#खेल कूद

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3:00
राष्ट्रीय गेम हॉकी है और भारत का पहले हॉकी के लिए बड़ा उचित स्थान था मेजर ध्यान सिंह जैसे हॉकी के जादूगर किस खेल के खिलाड़ी रहे हैं मेजर ध्यानचंद ने चौकी क्यों बहुत अधिक पोषण दिया था और हॉकी के जादूगर के नाम से जाने जाते हैं यहां तक कि उनके खेल से अधिक प्रभावित था कि उन्होंने काफी पुरुष काफी लालच दिया मेरा ध्यान सिंह को कि वह जर्मनी की ओर से क्रिकेट हॉकी खेले लेकिन मिर्जा देशभक्त थे मेजर ने कभी भी अपने देश को छोड़ना पसंद नहीं किया उस समय वह समय भारत के लिए हॉकी का स्वर्ण काल था लेकिन धीरे-धीरे भारत में हॉकी की स्थिति गिरती चली गई और क्रिकेट का प्रचलन बढ़ गया क्योंकि इसका कारण यह है क्रिकेट का खेल जो है वेस्टर्न कल्चर से संबंध रखता है और वेस्टर्न कल्चर कि भारत में अन्याय ज्यादा बढ़ गए हैं आधुनिकता के पसंद करने वाले लोग अधिक पड़ गए हैं इसलिए हॉकी फट गई और क्रिकेट का गेम चमक गया आज ही स्थिति है क्या यदि मॉडल a16 कहीं पर चले जाइए चाय विद्यालय में देखिए तो अन्य किसी गेम को पहचान नहीं है अपितु चारों ओर बच्चे आपको क्रिकेट खेलते ही नजर आते हैं और कुछ इसमें एम एस धोनी जैसे ही कपिल देव साहब जैसे या गांगुली साहब जैसे क्रिकेटरों ने भी इस क्रिकेट के खेल को अधिक सफल बनाया है बाकी मेरे विचार से आज जो बच्चे सारा सब कुछ छोड़ कर के लोग क्रिकेट में लगे हुए हैं वह देश के लिए हितकारी है ओरिया में पति क्रिकेट की जगह मानते हैं तो सरकारी भी काफी कामकाज ठप हो जाता है और बच्चे भी उन्हें देखने में लगे रहते हैं युवा लोग भी क्रिकेट देखने में लगे रहते हैं परिणाम स्वरूप देश का विकास भी रुकता है देश की उन्नति में रूकती है जब दा उन्नति में प्रधान आता है इसलिए अब इसके गेम को सूचना देकर भारत को हॉकी के गेम को प्रसन्न देना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य क्या भाव कि मैं ना तो इतना पैसा मिलता है जितना क्रिकेटर मिलता है सरकारी प्रोत्साहन भी हो के प्रति एकदम नथिंग का ही है और जनता का भी जुकाम क्रिकेट की ओर है परिणाम स्वरूप हॉकी एकदम ही भारत में पिट चुका है और हकीकत गेम केवल नाम के लिए राष्ट्रीय कम रह गया है बाकी हॉकी एकदम डाउन कंडीशन में है
Raashtreey gem hokee hai aur bhaarat ka pahale hokee ke lie bada uchit sthaan tha mejar dhyaan sinh jaise hokee ke jaadoogar kis khel ke khilaadee rahe hain mejar dhyaanachand ne chaukee kyon bahut adhik poshan diya tha aur hokee ke jaadoogar ke naam se jaane jaate hain yahaan tak ki unake khel se adhik prabhaavit tha ki unhonne kaaphee purush kaaphee laalach diya mera dhyaan sinh ko ki vah jarmanee kee or se kriket hokee khele lekin mirja deshabhakt the mejar ne kabhee bhee apane desh ko chhodana pasand nahin kiya us samay vah samay bhaarat ke lie hokee ka svarn kaal tha lekin dheere-dheere bhaarat mein hokee kee sthiti giratee chalee gaee aur kriket ka prachalan badh gaya kyonki isaka kaaran yah hai kriket ka khel jo hai vestarn kalchar se sambandh rakhata hai aur vestarn kalchar ki bhaarat mein anyaay jyaada badh gae hain aadhunikata ke pasand karane vaale log adhik pad gae hain isalie hokee phat gaee aur kriket ka gem chamak gaya aaj hee sthiti hai kya yadi modal a16 kaheen par chale jaie chaay vidyaalay mein dekhie to any kisee gem ko pahachaan nahin hai apitu chaaron or bachche aapako kriket khelate hee najar aate hain aur kuchh isamen em es dhonee jaise hee kapil dev saahab jaise ya gaangulee saahab jaise kriketaron ne bhee is kriket ke khel ko adhik saphal banaaya hai baakee mere vichaar se aaj jo bachche saara sab kuchh chhod kar ke log kriket mein lage hue hain vah desh ke lie hitakaaree hai oriya mein pati kriket kee jagah maanate hain to sarakaaree bhee kaaphee kaamakaaj thap ho jaata hai aur bachche bhee unhen dekhane mein lage rahate hain yuva log bhee kriket dekhane mein lage rahate hain parinaam svaroop desh ka vikaas bhee rukata hai desh kee unnati mein rookatee hai jab da unnati mein pradhaan aata hai isalie ab isake gem ko soochana dekar bhaarat ko hokee ke gem ko prasann dena chaahie lekin durbhaagy kya bhaav ki main na to itana paisa milata hai jitana kriketar milata hai sarakaaree protsaahan bhee ho ke prati ekadam nathing ka hee hai aur janata ka bhee jukaam kriket kee or hai parinaam svaroop hokee ekadam hee bhaarat mein pit chuka hai aur hakeekat gem keval naam ke lie raashtreey kam rah gaya hai baakee hokee ekadam daun kandeeshan mein hai

#खेल कूद

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क्रिकेट खेल के बारे में बच्चों को क्या बोले नेता लीडर स्पीच?Cricket Khel Ke Bare Me Bacho Ko Kya Bole Neta Ledar Speech
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4:52
मेरे मित्र क्रिकेट की चाय मनोरंजन दिया है वहां देश के इन बच्चों पर गलत असर भी डाला है क्योंकि कई लोग भी हैं क्रिकेट का फायदा तो यह है कि इस एक मनोरंजन होता है और जब हमारे पास खाली समय हो तो हम उस खाली समय में क्रिकेटर दीदी की और जो अच्छे क्रिकेटर ने उन को प्रोत्साहन देने के लिए उनको कॉमेंट साथ दें लेकिन खाली समय में है अब यह नहीं है कि हम ऑल टाइम क्रिकेट टीवी लगा दे लेकिन आज के बच्चों पर इसका बहुत बड़ा साला रहा है नंबर एक आप ही सोचिए पूरे देश में कितने खिलाड़ियों को सिलेक्ट किया जाता है और खिलाड़ी भी आजकल तुम सोचो कि ईमानदारी से अपनी पतवार के बल पर आगे बढ़े यह संभव नहीं है क्योंकि भारत में तो वैसे ही चेकिंग की स्थिति बहुत ज्यादा है जब तक भारत में सेकेंड जेन नहीं है तब तक काम देसी होता तो खेल में आगे बढ़ सकते हैं ना किसी नौकरी आदि में जा सकते हैं ना किसी कार्य में जा भारत में भ्रष्टाचार पेंशन इतनी जर्जर चौक जमा चुका है कि टॉप टू बॉटम आचार की स्थिति बनी हुई है मोनू को दिया पनीर और चीज़ बनी हुई है पूरे देश में केवल 15 खिलाड़ियों को ही पैसा मिलता है रनिंग मिलती है बाकी अदा को किसी को कुछ नहीं है हम इन बच्चों को इस बात को कौन समझाए कि बेटी तुम ना तो तुम्हारे घर वालों पर इतना पैसा है कि तुमको एकेडमी में या इतने खर्चे युक्त तुमको प्रशिक्षण दिला सकें हम भारतीय आज अपने बच्चों को अकैडमी में एडमिशन नहीं दिला सकता है नंबर बाद पहली बार तो एडमिशन सेकंड जैकपोट दूसरी बात कि उनके लिए इतना पैसा भी नहीं किया जा सकता है हर आम भारतीय की पॉकेट से बाहर है कि वह अपने बच्चों को अकैडमी में प्रशिक्षित करवा सके दूसरी बात यह है कि इन बच्चों में आजकल क्रिकेट का शौक है वह सारे गेम छोड़ चुके हैं पुराने भारती गेम जितने भी थे फुटबॉल वॉलीबॉल कबड्डी खो-खो वादी जो विभिन्न गेम थे ऑसम नथिंग हो चुके हैं आज केवल भारत में क्रिकेट बच्चों में पापुलर है और बच्चे यहां तक कि अपनी पढ़ाई या छोड़ के बीच क्रिकेट में संलग्न रहते हैं पहले तुम देख सुनते थे कि परसों साली बच्चे नंबर 95 तक की परसेंटेज बनाए जाते थे लेकिन आज यह एक बच्चे स्कूल भेजे जाते हैं लेकिन वह स्कूल में भी क्रिकेट खेलते हैं या स्कूल नहीं जा कर के भी गेट खेलने में संलग्न रहते हैं उससे उन माता-पिता हूं कि गाढ़ी कमाई करने वालों को बड़ा दुख होता है कि हमारी खून पसीने की पैसे जो है वह बच्चों को पढ़ाने में लगा रहे हैं हम लोग और यह बच्चे पढ़ने में ना बच्चे लेकर कि केवल क्रिकेट में लगे हुए हैं जबकि क्रिकेट में केवल 15 का भाग्य चमकता है कि 15 खिलाड़ी सेलेक्ट होते हैं फालतू ब्रांड बुझ गया तो चल जाता है और टीम में भी मोनू को ले जाती है ऐसा नहीं है क्योंकि इसके लिए एक तो कुछ सेलेक्ट भी करते हैं और कुछ में कैप्टन का भी रोल होता है इनके लिए आपने देखा था कि बहन सिंह धोनी साहब जो विश्व के सबसे टॉप बर्तनों में अकाउंट की जा सकते हैं उन्होंने नई पतवार 1 खिलाड़ियों को अमिता प्रोत्साहन दिया उन्होंने कभी अपनी व्यक्तिगत क्रिकेट नहीं खेली उन्होंने केवल देश के देखेला देश के लिए युग की पॉलिसी रहती थी उन्होंने कभी यह नहीं चाहा था कुछ अन्य खिलाड़ियों की तरह की केवल मेरा व्यक्तिगत स्कोर बनाई मेरे व्यक्तिगत पोस्ट के लिए भारत हारे या जीते लेकिन महेंद्र सिंह धोनी ने हमेशा जीत के लिए खेलने गया इस यही कारण है कि आज भारत में ही नहीं संसार भर में महेंद्र सिंह धोनी को बहुत अधिक चाहते हैं डॉक्टर एवं प्रांत के जाता है भारत के 300 ठिकानों में एमएस धोनी को याद किया जाता है लेकिन दुर्भाग्य कि आज के बच्चों के लिए यह गेम खेलना मैं सोच रहा हूं पढ़ाई छोड़कर की खेलना बहुत ज्यादा हानिकारक है क्योंकि आपके जीवन जीने के लिए कुछ तो अजीब का कुछ तो उसकी आवश्यकता पड़ेगी जबकि आफ ऑल टाइम से दी क्रिकेट में लगा दोगे तो पढ़ाई से वंचित हो जाओगे
Mere mitr kriket kee chaay manoranjan diya hai vahaan desh ke in bachchon par galat asar bhee daala hai kyonki kaee log bhee hain kriket ka phaayada to yah hai ki is ek manoranjan hota hai aur jab hamaare paas khaalee samay ho to ham us khaalee samay mein kriketar deedee kee aur jo achchhe kriketar ne un ko protsaahan dene ke lie unako koment saath den lekin khaalee samay mein hai ab yah nahin hai ki ham ol taim kriket teevee laga de lekin aaj ke bachchon par isaka bahut bada saala raha hai nambar ek aap hee sochie poore desh mein kitane khilaadiyon ko silekt kiya jaata hai aur khilaadee bhee aajakal tum socho ki eemaanadaaree se apanee patavaar ke bal par aage badhe yah sambhav nahin hai kyonki bhaarat mein to vaise hee cheking kee sthiti bahut jyaada hai jab tak bhaarat mein sekend jen nahin hai tab tak kaam desee hota to khel mein aage badh sakate hain na kisee naukaree aadi mein ja sakate hain na kisee kaary mein ja bhaarat mein bhrashtaachaar penshan itanee jarjar chauk jama chuka hai ki top too botam aachaar kee sthiti banee huee hai monoo ko diya paneer aur cheez banee huee hai poore desh mein keval 15 khilaadiyon ko hee paisa milata hai raning milatee hai baakee ada ko kisee ko kuchh nahin hai ham in bachchon ko is baat ko kaun samajhae ki betee tum na to tumhaare ghar vaalon par itana paisa hai ki tumako ekedamee mein ya itane kharche yukt tumako prashikshan dila saken ham bhaarateey aaj apane bachchon ko akaidamee mein edamishan nahin dila sakata hai nambar baad pahalee baar to edamishan sekand jaikapot doosaree baat ki unake lie itana paisa bhee nahin kiya ja sakata hai har aam bhaarateey kee poket se baahar hai ki vah apane bachchon ko akaidamee mein prashikshit karava sake doosaree baat yah hai ki in bachchon mein aajakal kriket ka shauk hai vah saare gem chhod chuke hain puraane bhaaratee gem jitane bhee the phutabol voleebol kabaddee kho-kho vaadee jo vibhinn gem the osam nathing ho chuke hain aaj keval bhaarat mein kriket bachchon mein paapular hai aur bachche yahaan tak ki apanee padhaee ya chhod ke beech kriket mein sanlagn rahate hain pahale tum dekh sunate the ki parason saalee bachche nambar 95 tak kee parasentej banae jaate the lekin aaj yah ek bachche skool bheje jaate hain lekin vah skool mein bhee kriket khelate hain ya skool nahin ja kar ke bhee get khelane mein sanlagn rahate hain usase un maata-pita hoon ki gaadhee kamaee karane vaalon ko bada dukh hota hai ki hamaaree khoon paseene kee paise jo hai vah bachchon ko padhaane mein laga rahe hain ham log aur yah bachche padhane mein na bachche lekar ki keval kriket mein lage hue hain jabaki kriket mein keval 15 ka bhaagy chamakata hai ki 15 khilaadee selekt hote hain phaalatoo braand bujh gaya to chal jaata hai aur teem mein bhee monoo ko le jaatee hai aisa nahin hai kyonki isake lie ek to kuchh selekt bhee karate hain aur kuchh mein kaiptan ka bhee rol hota hai inake lie aapane dekha tha ki bahan sinh dhonee saahab jo vishv ke sabase top bartanon mein akaunt kee ja sakate hain unhonne naee patavaar 1 khilaadiyon ko amita protsaahan diya unhonne kabhee apanee vyaktigat kriket nahin khelee unhonne keval desh ke dekhela desh ke lie yug kee polisee rahatee thee unhonne kabhee yah nahin chaaha tha kuchh any khilaadiyon kee tarah kee keval mera vyaktigat skor banaee mere vyaktigat post ke lie bhaarat haare ya jeete lekin mahendr sinh dhonee ne hamesha jeet ke lie khelane gaya is yahee kaaran hai ki aaj bhaarat mein hee nahin sansaar bhar mein mahendr sinh dhonee ko bahut adhik chaahate hain doktar evan praant ke jaata hai bhaarat ke 300 thikaanon mein emes dhonee ko yaad kiya jaata hai lekin durbhaagy ki aaj ke bachchon ke lie yah gem khelana main soch raha hoon padhaee chhodakar kee khelana bahut jyaada haanikaarak hai kyonki aapake jeevan jeene ke lie kuchh to ajeeb ka kuchh to usakee aavashyakata padegee jabaki aaph ol taim se dee kriket mein laga doge to padhaee se vanchit ho jaoge

#भारत की राजनीति

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3:04
इसमें कोई दो राय नहीं है कि बोलकर ऐप पर उत्तर देने वाले जो लोग हैं उन्हें देश को दुनिया देने में और उनके सब्सक्राइबर आदित्य ने में सब्सक्राइबर कि यद्यपि खुद अपनी पसंद करते हैं इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन इसके जो इस ऐप के निर्माता हैं उन लोगों के द्वारा उत्तर देने वालों में पक्षपात किया जाता है इस बात को महसूस किया जाता है अब यह मोनू पुलिस चाहे तो उसकी मैनेजमेंट टीम के द्वारा मैनेजमेंट वर्कर्स के द्वारा हूं इस बात को यदि वर्कर का है तो निर्माताओं का यह दायित्व बनता है कि वह अपने बरकत पर कंट्रोल करें उनकी ऐसे लोगों को जानते हैं जो लोग मुसलमानों को भी चला करके चलाते हैं या के ऐप को जो एक पाठ पूर्ण व्यवहार के लिए बदनाम होता जा रहा है उस पर अंकुश लगाएं और ऐसी वर्कर को पनिशमेंट हैं जो कि जो इसको नीचे डाउन लाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि पक्षपात पूर्ण भी है आदमी महसूस कर लेता है दरअसल मोनोपोली निर्माताओं की है या मर कर चुकी है यह तो कर्म उन लोगों को ही जान ज्ञात होगा क्योंकि हम लोग तो केवल उत्तर देते हैं बाकी ऐसा महसूस अवश्य किया जाता है और यह भी सत्य है कि बोल कर एक के प्रति इतनी उत्तर देने की इच्छा नहीं होती हैं उसका मेन कारण यह है कि यहां पर ऐसा कुछ नहीं महसूस होता है इस टाइप की तुलना में बुकलेट वाकई उच्च कोटि का है इसमें कोई दो राय नहीं और भारत का सबसे टॉप यदि किसी को कहा जाएगा उत्तर लेने के लिए प्रश्नों का समाधान प्राप्त करने के लिए तो वह कल का कोई मुकाबला नहीं है चाहे इसके लिए आपको कॉल करके न माता बुरा मान जाए तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि मेरा मानना यह है कि मोनोपोली किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए आदमी जो प्यार करता है उसको ईमानदारी के साथ में ही उसका उसकी समीक्षा होनी चाहिए इसलिए अपने मनमाने यह मनचाही थे उत्तर दाताओं को आगे बढ़ाना मैं तो किसी भी हालात उचित नहीं है क्योंकि जिस को भी आगे बढ़ना है उसको अपने दम पर आगे बढ़ने यदि इस प्रकार की निष्पक्षता पूर्ण पॉलिसी अपनाई जाए तो वह कॉल करके चला हितकारी होगा यदि मैंने भी इसको फाइव स्टार दिया है उसको दो राय नहीं क्योंकि बुक्कल में बोलकर में अच्छा वर्क हो रहा है लक्ष्य लोग उत्तर दे रहे हैं ऐसी बात नहीं किस्मत से उतर जाता नहीं है लेकिन मोनोपोली अवश्य महसूस की जा रही है यह बड़ा दुर्भाग्य का विषय है
Isamen koee do raay nahin hai ki bolakar aip par uttar dene vaale jo log hain unhen desh ko duniya dene mein aur unake sabsakraibar aadity ne mein sabsakraibar ki yadyapi khud apanee pasand karate hain isamen koee do raay nahin hai lekin isake jo is aip ke nirmaata hain un logon ke dvaara uttar dene vaalon mein pakshapaat kiya jaata hai is baat ko mahasoos kiya jaata hai ab yah monoo pulis chaahe to usakee mainejament teem ke dvaara mainejament varkars ke dvaara hoon is baat ko yadi varkar ka hai to nirmaataon ka yah daayitv banata hai ki vah apane barakat par kantrol karen unakee aise logon ko jaanate hain jo log musalamaanon ko bhee chala karake chalaate hain ya ke aip ko jo ek paath poorn vyavahaar ke lie badanaam hota ja raha hai us par ankush lagaen aur aisee varkar ko panishament hain jo ki jo isako neeche daun laane ka prayaas kar rahe hain kyonki pakshapaat poorn bhee hai aadamee mahasoos kar leta hai darasal monopolee nirmaataon kee hai ya mar kar chukee hai yah to karm un logon ko hee jaan gyaat hoga kyonki ham log to keval uttar dete hain baakee aisa mahasoos avashy kiya jaata hai aur yah bhee saty hai ki bol kar ek ke prati itanee uttar dene kee ichchha nahin hotee hain usaka men kaaran yah hai ki yahaan par aisa kuchh nahin mahasoos hota hai is taip kee tulana mein bukalet vaakee uchch koti ka hai isamen koee do raay nahin aur bhaarat ka sabase top yadi kisee ko kaha jaega uttar lene ke lie prashnon ka samaadhaan praapt karane ke lie to vah kal ka koee mukaabala nahin hai chaahe isake lie aapako kol karake na maata bura maan jae to mujhe koee phark nahin padata hai kyonki mera maanana yah hai ki monopolee kisee bhee haalat mein nahin honee chaahie aadamee jo pyaar karata hai usako eemaanadaaree ke saath mein hee usaka usakee sameeksha honee chaahie isalie apane manamaane yah manachaahee the uttar daataon ko aage badhaana main to kisee bhee haalaat uchit nahin hai kyonki jis ko bhee aage badhana hai usako apane dam par aage badhane yadi is prakaar kee nishpakshata poorn polisee apanaee jae to vah kol karake chala hitakaaree hoga yadi mainne bhee isako phaiv staar diya hai usako do raay nahin kyonki bukkal mein bolakar mein achchha vark ho raha hai lakshy log uttar de rahe hain aisee baat nahin kismat se utar jaata nahin hai lekin monopolee avashy mahasoos kee ja rahee hai yah bada durbhaagy ka vishay hai

#मनोरंजन

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भारतीय सिनेमा के बारे में कुछ अज्ञात और दिलचस्प तथ्य क्या है?Bhartiya Cinema Ke Bare Mein Kuhh Agyaat Aur Dilchasp Tathya Kya Hai
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2:40
माचिस फिल्म जगत के अज्ञात दिलचस्प तथ्य भेज दे दो तीन प्वाइंटों पर ही चर्चा करना चाहूंगा कि भारत में सभी कलाकारों को पोषण मिलता था तो दे लो मन लगाकर काम करते थे समाज को युवा वर्ग को दिशा निर्देश निर्देश किया करते थे ना दिया करते थे जनकल्याणकारी जनहितकारी देशभक्ति से परिपूर्ण पिक्चरें बनाई जाती थी जिससे कि समाज को दिशा मिल सके समाज की समस्याओं का निराकरण हो सके समाधान हो सके और युवा शक्ति को भी प्रेरणा प्राप्त हो सके युवा शक्ति भी एक सही दिशा की ओर जा सके एक देश शिकारी बन सके एक देश और समाज के कल्याणकारी चमत्कारी कार्य कर सकें ऐसी कार्य से परिपूर्ण पहले पिक्चरें बनाई जाती थी पर नंबर दो पहले फिल्म इंडस्ट्रीज में मोनोपोली नहीं चला करती थी लेकिन आजकल जगत में मोनू पर चलती है कुछ लोगों ने स्प्रिंग जगत में मोनोपोली बना रखी है दादागिरी चला रखी है कि पदमाशाली कलाकारों को जब तक उनके सामने जी हजूरी नहीं करेंगे जब तक उनके दरबार में हाजिरी नहीं देंगे तब तक उनका तो साली कलाकारों को काम नहीं मिलता है और बिना उनके इशारे के बाद पत्ता भी नहीं मिलता है परिणाम स्वरूप आज के जो प्रथम तारीख कलाकार हैं इतने बेरोजगार बना दिए जाते हैं किया तूने गरीबी के कारण बेरोजगारी के कारण सुसाइड करनी होती है अभी अमिता मिश्रा को एक्टिंग छोड़कर की अन्य कोई जॉब करते हैं यह एक क्रम डिस्ट्रिक्ट की बहुत बड़ी समस्याएं उत्पन्न होने लगी है उसी का परिणाम है कि अधिकांश भारतीय लोग अब आज की फिल्मों को देखते नहीं है तुम देखते हो कि अपनों की जो में पहली बात तो टॉकीज ही समाप्त हो गई है होठों की जो थोड़ी बहुत रहेगी हैं तो उनमें केवल 2 लोग जाते हैं जो उस मोनोपोली को चाहते हैं और जो चाहते हैं कि यह मोनोपोली इसी प्रकार चलती रहे
Maachis philm jagat ke agyaat dilachasp tathy bhej de do teen pvainton par hee charcha karana chaahoonga ki bhaarat mein sabhee kalaakaaron ko poshan milata tha to de lo man lagaakar kaam karate the samaaj ko yuva varg ko disha nirdesh nirdesh kiya karate the na diya karate the janakalyaanakaaree janahitakaaree deshabhakti se paripoorn pikcharen banaee jaatee thee jisase ki samaaj ko disha mil sake samaaj kee samasyaon ka niraakaran ho sake samaadhaan ho sake aur yuva shakti ko bhee prerana praapt ho sake yuva shakti bhee ek sahee disha kee or ja sake ek desh shikaaree ban sake ek desh aur samaaj ke kalyaanakaaree chamatkaaree kaary kar saken aisee kaary se paripoorn pahale pikcharen banaee jaatee thee par nambar do pahale philm indastreej mein monopolee nahin chala karatee thee lekin aajakal jagat mein monoo par chalatee hai kuchh logon ne spring jagat mein monopolee bana rakhee hai daadaagiree chala rakhee hai ki padamaashaalee kalaakaaron ko jab tak unake saamane jee hajooree nahin karenge jab tak unake darabaar mein haajiree nahin denge tab tak unaka to saalee kalaakaaron ko kaam nahin milata hai aur bina unake ishaare ke baad patta bhee nahin milata hai parinaam svaroop aaj ke jo pratham taareekh kalaakaar hain itane berojagaar bana die jaate hain kiya toone gareebee ke kaaran berojagaaree ke kaaran susaid karanee hotee hai abhee amita mishra ko ekting chhodakar kee any koee job karate hain yah ek kram distrikt kee bahut badee samasyaen utpann hone lagee hai usee ka parinaam hai ki adhikaansh bhaarateey log ab aaj kee philmon ko dekhate nahin hai tum dekhate ho ki apanon kee jo mein pahalee baat to tokeej hee samaapt ho gaee hai hothon kee jo thodee bahut rahegee hain to unamen keval 2 log jaate hain jo us monopolee ko chaahate hain aur jo chaahate hain ki yah monopolee isee prakaar chalatee rahe

#मनोरंजन

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बॉलीवुड में प्रतिभाशाली अभिनेताओं के पास काम की कमी क्यों है?boleevud mein pratibhaashaalee abhinetaon ke paas kaam kee kamee kyon hai
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2:38
बॉलीवुड में पटवा शादी अभिनेताओं के पास आज काम की कमी यह है कि पहले के समय में और आज के समय में बहुत बड़ा अंतर आ गया है नंबर 1 पैलेस इस समय में जो फिल्म जगत था भारत का उसमें इतनी मोनोपोली नहीं चला करती थी अपनी ताकत पर ध्यान दिया करते थे समाज के लिए देश के लिए देश हित में जनहित में बिक्री में बनाया करते थे जनहितकारी कार्यों को बढ़ाने के लिए प्रेरणा शुरू पिक्चरें बनाया करती थी समाज के लिए एक अच्छा संदेश देने वाली युवा पीढ़ी के लिए उत्थान कारी देश की भक्ति उत्पन्न करने वाली ऐसी पिक्चर बनाया करते थे उस समय में मोनोपोली नहीं और के प्रतिभाशाली कलाकारों को फिल्म जगत वाले प्रश्न या करती थी लेकिन आज के समय में भारतीय फिल्म जगत में मोनोपोली बन चुकी है वे लोग केवल अपने साहित्य कलाकारों को ही आगे बढ़ाते हैं जबकि कई कलाकार आज ऐसी हैं जिनमें की कोई परवाह नहीं है कोई अभी की नहीं है कि बलमु मोनोपोली के कारण चल पा रहे हैं और एक तबका विशेष उनका समर्थन करता है इसलिए उन लोगों की विचारों को भी देखता है जबकि अधिकांश लोग अब समझ चुके हैं कि भारतीय फिल्म जगत में ना तो होगा वैसे अभिनेता रहा बे शाकाहारी होता है इसलिए परिणाम स्वरुप अधिकांश भाग भारत का इन पर दिखता नहीं है यही कारण है कि दक्षिण नेताओं को इस फिल्म जगत की इंडस्ट्री के मोनोपोली करने वाले कुछ लोगों के प्रतिभाशाली अभिनेताओं के पास काम की कमी है या भी मजबूर इतने कर दिए जाते हैं कि बेरोजगारी में मैं सुसाइड करने के लिए मजबूर कर दिया जाता है यह सब बातें आम जनता भी जानती है क्योंकि रोज टीवी देखते हैं रोज मैगजीन में पढ़ते हैं रोज अखबारों में पढ़ते हैं वे सब लोग मोनोपोली के कारण से एकदम नंगी कर दिए थे सब लोग जानते हैं अब यह दीगर बात है उनका नाम लेने से इसलिए रखते हैं क्योंकि उन्हें मालूम है नाम लेना भारत में कितना बड़ा गुनाह
Boleevud mein patava shaadee abhinetaon ke paas aaj kaam kee kamee yah hai ki pahale ke samay mein aur aaj ke samay mein bahut bada antar aa gaya hai nambar 1 pailes is samay mein jo philm jagat tha bhaarat ka usamen itanee monopolee nahin chala karatee thee apanee taakat par dhyaan diya karate the samaaj ke lie desh ke lie desh hit mein janahit mein bikree mein banaaya karate the janahitakaaree kaaryon ko badhaane ke lie prerana shuroo pikcharen banaaya karatee thee samaaj ke lie ek achchha sandesh dene vaalee yuva peedhee ke lie utthaan kaaree desh kee bhakti utpann karane vaalee aisee pikchar banaaya karate the us samay mein monopolee nahin aur ke pratibhaashaalee kalaakaaron ko philm jagat vaale prashn ya karatee thee lekin aaj ke samay mein bhaarateey philm jagat mein monopolee ban chukee hai ve log keval apane saahity kalaakaaron ko hee aage badhaate hain jabaki kaee kalaakaar aaj aisee hain jinamen kee koee paravaah nahin hai koee abhee kee nahin hai ki balamu monopolee ke kaaran chal pa rahe hain aur ek tabaka vishesh unaka samarthan karata hai isalie un logon kee vichaaron ko bhee dekhata hai jabaki adhikaansh log ab samajh chuke hain ki bhaarateey philm jagat mein na to hoga vaise abhineta raha be shaakaahaaree hota hai isalie parinaam svarup adhikaansh bhaag bhaarat ka in par dikhata nahin hai yahee kaaran hai ki dakshin netaon ko is philm jagat kee indastree ke monopolee karane vaale kuchh logon ke pratibhaashaalee abhinetaon ke paas kaam kee kamee hai ya bhee majaboor itane kar die jaate hain ki berojagaaree mein main susaid karane ke lie majaboor kar diya jaata hai yah sab baaten aam janata bhee jaanatee hai kyonki roj teevee dekhate hain roj maigajeen mein padhate hain roj akhabaaron mein padhate hain ve sab log monopolee ke kaaran se ekadam nangee kar die the sab log jaanate hain ab yah deegar baat hai unaka naam lene se isalie rakhate hain kyonki unhen maaloom hai naam lena bhaarat mein kitana bada gunaah

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भारत में होटलों से ज्यादा ढाबे क्यों लोकप्रिय है?bhaarat mein hotalon se jyaada dhaabe kyon lokapriy hai
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2:01
भारत में होटलों से ज्यादा ढाबे इसलिए पूछते हैं उसका कारण है कि भारत में 30% जो तन का है और जनसंख्या का जो पेपर सेंड भाग है पूजा तुम बिल्कुल पक्का है या फिर नंबर का है या मजदूर और का है यह किसान भर का है 20 परसेंट ही संपन्न भागम भाग में फिल्मों के अभिनेता अभिनेत्री भारत के राजनीतिक गीत नेतागण व्यापारी बिजनेसमैन अधिकारी कर्मचारी आधी तो यह 20 परसेंट वर्ग है वह तो आज भी फाइव स्टार होटल कोई पसंद करता है या होटल में जाकर रहता है जबकि आम भारतीय के लिए होटलों में रहना होटल में खाना खाना टाइप की पॉकेट चलाओ नहीं होता है क्योंकि फोटो में तो फिर से मुड़ जाता है पैसा वसूल किया जाता है इसलिए हम भारतीय उन होटलों की खर्चों को बैन नहीं कर पाता है इसलिए उसी का दुष्परिणाम है इन होटलों में केवल 35% अवकाश के पास बहुत सारा पैसा है अनाप-शनाप कमाई है बेईमानी छल कपट झूठ अन्याय धर्म सभी प्रकार के जिन्होंने अर्निंग की है वे लोग इन होटलों को पसंद करते हैं और अच्छी पर्सेंट जो लोग हैं गरीब जो बटन पर है जॉइन टो माउथ हैं जिनकी आर्थिक कंडीशन बहुत डाउन है या अपने बच्चों का ही भरण पोषण कर सकते हैं ऐसे लोग अधिकतर दलों को या छोटे उन प्रश्नों को होटल आदित्य पसंद करते हैं जिनमें कि खर्चा कम लगता है
Bhaarat mein hotalon se jyaada dhaabe isalie poochhate hain usaka kaaran hai ki bhaarat mein 30% jo tan ka hai aur janasankhya ka jo pepar send bhaag hai pooja tum bilkul pakka hai ya phir nambar ka hai ya majadoor aur ka hai yah kisaan bhar ka hai 20 parasent hee sampann bhaagam bhaag mein philmon ke abhineta abhinetree bhaarat ke raajaneetik geet netaagan vyaapaaree bijanesamain adhikaaree karmachaaree aadhee to yah 20 parasent varg hai vah to aaj bhee phaiv staar hotal koee pasand karata hai ya hotal mein jaakar rahata hai jabaki aam bhaarateey ke lie hotalon mein rahana hotal mein khaana khaana taip kee poket chalao nahin hota hai kyonki photo mein to phir se mud jaata hai paisa vasool kiya jaata hai isalie ham bhaarateey un hotalon kee kharchon ko bain nahin kar paata hai isalie usee ka dushparinaam hai in hotalon mein keval 35% avakaash ke paas bahut saara paisa hai anaap-shanaap kamaee hai beeemaanee chhal kapat jhooth anyaay dharm sabhee prakaar ke jinhonne arning kee hai ve log in hotalon ko pasand karate hain aur achchhee parsent jo log hain gareeb jo batan par hai join to mauth hain jinakee aarthik kandeeshan bahut daun hai ya apane bachchon ka hee bharan poshan kar sakate hain aise log adhikatar dalon ko ya chhote un prashnon ko hotal aadity pasand karate hain jinamen ki kharcha kam lagata hai

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बच्चों का नाम रखना एक चुनौती जैसा क्यों प्रतीत होता है?Bacho Ka Naam Rakhna Ek Chunati Jaisa Kyo Pratit Hota Hai
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3:01
प्रणब भारतीयों की मानसिकता जो है वह दोगली की स्कूल की हो गई है पहले हमारे भारतीय पूर्वजन्म चौथे व बच्चों के नाम इसलिए भगवान के नाम पर भेजें जिससे कि वे स्वयं भोजन करें या ना करें लेकिन बच्चों के नाम जब हम बोलते रहेंगे तो उनसे हमारे भगवान का नाम भी स्मरण होता रहेगा और बच्चों का नाम भी अच्छा लगता है जैसे राम कृष्ण गोविंद श्याम सुंदर महेश आदि ऐसे नाम रखा लेकिन आज के जो वर्ग आज के जो भारतीय हैं वह नाम के भारतीय बाकी इनमें अधिकांश में वह वेस्टर्न कल्चर का कॉलिंग करते हैं वेस्टर्न कल्चर जो है वह ईट विद ए ड्रिंक बीमारी वाले स्थान पर आधारित खाओ पियो ऐश करो वह वाली प्रवृत्ति के हैं इसलिए बच्चों का नाम हम डंपी पिंकू पिंकू इस प्रकार के नाम रखते हैं जिन नामों का ना कोई अर्थ होता है ना कोई यह लाभकारी जबकि पहले ही तो पूर्वजों ने जो रखते थे उनका एक उद्देश्य होता था कि भगवान का स्मरण होता रहे भगवान का जाप होता रहे क्योंकि पुराने हिंदू शास्त्रों के अंतर्गत 1000 मील की आती है जिसने अपनी सीधे प्रेरणा से या साधु-संतों की प्रेरणा से अपने पुत्र का नाम उसने नारायण रख दिया था जबकि हकीकत में बुक अजामिल नाम का जो था वह डाकू सा अपराधी था बाकी था कुकर्मी था लेकिन अब जब उसकी मृत्यु आई तो उसने अपने पुत्र को पुकारा जो कि उसे दर्द होने लगे पीड़ा होने लगी तो उसने अपने पुत्र नारायण को आवाज दीप नारायण आओ मेरी रक्षा करो नारायण आओ मेरी रक्षा करो लेकिन उस नारायण कहने से भगवान विष्णु के भक्तों ने आकर के यमदूत ओं को रोक दिया और कहा कि नहीं अब इसकी मृत्यु हो चुकी क्योंकि इसने मरते समय भगवान विष्णु का नाम लिया है नारायण नारायण का जाप किया है इसलिए इसे मुक्ति दी जाएगी तो इस प्रकार की यह कथाएं प्रेरक कथाएं कथाएं हमको प्रेरित करती हैं कि हम उन्हें भारतीय संस्कृति की ओर लौटें और अपने बच्चों के नाम इस सब के नाम पर डाले हैं भगवती गौरी कृष्णा राधा सीता आदि या फिर महेश गणेश दिनेश श्री रमेश कृष्णा राम गोविंद गोपाल आदि विभिन्न ऐसी ईश्वर के नाम पर आधारित नाम
Pranab bhaarateeyon kee maanasikata jo hai vah dogalee kee skool kee ho gaee hai pahale hamaare bhaarateey poorvajanm chauthe va bachchon ke naam isalie bhagavaan ke naam par bhejen jisase ki ve svayan bhojan karen ya na karen lekin bachchon ke naam jab ham bolate rahenge to unase hamaare bhagavaan ka naam bhee smaran hota rahega aur bachchon ka naam bhee achchha lagata hai jaise raam krshn govind shyaam sundar mahesh aadi aise naam rakha lekin aaj ke jo varg aaj ke jo bhaarateey hain vah naam ke bhaarateey baakee inamen adhikaansh mein vah vestarn kalchar ka koling karate hain vestarn kalchar jo hai vah eet vid e drink beemaaree vaale sthaan par aadhaarit khao piyo aish karo vah vaalee pravrtti ke hain isalie bachchon ka naam ham dampee pinkoo pinkoo is prakaar ke naam rakhate hain jin naamon ka na koee arth hota hai na koee yah laabhakaaree jabaki pahale hee to poorvajon ne jo rakhate the unaka ek uddeshy hota tha ki bhagavaan ka smaran hota rahe bhagavaan ka jaap hota rahe kyonki puraane hindoo shaastron ke antargat 1000 meel kee aatee hai jisane apanee seedhe prerana se ya saadhu-santon kee prerana se apane putr ka naam usane naaraayan rakh diya tha jabaki hakeekat mein buk ajaamil naam ka jo tha vah daakoo sa aparaadhee tha baakee tha kukarmee tha lekin ab jab usakee mrtyu aaee to usane apane putr ko pukaara jo ki use dard hone lage peeda hone lagee to usane apane putr naaraayan ko aavaaj deep naaraayan aao meree raksha karo naaraayan aao meree raksha karo lekin us naaraayan kahane se bhagavaan vishnu ke bhakton ne aakar ke yamadoot on ko rok diya aur kaha ki nahin ab isakee mrtyu ho chukee kyonki isane marate samay bhagavaan vishnu ka naam liya hai naaraayan naaraayan ka jaap kiya hai isalie ise mukti dee jaegee to is prakaar kee yah kathaen prerak kathaen kathaen hamako prerit karatee hain ki ham unhen bhaarateey sanskrti kee or lauten aur apane bachchon ke naam is sab ke naam par daale hain bhagavatee gauree krshna raadha seeta aadi ya phir mahesh ganesh dinesh shree ramesh krshna raam govind gopaal aadi vibhinn aisee eeshvar ke naam par aadhaarit naam

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2:28
तरह सोच की सभी भारतीय होते तो आज ही भारत में दहेज सिस्टम इस कदर नहीं चल रहा होता हम बचपन में जब छोटे थे आज से मैं आपको 40 साल पहले की बातें बता रहा हूं 40 से 45 साल पहले की बातें हैं उस जमाने में 20000 25000 दिन माई बाप हुआ करते थे इतना कम पैसा था गरीबी थी महंगाई और कुछ तो मैंने सोचा करते थे इस देश में दहेज प्रथा कम होगी लेकिन मेरे दोस्त आज देखते-देखते मुझे 45 साल के 50 साल के करीब हो चले हैं लेकिन यह दहेज रूपी दानव भारत में भाषाई गया उसका कारण हम भारतीयों का दोगलापन है क्योंकि हम भारतीय लोग दहेज देते कहते हैं कि दहेज कुप्रथा है और बच्चे कि यदि हमारा पोस्टिंग हो जाए दहेज लेते समय हम लोग सब कुछ चुपचाप ले लेते हैं और आज के जमाने में किसी बच्चे की नौकरी लगना उसके बाप की लॉटरी लगना है लोग कितना मांगते हैं लोग कितना देते हैं यह चुपचाप चुपचाप हो जाता है हां मंजू को जरूर नेतागण चिल्लाते हैं दहेज एक कुप्रथा है दहेज देना पाप है लेकिन इन नेताओं की व्यक्तिगत जिंदगी को आप देखेंगे तो आश्चर्य करेंगे कि करोड़ों देते हैं करोड़ों लेते हैं इनमें से बहुत कम आ रही थी आदर्शवादी नेता मिलेंगे जिन्होंने परिचय सम्मेलन में अपने बच्चों की शादी की हो या एक पहचान लिया नहीं होगी एक असत्य नहीं उसका कारण हमारा बस यही एक हम भारतीयों में कथनी करनी में अंतर है हम लोग दोगले साहब के हैं कहते कुछ हैं करते कुछ हम भारतीयों की एक सच्चाई है इसलिए यह दहेज प्रथा हमेशा बढ़ती जा रही है जानू ने कितनी लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करती है
Tarah soch kee sabhee bhaarateey hote to aaj hee bhaarat mein dahej sistam is kadar nahin chal raha hota ham bachapan mein jab chhote the aaj se main aapako 40 saal pahale kee baaten bata raha hoon 40 se 45 saal pahale kee baaten hain us jamaane mein 20000 25000 din maee baap hua karate the itana kam paisa tha gareebee thee mahangaee aur kuchh to mainne socha karate the is desh mein dahej pratha kam hogee lekin mere dost aaj dekhate-dekhate mujhe 45 saal ke 50 saal ke kareeb ho chale hain lekin yah dahej roopee daanav bhaarat mein bhaashaee gaya usaka kaaran ham bhaarateeyon ka dogalaapan hai kyonki ham bhaarateey log dahej dete kahate hain ki dahej kupratha hai aur bachche ki yadi hamaara posting ho jae dahej lete samay ham log sab kuchh chupachaap le lete hain aur aaj ke jamaane mein kisee bachche kee naukaree lagana usake baap kee lotaree lagana hai log kitana maangate hain log kitana dete hain yah chupachaap chupachaap ho jaata hai haan manjoo ko jaroor netaagan chillaate hain dahej ek kupratha hai dahej dena paap hai lekin in netaon kee vyaktigat jindagee ko aap dekhenge to aashchary karenge ki karodon dete hain karodon lete hain inamen se bahut kam aa rahee thee aadarshavaadee neta milenge jinhonne parichay sammelan mein apane bachchon kee shaadee kee ho ya ek pahachaan liya nahin hogee ek asaty nahin usaka kaaran hamaara bas yahee ek ham bhaarateeyon mein kathanee karanee mein antar hai ham log dogale saahab ke hain kahate kuchh hain karate kuchh ham bhaarateeyon kee ek sachchaee hai isalie yah dahej pratha hamesha badhatee ja rahee hai jaanoo ne kitanee ladakiyon kee jindagee barbaad karatee hai

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लोग अचानक से अमिताभ बच्चन से क्यों नाराज हो गए हैं ?log achaanak se amitaabh bachchan se kyon naaraaj ho gae hain
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1:05
अमिताभ बच्चन साहब की दास्तान है और भारतीय पिक्चरों में इनको महानायक ही कहा जाता है क्योंकि नूरी सभी रोड जीवंत रोल किए हैं सब धनवान करौली से किसी गुंडे का रोल क्या किसी गरीब आदमी करोड़ों से किसी सरकारी अधिकारी कर्मचारी आधी जिस जो भी रोने को मिले दोनों को इन्होंने बहुत ही जनता के साथ निभाया है किंतु अमिताभ बच्चन साहब की जो पिक्चर आ रही है उससे लग रहा है कि वह जी बिजनेसमैन की तरह काम कर रहे हैं उनकी राहों में यह नहीं लगता है कि कुछ समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं या युवा पीढ़ी के लिए कोई गायक जाना चाहते हैं या कोई आज तो उनका स्तर पर यह कार्य रह गया कि जो भी पिक्चर से पैसा मिले उस पैसे को लो और उनको से कोई लेना-देना नहीं कि समाज के लिए या युवा शक्ति के लिए इसके गलत संदेश जाएंगे यह आज अमिताभ बच्चन साहब के रोल इतनी इतनी अच्छी तरह से ना तो निभाई जा रहे हैं ना जनता उन्हें पसंद कर पा रही है
Amitaabh bachchan saahab kee daastaan hai aur bhaarateey pikcharon mein inako mahaanaayak hee kaha jaata hai kyonki nooree sabhee rod jeevant rol kie hain sab dhanavaan karaulee se kisee gunde ka rol kya kisee gareeb aadamee karodon se kisee sarakaaree adhikaaree karmachaaree aadhee jis jo bhee rone ko mile donon ko inhonne bahut hee janata ke saath nibhaaya hai kintu amitaabh bachchan saahab kee jo pikchar aa rahee hai usase lag raha hai ki vah jee bijanesamain kee tarah kaam kar rahe hain unakee raahon mein yah nahin lagata hai ki kuchh samaaj ko kya sandesh dena chaahate hain ya yuva peedhee ke lie koee gaayak jaana chaahate hain ya koee aaj to unaka star par yah kaary rah gaya ki jo bhee pikchar se paisa mile us paise ko lo aur unako se koee lena-dena nahin ki samaaj ke lie ya yuva shakti ke lie isake galat sandesh jaenge yah aaj amitaabh bachchan saahab ke rol itanee itanee achchhee tarah se na to nibhaee ja rahe hain na janata unhen pasand kar pa rahee hai

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तुझे देख कर मुझे ऐसा ही लगा वह होता है ना हर एक फिल्म में एक क्या हीरो नहीं विलन?Tujhe Dekh Kar Mujhe Aisa Hee Laga Vah Hota Hai Na Har Ek Philm Mein Ek Kya Heero Nahin Vilan
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3:08
आशिकी 2 पिक्चर इन पिक्चरों में आप हीरो और विलेन में कोई खास अंतर नहीं दे सकते हैं क्योंकि वह भी ब्लैक तो फिर वैसे ही वह होता है क्योंकि उसको बनाते ही रोली उसका असली होता है कि हीरो क्रोम को चमकाने के लिए लेकिन आज के हीरो जो है आज की जो पिक्चर आ रही है उनमें आप देख रहे हैं क्राइम को महिमामंडित किया जा रहा है जो कायम करने वाले लोग हैं उन लोगों को हीरो बना करके उन लोगों को हीरो बना करके जब प्रस्तुत की पिक्चरें बनाई जाती है तो उससे तो क्राइम ही पनपता है पिक्चरें पहले बना करती थीं जिनमें हीरो बातें ही अच्छा काम करते दुबले होते थे वह भी बहुत नाइस हुआ करते थे जैसे पुरानी पिक्चरों में यदि आप कांड के अभिनय को देखें तो कभी देखिएगा आपको उससे अच्छे हीरो वीर कतराते थे कि प्राण के साथ में काम करने से कपड़ा तिथि योग दर्शन प्राण साहब का जो अभिनय था वह अपने आप में बेमिसाल था उनके समान इस त्रुटि दृष्टि में कोई अभी तक नहीं हुआ है यद्यपि अमरीश पुरी में काम प्लेन का अच्छा किया है लेकिन अमरीश पुरी के काम में और प्राण साहब के काम में जमीन आसमान का अंतर था प्राण सामने करैक्टर हीरो का भी काम अच्छा किया है और ग्लेन का कार्य भी अच्छा किया है और रही हीरो के सवाल तो आज के जो हीरो है यह तो या तो एडवरटाइज ओं फेमस पैसा कमाने में रखते हैं विचार या फिर ऐसी पिक्चर बनाने में विश्वास रखती है इनको कर केवल उस करैक्टर को निभाने का पैसा मिलता है इनको इससे कोई लेना-देना नहीं कि जनता में क्या हमारा मैसेज जाता है यह समाज को क्या क्या हम दे पा रहे हैं या हम कुछ अच्छा ऐसा कार्य कर रहे हैं कि नहीं कर रहे हैं इनको तो सिर्फ पैसे से मतलब होता है जबकि पहले जो अभिनेता थे ऐसा कार्य करते थे जो समाज को शिक्षा पद कार्य होता था या समाज के लिए संदेश देते थे या युवा शक्ति के लिए रास्ता दिखाने वाले का कार्य किया करते थे हीरो तेजस्वी मनोज कुमार साहब जैसे आप कह सकते हैं जैसे आप देखे तो आप राजीव कुमार के रोल देखिए धर्मेंद्र साहब के रोल देखिए जितेन जी के रोल देखिए सभी रोल अपने आप में बेमिसाल थे राज कपूर साहब ने कितना अच्छा अब नहीं किया है वह भी यादगार पिक्चर में बना कर गए हैं और आज के युग में जहां तक कह सकते हो तो मैं सोता हूं शायद आज की हीरो में आपकी बल सनी देओल और अक्षय कुमार कोई मैं विशेष लेख अंकित करना चाहूंगा क्योंकि इन्होंने ही राष्ट्रभक्ति संबंधित पिक्चरें दी हैं और समाज के लिए एक संदेश देने वाली पिक्चरें बनाई है अच्छी पिक्चरें बनाई है मेरा मानना यह है कि फिल्म बॉस की होती है जो समाज के लिए एक अच्छा जैसा अपने देश करें या समाज की बुराइयों को का समाधान बताएं या युवा पीढ़ी के लिए गाइड का काम कर सके उन पिक्चरों कोई मैच की मानता हूं और देशभक्ति की पिक्चरें अवश्य करनी चाहिए देशभक्ति की समाज को और देश को एक संदेश दे सकती हैं देशभक्ति का जज्बा जगह सकती हैं
Aashikee 2 pikchar in pikcharon mein aap heero aur vilen mein koee khaas antar nahin de sakate hain kyonki vah bhee blaik to phir vaise hee vah hota hai kyonki usako banaate hee rolee usaka asalee hota hai ki heero krom ko chamakaane ke lie lekin aaj ke heero jo hai aaj kee jo pikchar aa rahee hai unamen aap dekh rahe hain kraim ko mahimaamandit kiya ja raha hai jo kaayam karane vaale log hain un logon ko heero bana karake un logon ko heero bana karake jab prastut kee pikcharen banaee jaatee hai to usase to kraim hee panapata hai pikcharen pahale bana karatee theen jinamen heero baaten hee achchha kaam karate dubale hote the vah bhee bahut nais hua karate the jaise puraanee pikcharon mein yadi aap kaand ke abhinay ko dekhen to kabhee dekhiega aapako usase achchhe heero veer kataraate the ki praan ke saath mein kaam karane se kapada tithi yog darshan praan saahab ka jo abhinay tha vah apane aap mein bemisaal tha unake samaan is truti drshti mein koee abhee tak nahin hua hai yadyapi amareesh puree mein kaam plen ka achchha kiya hai lekin amareesh puree ke kaam mein aur praan saahab ke kaam mein jameen aasamaan ka antar tha praan saamane karaiktar heero ka bhee kaam achchha kiya hai aur glen ka kaary bhee achchha kiya hai aur rahee heero ke savaal to aaj ke jo heero hai yah to ya to edavarataij on phemas paisa kamaane mein rakhate hain vichaar ya phir aisee pikchar banaane mein vishvaas rakhatee hai inako kar keval us karaiktar ko nibhaane ka paisa milata hai inako isase koee lena-dena nahin ki janata mein kya hamaara maisej jaata hai yah samaaj ko kya kya ham de pa rahe hain ya ham kuchh achchha aisa kaary kar rahe hain ki nahin kar rahe hain inako to sirph paise se matalab hota hai jabaki pahale jo abhineta the aisa kaary karate the jo samaaj ko shiksha pad kaary hota tha ya samaaj ke lie sandesh dete the ya yuva shakti ke lie raasta dikhaane vaale ka kaary kiya karate the heero tejasvee manoj kumaar saahab jaise aap kah sakate hain jaise aap dekhe to aap raajeev kumaar ke rol dekhie dharmendr saahab ke rol dekhie jiten jee ke rol dekhie sabhee rol apane aap mein bemisaal the raaj kapoor saahab ne kitana achchha ab nahin kiya hai vah bhee yaadagaar pikchar mein bana kar gae hain aur aaj ke yug mein jahaan tak kah sakate ho to main sota hoon shaayad aaj kee heero mein aapakee bal sanee deol aur akshay kumaar koee main vishesh lekh ankit karana chaahoonga kyonki inhonne hee raashtrabhakti sambandhit pikcharen dee hain aur samaaj ke lie ek sandesh dene vaalee pikcharen banaee hai achchhee pikcharen banaee hai mera maanana yah hai ki philm bos kee hotee hai jo samaaj ke lie ek achchha jaisa apane desh karen ya samaaj kee buraiyon ko ka samaadhaan bataen ya yuva peedhee ke lie gaid ka kaam kar sake un pikcharon koee maich kee maanata hoon aur deshabhakti kee pikcharen avashy karanee chaahie deshabhakti kee samaaj ko aur desh ko ek sandesh de sakatee hain deshabhakti ka jajba jagah sakatee hain

#खेल कूद

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क्या हमारे बच्चे उन खेलों को नहीं खेल पाएंगे जो हम सभी बचपन में खेलते थे?Kya Hamare Bache Un Khelon Ko Nahi Khel Paenge Jo Hum Sabne Bachpan Mei Khelte The
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1:10
आज के बच्चे उन खेलों के बारे में जानती ही नहीं नंबर 1 उन तीनों का प्रचलन भी बंद हो गया है अब लोग बच्चे उन्हें पसंद भी नहीं करते हैं जैसे खो खो का गम है कबड्डी है गिल्ली डंडा है गोलियों का खेल था ऐसे खेल वॉलीबॉल है फिर कौन है इनका परचून एकदम ही कम होता जा रहा है आज के बच्चे या तो क्रिकेट खेलते हैं या फिर कंप्यूटर पर गेम शादी थी फायर आदि गेम वीडियो पब्जी बगैरा गेम चाहिए इन कैंपों को कितना पसंद करते हैं उन्हें विशेष तौर से कंप्यूटर की गेम ज्यादा पसंद आते हैं अब वह बचपन का हमारा समय तो यहां वापस नहीं आ सकता है और आज बच्चों के उनके बारे में बातें करते तो बच्चे कहते हैं कि कैसे चले जाते थे घटा समंदर है वह सब अकेले ऐसे थे जो बचपन में हम खेला करते थे आंख मिचौली का खेल विश्व खेल एकदम अब ना तो बच्चों के पास उन्हें सीखने का टाइम है ना कोई उनको सिखाने वाला है वह प्रचलन में भी नहीं है
Aaj ke bachche un khelon ke baare mein jaanatee hee nahin nambar 1 un teenon ka prachalan bhee band ho gaya hai ab log bachche unhen pasand bhee nahin karate hain jaise kho kho ka gam hai kabaddee hai gillee danda hai goliyon ka khel tha aise khel voleebol hai phir kaun hai inaka parachoon ekadam hee kam hota ja raha hai aaj ke bachche ya to kriket khelate hain ya phir kampyootar par gem shaadee thee phaayar aadi gem veediyo pabjee bagaira gem chaahie in kaimpon ko kitana pasand karate hain unhen vishesh taur se kampyootar kee gem jyaada pasand aate hain ab vah bachapan ka hamaara samay to yahaan vaapas nahin aa sakata hai aur aaj bachchon ke unake baare mein baaten karate to bachche kahate hain ki kaise chale jaate the ghata samandar hai vah sab akele aise the jo bachapan mein ham khela karate the aankh michaulee ka khel vishv khel ekadam ab na to bachchon ke paas unhen seekhane ka taim hai na koee unako sikhaane vaala hai vah prachalan mein bhee nahin hai

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1:10
पश्चिम भारत का स्वर्णिम कुछ लिखा जाता है कि पुस्तक में हमारा व्यापार देश विदेशो तक दूर दूर तक था यहां की स्थापत्य कला संगीत कला और चित्रकला पश्चात थी यहां पर व्यापार अच्छा होता था या पंडितितता इस कदर थी कि गुप्त काल में अपने घरों में लोग ताला नहीं लगाती थी और धन वैभव संबंधी भरपूर थी लोगों में अमन चैन था शांति थी प्रशासन का इतना खौफ रहता था कि लोग बुरे कर्म करने से डरते अन्याया धर्म बीमारी का एकदम अभाव था इसलिए गुप्त गुप्त काल को प्राचीन भारत का स्वर्ण काल कहा जाता है विशेष तौर से समुद्रगुप्त के शासनकाल को और चंद्र गुप्ता समकाल को बेहद ही अच्छा अनुपम और आदर्श मानकर के स्वर्ण काल माना जाता है
Pashchim bhaarat ka svarnim kuchh likha jaata hai ki pustak mein hamaara vyaapaar desh videsho tak door door tak tha yahaan kee sthaapaty kala sangeet kala aur chitrakala pashchaat thee yahaan par vyaapaar achchha hota tha ya pandititata is kadar thee ki gupt kaal mein apane gharon mein log taala nahin lagaatee thee aur dhan vaibhav sambandhee bharapoor thee logon mein aman chain tha shaanti thee prashaasan ka itana khauph rahata tha ki log bure karm karane se darate anyaaya dharm beemaaree ka ekadam abhaav tha isalie gupt gupt kaal ko praacheen bhaarat ka svarn kaal kaha jaata hai vishesh taur se samudragupt ke shaasanakaal ko aur chandr gupta samakaal ko behad hee achchha anupam aur aadarsh maanakar ke svarn kaal maana jaata hai

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1:11
बच्चों को अच्छी प्रवेश देने के लिए पेरेंट्स को बच्चों के साथ में दोनों तीनों बीएफ करने वाले बच्चों की तरफ भी उनके साथ घूम मिलेंगे नहीं जब तक उनकी आप समझ नहीं समझ सकते अपने आप को समझते हैं बताएंगे इसलिए बच्चों की तरह से नहीं मिले नंबर है नंबर तो गलत रास्ते पर जा रहे हो पूनम गाइड भी करें एक अच्छे मित्र की तरह उनको गाइड भी कर सकते हैं करना चाहिए क्योंकि यह भी उचित है और नंबर 3 यह भी ध्यान रखें कि आप उनके गांव इसलिए उतनी मर्यादा हीन भी ना बने कि जिससे कि वह कभी पिक्चर में आपके लिए दिए ब्लेस हो जाएं या भावना सोनी बन जाए इसलिए बहुत सोच समझ कर के ही उनकी परवरिश करनी चाहिए जो माता-पिता दोनों मिलकर के लिए चुप रह सकते हैं बच्चों को प्रेम बताओ होता है क्योंकि बचपन में उनको प्रेम की आवश्यकता है लेकिन गलत रास्तों से बचाने के लिए भी वह हमारी जिम्मेदारी है क्योंकि हम पैरेंट्स उनके
Bachchon ko achchhee pravesh dene ke lie perents ko bachchon ke saath mein donon teenon beeeph karane vaale bachchon kee taraph bhee unake saath ghoom milenge nahin jab tak unakee aap samajh nahin samajh sakate apane aap ko samajhate hain bataenge isalie bachchon kee tarah se nahin mile nambar hai nambar to galat raaste par ja rahe ho poonam gaid bhee karen ek achchhe mitr kee tarah unako gaid bhee kar sakate hain karana chaahie kyonki yah bhee uchit hai aur nambar 3 yah bhee dhyaan rakhen ki aap unake gaanv isalie utanee maryaada heen bhee na bane ki jisase ki vah kabhee pikchar mein aapake lie die bles ho jaen ya bhaavana sonee ban jae isalie bahut soch samajh kar ke hee unakee paravarish karanee chaahie jo maata-pita donon milakar ke lie chup rah sakate hain bachchon ko prem batao hota hai kyonki bachapan mein unako prem kee aavashyakata hai lekin galat raaston se bachaane ke lie bhee vah hamaaree jimmedaaree hai kyonki ham pairents unake

#रिश्ते और संबंध

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किसी से बात करते वक्त अगर हिचकिचाहट या घबराहट महसूस हो तो क्या करें?Kisi Se Bat Karte Vaqt Agar Hichkichahat Ya Ghabrahat Mehsus Ho Toh Kya Kare
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1:34
का मेन कारण की है कि यह स्टेशन तब आता है कि आप तो आपको अभी की गवाह है या फिर आप उस सब्जेक्ट को समझ नहीं पा रहे हैं या अपने अधिक अध्ययन नहीं किया है या फिर आपके पास अच्छी संगति नहीं रही है परिणाम स्वरूप आपके मन में यह लगता है कि मैं जो बोलूंगा वह मैं गलत बोल जाऊंगा और यह लोग हंसते हैं उसके कारण से आप महल स्टेशन आती है या घबराहट महसूस होती है टाइप साइक्लोजिकल रुप से उसको यह कहना चाहिए कि आप कौन सी थे और अपने आपको अपनी भावनाओं को दवाई हुए हैं और ऐसे लोग एकांत प्रवृत्ति के होते हैं या अंतर्मुखी लोग होते हैं वे अपनी उस जब को छुपाने के लिए या तो अकेले में बैठ सकते हैं या कुछ लोगों एक आद दो जो लोग होते हैं उनके समर्थक उनके साथ बात कर सकते हैं बाकी अदब के साथ में भी खुलकर जो अपने विचारों को व्यक्त नहीं कर पाते हैं उसका कारण साइकोलॉजी का जो मैच्योरिटी है उसका वह है अच्छी संगत का वाद है अच्छे विचारों का वार है जो उन्हें अच्छी संगति करके अध्ययन करके अच्छे विचार के लोगों के साथ वार्तालाप आदि करके स्टेशन को समाप्त करना चाहिए क्योंकि यह आज के जमाने में जो पता होता है जो बोलता होता है उसी के बेर बिकते हैं
Ka men kaaran kee hai ki yah steshan tab aata hai ki aap to aapako abhee kee gavaah hai ya phir aap us sabjekt ko samajh nahin pa rahe hain ya apane adhik adhyayan nahin kiya hai ya phir aapake paas achchhee sangati nahin rahee hai parinaam svaroop aapake man mein yah lagata hai ki main jo boloonga vah main galat bol jaoonga aur yah log hansate hain usake kaaran se aap mahal steshan aatee hai ya ghabaraahat mahasoos hotee hai taip saiklojikal rup se usako yah kahana chaahie ki aap kaun see the aur apane aapako apanee bhaavanaon ko davaee hue hain aur aise log ekaant pravrtti ke hote hain ya antarmukhee log hote hain ve apanee us jab ko chhupaane ke lie ya to akele mein baith sakate hain ya kuchh logon ek aad do jo log hote hain unake samarthak unake saath baat kar sakate hain baakee adab ke saath mein bhee khulakar jo apane vichaaron ko vyakt nahin kar paate hain usaka kaaran saikolojee ka jo maichyoritee hai usaka vah hai achchhee sangat ka vaad hai achchhe vichaaron ka vaar hai jo unhen achchhee sangati karake adhyayan karake achchhe vichaar ke logon ke saath vaartaalaap aadi karake steshan ko samaapt karana chaahie kyonki yah aaj ke jamaane mein jo pata hota hai jo bolata hota hai usee ke ber bikate hain

#रिश्ते और संबंध

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आपको तो अच्छे भारत में क्या पसंद नहीं है?Aapko To Ache Bharat Mein Kya Pasand Nahi Hai
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1:22
भारत में जो हमारी भारतीय संस्कृति को जो छोड़कर जा रहे हैं यह सबसे ज्यादा पसंद है क्योंकि आप देख रहे हैं कि हम भारतीय लोग जो सादा जीवन उच्च विचार के सिद्धांत वाले थे जो आदर्शवादी थे तो नैतिकता से परिपूर्ण थे जिनका चरित्र बहुत मानता कि उच्च कोटि पर रहा है जहां के पक्षियों का तपस्या पाचन तंत्र छात्रा है उस भारतीय संस्कृति को आज भारतीय लोग भूलते जा रहे हैं नाम मात्र के भारतीय रह गए हैं उनका पहनावा फैशन हो गया है खान-पान वेस्टर्न हो गया है 95 टन हो गए हैं लैंग्वेज भी तो जहां तक इंग्लिश का ही प्रयोग करते हैं इसलिए वह भी आप यह कह सकते हो कि हमारे पास भारतीय रह गया है बाकी हम सब कुछ भूल चुके हैं वेस्टर्न कल्चर के रंग में रंग करके अपने भारतीय रंग को भूल चुके हैं भारतीय पहनावा गया पाठ के खानपान गया भारतीय विचार गए भारत के तौर तरीके चले गए यहां तक कि आजकल अब छोटे-छोटे बच्चों को भी बचपन से ही इंग्लिश पोयम हटाने में तोता तोता गठन कराने में अपनी शान समझते हैं इसकी हालत है यह आज हमारे पास केवल भारतीय नाम रह गया है बाकी सब भारतीय हैं नहीं
Bhaarat mein jo hamaaree bhaarateey sanskrti ko jo chhodakar ja rahe hain yah sabase jyaada pasand hai kyonki aap dekh rahe hain ki ham bhaarateey log jo saada jeevan uchch vichaar ke siddhaant vaale the jo aadarshavaadee the to naitikata se paripoorn the jinaka charitr bahut maanata ki uchch koti par raha hai jahaan ke pakshiyon ka tapasya paachan tantr chhaatra hai us bhaarateey sanskrti ko aaj bhaarateey log bhoolate ja rahe hain naam maatr ke bhaarateey rah gae hain unaka pahanaava phaishan ho gaya hai khaan-paan vestarn ho gaya hai 95 tan ho gae hain laingvej bhee to jahaan tak inglish ka hee prayog karate hain isalie vah bhee aap yah kah sakate ho ki hamaare paas bhaarateey rah gaya hai baakee ham sab kuchh bhool chuke hain vestarn kalchar ke rang mein rang karake apane bhaarateey rang ko bhool chuke hain bhaarateey pahanaava gaya paath ke khaanapaan gaya bhaarateey vichaar gae bhaarat ke taur tareeke chale gae yahaan tak ki aajakal ab chhote-chhote bachchon ko bhee bachapan se hee inglish poyam hataane mein tota tota gathan karaane mein apanee shaan samajhate hain isakee haalat hai yah aaj hamaare paas keval bhaarateey naam rah gaya hai baakee sab bhaarateey hain nahin

#रिश्ते और संबंध

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अगर शादी होने के बावजूद भी बॉयफ्रेंड की साथ ना छोड़े तो क्या करना चाहिए?Agar Shadi Hone Ke Bavjud Bhe Boyfriend Ki Sath Na Chode To Kya Karna Chaiye
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1:13
आद्रता का कारण है इन फिल्मों ने इन भारती गंदी फिल्मों ने आज भारतीयों की हालत खराब कर दी है क्योंकि भारतीय युवा शक्ति अब गलत रास्तों की ओर जा रही है वरना यह सब बातें आपने जो लिखते हैं और शादी के बाद अलाउड नहीं है लेकिन क्योंकि भारतीय संस्कृति एकदम छिन्न-भिन्न हो गई है आपने तो छा गई है चारों और वेस्टर्न कल्चर का प्रभाव अधिक नजर आ रहा है लड़के लड़कियां बिल्कुल एकदम कंट्रोल आउट स्थिति में नजर आते हैं उसका मेन कारण बस यही है कि आज वेस्टर्न कल्चर ने इंसान को जो आदर्शवादी भारतीय संस्कृति थी उसके विचारों को बुलाकर की बहू वादी बना दिया है और मेरे विचार से शायद मेरे विचार से टाइप स्थिति की जिनकी मेरी जो चारबाग सिद्धांत है वेस्टर्न कल्चर का मुख्य सिद्धांत है आज के लड़के लड़की और युवा शक्ति पर ज्यादा हावी होता जा रहा है परिणाम स्वरूप नैतिकता चलता हूं बहुत सबसे ज्यादा बढ़ती जा रही है
Aadrata ka kaaran hai in philmon ne in bhaaratee gandee philmon ne aaj bhaarateeyon kee haalat kharaab kar dee hai kyonki bhaarateey yuva shakti ab galat raaston kee or ja rahee hai varana yah sab baaten aapane jo likhate hain aur shaadee ke baad alaud nahin hai lekin kyonki bhaarateey sanskrti ekadam chhinn-bhinn ho gaee hai aapane to chha gaee hai chaaron aur vestarn kalchar ka prabhaav adhik najar aa raha hai ladake ladakiyaan bilkul ekadam kantrol aaut sthiti mein najar aate hain usaka men kaaran bas yahee hai ki aaj vestarn kalchar ne insaan ko jo aadarshavaadee bhaarateey sanskrti thee usake vichaaron ko bulaakar kee bahoo vaadee bana diya hai aur mere vichaar se shaayad mere vichaar se taip sthiti kee jinakee meree jo chaarabaag siddhaant hai vestarn kalchar ka mukhy siddhaant hai aaj ke ladake ladakee aur yuva shakti par jyaada haavee hota ja raha hai parinaam svaroop naitikata chalata hoon bahut sabase jyaada badhatee ja rahee hai

#रिश्ते और संबंध

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क्या उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर स्त्री और पुरुष की चाहत बदलती रहती है?Kya Umr Ke Alag-alag Padaav Par Stree Aur Purush Kee Chaahat Badalatee Rahatee Hai
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0:55
हर उम्र के पड़ाव पर आदमी की और टाइम बदल सकते हैं विचार बदलते रहते हैं बच्चियां भी बदलती हैं जैसे बालक जबकि चोर होता है किशोर अवस्था में होता है तो उस दिन खेल की ओर इच्छाएं होती है वह खेल में संलग्न रहता है जो अवस्था में हो काम धाम में सलूंबर से आता है वह अन्य संसार की भावनाओं में संलग्न हो जाता है किंतु जैसे ही उसे बड़ा पाता है या उत्तर अवस्था में लगती है उसकी भावनाएं ईश्वर की ओर बढ़ने लगती हैं समाज सुधार की ओर बढ़ने लगते हैं या परोपकार की ओर मोड़ने लगती है कि स्वाभाविक है उम्र के अनुसार आदमी के विचार भी चेंज होते रहते हैं और उम्र के अनुसार इस संबंध में चोटी पर आने लगती है
Har umr ke padaav par aadamee kee aur taim badal sakate hain vichaar badalate rahate hain bachchiyaan bhee badalatee hain jaise baalak jabaki chor hota hai kishor avastha mein hota hai to us din khel kee or ichchhaen hotee hai vah khel mein sanlagn rahata hai jo avastha mein ho kaam dhaam mein saloombar se aata hai vah any sansaar kee bhaavanaon mein sanlagn ho jaata hai kintu jaise hee use bada paata hai ya uttar avastha mein lagatee hai usakee bhaavanaen eeshvar kee or badhane lagatee hain samaaj sudhaar kee or badhane lagate hain ya paropakaar kee or modane lagatee hai ki svaabhaavik hai umr ke anusaar aadamee ke vichaar bhee chenj hote rahate hain aur umr ke anusaar is sambandh mein chotee par aane lagatee hai

#रिश्ते और संबंध

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हम कैसे पहचान सकते हैं कि किसी चीज के लालच में दोस्तों के साथ दोस्ती कर रहा है या नहीं?Hum Kaise Pehchan Sakte Hain Ki Kisi Cheej Ke Laalach Mein Doston Ke Saath Dosti Kar Raha Hai Ya Nahi
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0:54
नहीं पहचाना तो साइकोलॉजी कहलाती है दो लालची व्यक्ति होता है स्वार्थी व्यक्ति होता है उसकी स्वार्थी खुदगर्ज ओपन साइकोलॉजी से तुरंत पकड़ा जाता है यह व्यक्ति तुलसी किस बात के कारण दोस्ती किए हुए हैं या क्या इसकी मानसिक विचार हैं और उसी को पकड़ना उसी के अनुसार ही उससे बीएफ करना ही व्यवहार कहलाता है यही संसार का नियम है इसलिए कि 20 तारीख को होना आवश्यक है क्योंकि कार्य करती है जो लोग होते हैं अचानक तुरंत पकड़ में आ जानी चाहिए यही तुम्हारी अमरीकी है यही तुम्हारी क्वालिफिकेशन है यही तुम्हारी छत पर आई है संसार के व्यवहार को जानो समझो परखो और उसके पास उस पर विश्वास करो
Nahin pahachaana to saikolojee kahalaatee hai do laalachee vyakti hota hai svaarthee vyakti hota hai usakee svaarthee khudagarj opan saikolojee se turant pakada jaata hai yah vyakti tulasee kis baat ke kaaran dostee kie hue hain ya kya isakee maanasik vichaar hain aur usee ko pakadana usee ke anusaar hee usase beeeph karana hee vyavahaar kahalaata hai yahee sansaar ka niyam hai isalie ki 20 taareekh ko hona aavashyak hai kyonki kaary karatee hai jo log hote hain achaanak turant pakad mein aa jaanee chaahie yahee tumhaaree amareekee hai yahee tumhaaree kvaaliphikeshan hai yahee tumhaaree chhat par aaee hai sansaar ke vyavahaar ko jaano samajho parakho aur usake paas us par vishvaas karo

#रिश्ते और संबंध

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जब कोई आपकी परेशानियों को सुनना और समझना नहीं चाहता है तो आपको कैसा लगता है?Jab Koi Aapki Pareshaniyo Ko Sunna Or Samajhna Nahi Chahta Hai To Aapko Kaisa Lagta Hai
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1:27
यह बात ध्यान रखो जिंदगी में यह संसार बड़ा अजीब है हर व्यक्ति तुम्हारा पता नहीं है और हर व्यक्ति पराया नहीं पर जब तक तुम को यह विश्वास नहीं हो जाए कि यह व्यक्ति बजे सहायता कर सकता है तब तक किसी को भी अपनी परेशानी है अपनी समस्याएं नहीं बताना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति संसार मतवाली समस्याओं को सॉल्व करने के लिए सहायता नहीं देना अभी तू ही संसार का नियम है कि रो रो करके पूछना और हंस-हंसकर को उड़ाना वह तुम्हारा उपवास और आएंगे तुम्हारी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं हटा नहीं सकते वह तो कोई तुम्हारे जैसी मित्र होगा जो तुम्हारा बहुत ही करीब होगा वही नहीं चाहेगा कि तुम समस्याओं से घिरे रहो वह तुम्हारी कम पटना यूको सोनू पंडित के लिए सोचेगा इसलिए हर किसी को अपनी समस्याएं मत बताइए और रहीम दास जी ने तो बहुत पहले भी कहा है रहिमन अथवा नए मॉडल्स दुख प्रकट करें और जाहि निकालो के हिस्से का समावेश कह दे इसलिए हर किसी को अपने मन की बात कभी मत बताइए ना अपनी समस्याएं बताइए क्योंकि इस संसार के लोग बहुत अच्छी है जिससे अपनी अपना करीबी हो जो तुम्हारा हितेषी हो जो तुम्हारा परिजन हो कि केवल वही तुम्हारी समस्याओं को सुनेगा और उन को सॉल्व करने में तुम्हारी मदद करेगा
Yah baat dhyaan rakho jindagee mein yah sansaar bada ajeeb hai har vyakti tumhaara pata nahin hai aur har vyakti paraaya nahin par jab tak tum ko yah vishvaas nahin ho jae ki yah vyakti baje sahaayata kar sakata hai tab tak kisee ko bhee apanee pareshaanee hai apanee samasyaen nahin bataana chaahie kyonki har vyakti sansaar matavaalee samasyaon ko solv karane ke lie sahaayata nahin dena abhee too hee sansaar ka niyam hai ki ro ro karake poochhana aur hans-hansakar ko udaana vah tumhaara upavaas aur aaenge tumhaaree samasyaon ko badha sakate hain hata nahin sakate vah to koee tumhaare jaisee mitr hoga jo tumhaara bahut hee kareeb hoga vahee nahin chaahega ki tum samasyaon se ghire raho vah tumhaaree kam patana yooko sonoo pandit ke lie sochega isalie har kisee ko apanee samasyaen mat bataie aur raheem daas jee ne to bahut pahale bhee kaha hai rahiman athava nae modals dukh prakat karen aur jaahi nikaalo ke hisse ka samaavesh kah de isalie har kisee ko apane man kee baat kabhee mat bataie na apanee samasyaen bataie kyonki is sansaar ke log bahut achchhee hai jisase apanee apana kareebee ho jo tumhaara hiteshee ho jo tumhaara parijan ho ki keval vahee tumhaaree samasyaon ko sunega aur un ko solv karane mein tumhaaree madad karega

#मनोरंजन

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राहु और केतु की उत्पत्ति कैसे हुई थी वह अमर कैसे बने?Rahu Aur Ketu Ki Utpatti Kaise Hui Thi Wah Amar Kaise Bane
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2:59
शिवसागर का मंचन किया देवता और राक्षस ने भी करके तो इसमें से 14 रत्न निकले थे उनमें से तेरे रत्नों को तो सभी देवताओं ने ले लिया जिससे कि लक्ष्मी जी को भगवान विष्णु ले गई कौस्तुभ मणि को भी भगवान विष्णु ने ले लिया एरावत हाथी को और चंदन नाम के घोड़े को भी इंद्र ले गए इस प्रकार के विभिन्न रत्नों को इन देवताओं ने बांट लिया अंत में 14 बार निकला निकला अमृत के कलश को देखकर के देवता और राक्षसों में झगड़ा होने लगा देवता बोले कि हम पिएंगे और राष्ट्र बनेगा पिएंगे वहां भगवान विष्णु ने 114 कि भगवान विष्णु नहीं चाहते थे कि राक्षस तुझे पीकर के अमर हो जाएं और अपने को कृत्य को अंजाम दें इस सारी पृथ्वी पर विनाश उत्पन्न कर दें इसलिए भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया और मोरनी का रूप धारण करके अमृत कलश अपने पास ले लिया और देवता और राक्षस ने कहा कि दोनों बैठ जाएं और बारी-बारी से मैं दोनों को समानता के साथ इस अमृत को पहन कर आऊंगी तो क्या हुआ कि देवताओं के खेमे में एक राहुल नाम का राक्षस जो था वह देवताओं का रूप बनाकर के चंद्रमा और सूर्य के पास जाकर कीपैड गया क्योंकि भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में सबसे पहले जो अमृत को पिलाया वह देवताओं से प्रारंभ किया सुदीप्तो कुछ पिलाते पिलाते बहुत चंद्रमा और सूर्य के पास आए तो राहुल को भी उन्होंने देवता समझकर के पिला दिया क्योंकि वह राहुल को कम ना सके यह देवताओं के रूप में राक्षस है अब जब अमृत पीकर के वह भूत उतर अमृत का जो ग्रुप था वो अंदर उतर गया तब चंद्रमा और सूर्य ने भगवान विष्णु को कहा कि यह क्या किया स्वामी भगवान आपने यह तो राहुल नाम का राक्षस है जो देवता का रूप बनाकर के हमारे खेलने में आ बैठा है उसके गले को काट दिया तो गले का जो वहां राहु के लाता है और जो धड़का भाग है वह केतु के लाता है और उस अमृत पीने के कारण से वे दोनों की भाग अमर हो गई और आज भी उनकी गणना नौ ग्रहों में की जाती है नवग्रहों में की जाती है
Shivasaagar ka manchan kiya devata aur raakshas ne bhee karake to isamen se 14 ratn nikale the unamen se tere ratnon ko to sabhee devataon ne le liya jisase ki lakshmee jee ko bhagavaan vishnu le gaee kaustubh mani ko bhee bhagavaan vishnu ne le liya eraavat haathee ko aur chandan naam ke ghode ko bhee indr le gae is prakaar ke vibhinn ratnon ko in devataon ne baant liya ant mein 14 baar nikala nikala amrt ke kalash ko dekhakar ke devata aur raakshason mein jhagada hone laga devata bole ki ham pienge aur raashtr banega pienge vahaan bhagavaan vishnu ne 114 ki bhagavaan vishnu nahin chaahate the ki raakshas tujhe peekar ke amar ho jaen aur apane ko krty ko anjaam den is saaree prthvee par vinaash utpann kar den isalie bhagavaan vishnu ne mohinee ka roop dhaaran kiya aur moranee ka roop dhaaran karake amrt kalash apane paas le liya aur devata aur raakshas ne kaha ki donon baith jaen aur baaree-baaree se main donon ko samaanata ke saath is amrt ko pahan kar aaoongee to kya hua ki devataon ke kheme mein ek raahul naam ka raakshas jo tha vah devataon ka roop banaakar ke chandrama aur soory ke paas jaakar keepaid gaya kyonki bhagavaan vishnu ne mohinee roop mein sabase pahale jo amrt ko pilaaya vah devataon se praarambh kiya sudeepto kuchh pilaate pilaate bahut chandrama aur soory ke paas aae to raahul ko bhee unhonne devata samajhakar ke pila diya kyonki vah raahul ko kam na sake yah devataon ke roop mein raakshas hai ab jab amrt peekar ke vah bhoot utar amrt ka jo grup tha vo andar utar gaya tab chandrama aur soory ne bhagavaan vishnu ko kaha ki yah kya kiya svaamee bhagavaan aapane yah to raahul naam ka raakshas hai jo devata ka roop banaakar ke hamaare khelane mein aa baitha hai usake gale ko kaat diya to gale ka jo vahaan raahu ke laata hai aur jo dhadaka bhaag hai vah ketu ke laata hai aur us amrt peene ke kaaran se ve donon kee bhaag amar ho gaee aur aaj bhee unakee ganana nau grahon mein kee jaatee hai navagrahon mein kee jaatee hai

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किस फिल्म की कहानी से आप बहुत ज्यादा इमोशनल हुए?Kis Film Ki Kahani Se Aap Bahut Jyada Emotional Hue
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1:44
यूट्यूब पर बहुत सी अभिनेताओं की अच्छी पिक्चर हिंदी अभिनेताओं में देश हित में देश के लोगों के लिए समाज को नई दिशा देने के लिए बहुत अच्छा वर्क किया है पिछली पिक्चरों में देखेंगे आप तो मनोज कुमार की जितनी भी पिक्चर आती थी वह देश भक्ति की आती थी यही कारण था क्यों नहीं भारत के नाम से मशहूर हुए थे और सनी देओल की पिक्चरें बहुत देशभक्ति पूर्ण आई है अक्षय कुमार जी ने बहुत अच्छी पिक्चरें दी हैं देश हित में कार्य किया है समाज के लिए काफी दिशा निर्देश दिए हैं मुझे उनकी स्तर वाली पिक्चर बहुत ही उत्तम लगी है इस पर देशवासियों को भी विचार करना चाहिए मुझे पिक्चर का नाम तो पूरा याद नहीं आ रहा लेकिन मुझे इतना याद है गब्बर दी ग्रेट है शायद यह गब्बर सिंह जी ग्रेट है शायद इस प्रकार की पिक्चर है जिसमें देश में फैले हुए ऑप्शन को समाप्त करने के लिए उन्होंने एक बहुत अच्छा दिशानिर्देश किया है का देश वासियों ने सोचा होता इस देश में बढ़ते हुए भ्रष्टाचार घोटाले रिश्वतखोर करने वाले यह चाहे वह अधिकारी हैं चाहे वह नेता हैं इनके काली भूखी होते और उनको समझाया होता देश को लूटना देश को बर्बाद कर रहे हो देश को जो तुम खा रहे हो इस देश को बर्बाद कर डाला
Yootyoob par bahut see abhinetaon kee achchhee pikchar hindee abhinetaon mein desh hit mein desh ke logon ke lie samaaj ko naee disha dene ke lie bahut achchha vark kiya hai pichhalee pikcharon mein dekhenge aap to manoj kumaar kee jitanee bhee pikchar aatee thee vah desh bhakti kee aatee thee yahee kaaran tha kyon nahin bhaarat ke naam se mashahoor hue the aur sanee deol kee pikcharen bahut deshabhakti poorn aaee hai akshay kumaar jee ne bahut achchhee pikcharen dee hain desh hit mein kaary kiya hai samaaj ke lie kaaphee disha nirdesh die hain mujhe unakee star vaalee pikchar bahut hee uttam lagee hai is par deshavaasiyon ko bhee vichaar karana chaahie mujhe pikchar ka naam to poora yaad nahin aa raha lekin mujhe itana yaad hai gabbar dee gret hai shaayad yah gabbar sinh jee gret hai shaayad is prakaar kee pikchar hai jisamen desh mein phaile hue opshan ko samaapt karane ke lie unhonne ek bahut achchha dishaanirdesh kiya hai ka desh vaasiyon ne socha hota is desh mein badhate hue bhrashtaachaar ghotaale rishvatakhor karane vaale yah chaahe vah adhikaaree hain chaahe vah neta hain inake kaalee bhookhee hote aur unako samajhaaya hota desh ko lootana desh ko barbaad kar rahe ho desh ko jo tum kha rahe ho is desh ko barbaad kar daala

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आपको भारत में क्या नहीं पसंद है?aapako bhaarat mein kya nahin pasand hai
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3:18
भारत की गंदी राजनीति मुझे सर्वाधिक नापसंद भारत की गंदी राजनीति निजी स्वार्थ निधि खुदगर्जी लालच से भरी की राजनीति है देश के 90 परसेंट लीटर को देश हित में कोई चिंता नहीं है देश के वासियों के बारे में कुछ चिंता नहीं है कि निजी स्वार्थ और लालच से भरी हुई राजनीति करते हैं उसी का दुष्परिणाम है कि देश को स्वतंत्र हुए 74 साल गुजर गए हैं लेकिन आज तक रामराज की कल्पना कभी साकार ना हो सकी है कभी इन देश के लीडर अपने-अपने हितों और मैं और मेरे परिवार के से बढ़कर के कभी राजनीति नहीं की है उसी का दुष्परिणाम है कि आप राजनीति में आज देख रहे हैं कि वंशवाद पनप रहा है कल सुबह के कारण से आप देख रहे हैं कोई अपने भतीजे को आगे बढ़ा रहा है कोई अपने बेटे को आगे बढ़ा रहा है कोई अपनी बेटी को आगे बढ़ा रहा है और एक पार्टी में तो केवल एक परिवार के लोगों की पूजा है उनका सम्मान है उनकी चलती है अब आप बताइए इस देश में क्या कुछ ये राजनीति देश हित में कर सकती है देशवासियों को कर सकती है यह देशवासी किस आधार पर यह मान लें कि देश की राजनीति देश के वासियों के लिए कार्य है आश्चर्य करेंगे इस बात का 374 साल के इतिहास उठा कर देखिए सरकारों पर सरकारें बदली ब्रांड के ब्रांड बदले लेकिन 51 घोटाले रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार कम नहीं अमिताभ बढ़ते बढ़ते गए इन का ग्राफ बढ़ता गया और आज देख लीजिए आज से 40 साल पहले पहुंचे लेटेस्ट कि जब आप कॉल करके देखेंगे तो आप यह पाएंगे क्योंकि यह बहुत हैंड कुमावत की कंडीशन में थे उन पर रहने को मकान नहीं पहनने को ₹50 के दुपट्टे नहीं थे लेकिन आज बेईमान 500 और 1000 1000 करोड़ के मकानों में रह रहे हैं इस साल 40 साल की सर्विस करने के बाद में एक करोड़ देखने को नहीं मिलता है बताइए आप राजनीति में सी कहां से कौन सा ऐसा कारू का खजाना मिल जाता है कहां से मिल जाता है इन पर पास 500 और 1000 करोड़ के मकान तो ओपन दिखाई देते हैं अब आप सोचो हिंदी प्रदेशों में कितने पैसे जमा होगा बीजेपी ने शुरू शुरू में जब आई थी जो वायदा किया था कि हम इनके कालेधन को बाहर निकालेंगे देश में लाएंगे लेकिन बीजेपी पर अपना वादा पूरा न कर सकी क्योंकि हमाम में सभी नंगे हैं कौन किसकी पूर्ण खोलें सब को डर है कि कहीं ऐसा ना हो कि हमारी भी अधिक घर के बाहर आ जाए ऐसे ही एक दूसरे का साथ निभाते हैं यह तो देखने में ही आपको ब्रांड अलग नजर आते हैं बाकी सब एक थैली के चट्टे बट्टे हैं
Bhaarat kee gandee raajaneeti mujhe sarvaadhik naapasand bhaarat kee gandee raajaneeti nijee svaarth nidhi khudagarjee laalach se bharee kee raajaneeti hai desh ke 90 parasent leetar ko desh hit mein koee chinta nahin hai desh ke vaasiyon ke baare mein kuchh chinta nahin hai ki nijee svaarth aur laalach se bharee huee raajaneeti karate hain usee ka dushparinaam hai ki desh ko svatantr hue 74 saal gujar gae hain lekin aaj tak raamaraaj kee kalpana kabhee saakaar na ho sakee hai kabhee in desh ke leedar apane-apane hiton aur main aur mere parivaar ke se badhakar ke kabhee raajaneeti nahin kee hai usee ka dushparinaam hai ki aap raajaneeti mein aaj dekh rahe hain ki vanshavaad panap raha hai kal subah ke kaaran se aap dekh rahe hain koee apane bhateeje ko aage badha raha hai koee apane bete ko aage badha raha hai koee apanee betee ko aage badha raha hai aur ek paartee mein to keval ek parivaar ke logon kee pooja hai unaka sammaan hai unakee chalatee hai ab aap bataie is desh mein kya kuchh ye raajaneeti desh hit mein kar sakatee hai deshavaasiyon ko kar sakatee hai yah deshavaasee kis aadhaar par yah maan len ki desh kee raajaneeti desh ke vaasiyon ke lie kaary hai aashchary karenge is baat ka 374 saal ke itihaas utha kar dekhie sarakaaron par sarakaaren badalee braand ke braand badale lekin 51 ghotaale rishvatakhoree bhrashtaachaar kam nahin amitaabh badhate badhate gae in ka graaph badhata gaya aur aaj dekh leejie aaj se 40 saal pahale pahunche letest ki jab aap kol karake dekhenge to aap yah paenge kyonki yah bahut haind kumaavat kee kandeeshan mein the un par rahane ko makaan nahin pahanane ko ₹50 ke dupatte nahin the lekin aaj beeemaan 500 aur 1000 1000 karod ke makaanon mein rah rahe hain is saal 40 saal kee sarvis karane ke baad mein ek karod dekhane ko nahin milata hai bataie aap raajaneeti mein see kahaan se kaun sa aisa kaaroo ka khajaana mil jaata hai kahaan se mil jaata hai in par paas 500 aur 1000 karod ke makaan to opan dikhaee dete hain ab aap socho hindee pradeshon mein kitane paise jama hoga beejepee ne shuroo shuroo mein jab aaee thee jo vaayada kiya tha ki ham inake kaaledhan ko baahar nikaalenge desh mein laenge lekin beejepee par apana vaada poora na kar sakee kyonki hamaam mein sabhee nange hain kaun kisakee poorn kholen sab ko dar hai ki kaheen aisa na ho ki hamaaree bhee adhik ghar ke baahar aa jae aise hee ek doosare ka saath nibhaate hain yah to dekhane mein hee aapako braand alag najar aate hain baakee sab ek thailee ke chatte batte hain

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कोई एक कॉमेडी सुनाइए?Koi Ek Comedy Sunaye
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1:18
कॉमेडी सुननी है यह हाथ से चाय देखना है तो भारत की राजनीति को गहराई से देखो इसमें कॉमेडी कितने तक पढ़े हुए हैं क्या आप संकराठील करोगे हमारे देश में एचटीसी पॉलीटिकल पार्टीज है इनको देश हित के बारे में कभी भी नहीं सोचते हैं उनको देश के बारे में कोई चिंता नहीं है वह शत्रुओं से हाथ मिलाते हैं जो इस देश को बर्बाद करना चाहते हैं उन तत्वों से हाथ मिलाए हुए हैं जो इस देश को बर्बाद करना चाहते हैं जैसे यह नहीं जानते कि पाकिस्तान जिस पाकिस्तान से तुम हाथ मिला रहे हो वह पाकिस्तान को यदि थोड़ा भी मौका मिल जाए यह चाइना को मौका मिल जाए तो वह बम डालेगा तो क्या वह बम देशवासियों को ही नष्ट करेंगे जो पाकिस्तान और चाइना चाइना से घृणा करते हैं नहीं वह बम उनको भी नष्ट करेंगे चाहे वह पाकिस्तान और चाइना की कितनी भी चाहिए तब पाकिस्तान और चाइना के लिए कितना भी यह हाथ मिलाते हो क्या गले मिलते हो लेकिन ऐसे गद्दारों को कभी समझ में नहीं आता पिक्चर बड़ी कॉमेडी और क्या हो सकती है
Komedee sunanee hai yah haath se chaay dekhana hai to bhaarat kee raajaneeti ko gaharaee se dekho isamen komedee kitane tak padhe hue hain kya aap sankaraatheel karoge hamaare desh mein echateesee poleetikal paarteej hai inako desh hit ke baare mein kabhee bhee nahin sochate hain unako desh ke baare mein koee chinta nahin hai vah shatruon se haath milaate hain jo is desh ko barbaad karana chaahate hain un tatvon se haath milae hue hain jo is desh ko barbaad karana chaahate hain jaise yah nahin jaanate ki paakistaan jis paakistaan se tum haath mila rahe ho vah paakistaan ko yadi thoda bhee mauka mil jae yah chaina ko mauka mil jae to vah bam daalega to kya vah bam deshavaasiyon ko hee nasht karenge jo paakistaan aur chaina chaina se ghrna karate hain nahin vah bam unako bhee nasht karenge chaahe vah paakistaan aur chaina kee kitanee bhee chaahie tab paakistaan aur chaina ke lie kitana bhee yah haath milaate ho kya gale milate ho lekin aise gaddaaron ko kabhee samajh mein nahin aata pikchar badee komedee aur kya ho sakatee hai

#रिश्ते और संबंध

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यदि जीवन में खुश रहना है तो शादी नहीं करनी चाहिए क्या?Yadi Jeevan Mein Khush Rehna Hai To Shaadi Nahi Karni Chahiye Kya
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1:06
मेरे दोस्त तुम यदि परवाह नहीं करोगे तब भी आप सोच रहे हो कि आप खुश रह सकते हो कभी नहीं रह सकते हो बेटा यह विवाह जो है यह मक्का का वो पेड़ है जिसमें खा लिया वह भी पछताए और कितना नहीं खाया को भी पता है क्योंकि अभी तुम युवा हो तो तुम्हें ऐसा लग रहा है कि दिमाग करनी तो बड़ी खुशियां छीन जाएंगे टेंशन मिल जाएंगे विभिन्न प्रकार की परिचित पंकज करना होगा लेकिन यह तुम्हारा मन का जो लोग अकेले हैं आज उन लोगों के जीवन को देखो बेबी पढ़ा पर में पछताते हैं क्योंकि कहूंगा कोई अपना कहने वाला नहीं रहता है और जिन लोगों ने विवाह कर लिए हैं वह भी इसके लिए सबसे बड़ी अच्छी एक कला दूंगा तो जीवन साथी अपने स्वास्थ्य को चोरों ने चारों के अनुकूल चलो जिससे कि जीवन का एडजस्टमेंट द्वारा बना रहे खुशियां एडजस्टमेंट लड़ाई में नहीं है
Mere dost tum yadi paravaah nahin karoge tab bhee aap soch rahe ho ki aap khush rah sakate ho kabhee nahin rah sakate ho beta yah vivaah jo hai yah makka ka vo ped hai jisamen kha liya vah bhee pachhatae aur kitana nahin khaaya ko bhee pata hai kyonki abhee tum yuva ho to tumhen aisa lag raha hai ki dimaag karanee to badee khushiyaan chheen jaenge tenshan mil jaenge vibhinn prakaar kee parichit pankaj karana hoga lekin yah tumhaara man ka jo log akele hain aaj un logon ke jeevan ko dekho bebee padha par mein pachhataate hain kyonki kahoonga koee apana kahane vaala nahin rahata hai aur jin logon ne vivaah kar lie hain vah bhee isake lie sabase badee achchhee ek kala doonga to jeevan saathee apane svaasthy ko choron ne chaaron ke anukool chalo jisase ki jeevan ka edajastament dvaara bana rahe khushiyaan edajastament ladaee mein nahin hai

#रिश्ते और संबंध

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आप अपने बूढ़े मां बाप की सेवा किस हद तक कर सकते हैं?Ap Apne Budhe Maa Bap Ki Seva Kis Had Tak Kar Sakte Hai
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1:14
मेरे दोस्त इस संबंध में मैं तुमको अपने दिल की सच्ची बात कहूंगा जिसका पश्चाताप मुझे जीवन पर है आप पहले जब युवावस्था थी तब कमाने की धुन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा रिश्तो की परवाह नहीं थी और आज जब बना पाया है तब एहसास हो रहा है वास्तव में मामा क्या किसी कहते हैं क्योंकि आपको छांव में रुक सर के ऊपर नहीं आज दिन इतना पछताता है कि आज कमानी किचन में नहीं लगा होता जबकि सच्चाई यह है माता पिता के प्रति हमेशा ही सेवा करने की भावना मेरी भावना ही बंद करते रह गई क्योंकि मैं कमाने में लगा रहा हूं मेरे विचार से अपने बालक को इंसान को आज के डेट में इस वक्त रहना चाहिए और अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए क्योंकि देश भक्ति पर मानो साक्षात भगवान का रूप है
Mere dost is sambandh mein main tumako apane dil kee sachchee baat kahoonga jisaka pashchaataap mujhe jeevan par hai aap pahale jab yuvaavastha thee tab kamaane kee dhun mein kabhee peechhe mudakar nahin dekha rishto kee paravaah nahin thee aur aaj jab bana paaya hai tab ehasaas ho raha hai vaastav mein maama kya kisee kahate hain kyonki aapako chhaanv mein ruk sar ke oopar nahin aaj din itana pachhataata hai ki aaj kamaanee kichan mein nahin laga hota jabaki sachchaee yah hai maata pita ke prati hamesha hee seva karane kee bhaavana meree bhaavana hee band karate rah gaee kyonki main kamaane mein laga raha hoon mere vichaar se apane baalak ko insaan ko aaj ke det mein is vakt rahana chaahie aur apane maata-pita kee seva karanee chaahie kyonki desh bhakti par maano saakshaat bhagavaan ka roop hai

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2:46
इंसानियत कोशिका होता झूठे भ्रम जाति के चरणों में ही पढ़ा होता तो आज इंसान संसार में यह अलग ही होती है देख कर के आज के जो हालात हैं इंसान इंसान को खाने चल रहा है उस इंसान के साथ छल कपट धोखा करे बेईमानी 100 प्रकार की अन्य धर्म कर रहा है कृष्ण उत्सर्जन को प्राप्त करने के लिए तुम देख कर आप लोग कितने प्रकार के करीब 2 बेईमान ही अन्य धर्म सभी कुछ करते हैं पहले इंसान कम थे एक दूसरे से प्रेम से प्रेम था भाईचारा थाबल अंसार काफी इंसान इंसान को देख कर के खुश होता था लेकिन आज इंसान इंसान को खाने दौड़ रहा है कर रहा है जबकि पहले इंसानियत की समाज में बेल जा प्रेम प्रीति भाईचारा पालन सताती उदारता की संयुक्त बयान में यह लगता है यह समस्त मानवीय भाव कपूर की तरह उड़ गए हैं और एक इंसान दूसरे स्थान से पसंद नहीं है इंसान निर्जीव मशीन बन गया है इस भौतिक धन कमाने के चक्कर में तुम देख रहे हो कि रिश्तेदार रिश्तेदार को धोखा दे रहे हैं भाई भाई के साथ में मार काट कर रहा है लग रहा है जमीन पाप करने के लिए या उनके लिए आसान नहीं था एक दूसरे इंसान नहीं हूं शाम को चाहा होता मुझे देख कर के एक प्रदीप का गाना पुराना याद आ रहा है तो बहुत देख तेरे इंसान की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इंसान कितना बदल गया इंसान सभी मानव भी कुछ मिलजुल कर के रहते हैं और समझते भी जाति और धर्म के जूते झगड़े इंसान को हैवान बना रहे हैं तथा मानव मानवता को खा रही है
Insaaniyat koshika hota jhoothe bhram jaati ke charanon mein hee padha hota to aaj insaan sansaar mein yah alag hee hotee hai dekh kar ke aaj ke jo haalaat hain insaan insaan ko khaane chal raha hai us insaan ke saath chhal kapat dhokha kare beeemaanee 100 prakaar kee any dharm kar raha hai krshn utsarjan ko praapt karane ke lie tum dekh kar aap log kitane prakaar ke kareeb 2 beeemaan hee any dharm sabhee kuchh karate hain pahale insaan kam the ek doosare se prem se prem tha bhaeechaara thaabal ansaar kaaphee insaan insaan ko dekh kar ke khush hota tha lekin aaj insaan insaan ko khaane daud raha hai kar raha hai jabaki pahale insaaniyat kee samaaj mein bel ja prem preeti bhaeechaara paalan sataatee udaarata kee sanyukt bayaan mein yah lagata hai yah samast maanaveey bhaav kapoor kee tarah ud gae hain aur ek insaan doosare sthaan se pasand nahin hai insaan nirjeev masheen ban gaya hai is bhautik dhan kamaane ke chakkar mein tum dekh rahe ho ki rishtedaar rishtedaar ko dhokha de rahe hain bhaee bhaee ke saath mein maar kaat kar raha hai lag raha hai jameen paap karane ke lie ya unake lie aasaan nahin tha ek doosare insaan nahin hoon shaam ko chaaha hota mujhe dekh kar ke ek pradeep ka gaana puraana yaad aa raha hai to bahut dekh tere insaan kee haalat kya ho gaee bhagavaan kitana badal gaya insaan kitana badal gaya insaan sabhee maanav bhee kuchh milajul kar ke rahate hain aur samajhate bhee jaati aur dharm ke joote jhagade insaan ko haivaan bana rahe hain tatha maanav maanavata ko kha rahee hai

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3:55
आप कल की पर आप को बदला लेने के बारे में नहीं सोचना चाहिए कि तुम मेरे विचार से उनको आभार व्यक्त करना चाहिए गुरु हालात हर हालत में ही आदरणीय होता है क्योंकि आपको अपनी गलती का एहसास कभी नहीं होगा जिंदगी में याद रखो आपकी गलती है सिर्फ दूसरों को दिखाई देती हैं क्योंकि आप जो रंगरेज से बने हुए हैं इसलिए आपको अपनी गलतियां कभी एहसास नहीं हो सकती हैं ऐसा मैं कभी कदापि विश्वास नहीं कर सकता टीचर बिना बात के ही निर्दोष छात्र को पनिशमेंट दे इंपॉसिबल है या तो फिर गुड टीचर नहीं है या फिर वह पागल कह सकते हैं लेकिन पागल है तो छुट्टी चरित्र नहीं रह सकता है इसलिए मेरा मानना यह है कि कोई भी टीचर कभी किसी विद्यार्थी के लिए निर्दोष अवस्था में कदापि पनिशमेंट देना नहीं चाहेगा क्योंकि वह भी एक इंसान है उसके अंदर की भावना हर टीचर यह चाहता है कि मेरा विद्यार्थी जैसे आसमान में चंद्रमा चमक चमकता है इसी प्रकार संसार में यश को प्राप्त करें नाम कमाएं और एक योग्य विद्यार्थी के रूप में अपना नाम रोशन करें हर गुरु की भावना यही होती है इसलिए मैं आपको परामर्श दूंगा कि आपको अपने गुरु से बदला लेने के बारे में नहीं सोचना चाहिए बेटे गलती में मानता हूं चलो हो सकती है कि मैं आपकी बात बड़ी कर सकता हूं कि उन्होंने आपको निर्दोष थे आप और उसके पश्चात भी पीट पीट दिया पनिशमेंट दिया लेकिन उन्होंने तुम्हारी भलाई के लिए क्या हुआ तुमने तुम्हारे हित के लिए क्या हुआ हर टीचर विद्यार्थी का हिट जाता है विद्यार्थी का अनुक्रमांक किसी भी हालात में नहीं जाता है क्योंकि वह जानते यदि कुमार पर चला जाएगा तो उसे टीचर का नुकसान कुछ नहीं हो सकता है क्योंकि छोरा पृथ्वी पर गुजरता है तो भी पहचान है और बैठक थोड़ा पर करता है तो भी बैठे का ही नुकसान है हर हालत में विद्यार्थी का ही नुकसान होता है यदि वह तुमको कुमार से रोका है वह तुम्हारी हितकारी कार्य कर रहा है गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है गड़बड़ काढ़े खोट अंतर हाथ सहार दीवार वाहेगुरु ऊपर से आपको कटु दिखाई देता है और रोड दिखाई देता है पनिशमेंट देता है लेकिन अंदर से वह अपने विद्यार्थी काहे चाहता है भविष्य देखना चाहता है इस नियम को कठोर तप पूर्ण व्यवहार दिखाता है जबकि उत्तर नहीं होता है उस नारियल की तरह होता है जो ऊपर से कठोर होता है लेकिन दर्द तो होती है और कोमलता होती है फिर विचार थे शायद आपको अपने गुरु को क्षमा भाव रखते हुए उदार भाव रखते हुए उनके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ना कि आपको बदले लेने के बारे में सोचना चाहिए और यदि आप सोच रहे हैं तो मैं सोच रहा हूं शायद हो सकता है कि गुरु ने उस समय गलती कि आप उससे बड़ी गलती करने जा रही है जिसका भविष्य में शायद आपको पश्चाताप करना ही होगा
Aap kal kee par aap ko badala lene ke baare mein nahin sochana chaahie ki tum mere vichaar se unako aabhaar vyakt karana chaahie guru haalaat har haalat mein hee aadaraneey hota hai kyonki aapako apanee galatee ka ehasaas kabhee nahin hoga jindagee mein yaad rakho aapakee galatee hai sirph doosaron ko dikhaee detee hain kyonki aap jo rangarej se bane hue hain isalie aapako apanee galatiyaan kabhee ehasaas nahin ho sakatee hain aisa main kabhee kadaapi vishvaas nahin kar sakata teechar bina baat ke hee nirdosh chhaatr ko panishament de imposibal hai ya to phir gud teechar nahin hai ya phir vah paagal kah sakate hain lekin paagal hai to chhuttee charitr nahin rah sakata hai isalie mera maanana yah hai ki koee bhee teechar kabhee kisee vidyaarthee ke lie nirdosh avastha mein kadaapi panishament dena nahin chaahega kyonki vah bhee ek insaan hai usake andar kee bhaavana har teechar yah chaahata hai ki mera vidyaarthee jaise aasamaan mein chandrama chamak chamakata hai isee prakaar sansaar mein yash ko praapt karen naam kamaen aur ek yogy vidyaarthee ke roop mein apana naam roshan karen har guru kee bhaavana yahee hotee hai isalie main aapako paraamarsh doonga ki aapako apane guru se badala lene ke baare mein nahin sochana chaahie bete galatee mein maanata hoon chalo ho sakatee hai ki main aapakee baat badee kar sakata hoon ki unhonne aapako nirdosh the aap aur usake pashchaat bhee peet peet diya panishament diya lekin unhonne tumhaaree bhalaee ke lie kya hua tumane tumhaare hit ke lie kya hua har teechar vidyaarthee ka hit jaata hai vidyaarthee ka anukramaank kisee bhee haalaat mein nahin jaata hai kyonki vah jaanate yadi kumaar par chala jaega to use teechar ka nukasaan kuchh nahin ho sakata hai kyonki chhora prthvee par gujarata hai to bhee pahachaan hai aur baithak thoda par karata hai to bhee baithe ka hee nukasaan hai har haalat mein vidyaarthee ka hee nukasaan hota hai yadi vah tumako kumaar se roka hai vah tumhaaree hitakaaree kaary kar raha hai guru kumhaar shishy kumbh hai gadabad kaadhe khot antar haath sahaar deevaar vaaheguru oopar se aapako katu dikhaee deta hai aur rod dikhaee deta hai panishament deta hai lekin andar se vah apane vidyaarthee kaahe chaahata hai bhavishy dekhana chaahata hai is niyam ko kathor tap poorn vyavahaar dikhaata hai jabaki uttar nahin hota hai us naariyal kee tarah hota hai jo oopar se kathor hota hai lekin dard to hotee hai aur komalata hotee hai phir vichaar the shaayad aapako apane guru ko kshama bhaav rakhate hue udaar bhaav rakhate hue unake prati krtagy hona chaahie na ki aapako badale lene ke baare mein sochana chaahie aur yadi aap soch rahe hain to main soch raha hoon shaayad ho sakata hai ki guru ne us samay galatee ki aap usase badee galatee karane ja rahee hai jisaka bhavishy mein shaayad aapako pashchaataap karana hee hoga

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2:27
दोनों जिम्मेदार हैं इसमें आप एक तरफदारी नहीं कर सकते हो फिल्मों में क्राइम को महिमामंडित करने के लिए फिल्मकार भी दोस्ती है फिल्मों के अभिनेता भी दोस्ती है फिल्म बनाने वाली भी दोस्ती है और ऐसी पिक्चरों को सेट करते जो देखने वाले हैं दर्शक हैं बेबी दोषी हैं क्योंकि उनका रूम को देश भक्ति का कुछ तो जज्बा होना चाहिए महाराणा प्रताप शिवाजी जैसी महान आदर्श हमारे इतिहास में भरे पड़े हैं उन देशभक्तों पर अमर शहीदों पर महान क्रांतिकारी नेताओं पर महान देश को स्वतंत्र कराने वाले क्रांतिकारी अमर शहीदों पर पिक्चरें बनाई जा सकती हैं लेकिन उन विषयों को सेलेक्ट नहीं करते हैं अपितु जो क्राइम के जगत में सर्वाधिक छात्र ऐसे खातों को महिमामंडित करते हुए बीजू पिक उन पर आधारित उनकी विषय वस्तु को आधार बनाकर के जो पिक्चर में बनाते हैं यह क्राइम को बढ़ावा देना है देखने वालों को भी सोचना चाहिए कि पिक्चरों को यदि देखा नहीं जाए तो निश्चित रूप से फिल्म बनाने वालों को भी एकता प्राप्त हो जाए और फिल्मी नए अभिनेताओं को भी सबक प्राप्त हो लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है ऐसी पिक्चरें देख करके उन फिल्मों का अंधानुकरण करते हुए युवा वर्ग दिशा विहीन हो रहा है भटक रहा है प्राइम की ओर बढ़ रहा है ट्रक शराब आदि का प्रचलन आज समाज में सर्वाधिक रूप से बढ़ता जा रहा है उसके लिए मैं दोनों को ही दोषी मानता
Donon jimmedaar hain isamen aap ek taraphadaaree nahin kar sakate ho philmon mein kraim ko mahimaamandit karane ke lie philmakaar bhee dostee hai philmon ke abhineta bhee dostee hai philm banaane vaalee bhee dostee hai aur aisee pikcharon ko set karate jo dekhane vaale hain darshak hain bebee doshee hain kyonki unaka room ko desh bhakti ka kuchh to jajba hona chaahie mahaaraana prataap shivaajee jaisee mahaan aadarsh hamaare itihaas mein bhare pade hain un deshabhakton par amar shaheedon par mahaan kraantikaaree netaon par mahaan desh ko svatantr karaane vaale kraantikaaree amar shaheedon par pikcharen banaee ja sakatee hain lekin un vishayon ko selekt nahin karate hain apitu jo kraim ke jagat mein sarvaadhik chhaatr aise khaaton ko mahimaamandit karate hue beejoo pik un par aadhaarit unakee vishay vastu ko aadhaar banaakar ke jo pikchar mein banaate hain yah kraim ko badhaava dena hai dekhane vaalon ko bhee sochana chaahie ki pikcharon ko yadi dekha nahin jae to nishchit roop se philm banaane vaalon ko bhee ekata praapt ho jae aur philmee nae abhinetaon ko bhee sabak praapt ho lekin durbhaagy is baat ka hai aisee pikcharen dekh karake un philmon ka andhaanukaran karate hue yuva varg disha viheen ho raha hai bhatak raha hai praim kee or badh raha hai trak sharaab aadi ka prachalan aaj samaaj mein sarvaadhik roop se badhata ja raha hai usake lie main donon ko hee doshee maanata

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क्या मोदी जी ने भी बॉलीवुड एक्टर्स की तरह साइकोलॉजिकल तरीके से अपनी छवि बनाई है?Kya Modi Ji Ne Bee Bollywood Actors Ki Tarah Phsychological Tareeke Se Apni Chhavi Banayi Hai
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3:37
से मैं सहमत नहीं हूं आपने मोदी जी पर गलत आरोप लगाया है मोदी जी की रीति और नीति का भारत की प्रथम शक नहीं अपितु समस्त विश्व भी प्रशंसक है आपने कुछ दिन पहले का सर्वे रिपोर्ट साइड टीवी पर देखी होगी या मैचेस चल पड़ी होगी जिसने मोदी जी को देश के समक्ष लीडरों में सर्वाधिक रूप से पसंद किया गया है उससे हम भारतीयों को गर्व करना चाहिए कि हमने एक योग्य व्यक्ति को प्रधानमंत्री के पद के लिए सेलेक्ट किया है जिसकी जितनी नीतियां भारत की गौरव को बढ़ाने वाली है चीन की विदेश नीति रक्षा नीति संसार में भारत की गौरव को बढ़ा रही है उनकी कीर्ति पताका सारे संसार में फैला रही हम सब भारतीयों को इस बात पर अभिमान करना चाहिए बॉलीवुड एक्टर और मोदी जी मंत्र है मोदी जी ने अभिनय नहीं किया है जबकि बॉलीवुड एक्टर्स को यदि देखें तो बॉलीवुड एक्टर्स ने कोई सन 2000 से पहले के जितने भी एक्ट्रेस थे वह सब देशभक्ति की रचनाएं बनाते थी ऐसी फिल्में बनाते थे जो देश के लिए एक उद्देश्य पूर्ण होती थी समाज को दिशा देने वाली होती थी युवा पीढ़ी को एक पथ प्रदर्शक का कार्य करती थी जबकि 2 सन 2000 के बाद में जितनी पिक्चर बनी है वह सारी क्राइम को खाने वाली क्राइम को महिमामंडित करने वाली आधुनिकता प्रदान करने वाली गंदगी को बनाने वाली हुई हैं जिनमें ट्रस्ट ने केवल अपने धन के लालच में अभिनय किया है उनको इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि यह भारत में क्राइम बढ़ाने वाला हूं यह भारत में युवा पीढ़ी को दशा भटका आएगा फिल्मकारों ने भीतर कौमुदी अपने धन कमाने के लालच में नैतिकता को ताक पर रखते हुए पिक्चरें बनाई है इसलिए मोदी जी में और फिल्मी एक्टर्स में समानता करना अनुचित है मोदी जी के वर्क देश के प्रति निष्ठावान हैं देश के प्रति वफादारी से युक्त हैं देश के गौरव को बढ़ाने वाले हैं मोदी जी निर्विवाद रूप से निसंदेह रूप से आज भी देश के 72% जनसंख्या के दौरान सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में लगी हुई है अब मैं सोता हूं कि मोदी जी इसी प्रकार की नीति के साथ देशभक्ति पूर्ण देश निष्ठा के साथ मेरी वर्क करते रहे तो कोई मत दो राय नहीं है कि सन 2024 में मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री सेलेक्ट किए जाएंगे मिस शुभ कामना करता हूं और आशा करता हूं मेरे देश के निवासी देशवासी बंदूक निश्चित रूप से ही मोदी जी की सराहना करते हुए मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर प्रदान करेंगे ऐसा मेरा विश्वास है ऐसी मत शुभकामना राम
Se main sahamat nahin hoon aapane modee jee par galat aarop lagaaya hai modee jee kee reeti aur neeti ka bhaarat kee pratham shak nahin apitu samast vishv bhee prashansak hai aapane kuchh din pahale ka sarve riport said teevee par dekhee hogee ya maiches chal padee hogee jisane modee jee ko desh ke samaksh leedaron mein sarvaadhik roop se pasand kiya gaya hai usase ham bhaarateeyon ko garv karana chaahie ki hamane ek yogy vyakti ko pradhaanamantree ke pad ke lie selekt kiya hai jisakee jitanee neetiyaan bhaarat kee gaurav ko badhaane vaalee hai cheen kee videsh neeti raksha neeti sansaar mein bhaarat kee gaurav ko badha rahee hai unakee keerti pataaka saare sansaar mein phaila rahee ham sab bhaarateeyon ko is baat par abhimaan karana chaahie boleevud ektar aur modee jee mantr hai modee jee ne abhinay nahin kiya hai jabaki boleevud ektars ko yadi dekhen to boleevud ektars ne koee san 2000 se pahale ke jitane bhee ektres the vah sab deshabhakti kee rachanaen banaate thee aisee philmen banaate the jo desh ke lie ek uddeshy poorn hotee thee samaaj ko disha dene vaalee hotee thee yuva peedhee ko ek path pradarshak ka kaary karatee thee jabaki 2 san 2000 ke baad mein jitanee pikchar banee hai vah saaree kraim ko khaane vaalee kraim ko mahimaamandit karane vaalee aadhunikata pradaan karane vaalee gandagee ko banaane vaalee huee hain jinamen trast ne keval apane dhan ke laalach mein abhinay kiya hai unako is baat se koee lena-dena nahin hai ki yah bhaarat mein kraim badhaane vaala hoon yah bhaarat mein yuva peedhee ko dasha bhataka aaega philmakaaron ne bheetar kaumudee apane dhan kamaane ke laalach mein naitikata ko taak par rakhate hue pikcharen banaee hai isalie modee jee mein aur philmee ektars mein samaanata karana anuchit hai modee jee ke vark desh ke prati nishthaavaan hain desh ke prati vaphaadaaree se yukt hain desh ke gaurav ko badhaane vaale hain modee jee nirvivaad roop se nisandeh roop se aaj bhee desh ke 72% janasankhya ke dauraan sarvaadhik lokapriy neta ke roop mein lagee huee hai ab main sota hoon ki modee jee isee prakaar kee neeti ke saath deshabhakti poorn desh nishtha ke saath meree vark karate rahe to koee mat do raay nahin hai ki san 2024 mein modee jee teesaree baar pradhaanamantree selekt kie jaenge mis shubh kaamana karata hoon aur aasha karata hoon mere desh ke nivaasee deshavaasee bandook nishchit roop se hee modee jee kee saraahana karate hue modee jee ko teesaree baar pradhaanamantree banane ka avasar pradaan karenge aisa mera vishvaas hai aisee mat shubhakaamana raam

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2:35
इसमें कोई दो राय नहीं है कि सन् 2000 के बाद की जो फिल्में बनी हैं उन फिल्मों में प्राइमर को बहुत अधिक बढ़ावा दिया है आधुनिकता को बहुत बढ़ावा दिया है कि लव जिहाद के झोंके से सुन रहे हैं आज आप उसमें भी इनको बढ़ाने में इन फिल्मों का रोल है भारत में चुकंदर में पनप रही है उसका भी निकाला तो इन फिल्मों को ही देना चाहूंगा आज की युवा शक्ति जो भटक रही है जैसा भी हो रही है विद्रोह कर रही है उसका भी सारा दोस्त भारतीय गंदी फिल्म फिल्मों को दिया जाएगा काश कि भारतीय फिल्म निर्माताओं ने भी सोचा होता इन्होंने जर्मनी और जापान की तरह देश को आदर्शवादी पिक्चरें दी होती देश के आदर्शों पर पिक्चरें बनाई होती राष्ट्रभक्ति पर पिक्चरें बनाई होती देशभक्ति को लेकर के पिक्चरें बनाई होती तो आज भारत का यह अंजाम नहीं होता जो आज कुछ समय दिखाई दे रहा है सुनाई दे रहा है हम पढ़ रहे हैं लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि भारत में जो भ्रष्टाचार गंदी राजनीति गमन घोटाले रिश्वतखोरी के कारण से ऐसी गंदी पिक्चरों पर भी प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है जबकि फिल्म सेंसर बोर्ड ऑलरेडी बनाया हुआ है फिल्म सेंसर बोर्ड को नैतिकता से रहित पिक्चरों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए लेकिन दुर्भाग्य बात का है कि सेंसर बोर्ड केवल एक नाम मात्र का बना हुआ है यहां पर रसू आदि निभाए जाते हैं और विभिन्न अनैतिक पिक्चरों को क्राइम को महिमामंडित करने वाली पिक्चरों को पास कर दिया जाता है परिणाम स्वरूप यह युवा पीढ़ी को रास्ता भटकाती है दिशा विहीन बना रही हैं आज की युवा पीढ़ी अंधी हो करके इन फिल्मी एक्टर और एक्ट्रेस का अनुसरण करती हुई दिशाहीन हो रही है भटक रही है
Isamen koee do raay nahin hai ki san 2000 ke baad kee jo philmen banee hain un philmon mein praimar ko bahut adhik badhaava diya hai aadhunikata ko bahut badhaava diya hai ki lav jihaad ke jhonke se sun rahe hain aaj aap usamen bhee inako badhaane mein in philmon ka rol hai bhaarat mein chukandar mein panap rahee hai usaka bhee nikaala to in philmon ko hee dena chaahoonga aaj kee yuva shakti jo bhatak rahee hai jaisa bhee ho rahee hai vidroh kar rahee hai usaka bhee saara dost bhaarateey gandee philm philmon ko diya jaega kaash ki bhaarateey philm nirmaataon ne bhee socha hota inhonne jarmanee aur jaapaan kee tarah desh ko aadarshavaadee pikcharen dee hotee desh ke aadarshon par pikcharen banaee hotee raashtrabhakti par pikcharen banaee hotee deshabhakti ko lekar ke pikcharen banaee hotee to aaj bhaarat ka yah anjaam nahin hota jo aaj kuchh samay dikhaee de raha hai sunaee de raha hai ham padh rahe hain lekin durbhaagy is baat ka hai ki bhaarat mein jo bhrashtaachaar gandee raajaneeti gaman ghotaale rishvatakhoree ke kaaran se aisee gandee pikcharon par bhee pratibandh nahin lagaaya jaata hai jabaki philm sensar bord olaredee banaaya hua hai philm sensar bord ko naitikata se rahit pikcharon par pratibandh lagaana chaahie lekin durbhaagy baat ka hai ki sensar bord keval ek naam maatr ka bana hua hai yahaan par rasoo aadi nibhae jaate hain aur vibhinn anaitik pikcharon ko kraim ko mahimaamandit karane vaalee pikcharon ko paas kar diya jaata hai parinaam svaroop yah yuva peedhee ko raasta bhatakaatee hai disha viheen bana rahee hain aaj kee yuva peedhee andhee ho karake in philmee ektar aur ektres ka anusaran karatee huee dishaaheen ho rahee hai bhatak rahee hai
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