#कुछ अलग

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भारत में कोरोना का संक्रमण बढ़ने की क्या वजह है?Bharat Mein Corona Ka Sankraman Badhne Ki Kya Vajah Hai
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#कुछ अलग

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एक सामान्य मनुष्य में नशे की शुरुआत किस प्रकार से होती है?Ek Saamaany Manushy Mein Nashe Kee Shuruaat Kis Prakaar Se Hotee Hai
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#कुछ अलग

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मुझे सीधी बात करने की आदत है चाह कर भी घुमा फिरा कर बात नहीं कर पाती इसलिए बुरी बन जाती हूं मैं क्या करूं?Mujhe Seedhee Baat Karane Kee Aadat Hai Chaah Kar Bhee Ghuma Phira Kar Baat Nahin Kar Paatee Isalie Buree Ban Jaatee Hoon Main Kya Karoon
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#जीवन शैली

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#जीवन शैली

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क्या मेडिटेशन छत पर और कमरे में दोनों जगह कर सकते हैं?Kya Meditation Chhat Par Aur Kamre Mein Donon Jagah Kar Sakte Hain
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#भारत की राजनीति

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प्रत्येक 5 साल में लोगों के पास मौका होता है अवसर होता है कि वह सरकारों को बदल सके चाहे वह केंद्र सरकार की सरकार हो या राज्य की सरकार या पंचायत के चुनाव हो तो 5 साल में एक बार चुनाव आते हैं उसमें हमारे पास मौका होता है कि हम किस पार्टी की सरकार को बहुमत दें किस पार्टी को बहुमत है जिससे कि वह सरकार बनाना बना सके तो हमारे पास तो से यह आता है कौन सी पार्टी ने इन्हें सरकार में रहते हुए अच्छा कार्य किया तो जब इलेक्शन आते हैं चुनाव आयोग इलेक्शन कराता है तो सारी पार्टियां जो है अपने-अपने जो उन्होंने पिछली सरकारों में उन्होंने किया है वादे करती हैं अपने काम को बताती कि हमने यह किया है वह किया है उषा से वोट मांगती हैं और लोग इसी बात को ध्यान में रखते हुए लोगों को वोट करना चाहिए लेकिन वह करते नहीं है कुछ लोग अलग-अलग मुद्दे उठाते हैं कोई किसी को दोस्ती करो करता है कोई किसी धर्म मजहब का कोई किसी धर्म का तुष्टिकरण करके वोट भी यह लोग इस तरह ले जाते हैं हालांकि लोगों को इसमें ध्यान में रखकर वोट करना चाहिए कि कौन सी सरकार वाकई में देश के लिए अच्छी है जो कि धर्म मजहब काश से ऊपर हो लेकिन ऐसा होता कम है लेकिन कराएं चुनाव इस तरह से जाते हैं और इस तरह से किसी एक पार्टी को बहुमत मिलता है मेजॉरिटी मिलती है उसकी सरकार केंद्र में या राज्य में आ जाती और उसके बाद जिसे नियंत्रित कैसे नियंत्रित इस तरह से किया जाता है कि क्या जो है एक तो हमारी जुडिशरी है जो चुनाव है जो सॉरी हमारा जो न्याय पाओ लिखा है सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट अगर सरकार किसकी बन जाती है अगर वह मनमाने फैसले लेती है तो उसके लिए सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट है वह सरकार द्वारा पारित किए गए कानून को अगर गलत पाती है तो उन्हें खारिज कर देती है सुप्रीम कोर्ट उसे या सरकार को दोबारा सोचने पर मजबूर करती है कि उनकी उसके मतलब वह समीक्षा करती है इसके जो बिल वगैरह कर वह असंवैधानिक है तो जो है अगर कॉन्स्टिट्यूशन की सबसे ना हुए तो उसे खारिज कर देती है सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट तो इस तरह से ही नियंत्रण रहता है किसी भी सरकार को पर सरकार को पर यह तो एक है नियंत्रण लेकिन सरकार को सबसे बड़ा नियंत्रण संसद का है या कहीं विपक्ष का है तो विपक्ष द्वारा भी सरकार नियंत्रित में रहती है और पति क्या करता है कि अगर कोई बिल अगर उसे सही नहीं लग रहा है तू पास नहीं होने देता है लोकसभा में राज्यसभा में तो भैया उस पर चर्चा चाहता है डिस्क

#भारत की राजनीति

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लिखी बात इसमें किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है कि नरेंद्र मोदी जी हां राहुल गांधी जी से हटकर थोड़ा आगे जाकर सोचे कि ब्रांडिंग उसी की की जा सकती है और चॉकलेटी उसी की हो सकती है नियम और सेम उसी को मिल सकता है जिसके अंदर कुछ कुछ खास कुछ विशेष कुछ स्पेसिफिक स्पेशलिटी हो वह नेम फेम और पॉपुलर टीपू नहीं पा सकता जो जो वह जो है उसके अंदर वह सब्सटेंशियल चीज ना हो तो अगर मोदी जो है अगर वह उनका नाम हुआ है या वह फेमस हुए हैं पॉपुलर ट्री हुए हुए हैं कुछ कुछ सब टेंशन था उसमें तो आप ब्रांड कोई भी प्रोडक्ट ले रहे हैं आप खाना प्रोडक्ट से कंपेयर करें खुशी में प्रोडक्ट को ले लिया तो उसकी ब्रांडिंग तभी हो पाती है जब वह कुछ होता है है ना किसी भी कंपनी का प्रोडक्ट ले लीजिए अंबानी अंबानी ने जिओ ऑफर किया तो जिओ में कुछ ऐसी बात थी कुछ ऐसी दम थी जो कि वह आगे बढ़ पाया टाटा के प्रोडक्ट हो या किसी भी चीज का प्रोडक्ट हूं या एजुकेशन प्लेटफार्म पर लेने अनअकैडमी का कोई भी होगा ऐसा तो उसमें कुछ हो है ना अगर कुछ है तभी तो उसकी आप पैकिंग ब्रांडिंग और चमक-दमक उसमें ला सकते हैं अगर उसके अंदर कुछ नहीं है तो लोगों को निराशा होगी लेकिन किसी चीज की में कुछ काबिलियत है कुछ ऐसी हुनर है लीडरशिप स्किल है ऐसी चीजें है तो ऐसी चीजों की ही आप ब्रांडिंग नेम फेम कर सकते हैं तो बीजेपी के पास इस तरह का एक चेहरा था जो लीडरशिप में आगे रह सकता था जो मतलब लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकता था जो बॉटम जो ग्रासरूट्स पर हैं जो जमीन पर रहने वाले लोग हैं जो जमीन से जुड़े हुए लोग हैं उन पर उनका को अपनी बात रखें पहुंचा सकता था इस तरह का व्यक्ति जिसको दसियों साल का एक्सपीरियंस रहा हूं करता था और जब कि अब यही कमी रही कांग्रेस पार्टी में उनके पास इस तरह का चेहरा तो तय है उसके पास लेकिन उन्होंने ऐसा कोई चेहरा नहीं सुना जिसकी ब्रांड इन की जा सके मोदी इस तरह के फेस थे जिसे पब्लिक प्लेस बनाया जा सकता था सारे पब्लिक फेस नहीं होते हैं लेकिन अगर कुछ उसने है डिजर्विंग कुछ अपीलिंग कुछ ऐसी खास बात तो तब उसे पब्लिक फेस पब्लिक फिगर बनाया जा सकता है मोदी जी बने पब्लिक फिगर बनाया जा सकता कांग्रेस के पास कई ऐसे चेहरे थे अगर वह उन्हें

#भारत की राजनीति

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सरकार द्वारा पास किये गए नए IT Law समझाएंSarakaar Dvaara Paas Kiye Gae Nae It Law Samajhae
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सरकार द्वारा जो यह पास किया गया है जिस पर बहुत ज्यादा बहस चल रही है या बात चल रही है यह कोई लो नहीं है ना ही कोई ऑर्डिनेंस है जो कि पार्लियामेंट से पास हुआ है यह बस गाइडलाइंस यह दिशानिर्देश जारी किए हैं भारत सरकार आईटी एक्ट के अंतर्गत से मतलब गाइडलाइन दिए गए हैं अभी कोई दिल नहीं पास हुआ है और यह दिशानिर्देश या गार्डन इस तरह की है कि सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म को इंटरनेट पर रिप्लेटफॉर्म है उनको इनको फॉलो करना पड़ेगा यानी कि जैसे अमेजॉन को नेटफ्लिक्स को या यूट्यूब पर या जो न्यूज़ कंटेंट वगैरह बना दे उन सबको यह मतलब फॉलो करना है मतलब सरकार ने ऐसा कोई वह नहीं बनाया है यह जो भी यह प्लेटफॉर्म है नेटफ्लिक्स वगैरह है इनको खुद कार्य कपना मैकेनिक बनाना पड़ेगा इस तरह का एक केक तैयार करना पड़ेगा जिसमें यह अपने जो है उसमें दिखाने वाले जो वेब सीरीज हैं या यूट्यूब पर जो दिखाने वाली चीजें हैं उस पर एक कंट्रोल लगा सकेगा रेगुलेट कर सकें खुद उनको तैयार करना पड़ेगा और उसकी 1 महीने की रिपोर्ट उन्हें खुद बनाकर सरकार को मतलब देनी पड़ेगी सरकार इस पर नहीं करेगी सरकार ने कहा है कि आपको यह सब अपने खुद से इसको कंट्रोल करना है हालांकि अभी सहमत होना या ना सहमत होना इसमें ऐसा है कि बहुत सी चीजें हैं इसमें हां या ना में जवाब नहीं यह है कि बहुत सारी इंटरनेट पर हम जिसे देखते हैं या वेब सीरीज वगैरा जो आती है उसमें ऐसी बहुत सारी चीजें होती हमने देखा है कि कई बार यह जैसे तांडव सीरीज पर अभी एफ आई आर दर्ज कर दी गई तो कई बार ऐसे ही कुछ दिखा दिया जाता है जिसमें किसी के सेंटीमेंट हो जाते हैं सेंटीमेंट हर्ट हो जाती है लोगों की भावनाएं आहत हो जाती है तो कभी किसी एक कम्युनिटी का कभी किसी रिलीजन का तो इससे इससे मतलब तो यह एक बात है और दूसरा कभी कबार जो है हमारी इंडिया की कुछ ऐसी चीजें भेज इसकी मतलब यूनिटी इंटीग्रिटी के खिलाफ कुछ बातें सीरीज में दिखा दी जाती है तो भाई इंडिया की गलत इमेज कभी-कभी दिखा दी जाती तो कुछ ऐसा रेगुलेशन तो जरूरी है हालांकि अभी इन शेयर करना चाहिए कि जो फ्रीडम ऑफ स्पीच है और यह सब को भी हम बरकरार रखें तो वह भी बरकरार रहनी चाहिए लेकिन आप कुछ तो रेगुलेशन जरूरी है ही क्योंकि बहुत ज्यादा अनरेगुलेटेड चीजें हम देखने इंटरनेट पर जिस पर कुछ भी रोक-टोक नहीं है कुछ तो चीजें होना जरूरी है और इसे न्यूज़ प्लेटफार्म वगैरह होते हैं डिजिटल के उसने कई चीजें ऐसी दिखा दी जाती है जो कि हमारी इंडिया की इमेज को

#जीवन शैली

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जो हमेशा अतीत में रहना चाहते हैं उन्हें कैसे समझाएं?Jo Humesha Ateet Me Rehna Chahte He Unhe Kaise Samjhaye
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जिस टाइम को हमें भी चुके हैं जो बीत चुका है वही अतीत है वही इतिहास है वही यादें बीत चुका है और उसी अतीत में उन्हें यादों में अगर हम खोए रहते हैं और उन्हीं चीजों को बार-बार याद अतीत को ही अपने ध्यान में रखते हैं बार-बार अतीत की बातें करते हैं जो इतिहास में जो हुआ जो यादें हैं उनको बार-बार दोहराते हैं अपनी बातों में उन्हीं को शामिल करते हैं तो इससे टाइम और एनर्जी दोनों आपकी बेस्ट होती तो जब आप पिछली बातों को बार बार दूर आएंगे बार-बार अपनी बातों को ही इसमें ले आएंगे तो आप कुछ नहीं अपना समय नष्ट करेंगे आपका टाइम वेस्ट हो जो एनर्जी आपको आपको अपने काम में लगानी चाहिए वह है जी आप अपने अतीत में लगा रहे हैं जो टाइम आपकी आज के लिए है वह टाइम आप जो भी चुका है उसके लिए बर्बाद कर रहे हैं और जो भी चुका है वह वापस तो आने वाला नहीं है जो अतीत में हो चुका है वह तो वैसा का वैसा ही रहेगा अब उसको याद कर कर के परेशान होने से या उसकी बातें करने से कोई फायदा नहीं है बस यह किया जा सकता है जो अतीत में हो चुका है उसे सीखा जा सकता है तो जो अतीत में हो चुका है उससे सीख लेना चाहिए अधिक से अधिक बस आगे बढ़ना चाहिए हमें अतीत को पकड़कर नहीं बैठना चाहिए इस समय बदलता नहीं तो आपको भी बदलना चाहिए तो हमें यह देखना चाहिए प्रजेंट पर फोकस रखना है जो वर्तमान है अभी इस समय जो चल रहा है आज का टाइम उसमें आप क्या करते हैं तो आप अतीत से केवल सीख सकते हैं अनुभव ले सकते हैं लेकिन अतीत को पकड़ कर बैठा प्रजेंट छूट जाएगा अगर आपसे प्रजेंट छूट जाएगा तो अति बन जाएगा अतीत बन जाएगा प्रजेंट छूट जाएगा और आपका शिव चक्रम हो जाएगा तो अगर आपको अपना फ्यूचर अच्छा चाहिए फ्यूचर बचाना है भविष्य बचाना है तो आपको वर्तमान में प्रजेंट में काम करना पड़ेगा और वर्तमान में काम है तभी कर पाएंगे जब आप अतीत के बारे में और फ्यूचर के बारे में नहीं सोच में वर्तमान के बारे में क्यों सोच में क्या एक्शन लेगा उसके बारे में
Jis taim ko hamen bhee chuke hain jo beet chuka hai vahee ateet hai vahee itihaas hai vahee yaaden beet chuka hai aur usee ateet mein unhen yaadon mein agar ham khoe rahate hain aur unheen cheejon ko baar-baar yaad ateet ko hee apane dhyaan mein rakhate hain baar-baar ateet kee baaten karate hain jo itihaas mein jo hua jo yaaden hain unako baar-baar doharaate hain apanee baaton mein unheen ko shaamil karate hain to isase taim aur enarjee donon aapakee best hotee to jab aap pichhalee baaton ko baar baar door aaenge baar-baar apanee baaton ko hee isamen le aaenge to aap kuchh nahin apana samay nasht karenge aapaka taim vest ho jo enarjee aapako aapako apane kaam mein lagaanee chaahie vah hai jee aap apane ateet mein laga rahe hain jo taim aapakee aaj ke lie hai vah taim aap jo bhee chuka hai usake lie barbaad kar rahe hain aur jo bhee chuka hai vah vaapas to aane vaala nahin hai jo ateet mein ho chuka hai vah to vaisa ka vaisa hee rahega ab usako yaad kar kar ke pareshaan hone se ya usakee baaten karane se koee phaayada nahin hai bas yah kiya ja sakata hai jo ateet mein ho chuka hai use seekha ja sakata hai to jo ateet mein ho chuka hai usase seekh lena chaahie adhik se adhik bas aage badhana chaahie hamen ateet ko pakadakar nahin baithana chaahie is samay badalata nahin to aapako bhee badalana chaahie to hamen yah dekhana chaahie prajent par phokas rakhana hai jo vartamaan hai abhee is samay jo chal raha hai aaj ka taim usamen aap kya karate hain to aap ateet se keval seekh sakate hain anubhav le sakate hain lekin ateet ko pakad kar baitha prajent chhoot jaega agar aapase prajent chhoot jaega to ati ban jaega ateet ban jaega prajent chhoot jaega aur aapaka shiv chakram ho jaega to agar aapako apana phyoochar achchha chaahie phyoochar bachaana hai bhavishy bachaana hai to aapako vartamaan mein prajent mein kaam karana padega aur vartamaan mein kaam hai tabhee kar paenge jab aap ateet ke baare mein aur phyoochar ke baare mein nahin soch mein vartamaan ke baare mein kyon soch mein kya ekshan lega usake baare mein

#जीवन शैली

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विचारों का मनुष्य के व्यक्तित्व और आदतों पर क्या प्रभाव पड़ता है?Vicharo Ka Manushey Ke Vyectitve Or Adato Par Kya Prabhaav Padta Hai
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कोई भी इंसान चाहे वह आप हो या कोई और वर्तमान में प्रजेंट में वह जिस स्थिति में है जिस जगह खड़ा है यानी की लाइफ के जिस मोड़ पर खड़ा है तो वह आज क्यों है आज ऐसा क्योंकि उसके विचारों के कारण उसके कर्मों के कारण यानी कि आज आप जो भी हैं वह आपके विचारों आपके कर्मों के कारण आप हैं आपका जैसा व्यक्तित्व है आपकी जैसी आदतें हैं वह आपके विचारों के कारण हैं आपके क्या सोचते हैं आपके मस्तिष्क में आपके दिमाग में किस तरह के थॉट्स आते हैं इस तरह के विचार आते हैं किस तरह की आप सोच रखते हैं उसी आधार पर आप अपने काम करते हैं यह विचार ही हैं जो कर्म में परिवर्तित हो जाते हैं कन्वर्ट हो जाते हैं विचार ही एक बीज होता है जो रियलिटी में वास्तविकता में बदलता है कोई भी चीज रियलिटी में ग्राउंड में यानी वास्तविकता में बदलने से पहले एक विचार मात्री होती है इन्हें की विचार ही एक तरह का बीज होता है उसी पर जो हम काम करते हैं उसे एक्जिक्यूट करते हैं कार्यान्वित करते हैं तो वहीं वास्तविकता में परिवर्तित हो जाता है या नहीं वह एक कर्म बन जाता है एक्शन में चेक बन जाता है और हमें वही रियालिटी दिखाई देती है तो हमारा जिस तरह के विचार आते रहते हैं जिस तरह के कर्म हम करते रहते हैं उसी तरह का हमारा व्यवहार बिहेवियर होता जाता है उसी तरह की पर्सनालिटी हमारी व्यक्तित्व हमारा भी बनता जाता है पूरी उसी तरह के कैरेक्टर स्टिक्स हम तो करते हैं तो हमारे उत्तर के टेस्ट बनते जाते हैं हाथों में वह चीज हो जाती है तो विचार तो ऐसे बहुत सारे आते जाते रहते हैं तो बहुत सारे विचार यूं ही उड़ जाते हैं और कुछ ही विचार ऐसे होते हैं प्रभावी जिन्हें हम रियलिटी में बदल पाते हैं यानी कि हमने हम बहुत कुछ सोचते हैं कि हमें यह करना है यह करना है कि सारी चीजें तो हम नहीं कर पाते हैं लेकिन कोई भी कोई ऐसा प्रभावी इफेक्टिव विचार जिसको हम अपना कमिटमेंट बना लेते हैं संकल्प बना लेते हैं तो वह विचार रियल्टी में कन्वर्ट हो जाता है अगर हम चाहे कि हमारी पर्सनालिटी हमारी आदतें हमारी ट्रेड हमारा व्यवहार बहुत ही अच्छा हो तो हम अपने विचारों पर काम करें तो विचारों पर जितना अधिक हम काम करेंगे उतना अधिक हमारी पर्सनालिटी जो है वह बहुत अच्छी होती जाएगी और हमारा बिहेवियर बहुत ही अच्छा होता जाएगा हमारी ग्रोथ बहुत अच्छी होगी हमारा डेवलपमेंट बहुत अच्छी तरह से जाएगा अगर हमारी पकड़
Koee bhee insaan chaahe vah aap ho ya koee aur vartamaan mein prajent mein vah jis sthiti mein hai jis jagah khada hai yaanee kee laiph ke jis mod par khada hai to vah aaj kyon hai aaj aisa kyonki usake vichaaron ke kaaran usake karmon ke kaaran yaanee ki aaj aap jo bhee hain vah aapake vichaaron aapake karmon ke kaaran aap hain aapaka jaisa vyaktitv hai aapakee jaisee aadaten hain vah aapake vichaaron ke kaaran hain aapake kya sochate hain aapake mastishk mein aapake dimaag mein kis tarah ke thots aate hain is tarah ke vichaar aate hain kis tarah kee aap soch rakhate hain usee aadhaar par aap apane kaam karate hain yah vichaar hee hain jo karm mein parivartit ho jaate hain kanvart ho jaate hain vichaar hee ek beej hota hai jo riyalitee mein vaastavikata mein badalata hai koee bhee cheej riyalitee mein graund mein yaanee vaastavikata mein badalane se pahale ek vichaar maatree hotee hai inhen kee vichaar hee ek tarah ka beej hota hai usee par jo ham kaam karate hain use ekjikyoot karate hain kaaryaanvit karate hain to vaheen vaastavikata mein parivartit ho jaata hai ya nahin vah ek karm ban jaata hai ekshan mein chek ban jaata hai aur hamen vahee riyaalitee dikhaee detee hai to hamaara jis tarah ke vichaar aate rahate hain jis tarah ke karm ham karate rahate hain usee tarah ka hamaara vyavahaar biheviyar hota jaata hai usee tarah kee parsanaalitee hamaaree vyaktitv hamaara bhee banata jaata hai pooree usee tarah ke kairektar stiks ham to karate hain to hamaare uttar ke test banate jaate hain haathon mein vah cheej ho jaatee hai to vichaar to aise bahut saare aate jaate rahate hain to bahut saare vichaar yoon hee ud jaate hain aur kuchh hee vichaar aise hote hain prabhaavee jinhen ham riyalitee mein badal paate hain yaanee ki hamane ham bahut kuchh sochate hain ki hamen yah karana hai yah karana hai ki saaree cheejen to ham nahin kar paate hain lekin koee bhee koee aisa prabhaavee iphektiv vichaar jisako ham apana kamitament bana lete hain sankalp bana lete hain to vah vichaar riyaltee mein kanvart ho jaata hai agar ham chaahe ki hamaaree parsanaalitee hamaaree aadaten hamaaree tred hamaara vyavahaar bahut hee achchha ho to ham apane vichaaron par kaam karen to vichaaron par jitana adhik ham kaam karenge utana adhik hamaaree parsanaalitee jo hai vah bahut achchhee hotee jaegee aur hamaara biheviyar bahut hee achchha hota jaega hamaaree groth bahut achchhee hogee hamaara devalapament bahut achchhee tarah se jaega agar hamaaree pakad

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जीवन में महान बनने के लिए कौन से कार्य करने चाहिए और क्यों?Jeevan Mein Mahan Banne Ke Lie Kaun Se Kary Karne Chahie Aur Kyun
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2:45
जो हम कुछ सफल लोगों को महान लोगों को देखते हैं फिर कुछ बड़े लोगों को देखते हैं जिनके पास पावर होता है इसे दी होती असीम होता है मनी होती है उनको देखते हैं तो ख्याल आता है हमें भी ऐसा बनना है तो ऐसा क्या महान काम किया जाए जिससे कि हम लोग जो कोई भी महान हो जाए देखिए ऐसी कोई भी कोई मैजिक नहीं है ऐसा कोई जादू नहीं है कोई ठीक नहीं है ऐसी कोई चीज नहीं है जिससे रातों-रात कोई काम किया जाए और कोई व्यक्ति महान बन जाए महानता महानता जो है वह कई सारी इंपॉर्टेंट चीजों का जोड़ है कई ऐसी चीजें करनी पड़ती है इन सब को करने के बाद जो मिलती है वह होती सफलता तो छोटी-छोटी प्रयास करते रहना चाहिए जब यह छोटी-छोटी प्रयास 1 दिन मिलकर बड़े हो जाते हैं और एक तब उस दिन बड़ी ऊंचाई प्राप्त होती है तो हम अपनी लाइफ में कोई भी काम कर रहे हो कोई छोटे से छोटा काम भी तो उस काम को हम अपनी बड़ी तल्लीनता के साथ उसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए उसने बेस्ट हंड्रेड परसेंट देते हुए अगर हम कोई छोटे से छोटा काम भी कर रहे हैं तो वहीं अगर आप ऐसे करते रहते हैं तो हर एक काम अगर आप अपना बढ़िया तरीके से करते हैं तो यह जो है जब यह काम इकट्ठे हो जाएंगे तो एक ना एक दिन यह आपको महानता की ओर ले जाएंगे आप महानता की और अगर जाना चाहते हैं मानता का रास्ता पकड़ना चाहते हैं तो आप दिल्ली जो भी काम करते हैं उसमें अपना शत-प्रतिशत हंड्रेड परसेंट दे उसको बहुत अच्छे तरीके से करें उसने अपना सारा मेहनत सारी बुद्धिमत्ता सारा इंटेलिजेंस सारी नॉलेज न कोई भी काम करें तो उसमें हार्ड वर्क कठिन मेहनत भी करें साथ में अपनी बुद्धि का यूज करें उसमें अपनी इंटेलिजेंस आपके पास जो इंटेलेक्ट है आपके पास जो जो इमोशन है जो भी चीज है अपनी बुद्धि को बढ़ाते रहें अपना इंटेलेक्ट लेवल पर काम करें तो एक ना एक दिन ऐसा व्यक्ति सफल सफल होता है और महान भी बनता है महानता किसी चीज के की मोहताज नहीं होती एक ना एक दिन व्यक्ति इस तरह महान बन जाता है
Jo ham kuchh saphal logon ko mahaan logon ko dekhate hain phir kuchh bade logon ko dekhate hain jinake paas paavar hota hai ise dee hotee aseem hota hai manee hotee hai unako dekhate hain to khyaal aata hai hamen bhee aisa banana hai to aisa kya mahaan kaam kiya jae jisase ki ham log jo koee bhee mahaan ho jae dekhie aisee koee bhee koee maijik nahin hai aisa koee jaadoo nahin hai koee theek nahin hai aisee koee cheej nahin hai jisase raaton-raat koee kaam kiya jae aur koee vyakti mahaan ban jae mahaanata mahaanata jo hai vah kaee saaree importent cheejon ka jod hai kaee aisee cheejen karanee padatee hai in sab ko karane ke baad jo milatee hai vah hotee saphalata to chhotee-chhotee prayaas karate rahana chaahie jab yah chhotee-chhotee prayaas 1 din milakar bade ho jaate hain aur ek tab us din badee oonchaee praapt hotee hai to ham apanee laiph mein koee bhee kaam kar rahe ho koee chhote se chhota kaam bhee to us kaam ko ham apanee badee talleenata ke saath usamen sabase achchha pradarshan karate hue usane best handred parasent dete hue agar ham koee chhote se chhota kaam bhee kar rahe hain to vaheen agar aap aise karate rahate hain to har ek kaam agar aap apana badhiya tareeke se karate hain to yah jo hai jab yah kaam ikatthe ho jaenge to ek na ek din yah aapako mahaanata kee or le jaenge aap mahaanata kee aur agar jaana chaahate hain maanata ka raasta pakadana chaahate hain to aap dillee jo bhee kaam karate hain usamen apana shat-pratishat handred parasent de usako bahut achchhe tareeke se karen usane apana saara mehanat saaree buddhimatta saara intelijens saaree nolej na koee bhee kaam karen to usamen haard vark kathin mehanat bhee karen saath mein apanee buddhi ka yooj karen usamen apanee intelijens aapake paas jo intelekt hai aapake paas jo jo imoshan hai jo bhee cheej hai apanee buddhi ko badhaate rahen apana intelekt leval par kaam karen to ek na ek din aisa vyakti saphal saphal hota hai aur mahaan bhee banata hai mahaanata kisee cheej ke kee mohataaj nahin hotee ek na ek din vyakti is tarah mahaan ban jaata hai

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2:58
आपका प्रश्न मजेदार है कि समाज ऐसा ही है और इसे हमें ऐसे ही एक्सेप्ट करना पड़ता है कि जो भी बड़े लोग होते हैं जो और लोग होते हैं सीनियर लोग होते हैं वह अपने से छोटों को वह अपने बच्चों को इस तरह की बातें सिखाते हैं कि ऐसा करना चाहिए ऐसा करना चाहिए सच बोलना चाहिए और और खुद उस तरह की चीजें नहीं करते हैं तो यह ऐसा है तो ऐसा कई वजहों से भी है कि उस तरह के वह एनवायरनमेंट में नहीं रहते हैं अगर भाई डेली एक्टिविटीज विद लाइफ की दिल्ली की जो जरूरत हैं उनमें सब जगह फिट नहीं बैठता है तो झूठ भी बोलना पड़ता है लेकिन कई मामलों में यह सपू कैसी और दोगलापन भी नजर आ जाता है कि जो है मतलब मोरालिटी एथिक्स कुछ रहते नहीं है तो हालांकि लगता है है कि बच्चों को जो है एथिकल वैल्यूज बैठकर चीजें दिखानी चाहिए वैल्यू सिस्टम होना चाहिए उनका और बच्चों को सीखना भी चाहिए हालांकि पेरेंट्स हो गए या सीनियर हो गए उनको कोशिश करनी चाहिए कि वह भी इस चीज को फॉलो करें जैसे कि आप रिलीजन ले लीजिए हमारे कल से ले लीजिए हमारे लिए जान के जो शास्त्र हैं धर्म ग्रंथ हैं उसमें कितनी अच्छी बातें लिखी हैं कोई भी रैली जानू कोई भी धर्म हो तो उसमें स्क्रिप्टर्स जो है जो हमारे साथ जो शास्त्र हैं उसमें सॉरी इतनी अच्छी अच्छी बातें लिखी हुई है लेकिन लोग फॉलो नहीं करते और कहते हैं मेरा धर्म अच्छा मेरा धर्म है तो ऐसे में क्या खाक धर्म अच्छा है अगर आपके बिहेवियर में हो चीजें ना पाए हैं ना तो ऐसा धर्म अच्छा होने से क्या है धर्म तो अच्छा है लेकिन लोग तो नहीं अच्छे हैं और कहते मेरा धर्म अच्छा है मेरा धर्म है उनकी किताबों में लिखा है कुछ और करते कुछ और है तो यही समाज है तो समाज लोग इस तरह के और समाज में भाई आपस में रिपोर्ट करने के लिए सारी चीजें करनी पड़ती है झूठ भी बोलना पड़ता है और सच ऐसा भी नहीं कि झूठी झूठ से काम चल सकता है हमें सब कुछ बैलेंस रखना होता है सच भी सच भी होता है झूठ भी होता है ठीक है तो हालांकि हमें अपनी एथिक्स बनाए रखनी चाहिए अगर हम अधिक से अधिक पर चलेंगे कुछ हमारा वैल्यू सिस्टम होगा तो इससे हमारी पर्सनालिटी अच्छी होगी हमारा भी अच्छा होगा और हम उतना ज्यादा फुलफिलमेंट महसूस करेंगे सेटिस्फाई अच्छा भी है अगर आपको ग्रुप ग्रुप करना है सिर्फ ग्रुप चाहिए है सेल्फ डेवलपमेंट चाहिए है तो आपको एक सही अवैध
Aapaka prashn majedaar hai ki samaaj aisa hee hai aur ise hamen aise hee eksept karana padata hai ki jo bhee bade log hote hain jo aur log hote hain seeniyar log hote hain vah apane se chhoton ko vah apane bachchon ko is tarah kee baaten sikhaate hain ki aisa karana chaahie aisa karana chaahie sach bolana chaahie aur aur khud us tarah kee cheejen nahin karate hain to yah aisa hai to aisa kaee vajahon se bhee hai ki us tarah ke vah enavaayaranament mein nahin rahate hain agar bhaee delee ektiviteej vid laiph kee dillee kee jo jaroorat hain unamen sab jagah phit nahin baithata hai to jhooth bhee bolana padata hai lekin kaee maamalon mein yah sapoo kaisee aur dogalaapan bhee najar aa jaata hai ki jo hai matalab moraalitee ethiks kuchh rahate nahin hai to haalaanki lagata hai hai ki bachchon ko jo hai ethikal vailyooj baithakar cheejen dikhaanee chaahie vailyoo sistam hona chaahie unaka aur bachchon ko seekhana bhee chaahie haalaanki perents ho gae ya seeniyar ho gae unako koshish karanee chaahie ki vah bhee is cheej ko pholo karen jaise ki aap rileejan le leejie hamaare kal se le leejie hamaare lie jaan ke jo shaastr hain dharm granth hain usamen kitanee achchhee baaten likhee hain koee bhee railee jaanoo koee bhee dharm ho to usamen skriptars jo hai jo hamaare saath jo shaastr hain usamen soree itanee achchhee achchhee baaten likhee huee hai lekin log pholo nahin karate aur kahate hain mera dharm achchha mera dharm hai to aise mein kya khaak dharm achchha hai agar aapake biheviyar mein ho cheejen na pae hain na to aisa dharm achchha hone se kya hai dharm to achchha hai lekin log to nahin achchhe hain aur kahate mera dharm achchha hai mera dharm hai unakee kitaabon mein likha hai kuchh aur karate kuchh aur hai to yahee samaaj hai to samaaj log is tarah ke aur samaaj mein bhaee aapas mein riport karane ke lie saaree cheejen karanee padatee hai jhooth bhee bolana padata hai aur sach aisa bhee nahin ki jhoothee jhooth se kaam chal sakata hai hamen sab kuchh bailens rakhana hota hai sach bhee sach bhee hota hai jhooth bhee hota hai theek hai to haalaanki hamen apanee ethiks banae rakhanee chaahie agar ham adhik se adhik par chalenge kuchh hamaara vailyoo sistam hoga to isase hamaaree parsanaalitee achchhee hogee hamaara bhee achchha hoga aur ham utana jyaada phulaphilament mahasoos karenge setisphaee achchha bhee hai agar aapako grup grup karana hai sirph grup chaahie hai selph devalapament chaahie hai to aapako ek sahee avaidh

#टेक्नोलॉजी

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किसी वस्तु का ऑनलाइन व्यापार कैसे शुरू किया जा सकता है?Kisi Vastu Ka Online Vyapar Kaise Shuru Kiya Ja Sakta Hai
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2:02
ऑनलाइन व्यापार कैसे किया जाता है तो इसके लिए आपको क्या है जो ई-कॉमर्स वेबसाइट हैं उनमें आपको रजिस्टर होना होगा तो उसमें आपको रजिस्टर होने की जरूरत है तो आप रजिस्टर हो लीजिए और अपना जो भी प्रोडक्ट है उसके जो है कुछ पिक्चर्स कुछ इस तरह की चीजें उसमें आप डालिए और यह अपनी खुद की एक वेबसाइट बनाई है खुद अपना एक ऑनलाइन पोर्टल बनाइए जिस-जिस वेबसाइट में आप अब आप उस उस प्रोडक्ट जिसका बिजनेस या व्यापार कर रहे हैं उस प्रोडक्ट की सारी जानकारी एक बढ़िया वेबसाइट स्टैक्ड को आकर्षक दिखने में लगे बनवाई और उसमें अपनी जो भी प्रोडक्ट है उसकी अलग अलग तरह से जो लोगों की डिमांड है उसके मुताबिक प्रोडक्ट को डालें उस तरह की लाइनें लिखें उस उस तरह की टीम बनाएं इस तरह की कैसी लाइन बनाएं और आपको इसमें अगर हो सके तो कोर्स कर ले अगर ऑनलाइन व्यापार वाले में कैसे भाई पैकेजिंग होती है इसकी कैसे डिस्ट्रीब्यूटर एक ऐसे लोगों के बीच हम एडवर्टाइज कर सकते हैं तो इसका कोर्स भी कई होते हैं वह कोर्स करें सबसे पहले तो आप एक अपनी वेबसाइट बनवाएं उस के थ्रू बेचे माया अमेजॉन या ई-कॉमर्स ऐसी वेबसाइट फ्लिपकार्ट है इसमें भी अब यह लोग मतलब आप का रजिस्ट्रेशन करते हैं और आपके पास जो भी प्रोडक्ट है माल है उसके वहां पर बाय कर सकते सेल कर सकते हैं वहां पर कस्टमर देखेगा आपका प्रोडक्ट उस प्रोडक्ट में जो भी अगर प्रोडक्ट पसंद आएगा उसको तो वह आपका खरीद लेगा तो आपस में अधिक से अधिक रिसर्च करें ऑनलाइन तरीके से गूगल यूट्यूब से तो उसमें भी काफी जानकारी मिल जाएगी और एक ऑनलाइन कोर्स होते हैं उन्होंने इन कोर्स को करने की जरूरत है आपको तो आप इसकी बेहतर तरीके से जो है जानकारी गदर कर सकते हैं और अपने व्यापार को सफल बना सकते हैं
Onalain vyaapaar kaise kiya jaata hai to isake lie aapako kya hai jo ee-komars vebasait hain unamen aapako rajistar hona hoga to usamen aapako rajistar hone kee jaroorat hai to aap rajistar ho leejie aur apana jo bhee prodakt hai usake jo hai kuchh pikchars kuchh is tarah kee cheejen usamen aap daalie aur yah apanee khud kee ek vebasait banaee hai khud apana ek onalain portal banaie jis-jis vebasait mein aap ab aap us us prodakt jisaka bijanes ya vyaapaar kar rahe hain us prodakt kee saaree jaanakaaree ek badhiya vebasait staikd ko aakarshak dikhane mein lage banavaee aur usamen apanee jo bhee prodakt hai usakee alag alag tarah se jo logon kee dimaand hai usake mutaabik prodakt ko daalen us tarah kee lainen likhen us us tarah kee teem banaen is tarah kee kaisee lain banaen aur aapako isamen agar ho sake to kors kar le agar onalain vyaapaar vaale mein kaise bhaee paikejing hotee hai isakee kaise distreebyootar ek aise logon ke beech ham edavartaij kar sakate hain to isaka kors bhee kaee hote hain vah kors karen sabase pahale to aap ek apanee vebasait banavaen us ke throo beche maaya amejon ya ee-komars aisee vebasait phlipakaart hai isamen bhee ab yah log matalab aap ka rajistreshan karate hain aur aapake paas jo bhee prodakt hai maal hai usake vahaan par baay kar sakate sel kar sakate hain vahaan par kastamar dekhega aapaka prodakt us prodakt mein jo bhee agar prodakt pasand aaega usako to vah aapaka khareed lega to aapas mein adhik se adhik risarch karen onalain tareeke se googal yootyoob se to usamen bhee kaaphee jaanakaaree mil jaegee aur ek onalain kors hote hain unhonne in kors ko karane kee jaroorat hai aapako to aap isakee behatar tareeke se jo hai jaanakaaree gadar kar sakate hain aur apane vyaapaar ko saphal bana sakate hain

#भारत की राजनीति

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क्या भारत में व्यवसाय के अवसरों की कमी है?Kya Bharat Mein Vyavaay Ke Avsaro Ki Kami Hai
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2:58
भारत में व्यवसाय की कमी नहीं है यहां पर बहुत अवसर है बहुत पोटेंशियल है हालांकि बाधाएं हैं व्यवसाय करने के बिजनेस करने के बीच में या नौकरी करने के बीच में कई बाधाएं हैं लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि अफसरों की कमियां हैं हालांकि अवसर है अपॉर्चुनिटी हैं वह नए नए रूपों में है अलग-अलग रूपों में है डायरेक्ट कहीं अवसर नहीं मिल सकता कि डायरेक्ट कोई काम हो जाए तो आप सर बहुत हैं पोटेंशियल बहुत है इंडिया में क्योंकि दिखे इंडिया में अब दिखे से समझने की जरूरत है कि आप किस क्षेत्र में हाथ डाले की सफल हो जाए किस बिजनेस में हाथ डाले डेवलप्ड कंट्री होता है जो विकसित देश होता है वहां पर संभावनाएं कम हो जाते हैं मतलब वहां पर व्यवस्था सब होती है सिस्टम होता है लेकिन वहां पर नौकरी के अवसर नहीं होते क्योंकि से देश होता है तो वहां पर सब कुछ टेक्नोलॉजी से हो जाता है तो तो मतलब वहां पर लेकिन जहां पर समझते हैं बहुत सारे हैं और देश विकसित है नहीं तो जब जितनी ज्यादा समस्या उतनी ज्यादा अवसर मतलब जितनी अधिक समस्याएं होंगी किसी भी एरिया में तो उस समस्या को समाधान करने वाला अगर कोई बिजनेस आ जाए भाई मार्केट की जो समस्या लोगों की समस्या है उसी समस्या को टैकल करने के लिए उस समस्या को को कंट्रोल करने के लिए अगर कोई आप काम कर दें तो वही आपका बिजनेस समझ जाएगा मार्केट में कोई डिमांड है किसी स्टूडेंट ने एक ऐसी ऐप बनाती जिसे की मार्केट की डिमांड पूरी हो रही हो रही है तो वह ऐप सक्सेसफुल हो जाती है और वह जो स्टूडेंट है वह अमीर हो जाता है मतलब यह है कि यहां पर केवल टाइप की बात नहीं बिजनेस की बात है देखिए कि आपके एरिया में किस तरह की उम्मीद है कि इस तरह की जरूरत जिस तरह के लोगों की जरूरत है उसी के अनुसार हमारा बिजनेस या व्यवसाय होना चाहिए जिस तरह की जरूरतें हैं अगर आप बीटेक करके निकल रहे हैं या कुछ बड़े कॉलेज से निकल रहा है तू जिस तरह के लोगों की मार्केट की जरूरत है इंडस्ट्री की जरूरत है लोगों की डिमांड है उसकी उस रिक्वायरमेंट को फुल फील करने के लिए इस तरह के स्टार्टर खोल दीजिए उस तरह के काम करिए उस तरह भारत में बाधाएं हैं तो बात है क्या है बाधाएं भाई प्लेटफार्म की दिक्कतें हैं उसके लिए लोगों की मदद मांगने की जरूरत है ऐसे लोग गाइड गाइडेंस लीजिए या जहां से हमें मदद मिल सकती वहां से मदद दीजिए जो इस चीज के एक्सपर्ट है उनसे राही लीजिए सरकार की मदद ली सरकार की योजनाएं चला रही है जहां जैसी जरूरत है लेकिन जिस मार्केट में डेयरी की जरूरत है वह डेरी खोल दीजिए जिस मार्केट में जिस तरह के लोगों की जरूरत है जिस तरह की स्टूडेंट के लिए जहां एजुकेशन जरूरत है उस तरह की ऐप बना दीजिए उसे
Bhaarat mein vyavasaay kee kamee nahin hai yahaan par bahut avasar hai bahut potenshiyal hai haalaanki baadhaen hain vyavasaay karane ke bijanes karane ke beech mein ya naukaree karane ke beech mein kaee baadhaen hain lekin ham yah nahin kah sakate ki aphasaron kee kamiyaan hain haalaanki avasar hai aporchunitee hain vah nae nae roopon mein hai alag-alag roopon mein hai daayarekt kaheen avasar nahin mil sakata ki daayarekt koee kaam ho jae to aap sar bahut hain potenshiyal bahut hai indiya mein kyonki dikhe indiya mein ab dikhe se samajhane kee jaroorat hai ki aap kis kshetr mein haath daale kee saphal ho jae kis bijanes mein haath daale devalapd kantree hota hai jo vikasit desh hota hai vahaan par sambhaavanaen kam ho jaate hain matalab vahaan par vyavastha sab hotee hai sistam hota hai lekin vahaan par naukaree ke avasar nahin hote kyonki se desh hota hai to vahaan par sab kuchh teknolojee se ho jaata hai to to matalab vahaan par lekin jahaan par samajhate hain bahut saare hain aur desh vikasit hai nahin to jab jitanee jyaada samasya utanee jyaada avasar matalab jitanee adhik samasyaen hongee kisee bhee eriya mein to us samasya ko samaadhaan karane vaala agar koee bijanes aa jae bhaee maarket kee jo samasya logon kee samasya hai usee samasya ko taikal karane ke lie us samasya ko ko kantrol karane ke lie agar koee aap kaam kar den to vahee aapaka bijanes samajh jaega maarket mein koee dimaand hai kisee stoodent ne ek aisee aip banaatee jise kee maarket kee dimaand pooree ho rahee ho rahee hai to vah aip saksesaphul ho jaatee hai aur vah jo stoodent hai vah ameer ho jaata hai matalab yah hai ki yahaan par keval taip kee baat nahin bijanes kee baat hai dekhie ki aapake eriya mein kis tarah kee ummeed hai ki is tarah kee jaroorat jis tarah ke logon kee jaroorat hai usee ke anusaar hamaara bijanes ya vyavasaay hona chaahie jis tarah kee jarooraten hain agar aap beetek karake nikal rahe hain ya kuchh bade kolej se nikal raha hai too jis tarah ke logon kee maarket kee jaroorat hai indastree kee jaroorat hai logon kee dimaand hai usakee us rikvaayarament ko phul pheel karane ke lie is tarah ke staartar khol deejie us tarah ke kaam karie us tarah bhaarat mein baadhaen hain to baat hai kya hai baadhaen bhaee pletaphaarm kee dikkaten hain usake lie logon kee madad maangane kee jaroorat hai aise log gaid gaidens leejie ya jahaan se hamen madad mil sakatee vahaan se madad deejie jo is cheej ke eksapart hai unase raahee leejie sarakaar kee madad lee sarakaar kee yojanaen chala rahee hai jahaan jaisee jaroorat hai lekin jis maarket mein deyaree kee jaroorat hai vah deree khol deejie jis maarket mein jis tarah ke logon kee jaroorat hai jis tarah kee stoodent ke lie jahaan ejukeshan jaroorat hai us tarah kee aip bana deejie use

#रिश्ते और संबंध

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2:58
क्वेश्चन आपका है कि आजकल आजकल नहीं यह यह पहले भी होता रहा है और आगे भी होता रहेगा कि लोगों का जो व्यवहार है उसमें वह उग्र हो जाते हैं एंग्री हो जाते हैं क्रोधित हो जाते हैं और और बिगड़ जाते हैं और बहस करने लगते हैं तो उनका अपने ऊपर कंट्रोल नहीं होता है तो दूसरा व्यक्ति परेशान हो सकता है तो यह हमेशा होता है हमेशा इस तरह के लोग होते हैं हालांकि यह लोग बुरे होते हैं अच्छे होते हैं यह कहां तक कहा जाए लकी जो व्यक्तियों से बात करता है वह तो परेशान हो ही जाता है तो यह पर्सनालिटी की बात है कि किस-किस की पर्सनालिटी किस तरह की है यानी कि उस व्यक्ति का व्यक्तित्व कैसा है कि मतलब उसके व्यक्तित्व में भाई वह किस तरह का व्यक्ति थे वह पोलाइट है वह कांड हर्ट कांड हर्टेड है उसके अंदर कंप्रेशन है या उसके अंदर गुस्सा है या फिर स्टेशन है निराशा है तो यह अर्जी मैटर करते हैं भाई किसी न किसी वजह से या तो घुसते वह उग्र है कभी-कभी अच्छा है तो आदमी भी क्रोधित हो सकता है क्या पता वह कांड हर्टेड हो ओ अच्छा आदमी हो फिर भी वह तो वह समस्या हो सकती है तो कई कारण हो सकते हैं पहला कारण तो यही हो सकता है कि उसकी पर्सनालिटी ही ऐसी पर्सनालिटी मतलब व्यक्तित्व फिजिकल की बात नहीं कर रहा मैं तो उसका व्यक्तित्व ऐसा हो सकता है कि वह केवल गुस्सा ही करता है या फिर स्टेटेड ही जो है फ्रस्ट्रेटेड रहता है निराशाजनक बात ही कहता है नेगेटिविटी ही उसके आस पास रहती है दूसरा वह आदमी तो अच्छा है लेकिन किसी वजह से नाराज हो जाता है या कोई उसके साथ समस्या है वह किसी चीज से जूझ रहा है कोई सफरिंग कोई कष्ट है उसको इसलिए वह गुस्सा हो रहा है तो यह दूसरे की पर्सनैलिटी है हालांकि अगर आपके तो दुख आपको इसे समस्या नहीं होनी चाहिए उसकी समस्या है आपकी समस्या नहीं ठीक है तो अगर माली जो उसका बिहेवियर ही इस तरह का है उसका वह इस तरह का है यही तो आप उसके साथ कुछ नहीं कर सकते लेकिन अगर उसके अंदर थोड़ी भी चेंज होने की पॉसिबिलिटी है या वह व्यक्ति दूसरा व्यक्ति परेशान है तो यह हमारे ऑब्लिगेशन बनता है या हमारी जिम्मेदारी बनती है उसकी समस्या को सुना जाएगी क्यों वह भी निराश है वह क्यों हताश है क्यों फिर स्टेटेड है या क्यों मतलब इरिटेट हो रहा है एडिट कर रहा है तो यह हमें समझने की जरूरत है उसकी उस प्रॉब्लम को दूर करने की जरूरत है
Kveshchan aapaka hai ki aajakal aajakal nahin yah yah pahale bhee hota raha hai aur aage bhee hota rahega ki logon ka jo vyavahaar hai usamen vah ugr ho jaate hain engree ho jaate hain krodhit ho jaate hain aur aur bigad jaate hain aur bahas karane lagate hain to unaka apane oopar kantrol nahin hota hai to doosara vyakti pareshaan ho sakata hai to yah hamesha hota hai hamesha is tarah ke log hote hain haalaanki yah log bure hote hain achchhe hote hain yah kahaan tak kaha jae lakee jo vyaktiyon se baat karata hai vah to pareshaan ho hee jaata hai to yah parsanaalitee kee baat hai ki kis-kis kee parsanaalitee kis tarah kee hai yaanee ki us vyakti ka vyaktitv kaisa hai ki matalab usake vyaktitv mein bhaee vah kis tarah ka vyakti the vah polait hai vah kaand hart kaand harted hai usake andar kampreshan hai ya usake andar gussa hai ya phir steshan hai niraasha hai to yah arjee maitar karate hain bhaee kisee na kisee vajah se ya to ghusate vah ugr hai kabhee-kabhee achchha hai to aadamee bhee krodhit ho sakata hai kya pata vah kaand harted ho o achchha aadamee ho phir bhee vah to vah samasya ho sakatee hai to kaee kaaran ho sakate hain pahala kaaran to yahee ho sakata hai ki usakee parsanaalitee hee aisee parsanaalitee matalab vyaktitv phijikal kee baat nahin kar raha main to usaka vyaktitv aisa ho sakata hai ki vah keval gussa hee karata hai ya phir steted hee jo hai phrastreted rahata hai niraashaajanak baat hee kahata hai negetivitee hee usake aas paas rahatee hai doosara vah aadamee to achchha hai lekin kisee vajah se naaraaj ho jaata hai ya koee usake saath samasya hai vah kisee cheej se joojh raha hai koee sapharing koee kasht hai usako isalie vah gussa ho raha hai to yah doosare kee parsanailitee hai haalaanki agar aapake to dukh aapako ise samasya nahin honee chaahie usakee samasya hai aapakee samasya nahin theek hai to agar maalee jo usaka biheviyar hee is tarah ka hai usaka vah is tarah ka hai yahee to aap usake saath kuchh nahin kar sakate lekin agar usake andar thodee bhee chenj hone kee posibilitee hai ya vah vyakti doosara vyakti pareshaan hai to yah hamaare obligeshan banata hai ya hamaaree jimmedaaree banatee hai usakee samasya ko suna jaegee kyon vah bhee niraash hai vah kyon hataash hai kyon phir steted hai ya kyon matalab iritet ho raha hai edit kar raha hai to yah hamen samajhane kee jaroorat hai usakee us problam ko door karane kee jaroorat hai

#जीवन शैली

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2:58
लिखे जो भी लोग हैं यूथ हैं यंगस्टर्स है या जो भी है उन सब का कोई ना कोई गोल होता है किसी का करियर गोल होता है तूने करियर में फ्यूचर में क्या करना है किसी का लाइफ का कोई जिंदगी का कोई गोल होता है कि उन्हें यह करना है करियर गोल होता है कि मैं डॉक्टर बनना है इंजीनियर प्रोफेसर आईएएस आईपीएस बनना है कहीं करिए अपना बनाना है उनका वह सपना है और किसी का लाइफ का होता है किसी को इंटेक्स बनना है किसी को अब अपनी पर्सनैलिटी डिवेलप करनी है फिजिकली पर्सनालिटी या उनको अपना व्यक्तित्व विकास करना है कम्युनिकेशन स्किल डेवलप करनी है और किसी को पावर चाहिए किसी को प्रेम फेमस होना है किसी को मनी की भूख है तो ईसबगोल है और यह सब गोल नहीं सपने हैं तो यह सब ने क्या है कि अभी सपने केवल हमें सपनों में ही आते हैं या केवल सपनों में आते हैं और हम उनके बारे में सोच सोच कर खुश हो लेते हैं तो यह क्या है कि मतलब हम अपने उसमें दिमाग में बस हॉट लाते हैं और एक तरह का यह बस मेंटल है पीने से 12 माइंड रिलीज हो जाता है आपके अंदर एक हार्मोन कुछ केमिकल चेंज हो जाते हैं शरीर में और आप खुश हो लेते हैं उनके लिए आप सही में इतने प्रयासरत हैं आप रात में ही सपने केवल देखते हैं या केवल सपने ही देखते रहते हैं इसका मतलब यह है इस क्वेश्चन का याद क्यों सपने ही देखते हैं उसके बारे में पूछो क्या कहते हैं ख्याली पुलाव ही पकाते रहते हैं या कुछ करते भी हैं उसके लिए कुछ एक्शन लेते हैं कि वह सोचना ही केवल सपने देख लेना ही केवल सही नहीं है हम जो सपने देखते हैं या उसके बारे में विचार करना सही है उसके बारे में सोचना चाहिए प्लान बनाना चाहिए स्टडी बनाना चाहिए लेकिन क्या वह स्टेट जी जो आपने बनाया है वह केवल क्या दिमाग में ही है क्या उसको रियल्टी में आपने बदलने की कोशिश करें कि केवल दिमाग में यह नई नई चीजें सोच रहे हैं बड़ा मकान बड़ी गाड़ी या बहुत सारा पैसा या आईएस बन गए इस तरह की सोच केवल दिमाग में ही है उसे वास्तविकता में लाने का कोई विचार है या रियल टीम उसे बदलना है तो अपने थॉट्स को एग्जीक्यूशन ने अपने थॉट्स अपने विचारों को जो आपने बड़े-बड़े सपने देखे हैं उनको आप अगर जमीन पर ले आते हैं और वह आप बन जाते हैं वह गोल अचीव कर लेते हैं अपना टारगेट पूरा कर लेते हैं इसे ही कहते हैं कि भाई खुली आंखों से आज है जो है हमें सोते हुए सपने नहीं देखने खुली आंखों से सपने देखने हैं का मतलब दिन में दिन में जब आप खुली आंख रखते हैं दिन में जब आप अभी और होते हैं जागरूक रहते हैं तो उस समय उस सपने के लिए काम करते हैं अगर आपका पढ़ने अगर आईएस वन
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#भारत की राजनीति

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भारत की अर्थव्यवस्था क्यों खराब है जबकि यहां बहुत युवा है?Bharat Ki Arthvyavastha Kyun Kharab Hai Jabki Yahan Bahut Yuva Hai
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व्हिच इंडियन इकोनामी क्यों खराब है तो हमें सोचने की जरूरत है वाकई में तो इसमें समस्या क्या है कि आज का यूथ है युवा है जो निकल रहा है ग्रेजुएशन करके मीठे करके निकल रहा है या बीए बीएससी करके निकल रहा है एमएससी करके निकल रहा है तो उठ एडिशनल जो भी कर रहा है उसको तो जॉब है ही नहीं जो बीटेक करके निकल रहा है उसके पास भी जॉब नहीं है तो वैसे भी समस्या के निवेश की समस्या यह है जो टेक्निकल कोर्स करके निकल रहे हैं उनके पास इस तरह की स्किल्स नहीं इस तरह की कौशल नहीं है कि वह कहीं पर जॉब कर सकें एक कंपनी के मुताबिक जो कंपनियां हैं जो जॉब देते हैं उनकी मौत वह कहते हैं सीकरी रिपोर्ट जारी होती है जिनके अनुसार अब वह कहते हैं कि ऐसे स्किल्स रोग में मिलते ही नहीं है जो अपनी कंपनियों में रख सकें हालांकि इसमें युवाओं की पूरी गलती नहीं इसमें यह भी है कि जो हमारे ट्यूशन है जो कॉलेज है वह इस तरह की एजुकेशन प्रोवाइड ही नहीं करते आज की जरूरतों के मुताबिक कि उनको उस तरह की नोटिस दी जाए जिस तरह आज की इंडस्ट्री है ना तो आज कॉलेज क्यों नहीं आते हैं वह प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं देते हैं कि इंडस्ट्री की जो आज की जरूरतें हैं आज के आज के आज के जो फैक्ट आजकल के जो कंपनियों की फैक्ट्रियों की जरूरत है उसके हिसाब से उनको पेट कल वाली चीज है और उस तरह की वह इंट्रेंस इंटर्नशिप करें उस तरह की चीजें उनको सिखाई जाए कि आज की जो डिमांड है उसके मुताबिक उनकी इस खेल को इन हिज किया जाए उनके कौशल को उनको उसी तरह की एजुकेशन दी जाए जैसे कि आजकल का युवा जो है कंप्यूटर रिलेटेड चीजों से रिलेटेड नहीं है और वह उस तरह ऊंच-नीच इन कंप्यूटर में एमएस ऑफिस तक चलाना नहीं आता उसको तो यह समस्या एक बहुत बड़ी है तो यह हम टैकल करने की जरूरत है एड्रेस करने की जरूरत है कॉलेज इसको या सरकार को हालांकि सरकार इस पर काम कर रही है आज बेस्ट डिजिटल लिटरेसी को बढ़ावा दे रही है डिजिटल इंडिया हो रहा है तो आज की न्यूज़ को भी समझने की जरूरत है तो आज का यूथ हालांकि इस समय बढ़ रहा है यूथ यूथ समझ गया यह बात और अपने स्कूल को पढ़ा रहा है लेकिन अभी तक क्यों नहीं हुआ तो इसी वजह से नहीं हुआ कि हमारी यूथ के पास स्किल नहीं थी और हमारा एजुकेशन सिस्टम इतना खराब है कि हमारे युद्ध को इस लायक बना ही नहीं पाता कि वह कहीं नौकरी कर सके केवल डिग्रियां बांटकर बढ़ता रहा तो हमारी एजुकेशन सिस्टम को बदलने की जरूरत है हालांकि न्यू एजुकेशन पॉलिसी आई है उसे कुछ परिवर्तन आने चाहिए लिखे कब तक आते हैं यह देखने की बात है तो युद्ध को हमारे सही डायरेक्शन देने की जरूरत है हमारे युद्ध में बहुत पोटेंशियल है और हमारे यूथ कुछ भी कर सकता है हमारे पास
Vhich indiyan ikonaamee kyon kharaab hai to hamen sochane kee jaroorat hai vaakee mein to isamen samasya kya hai ki aaj ka yooth hai yuva hai jo nikal raha hai grejueshan karake meethe karake nikal raha hai ya beee beeesasee karake nikal raha hai emesasee karake nikal raha hai to uth edishanal jo bhee kar raha hai usako to job hai hee nahin jo beetek karake nikal raha hai usake paas bhee job nahin hai to vaise bhee samasya ke nivesh kee samasya yah hai jo teknikal kors karake nikal rahe hain unake paas is tarah kee skils nahin is tarah kee kaushal nahin hai ki vah kaheen par job kar saken ek kampanee ke mutaabik jo kampaniyaan hain jo job dete hain unakee maut vah kahate hain seekaree riport jaaree hotee hai jinake anusaar ab vah kahate hain ki aise skils rog mein milate hee nahin hai jo apanee kampaniyon mein rakh saken haalaanki isamen yuvaon kee pooree galatee nahin isamen yah bhee hai ki jo hamaare tyooshan hai jo kolej hai vah is tarah kee ejukeshan provaid hee nahin karate aaj kee jarooraton ke mutaabik ki unako us tarah kee notis dee jae jis tarah aaj kee indastree hai na to aaj kolej kyon nahin aate hain vah praiktikal nolej nahin dete hain ki indastree kee jo aaj kee jarooraten hain aaj ke aaj ke aaj ke jo phaikt aajakal ke jo kampaniyon kee phaiktriyon kee jaroorat hai usake hisaab se unako pet kal vaalee cheej hai aur us tarah kee vah intrens intarnaship karen us tarah kee cheejen unako sikhaee jae ki aaj kee jo dimaand hai usake mutaabik unakee is khel ko in hij kiya jae unake kaushal ko unako usee tarah kee ejukeshan dee jae jaise ki aajakal ka yuva jo hai kampyootar rileted cheejon se rileted nahin hai aur vah us tarah oonch-neech in kampyootar mein emes ophis tak chalaana nahin aata usako to yah samasya ek bahut badee hai to yah ham taikal karane kee jaroorat hai edres karane kee jaroorat hai kolej isako ya sarakaar ko haalaanki sarakaar is par kaam kar rahee hai aaj best dijital litaresee ko badhaava de rahee hai dijital indiya ho raha hai to aaj kee nyooz ko bhee samajhane kee jaroorat hai to aaj ka yooth haalaanki is samay badh raha hai yooth yooth samajh gaya yah baat aur apane skool ko padha raha hai lekin abhee tak kyon nahin hua to isee vajah se nahin hua ki hamaaree yooth ke paas skil nahin thee aur hamaara ejukeshan sistam itana kharaab hai ki hamaare yuddh ko is laayak bana hee nahin paata ki vah kaheen naukaree kar sake keval digriyaan baantakar badhata raha to hamaaree ejukeshan sistam ko badalane kee jaroorat hai haalaanki nyoo ejukeshan polisee aaee hai use kuchh parivartan aane chaahie likhe kab tak aate hain yah dekhane kee baat hai to yuddh ko hamaare sahee daayarekshan dene kee jaroorat hai hamaare yuddh mein bahut potenshiyal hai aur hamaare yooth kuchh bhee kar sakata hai hamaare paas

#भारत की राजनीति

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सरकार को भारतीय युवाओं को बेरोजगारी दूर करने के लिए कौन से कदम उठाने चाहिए?Sarkar Ko Bhartiya Yuvaon Ko Berojgari Door Karne Ke Lie Kaun Se Kadam Uthane Chaiye
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हालांकि सरकार ने काफी प्रयास किए हैं लेकिन वह प्रयास नाकाफी रहे हैं और सरकार अभी हाल में प्रयास कर तो रही है लेकिन अभी हम जो गवर्मेंट है उसने जिस तरह के वादे किए थे शुरुआत में रोजगार को लेकर वह टारगेट पूरा करने में यह गवर्मेंट सफल नहीं रही है यह भी एक बात है तो यह गवर्नमेंट ने बहुत वादे किए थे लेकिन सरकारी जान चुकी है कि जो नौकरियां हैं ओ किस क्षेत्र में अधिक हैं तो उस सांप से युवाओं को प्रभावित इंस्पायर करना चाहिए कि इस क्षेत्र में नौकरियां खड़ी है आप उनका जो है आईडिया या इस तरह बदल चुका है कि किस तरह की नौकरियां देनी है सरकारी क्षेत्र में नौकरियां सीमित हैं लिमिटेड है हालांकि यह जानना चाहिए हमको की सरकारी समझना चाहिए कि सरकारी क्षेत्र में नौकरियां काफी सीमित है तो अब जो है जाहिर है कि सरकार ने जो है इसीलिए स्किल इंडिया मिशन लाए थे कि लोगों को जो है इस कील को डेवलप करेंगे कौशल का विकास करेंगे उसी को अभी हाल में होगा उसी को आगे बढ़ाने के लिए और पैसा उन्होंने जारी किया है उसी के लिए और एक उसी में एक और स्कीम लॉन्च की है जिससे कि लोग हालांकि स्किल इंडिया मिशन कहने को तो बहुत अच्छा था लेकिन यह पूरी तरह से ग्राउंड पर सेक्सी नहीं हुआ लोग जो है इसके लिए इंडिया जो कि जो सेंटर हैं स्कूल के जो सेंटर है वहां पर बेहतर तरीके से वह स्किल डेवलप कर नहीं रहे हैं इसको जो हम अच्छे से मॉनिटरिंग की जरूरत है रेगुलेशन की जरूरत है तब लोग स्कूल कर पाएंगे तो यह जाहिर है कि सारी हालांकि कुछ तो है कुछ तो असर हुआ ही है तो सरकारी क्षेत्र में अगर सारी नौकरियां नहीं है तो सरकार जैसे स्टार्टअप इंडिया वगैरह प्रभारी है कि आज के यूथ को भी समझने की जरूरत है कि जो आजकल नया यूथ ग्रेजुएशन करके निकल रहा है कि सारी चैट नौकरी हमें सरकारी क्षेत्र में ही नहीं तलाश नहीं चाहिए कुछ प्राइवेट विल बी है कुछ अपनी स्किल डेवलप करो जो है हमें कंप्यूटर जो है से रिलेटेड कई कोर्स करने चाहिए कुछ ऐसे कोशिश करनी चाहिए स्टार्टअप कुछ अपनी छोटे-मोटे स्टार्टअप खड़े करें जिनके पास टाइम नहीं है वह कहीं प्राइवेट सेक्टर में पहले नौकरी का तो कंपटीशन के हिसाब से देखना चाहिए कि सरकारी नौकरी के लिए हमें कितना प्रयास करना चाहिए हमें देखा है कि सरकारी नौकरियां बहुत कम हो गई है तो ऐसे में जरूरी है सोचना
Haalaanki sarakaar ne kaaphee prayaas kie hain lekin vah prayaas naakaaphee rahe hain aur sarakaar abhee haal mein prayaas kar to rahee hai lekin abhee ham jo gavarment hai usane jis tarah ke vaade kie the shuruaat mein rojagaar ko lekar vah taaraget poora karane mein yah gavarment saphal nahin rahee hai yah bhee ek baat hai to yah gavarnament ne bahut vaade kie the lekin sarakaaree jaan chukee hai ki jo naukariyaan hain o kis kshetr mein adhik hain to us saamp se yuvaon ko prabhaavit inspaayar karana chaahie ki is kshetr mein naukariyaan khadee hai aap unaka jo hai aaeediya ya is tarah badal chuka hai ki kis tarah kee naukariyaan denee hai sarakaaree kshetr mein naukariyaan seemit hain limited hai haalaanki yah jaanana chaahie hamako kee sarakaaree samajhana chaahie ki sarakaaree kshetr mein naukariyaan kaaphee seemit hai to ab jo hai jaahir hai ki sarakaar ne jo hai iseelie skil indiya mishan lae the ki logon ko jo hai is keel ko devalap karenge kaushal ka vikaas karenge usee ko abhee haal mein hoga usee ko aage badhaane ke lie aur paisa unhonne jaaree kiya hai usee ke lie aur ek usee mein ek aur skeem lonch kee hai jisase ki log haalaanki skil indiya mishan kahane ko to bahut achchha tha lekin yah pooree tarah se graund par seksee nahin hua log jo hai isake lie indiya jo ki jo sentar hain skool ke jo sentar hai vahaan par behatar tareeke se vah skil devalap kar nahin rahe hain isako jo ham achchhe se monitaring kee jaroorat hai reguleshan kee jaroorat hai tab log skool kar paenge to yah jaahir hai ki saaree haalaanki kuchh to hai kuchh to asar hua hee hai to sarakaaree kshetr mein agar saaree naukariyaan nahin hai to sarakaar jaise staartap indiya vagairah prabhaaree hai ki aaj ke yooth ko bhee samajhane kee jaroorat hai ki jo aajakal naya yooth grejueshan karake nikal raha hai ki saaree chait naukaree hamen sarakaaree kshetr mein hee nahin talaash nahin chaahie kuchh praivet vil bee hai kuchh apanee skil devalap karo jo hai hamen kampyootar jo hai se rileted kaee kors karane chaahie kuchh aise koshish karanee chaahie staartap kuchh apanee chhote-mote staartap khade karen jinake paas taim nahin hai vah kaheen praivet sektar mein pahale naukaree ka to kampateeshan ke hisaab se dekhana chaahie ki sarakaaree naukaree ke lie hamen kitana prayaas karana chaahie hamen dekha hai ki sarakaaree naukariyaan bahut kam ho gaee hai to aise mein jarooree hai sochana

#पढ़ाई लिखाई

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समाज में अपडेट रहने के लिए क्या फैशन करना जरूरी है?Samaj Mein Update Rehne Ke Lie Kya Fashion Karna Jaruri Hai
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आपका क्वेश्चन जो है सोचने पर विवश करता है कि यह एक तो है समस्या है या एक बहुत अच्छी चीज है फैशन करना चाहिए या नहीं करना चाहिए या कुछ लोग केवल ऐसे ही अगर करके चले जाते हैं नई फैशन नहीं करना चाहिए या अपडेट रहने की जय फैशन से अपडेट रहने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन हम इस क्वेश्चन से बच नहीं सकते क्योंकि आज का यूट्यूब यंगस्टर्स के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है और लोगों का यह आइडेंटिटी क्राइसिस बन चुका है लोग अपनी किसी को फैशन में देखते हैं तो अपनी सोचते हैं कि मेरी पहचान कोई नहीं है या अपने आप को इनफीरियर फील करते हैं छोटा फील करते हैं कि आपकी वह उनको फैशन की कोई नॉलेज नहीं है या वह फैशन कर नहीं पाते हैं पैसे की वजह से हम देखते हैं कि यंगस्टर्स हैं चाहे लड़के हो या क्या हूं उनके दोस्त यार जो होते हैं जो भाई कॉलेज लाइफ में यह कोचिंग में जिस तरह के दोस्तों का ग्रुप होता है तो दोस्त अच्छे से कपड़े पहनते हैं और नए नए आईफोन स्मार्टफोन और गैजेट्स यूज करते हैं हर 6 महीने में उनके पाजी का आईफोन आ जाता है नए नए गैजेट्स आ जाते हैं एक जो आजकल बहुत चलने लगी है ए सैमसंग की जय माई की तो और उनके कपड़े बदलते रहते हैं तो जाहिर है कि आप उसके साथ दोस्त है वह उसी तरह से लिया इन्फ्रेंस होते हैं हालांकि यह जितने यंगस्टर्स होता है वह किसी न किसी सेलिब्रिटी से सिंगर से जो बहुत बड़े-बड़े जो है बॉलीवुड के एक्टर है या हॉलीवुड के जो एक्टर है जस्टिन बीबर पॉप सिंगर ना जाने कौन कौन लोग होते हैं जिनसे यह लोग इंसुरेंस होते हैं हालांकि मैं यह नहीं कह रहा इंसुरेंस होना अच्छा है या बुरा है सो सकते हैं उनके गाने सुन सकते हैं तो यह जरूरी है या नहीं जरूरी है एक क्वेश्चन है तो यूथ जो है जिनके पास पैसे नहीं है वह थोड़ा दिक्कत होता है देखिए यह जरूरी है कि नहीं जरूरी है इस पर डिपेंड करता है कि देखी हमें हमें भटकना नहीं चाहिए हमारे जो गोल है हम जिस चीज के लिए काम कर रहे हैं आखिर का लॉन्ग टर्म चीजें जो है हमारे लिए वह करिए हमारी लाइफ है संतोष और टाइम चीज है मोमेंट्री चीज है तो केवल एक क्षण भर के लिए फैशन के लिए हम अपने long-term को नहीं भुला सकते हालांकि फैशन बुरा है ऐसा नहीं है यह भी है कि हमारे दोस्त जिस तरह के भाई जींस पहन रहे हैं यह कपड़े जिस तरह का फैशन चल रहा है कोशिश हो अगर आप कर सकते हैं अगर उस तरह की चीजें हो रही हैं तो आप कर सकते हैं और उन कपड़ों में आप कंफर्टेबल है तो आप पहने लेकर आपको लगता है कि यह सब चीजें आपके लिए नहीं है तो आप ही ना करें
Aapaka kveshchan jo hai sochane par vivash karata hai ki yah ek to hai samasya hai ya ek bahut achchhee cheej hai phaishan karana chaahie ya nahin karana chaahie ya kuchh log keval aise hee agar karake chale jaate hain naee phaishan nahin karana chaahie ya apadet rahane kee jay phaishan se apadet rahane kee koee jaroorat nahin hai lekin ham is kveshchan se bach nahin sakate kyonki aaj ka yootyoob yangastars ke lie ek bahut badee samasya hai aur logon ka yah aaidentitee kraisis ban chuka hai log apanee kisee ko phaishan mein dekhate hain to apanee sochate hain ki meree pahachaan koee nahin hai ya apane aap ko inapheeriyar pheel karate hain chhota pheel karate hain ki aapakee vah unako phaishan kee koee nolej nahin hai ya vah phaishan kar nahin paate hain paise kee vajah se ham dekhate hain ki yangastars hain chaahe ladake ho ya kya hoon unake dost yaar jo hote hain jo bhaee kolej laiph mein yah koching mein jis tarah ke doston ka grup hota hai to dost achchhe se kapade pahanate hain aur nae nae aaeephon smaartaphon aur gaijets yooj karate hain har 6 maheene mein unake paajee ka aaeephon aa jaata hai nae nae gaijets aa jaate hain ek jo aajakal bahut chalane lagee hai e saimasang kee jay maee kee to aur unake kapade badalate rahate hain to jaahir hai ki aap usake saath dost hai vah usee tarah se liya inphrens hote hain haalaanki yah jitane yangastars hota hai vah kisee na kisee selibritee se singar se jo bahut bade-bade jo hai boleevud ke ektar hai ya holeevud ke jo ektar hai jastin beebar pop singar na jaane kaun kaun log hote hain jinase yah log insurens hote hain haalaanki main yah nahin kah raha insurens hona achchha hai ya bura hai so sakate hain unake gaane sun sakate hain to yah jarooree hai ya nahin jarooree hai ek kveshchan hai to yooth jo hai jinake paas paise nahin hai vah thoda dikkat hota hai dekhie yah jarooree hai ki nahin jarooree hai is par dipend karata hai ki dekhee hamen hamen bhatakana nahin chaahie hamaare jo gol hai ham jis cheej ke lie kaam kar rahe hain aakhir ka long tarm cheejen jo hai hamaare lie vah karie hamaaree laiph hai santosh aur taim cheej hai momentree cheej hai to keval ek kshan bhar ke lie phaishan ke lie ham apane long-tairm ko nahin bhula sakate haalaanki phaishan bura hai aisa nahin hai yah bhee hai ki hamaare dost jis tarah ke bhaee jeens pahan rahe hain yah kapade jis tarah ka phaishan chal raha hai koshish ho agar aap kar sakate hain agar us tarah kee cheejen ho rahee hain to aap kar sakate hain aur un kapadon mein aap kamphartebal hai to aap pahane lekar aapako lagata hai ki yah sab cheejen aapake lie nahin hai to aap hee na karen

#पढ़ाई लिखाई

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देखिए आज के समय में इंडिया डिजिटल हो रहा है और दुनिया डिजिटल हो रही है तो ऐसे में यह आज की न्यूज़ है कि हम भी डिजिटल लिटरेट हो जाएं अधिक से अधिक तो जाहिर है कि ऑनलाइन स्टडी ऑनलाइन इस तरीके से पढ़ाई करना पीडीएफ से पढ़ाई करना या डिजिटल अवेयर होना बहुत जरूरी है हल्की ट्रेडिशनल जो तरीका है वह भी 7 साल देते हुए चले यानी कि अपने सेल्फ नोट्स बनाते रहे और जो ऑफर जो किताबें हैं उनसे भी पड़े लेकिन आज की यह नीड है समय की मांग है कि हमें ऑनलाइन पढ़ाई चाहिए ऑनलाइन पढ़ाई से मतलब सारी चीजें समझ आनी चाहिए कंप्यूटर चलाना आना चाहिए टेबलेट में कैसे पढ़ा जाता है यह सारी चीजें आनी चाहिए किस तरह से एप्लीकेशन की मदद ली जानी चाहिए क्योंकि आने वाला समय ऐसा है कि बहुत कुछ सब ऑनलाइन होने वाला है एआई की वजह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट एक्स इंटरनेट ऑफ थिंग्स सारी चीजें बहुत ही क्रांतिकारी तरीके से होने वाली हैं सब कुछ रिवॉल्यूशनाइज होने वाला है सब कुछ बदलने वाला है आपने देखा कोरोना का काल में किस तरह से परिवर्तन आया जो परिवर्तन 2030 में होने वाले थे 2035 तक जो चीजें होने वाली थी वह चीजें हमने देखा कि 2020 में में ही हो गई सारा सिस्टम ऑनलाइन हो गया सारी स्टडी एजुकेशन जो है ऑनलाइन हो गई जबकि यह चीजें 2030 2035 2050 में होने वाला था लेकिन यह समय की मांग भी है और यह होना ही था आगे चल के तो यह सब कोई सोचना चाहिए कि हमें सबको ऑनलाइन जो है वह शिफ्ट होना है हालांकि इसमें टाइम लगेगा कोरोना न्यू में फोर्स किया कि अभी जरूरी है सारी टीचर्स को पोस्ट किया कि कंप्यूटर सीखें ऑनलाइन पढ़ाना सीखे और स्टूडेंट्स को भी फोर्स का किया कि वह भी स्टडी करना इस तरह सीखे जो रूरल बैकग्राउंड के बच्चे हैं उनको कंप्यूटर चलाना नहीं आता या बहुत से ऐसे शहर के ही बच्चे हैं जिनको यह अवेयर नहीं है बहुत सारी चीजों से कैसे भाई पीडीएफ बनानी है कैसे ऑनलाइन नोट्स बनाने हैं तो यह सब चीजें हमें सीखनी पड़ेगी धीरे-धीरे और आगे तो यही होने वाला तो हालांकि यह नहीं कहा जा रहा है कि आप किताब भी पढ़ें आदत ना अपनी खराब है मतलब आदत भी वह भी डालें और
Dekhie aaj ke samay mein indiya dijital ho raha hai aur duniya dijital ho rahee hai to aise mein yah aaj kee nyooz hai ki ham bhee dijital litaret ho jaen adhik se adhik to jaahir hai ki onalain stadee onalain is tareeke se padhaee karana peedeeeph se padhaee karana ya dijital aveyar hona bahut jarooree hai halkee tredishanal jo tareeka hai vah bhee 7 saal dete hue chale yaanee ki apane selph nots banaate rahe aur jo ophar jo kitaaben hain unase bhee pade lekin aaj kee yah need hai samay kee maang hai ki hamen onalain padhaee chaahie onalain padhaee se matalab saaree cheejen samajh aanee chaahie kampyootar chalaana aana chaahie tebalet mein kaise padha jaata hai yah saaree cheejen aanee chaahie kis tarah se epleekeshan kee madad lee jaanee chaahie kyonki aane vaala samay aisa hai ki bahut kuchh sab onalain hone vaala hai eaee kee vajah se aartiphishiyal intelijens robot eks intaranet oph things saaree cheejen bahut hee kraantikaaree tareeke se hone vaalee hain sab kuchh rivolyooshanaij hone vaala hai sab kuchh badalane vaala hai aapane dekha korona ka kaal mein kis tarah se parivartan aaya jo parivartan 2030 mein hone vaale the 2035 tak jo cheejen hone vaalee thee vah cheejen hamane dekha ki 2020 mein mein hee ho gaee saara sistam onalain ho gaya saaree stadee ejukeshan jo hai onalain ho gaee jabaki yah cheejen 2030 2035 2050 mein hone vaala tha lekin yah samay kee maang bhee hai aur yah hona hee tha aage chal ke to yah sab koee sochana chaahie ki hamen sabako onalain jo hai vah shipht hona hai haalaanki isamen taim lagega korona nyoo mein phors kiya ki abhee jarooree hai saaree teechars ko post kiya ki kampyootar seekhen onalain padhaana seekhe aur stoodents ko bhee phors ka kiya ki vah bhee stadee karana is tarah seekhe jo rooral baikagraund ke bachche hain unako kampyootar chalaana nahin aata ya bahut se aise shahar ke hee bachche hain jinako yah aveyar nahin hai bahut saaree cheejon se kaise bhaee peedeeeph banaanee hai kaise onalain nots banaane hain to yah sab cheejen hamen seekhanee padegee dheere-dheere aur aage to yahee hone vaala to haalaanki yah nahin kaha ja raha hai ki aap kitaab bhee padhen aadat na apanee kharaab hai matalab aadat bhee vah bhee daalen aur

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डीपी हमें अपने करियर में या प्रोफेशन में वही करना चाहिए जिसमें हम वैसे एक्सपर्ट हैं या जिसमें हम बहुत ज्यादा अंदर से जिसको हम है जिससे इन्हें मोटिवेशन आता है अंदर से एक सेट में जाता है वही काम करना चाहिए लेकिन आपके पिताजी कहते हैं कि बिजनेसमैन बनी है बिजनेस करिए पिताजी का भी के नजरिए से देखेंगे तो पिताजी शायद आपसे इसलिए कह रहा हूं क्योंकि आपको हर्ट हैं तो आपके शायद करियर में अनिश्चितता ज्यादा है कोई उसमें निश्चित नहीं है उन्हें उनका उनका नजरिया यह है कि आपके उसमें निश्चित अन्य मतलब कि आपका जो फाइनेंस है वह बंदा बंदा या नहीं आता है आया उसमें कोई वह नहीं है तू यह चीज है तो इस नजरिए को अब काउंटर करिए यानी कि आप अपने फादर को समझाइए कि नहीं इसमें मतलब अगर आप इसमें बहुत अच्छे हैं कविता करने में तो यह फादर को यह किसी भी माता-पिता को यह विश्वास में लेना बहुत जरूरी होता है कि मैं जो कर रहा हूं वह बहुत अच्छा काम है और उसमें बहुत ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है अगर आप मां-बाप को यह विश्वास दिलाने में कामयाब हो जाते हैं तो आप कोई भी मां-बाप को आगे जाने का मौका देंगे तो उस सबसे बड़ी चीज है कि मां-बाप को यह विश्वास दिलाना बहुत जरूरी है कि आप इस काम में बहुत आगे जा सकते हैं और कैसे जा सकते हैं यह भी बताना जरूरी है तो यह सारी चीजें आपको अपनी फिल फादर को अपने पिताजी को विश्वास में लेना है कि और उनसे कुछ समय लीजिए कि 1 साल या 2 साल में मैं इसमें इतनी ऊंचाई तक पहुंच जाऊंगा क्योंकि मां-बाप तो आपको मां-बाप आपका एक तरह से भला चाहते हैं तो ऐसा नहीं है कि वह नहीं मानी और आप हम से कहेंगे कि 1 या 2 साल या जितना भी आप समय दें मैं मैं इस लेवल तक इस स्तर तक पहुंच जाऊंगा तो अगर नहीं हो पाया तो मैं बिजनेस लाइन में आ जाऊंगा तो उनसे कई मुझे समय दें और मुझे इस पर काम करने दो तो आप जिस फिल्म में है उसमें बहुत अच्छा अब समय ले उस समय में आप अपने आप को इतना निखारे और 111 बहुत अच्छे कवि बंद करो फिर उन्हें और अपने पिताजी को को ब्राइट ब्राइट फील करें तो यह है कि उसने समय में आपको अपना अपनी स्किल को अपने कविता करने के कौशल को इतना डेवलप कर लेना है कि आपके फादर आपको दोबारा कहीं ना सके कि बिजनेस कर रहा था कर दो यह कैसे करें अब कहीं माध्यम है
Deepee hamen apane kariyar mein ya propheshan mein vahee karana chaahie jisamen ham vaise eksapart hain ya jisamen ham bahut jyaada andar se jisako ham hai jisase inhen motiveshan aata hai andar se ek set mein jaata hai vahee kaam karana chaahie lekin aapake pitaajee kahate hain ki bijanesamain banee hai bijanes karie pitaajee ka bhee ke najarie se dekhenge to pitaajee shaayad aapase isalie kah raha hoon kyonki aapako hart hain to aapake shaayad kariyar mein anishchitata jyaada hai koee usamen nishchit nahin hai unhen unaka unaka najariya yah hai ki aapake usamen nishchit any matalab ki aapaka jo phainens hai vah banda banda ya nahin aata hai aaya usamen koee vah nahin hai too yah cheej hai to is najarie ko ab kauntar karie yaanee ki aap apane phaadar ko samajhaie ki nahin isamen matalab agar aap isamen bahut achchhe hain kavita karane mein to yah phaadar ko yah kisee bhee maata-pita ko yah vishvaas mein lena bahut jarooree hota hai ki main jo kar raha hoon vah bahut achchha kaam hai aur usamen bahut oonchaee tak pahuncha ja sakata hai agar aap maan-baap ko yah vishvaas dilaane mein kaamayaab ho jaate hain to aap koee bhee maan-baap ko aage jaane ka mauka denge to us sabase badee cheej hai ki maan-baap ko yah vishvaas dilaana bahut jarooree hai ki aap is kaam mein bahut aage ja sakate hain aur kaise ja sakate hain yah bhee bataana jarooree hai to yah saaree cheejen aapako apanee phil phaadar ko apane pitaajee ko vishvaas mein lena hai ki aur unase kuchh samay leejie ki 1 saal ya 2 saal mein main isamen itanee oonchaee tak pahunch jaoonga kyonki maan-baap to aapako maan-baap aapaka ek tarah se bhala chaahate hain to aisa nahin hai ki vah nahin maanee aur aap ham se kahenge ki 1 ya 2 saal ya jitana bhee aap samay den main main is leval tak is star tak pahunch jaoonga to agar nahin ho paaya to main bijanes lain mein aa jaoonga to unase kaee mujhe samay den aur mujhe is par kaam karane do to aap jis philm mein hai usamen bahut achchha ab samay le us samay mein aap apane aap ko itana nikhaare aur 111 bahut achchhe kavi band karo phir unhen aur apane pitaajee ko ko brait brait pheel karen to yah hai ki usane samay mein aapako apana apanee skil ko apane kavita karane ke kaushal ko itana devalap kar lena hai ki aapake phaadar aapako dobaara kaheen na sake ki bijanes kar raha tha kar do yah kaise karen ab kaheen maadhyam hai

#रिश्ते और संबंध

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लड़कों को गोरी लड़कियां क्यों पसंद है?Ladkon Ko Gori Ladkiya Kyun Pasand Hai
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लड़कों को जो है वाइट लड़कियां क्यों पसंद तो देखिए हमारे इंडिया के लड़के जो देखते हैं उनके चारों ओर समाज में सोसाइटी में क्या हो रहा है और वह कहां कहां से चीजें देखते हैं सुनते हैं वही चीज देखते देख सुनकर उनके दोस्त क्या बातें करते हैं उनके घर में किस तरह की बातें होती हैं उनके पड़ोस में किस तरह की बातें होती हैं वह बॉलीवुड में फिल्में किस तरह की देखते हैं तो इन सब चीजों से उनकी सोच बनती है और वह इसी तरह के काम करते हैं भाई बॉलीवुड में फिल्में देखते हैं तो उसमें भाई गोरी है जो वाइट गर्ल्स हैं तो उनको बहुत हाई फाई दिखाया जाता है और रोमांटिक दिखाया जाता है फेंटेसी में दिखाया जाता है और जो ब्लैक की लड़कियां हैं जो शामली लड़कियां हैं उनको जो इंटीरियर दिखाया जाता है छोटा दिखाया जाता है तो ऐसी उनकी सोच बन गई है कि उन्हें इसीलिए गोरी गोरी लड़कियां पसंद है और आप कोई भी अपने घर में बात करें या अपने पड़ोस में बात करें अपने दोस्तों के साथ बात करें तो वह बस उनको गोरी चमड़ी ही पसंद है तो उन्हें इससे उन्हें लगता है कि गोरी चमड़ी है तो वह कोई परी है वह वह स्वर्ग से उतर के आई है इस तरह का फिल्मों में ही में ही दिखा जाता है ना तो हमें मतलब गोरे हो कालों में उस तरह से कि मतलब है गोरा होना चाहिए यह एक-एक है अगर कोई सावला है उसकी छवि अच्छी है तो वह भी बहुत अच्छा लग सकता है और वह भी जरूर नहीं हो सकता है कोई गोरी कोई वाइट लड़की हो गोरी लड़की हो लेकिन फिर सोचना अच्छी है ना आव ओप्पो इंटेलिजेंट ना हो वह हो सकता है वह जो है फूल हो हो सकता है उसके पास इतना दिमाग ना हो तो गोरा होने से सब कुछ नहीं हो जाता है अगर कोई सावला है ब्लैक है तब भी क्या तो यह सब यह तो एक सोसाइटी ने एक वह बनाया हुआ है गोरे और काले में यह सब ऐसा कुछ नहीं होता कोई भी व्यक्ति के अंदर हमेशा कैरेक्टर देखना चाहिए वह किस तरह के उसके अंदर किस तरह के ट्रेट्स हैं वह कैसा उसका व्यवहार है उसके देखेंगे जो अब इंटेलिजेंस देख लेना आप वह किस तरह से उसके काम है वह क्या करता है उसके साथ आपकी फ्रेंडशिप कैसी है वह यह सारी चीजें हमें लड़कियों में लड़कों में यह लड़की हो या लड़का हमें यह देखना चाहिए कि भाई उसका बिहेवियर कैसा है हमारे लिए कितना वह कि किस तरह का व्यक्ति है तो यह चीज देखनी चाहिए हमें हमें जो है बॉलीवुड वालों ने यह हमारे आसपास के लोगों ने जैसा शिखा पढ़ा दिया है या जैसी बातें हम लोग घोषित में करते रहते हैं बस वही उसी हिसाब से हम हम हमारे काम भी होते
Ladakon ko jo hai vait ladakiyaan kyon pasand to dekhie hamaare indiya ke ladake jo dekhate hain unake chaaron or samaaj mein sosaitee mein kya ho raha hai aur vah kahaan kahaan se cheejen dekhate hain sunate hain vahee cheej dekhate dekh sunakar unake dost kya baaten karate hain unake ghar mein kis tarah kee baaten hotee hain unake pados mein kis tarah kee baaten hotee hain vah boleevud mein philmen kis tarah kee dekhate hain to in sab cheejon se unakee soch banatee hai aur vah isee tarah ke kaam karate hain bhaee boleevud mein philmen dekhate hain to usamen bhaee goree hai jo vait garls hain to unako bahut haee phaee dikhaaya jaata hai aur romaantik dikhaaya jaata hai phentesee mein dikhaaya jaata hai aur jo blaik kee ladakiyaan hain jo shaamalee ladakiyaan hain unako jo inteeriyar dikhaaya jaata hai chhota dikhaaya jaata hai to aisee unakee soch ban gaee hai ki unhen iseelie goree goree ladakiyaan pasand hai aur aap koee bhee apane ghar mein baat karen ya apane pados mein baat karen apane doston ke saath baat karen to vah bas unako goree chamadee hee pasand hai to unhen isase unhen lagata hai ki goree chamadee hai to vah koee paree hai vah vah svarg se utar ke aaee hai is tarah ka philmon mein hee mein hee dikha jaata hai na to hamen matalab gore ho kaalon mein us tarah se ki matalab hai gora hona chaahie yah ek-ek hai agar koee saavala hai usakee chhavi achchhee hai to vah bhee bahut achchha lag sakata hai aur vah bhee jaroor nahin ho sakata hai koee goree koee vait ladakee ho goree ladakee ho lekin phir sochana achchhee hai na aav oppo intelijent na ho vah ho sakata hai vah jo hai phool ho ho sakata hai usake paas itana dimaag na ho to gora hone se sab kuchh nahin ho jaata hai agar koee saavala hai blaik hai tab bhee kya to yah sab yah to ek sosaitee ne ek vah banaaya hua hai gore aur kaale mein yah sab aisa kuchh nahin hota koee bhee vyakti ke andar hamesha kairektar dekhana chaahie vah kis tarah ke usake andar kis tarah ke trets hain vah kaisa usaka vyavahaar hai usake dekhenge jo ab intelijens dekh lena aap vah kis tarah se usake kaam hai vah kya karata hai usake saath aapakee phrendaship kaisee hai vah yah saaree cheejen hamen ladakiyon mein ladakon mein yah ladakee ho ya ladaka hamen yah dekhana chaahie ki bhaee usaka biheviyar kaisa hai hamaare lie kitana vah ki kis tarah ka vyakti hai to yah cheej dekhanee chaahie hamen hamen jo hai boleevud vaalon ne yah hamaare aasapaas ke logon ne jaisa shikha padha diya hai ya jaisee baaten ham log ghoshit mein karate rahate hain bas vahee usee hisaab se ham ham hamaare kaam bhee hote

#जीवन शैली

bolkar speaker
है कपड़े नहीं सोच बदलो क्या आप उनके इस कथन से सहमत हैं आप क्या कहना चाहेंगे?Kapde Nahin Soch Badlo Kya Aap Unke Is Kathan Se Sehmat Hain Aap Kya Kehna Chahenge
Satyam Srivastava Bolkar App
Top Speaker,Level 11
सुनिए Satyam जी का जवाब
Faculty for Civil Services Exams (UPSC PCS)
2:58
देखी हमें हरियाली तीज को समझना होगा कि क्या रियलिटीज है क्या क्या मतलब असलियत क्या है कि आज का जो एरा है आज का जो प्रजेंट टाइम वर्तमान समय वह बदल चुका है हम एक ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड में रह रहे हैं हमारा ग्लोबलाइजेशन हो क्या वशीकरण हो चुका है इनकी पूरी दुनिया एक दूसरे से जुड़ चुकी है अब ऐसा नहीं है पहले जैसा समय नहीं है कि भाई हमें यहां से एक हमें अगर यहां से मुंबई ही जाना होता था तो मुंबई जाने में ही हमें पतन कितना समय लगता था अब यहां से अमेरिका बड़ी आसानी से छह-सात घंटे में पहुंच सकते हैं जो है आसानी से यूरोप जो है 6 7 8 घंटे में पहुंच सकते हैं अमेरिका हम 10 12 घंटे में 14 घंटे में पहुंच सकते हैं इसी तरह अमेरिका की कोई न्यूज़ है वह हमें तुरंत पता चल सकती है कम्युनिकेशन के जो संचार के साधन है वह इतने बढ़ गए हैं हमें पता चल सकता है वहां क्या है बॉलीवुड मैं हॉलीवुड में क्या हो रहा है वह अमेरिका के यूरोप के लोग किस तरह की फिल्में बनाते हैं किस तरह के नाटक बनाते हैं तो यह सारी चीजें सबकल्चर जो है वह 12 यूनिफॉर्म हो जाता है यानी कि वहां की कल्चर में जो चीजें हो रही हैं वो इंडिया के लोग उन्हें पसंद आती है तो उसे फॉलो करने लगते हैं तो तो मतलब यह है कि जो चीज है इधर उधर की शिफ्ट होती हैं कल्चरल जो सांस्कृतिक चीजें हैं जो रहन स्पॉट चीजें हैं फॉर कल्चर है यहां का योगा देखिए पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है तो हम इसे रोक भी नहीं सकते जो चीजें पसंद आ रही हैं वह चीजें की जा रही है हालांकि मीनिंग लैसो मीनिंग मीनिंग फुल चीजें करनी चाहिए या नहीं करनी चाहिए वह उस पर एक अलग डिबेट है लेकिन बहुत सारी चीजें हमें अब समझना होगा तो पुराने लोग हैं और जो उस तरह के हैं उन्हें समझना चाहिए आज की रियलिटी पूरी तरह से अलग है आजकल की लड़की आप आजकल कैसे समय आ गया है कि लोग गेम खेल रहे हैं हालांकि किसी को नहीं पसंद तो नहीं अब जो नहीं पसंद उसकी भी इफेक्ट होनी चाहिए जब इसको पसंद है अभी अब गेम खेलकर लोग पैसे कमा रहे हैं तो अभी कुछ लोग गेम को टाइम वेस्ट समझते थे वैसे मैं भी समझता था तो लोग गेम खेलकर यूट्यूब पर बहुत पैसे कमा रहे हैं तो अब कैसे किस किस चीज को आप बुरा कहेंगे तो पूरा कहने अब यही है रियलिटी अलग हैं है ना तो उसी हिसाब से इसके लिए आप अब यह काम जो है तो समझ तो भाई सोच भी बदलना पड़ेगा भाई लड़कों का जो है अगर कोई छोटे कपड़े पहनता है तो हमेशा कोई ऐसा वर्ड नहीं करना चाहिए कोई टेरिबल टाइम नहीं होना चाहिए कोई कुछ पल पूर्वक किसी के साथ आप कोई गलत काम कैसे कर सकते हैं और यह कोई जस्टिफिकेशन नहीं अगर कुछ छोटे कपड़े पहनता है तो यह जस्टिफिकेशन भी नहीं है कि अगर उसके साथ कुछ गलत हुआ है तो हम उसको जस्टिफाई करें उसको हम न्याय उचित है राय तो यह एक बात है
Dekhee hamen hariyaalee teej ko samajhana hoga ki kya riyaliteej hai kya kya matalab asaliyat kya hai ki aaj ka jo era hai aaj ka jo prajent taim vartamaan samay vah badal chuka hai ham ek globalaijd varld mein rah rahe hain hamaara globalaijeshan ho kya vasheekaran ho chuka hai inakee pooree duniya ek doosare se jud chukee hai ab aisa nahin hai pahale jaisa samay nahin hai ki bhaee hamen yahaan se ek hamen agar yahaan se mumbee hee jaana hota tha to mumbee jaane mein hee hamen patan kitana samay lagata tha ab yahaan se amerika badee aasaanee se chhah-saat ghante mein pahunch sakate hain jo hai aasaanee se yoorop jo hai 6 7 8 ghante mein pahunch sakate hain amerika ham 10 12 ghante mein 14 ghante mein pahunch sakate hain isee tarah amerika kee koee nyooz hai vah hamen turant pata chal sakatee hai kamyunikeshan ke jo sanchaar ke saadhan hai vah itane badh gae hain hamen pata chal sakata hai vahaan kya hai boleevud main holeevud mein kya ho raha hai vah amerika ke yoorop ke log kis tarah kee philmen banaate hain kis tarah ke naatak banaate hain to yah saaree cheejen sabakalchar jo hai vah 12 yooniphorm ho jaata hai yaanee ki vahaan kee kalchar mein jo cheejen ho rahee hain vo indiya ke log unhen pasand aatee hai to use pholo karane lagate hain to to matalab yah hai ki jo cheej hai idhar udhar kee shipht hotee hain kalcharal jo saanskrtik cheejen hain jo rahan spot cheejen hain phor kalchar hai yahaan ka yoga dekhie pooree duniya mein manaaya ja raha hai to ham ise rok bhee nahin sakate jo cheejen pasand aa rahee hain vah cheejen kee ja rahee hai haalaanki meening laiso meening meening phul cheejen karanee chaahie ya nahin karanee chaahie vah us par ek alag dibet hai lekin bahut saaree cheejen hamen ab samajhana hoga to puraane log hain aur jo us tarah ke hain unhen samajhana chaahie aaj kee riyalitee pooree tarah se alag hai aajakal kee ladakee aap aajakal kaise samay aa gaya hai ki log gem khel rahe hain haalaanki kisee ko nahin pasand to nahin ab jo nahin pasand usakee bhee iphekt honee chaahie jab isako pasand hai abhee ab gem khelakar log paise kama rahe hain to abhee kuchh log gem ko taim vest samajhate the vaise main bhee samajhata tha to log gem khelakar yootyoob par bahut paise kama rahe hain to ab kaise kis kis cheej ko aap bura kahenge to poora kahane ab yahee hai riyalitee alag hain hai na to usee hisaab se isake lie aap ab yah kaam jo hai to samajh to bhaee soch bhee badalana padega bhaee ladakon ka jo hai agar koee chhote kapade pahanata hai to hamesha koee aisa vard nahin karana chaahie koee teribal taim nahin hona chaahie koee kuchh pal poorvak kisee ke saath aap koee galat kaam kaise kar sakate hain aur yah koee jastiphikeshan nahin agar kuchh chhote kapade pahanata hai to yah jastiphikeshan bhee nahin hai ki agar usake saath kuchh galat hua hai to ham usako jastiphaee karen usako ham nyaay uchit hai raay to yah ek baat hai

#मनोरंजन

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हेलो फिल्मों में जो दिखाते हैं काफी कुछ फेंटेसी होता है रोमांटिक होता है तू जवाब कोई चीज भावनाओं में बहकर सेंटीमेंट इमोशन और फीलिंग के साथ करते हैं तो वह रोमांटिक होते हैं वह रोमांटिसिजम होते हैं तो फिल्मों में अधिकतर अभी तक बॉलीवुड में जो भी फिल्म बनी है वह इसी तरह की बनी है वहां पर एक जो लव एलिमेंट है प्यार जो है यह रहता ही रहता है उनको किसी भी तरह की नए प्रयोगों करते हैं फिल्मों में लेकिन एक जो यह लव एलिमेंट है इसको भी ना छोड़े वह फिल्म बना नहीं सकते इसीलिए आइटम सॉन्ग वगैरा भी वोट डालते हैं और एविन एक लव एलिमेंट रहता है अगर हीरो है तो हीरोइन जरूर होगी बिना हीरोइन के फिल्म नहीं बन सकती है अगर हीरोइन है तो हीरो जरूर होगा तो एक्चुअली में रियल लाइफ में यह चीजें होती हैं या नहीं होती है यही चीज जो है जो फिल्मों में इमोशंस और फीलिंग जो आपकी भावनाएं हैं आपका जो उस तरह से चीजों को करते हुए एक्ट करते हुए दिखाते हैं सब कुछ ऐसा लग रहा है तो ऐसा कुछ रोमांटिक सा है सब कुछ मतलब आदर्शवादी है उसमें रियलिटी नहीं होती है प्रैक्टिकल चीजें नहीं होती ऐसी चीजें जो सोसाइटी में रियल में होती है जो कड़वी सच्चाई होती है वह फिल्मों में नहीं दिखाई देती फिल्मों में हीरो हीरोइन का जो है इस तरह से हो जाता है सेटिंग में सेटिंग हो जाता है जो भी हो जाता है वह रियल लाइफ में इस तरह से नहीं होता रियल लाइफ मेरी फिल्मों में जिस तरह से आप वह आपस में वह अगर जैसल हीरो है लड़का है जो एक्टर है वह फाइनेंस उस तरह का स्ट्रांग नहीं है तो उसमें दिखा दिया जाता है फिर भी वह प्यार में पागल है और अब लड़की के लिए एक घर नहीं खरीद सकता और वह तो यह क्या है की फीलिंग के भरोसे है फीलिंग और इमोशंस के सहारे वह मैरिज करना चाहता है उसे या तो रियल लाइफ में ऐसा नहीं होता रियल लाइफ में जो है लड़की उसी से शादी करती है जिसके पास पावर होती है मन नहीं होता है पैसा होता है जिसका स्टेटस होता है ऐसा नहीं होता लव अट फर्स्ट साइट ऑफ फिल्मों में ही देख सकते हैं कि एक नजर में प्यार हो गया रियल लाइफ में एक नजर में प्यार नहीं होता है वह अट्रैक्शन होता है वह हार्मोन की दिक्कत होती है बॉडी में
Helo philmon mein jo dikhaate hain kaaphee kuchh phentesee hota hai romaantik hota hai too javaab koee cheej bhaavanaon mein bahakar senteement imoshan aur pheeling ke saath karate hain to vah romaantik hote hain vah romaantisijam hote hain to philmon mein adhikatar abhee tak boleevud mein jo bhee philm banee hai vah isee tarah kee banee hai vahaan par ek jo lav eliment hai pyaar jo hai yah rahata hee rahata hai unako kisee bhee tarah kee nae prayogon karate hain philmon mein lekin ek jo yah lav eliment hai isako bhee na chhode vah philm bana nahin sakate iseelie aaitam song vagaira bhee vot daalate hain aur evin ek lav eliment rahata hai agar heero hai to heeroin jaroor hogee bina heeroin ke philm nahin ban sakatee hai agar heeroin hai to heero jaroor hoga to ekchualee mein riyal laiph mein yah cheejen hotee hain ya nahin hotee hai yahee cheej jo hai jo philmon mein imoshans aur pheeling jo aapakee bhaavanaen hain aapaka jo us tarah se cheejon ko karate hue ekt karate hue dikhaate hain sab kuchh aisa lag raha hai to aisa kuchh romaantik sa hai sab kuchh matalab aadarshavaadee hai usamen riyalitee nahin hotee hai praiktikal cheejen nahin hotee aisee cheejen jo sosaitee mein riyal mein hotee hai jo kadavee sachchaee hotee hai vah philmon mein nahin dikhaee detee philmon mein heero heeroin ka jo hai is tarah se ho jaata hai seting mein seting ho jaata hai jo bhee ho jaata hai vah riyal laiph mein is tarah se nahin hota riyal laiph meree philmon mein jis tarah se aap vah aapas mein vah agar jaisal heero hai ladaka hai jo ektar hai vah phainens us tarah ka straang nahin hai to usamen dikha diya jaata hai phir bhee vah pyaar mein paagal hai aur ab ladakee ke lie ek ghar nahin khareed sakata aur vah to yah kya hai kee pheeling ke bharose hai pheeling aur imoshans ke sahaare vah mairij karana chaahata hai use ya to riyal laiph mein aisa nahin hota riyal laiph mein jo hai ladakee usee se shaadee karatee hai jisake paas paavar hotee hai man nahin hota hai paisa hota hai jisaka stetas hota hai aisa nahin hota lav at pharst sait oph philmon mein hee dekh sakate hain ki ek najar mein pyaar ho gaya riyal laiph mein ek najar mein pyaar nahin hota hai vah atraikshan hota hai vah haarmon kee dikkat hotee hai bodee mein

#धर्म और ज्योतिषी

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किसी भी पार्टी दल संस्था को समाप्त नहीं किया जा सकता जैसा कि हम सोचते हैं कि किसी भी पार्टी का सफाया उसे जड़ से उखाड़ कर फेंका जा सकता है तो ऐसा कर ही नहीं सकते इसके पीछे सही बड़ा रीजन है कि वह पार्टी इसलिए नहीं है कि कुछ लोगों का समूह है या कुछ गिने चुने लोग उसमें कुछ खास लोग उसको लीड करते हैं कुछ खास चेहरे उसे आगे बढ़ाते हैं तो बस इतने लोगों की वह पार्टी है पार्टी का स्थित ही इसलिए है कि उस तरह की विचारधारा के लोग हैं जो से सपोर्ट करते हैं समर्थन करते हैं उसे वोट करते हैं इसलिए वह पार्टी है पार्टी है इसीलिए उस पार्टी का उस समाज में महत्व तो समाज में जिस तरह के लोग होंगे जिस तरह की विचार होंगे जिस तरह की सोच होगी जिस तरह के मुद्दे होंगे उस पर आधारित पार्टियां बंद बनाई जाएंगी उसी आधारित पार्टी बनती है उसी आधार पर लोग समर्थन देते हैं आप उसी के काउंटर में दूसरी पार्टी बन जाती है अगर कोई धार्मिक आधार की पार्टी बनाता है जिसमें धार्मिक लोग ज्यादा उस पार्टी में इंटरेस्टेड हैं तो काउंटर करने के लिए कुछ सेकुलर पार्टियां बन जाती है कुछ मजदूरों के हितों की के लिए कुछ लोग पार्टी बनाते हैं तो कुछ किसानों के हितों वाली पार्टियां बन जाती हैं तो कुछ अपने आप को प्रोग्रेसिव दिखाने वाली पार्टियां भी होती हैं हालांकि अपने देश में प्रमुख दो ही पार्टी है बीजेपी और कांग्रेस भाजपा की क्षेत्रीय पार्टी है क्षेत्रीय पार्टियों का महत्व भी है जो कि देश में बड़े स्तर पर उभरी हैं लेकिन ज्यादातर पार्टियां वही है जो समाज में हमारी जिस तरह के लोग मौजूद हैं जिस तरह के वोट बैंक है जिस तरह के लोग लोग सपोर्ट करते हैं उत्तर की पार्टी तो आप पार्टी को कैसे समाप्त करेंगे पार्टी की सोच पर आधारित एक ही पार्टी को अब समाप्त भी कर देंगे सोच कर समाप्त करेंगे अगर माली आपने किसी एक पार्टी को समाप्त कर दिया तो फिर दूसरी पार्टी बन जाएगी भी सोच नहीं खत्म हुई ना उस तरह की यहां तो मैं यह नहीं कह रहा हूं कि इस सोच कोई गलत है कुछ सोचा कुछ विचारधारा अच्छी है कुछ कुछ कुछ हो सकता है गलत तो गलत हो लेकिन कुल मिलाकर विचारधाराओं पर आधारित पार्टी है तो उसे आप खत नहीं कर सकते हालांकि अगर लगता है कि कुछ गलत है उस पार्टी में तो उसे सुधारा जा सकता कोई भी पार्टी का जन्म हुआ हो वह पार्टी कहती है कि हम भ्रष्टाचार खत्म कर देंगे पारदर्शिता ले आएंगे सब कुछ बढ़िया हो जाएगा कोई भी आप पार्टी ने सभी पार्टियों को जान अब इसी बात से हुआ है लेकिन आगे चलकर में देखा है कि वह पार्टी जो है गलत हो गई भ्रष्टाचार आधारित हो गई चाहे वह आप पार्टी की बात हो जाए बीजेपी की बात हो या कांग्रेश कि आप पार्टी इसी वादे पर आई थी कि वह अच्छी ही रहेगी
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