#धर्म और ज्योतिषी

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1:56
सवाल ही धार्मिक मान्यता अनुसार मृतक प्राणी का सब पिंडी करण क्यों किया जाता है धार्मिक ग्रंथों में मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति का बड़ा सुंदर और वैज्ञानिक विवेचन भी मिलता है मृत्यु के बाद दशगात्र और 16 प्रकार जब तक मृत व्यक्ति की प्रेत संज्ञा रहती है पुराण के अनुसार वास्तु स्वस्थ शरीर आत्मा भौतिक शरीर छोड़ने पर धारण करती है प्रेत होती है प्रिय के अतिरेक की अवस्था यानी प्रेत है क्योंकि आत्मा जो सूट शरीर धारण करती है तब भी उसके अंदर मुंह माया भूख और प्यास का अतिरेक होता है सब पिंडन के बाद मित्रों में सम्मिलित हो जाता है तत्पश्चात पित्र श्राद्ध कर्म आरंभ होते हैं अतुल कृष्ण प्रतिपदा से लेकर अब तक ब्रह्मांड की ऊर्जा तथा उच्च ऊर्जा के साथ पृथ्वी पर व्याप्त रहते हैं इसलिए हिंदू धर्म शास्त्रों का उद्धार करने के लिए पुत्र की अनिवार्यता मानी गई है जन्मदाता माता पिता को मृत्यु उपरांत लोग विस्मृत न कर दी इसलिए उनका श्राद्ध करने का विशेष विधान भी बताया गया है भाद्रपद पूर्णिमा से अतुल कृष्ण पक्ष अमावस्या तक के 16 दिनों को पितृपक्ष कहते हैं जिसमें हम अपने पूर्वजों की सेवा भी करते हैं धन्यवाद
Savaal hee dhaarmik maanyata anusaar mrtak praanee ka sab pindee karan kyon kiya jaata hai dhaarmik granthon mein mrtyu ke baad aatma kee sthiti ka bada sundar aur vaigyaanik vivechan bhee milata hai mrtyu ke baad dashagaatr aur 16 prakaar jab tak mrt vyakti kee pret sangya rahatee hai puraan ke anusaar vaastu svasth shareer aatma bhautik shareer chhodane par dhaaran karatee hai pret hotee hai priy ke atirek kee avastha yaanee pret hai kyonki aatma jo soot shareer dhaaran karatee hai tab bhee usake andar munh maaya bhookh aur pyaas ka atirek hota hai sab pindan ke baad mitron mein sammilit ho jaata hai tatpashchaat pitr shraaddh karm aarambh hote hain atul krshn pratipada se lekar ab tak brahmaand kee oorja tatha uchch oorja ke saath prthvee par vyaapt rahate hain isalie hindoo dharm shaastron ka uddhaar karane ke lie putr kee anivaaryata maanee gaee hai janmadaata maata pita ko mrtyu uparaant log vismrt na kar dee isalie unaka shraaddh karane ka vishesh vidhaan bhee bataaya gaya hai bhaadrapad poornima se atul krshn paksh amaavasya tak ke 16 dinon ko pitrpaksh kahate hain jisamen ham apane poorvajon kee seva bhee karate hain dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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1:02
सवाल ही धर्म ग्रंथों के अनुसार परिक्रमा हमेशा दाहिने हाथ की ओर से ही क्यों की जाती है बानी हाथ की ओर से क्यों नहीं की जाती है देखिए शास्त्रों में बताया गया है कि देव मूर्ति की परिक्रमा सदैव दाएं हाथ की ओर से आरंभ करनी चाहिए क्योंकि दैवीय शक्ति के आभामंडल की गति दक्षिणावर्ती होती है वही बाएं हाथ की ओर से परिक्रमा करने पर दैवीय शक्ति के ज्योतिर मंडल की गति और हमारी अंदर विद्यमान दिव्य परमाणु में टकराव पैदा होता है जिससे हमारा पेज नष्ट हो जाता है जाने-अनजाने की गई उनकी परिक्रमा का हमें दूध परिणाम भुगतना ही पड़ता है इसलिए इस बात का याद रखें कि हमेशा परिक्रमा दाहिनी तरफ से ही करें धन्यवाद
Savaal hee dharm granthon ke anusaar parikrama hamesha daahine haath kee or se hee kyon kee jaatee hai baanee haath kee or se kyon nahin kee jaatee hai dekhie shaastron mein bataaya gaya hai ki dev moorti kee parikrama sadaiv daen haath kee or se aarambh karanee chaahie kyonki daiveey shakti ke aabhaamandal kee gati dakshinaavartee hotee hai vahee baen haath kee or se parikrama karane par daiveey shakti ke jyotir mandal kee gati aur hamaaree andar vidyamaan divy paramaanu mein takaraav paida hota hai jisase hamaara pej nasht ho jaata hai jaane-anajaane kee gaee unakee parikrama ka hamen doodh parinaam bhugatana hee padata hai isalie is baat ka yaad rakhen ki hamesha parikrama daahinee taraph se hee karen dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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काले सेब क्या होते हैं तथा वे कहां पाए जाते हैं?Kale Seb Kya Hote Hain Tatha Ve Kahan Paye Jate Hain
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1:12
सवाल ही काली सेब क्या होते हैं तथा हुए कहां पाए जाते हैं देखिए आपने अब तक बाजारों और बागों में लाल और हरे रंग के से भी देखें और खाई होंगी इसके अलावा बाजारों ने भी सेब की कई सारी प्रजातियां देखने को मिलती है इनमें से कई से लाल हरे और हल्के पीले रंग की होती है लेकिन हममें से बहुत लोगों ने काले सेब को नहीं देखा होगा दरअसल या दुर्लभ से बहुत कम जगह पर पाया जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 20 से ज्यादातर देशों में अब तक 200 से ज्यादा किस्मत कैसे उगाए जा चुके हिंदी में से एक है गहरे बैंगनी रंग का सेब जिसको ब्लैक डायमंड एप्पल भी कहा जाता है यह दुर्लभ से बहुत कम जगह पर पाया जाता है जानकारी के लिए बता दें कि तिब्बत की पहाड़ियों पर गाए जाने वाला या सेवक देखने में बेहद ही अद्भुत है धन्यवाद
Savaal hee kaalee seb kya hote hain tatha hue kahaan pae jaate hain dekhie aapane ab tak baajaaron aur baagon mein laal aur hare rang ke se bhee dekhen aur khaee hongee isake alaava baajaaron ne bhee seb kee kaee saaree prajaatiyaan dekhane ko milatee hai inamen se kaee se laal hare aur halke peele rang kee hotee hai lekin hamamen se bahut logon ne kaale seb ko nahin dekha hoga darasal ya durlabh se bahut kam jagah par paaya jaata hai aapakee jaanakaaree ke lie bata den ki duniya ke 20 se jyaadaatar deshon mein ab tak 200 se jyaada kismat kaise ugae ja chuke hindee mein se ek hai gahare bainganee rang ka seb jisako blaik daayamand eppal bhee kaha jaata hai yah durlabh se bahut kam jagah par paaya jaata hai jaanakaaree ke lie bata den ki tibbat kee pahaadiyon par gae jaane vaala ya sevak dekhane mein behad hee adbhut hai dhanyavaad

#खेल कूद

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2:06
सवाल ही भारत के किस राज्य में शेखावाटी जिला है और यह किस दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है देखिए सीकर जिला भारत के राजस्थान प्रांत का एक जिला है या जिला शेखावाटी के नाम से भी जाना जाता है या प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण से महत्वपूर्ण है सीकर श्रीमाधोपुर नीमकाथाना फतेहपुर शेखावाटी जिले के सबसे बड़े शहर व तहसील है यहां पर तरह तरह की प्राकृतिक रंग देखने को मिलते हैं सीकर जिले को वीरभान ने बताया और वीरभान का बास सीकर का पुराना नाम दिया राजा माधव सिंह जी ने वर्तमान स्वरूप प्रदान किया और सीकर नाम दिया इन्होंने छल करके कांसली गांव के राजा श्री गणेश जी की मूर्ति जीती यह मूर्ति का असली के राजा को एक संत द्वारा भेंट की गई थी इस मूर्ति की प्राप्ति के बाद कांसली गांव अभी जय था कई बार सीकर के राजा ने कांसली को जीतने का प्रयास किया लेकिन बाद में गुप्त चोरों के जरिए जब इसके बारे में सूचना हासिल हुई तो उसने एक विश्वसनीय सैनिक को साधु का भेष बनाकर कांसली भेजा और छल से यह मूर्ति हासिल की तथा अभी सुबह कांसली पर आक्रमण कर विजय हासिल की छल से मूर्ति प्राप्त करने और विजय हासिल करने के बाद सीकर राजानी महल के सामने गणेश जी का मंदिर भी बनवाया जो कि आज भी सुभाष चौक दीक्षित है राजा ने गोपीनाथ जी का मंदिर भी बनवाया था सीकर की रामलीला बहुत ही प्रसिद्ध है पूरे शेखावटी में इस रामलीला मंचन को भी राजा ने शुरू कर और अभिषेक सांस्कृतिक मंडल नामक संस्था चलाती है धन्यवाद
Savaal hee bhaarat ke kis raajy mein shekhaavaatee jila hai aur yah kis drshti se mahatvapoorn maana jaata hai dekhie seekar jila bhaarat ke raajasthaan praant ka ek jila hai ya jila shekhaavaatee ke naam se bhee jaana jaata hai ya praakrtik drshti se mahatvapoorn se mahatvapoorn hai seekar shreemaadhopur neemakaathaana phatehapur shekhaavaatee jile ke sabase bade shahar va tahaseel hai yahaan par tarah tarah kee praakrtik rang dekhane ko milate hain seekar jile ko veerabhaan ne bataaya aur veerabhaan ka baas seekar ka puraana naam diya raaja maadhav sinh jee ne vartamaan svaroop pradaan kiya aur seekar naam diya inhonne chhal karake kaansalee gaanv ke raaja shree ganesh jee kee moorti jeetee yah moorti ka asalee ke raaja ko ek sant dvaara bhent kee gaee thee is moorti kee praapti ke baad kaansalee gaanv abhee jay tha kaee baar seekar ke raaja ne kaansalee ko jeetane ka prayaas kiya lekin baad mein gupt choron ke jarie jab isake baare mein soochana haasil huee to usane ek vishvasaneey sainik ko saadhu ka bhesh banaakar kaansalee bheja aur chhal se yah moorti haasil kee tatha abhee subah kaansalee par aakraman kar vijay haasil kee chhal se moorti praapt karane aur vijay haasil karane ke baad seekar raajaanee mahal ke saamane ganesh jee ka mandir bhee banavaaya jo ki aaj bhee subhaash chauk deekshit hai raaja ne gopeenaath jee ka mandir bhee banavaaya tha seekar kee raamaleela bahut hee prasiddh hai poore shekhaavatee mein is raamaleela manchan ko bhee raaja ne shuroo kar aur abhishek saanskrtik mandal naamak sanstha chalaatee hai dhanyavaad

#खेल कूद

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1:55
सवाल यह भारत में काली गेहूं की खेती किस जिले में की जाती है यह सामान्य गेहूं की अपेक्षा काला गेहूं स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है देखिए माना जाता है कि काले गेहूं में एंथोसाइन इन कमेंट के कारण इसका रंग काला हो जाता है साधारण गेहूं की मात्रा 5 से 15 पीपीएम होती है जबकि काले गेहूं में यह मात्रा 40 पीपीएम होती है * साइन इन अपने आप में एंटी ऑक्सीडेंट है जो इम्यूनिटी पावर भी बढ़ाता है तो वहीं सामान्य गेहूं की तुलना में आयरन की मात्रा भी 60% अधिक होने का किसानों का दावा है किसानों का कहना है कि सामान्य गेहूं अट्ठारह सौ रुपए प्रति क्विंटल बिकता है जबकि काला गेहूं 6000 प्रति क्विंटल दिखता है जिससे किसान को अच्छा दुखी होता है जहां सीकर जिला प्याज की खेती के लिए देश में दूसरे नंबर पर है इन दिनों सीकर जिले के कई किसानों की सामान्य नस्ल के अलावा काली और हरी गेहूं की भी खेती कर रहे इसका नवाचार कर रहे हैं सीकर के फतेहपुर श्रीमाधोपुर इलाके की कई किसान इन दिनों सामान्य गेहूं के साथ-साथ काले गेहूं की खेती कर रहे हर सावा के किसानों का कहना है कि काले गेहूं में आयरन की मात्रा अधिक होने के कारण एनीमिया जैसी बीमारी से निजात दिलाने में खाता कारगर है भारत के राजस्थान प्रांत में सीकर जिला है जहां पर काले गेहूं की खेती बहुत अधिक मात्रा में शुरू हो चुकी है धन्यवाद
Savaal yah bhaarat mein kaalee gehoon kee khetee kis jile mein kee jaatee hai yah saamaany gehoon kee apeksha kaala gehoon svaasthy ke lie achchha hota hai dekhie maana jaata hai ki kaale gehoon mein enthosain in kament ke kaaran isaka rang kaala ho jaata hai saadhaaran gehoon kee maatra 5 se 15 peepeeem hotee hai jabaki kaale gehoon mein yah maatra 40 peepeeem hotee hai * sain in apane aap mein entee okseedent hai jo imyoonitee paavar bhee badhaata hai to vaheen saamaany gehoon kee tulana mein aayaran kee maatra bhee 60% adhik hone ka kisaanon ka daava hai kisaanon ka kahana hai ki saamaany gehoon atthaarah sau rupe prati kvintal bikata hai jabaki kaala gehoon 6000 prati kvintal dikhata hai jisase kisaan ko achchha dukhee hota hai jahaan seekar jila pyaaj kee khetee ke lie desh mein doosare nambar par hai in dinon seekar jile ke kaee kisaanon kee saamaany nasl ke alaava kaalee aur haree gehoon kee bhee khetee kar rahe isaka navaachaar kar rahe hain seekar ke phatehapur shreemaadhopur ilaake kee kaee kisaan in dinon saamaany gehoon ke saath-saath kaale gehoon kee khetee kar rahe har saava ke kisaanon ka kahana hai ki kaale gehoon mein aayaran kee maatra adhik hone ke kaaran eneemiya jaisee beemaaree se nijaat dilaane mein khaata kaaragar hai bhaarat ke raajasthaan praant mein seekar jila hai jahaan par kaale gehoon kee khetee bahut adhik maatra mein shuroo ho chukee hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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मनुष्य को अपनी आलोचना सुनकर क्रोधित होना उत्तेजित होना क्या उचित है?Manushya Ko Apni Aalochana Sunkar Krodhit Hona Uttejit Hona Kya Uchit Hai
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1:16
सवाल ही मनुष्य को अपनी आलोचना सुनकर क्रोधित होना उत्तेजित होना क्या उचित है देखिए मनुष्य को कभी भी अपनी आलोचना सुनकर उत्तेजित नहीं होना चाहिए कई बार ऐसा होता है कि सामने वाले का आप को उत्तेजित करने का मकसद होता है उस वक्त अगर आप ने उत्तेजित होकर कोई फैसला ले लिया या फिर कोई बात क्रोध में आकर वहां पर कहीं भी तो हो सकता है कि वह आपके हित में ना हो असल जिंदगी में कई बार ऐसा होता है कि लोग दूसरों को नीचा दिखाने के लिए उनकी आलोचना करने का मौका ढूंढते रहते हैं कुछ लोग इन लोगों की बातों में आ जाती तो कुछ बात को इग्नोर भी कर देते हैं मनुष्य को कभी भी आलोचना सुनकर उत्तेजित या क्रोधित नहीं होना चाहिए ऐसा करके आप सामने वाले को अपनी गलती पकड़ने का मौका देते हैं दुनिया में कई लोग ऐसे होते हैं जो आपकी आलोचना सिर्फ इस वजह से करते हैं ताकि आप का मनोबल टूट जाए और वह इस बात का अनुचित लाभ उठा सकें इसलिए उन्हें अनुचित लाभ उठाने का मौका कभी नहीं देना चाहिए धन्यवाद
Savaal hee manushy ko apanee aalochana sunakar krodhit hona uttejit hona kya uchit hai dekhie manushy ko kabhee bhee apanee aalochana sunakar uttejit nahin hona chaahie kaee baar aisa hota hai ki saamane vaale ka aap ko uttejit karane ka makasad hota hai us vakt agar aap ne uttejit hokar koee phaisala le liya ya phir koee baat krodh mein aakar vahaan par kaheen bhee to ho sakata hai ki vah aapake hit mein na ho asal jindagee mein kaee baar aisa hota hai ki log doosaron ko neecha dikhaane ke lie unakee aalochana karane ka mauka dhoondhate rahate hain kuchh log in logon kee baaton mein aa jaatee to kuchh baat ko ignor bhee kar dete hain manushy ko kabhee bhee aalochana sunakar uttejit ya krodhit nahin hona chaahie aisa karake aap saamane vaale ko apanee galatee pakadane ka mauka dete hain duniya mein kaee log aise hote hain jo aapakee aalochana sirph is vajah se karate hain taaki aap ka manobal toot jae aur vah is baat ka anuchit laabh utha saken isalie unhen anuchit laabh uthaane ka mauka kabhee nahin dena chaahie dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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व्रत वा उपवास रखने के धार्मिक वा वैज्ञानिक कारण क्या है?Vrat Va Upavas Rakhne Ke Dharmik Va Vaigyanik Karan Kya Hai
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1:44
सवाल है बृत्व उपवास रखने के धार्मिक व वैज्ञानिक कारण क्या है देखिए उपवास रखने की हमारी परंपराएं सदियों पुरानी और आस्था से जुड़ी हैं कुछ लोग इन्हें अंधविश्वास मानते हैं जबकि आज भी बहुत से लोग इन परंपराओं को निभा रहे हैं अगर परंपराओं का अध्ययन करें तो आप पाएंगे कि ऋषि-मुनियों और पूर्वजों ने गहन अध्ययन के बाद इंसान के लाभ के लिए इनको शुरू किया था यह परंपराएं ईश्वर के प्रति आस्था को बढ़ाती है बहुत सी बीमारियों और समस्याओं से भी बचाती है इसे वैज्ञानिक भी प्रमाणित कर चुके हैं हिंदू धर्म में व्रत रखने का बहुत महत्व है लोग अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार अलग-अलग देवी-देवताओं मानती लोग सप्ताह में 1 दिन या 5 मौकों पर अपने इश्क के लिए व्रत रखती हैं धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने से देवी देवता प्रसन्न होते हैं कष्टों और परेशानियों को दूर करके मनु कामनाओं को पूर्ण करते हैं सप्ताह में 1 दिन व्रत रखना वैज्ञानिक दृष्टि से भी फायदेमंद है आयुर्वेद के अनुसार व्रत रखने से पाचन क्रिया को आराम मिलता है जिससे पाचन तंत्र ठीक रहता है शरीर के हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं जिसके शरीर और सेहत ठीक रहती है धन्यवाद
Savaal hai brtv upavaas rakhane ke dhaarmik va vaigyaanik kaaran kya hai dekhie upavaas rakhane kee hamaaree paramparaen sadiyon puraanee aur aastha se judee hain kuchh log inhen andhavishvaas maanate hain jabaki aaj bhee bahut se log in paramparaon ko nibha rahe hain agar paramparaon ka adhyayan karen to aap paenge ki rshi-muniyon aur poorvajon ne gahan adhyayan ke baad insaan ke laabh ke lie inako shuroo kiya tha yah paramparaen eeshvar ke prati aastha ko badhaatee hai bahut see beemaariyon aur samasyaon se bhee bachaatee hai ise vaigyaanik bhee pramaanit kar chuke hain hindoo dharm mein vrat rakhane ka bahut mahatv hai log apanee shraddha aur aastha ke anusaar alag-alag devee-devataon maanatee log saptaah mein 1 din ya 5 maukon par apane ishk ke lie vrat rakhatee hain dhaarmik maanyata ke anusaar vrat rakhane se devee devata prasann hote hain kashton aur pareshaaniyon ko door karake manu kaamanaon ko poorn karate hain saptaah mein 1 din vrat rakhana vaigyaanik drshti se bhee phaayademand hai aayurved ke anusaar vrat rakhane se paachan kriya ko aaraam milata hai jisase paachan tantr theek rahata hai shareer ke haanikaarak tatv baahar nikal jaate hain jisake shareer aur sehat theek rahatee hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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3:36
सवाल ही नमस्कार करने का सही तरीका क्या है निकिता नमस्कार कितने प्रकार के होते हैं देखिए नमस्कार करने के कई तरीके और कई प्रकार के होते हैं नमः धातु से बना है नमस्कार नमः का अर्थ है नमन करना या झुकना नमस्कार का मतलब पैर छूना नहीं होता नमस्कार शब्द हिंदी गुजराती मराठी तमिल बंगाली आज वर्तमान में प्रचलित सभी भाषाओं का शब्द नहीं है या हिंदू धर्म की भाषा संस्कृत का शब्द है संस्कृत से ही सभी भाषाओं का जन्म हुआ है हिंदू और भारतीय संस्कृति के अनुसार मंदिर में दर्शन करते समय या किसी सम्मानीय व्यक्ति से मिलने पर हमारे हाथ नमस्कार मुद्रा में जुड़ जाते हैं नमस्कार करते समय क्या करें और क्या न करें इसके भी शास्त्रों में नियम है नियम से ही समाज चलता है नमस्कार के मुख्यतः तीन प्रकार हैं सामान्य नमस्कार पद नमस्कार और साष्टांग नमस्कार सामान्य नमस्कार किसी से मिलते वक्त सामान्य तौर पर दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर नमस्कार किया जाता है प्रतिदिन हमसे कोई न कोई मिलता ही है जो हमें नमस्कार करता है या हम उसे नमस्कार करते हैं और नमस्कार इस नमस्कार के अंतर्गत हम अपने परिवार और कुटुंब के बुजुर्गों माता-पिता आदि के पैर भी छू कर नमस्कार करते हैं परिवार के अलावा हम अपनी गुरु और आध्यात्मिक ज्ञान से संपन्न व्यक्ति के पैर छूते हैं टांग नमस्कार यह नमस्कार सिर्फ मंदिर में ही किया जाता है इस नमस्कार का प्रयोग अधिकतम मंदिरों में ही होता है अर्थात साष्टांग नमन करना ही ताश टांग नमस्कार सामान्य नमस्कार कभी भी एक हाथ से नमस्कार न करें और ना ही गर्दन हिलाकर नमस्कार करें दोनों हाथों को जोड़कर ही नमस्कार करें इससे सामने वाले के मन में आपके प्रति अच्छी भावना का विकास होगा और आप में भी इसे मात्र औपचारिक अभिवादन न समझे नमस्कार करते समय मात्र 2 सेकेंड के लिए नेत्रों को बंद कर लेना चाहिए इससे आंखें और मन खो जाएंगे नमस्कार करते समय आंखों में कोई वस्तु नहीं होनी चाहिए इसके अलावा इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए ऐसे किसी व्यक्ति के पैर नहीं छूना चाहिए जिसे आप अच्छी तरह जानते नहीं हो या वह अध्यात्मिक संपन्न भी व्यक्ति ना हो बहुत से लोग आजकल चापलूसी या पद लालसा के चलते राजनीतिज्ञों के पैर छूते रहते हैं जो कि हमारे हिसाब से गलत है धन्यवाद

#जीवन शैली

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1:56
सवाल है आचार्य चाणक्य के अनुसार वह कौन सी तीन चीजें हैं जो मनुष्य की काबिलियत चेहरे का तेज और सम्मान को समाप्त कर देती है कि आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़ी कठोर लगे लेकिन यह कठोरता ही जीवन की सच्चाई है हम लोग भाग दौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दें लेकिन यह वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे आज का यह विचार अहंकार क्रोध और लालच पर आधारित है अहंकार क्रोध और लालच इंसान की काबिलियत खा जाता है आचार्य चाणक्य के अंत इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य को तीन चीजें खत्म कर सकती है यह तीन चीजें अहंकार क्रोध और लालच है यह तीनों चीजें इंसान की काबिलियत को धीरे-धीरे पूरी तरह से नष्ट कर देती है यह तीनों चीजें जब भी इंसान के ऊपर अपना कब्जा जमा लेती है तो इंसान का सम्मान काबिलियत चेहरे का तेज सभी कुछ समाप्त होकर हो जाता है इंसान के ऊपर अपना कब्जा जमाने पर मनुष्य इनकी इज्जत नहीं करता उसकी सोचने और समझने की क्षमता सबसे पहले खत्म हो जाती मनुष्य फिर वही सोचता है और करता है जो यह चीजें उच्च करवाती है धन्यवाद
Savaal hai aachaary chaanaky ke anusaar vah kaun see teen cheejen hain jo manushy kee kaabiliyat chehare ka tej aur sammaan ko samaapt kar detee hai ki aachaary chaanaky kee neetiyaan aur vichaar bhale hee aapako thodee kathor lage lekin yah kathorata hee jeevan kee sachchaee hai ham log bhaag daud bharee jindagee mein in vichaaron ko bhale hee najarandaaj kar den lekin yah vachan jeevan kee har kasautee par aapakee madad karenge aachaary chaanaky ke inheen vichaaron mein se aaj ham ek aur vichaar ka vishleshan karenge aaj ka yah vichaar ahankaar krodh aur laalach par aadhaarit hai ahankaar krodh aur laalach insaan kee kaabiliyat kha jaata hai aachaary chaanaky ke ant is kathan ka arth hai ki manushy ko teen cheejen khatm kar sakatee hai yah teen cheejen ahankaar krodh aur laalach hai yah teenon cheejen insaan kee kaabiliyat ko dheere-dheere pooree tarah se nasht kar detee hai yah teenon cheejen jab bhee insaan ke oopar apana kabja jama letee hai to insaan ka sammaan kaabiliyat chehare ka tej sabhee kuchh samaapt hokar ho jaata hai insaan ke oopar apana kabja jamaane par manushy inakee ijjat nahin karata usakee sochane aur samajhane kee kshamata sabase pahale khatm ho jaatee manushy phir vahee sochata hai aur karata hai jo yah cheejen uchch karavaatee hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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नीला थोथा के क्या उपयोग है?Neela Thotha Ke Kya Upyog Hai
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1:27
सवाल है नीला थोथा के क्या उपयोग है देखिए नीला थोथा 1s कहे आम भाषा में इसे तूतिया या नीला थोथा बोलते हैं इसका मेरा आजमाया हुआ एक मुक्का है दाद खाज खुजली या चर्म रोग होने पर नीला थोथा और गंधक को बराबर मात्रा में लेकर काशी की थाली में डाल कर दो बूंद सरसों का तेल डालकर तब तक मत ना चाहिए जब तक काशी की थाली का कालापन उसमें ना आ जाए फिर हल्का पानी डालकर और मत है ऐसे दो-तीन बार करके चर्मरोग वाले स्थान पर लगाएं और 2 घंटे बाद इसे धो लें ऐसा तीन-चार दिन लगाएं दाद खाज जड़ से खत्म हो जाती है इसमें बड़ा लाभकारी होता है नीला थोथा का प्रयोग चीजों को कीड़े मकोड़े से बचाने के लिए भी किया जाता है इसलिए कागज को चिपकाने वाली शरीर या नहीं मैं 20 को डालते हैं नीला थोथा जिसे तूतिया भी कहते हैं कॉपर सल्फेट होता है सफेदी करने भंडारण आदमी भी इसका प्रयोग किया जाता है धन्यवाद
Savaal hai neela thotha ke kya upayog hai dekhie neela thotha 1s kahe aam bhaasha mein ise tootiya ya neela thotha bolate hain isaka mera aajamaaya hua ek mukka hai daad khaaj khujalee ya charm rog hone par neela thotha aur gandhak ko baraabar maatra mein lekar kaashee kee thaalee mein daal kar do boond sarason ka tel daalakar tab tak mat na chaahie jab tak kaashee kee thaalee ka kaalaapan usamen na aa jae phir halka paanee daalakar aur mat hai aise do-teen baar karake charmarog vaale sthaan par lagaen aur 2 ghante baad ise dho len aisa teen-chaar din lagaen daad khaaj jad se khatm ho jaatee hai isamen bada laabhakaaree hota hai neela thotha ka prayog cheejon ko keede makode se bachaane ke lie bhee kiya jaata hai isalie kaagaj ko chipakaane vaalee shareer ya nahin main 20 ko daalate hain neela thotha jise tootiya bhee kahate hain kopar salphet hota hai saphedee karane bhandaaran aadamee bhee isaka prayog kiya jaata hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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इंटरनेट की मदद से बिजनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता है?Internet Ki Madad Se Business Ko Kaise Badhaya Ja Sakta Hai
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
3:46
सवाल है इंटरनेट की मदद से बिजनेस को कैसे बढ़ाया जा सकता है देखिए आज के समय में इंटरनेट हर क्षेत्र के लिए वरदान बनकर सामने आया लेकिन अपना बिजनेस जमाने और नंबर वन बनाने के लिए इंटरनेट प्राथमिक जरूरत बन चुका है हमारे देश में व्यापार के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करने से लोग अभी भी बचते हैं हम अक्सर बिजनेस संबंधी दिक्कतों के लिए इंटरनेट से सलाह लेने या इस पर समाधान ढूंढने के बजाय परंपरागत माध्यमों पर ज्यादा ध्यान देते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इंटरनेट के माध्यम से वह अपने व्यवसाय की कायापलट कर सकते हैं दरअसल दुनिया की छोटी से छोटी चीजें और बड़ी से बड़ी जरूरत है हम इंटरनेट के जरिए पूरी कर सकते हैं अगर किसी व्यवसाय के संदर्भ में बात करें तो हाथों के साथ संबंध बनाने का सबसे आसान माध्यम इंटरनेट ही है इसके अलावा अपने प्रोडक्ट की जानकारी देना और भविष्य की योजनाओं के बारे में सूचना उपलब्ध कराना इंटरनेट पर बेहद आसान है इसके अलावा भुगतान और बिल वगैरह के काम में ऑनलाइन कामकाज की भूमिका बढ़ती जा रही है इंटरनेट को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करते समय अक्सर हमारे मन में धारणा होती है कि एक ब्लॉग बनाया और बस इतना ही तू है यहां लेकिन ऐसा नहीं है इंटरनेट पर अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए आपके पास अन्य कई विकल्प भी है इनमें सबसे बेहतर विकल्प है एक यूनिक डोमेन नेम दोनों आपके ग्राहकों और बुक उपभोक्ताओं के लिए इंटरनेट की एक पति रहता है इस पत्र के जरिए आपके ग्राहक आपको इस वर्ल्ड वाइड वेब में आसानी से खोज लेते हैं इसलिए एक डोमिन नाम का होना बेहद जरूरी है क्योंकि यह इंटरनेट पर आपके बिजनेस हाउस का यूनिक या इकलौता पता है इंटरनेट पर डोमेन होस्टिंग अपने व्यवसाय की उम्दा छवि बनाने का शानदार तरीका है अगर आप भी अपने बिजनेस को इंटरनेट की मदद से आगे बढ़ाना चाहते हैं तो जल्द एक डोमिन बनाएं और उसका पंजीकरण कराएं देखिए आपके बिजनेस से जुड़ी हर समस्या इंटरनेट की मदद से कैसे चुटकियों में हल होती है अगर आप अपना एकलौता डोमेन नेम पोस्ट कर रहे हैं तो इसका सीधा मतलब यह है कि आपका अपनी वेबसाइट और सॉफ्टवेयर पर पूरा नियंत्रण भी है पंजीकरण के समय एक बात ध्यान दें चाहिए और वह यह है कि किसी सर्च इंजन पर आपके डोमेन की रैंकिंग मतलब विश्वसनीयता या पारदर्शिता आपके डोमिन की उम्र और पंजीकरण के बाद की उम्र पर निर्भर करती है इसलिए हमेशा डोमिन को लंबे समय के लिए पंजीकृत कराएं इससे गूगल जैसे सर्च इंजन व्यवसाई को लेकर आप की गंभीरता को आते हैं एक बार डोमेन नेम के बनने और पंजीकृत होने के बाद आप अपना यूनिक ईमेल एड्रेस क्यों सकती है इससे इंटरनेट बिजनेस में आपकी उपस्थिति विश्वसनीयता और वैश्विक पहुंच ज्यादा बेहतर होती जा रही है धन्यवाद
Savaal hai intaranet kee madad se bijanes ko kaise badhaaya ja sakata hai dekhie aaj ke samay mein intaranet har kshetr ke lie varadaan banakar saamane aaya lekin apana bijanes jamaane aur nambar van banaane ke lie intaranet praathamik jaroorat ban chuka hai hamaare desh mein vyaapaar ke lie intaranet ka istemaal karane se log abhee bhee bachate hain ham aksar bijanes sambandhee dikkaton ke lie intaranet se salaah lene ya is par samaadhaan dhoondhane ke bajaay paramparaagat maadhyamon par jyaada dhyaan dete hain lekin bahut kam logon ko pata hai ki intaranet ke maadhyam se vah apane vyavasaay kee kaayaapalat kar sakate hain darasal duniya kee chhotee se chhotee cheejen aur badee se badee jaroorat hai ham intaranet ke jarie pooree kar sakate hain agar kisee vyavasaay ke sandarbh mein baat karen to haathon ke saath sambandh banaane ka sabase aasaan maadhyam intaranet hee hai isake alaava apane prodakt kee jaanakaaree dena aur bhavishy kee yojanaon ke baare mein soochana upalabdh karaana intaranet par behad aasaan hai isake alaava bhugataan aur bil vagairah ke kaam mein onalain kaamakaaj kee bhoomika badhatee ja rahee hai intaranet ko vaanijyik gatividhiyon ke lie istemaal karate samay aksar hamaare man mein dhaarana hotee hai ki ek blog banaaya aur bas itana hee too hai yahaan lekin aisa nahin hai intaranet par apane bijanes ko badhaane ke lie aapake paas any kaee vikalp bhee hai inamen sabase behatar vikalp hai ek yoonik domen nem donon aapake graahakon aur buk upabhoktaon ke lie intaranet kee ek pati rahata hai is patr ke jarie aapake graahak aapako is varld vaid veb mein aasaanee se khoj lete hain isalie ek domin naam ka hona behad jarooree hai kyonki yah intaranet par aapake bijanes haus ka yoonik ya ikalauta pata hai intaranet par domen hosting apane vyavasaay kee umda chhavi banaane ka shaanadaar tareeka hai agar aap bhee apane bijanes ko intaranet kee madad se aage badhaana chaahate hain to jald ek domin banaen aur usaka panjeekaran karaen dekhie aapake bijanes se judee har samasya intaranet kee madad se kaise chutakiyon mein hal hotee hai agar aap apana ekalauta domen nem post kar rahe hain to isaka seedha matalab yah hai ki aapaka apanee vebasait aur sophtaveyar par poora niyantran bhee hai panjeekaran ke samay ek baat dhyaan den chaahie aur vah yah hai ki kisee sarch injan par aapake domen kee rainking matalab vishvasaneeyata ya paaradarshita aapake domin kee umr aur panjeekaran ke baad kee umr par nirbhar karatee hai isalie hamesha domin ko lambe samay ke lie panjeekrt karaen isase googal jaise sarch injan vyavasaee ko lekar aap kee gambheerata ko aate hain ek baar domen nem ke banane aur panjeekrt hone ke baad aap apana yoonik eemel edres kyon sakatee hai isase intaranet bijanes mein aapakee upasthiti vishvasaneeyata aur vaishvik pahunch jyaada behatar hotee ja rahee hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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1:51
किस पुराण के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य की उत्पत्ति नंद राज की पत्नी मुराद से हुई थी देखिए मौर्य राजवंश लगभग 322 ईसा पूर्व प्राचीन भारत का एक शक्तिशाली राजवंश था मौर्य राजवंश ने 137 वर्ष भारत में राज्य की स्थापना का श्रेय चंद्रगुप्त मौर्य और उनके प्रधानमंत्री गुरु चाणक्य नीति कौटिल्य को किया जाता है विष्णु पुराण व अन्य ब्राह्मण ग्रंथों के अनुसार चंद्रगुप्त सूर्यवंशी क्षत्रिय हैं और नंद राज की पत्नी पूरा के पुत्र के चंद्रगुप्त मौर्य पूरे भारत को एक साम्राज्य के अधीन लाने में सफल रहे थे इनका शासन लगभग 24 वर्ष तक उन्होंने शासन किया गुप्त मौर्य का साम्राज्य पूर्व में मगध राज्य में गंगा नदी के मैदानों या यूं कहिए आज का बिहार एवं बंगाल से शुरू हुआ था इनकी राजधानी पाटलिपुत्र आज के पटना शहर के पास थी इन्होंने पश्चिम की तरफ अपना साम्राज्य का विकास किया था चंद्रगुप्त मौर्य ने कई छोटे-छोटे क्षेत्रीय राज्यों की आपसी मतभेदों का फायदा उठाया जो सिकंदर के आक्रमण के बाद पैदा हो गए थे चक्रवर्ती सम्राट अशोक के राज्य में मौर्य वंश का वृहद स्तर पर विस्तार हुआ था सम्राट अशोक के कारण ही मौर्य साम्राज्य सबसे महान एवं शक्तिशाली बन कर विश्व भर में प्रसिद्ध हुआ था धन्यवाद
Kis puraan ke anusaar chandragupt maury kee utpatti nand raaj kee patnee muraad se huee thee dekhie maury raajavansh lagabhag 322 eesa poorv praacheen bhaarat ka ek shaktishaalee raajavansh tha maury raajavansh ne 137 varsh bhaarat mein raajy kee sthaapana ka shrey chandragupt maury aur unake pradhaanamantree guru chaanaky neeti kautily ko kiya jaata hai vishnu puraan va any braahman granthon ke anusaar chandragupt sooryavanshee kshatriy hain aur nand raaj kee patnee poora ke putr ke chandragupt maury poore bhaarat ko ek saamraajy ke adheen laane mein saphal rahe the inaka shaasan lagabhag 24 varsh tak unhonne shaasan kiya gupt maury ka saamraajy poorv mein magadh raajy mein ganga nadee ke maidaanon ya yoon kahie aaj ka bihaar evan bangaal se shuroo hua tha inakee raajadhaanee paataliputr aaj ke patana shahar ke paas thee inhonne pashchim kee taraph apana saamraajy ka vikaas kiya tha chandragupt maury ne kaee chhote-chhote kshetreey raajyon kee aapasee matabhedon ka phaayada uthaaya jo sikandar ke aakraman ke baad paida ho gae the chakravartee samraat ashok ke raajy mein maury vansh ka vrhad star par vistaar hua tha samraat ashok ke kaaran hee maury saamraajy sabase mahaan evan shaktishaalee ban kar vishv bhar mein prasiddh hua tha dhanyavaad

#जीवन शैली

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जीवन में महान बनने के लिए कौन-से कार्य करना चाहिए एवं क्यों?Jeevan Mein Mahaan Banne Ke Liye Kaun Se Karya Karna Chahiye Avam Kyun
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1:31
सवाल ही जीवन में महान बनने के लिए कौन से कार्य करना चाहिए क्यों देखिए इस परिपेक्ष में मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अगर आप एक सच्चा अच्छा सफल और महान आदमी बनना चाहते हैं तो पहले ही इमानदार बनिए सच कहूं तो ईमानदारी में ही सफलता छुपी है इमानदारी खुशी के जैसी है अगर आप इस पर जमकर बैठ जाएंगे तो राजा बन जाएंगे और नहीं बैठेंगे तो फकीर बन जाएंगे इमानदारी में वह सब गुण होते हुए एक अच्छे और महान व्यक्ति में होते हैं सकारात्मक विश्वास खुशी इमानदारी और इंतजार यह पांच चीजें कोई गुण नहीं पर इन 5 चीजों में इस पूरी दुनिया की सच्चाई छिपी बैठी है अब अगर आप में ये 5 चीजें छिपी है तो आप सफल के साथ दुनिया का सबसे अच्छा आदमी बन सकते हैं आप थोड़ी देर के लिए इन 5 चीजों को 5 गुण मान लीजिए मेरे हिसाब से यह वह पांच गुण थे जो हमें एक अच्छा और सफल आदमी बना सकते हैं यह आप में ऑलरेडी हो सकते हैं अगर नहीं भी हैं तो यह अब आप पर डिपेंड करता है कि आप इन्हें सुनकर इग्नोर कर देंगे या फिर आजमा आएंगे धन्यवाद
Savaal hee jeevan mein mahaan banane ke lie kaun se kaary karana chaahie kyon dekhie is paripeksh mein main aapase kahana chaahata hoon ki agar aap ek sachcha achchha saphal aur mahaan aadamee banana chaahate hain to pahale hee imaanadaar banie sach kahoon to eemaanadaaree mein hee saphalata chhupee hai imaanadaaree khushee ke jaisee hai agar aap is par jamakar baith jaenge to raaja ban jaenge aur nahin baithenge to phakeer ban jaenge imaanadaaree mein vah sab gun hote hue ek achchhe aur mahaan vyakti mein hote hain sakaaraatmak vishvaas khushee imaanadaaree aur intajaar yah paanch cheejen koee gun nahin par in 5 cheejon mein is pooree duniya kee sachchaee chhipee baithee hai ab agar aap mein ye 5 cheejen chhipee hai to aap saphal ke saath duniya ka sabase achchha aadamee ban sakate hain aap thodee der ke lie in 5 cheejon ko 5 gun maan leejie mere hisaab se yah vah paanch gun the jo hamen ek achchha aur saphal aadamee bana sakate hain yah aap mein olaredee ho sakate hain agar nahin bhee hain to yah ab aap par dipend karata hai ki aap inhen sunakar ignor kar denge ya phir aajama aaenge dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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महाभाष्य के लेखक कौन थे?Mahabhashya Ke Lekhak Kaun The
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0:59
सवाल है महाभारत के लेखक कौन थे देखिए महाभारत के लेखक पतंजलि ने पानी के अष्टाध्याई के कुछ चुने हुए सूत्रों पर भाषा लिखी जिसे व्याकरण महाभाष्य नाम दिया महा प्लस भाग समीक्षा टिप्पणी विवेचना आलोचना एनी व्याकरण महाभाष्य कात्यायन वार्तिक भी सम्मिलित है जो पानी के अध्यापक अध्याय निभाते हैं कात्यायन की आरती कपूर लगभग 14 से हैं जो अन्यत्र नहीं मिलती बल्कि केवल व्याकरण महाभाष्य पतंजलि द्वारा संदर्भ के रूप में ही उपलब्ध है इसकी रचना लगभग ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में हुई थी संस्कृत के 3 महान व्याकरण में पतंजलि भी है अन्य दोहे पाडिन तथा कात्यायन 140 ईसा पूर्व महाभाष्य में शिक्षा व्याकरण और निरुक्त तीनों की चर्चा हुई है धन्यवाद
Savaal hai mahaabhaarat ke lekhak kaun the dekhie mahaabhaarat ke lekhak patanjali ne paanee ke ashtaadhyaee ke kuchh chune hue sootron par bhaasha likhee jise vyaakaran mahaabhaashy naam diya maha plas bhaag sameeksha tippanee vivechana aalochana enee vyaakaran mahaabhaashy kaatyaayan vaartik bhee sammilit hai jo paanee ke adhyaapak adhyaay nibhaate hain kaatyaayan kee aaratee kapoor lagabhag 14 se hain jo anyatr nahin milatee balki keval vyaakaran mahaabhaashy patanjali dvaara sandarbh ke roop mein hee upalabdh hai isakee rachana lagabhag eesa poorv doosaree shataabdee mein huee thee sanskrt ke 3 mahaan vyaakaran mein patanjali bhee hai any dohe paadin tatha kaatyaayan 140 eesa poorv mahaabhaashy mein shiksha vyaakaran aur nirukt teenon kee charcha huee hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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भारत में योजना आयोग का सृजन किया गया है?Bharat Mein Yojna Aayog Ka Srijan Kiya Gaya Hai
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1:15
प्रश्न है भारत में योजना आयोग का सृजन किया गया है देखिए 15 मार्च 1950 को जिस प्रस्ताव के माध्यम से योजना आयोग की स्थापना की गई थी उसके स्थान पर नया प्रस्ताव लाया गया है महात्मा गांधी ने कहा था सतत विकास जीवन का नियम है और जो व्यक्ति हमेशा हठधर्मिता को बनाए रखने की कोशिश करता है स्वयं को भटका ओ की ओर ले जाता है सरकार ने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान नामक नया संस्थान बनाया है यह सरकार के आर्थिक पिंकर्टन के रूप में सेवाएं प्रदान करेगा और उसे निर्देशात्मक एवं नीतिगत गतिशीलता प्रदान करेगा नीति आयोग केंद्र और राज्य स्तर ऊपर सरकार को नीति के प्रमुख कारकों के संबंध में प्रासंगिक महत्वपूर्ण एवं तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराएगा इसमें आर्थिक मोर्चे पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयात देश के भीतर साथ ही साथ अन्य देशों की बेहतरीन पद्धतियों का प्रसार नए नीतिगत विचारों का समावेश और विशिष्ट विषयों पर आधारित समर्थन से संबंधित मामले शामिल होंगे धन्यवाद
Prashn hai bhaarat mein yojana aayog ka srjan kiya gaya hai dekhie 15 maarch 1950 ko jis prastaav ke maadhyam se yojana aayog kee sthaapana kee gaee thee usake sthaan par naya prastaav laaya gaya hai mahaatma gaandhee ne kaha tha satat vikaas jeevan ka niyam hai aur jo vyakti hamesha hathadharmita ko banae rakhane kee koshish karata hai svayan ko bhataka o kee or le jaata hai sarakaar ne yojana aayog ke sthaan par neeti aayog raashtreey bhaarat parivartan sansthaan naamak naya sansthaan banaaya hai yah sarakaar ke aarthik pinkartan ke roop mein sevaen pradaan karega aur use nirdeshaatmak evan neetigat gatisheelata pradaan karega neeti aayog kendr aur raajy star oopar sarakaar ko neeti ke pramukh kaarakon ke sambandh mein praasangik mahatvapoorn evan takaneekee paraamarsh upalabdh karaega isamen aarthik morche par raashtreey aur antararaashtreey aayaat desh ke bheetar saath hee saath any deshon kee behatareen paddhatiyon ka prasaar nae neetigat vichaaron ka samaavesh aur vishisht vishayon par aadhaarit samarthan se sambandhit maamale shaamil honge dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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भारत में निर्धनता रेखा का आकलन कैसे किया जाता है?Bharat Mein Nirdhanta Rekha Ka Aaklan Kaise Kiya Jata Hai
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1:13
सवाल है भारत में निर्धनता रेखा का आकलन कैसे किया जाता है देखिए निर्धनता के आकलन के लिए एक सर्वमान्य सामान्य विधि अथवा उपभोग स्तरों पर आधारित किसी व्यक्ति की निर्धनता माना जाता है यदि उसकी आए या उपभोग इस्तर किसी के न्यूनतम स्तर से नीचे गिर जाए जो मूल आवश्यकताओं की एक दिव्य समूह को पूर्ण करने के लिए आवश्यक माना जाता है भारत में निर्धनता रेखा का निर्धारण करते समय जीवन निर्वाह के लिए खाद्य आवश्यकता कपड़ों जूतों ईंधन और प्रकाश शैक्षिक एवं चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं आदि पर विचार किया जाता है इन भौतिक मात्राओं को रूपों में उनकी कीमतों से बुला कर दिया जा निर्धनता रेखा का आकलन करते समय खाद्य आवश्यकता के लिए वर्तमान सूत्र वंचित कैलोरी आवश्यकताओं पर आधारित है धन्यवाद
Savaal hai bhaarat mein nirdhanata rekha ka aakalan kaise kiya jaata hai dekhie nirdhanata ke aakalan ke lie ek sarvamaany saamaany vidhi athava upabhog staron par aadhaarit kisee vyakti kee nirdhanata maana jaata hai yadi usakee aae ya upabhog istar kisee ke nyoonatam star se neeche gir jae jo mool aavashyakataon kee ek divy samooh ko poorn karane ke lie aavashyak maana jaata hai bhaarat mein nirdhanata rekha ka nirdhaaran karate samay jeevan nirvaah ke lie khaady aavashyakata kapadon jooton eendhan aur prakaash shaikshik evan chikitsa sambandhee aavashyakataon aadi par vichaar kiya jaata hai in bhautik maatraon ko roopon mein unakee keematon se bula kar diya ja nirdhanata rekha ka aakalan karate samay khaady aavashyakata ke lie vartamaan sootr vanchit kailoree aavashyakataon par aadhaarit hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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ओवरथिंकिंग से बचने के क्या उपाय हैं?Overthinking Se Bachne Ke Kya Upaay Hain
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1:03
सवाल है और थिंकिंग से बचने के क्या उपाय हैं देखिए चिंता चिता समान है या बड़ी चर्चित कहावत है यह बात जितनी कड़वी है उतनी ही सच्ची भी है जरूरत से ज्यादा उम्र थैंक्यू सेहत पर क्या असर डालती है शायद आपको इसका अंदाजा नहीं है अगर आपको ऐसा लगता है कि ज्यादा सोचने से हालात बदल जाएंगे और कुछ बुरा होने से आप रोक लेंगे तो ऐसा नहीं है हैरानी की बात यह है कि जो लोग जरूरत से ज्यादा सोचते हैं उन्हें खुद इस बात का एहसास नहीं होता और देखते-देखते और थिंकिंग उनके दिमाग और शरीर पर विपरीत प्रभाव डालने लगती है जरूरत से ज्यादा सोचना आपको शारीरिक और मानसिक रुप से बीमार बना सकता है जिससे हाइपरटेंशन और डिप्रेशन जैसी बीमारियां हो सकती है अगर आपको भी छोटी-छोटी बातों को ज्यादा सोचने की आदत है तो इसके कई गंभीर परिणाम हो सकते हैं इसलिए मतलब से सोचना काफी हानिकारक हो सकता है धन्यवाद
Savaal hai aur thinking se bachane ke kya upaay hain dekhie chinta chita samaan hai ya badee charchit kahaavat hai yah baat jitanee kadavee hai utanee hee sachchee bhee hai jaroorat se jyaada umr thainkyoo sehat par kya asar daalatee hai shaayad aapako isaka andaaja nahin hai agar aapako aisa lagata hai ki jyaada sochane se haalaat badal jaenge aur kuchh bura hone se aap rok lenge to aisa nahin hai hairaanee kee baat yah hai ki jo log jaroorat se jyaada sochate hain unhen khud is baat ka ehasaas nahin hota aur dekhate-dekhate aur thinking unake dimaag aur shareer par vipareet prabhaav daalane lagatee hai jaroorat se jyaada sochana aapako shaareerik aur maanasik rup se beemaar bana sakata hai jisase haiparatenshan aur dipreshan jaisee beemaariyaan ho sakatee hai agar aapako bhee chhotee-chhotee baaton ko jyaada sochane kee aadat hai to isake kaee gambheer parinaam ho sakate hain isalie matalab se sochana kaaphee haanikaarak ho sakata hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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आर्टिफिशियल दूध कैसे बनता है( सिंथेटिक)?Artifcial Doodh Kaise Banta Hai Synthetic
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2:27
आर्टिफिशियल दूध कैसे बनता है देखिए आर्टिफिशियल दूधिया सिंथेटिक दूध बनाने वाले माफिया आपकी जान से खिलवाड़ कर रहे हैं या ऐसे पदार्थ से दूध तैयार करते हैं जो सेहत के लिए काफी खतरनाक है इस जहरीले दूध का कारोबार खाद्य विभाग की नजरों में ही रहता है लेकिन माफियाओं की सांठगांठ से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है सिंथेटिक दूध का काला कारोबार की पकड़ काफी मजबूत हो चुकी है सिंथेटिक दूध बनाने वाले से पता चला कि एक बड़े बर्तन में 1 लीटर दूध डालकर तकरीबन 200 से 300 ग्राम इजी डाल दिया जाता है फिर इन दोनों को अच्छे से मिला दिया जाता है जब इस में झाग बनना शुरू होता है तो 5 लीटर पानी डाला जाता है इसके बाद उसमें 1 लीटर रिफाइंड डाला जाता है जिससे दूध चिकनाहट उसमें आ जाती है सिंथेटिक दूध के कारोबार में दोगुने से अधिक मुनाफा है पहचान छिपाने की शर्त पर एक सिंथेटिक दूध का कारोबार करने वाले ने बताया कि मात्र ₹300 की लागत से ₹800 का सिंथेटिक दूध बना देता है मैं कपड़े धोने के इस्तेमाल में आने वाली इजीली फाइंड यूरिया जैसी चीजों के मिश्रण से दूध तैयार कर देता हूं ऐसा उसका कहना था लगातार सिंथेटिक दूध पीने से पेट से संबंधित घातक बीमारियां हो जाएंगी डायरी आफताब लूज मोशन की शिकायतों के अलावा हाथों में भी खराबी आ सकती है तो वही लीवर पर भी इसका बेहद विपरीत प्रभाव पड़ेगा सिंथेटिक दूध की पहचान करने के लिए दूध की कुछ बूंदे की कथा पर डाल दो दूध अगर सिंथेटिक होगा तो वह उस स्थान पर निशान नहीं छोड़ेगा वही दूध सही होगा तो वहां निशान छोड़ जाएगा वही हाथों पर रगड़ने पर सिंथेटिक दूध चिपचिपा लगेगा इसलिए इसकी पहचान करें और सिंथेटिक दूध से बचें स्वास्थ्य के लिए यह काफी घातक साबित हो सकता है धन्यवाद
Aartiphishiyal doodh kaise banata hai dekhie aartiphishiyal doodhiya sinthetik doodh banaane vaale maaphiya aapakee jaan se khilavaad kar rahe hain ya aise padaarth se doodh taiyaar karate hain jo sehat ke lie kaaphee khataranaak hai is jahareele doodh ka kaarobaar khaady vibhaag kee najaron mein hee rahata hai lekin maaphiyaon kee saanthagaanth se in par koee kaarravaee nahin ho paatee hai sinthetik doodh ka kaala kaarobaar kee pakad kaaphee majaboot ho chukee hai sinthetik doodh banaane vaale se pata chala ki ek bade bartan mein 1 leetar doodh daalakar takareeban 200 se 300 graam ijee daal diya jaata hai phir in donon ko achchhe se mila diya jaata hai jab is mein jhaag banana shuroo hota hai to 5 leetar paanee daala jaata hai isake baad usamen 1 leetar riphaind daala jaata hai jisase doodh chikanaahat usamen aa jaatee hai sinthetik doodh ke kaarobaar mein dogune se adhik munaapha hai pahachaan chhipaane kee shart par ek sinthetik doodh ka kaarobaar karane vaale ne bataaya ki maatr ₹300 kee laagat se ₹800 ka sinthetik doodh bana deta hai main kapade dhone ke istemaal mein aane vaalee ijeelee phaind yooriya jaisee cheejon ke mishran se doodh taiyaar kar deta hoon aisa usaka kahana tha lagaataar sinthetik doodh peene se pet se sambandhit ghaatak beemaariyaan ho jaengee daayaree aaphataab looj moshan kee shikaayaton ke alaava haathon mein bhee kharaabee aa sakatee hai to vahee leevar par bhee isaka behad vipareet prabhaav padega sinthetik doodh kee pahachaan karane ke lie doodh kee kuchh boonde kee katha par daal do doodh agar sinthetik hoga to vah us sthaan par nishaan nahin chhodega vahee doodh sahee hoga to vahaan nishaan chhod jaega vahee haathon par ragadane par sinthetik doodh chipachipa lagega isalie isakee pahachaan karen aur sinthetik doodh se bachen svaasthy ke lie yah kaaphee ghaatak saabit ho sakata hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा क्यों की जाती है?Basant Panchami Par Maa Sarasvati Ki Pooja Kyun Ki Jati Hai
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0:47
करीब वीणा परिवार दंती तथा जयंती चंपारण मालामाल पृष्ठा सनसनी विस्टा सरस्वती तामसील शाह नमामी मां सरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है मान्यता है कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मां सरस्वती ब्रह्मा जी के मुख से प्रकट हुई थी और इसीलिए इस तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है ज्ञान की देवी होने की और इस तिथि को प्रकट होने की वजह से मां सरस्वती की पूजा की जाती है धन्यवाद
Kareeb veena parivaar dantee tatha jayantee champaaran maalaamaal prshtha sanasanee vista sarasvatee taamaseel shaah namaamee maan sarasvatee ko gyaan kee devee maana jaata hai maanyata hai ki maagh maas kee shukl paksh kee panchamee tithi ko maan sarasvatee brahma jee ke mukh se prakat huee thee aur iseelie is tithi ko basant panchamee ka parv manaaya jaata hai gyaan kee devee hone kee aur is tithi ko prakat hone kee vajah se maan sarasvatee kee pooja kee jaatee hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आज क्या नया है?Praudyogiki Ke Shetr Mein Aaj Kya Naya Hai
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
2:52
गांधी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आज क्या नया है देखिए प्रौद्योगिकी के उपयोग से हम अपने जीवन में कठिन कार्यों को बड़ी आसानी से कर सकते हैं क्योंकि जो काम मनुष्य की मदद से बड़ी मुश्किल से किया जा सकता है वही काम प्रौद्योगिकी की मदद से बड़ी ही आसानी से और तेज गति से और बेहतरीन तरीके से किया जा सकता है हाइपरलूप टेक्नोलॉजी जमीन पर यातायात के लिए या तकनीकी प्रयोग किया जाने वाला है जो कि घर्षण रहित गत करेगा या तकनीक टेस्ला के संस्थापक एलन मस्क के दिमाग की उपज है का कहना है कि जब रॉकेट अंतरिक्ष में भेजा जाता है तो बहुत ही ज्यादा स्पीड होती है वही तकनीकी खामी पृथ्वी पर अप्लाई करना चाहिए अगर या टेक्नोलोजी भारत में आ जाती है तो 12:00 100 किलोमीटर की दूरी 1 घंटे में तय की जा सकेगी चंद्रमा पर खनन चांद पर से खनिज पदार्थ लाने की होड़ में सभी बड़ी-बड़ी कंपनियां काम कर रही है इसी दिशा में नासा ने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत सभी कंपनियों से संपर्क में है हल्के रॉकेट बेहतर नेविगेशन 14 दिन चांद पर रात रहने पर निर्बाध ऊर्जा के प्रबंधन पर काम चल रहा है इसी क्रम में 2024 तक चांद पर इंसानों को भी उतारना संभव हो सकता है मंगल पर परमाणु रिएक्टर नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह पर जटिल कार्बनिक अणुओं की खोज की है जिसका मतलब है वहां जीवन उत्पन्न किया जा सकता है हो सकता है करोड़ों साल पहले वहां जीवन रहा भी हो इसलिए ना सा चांद पर और मंगल पर परमाणु रिएक्टर की स्थापना करने वाला है जो वहां जाने वालों को ऊर्जा प्रदान करेगी शूद्र खनन 1601 नामक उल्कापिंड पर सभी स्पेस एजेंसियों की निगाहें हैं या 200 किलोमीटर ब्यास वाला अंतरित चट्टान मंगल और बृहस्पति के बीच घूम रहा है और सोना लोहा प्लेटें नियम तथा दुर्लभ पदार्थों से भरा है अनुमान लगाया जाता है कि अगर यह दुनिया में इसकी कीमत बाकी जाए तो प्रत्येक व्यक्ति को 93 बिलीयन डॉलर अर्थात 69 खरब रुपए मिलेंगे 2026 में ना था इस चट्टान पर रोवर उतारने वाला है धन्यवाद
Gaandhee praudyogikee ke kshetr mein aaj kya naya hai dekhie praudyogikee ke upayog se ham apane jeevan mein kathin kaaryon ko badee aasaanee se kar sakate hain kyonki jo kaam manushy kee madad se badee mushkil se kiya ja sakata hai vahee kaam praudyogikee kee madad se badee hee aasaanee se aur tej gati se aur behatareen tareeke se kiya ja sakata hai haiparaloop teknolojee jameen par yaataayaat ke lie ya takaneekee prayog kiya jaane vaala hai jo ki gharshan rahit gat karega ya takaneek tesla ke sansthaapak elan mask ke dimaag kee upaj hai ka kahana hai ki jab roket antariksh mein bheja jaata hai to bahut hee jyaada speed hotee hai vahee takaneekee khaamee prthvee par aplaee karana chaahie agar ya teknolojee bhaarat mein aa jaatee hai to 12:00 100 kilomeetar kee dooree 1 ghante mein tay kee ja sakegee chandrama par khanan chaand par se khanij padaarth laane kee hod mein sabhee badee-badee kampaniyaan kaam kar rahee hai isee disha mein naasa ne aartemis kaaryakram ke tahat sabhee kampaniyon se sampark mein hai halke roket behatar nevigeshan 14 din chaand par raat rahane par nirbaadh oorja ke prabandhan par kaam chal raha hai isee kram mein 2024 tak chaand par insaanon ko bhee utaarana sambhav ho sakata hai mangal par paramaanu riektar naasa ke kyooriyositee rovar ne mangal grah par jatil kaarbanik anuon kee khoj kee hai jisaka matalab hai vahaan jeevan utpann kiya ja sakata hai ho sakata hai karodon saal pahale vahaan jeevan raha bhee ho isalie na sa chaand par aur mangal par paramaanu riektar kee sthaapana karane vaala hai jo vahaan jaane vaalon ko oorja pradaan karegee shoodr khanan 1601 naamak ulkaapind par sabhee spes ejensiyon kee nigaahen hain ya 200 kilomeetar byaas vaala antarit chattaan mangal aur brhaspati ke beech ghoom raha hai aur sona loha pleten niyam tatha durlabh padaarthon se bhara hai anumaan lagaaya jaata hai ki agar yah duniya mein isakee keemat baakee jae to pratyek vyakti ko 93 bileeyan dolar arthaat 69 kharab rupe milenge 2026 mein na tha is chattaan par rovar utaarane vaala hai dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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आंखों में थकान का क्या कारण है?Aankhon Mein Thkaan Ka Kya Karan Hai
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1:47
सवाल है आंखों में थकान का क्या कारण है कि आंखों में थकान के कई कारण हो सकते हैं आंखें हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है यह बहुत नाजुक होती है इसलिए उनकी पूरी देखभाल करें थोड़ी सी भी परेशानी हो तो उसे नजरअंदाज ना करें अगर आंखों से संबंधित समस्याओं को आप लंबे समय तक नजरअंदाज करेंगे तो दृष्टि प्रभावित हो सकती है या हमेशा के लिए आंखों की रोशनी सुन सकती है गैजेट्स के बढ़ते चलन ने आंखों के स्वास्थ्य को लेकर खतरा बढ़ा दिया है ऐसे में डिजिटल आई स्ट्रेन आंखों की एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है आंखों से संबंधित कई समस्याएं होती हैं जिनमें से कुछ बहुत मामूली होती है तो कुछ बहुत गंभीर लेकिन आंखें बहुत संवेदनशील होती है इसलिए समस्या मामूली भी हो तो खुद से आंखों का इलाज न करें डॉक्टर से संपर्क कंप्यूटर पर अधिक समय तक लगे रहने मोबाइल में अधिक ब्राइटनेस रखने व मोबाइल पर लगातार अधिक समय तक लगे रहने कहने का तात्पर्य है गैजेट्स के बढ़ते प्रचलन से ड्राई आई सिंड्रोम की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं इसमें या तो आंखों में आंसू कम बनने लगते हैं या उनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं रहती या फिर आंखों में थकान जैसी समस्या बढ़ जाती है इसके अलावा आंखों में जलन सुभान महसूस होना सूखा लगना खुजली होना भारीपन आंखों में लाली तथा उन्हें कुछ देर खुली रखने में दिक्कत महसूस होना इस सिंड्रोम के मुख्य लक्षण होते हैं धन्यवाद
Savaal hai aankhon mein thakaan ka kya kaaran hai ki aankhon mein thakaan ke kaee kaaran ho sakate hain aankhen hamaare shareer ke mahatvapoorn angon mein se ek hai yah bahut naajuk hotee hai isalie unakee pooree dekhabhaal karen thodee see bhee pareshaanee ho to use najarandaaj na karen agar aankhon se sambandhit samasyaon ko aap lambe samay tak najarandaaj karenge to drshti prabhaavit ho sakatee hai ya hamesha ke lie aankhon kee roshanee sun sakatee hai gaijets ke badhate chalan ne aankhon ke svaasthy ko lekar khatara badha diya hai aise mein dijital aaee stren aankhon kee ek badee samasya banakar ubhar raha hai aankhon se sambandhit kaee samasyaen hotee hain jinamen se kuchh bahut maamoolee hotee hai to kuchh bahut gambheer lekin aankhen bahut sanvedanasheel hotee hai isalie samasya maamoolee bhee ho to khud se aankhon ka ilaaj na karen doktar se sampark kampyootar par adhik samay tak lage rahane mobail mein adhik braitanes rakhane va mobail par lagaataar adhik samay tak lage rahane kahane ka taatpary hai gaijets ke badhate prachalan se draee aaee sindrom kee samasyaen badhatee hee ja rahee hain isamen ya to aankhon mein aansoo kam banane lagate hain ya unakee gunavatta achchhee nahin rahatee ya phir aankhon mein thakaan jaisee samasya badh jaatee hai isake alaava aankhon mein jalan subhaan mahasoos hona sookha lagana khujalee hona bhaareepan aankhon mein laalee tatha unhen kuchh der khulee rakhane mein dikkat mahasoos hona is sindrom ke mukhy lakshan hote hain dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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टमाटर खाने से क्या फायदे और नुकसान है?Tamatar Khane Se Kya Fayde Aur Nuksan Hai
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1:36
सवाल है टमाटर खाने से क्या फायदे और नुकसान हैं देखिए टमाटर में विटामिन सी लाइकोपीन विटामिन पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले तत्व भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं जिन लोगों को वजन कम करना है उनके लिए भी यह काफी फायदेमंद है लेकिन टमाटर की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि टमाटर पक जाने के बाद भी उसके पोषक तत्व बने रहते हैं टमाटर का इस्तेमाल कई बीमारियों की रोकथाम के लिए किया जाता है सुबह-सुबह बिना पानी पिए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है अगर बच्चे को सूखा रोग हो जाए तो उसे प्रतिदिन एक गिलास टमाटर का जूस पिलाने से बीमारी में आराम मिलता है बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए टमाटर बहुत फायदेमंद होता है मोटापा घटाने के लिए भी टमाटर का इस्तेमाल किया जा सकता है प्रतिदिन एक से दो गिलास टमाटर का जूस पीने से वजन घटता है अखिया के रोग में भी टमाटर बहुत फायदेमंद है प्रतिदिन टमाटर के जूस में अजवाइन मिलाकर एक गिलास पीने से आराम मिलता है हालांकि तमाम फायदों के बावजूद इसके कुछ नुकसान भी है टमाटर में बहुत अधिक मात्रा में अमृता होती है टमाटर का अधिक मात्रा में प्रयोग नहीं करना चाहिए टमाटर के बहुत अधिक सेवन से पेट दर्द और गैस की समस्या हो जाती है टमाटर में कुछ ऐसे करो नाइट्स होते हैं जो इम्यून सिस्टम को प्रभावित करते हैं टमाटर के बीज सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं धन्यवाद
Savaal hai tamaatar khaane se kya phaayade aur nukasaan hain dekhie tamaatar mein vitaamin see laikopeen vitaamin poteshiyam paryaapt maatra mein paaya jaata hai saath hee isamen kolestrol ko kam karane vaale tatv bhee paryaapt maatra mein hote hain jin logon ko vajan kam karana hai unake lie bhee yah kaaphee phaayademand hai lekin tamaatar kee sabase badee khaasiyat yah hotee hai ki tamaatar pak jaane ke baad bhee usake poshak tatv bane rahate hain tamaatar ka istemaal kaee beemaariyon kee rokathaam ke lie kiya jaata hai subah-subah bina paanee pie paka tamaatar khaana svaasthy ke lie achchha hota hai agar bachche ko sookha rog ho jae to use pratidin ek gilaas tamaatar ka joos pilaane se beemaaree mein aaraam milata hai bachchon ke maanasik aur shaareerik vikaas ke lie tamaatar bahut phaayademand hota hai motaapa ghataane ke lie bhee tamaatar ka istemaal kiya ja sakata hai pratidin ek se do gilaas tamaatar ka joos peene se vajan ghatata hai akhiya ke rog mein bhee tamaatar bahut phaayademand hai pratidin tamaatar ke joos mein ajavain milaakar ek gilaas peene se aaraam milata hai haalaanki tamaam phaayadon ke baavajood isake kuchh nukasaan bhee hai tamaatar mein bahut adhik maatra mein amrta hotee hai tamaatar ka adhik maatra mein prayog nahin karana chaahie tamaatar ke bahut adhik sevan se pet dard aur gais kee samasya ho jaatee hai tamaatar mein kuchh aise karo naits hote hain jo imyoon sistam ko prabhaavit karate hain tamaatar ke beej sabase adhik nukasaan pahunchaate hain dhanyavaad

#टेक्नोलॉजी

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अंकुरित मूंग स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है?Ankurit Moong Svasthya Ke Lie Kitna Laabhdayak Hai
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1:10
अंकुरित मूंग स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है देखिए अंकुरित मूंग स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है यह प्रोटीन फाइबर एंटीऑक्सीडेंट फाइटोन्यूट्रिएंट्स का अच्छा स्रोत है पश्चिमी देशों में अंकुरित मूंग खाने का नया चलन अभी अभी शुरु हुआ है किंतु आयुर्वेदिक पद्धति में या डाइट का हिस्सा है आयुर्वेद में इसे बहुत महत्वपूर्ण माना गया है आजकल इस पर आधारित कई प्रोडक्ट भी बाजार में उपलब्ध हैं जैसे मूंग पाउडर मूंग का सूप इत्यादि विभिन्न रेस्टोरेंट में भी अंकुरित मूंग से संबंधित कई डिसमिल जाती है मूंग कई न्यूट्रिएंट्स का प्रमुख स्रोत है या कई पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत है जैसे मैग्नीज पोटेशियम मैग्नीशियम फोल्डर कॉपर जिंक और कई तरह के विटामिन देश में पाए जाते हैं मूंग एक उच्च प्रोटीन का स्रोत है उसमें फाइबर अच्छा पाया जाता है अधिक पोषक होने की वजह से मूंग और अंकुरित मूंग को कई बीमारियों में फायदेमंद माना जाता है धन्यवाद
Ankurit moong svaasthy ke lie kitana laabhadaayak hai dekhie ankurit moong svaasthy ke lie bahut laabhadaayak hai yah proteen phaibar enteeokseedent phaitonyootrients ka achchha srot hai pashchimee deshon mein ankurit moong khaane ka naya chalan abhee abhee shuru hua hai kintu aayurvedik paddhati mein ya dait ka hissa hai aayurved mein ise bahut mahatvapoorn maana gaya hai aajakal is par aadhaarit kaee prodakt bhee baajaar mein upalabdh hain jaise moong paudar moong ka soop ityaadi vibhinn restorent mein bhee ankurit moong se sambandhit kaee disamil jaatee hai moong kaee nyootrients ka pramukh srot hai ya kaee poshak tatvon ka pramukh srot hai jaise maigneej poteshiyam maigneeshiyam pholdar kopar jink aur kaee tarah ke vitaamin desh mein pae jaate hain moong ek uchch proteen ka srot hai usamen phaibar achchha paaya jaata hai adhik poshak hone kee vajah se moong aur ankurit moong ko kaee beemaariyon mein phaayademand maana jaata hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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व्यक्ति अपने भीतर की ईर्ष्या और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है?Vyakti Apne Bhetar Ki Irshya Aur Bhavnao Ko Kaise Door Kar Sakta Hai
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1:50
सवाल है व्यक्ति अपने भीतर की दया और भावनाओं को कैसे दूर कर सकता है देखिए अगर ईर्ष्या हद से अधिक बढ़ जाए तो आपके जॉब या आपकी रेपुटेशन पर इसका बहुत ही विपरीत असर पड़ता है अपनी भावनाओं को समझ कर अपेक्षा पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर सकते हैं अपने आप से ईमानदार बने कि आप ही रिचा के शिकार हो गए हैं इसके कारणों की पहचान करें और उन लोगों को उन स्थितियों से बचने के प्रयास करें जिससे या और बढ़ सकती हो क्या आपका सहकर्मी महंगे डिनर पर जा रहा है आप बहाना बना दें और अगर आप इस की संपत्ति से ईर्ष्या कर रहे हैं तो उसी रिचा को वहीं दफना दे आप अपनी असुरक्षा के वास्तविक कारणों की पहचान करें इसी समय या अभी पहचान करें कि किस वजह से आपका सहकर्मी सफल हुआ है आप अपने अंदर वह क्वालिटी डिवेलप करें और अगली समय उसे आजमाएं जब आप में किसी के प्रति ईर्ष्या होती है तो आप दूसरों की तुलना में खुद को ऊंचा समझते हैं आज तक अपनी सफलता का आकलन करें उसे पानी में अब आपने कितनी मेहनत की है इसका अंदाजा लगाएं और अपनी ताकत कुशलता को पहचाने इससे आपको दूसरे व्यक्ति की जगह खुद पर ध्यान लगाने में मदद मिलेगी किसी इवेंट के ठीक पहले ही बचा हो सकती है लेकिन आप अपनी सफलता को याद करें और जो आपके पास है उस पर गर्व करें इससे आपको खुद पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से छुटकारा मिलेगा इससे आप ताकतवर भी महसूस करेंगे धन्यवाद
Savaal hai vyakti apane bheetar kee daya aur bhaavanaon ko kaise door kar sakata hai dekhie agar eershya had se adhik badh jae to aapake job ya aapakee reputeshan par isaka bahut hee vipareet asar padata hai apanee bhaavanaon ko samajh kar apeksha par kaaboo paane ke prayaas shuroo kar sakate hain apane aap se eemaanadaar bane ki aap hee richa ke shikaar ho gae hain isake kaaranon kee pahachaan karen aur un logon ko un sthitiyon se bachane ke prayaas karen jisase ya aur badh sakatee ho kya aapaka sahakarmee mahange dinar par ja raha hai aap bahaana bana den aur agar aap is kee sampatti se eershya kar rahe hain to usee richa ko vaheen daphana de aap apanee asuraksha ke vaastavik kaaranon kee pahachaan karen isee samay ya abhee pahachaan karen ki kis vajah se aapaka sahakarmee saphal hua hai aap apane andar vah kvaalitee divelap karen aur agalee samay use aajamaen jab aap mein kisee ke prati eershya hotee hai to aap doosaron kee tulana mein khud ko ooncha samajhate hain aaj tak apanee saphalata ka aakalan karen use paanee mein ab aapane kitanee mehanat kee hai isaka andaaja lagaen aur apanee taakat kushalata ko pahachaane isase aapako doosare vyakti kee jagah khud par dhyaan lagaane mein madad milegee kisee ivent ke theek pahale hee bacha ho sakatee hai lekin aap apanee saphalata ko yaad karen aur jo aapake paas hai us par garv karen isase aapako khud par dhyaan kendrit karane mein madad milegee aur nukasaan pahunchaane vaale tatvon se chhutakaara milega isase aap taakatavar bhee mahasoos karenge dhanyavaad

#जीवन शैली

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कैल्शियम की कमी होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं?Calcium Ki Kami Hone Par Kya Lakshan Dikhayi Dete Hain
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2:15
सवाल है कैल्शियम की कमी होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं देखिए कैल्शियम एक महत्वपूर्ण मिलल खनिज होता है आपका शरीर दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए इसका इस्तेमाल करता है शरीर का 99% से भी ज्यादा कैल्शियम दांतों और हड्डियों में ही होता है जो कंकाल की संरचना और उसके कार्यों को सपोर्ट प्रदान करता है शरीर में बाकी बचा हुआ 1% कैल्शियम अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता करता है जैसे मांस पेशियों का संकुचन धमनियों का सुखचैन व विस्तार और तंत्रिका प्रणाली के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में संदेश पहुंचाना हृदय व शरीर के अन्य हिस्सों को भी ठीक से काम करने के लिए कैल्शियम की जरूरत पड़ती है जब आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं प्राप्त कर पाता तो आपके शरीर में कुछ कार विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है जैसे कि ओस्टियोमलेसिया ओस्टियोपेनिया जिन बच्चों को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल पाता है उनकी बड़े होने पर भी लंबाई कम ही रह जाती है जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है उनमें हल्के से गंभीर लक्षण व विकार हो सकते हैं इसके लक्षणों में हाथों और पैरों का सुन्न होना झुनझुनी महसूस होना मांस पेशियों में दर्द बेहोशी डिप्रेशन दांतों में सड़न और रूखी त्वचा आदि शामिल है डॉक्टर आप के लक्षणों के आधार पर कैल्शियम की कमी की जांच करते हैं खून में कैल्शियम की मात्रा को मापने के लिए डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट करवाने को भी कह सकते हैं यदि जांच में कैल्शियम की कमी की समस्या पाई गई है तो आपको रोजाना के खाद्य पदार्थों सप्लीमेंट्स और विटामिन आदि से सही मात्रा में कैल्शियम प्राप्त करना जरूरी हो जाता है इसकी मदद से कैल्शियम में कमी होने से रोकथाम की जा सकती है कोई भी दवा या सप्लीमेंट डॉक्टर से पूछ कर ही लें धन्यवाद
Savaal hai kailshiyam kee kamee hone par kya lakshan dikhaee dete hain dekhie kailshiyam ek mahatvapoorn milal khanij hota hai aapaka shareer daanton aur haddiyon ko majaboot banaane ke lie isaka istemaal karata hai shareer ka 99% se bhee jyaada kailshiyam daanton aur haddiyon mein hee hota hai jo kankaal kee sanrachana aur usake kaaryon ko saport pradaan karata hai shareer mein baakee bacha hua 1% kailshiyam any mahatvapoorn kaaryon mein sahaayata karata hai jaise maans peshiyon ka sankuchan dhamaniyon ka sukhachain va vistaar aur tantrika pranaalee ke maadhyam se shareer ke any bhaagon mein sandesh pahunchaana hrday va shareer ke any hisson ko bhee theek se kaam karane ke lie kailshiyam kee jaroorat padatee hai jab aapaka shareer paryaapt maatra mein kailshiyam nahin praapt kar paata to aapake shareer mein kuchh kaar vikasit hone ka jokhim badh jaata hai jaise ki ostiyomalesiya ostiyopeniya jin bachchon ko paryaapt maatra mein kailshiyam nahin mil paata hai unakee bade hone par bhee lambaee kam hee rah jaatee hai jin logon mein kailshiyam kee kamee hotee hai unamen halke se gambheer lakshan va vikaar ho sakate hain isake lakshanon mein haathon aur pairon ka sunn hona jhunajhunee mahasoos hona maans peshiyon mein dard behoshee dipreshan daanton mein sadan aur rookhee tvacha aadi shaamil hai doktar aap ke lakshanon ke aadhaar par kailshiyam kee kamee kee jaanch karate hain khoon mein kailshiyam kee maatra ko maapane ke lie doktar aapako blad test karavaane ko bhee kah sakate hain yadi jaanch mein kailshiyam kee kamee kee samasya paee gaee hai to aapako rojaana ke khaady padaarthon sapleements aur vitaamin aadi se sahee maatra mein kailshiyam praapt karana jarooree ho jaata hai isakee madad se kailshiyam mein kamee hone se rokathaam kee ja sakatee hai koee bhee dava ya sapleement doktar se poochh kar hee len dhanyavaad

#जीवन शैली

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सफेद और भुरा दोनों में से कौन सा अंडा अच्छा होता है?Safed Aur Bhura Dono Mein Se Kaun Sa Anda Acha Hota Hai
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1:34
सवाल है सफेद और बूढ़ा दोनों में से कौन सा अंडा अच्छा होता है देखिए अंडा खाना सेहत के लिए अच्छा होता है यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है इसमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में होता है जो आपके मसल्स के साथ हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद पाया जाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई अंडे का सेवन करने लगे कुछ लोग अंडा खाना पसंद नहीं करते हैं जैसे मैं अंडा नहीं खाता हूं अंडे की जगह दूध डाली हरी पत्तेदार सब्जियों काजू बादाम पिस्ता आदि का सेवन कर लेता हूं वैसे तो बाजार में सफेद अंडे आपने ज्यादा देखे होंगे लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि देसी अंडे यानी ब्राउन एंड वाइट एक की तुलना में ज्यादा हेल्दी होते हैं डाइटिशियन का कहना है कि अंडा दो तरह का होता है एक देसी और दूसरा पोल्ट्री देसी अंडे ब्राउन रंग के होते हैं जबकि पोल्ट्री के अंडे सफेद रंग के होते हैं कई लोगों का मानना है कि ब्राउन एंड वाइट अंडे से ज्यादा हेल्थी होता है इसलिए लोग इन्हें खाना ज्यादा पसंद करते हैं वही ब्राउन अंडे में प्रोटीन कोलेस्ट्रोल और कैलोरी की मात्रा भी अधिक होती है यही कारण है कि देसी अंडा थोड़ा महंगा भी मिलता है धन्यवाद
Savaal hai saphed aur boodha donon mein se kaun sa anda achchha hota hai dekhie anda khaana sehat ke lie achchha hota hai yah proteen ka achchha srot hota hai isamen kailshiyam bhee prachur maatra mein hota hai jo aapake masals ke saath haddiyon ke lie behad phaayademand paaya jaata hai lekin isaka matalab yah nahin ki har koee ande ka sevan karane lage kuchh log anda khaana pasand nahin karate hain jaise main anda nahin khaata hoon ande kee jagah doodh daalee haree pattedaar sabjiyon kaajoo baadaam pista aadi ka sevan kar leta hoon vaise to baajaar mein saphed ande aapane jyaada dekhe honge lekin kuchh logon ka maanana hai ki desee ande yaanee braun end vait ek kee tulana mein jyaada heldee hote hain daitishiyan ka kahana hai ki anda do tarah ka hota hai ek desee aur doosara poltree desee ande braun rang ke hote hain jabaki poltree ke ande saphed rang ke hote hain kaee logon ka maanana hai ki braun end vait ande se jyaada helthee hota hai isalie log inhen khaana jyaada pasand karate hain vahee braun ande mein proteen kolestrol aur kailoree kee maatra bhee adhik hotee hai yahee kaaran hai ki desee anda thoda mahanga bhee milata hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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क्या यह सच है कि जैसे हमारे संस्कार होते हैं वैसे ही हमारा व्यवहार होता है?Kya Yah Sach Hai Ki Jaise Humare Sanskaar Hote Hain Vaise He Humara Vyavahar Hota Hai
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0:45
सवाल है क्या यह सच है कि जैसे हमारे संस्कार होते हैं वैसे ही हमारा व्यवहार होता है देखिए यह बात बिल्कुल सच है जैसा व्यक्ति व्यवहार करता है वैसा ही उसके संस्कारों का प्रदर्शन होता है संस्कारों से अर्थ इमानदारी त्याग अनुशासन साहस परिश्रम आदि गुणों से ही है इसके अभाव में हम सुखी व उन्नत जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते आज हर तरफ भौतिक विकास तो हो रहा है परंतु संस्कारों के अभाव में भैया वाह माहौल भी बनता जा रहा है इसलिए जैसे हमारे संस्कार होते हैं वह ऐसा ही हमारा व्यवहार होता है धन्यवाद
Savaal hai kya yah sach hai ki jaise hamaare sanskaar hote hain vaise hee hamaara vyavahaar hota hai dekhie yah baat bilkul sach hai jaisa vyakti vyavahaar karata hai vaisa hee usake sanskaaron ka pradarshan hota hai sanskaaron se arth imaanadaaree tyaag anushaasan saahas parishram aadi gunon se hee hai isake abhaav mein ham sukhee va unnat jeevan kee kalpana bhee nahin kar sakate aaj har taraph bhautik vikaas to ho raha hai parantu sanskaaron ke abhaav mein bhaiya vaah maahaul bhee banata ja raha hai isalie jaise hamaare sanskaar hote hain vah aisa hee hamaara vyavahaar hota hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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सत्संग के सही मायने क्या है?Satsang Ke Sahi Mayne Kya Hai
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0:35
सत्संग के सही मायने क्या है देखिए शब्द का अर्थ सत्य है और संघ का अर्थ जहां 1 से अधिक लोग परस्पर मिलकर बैठे सत्य ज्ञान से युक्त विचारों को सुनें इस प्रकार से सत्य विचार व सत्य चर्चा जहां हो वहां उपस्थित होना वह उस चर्चा को सुनकर अपने विवेक से उसे जानना समझना और उसकी परीक्षा कर सत्य को ग्रहण करना सत्संग कहलाता है धन्यवाद
Satsang ke sahee maayane kya hai dekhie shabd ka arth saty hai aur sangh ka arth jahaan 1 se adhik log paraspar milakar baithe saty gyaan se yukt vichaaron ko sunen is prakaar se saty vichaar va saty charcha jahaan ho vahaan upasthit hona vah us charcha ko sunakar apane vivek se use jaanana samajhana aur usakee pareeksha kar saty ko grahan karana satsang kahalaata hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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खाटूश्याम जी का मंदिर कहां पर है ?Khatu Shyam Ji Ka Mandir Kaha Par Hai
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घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
1:25
श्याम जी का मंदिर कहां पर है खाटू भारत में श्याम जी के अनेकों मंदिर है लेकिन श्री खाटू श्याम बाबा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर भारत के राजस्थान राज्य के सीकर जिले में एक प्रसिद्ध कस्बा है जहां पर बाबा खाटू श्याम का विश्व विख्यात मंदिर है श्री खाटू श्याम जी की सवारी नीला घोड़ा है अतः इन्हें नीले घोड़े वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है या पांडु पुत्र भीम के पुत्र हैं ऐसी कथा है कि खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर भगवान श्री कृष्ण ने इन्हें कलयुग में अपने नाम से पूजा जाने का वरदान दिया था खाटू श्याम को भगवान श्री कृष्ण कलयुगी अवतार के रूप में माना जाता है राजस्थान के सीकर जिले में इनका भव्य मंदिर स्थित है जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते लोगों का विश्वास है कि बाबा श्याम सभी की मुरादे पूरी करते हैं और रंक को राजा बनाने की सामर्थ्य है इनमें धन्यवाद
Shyaam jee ka mandir kahaan par hai khaatoo bhaarat mein shyaam jee ke anekon mandir hai lekin shree khaatoo shyaam baaba ka sabase prasiddh mandir bhaarat ke raajasthaan raajy ke seekar jile mein ek prasiddh kasba hai jahaan par baaba khaatoo shyaam ka vishv vikhyaat mandir hai shree khaatoo shyaam jee kee savaaree neela ghoda hai atah inhen neele ghode vaale baaba ke naam se bhee jaana jaata hai baaba khaatoo shyaam ka sambandh mahaabhaarat kaal se maana jaata hai ya paandu putr bheem ke putr hain aisee katha hai ki khaatoo shyaam kee apaar shakti aur kshamata se prabhaavit hokar bhagavaan shree krshn ne inhen kalayug mein apane naam se pooja jaane ka varadaan diya tha khaatoo shyaam ko bhagavaan shree krshn kalayugee avataar ke roop mein maana jaata hai raajasthaan ke seekar jile mein inaka bhavy mandir sthit hai jahaan har saal badee sankhya mein shraddhaalu aate logon ka vishvaas hai ki baaba shyaam sabhee kee muraade pooree karate hain aur rank ko raaja banaane kee saamarthy hai inamen dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

KamalKishorAwasthi Bolkar App
Top Speaker,Level 55
सुनिए KamalKishorAwasthi जी का जवाब
घर पर ही रहता हूं बैटरी बनाने का कार्य करता हूं और मोबाइल रिचार्ज इत्यादि
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सवाल है ऐसा क्या है जिसे मनुष्य बहुत ध्यान से सुनता है और ऐसा क्या है जिसे मनुष्य ध्यान से नहीं सुनता है देखिए खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बतलाई है अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य जी के * विचारों को अपने जीवन में जरूर उतारी आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार भले ही आपको थोड़ी कठोर लगे लेकिन यह कठोरता ही जीवन की सच्चाई है हम लोग भाग दौड़ भरी जिंदगी में इन विचारों को भले ही नजरअंदाज कर दी लेकिन यह वचन जीवन की हर कसौटी पर आपकी मदद करेंगे आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से हम एक आज उनके विचार का विश्लेषण करेंगे ध्यान दीजिएगा नसीहत वह सच्चाई है जिसे हम कभी ध्यान से नहीं सुनते और तारीफ वह भूखा है जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं आचार्य चाणक्य के इस कथन का अर्थ है कि मनुष्य अपने जीवन में हमेशा एक चीज को ध्यान से सुनता है और दूसरी चीज को इग्नोर करता है मनुष्य जिस जिस चीज को सबसे ज्यादा ध्यान से सुनता है वह एक धोखा है जिसे आज तारीफ के नाम से जाना जाता है लोग बहुत पसंद करते हैं वही जिस चीज को ध्यान से नहीं सुनता है वह नसीहत होती है जो कि सच्चाई है धन्यवाद
Savaal hai aisa kya hai jise manushy bahut dhyaan se sunata hai aur aisa kya hai jise manushy dhyaan se nahin sunata hai dekhie khushahaal jindagee ke lie aachaary chaanaky ne kaee neetiyaan batalaee hai agar aap bhee apanee jindagee mein sukh aur shaanti chaahate hain to chaanaky jee ke * vichaaron ko apane jeevan mein jaroor utaaree aachaary chaanaky kee neetiyaan aur vichaar bhale hee aapako thodee kathor lage lekin yah kathorata hee jeevan kee sachchaee hai ham log bhaag daud bharee jindagee mein in vichaaron ko bhale hee najarandaaj kar dee lekin yah vachan jeevan kee har kasautee par aapakee madad karenge aachaary chaanaky ke inheen vichaaron mein se ham ek aaj unake vichaar ka vishleshan karenge dhyaan deejiega naseehat vah sachchaee hai jise ham kabhee dhyaan se nahin sunate aur taareeph vah bhookha hai jise ham poore dhyaan se sunate hain aachaary chaanaky ke is kathan ka arth hai ki manushy apane jeevan mein hamesha ek cheej ko dhyaan se sunata hai aur doosaree cheej ko ignor karata hai manushy jis jis cheej ko sabase jyaada dhyaan se sunata hai vah ek dhokha hai jise aaj taareeph ke naam se jaana jaata hai log bahut pasand karate hain vahee jis cheej ko dhyaan se nahin sunata hai vah naseehat hotee hai jo ki sachchaee hai dhanyavaad
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