#रिश्ते और संबंध

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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
3:57
मेरी पत्नी बार-बार मुझे अहसास करवाती है कि मैं दिखने में अच्छा नहीं हूं मैं काफी ऑफ दांत होते जा रहा हूं क्या करूं जो पीड़ा से आप गुजर रहे हैं उस पीड़ा से बहुत सारे लोग गुजरते हैं चाहे वह महिलाएं हो या पुरुष हों क्योंकि उनका जो पाटनर है अब वह सिर्फ बाहरी रूप रंग पर ध्यान दे रहा है यही नहीं देख रहा है कि उस इंसान के गुण क्या है उस इंसान के अंदर क्या काबिलियत है और वह कितना ब्यूटीफुल ह्यूमन बीइंग ए दूसरे इंसान को इंसान के जैसे नहीं देखता है कि शरीर के रूप में देखता है तो फिर उसके लिए यही सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है कि वह दिखता कहते हैं क्योंकि शायद वह अपने लोगों में अपने सर्किल में एक शेखी बघारना चाहता है वह चाहता है कि मेरा जो है लोगों को तो चले और चिड़िया और गुरूर है यह उसका दोस्त को एक करने और सोचने पर मजबूर करता है इसका सॉल्यूशन क्या है वह मैं आपको बताना चाहूंगी सॉल्यूशन का यह है कि सामने वाले को तो आप तुरंत बदल नहीं सकते हो और वह सिर्फ और सिर्फ भारी रूपम को दे रहा है तवज्जो दी उसका प्रॉब्लम है या आपका नहीं है आप अपने आप में संपूर्ण है और एक ऐसे व्यक्ति हैं कि ऐसी शख्सियत है जिसके अंदर बहुत सारी और जो सफल इंसान है आपका सफल होना आपके एक अच्छा इंसान होना आपके दिखा दिखावा जो आप जैसे दिखते हैं उस पर निर्भर नहीं करता है जिस दिन आपके अंदर विश्वास भर जाएगा और आप अपनी पर्सनालिटी पर गर्व करेंगे और आपको यकीन हो जाएगा कि आप संपूर्ण इंसान हैं आप में कोई कमी नहीं है हर इंसान के अंदर एक उसकी प्रति में कुछ चीजें ऐसी होती है जिसमें संभावनाएं होती हैं आत्मा विकास वह तो हमेशा रहती है और उसके लिए हमें प्रेरित रहना है वह हमें अपने अंदर बदलाव लेकर आने हैं उसकी बात में नहीं कर रही हूं लेकिन मैं इमोशनल भावनात्मक रूप से आप अपने बारे में क्या सोचते हैं क्या महसूस करते हैं उसकी बात कर रही हूं आप खुद में अगर संपूर्ण महसूस करते हैं खुद को बेहतर पाते हैं अच्छा इंसान समझते हैं तो फिर आपका पूरा जो एटीट्यूड है रवैया है वह बदल जाता है जब आपके एटीट्यूड में पॉजिटिविटी रहेगी तो सामने वाला कुछ भी कहे गया भोले को उसके आपको फर्क नहीं पड़ेगा और जितना आप फर्क नहीं पड़ेगा अपने आप में रहेंगे उतना सामने वाले को भी यह जो तलब लगी है आपको नीचा दिखाने की यह बताने की या जताने की क्या आप अच्छे नहीं दिखते हो धीरे-धीरे घटने लगेगी फोकस हमेशा इसकी सो रखी कि आपकी क्या हाईलाइट है जैसे आप इंस्टाग्राम में उन स्टोरीज को हाईलाइट करते हैं ऑनलाइन मार्क्स को हाईलाइट करते हैं जो आपके महत्वपूर्ण है जिन्हें आप बताना दिखाना चाहते हो ऐसे ही हमारी पर्सनालिटी में कुछ हमारी हाईलाइट छुट्टी है कुछ अच्छी चीज में होती है कुछ हमारे गुण होते हैं उनका ही हमको प्रदर्शन करना चाहिए सबसे पहले इंसान के सामने वह रखना चाहिए और के लिए का मतलब यह नहीं है कि आप मुझसे कि भगा रहे या फिर अपने अच्छे अच्छे गुणों का व्याख्यान करें वह नहीं बोल रही हूं मैं मेरा कहने का मतलब है कि यह आपके व्यवहार में झांकना चाहिए था आपका व्यवहार आकर्षण में है आप अंडरस्टैंडिंग रखते हो आप सॉफ्ट स्पोकन हो आप एक समझदार इंसान हो तो आपके व्यवहार में यही चीज रखनी चाहिए और जितना ज्यादा कॉन्फिडेंट रहोगे self-esteem आपका ही रहेगा आपके व्यवहार में भी वह झलकता है तो इमोशनल पर काम करना है हमको इमोशंस जैसे हमारे स्ट्रांग हो जाते हैं मंदिर से सुदृढ़ हो जाती हमारे अतीत का निर्माण होता है तो बाहर से अपने आप ही हमारे व्यवहार में वह चीजें आ जाती हमें अपने बारे में बताने की एक्सप्लेनेशन देने की जरूरत नहीं पड़ती है जितना स्ट्रांग आपकी पर्सनालिटी रहेगी उतना ओवर पावर आप दूसरे को कर पाओगे और यहां यह मैटर करता ही नहीं है कि आप अधिक से कैसा है धन्यवाद
Meree patnee baar-baar mujhe ahasaas karavaatee hai ki main dikhane mein achchha nahin hoon main kaaphee oph daant hote ja raha hoon kya karoon jo peeda se aap gujar rahe hain us peeda se bahut saare log gujarate hain chaahe vah mahilaen ho ya purush hon kyonki unaka jo paatanar hai ab vah sirph baaharee roop rang par dhyaan de raha hai yahee nahin dekh raha hai ki us insaan ke gun kya hai us insaan ke andar kya kaabiliyat hai aur vah kitana byooteephul hyooman beeing e doosare insaan ko insaan ke jaise nahin dekhata hai ki shareer ke roop mein dekhata hai to phir usake lie yahee sabase jyaada importent ho jaata hai ki vah dikhata kahate hain kyonki shaayad vah apane logon mein apane sarkil mein ek shekhee baghaarana chaahata hai vah chaahata hai ki mera jo hai logon ko to chale aur chidiya aur guroor hai yah usaka dost ko ek karane aur sochane par majaboor karata hai isaka solyooshan kya hai vah main aapako bataana chaahoongee solyooshan ka yah hai ki saamane vaale ko to aap turant badal nahin sakate ho aur vah sirph aur sirph bhaaree roopam ko de raha hai tavajjo dee usaka problam hai ya aapaka nahin hai aap apane aap mein sampoorn hai aur ek aise vyakti hain ki aisee shakhsiyat hai jisake andar bahut saaree aur jo saphal insaan hai aapaka saphal hona aapake ek achchha insaan hona aapake dikha dikhaava jo aap jaise dikhate hain us par nirbhar nahin karata hai jis din aapake andar vishvaas bhar jaega aur aap apanee parsanaalitee par garv karenge aur aapako yakeen ho jaega ki aap sampoorn insaan hain aap mein koee kamee nahin hai har insaan ke andar ek usakee prati mein kuchh cheejen aisee hotee hai jisamen sambhaavanaen hotee hain aatma vikaas vah to hamesha rahatee hai aur usake lie hamen prerit rahana hai vah hamen apane andar badalaav lekar aane hain usakee baat mein nahin kar rahee hoon lekin main imoshanal bhaavanaatmak roop se aap apane baare mein kya sochate hain kya mahasoos karate hain usakee baat kar rahee hoon aap khud mein agar sampoorn mahasoos karate hain khud ko behatar paate hain achchha insaan samajhate hain to phir aapaka poora jo eteetyood hai ravaiya hai vah badal jaata hai jab aapake eteetyood mein pojitivitee rahegee to saamane vaala kuchh bhee kahe gaya bhole ko usake aapako phark nahin padega aur jitana aap phark nahin padega apane aap mein rahenge utana saamane vaale ko bhee yah jo talab lagee hai aapako neecha dikhaane kee yah bataane kee ya jataane kee kya aap achchhe nahin dikhate ho dheere-dheere ghatane lagegee phokas hamesha isakee so rakhee ki aapakee kya haeelait hai jaise aap instaagraam mein un storeej ko haeelait karate hain onalain maarks ko haeelait karate hain jo aapake mahatvapoorn hai jinhen aap bataana dikhaana chaahate ho aise hee hamaaree parsanaalitee mein kuchh hamaaree haeelait chhuttee hai kuchh achchhee cheej mein hotee hai kuchh hamaare gun hote hain unaka hee hamako pradarshan karana chaahie sabase pahale insaan ke saamane vah rakhana chaahie aur ke lie ka matalab yah nahin hai ki aap mujhase ki bhaga rahe ya phir apane achchhe achchhe gunon ka vyaakhyaan karen vah nahin bol rahee hoon main mera kahane ka matalab hai ki yah aapake vyavahaar mein jhaankana chaahie tha aapaka vyavahaar aakarshan mein hai aap andarastainding rakhate ho aap sopht spokan ho aap ek samajhadaar insaan ho to aapake vyavahaar mein yahee cheej rakhanee chaahie aur jitana jyaada konphident rahoge sailf-aistaiaim aapaka hee rahega aapake vyavahaar mein bhee vah jhalakata hai to imoshanal par kaam karana hai hamako imoshans jaise hamaare straang ho jaate hain mandir se sudrdh ho jaatee hamaare ateet ka nirmaan hota hai to baahar se apane aap hee hamaare vyavahaar mein vah cheejen aa jaatee hamen apane baare mein bataane kee eksapleneshan dene kee jaroorat nahin padatee hai jitana straang aapakee parsanaalitee rahegee utana ovar paavar aap doosare ko kar paoge aur yahaan yah maitar karata hee nahin hai ki aap adhik se kaisa hai dhanyavaad

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3:57
भारत में अंग्रेजी प्रयोग बढ़ने के क्या कारण हैं क्या यह समस्या है अगर समस्या है तो समाधान क्या है तो एक-एक करके प्रश्नों का उत्तर देते हैं पहला प्रश्न है कि कारण क्या है इसके प्रयोग के बढ़ने के कारण यह है कि अंग्रेजी एक ऐसी भाषा है जो पूरे विश्व भर में बोली जाती है और भारत जैसे जैसे अपनी व्यापकता दिखा रहा है जिस तरह से ग्लोबल विलेज में हम एक बहुत महत्वपूर्ण रोल प्ले कर रहे हैं अंग्रेजी का काफी उसमें महत्व हो जाता है क्योंकि इस्तेमाल की जाने वाली या बहुत अधिक मात्रा में बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है और आप देखोगे कि आप किसी दूसरे स्टेट में जाते हो भारत के ही जहां कि आपको भाषा नहीं आती है लेकिन अगर अंग्रेजी आती है तो आप सरवाइव कर लेते हो जैसे साउथ इंडिया में अगर आप हिंदी का इस्तेमाल करेंगे तो बहुत से लोग आपको नहीं समझ पाएंगे लेकिन अगर अंग्रेजी में आप बात कर पाते हैं तो आप सरवाइव कर लेते हैं ऐसे ही हम देखते हैं कि जब हम किसी जॉब में हैं एक हम पॉप कल्चर है तो वह भी अंग्रेजी को प्रमोट कर रहा है मीडिया प्रमोट कर रहा है और यहां तक कि जो सरकारी दफ्तर है वहां पर भी बहुत ज्यादा अंग्रेजी का उपयोग होता है डॉक्यूमेंटेशन में और आप देखो कोर्ट के अंदर यूज होता है तो एक इंग्लिश को ऐसी लैंग्वेज समझ समझा जा रहा है कि जो सबको समझ में आती है वास्तविकता से कहीं दूर है आज भी बहुत बड़ी जनसंख्या है भारत की जो अंग्रेजी से उतनी ही ज्यादा अच्छे तो उसको नहीं आती है उतना वैल्यू नहीं है और यही कारण है कि उनको यह समस्या लगती है क्योंकि समस्या तभी लग रही है क्योंकि वह उसको अच्छे से कम नहीं कर पा रहे हैं अच्छे से उसको उस अपनी महारत हासिल कर पा रहे और उसका कारण यह है कि आप बहुत सारे सरकारी स्कूलों में या संगठनों में शुरुआत से ही बचपन से ही अंग्रेजी नहीं पढ़ाई जाती है छुट्टी के बाद पढ़ाई जाती है कोई भी भाषा जो है वह मुश्किल नहीं है और समस्या नहीं है अगर उसको बहुत ही बेसिक तरीके से और बहुत ही शुरुआती दौर से पढ़ाई जाए जिन बच्चों को बिल्कुल नर्सरी से इंग्लिश पढ़ाई जा रही है आप देखोगे कि उनको अंग्रेजी अच्छी आती है और इतना प्रॉब्लम नहीं आता है प्रॉब्लम उन्हीं लोगों को हिंदी मीडियम में भाषा सिर्फ अपने विचारों को व्यक्त करने का एक माध्यम है और अगर कोई कॉन्फिडेंट है और यह काबिलियत रखता है कि वह अलग-अलग भाषाएं सीख पाए तो फिर अंग्रेजी क्या किसी भी भाषा को सकता है और इंडियंस के अंदर यह काबिलियत देखी गई है कि वह मल्टीलेंग्वेज बोलने के जिसको पॉलिग्लॉट्स कहते हैं बहुत ज्यादा पाए जाते हैं और बहुत जल्दी एडजस्ट नहीं कर लेते नहीं लैंग्वेज में मुश्किल नहीं है आसान है अगर हमने सही दिशा में सही प्रयत्न किया तो और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है तो समाधान यही है कि समझने की कोशिश करें कि किस तरह से अंग्रेजी का इस्तेमाल जो है वह बहुत ज्यादा है इसीलिए उसका आना बहुत जरूरी है और ज्यादा इसीलिए तू खुद को अगर आप एक विश्व का प्राणी समझते हैं सिर्फ एक गांव का या सिर्फ एक शहर का यह देश का नहीं समझते हैं तो आप इस बात को जरूर समर्थन करेंगे कि हमको भाषा को किसी एक पार्टिकुलर रीजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए क्षेत्र तक सीमित नहीं रखना चाहिए और उसको हमें लिखने में कोई पर एक भी नहीं होना चाहिए जैसे अभी मेरा पूरा दोबारा से ही सुनेंगे अगर ऑडियो तो मैं खुद पूरी तरह से हिंदी में नहीं बात कर पा रही हूं मैंने बहुत सारे अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग किया शब्द घुल मिल गए हैं और हम उसको यूज कर लेते हैं आ गए हैं हमको समझ में आ गए हैं पेपर पढ़ा क्या तो पेपर अंग्रेजी का शब्द है हिंदी का नहीं हम इसको हिंदी में ऐसे सवाल करते हैं जैसे कि हिंदी का ही हूं जितना आप अपना लेंगे किसी को इतना वह आपका अपना हो जाता है धन्यवाद
Bhaarat mein angrejee prayog badhane ke kya kaaran hain kya yah samasya hai agar samasya hai to samaadhaan kya hai to ek-ek karake prashnon ka uttar dete hain pahala prashn hai ki kaaran kya hai isake prayog ke badhane ke kaaran yah hai ki angrejee ek aisee bhaasha hai jo poore vishv bhar mein bolee jaatee hai aur bhaarat jaise jaise apanee vyaapakata dikha raha hai jis tarah se global vilej mein ham ek bahut mahatvapoorn rol ple kar rahe hain angrejee ka kaaphee usamen mahatv ho jaata hai kyonki istemaal kee jaane vaalee ya bahut adhik maatra mein bolee jaane vaalee bhaasha ban chukee hai aur aap dekhoge ki aap kisee doosare stet mein jaate ho bhaarat ke hee jahaan ki aapako bhaasha nahin aatee hai lekin agar angrejee aatee hai to aap saravaiv kar lete ho jaise sauth indiya mein agar aap hindee ka istemaal karenge to bahut se log aapako nahin samajh paenge lekin agar angrejee mein aap baat kar paate hain to aap saravaiv kar lete hain aise hee ham dekhate hain ki jab ham kisee job mein hain ek ham pop kalchar hai to vah bhee angrejee ko pramot kar raha hai meediya pramot kar raha hai aur yahaan tak ki jo sarakaaree daphtar hai vahaan par bhee bahut jyaada angrejee ka upayog hota hai dokyoomenteshan mein aur aap dekho kort ke andar yooj hota hai to ek inglish ko aisee laingvej samajh samajha ja raha hai ki jo sabako samajh mein aatee hai vaastavikata se kaheen door hai aaj bhee bahut badee janasankhya hai bhaarat kee jo angrejee se utanee hee jyaada achchhe to usako nahin aatee hai utana vailyoo nahin hai aur yahee kaaran hai ki unako yah samasya lagatee hai kyonki samasya tabhee lag rahee hai kyonki vah usako achchhe se kam nahin kar pa rahe hain achchhe se usako us apanee mahaarat haasil kar pa rahe aur usaka kaaran yah hai ki aap bahut saare sarakaaree skoolon mein ya sangathanon mein shuruaat se hee bachapan se hee angrejee nahin padhaee jaatee hai chhuttee ke baad padhaee jaatee hai koee bhee bhaasha jo hai vah mushkil nahin hai aur samasya nahin hai agar usako bahut hee besik tareeke se aur bahut hee shuruaatee daur se padhaee jae jin bachchon ko bilkul narsaree se inglish padhaee ja rahee hai aap dekhoge ki unako angrejee achchhee aatee hai aur itana problam nahin aata hai problam unheen logon ko hindee meediyam mein bhaasha sirph apane vichaaron ko vyakt karane ka ek maadhyam hai aur agar koee konphident hai aur yah kaabiliyat rakhata hai ki vah alag-alag bhaashaen seekh pae to phir angrejee kya kisee bhee bhaasha ko sakata hai aur indiyans ke andar yah kaabiliyat dekhee gaee hai ki vah malteelengvej bolane ke jisako poliglots kahate hain bahut jyaada pae jaate hain aur bahut jaldee edajast nahin kar lete nahin laingvej mein mushkil nahin hai aasaan hai agar hamane sahee disha mein sahee prayatn kiya to aur koshish karane vaalon kee kabhee haar nahin hotee hai to samaadhaan yahee hai ki samajhane kee koshish karen ki kis tarah se angrejee ka istemaal jo hai vah bahut jyaada hai iseelie usaka aana bahut jarooree hai aur jyaada iseelie too khud ko agar aap ek vishv ka praanee samajhate hain sirph ek gaanv ka ya sirph ek shahar ka yah desh ka nahin samajhate hain to aap is baat ko jaroor samarthan karenge ki hamako bhaasha ko kisee ek paartikular reejan tak seemit nahin rakhana chaahie kshetr tak seemit nahin rakhana chaahie aur usako hamen likhane mein koee par ek bhee nahin hona chaahie jaise abhee mera poora dobaara se hee sunenge agar odiyo to main khud pooree tarah se hindee mein nahin baat kar pa rahee hoon mainne bahut saare angrejee shabdon ka prayog kiya shabd ghul mil gae hain aur ham usako yooj kar lete hain aa gae hain hamako samajh mein aa gae hain pepar padha kya to pepar angrejee ka shabd hai hindee ka nahin ham isako hindee mein aise savaal karate hain jaise ki hindee ka hee hoon jitana aap apana lenge kisee ko itana vah aapaka apana ho jaata hai dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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इन दिनों में महिलाओं में एंग्जाइटी की समस्या बढ़ने के क्या कारण है?In Dinon Mein Mahilaon Mein Anxiety Ki Samasya Badhne Ke Kya Karan Hai
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3:02
इन राइटिंग की समस्या आज कल 3:00 के अंदर जो है हम देख रहे हैं बढ़ रही है और इन राइटिंग भी कई तरह की होती है उसमें सी वेराइटी भी होती है कम दादा काफी तरह की रहती है और अलग-अलग उसके जीजा हो सकते हैं खासतौर पर महिलाओं पर महिलाओं में हम देखने आजकल बढ़ रही है इंक्वायरी तो सबसे पहले तो मुझे ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया का जो पर एक संजय की सभी की जिंदगी सभी के नजरों में आ गई है और एक अच्छा प्रदर्शन करना खुद को नंबर साबित करना और सब कामों में दक्ष होना यह बहुत एक प्लेटफार्म एक अपेक्षा हो गई है अगर कोई व्यक्ति उसको खरा नहीं उतरता है तो उसको भी बुरा लगता है और लोग भी उसको कॉल कर दें इसके अलावा हम देखते हैं कि मॉम चेंज होते हैं मगर शादी कब की बात करें तो भी जल्दी जल्दी घबरा जाता है इंसान उसमें लाइट होने लगती है तो महिलाओं में जैसे हम देखते हैं कि 45 वर्ष के फोन मॉडल चेंज हो जाए तो वह भी हैकिंग साइटिका कारण हो सकते हैं दूसरा की जो फैमिली के अंदर ही यह प्रॉब्लम है पहले से तो हो सकता है इस वजह से उनको हो रही हूं यह दिक्कत कभी-कभी ऐसा होता है कि हमारे परिवेश में कोई स्ट्रेस स्ट्रेस मतलब ऐसी चीजें जो हमें कोई ऐसी घटनाएं हो सकती हैं कोई ऐसे लोग हो सकते हैं जिनसे हम को एक बेटी होती है हम टेंशन में आ जाते हैं परेशान हो जाते हैं तो कभी-कभी रिश्तो के अंदर हमें कई ऐसे अभी उसका सामना करना पड़ता है न्यूजमीटर सेक्सुअल हो या फिर फिजिकल हो ऐसा जरूरी नहीं है इमोशनल एब्यूज भी होता है किसी को नहीं क्लिक करना उसकी बात ना सुनना उस की अपेक्षा करना आवेला करना इस सेविंग लाइट को और अगर कोई ऑटोमेटिक इवेंट हुआ है कोई सेक्सुअल एसॉल्ट है या कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई है कोई इलनेस है जो महिला को है या अगर हम देखते हैं कि एनीमेशन का केस है तो बाय आईटी अपने आप साथ में नहीं रहती हैं बहुत सारे डिसऑर्डर्स के साथ बहुत सारी बीमारियों के साथ भी जुड़ी हुई है हमारे आसपास के लोगों के साथ भी जुड़ी हुई है कि वह हमसे कैसा व्यवहार करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण है जो मुझे लगता है कि इंसान खुद को क्या समझता है कुछ के बारे में क्या उसे सोचता उसकी सेल्फी में जो है वह भी बहुत बड़ा कारण है मेरे हिसाब से जो इन राइटिंग बढ़ रही है आज राइटिंग जिस कांटेक्ट में आ जा रहे हैं आप को यही है कि इतनी ज्यादा अपेक्षाएं हैं महिलाओं से आजकल कि वह गांधी कार्यभार भी संभाल ले अपने पूरे व्यक्तित्व को भी नहीं खा रहे हैं कि वह कभी कभी उसको मुझे पैरामीटर को मीट नहीं कर पाई थी जिस वजह से एक बेटी होती है और कंपटीशन करना कांस्टेंट कंपेयर करते रहना खुद को दूसरों के साथ यह भी एक कारण है एक बेटी का तो कारण कुछ भी हो सकते हैं हम अगर अच्छी सोच रखते हैं अपना लाइफ स्टाइल रखते हैं तो हम बहुत हद तक एक्साइटेड धन्यवाद
In raiting kee samasya aaj kal 3:00 ke andar jo hai ham dekh rahe hain badh rahee hai aur in raiting bhee kaee tarah kee hotee hai usamen see veraitee bhee hotee hai kam daada kaaphee tarah kee rahatee hai aur alag-alag usake jeeja ho sakate hain khaasataur par mahilaon par mahilaon mein ham dekhane aajakal badh rahee hai inkvaayaree to sabase pahale to mujhe aisa lagata hai ki soshal meediya ka jo par ek sanjay kee sabhee kee jindagee sabhee ke najaron mein aa gaee hai aur ek achchha pradarshan karana khud ko nambar saabit karana aur sab kaamon mein daksh hona yah bahut ek pletaphaarm ek apeksha ho gaee hai agar koee vyakti usako khara nahin utarata hai to usako bhee bura lagata hai aur log bhee usako kol kar den isake alaava ham dekhate hain ki mom chenj hote hain magar shaadee kab kee baat karen to bhee jaldee jaldee ghabara jaata hai insaan usamen lait hone lagatee hai to mahilaon mein jaise ham dekhate hain ki 45 varsh ke phon modal chenj ho jae to vah bhee haiking saitika kaaran ho sakate hain doosara kee jo phaimilee ke andar hee yah problam hai pahale se to ho sakata hai is vajah se unako ho rahee hoon yah dikkat kabhee-kabhee aisa hota hai ki hamaare parivesh mein koee stres stres matalab aisee cheejen jo hamen koee aisee ghatanaen ho sakatee hain koee aise log ho sakate hain jinase ham ko ek betee hotee hai ham tenshan mein aa jaate hain pareshaan ho jaate hain to kabhee-kabhee rishto ke andar hamen kaee aise abhee usaka saamana karana padata hai nyoojameetar seksual ho ya phir phijikal ho aisa jarooree nahin hai imoshanal ebyooj bhee hota hai kisee ko nahin klik karana usakee baat na sunana us kee apeksha karana aavela karana is seving lait ko aur agar koee otometik ivent hua hai koee seksual esolt hai ya koee helth problam huee hai koee ilanes hai jo mahila ko hai ya agar ham dekhate hain ki eneemeshan ka kes hai to baay aaeetee apane aap saath mein nahin rahatee hain bahut saare disordars ke saath bahut saaree beemaariyon ke saath bhee judee huee hai hamaare aasapaas ke logon ke saath bhee judee huee hai ki vah hamase kaisa vyavahaar karate hain aur sabase mahatvapoorn hai jo mujhe lagata hai ki insaan khud ko kya samajhata hai kuchh ke baare mein kya use sochata usakee selphee mein jo hai vah bhee bahut bada kaaran hai mere hisaab se jo in raiting badh rahee hai aaj raiting jis kaantekt mein aa ja rahe hain aap ko yahee hai ki itanee jyaada apekshaen hain mahilaon se aajakal ki vah gaandhee kaaryabhaar bhee sambhaal le apane poore vyaktitv ko bhee nahin kha rahe hain ki vah kabhee kabhee usako mujhe pairaameetar ko meet nahin kar paee thee jis vajah se ek betee hotee hai aur kampateeshan karana kaanstent kampeyar karate rahana khud ko doosaron ke saath yah bhee ek kaaran hai ek betee ka to kaaran kuchh bhee ho sakate hain ham agar achchhee soch rakhate hain apana laiph stail rakhate hain to ham bahut had tak eksaited dhanyavaad

#जीवन शैली

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काली मोटी लड़कियों को लेकर समाज इतना निष्ठुर क्यों है?Kaali Moti Ladkiyon Ko Lekar Samaj Itna Nishthur Kyun Hai
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1:56
जीकेवी रंग के ऊपर यह शरीर की बनावट के ऊपर यदि कोई व्यक्ति मजाक करता है या ऐसे अपशब्द बोलता है जो बिल्कुल हमें फ्री में कर सकते हैं हमें पसंद नहीं है तो समझ जाना चाहिए कि कुछ अच्छी सी चीज जो है वह बहुत ही सुंदर और उसके लिए बाहरी रूप रंग और बनावट शरीर की अब से 10 साल पहले इंसान का चरित्र किस प्रकार से उसकी शख्सियत है उसकी जो पूरी पर्सनालिटी है जिसकी गुण हैं उनके लिए परिभाषा है हमारी रगों में बाहरी आवरण कि ऐसे लोगों को सीरियसली नहीं लेना चाहिए ऐसी लड़की चाहिए जो सोच है उसको खुद पर हावी होने देना चाहिए हर इंसान को संबोधित करने चाहिए क्योंकि आगे चलकर जब किसी की एक परिपक्वता आती है वह मैं वह आगे बढ़ते हैं हमारी जो पूरी की पूरी पर्सनालिटी है वह मेरे काम से पहचानी जाती है तुम्हारी सबसे अच्छी पहचान वाली कौन सी कर्म से होती है और जो मारे गए हैं उनसे होती है भाई रखरखाव बहुत जरूरी है रखना चाहिए हाइजीन मेंटेन करना चाहिए और जितना हो सके हमें प्रेजेंटेबल रहना चाहिए लेकिन लेकिन खाना खाने को नहीं लाना चाहिए कि हमारे मुंह काला है ऐसा मिला है यह हमारे शरीर जो है वह वह अपन दोनों ही टीमें ही बना दे हमें ऐसे ही बनाया भगवान ने जो लोग मिस्टर हैं जो समाज अपना दायरा बना लिया है और मानव बना लिया है वह मीडिया की वजह से गलत है मैं बनियान है और समय रहते सभी को समझ में आ जाता है कि उनके गुण होते हैं वह जादू है तो करते हैं धन्यवाद
Jeekevee rang ke oopar yah shareer kee banaavat ke oopar yadi koee vyakti majaak karata hai ya aise apashabd bolata hai jo bilkul hamen phree mein kar sakate hain hamen pasand nahin hai to samajh jaana chaahie ki kuchh achchhee see cheej jo hai vah bahut hee sundar aur usake lie baaharee roop rang aur banaavat shareer kee ab se 10 saal pahale insaan ka charitr kis prakaar se usakee shakhsiyat hai usakee jo pooree parsanaalitee hai jisakee gun hain unake lie paribhaasha hai hamaaree ragon mein baaharee aavaran ki aise logon ko seeriyasalee nahin lena chaahie aisee ladakee chaahie jo soch hai usako khud par haavee hone dena chaahie har insaan ko sambodhit karane chaahie kyonki aage chalakar jab kisee kee ek paripakvata aatee hai vah main vah aage badhate hain hamaaree jo pooree kee pooree parsanaalitee hai vah mere kaam se pahachaanee jaatee hai tumhaaree sabase achchhee pahachaan vaalee kaun see karm se hotee hai aur jo maare gae hain unase hotee hai bhaee rakharakhaav bahut jarooree hai rakhana chaahie haijeen menten karana chaahie aur jitana ho sake hamen prejentebal rahana chaahie lekin lekin khaana khaane ko nahin laana chaahie ki hamaare munh kaala hai aisa mila hai yah hamaare shareer jo hai vah vah apan donon hee teemen hee bana de hamen aise hee banaaya bhagavaan ne jo log mistar hain jo samaaj apana daayara bana liya hai aur maanav bana liya hai vah meediya kee vajah se galat hai main baniyaan hai aur samay rahate sabhee ko samajh mein aa jaata hai ki unake gun hote hain vah jaadoo hai to karate hain dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

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1:48
मैं क्यों जाना चाहता है क्या अधिक अधिक तुम्हें जाना अतीत में जाना आई थिंग आप कहना चाहते हैं इस से क्या मिलता है यह सही है क्या नहीं है और इससे कुछ मिलता नहीं है लेकिन हम क्यों जाते हैं क्योंकि हम मजबूर हैं हम आदत बन चुकी है हमारी अतीत में जाने की और कई लोग मजा लेते हैं गिनती में रहने का बहुत ग्लानि जो है या रिग्रेट जो है लाइफ में कि मैंने यह क्यों नहीं किया वैसा क्यों नहीं किया ऐसा हो जाता काशी होता काश वह होता है वह समय अच्छा था यह समय खराब है तो अच्छी चीज है बुरी चीज़ दोनों चीजों को हम अपने मन में दोहराते रहते हैं और दोहराने की आदत हो जाती है कि फिर कुछ चीजें जो उसके साथ जुड़ी हुई है जैसे कि कोई जगह कोई इंसान को ही वाक्य जैसे ही वह फिर याद आता है तो वह याद भी याद आ जाती है तो मजबूरी हो जाती है याद करने की आदत सी बन जाती है स्पार्टन बन जाता है मगर तोड़ना कैसे बाहर कैसे आना है किसका लिंक ब्रेक करने सबसे पहले एक साइकिल शुरू होता है जैसे कि आप एक रेस्टोरेंट में गए अब आपको याद इतने में किसी के साथ यहां आया था ठीक है कुछ घटना घटी थी कुछ अच्छा हुआ था या कुछ बुरा हुआ था या वह इंसान की याद आने लगी किस जगह पर जाना आउट्रिगर से पूरी श्रृंखला विचारों की शुरू हुई और वह श्रृंखला को कहीं विराम नहीं मिला तो अगर साइकिल को हमने थोड़ा तो हम पाएंगे कि हम उस से मुक्त हुए उससे बाहर है और यह साइकिल ब्रेक करना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कभी-कभी हमें कुछ देर बाद याद आएगा लेकिन ब्रेक करें नहीं तो कई घंटे निकल जाते हैं सोचते सोचते पुरानी बातों को पता ही नहीं चलता है धीरे-धीरे हम अपनी जागरूकता बनाएंगे तो हम देखेंगे कि यह जल्दी से हम उससे बाहर आने लगी है फिर एक टाइम ऐसा आएगा कि यादें भी धुंधली हो जाएंगी और हम इनको भूल जाएंगे बहुत-बहुत शुभकामनाएं धन्यवाद
Main kyon jaana chaahata hai kya adhik adhik tumhen jaana ateet mein jaana aaee thing aap kahana chaahate hain is se kya milata hai yah sahee hai kya nahin hai aur isase kuchh milata nahin hai lekin ham kyon jaate hain kyonki ham majaboor hain ham aadat ban chukee hai hamaaree ateet mein jaane kee aur kaee log maja lete hain ginatee mein rahane ka bahut glaani jo hai ya rigret jo hai laiph mein ki mainne yah kyon nahin kiya vaisa kyon nahin kiya aisa ho jaata kaashee hota kaash vah hota hai vah samay achchha tha yah samay kharaab hai to achchhee cheej hai buree cheez donon cheejon ko ham apane man mein doharaate rahate hain aur doharaane kee aadat ho jaatee hai ki phir kuchh cheejen jo usake saath judee huee hai jaise ki koee jagah koee insaan ko hee vaaky jaise hee vah phir yaad aata hai to vah yaad bhee yaad aa jaatee hai to majabooree ho jaatee hai yaad karane kee aadat see ban jaatee hai spaartan ban jaata hai magar todana kaise baahar kaise aana hai kisaka link brek karane sabase pahale ek saikil shuroo hota hai jaise ki aap ek restorent mein gae ab aapako yaad itane mein kisee ke saath yahaan aaya tha theek hai kuchh ghatana ghatee thee kuchh achchha hua tha ya kuchh bura hua tha ya vah insaan kee yaad aane lagee kis jagah par jaana aautrigar se pooree shrrnkhala vichaaron kee shuroo huee aur vah shrrnkhala ko kaheen viraam nahin mila to agar saikil ko hamane thoda to ham paenge ki ham us se mukt hue usase baahar hai aur yah saikil brek karana bilkul bhee mushkil nahin hai kabhee-kabhee hamen kuchh der baad yaad aaega lekin brek karen nahin to kaee ghante nikal jaate hain sochate sochate puraanee baaton ko pata hee nahin chalata hai dheere-dheere ham apanee jaagarookata banaenge to ham dekhenge ki yah jaldee se ham usase baahar aane lagee hai phir ek taim aisa aaega ki yaaden bhee dhundhalee ho jaengee aur ham inako bhool jaenge bahut-bahut shubhakaamanaen dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या बाहरी सिंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है?Kya Bahari Singaar Se Manushy Ke Aantarik Vyaktitv Kee Pehechan Kee Ja Sakti Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:38
आपका सवाल है क्या भारी श्रृंगार से मनुष्य के आंतरिक व्यक्तित्व की पहचान की जा सकती है इसका जवाब वहां भी है और ना भी है क्योंकि आंतरिक व्यक्तित्व कभी-कभी हमारे बाहरी व्यक्तित्व में झलकता है अगर इंसान बहुत व्यवस्थित है नियमित है और अपना ख्याल रखता है स्वयं से प्रेम करता है तो आपको उसके रखरखाव उसके उठने बैठने पहनावे से यह बात झलकती है और पता चल जाती है लेकिन कोई अगर अच्छे से नहीं है जैसे कि अगर उसके नाखून गंदे हैं मान लीजिए या बहुत ज्यादा ना कुछ जब आता है या नहीं है एक बेटी को शो करता है या उसने गंदे कपड़े पहने हैं प्रेस नहीं किए हुए कपड़े हैं या उधर से दुर्गंध आ रही है उसमें नहाया नहीं है तो इसके समझ में आता हूं कितना डिसआर्गेनाइज्ड है केयर लेस है अपना ध्यान नहीं रखता है और ऊपर से प्रेम नहीं करता है वह और लोगों को भी क्या प्रेम करेगा या और लोगों के लिए भी क्या कुछ अच्छा करेगा ऐसा विचार इंसान के मन में आता है वही दूसरी तरफ मैंने कहा कि नहीं आता भी नहीं है बाहरी व्यक्तित्व ही सब कुछ है या बाहरी व्यक्तित्व से ही हम ध्यान दे सकते हैं इस बात पर कि हमारा जो अंदर से हम कहते हैं ऐसा भी नहीं है क्योंकि आप देखोगे कि बाहरी व्यक्ति को सिर्फ यही नहीं होता है कि इंसान अच्छा दिखे अच्छा पहने अच्छा उड़े लेकिन उसके हर काम में एक व्यवस्थित था एक नियमितता होनी मेरे को लगता है जरूरी है अच्छा इंप्रेशन देने के लिए क्योंकि सबसे पहली चीज जो बाहर से दिखती है वह आप का बाहरी व्यक्तित्व ही है लेकिन यदि कोई इंसान अपना किसी भी कारणवश महंगे कपड़े नहीं पहन पा रहा है तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है इंसान की जो चरित्र है इंसान का जो पूरा सोचने का तरीका है हर चीज को इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करना है उसकी बुद्धिमता है उसका अचार विचार व्यवहार है वह इंपोर्टेंट है लेकिन थोड़ा सा बाहरी व्यक्तित्व पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी प्रेजेंटेशन मैटर करती है इसीलिए एक सामंजस्य जो है वह स्थापित करना बहुत जरूरी है दोनों के अंदर एक बैलेंस आपके अंदर के व्यक्तित्व पर भी आप के बाहर के व्यक्तित्व और इसीलिए कहा गया है कि जो आपका स्टूडेंट लाइफ है वह अंदर आप सॉन्ग बने अपनी फाउंडेशन नींव को जो है मजबूत करें सेल्फी खींच ना अपना टिक टॉक के वीडियोस बनाना इस पर टाइम ना गवाते हुए अपना जो न्यू है उसको मजबूत करें अपने आपको एक सशक्त और शक्तिशाली व्यक्तित्व का इंसान बनाए और बाद में फिर आप बाकी की चीजों पर ध्यान दें धन्यवाद
Aapaka savaal hai kya bhaaree shrrngaar se manushy ke aantarik vyaktitv kee pahachaan kee ja sakatee hai isaka javaab vahaan bhee hai aur na bhee hai kyonki aantarik vyaktitv kabhee-kabhee hamaare baaharee vyaktitv mein jhalakata hai agar insaan bahut vyavasthit hai niyamit hai aur apana khyaal rakhata hai svayan se prem karata hai to aapako usake rakharakhaav usake uthane baithane pahanaave se yah baat jhalakatee hai aur pata chal jaatee hai lekin koee agar achchhe se nahin hai jaise ki agar usake naakhoon gande hain maan leejie ya bahut jyaada na kuchh jab aata hai ya nahin hai ek betee ko sho karata hai ya usane gande kapade pahane hain pres nahin kie hue kapade hain ya udhar se durgandh aa rahee hai usamen nahaaya nahin hai to isake samajh mein aata hoon kitana disaargenaijd hai keyar les hai apana dhyaan nahin rakhata hai aur oopar se prem nahin karata hai vah aur logon ko bhee kya prem karega ya aur logon ke lie bhee kya kuchh achchha karega aisa vichaar insaan ke man mein aata hai vahee doosaree taraph mainne kaha ki nahin aata bhee nahin hai baaharee vyaktitv hee sab kuchh hai ya baaharee vyaktitv se hee ham dhyaan de sakate hain is baat par ki hamaara jo andar se ham kahate hain aisa bhee nahin hai kyonki aap dekhoge ki baaharee vyakti ko sirph yahee nahin hota hai ki insaan achchha dikhe achchha pahane achchha ude lekin usake har kaam mein ek vyavasthit tha ek niyamitata honee mere ko lagata hai jarooree hai achchha impreshan dene ke lie kyonki sabase pahalee cheej jo baahar se dikhatee hai vah aap ka baaharee vyaktitv hee hai lekin yadi koee insaan apana kisee bhee kaaranavash mahange kapade nahin pahan pa raha hai to usase koee phark nahin padata hai insaan kee jo charitr hai insaan ka jo poora sochane ka tareeka hai har cheej ko imphormeshan ko proses karana hai usakee buddhimata hai usaka achaar vichaar vyavahaar hai vah importent hai lekin thoda sa baaharee vyaktitv par bhee dhyaan dena bahut jarooree prejenteshan maitar karatee hai iseelie ek saamanjasy jo hai vah sthaapit karana bahut jarooree hai donon ke andar ek bailens aapake andar ke vyaktitv par bhee aap ke baahar ke vyaktitv aur iseelie kaha gaya hai ki jo aapaka stoodent laiph hai vah andar aap song bane apanee phaundeshan neenv ko jo hai majaboot karen selphee kheench na apana tik tok ke veediyos banaana is par taim na gavaate hue apana jo nyoo hai usako majaboot karen apane aapako ek sashakt aur shaktishaalee vyaktitv ka insaan banae aur baad mein phir aap baakee kee cheejon par dhyaan den dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
आदत बनाना इतना मुश्किल क्यों होता है?Aadat Banana Itna Mushkil Kyo Hota Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
3:21
सवाल के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद माधव बनाना इतना मुश्किल क्यों होता है मेरे ख्याल से यह मुश्किल ही नहीं है कि उनकी एक हमारा नारा है एक लाइफ स्टाइल है एक हमारा कंफर्ट जोन है हम उस कंफर्ट जोन से निकलना नहीं चाहते हैं और मुश्किल पाते हैं एक पाटन को ब्रेक करना यह वजह है कि हम अच्छी आदतों को विकसित नहीं कर पाते हैं या विकसित करने में बहुत तकलीफ महसूस करते हैं ज्ञान तो है हमारे पास हम जानते हैं कि किसी भी आदमी को शुमार करना कितना जरूरी है हमारी खुद की ग्रोथ के लिए फिर भी हम नहीं कर पाते हैं और मोस्टली उसका जो एक बड़ा कारण है वह यह है कि हम पूरा का पूरा काम एक साथ करना चाहते हैं और पूरा का पूरा एक ही दिन में या बहुत जल्दी हम रिजल्ट चाहते हैं यह भी एक रीजन है कि जिस वजह से हम उस आदत को सोमवार नहीं कर पाते हैं अपने जीवन के अंदर जीवन शैली के अंदर तो कभी भी करना चाहिए कि हर काम को एक छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लेना चाहिए या अब आप कहेंगे कि जल्दी उठने की आदत में डालना चाहता हूं तो मैं उसको छोटे हिस्सों में कैसे बढ़ सकता हूं उठूंगा तुम एक ही बार इसमें सेठ जी क्या रहती है जो मैं अपने अपलाइन को बताती हूं कि जैसे आपका एक निर्धारित या एक डिजायर्ड आउटकम यह है कि आप सुबह 5:00 बजे उठे तो अगर आज आप 9:00 बजे उठ रहे हैं या 10:00 बजे उठ रहे हैं कि 8:00 बजे भी उठ रहे हैं तो 5:00 बजे उठना आपके लिए तकलीफ दे हो सकता है मुश्किल हो सकता है और तुरंत एक ही दिन में या 3 दिन में आपको अपनी लाइफ में नहीं ला सकते हो इसके लिए करनी है कि हमको पहले एक घंटा आधा घंटा जल्दी उठना है और अगर बहुत जितना ज्ञान ज्यादा है देखिए अगर 7:00 बजे उठते हैं और 5:00 बजे उठना है तो आधा घंटे का गैप चुनिए लेकिन अगर 9:00 बजे भी उठ रहे और 5:00 बजे उठना चाहते हैं 6:00 बजे उठना चाहते हैं तो सिर्फ 15 मिनट का क्या प्लीज अभी 15 मिनट पहले उठना शुरू कीजिए 15 मिनट पहले सोना शुरू कीजिए नींद पूरी होनी जरूरी है तो आप जो इस तरह से कुछ दिनों तक कुछ हफ्तों तक 15 मिनट 15 मिनट और बढ़ा दे ऐसे करते करते 1 दिन ऐसा आएगा कुछ महीनों के अंदर आपकी आदत बन जाएगी जल्दी उठने की अपने आप ही आंख खुलेगी अपने आप ही आप जल्दी सो पाएंगे तो यह एक प्रोसेस है जब हिंदुस्तान डिवेलप करते हैं प्रोसेस तुम लोग करते हैं तो वह आदत हमें अच्छे से उसको हम अपने जीवन में ला सकते हैं यह मैंने एक उदाहरण दिया ऐसे ही बहुत सारी आदतें जो छोड़ना चाहते हैं जिनको हम अपने जीवन में हासिल करना चाहते हैं और कुछ ऐसे भी लगते हैं जो हमारी ना दोनों की वजह से हम पा नहीं पा रहे हैं जो हम बिल्कुल बहुत ज्यादा मेहनत भी कर रहे हैं बहुत ज्यादा कर ली अब भी रखते हैं फिर भी हम को जीवन में कुछ नहीं मिल रहा है तो कहीं ना कहीं वह टालमटोल करने का हमारा पाटन बन गया है तो इस पर मैंने एक फ्री प्रोग्राम बनाया है सभी के लिए 5 दिन का है और 40 मिनट का एक फैशन है तो यह फैशन से लाभ ले सकते हैं आप और समझ सकते हैं और हिंदी भाषा में है यह बिल्कुल आपको कोई इसमें मुश्किल शब्दों शब्दावली का इस्तेमाल नहीं किया गया है और यूट्यूब पर है अवेलेबल है फ्री है मैं इसमें लिंक डाल दूंगी आप जरूर देखें और उसे इससे भी आप लाभ ले सकते हैं धन्यवाद
Savaal ke lie bahut-bahut dhanyavaad maadhav banaana itana mushkil kyon hota hai mere khyaal se yah mushkil hee nahin hai ki unakee ek hamaara naara hai ek laiph stail hai ek hamaara kamphart jon hai ham us kamphart jon se nikalana nahin chaahate hain aur mushkil paate hain ek paatan ko brek karana yah vajah hai ki ham achchhee aadaton ko vikasit nahin kar paate hain ya vikasit karane mein bahut takaleeph mahasoos karate hain gyaan to hai hamaare paas ham jaanate hain ki kisee bhee aadamee ko shumaar karana kitana jarooree hai hamaaree khud kee groth ke lie phir bhee ham nahin kar paate hain aur mostalee usaka jo ek bada kaaran hai vah yah hai ki ham poora ka poora kaam ek saath karana chaahate hain aur poora ka poora ek hee din mein ya bahut jaldee ham rijalt chaahate hain yah bhee ek reejan hai ki jis vajah se ham us aadat ko somavaar nahin kar paate hain apane jeevan ke andar jeevan shailee ke andar to kabhee bhee karana chaahie ki har kaam ko ek chhote-chhote hisson mein baant lena chaahie ya ab aap kahenge ki jaldee uthane kee aadat mein daalana chaahata hoon to main usako chhote hisson mein kaise badh sakata hoon uthoonga tum ek hee baar isamen seth jee kya rahatee hai jo main apane apalain ko bataatee hoon ki jaise aapaka ek nirdhaarit ya ek dijaayard aautakam yah hai ki aap subah 5:00 baje uthe to agar aaj aap 9:00 baje uth rahe hain ya 10:00 baje uth rahe hain ki 8:00 baje bhee uth rahe hain to 5:00 baje uthana aapake lie takaleeph de ho sakata hai mushkil ho sakata hai aur turant ek hee din mein ya 3 din mein aapako apanee laiph mein nahin la sakate ho isake lie karanee hai ki hamako pahale ek ghanta aadha ghanta jaldee uthana hai aur agar bahut jitana gyaan jyaada hai dekhie agar 7:00 baje uthate hain aur 5:00 baje uthana hai to aadha ghante ka gaip chunie lekin agar 9:00 baje bhee uth rahe aur 5:00 baje uthana chaahate hain 6:00 baje uthana chaahate hain to sirph 15 minat ka kya pleej abhee 15 minat pahale uthana shuroo keejie 15 minat pahale sona shuroo keejie neend pooree honee jarooree hai to aap jo is tarah se kuchh dinon tak kuchh haphton tak 15 minat 15 minat aur badha de aise karate karate 1 din aisa aaega kuchh maheenon ke andar aapakee aadat ban jaegee jaldee uthane kee apane aap hee aankh khulegee apane aap hee aap jaldee so paenge to yah ek proses hai jab hindustaan divelap karate hain proses tum log karate hain to vah aadat hamen achchhe se usako ham apane jeevan mein la sakate hain yah mainne ek udaaharan diya aise hee bahut saaree aadaten jo chhodana chaahate hain jinako ham apane jeevan mein haasil karana chaahate hain aur kuchh aise bhee lagate hain jo hamaaree na donon kee vajah se ham pa nahin pa rahe hain jo ham bilkul bahut jyaada mehanat bhee kar rahe hain bahut jyaada kar lee ab bhee rakhate hain phir bhee ham ko jeevan mein kuchh nahin mil raha hai to kaheen na kaheen vah taalamatol karane ka hamaara paatan ban gaya hai to is par mainne ek phree prograam banaaya hai sabhee ke lie 5 din ka hai aur 40 minat ka ek phaishan hai to yah phaishan se laabh le sakate hain aap aur samajh sakate hain aur hindee bhaasha mein hai yah bilkul aapako koee isamen mushkil shabdon shabdaavalee ka istemaal nahin kiya gaya hai aur yootyoob par hai avelebal hai phree hai main isamen link daal doongee aap jaroor dekhen aur use isase bhee aap laabh le sakate hain dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
4:41
आपका सवाल है आजकल पढ़े-लिखे लड़के लड़कियों के रिश्ते क्यों नहीं हो पा रहे किसी भी रिश्तेदार रिश्ता करवाने हो सकता क्यों नहीं दिखाई देते क्यों लोग डिपेंड हो गए हैं निर्भर हो गए हैं और मैरिज ब्यूरो के ऊपर तो बहुत सही आप का सवाल है क्योंकि के क्यों रिश्ता नहीं हो रहा है पहले उसको देखते हैं रिश्ते इसीलिए नहीं हो रहे हैं क्योंकि जो अपेक्षाएं हैं लड़के की और लड़की की वह बहुत ज्यादा हो गई है रिश्ता जो एक संवेदनशीलता होती है एक रिश्ते में जुड़ने के लिए जो प्रेम चाहिए जो एक तो अंडरस्टैंडिंग चाहिए भावुकता चाहिए वह नहीं रही है यह जो शादी है एक तरह की लेनदेन व्यापार खरीद-फरोख्त की चीज हो गई है कि आप कितना देंगे हम कितना देंगे यह चलो आपको ऐसा लगेगा कि कोई भेज नहीं दे रहा है लेकिन जब कोई चुनाव कर रहा है अपने साथ ही का तो वह एक लिस्ट लेकर घूम रहा है जैसे शॉपिंग की लिस्ट होती है इसमें मुझे अभी चाहिए वह भी चाहिए और उसको अपने हिसाब से हर चीज चाहिए और साथ ही पैरंट्स के अलग से डिमांड रहती है स्पेशली लड़की के ऊपर बहुत प्रेशर रहता है कि लड़की को जॉब भी करनी है लड़की को घर में संभालना है लड़की को खाना बनाना भी आना चाहिए साफ सफाई करनी चाहिए तो फुल पैकेज चाहिए ऐसी लड़कियों को भी ऐसा लड़का चाहिए जो हर साल जो है फोन घुमाने लेकर जाए जिस की तनख्वाह अच्छी हूं काम करें और उसको बिलकुल बदल ना करें या उसको जवाब भी ना करना पड़े काम भी ना करना पड़ेगी लड़की भी चाहती है तो आप देखेंगे कि विरोधाभास भी आ जाएगा दोनों जगह पर दोनों जगह पर जो है अपेक्षाएं बहुत ज्यादा है अत्यधिक है और रियल लाइफ में उस तरह से होती नहीं है चीज है अब बहुत बार बात बनती ही नहीं है क्योंकि आपकी शॉपिंग लिस्ट के हिसाब से वह बंदा फिट नहीं बैठ रहा है और बहुत बार आपने देखा होगा कि और शॉपिंग लिस्ट से बंदा फिट बैठ भी गया तो आगे चलकर फिर आप देखेंगे प्रेम नहीं है दोनों के अंदर तो रेस्ट चल पाता है इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं जो पहले बिचौलिए होते थे जो रिश्ता कराते थे रिश्ते पहले हो जाते थे बच्चे से पहले-पहले और पढ़ाई लिखाई करने में जॉब सेटल होने में 30 साल तक की उम्र हो जाती है या 28 या 30 तक पहुंच जाती है उम्र तब जाकर परिपक्वता आती है और ऐसा लगता है कि अब सेटल होना है तो ऐसे में फिर रिश्तेदार भी कन्नी काट लेते हैं कि हम बीच में इसमें नहीं पढ़े मसले में तो अच्छा है अपना भला बुरा सब खुद देकर क्योंकि डिवोर्स का रेट बढ़ रहा है जो भी रिश्ता नाकाम होता है तो फिर जो दोस्त है वह पेमेंट दिया जाता है जो जिसमें रिश्ता कराया तो खुद जानकारी लेना जांच पड़ताल करना और इसको जोखिम को उठाना यह सब नहीं और इसमें कोई किसी की गलती भी नहीं होती है क्योंकि आपने देखा होगा अखबार में इश्तहार देख कर कोई शादी करता है या वेबसाइट में कोई देख कर शादी करता है किसी का मैरिज ब्यूरो के द्वारा शादी करता है तो यह गारंटी कोई नहीं लेता है कि हमने इसकी तहकीकात की है तो शादी कैसे निकलेगी वह उन दोनों में कंप्लीट होगी या नहीं तो यह बहुत बड़ा क्वेश्चन मार्क रहता है इसमें कोई दो राय नहीं है इसी वजह से यह काफी डिफिकल्ट जो है समझा गया समझा जाता है और आसान तरीका क्या होता है कि आप पैसे दो अपना रजिस्ट्रेशन कराओ मुझे ऐड है क्या वह अपने आप गुण मिलान करेंगे वह अपने आप मिल आएंगे आपका बाकी के विचार एक्टर स्थिति क्या है पर्सनालिटी के और वह आपको एक अच्छा जो है वर्क फोन कर देंगे या वधू ढूंढ कर देंगे ऐसा हो गया है और जैसा मैंने कहा कि खरीद फरोख्त वाली बात है अब तो पंडित जी भी पूछते हैं मंदिर में जो बैठते हैं कि कितना लगाने के लिए आप तैयार है कितना पैसा आप लगाने के लिए तैयार है वह पूछेंगे फिर लड़की वाले भी पूछते हैं कि लड़की को क्या चलाएंगे या लड़का कितना कमाता है यह लड़के के आगे क्या प्लानिंग है कितनी प्रॉपर्टी है यह एक गिवेंटेक वाली बात हो गई तो रिश्ता कहा रहा है प्रेम कहां रहा है इसके अंदर समझ कहां रही तो पहले खुद ही घर में आपस में लोग मिलजुलकर डिसाइड कर लेते थे बात पता नहीं होता है तो पूरा देखिए आप सोशल साबिर चेंज हुआ है लोगों की डिमांड भी चेंज हुई है उनका लाइफ स्टाइल चेंज हुआ है अब लाइफ़स्टाइल को मेंटेन करने के लिए उनको इनकम चाहिए तो काम भी नहीं कोई करना चाहता है और उसको पूरा लाभ भी चाहिए तो आसान तरीका शादी लगती है लड़के को भी लड़की को तो यह वजह है कि जिस वजह से अब कोई बीच में पढ़ता नहीं है और लोग पैसा देकर अपना रिश्ता ढूंढते हैं
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#भारत की राजनीति

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इस बार के बजट २०२१ में कौन सी अहम घोषणाएं हुई है?Is Baar Ke Budget 2021 Mein Kaun Si Aham Ghoshnaye Huyi Hai
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1:30
इंसान की पसंद और नापसंद जो है उसके बारे में भी बताते हैं अगर कोई सिर्फ किसी के व्यक्तित्व से प्रभावित है और उसके बाहर ही रूपरंग से प्रभावित है तो वह प्रेम तो नहीं हुआ रे में धीरे से होता है कुछ बातें जानकर समझकर समय बिताकर होता है तो किसी के प्रति आकर्षण जरूर किसी की बाहरी कहते हैं ना कि रूप रंग से हो सकता है तो वहां लड़के गोरी लड़कियां ही पसंद करते हैं सभी नहीं है यह भी एक भ्रांति है तो आपका रंग जो भी है जैसा भी है बहुत खूबसूरत है और उसको आप को स्वीकार करना है और उसके साथ आपको अपने कॉन्फिडेंस के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ना है किसी की पसंद नापसंद से अपनी रुचि अपनी जिंदगी बदलाव ना लाए इतने लाएंगे खुद का वजूद जो है वह खतरे में पड़ जाएंगे वह ना रहे तो फेरन लवली लगा कर या दूसरी और जो क्रीम्स बिक रही है बाजार में जो यह दावा करती हैं और यह आने की कोशिश करती है कि लड़कों को गोरी लड़कियां पसंद आती है उनका बहिष्कार करें उनके ऊपर ज्यादा ध्यान ना दें यह सोसाइटी में क्रिएट किया हुआ फैलाया हुआ मिस कौन से ऑप्शन है लंबे समय तक आप देखेंगे कि अगर जिंदगी कार सजावट इसी के साथ गुजारते हैं तभी आप उसके प्रति प्रेम महसूस करते हैं और वहां पर रूप रंग की बात आती ही नहीं है कहीं पर भी तो सिर्फ आकर्षण की बात करें तो यह अब निजी मामला है उस लड़के का उस को कैसी लड़कियां पसंद है धन्यवाद
Insaan kee pasand aur naapasand jo hai usake baare mein bhee bataate hain agar koee sirph kisee ke vyaktitv se prabhaavit hai aur usake baahar hee rooparang se prabhaavit hai to vah prem to nahin hua re mein dheere se hota hai kuchh baaten jaanakar samajhakar samay bitaakar hota hai to kisee ke prati aakarshan jaroor kisee kee baaharee kahate hain na ki roop rang se ho sakata hai to vahaan ladake goree ladakiyaan hee pasand karate hain sabhee nahin hai yah bhee ek bhraanti hai to aapaka rang jo bhee hai jaisa bhee hai bahut khoobasoorat hai aur usako aap ko sveekaar karana hai aur usake saath aapako apane konphidens ke saath apane jeevan mein aage badhana hai kisee kee pasand naapasand se apanee ruchi apanee jindagee badalaav na lae itane laenge khud ka vajood jo hai vah khatare mein pad jaenge vah na rahe to pheran lavalee laga kar ya doosaree aur jo kreems bik rahee hai baajaar mein jo yah daava karatee hain aur yah aane kee koshish karatee hai ki ladakon ko goree ladakiyaan pasand aatee hai unaka bahishkaar karen unake oopar jyaada dhyaan na den yah sosaitee mein kriet kiya hua phailaaya hua mis kaun se opshan hai lambe samay tak aap dekhenge ki agar jindagee kaar sajaavat isee ke saath gujaarate hain tabhee aap usake prati prem mahasoos karate hain aur vahaan par roop rang kee baat aatee hee nahin hai kaheen par bhee to sirph aakarshan kee baat karen to yah ab nijee maamala hai us ladake ka us ko kaisee ladakiyaan pasand hai dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
क्या लड़कों को मेकअप वाली लड़कियां ज्यादा पसंद आती हैं?Kya Ladakon Ko Mekap Vaalee Ladakiyaan Jyaada Pasand Aatee Hain
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:13
आपका सवाल है क्या लड़कों को मेकअप वाली लड़कियां ज्यादा पसंद आती हैं देखिए मेकअप करना किसी की व्यक्तिगत पसंद है अगर वह यह चुनाव करता है कि उसको मेकअप करना है तो को मेकअप करना चाहिए ऐसे ही मेकअप को पसंद करना या न करना भी लड़कों का चुनाव में सभी लड़के मेकअप को पसंद करते हैं सभी नहीं है और सभी यह कहते हैं कि हमको बिना मेकअप वाली ही चाहिए या मेकअप वाली लड़की की पसंद आया था भी नहीं है कभी-कभी इंसान पसंद आ जाता है तो उसका स्टाइल पसंद आ जाता है और कभी-कभी इंसान पसंद नहीं आता है तो वह भी कर ले वह पसंद नहीं आता है तो सुपरफिशियल लेवल पर जब हम बात करते हैं किसी को देखते हैं तो पहली चीज हम को आकर्षित करती है उसका फिजिकल अपीयरेंस और एक हमारा पैमाना रहता है हमारी कुछ वैल्यू सिस्टम रहता है हमको जो लगता है कि सही है गलत है उस हिसाब से हम जजमेंट करते हैं लेकिन बहुत बार जब हम इंसान को बहुत करीबी तरीके से जानने लगते हैं तो हम उसको पसंद करने लगते हैं यह महत्व नहीं रखता है कि वह लड़की मेकअप करती है या नहीं करती है उसका निजी मामला है कि उसकी लाइफ स्टाइल है और वह रहना भी वैसा चाहिए तो लड़कियां यह सोचकर ना अपना जीवन वो करेगी बदलाव लाएगी लड़कों को क्या पसंद है उस हिसाब से मैं रहूं तो लड़कों को क्या पसंद है क्या नहीं पसंद है वह उनकी निजी बात है आप अपना देखिए आपको अपना लाइफ स्टाइल कैसे यूज करना है आपको लगता है आपको मेकअप करना चाहिए तो आप करें कोई हर्ज नहीं है और अगर आपको लगता है कि आप मैं बिना मेकअप के ज्यादा अच्छे लगते हो क्योंकि मेकअप आपकी ब्यूटी को इन हेल्प करता है आप ऑलरेडी ब्यूटीफुल हो आप जैसे भी हो उसको एनहांस कर रहा है तो अपनी स्क्रीन का केयर करना और थोड़ा जैसे काजलिया लिप लॉक लगाना तो कोई प्रॉब्लम नहीं है कोई इशू नहीं है आप कर सकते हो और बहुत ज्यादा मेकअप लगाने से स्किन खराब होती है तो डिपेंड करता है आप किस समाज में है किस परिस्थिति में है कोई इवेंट है कोई फंक्शन है कोई शादी है तो जरूर मेकअप करना चाहिए तो यह कॉमनसेंस यूज करना बहुत जरूरी है कि किस जगह पर आप जा रहे हो किन लोगों के बीच में जा रहे हो और कितना मेकअप आपको करना है तो लड़कों को क्या पसंद है या नहीं पसंद है उस हिसाब से आपकी जिंदगी नहीं बनी
Aapaka savaal hai kya ladakon ko mekap vaalee ladakiyaan jyaada pasand aatee hain dekhie mekap karana kisee kee vyaktigat pasand hai agar vah yah chunaav karata hai ki usako mekap karana hai to ko mekap karana chaahie aise hee mekap ko pasand karana ya na karana bhee ladakon ka chunaav mein sabhee ladake mekap ko pasand karate hain sabhee nahin hai aur sabhee yah kahate hain ki hamako bina mekap vaalee hee chaahie ya mekap vaalee ladakee kee pasand aaya tha bhee nahin hai kabhee-kabhee insaan pasand aa jaata hai to usaka stail pasand aa jaata hai aur kabhee-kabhee insaan pasand nahin aata hai to vah bhee kar le vah pasand nahin aata hai to suparaphishiyal leval par jab ham baat karate hain kisee ko dekhate hain to pahalee cheej ham ko aakarshit karatee hai usaka phijikal apeeyarens aur ek hamaara paimaana rahata hai hamaaree kuchh vailyoo sistam rahata hai hamako jo lagata hai ki sahee hai galat hai us hisaab se ham jajament karate hain lekin bahut baar jab ham insaan ko bahut kareebee tareeke se jaanane lagate hain to ham usako pasand karane lagate hain yah mahatv nahin rakhata hai ki vah ladakee mekap karatee hai ya nahin karatee hai usaka nijee maamala hai ki usakee laiph stail hai aur vah rahana bhee vaisa chaahie to ladakiyaan yah sochakar na apana jeevan vo karegee badalaav laegee ladakon ko kya pasand hai us hisaab se main rahoon to ladakon ko kya pasand hai kya nahin pasand hai vah unakee nijee baat hai aap apana dekhie aapako apana laiph stail kaise yooj karana hai aapako lagata hai aapako mekap karana chaahie to aap karen koee harj nahin hai aur agar aapako lagata hai ki aap main bina mekap ke jyaada achchhe lagate ho kyonki mekap aapakee byootee ko in help karata hai aap olaredee byooteephul ho aap jaise bhee ho usako enahaans kar raha hai to apanee skreen ka keyar karana aur thoda jaise kaajaliya lip lok lagaana to koee problam nahin hai koee ishoo nahin hai aap kar sakate ho aur bahut jyaada mekap lagaane se skin kharaab hotee hai to dipend karata hai aap kis samaaj mein hai kis paristhiti mein hai koee ivent hai koee phankshan hai koee shaadee hai to jaroor mekap karana chaahie to yah komanasens yooj karana bahut jarooree hai ki kis jagah par aap ja rahe ho kin logon ke beech mein ja rahe ho aur kitana mekap aapako karana hai to ladakon ko kya pasand hai ya nahin pasand hai us hisaab se aapakee jindagee nahin banee

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
क्या पैसों की तंगी के कारण महिलाओं का यौन शोषण हो रहा है उनकी ही मर्जी से?Kya Paiso Ki Tangi Ke Karan Mahilaon Ka Yaun Shoshan Ho Raha Hai Unki Hi Marzi Se
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
5:22
महिलाओं का यौन शोषण कई कारणों से होता है तो सबसे पहली चीज क्या है कि यह जो माइंडसेट है लड़कों का भी और लड़कियों का भी बदलना बहुत जरूरी है एक हमारी सोसाइटी के अंदर माइंडसेट है कि लड़कों को क्या चाहिए या उनके हिसाब से ढलना लड़कियों का धर्म है एक यह माइंडसेट बहुत गलत है दूसरा माइंडसेट पुरुष जो है वह अपने बल का प्रयोग कर सकता है या अपनी इच्छा जो है वह दूसरे पर थोप सकता है यह बहुत गलत बनती है यह बहुत गलत विचार है जो परिवारों में बहुत ज्यादा देखने को मिलता है सीधा सीधा कोई मां अपने बच्चे को यह सिखाती नहीं है लेकिन क्योंकि घर में वह देख रहा है कि यह सब हो रहा है तो यही सत्य मान लेता है तो बेटा भी सोचता है कि हां यही सही है बेटी को भी लगता है बिल्कुल ऐसा ही होता है शायद यही सही है तो यह जो गलत प्रोग्रामिंग हो रही है इस वजह से वरना रेबल हो जाती हैं कुछ लड़कियां और कुछ लड़कियां इसके उलट जो है और तो डिपेंड करता है कि उनका जो प्राकृतिक स्वभाव है वह कहता है तो शुरु से ही अगर लेकिन हम उनको उनके अधिकारों के बारे में बताएं या एक ऑप्शन जो होती है विकल्प जो होते हैं वह बताएं कि कैसे पढ़ लिखकर वह अपने आप को सुदृढ़ समृद्ध बना सकती हैं और इस साल से चक्र भी उसे निकल सकती हैं यह चीजें अगर वह बताएं तो डेफिनेटली यह बाहर आ सकते हैं इससे और दूसरी क्या चीज होती है कि उनको भी यह सिखाया और बताया जाए कि स्त्री भी एक इंसान है और कोई भोग की वस्तु नहीं है तो यह स्थिति ऑन शोषण जो है वह रुकेगा अभी कैसा है कि जैसे कि एक स्त्री के पास देने के लिए क्या है वह एक ट्रांजेक्शन एक बिजनेस तभी तो देखो आपकी कुछ लड़कियां ऐसा भी आप देखोगे कि उनका शोषण नहीं हो रहा है वह खुद ही अपनी मर्जी से इस चीज में लिप्त है कि चीजों को हासिल करने के लिए आराम को करने के लिए एक तरीका है तो यह भी उनकी गलती है भ्रांति है क्योंकि कहीं ना कहीं वह भी इसी से खुश तो नहीं होते हैं मुझे नहीं लगता कि यौन शोषण से कोई खुश हो सकता है कभी भी यह उसको कोई सेटिस्फेक्शन मिल सकती है तो कहीं ना कहीं हमारे जो मिली है हमारे जो धारणाएं हैं वह गलत है हमारी परवरिश में हमने जो चीजें अपने परिवेश में देख ली हैं सीख ली है बचपन में वह गलत प्रोग्रामिंग हुई है तो यह ब्रेक कहीं से तो शुरुआत करनी पड़ेगी चेंज करना पड़ेगा और शुरुआत आप खुद कर सकते हो अपने आप से कर सकते हो आप यह करना इस करो यह देखो कि कहां पर यह शोषण हो रहा है और आप अवगत कराओ सामने वाले को क्यों उसका शोषण हो रहा है बहुत बार किसी को पता ही नहीं है कि उसका शोषण हो रहा है क्योंकि इमोशनल ट्रैप में और डिपेंडेबिलिटी में यानी निर्भरता इतनी है कि कभी जरूरी नहीं है कि हम आर्थिक रूप से ही निर्भर है किसी पर कभी-कभी हम भावनात्मक रूप से भी निर्भर हो जाते हैं इंसान से भागना रूप से निर्भर हो जाता है किसी पर तो फिर वह यह नहीं देखता की क्या सही है क्या गलत का विवेक खो जाता है वहां फिर बस वह चीज की पूर्ति करना चाहता है उसको लगता है कि मुझे कंफर्ट लेवल मिल रहा है मुझे ले बल मिल रहा है कि मुझे स्टेबिलिटी मिल रही है तो मुझे यह झेलना ही पड़ेगा तो आज तक महिलाओं के साथ वही होता है कि चारदीवारी में उनके साथ जो भी ऐसा वायलेंस हुआ है जो भी उनके साथ गलत काम हुआ है तो उसको वह बताते नहीं है उसके खिलाफ बोलते नहीं तुम को लगता है कि यही सही है ऐसा तो होता ही है यह तो होगा अगर मैंने आवाज उठाई तो उसका क्या होगा अंजाम तो वह प्यार है वह डर है क्योंकि जब एक स्त्री तय कर लेती है कि उसको उस नहीं खेलना है और उस अपमान को और उससे बाहर आना है तो फिर उसको दुनिया की कोई ताकत जो है वह रोक नहीं सकती है वह आ भी जाती है आपने ऐसे अनेक उदाहरण भी देखे होंगे महिलाओं के समाज में जिन्होंने बाहर निकल कर फिर एक नई मिसाल कायम की है और अपने को सुदृढ़ और सशक्त बनाया है तो कहीं ना कहीं ए जागृति लाने वाली बात है और आपका जो एजुकेशन है वह इसमें बहुत बड़ा रोल प्ले करता है तो बचपन से ही यह दिखाना चाहिए कि आपको इंडिपेंडेंट बनना है चाहे वह पुरुष हो या स्त्री या पुरुष आपको क्या लगता है कि वह क्या निर्भर नहीं होते हैं पुरुष भी भावनात्मक रूप से निर्भर होते हैं कई बार आर्थिक रूप से निर्भर होते हैं अपने पिता पर निर्भर होते हैं जिस वजह से वह एक ऐसे पिता बाद कह लो या पैतृक तक यह लो उसके अंदर के इनफ्लुएंस में रहते हैं और उनके सारे अलार्म्स को मानते हैं क्योंकि उनको कोई और ऑप्शन पता ही नहीं है उनको पता ही नहीं है कि दूसरे सिक्के का दूसरा पहलू क्या है तो अब समय आ गया है कि लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए और यह प्लेटफॉर्म है और इसमें लोग सुन रहे हैं अगर मुझे तो यह बात बिल्कुल आप ध्यान में रखें कि आप जो वीर बोल रहे हो आपके जो अभी बच्चे हैं आपके आगे जो जनरेशन है और अगर आप टीचर में कोच हो किधर हो तो डेफिनेटली आपके ऊपर एक रिस्पांसिबिलिटी बन जाती है कि आप ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह बात पहुंचाओ कि किस तरह से वह एक इंसान को पहले तवज्जो दे उसके जो अधिकार हैं उनको तवज्जो दें और उसके मद्देनजर जो है और जिंदगी जिए तो जिंदगी सभी के लिए बहुत खूबसूरत बन जाएगी धन्यवाद
Mahilaon ka yaun shoshan kaee kaaranon se hota hai to sabase pahalee cheej kya hai ki yah jo maindaset hai ladakon ka bhee aur ladakiyon ka bhee badalana bahut jarooree hai ek hamaaree sosaitee ke andar maindaset hai ki ladakon ko kya chaahie ya unake hisaab se dhalana ladakiyon ka dharm hai ek yah maindaset bahut galat hai doosara maindaset purush jo hai vah apane bal ka prayog kar sakata hai ya apanee ichchha jo hai vah doosare par thop sakata hai yah bahut galat banatee hai yah bahut galat vichaar hai jo parivaaron mein bahut jyaada dekhane ko milata hai seedha seedha koee maan apane bachche ko yah sikhaatee nahin hai lekin kyonki ghar mein vah dekh raha hai ki yah sab ho raha hai to yahee saty maan leta hai to beta bhee sochata hai ki haan yahee sahee hai betee ko bhee lagata hai bilkul aisa hee hota hai shaayad yahee sahee hai to yah jo galat prograaming ho rahee hai is vajah se varana rebal ho jaatee hain kuchh ladakiyaan aur kuchh ladakiyaan isake ulat jo hai aur to dipend karata hai ki unaka jo praakrtik svabhaav hai vah kahata hai to shuru se hee agar lekin ham unako unake adhikaaron ke baare mein bataen ya ek opshan jo hotee hai vikalp jo hote hain vah bataen ki kaise padh likhakar vah apane aap ko sudrdh samrddh bana sakatee hain aur is saal se chakr bhee use nikal sakatee hain yah cheejen agar vah bataen to dephinetalee yah baahar aa sakate hain isase aur doosaree kya cheej hotee hai ki unako bhee yah sikhaaya aur bataaya jae ki stree bhee ek insaan hai aur koee bhog kee vastu nahin hai to yah sthiti on shoshan jo hai vah rukega abhee kaisa hai ki jaise ki ek stree ke paas dene ke lie kya hai vah ek traanjekshan ek bijanes tabhee to dekho aapakee kuchh ladakiyaan aisa bhee aap dekhoge ki unaka shoshan nahin ho raha hai vah khud hee apanee marjee se is cheej mein lipt hai ki cheejon ko haasil karane ke lie aaraam ko karane ke lie ek tareeka hai to yah bhee unakee galatee hai bhraanti hai kyonki kaheen na kaheen vah bhee isee se khush to nahin hote 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#भारत की राजनीति

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:21
आपने बहुत अच्छा डिसीजन लिया कि आपको हॉरलिक्स और इसका एक विकल्प ढूंढ रहे बॉर्नविटा का क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है सिर्फ नहीं है और बहुत ज्यादा पौष्टिकता इसके अंदर नहीं होती है अब इसका विकल्प क्या है देखिए अधिकतर जो लोग हैं टेस्ट के लिए इसको यूज़ करते हैं तो टेस्ट हम और किस तरह से दे सकते हैं वह विकल्प हमें सोचना चाहिए तो गोल्डन मिल्क भी आप रोज नहीं दे पाओगे बच्चे को गर्म होती है हल्दी तो उसने अलावा और क्या कर सकते हैं कि हम केसर बादाम और पिस्ता इनका एक मिश्रण बनाकर रख सकते हैं तो केसर और पिस्ते को हमने सॉरी बादाम को पुस्तकों के सर को इलायची को मिक्सर में एकदम ग्राइंड कर लेना और बहुत अच्छे से पाउडर बनाकर रख लेना है और फिर एक चम्मच हमने दूध जब उबाल रहे हैं बच्चे के लिए शक्कर के बिना दूध देते हैं तो बहुत अच्छी बात है शुरू से लेकिन फिर भी चक्कर पसंद करते हैं पीते हैं बच्चे तो थोड़ी सी डालें उसमें शक्कर और यह मिक्स डालें और यह उसको घायल होने दें धीमी आंच पर थोड़ा सा वह कर जाएगा दूध बॉय हो जाएगा फ्लेवर टेस्ट आ जाएगा दूध के अंदर आ रही है क्योंकि पिसा हुआ है तो उसको चलाने में भी नहीं आएगा मुंह में भी ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी चलाने में और बच्चे के अंदर यह पौष्टिक आहार जाएगा और इसका कोई साइड इफेक्ट तो है नहीं यह तो अच्छा ही है सेहत के लिए तो नेट अगर वैसे भी नहीं खा रहे हैं तो ऐसे खा लेंगे बच्चे तो यह आप करके देख सकते हो फिर इसके अलावा और यह हो सकता है कि जवाब दूध को बॉईल करते हो रोज तब उसी में आप एक इलायची फोड़ कर डाल दिया दो इलायची उबलते में ही दूध में इलायची का फ्लेवर जो है वह दूध में आ जाता है तो मैं वह दूध आप चाय में ही उस करो दूध पैसे लो आप तो कोई दिक्कत नहीं है फिर और बहुत सारी चीजें हैं जैसे शहर है उसको दूध में डालकर दे सकते हो बच्चों को सिर्फ केसर कानून भी दे सकते हो कैसा भिगोकर रख दीजिए रात को सवेरे आप जब दे रहे हैं तो उनको स्कूल जाने से पहले तो केसर वाला दूध उसका भी अच्छा टेस्ट आता है कलर आता है फ्लेवर आता है यह कर सकती है कोई इसमें गलत चीज नहीं है और शुद्धता का हम ध्यान रखते हुए अच्छे प्रोडक्ट खरीद के डाल सकते हैं धन्यवाद
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#पढ़ाई लिखाई

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:32
प्रश्न है आपका की किताबों को शरीर में कैसे हासिल किया जा सकता है यानी पूरी तरह से धारण कर लेना उस ज्ञान को उसको अपनी जिंदगी में उतार लेना कि पढ़ते तो हम पूरी किताब है लेकिन उसका सारांश निकाल नहीं पाते हैं उसका जो भावार्थ है जो उसका क्रक्स है जो जस्ट है तो देखिए दो तरीके से पढ़ना होता है किसी चीज को एक होता है कि उसमें दिया हुआ जो नॉलेज है जो ज्ञान है उसकी आप सारांश निकालना चाहते हो और एक जो मैंने आपको बताया कि जिसको आप धारण कर लेना चाहते हो अपने जीवन में उस ज्ञान को उतारना चाहते हैं उस नॉलेज को अप्लाई करना चाहते हो तो दोनों के बारे में मैं आपको थोड़ा बताना चाहूंगी कि अगर आपको नोट्स बनाने हैं सनराइज करना है क्या यह बताना है कि यह पूरे के पूरे किताब में मेन पॉइंट क्या है तो उसके लिए सबसे अच्छी तकनीकी है कि आप पेंसिल से सबसे पहले अंडरलाइन करते जाएंगे मेन पॉइंट्स या फिर लिखते समय पढ़ते समय साथ-साथ नोट बनाते जाए उसे एक ओवरव्यू आपको मिलेगा कि यह पूरे चैप्टर क्या किया गया क्योंकि आपको पूरी किताब जो है वह भागों में बांटकर ही पढ़नी है राइट चैप्टर्स इसीलिए होते हैं तो हर चैप्टर की एक मेन थीम होती है क्यों चैप्टर में क्या चीज देख उसकी उसके चलते उसके भावार्थ को समझें और उस को उस हिसाब से फिर आपको आगे बैठक ऐड करें उसके भी छोटे छोटे से बनाए और बहुत सारी हेडिंग्स भी दी होती है ग्रुप में कोई ऐसी किताब भी होती है जिसमें नहीं दी होती है तो वहां हम को समझना है कि लेखक क्या बताना चाह रहा है क्या इसकी मेन पॉइंट है इस तरह से फोकस्ड भी रहते हैं ध्यान भटकता भी नहीं है वह पूरा सामग्री को हम पर भी लेते हैं और हमारे नोटशीट बन जाते हैं दूसरी चीज आती है कि आप पहले एक बार पढ़ने और फिर दोबारा उसको जब पढ़ने लगे तब उसके नोट्स बनाएंगे भी आप कर सकते हैं तो यह भी डिपेंड करेगा क्या आप कौन सी किताब पढ़ रहे हो आपका जो है और यहां पर पर पर क्या है अब अगर परपस आपका उस ज्ञान को सम्मिलित कर लेना है अपने अंदर अंतर्निहित कर लेना है उसको अपने जीवन में करना है तो वहां आप दो बार तीन बार भी पड़े तो कम हैं सिर्फ एग्जाम के लिए पढ़ रहे हैं तो जैसे मैंने पहले आपको तरीका बताया तो वैसे आप पढ़ सकते हैं तो आपका परपज क्या है उस किताब को पढ़ने का यह पहले जानना बहुत जरूरी है तो हम इसके ऊपर एक वर्कशॉप लेते हैं क्लीनिंग लेते हैं जिसके अंदर हम बताते हैं कि कैसे बुक्स में किताबों में जो हम पढ़ रहे हैं उसको अपने जीवन में उतारे कैसे इंप्लीमेंट करें क्या तरीका है वह पूरा उसका शास्त्र क्या है वह बताते हैं उसके द्वारा यदि आप इंटरेस्टेड है तो आप मुझे जरुर मैसेज करें धन्यवाद
Prashn hai aapaka kee kitaabon ko shareer mein kaise haasil kiya ja sakata hai yaanee pooree tarah se dhaaran kar lena us gyaan ko usako apanee jindagee mein utaar lena ki padhate to ham pooree kitaab hai lekin usaka saaraansh nikaal nahin paate hain usaka jo bhaavaarth hai jo usaka kraks hai jo jast hai to dekhie do tareeke se padhana hota hai kisee cheej ko ek hota hai ki usamen diya hua jo nolej hai jo gyaan hai usakee aap saaraansh nikaalana chaahate ho aur ek jo mainne aapako bataaya ki jisako aap dhaaran kar lena chaahate ho apane jeevan mein us gyaan ko utaarana chaahate hain us nolej ko aplaee karana chaahate ho to donon ke baare mein main aapako thoda bataana chaahoongee ki agar aapako nots banaane hain sanaraij karana hai kya yah bataana hai ki yah poore ke poore kitaab mein men point kya hai to usake lie sabase achchhee takaneekee hai ki aap pensil se sabase pahale andaralain karate jaenge men points ya phir likhate samay padhate samay saath-saath not banaate jae use ek ovaravyoo aapako milega ki yah poore chaiptar kya kiya gaya kyonki aapako pooree kitaab jo hai vah bhaagon mein baantakar hee padhanee hai rait chaiptars iseelie hote hain to har chaiptar kee ek men theem hotee hai kyon chaiptar mein kya cheej dekh usakee usake chalate usake bhaavaarth ko samajhen aur us ko us hisaab se phir aapako aage baithak aid karen usake bhee chhote chhote se banae aur bahut saaree hedings bhee dee hotee hai grup mein koee aisee kitaab bhee hotee hai jisamen nahin dee hotee hai to vahaan ham ko samajhana hai ki lekhak kya bataana chaah raha hai kya isakee men point hai is tarah se phokasd bhee rahate hain dhyaan bhatakata bhee nahin hai vah poora saamagree ko ham par bhee lete hain aur hamaare notasheet ban jaate hain doosaree cheej aatee hai ki aap pahale ek baar padhane aur phir dobaara usako jab padhane lage tab usake nots banaenge bhee aap kar sakate hain to yah bhee dipend karega kya aap kaun see kitaab padh rahe ho aapaka jo hai aur yahaan par par par kya hai ab agar parapas aapaka us gyaan ko sammilit kar lena hai apane andar antarnihit kar lena hai usako apane jeevan mein karana hai to vahaan aap do baar teen baar bhee pade to kam hain sirph egjaam ke lie padh rahe hain to jaise mainne pahale aapako tareeka bataaya to vaise aap padh sakate hain to aapaka parapaj kya hai us kitaab ko padhane ka yah pahale jaanana bahut jarooree hai to ham isake oopar ek varkashop lete hain kleening lete hain jisake andar ham bataate hain ki kaise buks mein kitaabon mein jo ham padh rahe hain usako apane jeevan mein utaare kaise impleement karen kya tareeka hai vah poora usaka shaastr kya hai vah bataate hain usake dvaara yadi aap intarested hai to aap mujhe jarur maisej karen dhanyavaad

#जीवन शैली

Porshia Chawla Ban Bolkar App
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
3:38
कभी कामयाब नहीं हो पाता यार कुछ भी कर लो कितना भी मेहनत कर लो कहीं ना कहीं कोई कमी रह जाती है इस पर कोई अपना जवाब देना चाहेंगे जी हां मैं इस पर एक को आपसे बात करना चाहूंगी कि हमारे को पता है कि 2 प्लस टू 4 होता है ठीक है और हमको पता है कि अगर हम पानी में चीनी मिल आएंगे तो चली गोली जाएगी ठीक है अब आप जिंदगी में कुछ चोट लगा रहे हो कर्म कर रहे हो और उसका फल नहीं आ रहा है उसका जैसा आप वांछित फल नहीं आ रहे हैं देखो कोई भी कर्म करोगे उसका फल तो आएगा लेकिन वांछित फल नहीं आ रहा है जैसा चाहते हैं वैसा नहीं आ रहा है उसका क्या वजह हो सकती है उसकी वजह यह है कि जो फार्मूला है जो कांबिनेशन है चीजों का जो फैक्टर्स है जो कारक है वह सही मात्रा में नहीं है सही मात्रा में सही दिशा में सही कर्म नहीं किया जा रहा है वैसा फल नहीं आ रहा है जैसा चाहिए तो यह वजह है और इसका एक और भी है कि कई बार हम आज रेट भी कर लेते हैं हम यह नहीं देख पा रहे हैं कि मेरे तुम्हें कहां त्रुटि है हर कार्यकर्ता महोदय कार्यप्रणाली होती है जैसे अगर आपको आलू गोभी की सब्जी बनानी है तो उसका भी एक तरीका है आपने मन से कैसे भी बना लोगे बंद हो जाएगी लेकिन वैसी ही बनेगी जैसा आप पसंद करते ही चाहते हैं वैसे ही बनाना चाहते हैं तो उसका एक प्रॉपर सिस्टम है हर चीज का छोटी से छोटी आसान से आसान चीज जैसे कि एक सब्जी या बड़ी से बड़ी कोई भी चीज बड़ी से बड़ी कोई मशीन है बड़े से बड़ा कोई और आपकी कृति है जिसको आप बनाते हैं जिसमें हो जिस भी क्षेत्र में हो उसका भी कुछ एक फार्मूला है कुछ उसका पैमाना होगा जिस पर आप जजमेंट नहीं हुआ गलत हुआ अच्छा हुआ या बुरा हुआ ऐसा चाहिए था वैसा चाहिए था नहीं मिला तो क्यों नहीं मिला उस पर एक फोन करना बहुत जरूरी है उसके कारणों का पता लगाना जरूरी है उनको दूर कर कर और फिर आगे बढ़ना जरूरी है मैंने तो रिक्शावाला भी करता है तो मेहनत तो सब कर रहे हैं लेकिन मेहनत अगर सही दिशा में नहीं की जा रही है सही लेवल में नहीं जा रही है आपको तो उसका उतना रिजल्ट पैसा नहीं मिलेगा जब मिलना चाहिए तो खुलकर डिटेल में आपको किसी से कंसल्ट करें आप चाहे तो मुझसे भी बात कर सकते हैं और क्या क्या प्रॉब्लम आ रही है कहां क्या नहीं हो रहा है वह जाने बिना उन कारकों को हम यह नहीं बता सकते क्यों नहीं हो रहा है इसका एक सरल से उपाय तो यह हो सकता है आप किसी पंडित के पास चले जाओ किसी तांत्रिक के पास चले जाओ आपको कुछ उपाय बताए जाएंगे लाल किताब के या आप की जन्मपत्री देखकर बताएंगे कौन सा गाड़ी है 1 तारीख को है दूसरा लेकर और सोचे कि मैं गर्म कर रहा हूं कौन से कार्य कर रहा हूं मुझे क्या दिक्कत आ रही है कहां मेरे को शॉट आउट करने की कोशिश करें तो अभी मैं सीरियस ले रही हूं फ्री में एक वेबीनार है यूट्यूब के ऊपर जिसमें हमारी जो डालने की आदत है क्योंकि यह इंट्रोस्पेक्शन है यह जो हम पूरा सोच विचार कर रहे हैं यह सोच विचार भी हम डालते हैं हम एनालाइज नहीं करना चाहते हैं कहां गलती हो गई कहां क्या रह गया हम आसान तरीका ढूंढा भी बहुत हिम्मत चाहिए यह देखने के लिए कि मैं कहां गलत हूं तो गलती हर इंसान से होती है उसको पहचान कर संभल कर और आगे बढ़ने में ही समझदारी है तो मैं आपको लिंक भेज दी हूं आपको मेरे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और उसमें हिंदी में ही में फ्री में आपको बता रही हूं तो 5 दिन का है आज तीसरा दिन है तो आप देखकर कैसा नाते आप जो है अपने हाथों से भारत में जो डालने की आदतें हैं और अपने एक सिस्टम डेवलप कर सकते हैं जिससे आपके लक्ष्य की प्राप्ति हो धन्यवाद
Kabhee kaamayaab nahin ho paata yaar kuchh bhee kar lo kitana bhee mehanat kar lo kaheen na kaheen koee kamee rah jaatee hai is par koee apana javaab dena chaahenge jee haan main is par ek ko aapase baat karana chaahoongee ki hamaare ko pata hai ki 2 plas too 4 hota hai theek hai aur hamako pata hai ki agar ham paanee mein cheenee mil aaenge to chalee golee jaegee theek hai ab aap jindagee mein kuchh chot laga rahe ho karm kar rahe ho aur usaka phal nahin aa raha hai usaka jaisa aap vaanchhit phal nahin aa rahe hain dekho koee bhee karm karoge usaka phal to aaega lekin vaanchhit phal nahin aa raha hai jaisa chaahate hain vaisa nahin aa raha hai usaka kya vajah ho sakatee hai usakee vajah yah hai ki jo phaarmoola hai jo kaambineshan hai cheejon ka jo phaiktars hai jo kaarak hai vah sahee maatra mein nahin hai sahee maatra mein sahee disha mein sahee karm nahin kiya ja raha hai vaisa phal nahin aa raha hai jaisa chaahie to yah vajah hai aur isaka ek aur bhee hai ki kaee baar ham aaj ret bhee kar lete hain ham yah nahin dekh pa rahe hain ki mere tumhen kahaan truti hai har kaaryakarta mahoday kaaryapranaalee hotee hai jaise agar aapako aaloo gobhee kee sabjee banaanee hai to usaka bhee ek tareeka hai aapane man se kaise bhee bana loge band ho jaegee lekin vaisee hee banegee jaisa aap pasand karate hee chaahate hain vaise hee banaana chaahate hain to usaka ek propar sistam hai har cheej ka chhotee se chhotee aasaan se aasaan cheej jaise ki ek sabjee ya badee se badee koee bhee cheej badee se badee koee masheen hai bade se bada koee aur aapakee krti hai jisako aap banaate hain jisamen ho jis bhee kshetr mein ho usaka bhee kuchh ek phaarmoola hai kuchh usaka paimaana hoga jis par aap jajament nahin hua galat hua achchha hua ya bura hua aisa chaahie tha vaisa chaahie tha nahin mila to kyon nahin mila us par ek phon karana bahut jarooree hai usake kaaranon ka pata lagaana jarooree hai unako door kar kar aur phir aage badhana jarooree hai mainne to rikshaavaala bhee karata hai to mehanat to sab kar rahe hain lekin mehanat agar sahee disha mein nahin kee ja rahee hai sahee leval mein nahin ja rahee hai aapako to usaka utana rijalt paisa nahin milega jab milana chaahie to khulakar ditel mein aapako kisee se kansalt karen aap chaahe to mujhase bhee baat kar sakate hain aur kya kya problam aa rahee hai kahaan kya nahin ho raha hai vah jaane bina un kaarakon ko ham yah nahin bata sakate kyon nahin ho raha hai isaka ek saral se upaay to yah ho sakata hai aap kisee pandit ke paas chale jao kisee taantrik ke paas chale jao aapako kuchh upaay batae jaenge laal kitaab ke ya aap kee janmapatree dekhakar bataenge kaun sa gaadee hai 1 taareekh ko hai doosara lekar aur soche ki main garm kar raha hoon kaun se kaary kar raha hoon mujhe kya dikkat aa rahee hai kahaan mere ko shot aaut karane kee koshish karen to abhee main seeriyas le rahee hoon phree mein ek vebeenaar hai yootyoob ke oopar jisamen hamaaree jo daalane kee aadat hai kyonki yah introspekshan hai yah jo ham poora soch vichaar kar rahe hain yah soch vichaar bhee ham daalate hain ham enaalaij nahin karana chaahate hain kahaan galatee ho gaee kahaan kya rah gaya ham aasaan tareeka dhoondha bhee bahut himmat chaahie yah dekhane ke lie ki main kahaan galat hoon to galatee har insaan se hotee hai usako pahachaan kar sambhal kar aur aage badhane mein hee samajhadaaree hai to main aapako link bhej dee hoon aapako mere chainal ko sabsakraib keejie aur usamen hindee mein hee mein phree mein aapako bata rahee hoon to 5 din ka hai aaj teesara din hai to aap dekhakar kaisa naate aap jo hai apane haathon se bhaarat mein jo daalane kee aadaten hain aur apane ek sistam devalap kar sakate hain jisase aapake lakshy kee praapti ho dhanyavaad

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
प्राइवेट नौकरी के लिए जो पोर्टल बनाये गए हैं क्या वह हमारे लिए फायदेमंद हैं?Kya Private Naukari Ke Liye Jo Portal Banaye Gaye Hain Kya Wah Humare Liye Phayedemand Hain
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:24
प्राइवेट नौकरी के लिए पोर्टल बहुत सारे हैं और वह लाभकारी भी होते हैं मैं नहीं कहूंगी कि नहीं होते हैं कि आज तक मैंने जहां भी नौकरी करी है उन पोर्टल के बदौलत की एवं पोर्टल से ही मुझे कॉल आया है वहीं से मेरा दिल में जो है वह थक जाता रहा है और अभी भी जाता है तो ऐसा है कि यह डिपेंड करता है आपके कौशल के ऊपर और आपने अपना रिज्यूमे बनाया कहते हैं बनाकर पोस्ट कहां किया है कौन सी वेबसाइट पर क्या है कि स्तर कि आप नौकरी चाहते हैं किस तरह का आपका एजुकेशन है किस तरह किस खेल से यह भी कुछ ऐसे कारक हैं जो महत्वपूर्ण है जिन पर ध्यान देना चाहिए जो यह तय करता है कि यह पोर्टल काम आएंगे या नहीं आएंगे आपके लिए तो अगर आप छोटे पैमाने की बात करे लोकल की जॉब की बात करें तो एक ऐप है वर्क इंडिया डॉट कॉम यह यह वर्क इंडिया करके आप जाइए प्ले स्टोर पर वर्क इंडिया आपको मिलेगा और उस पर आप देखेंगे कि अलग-अलग तरह की छोटी-छोटी जॉब होती है जो बड़ी-बड़ी पोर्टल पर नहीं निकलती है वह जॉब भी उसमें है और लोकेशन के हिसाब से भी आपको वह जॉब तो जस्ट करता है तो 10 प्लस टू भी है कोई है दसवीं पास भी है कोई अगर जैसे ब्यूटीशियन को किया इतना कार ड्राइवर की जॉब जो रहती है जो यूजुअली बड़े प्लेटफार्म पर नहीं दिखती हैं हमको वह भी वहां पर लिस्ट होती हैं और यहां बड़ी जोक्स भी लिस्ट होती हैं तो आपको यह लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं आप ट्राई करके जरूर देखें
Praivet naukaree ke lie portal bahut saare hain aur vah laabhakaaree bhee hote hain main nahin kahoongee ki nahin hote hain ki aaj tak mainne jahaan bhee naukaree karee hai un portal ke badaulat kee evan portal se hee mujhe kol aaya hai vaheen se mera dil mein jo hai vah thak jaata raha hai aur abhee bhee jaata hai to aisa hai ki yah dipend karata hai aapake kaushal ke oopar aur aapane apana rijyoome banaaya kahate hain banaakar post kahaan kiya hai kaun see vebasait par kya hai ki star ki aap naukaree chaahate hain kis tarah ka aapaka ejukeshan hai kis tarah kis khel se yah bhee kuchh aise kaarak hain jo mahatvapoorn hai jin par dhyaan dena chaahie jo yah tay karata hai ki yah portal kaam aaenge ya nahin aaenge aapake lie to agar aap chhote paimaane kee baat kare lokal kee job kee baat karen to ek aip hai vark indiya dot kom yah yah vark indiya karake aap jaie ple stor par vark indiya aapako milega aur us par aap dekhenge ki alag-alag tarah kee chhotee-chhotee job hotee hai jo badee-badee portal par nahin nikalatee hai vah job bhee usamen hai aur lokeshan ke hisaab se bhee aapako vah job to jast karata hai to 10 plas too bhee hai koee hai dasaveen paas bhee hai koee agar jaise byooteeshiyan ko kiya itana kaar draivar kee job jo rahatee hai jo yoojualee bade pletaphaarm par nahin dikhatee hain hamako vah bhee vahaan par list hotee hain aur yahaan badee joks bhee list hotee hain to aapako yah laabhakaaree siddh ho sakatee hain aap traee karake jaroor dekhen

#जीवन शैली

bolkar speaker
यदि कोई महिला अपना खुद का व्यापार शुरू करना चाहती है तो वह कैसे कर सकती है ?Yadi Koi Mahila Apna Khud Ka Vyapar Shuru Karna Chahti Hai Toh Wah Kaise Kar Sakti Hain
Porshia Chawla Ban Bolkar App
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
3:11
बहुत सारे स्कीम तो हैं जो सरकार ने शुरू किए हैं महिला को सपोर्ट करने के लिए ताकि वह अपना रोजगार स्वयं शुरू कर सकें छोटे पैमाने पर और आप शुरुआत जो है बहुत छोटे से कर कर भी एक अनुभव ले सकती हैं कि कौन सा व्यापार आपके लिए ठीक रहेगा आपकी जो क्षमता है उसके हिसाब से हम काम करें तो ज्यादा अच्छा रहता है आपकी रुचि किसमें है अब समता की बात करें तो कुछ पढ़ाई लिखाई में होते हैं तो ब्लॉगिंग कर सकते हैं ब्लॉकिंग कर सकते हैं या फिर वह ट्यूशन पढ़ा सकते हैं इस तरह का काम कर सकते हैं जिंदगी वाकपटुता है जिनके रिलेशन सच है नेटवर्क अच्छा है किटी पार्टी में जाती हैं वह लोग ऑनलाइन सेलिंग कर सकते हैं यह रिफलिंग के बिजनेस में अपना हाथ आजमा सकती हैं या फिर खुद ही तो है बहुत सारा परचेस कर के होलसेल मार्केट से हॉस्पिटल में भेज सकती है लेकिन उसमें फिर यह रहता है कि नमन बहुत करनी पड़ती है माल जो है वह कई बार स्टॉक हो जाता है निकलता नहीं है तो परेशानी आती है तो आजकल जो चल रहा है वह ऑनलाइन का जमाना तो आप ऑनलाइन ड्रेस को आजमा कर देख सकते हैं इसके अलावा खाना बनाने में बहुत अच्छी हैं और आपको पता है आपको एक नाक है आप को समझता है कि मेरी बचत ज्यादा हो और जिसमें लागत कम में मैं अच्छी चीज से बना सकती हूं और भेज सकती हूं मार्केटिंग कर सकती हूं तो आप एक छोटा सा ग्रह उद्योग भी शुरू कर सकते हैं थोड़ी-थोड़ी चार पांच महिलाएं मिलकर भी लगा सकती हैं सरकार से लोन भी मिलता है तो गृह उद्योग आप एक ऑप्शन है खुद ही घर वालों की मदद से आप अपने घर में ही कोई छोटा सा बिजनेस करती हैं तो वह से आपको यह हलचल है तो यह सब चीजों में इतना पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन आपके कुछ थोड़ी बहुत पूंजी चाहिए रहती है तो यह बहुत सारे ऑप्शन है इसके अलावा आप देखो कि आपका और कहां पर रुझान है कई लोगों ने योगा में अच्छा होता है फिटनेस में अच्छी होती है महिलाएं या जो ब्यूटी पार्लर का कोर्स कर चुकी हैं तो उनके लिए एक आसानी हो जाती है तो वह उस तरह की सर्विस दे सकती हैं अपने घर में शुरू कर सकती हैं तो छोटे पैमाने पर आप शुरू कर एक बड़े पैमाने तक 2 साल में पहुंच सकते हो इसके लिए आप प्लानिंग कर सकते हो तो यह अगेन आपकी रुचि के ऊपर है आपकी रुचि किसमें है आपका दक्षता किस के अंदर है आपके अच्छे से कर लेते हो यहां तक कि हाथ से बनाने वाले जो क्राफ्ट होते हैं स्वेटर होते हैं या अनैतिक होती हैं वह भी लुप्त होती जा रही है कल आप बहुत कम महिलाओं को आज की डेट में आती है अगर आप उसमें सुधार है आप उसमें शुगर है तो आपको बना कर भेज सकते हैं etsy.com करके एक वेबसाइट है जिस पर आप अपना रजिस्ट्रेशन करा कर अपने माल को भेज सकती हैं तो उसमें क्या है कि हाथ से बनी हुई जो सुंदर-सुंदर चीजें होती हैं लोग उसके पैसे भी बहुत देते हैं और खरीदते हैं तो लेकिन उसमें यह है कि यूनीक आइटम होनी चाहिए अच्छी होनी चाहिए लुभावनी होनी चाहिए और घर पर ही शुरु करना है आपको घर बैठ कर ही बनाना है और वैष्णव ऑनलाइन है यह एक ऑप्शन है फेसबुक पेज बनाओ और उस पर अपना जो है एडवर्टाइज करो और उसके अंदर आप अपना प्रोडक्ट का इमेजेस डाल कर आप उनको बेवक्त वक्त शाम बना सकते हो आप कर सकते हो तो आप ही से भी शुरुआत कीजिए छोटे से शुरुआत कीजिए हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
Bahut saare skeem to hain jo sarakaar ne shuroo kie hain mahila ko saport karane ke lie taaki vah apana rojagaar svayan shuroo kar saken chhote paimaane par aur aap shuruaat jo hai bahut chhote se kar kar bhee ek anubhav le sakatee hain ki kaun sa vyaapaar aapake lie theek rahega aapakee jo kshamata hai usake hisaab se ham kaam karen to jyaada achchha rahata hai aapakee ruchi kisamen hai ab samata kee baat karen to kuchh padhaee likhaee mein hote hain to bloging kar sakate hain bloking kar sakate hain ya phir vah tyooshan padha sakate hain is tarah ka kaam kar sakate hain jindagee vaakapatuta hai jinake rileshan sach hai netavark achchha hai kitee paartee mein jaatee hain vah log onalain seling kar sakate hain yah riphaling ke bijanes mein apana haath aajama sakatee hain ya phir khud hee to hai bahut saara paraches kar ke holasel maarket se hospital mein bhej sakatee hai lekin usamen phir yah rahata hai ki naman bahut karanee padatee hai maal jo hai vah kaee baar stok ho jaata hai nikalata nahin hai to pareshaanee aatee hai to aajakal jo chal raha hai vah onalain ka jamaana to aap onalain dres ko aajama kar dekh sakate hain isake alaava khaana banaane mein bahut achchhee hain aur aapako pata hai aapako ek naak hai aap ko samajhata hai ki meree bachat jyaada ho aur jisamen laagat kam mein main achchhee cheej se bana sakatee hoon aur bhej sakatee hoon maarketing kar sakatee hoon to aap ek chhota sa grah udyog bhee shuroo kar sakate hain thodee-thodee chaar paanch mahilaen milakar bhee laga sakatee hain sarakaar se lon bhee milata hai to grh udyog aap ek opshan hai khud hee ghar vaalon kee madad se aap apane ghar mein hee koee chhota sa bijanes karatee hain to vah se aapako yah halachal hai to yah sab cheejon mein itana padhane kee jaroorat nahin padegee lekin aapake kuchh thodee bahut poonjee chaahie rahatee hai to yah bahut saare opshan hai isake alaava aap dekho ki aapaka aur kahaan par rujhaan hai kaee logon ne yoga mein achchha hota hai phitanes mein achchhee hotee hai mahilaen ya jo byootee paarlar ka kors kar chukee hain to unake lie ek aasaanee ho jaatee hai to vah us tarah kee sarvis de sakatee hain apane ghar mein shuroo kar sakatee hain to chhote paimaane par aap shuroo kar ek bade paimaane tak 2 saal mein pahunch sakate ho isake lie aap plaaning kar sakate ho to yah agen aapakee ruchi ke oopar hai aapakee ruchi kisamen hai aapaka dakshata kis ke andar hai aapake achchhe se kar lete ho yahaan tak ki haath se banaane vaale jo kraapht hote hain svetar hote hain ya anaitik hotee hain vah bhee lupt hotee ja rahee hai kal aap bahut kam mahilaon ko aaj kee det mein aatee hai agar aap usamen sudhaar hai aap usamen shugar hai to aapako bana kar bhej sakate hain aitsy.chom karake ek vebasait hai jis par aap apana rajistreshan kara kar apane maal ko bhej sakatee hain to usamen kya hai ki haath se banee huee jo sundar-sundar cheejen hotee hain log usake paise bhee bahut dete hain aur khareedate hain to lekin usamen yah hai ki yooneek aaitam honee chaahie achchhee honee chaahie lubhaavanee honee chaahie aur ghar par hee shuru karana hai aapako ghar baith kar hee banaana hai aur vaishnav onalain hai yah ek opshan hai phesabuk pej banao aur us par apana jo hai edavartaij karo aur usake andar aap apana prodakt ka imejes daal kar aap unako bevakt vakt shaam bana sakate ho aap kar sakate ho to aap hee se bhee shuruaat keejie chhote se shuruaat keejie hamaaree shubhakaamanaen aapake saath hain dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
हम अपने कार्य करने की क्षमता को कैसे बढ़ा सकते हैं?Hum Apne Karya Karne Ki Shamta Ko Kaise Badha Sakte Hain
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:25
अपने कार्य करने की क्षमता को कैसे बढ़ा सकते हैं कार्य करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए सबसे पहले यह देखें कि वह कार्य जो है उसके डायनामिक्स क्या है सिस्टम क्या है अगर हम उसके सेट कर दें और उसमें होने वाले उतार-चढ़ाव क्या फायदे नुकसान को जांच लें तो हम बहुत हद तक जो है प्लानिंग अच्छे से कर सकती हैं जितना हम अच्छे से प्लानिंग करते हैं स्ट्रेटजी बनाते हैं उतना ही उत्पादकता सकते हैं कोई भी काम जो है चाहे आप एक अकाउंटेंट हूं या फिर आप ए ग्राफिक डिजाइनर हो या फिर अपन कंप्यूटर प्रोग्राम को डर हो मोबाइल रिपेयर करने वाले क्यों ना हो या फिर कोई और टिफिन सर्विस देने वाला प्रथम चुनाव हर इंसान हर इंसान अपने क्षेत्र में अपने काम में अगर इस सिस्टम को डेवलप कर लेता है तो बहुत सारी त्रुटियां जो है वह खत्म हो जाती है इस समय की बचत होती है उत्पादकता बढ़ जाती है क्षमता बढ़ जाती है और आप एक स्टूडेंट के जैसे भी अगर सोचे थे स्टूडेंट भी अपना टाइम टेबल बनाता है अगर और उसके कोडिंग पड़ता है और जिस तरह से वह अपनी स्ट्रेटजी बनाता है करता है वही सुनिश्चित करता है कि समय पर वह अपने सिलेबस खत्म कर पाएगा या नहीं याद किया वह पाठ पेपर में लिख पाएगा या नहीं लिख पाएगा और इस रिश्ते हम देखते कि उसकी क्षमता भी बढ़ती है याद करने की फैशन कहां आता है श्रद्धा कम कहां होती है जहां हमारे सिस्टम में त्रुटि होती है वह सिस्टम की त्रुटियां दूर करनी है सुंदर लग करना है इसके ऊपर और मार्गदर्शन चाहिए तो आप मुझे जरुर मैसेज कीजिए धन्यवाद
Apane kaary karane kee kshamata ko kaise badha sakate hain kaary karane kee kshamata ko badhaane ke lie sabase pahale yah dekhen ki vah kaary jo hai usake daayanaamiks kya hai sistam kya hai agar ham usake set kar den aur usamen hone vaale utaar-chadhaav kya phaayade nukasaan ko jaanch len to ham bahut had tak jo hai plaaning achchhe se kar sakatee hain jitana ham achchhe se plaaning karate hain stretajee banaate hain utana hee utpaadakata sakate hain koee bhee kaam jo hai chaahe aap ek akauntent hoon ya phir aap e graaphik dijainar ho ya phir apan kampyootar prograam ko dar ho mobail ripeyar karane vaale kyon na ho ya phir koee aur tiphin sarvis dene vaala pratham chunaav har insaan har insaan apane kshetr mein apane kaam mein agar is sistam ko devalap kar leta hai to bahut saaree trutiyaan jo hai vah khatm ho jaatee hai is samay kee bachat hotee hai utpaadakata badh jaatee hai kshamata badh jaatee hai aur aap ek stoodent ke jaise bhee agar soche the stoodent bhee apana taim tebal banaata hai agar aur usake koding padata hai aur jis tarah se vah apanee stretajee banaata hai karata hai vahee sunishchit karata hai ki samay par vah apane silebas khatm kar paega ya nahin yaad kiya vah paath pepar mein likh paega ya nahin likh paega aur is rishte ham dekhate ki usakee kshamata bhee badhatee hai yaad karane kee phaishan kahaan aata hai shraddha kam kahaan hotee hai jahaan hamaare sistam mein truti hotee hai vah sistam kee trutiyaan door karanee hai sundar lag karana hai isake oopar aur maargadarshan chaahie to aap mujhe jarur maisej keejie dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
हम अपनी चलने वाली ऑनलाइन क्लासेज को भी मजेदार कैसे बना सकते हैं?Hum Apni Chlane Vali Online Classes Ko Bhe Majedar Kaise Bana Sakte Hain
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:52
अच्छा प्रश्न है आपका और आज की डेट में यह बहुत ही ज्यादा रिलेवेंट है क्योंकि ऑनलाइन स्कूल चल रहे हैं ऑनलाइन कॉलेजेस शुरू है तो ऑनलाइन क्लासेस तक नहीं कर सकते हैं कि विकास रहे हो ऑनलाइन हो रही हैं सब ट्रेनिंग ऑनलाइन हो रही है तो मैं ऑनलाइन साथ लेती हूं और मैं क्या करती हूं और उदार बनाने के लिए वह मैं आपसे शेयर करूंगी मेरे बहुत सारे स्टूडेंट परेशान रहते हैं इस बात को लेकर उनको भी यही सलाह देती हूं कि आप अपना जो कैमरा है वह ऑन रखें आप जैसे तैयार होकर बैठते थे अपनी क्लास के अंदर ऐसे ही आप तैयार होकर बैठी घर में शांत वातावरण जो है उसका चुनाव करें वहां पर आप अपना जो क्लास है जो मोबाइल है वो लेकर बैठी है लैपटॉप लेकर बैठे और इंटरेक्शन क्रिकेट टीचर के ऊपर बहुत ज्यादा डिपेंड करता है कि ए डायनेमिक क्या रहेंगे क्लास के तो इंटरेक्शन रखें तो जैसे क्लास में टीचर होते हैं सवाल कांटेक्ट रखते हैं कि तन मन में नहीं समझा साथ के साथ जांच करते हैं इस बात की और पहले से किसी विषय पर बच्चे उस नॉलेज को रखते हैं नहीं रखते उनका क्या विचार है वह भी जानने की कोशिश करते हैं इसमें ऐसा कोई डायलॉग बना रहता है को बोरियत नहीं होती है और दूसरी चीज यह कर सकते हैं आप उन्हें रोज कुछ होमवर्क दे होमवर्क ऐसा नहीं होना चाहिए कि जिसमें उनको बहुत सारा समय लगे बहुत छोटी छोटी सी क्वेश्चंस डाउनलोड करने को बोले सर्च करने को बोले कुछ नोट्स बनाने को बोले हर बच्चे को कुछ एक टास्क दे उसको कुछ मजा आएगा कुछ काम मिलेगा कुछ लगेगा कि हां शाम को आना है अपनी जो पढ़ाई है उसको इतना रोचक बनाएं अलग-अलग स्टोरी सुना कर या अलग अलग तरीके से जिंदगी में कैसे डिलीट करना है कैसे फायदा होगा इस एजुकेशन का हमको वह उनको बताकर ताकि उनको यह भी लगे कि आप कल फिर मुझे आना है क्लास में तो एक उसको उत्सुकता होगी अगला सेशन मुझे अटेंड करना है या की क्लास मुझे अटेंड करनी है तो मैं स्टूडेंट्स को बनाती हूं और जो मैंने पढ़ाना है कल उसको पहले से ही थोड़ा तकलीफ कर देती हूं कि कल हम यह पढ़ने वाले हैं और मेरे जितने भी स्टूडेंट है वह 20 वर्ष की आयु के आर प्लस माइनस टू है मतलबी के आसपास के हैं तो काफी डिस्ट्रक्शन है मोबाइल है वेब सीरीज है उसके चलते हम को पढ़ाना है पढ़ने में पहले भी जी चुराते भी ऑनलाइन में तो बिल्कुल वह कैमरा ऑन नहीं करते हैं बहुत सारे लोग मेरे कहने पर भी नहीं करते हैं लेकिन अगर हम खुद कैमरा ऑन रखेंगे और हम अपनी प्रति दिखाएंगे तो फिर बच्चों को भी लगता है कहीं भी आना है जितना आप इंटरेस्टिंग अपने लेक्चर को बनाएंगे कुछ ना ज्यादा और वह आपको सुनेंगे और उनको बोरिंग नहीं लगेगा कि आप कर सकते हैं और आपका विशेष जैसा भी हो जो भी हो उसको रोचक बनाया जा सकता है धन्यवाद
Achchha prashn hai aapaka aur aaj kee det mein yah bahut hee jyaada rilevent hai kyonki onalain skool chal rahe hain onalain kolejes shuroo hai to onalain klaases tak nahin kar sakate hain ki vikaas rahe ho onalain ho rahee hain sab trening onalain ho rahee hai to main onalain saath letee hoon aur main kya karatee hoon aur udaar banaane ke lie vah main aapase sheyar karoongee mere bahut saare stoodent pareshaan rahate hain is baat ko lekar unako bhee yahee salaah detee hoon ki aap apana jo kaimara hai vah on rakhen aap jaise taiyaar hokar baithate the apanee klaas ke andar aise hee aap taiyaar hokar baithee ghar mein shaant vaataavaran jo hai usaka chunaav karen vahaan par aap apana jo klaas hai jo mobail hai vo lekar baithee hai laipatop lekar baithe aur intarekshan kriket teechar ke oopar bahut jyaada dipend karata hai ki e daayanemik kya rahenge klaas ke to intarekshan rakhen to jaise klaas mein teechar hote hain savaal kaantekt rakhate hain ki tan man mein nahin samajha saath ke saath jaanch karate hain is baat kee aur pahale se kisee vishay par bachche us nolej ko rakhate hain nahin rakhate unaka kya vichaar hai vah bhee jaanane kee koshish karate hain isamen aisa koee daayalog bana rahata hai ko boriyat nahin hotee hai aur doosaree cheej yah kar sakate hain aap unhen roj kuchh homavark de homavark aisa nahin hona chaahie ki jisamen unako bahut saara samay lage bahut chhotee chhotee see kveshchans daunalod karane ko bole sarch karane ko bole kuchh nots banaane ko bole har bachche ko kuchh ek taask de usako kuchh maja aaega kuchh kaam milega kuchh lagega ki haan shaam ko aana hai apanee jo padhaee hai usako itana rochak banaen alag-alag storee suna kar ya alag alag tareeke se jindagee mein kaise dileet karana hai kaise phaayada hoga is ejukeshan ka hamako vah unako bataakar taaki unako yah bhee lage ki aap kal phir mujhe aana hai klaas mein to ek usako utsukata hogee agala seshan mujhe atend karana hai ya kee klaas mujhe atend karanee hai to main stoodents ko banaatee hoon aur jo mainne padhaana hai kal usako pahale se hee thoda takaleeph kar detee hoon ki kal ham yah padhane vaale hain aur mere jitane bhee stoodent hai vah 20 varsh kee aayu ke aar plas mainas too hai matalabee ke aasapaas ke hain to kaaphee distrakshan hai mobail hai veb seereej hai usake chalate ham ko padhaana hai padhane mein pahale bhee jee churaate bhee onalain mein to bilkul vah kaimara on nahin karate hain bahut saare log mere kahane par bhee nahin karate hain lekin agar ham khud kaimara on rakhenge aur ham apanee prati dikhaenge to phir bachchon ko bhee lagata hai kaheen bhee aana hai jitana aap intaresting apane lekchar ko banaenge kuchh na jyaada aur vah aapako sunenge aur unako boring nahin lagega ki aap kar sakate hain aur aapaka vishesh jaisa bhee ho jo bhee ho usako rochak banaaya ja sakata hai dhanyavaad

#जीवन शैली

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:44
निर्भर होने के बावजूद भी यह अपेक्षा की जाती है कि स्त्रियों को ही घर संभालना है उन्हें कोई घर के काम करने में कोई खाना बनाना है यह चीज आदमी नहीं बदली है तो अगर वह पढ़ना चाहती हैं आगे बढ़ना चाहती है काम करना चाहती है तो उनकी निजी मामला है और उसमें लोग दखल अब नहीं दे रहे हैं उनको करने दे रहे हैं लेकिन वह अपेक्षा कहीं नहीं गई है कि बाकी के काम जो है जो स्त्री के हिस्से में आते थे वह आज भी उसको करनी है तो बहुत बार परिवारों में ऐसा देखा गया है कि उसकी मदद नहीं की जाती है उसको ताने दिए जाते हैं और यह अपेक्षा की जाती है कि भाई तुमको जो करना है वह तुम देखते बैठे हो तुम करो हम ने मना नहीं किया लेकिन हमारे यह जो काम है यह जो घर के काम है चाहे वह साफ सफाई के हूं खाना बनाने को है यह तुमको करनी पड़ेगी या समाज में बनाके रखनी है और मेहमानों की मेहमान नवाजी करनी है या बाकी के हमारे कल्चर फॉलो करने हैं जो बाकी के 1050 ती है वह तुमको करते रह नहीं पड़ेगी काफी बदलाव आए हैं बहुत हद तक बाय पास नहीं है जिसे लेकिन फिर भी एक जो मिडल क्लास फैमिली है जो एक जिसमें अपेक्षाएं भी हैं बहुत महत्वकांक्षी भी हैं और बहुत सपने भी है सब के लड़कों की भी है लड़कियों के भी हैं परिवार वालों की भी उसके चलते कभी कभी फिर स्ट्रेस आता है टेंशन क्रिएट होती है ऐसी सिचुएशन क्रिएट होती है जहां पर शिक्षा जाता है तो वह भी चीजें हैं जिनको हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं और कहीं ना कहीं वो जब बेसिक सोच है उसमें बदलाव लाने की जरूरत है कि एक इंसान को इंसान के जब से देखी थी उसके क्या भावनाएं हैं क्या उसके टैलेंट है क्या उसको करना है मैं तो कांक्षा है तो एक बालन क्रिएट करना बहुत जरूरी है कि बाकी की एक्टिविटीज भी इंपोर्टेंट है और हमारे सर्वाइकल के लिए वह चीजें भी करनी जरूरी है लेकिन सिर्फ एक ही पक्ष या एक ही व्यक्ति से उसकी अपेक्षा रखना यह गलत है तो सभी को मिलजुलकर सभी काम करने चाहिए जिससे अगर फाइनेंसियल एक लेडी प्रोवाइड कर रही है फैमिली को तो बाकी की फैमिली को भी बाकी के घर के कामों में उसका हाथ बढ़ाना चाहिए उसमें हिस्सा लेना चाहिए और यह नहीं सोचना चाहिए कि यह मेरा काम नहीं है तो लेडीस का काम है यह सोच कहीं ना कहीं बदलाव लाने की जरूरत है मूलभूत और 1 दिन में एक इंसान से तो नहीं होगा लेकिन हम शुरुआत कर सकते हैं कहीं ना कहीं अपने स्तर पर कि हम सहयोग लेना शुरू करें बहुत बार हम ही सहयोग नहीं ले रहे हैं हमें अकेले करते जा रहे हैं तो दूसरों का सहयोग ले उनकी मदद नहीं हम से काम करवाना सीखे और एक बैलेंस मेंटेन करना सीखे कभी-कभी हमको नीति भी इस्तेमाल करनी पड़ती है धन्यवाद
Nirbhar hone ke baavajood bhee yah apeksha kee jaatee hai ki striyon ko hee ghar sambhaalana hai unhen koee ghar ke kaam karane mein koee khaana banaana hai yah cheej aadamee nahin badalee hai to agar vah padhana chaahatee hain aage badhana chaahatee hai kaam karana chaahatee hai to unakee nijee maamala hai aur usamen log dakhal ab nahin de rahe hain unako karane de rahe hain lekin vah apeksha kaheen nahin gaee hai ki baakee ke kaam jo hai jo stree ke hisse mein aate the vah aaj bhee usako karanee hai to bahut baar parivaaron mein aisa dekha gaya hai ki usakee madad nahin kee jaatee hai usako taane die jaate hain aur yah apeksha kee jaatee hai ki bhaee tumako jo karana hai vah tum dekhate baithe ho tum karo ham ne mana nahin kiya lekin hamaare yah jo kaam hai yah jo ghar ke kaam hai chaahe vah saaph saphaee ke hoon khaana banaane ko hai yah tumako karanee padegee ya samaaj mein banaake rakhanee hai aur mehamaanon kee mehamaan navaajee karanee hai ya baakee ke hamaare kalchar pholo karane hain jo baakee ke 1050 tee hai vah tumako karate rah nahin padegee kaaphee badalaav aae hain bahut had tak baay paas nahin hai jise lekin phir bhee ek jo midal klaas phaimilee hai jo ek jisamen apekshaen bhee hain bahut mahatvakaankshee bhee hain aur bahut sapane bhee hai sab ke ladakon kee bhee hai ladakiyon ke bhee hain parivaar vaalon kee bhee usake chalate kabhee kabhee phir stres aata hai tenshan kriet hotee hai aisee sichueshan kriet hotee hai jahaan par shiksha jaata hai to vah bhee cheejen hain jinako ham najarandaaj nahin kar sakate hain aur kaheen na kaheen vo jab besik soch hai usamen badalaav laane kee jaroorat hai ki ek insaan ko insaan ke jab se dekhee thee usake kya bhaavanaen hain kya usake tailent hai kya usako karana hai main to kaanksha hai to ek baalan kriet karana bahut jarooree hai ki baakee kee ektiviteej bhee importent hai aur hamaare sarvaikal ke lie vah cheejen bhee karanee jarooree hai lekin sirph ek hee paksh ya ek hee vyakti se usakee apeksha rakhana yah galat hai to sabhee ko milajulakar sabhee kaam karane chaahie jisase agar phainensiyal ek ledee provaid kar rahee hai phaimilee ko to baakee kee phaimilee ko bhee baakee ke ghar ke kaamon mein usaka haath badhaana chaahie usamen hissa lena chaahie aur yah nahin sochana chaahie ki yah mera kaam nahin hai to ledees ka kaam hai yah soch kaheen na kaheen badalaav laane kee jaroorat hai moolabhoot aur 1 din mein ek insaan se to nahin hoga lekin ham shuruaat kar sakate hain kaheen na kaheen apane star par ki ham sahayog lena shuroo karen bahut baar ham hee sahayog nahin le rahe hain hamen akele karate ja rahe hain to doosaron ka sahayog le unakee madad nahin ham se kaam karavaana seekhe aur ek bailens menten karana seekhe kabhee-kabhee hamako neeti bhee istemaal karanee padatee hai dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
वित्तीय रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है?Vittey Roop Se Mahilaon Ko Aatmanirbhar Hona Kitna Jaruri Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
2:16
कितने रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है बहुत जरूरी है क्योंकि कोई भी व्यक्ति चाहे वह महिला हो या पुरुष को अपने जीवन की डोर अपने हाथ में ले कर अपने जीवन को अपने हिसाब से स्थापित कर सके उसको पूरी तरह से चला सके यह सब क्षमता उसमें होनी चाहिए और जीवन यापन करने के लिए आर्थिक पक्ष हमारा मजबूत होना बहुत जरूरी है जिसे कहते हैं ना कि लाइफ स्किल जीवन में जैसे खाना बनाना भी बहुत ही जरूरी है पुरुष और महिला दोनों को आना चाहिए क्योंकि आपकी अपने सर बाइबल के लिए बहुत जरूरी है आप रोज बाहर नहीं खा सकते हो क्या इतना फोन नहीं कर सकते हो क्या आप रोज ही बाहर खाओगे लेकिन को हायर करोगी कोई आपके लिए बनाई है कोई रहेगा ही हमेशा जैसे बाकी चीजें जिंदगी जीने के लिए जरूरी है ऐसी पैसे कमाना है पैसे कमाने की ताकत रखना बहुत जरूरी है इसीलिए पढ़ा लिखा होना या फिर आपको किस था अपनी सूझबूझ से विवेक से धन अर्जित कर सकते हैं वह बहुत जरूरी है और आपने देखा होगा महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है अभी अपना पूरा योगदान दे रही है तुझे आना कितना जरूरी है यह आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हो कि कोई भी अप्रिय घटना घटती है यह कुछ भी उसने छोटी है तो वह इंडिपेंडेंट है तो हम को उसके हिसाब से चलना पड़ेगा लेकिन अगर हम डिपेंडेंट नहीं हैं इंडिपेंडेंट है इतना मत रूप से किसी पर भी या किसी का भी कुछ भी हमको बर्दाश्त करनी है खेलने की जरूरत नहीं तो बहुत ज्यादा जो अत्याचार होते हैं महिलाओं के ऊपर वह उनकी एक नाम विक्की डिपेंडेंसी की वजह से होते हैं लेकिन यह दूसरा पक्ष भी है कि क्रमिक इंडिपेंडेंस से भी बहुत सी तकलीफ है समाज के जो मैंने जो डायनामिक्स है वह बदले हैं तो एक बैलेंस मेंटेन करके चलना जरूरी है जिंदगी में कि हर चीज इंपोर्टेंट है जैसे मैंने कहा लाइफ स्किल सबको आना चाहिए कुछ इंसान सभी को पता होनी चाहिए उसके साथ साथ इनकम जो है जनरेशन में वह भी समझना चाहिए कि नीड है आपकी जरूरत है आपके जीवन यापन के लिए आवश्यक इसीलिए इसकी इंपॉर्टेंट
Kitane roop se mahilaon ko aatmanirbhar hona kitana jarooree hai bahut jarooree hai kyonki koee bhee vyakti chaahe vah mahila ho ya purush ko apane jeevan kee dor apane haath mein le kar apane jeevan ko apane hisaab se sthaapit kar sake usako pooree tarah se chala sake yah sab kshamata usamen honee chaahie aur jeevan yaapan karane ke lie aarthik paksh hamaara majaboot hona bahut jarooree hai jise kahate hain na ki laiph skil jeevan mein jaise khaana banaana bhee bahut hee jarooree hai purush aur mahila donon ko aana chaahie kyonki aapakee apane sar baibal ke lie bahut jarooree hai aap roj baahar nahin kha sakate ho kya itana phon nahin kar sakate ho kya aap roj hee baahar khaoge lekin ko haayar karogee koee aapake lie banaee hai koee rahega hee hamesha jaise baakee cheejen jindagee jeene ke lie jarooree hai aisee paise kamaana hai paise kamaane kee taakat rakhana bahut jarooree hai iseelie padha likha hona ya phir aapako kis tha apanee soojhaboojh se vivek se dhan arjit kar sakate hain vah bahut jarooree hai aur aapane dekha hoga mahilaen kisee bhee kshetr mein peechhe nahin hai abhee apana poora yogadaan de rahee hai tujhe aana kitana jarooree hai yah aap is baat se andaaja laga sakate ho ki koee bhee apriy ghatana ghatatee hai yah kuchh bhee usane chhotee hai to vah indipendent hai to ham ko usake hisaab se chalana padega lekin agar ham dipendent nahin hain indipendent hai itana mat roop se kisee par bhee ya kisee ka bhee kuchh bhee hamako bardaasht karanee hai khelane kee jaroorat nahin to bahut jyaada jo atyaachaar hote hain mahilaon ke oopar vah unakee ek naam vikkee dipendensee kee vajah se hote hain lekin yah doosara paksh bhee hai ki kramik indipendens se bhee bahut see takaleeph hai samaaj ke jo mainne jo daayanaamiks hai vah badale hain to ek bailens menten karake chalana jarooree hai jindagee mein ki har cheej importent hai jaise mainne kaha laiph skil sabako aana chaahie kuchh insaan sabhee ko pata honee chaahie usake saath saath inakam jo hai janareshan mein vah bhee samajhana chaahie ki need hai aapakee jaroorat hai aapake jeevan yaapan ke lie aavashyak iseelie isakee importent

#जीवन शैली

bolkar speaker
कोई महिला अगर अपने घर में रह कर ही कोई बिजनेस करना चाहे तो क्या कर सकती है?Koi Mahila Agar Apne Ghar Mein Rah Kar He Koi Business Karna Chahe To Kya Kar Sakti Hai
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1:51
यदि कोई महिला घर में रहकर बिजनेस करना चाहती हैं तो उसके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन आज की डेट में है ऑनलाइन टीचिंग ऑनलाइन ट्यूटोरियल आप अपना एडवर्टाइज कीजिए फेसबुक के ऊपर और आप अपना क्लास लेना शुरू कर दीजिए और देखिए धीरे-धीरे स्टूडेंट्स आने लगेंगे या गली मोहल्ले में एडवर्टाइज कीजिए कि मैं ऑनलाइन क्लासेस लेती हूं या घर से ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू कीजिए अगर आप पढ़ने पढ़ाने में इंटरेस्टेड नहीं हो या उतना एजुकेशन नहीं है तो फिर आप कपड़े बेचने का काम के लिए कभी भी ऑफ नहीं होता है लेडीस खरीदेंगे ही कहीं देंगे आप होलसेल मार्केट से चुनरी ला कर भेज सकती हैं या मैं कॉस्मेटिक का सामान भी सकती हैं तो उसमें आपका मार्जिन जो है वह आपको मिलेगा ऑनलाइन सेलिंग कर सकते हो आप रीसेल इन जैसे मीशो है शॉप वन ओं वन है शॉप मैट्रिक है ग्लोरोड है ऐसी बहुत सारी आप से मोबाइल पर जिनको आप डाउनलोड करके उसे बिजनेस कर सकते हो घर बैठे बिना किसी इन्वेस्टमेंट के सिर्फ और सिर्फ आपका नेटवर्क चाहिए उसमें सिर्फ और सिर्फ आपका जो सर्कल है वह आपको मतलब सुनना आपकी बात या आपके मैसेजेस पर सेंड करें ऐसे आप बिजनेस डेवलप कर सकते हो इसके अलावा और आप पार्लर खोल सकते हो अपने घर में लेकिन फिर इन्वेस्टमेंट चाहिए और उसे फिर यह भी है कि कस्टमर आएंगे नहीं आएंगे कितने आएंगे उस हिसाब से पेमेंट होगा तो आप किसके साथ सहज महसूस करती हैं क्या करना पसंद करेंगी वह आप पहले जांच किए टिफिन सर्विस शुरू कर सकती है दोनों कर लीजिए गृह उद्योग छोड़ कोड खोलना चाहती है दो तीन महिलाओं के साथ मिलकर तो वह कर सकती हैं अनंत संभावनाएं हैं आपकी क्या कैपेबिलिटी है टैलेंट है टाइम कितना बचता है घर के कामों से और वह टाइम कितना आप लगा सकते हो बिजनेस में कितनी इन्वेस्टमेंट कर सकते हो तो बहुत सारे फैक्टर जैसे डिसाइड करेंगे कि आप क्या करेंगे ऑप्शंस बहुत हैं आप जो चाहे वह कर सकते हैं धन्यवाद
Yadi koee mahila ghar mein rahakar bijanes karana chaahatee hain to usake lie sabase achchha opshan aaj kee det mein hai onalain teeching onalain tyootoriyal aap apana edavartaij keejie phesabuk ke oopar aur aap apana klaas lena shuroo kar deejie aur dekhie dheere-dheere stoodents aane lagenge ya galee mohalle mein edavartaij keejie ki main onalain klaases letee hoon ya ghar se hee tyooshan padhaana shuroo keejie agar aap padhane padhaane mein intarested nahin ho ya utana ejukeshan nahin hai to phir aap kapade bechane ka kaam ke lie kabhee bhee oph nahin hota hai ledees khareedenge hee kaheen denge aap holasel maarket se chunaree la kar bhej sakatee hain ya main kosmetik ka saamaan bhee sakatee hain to usamen aapaka maarjin jo hai vah aapako milega onalain seling kar sakate ho aap reesel in jaise meesho hai shop van on van hai shop maitrik hai glorod hai aisee bahut saaree aap se mobail par jinako aap daunalod karake use bijanes kar sakate ho ghar baithe bina kisee investament ke sirph aur sirph aapaka netavark chaahie usamen sirph aur sirph aapaka jo sarkal hai vah aapako matalab sunana aapakee baat ya aapake maisejes par send karen aise aap bijanes devalap kar sakate ho isake alaava aur aap paarlar khol sakate ho apane ghar mein lekin phir investament chaahie aur use phir yah bhee hai ki kastamar aaenge nahin aaenge kitane aaenge us hisaab se pement hoga to aap kisake saath sahaj mahasoos karatee hain kya karana pasand karengee vah aap pahale jaanch kie tiphin sarvis shuroo kar sakatee hai donon kar leejie grh udyog chhod kod kholana chaahatee hai do teen mahilaon ke saath milakar to vah kar sakatee hain anant sambhaavanaen hain aapakee kya kaipebilitee hai tailent hai taim kitana bachata hai ghar ke kaamon se aur vah taim kitana aap laga sakate ho bijanes mein kitanee investament kar sakate ho to bahut saare phaiktar jaise disaid karenge ki aap kya karenge opshans bahut hain aap jo chaahe vah kar sakate hain dhanyavaad

#रिश्ते और संबंध

bolkar speaker
क्या आज के समय में लड़कियों का धूम्रपान करना सही है?Kya Aaj Ke Samay Mein Ladkiyon Ka Dhoomrpan Karna Sahi Hai
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
4:03
समस्या कहां पर है उत्पन्न होती है कि जहां आप किसी को सिर्फ उसके लिंग के हिसाब से रोकने की कोशिश करते हो या उकसाने की कोशिश करते हो अब जैसे आप देखोगे कभी भी कि लड़कों का ग्रुप है और लड़के कहते हैं ले ले पी ले पी ले कुछ नहीं होता आदमी नहीं है क्या तुम मर्द नहीं है क्या तो पीने की आदत लग जाती है लड़कियों को पीता देखते हैं तो बोलते हैं किस को शर्म नहीं आती है तो इसको संस्कार नहीं है यह मां बाप ने कुछ खाया नहीं है या गंदी आदतें हैं तो लड़का हो या लड़की सिगरेट पीना छोड़ दे नुकसानदायक है दोनों को ही long-run में यह बेनिफिट नहीं देता है नुकसान ही करता है तो यह एक जैसे जापान में आज क्या हो रहा है पहले बहुत ज्यादा स्मोकिंग का ट्रेन का और बहुत ज्यादा सपोर्ट करते हैं जाती है लेकिन अभी कैसा है वहां पर ले लेते हैं कसम खाते हैं कि हम स्मोक नहीं करेंगे ड्रिंक में करेंगे और यंगस्टर्स जो है जो जो बॉयज हैं गर्ल्स है जो पार्टी करते हैं इस बार घूमने जाते हैं इसमें जाते हैं वह प्लाज लेते हैं कि यह हम इंजॉय तो करेंगे लेकिन हम यह सब फैशन नहीं करेंगे तो यह कुछ ग्रुप से रहते हैं और वह एक्टिविटी फिर इस चीज को अवेयरनेस क्रिएट करते और प्रमोट करते हैं तो आज की डेट में ही होना चाहिए कि दोनों लड़का और लड़की बचपन से ही यह अवेयरनेस जागे कि यह चीज सही नहीं है इसके बड़े नुकसान है याद गंदी है बुरी है और इसको नहीं करना है टेंशन है परेशानी है आप सेट हो तो वह गम गलत करने के लिए इन का सहारा ना देते हुए किसी काउंसलर के पास जाएं तो कल चले को गलत प्रमोट हुआ है कल्चरल फिल्मों के द्वारा हुआ हूं वेब सीरीज के द्वारा हुआ हो या पेरेंट्स के द्वारा हूं कि पैरंट भी कोई जिम्मेदार है अगर फादर चमक करते हैं तो बहुत हाय पॉसिबिलिटी है कि जो कन्हैया डॉटर है वह भी सूट करेगी यह बिटवीन करेगी तो इसीलिए आप देखो की जड़ कहां है और उस जड़ के ऊपर वार करो इस तरह से कमेंट करने से सोसाइटी में यह हो रहा है वह हो रहा है ऐसा नहीं होता है नहीं होता यह होना चाहिए वह होना चाहिए इससे तो समाधान कभी मिलने नहीं वाला है आप की भड़ास बस थोड़ी देर के लिए निकल जाएगी अगर आप वाकई में चाहते हैं कि सोसाइटी में चेंज आए हैं आपकी जो जनरेशन है वह इस चीज से बाहर आए हैं आपके बच्चे जो हैं वह चीज में ना पड़े तो झूठ क्यों है उन पर जाइए और जो आप की नींव है वह मजबूत करें एक घर भी शुरुआत करता है अगर इसकी तो आप देखो रिप्पल इफेक्ट होता है जैसे अगर मान लीजिए कि मैं ड्रिंक नहीं करती हूं स्मोक नहीं करती हूं मुझे बहुत सी चीजें क्लियर है मेरा बहुत स्ट्रांग पढ़ना है प्रिंसिपल है हर चीज को लेकर तो मेरे आस-पास के लोगों को भी मैं फिर अवेयरनेस क्रिएट करती हूं या वह उनके ऊपर भी मेरा इंपैक्ट पड़ेगा ऐसे ही फिर उनका और 10 लोगों पर पड़ेगा ऐसे क्षीण होती है तो कोई एक भी सुधर जाता है या कोई एक भी अगर मैं जान जाता है बदलाव आता है तो हर जगह आता है तो दिमाग से यह चीज निकाल दो कि लड़कियों को नहीं यह सोचो यह क्वेश्चन पूछो कि कैसे हम यह कुछ मॉकिंग और जो ड्रिंकिंग का कल्चर इसको कैसे खत्म करें खत्म कर देंगे वहीं ना क्योंकि अभी मुंबई में एक लड़की को मर्डर कर दिया गया है कि कॉलेज में भी वह शायद ड्रग्स कनफ्लुएंस देगा क्या था और क्या क्या चीज में कर रहे थे वह लोग पार्टी में तो कोई देखने वाला नहीं है बोलने वाला नहीं है जो 20 साल के बच्चे 18 साल के उतना ड्रिंक कर रहे हैं इतना स्मोक कर रहे हैं तो यह कहां गण चहिए स्कूल कहां से है और कहां से यह फैशनेबल अट रंडी है नहीं है ना और जिसने खो दिया अपने बच्चे को उसको तो अब जाग जाना चाहिए कि देखो कैसे भी हो क्या भी हो हम को स्ट्रांग रहना है और और लोग क्या कर रहे हो उस में ना फंसे हुए टीवी में क्या दिखा रहे हैं उससे इंशुरंस ना होते हैं हमको क्या जीवन से चाहिए हम क्या करना चाहते हैं उस पर फोकस करना जरूरी है जैसे हम यह करते हैं तो हम देखेंगे कि यह जो क्लाउड हैंग आउट थे और यह जो सिचुएशन सेडिसी पेट होने लगेंगी 130 मेरी विनती में तो होने लगेगी और यह वाकई में होता है धन्यवाद
Samasya kahaan par hai utpann hotee hai ki jahaan aap kisee ko sirph usake ling ke hisaab se rokane kee koshish karate ho ya ukasaane kee koshish karate ho ab jaise aap dekhoge kabhee bhee ki ladakon ka grup hai aur ladake kahate hain le le pee le pee le kuchh nahin hota aadamee nahin hai kya tum mard nahin hai kya to peene kee aadat lag jaatee hai ladakiyon ko peeta dekhate hain to bolate hain kis ko sharm nahin aatee hai to isako sanskaar nahin hai yah maan baap ne kuchh khaaya nahin hai ya gandee aadaten hain to ladaka ho ya ladakee sigaret peena chhod de nukasaanadaayak hai donon ko hee long-run mein yah beniphit nahin deta hai nukasaan hee karata hai to yah ek jaise jaapaan mein aaj kya ho raha hai pahale bahut jyaada smoking ka tren ka aur bahut jyaada saport karate hain jaatee hai lekin abhee kaisa hai vahaan par le lete hain kasam khaate hain ki ham smok nahin karenge drink mein karenge aur yangastars jo hai jo jo boyaj hain garls hai jo paartee karate hain is baar ghoomane jaate hain isamen jaate hain vah plaaj lete hain ki yah ham injoy to karenge lekin ham yah sab phaishan nahin karenge to yah kuchh grup se rahate hain aur vah ektivitee phir is cheej ko aveyaranes kriet karate aur pramot karate hain to aaj kee det mein hee hona chaahie ki donon ladaka aur ladakee bachapan se hee yah aveyaranes jaage ki yah cheej sahee nahin hai isake bade nukasaan hai yaad gandee hai buree hai aur isako nahin karana hai tenshan hai pareshaanee hai aap set ho to vah gam galat karane ke lie in ka sahaara na dete hue kisee kaunsalar ke paas jaen to kal chale ko galat pramot hua hai kalcharal philmon ke dvaara hua hoon veb seereej ke dvaara hua ho ya perents ke dvaara hoon ki pairant bhee koee jimmedaar hai agar phaadar chamak karate hain to bahut haay posibilitee hai ki jo kanhaiya dotar hai vah bhee soot karegee yah bitaveen karegee to iseelie aap dekho kee jad kahaan hai aur us jad ke oopar vaar karo is tarah se kament karane se sosaitee mein yah ho raha hai vah ho raha hai aisa nahin hota hai nahin hota yah hona chaahie vah hona chaahie isase to samaadhaan kabhee milane nahin vaala hai aap kee bhadaas bas thodee der ke lie nikal jaegee agar aap vaakee mein chaahate hain ki sosaitee mein chenj aae hain aapakee jo janareshan hai vah is cheej se baahar aae hain aapake bachche jo hain vah cheej mein na pade to jhooth kyon hai un par jaie aur jo aap kee neenv hai vah majaboot karen ek ghar bhee shuruaat karata hai agar isakee to aap dekho rippal iphekt hota hai jaise agar maan leejie ki main drink nahin karatee hoon smok nahin karatee hoon mujhe bahut see cheejen kliyar hai mera bahut straang padhana hai prinsipal hai har cheej ko lekar to mere aas-paas ke logon ko bhee main phir aveyaranes kriet karatee hoon ya vah unake oopar bhee mera impaikt padega aise hee phir unaka aur 10 logon par padega aise ksheen hotee hai to koee ek bhee sudhar jaata hai ya koee ek bhee agar main jaan jaata hai badalaav aata hai to har jagah aata hai to dimaag se yah cheej nikaal do ki ladakiyon ko nahin yah socho yah kveshchan poochho ki kaise ham yah kuchh moking aur jo drinking ka kalchar isako kaise khatm karen khatm kar denge vaheen na kyonki abhee mumbee mein ek ladakee ko mardar kar diya gaya hai ki kolej mein bhee vah shaayad drags kanaphluens dega kya tha aur kya kya cheej mein kar rahe the vah log paartee mein to koee dekhane vaala nahin hai bolane vaala nahin hai jo 20 saal ke bachche 18 saal ke utana drink kar rahe hain itana smok kar rahe hain to yah kahaan gan chahie skool kahaan se hai aur kahaan se yah phaishanebal at randee hai nahin hai na aur jisane kho diya apane bachche ko usako to ab jaag jaana chaahie ki dekho kaise bhee ho kya bhee ho ham ko straang rahana hai aur aur log kya kar rahe ho us mein na phanse hue teevee mein kya dikha rahe hain usase inshurans na hote hain hamako kya jeevan se chaahie ham kya karana chaahate hain us par phokas karana jarooree hai jaise ham yah karate hain to ham dekhenge ki yah jo klaud haing aaut the aur yah jo sichueshan sedisee pet hone lagengee 130 meree vinatee mein to hone lagegee aur yah vaakee mein hota hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या घर से कोई बढ़िया बिजनेस प्लान कर सकते हैं?Kya Ghar Se Koi Badiya Business Plan Kar Sakte Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:53
सारे बिजनेस मॉडल है जो घर से प्लान किए जा सकते हैं जैसे कि ट्यूटोरियल्स का हो गया अपने घर में ट्यूटोरियल्स खोल सकते हैं या ऑनलाइन क्लासेस ले सकते हैं इसके अलावा और इसे लिंग का बिजनेस आप कर सकते हैं मोबाइल के द्वारा आपके द्वारा आप कर सकते हैं और कुछ चीजें आप होलसेल मार्केट से लाकर और अपने घर से आप भेज सकते हो ऐसा भी आप छोटा साइकिल शॉप खोल सकते हो डिपेंड करता है कि आप किस चीज में ज्यादा इंटरेस्ट रखते हो आपको कितना इन्वेस्टमेंट करना है और आपके पास जगह कितनी है तो दोनों तरह से काम कर सकते हो ऑनलाइन भी काट सकते हो और ऑफलाइन भी कर सकते हो तो जैसे आजकल ऑनलाइन का चलन है ऑफलाइन होने पर भी ऑनलाइन की मांग बहुत ज्यादा है इसे किसी का बुटीक है किसी का स्टोर है फिर भी वह ऑनलाइन भेज रहा है क्यों क्योंकि अब कोरोनावायरस ज्यादा इंटरेक्शन या आना जाना कम हो गया है और काफी पाबंदियां हैं हमारे ऊपर तो हम ऑनलाइन इसीलिए आर्डर कर सकते हैं तो खुद को कंप्यूटर लिक्विड बनाकर आप घर में प्रोडक्ट तुम कर सकते हो किसी चीज पर फिर ऑनलाइन भेज सकते हो यह सबसे बेस्ट मॉडल है आज की डेट में जैसे मुझे खुद ख्याल आया था कि क्यों ना घर में कुछ ऐसे नमकीन या ऐसे कुछ बनाए जाएं या फिर उनको पार्क करके उनको डिलीवर किया जाए या होम डिलीवरी की जाए इस तरह का को शुरू किया जाए तो मेरे को फ्रेंड है वह करती है कैंडल्स सुरती सेंटेड कैंडल्स और चॉकलेट उनका बिजनेस करते हैं सीकर से तो आप भी कर सकते हो और एक बार लग्न है अगर इच्छा है और बहुत कम इन्वेस्टमेंट में भी शुरू शुरुआत करो आप छोटे से शुरुआत करो फिर जो इनकम हो उसी को वापस आप तो यूज़ करके अपना बड़े स्केल को कर सकते हो बिजनेस को अकेले से शुरू करो फिर धीरे-धीरे किसी को रिप्लाई भी कर सकते हो तो डेफिनेटली आप कुछ भी कर सकते हैं घर से जिसमें आप सहज महसूस करते हैं धन्यवाद
Saare bijanes modal hai jo ghar se plaan kie ja sakate hain jaise ki tyootoriyals ka ho gaya apane ghar mein tyootoriyals khol sakate hain ya onalain klaases le sakate hain isake alaava aur ise ling ka bijanes aap kar sakate hain mobail ke dvaara aapake dvaara aap kar sakate hain aur kuchh cheejen aap holasel maarket se laakar aur apane ghar se aap bhej sakate ho aisa bhee aap chhota saikil shop khol sakate ho dipend karata hai ki aap kis cheej mein jyaada intarest rakhate ho aapako kitana investament karana hai aur aapake paas jagah kitanee hai to donon tarah se kaam kar sakate ho onalain bhee kaat sakate ho aur ophalain bhee kar sakate ho to jaise aajakal onalain ka chalan hai ophalain hone par bhee onalain kee maang bahut jyaada hai ise kisee ka buteek hai kisee ka stor hai phir bhee vah onalain bhej raha hai kyon kyonki ab koronaavaayaras jyaada intarekshan ya aana jaana kam ho gaya hai aur kaaphee paabandiyaan hain hamaare oopar to ham onalain iseelie aardar kar sakate hain to khud ko kampyootar likvid banaakar aap ghar mein prodakt tum kar sakate ho kisee cheej par phir onalain bhej sakate ho yah sabase best modal hai aaj kee det mein jaise mujhe khud khyaal aaya tha ki kyon na ghar mein kuchh aise namakeen ya aise kuchh banae jaen ya phir unako paark karake unako dileevar kiya jae ya hom dileevaree kee jae is tarah ka ko shuroo kiya jae to mere ko phrend hai vah karatee hai kaindals suratee sented kaindals aur chokalet unaka bijanes karate hain seekar se to aap bhee kar sakate ho aur ek baar lagn hai agar ichchha hai aur bahut kam investament mein bhee shuroo shuruaat karo aap chhote se shuruaat karo phir jo inakam ho usee ko vaapas aap to yooz karake apana bade skel ko kar sakate ho bijanes ko akele se shuroo karo phir dheere-dheere kisee ko riplaee bhee kar sakate ho to dephinetalee aap kuchh bhee kar sakate hain ghar se jisamen aap sahaj mahasoos karate hain dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:22
कह देना कि एक छोटा सा फोड़ा रहता है कौन सी रहती है उसको जब तक हम ध्यान नहीं देते हैं और ठीक नहीं करते हैं तो बहुत बड़ा बन जाता है गांठ बन जाती है उसे काफी और हम को परेशानी हो सकती है ऐसे ही जिंदगी में भी उतार-चढ़ाव आते हैं मुश्किलें आती है और उनका समाधान हम कई बार को इग्नोर कर देते हैं ध्यान नहीं देते हैं तो अपने आप समझ भी जाती हैं समय अपने आप कुछ भी हो जाती है लेकिन अगर कोई चीज आपका ध्यान ले रही है अपनी तरफ से यानी कि नहीं कहती स्टेज पर पहुंची है कैसे लेवल पर पहुंची है जहां उस पर ध्यान देना चाहिए उसका निवारण करना चाहिए तो फिर जरूर उसके समाधान पर काम करना चाहिए यदि उस परेशानी के बारे में फिर हम नहीं सोचते हैं तो परेशानी बहुत बड़ी बन जाती है और इसीलिए उसे कह देना नंबर 1 अंग्रेजी कहावत है कि जब एक छोटा ही है वह भी फोटो नहीं है कली है तो यूज को तोड़ दो या नहीं जब छोटे में हैं परेशानी तो यूज़ को जड़ से निकाल दो नहीं तो फिर से हो बार बार वापस रिअपीयर होती रहेगी और आपको परेशान करती रहेगी तो जड़ से निकालना बहुत जरूरी है या नहीं कि जो पूरा हम देखे रूट कॉल्स क्या है उस प्रॉब्लम का उस तक पहुंचे और उसका समाधान करें और ऊपर में मरहम लगाकर या सरफेस लेवल पर उस चीज को नहीं कर कर काम नहीं चलेगा हमें उस को जड़ से मिटाना होगा
Kah dena ki ek chhota sa phoda rahata hai kaun see rahatee hai usako jab tak ham dhyaan nahin dete hain aur theek nahin karate hain to bahut bada ban jaata hai gaanth ban jaatee hai use kaaphee aur ham ko pareshaanee ho sakatee hai aise hee jindagee mein bhee utaar-chadhaav aate hain mushkilen aatee hai aur unaka samaadhaan ham kaee baar ko ignor kar dete hain dhyaan nahin dete hain to apane aap samajh bhee jaatee hain samay apane aap kuchh bhee ho jaatee hai lekin agar koee cheej aapaka dhyaan le rahee hai apanee taraph se yaanee ki nahin kahatee stej par pahunchee hai kaise leval par pahunchee hai jahaan us par dhyaan dena chaahie usaka nivaaran karana chaahie to phir jaroor usake samaadhaan par kaam karana chaahie yadi us pareshaanee ke baare mein phir ham nahin sochate hain to pareshaanee bahut badee ban jaatee hai aur iseelie use kah dena nambar 1 angrejee kahaavat hai ki jab ek chhota hee hai vah bhee photo nahin hai kalee hai to yooj ko tod do ya nahin jab chhote mein hain pareshaanee to yooz ko jad se nikaal do nahin to phir se ho baar baar vaapas riapeeyar hotee rahegee aur aapako pareshaan karatee rahegee to jad se nikaalana bahut jarooree hai ya nahin ki jo poora ham dekhe root kols kya hai us problam ka us tak pahunche aur usaka samaadhaan karen aur oopar mein maraham lagaakar ya saraphes leval par us cheej ko nahin kar kar kaam nahin chalega hamen us ko jad se mitaana hoga

#टेक्नोलॉजी

bolkar speaker
क्या सिग्नल ऐप को इस्तेमाल करना सुरक्षित है?Kya Signal App Ko Istemal Karna Suraksit Hai
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
0:29
जो भी विश्लेषण हैं उनसे यही पता चलता है कि सिग्नल हम सुरक्षित है और सिग्नल आपकी जो प्राइवेसी टर्म्स एंड कंडीशन से मैंने भी पड़ी है उस हिसाब से उस डाटा लीक होने की संभावना ही नहीं है वह आज भी पोस्ट नहीं करेंगे आपका देता किसी पर पार्टी को नहीं देंगे तो इस तरह से यह सुरक्षित मालूम पड़ती है और ज्यादा व्हाट्सएप छोड़ कर उस पर आते हैं तो धन्यवाद
Jo bhee vishleshan hain unase yahee pata chalata hai ki signal ham surakshit hai aur signal aapakee jo praivesee tarms end kandeeshan se mainne bhee padee hai us hisaab se us daata leek hone kee sambhaavana hee nahin hai vah aaj bhee post nahin karenge aapaka deta kisee par paartee ko nahin denge to is tarah se yah surakshit maaloom padatee hai aur jyaada vhaatsep chhod kar us par aate hain to dhanyavaad

#जीवन शैली

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क्या दुनिया की हर औरत की नजर में खाली जेब वाले मर्द सबसे बदसूरत होता है?Kya Duniya Ki Har Aurat Ki Najar Mein Khali Jeb Vale Mard Sabse Badsurat Hota Hai
Porshia Chawla Ban Bolkar App
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:37
दुनिया की हर औरत की नजर में खाली नेपाली मूल सबसे बदसूरत होते हैं क्या तो यह सवाल बहुत दिलचस्प है और छुट्टी है आज के परिवेश में क्योंकि एक अंधी दौड़ है जिसमें सब भाग रहे हैं और हर इंसान चाहता है कि मैं आराम कीजिए कम से कम मेहनत में ज्यादा से ज्यादा बेनिफिट हूं ऐसे में अगर किसी लड़के से शादी कर ली जाए तो जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी और यह वाकई में हो रहा है आज के डेट में और आप देखोगे कि यह इतना ज्यादा प्रबल अंदर इतना प्रचलित है कि गलत लगता ही नहीं है बल्कि अगर कोई ऐसा लड़की नहीं है उसके लोग सकते थे तो सारे लोग हैं शादी को एक ट्रांजैक्शन के जैसे लेते हैं रिश्ते को एक ट्रांजेक्शन के लिए कोलेत्जकी दिल होती है वहां पर कितना पैसा आया कितना आपका फोटो देखा जाता है उसके साथ बात की जाती है ऐसी लड़कियों से आपको रिश्ते नहीं रखने चाहिए बात नहीं करनी चाहिए आपके पैसे के पीछे हैं वह कल को आप को छोड़ देगी आपका ध्यान नहीं रखेगी आप से प्रेम नहीं करेगी तो अगर आपको ऐसा लग रहा है कि नहीं मम्मी के बारे में सोचा है जिस से बात कर रहा हूं बहुत ज्यादा मनी माइंडेड है और उसका भी तो क्या आप उस रिश्ते को हवा ना दे और उसी के साथ जिंदगी में आना चाहता है
Duniya kee har aurat kee najar mein khaalee nepaalee mool sabase badasoorat hote hain kya to yah savaal bahut dilachasp hai aur chhuttee hai aaj ke parivesh mein kyonki ek andhee daud hai jisamen sab bhaag rahe hain aur har insaan chaahata hai ki main aaraam keejie kam se kam mehanat mein jyaada se jyaada beniphit hoon aise mein agar kisee ladake se shaadee kar lee jae to jindagee bahut aasaan ho jaegee aur yah vaakee mein ho raha hai aaj ke det mein aur aap dekhoge ki yah itana jyaada prabal andar itana prachalit hai ki galat lagata hee nahin hai balki agar koee aisa ladakee nahin hai usake log sakate the to saare log hain shaadee ko ek traanjaikshan ke jaise lete hain rishte ko ek traanjekshan ke lie koletjakee dil hotee hai vahaan par kitana paisa aaya kitana aapaka photo dekha jaata hai usake saath baat kee jaatee hai aisee ladakiyon se aapako rishte nahin rakhane chaahie baat nahin karanee chaahie aapake paise ke peechhe hain vah kal ko aap ko chhod degee aapaka dhyaan nahin rakhegee aap se prem nahin karegee to agar aapako aisa lag raha hai ki nahin mammee ke baare mein socha hai jis se baat kar raha hoon bahut jyaada manee mainded hai aur usaka bhee to kya aap us rishte ko hava na de aur usee ke saath jindagee mein aana chaahata hai

#जीवन शैली

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बुरे वक्त में किन चीजों को तुरंत दूर कर देना चाहिए?Bure Vakt Mein Kin Cheejon Ko Turant Door Kar Dena Chaiye
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:33
वक्त में किन चीजों को दूर कर देना चाहिए सबसे पहले तो जो नेगेटिव लोग हैं उनको दूर करें क्योंकि वह आपको और डिप्रैस करेंगे और ना किसी भी टिफिन लाएंगे और आप का मनोबल तोड़ने की कोशिश करेंगे दूसरा आपने यह करने आलस को छोड़ना है आपको सब मेहनत की जरूरत है आपको काम करते रहना चाहिए आपको आगे बढ़ते रहना चाहिए निरंतरता से इसलिए जो आपको यह ठाना है सबसे पहले यह देखना है कि कैसे मैं आगे बढ़ता रहा हूं परसों को उसको आपने ध्यान में रखना है और इसके बाद फिर आप को सबसे पहली चीज जो दूर करनी है वह है ऐसी एक्टिविटीज इन से टाइम वेस्ट होता है जैसे कि मोबाइल गेमिंग या ब्राउजिंग फेसबुक यूट्यूब बहुत समय ले ले लेते हैं आपका उनसे आपको पता है उनसे आपको अपना समय की बचत करनी है और उसका उसका समय को कार्य में अपने संलग्न करना है इसके बाद फिर आता है कि आप जरूर इस बात पर भी ध्यान दें कि कहां-कहां त्रुटि आ रही कहां-कहां मेरे सिस्टम में खराबी है कहां गड़बड़ हो रही है और मुझे कहां से उधार लेकर आना है उसके लिए प्लानिंग करें स्ट्रैटेजाइज करें फिर से रिजेक्ट कर दिया अपने गोल्स को मोटिवेशनल बुक्स पढ़ने मोटिवेशनल टॉक सुने और जरूरत पड़े तो ट्रेनिंग में ट्रेनिंग लेना बहुत जरूरी है उससे हमको प्यार की आती है कि हमको जीवन में क्या करना है क्या मेरे अंदर और विकास होना बाकी है कौशल का विकास सबसे महत्वपूर्ण है जरूर आपको करना चाहिए बाकी दूर कैसे रहना है छोड़ना किसको मैंने आपको बताया धन्यवाद
Vakt mein kin cheejon ko door kar dena chaahie sabase pahale to jo negetiv log hain unako door karen kyonki vah aapako aur diprais karenge aur na kisee bhee tiphin laenge aur aap ka manobal todane kee koshish karenge doosara aapane yah karane aalas ko chhodana hai aapako sab mehanat kee jaroorat hai aapako kaam karate rahana chaahie aapako aage badhate rahana chaahie nirantarata se isalie jo aapako yah thaana hai sabase pahale yah dekhana hai ki kaise main aage badhata raha hoon parason ko usako aapane dhyaan mein rakhana hai aur isake baad phir aap ko sabase pahalee cheej jo door karanee hai vah hai aisee ektiviteej in se taim vest hota hai jaise ki mobail geming ya braujing phesabuk yootyoob bahut samay le le lete hain aapaka unase aapako pata hai unase aapako apana samay kee bachat karanee hai aur usaka usaka samay ko kaary mein apane sanlagn karana hai isake baad phir aata hai ki aap jaroor is baat par bhee dhyaan den ki kahaan-kahaan truti aa rahee kahaan-kahaan mere sistam mein kharaabee hai kahaan gadabad ho rahee hai aur mujhe kahaan se udhaar lekar aana hai usake lie plaaning karen straitejaij karen phir se rijekt kar diya apane gols ko motiveshanal buks padhane motiveshanal tok sune aur jaroorat pade to trening mein trening lena bahut jarooree hai usase hamako pyaar kee aatee hai ki hamako jeevan mein kya karana hai kya mere andar aur vikaas hona baakee hai kaushal ka vikaas sabase mahatvapoorn hai jaroor aapako karana chaahie baakee door kaise rahana hai chhodana kisako mainne aapako bataaya dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
समझदार होने के लिए कुछ सुझाव क्या है?Samajhdar Hone Ke Lie Kuch Sujhav Kya Hai
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:30
समझदार होने के लिए सुझाव क्या है लेकिन समझदारी आती है अनुभव से अब हर चीज को ही लेकिन अनुभव कर ले अपने जीवन काल में वह भी मुमकिन नहीं है तो एक शॉर्टकट है वह शॉर्टकट यह है क्या दूसरों की जीवनी आपणी इंटरव्यूज देखें आज तो जैसे टेड टॉक का चलन है टिक टॉक में क्या है हमने अपने वह अनुभव बता रहे हो हम जैसे ही लोग हैं जो बहुत छोटे से शुरुआत किए थे और आज बड़ी जगह पहुंचे हैं तो वह आप देखो कि कैसे उन्होंने अपनी जो स्ट्रगल है वह कैसे करी कैसे उन्होंने वह मुकाम हासिल किया तो कुछ बटन घटनाएं आए उनको कुछ परेशानियां आए उतार-चढ़ाव आए और वहां पहुंचे उनके क्या-क्या अनुभव रहे हो ने क्या क्या प्लान किया क्या क्या स्ट्रेटजी उन्होंने अपनाई यह सारी चीजें भी वह डिस्कस करते हैं तो वह भी आप सुने और देखें और समझे तो आपको बहुत गहराई से पता चलेगा कि मेरे सिस्टम में कहां प्रॉब्लम है त्रुटि है और वहां मुझे सुधार ले कर आना है तो यह अगर आपको हेल्प चाहिए इस पूरे चैटिंग में प्लानिंग में ट्यूशन में तो आप मुझे कांटेक्ट कर सकते हैं इसकी ट्रेनिंग देती हूं और अगर आपको लगता है कि मुझे अपने आप से करना है तो बेस्ट तरीका यही है आप यूट्यूब पर ट्यूटोरियल्स देखें यूट्यूब पर इंटरव्यूज देखे देखे किस समय से लोगों ने चीज क्या है अपनी लाइफ में भी हम उनके अनुभवों से जल्दी से हम खुद कर कर खुद गलती करके सीसी में तो बहुत समय लगा लूंगा तो समय बचाने के लिए यह बहुत अच्छा काम है धन्यवाद
Samajhadaar hone ke lie sujhaav kya hai lekin samajhadaaree aatee hai anubhav se ab har cheej ko hee lekin anubhav kar le apane jeevan kaal mein vah bhee mumakin nahin hai to ek shortakat hai vah shortakat yah hai kya doosaron kee jeevanee aapanee intaravyooj dekhen aaj to jaise ted tok ka chalan hai tik tok mein kya hai hamane apane vah anubhav bata rahe ho ham jaise hee log hain jo bahut chhote se shuruaat kie the aur aaj badee jagah pahunche hain to vah aap dekho ki kaise unhonne apanee jo stragal hai vah kaise karee kaise unhonne vah mukaam haasil kiya to kuchh batan ghatanaen aae unako kuchh pareshaaniyaan aae utaar-chadhaav aae aur vahaan pahunche unake kya-kya anubhav rahe ho ne kya kya plaan kiya kya kya stretajee unhonne apanaee yah saaree cheejen bhee vah diskas karate hain to vah bhee aap sune aur dekhen aur samajhe to aapako bahut gaharaee se pata chalega ki mere sistam mein kahaan problam hai truti hai aur vahaan mujhe sudhaar le kar aana hai to yah agar aapako help chaahie is poore chaiting mein plaaning mein tyooshan mein to aap mujhe kaantekt kar sakate hain isakee trening detee hoon aur agar aapako lagata hai ki mujhe apane aap se karana hai to best tareeka yahee hai aap yootyoob par tyootoriyals dekhen yootyoob par intaravyooj dekhe dekhe kis samay se logon ne cheej kya hai apanee laiph mein bhee ham unake anubhavon se jaldee se ham khud kar kar khud galatee karake seesee mein to bahut samay laga loonga to samay bachaane ke lie yah bahut achchha kaam hai dhanyavaad

#जीवन शैली

bolkar speaker
आप किस प्रकार फैलाए जा रहे हैं झूठ से समाज को बचने की सलाह देंगे?Aap Kis Prakar Failaye Ja Rahe Hain Jhooth Se Samaj Ko Bachane Ki Salah Denge
Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
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मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
1:49
आप किस प्रकार फैलाया जा रहा है झूठ से समाज को बचने की सलाह देंगे मेरा एक सलाह यही रहेगी सबसे पहले की जो भी आप इस्तेमाल कर रहे हो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और जो भी मीडिया चैनल देख रहे हो उसको न्यूट्रल ओके देखो उसमें ज्यादा इमोशनल इन वर्ल्ड मत हो जाओ वह सिर्फ एक कहानी है कहानी कभी आपको कुछ सच्चाई होती है उसमें कुछ चोट भी होता है कि कोई आपको मैडम पर्सेंट यकीन नहीं कर सकते हो जो टीवी पर तो हम वही मानेंगे ना जो टीवी पर दिखाया जाता है हमको लगता है यही सही है लेकिन ऐसा नहीं है टीवी पर हर दूसरे दिन नहीं जा रही है वह सच कहोगी वैसा नहीं है तो सिलेक्शन करना कि कौन सी खबर सही है कौन सी खबर झूठ है कितना एक ही भड़काऊ भाषण देना अलग-अलग तरह के समुदाय के प्रांत के लोगों को भड़काना दंगे कराना और यह सब कर पा रहे हैं क्यों हो रहा है यह क्योंकि कहीं ना कहीं पब्लिक भी इसके लिए जिम्मेदार है वह बहक जाती है सुन लेती है मैडम जाती है चीजों को एक देखना उनको तो लेना उनको समझना तो यह एजुकेशन का परपस क्या है कि हम यह सब करते हैं विवेक शक्ति का इस्तेमाल तो वह विवेक का इस्तेमाल कर कर ही किसी खबर को सही मानें किसी भी बात को सच माने उसके बिना उसको नहीं माने जब तक बच्चे नहीं आए तब तक हम नहीं मानेगी क्या चाहिए यही तो बताया जा रहा है वह सही है क्या और अपना दिमाग भी इस्तेमाल करें क्योंकि हम सब एजुकेटेड हम सबके पास सब टूल्स है हम सब अपनी खुद की रिसर्च कर सकते हैं हम सब हर तबके की जांच कर करना जानते हैं और अधिकार भी कुछ हमको संविधान में दिए हैं तो उस प्रकार से हमें आगे बढ़ना है और चलना है बिल्कुल अंधाधुन किसी भी चीज को नहीं मानना है और किसी भी की बहकावे में चारों कोई पॉलिटिकल पार्टी हूं या कोई समुदाय हो कोई पंथ्यों ब्लाइंड्ली फॉलो नहीं करना
Aap kis prakaar phailaaya ja raha hai jhooth se samaaj ko bachane kee salaah denge mera ek salaah yahee rahegee sabase pahale kee jo bhee aap istemaal kar rahe ho soshal meediya pletaphorm aur jo bhee meediya chainal dekh rahe ho usako nyootral oke dekho usamen jyaada imoshanal in varld mat ho jao vah sirph ek kahaanee hai kahaanee kabhee aapako kuchh sachchaee hotee hai usamen kuchh chot bhee hota hai ki koee aapako maidam parsent yakeen nahin kar sakate ho jo teevee par to ham vahee maanenge na jo teevee par dikhaaya jaata hai hamako lagata hai yahee sahee hai lekin aisa nahin hai teevee par har doosare din nahin ja rahee hai vah sach kahogee vaisa nahin hai to silekshan karana ki kaun see khabar sahee hai kaun see khabar jhooth hai kitana ek hee bhadakaoo bhaashan dena alag-alag tarah ke samudaay ke praant ke logon ko bhadakaana dange karaana aur yah sab kar pa rahe hain kyon ho raha hai yah kyonki kaheen na kaheen pablik bhee isake lie jimmedaar hai vah bahak jaatee hai sun letee hai maidam jaatee hai cheejon ko ek dekhana unako to lena unako samajhana to yah ejukeshan ka parapas kya hai ki ham yah sab karate hain vivek shakti ka istemaal to vah vivek ka istemaal kar kar hee kisee khabar ko sahee maanen kisee bhee baat ko sach maane usake bina usako nahin maane jab tak bachche nahin aae tab tak ham nahin maanegee kya chaahie yahee to bataaya ja raha hai vah sahee hai kya aur apana dimaag bhee istemaal karen kyonki ham sab ejuketed ham sabake paas sab tools hai ham sab apanee khud kee risarch kar sakate hain ham sab har tabake kee jaanch kar karana jaanate hain aur adhikaar bhee kuchh hamako sanvidhaan mein die hain to us prakaar se hamen aage badhana hai aur chalana hai bilkul andhaadhun kisee bhee cheej ko nahin maanana hai aur kisee bhee kee bahakaave mein chaaron koee politikal paartee hoon ya koee samudaay ho koee panthyon blaindlee pholo nahin karana

#रिश्ते और संबंध

Porshia Chawla Ban Bolkar App
Top Speaker,Level 44
सुनिए Porshia जी का जवाब
मनोवैज्ञानिक, हैप्पीनेस कोच, ट्रेनर (सॉफ्ट स्किल्स/कॉर्पोरेट)
3:05
विकी यह जो एक इनसिक्योरिटी हैपियर है लाख है डिप्रिवेशन है हीरो शब्द है सारे नेगेटिव है और यह हर इंसान चाहे वह पुरुष हो या स्त्री हो कभी ना कभी इन चीजों से ग्रसित होता है और सबसे आसान तरीका क्या है डील करने का इन चीजों से कि हम यह ब्लेम दूसरे पर डाली पहले तो लड़की होने पर निराशा होनी नहीं चाहिए है ना लेकिन फिर भी होती है क्योंकि उसके पीछे बहुत सारी मान्यताएं हैं बहुत सारी कहानियां है बहुत सारे विचार है जो बचपन से उसको फिट किया गया इस वजह से इंसान को लगता है कि यह तो मौज है कि नहीं होना चाहिए या लड़का ही चाहिए और अगर वैसा नहीं होता है तो फिर वह ब्लेम करने के लिए कोई तो चाहिए वह ब्लेम किसको करेगा तो क्लेम दूसरे को करने पर अपने को हल्का लगता है किसी और को गाली दे दी किसी और को भेज दिया किसी और को जिम्मेदार ठहराया तो यह कोई गलत बात नहीं है कोई पाप नहीं है फिर भी हम ब्लेम कर रहे हैं कि जो फीमेल है जो लेडी है मदर है उसका फोल्डर उसको कोई फर्क नहीं है तो प्योर साइंस तो अब यह देखो आपकी यह मानसिकता को दर्शाता है एक को मान्यता के पाटन को दर्शा रहा है शादी करने से पहले ही अगर जांच कर ली जाए कि जो पुरुष है उसकी मानसिकता कैसी है उसके परिवार की मानसिकता कैसी है और कैसा रहेगा आगे उसका व्यवहार यह रुझान तो बहुत हद तक हम इसको कटेल कर सकते हैं लेकिन फिर सवाल आता है कि इतनी अगर खोज खबर कर पाता इतना कर देख आते तो शायद बहुत सी शादियां होती ही नहीं और शायद यही एक वजह है कि आज शादियां डिले हो रही है बहुत से लोगों की शादियां नहीं हो रही है क्योंकि वह कई तथ्यों को समझ पाते हैं देख पाते हैं और कंप्रोमाइज करने से मना कर देते हैं तो लड़कियां स्वतंत्र हैं आज की डेट में वह कंप्रोमाइज नहीं करती है इस वजह से जो है शादियां वह ऐसी जगह नहीं करना चाहती है जो उनको अनु में जाकर प्रॉब्लम क्रिएट हो कि मुद्दे पर आते हैं कि यह क्यों होता है तो जैसा मैंने बताया कि मानसिकता है यहां पर बहुत हद तक जिम्मेदार है यह सोचना कि पुरुष प्रधान समाज हमारा और यह सोचना कि पुरुष ही वंश को आगे लेकर जाएगा तो वही को लड़का पैदा होना चाहिए तो लड़की पैदा होने पर तो उसके जींस जो है वह हमारे फैमिली से बाहर जाएंगे ना किसी और फैमिली में जाएंगे यह सोच रहा था इस वजह से जोड़ दिया जाता है कि लड़का मैंने देखी गलत है सोच मैं इसको प्रमोट नहीं कर रही हूं और यह बार-बार फिर इस चीज को पिंप्वाइंट किया जाता है लेडी को ही तुमने लड़का पैदा नहीं किया जबकि प्योर साइंस तो ब्लेम करने के लिए क्या होता है थोड़ा मन को अच्छा लगता है ना कोई और जिम्मेदार है मैं जिम्मेदार नहीं हूं कि यह चीज है तो यहां उनको साइंटिफिकली आप कितना भी समझा लो उनको बात नहीं करते कि जब तक उनकी मूल मान्यता नहीं टूटेगी की लड़की का पैदा होना गलत है पिछली यह थॉट गलत है यह विचार चेंज करना जरूरी है धन्यवाद
Vikee yah jo ek inasikyoritee haipiyar hai laakh hai dipriveshan hai heero shabd hai saare negetiv hai aur yah har insaan chaahe vah purush ho ya stree ho kabhee na kabhee in cheejon se grasit hota hai aur sabase aasaan tareeka kya hai deel karane ka in cheejon se ki ham yah blem doosare par daalee pahale to ladakee hone par niraasha honee nahin chaahie hai na lekin phir bhee hotee hai kyonki usake peechhe bahut saaree maanyataen hain bahut saaree kahaaniyaan hai bahut saare vichaar hai jo bachapan se usako phit kiya gaya is vajah se insaan ko lagata hai ki yah to mauj hai ki nahin hona chaahie ya ladaka hee chaahie aur agar vaisa nahin hota hai to phir vah blem karane ke lie koee to chaahie vah blem kisako karega to klem doosare ko karane par apane ko halka lagata hai kisee aur ko gaalee de dee kisee aur ko bhej diya kisee aur ko jimmedaar thaharaaya to yah koee galat baat nahin hai koee paap nahin hai phir bhee ham blem kar rahe hain ki jo pheemel hai jo ledee hai madar hai usaka pholdar usako koee phark nahin hai to pyor sains to ab yah dekho aapakee yah maanasikata ko darshaata hai ek ko maanyata ke paatan ko darsha raha hai shaadee karane se pahale hee agar jaanch kar lee jae ki jo purush hai usakee maanasikata kaisee hai usake parivaar kee maanasikata kaisee hai aur kaisa rahega aage usaka vyavahaar yah rujhaan to bahut had tak ham isako katel kar sakate hain lekin phir savaal aata hai ki itanee agar khoj khabar kar paata itana kar dekh aate to shaayad bahut see shaadiyaan hotee hee nahin aur shaayad yahee ek vajah hai ki aaj shaadiyaan dile ho rahee hai bahut se logon kee shaadiyaan nahin ho rahee hai kyonki vah kaee tathyon ko samajh paate hain dekh paate hain aur kampromaij karane se mana kar dete hain to ladakiyaan svatantr hain aaj kee det mein vah kampromaij nahin karatee hai is vajah se jo hai shaadiyaan vah aisee jagah nahin karana chaahatee hai jo unako anu mein jaakar problam kriet ho ki mudde par aate hain ki yah kyon hota hai to jaisa mainne bataaya ki maanasikata hai yahaan par bahut had tak jimmedaar hai yah sochana ki purush pradhaan samaaj hamaara aur yah sochana ki purush hee vansh ko aage lekar jaega to vahee ko ladaka paida hona chaahie to ladakee paida hone par to usake jeens jo hai vah hamaare phaimilee se baahar jaenge na kisee aur phaimilee mein jaenge yah soch raha tha is vajah se jod diya jaata hai ki ladaka mainne dekhee galat hai soch main isako pramot nahin kar rahee hoon aur yah baar-baar phir is cheej ko pimpvaint kiya jaata hai ledee ko hee tumane ladaka paida nahin kiya jabaki pyor sains to blem karane ke lie kya hota hai thoda man ko achchha lagata hai na koee aur jimmedaar hai main jimmedaar nahin hoon ki yah cheej hai to yahaan unako saintiphikalee aap kitana bhee samajha lo unako baat nahin karate ki jab tak unakee mool maanyata nahin tootegee kee ladakee ka paida hona galat hai pichhalee yah thot galat hai yah vichaar chenj karana jarooree hai dhanyavaad
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