी है तो फिर गलतफहमी फेसबुक पर ही दूर हो सकती हैं और हो जाएंगे तो कोशिश करें चाहे रिश्ते हो या किसी चीज के बारे में होते इंसान कुछ उसके बारे में सही जानकारी जुटाने की कोशिश करें फिर चाहे वह मुझसे बात करके ही क्यों ना सही जानकारी ली जाए और किसी के बारे में कोई गलतफहमी है तो उससे बात करके उस गलतफहमी को दूर किया जा सकता है और कोई सब्जेक्ट है कि इस टॉपिक को लेकर के कोई गलतफहमी है तुम्हारी गर्मी आ गई है तो उसके बारे में सही जानकारी सही इंसान से लेकर के दूर की जा सकती है बहुत-बहुत धन्यवाद
Harada se milana hai yogee narsing hom mein ek lekhak onalain kuchh hoon savaalee kee galataphahamee ko kaise door kiya jae to door karane ke lie alag-alag tareeke hain inaka galataphahamee kis tareeke kee hai aur kis baare mein hai abhee ham aisa maanate hain ki insaan use agar kisee ke rishte bigade hue hain usee vajah se galataphahamee hai yaanee ki galat samajh mein se koee rishta bigada to vahaan par alag cheej hai kaam karenge lekin agar kisee cheej kee jaanakaaree ke baare mein galataphahamee hai to usake lie alag tareeke se lekin ek cheej bilkul te hue hai ki agar insaan mein agyaan hai kisee bhee cheej ko lekar ke to usee ke baare mein use galataphahamee hotee hai ab maan leejie ki kisee insaan ko kisee egjaam ke baare mein jaanakaaree nahin hai aur usakee maanyata hai kuchh aur hai us cheej ko lekar ke lekin jab use pata chalata hai ki sachchaee kya hai to vah kahata hai ki main galataphahamee mein tha aur isee tareeke se insaan kee jo rishte hote hain vah bhee isee tarah toot jaate hain kyonki insaan galataphahamee ka shikaar ho jaata hai ham baat kar rahe hain galataphahamee ko kaise door karen chaahe kisee bhee tarah kee ho jarooree hai ki insaan apane gyaan ko badhaen yaanee ki apanee jaanakaaree theek karen agar aap us cheej ke baare mein gyaan badhaenge apana nolej lenge jaanakaaree lenge to aapaka jo galat hai vah door ho jae insaan galataphahamee kee vajah se vo rishte tootate chale ja rahe hain to phir jo aapake beech mein galataphahamee hai unako baat kar kar hee door kiya ja sakata hai aur isee tareeke se kisee cheej ke baare mein agar aapako galataphahamee to usake baare mein sahee jaanakaaree seedhee aur saadhaaran bhaasha mein kahen kee sahee jaanakaaree kisee insaan ke baare mein kisee baat ko lekar ke yah kisee sabjekt ke baare mein agar aapake paas sahee jaanakaaree hai sachchee jaanakaaree hai to phir galataphahamee phesabuk par hee door ho sakatee hain aur ho jaenge to koshish karen chaahe rishte ho ya kisee cheej ke baare mein hote insaan kuchh usake baare mein sahee jaanakaaree jutaane kee koshish karen phir chaahe vah mujhase baat karake hee kyon na sahee jaanakaaree lee jae aur kisee ke baare mein koee galataphahamee hai to usase baat karake us galataphahamee ko door kiya ja sakata hai aur koee sabjekt hai ki is topik ko lekar ke koee galataphahamee hai tumhaaree garmee aa gaee hai to usake baare mein sahee jaanakaaree sahee insaan se lekar ke door kee ja sakatee hai bahut-bahut dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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क्यों एक लड़की सच्चे लड़के की फीलिंग को समझ नहीं पाती?Kyun Ek Ladki Sache Ladke Ki Felling Ko Samajh Nahin Pati
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
3:59
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि क्यों एक लड़की सच्चे लड़के की फीलिंग को समझ नहीं पाती लेकिन सवाल तो बहुत मुश्किल है लेकिन बांसुरी लड़के या लड़की की नहीं जो भी इंसान सच्चा प्यार करता है उसकी फिल्म को समझने के लिए दूसरे इंसान को भी सच्चा होना पड़ता है यानी कि लड़का हो या लड़की किसी से प्यार करती है और सच्चे दिल से करती है या करता है और जिसे करती है यह करता है तो उसे इंसान में अगर सच्चाई है यानी कि वह सच में प्यार की तलाश कर रहा है तो तू वापस उसे प्यार करेगा लेकिन खूबसूरती की तलाश है उसे अगर पैसे की तलाश है या उसका कोई अलग सोच है जो हो उसकी कदर नहीं करेगा आज के टाइम में इंसान प्यार भी करता है तो ऐसे इंसान से करता है जिसके पास पैसा भी भरपूर हो तो सुबह अच्छा हो और दिखने में भी खूबसूरत हो तो यही कारण है कि जो इंसान प्यार करता है उसे दुख का सामना करना पड़ता है खासकर के आज के समय में कोई इंसान शक्ल से इतना बुरा तो बिल्कुल नहीं हो सकता ठीक है लेकिन फिर भी इंसान ऐसा करता है कि जो उससे प्यार करता है वह से ही नफरत करते हैं लेकिन जिससे वह खुद प्यार करता है उसके पीछे वह पागल हो जाता है रोना धोना शुरू कर देता लेकिन वो इंसान भूल जाता है कि मैं जिससे प्यार कर रहा हूं मेरी कदर नहीं कर रहा हूं और जो मुझसे प्यार करता है मैं उसकी कदर नहीं खोला तो आप समझ सकते हैं यह किस तरीके से काम करती है इंसान को बेहतर से बेहतर चीजें चाहिए और इंसान जो दूसरे में ढूंढना चाहता है कि सच्चा प्यार अगर कोई करता है ना उसे खूबसूरती और पैसे से मतलब नहीं होता है लेकिन हम कहेंगे कि हम तो प्रेक्टिकल लाइफ जितनी तो प्रैक्टिकल लेने में तो फिर प्यार की बात ही खत्म हो जाती है फिर तो इंसान को पैसे चाहिए दौलत शोहरत चाहिए और हर तरह के सिक्योरिटी चाहिए ऐसे इंसान से प्यार किया जाएगा जो करोड़पति अरबपति है तो नॉर्मल इंसान से प्यार करने की बात भूल ही जाएगी के बाद भी चीज प्रैक्टिकली नहीं है हमारे इमोशंस प्रैक्टिकल नहीं होते हमें नहीं पता होता कि हमें कब किस तरीके के इमोशन कब आने वाले हैं तो बेहतर है कि हम ज्यादा प्रैक्टिकल ना हो लाइफ में और प्यार की कदर करें जो लोग हमसे करें लेकिन आज के टाइम में जरा किसी को आई लव यू बोलते हो रहा है कितने भी सच्चा प्यार करने वाले हो तो उसकी बहुत ज्यादा संभावना है कि वह घर किसी और चीज की तलाश में तो आपको गाली पड़ सकती है आपसे नाराज हो सकती है नफरत कर सकता है जो आपसे प्यार नहीं कर रहे हैं जो किसी से प्यार करे और सेम उसके साथ में वही चीज हो तो चारा होता है कि यार होती है कि मुझे उसे रिजेक्ट कर दिया मेरे प्यार को समझ नहीं पाया तो आप देख सकते हैं समझ सकते हैं कि हर इंसान अपने प्यार को गाली देता है यानी कि मुझसे कोई इंसान प्यार कर रहा है तो मैं उसकी रिस्पेक्ट नहीं करूंगा सी फीलिंग कैशबैक नहीं करना उसे हजारों बाद उसमें भी जाएंगे उसे बुरा भला कहा जाए लेकिन जिसे मैं प्यार करता हूं वह मुझे सेल में सेट की करें तो सिर्फ वह बात आती है कि मुझे तो प्यार में धोखा मिला है तो समझ सकते हैं और किसी को अपना प्यार ही पसंद आता है यानी कि जिसे मैं प्यार करता हूं वह मुझे प्यार करे लेकिन मुझे कोई प्यार करता है उसके बारे में सोचना भूल जाते हैं और फिर बाद में ही निकल के आती है कि जैसा हम दूसरों को देते हैं वैसा ही नहीं मिलता है बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal hai ki kyon ek ladakee sachche ladake kee pheeling ko samajh nahin paatee lekin savaal to bahut mushkil hai lekin baansuree ladake ya ladakee kee nahin jo bhee insaan sachcha pyaar karata hai usakee philm ko samajhane ke lie doosare insaan ko bhee sachcha hona padata hai yaanee ki ladaka ho ya ladakee kisee se pyaar karatee hai aur sachche dil se karatee hai ya karata hai aur jise karatee hai yah karata hai to use insaan mein agar sachchaee hai yaanee ki vah sach mein pyaar kee talaash kar raha hai to too vaapas use pyaar karega lekin khoobasooratee kee talaash hai use agar paise kee talaash hai ya usaka koee alag soch hai jo ho usakee kadar nahin karega aaj ke taim mein insaan pyaar bhee karata hai to aise insaan se karata hai jisake paas paisa bhee bharapoor ho to subah achchha ho aur dikhane mein bhee khoobasoorat ho to yahee kaaran hai ki jo insaan pyaar karata hai use dukh ka saamana karana padata hai khaasakar ke aaj ke samay mein koee insaan shakl se itana bura to bilkul nahin ho sakata theek hai lekin phir bhee insaan aisa karata hai ki jo usase pyaar karata hai vah se hee napharat karate hain lekin jisase vah khud pyaar karata hai usake peechhe vah paagal ho jaata hai rona dhona shuroo kar deta lekin vo insaan bhool jaata hai ki main jisase pyaar kar raha hoon meree kadar nahin kar raha hoon aur jo mujhase pyaar karata hai main usakee kadar nahin khola to aap samajh sakate hain yah kis tareeke se kaam karatee hai insaan ko behatar se behatar cheejen chaahie aur insaan jo doosare mein dhoondhana chaahata hai ki sachcha pyaar agar koee karata hai na use khoobasooratee aur paise se matalab nahin hota hai lekin ham kahenge ki ham to prektikal laiph jitanee to praiktikal lene mein to phir pyaar kee baat hee khatm ho jaatee hai phir to insaan ko paise chaahie daulat shoharat chaahie aur har tarah ke sikyoritee chaahie aise insaan se pyaar kiya jaega jo karodapati arabapati hai to normal insaan se pyaar karane kee baat bhool hee jaegee ke baad bhee cheej praiktikalee nahin hai hamaare imoshans praiktikal nahin hote hamen nahin pata hota ki hamen kab kis tareeke ke imoshan kab aane vaale hain to behatar hai ki ham jyaada praiktikal na ho laiph mein aur pyaar kee kadar karen jo log hamase karen lekin aaj ke taim mein jara kisee ko aaee lav yoo bolate ho raha hai kitane bhee sachcha pyaar karane vaale ho to usakee bahut jyaada sambhaavana hai ki vah ghar kisee aur cheej kee talaash mein to aapako gaalee pad sakatee hai aapase naaraaj ho sakatee hai napharat kar sakata hai jo aapase pyaar nahin kar rahe hain jo kisee se pyaar kare aur sem usake saath mein vahee cheej ho to chaara hota hai ki yaar hotee hai ki mujhe use rijekt kar diya mere pyaar ko samajh nahin paaya to aap dekh sakate hain samajh sakate hain ki har insaan apane pyaar ko gaalee deta hai yaanee ki mujhase koee insaan pyaar kar raha hai to main usakee rispekt nahin karoonga see pheeling kaishabaik nahin karana use hajaaron baad usamen bhee jaenge use bura bhala kaha jae lekin jise main pyaar karata hoon vah mujhe sel mein set kee karen to sirph vah baat aatee hai ki mujhe to pyaar mein dhokha mila hai to samajh sakate hain aur kisee ko apana pyaar hee pasand aata hai yaanee ki jise main pyaar karata hoon vah mujhe pyaar kare lekin mujhe koee pyaar karata hai usake baare mein sochana bhool jaate hain aur phir baad mein hee nikal ke aatee hai ki jaisa ham doosaron ko dete hain vaisa hee nahin milata hai bahut-bahut shukriya

#रिश्ते और संबंध

Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
2:49
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैं किस लेखक ने पूछा मेरे घर के आस पास इतनी गाड़ियां चलती है कि कहीं न कहीं होरन की आवाज सुनाई देती है तो चलिए हम बात करते हैं सवाल के बारे में सवाल है कि अगर कोई व्यक्ति आपकी बात समझ नहीं रहा हो और भेज समझना ही नहीं चाहता हो तो उस समय आप उसे किस तरीके से समझाएंगे कि वह समझ जाए जो इंसान समझना चाहता है उस पर मेहनत करनी चाहिए और जो इंसान समझना ही नहीं चाहता उस पर मेहनत करके क्या फायदा उस में अपनी एनर्जी बेस्ट होती है और अपना दिमाग भी लगाया जाता अब मान लीजिए कोई इंसान यह सोचकर ही बैठा है कि मुझे तो समझना ही नहीं है यानी कि उसे समझ में तो आ रहा है कि आप क्या कह रहे हो लेकिन वह आपके सामने मानेगा नहीं कि जो आप उसे समझा रहे हो उसकी समझ में भी आ रहा है तो इस तरीके से उसके पीछे आप चाहे कितनी भी मेहनत कर लो कुछ भी नहीं कर सकता तो इससे बेहतर है कि उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाए और हां जो अच्छे रहते हैं उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए और यह मान करके चलना चाहिए कि चीजें तो उसकी समझ में आ रही है लेकिन अगर जिद करके बैठा हुआ है तो वह ना समझने की एक्टिंग करेगा बट रियलिटी है कि वह समझ चुका है लेकिन आपके सामने मानने से इंकार कर रहा है कि उनकी समझ में आ चुका है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इंसान का अहंकार उसे इस बात को मानने नहीं देता कि कोई इंसान हमें समझाएं यानी कि हम से ऊंचा हो जाता है हमें समझाने वाला तो कुछ ऊपर किसी को नॉर्मल ही कोई इंसान देखना चाहता नहीं है सब के बारे में यह बात नहीं पर ज्यादातर ऐसा ही लगता है तो इसलिए अगर कोई समझना नहीं चाहता है और उस पर आप मेहनत कर रहे हैं तो बेशक वह समझ भी जाएगा तंबू मानेगा नहीं और हमें कैसे पता चलेगा कि वह समझाया नहीं समझा क्योंकि हम तो वही मानेंगे जब वह अपने मुंह से कहेगा और वह तो यही कहेगा कि मेरी तो कुछ समझ में आया ही नहीं तो ऐसे इंसान पर टाइम वेस्ट करने से बेहतर है कि भैया तुम जैसे हो वैसे रहो और हम अपने रास्ते चलते हैं बहुत-बहुत धन्यवाद और इसे ज्यादा बेहतर तरीका मुझे नहीं लगता कि शायद कुछ हो सकता है अगर हां तो बेशर्म समझने वाला इंसान हो जो चाहता हूं समझना सच में तो उसके समझ में थोड़ी थोड़ी चीजें आ जाएंगे और वह मानना भी शुरू कर देगा वह कहेगा कि थोड़ी बातें तो आ गई लेकिन थोड़ी सी रह गई है इस बात से पता चलता है कि वह तुम्हें समझना भी चाहता उसके समझ में भी आ रहा है तो ऐसे इंसान तो मेहनत करनी चाहिए
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur main kis lekhak ne poochha mere ghar ke aas paas itanee gaadiyaan chalatee hai ki kaheen na kaheen horan kee aavaaj sunaee detee hai to chalie ham baat karate hain savaal ke baare mein savaal hai ki agar koee vyakti aapakee baat samajh nahin raha ho aur bhej samajhana hee nahin chaahata ho to us samay aap use kis tareeke se samajhaenge ki vah samajh jae jo insaan samajhana chaahata hai us par mehanat karanee chaahie aur jo insaan samajhana hee nahin chaahata us par mehanat karake kya phaayada us mein apanee enarjee best hotee hai aur apana dimaag bhee lagaaya jaata ab maan leejie koee insaan yah sochakar hee baitha hai ki mujhe to samajhana hee nahin hai yaanee ki use samajh mein to aa raha hai ki aap kya kah rahe ho lekin vah aapake saamane maanega nahin ki jo aap use samajha rahe ho usakee samajh mein bhee aa raha hai to is tareeke se usake peechhe aap chaahe kitanee bhee mehanat kar lo kuchh bhee nahin kar sakata to isase behatar hai ki use usake haal par chhod diya jae aur haan jo achchhe rahate hain use samajhaane kee koshish karanee chaahie aur yah maan karake chalana chaahie ki cheejen to usakee samajh mein aa rahee hai lekin agar jid karake baitha hua hai to vah na samajhane kee ekting karega bat riyalitee hai ki vah samajh chuka hai lekin aapake saamane maanane se inkaar kar raha hai ki unakee samajh mein aa chuka hai aur aisa isalie hota hai kyonki insaan ka ahankaar use is baat ko maanane nahin deta ki koee insaan hamen samajhaen yaanee ki ham se ooncha ho jaata hai hamen samajhaane vaala to kuchh oopar kisee ko normal hee koee insaan dekhana chaahata nahin hai sab ke baare mein yah baat nahin par jyaadaatar aisa hee lagata hai to isalie agar koee samajhana nahin chaahata hai aur us par aap mehanat kar rahe hain to beshak vah samajh bhee jaega tamboo maanega nahin aur hamen kaise pata chalega ki vah samajhaaya nahin samajha kyonki ham to vahee maanenge jab vah apane munh se kahega aur vah to yahee kahega ki meree to kuchh samajh mein aaya hee nahin to aise insaan par taim vest karane se behatar hai ki bhaiya tum jaise ho vaise raho aur ham apane raaste chalate hain bahut-bahut dhanyavaad aur ise jyaada behatar tareeka mujhe nahin lagata ki shaayad kuchh ho sakata hai agar haan to besharm samajhane vaala insaan ho jo chaahata hoon samajhana sach mein to usake samajh mein thodee thodee cheejen aa jaenge aur vah maanana bhee shuroo kar dega vah kahega ki thodee baaten to aa gaee lekin thodee see rah gaee hai is baat se pata chalata hai ki vah tumhen samajhana bhee chaahata usake samajh mein bhee aa raha hai to aise insaan to mehanat karanee chaahie

#टेक्नोलॉजी

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मोबाइल में अचानक डाटा क्लियर हो जाने के बाद कैसे रिकवर करें बिना बैकअप के PDF image dono.... वीवो मोबाइल?Mobail Mein Achaanak Daata Kliyar Ho Jaane Ke Baad Kaise Rikavar Karen Bina Baikap Ke Pdf Imagai Dono.... veevo Mobail
Author Yogendra Singh Bolkar App
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लेखक
2:23
अरे दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह में एक लेखक और लाइफ को छू सवाल है कि मोबाइल में अचानक डाटा क्लियर हो जाने के बाद रिकवर कैसे करें बिना मेकअप के पीडीएफ इमेज दोनों तरीके से डाटा वापिस आ सकता है एक तो आप मोबाइल में एप्लीकेशन इंस्टॉल कर के डाटा वापस ला सकते हैं और दूसरा कंप्यूटर से कनेक्ट करके जो कंडीशन होती हुई होती है कि आपका फोन रूट होना चाहिए अगर आपको फोन उठा तो डाटा वापस आ जाएगा कुछ ज्यादा ही मुश्किल होती है डाटा वापस लाने में या यह कैसे पिए डाटा वापस नहीं आ सकता मैं भी पीसी के लिए का सॉफ्टवेयर हो जो बिना रूट किए डाटा वापस ले बस रूट होना ज्यादा जरूरी है लेकिन इसके साथ में यह भी बता दूं कि अगर आपने अपना फोन रूट किया है तो वारंटी से बाहर हो जाता है लेकिन अगर आपके फोन वारंटी से पहले से ही बाहर हो चुका है तो आप उसे का यूज कर सकते हैं यूट्यूब पर और जगह से वीडियोस मिल जाएंगी और स्टाफ स्टाफ को मिल जाएगा किस तरीके से फोन रूट करना है और सॉफ्टवेयर की लिस्ट भी आपको इंटरनेट पर मिल जाएगी और कैसे करना है इसके लिए भी आपको बहुत सारी वीडियो मिल जाएंगे लेकिन जो जरूरी बात है वह यही है कि आप अपना फोन रूट करना पड़ेगा और दूध लेने के बाद आपके फोन की वारंटी खत्म होने के बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं तो इस चीज को आप ध्यान में रख कर के अपना डाटा वापस लाने की कोशिश कर सकते हैं और साथ में एक चीज और बता देना चाहता हूं कि किसी भी तरह की कोई गारंटी नहीं है कि सारा का सारा डाटा वापस आ ही जाएगा और कुछ परसेंटेज आ जाता है मैं भी हंड्रेड परसेंट आ जाए बट गारंटी किसी चीज की नहीं हो सकता डाटा वापस नाम यही रास्ता है जो भी है जैसा भी है अगर ट्राई करना चाहते हो तो कर सकते हो बाकी खुद की जिम्मेदारी है कि ऊपर ही चीजें करनी चाहिए क्योंकि आपका फोन है आपकी जिम्मेदारी है आपसे किस तरीके से चलाना चाहते हैं पढ़ाई करने में कोई बुराई नहीं है बाकी आपके ऊपर है बहुत-बहुत शुक्रिया
Are doston mera naam hai yogendr sinh mein ek lekhak aur laiph ko chhoo savaal hai ki mobail mein achaanak daata kliyar ho jaane ke baad rikavar kaise karen bina mekap ke peedeeeph imej donon tareeke se daata vaapis aa sakata hai ek to aap mobail mein epleekeshan instol kar ke daata vaapas la sakate hain aur doosara kampyootar se kanekt karake jo kandeeshan hotee huee hotee hai ki aapaka phon root hona chaahie agar aapako phon utha to daata vaapas aa jaega kuchh jyaada hee mushkil hotee hai daata vaapas laane mein ya yah kaise pie daata vaapas nahin aa sakata main bhee peesee ke lie ka sophtaveyar ho jo bina root kie daata vaapas le bas root hona jyaada jarooree hai lekin isake saath mein yah bhee bata doon ki agar aapane apana phon root kiya hai to vaarantee se baahar ho jaata hai lekin agar aapake phon vaarantee se pahale se hee baahar ho chuka hai to aap use ka yooj kar sakate hain yootyoob par aur jagah se veediyos mil jaengee aur staaph staaph ko mil jaega kis tareeke se phon root karana hai aur sophtaveyar kee list bhee aapako intaranet par mil jaegee aur kaise karana hai isake lie bhee aapako bahut saaree veediyo mil jaenge lekin jo jarooree baat hai vah yahee hai ki aap apana phon root karana padega aur doodh lene ke baad aapake phon kee vaarantee khatm hone ke bahut jyaada chaanses hote hain to is cheej ko aap dhyaan mein rakh kar ke apana daata vaapas laane kee koshish kar sakate hain aur saath mein ek cheej aur bata dena chaahata hoon ki kisee bhee tarah kee koee gaarantee nahin hai ki saara ka saara daata vaapas aa hee jaega aur kuchh parasentej aa jaata hai main bhee handred parasent aa jae bat gaarantee kisee cheej kee nahin ho sakata daata vaapas naam yahee raasta hai jo bhee hai jaisa bhee hai agar traee karana chaahate ho to kar sakate ho baakee khud kee jimmedaaree hai ki oopar hee cheejen karanee chaahie kyonki aapaka phon hai aapakee jimmedaaree hai aapase kis tareeke se chalaana chaahate hain padhaee karane mein koee buraee nahin hai baakee aapake oopar hai bahut-bahut shukriya

#धर्म और ज्योतिषी

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स्टॉप लोस्स क्या है और क्यों है जरूरी?Stop Loss Kya Hai Aur Kyon Hai Jaroori
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
2:35
हिंदी सिनेमा में योगेंद्र सिंह ऑडियो में देखा फुल लाइफ को जो सवाल पूछा गया है कि स्टॉपलॉस क्या होता है और उसे जरूरी है और स्टॉपलॉस एकदम है जो आपसे शेयर मार्केट में और स्टॉक मार्केट में जो लोग स्टेट में जो उस दिन उन्होंने इस बारे में स्टाफ ले लो से बचाते मंकी आपने कोई शेयर खरीदा है और वह आई एन आई जा रहा है लेकिन अगर वह नीचे से नीचे चला चला है और आपका नुकसान हो रहा है तो एक स्टॉपलॉस अगर आप लगा लेते उस पॉइंट पर आकर आप एग्जिट हो जाते हैं और तुम्हें दिल्ली जिससे आपका नुकसान जो ज्यादा होना सब नहीं होता है यानी कि एक ऐसी कंडीशन मिनियन रुष की जो कि एक लगा करके छोड़ देते हैं कि कम से कम इतना लॉस हो रहा तो उससे ज्यादा हम नहीं खेल सकते तो श्याम ऑटोमेटिक डिलीट हो जाते हैं कुछ तो बोलो से ही होता है और यह बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आप किसी और से पैसा कमाना चाहते हैं और वह उन पर नहीं जा रहा है जबकि आपको ऊपर जाने से फायदा होगा शेर की और वह अचानक नीचे जन्नत शुरू हो जाओ तो एक ऐसी पॉइंट आती है जहां पर आपने बेस्ट ऑफ लक लगा रखा है तो आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा और अब नुकसान करने से बचे जाएंगे और यह तो बहुत जरूरी है जो लोग इस टॉप 10 नहीं लगा तो नहीं ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है तो बेहतर है जो लोग शेयर मार्केट में आना चाहते हैं या तैयारी कर रहे हैं वह इन चीजों के बारे में जानकारी खट्टा करें इससे उनकी जिंदगी में थोड़े बहुत नुकसान कम हो जाएंगे पैसे को लेकर के 1 महीनों वचन में सिलिकॉन सिंह के शेयर मार्केट दुआ है दुआ तब तक है जब तक आपने उसके बारे में पूरी इंफॉर्मेशन नहीं की है लेकिन शेयर मार्केट में सीखना चाहते हैं अच्छे इन्वेस्टमेंट करना चाहते हैं तो आपको मुझसे संपर्क कर सकते हैं मेरी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं जहां से आप को शेयर मार्केट से लेकर जानकारी मिल जाएगी इसका मतलब क्या होता है और उसका मोबाइल करनी है कैसे बाय करने से लिंग मिशन आपको मिल सकती है बस आपको मुझसे कांटेक्ट करना होगा जो कि मेरे बयान पर बोल कर एक के बारे में भी लिंक मिल जाएगा उस तक पहुंचने का बाकी मेरी वेबसाइट पर भी लिंक मिल जाएगा बहुत-बहुत शुक्रिया
Hindee sinema mein yogendr sinh odiyo mein dekha phul laiph ko jo savaal poochha gaya hai ki stopalos kya hota hai aur use jarooree hai aur stopalos ekadam hai jo aapase sheyar maarket mein aur stok maarket mein jo log stet mein jo us din unhonne is baare mein staaph le lo se bachaate mankee aapane koee sheyar khareeda hai aur vah aaee en aaee ja raha hai lekin agar vah neeche se neeche chala chala hai aur aapaka nukasaan ho raha hai to ek stopalos agar aap laga lete us point par aakar aap egjit ho jaate hain aur tumhen dillee jisase aapaka nukasaan jo jyaada hona sab nahin hota hai yaanee ki ek aisee kandeeshan miniyan rush kee jo ki ek laga karake chhod dete hain ki kam se kam itana los ho raha to usase jyaada ham nahin khel sakate to shyaam otometik dileet ho jaate hain kuchh to bolo se hee hota hai aur yah bahut jarooree hai kyonki agar aap kisee aur se paisa kamaana chaahate hain aur vah un par nahin ja raha hai jabaki aapako oopar jaane se phaayada hoga sher kee aur vah achaanak neeche jannat shuroo ho jao to ek aisee point aatee hai jahaan par aapane best oph lak laga rakha hai to aapako jyaada nukasaan nahin hoga aur ab nukasaan karane se bache jaenge aur yah to bahut jarooree hai jo log is top 10 nahin laga to nahin jyaada nukasaan jhelana padata hai to behatar hai jo log sheyar maarket mein aana chaahate hain ya taiyaaree kar rahe hain vah in cheejon ke baare mein jaanakaaree khatta karen isase unakee jindagee mein thode bahut nukasaan kam ho jaenge paise ko lekar ke 1 maheenon vachan mein silikon sinh ke sheyar maarket dua hai dua tab tak hai jab tak aapane usake baare mein pooree imphormeshan nahin kee hai lekin sheyar maarket mein seekhana chaahate hain achchhe investament karana chaahate hain to aapako mujhase sampark kar sakate hain meree vebasait par vijit kar sakate hain jahaan se aap ko sheyar maarket se lekar jaanakaaree mil jaegee isaka matalab kya hota hai aur usaka mobail karanee hai kaise baay karane se ling mishan aapako mil sakatee hai bas aapako mujhase kaantekt karana hoga jo ki mere bayaan par bol kar ek ke baare mein bhee link mil jaega us tak pahunchane ka baakee meree vebasait par bhee link mil jaega bahut-bahut shukriya

#जीवन शैली

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किन लोगों को अपनी किस्मत पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए?Kin Logon Ko Apni Kismat Par Bilkul Bhi Bharosa Nahi Karna Chahiye
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
2:55
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह ने एक लेखक फुल लाइफ पूछो सवाल है कि किस तरह के लोगों को अपनी किस्मत पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं करना चाहिए तो देखिए किस्मत के भरोसे बैठकर के कुछ भी नहीं होने वाला है अगर आपकी किस्मत बहता है तो अच्छी बात है आपको चाहिए थोड़ी इसलिए हो जाएंगे जल्दी आप के काम हो जाएंगे लेकिन अगर काम नहीं हो रहे हैं कोई प्रॉब्लम आ रही है तो इसका यह मतलब नहीं कि आप किसी काम को करना ही छोड़ दें हो सकता है आपको उस काम को करने का तरीका बदलना चाहिए या उस काम को छोड़कर क्या मैं किसी ऐसे काम को करना चाहिए जो आप प्लीज फोटो भेजो जिससे आप अच्छे से कर पाए लेकिन सही किसी किसी को नहीं कह सकते कि किस को अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं करना चाहिए सभी को भरोसा करना चाहिए और हमें नहीं पता कि किस की किस्मत कैसी है या किसी भी इंसान को अगर यह पता होता फिर बात ही क्या थी पिछली बार तो चमकती है जो अपने प्रयासों को जारी रखना चाहिए और इस तरह हम किसी को नहीं बता सकते कि किस तरह के ऐसे इंसानों ने अपनी किस्मत पर भरोसा नहीं रखना चाहिए मेहनती हूं तूने कह दिया कि हां मैंने करने वाला इंसान है जो सपने किसी को भरोसे में रखना चाहिए उसे अपनी मेहनत से भरोसा रखना चाहिए लेकिन ज्यादातर वही फलती फूलती है अनेकों स्केच एलएलबी तब आता है जब किस्मत अच्छी हो तो किस्मत पर भरोसा भी करना चाहिए और मेहनत भी करनी चाहिए दोनों चीजें अगर होंगी तो बेहतर जिंदगी हो सकती है लेकिन अगर आप सब मेहनत के भरोसे ही बैठेंगे तब भी कुछ नहीं होने वाला है और आप अगर किस्मत के भरोसे बैठेंगे तब भी कुछ नहीं होने वाला दोनों का कॉन्बिनेशन मिलाकर किधर जिंदगी जी है काम किया जाए तो बेहतर से बेहतर की जो हो सकती है यानी कि यह विश्वास करने की मेरी किस्मत बेहतर है मेरे जो काम कर रहा हूं उसमें रिजल्ट अच्छे आएंगे तो उनसे हमें ध्यान देना चाहिए लेकिन फिर भी हमारे रिजल्ट सही नहीं आ रही तो आप एक काम करने का तरीका या फिर काम को भी बदल देना चाहिए क्योंकि कई बार हम ऐसे काम करते हैं जो हमारे लिए नहीं बनी हो तो फिर गणपत कोशिशों पर कोशिश है कि यह साथ आने की किसी इंश्योरेंस में आकर के हम कोई काम कर रहे हैं तो वह काम भी नहीं करना चाहिए और जिस चीज में बेहतर हो जो कहां पर है सब तरीके से कर सकते हो उस काम को करो हो सकता है आपको तरीका बदलने से बेहतर रिजल्ट मिल जाए लेकिन अपनी किस्मत पर तो भरोसा करना ही चाहिए उससे आपकी जिंदगी बेहतर हो सकती है और जिंदगी में आने वाली पड़ोसन कुछ हद तक कम हो सकती है इससे आपकी जिंदगी खुशहाल हो जाएगी और यह मैंने पहले होता है किस्मत और दोनों का कॉमिनेशन होना जरूरी है सब मेहनत से काम नहीं चलने वाला वरना फिर किस मुंह से भी काम नहीं चलने वाला बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh ne ek lekhak phul laiph poochho savaal hai ki kis tarah ke logon ko apanee kismat par bilkul bhee bharosa nahin karana chaahie to dekhie kismat ke bharose baithakar ke kuchh bhee nahin hone vaala hai agar aapakee kismat bahata hai to achchhee baat hai aapako chaahie thodee isalie ho jaenge jaldee aap ke kaam ho jaenge lekin agar kaam nahin ho rahe hain koee problam aa rahee hai to isaka yah matalab nahin ki aap kisee kaam ko karana hee chhod den ho sakata hai aapako us kaam ko karane ka tareeka badalana chaahie ya us kaam ko chhodakar kya main kisee aise kaam ko karana chaahie jo aap pleej photo bhejo jisase aap achchhe se kar pae lekin sahee kisee kisee ko nahin kah sakate ki kis ko apanee kismat par bharosa nahin karana chaahie sabhee ko bharosa karana chaahie aur hamen nahin pata ki kis kee kismat kaisee hai ya kisee bhee insaan ko agar yah pata hota phir baat hee kya thee pichhalee baar to chamakatee hai jo apane prayaason ko jaaree rakhana chaahie aur is tarah ham kisee ko nahin bata sakate ki kis tarah ke aise insaanon ne apanee kismat par bharosa nahin rakhana chaahie mehanatee hoon toone kah diya ki haan mainne karane vaala insaan hai jo sapane kisee ko bharose mein rakhana chaahie use apanee mehanat se bharosa rakhana chaahie lekin jyaadaatar vahee phalatee phoolatee hai anekon skech elelabee tab aata hai jab kismat achchhee ho to kismat par bharosa bhee karana chaahie aur mehanat bhee karanee chaahie donon cheejen agar hongee to behatar jindagee ho sakatee hai lekin agar aap sab mehanat ke bharose hee baithenge tab bhee kuchh nahin hone vaala hai aur aap agar kismat ke bharose baithenge tab bhee kuchh nahin hone vaala donon ka konbineshan milaakar kidhar jindagee jee hai kaam kiya jae to behatar se behatar kee jo ho sakatee hai yaanee ki yah vishvaas karane kee meree kismat behatar hai mere jo kaam kar raha hoon usamen rijalt achchhe aaenge to unase hamen dhyaan dena chaahie lekin phir bhee hamaare rijalt sahee nahin aa rahee to aap ek kaam karane ka tareeka ya phir kaam ko bhee badal dena chaahie kyonki kaee baar ham aise kaam karate hain jo hamaare lie nahin banee ho to phir ganapat koshishon par koshish hai ki yah saath aane kee kisee inshyorens mein aakar ke ham koee kaam kar rahe hain to vah kaam bhee nahin karana chaahie aur jis cheej mein behatar ho jo kahaan par hai sab tareeke se kar sakate ho us kaam ko karo ho sakata hai aapako tareeka badalane se behatar rijalt mil jae lekin apanee kismat par to bharosa karana hee chaahie usase aapakee jindagee behatar ho sakatee hai aur jindagee mein aane vaalee padosan kuchh had tak kam ho sakatee hai isase aapakee jindagee khushahaal ho jaegee aur yah mainne pahale hota hai kismat aur donon ka komineshan hona jarooree hai sab mehanat se kaam nahin chalane vaala varana phir kis munh se bhee kaam nahin chalane vaala bahut-bahut shukriya

#रिश्ते और संबंध

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एक लड़का किसी लड़की से मन भर जाने पर, किस तरह की हरकतों से उससे पीछा छुड़ाने का प्रयास करता है?Ek Ladaka Kisee Ladakee Se Man Bhar Jaane Par Kis Tarah Kee Harakaton Se Usase Peechha Chhudaane Ka Prayaas Karata Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
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लेखक
3:23
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगी जी से सवाल पूछा गया है कि एक लड़का किसी लड़की से मन भर जाने पर इस तरह की हरकतों से उस से पीछा छुड़ाने का प्रयास करता है जिसे लड़का हो या लड़की हो जब भी किसी का मन भर जाता है एक ही तरीके से पीछा छुड़ाना है और वह है सबसे बेसिक तो वह इग्नोर करना व्हाट्सएप पर मैसेज मारो सोशल मीडिया का जमाना है तो इसलिए हम यह चीजें दे सकते हैं और अपने भी एक्सप्रेस में कई बार चीजें आई हूं जरूर नेशनल लड़का ही लड़की को इग्नोर करें फ्लोरेंस का मतलब किसी से भी हो सकता है और उसमें आपको समय पर रिप्लाई ना देना कि कॉल नहीं उठाना बहाने बनाना और झूठ बोलना यह सारी चीजें हो सकती हैं और अगर मन भर गया है वही बात है जैसा पहले रिलेशन था उस तरीके साल नहीं रहेगा और वह जहां वह जितने प्यार से जिसने रिस्पेक्ट से बात करता था उसने रिस्पेक्ट नहीं दिखा पाए इतने प्यार से बात नहीं कर पाए यह सारी चीजें भी हो सकती है लड़के या लड़की की नहीं है एक इंसान की तरह से जब मन भर जाता है किसी से तो एक ही तरह की हरकतें करने लगता है यानी कि कोई भी ऐसा तरीका जिससे कि सामने वाला इंसान उसका पीछा छोड़ दे या फिर उसे इग्नोर करके रखना है कि जैसे कि उसकी लाइफ में जिसकी नहीं करता हां कभी जरूरत हुई तो उसका इस्तेमाल किया या उसे कोई काम निकलवा लिया इंसानी फितरत है तो यही होता है कि जो किसी का मन भर जाता है तो वह सबसे पहले इग्नोर करना शुरू कर देता है रिस्पेक्ट कम करना शुरू कर देता और हां सबसे जरूरी चीज जो प्यार था वह खत्म होता चला जाता है यह हम इंसान को आ जाता है लेकिन अगर फिर भी आपको किसी को मौके पर मौका देते चले जाएं तो फिर उसमें उस इंसान की कोई गलती नहीं हो सकता है आपको ऐड करें और आप बार-बार किसी एक ही इंसान से बार-बार दो लेते रहे हर्ट होते रहे तो सीधी सी बात है अगर कोई आपको इग्नोर कर रहा है आपसे प्यार नहीं कर रहा आपको इज्जत नहीं दे रहा रिस्पेक्ट आपको नहीं दे पा रहा तो सीधी बात समझने वाली है कि सामने वाले इंसान का मन भर चुका है और ज्यादातर पॉसिबिलिटीज है कि उसका मन भर गया हो लेकिन कभी-कभी आने की बहुत ही ज्यादा बीयर के साथ में ऐसा होता है तो उसका भी अगर इस तरीके का हो लेकिन वह आपको फिर भी प्यार करता हूं हो सकता कोई टेंशन हो कोई बात हो जिसकी वजह से वह डिस्टर्ब हो और उसकी वजह से कंफर्म करना पड़ेगा का सवाल होता है सिर्फ एक जवाब के भरोसे बैठकर क्या जिंदगी के फैसले नहीं ले सकते हैं वैसे यह आपको कुछ हद तक मदद करेगा लेकिन बाकी की मेहनत आपको खुद ही करनी पड़ेगी कि एसोसिएशन क्या है उसके मन की फीलिंग क्या है और उसके बाद ही आपको सारी चीजों का फैसला लेना चाहिए बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogee jee se savaal poochha gaya hai ki ek ladaka kisee ladakee se man bhar jaane par is tarah kee harakaton se us se peechha chhudaane ka prayaas karata hai jise ladaka ho ya ladakee ho jab bhee kisee ka man bhar jaata hai ek hee tareeke se peechha chhudaana hai aur vah hai sabase besik to vah ignor karana vhaatsep par maisej maaro soshal meediya ka jamaana hai to isalie ham yah cheejen de sakate hain aur apane bhee eksapres mein kaee baar cheejen aaee hoon jaroor neshanal ladaka hee ladakee ko ignor karen phlorens ka matalab kisee se bhee ho sakata hai aur usamen aapako samay par riplaee na dena ki kol nahin uthaana bahaane banaana aur jhooth bolana yah saaree cheejen ho sakatee hain aur agar man bhar gaya hai vahee baat hai jaisa pahale rileshan tha us tareeke saal nahin rahega aur vah jahaan vah jitane pyaar se jisane rispekt se baat karata tha usane rispekt nahin dikha pae itane pyaar se baat nahin kar pae yah saaree cheejen bhee ho sakatee hai ladake ya ladakee kee nahin hai ek insaan kee tarah se jab man bhar jaata hai kisee se to ek hee tarah kee harakaten karane lagata hai yaanee ki koee bhee aisa tareeka jisase ki saamane vaala insaan usaka peechha chhod de ya phir use ignor karake rakhana hai ki jaise ki usakee laiph mein jisakee nahin karata haan kabhee jaroorat huee to usaka istemaal kiya ya use koee kaam nikalava liya insaanee phitarat hai to yahee hota hai ki jo kisee ka man bhar jaata hai to vah sabase pahale ignor karana shuroo kar deta hai rispekt kam karana shuroo kar deta aur haan sabase jarooree cheej jo pyaar tha vah khatm hota chala jaata hai yah ham insaan ko aa jaata hai lekin agar phir bhee aapako kisee ko mauke par mauka dete chale jaen to phir usamen us insaan kee koee galatee nahin ho sakata hai aapako aid karen aur aap baar-baar kisee ek hee insaan se baar-baar do lete rahe hart hote rahe to seedhee see baat hai agar koee aapako ignor kar raha hai aapase pyaar nahin kar raha aapako ijjat nahin de raha rispekt aapako nahin de pa raha to seedhee baat samajhane vaalee hai ki saamane vaale insaan ka man bhar chuka hai aur jyaadaatar posibiliteej hai ki usaka man bhar gaya ho lekin kabhee-kabhee aane kee bahut hee jyaada beeyar ke saath mein aisa hota hai to usaka bhee agar is tareeke ka ho lekin vah aapako phir bhee pyaar karata hoon ho sakata koee tenshan ho koee baat ho jisakee vajah se vah distarb ho aur usakee vajah se kampharm karana padega ka savaal hota hai sirph ek javaab ke bharose baithakar kya jindagee ke phaisale nahin le sakate hain vaise yah aapako kuchh had tak madad karega lekin baakee kee mehanat aapako khud hee karanee padegee ki esosieshan kya hai usake man kee pheeling kya hai aur usake baad hee aapako saaree cheejon ka phaisala lena chaahie bahut-bahut shukriya

#रिश्ते और संबंध

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जिस से हम सबसे ज्यादा प्यार करते है वो हमारी कदर क्यों नहीं करते ?Jis Se Hum Subse Jyada Pyar Karte Hai Wo Humari Kadar Kyo Nahi Karate
Author Yogendra Singh Bolkar App
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लेखक
3:42
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सुनाओ हाल है कि जिससे हम सबसे ज्यादा प्यार करते हैं वह हमारी कदर क्यों नहीं करता लेकिन सवाल बहुत अच्छा है लेकिन हम इसे इस तरीके से भी कह सकते हैं कि हम उसी से प्यार क्यों करते हैं जो हमारी कदर नहीं करता कि हर इंसान के जीवन में ऐसा होता है कि इंसान ऐसा होता है जिसे वह प्यार करता है और उसी इंसान की जिंदगी में एक ऐसा इंसान होता है जिससे प्यार करता है लेकिन जो हमें प्यार करता है हम उससे उतना प्यार नहीं करते हैं जितना हम किसी और से करते जिससे हमें प्यार है तो आप इस बात को किसी भी तरह से कह लीजिए बात बढ़ जाती है फिर भी बहुत सारी बातें ऐसी देखने को मिली है कि जिसे भी प्यार हुआ है उसे उस इंसान से प्यार हुआ है जो उसकी कदर नहीं करता उसी के लिए इंसान रोता है और उसी के लिए इंसान परेशान और वह उसी इंसान की जिंदगी में एक ऐसा इंसान भी होता है जो उसे प्यार करता लेकिन वह उसे बदले में प्यार नहीं करता क्योंकि वह कहता है कि मुझे तो प्यार है ही नहीं इस इंसान से बात यह है कि हम अपने प्यार की कदर तो करते हैं लेकिन जब कोई हमसे प्यार करता हम उसके प्यार की कदर नहीं करते हम चाहते हैं कि जिसे हम प्यार कर रहे हैं वह तो हमारी कदर भी करें और हम से वापस प्यार भी करो लेकिन जो हमसे प्यार करता है क्या हम उसके चेले उसकी उतनी कदर कर पाते हैं नहीं ऐसा नहीं होता है और रही बात की जिससे हम सबसे ज्यादा प्यार करते हैं वह हमारी कदर क्यों नहीं करता इसलिए नहीं करता क्योंकि आप उससे प्यार कर रहे हो आप इजीली अवेलेबल और इंसान को पसंद होती ही चुनौती यानी कि एक ऐसा इंसान जो उससे बिल्कुल भी प्यार नहीं करता तो उस इंसान को उसी इंसान से प्यार चैलेंजिंग लगता है थोड़ा इस तरीके से इसे अगर हम प्यार करने के लिए मनाने तो कुछ दमदार बात होगी बल्कि जो तुमसे प्यार करता है तो उसकी कदर नहीं करोगे क्या पता है बिजली अवेलेबल इंसान को पसंद नहीं है तो क्या दोगी गेम बोरिंग हो रहा है और इसी तरह के इंसान को चैलेंज पसंद होते हैं बस यही है जो चीज आपको इजीली अवेलेबल होती है आप उनकी कदर नहीं करते ऐसा काम लड़का हो लड़की हो कोई भी इंसान हो अगर आप किसी से प्यार करते हो वह आप की कदर नहीं करता तो आप उसके पीछे और ज्यादा भागते हो और मैं आपसे प्यार करता हूं मैं तो आप उससे दूर करते हैं क्योंकि वह आपको इजीली अवेलेबल है तो बहाने अलग अलग हो सकते हैं बातें अलग अलग हो सकती है लेकिन सही मतलब तो यही है कि इंसान को चैलेंज पसंद है और जो चीज है उसके लिए इसलिए अवेलेबल होती है उनकी वह कभी नहीं करता है बस इतनी सी बातें करता है इस सवाल को किसी भी तरीके से कह सकते आप ऐसे कह सकते हैं कि आप जिससे प्यार करते हो वह आपकी कदर क्यों नहीं करता नहीं करता आपको उसी से ही प्यार क्यों होता है टेंशन फिर भी सवाल पूछने के लिए धन्यवाद बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur sunao haal hai ki jisase ham sabase jyaada pyaar karate hain vah hamaaree kadar kyon nahin karata lekin savaal bahut achchha hai lekin ham ise is tareeke se bhee kah sakate hain ki ham usee se pyaar kyon karate hain jo hamaaree kadar nahin karata ki har insaan ke jeevan mein aisa hota hai ki insaan aisa hota hai jise vah pyaar karata hai aur usee insaan kee jindagee mein ek aisa insaan hota hai jisase pyaar karata hai lekin jo hamen pyaar karata hai ham usase utana pyaar nahin karate hain jitana ham kisee aur se karate jisase hamen pyaar hai to aap is baat ko kisee bhee tarah se kah leejie baat badh jaatee hai phir bhee bahut saaree baaten aisee dekhane ko milee hai ki jise bhee pyaar hua hai use us insaan se pyaar hua hai jo usakee kadar nahin karata usee ke lie insaan rota hai aur usee ke lie insaan pareshaan aur vah usee insaan kee jindagee mein ek aisa insaan bhee hota hai jo use pyaar karata lekin vah use badale mein pyaar nahin karata kyonki vah kahata hai ki mujhe to pyaar hai hee nahin is insaan se baat yah hai ki ham apane pyaar kee kadar to karate hain lekin jab koee hamase pyaar karata ham usake pyaar kee kadar nahin karate ham chaahate hain ki jise ham pyaar kar rahe hain vah to hamaaree kadar bhee karen aur ham se vaapas pyaar bhee karo lekin jo hamase pyaar karata hai kya ham usake chele usakee utanee kadar kar paate hain nahin aisa nahin hota hai aur rahee baat kee jisase ham sabase jyaada pyaar karate hain vah hamaaree kadar kyon nahin karata isalie nahin karata kyonki aap usase pyaar kar rahe ho aap ijeelee avelebal aur insaan ko pasand hotee hee chunautee yaanee ki ek aisa insaan jo usase bilkul bhee pyaar nahin karata to us insaan ko usee insaan se pyaar chailenjing lagata hai thoda is tareeke se ise agar ham pyaar karane ke lie manaane to kuchh damadaar baat hogee balki jo tumase pyaar karata hai to usakee kadar nahin karoge kya pata hai bijalee avelebal insaan ko pasand nahin hai to kya dogee gem boring ho raha hai aur isee tarah ke insaan ko chailenj pasand hote hain bas yahee hai jo cheej aapako ijeelee avelebal hotee hai aap unakee kadar nahin karate aisa kaam ladaka ho ladakee ho koee bhee insaan ho agar aap kisee se pyaar karate ho vah aap kee kadar nahin karata to aap usake peechhe aur jyaada bhaagate ho aur main aapase pyaar karata hoon main to aap usase door karate hain kyonki vah aapako ijeelee avelebal hai to bahaane alag alag ho sakate hain baaten alag alag ho sakatee hai lekin sahee matalab to yahee hai ki insaan ko chailenj pasand hai aur jo cheej hai usake lie isalie avelebal hotee hai unakee vah kabhee nahin karata hai bas itanee see baaten karata hai is savaal ko kisee bhee tareeke se kah sakate aap aise kah sakate hain ki aap jisase pyaar karate ho vah aapakee kadar kyon nahin karata nahin karata aapako usee se hee pyaar kyon hota hai tenshan phir bhee savaal poochhane ke lie dhanyavaad bahut-bahut shukriya

#रिश्ते और संबंध

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इज्जत देने और इज्जत करने में क्या अंतर है?Ijjat Dene Or Ijjat Karne Me Kya Antar Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
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1:50
हेलो मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि इज्जत देने में और इज्जत करने में क्या अंतर है हर चीज को हर इंसान अलग तरीके से देखता है और इस बात को अगर मैं देखूं तो वह यह है कि इज्जत देना इज्जत दी जाती है जो हम उम्मीद करते हैं कि हमें बदले में इज्जत मिलेगी लेकिन किसी की इज्जत करना यानी कि दिल से की जाती है तो उसमें मैं ऐसी उम्मीद नहीं रहती कि सामने वाले इंसान जी हमारी इज्जत करेगा किसी न किसी स्वार्थ से इंदौर संस्था है जब की इज्जत करना दिल से की जा सकती है और मुझे लगता है यह सही मतलब हो सकता है इस बात का वैसे तो रिस्पेक्ट की ही बात है चाहे वह दी जाए यकीन है लेकिन फिर भी जहां देना आता है वहां एक उम्मीद होती है कि वहां लेने की भी इंसान ख्वाहिश रखता है कि हमने दूसरे को जल्दी है तो सामने वाला भी हमें चर्चे रिस्पेक्ट थे लेकिन जहां इज्जत की जाती है वहां पर दिल से की जाती है और ऐसा शब्दों में भी सही बैठ रहा है कि दिल से इज्जत करना और किसी को इज्जत देना और उससे उम्मीद करना कि वह भी हमें हमारी रिस्पेक्ट करेगा मिल जाती तो इस तरीके से यह चीजें हो सकती हैं बाकी तो देखो जो है वह हर इंसान की अलग अलग समझ है अलग-अलग चीजें हैं लेकिन शाब्दिक रूप से और बातों में जिस तरीके से प्रयोग किया जाता है उस तरीके से यही इसका मतलब निकल सकता है बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo mera naam hai yogendr sinh aur savaal hai ki ijjat dene mein aur ijjat karane mein kya antar hai har cheej ko har insaan alag tareeke se dekhata hai aur is baat ko agar main dekhoon to vah yah hai ki ijjat dena ijjat dee jaatee hai jo ham ummeed karate hain ki hamen badale mein ijjat milegee lekin kisee kee ijjat karana yaanee ki dil se kee jaatee hai to usamen main aisee ummeed nahin rahatee ki saamane vaale insaan jee hamaaree ijjat karega kisee na kisee svaarth se indaur sanstha hai jab kee ijjat karana dil se kee ja sakatee hai aur mujhe lagata hai yah sahee matalab ho sakata hai is baat ka vaise to rispekt kee hee baat hai chaahe vah dee jae yakeen hai lekin phir bhee jahaan dena aata hai vahaan ek ummeed hotee hai ki vahaan lene kee bhee insaan khvaahish rakhata hai ki hamane doosare ko jaldee hai to saamane vaala bhee hamen charche rispekt the lekin jahaan ijjat kee jaatee hai vahaan par dil se kee jaatee hai aur aisa shabdon mein bhee sahee baith raha hai ki dil se ijjat karana aur kisee ko ijjat dena aur usase ummeed karana ki vah bhee hamen hamaaree rispekt karega mil jaatee to is tareeke se yah cheejen ho sakatee hain baakee to dekho jo hai vah har insaan kee alag alag samajh hai alag-alag cheejen hain lekin shaabdik roop se aur baaton mein jis tareeke se prayog kiya jaata hai us tareeke se yahee isaka matalab nikal sakata hai bahut-bahut shukriya

#जीवन शैली

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भविष्य में धरती का विनाश किस कारण से होगा?Bhavishya Mein Dharti Ka Vinash Kis Kaaran Se Hoga
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
4:03
हेलो दोस्तों मेरा नाम जोगेंद्र सिंह और मैं एक लेखक लाइफ पूछूं धरती का विनाश के कारण से होगा कि भविष्य में धरती का विनाश सुनकर लोगों को डर भी लगता है और यह कौन है क्योंकि जिन धरती पर रह रहे हैं उसका विनाश अगर होगा तो हमारी जिंदगी में तो खत्म हो जाएंगे लेकिन जिस तरीके से चीजें चलती चली जा रही है ऐसा लग रहा है कि इंसान अपने विनाश को स्वयं उसे जल्दी करने के लिए प्रेरित कर रहा है ऐसा क्यों है आप को रोने को देख लीजिए कितने सारे लोग हैं जो इस कोरोनावायरस निशान लगा चुके हैं कुछ लोग संक्रमित हैं और कुछ लोग इससे बचने के नए-नए तरीके ढूंढने और आप माने या ना माने लेकिन यह बात बिल्कुल सही है कि इंसान सबसे बड़ा कारण साबित होगा जिसकी वजह से इस धरती का विनाश होगा उसमें आप देख सकते हैं किस तरीके से विस्फोटक सामग्री या बनाई जा रही हैं परमाणु हथियार बनाए जा रहे हैं जबकि एक लिमिट है चीजों को सहने की अगर मुस्लिम को क्लोज कर देंगे तो बच्चे की ही नहीं और जैसे हम देख रहे हैं कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं और वातावरण में किस तरीके से तब्दीलियां रही है प्रदूषण बढ़ रहा है तो यह सारी चीजें संकेत है कि धरती आगे जा कर विनाश की तरफ से जारी रही है और उसका सबसे जरूरी जो फैक्टर है वह इंसान ही है इंसान ऐसे से काम कर रहा है जो नीचे को हानि पहुंचा रहा है और उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ता है कहीं बाढ़ आती है कि कहीं भूकंप आते हैं कहीं ग्लेशियर पिघल जाते हैं तो सही बात है कि अगर हम नेचर को परेशान करेंगे उसके लिए परेशानियां सामने ले करके आएंगे तो उसका फल तो इंसान को भुगतना ही पड़ेगा इस बात में कोई भी शक नहीं है नेचर का सबसे ज्यादा नुकसान जो किया है वह इंसान नहीं किया उसका नुकसान भी इंसान को ही भुगतना पड़ रहा है तो उस तरीके से परमाणु हथियार बनाएंगे और ऐसे युद्ध की बातें करेंगे और युद्ध करने की सोचेंगे तो आप समझ ही सकते हैं कि कहां इंसानों की जिंदगी आ सकती हैं और क्या हम इस धरती को बनाते चले जा रहे हैं और ऐसे ही भी आप समझिए कि प्रदूषण जितना बढ़ता चला जा रहा है उससे बीमारियां बढ़ रही है पानी दूषित होता जा रहा है पानी छोड़िए हवा भी दूषित होती चली आ रही है इतनी दूर से इसकी मतलब वह इंसान देख नहीं पाया चीजों को इतना अंधेरा हो जाता है कभी-कभी तो और फिर इनकी जॉब रियल्टी करते हैं तो कहीं पुलिस की ओर से खेल रहे हैं कहीं एनवायरमेंट चेंज जा रहे हैं तो काफिर खामियाजा तो इंसान को भुगतना ही पड़ता है बेहतर यही होगा कि इंसान अपने आप को जरा सुधारने की कोशिश करें उन चीजों की तरफ कदम बढ़ाए जो इस धरती को बेहतर बना सकते ना कि उन कदमों को वहां बढ़ाया जाए जैसे धरती का विनाश हो सकता है मुझे लगता है कितना करेगा यह बात समझने के लिए कि इंसानी वह सेट कर जैसे धरती को बेहतर बना सकता है या उसका विनाश कर सकता है और जिस ज्यादातर जब कदम बढ़े हैं वह विनाश की ओर ही वहां बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो एनवायरमेंट को सही करने की कोशिश कर रहे हैं को बिगाड़ने वालों का ज्यादा से ज्यादा संख्या है तो यही कह सकते हैं कि इंसानी वह फैक्टर है वह कारण जिससे धरती का विनाश की ओर बढ़ती चली आ रही और आगे जाकर कर विनाश होता उसमें इंसान का ही सबसे बड़ा बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam jogendr sinh aur main ek lekhak laiph poochhoon dharatee ka vinaash ke kaaran se hoga ki bhavishy mein dharatee ka vinaash sunakar logon ko dar bhee lagata hai aur yah kaun hai kyonki jin dharatee par rah rahe hain usaka vinaash agar hoga to hamaaree jindagee mein to khatm ho jaenge lekin jis tareeke se cheejen chalatee chalee ja rahee hai aisa lag raha hai ki insaan apane vinaash ko svayan use jaldee karane ke lie prerit kar raha hai aisa kyon hai aap ko rone ko dekh leejie kitane saare log hain jo is koronaavaayaras nishaan laga chuke hain kuchh log sankramit hain aur kuchh log isase bachane ke nae-nae tareeke dhoondhane aur aap maane ya na maane lekin yah baat bilkul sahee hai ki insaan sabase bada kaaran saabit hoga jisakee vajah se is dharatee ka vinaash hoga usamen aap dekh sakate hain kis tareeke se visphotak saamagree ya banaee ja rahee hain paramaanu hathiyaar banae ja rahe hain jabaki ek limit hai cheejon ko sahane kee agar muslim ko kloj kar denge to bachche kee hee nahin aur jaise ham dekh rahe hain ki gleshiyar pighal rahe hain aur vaataavaran mein kis tareeke se tabdeeliyaan rahee hai pradooshan badh raha hai to yah saaree cheejen sanket hai ki dharatee aage ja kar vinaash kee taraph se jaaree rahee hai aur usaka sabase jarooree jo phaiktar hai vah insaan hee hai insaan aise se kaam kar raha hai jo neeche ko haani pahuncha raha hai aur usaka khaamiyaaja use bhugatana padata hai kaheen baadh aatee hai ki kaheen bhookamp aate hain kaheen gleshiyar pighal jaate hain to sahee baat hai ki agar ham nechar ko pareshaan karenge usake lie pareshaaniyaan saamane le karake aaenge to usaka phal to insaan ko bhugatana hee padega is baat mein koee bhee shak nahin hai nechar ka sabase jyaada nukasaan jo kiya hai vah insaan nahin kiya usaka nukasaan bhee insaan ko hee bhugatana pad raha hai to us tareeke se paramaanu hathiyaar banaenge aur aise yuddh kee baaten karenge aur yuddh karane kee sochenge to aap samajh hee sakate hain ki kahaan insaanon kee jindagee aa sakatee hain aur kya ham is dharatee ko banaate chale ja rahe hain aur aise hee bhee aap samajhie ki pradooshan jitana badhata chala ja raha hai usase beemaariyaan badh rahee hai paanee dooshit hota ja raha hai paanee chhodie hava bhee dooshit hotee chalee aa rahee hai itanee door se isakee matalab vah insaan dekh nahin paaya cheejon ko itana andhera ho jaata hai kabhee-kabhee to aur phir inakee job riyaltee karate hain to kaheen pulis kee or se khel rahe hain kaheen enavaayarament chenj ja rahe hain to kaaphir khaamiyaaja to insaan ko bhugatana hee padata hai behatar yahee hoga ki insaan apane aap ko jara sudhaarane kee koshish karen un cheejon kee taraph kadam badhae jo is dharatee ko behatar bana sakate na ki un kadamon ko vahaan badhaaya jae jaise dharatee ka vinaash ho sakata hai mujhe lagata hai kitana karega yah baat samajhane ke lie ki insaanee vah set kar jaise dharatee ko behatar bana sakata hai ya usaka vinaash kar sakata hai aur jis jyaadaatar jab kadam badhe hain vah vinaash kee or hee vahaan bahut saare log aise hain jo enavaayarament ko sahee karane kee koshish kar rahe hain ko bigaadane vaalon ka jyaada se jyaada sankhya hai to yahee kah sakate hain ki insaanee vah phaiktar hai vah kaaran jisase dharatee ka vinaash kee or badhatee chalee aa rahee aur aage jaakar kar vinaash hota usamen insaan ka hee sabase bada bahut-bahut dhanyavaad

#जीवन शैली

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ज्ञान ही शक्ति है या वाक्य हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण है?Gyaan He Shakti Hai Ya Vaky Humare Jeevan Mein Kitna Mahatvpurn Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
2:37
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैथिली ठाकुर लाइव पूछूं सवाल है कि क्या नहीं सकती है यह बात हमारे जीवन में कितना महत्वपूर्ण यह बात की सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ज्ञान नहीं होगा तो आप किसी भी कार्य को उस तरीके से नहीं कर सकते जिस तरीके से वह आपको फायदा देगा फिर चाय आप पढ़ाई की बात करे नौकरी की बात करनी है जीवन जीने वाले जान की जरूरत हो अगर आपको उस तरह का ज्ञान नहीं है तो आप उसे सही तरीके से नहीं कर सकते मान लीजिए कि आप अगर पढ़ाई कर रहे हैं और आपको उस सब्जेक्ट टिड ज्ञान नहीं है तो आप उस एग्जाम में फेल हो जाएंगे लेकिन अगर आपको उस सब्जेक्ट से रिलेटेड ज्ञान है तो आप उस में अच्छे नंबर ला सकते हैं जिस जॉब में आप जा रहे हैं जो जाओ आप करते हैं अगर उसके बारे में आपको बेहतर जानकारी है तो आपको अच्छा प्रमोशन मिल सकता है लेकिन अगर आपको उसके बारे में नॉलेज नहीं है क्या नहीं है तो आपको उस तरह से चीजें फायदा नहीं देंगे बिल्कुल इसी तरह बात करते हैं हम जीवन में जीवन में लोग भटक जाते हैं ऐसे काम करते हैं जो उन्हें नहीं करनी चाहिए वह भी सिर्फ अज्ञान के कारण इसलिए आपको पता हो कि जिंदगी किस तरह से जी नहीं है और सही तरीके से जिंदगी जीने के ज्ञान होने के कारण आप अपनी जिंदगी को बेहतर कर सकते हैं इस तरीके से आप समझ ही सकते हैं कि ज्ञान का होना इंसान के लिए कितना जरूरी है और ज्ञानी चोर के अलग बेनिफिट्स तो अगर ज्ञान नहीं है तो इंसान कमजोर महसूस करता है और उसे फायदा नहीं नुकसान पहुंचता है तो इसलिए ज्ञान ही सकती है इस वाक्य का जीवन में सबसे ज्यादा महत्व है क्योंकि हर पहलू पर हमेशा साथ देता है और हमारी जिंदगी को बेहतर से बेहतर बनाता रहता है इसलिए तो हम यहां बोलकर है पर है ताकि हम अपना ज्ञान आगे से आगे बेहतर करने चले अपनी चीजों को बहुत अच्छी तरीके से कर सके तो ज्ञान हासिल करना बहुत जरूरी है क्योंकि जिसके पास जितना ज्ञान होता है वह उतना ही शक्तिशाली होता है मुझे लगता है कि इतना काफी रहेगा इस बात को समझाने के लिए की ज्ञान कितना जरूरी है और कितना शक्तिशाली और जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि ज्ञान ही शक्ति बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur maithilee thaakur laiv poochhoon savaal hai ki kya nahin sakatee hai yah baat hamaare jeevan mein kitana mahatvapoorn yah baat kee sabase jyaada mahatvapoorn hai kyonki gyaan nahin hoga to aap kisee bhee kaary ko us tareeke se nahin kar sakate jis tareeke se vah aapako phaayada dega phir chaay aap padhaee kee baat kare naukaree kee baat karanee hai jeevan jeene vaale jaan kee jaroorat ho agar aapako us tarah ka gyaan nahin hai to aap use sahee tareeke se nahin kar sakate maan leejie ki aap agar padhaee kar rahe hain aur aapako us sabjekt tid gyaan nahin hai to aap us egjaam mein phel ho jaenge lekin agar aapako us sabjekt se rileted gyaan hai to aap us mein achchhe nambar la sakate hain jis job mein aap ja rahe hain jo jao aap karate hain agar usake baare mein aapako behatar jaanakaaree hai to aapako achchha pramoshan mil sakata hai lekin agar aapako usake baare mein nolej nahin hai kya nahin hai to aapako us tarah se cheejen phaayada nahin denge bilkul isee tarah baat karate hain ham jeevan mein jeevan mein log bhatak jaate hain aise kaam karate hain jo unhen nahin karanee chaahie vah bhee sirph agyaan ke kaaran isalie aapako pata ho ki jindagee kis tarah se jee nahin hai aur sahee tareeke se jindagee jeene ke gyaan hone ke kaaran aap apanee jindagee ko behatar kar sakate hain is tareeke se aap samajh hee sakate hain ki gyaan ka hona insaan ke lie kitana jarooree hai aur gyaanee chor ke alag beniphits to agar gyaan nahin hai to insaan kamajor mahasoos karata hai aur use phaayada nahin nukasaan pahunchata hai to isalie gyaan hee sakatee hai is vaaky ka jeevan mein sabase jyaada mahatv hai kyonki har pahaloo par hamesha saath deta hai aur hamaaree jindagee ko behatar se behatar banaata rahata hai isalie to ham yahaan bolakar hai par hai taaki ham apana gyaan aage se aage behatar karane chale apanee cheejon ko bahut achchhee tareeke se kar sake to gyaan haasil karana bahut jarooree hai kyonki jisake paas jitana gyaan hota hai vah utana hee shaktishaalee hota hai mujhe lagata hai ki itana kaaphee rahega is baat ko samajhaane ke lie kee gyaan kitana jarooree hai aur kitana shaktishaalee aur jindagee ka sabase mahatvapoorn baat yahee hai ki gyaan hee shakti bahut-bahut shukriya

#जीवन शैली

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaali Moti Ladkiyon Ko Lekar Samaj Itna Nishthur Kyun Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
4:48
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैं एक लेखक हूं लाइफ कोच हूं सवाल है कि काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है सवाल तो अच्छा है लेकिन किसी स्पेसिफिक जेंडर के बारे में नहीं है चाहे फिर वो लड़का हो बच्चा हो बड़ा हो सभी लोगों को इस तरह के लोगों से ना जाने क्या समस्या है उनका मजाक बनाना उनका अपमान करना लोग बहुत अच्छा लगता है हम स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी देख सकते हैं अगर किसी बच्चे का रंग काला है कोई बच्चा जिस के बाल झड़ रही हूं गंजा है तो उस तरीके से बच्चों को भी बहुत मजा आता है उसका मजाक बनाने में वैसे ही हम युग में भी देख सकते हैं यही चीज देखने को मिलती है और क्यों ना हम अपने समाज में ही देखें यानी कि किसी भी इसमें दया करके देखा जाए और किसी भी जेंडर में जाकर देखा जाए यह चीजें बहुत आम है खूबसूरती सबको पसंद है और जहां पर लोगों को ऐसी चीजें देखने को मिलती है जहां रंग काला है या बॉडी साइज उस तरह का नहीं है जैसा एक आइडल माना जाता है तो लोग उसका मजाक बनाते हैं उसके बारे में बुरी बुरी बातें कहते बिना यह सोचे समझे कि चाहे फिर वह बच्चा है बड़ा है या पियूष है उसे कैसा फील हो रहा है और जाहिर सी बात है कोई भी जब किसी का मजाक बनाता है तो उस इंसान को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता जिसका मजाक बनाया जा रहा है लेकिन वह कहते हैं ना कि एक समझदार और अच्छा इंसान कभी किसी का मजाक नहीं बना था वह सब का सम्मान करता है और ऐसे लोग बहुत कम देख मिलती है समझ सकते हैं कि हमारे दुनिया में समझदार लोगों की गिनती कितनी कम है बेशक खुद को समझदार मानने वाले लोगों की संख्या इस दुनिया में बहुत ज्यादा लेकिन खुद की नजरों में समझदार होना अलग चीज है और सही मायनों में समझदार हो ना सब का सम्मान करना सब से प्यार करना वह अलग चीज है आप चाहे किसी भी ऐसे इंसान से मिली है जो दूसरे का मजाक बनाता हूं उसे आप कहिए कि यह बेवकूफी वाला काम कर रहे हैं आपकी बात को तो रंग का टेप और कहेगा क्या बात कर रहे हो बेवकूफ और मैं बिल्कुल नहीं मैं तो बहुत समझदार हूं बेशक उसका जो काम है वह बिल्कुल मूर्खों वाला है और बिल्कुल एक ऐसे इंसान किधर है जिस तरह का इंसान इस समाज में एडजस्ट नहीं करना चाहिए कि ना अपनी नजरों में तो वो भी समझदार बना घूम रहा है तो उस चीज का तो सिर्फ एक ही उपाय है कि लोग समझदार बने हैं लोग दूसरों की फीलिंग को समझे कि किसी का मजाक बनाना और किसी को बुरा भला कहना रंग-रूप आकार को लेकर के कितना गलत है और जिस दिन लोग यह चीज समझना शुरू कर देंगे उस दिन शायद चीजें सही होती चली जाएंगी और हम अपने टीवी यूट्यूब और जगह-जगह पर प्रमोशन भी देखते हैं तो किस तरह के काले रंग को किस तरह से बुरा किया जाता है और किसी एक चीज को अच्छा बता रहे हो उस के ऑपोजिट ऑटोमेटेकली ही गलत हो जाते ही आने की बेकार हो जाती है यहां पर गोरे रंग का प्रमोशन किया जा रहा है तो काला धन तो नीचे होता ही चला जाएगा ब्लैक ड्रेस पहनने का शौक रखने को लेकर लोगों को बात करने में बेशक पर यूज होता है बस यही है कि लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए और जो हमारे एडवेंचर है और इस चीज की कोशिश करनी चाहिए कि हजारों फिल्टर लगा कर के अपने चेहरे को खूबसूरत दिखाने की वजह वह अपनी रियल शक्ल दिखाएं तो लोगों पर यह फैक्ट पड़ेगा की खूबसूरती किसी मेकअप या किसी सेंटर में नहीं है खूबसूरती दिल में होती है समझ में आ जाएगी जो है वही है जैसी दुनिया चल रही है चल ही रही है बहुत-बहुत शुक्रिया उम्मीद करते हैं कि दुनिया में जल्दी समझदार लोगों की संख्या बढ़ती चली जाए बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur main ek lekhak hoon laiph koch hoon savaal hai ki kaalee motee ladakiyon ko lekar samaaj itana nishthur kyon hai savaal to achchha hai lekin kisee spesiphik jendar ke baare mein nahin hai chaahe phir vo ladaka ho bachcha ho bada ho sabhee logon ko is tarah ke logon se na jaane kya samasya hai unaka majaak banaana unaka apamaan karana log bahut achchha lagata hai ham skool mein padh rahe bachchon ko bhee dekh sakate hain agar kisee bachche ka rang kaala hai koee bachcha jis ke baal jhad rahee hoon ganja hai to us tareeke se bachchon ko bhee bahut maja aata hai usaka majaak banaane mein vaise hee ham yug mein bhee dekh sakate hain yahee cheej dekhane ko milatee hai aur kyon na ham apane samaaj mein hee dekhen yaanee ki kisee bhee isamen daya karake dekha jae aur kisee bhee jendar mein jaakar dekha jae yah cheejen bahut aam hai khoobasooratee sabako pasand hai aur jahaan par logon ko aisee cheejen dekhane ko milatee hai jahaan rang kaala hai ya bodee saij us tarah ka nahin hai jaisa ek aaidal maana jaata hai to log usaka majaak banaate hain usake baare mein buree buree baaten kahate bina yah soche samajhe ki chaahe phir vah bachcha hai bada hai ya piyoosh hai use kaisa pheel ho raha hai aur jaahir see baat hai koee bhee jab kisee ka majaak banaata hai to us insaan ko bilkul bhee achchha nahin lagata jisaka majaak banaaya ja raha hai lekin vah kahate hain na ki ek samajhadaar aur achchha insaan kabhee kisee ka majaak nahin bana tha vah sab ka sammaan karata hai aur aise log bahut kam dekh milatee hai samajh sakate hain ki hamaare duniya mein samajhadaar logon kee ginatee kitanee kam hai beshak khud ko samajhadaar maanane vaale logon kee sankhya is duniya mein bahut jyaada lekin khud kee najaron mein samajhadaar hona alag cheej hai aur sahee maayanon mein samajhadaar ho na sab ka sammaan karana sab se pyaar karana vah alag cheej hai aap chaahe kisee bhee aise insaan se milee hai jo doosare ka majaak banaata hoon use aap kahie ki yah bevakoophee vaala kaam kar rahe hain aapakee baat ko to rang ka tep aur kahega kya baat kar rahe ho bevakooph aur main bilkul nahin main to bahut samajhadaar hoon beshak usaka jo kaam hai vah bilkul moorkhon vaala hai aur bilkul ek aise insaan kidhar hai jis tarah ka insaan is samaaj mein edajast nahin karana chaahie ki na apanee najaron mein to vo bhee samajhadaar bana ghoom raha hai to us cheej ka to sirph ek hee upaay hai ki log samajhadaar bane hain log doosaron kee pheeling ko samajhe ki kisee ka majaak banaana aur kisee ko bura bhala kahana rang-roop aakaar ko lekar ke kitana galat hai aur jis din log yah cheej samajhana shuroo kar denge us din shaayad cheejen sahee hotee chalee jaengee aur ham apane teevee yootyoob aur jagah-jagah par pramoshan bhee dekhate hain to kis tarah ke kaale rang ko kis tarah se bura kiya jaata hai aur kisee ek cheej ko achchha bata rahe ho us ke opojit otometekalee hee galat ho jaate hee aane kee bekaar ho jaatee hai yahaan par gore rang ka pramoshan kiya ja raha hai to kaala dhan to neeche hota hee chala jaega blaik dres pahanane ka shauk rakhane ko lekar logon ko baat karane mein beshak par yooj hota hai bas yahee hai ki logon ko apanee maanasikata badalanee chaahie aur jo hamaare edavenchar hai aur is cheej kee koshish karanee chaahie ki hajaaron philtar laga kar ke apane chehare ko khoobasoorat dikhaane kee vajah vah apanee riyal shakl dikhaen to logon par yah phaikt padega kee khoobasooratee kisee mekap ya kisee sentar mein nahin hai khoobasooratee dil mein hotee hai samajh mein aa jaegee jo hai vahee hai jaisee duniya chal rahee hai chal hee rahee hai bahut-bahut shukriya ummeed karate hain ki duniya mein jaldee samajhadaar logon kee sankhya badhatee chalee jae bahut-bahut shukriya

#जीवन शैली

Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
4:18
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह में एक लेखक हूं और लाइफ कोच वाली कौन सी बात साबित करती है कि शांति आतंक व्यक्ति के अंदर से पैदा होता है दिखाई नहीं जाते हैं बहुत अच्छा सवाल है और इस सवाल का जवाब मिलेगा आप को बच्चों में बच्चे जो छोटे होते हैं उनमें ऐसी चीज होती है जो दिखाई नहीं जाती उस समय तक तो नहीं सिखाई जाती है क्योंकि कोई बच्चा आजा वह थोड़ा बहुत चलना शुरू करता है हाथ पर चलाना शुरु करता तो एक बच्चा है जो दूसरे की चीजें छीन लेता है दूसरे से लड़ाई करता है तो उसे उसी बात में सुकून मिलता उसी बात में खुशी मिलती है लेकिन जो दूसरा बच्चा है वह आपस में शेयरिंग करता है चीज दूसरे को देता है दूसरे से लड़ाई नहीं करता तो दोनों बच्चे हैं वैसे को नहीं ऐसी चीज सिखाई नहीं गई है बाय डिफॉल्ट जो चीज है इंसान के अंदर होती है वह वही बाहर रिफ्लेक्ट करता है तो यह साबित कर पीने की उम्र सिखाया नहीं दिया है क्योंकि उस समय तुम इतनी ज्यादा लैंग्वेज समझ में भी नहीं आती है वह थोड़ा बहुत बोल सकते हैं लेकिन इन सारी चीजों को इतनी जल्दी नहीं सीख पाते तो जोन में पहले से फिट होता है जो उनके संस्कार होते हैं प्रियंका को उसके बोर्डिंग हो रही एक्ट करते हैं एक बच्चा जो दूसरे की चीजें छीन कर खुश होता है और दूसरा बच्चा अपनी चीजें शेयर करके खुश होता है तो यह सारी चीजें बताती हैं कि किस तरह से इंसान के भीतर ही सारी चीजें होती हैं और जिस इंसान के अंदर जो चीज होती है वह वही चीजें देता है गाली की बात करें या ज्ञान की बात करें जिस इंसान के भीतर गालियां भरी हुई हैं वह तो गाली देगा वह तो बुरा भला ही कहेगा लेकिन जिस इंसान के भीतर ज्ञान भरा हुआ है वह हमेशा ज्ञान की बात करेगा जीवन को सुधारने की बात करेगा और ऐसे लोग जिनके दिल में जिनके मन में अच्छी बातें होती ज्ञान होता है उन लोगों का हम महान कहते हैं जैसे हम विवेकानंद जी की बात करें उन्होंने इतना अपना नाम ऊंचा किया है उन्होंने वही चीजें दी है जो उनके अंदर और जो लोग गाली दे रहे हैं या किसी को बुरा भला कह रहे हैं या नफरत फैला रहे हैं या आतंक फैला रहे हैं तो उनके मन में जो चीजें हैं वह हिसाब से काम कर रहे हैं और बाहर की चीज अगर इफेक्ट डालती भी है तो वह से लिए डालती हैं जो कि हमारे अंदर पहले से वह चीज है यानी कि उस इंसान का इंटरेस्ट किस तरह से एक ऐसा इंसान जिसके मन में प्यार है दूसरे के लिए जो सभी से प्यार करता है उसे आप कितनी भी नफरत की बातें सिखा दीजिए उसका मन कभी दवाई नहीं देगा किसी से नफरत करने का तो तू इंटरनेट तरीके का इंसान है और दूसरी तरफ जो इंसान है नफरत करने वाला उसे आप कितनी भी प्यार की बातें सिखा दीजिए वह प्यार नहीं खेल सकती उसे तो ऑलरेडी नफरत भरी ही हुई है पहले से ही तो डिपेंड करता है कि शान की फितरत क्या है इंसान का माइंड किस तरह का काम कर रहा है और हर किसी के अलग-अलग संस्कार हैं पूर्व जन्मों के उसी के हिसाब से काम करता है और बात रही यहां पर दुनिया में तो सिंपल सी बात है अगर आप किसी का खून करोगे तो उसकी सजा मिलेगी आप किसी को बुरा भला कहोगे तो उसकी सजा मिलेगी अगर आप अच्छा काम करोगे तो आपको अच्छा कहेंगे तो डिपेंड करता है इंसान किस तरफ जाना चाहते हैं इन सबके बावजूद भी खुद को बदलने की ठानी की अपनी कमी को दूर करने की कोशिश में लग जाए तो बेशक वह बदला जा सकता है लेकिन उसके लिए उसे खुद ही कोशिश करनी पड़ेगी इसी तरीके से जो इंसान प्यार कर रहा है उसे अगर नफरत करनी है किसी से अगर इन्फ्रेंस हो करके तो उसे बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी ऐसे ही इंसुरेंस नहीं हो जाएगा कोई किसी भी चीज से तो यह सारी चीजें तो इंसान के इंटरनली होती हैं कि वह किस तरफ जाना चाहता है किस तरफ जाता है तो उस इंसान के पास जो चीज रोती हूं वही देता है यही कारण है कि इंसान के अंदर शांति होती है तो वह शांति देता है इंसान के अंदर नफरत हो गई तो वह नफरत देता है बहुत-बहुत शुक्रिया सवाल पूछने के लिए यह सवाल बहुत ही ज्यादा सोचने वाला है लोगों के लिए सभी के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh mein ek lekhak hoon aur laiph koch vaalee kaun see baat saabit karatee hai ki shaanti aatank vyakti ke andar se paida hota hai dikhaee nahin jaate hain bahut achchha savaal hai aur is savaal ka javaab milega aap ko bachchon mein bachche jo chhote hote hain unamen aisee cheej hotee hai jo dikhaee nahin jaatee us samay tak to nahin sikhaee jaatee hai kyonki koee bachcha aaja vah thoda bahut chalana shuroo karata hai haath par chalaana shuru karata to ek bachcha hai jo doosare kee cheejen chheen leta hai doosare se ladaee karata hai to use usee baat mein sukoon milata usee baat mein khushee milatee hai lekin jo doosara bachcha hai vah aapas mein sheyaring karata hai cheej doosare ko deta hai doosare se ladaee nahin karata to donon bachche hain vaise ko nahin aisee cheej sikhaee nahin gaee hai baay dipholt jo cheej hai insaan ke andar hotee hai vah vahee baahar riphlekt karata hai to yah saabit kar peene kee umr sikhaaya nahin diya hai kyonki us samay tum itanee jyaada laingvej samajh mein bhee nahin aatee hai vah thoda bahut bol sakate hain lekin in saaree cheejon ko itanee jaldee nahin seekh paate to jon mein pahale se phit hota hai jo unake sanskaar hote hain priyanka ko usake bording ho rahee ekt karate hain ek bachcha jo doosare kee cheejen chheen kar khush hota hai aur doosara bachcha apanee cheejen sheyar karake khush hota hai to yah saaree cheejen bataatee hain ki kis tarah se insaan ke bheetar hee saaree cheejen hotee hain aur jis insaan ke andar jo cheej hotee hai vah vahee cheejen deta hai gaalee kee baat karen ya gyaan kee baat karen jis insaan ke bheetar gaaliyaan bharee huee hain vah to gaalee dega vah to bura bhala hee kahega lekin jis insaan ke bheetar gyaan bhara hua hai vah hamesha gyaan kee baat karega jeevan ko sudhaarane kee baat karega aur aise log jinake dil mein jinake man mein achchhee baaten hotee gyaan hota hai un logon ka ham mahaan kahate hain jaise ham vivekaanand jee kee baat karen unhonne itana apana naam ooncha kiya hai unhonne vahee cheejen dee hai jo unake andar aur jo log gaalee de rahe hain ya kisee ko bura bhala kah rahe hain ya napharat phaila rahe hain ya aatank phaila rahe hain to unake man mein jo cheejen hain vah hisaab se kaam kar rahe hain aur baahar kee cheej agar iphekt daalatee bhee hai to vah se lie daalatee hain jo ki hamaare andar pahale se vah cheej hai yaanee ki us insaan ka intarest kis tarah se ek aisa insaan jisake man mein pyaar hai doosare ke lie jo sabhee se pyaar karata hai use aap kitanee bhee napharat kee baaten sikha deejie usaka man kabhee davaee nahin dega kisee se napharat karane ka to too intaranet tareeke ka insaan hai aur doosaree taraph jo insaan hai napharat karane vaala use aap kitanee bhee pyaar kee baaten sikha deejie vah pyaar nahin khel sakatee use to olaredee napharat bharee hee huee hai pahale se hee to dipend karata hai ki shaan kee phitarat kya hai insaan ka maind kis tarah ka kaam kar raha hai aur har kisee ke alag-alag sanskaar hain poorv janmon ke usee ke hisaab se kaam karata hai aur baat rahee yahaan par duniya mein to simpal see baat hai agar aap kisee ka khoon karoge to usakee saja milegee aap kisee ko bura bhala kahoge to usakee saja milegee agar aap achchha kaam karoge to aapako achchha kahenge to dipend karata hai insaan kis taraph jaana chaahate hain in sabake baavajood bhee khud ko badalane kee thaanee kee apanee kamee ko door karane kee koshish mein lag jae to beshak vah badala ja sakata hai lekin usake lie use khud hee koshish karanee padegee isee tareeke se jo insaan pyaar kar raha hai use agar napharat karanee hai kisee se agar inphrens ho karake to use bahut jyaada mehanat karanee padegee aise hee insurens nahin ho jaega koee kisee bhee cheej se to yah saaree cheejen to insaan ke intaranalee hotee hain ki vah kis taraph jaana chaahata hai kis taraph jaata hai to us insaan ke paas jo cheej rotee hoon vahee deta hai yahee kaaran hai ki insaan ke andar shaanti hotee hai to vah shaanti deta hai insaan ke andar napharat ho gaee to vah napharat deta hai bahut-bahut shukriya savaal poochhane ke lie yah savaal bahut hee jyaada sochane vaala hai logon ke lie sabhee ke lie bahut-bahut dhanyavaad

#जीवन शैली

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वाणी कब विष के समान हो जाती है?Vaani Kab Vish Ke Samaan Ho Jaati Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
3:39
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह में एक लेखक और लाइफ कोच भी हूं सवाल है कि पानी कब बिल के समान हो जाते हैं बिरयानी की जुबानी तब इसके समान होती है जब इंसान के मन में क्रोध अहंकार और नफरत होती है जो कोई भी इंसान किसी से नफरत करता है मन ही मन और उसे एक रोज होता है तब जाकर के वह किसी भी इंसान को बुरा भला कहते है वह यह भूल जाता है जो वह क्या कह रहा है और किसके बारे में कह रहा है तो इंसान को चाहिए कि अपने मन के विकारों से छुटकारा पाएं क्रोध अहंकार लालच और नफरत इन सब से छुटकारा पाएं और अपनी वाणी को अमृत के समान करें लेकिन आज के समय में इंसान को इतनी फुर्सत ही नहीं है इतना दिमाग नहीं है कि वह इस तरफ सोच सके कि वह जो कर रहा है वह जो किसी को बुरा भला कह रहा उसका परिणाम उसे ही भुगतना इसलिए इंसान दूसरे को बुरा कहता है दूसरे पर गुस्सा करता है और दूसरों से नफरत करता है यह चीज बिल्कुल भी सही नहीं है कोई भी इंसान यह नहीं चाहेगा कि उस इंसान का साथ करें जो नफरत फैलाते हो जो गुस्सा करता हो या जो लालची इंसान हो तो उसमें इंसान खुद का ही नुकसान कर रहे इस चीज को समझने के लिए इंसान को अपने विवेक का इस्तेमाल करना पड़ेगा की कौन सी ऐसी चीज है जो उसके लिए फायदे देने वाली है अगर कोई इंसान नफरत करता है किसी से तो वह खुद को ही परेशान कर रहा है अपनी जुबान खराब कर रहा है और खुद के दिमाग में बहुत सारा कचरा भरा है तो बेहतर यही होगा कि इंसान नफरत अहंकार और लालच जैसी चीजों को छोड़ दे क्लोज को त्याग दें और अपनी जिंदगी को सहेज हो अच्छी तरह समझ चुकी है कि ऐसी कौन सी चीज है जो पानी को विश बना देती है और इसके अलावा कोई रीज़न नहीं है कि कोई भी इंसान की वाणी देशों यानी कि इंसान किसी के बारे में गलत कह रहा है किसी को बुरा भला कह रहा है किसी को ऐसी बातें बोल रहा है कड़वी बातें जिससे किसी का दिल दुखे तो यही कारण होते हैं या तो उस इंसान में गुस्सा है या उस इंसान में नफरत है तभी जाकर के वह इंसान ऐसा कहता है और नफरत में क्लोज में कही गई बातें हमेशा विश की तरह काम करते हैं वह दूसरों के लिए भी और खुद के लिए भी दूसरों को तो वह दिल दुखाए रहा है लेकिन खुद की बॉडी पर वह असर डाल रहा है क्योंकि मुझसे का असर शरीर पर देखता है नफरत का असर उसकी बॉडी में दिखना शुरू हो जाता है तो बेहतर यही है कि इंसान इन सब को छोड़कर के एक अच्छा इंसान मैं सभी से प्यार से बात करें और गुस्से को त्यागे किसी से नफरत ना करें और अपनी जिंदगी को बड़े सुकून के साथ चाहिए और मेंटल पीस आज के टाइम में बहुत जरूरी है क्योंकि जिस तरीके से लोगों के दिमाग में कचरा बढ़ता चला जा रहा है और उन्हें स्थान तक नहीं मिल रही है इसलिए बेहतर एक इंसान अपने मन को शांत करें जिसके लिए यह सारे काम करने बहुत जरूरी है तो यही सारी बातें हैं जिनका इंसान को ध्यान रखना है और वाणी बस यही जाकर के विष के समान हो जाती है सवाल पूछने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh mein ek lekhak aur laiph koch bhee hoon savaal hai ki paanee kab bil ke samaan ho jaate hain birayaanee kee jubaanee tab isake samaan hotee hai jab insaan ke man mein krodh ahankaar aur napharat hotee hai jo koee bhee insaan kisee se napharat karata hai man hee man aur use ek roj hota hai tab jaakar ke vah kisee bhee insaan ko bura bhala kahate hai vah yah bhool jaata hai jo vah kya kah raha hai aur kisake baare mein kah raha hai to insaan ko chaahie ki apane man ke vikaaron se chhutakaara paen krodh ahankaar laalach aur napharat in sab se chhutakaara paen aur apanee vaanee ko amrt ke samaan karen lekin aaj ke samay mein insaan ko itanee phursat hee nahin hai itana dimaag nahin hai ki vah is taraph soch sake ki vah jo kar raha hai vah jo kisee ko bura bhala kah raha usaka parinaam use hee bhugatana isalie insaan doosare ko bura kahata hai doosare par gussa karata hai aur doosaron se napharat karata hai yah cheej bilkul bhee sahee nahin hai koee bhee insaan yah nahin chaahega ki us insaan ka saath karen jo napharat phailaate ho jo gussa karata ho ya jo laalachee insaan ho to usamen insaan khud ka hee nukasaan kar rahe is cheej ko samajhane ke lie insaan ko apane vivek ka istemaal karana padega kee kaun see aisee cheej hai jo usake lie phaayade dene vaalee hai agar koee insaan napharat karata hai kisee se to vah khud ko hee pareshaan kar raha hai apanee jubaan kharaab kar raha hai aur khud ke dimaag mein bahut saara kachara bhara hai to behatar yahee hoga ki insaan napharat ahankaar aur laalach jaisee cheejon ko chhod de kloj ko tyaag den aur apanee jindagee ko sahej ho achchhee tarah samajh chukee hai ki aisee kaun see cheej hai jo paanee ko vish bana detee hai aur isake alaava koee reezan nahin hai ki koee bhee insaan kee vaanee deshon yaanee ki insaan kisee ke baare mein galat kah raha hai kisee ko bura bhala kah raha hai kisee ko aisee baaten bol raha hai kadavee baaten jisase kisee ka dil dukhe to yahee kaaran hote hain ya to us insaan mein gussa hai ya us insaan mein napharat hai tabhee jaakar ke vah insaan aisa kahata hai aur napharat mein kloj mein kahee gaee baaten hamesha vish kee tarah kaam karate hain vah doosaron ke lie bhee aur khud ke lie bhee doosaron ko to vah dil dukhae raha hai lekin khud kee bodee par vah asar daal raha hai kyonki mujhase ka asar shareer par dekhata hai napharat ka asar usakee bodee mein dikhana shuroo ho jaata hai to behatar yahee hai ki insaan in sab ko chhodakar ke ek achchha insaan main sabhee se pyaar se baat karen aur gusse ko tyaage kisee se napharat na karen aur apanee jindagee ko bade sukoon ke saath chaahie aur mental pees aaj ke taim mein bahut jarooree hai kyonki jis tareeke se logon ke dimaag mein kachara badhata chala ja raha hai aur unhen sthaan tak nahin mil rahee hai isalie behatar ek insaan apane man ko shaant karen jisake lie yah saare kaam karane bahut jarooree hai to yahee saaree baaten hain jinaka insaan ko dhyaan rakhana hai aur vaanee bas yahee jaakar ke vish ke samaan ho jaatee hai savaal poochhane ke lie bahut-bahut dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
1:55
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह में एक लेखकों मोटिवेशनल स्पीकर ओं लाइफ कोच सवाल है कि क्या कोई सामान्य व्यक्ति जिसे टेक्नोलॉजी के बारे में कोई विशेष समझ नहीं है क्या वह यूट्यूब में अपना कैरियर बना सकता है तो हमेशा वह बना सकता है बस उसे इतनी नॉलेज चाहिए यूट्यूब पर वीडियो सर्च करके देख सके तो इस काम को कर सकता है यह किसी ऐसे बंदे से संपर्क करें जैसे थोड़ी बहुत नॉलेज यूट्यूब यूट्यूब पर वीडियो देखने की यूट्यूब पर बहुत सारी चीजें हैं जहां पर आप चीजों को सीख सकते हैं हर इंसान ने वीडियो बना रखी है और आप जो वीडियो बनाई है वह वीडियो होंगे जिसके बारे में आपको नॉलेज है तो जरूरी नहीं है कि आपको टेक निकलने वाली जो आपको जो भी नॉलेज है जिस भी फील्ड से रिलेटेड नॉलेज है आप उसको साझा कर सकते हैं और लोग उस चीज को देखेंगे उनसे चीज़ों को सीखने और आप अच्छा कह रही है यूट्यूब पर बना सकते हैं बशर्ते आप में ऐसे आज्ञा से होना चाहिए काम करने की लगन होनी चाहिए और आप उस काम को ईमानदारी से करें कि कुछ बेहतर देने की कोशिश करें तो चीजें कैसे यूट्यूब पर डाली जाएंगी अपलोड होंगे किस तरीके से वीडियो बनेगी क्या आपको सावधानियां रखनी है क्या आपको करना है क्या नहीं करना इस बारे में बहुत सारी वीडियो को यूट्यूब पर मिल जाएंगे बस आंखों में देखने की जरूरत है और आज के समय में बहुत आसान है कि यूट्यूब पर जाकर के किसी वीडियो को सर्च करके देखना मुझे लगता कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी ऐसा होगा इस बारे में नहीं पता होगा इस बारे में सभी को पता है बस जरूरत है कोशिश करने की अगर आप कोशिश करते हैं तो चीजें सही तरीके से हो जाएंगे तो हां अगर टेक्निकल नॉलेज नहीं है बट फिर भी अच्छा यूट्यूब बना करके अच्छा कह रहे हो बनाया जा सकता है बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh mein ek lekhakon motiveshanal speekar on laiph koch savaal hai ki kya koee saamaany vyakti jise teknolojee ke baare mein koee vishesh samajh nahin hai kya vah yootyoob mein apana kairiyar bana sakata hai to hamesha vah bana sakata hai bas use itanee nolej chaahie yootyoob par veediyo sarch karake dekh sake to is kaam ko kar sakata hai yah kisee aise bande se sampark karen jaise thodee bahut nolej yootyoob yootyoob par veediyo dekhane kee yootyoob par bahut saaree cheejen hain jahaan par aap cheejon ko seekh sakate hain har insaan ne veediyo bana rakhee hai aur aap jo veediyo banaee hai vah veediyo honge jisake baare mein aapako nolej hai to jarooree nahin hai ki aapako tek nikalane vaalee jo aapako jo bhee nolej hai jis bhee pheeld se rileted nolej hai aap usako saajha kar sakate hain aur log us cheej ko dekhenge unase cheezon ko seekhane aur aap achchha kah rahee hai yootyoob par bana sakate hain basharte aap mein aise aagya se hona chaahie kaam karane kee lagan honee chaahie aur aap us kaam ko eemaanadaaree se karen ki kuchh behatar dene kee koshish karen to cheejen kaise yootyoob par daalee jaengee apalod honge kis tareeke se veediyo banegee kya aapako saavadhaaniyaan rakhanee hai kya aapako karana hai kya nahin karana is baare mein bahut saaree veediyo ko yootyoob par mil jaenge bas aankhon mein dekhane kee jaroorat hai aur aaj ke samay mein bahut aasaan hai ki yootyoob par jaakar ke kisee veediyo ko sarch karake dekhana mujhe lagata ki saamaany se saamaany vyakti bhee aisa hoga is baare mein nahin pata hoga is baare mein sabhee ko pata hai bas jaroorat hai koshish karane kee agar aap koshish karate hain to cheejen sahee tareeke se ho jaenge to haan agar teknikal nolej nahin hai bat phir bhee achchha yootyoob bana karake achchha kah rahe ho banaaya ja sakata hai bahut-bahut shukriya

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या आज के समय में कंप्यूटर मोबाइल के बारे में सीखना आवश्यक है?Kya Aaj Ke Samay Mein Computer Mobile Ke Baare Mein Sikhna Aavashayak Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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1:53
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि क्या आपको लगता है कि आज के समय में कंप्यूटर मोबाइल आदि के बारे में सीखना बहुत जरूरी है तो जवाब है हां हम बहुत बहुत ही ज्यादा जरूरी है क्योंकि जिस तरीके से चीजें 20 जुलाई से हो रही हैं और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी आगे बढ़ती चली जा रही है फ्यूचर में इन चीजों की बहुत ज्यादा आवश्यकता पड़ने वाली पहले हम केस में पेमेंट करते थे अब डिजिटल पेमेंट करने लगे हैं और यह हर जगह सुविधा उपलब्ध हो चुकी है तो बेहतर एक इंसान इन चीजों को सिचोरियम फायदा ही देती हैं हालांकि जो नुकसान की बात है वह तो इंसान के यूजर्स पर डिपेंड करता है कि वह किस तरह से किस चीज का क्या इस्तेमाल करता है बड़ा उनके बारे में सीखना बहुत जरूरी है और उनका इस्तेमाल करके इंसान की जिंदगी बेहतर हो सकती ऐसी हो सकती है यानी कि आने के कुछ आने वाले सालों में चीजें इतनी कॉमन हो जाएंगे जिस इंसान को यह चीजें नहीं आती उसे परेशानी हो सकती है और वैसे भी आज के समय में जिस हिसाब से लोग मोबाइल और टेक्नोलॉजी के बारे में जान रहे हैं उनका इस्तेमाल कर रहे हैं तो बहुत कम ही लोग ऐसे हैं जिन्हें चीजों के बारे में पता नहीं और जिन लोगों को इन चीजों के बारे में पता नहीं है उन्हें पता करना चाहिए और उन्हें यह सारी चीजें सीखनी चाहिए और वैसे भी कुछ नया सीखने में जो आपको फायदा देखो उसमें कुछ भी नुकसान नहीं है वह आपको फायदा ही देने वाला है बेहतर है कि इन चीजों को सीखा जाए और यह बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाने वाला है आगे आने वाले समय में तभी बकरे से अगर इंसान सीख लेता है तो उसका उसे फायदा मिलेगा और फिर वह खुद को उस दृष्टि से नहीं लेकर गए कि उसने यह चीज नहीं सीखेंगे उसे यह काम नहीं आता और कोई भी चीज कभी भी सीखी जा सकती है बस एक ने की लगन होनी चाहिए बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal hai ki kya aapako lagata hai ki aaj ke samay mein kampyootar mobail aadi ke baare mein seekhana bahut jarooree hai to javaab hai haan ham bahut bahut hee jyaada jarooree hai kyonki jis tareeke se cheejen 20 julaee se ho rahee hain aur kampyootar teknolojee aage badhatee chalee ja rahee hai phyoochar mein in cheejon kee bahut jyaada aavashyakata padane vaalee pahale ham kes mein pement karate the ab dijital pement karane lage hain aur yah har jagah suvidha upalabdh ho chukee hai to behatar ek insaan in cheejon ko sichoriyam phaayada hee detee hain haalaanki jo nukasaan kee baat hai vah to insaan ke yoojars par dipend karata hai ki vah kis tarah se kis cheej ka kya istemaal karata hai bada unake baare mein seekhana bahut jarooree hai aur unaka istemaal karake insaan kee jindagee behatar ho sakatee aisee ho sakatee hai yaanee ki aane ke kuchh aane vaale saalon mein cheejen itanee koman ho jaenge jis insaan ko yah cheejen nahin aatee use pareshaanee ho sakatee hai aur vaise bhee aaj ke samay mein jis hisaab se log mobail aur teknolojee ke baare mein jaan rahe hain unaka istemaal kar rahe hain to bahut kam hee log aise hain jinhen cheejon ke baare mein pata nahin aur jin logon ko in cheejon ke baare mein pata nahin hai unhen pata karana chaahie aur unhen yah saaree cheejen seekhanee chaahie aur vaise bhee kuchh naya seekhane mein jo aapako phaayada dekho usamen kuchh bhee nukasaan nahin hai vah aapako phaayada hee dene vaala hai behatar hai ki in cheejon ko seekha jae aur yah bahut hee jyaada jarooree ho jaane vaala hai aage aane vaale samay mein tabhee bakare se agar insaan seekh leta hai to usaka use phaayada milega aur phir vah khud ko us drshti se nahin lekar gae ki usane yah cheej nahin seekhenge use yah kaam nahin aata aur koee bhee cheej kabhee bhee seekhee ja sakatee hai bas ek ne kee lagan honee chaahie bahut-bahut dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
अपनी कल्पनाओं को शक्तिशाली कैसे बना सकते है?Apni Kalpnao Ko Shaktishali Kaise Bna Sakte Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
2:44
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि अपनी कल्पना उसको शक्तिशाली कैसे बनाया जा सकता है अपनी कल्पना को शक्तिशाली बनाने की जो बात है वह लॉ ऑफ अट्रैक्शन से आते हैं कि जो भी आप कल्पना करते हैं उसे रियलिटी में कैसे बदल सकते हैं कल्पना का मतलब वह सभी कल्पनाएं जो पॉसिबल चीज है सच हो नहीं है कि आप कोई अनोखा जानवर ही अनोखा इंसान कल्पना में लेते हैं वह गैलरी में चेंज हो जाए ऐसा नहीं होता अगर आप पैसा कमाने के बारे में किसी जॉब के बारे में अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के बारे में कल्पना करते हैं तो वह सच होने की संभावना है और उसके लिए आपको मेडिटेशन करना होगा इमेज़नेशन पावर यूज करनी होगी और इमैजिनेशन कैसे करनी है यह चीजें सीखनी होंगे इसके लिए आपको एक टीचर भी जरूरत पड़ सकती है आपको यूट्यूब से बहुत सारी सजेशन मिल सकते हैं तब जाकर के आप ऐसा काम कर सकते हैं जो बहुत हद तक लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल भी नहीं है क्या कि जो आप इमैजिनेशन कर रहे हैं रियलिटी में बदल जाएगा तो सब दुखी होने की भी कोई जरूरत नहीं है तो सबसे बेहतर यही रहेगा कि आप अपने प्रयास करते रहे और उसके बारे में खोजबीन करते रहे जो लोग इमैजिनेशन करने की ट्रिक सिखाते हैं आप उनसे बात कर सकते हैं और जिस भी चीज के लिए आप इमैजिनेशन कर रहे हैं वह बेशक पूर्ण हो जाएगी लेकिन उसके लिए आपको पेशेंस रखने की जरूरत है आपको मेडिटेशन करने की जरूरत है जो आपको इमैजिनेशन करने में मदद कर सकता है जहां पर सकता वर्ड आया था वहां पर पॉसिबिलिटीज होती है लेकिन हंड्रेड परसेंट ऐसा होगा ऐसा कोई भी गारंटी नहीं है लेकिन यह एक अच्छा जरिया है अपनी मैंने इमैजिनेशन पावर को अच्छा करने के लिए तब कोशिश कीजिए कि किसी ऐसे व्यक्ति को आप ढूंढ पाए जो इमेज कर सके करवा सके जिससे इसके बारे में जानकारी हो तो वह आपकी मदद कर सकता है क्योंकि खुद अगर आप कोशिश करेंगे तो बात वहीं आती है कि बिना गुरु के चीजें उस तरीके से नहीं जाती जो प्रॉब्लम साथियों कौन के सलूशन नहीं मिलेंगे तो बेहतर है कि आप किसी प्रोफेशनल से बात करें आप यूट्यूब पर अच्छे से देख लीजिए अच्छी तरीके से इन चीजों को सिखा रहा जिसका फीडबैक अच्छा जा रहा है तो आपके काम आ सकते हैं बहुत सारी चीजें और फिर आप अपनी इमैजिनेशन को शक्तिशाली बना करके उसे रियलिटी में चेंज कर सकते हैं बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki apanee kalpana usako shaktishaalee kaise banaaya ja sakata hai apanee kalpana ko shaktishaalee banaane kee jo baat hai vah lo oph atraikshan se aate hain ki jo bhee aap kalpana karate hain use riyalitee mein kaise badal sakate hain kalpana ka matalab vah sabhee kalpanaen jo posibal cheej hai sach ho nahin hai ki aap koee anokha jaanavar hee anokha insaan kalpana mein lete hain vah gailaree mein chenj ho jae aisa nahin hota agar aap paisa kamaane ke baare mein kisee job ke baare mein apanee jindagee ko behatar banaane ke baare mein kalpana karate hain to vah sach hone kee sambhaavana hai aur usake lie aapako mediteshan karana hoga imezaneshan paavar yooj karanee hogee aur imaijineshan kaise karanee hai yah cheejen seekhanee honge isake lie aapako ek teechar bhee jaroorat pad sakatee hai aapako yootyoob se bahut saaree sajeshan mil sakate hain tab jaakar ke aap aisa kaam kar sakate hain jo bahut had tak lekin isaka yah arth bilkul bhee nahin hai kya ki jo aap imaijineshan kar rahe hain riyalitee mein badal jaega to sab dukhee hone kee bhee koee jaroorat nahin hai to sabase behatar yahee rahega ki aap apane prayaas karate rahe aur usake baare mein khojabeen karate rahe jo log imaijineshan karane kee trik sikhaate hain aap unase baat kar sakate hain aur jis bhee cheej ke lie aap imaijineshan kar rahe hain vah beshak poorn ho jaegee lekin usake lie aapako peshens rakhane kee jaroorat hai aapako mediteshan karane kee jaroorat hai jo aapako imaijineshan karane mein madad kar sakata hai jahaan par sakata vard aaya tha vahaan par posibiliteej hotee hai lekin handred parasent aisa hoga aisa koee bhee gaarantee nahin hai lekin yah ek achchha jariya hai apanee mainne imaijineshan paavar ko achchha karane ke lie tab koshish keejie ki kisee aise vyakti ko aap dhoondh pae jo imej kar sake karava sake jisase isake baare mein jaanakaaree ho to vah aapakee madad kar sakata hai kyonki khud agar aap koshish karenge to baat vaheen aatee hai ki bina guru ke cheejen us tareeke se nahin jaatee jo problam saathiyon kaun ke salooshan nahin milenge to behatar hai ki aap kisee propheshanal se baat karen aap yootyoob par achchhe se dekh leejie achchhee tareeke se in cheejon ko sikha raha jisaka pheedabaik achchha ja raha hai to aapake kaam aa sakate hain bahut saaree cheejen aur phir aap apanee imaijineshan ko shaktishaalee bana karake use riyalitee mein chenj kar sakate hain bahut-bahut shukriya

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
कौन सी रणनीति बहुत सरल व प्रभावशाली है है?Kaun Si Ranneeti Bahut Saral Va Prabhavshali Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
1:30
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि कौन सी रणनीति बहुत सरल व प्रभावशाली है यह सवाल अधूरा है उसका जवाब दे पाना मुश्किल है कि आपने पूछा कि कौन से सरल और प्रभावशाली लेकिन किस चीज के लिए रही थी इसके बारे में कोई भी जिक्र नहीं किया गया है क्योंकि हर कार्य को करने के लिए अलग रणनीति होती है ऐसी कोई भी रणनीति नहीं है जिसमें हम सभी चीजों को ऐड कर सकते हैं यानी कि हम उस रणनीति से सभी को काम में नहीं ला सकते तो किसी स्पेसिफिक काम के लिए अलग रणनीति होती है कोई ऐसी की रणनीति बनी ही नहीं है जो सब जगह अप्लाई हो लेकिन हां कुछ नियम कायदे कानून है जिन का सहारा लेकर के इंसान हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है चाहे फिर वह व्यापार हो जिंदगी हो या फिर कुछ और उसके लिए जरूरी है इंसान का ईमानदार होना खुद के प्रति और अपने जिस भी काम को वह कर रहा है उसके प्रति अगर इंसान इंसान करता है तो उसे हर जगह सफलता हासिल होगी सारे काम उसके ठीक तरह से होंगे तीसरे नियम कायदे कानूनों में आता है यह कौन रानी 323 अधूरी है इस सवाल का कोई भी पूरा जवाब नहीं बन सकता बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki kaun see rananeeti bahut saral va prabhaavashaalee hai yah savaal adhoora hai usaka javaab de paana mushkil hai ki aapane poochha ki kaun se saral aur prabhaavashaalee lekin kis cheej ke lie rahee thee isake baare mein koee bhee jikr nahin kiya gaya hai kyonki har kaary ko karane ke lie alag rananeeti hotee hai aisee koee bhee rananeeti nahin hai jisamen ham sabhee cheejon ko aid kar sakate hain yaanee ki ham us rananeeti se sabhee ko kaam mein nahin la sakate to kisee spesiphik kaam ke lie alag rananeeti hotee hai koee aisee kee rananeeti banee hee nahin hai jo sab jagah aplaee ho lekin haan kuchh niyam kaayade kaanoon hai jin ka sahaara lekar ke insaan har kshetr mein saphalata haasil kar sakata hai chaahe phir vah vyaapaar ho jindagee ho ya phir kuchh aur usake lie jarooree hai insaan ka eemaanadaar hona khud ke prati aur apane jis bhee kaam ko vah kar raha hai usake prati agar insaan insaan karata hai to use har jagah saphalata haasil hogee saare kaam usake theek tarah se honge teesare niyam kaayade kaanoonon mein aata hai yah kaun raanee 323 adhooree hai is savaal ka koee bhee poora javaab nahin ban sakata bahut-bahut shukriya

#जीवन शैली

bolkar speaker
किसी भी व्यक्ति को संतुष्ट होने के लिए कितना पैसा कमाने की जरूरत है?Kisi Bhe Vyakti Ko Santusht Hone Ke Lie Kitna Paisa Kamane Ki Jarurat Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
1:05
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैं एक लेखक हूं लाइफ कोच हूं सवाल ही कि किसी व्यक्ति को संतुष्ट होने के लिए कितना पैसा कमाने की जरूरत है देखिए डिपेंड करता है कि इंसान संतुष्ट कितने में होता है क्योंकि होता ही है कि इंसान पैसे की तरफ से कभी भी संतुष्ट नहीं होता जितना भी पैसा कमा ले उसे लगता है कि कम ही है जितना पैसा वो कमा सकता है उतना ज्यादा और कमाना चाहता है लेकिन जहां संतुष्टि की बात होती है वहां पर पैसे का इतना जिक्र नहीं होता क्योंकि संतोष रहने वाला व्यक्ति कम पैसों में भी संतुष्ट हो जाता है यह कोई लिमिट नहीं है कि कितना पैसा कमा कर ही संतुष्ट होगा जिसे संतुष्ट होना है वह तो बिना पैसे की भी संतुष्ट हो सकता है और जिसे संतुष्ट नहीं होना है फिर कितना भी पैसा कमा लें उसे आगे से आगे पैसे बढ़ाने की लगी रहती है इसलिए वह कभी भी संतुष्ट नहीं होता
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur main ek lekhak hoon laiph koch hoon savaal hee ki kisee vyakti ko santusht hone ke lie kitana paisa kamaane kee jaroorat hai dekhie dipend karata hai ki insaan santusht kitane mein hota hai kyonki hota hee hai ki insaan paise kee taraph se kabhee bhee santusht nahin hota jitana bhee paisa kama le use lagata hai ki kam hee hai jitana paisa vo kama sakata hai utana jyaada aur kamaana chaahata hai lekin jahaan santushti kee baat hotee hai vahaan par paise ka itana jikr nahin hota kyonki santosh rahane vaala vyakti kam paison mein bhee santusht ho jaata hai yah koee limit nahin hai ki kitana paisa kama kar hee santusht hoga jise santusht hona hai vah to bina paise kee bhee santusht ho sakata hai aur jise santusht nahin hona hai phir kitana bhee paisa kama len use aage se aage paise badhaane kee lagee rahatee hai isalie vah kabhee bhee santusht nahin hota

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
क्या हर समय नर्म होना सही है?Kya Har Samay Namr Hona Sahi Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
2:57
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और आप मुझे सुन रहे हैं बोलकर ऐप पर सवाल ही हर समय नंबर होना सही है क्या देखिए नंबर होना अच्छी बात है और इसमें खुद का ही फायदा ज्यादा होता है लेकिन आप कहेंगे कहीं ऐसी कोई जगह पहुंच जाए इंसान जहां पर उसे गुस्सा करना पड़ेगा चीजें सही नहीं जा रही है वहां पर तो गुस्सा करना पड़ेगा यानी कि आप किसी जगह के मालिक हैं और अगर आप अपने एंप्लॉय से काम कराएं किसी भी ऐसे इंसान से काम करा रहे हैं जो आपका काम कर रहा है लेकिन अगर वह सही से नहीं कर रहा तो उस पर गुस्सा तो दिखाना पड़ेगा तो उसके लिए तो मैं एक ही बात कहूंगा कि एक चीज होता है गुस्से का आ जाना यानी कि उस पर आपका काबू नहीं होता गुस्सा आ गया आपने पता नहीं उसे क्या कह दिया क्या क्या कर दिया दूसरा होता है गुस्सा करना दोनों अलग-अलग चाहिए जवाब गुस्सा करते हैं तो आप किसी सही चीज के लिए गुस्सा करते हैं वह आपके कंट्रोल में रहता है कि आपको कितना गुस्सा करना है और कितने समय तक करना है नंबर है ना बहुत अच्छी चीज है इससे लोगों के दिलों में आप के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा और आपकी इमेज भी अच्छी बनेगी लेकिन जहां गुस्सा करने की बारी आई वहां पर आपको गुस्सा कर सकते हैं और गुस्सा करना आप समझ ही चुके हैं कि किस तरह से अलग होता है गुस्सा आने से और इसमें एक यह भी है कि आपको इंटरनली डिस्टर्ब नहीं रहेंगे यानी कि जो गुस्सा दिखा रहे हो बाहर का ही गुस्सा होगा सिर्फ और उसका पैसा है आप के दिमाग पर आपकी बॉडी पर नहीं पड़ेगा तो विशाखापट्नम रहे अंदर से शांत रहे लेकिन जहां गुस्सा करने की जरूरत पड़े वहां गुस्सा कीजिए और इसके लिए आपको प्रेक्टिस की जरूरत पड़ेगी और सही तरीका है क्योंकि कुछ जगह पर इंसान को ऐसा दिखाना पड़ता है जरूरी नहीं है कि वह किया ही जाए वरना सामने वाला इंसान कभी कभी काबू से बाहर चला जाता है आपके काम बिगाड़ देता है तो उसे समझाने के लिए कभी-कभी चीजें इस तरीके से करनी पड़ती लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपने मन की शांति को खोलें और आपे से बाहर हो जाना कुछ ऐसा कर जाए तो आपको पता ही ना हो यानी कि किसी कुछ ऐसा बोल देना जिससे कि आपको बाद में अफसोस हो या कुछ ऐसा कर देना और ऐसा तब होता है जब इंसान को गुस्सा आ जाता किस बात को समझ ही गुस्सा आ जाना और गुस्सा करना दोनों में फर्क होता है बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur aap mujhe sun rahe hain bolakar aip par savaal hee har samay nambar hona sahee hai kya dekhie nambar hona achchhee baat hai aur isamen khud ka hee phaayada jyaada hota hai lekin aap kahenge kaheen aisee koee jagah pahunch jae insaan jahaan par use gussa karana padega cheejen sahee nahin ja rahee hai vahaan par to gussa karana padega yaanee ki aap kisee jagah ke maalik hain aur agar aap apane employ se kaam karaen kisee bhee aise insaan se kaam kara rahe hain jo aapaka kaam kar raha hai lekin agar vah sahee se nahin kar raha to us par gussa to dikhaana padega to usake lie to main ek hee baat kahoonga ki ek cheej hota hai gusse ka aa jaana yaanee ki us par aapaka kaaboo nahin hota gussa aa gaya aapane pata nahin use kya kah diya kya kya kar diya doosara hota hai gussa karana donon alag-alag chaahie javaab gussa karate hain to aap kisee sahee cheej ke lie gussa karate hain vah aapake kantrol mein rahata hai ki aapako kitana gussa karana hai aur kitane samay tak karana hai nambar hai na bahut achchhee cheej hai isase logon ke dilon mein aap ke prati sammaan bhee badhega aur aapakee imej bhee achchhee banegee lekin jahaan gussa karane kee baaree aaee vahaan par aapako gussa kar sakate hain aur gussa karana aap samajh hee chuke hain ki kis tarah se alag hota hai gussa aane se aur isamen ek yah bhee hai ki aapako intaranalee distarb nahin rahenge yaanee ki jo gussa dikha rahe ho baahar ka hee gussa hoga sirph aur usaka paisa hai aap ke dimaag par aapakee bodee par nahin padega to vishaakhaapatnam rahe andar se shaant rahe lekin jahaan gussa karane kee jaroorat pade vahaan gussa keejie aur isake lie aapako prektis kee jaroorat padegee aur sahee tareeka hai kyonki kuchh jagah par insaan ko aisa dikhaana padata hai jarooree nahin hai ki vah kiya hee jae varana saamane vaala insaan kabhee kabhee kaaboo se baahar chala jaata hai aapake kaam bigaad deta hai to use samajhaane ke lie kabhee-kabhee cheejen is tareeke se karanee padatee lekin isaka yah matalab nahin hai ki aap apane man kee shaanti ko kholen aur aape se baahar ho jaana kuchh aisa kar jae to aapako pata hee na ho yaanee ki kisee kuchh aisa bol dena jisase ki aapako baad mein aphasos ho ya kuchh aisa kar dena aur aisa tab hota hai jab insaan ko gussa aa jaata kis baat ko samajh hee gussa aa jaana aur gussa karana donon mein phark hota hai bahut-bahut dhanyavaad

#जीवन शैली

Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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2:25
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह होरा मुझे सुन रहे हैं बोलकर ऐप पर मैं भी लेखक हूं और साथ में लाइक पोस्ट भी हूं समाज की छोटी-छोटी बातों पर कंफ्यूज हो रहने वाले व्यक्ति के चरित्र में कैसे सुधार करवाया जा सकता है तो सबसे पहले बात करते हैं कि कोई भी बैठे कंफ्यूज कब होता है कंफ्यूज हो तब होता है जब उसे खुद पर विश्वास नहीं होता और उसकी बिल फॉर्मेट भी होती है उसे चाहिए कि वह अपनी इच्छाशक्ति को बढ़ा है और खुद पर विश्वास करें और थोड़ी सी इंफॉर्मेशन जरूर करें कि जिस चीज के बारे में कंफ्यूजन हो रही है इसलिए हो रही है क्योंकि उसे या तो इंफॉर्मेशन के बारे में पता नहीं है जिससे वह फैसला ले सके और दूसरा यह कि उसमें आजमगढ़ की कमी है कि जिसको लेकर के कंफ्यूज हो जाता है कि क्या करना है क्या नहीं करना और दूसरी बात जो सबसे अहम है वह है उसकी इच्छा शक्ति कि किसी भी बात को किस तरीके से दिखता है और उनमें से क्या सुनना चाहता है यानी कि इंसान को यही नहीं पता कि वह सन में क्या चाहता है अगर इंसान को यह नहीं पता कि वह क्या चाहता है तो वह किसी भी फैसले को कैसे ले सकता है तो यह तीन चीजों पर उसे काम करना चाहिए अपनी इच्छाशक्ति बढ़ानी चाहिए खुद पर विश्वास करना चाहिए और जिस भी चीज से संबंधित वह फैसले ले रहा है उसके बारे में जानकारी रखनी चाहिए लोगों से मिल सकती है इंटरनेट से मिल सकती है बढ़ाने के लिए बहुत सारे आपके पास मिल जाएंगे और बहुत सारे मरीजों के बारे में बात की जाती है और वही आपको शक्ति बढ़ाने के टिप्स मिल जाएंगे जिनमें से मेडिटेशन भी आपकी मदद कर सकता है तो इन सभी चीजों से किसी भी ऐसे व्यक्ति को जिस फैसले लेने में कंफ्यूजन होती है छोटी-छोटी बातों पर कंफ्यूज हो जाता है उसे मदद मिल सकती है बस इन तीन बातों पर ध्यान रखकर बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh hora mujhe sun rahe hain bolakar aip par main bhee lekhak hoon aur saath mein laik post bhee hoon samaaj kee chhotee-chhotee baaton par kamphyooj ho rahane vaale vyakti ke charitr mein kaise sudhaar karavaaya ja sakata hai to sabase pahale baat karate hain ki koee bhee baithe kamphyooj kab hota hai kamphyooj ho tab hota hai jab use khud par vishvaas nahin hota aur usakee bil phormet bhee hotee hai use chaahie ki vah apanee ichchhaashakti ko badha hai aur khud par vishvaas karen aur thodee see imphormeshan jaroor karen ki jis cheej ke baare mein kamphyoojan ho rahee hai isalie ho rahee hai kyonki use ya to imphormeshan ke baare mein pata nahin hai jisase vah phaisala le sake aur doosara yah ki usamen aajamagadh kee kamee hai ki jisako lekar ke kamphyooj ho jaata hai ki kya karana hai kya nahin karana aur doosaree baat jo sabase aham hai vah hai usakee ichchha shakti ki kisee bhee baat ko kis tareeke se dikhata hai aur unamen se kya sunana chaahata hai yaanee ki insaan ko yahee nahin pata ki vah san mein kya chaahata hai agar insaan ko yah nahin pata ki vah kya chaahata hai to vah kisee bhee phaisale ko kaise le sakata hai to yah teen cheejon par use kaam karana chaahie apanee ichchhaashakti badhaanee chaahie khud par vishvaas karana chaahie aur jis bhee cheej se sambandhit vah phaisale le raha hai usake baare mein jaanakaaree rakhanee chaahie logon se mil sakatee hai intaranet se mil sakatee hai badhaane ke lie bahut saare aapake paas mil jaenge aur bahut saare mareejon ke baare mein baat kee jaatee hai aur vahee aapako shakti badhaane ke tips mil jaenge jinamen se mediteshan bhee aapakee madad kar sakata hai to in sabhee cheejon se kisee bhee aise vyakti ko jis phaisale lene mein kamphyoojan hotee hai chhotee-chhotee baaton par kamphyooj ho jaata hai use madad mil sakatee hai bas in teen baaton par dhyaan rakhakar bahut-bahut dhanyavaad

#भारत की राजनीति

Author Yogendra Singh Bolkar App
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लेखक
4:45
हेलो मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि अगर हमारे समाज की बात करें तो अगर हम को सरकारी नौकरी करते तभी हमें कामयाब माना जाता है कि सरकारी नौकरी करने से ही काम है अभी हासिल होती है तुम नहीं सरकारी नौकरी हासिल करने से कामयाबी हासिल होती है या नहीं यह तो इंसान के खुद के प्रशासन पर डिपेंड करता है कि वह किस तरीके से चीजों को देखता है क्योंकि कामयाबी की डेफिनेशन और कामयाबी किस हद तक चाहिए को इंसान के खुद के ऊपर होता है किसी के लिए थोड़े में ही कामयाब होना बहुत अच्छी बात होती है और किसी के लिए बहुत कुछ मिल जाना भी कामयाबी नहीं मानी जाती इंसान की अपनी अपनी कामयाबी को लेकर छिपे मानना होता है लेकिन हां जो हमारे समाज में सरकारी नौकरी की जहां बात की जाती है वो इसलिए कामयाबी मानी जाती है क्योंकि उसे पति नौकरी भी कहा जाता था पहले जॉब सिक्योरिटी की जहां बात आती वह सरकारी नौकरी में अच्छे से मिलते हैं फिर और भी चीजें उसमें ऐड हो जाती हैं इसलिए ज्यादातर न्यूज़ जो है वह सरकारी नौकरी की तरफ ही जाता है और हर इंसान जाता है तो उसे एक सिक्योर जॉब मिले और अगर किसी की शादी की बात करते हैं जो ज्यादातर लोग यही देखते हैं कि शादी करने के लिए लड़की की नौकरी जो सरकारी होनी चाहिए और इसके अलावा अगर इंसान प्राइवेट जॉब करता है अपना बिजनेस करता है यह आपको ही टैलेंट भी उस पर कुछ काम करना चाहता तो उसमें एक रिस्क तो रहता ही है और उसमें पक्की नौकरी जाने के लिए यह कैसा रोजगार जहां से गारंटी है कि पैसा आना ही आना है वह का थोड़ा सा कम होता चला जाता है इसलिए लोगों नई नौकरी आगरा ट्रैक करती है और हमारे देश में ज्यादातर यह माना जाता है कि सरकारी नौकरी बातें में सफलता प्राप्त करने वाली बात है कि कामयाब हो गया वह इंसान नौकरी लग गई तो फिर इंसान को यह नहीं सोचना कि पैसा कहां से आएगा कैसे आएगा वह सेवक नहीं जॉब करता है और इतनी इसलिए तो खैर किसी भी सरकारी नौकरी से किसी को नहीं निकाला जाता लेकिन आजा प्राइवेट जॉब की बात आती है मां मेहनत है ज्यादा मेहनत है फिर कंपनी की और भी चीजें होती हैं फिर आपका रिएक्शन सिलेक्शन भी बीच में हो सकता है तो आप जॉब सिक्योरिटी से शुभ होता है लोगों को और बिजनेस का भी यही रहता है कि बिजनेस चलेगा नहीं चलेगा कभी फायदे में चलता है कभी नुकसान में चलता है एक बंदी हुई सैलरी नहीं मिलती लेकिन हां यह गवर्नमेंट जॉब में तो ऐसा होता है कि यह जो तुम्हें सैलरी मिल रही है वह तो मिल ही रही है आगे को वह बढ़ती ही चली जाएगी वह किस हद तक बढ़ती है वह डिपेंड करता है तो उसमें यही लगता है कि सरकारी नौकरी है तो सही है सिक्योर है कभी जाने वाली नहीं है और उसमें टेंशन में नहीं है कि पैसे आएंगे नहीं आएंगे कितने आएंगे जो एक लिमिट है वह तो है या के ऊपर थी वह चली आती फिर प्रमोशन है तो इस तरीके से मारा था लेकिन रियलिटी की बात की जाए तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने सरकारी नौकरी नहीं की लेकिन इतनी ज्यादा फेमस है नंबर है पैसे वाले हैं तो सफलता की तो यही डेफिनिशन है कि दुनिया भी तौर से किच्छा पैसा हो रिस्पेक्ट हो आप का फैन हूं तो उस हिसाब से तो सरकारी नौकरी नहीं है जिनकी वह ज्यादा फेमस लोग हैं उन्हें ज्यादा चीज है पैसा भी ज्यादा मिल रहा है रिस्पेक्टफुल मिल रही है और चाय पी रहा हूं किसी बड़े बिजनेसमैन को देसी आप बड़े एक्टर को देखे या किसी और प्लेयर को देखे हैं क्रिकेट में तो उन लोगों के पास है वह सरकारी नौकरी पर तो नहीं है पर उनके पास बहुत सारी चीज है कहिए अपनी-अपनी मान्यता है कि कौन क्या मानता है लेकिन हां एक अगर कंबाइन देखा जाए तो हमारे निचले स्तर में कह लो या ज्यादातर जो एक बात कही जाती है वह यही कि सरकारी नौकरी को सिक्योर माना जाता है और जिसे सरकारी नौकरी मिल जाती है उसे कुछ ज्यादा ही पूजा जाता है और उसको लेकर के बहुत सारे में उसी बने हैं जो भी बने हैं किसी से जाना जा सकता है कि यह बहुत कॉमन सी चीज है बाकी सरकारी नौकरी मिलना सफलता इंसान के लिए हो सकता है लेकिन बाद भी आती है कि किस पैमाने पर जाकर इंसान खुद को सफल मानते यह वीडियो सेंड कर दो पर समाज की नजर में हां मान सकते हैं वह हो सकती है चीजें सरकारी नौकरी मिलना है एक कामयाबी हो बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki agar hamaare samaaj kee baat karen to agar ham ko sarakaaree naukaree karate tabhee hamen kaamayaab maana jaata hai ki sarakaaree naukaree karane se hee kaam hai abhee haasil hotee hai tum nahin sarakaaree naukaree haasil karane se kaamayaabee haasil hotee hai ya nahin yah to insaan ke khud ke prashaasan par dipend karata hai ki vah kis tareeke se cheejon ko dekhata hai kyonki kaamayaabee kee dephineshan aur kaamayaabee kis had tak chaahie ko insaan ke khud ke oopar hota hai kisee ke lie thode mein hee kaamayaab hona bahut achchhee baat hotee hai aur kisee ke lie bahut kuchh mil jaana bhee kaamayaabee nahin maanee jaatee insaan kee apanee apanee kaamayaabee ko lekar chhipe maanana hota hai lekin haan jo hamaare samaaj mein sarakaaree naukaree kee jahaan baat kee jaatee hai vo isalie kaamayaabee maanee jaatee hai kyonki use pati naukaree bhee kaha jaata tha pahale job sikyoritee kee jahaan baat aatee vah sarakaaree naukaree mein achchhe se milate hain phir aur bhee cheejen usamen aid ho jaatee hain isalie jyaadaatar nyooz jo hai vah sarakaaree naukaree kee taraph hee jaata hai aur har insaan jaata hai to use ek sikyor job mile aur agar kisee kee shaadee kee baat karate hain jo jyaadaatar log yahee dekhate hain ki shaadee karane ke lie ladakee kee naukaree jo sarakaaree honee chaahie aur isake alaava agar insaan praivet job karata hai apana bijanes karata hai yah aapako hee tailent bhee us par kuchh kaam karana chaahata to usamen ek risk to rahata hee hai aur usamen pakkee naukaree jaane ke lie yah kaisa rojagaar jahaan se gaarantee hai ki paisa aana hee aana hai vah ka thoda sa kam hota chala jaata hai isalie logon naee naukaree aagara traik karatee hai aur hamaare desh mein jyaadaatar yah maana jaata hai ki sarakaaree naukaree baaten mein saphalata praapt karane vaalee baat hai ki kaamayaab ho gaya vah insaan naukaree lag gaee to phir insaan ko yah nahin sochana ki paisa kahaan se aaega kaise aaega vah sevak nahin job karata hai aur itanee isalie to khair kisee bhee sarakaaree naukaree se kisee ko nahin nikaala jaata lekin aaja praivet job kee baat aatee hai maan mehanat hai jyaada mehanat hai phir kampanee kee aur bhee cheejen hotee hain phir aapaka riekshan silekshan bhee beech mein ho sakata hai to aap job sikyoritee se shubh hota hai logon ko aur bijanes ka bhee yahee rahata hai ki bijanes chalega nahin chalega kabhee phaayade mein chalata hai kabhee nukasaan mein chalata hai ek bandee huee sailaree nahin milatee lekin haan yah gavarnament job mein to aisa hota hai ki yah jo tumhen sailaree mil rahee hai vah to mil hee rahee hai aage ko vah badhatee hee chalee jaegee vah kis had tak badhatee hai vah dipend karata hai to usamen yahee lagata hai ki sarakaaree naukaree hai to sahee hai sikyor hai kabhee jaane vaalee nahin hai aur usamen tenshan mein nahin hai ki paise aaenge nahin aaenge kitane aaenge jo ek limit hai vah to hai ya ke oopar thee vah chalee aatee phir pramoshan hai to is tareeke se maara tha lekin riyalitee kee baat kee jae to bahut saare aise log hain jinhonne sarakaaree naukaree nahin kee lekin itanee jyaada phemas hai nambar hai paise vaale hain to saphalata kee to yahee dephinishan hai ki duniya bhee taur se kichchha paisa ho rispekt ho aap ka phain hoon to us hisaab se to sarakaaree naukaree nahin hai jinakee vah jyaada phemas log hain unhen jyaada cheej hai paisa bhee jyaada mil raha hai rispektaphul mil rahee hai aur chaay pee raha hoon kisee bade bijanesamain ko desee aap bade ektar ko dekhe ya kisee aur pleyar ko dekhe hain kriket mein to un logon ke paas hai vah sarakaaree naukaree par to nahin hai par unake paas bahut saaree cheej hai kahie apanee-apanee maanyata hai ki kaun kya maanata hai lekin haan ek agar kambain dekha jae to hamaare nichale star mein kah lo ya jyaadaatar jo ek baat kahee jaatee hai vah yahee ki sarakaaree naukaree ko sikyor maana jaata hai aur jise sarakaaree naukaree mil jaatee hai use kuchh jyaada hee pooja jaata hai aur usako lekar ke bahut saare mein usee bane hain jo bhee bane hain kisee se jaana ja sakata hai ki yah bahut koman see cheej hai baakee sarakaaree naukaree milana saphalata insaan ke lie ho sakata hai lekin baad bhee aatee hai ki kis paimaane par jaakar insaan khud ko saphal maanate yah veediyo send kar do par samaaj kee najar mein haan maan sakate hain vah ho sakatee hai cheejen sarakaaree naukaree milana hai ek kaamayaabee ho bahut-bahut dhanyavaad

#भारत की राजनीति

Author Yogendra Singh Bolkar App
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3:24
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि दुनिया में ऐसा समस्या का हल है लेकिन फिर भी हर इंसान को अपनी समस्या ज्यादा बड़ी दिखती है ऐसा क्यों है उसको मेरा विचार तो यही है जो मैं तो बहुत छोटी सी बात से शुरू करना चाहूंगा कि किसी के पास पैसा है तू अपने आपको ऐसा दिखाता है कि जैसे उससे ज्यादा पैसा किसी के पास नहीं है किसी इंसान के पास जो नॉलेज है तो वैसा जताना चाहता है कि उससे ज्यादा नॉलेज वाला इंसान कोई नहीं बेशक उसकी नॉलेज किसी और से ली हुई होगी फिर भी उसे ऐसे ही दिखाना चाहता किसी इंसान के पास है उसको सुरती है तो वह समझता है कि उससे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं बातों से आपको क्या लगता है कि क्या हो सकता है लेकिन जहां तक मेरा मानना है वह तो यही है वह हैंड कार चांद के पास जो चीज होती है उसे वह बड़ा बना करके पेश करता है उसे लगता है कि उससे ज्यादा किसके पास नहीं और जहां तक बात करते हैं उस समस्याओं की समस्या तो सभी की जिंदगी में होती हैं फिर चाहे बड़ा इंसान हो छोटा इंसान हूं बच्चा हो समझ सके टाइप्स अलग-अलग हो सकते हैं हो सकता है तो एक आद लक इंसान जिसकी जिंदगी में कोई समस्या नहीं तो नॉर्मल ही सकती जिंदगी में होती है लेकिन फिर भी जब कोई इंसान अपनी समस्या दिखता है अपनी समस्या बताता है वह ऐसे ही जाता है कि उससे बड़ी समस्या किसी की नहीं आ गई कि जो भी चीज है इंसान के पास हो तो बढ़ा चढ़ाकर के पेश करता है उसे लगता है कि मुझसे ज्यादा नहीं मुझसे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं है मुझसे ज्यादा पैसे वाला कोई नहीं है मुझसे ज्यादा समझदार कोई तो यहीं पर एक चीज और जो जाती है कि जब मेरी समस्या वह सबसे बड़ी है मेरी समस्या से बोली किसी की समस्या नहीं तो आप समझ नहीं ऐसा क्यों होता है ऐसा होता है इनकार के कारण इंसान को यह लगता है कि अगर उसने कह दे कि मेरी समस्या तो कुछ भी नहीं है आपकी बहुत बड़े इंसान का अहंकार को ठीक बोलती है ना कोई था कि मैं इतना खूबसूरत नहीं हूं सामने वाला इंसान ज्यादा खूबसूरत है तो उसे हजम नहीं होती ऐसी चीजें तो खाली होते हैं बहुत सारे इंसान ऐसे भी होते हैं जिनमें इनकार नहीं होता वह दूसरों को पार्टी देते हैं को चाय बेशक कितनी भी खूबसूरत है लेकिन हमें उसका घमंड नहीं होता अपनी खूबसूरती की पढ़ाई नहीं करते लोग समझदार होते हैं लेकिन अपनी समझदारी की डीजे नहीं मारते लोग बहादुर होते हैं तो इस तरीके के लोग भी होते हैं कि बहादुर में हैं लेकिन वह अपनी बहादुरी को इस तरीके से नहीं दिखाते कि सबसे ज्यादा बहादुर वही लेकिन कुछ इंसान होते हैं जिनमें हमेशा हमेशा लगा रहता है कि वह खुद की ही चीजों को ज्यादा बढ़ा मानते हैं तो जो समस्या की बात आती है इंसान को उसका सलूशन सही बोलता भी है लेकिन उसके प्रयास इस तरीके के रहते हैं किसी दिन सॉल्व नहीं हो पाती है उसका इस समय होता है चालू होने का तो फिर कैसे लगने लगता है कि हम उसकी समस्याएं चीज कभी खत्म नहीं हो सकती तो बहुत बड़ी है फिर चाहे हम रिलेशन से ब्रेकअप की बात करें या फिर किसी और चीज की तो उस तरीके से इंसान अंतर के कारण यह सारी बातें कहता है बहुत-बहुत धन्यवाद
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#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है?Kya Krodh Purush Ko Samapt Kar Deta Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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4:18
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि क्या क्रोध पुरुष को समाप्त कर देता है एक सिस्टम है जो अहंकार का प्रतीक माना जाता है और पुरुष कहा गया है पर मैं यहां सही शब्द का इस्तेमाल करना चाहूंगा इंसान तो इंसान ने मेल फीमेल बच्चे बुजुर्ग कोई भी आ सकता है तो अहंकार जिसमें होता है उसका तो विनाश या समाप्त उसका होना तो होता ही है और उसको भी जो है उसी का ही बेहतर रूप है यानी कि उसी का ही एक सिम टमाटर इंसान में क्रोध है तो इसी वजह से है क्योंकि उसमें इंकार कहीं ना कहीं है जिस व्यक्ति में अहंकार नहीं होता है उसे क्रोध भी नहीं आता है हो सकता है आपको जिंदगी में कोई ऐसा व्यक्ति ना मिला हो लेकिन यह बात बिल्कुल सही है इंसान को क्रोध तभी आता है जब उसमें अहंकार होता है और एंकर होने के कारण करो जाने के लिए भी रीजन है कि कोई मेरी बात नहीं मान रहा बातें मेरे हिसाब से नहीं हो रही है कोई भी जैसा मैं चाहता हूं वैसे नहीं होती है तभी तो रहता है तो यहां पर इंसान का मैं यानी कि अहंकार आ करके खड़ा हो जाता है और जब इंसान को क्रोध आता है गुस्सा आता है तो सही और गलत में फैसला नहीं कर पाता ना कि दूसरों के प्रति बल्कि खुद के पड़ती है वह सही फैसले नहीं ले पाता क्योंकि जैसा मैं पिछले क्वेश्चन में भी जिक्र किया था सुन सकते हैं कि जहां शांत मन होता है वहां बेहतर फैसले लिए जाते हैं लेकिन गुस्से में तो इंसान का मन शांत दूर रहना क्या है वो और ज्यादा बिगड़ जाता है जिसकी वजह से वह कैसी है सही नहीं लेता तभी तो इंसान गुस्से में किसी को कुछ भी कह देता है मार देता है इंक्लूडिंग मर्डर कर देता है गुस्से में तो उसका नुकसान तो उसे भुगतना ही पड़ता है तो दूसरे का तो नुकसान हो कर ही रहा है साथ में खुद का भी नुकसान कर रहा है आप चाहे शारीरिक रूप से ब्लड प्रेशर की बात करें या आम एंट्री डिस्टरबेंस की बात करें वह सब भी उसके साथ होने शुरू हो जाते हैं तो क्रोध तो इंसान को इतना नुकसान पहुंचाता है जिससे उसकी जिंदगी ही सवा हो जाती है तो बेहतर है कि इंसान खुद के क्रोध पर काबू पाए से वह दूसरों को नुकसान भी नहीं करेगा और खुद की जिंदगी को भी बेहतर कर पाएगा और इसके लिए जरूरी है कि अपने अहंकार को खत्म करने की कोशिश करें ध्यान देने वाली बात है यहां अहंकार खत्म करने की बात कही जा रही है लेकिन अपने आत्मविश्वास को खत्म नहीं करना है यह दो अलग चीज है इसके बारे में कभी और बात करेंगे फिलहाल तो यह कि अहंकार की वजह से ही इंसान को क्रोध आता है वह तो वह एंकर को कंट्रोल कर ले तो उसका क्रोध उसका गुस्सा अभी खत्म हो जाएगा और फिर उसकी जिंदगी बेहतर तरीके से चलेगी वह दूसरों को भी बेहतर तरीके से चीजें समझा पाएगा खुद भी समझ पाएगा और अपनी जिंदगी को दूसरों की जिंदगी को बढ़िया तरीके से जीने के लिए तैयार कर सकता है यानी कि दूसरों को भी बता सकता है कि किस तरीके से जिंदगी को जीना है क्या नजरिया रखना है और खुद की जिंदगी तो बेहतर होगी तो क्रोध के तो नुकसान दे ही चुके हैं और ऐसा नहीं है कि किसी ने किसी को क्रोध करते हुए नहीं देख तो गुस्से में इंसान को चीज फेंक देता है फिर बाद में अफसोस करता है क्योंकि जो समोसे गुस्सा आता उसे पता नहीं था कि वह करिचरा लेकिन आपको चीज टूट जाती है फिर वह अफसोस बनाता है और गुस्से में अगर किसी को धक्का मारो किसी से लड़ाई कर उसे नुकसान ज्यादा हो जाए तो वह भी परेशान होता है और दूसरे इंसान को तो उसने पर्स उनकी यही आंसर आप समझ सकते हैं कि किस तरीके से विरोध इंसान को तबाह कर देता है और मैं तो यही कहूंगा कि क्रोध आता ही अहंकार के कारण तो उन सब चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है एक बेहतर जिंदगी जीने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki kya krodh purush ko samaapt kar deta hai ek sistam hai jo ahankaar ka prateek maana jaata hai aur purush kaha gaya hai par main yahaan sahee shabd ka istemaal karana chaahoonga insaan to insaan ne mel pheemel bachche bujurg koee bhee aa sakata hai to ahankaar jisamen hota hai usaka to vinaash ya samaapt usaka hona to hota hee hai aur usako bhee jo hai usee ka hee behatar roop hai yaanee ki usee ka hee ek sim tamaatar insaan mein krodh hai to isee vajah se hai kyonki usamen inkaar kaheen na kaheen hai jis vyakti mein ahankaar nahin hota hai use krodh bhee nahin aata hai ho sakata hai aapako jindagee mein koee aisa vyakti na mila ho lekin yah baat bilkul sahee hai insaan ko krodh tabhee aata hai jab usamen ahankaar hota hai aur enkar hone ke kaaran karo jaane ke lie bhee reejan hai ki koee meree baat nahin maan raha baaten mere hisaab se nahin ho rahee hai koee bhee jaisa main chaahata hoon vaise nahin hotee hai tabhee to rahata hai to yahaan par insaan ka main yaanee ki ahankaar aa karake khada ho jaata hai aur jab insaan ko krodh aata hai gussa aata hai to sahee aur galat mein phaisala nahin kar paata na ki doosaron ke prati balki khud ke padatee hai vah sahee phaisale nahin le paata kyonki jaisa main pichhale kveshchan mein bhee jikr kiya tha sun sakate hain ki jahaan shaant man hota hai vahaan behatar phaisale lie jaate hain lekin gusse mein to insaan ka man shaant door rahana kya hai vo aur jyaada bigad jaata hai jisakee vajah se vah kaisee hai sahee nahin leta tabhee to insaan gusse mein kisee ko kuchh bhee kah deta hai maar deta hai inklooding mardar kar deta hai gusse mein to usaka nukasaan to use bhugatana hee padata hai to doosare ka to nukasaan ho kar hee raha hai saath mein khud ka bhee nukasaan kar raha hai aap chaahe shaareerik roop se blad preshar kee baat karen ya aam entree distarabens kee baat karen vah sab bhee usake saath hone shuroo ho jaate hain to krodh to insaan ko itana nukasaan pahunchaata hai jisase usakee jindagee hee sava ho jaatee hai to behatar hai ki insaan khud ke krodh par kaaboo pae se vah doosaron ko nukasaan bhee nahin karega aur khud kee jindagee ko bhee behatar kar paega aur isake lie jarooree hai ki apane ahankaar ko khatm karane kee koshish karen dhyaan dene vaalee baat hai yahaan ahankaar khatm karane kee baat kahee ja rahee hai lekin apane aatmavishvaas ko khatm nahin karana hai yah do alag cheej hai isake baare mein kabhee aur baat karenge philahaal to yah ki ahankaar kee vajah se hee insaan ko krodh aata hai vah to vah enkar ko kantrol kar le to usaka krodh usaka gussa abhee khatm ho jaega aur phir usakee jindagee behatar tareeke se chalegee vah doosaron ko bhee behatar tareeke se cheejen samajha paega khud bhee samajh paega aur apanee jindagee ko doosaron kee jindagee ko badhiya tareeke se jeene ke lie taiyaar kar sakata hai yaanee ki doosaron ko bhee bata sakata hai ki kis tareeke se jindagee ko jeena hai kya najariya rakhana hai aur khud kee jindagee to behatar hogee to krodh ke to nukasaan de hee chuke hain aur aisa nahin hai ki kisee ne kisee ko krodh karate hue nahin dekh to gusse mein insaan ko cheej phenk deta hai phir baad mein aphasos karata hai kyonki jo samose gussa aata use pata nahin tha ki vah karichara lekin aapako cheej toot jaatee hai phir vah aphasos banaata hai aur gusse mein agar kisee ko dhakka maaro kisee se ladaee kar use nukasaan jyaada ho jae to vah bhee pareshaan hota hai aur doosare insaan ko to usane pars unakee yahee aansar aap samajh sakate hain ki kis tareeke se virodh insaan ko tabaah kar deta hai aur main to yahee kahoonga ki krodh aata hee ahankaar ke kaaran to un sab cheejon par dhyaan dene kee jaroorat hai ek behatar jindagee jeene ke lie bahut-bahut shukriya

#रिश्ते और संबंध

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अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत कैसे बनाएं?Apne Aap Ko Mansik Rup Se Majbut Kaise Banaye
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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2:48
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि अपने आप को मानसिक रूप से मजबूत कैसे बनाएं देखिए मानसिक रूप से मजबूत को सही बनाना चाहते हैं उसके लिए कुछ चीजें हैं जिनका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं वह हैं मेडिटेशन जोक सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि मानसिक शांति जरूरी है जो मेरी टेंशन से ही मिलती है और इंसान को चाहिए कि वह मेडिट्रेड करें और खुद को शांत रखने की कोशिश करें सब होता यह है कि जिंदगी में जो भी चीजें हमें मेंटली डिस्टर्ब करती है उनसे हम दूर रहते हैं और शांति मिलती हैं और एक शांत मन कुछ भी कर सकता है अगर आपके माइंड में बहुत सारी डिस्टरबेंस है तो आप उस किसी भी काम को बेहतर तरीके से नहीं कर पाएंगे तो मेडिटेशन नहीं तो ऐसा जरिया है जिसके द्वारा आप मानसिक रूप से मजबूत हो सकते हैं जिससे आप दुनिया में होने वाली चीजों से अटैच कर सकते हैं यानी कि वह काम में करेंगे लेकिन वह आपको मेंटली है कि नहीं करेंगे यह बहुत ही बेहतर है जो आपको मदद करती है और वे दूसरी चीज है कि बहुत सारे सांप के मानसिक शांति को लेकर के वीडियोस मिल जाते हैं जहां पर इसकी द्वारा बहुत सारी चीजें बताई जाती है जिन्हें हम सुनकर के काफी चीजों को समझ कर के अपनी जिंदगी में होने वाली चीजों से खुद को भी अटैच रख सकते हैं उन्हें करने के बावजूद यानी कि कोई काम तो हम करें लेकिन उसका माइंड पर पैसा ना लें और इसके अलावा तीसरी चीज यह है कि अगर आप एडवाइज लेते हैं सही इंसान से कौनसी करवाते हैं तो आपको उसे भी मानसिक मजबूती मिलती है कि चीजों को किस तरीके से हैंडल करना है और दुनिया में और अपनी जिंदगी में होने वाली जो को किस नजरिए से देखना है कि वह चीज है तो शायद उस हिसाब से ना बदले लेकिन आपका नजरिया उनको लेकर के बदल सके आपको सकारात्मक रह सके तो यही सारी चीजें जो आपको मैं इतनी मजबूत करती हैं मानसिक मजबूती प्रदान करती हैं पढ़ते हैं और रिलेशनशिप के बारे में बात करें या किसी और चीज के आपको पवन सिंह की मेडिटेशन की और अच्छी बातों को पढ़ने की और सुनने की जरूरत है जिससे कि आप खुद को मेंटली मजबूत बना सकते हैं हर कोई भी चीज या कोई भी परिस्थिति आपको नहीं करेगी और वो आप हमेशा पॉजिटिव रहेंगे और खुश रहेंगे और यकीनन इसलिए आपकी जिंदगी में चीजें भी बहुत हद तक सुधर जाएंगे बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki apane aap ko maanasik roop se majaboot kaise banaen dekhie maanasik roop se majaboot ko sahee banaana chaahate hain usake lie kuchh cheejen hain jinaka istemaal nahin kar sakate hain vah hain mediteshan jok sabase jyaada jarooree hai kyonki maanasik shaanti jarooree hai jo meree tenshan se hee milatee hai aur insaan ko chaahie ki vah meditred karen aur khud ko shaant rakhane kee koshish karen sab hota yah hai ki jindagee mein jo bhee cheejen hamen mentalee distarb karatee hai unase ham door rahate hain aur shaanti milatee hain aur ek shaant man kuchh bhee kar sakata hai agar aapake maind mein bahut saaree distarabens hai to aap us kisee bhee kaam ko behatar tareeke se nahin kar paenge to mediteshan nahin to aisa jariya hai jisake dvaara aap maanasik roop se majaboot ho sakate hain jisase aap duniya mein hone vaalee cheejon se ataich kar sakate hain yaanee ki vah kaam mein karenge lekin vah aapako mentalee hai ki nahin karenge yah bahut hee behatar hai jo aapako madad karatee hai aur ve doosaree cheej hai ki bahut saare saamp ke maanasik shaanti ko lekar ke veediyos mil jaate hain jahaan par isakee dvaara bahut saaree cheejen bataee jaatee hai jinhen ham sunakar ke kaaphee cheejon ko samajh kar ke apanee jindagee mein hone vaalee cheejon se khud ko bhee ataich rakh sakate hain unhen karane ke baavajood yaanee ki koee kaam to ham karen lekin usaka maind par paisa na len aur isake alaava teesaree cheej yah hai ki agar aap edavaij lete hain sahee insaan se kaunasee karavaate hain to aapako use bhee maanasik majabootee milatee hai ki cheejon ko kis tareeke se haindal karana hai aur duniya mein aur apanee jindagee mein hone vaalee jo ko kis najarie se dekhana hai ki vah cheej hai to shaayad us hisaab se na badale lekin aapaka najariya unako lekar ke badal sake aapako sakaaraatmak rah sake to yahee saaree cheejen jo aapako main itanee majaboot karatee hain maanasik majabootee pradaan karatee hain padhate hain aur rileshanaship ke baare mein baat karen ya kisee aur cheej ke aapako pavan sinh kee mediteshan kee aur achchhee baaton ko padhane kee aur sunane kee jaroorat hai jisase ki aap khud ko mentalee majaboot bana sakate hain har koee bhee cheej ya koee bhee paristhiti aapako nahin karegee aur vo aap hamesha pojitiv rahenge aur khush rahenge aur yakeenan isalie aapakee jindagee mein cheejen bhee bahut had tak sudhar jaenge bahut-bahut dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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कोई भी व्यापारी अपने व्यापार को ऊंचाइयों तक कैसे ले जा सकता है?Koi Bhi Vyapari Apne Vyapar Ko Unchaiyo Tak Kese Le Ja Sakta Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
1:57
हाय दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल पूछा गया है कि कोई भी व्यापारी अपने व्यापार को ऊंचाइयों तक कैसे ले जा सकता है जिसे व्यापार चाहे कोई भी हो उसमें प्रोडक्ट होता है उसकी सर्विसेस होती हैं वह बेहतर होनी चाहिए और जो व्यापारी है उसका बिहेवियर किस तरह का है अपने एंप्लॉय के प्रति और अपने कस्टमर के प्रति वह भी डिपेंड करता है और एक तीसरे की जो सबसे जरूरी है वह उसका प्रमोशन यानी कि उसका एडवर्टाइजमेंट उसे किस तरीके से कितने लोगों तक पहुंचाया जा रहा है यह तीन चीजें हैं जो किसी भी बिजनेस को किसी भी बिजनेस को बेहतर बना सकती है आपकी जो प्रकृत प्रोडक्ट हैं और सर्विसेज हैं और आपके कस्टमर के साथ में क्या रिलेशन है आप अपने एम्पलाई को कैसे डिलीट करते हैं और प्रमोशन दिल को बेहतर बनाया जा सकता है मान लीजिए आप ईमानदार हैं तो आप अपने प्रोडक्ट को बेहतर से बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे यानी कि अपने कस्टमर को बेस्ट सर्विस देने की कोशिश करेंगे करते हैं और लोगों को पता नहीं होता कि आप किस तरह से आपके प्रोडक्ट में बड़े हैं तो आपके पास लोग कैसे पहुंचेंगे इसलिए प्रमोशन करना भी बहुत जरूरी है और रही बात एम्पलाई को आप किधर से ठीक कर दे क्योंकि आपके एंप्लोई हैं जिनकी वजह से आपके बिजनेस को बेहतर काम मिल रहा है बेहतर प्रोडक्टिविटी मिलने की तो क्या किसी भी काम में एंपलॉयर्स ना हो तो करना मुश्किल हो जाती है कुछ चीजें तो काम बेहतर तरीके से करें इसके लिए जरूरी है कि आप के उनके साथ भी रिलेशन होनी चाहिए तुम्हें समझता हूं यही चीज है जो किसी भी चीज को बेहतर बना सकती है बहुत-बहुत धन्यवाद
Haay doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal poochha gaya hai ki koee bhee vyaapaaree apane vyaapaar ko oonchaiyon tak kaise le ja sakata hai jise vyaapaar chaahe koee bhee ho usamen prodakt hota hai usakee sarvises hotee hain vah behatar honee chaahie aur jo vyaapaaree hai usaka biheviyar kis tarah ka hai apane employ ke prati aur apane kastamar ke prati vah bhee dipend karata hai aur ek teesare kee jo sabase jarooree hai vah usaka pramoshan yaanee ki usaka edavartaijament use kis tareeke se kitane logon tak pahunchaaya ja raha hai yah teen cheejen hain jo kisee bhee bijanes ko kisee bhee bijanes ko behatar bana sakatee hai aapakee jo prakrt prodakt hain aur sarvisej hain aur aapake kastamar ke saath mein kya rileshan hai aap apane empalaee ko kaise dileet karate hain aur pramoshan dil ko behatar banaaya ja sakata hai maan leejie aap eemaanadaar hain to aap apane prodakt ko behatar se behatar banaane kee koshish karenge yaanee ki apane kastamar ko best sarvis dene kee koshish karenge karate hain aur logon ko pata nahin hota ki aap kis tarah se aapake prodakt mein bade hain to aapake paas log kaise pahunchenge isalie pramoshan karana bhee bahut jarooree hai aur rahee baat empalaee ko aap kidhar se theek kar de kyonki aapake emploee hain jinakee vajah se aapake bijanes ko behatar kaam mil raha hai behatar prodaktivitee milane kee to kya kisee bhee kaam mein empaloyars na ho to karana mushkil ho jaatee hai kuchh cheejen to kaam behatar tareeke se karen isake lie jarooree hai ki aap ke unake saath bhee rileshan honee chaahie tumhen samajhata hoon yahee cheej hai jo kisee bhee cheej ko behatar bana sakatee hai bahut-bahut dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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कॉन्फिडेंस और ओवर कॉन्फिडेंस में क्या फर्क है?Confidence Aur Over Confidence Mein Kya Fark Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
3:44
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और आप मुझे सुन रहे हैं बोलकर ऐप पर एक लेख हो साथ में वॉइस टाइपिंग की प्रैक्टिस भी कर रहा हूं लाइफ कोच की तरह से काम भी करने की कोशिश कर रहा हूं और जो सवाल है वो ये है कि कॉन्फिडेंस और ओवरकॉन्फिडेंस में क्या फर्क है बहुत सीधी सिंपल भाषा में अगर बताना चाहो तो बात यह है कि जब इंसान को कॉन्फिडेंस होता है तो उसके साथ साथ वह उस लेवल की तैयारी भी करता है लेकिन जब और कॉन्फिडेंस होता है तो उसमें विश्वास ज्यादा होता है कि वह उस काम को कर सकता है बेशक वह उसके लेवल की तैयारी नहीं करता बात बहुत सीधी सी है कि अगर आप किसी चीज को लेकर कॉन्फिडेंस लेकिन आप उसके लिए इतनी मेहनत नहीं कर रहे हैं तो यह आपका ओवर कॉन्फिडेंस है अगर आप में कॉन्फिडेंस है फिर भी आप मेहनत कर रहे हैं बहुत अच्छी तरीके से तो फिर कहते हैं कॉन्फिडेंस और भी है जो अक्सर सुनने को मिलता है बोलिए है कि कॉन्फिडेंस जीव होता है कि मैं किसी काम को कर सकता हूं और ओवर कॉन्फिडेंस यह होता है जिसे हम इंकार भी कहते हैं कि इस काम को सिर्फ और सिर्फ मैं ही कर सकता है विश्वास करना खुद पर बहुत अच्छी बात है लेकिन उसके साथ उस काम की जानकारी उस काम को करना ज्यादा जरूरी है लेकिन अगर आप सिर्फ खोखले विश्वास को ले करके कहते रहेंगे 3 काम कर सकता हूं तो वह ओवरकॉन्फिडेंस में आ जाता है मान लीजिए किसी बच्चे ने कहा है कि वह पास हो जाएगा बहुत अच्छे नंबरों से पास हो जाएगा लेकिन वह पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं कर रहा तो जाहिर सी बात है उसमें ओवर कॉन्फिडेंस है क्योंकि जितनी बड़ी बड़ी बातें वह कहना है उस लेवल की तैयारी नहीं कर रहा है वही दूसरा बच्चा जो कह तो रहा है कि मैं पास हो जाऊंगा लेकिन वह मेहनत भी लगातार बहुत ज्यादा कर रहा है तो वह कॉन्फिडेंस होता है कॉन्फिडेंस में इंसान हमेशा तैयारी करके हम मेहनत करता है बहुत लगन से और ओवरकॉन्फिडेंस में इंसान सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करता है उस लेवल के काम नहीं करता तो बेहतर है कि इंसान के साथ खुद पर विश्वास रखे लेकिन साथ में लगन से मेहनत करें तभी उसे फायदा होने वाला है सिर्फ बड़ी-बड़ी विश्वास की बातें करने से कि मैं ऐसा कर दो हां मैं वैसा कर दूंगा मैं यह कर सकता हूं और उसको लेकर के उस स्तर पर काम नहीं किए जाओ लगन से काम नहीं किया जाए तो वह बिल्कुल बेकार है इसलिए ओवरकॉन्फिडेंस हमेशा लोगों को ले डूबता है और वही कॉन्फिडेंस इन लोगों में बहुत ज्यादा विश्वास बनाता है और उन्हें सफलता हासिल करने में मदद करता है इसलिए बेसन का प्रीपेड कॉन्फिडेंस रखे लेकिन शासन भारत में कोई कमी मत कीजिए और जहां मेहनत में कमी करना शुरू कर देंगे वही आपका कॉन्फिडेंस ओवरकॉन्फिडेंस में बदल जाएगा जिसका आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur aap mujhe sun rahe hain bolakar aip par ek lekh ho saath mein vois taiping kee praiktis bhee kar raha hoon laiph koch kee tarah se kaam bhee karane kee koshish kar raha hoon aur jo savaal hai vo ye hai ki konphidens aur ovarakonphidens mein kya phark hai bahut seedhee simpal bhaasha mein agar bataana chaaho to baat yah hai ki jab insaan ko konphidens hota hai to usake saath saath vah us leval kee taiyaaree bhee karata hai lekin jab aur konphidens hota hai to usamen vishvaas jyaada hota hai ki vah us kaam ko kar sakata hai beshak vah usake leval kee taiyaaree nahin karata baat bahut seedhee see hai ki agar aap kisee cheej ko lekar konphidens lekin aap usake lie itanee mehanat nahin kar rahe hain to yah aapaka ovar konphidens hai agar aap mein konphidens hai phir bhee aap mehanat kar rahe hain bahut achchhee tareeke se to phir kahate hain konphidens aur bhee hai jo aksar sunane ko milata hai bolie hai ki konphidens jeev hota hai ki main kisee kaam ko kar sakata hoon aur ovar konphidens yah hota hai jise ham inkaar bhee kahate hain ki is kaam ko sirph aur sirph main hee kar sakata hai vishvaas karana khud par bahut achchhee baat hai lekin usake saath us kaam kee jaanakaaree us kaam ko karana jyaada jarooree hai lekin agar aap sirph khokhale vishvaas ko le karake kahate rahenge 3 kaam kar sakata hoon to vah ovarakonphidens mein aa jaata hai maan leejie kisee bachche ne kaha hai ki vah paas ho jaega bahut achchhe nambaron se paas ho jaega lekin vah padhaee bilkul bhee nahin kar raha to jaahir see baat hai usamen ovar konphidens hai kyonki jitanee badee badee baaten vah kahana hai us leval kee taiyaaree nahin kar raha hai vahee doosara bachcha jo kah to raha hai ki main paas ho jaoonga lekin vah mehanat bhee lagaataar bahut jyaada kar raha hai to vah konphidens hota hai konphidens mein insaan hamesha taiyaaree karake ham mehanat karata hai bahut lagan se aur ovarakonphidens mein insaan sirph badee-badee baaten karata hai us leval ke kaam nahin karata to behatar hai ki insaan ke saath khud par vishvaas rakhe lekin saath mein lagan se mehanat karen tabhee use phaayada hone vaala hai sirph badee-badee vishvaas kee baaten karane se ki main aisa kar do haan main vaisa kar doonga main yah kar sakata hoon aur usako lekar ke us star par kaam nahin kie jao lagan se kaam nahin kiya jae to vah bilkul bekaar hai isalie ovarakonphidens hamesha logon ko le doobata hai aur vahee konphidens in logon mein bahut jyaada vishvaas banaata hai aur unhen saphalata haasil karane mein madad karata hai isalie besan ka preeped konphidens rakhe lekin shaasan bhaarat mein koee kamee mat keejie aur jahaan mehanat mein kamee karana shuroo kar denge vahee aapaka konphidens ovarakonphidens mein badal jaega jisaka aapako nukasaan uthaana pad sakata hai bahut-bahut dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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इंटरनेट की मदद से बिजनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता है?Internet Ki Madad Se Business Ko Kaise Badhaya Ja Sakta Hai
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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लेखक
2:44
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और मैं एक लेखक हूं लाइफ कोच और साथ में कोशिश कर रहा हूं बॉय डबिंग आर्टिस्ट बनने की बात करते हैं जो सवाल है वो ये है कि इंटरनेट की मदद से बिजनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता दिखेगी इंटरनेट की मदद से बिजनेस को बढ़ाया जा सकता है आपको प्रमोशन करके ले जाने की अपने बिजनेस के बारे में दूसरों तक पहुंचाने से किसी भी तरह का बिजनेस करते हैं फिर चाहे वह राइटिंग हो या सर्विस देने वाली चीजों या फिर कोई प्रोडक्ट बिजनेस हो तो आप इंटरनेट की मदद से उसे लोगों तक पहुंचा सकते हैं जिसमें आती है सोशल मीडिया सोशल मीडिया में फेसबुक व्हाट्सएप इंस्टाग्राम और उसमें कर सकते हैं पर आपको प्रमोशन करना पड़ेगा ऐसे होगा यह कि लोगों को आपके बिजनेस के बारे में आपके काम के बारे में ज्यादा से ज्यादा पता चलेगा और जिन लोगों को आपकी जरूरत है वह आपको आप कर सकते हैं तो इस तरह से आप एक जगह बैठे बैठे ही बहुत सारे लोगों तक अपने बिजनेस को पहुंचा सकते हैं जो बहुत सरल तरीका है आज के समय में बिजनेस को दूर-दूर तक पहुंचाने का नहीं तो पहले तो शहर शहर जाकर के पोस्टर वगैरह लगवाने पढ़ते थे लेकिन सब लोग आजकल सोशल मीडिया पर हैं व्हाट्सएप यूज करते हैं यूट्यूब देखते हैं तो उन्हें वहां से आकर बिजनेस के बारे में पता चल सकता है और एक एडमिशन करवा सकते हैं आप किसी भी जगह जहां से लोगों के पास जो भी लोग बस फिल्ड में या उसको प्रोडक्ट में इंटरेस्टेड हैं वहां तक वह ऐड पहुंच जाएगा और आपके बिजनेस में बढ़ोतरी हो जाएगी और इसके लिए आपको चाहिए तो एक डिजिटल मार्केटिंग का कोई बंदा उठा सकते हैं मतलब हायर कर सकते हैं जो आपके बिजनेस को बूस्ट करने में प्रमोट करने में आपकी पूरी मदद करेगा लेकिन वह थोड़ा बहुत पैसा लेगा बाकी आप यूट्यूब पर किस तरह से इन बिजनेस को प्रमोट करना है बढ़ाना है उसके तरीके भी ढूंढ सकते हैं कि सोशल मीडिया पर चीजें किस तरह से प्रमोद की जाती है तो यह कुछ तरीके हैं जिनसे आप अपने बिजनेस को बढ़ा सकते हैं इंटरनेट के माध्यम से और मेरी शुभकामनाएं भी आपके साथ हैं आप जो भी बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं उसे आप अच्छे से माराफा इंटरनेट के माध्यम से या ऑफलाइन लोगों तक पहुंचा करके बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur main ek lekhak hoon laiph koch aur saath mein koshish kar raha hoon boy dabing aartist banane kee baat karate hain jo savaal hai vo ye hai ki intaranet kee madad se bijanes ko kaise badhaaya ja sakata dikhegee intaranet kee madad se bijanes ko badhaaya ja sakata hai aapako pramoshan karake le jaane kee apane bijanes ke baare mein doosaron tak pahunchaane se kisee bhee tarah ka bijanes karate hain phir chaahe vah raiting ho ya sarvis dene vaalee cheejon ya phir koee prodakt bijanes ho to aap intaranet kee madad se use logon tak pahuncha sakate hain jisamen aatee hai soshal meediya soshal meediya mein phesabuk vhaatsep instaagraam aur usamen kar sakate hain par aapako pramoshan karana padega aise hoga yah ki logon ko aapake bijanes ke baare mein aapake kaam ke baare mein jyaada se jyaada pata chalega aur jin logon ko aapakee jaroorat hai vah aapako aap kar sakate hain to is tarah se aap ek jagah baithe baithe hee bahut saare logon tak apane bijanes ko pahuncha sakate hain jo bahut saral tareeka hai aaj ke samay mein bijanes ko door-door tak pahunchaane ka nahin to pahale to shahar shahar jaakar ke postar vagairah lagavaane padhate the lekin sab log aajakal soshal meediya par hain vhaatsep yooj karate hain yootyoob dekhate hain to unhen vahaan se aakar bijanes ke baare mein pata chal sakata hai aur ek edamishan karava sakate hain aap kisee bhee jagah jahaan se logon ke paas jo bhee log bas phild mein ya usako prodakt mein intarested hain vahaan tak vah aid pahunch jaega aur aapake bijanes mein badhotaree ho jaegee aur isake lie aapako chaahie to ek dijital maarketing ka koee banda utha sakate hain matalab haayar kar sakate hain jo aapake bijanes ko boost karane mein pramot karane mein aapakee pooree madad karega lekin vah thoda bahut paisa lega baakee aap yootyoob par kis tarah se in bijanes ko pramot karana hai badhaana hai usake tareeke bhee dhoondh sakate hain ki soshal meediya par cheejen kis tarah se pramod kee jaatee hai to yah kuchh tareeke hain jinase aap apane bijanes ko badha sakate hain intaranet ke maadhyam se aur meree shubhakaamanaen bhee aapake saath hain aap jo bhee bijanes ko badhaana chaahate hain use aap achchhe se maaraapha intaranet ke maadhyam se ya ophalain logon tak pahuncha karake bahut-bahut dhanyavaad

#जीवन शैली

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किस तरह के व्यवसायिक विचार लोगों को अरबपति बनाते हैं?Kis Tarah Ke Vyavsayik Vichar Logon Ko Arabpati Banate Hain
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
3:05
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि किस तरह के वेबसाइट भी चार लोगों को अरबपति बनाते हैं देखिए अब बताइए पैसा कमाने की बातें की जाती है तो सीधे तो कोई अरबपति नहीं बन जाता एक दिन में लेकिन हां बात बसी है कि आपका नजरिया कैसा है अगर आप सकारात्मक सोचते हैं और आप काम को टाइम नहीं है तो जाहिर सी बात है कि आप अमीर बन जाएंगे आप अरबपति बन जाएंगे तो क्यों करता है कि इंसान के पास में विचार तो बहुत सारे आते हैं काम करने के लेकिन उनको वह अमल में नहीं ला पाते यानी कि उनको वह करता नहीं है और दूसरी जो समस्या आती है वही आती है कि करने की कोशिश भी करता है तो कभी-कभी डिमोटिवेटेड होकर काम को छोड़ देता है इंसान को कभी किसी काम को छोड़ना नहीं चाहिए और अपने काम को पूरी ईमानदारी और लगन के साथ करना चाहिए और उन्होंने चाहिए पैसा कमाने का जरूर ऐसा भी ना कि इसमें इंसान हो उसको दे यानी कि पैसा कमाने के लिए कुछ भी करने को राजी हो जाए फिर चाहे वह गलत ही क्यों ना हो तो बेहतर तरीका यही है पैसा कमाने का और अरबपति बनने का कि आप अपने काम को बेहतर से बेहतर तरीके से करते चले जाएं क्योंकि इस दुनिया में पैसा वही कमाता है जो अपने काम को सबसे बेहतर तरीके से करता है बेशक फिर घास काटने का भी काम करेगा राक्षस से बेहतर कर रहे हैं तो लोग आपसे ही बात करवाएंगे और उस चीज का पैसा देंगे जितना ज्यादा बेहतर आपका काम होगा उतना बेहतर आपके पास पैसा आता चला जाएगा और बात करें सकारात्मक रहने की तो खुद में हमेशा पॉजिटिविटी बनाए रखें कोई चीज में सकारात्मकता ढूंढिए क्योंकि कुछ लोग होते हैं वह हमेशा किसी भी अच्छी चीज में नकारात्मकता ढूंढ ही लेते हैं जिस वजह से वह अच्छी से अच्छी चीज को भी बेकार बना देते हैं लेकिन जो सकारात्मक सोच रखने वाले इंसान होते हैं किसी भी बुरी से बुरी घटना में भी सकारात्मक तो ढूंढ लेते हैं और उसका अच्छा पहलू ढूंढ लेते हैं तो बात बस इतनी सी है कि अगर आप पॉजिटिव रहेंगे अपने काम को बेहतर तरीके से करेंगे लगन से करेंगे तो आप जरूर अरबपति बन जाएंगे मैं यह नहीं कह रहा कि आप एक दिन में ही बन जाएंगे लेकिन हम जरूर जाएंगे और जितने बेहतर तरीके से आप अपने काम को करेंगे उतनी ही बेहतर तरीके से और जल्दी से आप अमीर मंत्री चले जाएंगे तो इन्हीं बातों का ध्यान रखना होता है और तो मुझे लगता नहीं कि शायद कोशिश स्पेशल होती है जिसे हम लोग फैक्टर कहते हैं कि किस्मत में अगर होती हैं चीजें तो तो हम किस्मत के भरोसे तो नहीं बैठ सकते अगर आपके प्रयास बहुत ही ज्यादा बेहतर होते हैं तो किस्मत भी एक बार के लिए पीछे रह जाती है तब अपनी कोशिशें करते रहिए बेहतर और ईमानदारी से और खुद को सकारात्मक रखिए बस यही जो इंसान को अरबपति बनाते हैं बहुत-बहुत धन्यवाद
Helo doston mera naam hai yogendr sinh aur savaal hai ki kis tarah ke vebasait bhee chaar logon ko arabapati banaate hain dekhie ab bataie paisa kamaane kee baaten kee jaatee hai to seedhe to koee arabapati nahin ban jaata ek din mein lekin haan baat basee hai ki aapaka najariya kaisa hai agar aap sakaaraatmak sochate hain aur aap kaam ko taim nahin hai to jaahir see baat hai ki aap ameer ban jaenge aap arabapati ban jaenge to kyon karata hai ki insaan ke paas mein vichaar to bahut saare aate hain kaam karane ke lekin unako vah amal mein nahin la paate yaanee ki unako vah karata nahin hai aur doosaree jo samasya aatee hai vahee aatee hai ki karane kee koshish bhee karata hai to kabhee-kabhee dimotiveted hokar kaam ko chhod deta hai insaan ko kabhee kisee kaam ko chhodana nahin chaahie aur apane kaam ko pooree eemaanadaaree aur lagan ke saath karana chaahie aur unhonne chaahie paisa kamaane ka jaroor aisa bhee na ki isamen insaan ho usako de yaanee ki paisa kamaane ke lie kuchh bhee karane ko raajee ho jae phir chaahe vah galat hee kyon na ho to behatar tareeka yahee hai paisa kamaane ka aur arabapati banane ka ki aap apane kaam ko behatar se behatar tareeke se karate chale jaen kyonki is duniya mein paisa vahee kamaata hai jo apane kaam ko sabase behatar tareeke se karata hai beshak phir ghaas kaatane ka bhee kaam karega raakshas se behatar kar rahe hain to log aapase hee baat karavaenge aur us cheej ka paisa denge jitana jyaada behatar aapaka kaam hoga utana behatar aapake paas paisa aata chala jaega aur baat karen sakaaraatmak rahane kee to khud mein hamesha pojitivitee banae rakhen koee cheej mein sakaaraatmakata dhoondhie kyonki kuchh log hote hain vah hamesha kisee bhee achchhee cheej mein nakaaraatmakata dhoondh hee lete hain jis vajah se vah achchhee se achchhee cheej ko bhee bekaar bana dete hain lekin jo sakaaraatmak soch rakhane vaale insaan hote hain kisee bhee buree se buree ghatana mein bhee sakaaraatmak to dhoondh lete hain aur usaka achchha pahaloo dhoondh lete hain to baat bas itanee see hai ki agar aap pojitiv rahenge apane kaam ko behatar tareeke se karenge lagan se karenge to aap jaroor arabapati ban jaenge main yah nahin kah raha ki aap ek din mein hee ban jaenge lekin ham jaroor jaenge aur jitane behatar tareeke se aap apane kaam ko karenge utanee hee behatar tareeke se aur jaldee se aap ameer mantree chale jaenge to inheen baaton ka dhyaan rakhana hota hai aur to mujhe lagata nahin ki shaayad koshish speshal hotee hai jise ham log phaiktar kahate hain ki kismat mein agar hotee hain cheejen to to ham kismat ke bharose to nahin baith sakate agar aapake prayaas bahut hee jyaada behatar hote hain to kismat bhee ek baar ke lie peechhe rah jaatee hai tab apanee koshishen karate rahie behatar aur eemaanadaaree se aur khud ko sakaaraatmak rakhie bas yahee jo insaan ko arabapati banaate hain bahut-bahut dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
व्यवसाय की सफलता में कौन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है धन या भाग्य?Vyavsay Ki Safalta Mein Kaun Mehtvpurn Bhumika Nibhata Hai Dhan Ya Bhagya
Author Yogendra Singh Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Author जी का जवाब
लेखक
3:40
हेलो दोस्तों मेरा नाम है योगेंद्र सिंह और सवाल है कि व्यवसाय की सफलता में कौन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है धन या भाग्य देखिए धन तक की जहां बात की जाए तो लोगों के पास पैसा भी है और लोगों से व्यवसाय में लगाते भी है लेकिन होता यूं है कि किस्मत ही जब इंसान की खराब होती है तो पैसा भी बेकार चला जाता है लेकिन अगर बात की जाए मार दी थी अगर कोई भाग्यशाली इंसान काम शुरू करता है तो उसे पैसा भी मिलता चला जाता है बेशक वह उसके पास ना हो तो जहां तक भाग्य की बात की जाए वह किसके ऊपर टाइप की है कि आपके साथ क्या क्या होने वाला है और उसमें अगर अच्छी बात है लिखने में तो बहुत ही चली जाती हैं उसे हम भाग्यशाली इंसान कहते हैं लेकिन अगर उस स्क्रिप्ट में अगर बुरी बातें लिखी हैं बहुत ही चली जाती हैं मुझे दुर्भाग्य कहते हैं तो यह तो जाहिर सी बात है जो इस ग्रुप में लिखा हुआ है वह तो होना ही है जब तक कि उसमें बदलाव न किया जाए बहुत सारे लोग हैं जो इस बात को नहीं मानते हैं कि भाई भाभी जैसी कोई चीज नहीं होती है लेकिन आपका रंग आपकी शक्ल सूरत आपका हाइट हर चीज आपका बोलने का तरीका आपकी आवाज यह सारी चीजें पहले से ही डिसाइड करें इसे भाग्य नहीं तो और क्या कहेंगे आप जिस सन में पैदा हुए हैं मान लीजिए आप 2000 में पैदा हुए तो यह भी भाग 2000 में ही क्यों पैदा हुए आप उससे पहले पैदा क्यों नहीं हुए तो ऐसी बहुत सारी चीज है जो इंसान के हाथ में नहीं है बस एक चीज है जो इंसान के हाथ में कि वह हमेशा कोशिश करता रहे क्योंकि इंसान को नहीं पता है कि उसके भाग्य में क्या लिखा है तो बेहतर यही है कि वह अपने काम को बेहतर तरीके से करने की कोशिश करें और चीजें अच्छी तरीके हो जाए तो बहुत अच्छी बात है और अगर चीज है नहीं होती है तो कोशिश करना छोड़ना नहीं चाहिए लेकिन इसका यह तो बिल्कुल भी नहीं है कि भाग्य जैसी कोई चीज होती ही नहीं हम अकबर बीरबल की बात सुनते हैं बीरबल बेशक बहुत बुद्धिमान था लेकिन राजा तो अकबर ही सौभाग्य की बात है तो इंसान अपनी बुद्धि से बेशक बहुत सारी चीजें हासिल कर सकता है अपनी मेहनत से लेकिन भाग्य में इंसान को थोड़ा कम करना पड़ता है या यू पी सकते हैं कि कुछ भी नहीं करना पड़ सकता अगर कोई व्यक्ति गरीबी में पैदा होता है तो यह उसका भाग्य है लेकिन कोई इंसान अगर अमीरी में पैदा होता उसका पहले से पहचान तो उसे पैसा कमाने के लिए मेहनत करने की जरूरत नहीं है आगे कहते हम भाग्य के भरोसे बैठे भी नहीं सकते क्योंकि हमें सच में नहीं पता कि हमारे भाग्य में क्या है तो हिंदी भी नहीं कह सकते कि भाग्य के भरोसे बैठे रहो आप हमें अभी नहीं कह सकते कि भाग्य जैसी कोई चीज होती है नहीं तो बेहतर यही रहेगा कि हम अपने काम को करते रहें अगर आपको पैसा मिल जाता है तो इस उसका सही से इस्तेमाल करते हैं चीजें सही चलती है तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर आप भाग्यशाली हैं आपका भाग्य अच्छा है तो आकर बस पहचानना भी हो तो आप फिर भी काम कर लेंगे हो सकता है कोई आपको इन्वेस्टर मिल जाए कहीं से आपको पैसा मिल जाए तो व्यवसाय में तो दोनों चीजों की है आवश्यकता पड़ती है लेकिन फिर भी अगर मुझसे पर्सनली पूछ रहे हो तो मैं यही कहूंगा कि भाग्य ज्यादा जरूरी है क्योंकि जो भाग्यशाली इंसान है उसका पैसा भी खुद आ जाएगा और उस पैसे का सही इस्तेमाल हो जाएगा बहुत-बहुत धन्यवाद
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