#कुछ अलग

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क्या कोरोना जैसी महामारी से मौत होना निश्चित है?Kya Corona Jaisi Mahamari Se Maut Hona Nishchit Hai
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0:54

#कुछ अलग

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1:17

#टेक्नोलॉजी

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अगर किसी ऑनलाइन कंपनी में पैसा लगाया वह कंपनी भाग जाए तो क्या करना चाहिए?Agar Kisi Online Company Me Paisa Lagaya Vah Company Bhaag Jaye To Kya Karna Chahiye
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2:07

#टेक्नोलॉजी

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एक ही मोबाइल में दो व्हाट्सएप कैसे चलाएं?Ek He Mobile Mein Do Whatsapp Kaise Chalaye
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0:49

#टेक्नोलॉजी

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क्या मेडिटेशन करने के तुरंत बाद मोबाइल चला सकते हैं?Kya Meditation Karne Ke Turant Baad Mobile Chala Sakte Hain
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1:17

#भारत की राजनीति

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भारत के गृह मंत्री कौन है?Bharat Ke Grah Mantri Kaun Hai
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0:16

#भारत की राजनीति

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भारत के वित्त मंत्री कौन है?Bharat Ke Vitt Mantri Kaun Hai
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0:48

#भारत की राजनीति

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1:38

#जीवन शैली

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क्या बुढ़ापा एक अभिशाप है?Kya Budhapa Ek Abhishap Hai
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1:14

#भारत की राजनीति

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1:37

#जीवन शैली

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क्या खोने से किसी को भी डरना चाहिए?Kya Khone Se Kisi Ko Bhi Darna Chahiye
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1:08

#रिश्ते और संबंध

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1:01
नमस्कार आपका सवाल है कि कानून कुछ भी कहे मगर क्या लड़कियों को मां बाप की जायदाद में हिस्सा मांगना चाहिए जी हां बिल्कुल वह हकदार हैं मांगना क्या चाहिए वह हकदार है वह आप से ज्यादा समय से हिसाब मांग सकती हैं क्योंकि आजकल कानून नया बन गया पहले तो यह था कि लड़की शादीशुदा होने के बाद शादी होने के बाद में मां-बाप की प्रॉपर्टी में हिस्सेदार नहीं होती थी लेकिन आजकल कानून बन गया है कि शादी होने के बाद भी लड़की अपने मां बाप की जायदाद में अपनी प्रॉपर्टी में उतनी हिस्सेदार होती है जितनी कि लड़के होते हैं तो इसलिए लड़कियां बिल्कुल जायदाद में हिस्सा मांगने की हकदार हैं और उन्हें देना भी चाहिए उनका हक बनता है यह मत सोचिए कि वह लड़की है या उसकी शादी कर दी अब वह पर आए घर की हो गई लेकिन संतान तो बाप की औलाद तो आपकी है ठीक है शादी हो गई पर आए घर की हो गई लेकिन आज भी वह उतनी ही आपके लिए जरूरी है जितनी को शादी से पहले थी तो इस चीज को मन में से निकाल दीजिए उनको उनका हक दीजिए जो उनका सम्मान है उन्हें जरूर दीजिए धन्यवाद

#जीवन शैली

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लड़कियों को इंटरव्यू देने के लिए कैसे कपड़े पहनने चाहिए?Ladkiyo Ko Interview Dene Ke Liye Kaise Kapde Pehnne Chahiye
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1:22

#जीवन शैली

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क्या किसी व्यक्ति का पहनावा उसके व्यक्तित्व को दर्शाता है?Kya Kisi Vyakti Ka Pehnava Uske Vyaktitv Ko Darshata Hai
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1:40

#जीवन शैली

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आप अपना अतीत नहीं बदल सकते लेकिन आप अपना भविष्य बदल सकते हैं क्या यह सच है?Aap Apna Ateet Nahin Badal Sakte Lekin Aap Apna Bhavishy Badal Sakte Hain Kya Yah Sach Hai
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1:49

#रिश्ते और संबंध

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1:13
नमस्कार आपका सवाल है कि अगर लड़का लड़की एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं वह दोनों शादी के लिए तैयार हैं लेकिन लड़की के घर वाले तैयार ना हो तो क्या करना पड़ेगा कि श्रीमान जी लड़का लड़की अभी आपस में प्यार करते हैं और दोनों शादी करना चाहते हैं तो बहुत अच्छी बात है और वह कर भी सकते हैं कानूनी रूप से लेकिन इसके लिए दोनों बालिग होने चाहिए उनकी जो उम्र है और शादी के लायक होनी चाहिए लड़की 18 साल की लड़का 21 साल का जो कि भारतीय कानून के अनुसार उम्र है शादी तो होनी चाहिए उसके बाद में आप ने सवाल पूछा कि अगर लड़की के घर वाले तैयार ना एक ही पहले तो उनसे आराम से शांति से प्यार से बात कीजिए उन को समझाने की कोशिश कीजिए अगर वह नहीं मानते तो आप कानूनी रूप से कोर्ट में जाकर के शादी कर सकते हैं और इसमें लड़की के घरवाले कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते आपका क्योंकि आप भूल ही गए हैं और कानूनी रूप से आप ने शादी की है तो आपको कोई भी व्यक्ति अनऑथराइज्ड ओर से आधिकारिक रूप से तंग नहीं कर सकता आप अपना कानूनी रूप से शादी कीजिए प्रेम पूर्वक शांतिप्रिय जीवन बिताएंगे और अपना लंबे समय तक आप रहिए धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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क्या मैं एक साथ दो बैंक के क्रेडिट कार्ड जारी करवा सकता हूं?Kya Mai Ek Sath Do Bank Ke Credit Card Jari Karwa Sakta Hu
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0:58
नमस्कार आपका सवाल है कि क्या हमें एक साथ दो बैंक के क्रेडिट कार्ड जारी करवा सकता हूं सर आप एक क्या आप 10 बैंकों के क्रेडिट कार्ड जारी करवा सकते हैं लेकिन आप रजिस्टर्ड लेने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखिएगा क्योंकि पैसा लेना आसान होता है पैसा चुकाना बड़ा मुश्किल होता है इसलिए हमेशा पैसा लेते समय 10 बार सोच लीजिए कि वाकई में आपको पैसे की जरूरत है या नहीं है और अगर आप कैसे छुपा सकते हैं या नहीं छुपा सकते लेकिन भविष्य में क्रेडिट कार्ड जो है बैंक देता तो जरूर है लेकिन वह सिर्फ उसकी आकर्षक ऑफर बताता फ्लोर बना देता को लालच देता लेकिन उसके नुकसान क्या है या उसके बदले में उसे क्या प्रॉफिट है बैंकों क्या प्रॉफिट है वह आप को नहीं बताएगा वह आपको जब बताया था जमा पैसा चुकाने में असमर्थ हैं इसलिए आप एक बैंक के 10 बैंकों पर कहीं काट दीजिए लेकिन अपनी आर्थिक स्थिति को देखकर धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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सबसे ज्यादा गाली खाने वाला नेता कौन है A केजरीवाल B राहुल गांधी या मोदी?Sabase Jyada Gali Khaane Vaala Neta Kaun Hai A Kejriwal B Rahul Gandhi Ya Modi
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1:13
नमस्कार आप ने सवाल पूछा है कि सबसे ज्यादा गाली खाने वाला नेता कौन है केजरीवाल राहुल गांधी या नरेंद्र मोदी लेकिन सर गाड़ी तो सभी नेता खाते हैं और कल को आप नेता बनेंगे तो आप भी का दिखाएंगे मैंने तो बोलूंगा तो मैं भी गाली खाऊंगा तो नेता लोगों को तो काम ही खाली खाना है जितना मर्जी अच्छा जितना मर्जी बुरा कर लो और हालांकि यह चिकने घड़े हैं कि मैं गाड़ी से कोई फर्क पड़ता नहीं है गाड़ी कहना जूते चप्पल मार दो तब भी हंसते रंगे हाथ जोड़ेंगे सुबह ने पटा वोट की राजनीति है वह आम जनता को कुछ कहेंगे तो वोट नहीं देंगे वोट नहीं देंगे तो फिर हम अगले साल सत्ता मिल जाएंगे पर सत्ता में आएंगे तो फिर हमारे साथ कुछ तो का खर्चा कैसे चलेगा कौन है कि सबसे ज्यादा गाड़ी भूल पाता है जो बहुत जिस नेता ने बहुत ज्यादा गलत किया वह जो जाकर सत्ता में हो क्योंकि सत्ता में रहते ही वह गलत करता है तो इसीलिए जो है सबसे ज्यादा गाड़ी इस समय जो मैं समझता हूं नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं इससे लोगों की सबसे ज्यादा गाड़ियां उन्हें ही पढ़ रहे थे उन्होंने कुछ काम है ऐसे कर दी है देश के लिए यह समय दीजिए देश का बेड़ा गर्क कर दिया धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है?Bank Karmchariyon Ka Vyavhar Badatmeeji Se Bharpoor Kyun Hota Hai
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1:27
आपका सवाल है कि बैंक कर्मचारियों का व्यवहार बदतमीजी से भरपूर क्यों होता है सही बात है आजकल बैंक सरकारी बैंकों में जितने भी कर्मचारी हैं टोटली उसमें मैंने देखा है कि वह बहुत ही बदतमीजी से बात करते हैं और किसी भी कार्य को वोट डालने की या मना कर करने की कोशिश करते हैं अगर उनसे कोई कार्य किया जाए तो वह कोई ना कोई बहाना बना देते या फिर उसे टालने की कोशिश करते हैं तो इसका कारण यही है और यह ज्यादातर सरकारी बैंकों में ज्यादा देखा जाता है क्या करेगा बंदा क्या करेंगे ट्रांसफर कर देंगे नौकरी से निकाल नहीं सकते सस्पेंड कर नहीं सकते तो इस वजह से वह ज्यादातर ग्राहकों से बदतमीजी करते हैं आप उनके काम को टालने की कोशिश करते हैं प्राइवेट बैंकों आपने देखे होंगे जो नहीं क्षेत्र के बैंक आईसीआईसीआई एचडीएफसी एप सिटी बैंक का है और काफी सारे क्षेत्र के बैंक है यह इनमें आपने देखा होगा कि बदतमीजी ना के बराबर होती है क्योंकि यहां पर जितने कर्मचारियों को प्राइवेट है उन्हें पता है कि अगर हम किसी ग्राहक से बदतमीजी करेंगे और कल को उसने हमारी शिकायत कर दी तो हो सकता है कि वह नौकरी से ही चले जाए सस्पेंड हो जाए नौकरी उनकी खत्म हो जाए इस वजह से वहां बत्तमीजी नहीं देखने को मिलती है कम देखने को मिलती है तो यह कारण है और इसी वजह से सरकारी क्षेत्र के बैंक आप देख रहे होंगे धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं या फिर उनका बड़े बैंकों में विलय होते जा रहा है यह बहुत बड़ा कारण है धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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पेट्रोल पंप पर कौन सी मूलभूत सुविधाएं देना अनिवार्य है?Petrol Pump Par Kaun See Mulabhut Suvidhaen Dena Anivaary Hai
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1:37
नमस्कार आपका सवाल है कि पेट्रोल पंप पर कौन सी मूलभूत सुविधाएं देना अनिवार्य है दोस्त किसी भी पेट्रोल पंप पर जो सरकार द्वारा कानून बनाए गए हैं जब भी किसी पेट्रोल पंप को लाइसेंस दिया जाता है पेट्रोल किस देने के लिए तो उसमें कुछ दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं और 29 निर्देशों का पालन पेट्रोल पंप के मालिक को करना होता है अगर वह नहीं करता है उसके पेट्रोल पंप का लाइसेंस है वह कैंसिल किया जा सकता है उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है अब उन मूलभूत सुविधाओं को मैं आपको बता देता हूं क्या होती है और वह सुविधाओं में देखिए हर पेट्रोल पंप पर एक शौचालय का होना अनिवार्य है जो कि साफ सुथरा हो और अच्छा बना हुआ हो और इसके अलावा में पीने के पानी की सुविधा देनी जरूरी होती है और इसके अलावा वहां पर एक चिकित्सालय भी होना चाहिए डॉक्टर का इंतजाम रहना चाहिए ताकि अगर पेट्रोल पंप पर या रास्ते में अगर अचानक से किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाती है तो वहां एक डॉक्टर उसको जरूरी इमरजेंसी सुविधाएं दे सकेगा दे सके और इसके अलावा पेट्रोल पंप पर एक एंबुलेंस भी जरूरी होती है हमेशा मकड़ी रहनी चाहिए और वहां पर फायर उपकरण जरूर होनी चाहिए क्योंकि किसी भी विषय में किसी भी दशा में वहां पर कभी अगर आग लग जाती है तो उस आग को बुझाने का महा उचित तौर पर प्रबंध होना चाहिए यह सब चीजें मूलभूत सुविधाओं में आती है और अगर कोई पेट्रोल पंप मालिक सुविधाओं को नहीं देता है देने से इनकार करता है या अगर आपको वहां पर यह सुविधाएं नहीं दिखती हैं तो आप उसकी शिकायत भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय में पड़ सकते हैं और जहां पर तुरंत इस विषय में कार्रवाई की जाती है धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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भारत में पेट्रोल पंप खोलने में कितना खर्च आता है?Bharat Mein Petrol Pump Kholne Mein Kitna Kharch Aata Hai
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1:31
नमस्कार आपको सवाल है कि भारत में पेट्रोल पंप खोलने में कितना खर्च आता है लेकिन दोस्ती है तो कोई निर्धारित नहीं है पेट्रोल पंप खोलने में कितना खर्च आता है देखिए पेट्रोल पंप खोलने का खर्च हर राज्य में अलग-अलग आता हर जगह अलग-अलग आता है क्योंकि पेट्रोल पंप खोलने के लिए सबसे पहले आपको जमीन की जरूरत होती है और जमीन की जो कि वो हर राज्य में अलग-अलग है कहीं जमीन सस्ती है कहीं जमीन महंगी है यह तो डिपेंड करता है कि आप जमीन कहां ले रहे हैं किस राज्य में आप पेट्रोल पंप खोलना चाहते हैं उसके बाद पेट्रोल पंप खोलने के लिए आपको सरकार द्वारा लाइसेंस लाइसेंस की फीस भी हर राज्य में अलग-अलग है कहीं पेट्रोल पंप की फीस अलग है कहीं पेट्रोल पंप की फीस अलग है यह सब अलग अलग है इसलिए हम निश्चित तौर पर आपको नहीं बता सकते कि पेट्रोल पंप खोलने में कितना खर्च आता है फिर भी आप अंदाज अनुमान करके चलिए की एक पेट्रोल पंप खोलने के लिए अगर आप पेट्रोल डीजल और सीएनजी गैस वगैरह सब अगर आप को खोल दे सब सुविधाएं आप साथ में ले रहे हैं और दे रहे हैं तो इन सब चीजों को आप को बनाने में या पेट्रोल पंप खोलने में आपको कम से कम मान करके से देख ही 1500000 से लेकर 1500000 से लेकर के एक से डेढ़ करोड रुपए तक की लागत आती है अब यह अलग-अलग जैसे कि मैंने आपको बताया अलग-अलग टैक्स लगते हैं अलग-अलग जमीन निर्धारित की जमीनों का रेट निर्धारित किया जाता है और अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग लाइसेंस है धन्यवाद

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2:14
सर आपका सवाल है कि रिश्तेदारों के साथ व्यवसाय करना चाहिए या नहीं अगर नहीं तो क्यों नहीं करना चाहिए और देखिए हम कोई भी व्यवसाय करते हैं तो हमें उसमें कुछ सहायकों की आवश्यकता पड़ती है कोई भी व्यवसाय ऐसा नहीं है जो हम अकेले दम पर अपने कर सके या फिर उसमें उसे को आगे बढ़ा सकें उसमें हमें कुछ सहायता की जरूरत जरूरत पड़ती है चाहे वह अब उस आइटम किस्से ले या रिश्तेदारों से ले या किसी गैर बेटी से ले तो हम कई बार यह सोचते कि रिश्तेदारों से लेना बेहतर है क्योंकि रिश्तेदार को जानते हैं समझते हैं उनका हमें हर चीज पता है दरबार कहां रहते हैं उनकी क्या आर्थिक स्थिति है समाज में क्या स्टेटस है यह सब चीज हमें पता होती है इसलिए हम जल्दी से उन पर विश्वास करते हैं और अपने व्यवसाय की चाबी उनके हाथ में दे देते तो ऐसा करना कई बार अच्छा भी होता है जाहिदपुर में लेकिन कई बार यह चीज नुकसान भी हो जाती है कई बार क्या होता है कि कुछ रिश्तेदार जो होते हैं वह हमसे अंदर ही अंदर जलते हैं यह बात हमें पता चल पाटीदार गलती से हम अनजाने में उन पर विश्वास करके उनको अपने व्यवसाय की चाबी दे देते हैं तो वह शुरुआत में तो अच्छा काम करके दिखाते मेहनत करके दिखाते हैं ईमानदारी से चलते हैं लेकिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे वह काट करना शुरू कर देते हैं वह धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाना शुरू कर देते हैं और यह चीज जब हमें पता चलती है तो उसमें बड़ा दुख होता है और हम चाह कर के भी उन्हें कुछ कह नहीं पाते क्योंकि वो रिश्तेदार है अगर कोई गैर व्यक्ति हो तो हम उसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी करेगा उसे चार बातें सुना भी सकते हैं इससे हमारा हम यह सोचते चुप हो जाते कि चल यार अब जो कर गया कर गया आगे से मत उसको हर चीज तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है भैया कल भुगतान भी है लेकिन मैं तो यही कहूंगा कि आप कोई व्यवसाय कर रहे हैं कोशिश कीजिए कि उसे ऐसे आदमी के हाथ में सौंपी है जिस पर आपको पूरा भरोसा हो पर भरोसा होने के बावजूद उसके ऊपर नजर रखेंगे कि वह कोई गड़बड़ी तो नहीं कर रहा कोई बेईमानी तो नहीं कर रहा किसी तरह की चला गई तो नहीं कर रहा चाहे वह आपका रिश्तेदार हो चाहे वह गैराज भी हो लेकिन यह चीज आप ध्यान रखेंगे तो आप अपने व्यवसाय में कभी भी छोटी खाएंगे धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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1:41
तारा का सवाल है कि चलो मान लेते हैं चाय बेचना कोई मजबूरी नहीं होगी लेकिन देश बेचना कौन सी मजबूरी है आपकी क्या राय है दोस्त बहुत अच्छा सवाल है आपका और मैं आपकी राय से बहुत सहमत हूं कहते हैं कि चलो मान लेते हैं चाय बेचना कोई मजबूरी नहीं होगी तो चाय बेचता था उसे अपनी और अपने परिवार की चिंता थी सिर्फ उसकी ख्वाहिश है छोटी थी कम ठीक हो ऐसे लेकिन जैसे ही मैं नाम तो खैर नहीं लूंगा आज आपके जैसा आपने कोड वर्ड का पूछा कि मैं भी आपको कोड में जवाब दूंगा कि अब वह शख्स एक बहुत ऊंचे ओहदे पर पहुंच गया है और जैसे कि आपने कहा है कि वह इस समय देश भी भेज रहा है तो वाक्य में देश बेच रहा है और इस समय उसकी जो ख्वाहिश है वह बहुत बड़े लेवल पर है जिस पर चाय बेचता था उस वक्त उसे सिर्फ अपना और अपने परिवार का पेट पालना था लेकिन अब वह देश बेच रहा है और एक ऊंचे ओहदे पर है तो अब वह अपनी आने वाली 14 पीढ़ियों को सुरक्षित करना चाहता है का जो लालच है वह बढ़ गया है उसका जो लक्ष्य है वह बढ़ गया है जैसे-जैसे यह कसूर है जिंदगी का जैसे जैसे आप जीवन में जवाब छोटे लेवल पर कार्य करते हैं कम पैसा कमाते हैं कम आमदनी करते तो आप के खर्चे भी उसी प्रकार होते हैं लेकिन जैसे-जैसे आप अपने जीवन में आगे बढ़ते जाएंगे मुझे वह दे पर आएंगे बढ़िया कार्य करेंगे अच्छा काम करने लग जाएंगे आमदनी बढ़ जाएगी तो हिसाब से आपके खर्चे भी बढ़ जाएंगे तो यह तो जिंदगी का एक असूल है दोस्त और वही असूल वह आदमी अपना रहा है कि उसका आर्डर बड़ा है और उसकी आमदनी बढ़ी है तो जाहिर बातों से खर्चे भी बड़े होंगे तो उस हिसाब से कुछ चल रहा है इसीलिए को देश बेच रहा है धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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1:27
नमस्कार आपका सवाल है कि सरकारी एग्रीमेंट के कागजों में चल अचल संपत्ति जैसे वाक्य से क्या तात्पर्य है सरकारी एग्रीमेंट के जो कागज होते हैं उसमें कई बार क्या होता है ऐसे शब्द यूज किए जाते हैं कि मैं उसको अपनी चल अचल संपत्ति से बेदखल करता हूं यार जो मेरी कई लोग वसीयत कर्ता है कि मेरे मरने के बाद मेरी चल अचल संपत्ति जो है उसका मालिक ही होगा उसका वारिस यह होगा बाकी चल अचल संपत्ति का मतलब मैं आपको समझा देता हूं और यह दोनों अलग-अलग शाम तक चल संपत्ति वह होती है जो कष्ट होता है गोल्ड होता है उसे हम कहते चल संपत्ति जो नकद हम लेकर चलते हैं पैसा हर जगह चलता है गोल्ड हर जगह चलता है और बांड वगैरह होगा इससे कुछ कागज के प्रॉपर्टी के कागज को गाढ़ा हो गए इसे हम कैसे चल संपत्ति और अचल संपत्ति होती है जो अपनी जगह से हिलती नहीं है जैसे कि मकान हो गया बिल्डी मोबाइल ऑफिस हो गए इसको हम लोग कहते अचल संपत्ति या जैसे कुछ ऐसी चीजें हो गई जो अपनी जगह से हिल नहीं सकती उनको आप हटा नहीं सकते उसको हम कहते अचल संपत्ति चल और अचल संपत्ति में थोड़ा सा फर्क है और यह दोनों शब्द इसीलिए मिला कि उसकी जाते कि जब वसीयतनामा बनता है या किसी को संपत्ति से बेदखल किया जाता है तो यह दोनों शब्दों का प्रयोग कहां किया जाता है धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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क्यों स्टूडेंट सरकारी नौकरी की तैयारी कर के अपना जीवन बर्बाद कर रहा है?Kyon Student Sarkari Naukri Ki Taiyari Kar Ke Apna Jeevan Barbad Kar Raha Hai
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नमस्कार आपका सवाल है कि क्यों स्टूडेंट सरकारी नौकरी की तैयारी करके अपना जीवन बर्बाद कर रहा है देखिए आप थोड़ा सा गलतफहमी के शिकार हैं जहां तक मैं समझता हूं आपने एक शब्द यूज करा की जीवन बर्बाद कर रहा है देखिए बर्बाद नहीं कर रहा हूं वह कोशिश कर रहा है आप उसे बर्बाद नहीं कर सकते कोशिश कर रहा है अगर उसका सरकारी नौकरी लग जाती है वह सफल हो जाता तो वह अपना और अपने परिवार का जीवन बहुत खुशहाल बना सकता है अब यह जरूरी नहीं है कि सरकारी यह आप मत सोचिए कि सरकारी नौकरी लगेगी ही नहीं या लग जाएगी यह आप कभी भी अपनी तरफ से परिणाम मत निकालिए और सरकारी नौकरी क्या ऐसे तो आप किसी भी चीज के लिए बोल सकते हैं कि कोई काम हो ही नहीं सकता लेकिन कोशिश करना सब का फर्ज है और सब की ईमानदारी की बनती है कोशिश करना चाहिए अगर कोई काम काम करना चाहते हैं हमारा एक लक्ष्य है तो हमें कोशिश करनी चाहिए अगर हम कोशिश करेंगे तभी तो लक्ष्य प्राप्त होगा अभी हमारी किस्मत है या सट्टा किंग हमारी कोशिश में कमी रह जाए कि हम अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाते तो यह अलग बात है लेकिन हम उसे बर्बाद करना नहीं कह सकते यहां थोड़ा सा गलत है श्रीमान अपने प्रश्न को थोड़ा ठीक कीजिए और उम्मीद करता हूं जवाब अच्छा लगेगा धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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भारत में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी किस राज्य के लोग करते हैं?Bharat Mein Sabse Jyada Sarkari Naukri Kis Rajya Ke Log Karte Hain
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0:58
नमस्कार आपका सवाल है कि भारत में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी किस राज्य के लोग करते हैं इस सवाल का जवाब देना मैं समझता हूं मुश्किल है क्योंकि आजकल सरकारी नौकरी जो है वह हर स्टेट में है और हर स्टेट के लोग करते हैं हर राज्य के लोग करते हैं अब यह बताना तो कोई ऐसे आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं है कि किस राज्य के लोग सरकारी नौकरी ज्यादा करते हैं मैंने नेट पर भी सर्च किया लेकिन इस बात का पता नहीं लग पाया तो यह सवाल का जवाब देना मुश्किल है बाकी जहां तक मैं समझता हूं मैं अपनी निजी जानकारी के तौर पर आपको कह सकता हूं कि बिहार और यूपी के लोग जो हैं वह उत्तर प्रदेश के जो लोग हैं उन्हें सरकारी नौकरी आपको ज्यादा मिलेगी मगर सरकारी नौकरी ज्यादा मिलेंगे जहां तक मेरी जानकारी के लिए जानकारी कोई नेट पर से नहीं लिया या कोई विश्वसनीय जानकारी नहीं है यह सिर्फ मैं आपको अपना अंदाजा बता रहा हूं धन्यवाद

#भारत की राजनीति

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बाज़ार में अनेक प्रकार की मजदूरी दरें क्यों प्रचलित होती हैं ?Bajar Mein Anek Prakar Ki Majduri Dare Kyun Prachalit Hoti Hain
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1:43
सर आपका सवाल है कि बाजार में अनेक प्रकार की मजदूरी दरें क्यों प्रचलित होती हैं अच्छा सवाल है दोस्त आपका लिखिए बाजार में जो मजदूरी दर में प्रचलित होती है वह अलग अलग लोगों द्वारा निर्धारित की जाती है जैसे कि ड्राइवर की मजदूरी रोज की ₹400 ₹500 ₹300 ऐसे है अब वह तो मालिक के द्वारा जो मालिक नौकरी देता है वह निर्धारित करता है और अगर किसी को अच्छा लगता है कोई सोचता है क्या मेरा को परखा जाएगा मतलब मेरे को अच्छा अभी तो ठीक लगेगा तो नौकरी करने को तैयार होता है और कोई नौकरी ढूंढने की कोशिश करता है तो यह सब चीज है जो है मजदूरी दरों का झोपड़ा क्या अंतर है यह सब बाजार के द्वारा ही निर्धारित किया जाता है लेकिन आपका सवाल बहुत अच्छा लगा और इस बारे में मैं अपनी राय देना चाहूंगा भारत सरकार को कि देखिए जैसे कि आपने वन इंडिया वन राशन कार्ड बनाया काफी सारी चीजें आपने ऐसी की है कि एक राशन कार्ड हो गया या एक आधार कार्ड हो गया वह हर जगह मान्य उसी प्रकार पूरे भारत में भी एक कानून बनना चाहिए कि एक ही मजबूरी बराबर की सबको मिलनी चाहिए चाहे वह कोई भी राज्य कोई भी स्टेट हो कोई भी दिलाओ मजदूरी सब की समान होनी चाहिए हां योग्यता अनुसार में जो भी होनी चाहिए लेकिन मजबूरी समान होनी चाहिए अगर दिल्ली में ड्राइवर को ₹400 प्रतिदिन मिल रहा है तो वही वेतन मुंबई में बेंगलुरु में बिहार में मध्यप्रदेश में या जितने भी भारत के राज्य और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए नहीं है कि मुंबई में ड्राइवर को 300 मिल रहे हैं ड्राइवर को 500 मिल रहे हैं और दिल्ली में 400 मंत्रालय भारत सरकार को इस विषय में ध्यान देने और काम करने की जरूरत है धन्यवाद

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नमस्कार आपका सवाल है कि क्या सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त व्यक्ति द्वारा नौकरी में रहते हुए जिसने भ्रष्टाचार किया था उसकी जांच अब भी हो सकती है जी हां बिल्कुल होगी और हो सकती है कानून सबके लिए बराबर है आप चाहे वह व्यक्ति नौकरी से रिटायर हो गया लेकिन उसने क्राइम तो किया ना उसने अपराध तो करा ही भ्रष्टाचार किया उसने रिश्वत ली और अगर यह बात साबित हो जाती है तो बेशक को नौकरी से रिटायर हो गए लेकिन उसकी सजा उसे मिलेगी और मिलनी चाहिए क्योंकि उसने एक सरकारी नौकरी में अपनी पोजीशन का गलत फायदा उठाया उसने किसी व्यक्ति की मजबूरी का फायदा उठाया तो यह सब चीजें जो है मेरी नजर में और मेरी नजर में क्या समाज की नजर में एक तरह से क्राइम ही माना जाता है और अगर उसकी वह अपराध साबित हो जाता है यदि साबित हो जाते के यहां वाकई में उसे नौकरी में रहते हुए रिश्वत ली थी और वह किस कारण ली थी और किससे ली थी कितनी लेती है सच्ची जाकर साबित हो जाती है तो उसको सजा मिल रही बिल्कुल निश्चित है और मिलेगी इस बात का कोई मायने नहीं रखता कि वह रिटायर हो गई और अब उसने नौकरी छोड़ दी ऐसा कुछ नहीं है धन्यवाद

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नमस्कार आपका सवाल है कि क्या आपको लगता है कि सेना के जवानों को भी सांसदों के समान वेतन और भत्ता और भारत सरकार द्वारा दिया जाता है जो चाहिए आपका सवाल अच्छा है और आपने बहुत अच्छी बात उठाई है लेकिन आप जो कहना चाह रहे हैं ना वह पॉसिबल नहीं है क्योंकि जो सांसद होता है उसका वेतन सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है संविधान के अनुसार निर्धारित किया जाता है और जो जवान हैं सेना के उनका वेतन जो है वह मंत्रालय के द्वारा निर्धारित किया जाता है जो रक्षा मंत्रालय हैं वह लोग निर्धारित करते हैं वह आ जाऊं पर अफसर बैठे हुए वह सब चीज सोच समझ कर के ही संस्कार सेना के जवानों का वेतन तय करते हैं तो यह सब चीजें थोड़ा सा अभी मुश्किल है और कभी हो भी नहीं पाएंगे लेकिन हां आपकी बात अच्छी लगी और आपने बहुत अच्छी बात कही है तो मैं आप के समर्थन में यह बात जरूर कहूंगा कि सेना के जवानों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जानी चाहिए और खुद आना का शायद ही कोई जवान वतन पर शहीद हो जाता है माली जी फौजी बॉर्डर पर लड़ते लड़ते शहीद हो जाता है तो उसको इतना पैसा दे दिया जाए या उसकी इतनी सहायता कर दी जाए कि उसके घर वाले मतलब उसके घरवालों को बहुत अच्छा पैसा मिलना चाहिए उसके घरवालों की इतनी सहायता कर देनी चाहिए कि उसके घर वाले उसकी कमी को थोड़ा कम महसूस कर सके या महसूस ही ना कर पाए यह जरूर होना चाहिए और सेना के जवानों की वेतन अच्छा होना चाहिए उनको भरते भी अच्छे मिलने चाहिए सरकारी कर्मचारियों को भी बराबर उनको वेतन मिलना चाहिए सरकारी कर्मचारियों के बराबर जो सुविधाएं मंत्रालयों में बैठे हुए चपरासी को या उनको मिलती है लिपिक वगैरह को करो जो कर्म फल अंगारा होते हैं उनको मिलते हैं वह शिव सेना के जवानों को भी चाहिए यह बात आपकी बिल्कुल जायज है उम्मीद करता हूं जवाब अच्छा लगेगा मुझे सब्सक्राइब कीजिए धन्यवाद

#मनोरंजन

nav kishor aggarwal Bolkar App
Top Speaker,Level 11
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1:39
नमस्कार आपका सवाल है कि चंद पैसों के लिए अभिनय के नाम पर अंग प्रदर्शन करने वाली अभिनेत्रियों के लिए आप क्या कहेंगे अच्छा सवाल है आपका दोस्त लिखिए मानते हैं क्या आजकल जितनी भी लड़कियां फिल्म इंडस्ट्री में आ रही है ज्यादातर अंग प्रदर्शन करती है ग्लैमर दिखाती हैं यहां बोर्ड से बोल्ड सीन करने को गंदे से गंदे सीन करने को तैयार रहती हैं और करती भी है तो यह अच्छी बात नहीं है समाज के लिए बहुत खतरा है और उसमें समझता हूं आज की डेट में जितने सेक्सुअल क्राइम हो रहे हैं आपने देखा होगा ट्रिप बढ़ते जा रहे हैं लोगों की मानसिकता बदलती जा रही है लड़कियों की मानसिकता बदल रही है लड़कों की मानसिकता बदल रही है और इससे हमारे समाज पर गलत प्रभाव पड़ रहा है यह सब चीज गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए इन सब चीजों को रोकना चाहिए और इन सब चीजों को रोकने के लिए सेंसर बोर्ड बनाया गया लेकिन आजकल क्या करें सब आपको पता है भारत देश है भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर है हर तरफ से ऐसा चलता है और सेंसर बोर्ड में भी काफी व्यक्ति ऐसे हैं जिनको पैसा खिला दिया जाता है और फिर वह ऐसे इधर से फोन नहीं काटते हैं सचिन को नहीं काटते हैं और वह पास हो जाती है फिल्म में ज्यादा क्या करते हैं उनके आगे ए ग्रेट लिख देते हैं लेकिन एक मिनट लिखने से क्या होता है एक बार देखने के बाद भी मैंने देखा है कि जिनकी ये सब देखने के लिए वह भी जाते हैं फिल्में देखने और आजकल फिल्में देखने जाते ही कौन आजकल तो मोबाइल पर इंटरनेट पर फिल्म आसानी से उपलब्ध है तो यह सब चीजें जो है हमारे समाज को बिगाड़ रही है पुराने जमाने में भी अश्लीलता दिखाते थे बोलना सिखाते थे लेकिन एक लिमिट तक वहां थोड़ा संस्कार बचा हुआ था आजकल तो मैं देख रहा हूं संस्कार और इज्जत तो बिल्कुल खत्म हो गई है युवा तो बिल्कुल खत्म तो बिल्कुल बिगड़ते जा रहे हैं धन्यवाद
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