#जीवन शैली

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0:52

#जीवन शैली

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1:38

#भारत की राजनीति

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सट्टा व्यापार क्या है?Satta Vyapaar Kya Hai
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1:39

#धर्म और ज्योतिषी

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बेकार में उपसर्ग क्या है ?Bekaar Mein Upsarg Kya Hai
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0:36

#जीवन शैली

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#पढ़ाई लिखाई

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पाँच मुगल शासको के नाम लिखिए?Paanch Mugal Shasko Ke Naam Likhie
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0:30

#जीवन शैली

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प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने के क्या क्या कारण थे?Pratham Swatantrata Sangraam Ke Safal Hone Ke Kya Kya Kaaran The
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प्रश्न प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सफल होने के क्या क्या कारण थे बताए सफल नहीं हुआ था प्रथम स्वतंत्रता संग्राम अगर परिणाम की दृष्टि से देखें तो सफल हुआ था उसे कुचल दिया गया था इसका कारण एक ही था कि अगले एक तरफ से नेट तो नहीं था व्यवस्थित नेतृत्व को यह जो इसे दिशा दे सके नंबर तो यह आंदोलन एक ही समय में नहीं हुआ अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग हुआ उल्लू कुछ नहीं है इसे हम जन तक पहुंचा नहीं पाए व्यापम नहीं बना पाए अगर व्यापक बन गया होता तो साजिश का परिणाम कुछ और होता इसका एक कारण और माना जा सकता है कि यह जल्दी हो गया और हम इसको कोई योजना के अनुसार चला नहीं पाए लेकिन हां आपने कहा सफलता इसका परिणाम यह जरूर है कि पूरे देश में जागृति आई और उस जागृति के कारण 18 सो 57 के बाद धीरे-धीरे उन्हें एक फूल और अंग्रेजों को ऐसा लगा कि अब हमें यह देश छोड़ना पड़ेगा कि नीतियां फिलहाल
Prashn pratham svatantrata sangraam ke saphal hone ke kya kya kaaran the batae saphal nahin hua tha pratham svatantrata sangraam agar parinaam kee drshti se dekhen to saphal hua tha use kuchal diya gaya tha isaka kaaran ek hee tha ki agale ek taraph se net to nahin tha vyavasthit netrtv ko yah jo ise disha de sake nambar to yah aandolan ek hee samay mein nahin hua alag-alag jagahon par alag-alag hua ulloo kuchh nahin hai ise ham jan tak pahuncha nahin pae vyaapam nahin bana pae agar vyaapak ban gaya hota to saajish ka parinaam kuchh aur hota isaka ek kaaran aur maana ja sakata hai ki yah jaldee ho gaya aur ham isako koee yojana ke anusaar chala nahin pae lekin haan aapane kaha saphalata isaka parinaam yah jaroor hai ki poore desh mein jaagrti aaee aur us jaagrti ke kaaran 18 so 57 ke baad dheere-dheere unhen ek phool aur angrejon ko aisa laga ki ab hamen yah desh chhodana padega ki neetiyaan philahaal

#जीवन शैली

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0:52
एक कबीर का पद आपने पूछा है बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोय जो जग दिल खोजा आपना मुझसे बुरा न कोई परिवर्तन किया है आरती यही है विकी पालिका कि अगर मैं बुरा बोलने निकल आई है आज जब मैं बुरा खोजने निकला तो मुझे कोई बुरा भी नहीं मिला और जब मैंने अपने अंतर्मन में तलाश किया लगा आदमी मुझसे बुरा कोई नहीं यह है कि इंसान को दूसरों की बुराई खोजने के बजाय अपने में बुराई खोजने चाहिए सबसे पहले अपनी बुराइयों को दूर करने की कोशिश करना है
Ek kabeer ka pad aapane poochha hai bura jo dekhan main chala bura na miliya koy jo jag dil khoja aapana mujhase bura na koee parivartan kiya hai aaratee yahee hai vikee paalika ki agar main bura bolane nikal aaee hai aaj jab main bura khojane nikala to mujhe koee bura bhee nahin mila aur jab mainne apane antarman mein talaash kiya laga aadamee mujhase bura koee nahin yah hai ki insaan ko doosaron kee buraee khojane ke bajaay apane mein buraee khojane chaahie sabase pahale apanee buraiyon ko door karane kee koshish karana hai

#रिश्ते और संबंध

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4:53
मेरी पत्नी बार-बार मुझे साफ करवाते एक में दिखने में अच्छा नहीं हूं मैं काफी अवसाद ग्रस्त होते जा रहा हूं क्या करूं मेरे यहां ध्यान रखें कि आपकी कोई कमजोरी जिसका और लाभ उठा रही है देखने में अच्छा नहीं अंदर से अच्छा है ऐसा भी हो सकता है और बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने आप में एक तो ध्यान रखें आप इन पीरियाडिक कांप्लेक्स के शिकार हैं और आपकी पत्नी जो है सुपर हाटी कांप्लेक्स के शिकार है एक तरफ का पत्नी कह रहे हैं तो पत्नी हो है जब पति के प्रति समर्पित और पति पत्नी के प्रति समर्पित हो इसका मतलब आप लोगों के बीच में कहीं न कहीं गांठ है और बता दिए ऐसा नहीं पति पत्नी हमेशा एक दूसरे के प्रति समर्पित हो तभी बाद आता है और विवाद होना भी चाहिए थोड़ा-बहुत छेड़छाड़ जिस से प्यार बढ़ता है करें कि इसके लिए अवसाद ग्रस्त पहली बात तो यह प्यार अपने में मस्त रहिए उम्र आपने नहीं बताया अगर आरंभिक अवस्था में ऐसा है तो मित्र है निश्चित रूप से आप उनसे दूर रखने की कोशिश करिए बुरा तो लगेगा लेकिन मैं कहूंगा कि अगर मुक्त हो सके तो मुक्त हो लीजिए नहीं तो डर अवसाद ग्रस्त होते जा रहे थे एक दिन आपका अपने आप पर नियंत्रण हट जाएगा उम्र ज्यादा हो गई है तो पहले तो अपने अंदर कॉन्फिडेंस पैदा करिए समीना विष्कुंभ हम पर हुक्म भी होते हैं बहुत से लोग देखने में बहुत खूबसूरत होते हैं अंत में कपटी होते हैं दूसरी बात शादी विवाह के बाद सुंदरी उतना वीडियो फुल नहीं होता जो शरीर का होता है लड़की अंतर्मन का सुंदरी ज्यादा महत्वपूर्ण तहत पत्नी को अहसास कराने की कोशिश करिए और वह अगर बड़े बाप की बेटी हैं या उनका चरित्र को सहसा रहा है समझे आपने इसमें कुछ कमियां आपकी कि आपने अपने रिश्ता बनाते हुए एक ही ध्यान में नहीं दिया है और ज्यादा दिन हो गए तो इसका मतलब कि आपने कहीं ना कहीं उनको बढ़ावा दिया है तो वह मेरा वही कहना कि अपने आप को आप पर अगर ज्यादा उम्र हो गई है तो थोड़ा सा अपने संयम का परिचय दीजिए अपने आप में मस्त रहिए संध्या अपने प्रारंभिक दिन है तो यह मस्ती जो है उसके लिए कोशिश करिए कि जिस गली में तेरा घर ना हो बालमा उस गली में हमें तो रखना नहीं दूरी बनाई है संजय आपने दूरी बना करके जिंदगी जो है बहुत बड़ी नहीं है जितने दिन मिले हैं उसको मस्ती के साथ जीने के लिए जब आप खुद महसूस कर रहे हो साथ गलत हो रहे हैं तो इसका मतलब आप खुद पतन की तरफ मृत्यु की तरफ नकारात्मक दृष्टिकोण की तरफ जा रहे हैं तो कृपया इससे बचने की कोशिश करिए 25 फरवरी का एक वीडियो एक लड़की आयशा का जो अपने पति से और पर या अन्य लोगों से परेशान होकर के सुसाइड कर बैठती है सभी आपने उसका वीडियो वायरल हुआ है तो ध्यान रखें भारतीय परंपरा में यह नकारात्मक दृष्टिकोण भी पलायन वादी दृष्टिकोण भी उचित नहीं है हमारी दोस्ती जो है हमारी मान लेता है जो है हमें इस तरह का पलायन की अनुमति नहीं देती इसमें हम जिंदगी को छोड़ दे जिंदगी जीने के लिए मिली है तो मेरा तो निवेदन है कि एक बार पत्नी को बैठकर समझाइए और अगर वह अपने पैरों पर खड़ी है आत्मनिर्भर हैं समझे आपने तो निश्चित रूप से उनको समझाना थोड़ा कठिन होगा लेकिन अगर वह आप पर निर्भर हैं तो थोड़ा असर हो सकता है कभी आपने लेकिन अगर बड़े बाप की बेटी है नक्सली हैं रिश्ता भी नया हुआ है तो बंदना शास्त्री के काम की तो लिया उसके लिए की जो मधु ऐसे कुछ नाम है उसका वह अपने पति के साथ जो व्यवहार करती मुझे लगता है वही आपके साथ है तो उम्र को देखिए परिस्थितियों को देखिए एक बार प्रयास करिए संभल जाए तो ठीक नहीं साथ रहते हुए भी जिंदगी काट सकते हैं तवज्जो ज्यादा मत दीजिए सर जी आपने हाथी बनी है हाथी चलता है तो कुत्ते भोंकते रहते हो ध्यान नहीं देता है और जब ध्यान दे रहे हैं तो निश्चित कांप्लेक्स से जात के अंदर उपलब्ध होंगे हां सरेआम सबके सामने तो आपके साथ ऐसा कर रही हैं तो थोड़ा सा आपको भी टाइट होना पड़ेगा और अंतर यही है दिन नहीं बस आगे तो ठीक नहीं बांध के बनिया पसार नहीं लगता है मैं तो यह कहूंगा चिंता छोड़ो सुख से जियो मस्ती भरी जिंदगी जीने को सेट करो
Meree patnee baar-baar mujhe saaph karavaate ek mein dikhane mein achchha nahin hoon main kaaphee avasaad grast hote ja raha hoon kya karoon mere yahaan dhyaan rakhen ki aapakee koee kamajoree jisaka aur laabh utha rahee hai dekhane mein achchha nahin andar se achchha hai aisa bhee ho sakata hai aur bahut se log aise bhee hote hain jo apane aap mein ek to dhyaan rakhen aap in peeriyaadik kaampleks ke shikaar hain aur aapakee patnee jo hai supar haatee kaampleks ke shikaar hai ek taraph ka patnee kah rahe hain to patnee ho hai jab pati ke prati samarpit aur pati patnee ke prati samarpit ho isaka matalab aap logon ke beech mein kaheen na kaheen gaanth hai aur bata die aisa nahin pati patnee hamesha ek doosare ke prati samarpit ho tabhee baad aata hai aur vivaad hona bhee chaahie thoda-bahut chhedachhaad jis se pyaar badhata hai karen ki isake lie avasaad grast pahalee baat to yah pyaar apane mein mast rahie umr aapane nahin bataaya agar aarambhik avastha mein aisa hai to mitr hai nishchit roop se aap unase door rakhane kee koshish karie bura to lagega lekin main kahoonga ki agar mukt ho sake to mukt ho leejie nahin to dar avasaad grast hote ja rahe the ek din aapaka apane aap par niyantran hat jaega umr jyaada ho gaee hai to pahale to apane andar konphidens paida karie sameena vishkumbh ham par hukm bhee hote hain bahut se log dekhane mein bahut khoobasoorat hote hain ant mein kapatee hote hain doosaree baat shaadee vivaah ke baad sundaree utana veediyo phul nahin hota jo shareer ka hota hai ladakee antarman ka sundaree jyaada mahatvapoorn tahat patnee ko ahasaas karaane kee koshish karie aur vah agar bade baap kee betee hain ya unaka charitr ko sahasa raha hai samajhe aapane isamen kuchh kamiyaan aapakee ki aapane apane rishta banaate hue ek hee dhyaan mein nahin diya hai aur jyaada din ho gae to isaka matalab ki aapane kaheen na kaheen unako badhaava diya hai to vah mera vahee kahana ki apane aap ko aap par agar jyaada umr ho gaee hai to thoda sa apane sanyam ka parichay deejie apane aap mein mast rahie sandhya apane praarambhik din hai to yah mastee jo hai usake lie koshish karie ki jis galee mein tera ghar na ho baalama us galee mein hamen to rakhana nahin dooree banaee hai sanjay aapane dooree bana karake jindagee jo hai bahut badee nahin hai jitane din mile hain usako mastee ke saath jeene ke lie jab aap khud mahasoos kar rahe ho saath galat ho rahe hain to isaka matalab aap khud patan kee taraph mrtyu kee taraph nakaaraatmak drshtikon kee taraph ja rahe hain to krpaya isase bachane kee koshish karie 25 pharavaree ka ek veediyo ek ladakee aayasha ka jo apane pati se aur par ya any logon se pareshaan hokar ke susaid kar baithatee hai sabhee aapane usaka veediyo vaayaral hua hai to dhyaan rakhen bhaarateey parampara mein yah nakaaraatmak drshtikon bhee palaayan vaadee drshtikon bhee uchit nahin hai hamaaree dostee jo hai hamaaree maan leta hai jo hai hamen is tarah ka palaayan kee anumati nahin detee isamen ham jindagee ko chhod de jindagee jeene ke lie milee hai to mera to nivedan hai ki ek baar patnee ko baithakar samajhaie aur agar vah apane pairon par khadee hai aatmanirbhar hain samajhe aapane to nishchit roop se unako samajhaana thoda kathin hoga lekin agar vah aap par nirbhar hain to thoda asar ho sakata hai kabhee aapane lekin agar bade baap kee betee hai naksalee hain rishta bhee naya hua hai to bandana shaastree ke kaam kee to liya usake lie kee jo madhu aise kuchh naam hai usaka vah apane pati ke saath jo vyavahaar karatee mujhe lagata hai vahee aapake saath hai to umr ko dekhie paristhitiyon ko dekhie ek baar prayaas karie sambhal jae to theek nahin saath rahate hue bhee jindagee kaat sakate hain tavajjo jyaada mat deejie sar jee aapane haathee banee hai haathee chalata hai to kutte bhonkate rahate ho dhyaan nahin deta hai aur jab dhyaan de rahe hain to nishchit kaampleks se jaat ke andar upalabdh honge haan sareaam sabake saamane to aapake saath aisa kar rahee hain to thoda sa aapako bhee tait hona padega aur antar yahee hai din nahin bas aage to theek nahin baandh ke baniya pasaar nahin lagata hai main to yah kahoonga chinta chhodo sukh se jiyo mastee bharee jindagee jeene ko set karo

#टेक्नोलॉजी

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ऐसी कौन सी तीन संख्या जोड़ने पर 60 प्राप्त होगा?Aisi Kaun Si Teen Sankhya Jodne Par 60 Prapt Hoga
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0:36
प्रश्न ऐसी कौन सी तीन संख्या जोड़ने पर 7 प्राप्त होगा तो उस संख्या का मतलब होता है 9 से ऊपर 10 9:00 तक तो उनको बोलते हैं इसके बाद संख्या ऐसा कुछ भी हो सकता है 10 20 30 जोड़ दीजिए 19 20 21 जोड़ लीजिए तो ऐसा कोई भी जवाब हो सकता है तीन कोई भी अंक आप जोड़ी लीजिए सर जी आपने 10 से ऊपर के तो 3 + करके आपकी तरह सकते जैसे आपको बताया 10 20 30 19 20 21 या और भी उत्तर हो सकते
Prashn aisee kaun see teen sankhya jodane par 7 praapt hoga to us sankhya ka matalab hota hai 9 se oopar 10 9:00 tak to unako bolate hain isake baad sankhya aisa kuchh bhee ho sakata hai 10 20 30 jod deejie 19 20 21 jod leejie to aisa koee bhee javaab ho sakata hai teen koee bhee ank aap jodee leejie sar jee aapane 10 se oopar ke to 3 + karake aapakee tarah sakate jaise aapako bataaya 10 20 30 19 20 21 ya aur bhee uttar ho sakate

#पढ़ाई लिखाई

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principal amount 12500, total अमाउंट 15500 इन 4 ईयर्स, रेट ऑफ इंटरेस्ट क्या होगा?Princhipal Amount 12500 Total Amaunt 15500 In 4 Eeyars Ret Oph Intarest Kya Hoga
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2:26
बेटा आपका प्रश्न की प्रिंसिपल अमाउंट 12500 टोटल अमाउंट ₹15500 रेट ऑफ इंटरेस्ट क्या होगा टिकट साधारण ब्याज के लिए अगर इसको लगाते हैं तो साधारण ब्याज इस तरह से निकलेगा कि पहले तो मूलधन आप लिख दीजिए 12500 और जो प्रिंसिपल अमाउंट बाद में बना है और 15504 साल में 4 साल में जो ब्याज मिला वह 3000 है अब इसको इस तरह से लगाई नहीं क्योंकि 12500 पर 4 साल में ब्याज बराबर ₹3000 एक रूपए पर 4 साल में कितना होगा ब्याज तो 3000 बटा 12501 रुपे पर एक साल में ब्याज बराबर तो हो जाएगा 3000 बटा 12500 * 4 और अब प्रतिशत पूछा है आपने तो प्रतिशत निकलेगा कि ₹100 पर एक साल में ब्याज बराबर तो आएगा जरा सर साफ-साफ लिखेगा 3000 * 100 बटा 12500 * 400 के 20 12500 के 2018 दीजिए तो बराबर आएगा 3000 बटा 825 और 125 बटा में घोड़े 4 तो बराबर फिर करिएगा तो आएगा 3500 तो कट करके 2050 काट दीजिए उत्तर बराबर आ जाएगा 30 बटे 5 = 6 चैप्टर ब्याज की दर होगी अब इसको अगर आप को निकालना है तो बुला करके निकाल लीजिए 12500 घोड़े से बटेश्वर गुडे 400 से 12500 k20 कट जाएंगे तो आएगा 125 + 4 = 500 + 56 = 3000 12503 जोड़ दीजिए तो आपका उत्तर आ जाएगा 15500 इसका मतलब आपका उत्तर सही है तो वह साधारण ब्याज की दर से यह ब्याज दर हुआ 6% वार्षिक थैंक यू
Beta aapaka prashn kee prinsipal amaunt 12500 total amaunt ₹15500 ret oph intarest kya hoga tikat saadhaaran byaaj ke lie agar isako lagaate hain to saadhaaran byaaj is tarah se nikalega ki pahale to mooladhan aap likh deejie 12500 aur jo prinsipal amaunt baad mein bana hai aur 15504 saal mein 4 saal mein jo byaaj mila vah 3000 hai ab isako is tarah se lagaee nahin kyonki 12500 par 4 saal mein byaaj baraabar ₹3000 ek roope par 4 saal mein kitana hoga byaaj to 3000 bata 12501 rupe par ek saal mein byaaj baraabar to ho jaega 3000 bata 12500 * 4 aur ab pratishat poochha hai aapane to pratishat nikalega ki ₹100 par ek saal mein byaaj baraabar to aaega jara sar saaph-saaph likhega 3000 * 100 bata 12500 * 400 ke 20 12500 ke 2018 deejie to baraabar aaega 3000 bata 825 aur 125 bata mein ghode 4 to baraabar phir kariega to aaega 3500 to kat karake 2050 kaat deejie uttar baraabar aa jaega 30 bate 5 \\u003d 6 chaiptar byaaj kee dar hogee ab isako agar aap ko nikaalana hai to bula karake nikaal leejie 12500 ghode se bateshvar gude 400 se 12500 k20 kat jaenge to aaega 125 + 4 \\u003d 500 + 56 \\u003d 3000 12503 jod deejie to aapaka uttar aa jaega 15500 isaka matalab aapaka uttar sahee hai to vah saadhaaran byaaj kee dar se yah byaaj dar hua 6% vaarshik thaink yoo

#रिश्ते और संबंध

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प्यार एक बार होता है या इंसान को जिंदगी में जितनी बार मौका मिल जाए उतनी बार?Pyaar Ek Baar Hota Hai Ya Insaan Ko Zindagi Mein Jitni Baar Mauka Mil Jaye Utni Baar
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1:38
प्यार एक बार होता है इंसान को जिंदगी में जितनी बार मौका मिल जाए उतनी बार अभी क्या किस्मत में आप नहीं आए तब भी आपको प्यार करते अगर व्हाट्सएप पति-पत्नी के संबंधों तक अगर आपने लिया है तो भी उत्तर यही है कि जिनका अपने मन पर सनम नहीं है अपने इंद्रियों पर संयम नहीं है उन्हें मौका मिले तो जितनी बार मौका मिले उतनी बार करेंगे लेकिन अगर आदमी से नियम में है आचरण सीधे संस्कारवान है तो पत्नी के संबंध में तो प्यार एक बार होता है समझे आप में प्रायः अगर कोई बीच में आ कर के चला भी जाता है समझे आपने तो प्यार एक दूसरे किसी के प्रति समर्पित नहीं होता पर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है है शाहजहां और मुमताज का प्यार जो कि 11 बच्चों से अधिक की मां होने पर मरी थी और बेटी के द्वारा प्रताड़ित होने के बावजूद शाहजहां जो है है उसके प्रतीक के रूप में बने ताजमहल को देखकर के अंतिम सांसे दिया था तो बेटा सच्चाई ही प्यार एक बार होता है उस अर्थ में जो पति-पत्नी के लिए सीमित होता अन्यथा अपने बच्चों के प्रति अपने संबंधों के प्रति अपने स्वाभिमान के प्रति भी प्यार हो सकता है लेकिन वह सच में प्यार है जो स्वाभिमान के अंतर्गत आता है समझे आपने जो इमानदारी के रूप में आता जो नैतिकता के रूप में था थैंक यू
Pyaar ek baar hota hai insaan ko jindagee mein jitanee baar mauka mil jae utanee baar abhee kya kismat mein aap nahin aae tab bhee aapako pyaar karate agar vhaatsep pati-patnee ke sambandhon tak agar aapane liya hai to bhee uttar yahee hai ki jinaka apane man par sanam nahin hai apane indriyon par sanyam nahin hai unhen mauka mile to jitanee baar mauka mile utanee baar karenge lekin agar aadamee se niyam mein hai aacharan seedhe sanskaaravaan hai to patnee ke sambandh mein to pyaar ek baar hota hai samajhe aap mein praayah agar koee beech mein aa kar ke chala bhee jaata hai samajhe aapane to pyaar ek doosare kisee ke prati samarpit nahin hota par isaka sabase bada udaaharan hai hai shaahajahaan aur mumataaj ka pyaar jo ki 11 bachchon se adhik kee maan hone par maree thee aur betee ke dvaara prataadit hone ke baavajood shaahajahaan jo hai hai usake prateek ke roop mein bane taajamahal ko dekhakar ke antim saanse diya tha to beta sachchaee hee pyaar ek baar hota hai us arth mein jo pati-patnee ke lie seemit hota anyatha apane bachchon ke prati apane sambandhon ke prati apane svaabhimaan ke prati bhee pyaar ho sakata hai lekin vah sach mein pyaar hai jo svaabhimaan ke antargat aata hai samajhe aapane jo imaanadaaree ke roop mein aata jo naitikata ke roop mein tha thaink yoo

#पढ़ाई लिखाई

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आईपीएस का फुल फॉर्म क्या है?Ipl Ka Full Form Kya Hai
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0:41
बेटा आपने पूछा है आईपीएस का फुल फॉर्म क्या है आई पी और यश अलग-अलग है इंडियन पुलिस सर्विस से भारतीय पुलिस सेवा इसी रंग से जो अपने जिले के पुलिस अधीक्षक हुए इस पद पर बैठते हैं आईपीएस जब उनकी ड्यूटी है उनकी नौकरी पक्की हो जाती है प्रोबेशन पूरी पूरा हो जाता है तो फिर आया वह पुलिस अधीक्षक पद से या इसको आप कहते हैं एसपी ने आप तो एसपी के पद से पुलिस सुपरिंटेंडेंट ने जिले के प्रभारी होते हैं और उनकी नौकरी शुरू होती है
Beta aapane poochha hai aaeepeees ka phul phorm kya hai aaee pee aur yash alag-alag hai indiyan pulis sarvis se bhaarateey pulis seva isee rang se jo apane jile ke pulis adheekshak hue is pad par baithate hain aaeepeees jab unakee dyootee hai unakee naukaree pakkee ho jaatee hai probeshan pooree poora ho jaata hai to phir aaya vah pulis adheekshak pad se ya isako aap kahate hain esapee ne aap to esapee ke pad se pulis suparintendent ne jile ke prabhaaree hote hain aur unakee naukaree shuroo hotee hai

#पढ़ाई लिखाई

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लड़के और लड़कियों में मुख्य 5 अंतर कौन से हैं?Ladke Aur Ladkiyon Mein Mukhy 5 Antar Kaun Se Hain
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1:25
आपका प्रश्न एक लड़के और लड़कियों में मुख्य पांच अंतर कौन से हैं तो पहली बात तो शारीरिक जो विन्यास है उपस्थिति के द्वारा दोनों को अलग-अलग दिया गया है पहला अंतर है दूसरा अंतर मुकेश शर्मा संकोच का अगर आप दिखे तो कहीं ना कहीं लड़कियां जो है प्राकृतिक दृष्टि से प्राकृतिक धरातल पर लड़कों की अपेक्षा कहीं अधिक शर्म संकोच से जुड़ी होती हैं उन्हें कहने पर ही सिखाया भी जाता उत्तराधिकार में मिलता है तीसरा जोगिंदर इस प्रियता सुंदरी के धरातल पर लड़कियां लड़कों से कहीं ज्यादा सुंदर परी होती है यार किसी वस्तु के संरक्षण की बात अगर हो समझे अपना खाना बनाना खिलाना चीजों को संभाल के रखना घर की सफाई करना उसमें सामान्य दृष्टि लड़कियां लड़कों से कहीं ज्यादा रुचि रखती हैं और अंत में संवेदनशीलता संवेदना के धरातल पर जो है वह लड़कियां पुरुषों से कहीं ज्यादा संवेदनशील होती शायद भगवान ने मां रूप में जो उसकी प्रतिष्ठा की बहन रूप में जो उसकी प्रतिष्ठा की है चिकन से की गति पांच अंतर मुख्य रूप से मेरे विचार से आपने पूछा आपको पसंद आएगा
Aapaka prashn ek ladake aur ladakiyon mein mukhy paanch antar kaun se hain to pahalee baat to shaareerik jo vinyaas hai upasthiti ke dvaara donon ko alag-alag diya gaya hai pahala antar hai doosara antar mukesh sharma sankoch ka agar aap dikhe to kaheen na kaheen ladakiyaan jo hai praakrtik drshti se praakrtik dharaatal par ladakon kee apeksha kaheen adhik sharm sankoch se judee hotee hain unhen kahane par hee sikhaaya bhee jaata uttaraadhikaar mein milata hai teesara jogindar is priyata sundaree ke dharaatal par ladakiyaan ladakon se kaheen jyaada sundar paree hotee hai yaar kisee vastu ke sanrakshan kee baat agar ho samajhe apana khaana banaana khilaana cheejon ko sambhaal ke rakhana ghar kee saphaee karana usamen saamaany drshti ladakiyaan ladakon se kaheen jyaada ruchi rakhatee hain aur ant mein sanvedanasheelata sanvedana ke dharaatal par jo hai vah ladakiyaan purushon se kaheen jyaada sanvedanasheel hotee shaayad bhagavaan ne maan roop mein jo usakee pratishtha kee bahan roop mein jo usakee pratishtha kee hai chikan se kee gati paanch antar mukhy roop se mere vichaar se aapane poochha aapako pasand aaega

#मनोरंजन

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सबसे अधिक आनंद किस काम में है?Sabse Adhik Anand Kis Kaam Mein Hai
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:11
क्या आपने पूछा सबसे अधिक आनंद किस काम में है या मिलता है तो हमारे यहां हिंदी में तुझे शंकर प्रसाद हुए हैं उन्होंने एक बहुत ही अच्छी लाइन लिखी जो आपके प्रश्न का उत्तर बन जाएगी कि मनचाही सफलता मिलने पर जो अनुभूति होती है उसे आनंद कहते हैं अब आपने का सबसे अधिक आनंद भैया तुलनात्मक दृष्टि से अगर आप देखेंगे तो जिंदगी में न जाने कितनी बार मनचाही सफलता मिलेगी और मनचाही सफलता मिलेगी तो हर बार आपको आनंद होगा अब कौन सा आनंद छोटा है कौन सा बड़ा है कौन सा प्रभावी के कौन सा कम प्रभावी है यह कहना कठिन है एक मां बच्चे के जन्म देने पर जन्म होने पर अगर आनंदित होती है तो उस बच्चे की शादी में शायद और ज्यादा आनंदित होती है और उसके जब बच्चे पैदा होते तो शायद और ज्यादा आनंदित होती है इस आनंद को हवाई सर्किट करके तुलना दृश्य देखना कठिन है सपना संकट के क्षणों में छोटी सी मदद भी आदमी को आनंदित कर सकती है एक भूखा आदमी को तो भरपेट भोजन उसको मिल जाए शायद उससे ज्यादा आनंद मिलेगा इसका पेट भरा होगा उस स्वादिष्ट भोजन में आनंद खोजने की कोशिश करेगा तो इस तरह से मनचाही जो सफलताएं हैं उसमें जो आपको मूल मंत्र जो आपकी संस्कारों में जो आपकी सूचियों में है उनकी सफलता ही आपको सबसे ज्यादा आनंद कर सकती तो हर आदमी के अपने सौंदर्य बोध होते हैं अपने उद्देश्य होते हैं प्लीज इसको अंग्रेजी में कहते हैं अपनी आंखों की होती है जो जिसकी पसंद है उस पसंद की पूर्ति से उसे जो अनुभूति होगी वह आनंद होगा शायद वही सर्वाधिक का नंबर बताएं
Kya aapane poochha sabase adhik aanand kis kaam mein hai ya milata hai to hamaare yahaan hindee mein tujhe shankar prasaad hue hain unhonne ek bahut hee achchhee lain likhee jo aapake prashn ka uttar ban jaegee ki manachaahee saphalata milane par jo anubhooti hotee hai use aanand kahate hain ab aapane ka sabase adhik aanand bhaiya tulanaatmak drshti se agar aap dekhenge to jindagee mein na jaane kitanee baar manachaahee saphalata milegee aur manachaahee saphalata milegee to har baar aapako aanand hoga ab kaun sa aanand chhota hai kaun sa bada hai kaun sa prabhaavee ke kaun sa kam prabhaavee hai yah kahana kathin hai ek maan bachche ke janm dene par janm hone par agar aanandit hotee hai to us bachche kee shaadee mein shaayad aur jyaada aanandit hotee hai aur usake jab bachche paida hote to shaayad aur jyaada aanandit hotee hai is aanand ko havaee sarkit karake tulana drshy dekhana kathin hai sapana sankat ke kshanon mein chhotee see madad bhee aadamee ko aanandit kar sakatee hai ek bhookha aadamee ko to bharapet bhojan usako mil jae shaayad usase jyaada aanand milega isaka pet bhara hoga us svaadisht bhojan mein aanand khojane kee koshish karega to is tarah se manachaahee jo saphalataen hain usamen jo aapako mool mantr jo aapakee sanskaaron mein jo aapakee soochiyon mein hai unakee saphalata hee aapako sabase jyaada aanand kar sakatee to har aadamee ke apane saundary bodh hote hain apane uddeshy hote hain pleej isako angrejee mein kahate hain apanee aankhon kee hotee hai jo jisakee pasand hai us pasand kee poorti se use jo anubhooti hogee vah aanand hoga shaayad vahee sarvaadhik ka nambar bataen

#मनोरंजन

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क्या अंग्रेजी फिल्में अंग्रेजी सीखने में मदद करती है?Kya Angreji Films Angreji Seekhne Mein Madad Karti Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:01
कपास में क्या अंग्रेजी फिल्में अंग्रेजी सीखने में मदद करती हैं तो अगर प्योर इंग्लिश पिक्चर है तो निश्चित रूप से इंग्लिश पिक्चर से आप इंग्लिश नहीं सीख सकते हैं क्योंकि उनका जो उच्चारण होता प्रणाम सेशन वह हमारी समझ में नहीं आता है तो भी अंग्रेजी सीखने के लिए समय प्राथमिकता घर चाहिए और उसके लिए अंग्रेजी किताबें या अंग्रेजी पेपर जो है वह कहीं ज्यादा मदद करते हैं हां कुछ ऐसी फिल्में जोड़ डब की गई हो अंग्रेजी में जिनके नीचे अंग्रेजी में बातें कही जाती हैं उनको पढ़ करके थोड़ी हमें मदद मिल सकती है अन्यथा आप यह सोचे कि केवल हिंदी की फिल्में देखकर कोई हिंदी सीख जाए यह संभव है अंग्रेजी की पिक्चर देखकर हां अंग्रेजी की किताबें पढ़कर के अंग्रेजी के न्यूज़ पेपर पढ़ करके हम अपने अंग्रेजी को और विशिष्ट बना सकते हैं गरीबी के ज्ञान को विशेष बना सकते थे
Kapaas mein kya angrejee philmen angrejee seekhane mein madad karatee hain to agar pyor inglish pikchar hai to nishchit roop se inglish pikchar se aap inglish nahin seekh sakate hain kyonki unaka jo uchchaaran hota pranaam seshan vah hamaaree samajh mein nahin aata hai to bhee angrejee seekhane ke lie samay praathamikata ghar chaahie aur usake lie angrejee kitaaben ya angrejee pepar jo hai vah kaheen jyaada madad karate hain haan kuchh aisee philmen jod dab kee gaee ho angrejee mein jinake neeche angrejee mein baaten kahee jaatee hain unako padh karake thodee hamen madad mil sakatee hai anyatha aap yah soche ki keval hindee kee philmen dekhakar koee hindee seekh jae yah sambhav hai angrejee kee pikchar dekhakar haan angrejee kee kitaaben padhakar ke angrejee ke nyooz pepar padh karake ham apane angrejee ko aur vishisht bana sakate hain gareebee ke gyaan ko vishesh bana sakate the

#रिश्ते और संबंध

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क्या उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर स्त्री और पुरुष की चाहत बदलती रहती है?Kya Umr Ke Alag Alag Padaav Par Stree Aur Purush Ki Chaahat Badalti Rehati Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:37
क्यों मैं के अलग-अलग पढ़ाओ पर स्त्री और पुरुष की चाहत बदलती रहती बिल्कुल बेटा एक बच्चा जो होता है बिल्कुल है वह जैसे जैसे समझदार होता है समय के अनुसार उसके होगी बदलती रहती है समझे अपना तो उम्र का भी कुछ असर होता है बचपन में आप जो करते हैं किशोरावस्था में निश्चित रुप से आपकी जो चाहत है वह बदल जाती है इसके बाद प्रौढ़ावस्था और किशोरावस्था के बीच में युवावस्था आती है इसे व्यक्ति शादी विवाह करता है उस समय की जो बातें होती है वह प्रौढ़ावस्था में आकर के बदल जाती खानपान ना बाहर व्यवहार बातचीत सब कुछ बदलता रहता है जैसे ही से आदमी कान गोवर बदलता है उसके पद भी तो बदलते हैं जैसे आज मैं प्रेस पर हूं कभी मैं लेक्चरर साले के रखना डीजे शुरू में आया था तो वह कमरों में ड्यूटी कराई जाती थी और सीनियर हो गया तो मुझसे सुपरवाइजर की ड्यूटी ली जाने लगी और सीनियर हुआ तो मुझे एग्जाम का प्रभारी बनाया जाने लगा और अब तो सुपरिंटेंडेंट बनता हूं तो इस प्रकार से ऐसा ही बात यही है कि उम्र का पड़ाव जो होता है वह स्त्री हो या पुरुष हर तरह से बदलता है प्रकृति का भी इसमें प्रभाव होता है परिस्थितियों का बायो प्रभाव होता है एक बहू जो छोटे से बच्चे को जन्म देती है कोई बच्चा जब बड़ा होता है उसकी अपनी बहू आती है तो निश्चित रूप से जन्म देने वाली मां जब सांस बन जाती है तो उसका व्यवहार तो बदलेगा चाहत बदलेगी समझे अपना औकात से ज्यादा फिर अपने बच्चे और बच्ची के बच्चे को प्यार करने लगेगी और खानपान भी पहनता है बदलता है पहनावा भी बदलता है सब्जी अपना थोड़ा सा पानी में देरी भी बदलता है तो यह तो बदलाव प्रकृति का एक नियम है समझा अपना जवानी में भले ही कोई पूजा पाठ नहीं करता वृद्धावस्था में आकर के एक्टिव पर्सन हेलो मैम की तरफ बढ़ जाते हैं कभी मजबूरी में कभी दिखावे के तौर पर कभी जब सब तरफ से निराश होने लगते हैं तो फिर भगवान की शरण में ही चले जाते हैं तो कुछ लोग मस्त रहते हैं उनके बाल बच्चे बच्चों में मस्त रहते हैं अच्छे हैं बाल बच्चे तो उनके धर्म कर्म का अपना जो दृष्टिकोण होता है दूसरा होता है तो परिस्थितियां आदमी के आचरण का बदलाव करती है इसलिए आपके प्रश्न का उत्तर है हां परिस्थितियां बदले की आचरण बदलेगा चाहत भी बदलेगा स्त्री या पुरुष कोई भी होता है
Kyon main ke alag-alag padhao par stree aur purush kee chaahat badalatee rahatee bilkul beta ek bachcha jo hota hai bilkul hai vah jaise jaise samajhadaar hota hai samay ke anusaar usake hogee badalatee rahatee hai samajhe apana to umr ka bhee kuchh asar hota hai bachapan mein aap jo karate hain kishoraavastha mein nishchit rup se aapakee jo chaahat hai vah badal jaatee hai isake baad praudhaavastha aur kishoraavastha ke beech mein yuvaavastha aatee hai ise vyakti shaadee vivaah karata hai us samay kee jo baaten hotee hai vah praudhaavastha mein aakar ke badal jaatee khaanapaan na baahar vyavahaar baatacheet sab kuchh badalata rahata hai jaise hee se aadamee kaan govar badalata hai usake pad bhee to badalate hain jaise aaj main pres par hoon kabhee main lekcharar saale ke rakhana deeje shuroo mein aaya tha to vah kamaron mein dyootee karaee jaatee thee aur seeniyar ho gaya to mujhase suparavaijar kee dyootee lee jaane lagee aur seeniyar hua to mujhe egjaam ka prabhaaree banaaya jaane laga aur ab to suparintendent banata hoon to is prakaar se aisa hee baat yahee hai ki umr ka padaav jo hota hai vah stree ho ya purush har tarah se badalata hai prakrti ka bhee isamen prabhaav hota hai paristhitiyon ka baayo prabhaav hota hai ek bahoo jo chhote se bachche ko janm detee hai koee bachcha jab bada hota hai usakee apanee bahoo aatee hai to nishchit roop se janm dene vaalee maan jab saans ban jaatee hai to usaka vyavahaar to badalega chaahat badalegee samajhe apana aukaat se jyaada phir apane bachche aur bachchee ke bachche ko pyaar karane lagegee aur khaanapaan bhee pahanata hai badalata hai pahanaava bhee badalata hai sabjee apana thoda sa paanee mein deree bhee badalata hai to yah to badalaav prakrti ka ek niyam hai samajha apana javaanee mein bhale hee koee pooja paath nahin karata vrddhaavastha mein aakar ke ektiv parsan helo maim kee taraph badh jaate hain kabhee majabooree mein kabhee dikhaave ke taur par kabhee jab sab taraph se niraash hone lagate hain to phir bhagavaan kee sharan mein hee chale jaate hain to kuchh log mast rahate hain unake baal bachche bachchon mein mast rahate hain achchhe hain baal bachche to unake dharm karm ka apana jo drshtikon hota hai doosara hota hai to paristhitiyaan aadamee ke aacharan ka badalaav karatee hai isalie aapake prashn ka uttar hai haan paristhitiyaan badale kee aacharan badalega chaahat bhee badalega stree ya purush koee bhee hota hai

#जीवन शैली

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कुछ लोग लड़कियों को आज भी उनकी मर्जी क्यों जीवन नहीं जीने देते है?Kuch Log Ladkiyon Ko Aaj Bhe Unke Marji Kyun Jeevan Nahin Jeene Dete Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
4:33
आपका प्रश्न कुछ लोग लड़कियों को आज भी उनकी मर्जी से क्यों जीवन नहीं जी ने देते हैं ऐसा है कि यह देश से जो है ना वह परंपरा से जुड़ा हुआ है इस समय अपना घर का बुजुर्गों के जिंदा है वह अपने बच्चों पर अपना अधिकार चाहता है और उसके बच्चे अपने बच्चों पर अपना अधिकार चाहते हैं वह अपने अनुसार उसको डालते हैं किसान का बेटा अपने बच्चे को किसानी के खाता है या बच्चा सीखता भी है समझे ना इसी तरीके से कोई दुकानदार है तो उसका बच्चा दुकानदारी सीखेगा दुकान की चीजों से ज्यादा होगी जिस चीज की दुकान होगी उसको नालेज है उसे होगा ऐसे माता-पिता जो है वह बच्चों में अपना भविष्य देखते हैं और यह देश अपने बच्चों के लिए जिंदा रहता अलग दोनों चीजें हैं बुजुर्ग जो इस देश के हैं वह अपने बच्चों को अपने अनुसार डालना चाहते हैं क्योंकि उनकी मान्यता में यह होता है कि बच्चा जो है इस तरह से चलेगा तो वह रोजी रोटी अपनी कमा लेगा अपने बाल बच्चों को सुख में रख लेगा किसी एक दृष्टिकोण नहीं होता कि बिल्कुल मेरी नकल ही करें समझे आपने पहले के बच्चों की छोटी उम्र में शादी हो जाती थी इसलिए उस पर नजर ज्यादा रखी जाती थी अब बच्चे समझदार हो रहे हैं और देखा देखी उन्हें छूट भी मिल रही है लेकिन जो भटकाव कभी हो जाता है तो उसे लोग डर जाते हैं कहीं एक बच्ची अगर भटक गई गांव की तो गांव भर के जो लोग होते हैं अपनी बच्चियों को उस भटका उसे रोकना चाहते हैं इसके पीछे उनका दृष्टिकोण लिखे होता है कि इस बच्ची के भटकने से मेरी अपनी बच्ची के भटकने से उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा इसलिए उस पर अंकुश रखते हैं और भैया जी आपने प्रश्न के कुछ लोग लड़कियों को कुछ लोग लड़ तुमको नहीं लड़कों को भी इसी तरह सपने हम कुछ में रखते हैं और मैं ऐसे परिवार भी देख चुका हूं जहां 80 साल का बाप अपने 60 साल के बच्चों पर जिसके अपने 40 साल का बच्चा और 40 साल के बच्चे का अपना 20 साल का बच्चा है उन्हें पहली दूसरी तीसरी चौथी वीडियो देख रहा है 20 साल का तो 80 साल का बूढ़ा जो कहता है वह 60 साल का उसका बच्चा वही करता है और पूछा मैंने तो उन्होंने बताया कि अगर पापा की बातें हमें अच्छी नहीं लगती है तो हम लोग उनसे मिल कर के उन्हें खाना पीना खाने के बाद वह मौज में बैठते हैं टीवी आदि देखते हैं तो उनके सामने हम प्रश्न रखते हैं कि ऐसा नहीं है ऐसा होना चाहिए और वे इस बात को स्वीकार करते हैं तो ऐसी ही बात है कि यह जो उन्मुख होता शख्स अमृता या संस्कारों के विपरीत चलने की स्थिति है कुछ डर कर के लोग अपने बच्चों पर अपना अंकुश रखते हैं अन्यथा आर्य जी जी रहे हैं और आपका यह प्रश्न है अब देश के 15 20 30 पति पत्नी मान सकते हो आप परिवारों पर लागू है पंजाब में प्यार में भविष्य की चिंतन को ले करके अगर थोड़ा सा बंधन लगाया गया है तो ध्यान रखें मित्र की प्रसाद जी ने कहा है कि बंधन में मुक्ति देता मुक्ति में बंधन देता है आपने तो अपनी मर्जी से जीने का मतलब यही है कि परिवार के लोग जब किसी पर अंकुश अदा कर रहे हैं तो इस कारण से को कहीं भटक आओ ना सब अपनी मर्जी से जी रहे हैं आज लड़कियां के लिए बीए में करने के लिए बाहर जा रहे हैं कंपटीशन में भाग ले रही हैं सेलेक्ट हो रही हैं नौकरी करने 34 वर्षों से गवर्नमेंट देगी रखा और आ रही है खूब कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां दबाव है अब उस पर भी वह दबाव कम हुआ है लेकिन फिर भी यह बात तो ध्यान रखें कि उन्मुक्त आवश्यक समझौता का विरोध होना चाहिए जहां एक जीवन जीने का जो नजरिया है उसके अनुसार हर किसी में योग्यता है दक्षता है तो उसकी छोटी सी बिल्ली चाहिए और आपके प्रश्न का उत्तर है कि हां अभी कुछ परिवार है जहां ऐसा है लेकिन अभी बंधन शिथिल होता जा रहा है अध्यक्ष देखा लोग टाइट रखते हैं तो देखी दिखा लो सूट भी दे रहे थैंक यू
Aapaka prashn kuchh log ladakiyon ko aaj bhee unakee marjee se kyon jeevan nahin jee ne dete hain aisa hai ki yah desh se jo hai na vah parampara se juda hua hai is samay apana ghar ka bujurgon ke jinda hai vah apane bachchon par apana adhikaar chaahata hai aur usake bachche apane bachchon par apana adhikaar chaahate hain vah apane anusaar usako daalate hain kisaan ka beta apane bachche ko kisaanee ke khaata hai ya bachcha seekhata bhee hai samajhe na isee tareeke se koee dukaanadaar hai to usaka bachcha dukaanadaaree seekhega dukaan kee cheejon se jyaada hogee jis cheej kee dukaan hogee usako naalej hai use hoga aise maata-pita jo hai vah bachchon mein apana bhavishy dekhate hain aur yah desh apane bachchon ke lie jinda rahata alag donon cheejen hain bujurg jo is desh ke hain vah apane bachchon ko apane anusaar daalana chaahate hain kyonki unakee maanyata mein yah hota hai ki bachcha jo hai is tarah se chalega to vah rojee rotee apanee kama lega apane baal bachchon ko sukh mein rakh lega kisee ek drshtikon nahin hota ki bilkul meree nakal hee karen samajhe aapane pahale ke bachchon kee chhotee umr mein shaadee ho jaatee thee isalie us par najar jyaada rakhee jaatee thee ab bachche samajhadaar ho rahe hain aur dekha dekhee unhen chhoot bhee mil rahee hai lekin jo bhatakaav kabhee ho jaata hai to use log dar jaate hain kaheen ek bachchee agar bhatak gaee gaanv kee to gaanv bhar ke jo log hote hain apanee bachchiyon ko us bhataka use rokana chaahate hain isake peechhe unaka drshtikon likhe hota hai ki is bachchee ke bhatakane se meree apanee bachchee ke bhatakane se usaka bhavishy barbaad ho jaega isalie us par ankush rakhate hain aur bhaiya jee aapane prashn ke kuchh log ladakiyon ko kuchh log lad tumako nahin ladakon ko bhee isee tarah sapane ham kuchh mein rakhate hain aur main aise parivaar bhee dekh chuka hoon jahaan 80 saal ka baap apane 60 saal ke bachchon par jisake apane 40 saal ka bachcha aur 40 saal ke bachche ka apana 20 saal ka bachcha hai unhen pahalee doosaree teesaree chauthee veediyo dekh raha hai 20 saal ka to 80 saal ka boodha jo kahata hai vah 60 saal ka usaka bachcha vahee karata hai aur poochha mainne to unhonne bataaya ki agar paapa kee baaten hamen achchhee nahin lagatee hai to ham log unase mil kar ke unhen khaana peena khaane ke baad vah mauj mein baithate hain teevee aadi dekhate hain to unake saamane ham prashn rakhate hain ki aisa nahin hai aisa hona chaahie aur ve is baat ko sveekaar karate hain to aisee hee baat hai ki yah jo unmukh hota shakhs amrta ya sanskaaron ke vipareet chalane kee sthiti hai kuchh dar kar ke log apane bachchon par apana ankush rakhate hain anyatha aary jee jee rahe hain aur aapaka yah prashn hai ab desh ke 15 20 30 pati patnee maan sakate ho aap parivaaron par laagoo hai panjaab mein pyaar mein bhavishy kee chintan ko le karake agar thoda sa bandhan lagaaya gaya hai to dhyaan rakhen mitr kee prasaad jee ne kaha hai ki bandhan mein mukti deta mukti mein bandhan deta hai aapane to apanee marjee se jeene ka matalab yahee hai ki parivaar ke log jab kisee par ankush ada kar rahe hain to is kaaran se ko kaheen bhatak aao na sab apanee marjee se jee rahe hain aaj ladakiyaan ke lie beee mein karane ke lie baahar ja rahe hain kampateeshan mein bhaag le rahee hain selekt ho rahee hain naukaree karane 34 varshon se gavarnament degee rakha aur aa rahee hai khoob kuchh kshetr aise hain jahaan dabaav hai ab us par bhee vah dabaav kam hua hai lekin phir bhee yah baat to dhyaan rakhen ki unmukt aavashyak samajhauta ka virodh hona chaahie jahaan ek jeevan jeene ka jo najariya hai usake anusaar har kisee mein yogyata hai dakshata hai to usakee chhotee see billee chaahie aur aapake prashn ka uttar hai ki haan abhee kuchh parivaar hai jahaan aisa hai lekin abhee bandhan shithil hota ja raha hai adhyaksh dekha log tait rakhate hain to dekhee dikha lo soot bhee de rahe thaink yoo

#पढ़ाई लिखाई

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हम पढ़ने के बाद भूल जाते हैं ऐसा क्यों इसका कुछ उपाय बताइए?Ham Padhne Ke Baad Bhul Jate Hain Aisa Kyun Iska Kuch Upay Bataie
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:05
हमको पढ़ने पढ़ने के बाद भूल जाते हैं ऐसा क्यों इसका कुछ उपाय बताइए देखिए ऐसा है कि अलग-अलग क्षमताओं की बात होती है कुछ लोग एक बार पढ़ कर के दिमाग में बात बैठा लेते हैं कुछ लोग भूल जाते इसका एक कारण यह है कि हमारा मानसिक विकास कितना हुआ है और हर हर किसी की मानसिकता मुख्यालय गलत होती है तो थोड़ा सा पढ़ाई के पहले तो अपने को गंभीर करें जो चीज पड़े उस समय दिमाग को केंद्रित करें मैं देख कर पढ़ें दिमाग नहीं लग रहा है तो थोड़ा सा किसी चीज का सहारा लेकर की तैनाती लाइन टू लाइन चलाते चले ऊपर से चलें थोड़ा बोल करके पड़े इस पर भी अगर आपकी समझ में नहीं आ रहा है अब भूल जाए तो थोड़ा पढ़ते जा और आप मुंह करके बैठ करके सोचे कि मैंने क्या पढ़ा है तो हो सकता है कि जो धीरे-धीरे आपके दिमाग में आने लगे एक बार पढ़ने दो बार तीन बार पढ़ पढ़ कर के आगे बढ़े और कुछ बात कम पड़े तो बात करें तो उससे क्या होगा कि धीरे-धीरे 12 से जवाब तो दो चार बातें भी आपको याद रहेंगी तो आगे बढ़ते जाएंगे एक एक दो दो यार उतर जाएगा तो आपकी याददाश्त में सुधार हो सकता है लेकिन उसके लिए वही है कि पड़े थोड़ी देर बैठ कर के सूची भूल जाए एक बार फिर पढ़े और दिमाग को केंद्रित करने की कोशिश करें एकाग्रता जितनी ज्यादा होगी इतनी ज्यादा याद आता है और इधर उधर से मन को हटाने की कोशिश में भटक रहा है उसको रोकने की कोशिश करें
Hamako padhane padhane ke baad bhool jaate hain aisa kyon isaka kuchh upaay bataie dekhie aisa hai ki alag-alag kshamataon kee baat hotee hai kuchh log ek baar padh kar ke dimaag mein baat baitha lete hain kuchh log bhool jaate isaka ek kaaran yah hai ki hamaara maanasik vikaas kitana hua hai aur har har kisee kee maanasikata mukhyaalay galat hotee hai to thoda sa padhaee ke pahale to apane ko gambheer karen jo cheej pade us samay dimaag ko kendrit karen main dekh kar padhen dimaag nahin lag raha hai to thoda sa kisee cheej ka sahaara lekar kee tainaatee lain too lain chalaate chale oopar se chalen thoda bol karake pade is par bhee agar aapakee samajh mein nahin aa raha hai ab bhool jae to thoda padhate ja aur aap munh karake baith karake soche ki mainne kya padha hai to ho sakata hai ki jo dheere-dheere aapake dimaag mein aane lage ek baar padhane do baar teen baar padh padh kar ke aage badhe aur kuchh baat kam pade to baat karen to usase kya hoga ki dheere-dheere 12 se javaab to do chaar baaten bhee aapako yaad rahengee to aage badhate jaenge ek ek do do yaar utar jaega to aapakee yaadadaasht mein sudhaar ho sakata hai lekin usake lie vahee hai ki pade thodee der baith kar ke soochee bhool jae ek baar phir padhe aur dimaag ko kendrit karane kee koshish karen ekaagrata jitanee jyaada hogee itanee jyaada yaad aata hai aur idhar udhar se man ko hataane kee koshish mein bhatak raha hai usako rokane kee koshish karen

#जीवन शैली

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कल मुझे एक दुकानदार ठग दिया है मैं असली और नकली चार्जर की पहचान कैसे कर सकता हूं?Kal Mujhe Ek Dukandaar Thag Diya Hai Main Asli Aur Nakli Charger Kee Pehchan Kaise Kar Sakta Hu
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:15
आपका पर्सनल अपने आप में स्पष्ट नहीं कल मुझे एक दुकानदार ने कर दिया है मैं असली और नकली चार्जेस की पहचान कैसे कर सकता हूं लेकिन पहली बार कि अभी आप खुद नहीं क्लियर कर पा रहे हैं को 4000 असली है नकली तो पहली बार किसी दूसरे दुकानदार से दिखाएं संजना दुकानदार को दिखाएं हैं तो आपको बता देगा असली या नकली और दूसरी बात की पहचान करने के बाद आप किसी से मिली पहचान करें और पहचान करने के बाद अगर आपको उसने रसीद दिया है अब तो आप कंजूमर कोर्ट में दी जा सकती है और उसने आपके साथ ठगी की है तो उससे क्या लिख रहा है रसीद पर कंपनी करके कर दिया है और लोकल कंपनी का है दूसरी कंपनी का है 30 कोठाई माना जाएगा समझे आपने लेकिन आप बिना किसी कागज पत्र के उस से लेकर के चले आए तो फिर केवल विवाद हो सकता है या उस दुकानदार दबाव हो सकता है को सांसद बदन लेकिन पहले क्लियर कीजिए दूसरे किसी से मिलकर की का आपको मिला हुआ चार्जर असली है नकली थैंक यू
Aapaka parsanal apane aap mein spasht nahin kal mujhe ek dukaanadaar ne kar diya hai main asalee aur nakalee chaarjes kee pahachaan kaise kar sakata hoon lekin pahalee baar ki abhee aap khud nahin kliyar kar pa rahe hain ko 4000 asalee hai nakalee to pahalee baar kisee doosare dukaanadaar se dikhaen sanjana dukaanadaar ko dikhaen hain to aapako bata dega asalee ya nakalee aur doosaree baat kee pahachaan karane ke baad aap kisee se milee pahachaan karen aur pahachaan karane ke baad agar aapako usane raseed diya hai ab to aap kanjoomar kort mein dee ja sakatee hai aur usane aapake saath thagee kee hai to usase kya likh raha hai raseed par kampanee karake kar diya hai aur lokal kampanee ka hai doosaree kampanee ka hai 30 kothaee maana jaega samajhe aapane lekin aap bina kisee kaagaj patr ke us se lekar ke chale aae to phir keval vivaad ho sakata hai ya us dukaanadaar dabaav ho sakata hai ko saansad badan lekin pahale kliyar keejie doosare kisee se milakar kee ka aapako mila hua chaarjar asalee hai nakalee thaink yoo

#जीवन शैली

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काम के ना काज के दुश्मन अनाज के यह कहावत क्यों है और किस इंसान को कही जाती है?Kaam Ke Na Kaaj Ke Dushman Anaj Ke Yah Khavat Kyon Hai Aur Kis Insaan Ko Kahi Jati Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
0:47
काम के न काज के दुश्मन अनाज की यह कहावत क्यों है और किस इंसान को कही जाती है लेकिन कुछ लोग कामचोर होते हैं वह दूसरों की कमाई पर ऐश करना चाहते हैं जीवन बिताना चाहते हैं तो ऐसे कामचोर आलसी महत्वाकांक्षी जो लोग हैं उनके लिए कहावत कही गई है काम-धाम तो कुछ करता नहीं हो भोजन किया करता है तो हिंदी भाषा में इसको कहते निखट्टू सपना और एक प्रकार की कहावत लोकोक्ति है तो ऐसे काम चालू काम से उन लोगों के लिए जो खाने-पीने में तो तेज होते हैं लेकिन काम करने में मैं पसंद नहीं करते काम करना आरती आरती हो सोने के लिए कहा गया है
Kaam ke na kaaj ke dushman anaaj kee yah kahaavat kyon hai aur kis insaan ko kahee jaatee hai lekin kuchh log kaamachor hote hain vah doosaron kee kamaee par aish karana chaahate hain jeevan bitaana chaahate hain to aise kaamachor aalasee mahatvaakaankshee jo log hain unake lie kahaavat kahee gaee hai kaam-dhaam to kuchh karata nahin ho bhojan kiya karata hai to hindee bhaasha mein isako kahate nikhattoo sapana aur ek prakaar kee kahaavat lokokti hai to aise kaam chaaloo kaam se un logon ke lie jo khaane-peene mein to tej hote hain lekin kaam karane mein main pasand nahin karate kaam karana aaratee aaratee ho sone ke lie kaha gaya hai

#धर्म और ज्योतिषी

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हर मनुष्य एक ही प्रकार की गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रक्रिया क्यों देता है?Har Manushy Ek Hi Prakaar Ki Gatividhi Dekhkar Alag Alag Prakriya Kyun Deta Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:31
किताब का प्रश्न है हर मनुष्य एक ही प्रकार की गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रक्रिया क्यों देता है देखो हर मनुष्य की अपनी अलग अलग जीवनशैली होती है अपना जीवन दर्शन होता अपनी मान्यताएं होती हैं काम करने की अपनी सहेली होती है एक मजदूर और एक पढ़े लिखे व्यक्ति के कार्य में सोच में अंतर शायद ही देखा जा सकता है दो सगे भाई अलग-अलग सोच रखते दो सगी बहनें अलग-अलग सोच रखती है तो ऐसे में किसी भी गतिविधि पर लोगों की अलग-अलग प्रक्रिया होना स्वाभाविक है यह उनकी चेतना का उनके चिंतन का है उनकी संवेदनशीलता का प्रभाव माना जा सकता है उदाहरण के लिए एक बकरा है उसे पालने वाला जो है वह गुस्से में आएगा तो एक मात्र इतना कहेगा कि तुझे कसाई गया मैं भेज दूंगा लेकिन कसाई बकरे को बदमाशी करते देखेगा गहरा का टीका क्या दोनों का भाव एक ही है दंड देना लेकिन कसाई अपनी गतिविधि के अनुसार उसे काटना चाहता है और पालने वाला उसे बेचना चाहता है तो यह संस्कारों का परंपराओं का मान्यताओं का कुल करके पहले एक ही परिवार के लोगों के जीवन दर्शन का क्योंकि परिवार में भी हम एक ही कर दी जिस पर लोगों के अलग-अलग विचार से जीवन जीने का नजरिया है जीवन दर्शन का
Kitaab ka prashn hai har manushy ek hee prakaar kee gatividhi dekhakar alag-alag prakriya kyon deta hai dekho har manushy kee apanee alag alag jeevanashailee hotee hai apana jeevan darshan hota apanee maanyataen hotee hain kaam karane kee apanee sahelee hotee hai ek majadoor aur ek padhe likhe vyakti ke kaary mein soch mein antar shaayad hee dekha ja sakata hai do sage bhaee alag-alag soch rakhate do sagee bahanen alag-alag soch rakhatee hai to aise mein kisee bhee gatividhi par logon kee alag-alag prakriya hona svaabhaavik hai yah unakee chetana ka unake chintan ka hai unakee sanvedanasheelata ka prabhaav maana ja sakata hai udaaharan ke lie ek bakara hai use paalane vaala jo hai vah gusse mein aaega to ek maatr itana kahega ki tujhe kasaee gaya main bhej doonga lekin kasaee bakare ko badamaashee karate dekhega gahara ka teeka kya donon ka bhaav ek hee hai dand dena lekin kasaee apanee gatividhi ke anusaar use kaatana chaahata hai aur paalane vaala use bechana chaahata hai to yah sanskaaron ka paramparaon ka maanyataon ka kul karake pahale ek hee parivaar ke logon ke jeevan darshan ka kyonki parivaar mein bhee ham ek hee kar dee jis par logon ke alag-alag vichaar se jeevan jeene ka najariya hai jeevan darshan ka

#जीवन शैली

bolkar speaker
कुछ लोग सोते हुए बोलते हैं क्या इसका कोई मनोवैज्ञानिक कारण है?Kuch Log Sote Hue Bolte Hai Kya Iska Koi Manovaigyanik Karan Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
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सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:42
किताब का प्रश्न है कुछ लोग सोते हुए बोलते हैं क्या इसका कोई मनोवैज्ञानिक कारण है कह दिया उसके बाद ही उनको रेगुलर उन्होंने माना है कि मनुष्य के मन के तीन से होते हैं हम लोग दो हिस्से मानते थे पहले यह तन मन जिसमें मनुष्य काम करता है और अचेतन मन यह प्रोग्राम करता है साइन करता है अब उन्होंने तीसरे मन की परिकल्पना की जिसे कहा और माना कि चेतन मंजू इच्छाओं का गुलाम होता है शाम के वशीभूत होता है एक शाम को ले करके जो सक्रिय होता है वह जब कर्म करता का फल की इच्छा करने लगता लेकिन जब कर्म करते हुए उसे उचित फल नहीं मिलता है तो उसे दुख होता है वेदना होती है जिसे कुंडा का जो सफल हो गया उसके अंदर सुप्रिया ठीक कांप्लेक्स और जो असफल हो है उसके अंदर इंफेरियारिटी कंपलेक्स डेवलपर होती है और चेतन मन में यह भाव बढ़ गया असफल होने का या सफल होने का दोनों बातें आती यह सफल हो जाते हैं वह अपने को सुपीरियर समझने में और जो असफल होते इनफीरियर समझने लगते अपने आप को समझने लगते हैं तो जब भी उन्हें मौका मिलता है तो उनका अवचेतन मन अपने आप सक्रिय होता है इसीलिए चेतन में अजीबोगरीब हरकतें करते हुए हम लोगों को देखते हैं और फ्लैट और उनके साथी यह भी मानते हैं कि यह अवचेतन मन सेन अवस्था में भी जग जाता है और जब अवस्था में जग जाता है तो वह सपनों के रूप में उसके सामने प्रकट होता है और फिर उनकी जो अतृप्त इच्छाएं हैं तू कहीं ना कहीं उसके अवचेतन में साकार होती है और उसके कारण लोग बोलते ही नहीं बोलते भी हैं गुस्सा करते हैं डर जाते हैं चिल्लाते हैं कभी भी तो गतिविधियां होती हैं और फ्राइडे कहता है उसके अंदर जितना कांप्लेक्स है इतना प्रभावी उतना ही प्रभावित किए हुए व्यक्ति को तीन प्रकार के हीरो हुए थे और जब उसकी यह पूरी हो जाती है उसके अंदर का कांप्लेक्स पूरा हो जाता है तो मनुष्य स्थान तो हो जाता है कि चेतन मन और अवचेतन मन दोनों में ही अवचेतन मन की कुल जाएं अभिव्यक्त होती है थैंक यू
Kitaab ka prashn hai kuchh log sote hue bolate hain kya isaka koee manovaigyaanik kaaran hai kah diya usake baad hee unako regular unhonne maana hai ki manushy ke man ke teen se hote hain ham log do hisse maanate the pahale yah tan man jisamen manushy kaam karata hai aur achetan man yah prograam karata hai sain karata hai ab unhonne teesare man kee parikalpana kee jise kaha aur maana ki chetan manjoo ichchhaon ka gulaam hota hai shaam ke vasheebhoot hota hai ek shaam ko le karake jo sakriy hota hai vah jab karm karata ka phal kee ichchha karane lagata lekin jab karm karate hue use uchit phal nahin milata hai to use dukh hota hai vedana hotee hai jise kunda ka jo saphal ho gaya usake andar supriya theek kaampleks aur jo asaphal ho hai usake andar impheriyaaritee kampaleks devalapar hotee hai aur chetan man mein yah bhaav badh gaya asaphal hone ka ya saphal hone ka donon baaten aatee yah saphal ho jaate hain vah apane ko supeeriyar samajhane mein aur jo asaphal hote inapheeriyar samajhane lagate apane aap ko samajhane lagate hain to jab bhee unhen mauka milata hai to unaka avachetan man apane aap sakriy hota hai iseelie chetan mein ajeebogareeb harakaten karate hue ham logon ko dekhate hain aur phlait aur unake saathee yah bhee maanate hain ki yah avachetan man sen avastha mein bhee jag jaata hai aur jab avastha mein jag jaata hai to vah sapanon ke roop mein usake saamane prakat hota hai aur phir unakee jo atrpt ichchhaen hain too kaheen na kaheen usake avachetan mein saakaar hotee hai aur usake kaaran log bolate hee nahin bolate bhee hain gussa karate hain dar jaate hain chillaate hain kabhee bhee to gatividhiyaan hotee hain aur phraide kahata hai usake andar jitana kaampleks hai itana prabhaavee utana hee prabhaavit kie hue vyakti ko teen prakaar ke heero hue the aur jab usakee yah pooree ho jaatee hai usake andar ka kaampleks poora ho jaata hai to manushy sthaan to ho jaata hai ki chetan man aur avachetan man donon mein hee avachetan man kee kul jaen abhivyakt hotee hai thaink yoo

#कुछ अलग

bolkar speaker
आप कितने समय से बोलकर पर जुडे हुए है और आपकी अनुभव क्या कहती है बोलकर स्पीकर्स के बारे में ?Aap Kitane Samay Se Bolakar Par Jude Hue Hai Aur Aapakee Anubhav Kya Kahatee Hai Bolakar Speekars Ke Baare Mein
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
4:56
आप कितने समय से बोल कर एक पर जुड़े हुए हैं और रात का अनुभव क्या कहती बोलकर इसलिए मेरे ख्याल से 8 महीने पूरे हो गए हैं मेरे करेगी पहले मैं बुक लेते जवाब दिया था बोल कर तो नहीं वह कल पर यार एक लाख से ज्यादा भेज मेरे जवाब ऊपर थे इसके बाद बोल कर एक के कार्यकर्ता ने जो मुगलसराय से थी उन्होंने मेरे को व्हाट्सएप पर एक प्रश्न पूछा कि आप कहां से हैं और जब मैंने उनको बताया कि मैं बनारस का ही हूं तो उन्होंने कहा गृह त्याग एक बार आप मेरे को फ्री डाउनलोड करिए और देखिए तो शुरू में तो मेरी उतनी सोची नहीं देगी 24 क्वेश्चन का जवाब वैसे ही दे देता था लेकिन धीरे-धीरे मुझे लगा कि इस साइट पर जो जवाब देने वाले लोग हैं और जवाब पूछने वाले लोग हैं कहीं ज्यादा गंभीर प्रकृति के हैं लकी बुक ले भी है उसके बिना तो मैं नहीं करना चाहता वह भी एक अच्छा ही है और लवण के दौरान में लिखकर यह अनुभव किया कि लोगों का उपयोग करने से जोड़ना चाहिए तो दो-चार क्वेश्चन का जवाब दे दिया करता था क्योंकि लोड मेरे पास कभी भी बहुत है और देखते-देखते दो लाख से ज्यादा है बस मेरे जवाबों पर आ गए करीब चार हजार 500 से ऊपर में जवाब दे चुका हूं और 9 से ऊपर 900 से ऊपर सब्सक्राइबर हो गए हैं समझा अपना हालांकि यूट्यूब पर भी काफी टाइम में दे रहा हूं और वहां भी लिख दो से वीडियो मेरे हिंदी के खेल रहे हैं और इससे जुड़े हुए हैं और काफी स्टेट्स में मुझे सुना जा रहा है लेकिन सबसे बड़ा आनंद जवाब देने वाली इतने अच्छे लोग हैं उनके जवाब से हमें कुछ कुछ नया मिलता है तो कभी ग्रुप पर भी ऐसे पूछे जाते हैं कि आनंद में मैं तेरे गूगल पर जा करके अपनी लाइब्रेरी में जाकर उनके जवाब देखना और जवाब देता हूं तो यह कुल मिलाकर के एक बहुत ही सुंदर है और इसके जो इस वीडियो में जो लोग हैं सबसे बड़ी बात है कि बहुत अच्छे हैं अनाप-शनाप क्वेश्चन बहुत कम पूछे जा रहे हैं बड़ी गंभीर प्रकृति के लोग हैं और यह एक अभी टाइम बिताने के लिए बहुत अच्छा माध्यम है अगर आप चाहे तो प्रश्न करें फिर उसका जवाब ले चाहे तो प्रश्नों को देख कर के लोगों का जवाब सुने कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने अपने क्षेत्र के माहिर हैं या मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता लेकिन टॉप के जो इसके जवाब देने वाले हैं काफी अच्छे लोग नहीं साडे ₹700 मेरे पास भी आ गए हैं क्या रुपए रोज खाते में डाल देते हैं या लाइक करने वालों के अनुसार या सुनने वालों के साथ आधार पर कोई बहुत ज्यादा जवाब भी नहीं दे पाता हूं 4:00 से जवाब नहीं दे पाता हूं लेकिन फिर भी एक खुशी मिलती है जब इस पर लोग टिप्पणी करते हैं और हमारे जवाबों को पसंद करते हैं तो इस ऐप के बारे में नया 900 900 से ऊपर मेरे साथ टाइगर हालात युटुब पर उसे थोड़ी ज्यादा है 2022 से ऊपर है मुझे खुशी होती है कि चलो यह लोग हमें सुन रहे हैं और सुनने के साथ था हमें एक अच्छा रिस्पांस नहीं मिल रहा है तो मैं तो यही लोगों से कहूंगा कि अगर आप एक बार सेक्स करते हैं तो कोई जरूरत नहीं कि किसी एक कोई सुने या प्रश्नों को देखते जाइए और उनके जवाब दे नहीं तो आपको अपने मन के अनुसार संतोषप्रद प्रेरणादायक समझे आप नाथ की जिज्ञासा का सम्मान करने वाली जवाब आपको मिल जाएंगे और हम भी नहीं सब जवाब एक से ही हूं और यह भी जरूरी नहीं कि आप सब से सहमत हूं लेकिन यह प्रश्न और उत्तर दोनों को सामने रखने की कोशिश कर रहा है ज्यादा और उनको वही लाइन याद आती है कि जरूरी नहीं कि मैं आपके विचारों से सहमत हूं लेकिन आपके विचारों का सम्मान नहीं करूंगा थैंक यू
Aap kitane samay se bol kar ek par jude hue hain aur raat ka anubhav kya kahatee bolakar isalie mere khyaal se 8 maheene poore ho gae hain mere karegee pahale main buk lete javaab diya tha bol kar to nahin vah kal par yaar ek laakh se jyaada bhej mere javaab oopar the isake baad bol kar ek ke kaaryakarta ne jo mugalasaraay se thee unhonne mere ko vhaatsep par ek prashn poochha ki aap kahaan se hain aur jab mainne unako bataaya ki main banaaras ka hee hoon to unhonne kaha grh tyaag ek baar aap mere ko phree daunalod karie aur dekhie to shuroo mein to meree utanee sochee nahin degee 24 kveshchan ka javaab vaise hee de deta tha lekin dheere-dheere mujhe laga ki is sait par jo javaab dene vaale log hain aur javaab poochhane vaale log hain kaheen jyaada gambheer prakrti ke hain lakee buk le bhee hai usake bina to main nahin karana chaahata vah bhee ek achchha hee hai aur lavan ke dauraan mein likhakar yah anubhav kiya ki logon ka upayog karane se jodana chaahie to do-chaar kveshchan ka javaab de diya karata tha kyonki lod mere paas kabhee bhee bahut hai aur dekhate-dekhate do laakh se jyaada hai bas mere javaabon par aa gae kareeb chaar hajaar 500 se oopar mein javaab de chuka hoon aur 9 se oopar 900 se oopar sabsakraibar ho gae hain samajha apana haalaanki yootyoob par bhee kaaphee taim mein de raha hoon aur vahaan bhee likh do se veediyo mere hindee ke khel rahe hain aur isase jude hue hain aur kaaphee stets mein mujhe suna ja raha hai lekin sabase bada aanand javaab dene vaalee itane achchhe log hain unake javaab se hamen kuchh kuchh naya milata hai to kabhee grup par bhee aise poochhe jaate hain ki aanand mein main tere googal par ja karake apanee laibreree mein jaakar unake javaab dekhana aur javaab deta hoon to yah kul milaakar ke ek bahut hee sundar hai aur isake jo is veediyo mein jo log hain sabase badee baat hai ki bahut achchhe hain anaap-shanaap kveshchan bahut kam poochhe ja rahe hain badee gambheer prakrti ke log hain aur yah ek abhee taim bitaane ke lie bahut achchha maadhyam hai agar aap chaahe to prashn karen phir usaka javaab le chaahe to prashnon ko dekh kar ke logon ka javaab sune kuchh aise log hain jo apane apane kshetr ke maahir hain ya main kisee ka naam nahin lena chaahata lekin top ke jo isake javaab dene vaale hain kaaphee achchhe log nahin saade ₹700 mere paas bhee aa gae hain kya rupe roj khaate mein daal dete hain ya laik karane vaalon ke anusaar ya sunane vaalon ke saath aadhaar par koee bahut jyaada javaab bhee nahin de paata hoon 4:00 se javaab nahin de paata hoon lekin phir bhee ek khushee milatee hai jab is par log tippanee karate hain aur hamaare javaabon ko pasand karate hain to is aip ke baare mein naya 900 900 se oopar mere saath taigar haalaat yutub par use thodee jyaada hai 2022 se oopar hai mujhe khushee hotee hai ki chalo yah log hamen sun rahe hain aur sunane ke saath tha hamen ek achchha rispaans nahin mil raha hai to main to yahee logon se kahoonga ki agar aap ek baar seks karate hain to koee jaroorat nahin ki kisee ek koee sune ya prashnon ko dekhate jaie aur unake javaab de nahin to aapako apane man ke anusaar santoshaprad preranaadaayak samajhe aap naath kee jigyaasa ka sammaan karane vaalee javaab aapako mil jaenge aur ham bhee nahin sab javaab ek se hee hoon aur yah bhee jarooree nahin ki aap sab se sahamat hoon lekin yah prashn aur uttar donon ko saamane rakhane kee koshish kar raha hai jyaada aur unako vahee lain yaad aatee hai ki jarooree nahin ki main aapake vichaaron se sahamat hoon lekin aapake vichaaron ka sammaan nahin karoonga thaink yoo

#रिश्ते और संबंध

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किसी व्यक्ति को परेशानी में सलाह देनी चाहिए या उसका साथ देना चाहिए?Kisi Viyakti Ko Pareshani Mein Salah Deni Chaiye Ya Uska Sath Dena Chaiye
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:23
अमिताभ का प्रश्न है किसी व्यक्ति को परेशानी में क्या सलाह देनी चाहिए या उस का साथ देना चाहिए मेरे विचार से दोनों काम करने चाहिए समझे आप कोई व्यक्ति अगर आपका सुपरिचित है और कोई शुभ कार्य रचना धार्मिक कार्य करते हो या व्यापारिक कार्य करते हुए ऊपर पानी में पड़ा है तो एक दोस्ती मत बढ़ाइए हिम्मत बढ़ाने के लिए दोनों काम करने चाहिए अगर मौका है तो उसका साथ भी दीजिए तन मन धन से और सलाह तो दीजिए कि क्योंकि एक बार मन को करार में नहीं देंगे उसके मन को आप उत्साहित बनाए रखेंगे तो निश्चित रूप से वह आशावादी बंद करके निराशा के बीच कहीं न कहीं सक्रिय रहेगा और सफलता अर्जित करेगा साला है भी थोड़ा ऐसा दीजिए जो रचना भर में हूं सुनना को गलत कार्य कर रहा है तो भी सीधे टैग मत करिए इस तरह से दीजिए कि जो उसके मन को संजय कम प्रभावित कर सके उसकी हिम्मत को प्रभावित कर सके कभी बार कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति गलत रास्ते पर चलते हुए परेशान होता है तो चित्र तक उसे कहा जाए उस रस्ते को छोड़ दो जो तुम्हारे काम लायक नहीं लेकिन वह हम वादी है फिर भी आप कब फ्री है उनसे आप सीधे कहने तो बुरा मानेगा इसलिए परिस्थितियों के मद्देनजर ही किसी को सलाह देनी चाहिए और किसी की मदद करनी चाहिए अभी अगर आपका जिगरी दोस्त हो गलती से कहीं गलत रास्ते पर चलना है तो भी मेरी सलाह यही है कि आप का नैतिक दायित्व बनता है उसे संभालने का काम करें कैसे परिस्थिति को देखकर आप निर्णय ले लिया आपने और थोड़ा साफ रुचि ले ले तो आप उसकी तुलना में कहीं ज्यादा व्यवस्थित होंगे क्योंकि उसका मन है जो है वह तो उन परेशानियों में फंसा हुआ है इसलिए अवचेतन मन के कारण वह ऐसी परिस्थितियों में निराकरण उस तरह से नहीं सोच सकता जो आप सोच सकेंगे और अगर आप अपने साथ ही अपने और मित्रों को ले करके उसे सलाह देता हूं उसकी मदद करते हैं तो ज्यादा अच्छा होगा थैंक यू
Amitaabh ka prashn hai kisee vyakti ko pareshaanee mein kya salaah denee chaahie ya us ka saath dena chaahie mere vichaar se donon kaam karane chaahie samajhe aap koee vyakti agar aapaka suparichit hai aur koee shubh kaary rachana dhaarmik kaary karate ho ya vyaapaarik kaary karate hue oopar paanee mein pada hai to ek dostee mat badhaie himmat badhaane ke lie donon kaam karane chaahie agar mauka hai to usaka saath bhee deejie tan man dhan se aur salaah to deejie ki kyonki ek baar man ko karaar mein nahin denge usake man ko aap utsaahit banae rakhenge to nishchit roop se vah aashaavaadee band karake niraasha ke beech kaheen na kaheen sakriy rahega aur saphalata arjit karega saala hai bhee thoda aisa deejie jo rachana bhar mein hoon sunana ko galat kaary kar raha hai to bhee seedhe taig mat karie is tarah se deejie ki jo usake man ko sanjay kam prabhaavit kar sake usakee himmat ko prabhaavit kar sake kabhee baar kaee baar aisa bhee hota hai ki vyakti galat raaste par chalate hue pareshaan hota hai to chitr tak use kaha jae us raste ko chhod do jo tumhaare kaam laayak nahin lekin vah ham vaadee hai phir bhee aap kab phree hai unase aap seedhe kahane to bura maanega isalie paristhitiyon ke maddenajar hee kisee ko salaah denee chaahie aur kisee kee madad karanee chaahie abhee agar aapaka jigaree dost ho galatee se kaheen galat raaste par chalana hai to bhee meree salaah yahee hai ki aap ka naitik daayitv banata hai use sambhaalane ka kaam karen kaise paristhiti ko dekhakar aap nirnay le liya aapane aur thoda saaph ruchi le le to aap usakee tulana mein kaheen jyaada vyavasthit honge kyonki usaka man hai jo hai vah to un pareshaaniyon mein phansa hua hai isalie avachetan man ke kaaran vah aisee paristhitiyon mein niraakaran us tarah se nahin soch sakata jo aap soch sakenge aur agar aap apane saath hee apane aur mitron ko le karake use salaah deta hoon usakee madad karate hain to jyaada achchha hoga thaink yoo

#रिश्ते और संबंध

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घर खर्च बचाने के लिए मंडियों से सीधे सब्जी लाना सही होगा या खुद घर के छत पर सब्जियां उगाना?Ghar Kharch Bachaane Ke Lie Mandiyon Se Seedhe Sabjee Laana Sahee Hoga Ya Khud Ghar Ke Chhat Par Sabjiyaan Ugaana
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:53
घर खर्च बचाने के लिए मंडियों से सीधी सब्जी लाना सही हो गया खुद घर की छत पर सब्जी उगाना घर की सब्जियां उगाई जा सकती है और कई छोटी-छोटी चीजें जो है वह आसानी से जा सकते हैं सब अपने आप जैसे कि मैं आप पहले सुनना है या दुनिया इसके हरी पत्ती आसानी से कर सकते हैं जो कि मिर्ची का पौधा लगाकर के लिए तत्पर टमाटर के लिए लग जा रहा है गोभी की पौध की लगाए जा सकते हैं और अब तो गर्मी आ रही है तो थोड़ी सी जगह मगर लौकी है या कद्दू है आ तो रही है उसके बीच लगा देते हैं तो काफी कुछ बचत हो सकती है अब देखेंगे कि में कई काम हो जाए एक तो आपका मनोरंजन होगा जो टीवी आज के सामने बैठते हैं या खाली टाइम बसता है घर की महिलाएं हैं वह देखरेख कर सकती हैं थोड़ा सा ध्यान रखें कि कहीं बंदर आदि नहीं आते हो तो तुम्हें जहां से बोल रहा हूं धौलपुर वहां सबसे बड़ी परेशानी की छत पर लोग कपड़े भी नहीं सुखा पाते वह बंदर ले जाते हैं तो अगर यह सुरक्षा है तो तो बहुत बढ़िया बात है आपका मनोरंजन हो सकता है घर की चाय आयत की जो पत्ती निकलती है या थोड़ा सा दोबारा भी आपको मिल जाता है उससे खाद बना लेते हैं तो बहुत सुंदर आवाज तैयार कर सकते हैं मिर्ची है यह टमाटर भी लग सकता है समझा अपना मूली है यह गमलों तक में उगाया जा सकता 70105 फुट की जगह मिल जाए तो कहना ही क्या है तो मंडी से यानी में जो टाइम आपका वर्क होता है पैसा व्यर्थ होता है वह घर में लगाएंगे तो वह एक आनंद ही आएगा और सबसे बड़ी क्यों आपको आनंद मिलेगा जिसकी कोई कीमत नहीं है समझे आपने तो अगर ऐसा करते हैं तो निश्चित रूप से बचत होगी और वैसे तो आजकल मैं देख रहा हूं कि सब्जियों के दाम काफी कुछ गिरे हुए हैं तो 26 किलोमीटर दूर अपने कॉलेज में जाता हूं जहां प्रिंसिपल हूं तो लौटते समय में देखता हूं गांव वाले जो हैं टमाटर है बैगन है वह भी है और मटर है वह अपने खेतों के सामने उठ कर बैठ जाते हैं लेकर किसान को और बाजार की मंडी से कम से कम 20 परसेंट 25पसंद सत्ता देते हैं लेकिन घर पर अगर आप करेंगे तो वही टाइम आपका जो है वह मनोरंजन के रूप में हो जाएगा एक आनंद आएगा और कुछ न कुछ तो पैसा बचेगा इसलिए मेरा मेरी चला है किधर घर की छत का उपयोग कर सकें तो ज्यादा अच्छा है बस व्यवस्था देखने का पानी दे सकते हैं आपके घर में कोई बस 5 मिनट के लिए पौधों को सुबह शाम देखता है और कोई पक्षी या बंदा रानी जो है वह नहीं आती तो तक
Ghar kharch bachaane ke lie mandiyon se seedhee sabjee laana sahee ho gaya khud ghar kee chhat par sabjee ugaana ghar kee sabjiyaan ugaee ja sakatee hai aur kaee chhotee-chhotee cheejen jo hai vah aasaanee se ja sakate hain sab apane aap jaise ki main aap pahale sunana hai ya duniya isake haree pattee aasaanee se kar sakate hain jo ki mirchee ka paudha lagaakar ke lie tatpar tamaatar ke lie lag ja raha hai gobhee kee paudh kee lagae ja sakate hain aur ab to garmee aa rahee hai to thodee see jagah magar laukee hai ya kaddoo hai aa to rahee hai usake beech laga dete hain to kaaphee kuchh bachat ho sakatee hai ab dekhenge ki mein kaee kaam ho jae ek to aapaka manoranjan hoga jo teevee aaj ke saamane baithate hain ya khaalee taim basata hai ghar kee mahilaen hain vah dekharekh kar sakatee hain thoda sa dhyaan rakhen ki kaheen bandar aadi nahin aate ho to tumhen jahaan se bol raha hoon dhaulapur vahaan sabase badee pareshaanee kee chhat par log kapade bhee nahin sukha paate vah bandar le jaate hain to agar yah suraksha hai to to bahut badhiya baat hai aapaka manoranjan ho sakata hai ghar kee chaay aayat kee jo pattee nikalatee hai ya thoda sa dobaara bhee aapako mil jaata hai usase khaad bana lete hain to bahut sundar aavaaj taiyaar kar sakate hain mirchee hai yah tamaatar bhee lag sakata hai samajha apana moolee hai yah gamalon tak mein ugaaya ja sakata 70105 phut kee jagah mil jae to kahana hee kya hai to mandee se yaanee mein jo taim aapaka vark hota hai paisa vyarth hota hai vah ghar mein lagaenge to vah ek aanand hee aaega aur sabase badee kyon aapako aanand milega jisakee koee keemat nahin hai samajhe aapane to agar aisa karate hain to nishchit roop se bachat hogee aur vaise to aajakal main dekh raha hoon ki sabjiyon ke daam kaaphee kuchh gire hue hain to 26 kilomeetar door apane kolej mein jaata hoon jahaan prinsipal hoon to lautate samay mein dekhata hoon gaanv vaale jo hain tamaatar hai baigan hai vah bhee hai aur matar hai vah apane kheton ke saamane uth kar baith jaate hain lekar kisaan ko aur baajaar kee mandee se kam se kam 20 parasent 25pasand satta dete hain lekin ghar par agar aap karenge to vahee taim aapaka jo hai vah manoranjan ke roop mein ho jaega ek aanand aaega aur kuchh na kuchh to paisa bachega isalie mera meree chala hai kidhar ghar kee chhat ka upayog kar saken to jyaada achchha hai bas vyavastha dekhane ka paanee de sakate hain aapake ghar mein koee bas 5 minat ke lie paudhon ko subah shaam dekhata hai aur koee pakshee ya banda raanee jo hai vah nahin aatee to tak

#टेक्नोलॉजी

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क्या भारत में पोल्ट्री फार्म एक लाभदायक व्यवसाय?Kya Bharat Mein Poultry Farm Ek Laabhdayak Vyavsay
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
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शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
2:37
क्या भारत में पोल्ट्री फॉर्म एक लाभदायक व्यवसाय करें तो मित्र निश्चित रूप से व्यवसाय तो सभी लाभदायक है जो भारत में चल रहे हैं आजकल मुर्गी पालन व्यवसाय काफी अच्छा छोटे-छोटे बच्चे ला करके हमारी 43035 दिन में तैयार हो जाते हैं सुबह आपने और अच्छा मुनाफा मिल जाता है उनको बस पानी चारा चाहिए और थोड़ा सा जहां उनकी रखा जाता है वह स्थान से दूर होना चाहिए लेकिन दो-तीन चीजों का ध्यान रखें कि फायदा तभी आपको मिल पाएगा जब आपके पास शाम को सभी नंबर क्योंकि देखने या कोई रोग आदि होता है उससे बचाव जो सारी सावधानियां थोड़ा सा उनके यहां रहती हूं अगर आप आदि के इलाके में आप करेंगे तो लुक कड़ा विरोध करते थे जिससे बदबू आदमी थोड़ी आती कितनी भी सफाई आप रखेंगे हम के रोगों के प्रति होता है दूसरा जो आप खुद बादल करी उसकी सप्लाई सप्लाई ढंग से हो गई क्योंकि आजकल लोग डायरेक्ट मैंने देखा है कि अपनी मुर्गियों को मैं देखते हैं कल भी आपने और किसी दलाल के माध्यम से भेजेंगे फर्म के माध्यम से पूछेंगे वह अपना मुनाफा कम आएगा वही मुनाफा आपको अतिरिक्त मिलता है अगर आप डायरेक्ट सप्लाई कर ले जाते हैं तो ठीक है ना तो यह थोड़ा सा ध्यान रखें क्योंकि आज गली गली में इस तरह की दुकानें खुल नहीं जहां मीडिया मछली बेचा जाता है और लोग भी खाने में रुचि भी ले रहे हैं नए बच्चे जो हैं वह में भोजन इस तरह के भोजन में रुचि रखते हैं तब तो थोड़ा सा पहले जानकारी ले लें और जानकारी के साथ देखने का आपके पास पर्याप्त संसाधन है और जहां आप बोल रहे हैं वहां से आप सप्लाई कर सकते डायरेक्टर कर सप्लाई कर सकते हैं तो ज्यादा अच्छा है तो इन सब चीजों को देख कर चले क्योंकि इसमें फायदा तो खूब है लेकिन गड़बड़ी हुई है कि मेहनत बहुत कमियां कम से कम 2 आदमी है 3 आदमी होने चाहिए या तो फिर आपको कोई सहयोगी रखना पड़ेगा वह भी जो सक्रिय हो कि समय से सब कुछ करना है ध्यान रखना एक एक मुर्गी पर ध्यान रखना पड़ता है और फिर आसानी से सप्लाई हो जा और पैसा आपके पास लौट आया करें तो निश्चित रूप से आप को फायदा होगा और थोड़ा पर्यावरण का भी ध्यान रखना पड़ेगा दर्द गर्मी सर्दी उसमें कैसे बचाव करें नंबर थैंक यू
Kya bhaarat mein poltree phorm ek laabhadaayak vyavasaay karen to mitr nishchit roop se vyavasaay to sabhee laabhadaayak hai jo bhaarat mein chal rahe hain aajakal murgee paalan vyavasaay kaaphee achchha chhote-chhote bachche la karake hamaaree 43035 din mein taiyaar ho jaate hain subah aapane aur achchha munaapha mil jaata hai unako bas paanee chaara chaahie aur thoda sa jahaan unakee rakha jaata hai vah sthaan se door hona chaahie lekin do-teen cheejon ka dhyaan rakhen ki phaayada tabhee aapako mil paega jab aapake paas shaam ko sabhee nambar kyonki dekhane ya koee rog aadi hota hai usase bachaav jo saaree saavadhaaniyaan thoda sa unake yahaan rahatee hoon agar aap aadi ke ilaake mein aap karenge to luk kada virodh karate the jisase badaboo aadamee thodee aatee kitanee bhee saphaee aap rakhenge ham ke rogon ke prati hota hai doosara jo aap khud baadal karee usakee saplaee saplaee dhang se ho gaee kyonki aajakal log daayarekt mainne dekha hai ki apanee murgiyon ko main dekhate hain kal bhee aapane aur kisee dalaal ke maadhyam se bhejenge pharm ke maadhyam se poochhenge vah apana munaapha kam aaega vahee munaapha aapako atirikt milata hai agar aap daayarekt saplaee kar le jaate hain to theek hai na to yah thoda sa dhyaan rakhen kyonki aaj galee galee mein is tarah kee dukaanen khul nahin jahaan meediya machhalee becha jaata hai aur log bhee khaane mein ruchi bhee le rahe hain nae bachche jo hain vah mein bhojan is tarah ke bhojan mein ruchi rakhate hain tab to thoda sa pahale jaanakaaree le len aur jaanakaaree ke saath dekhane ka aapake paas paryaapt sansaadhan hai aur jahaan aap bol rahe hain vahaan se aap saplaee kar sakate daayarektar kar saplaee kar sakate hain to jyaada achchha hai to in sab cheejon ko dekh kar chale kyonki isamen phaayada to khoob hai lekin gadabadee huee hai ki mehanat bahut kamiyaan kam se kam 2 aadamee hai 3 aadamee hone chaahie ya to phir aapako koee sahayogee rakhana padega vah bhee jo sakriy ho ki samay se sab kuchh karana hai dhyaan rakhana ek ek murgee par dhyaan rakhana padata hai aur phir aasaanee se saplaee ho ja aur paisa aapake paas laut aaya karen to nishchit roop se aap ko phaayada hoga aur thoda paryaavaran ka bhee dhyaan rakhana padega dard garmee sardee usamen kaise bachaav karen nambar thaink yoo

#भारत की राजनीति

bolkar speaker
ग्राहकों के मोल भाव करने पर व्यापारियों को क्या करना चाहिए?Grahko Ke Mol Bhav Karne Par Vyapariyo Ko Kya Karna Chaiyia
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:31
आपका व्रत में ग्राहकों के मोलभाव करने पर व्यापारियों को क्या करना है व्यापारी को अपना सामान भेजना है इसलिए ग्राहक जो उसका अन्नदाता कुछ ग्राहक जिद्दी होते हैं मूल भाव अजीबो-गरीब तरीके से करते हैं कुछ सहज भाव से करते हैं कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां मोलभाव नहीं होता है अपना अलग अलग परिस्थितियां धौलपुर से बोल रहा हूं वहां कुछ स्थान ऐसे हैं कि 100 की चीज पौने दो सौ दो सौ तक बोली जाती है अब सोने दे दी जाती है आदमी सत्तर ₹75 कम करा कर बहुत खुश हो जाता है तो वहां जो मोलभाव करने वाले नहीं हैं उन्हें मूर्ख समझा जाता है ऐसा आदमी कहीं दूसरी जगह जाएगा जहां बिल्कुल भी बोल भाव नहीं होता तो एक बार होगा जरूर करेगा जरूर प्रयास की आदत है ना इसलिए व्यापारी मेरे को चाहिए वह ग्राहक को संतुष्ट करें समझाए बताएं और सामानों से दे एक बार अगर विश्वास दिला दें कि वर्जिनल सामान ऑफ डुप्लीकेट सामान नेताम का बहुत अंतर होता ओरिजिनल सामान दे रहा है और एक बार वह अपने ग्राहक का दिल जीत ले गया था हो सकता दोबारा ग्राहक लोड करके आगे समझ रहे हैं ना कुछ ऐसे भी होते हैं जो मोलभाव करने पर ग्राहकों के साथ बदतमीजी व्यवहार कर जाते हैं ग्राहक जो है फिर ऐसी दुकानों की तरफ मुंह नहीं करता है थैंक यू
Aapaka vrat mein graahakon ke molabhaav karane par vyaapaariyon ko kya karana hai vyaapaaree ko apana saamaan bhejana hai isalie graahak jo usaka annadaata kuchh graahak jiddee hote hain mool bhaav ajeebo-gareeb tareeke se karate hain kuchh sahaj bhaav se karate hain kuchh sthaan aise bhee hain jahaan molabhaav nahin hota hai apana alag alag paristhitiyaan dhaulapur se bol raha hoon vahaan kuchh sthaan aise hain ki 100 kee cheej paune do sau do sau tak bolee jaatee hai ab sone de dee jaatee hai aadamee sattar ₹75 kam kara kar bahut khush ho jaata hai to vahaan jo molabhaav karane vaale nahin hain unhen moorkh samajha jaata hai aisa aadamee kaheen doosaree jagah jaega jahaan bilkul bhee bol bhaav nahin hota to ek baar hoga jaroor karega jaroor prayaas kee aadat hai na isalie vyaapaaree mere ko chaahie vah graahak ko santusht karen samajhae bataen aur saamaanon se de ek baar agar vishvaas dila den ki varjinal saamaan oph dupleeket saamaan netaam ka bahut antar hota orijinal saamaan de raha hai aur ek baar vah apane graahak ka dil jeet le gaya tha ho sakata dobaara graahak lod karake aage samajh rahe hain na kuchh aise bhee hote hain jo molabhaav karane par graahakon ke saath badatameejee vyavahaar kar jaate hain graahak jo hai phir aisee dukaanon kee taraph munh nahin karata hai thaink yoo

#जीवन शैली

bolkar speaker
कुछ लोग दांत खोदने के लिए लकड़ी का प्रयोग करते हैं क्या यह सही है?Kuch Log Daat Khodne Ke Liye Lakdi Ka Prayog Karte Hai Kya Yah Sahi Hai
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:02
लोग दांत खोदने के लिए लकड़ी का प्रयोग करते क्या है सही है देखिए जब गड़बड़ हो जाते हैं ना तो उसमें क्या खाना पड़ता है तो मेरे विचार से तो ऐसे लोगों के चाहिए कुछ कुल्ला करने से मुंह में पानी लेकर के और उसको अंदर से रमजान की देते रहेंगे तो तुझे तो कुछ गंदगी तो निकल सकती है दूसरा यह कि धाम पल पल सताती जीत की गंदी आदत को जगह जगह जाती है ऐसे में लोग क्या करते हैं क्यों लकड़ी याद के सहारे निकाल लेते हैं लेकिन कितना भी आने लगी है और विशेष करके नीम की जो पंक्तियां होती है तो उसके डेंटल इन पत्तियों की डंठल जिसमें होती है वह दो तीन टुकड़े तोड़ कर के रखे हैं सबको एक लाभ होगा कि वह एंटीबायोटिक होती हैं तो उससे आपको तो नुकसान नहीं होगा वैसे इस आदत को मुंह साफ करें ब्रश कर लिया करें खाना खाने आने के बाद तो ज्यादा अच्छा है
Log daant khodane ke lie lakadee ka prayog karate kya hai sahee hai dekhie jab gadabad ho jaate hain na to usamen kya khaana padata hai to mere vichaar se to aise logon ke chaahie kuchh kulla karane se munh mein paanee lekar ke aur usako andar se ramajaan kee dete rahenge to tujhe to kuchh gandagee to nikal sakatee hai doosara yah ki dhaam pal pal sataatee jeet kee gandee aadat ko jagah jagah jaatee hai aise mein log kya karate hain kyon lakadee yaad ke sahaare nikaal lete hain lekin kitana bhee aane lagee hai aur vishesh karake neem kee jo panktiyaan hotee hai to usake dental in pattiyon kee danthal jisamen hotee hai vah do teen tukade tod kar ke rakhe hain sabako ek laabh hoga ki vah enteebaayotik hotee hain to usase aapako to nukasaan nahin hoga vaise is aadat ko munh saaph karen brash kar liya karen khaana khaane aane ke baad to jyaada achchha hai

#जीवन शैली

bolkar speaker
सुबह जल्दी कैसे उठे?Subah Jaldi Kaise Uthe
डा. इन्दु प्रकाश सिंह  Bolkar App
Top Speaker,Level 33
सुनिए डा. जी का जवाब
शिक्षण-कार्य, कालेज शिक्षा में प्राचार्य हूँ
1:28
कपड़ा मैं सुबह जल्दी कैसे उठे तो देखें कुछ काम तो जो है वह आदत स्वभाव के अनुसार अब एक बार आदत बन जाएगी तो होगा उसके लिए जरूरी है कि शाम को जल्दी भोजन कर लें और शाम को जितनी जल्दी हो सके आठ साडे आठ 9:00 बजे तक बिस्तर पर चले जा समझा अपना गहरी नींद लेने की कोशिश करें चिंता मुक्त हो करके निश्चित है कि ऐसा रक्षक 7 घंटे बाद अगर 9:00 बजे आप सोते हैं तो 4:00 बजे के लगभग आपकी आंख अपने आप खुल जाएगी दूसरा भी अलार्म का प्रयोग कर सकते हैं लेकिन रोटेशन में बनेगा क्योंकि कुछ लोग रात में रकम सोते दिन में गर्मी के दिनों में विशेष करके अलग से आता है आधे घंटे 45 मिनट का टाइम निकाल लेते हैं तो एक तो यह है कि आप रात को जल्दी सोएंगे तो सुबह जल्दी उठकर दूसरा परफेक्ट भोजन करें समझे आप ना तो उससे भी आपकी नींद पर असर पड़ेगा और एक बार जब आप की आदत महीने 15 दिन में पड़ गई अलग से छोड़े रात जागना है थोड़ा स्वस्थ अपने को रखने की कोशिश करें तो निश्चित है कि आप सुबह जल्दी उठोगे एक बात और कहना चाहूंगा कि अगर आज मीठा नहीं है मुझे प्रतिदिन सुबह उठना है तब तो मोबाइल में भी अलार्म आ गया घड़ियों में भी अलार्म होता है आसपास के लोगों से कहेंगे तो कई ऐसे मुझे सुबह उठ जाते हैं वह जगह सकते हैं आपको इस तरह से कुछ दिन आप कोशिश करें दादा थैंक यू
Kapada main subah jaldee kaise uthe to dekhen kuchh kaam to jo hai vah aadat svabhaav ke anusaar ab ek baar aadat ban jaegee to hoga usake lie jarooree hai ki shaam ko jaldee bhojan kar len aur shaam ko jitanee jaldee ho sake aath saade aath 9:00 baje tak bistar par chale ja samajha apana gaharee neend lene kee koshish karen chinta mukt ho karake nishchit hai ki aisa rakshak 7 ghante baad agar 9:00 baje aap sote hain to 4:00 baje ke lagabhag aapakee aankh apane aap khul jaegee doosara bhee alaarm ka prayog kar sakate hain lekin roteshan mein banega kyonki kuchh log raat mein rakam sote din mein garmee ke dinon mein vishesh karake alag se aata hai aadhe ghante 45 minat ka taim nikaal lete hain to ek to yah hai ki aap raat ko jaldee soenge to subah jaldee uthakar doosara paraphekt bhojan karen samajhe aap na to usase bhee aapakee neend par asar padega aur ek baar jab aap kee aadat maheene 15 din mein pad gaee alag se chhode raat jaagana hai thoda svasth apane ko rakhane kee koshish karen to nishchit hai ki aap subah jaldee uthoge ek baat aur kahana chaahoonga ki agar aaj meetha nahin hai mujhe pratidin subah uthana hai tab to mobail mein bhee alaarm aa gaya ghadiyon mein bhee alaarm hota hai aasapaas ke logon se kahenge to kaee aise mujhe subah uth jaate hain vah jagah sakate hain aapako is tarah se kuchh din aap koshish karen daada thaink yoo
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