#पढ़ाई लिखाई

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आत्मनिर्भरता के अर्थ के बारे में बताओ?Aatmnirbharta Ke Arth Ke Baare Mein Btao
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#पढ़ाई लिखाई

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राजस्थान की घूमने की सबसे प्यारी 5 जगह बताये ?Raajasthaan Kee Ghoomane Kee Sabase Pyaaree 5 Jagah Bataaye
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#टेक्नोलॉजी

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सूरज पूरब में ही क्यों होता है और पश्चिम में क्यों होता है?Sooraj Poorab Mein Hi Kyo Hota Hai Aur Pashchim Mein Kyo Hota Hai
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#जीवन शैली

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हमें सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए?Humein Subah Uthkar Sabse Pehle Kya Karna Chahiye
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#धर्म और ज्योतिषी

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प्रजनन किसे कहते हैं?Prajanan Kise Kehte Hain
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#टेक्नोलॉजी

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मोबाइल में से किसी फोल्डर को हाइड कैसे करें?Mobile Mein Se Kisi Folder Ko Hide Kaise Kare
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#टेक्नोलॉजी

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सुबह चाय पीना क्यों अनिवार्य है?Subah Chaay Peena Kyon Anivaary Hai
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2:10

#टेक्नोलॉजी

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नींबू पानी किन लोगों को नहीं पीना चाहिए?Nimbu Paani Kin Logon Ko Nahin Peena Chahiye
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#खेल कूद

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स्नेल का नियम बताइए?Snail Ka Niyam Bataye
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1:03

#पढ़ाई लिखाई

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हवाई जहाज में कौन सा तेल डाला जाता है?Havai Jahaj Mein Kaun Sa Tel Dala Jata Hai
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1:53

#भारत की राजनीति

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दिल्ली का लाल किला चंगेज खान ने बनवाया था?Delhi Ka Laal Kila Changej Khan Ne Banvaya Tha
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1:47

#भारत की राजनीति

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क्या भारत WTO के जाल में फंस गया है?Kya Bhaarat Wto Ke Jaal Mein Phans Gaya Hai
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3:13

#धर्म और ज्योतिषी

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कूका आंदोलन के संस्थापक कौन थे?Kooka Aandolan Ke Sansthaapak Kaun The
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3:00

#धर्म और ज्योतिषी

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फैशन फोटोग्राफी में कैरियर स्कोप क्या है?Fashion Photography Mei Career Scope Kya Hai
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#जीवन शैली

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गलतफहमी कैसे दूर करें?Galatfahmi Kaise Door Kare
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0:58
सवाल ये है कि गलतफहमी दूर कैसे करें कि टीवी रिश्ते में गलतफहमी दूर करने का सबसे सरल और सबसे आसान तरीका है खुल कर बात करना याद रखें बातचीत बंद करने से मतभेद और गलतफहमी या खत्म होने की जगह पड़ती है अगर आपको अपने रिश्ते की गलतफहमी को दूर करना है तो सबसे पहले उसकी बातों को ध्यान से सुने इससे आपको गलतफहमी की वजह के बारे में पता चल जाएगा निकाल पाएंगे वैसे तो रिश्ते की गलतफहमी को अपने स्तर पर सुलझाने की कोशिश करें अगर फिर भी हम ना मिले तो घर के किसी भरोसेमंद बड़े सदस्य या फिर दोस्त की सलाह लें इसके अलावा मैरिज काउंसलर भी सलाह दे सकते हैं अगर आप एक दूसरे के साथ हमेशा रहना चाहते हैं तो ऐसे में पार्टनर की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करें और रिश्ते में गलतफहमी को दूर करने के लिए और रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए अनजाने में हुई गलती की और समय रहते माफी मांग ले
Savaal ye hai ki galataphahamee door kaise karen ki teevee rishte mein galataphahamee door karane ka sabase saral aur sabase aasaan tareeka hai khul kar baat karana yaad rakhen baatacheet band karane se matabhed aur galataphahamee ya khatm hone kee jagah padatee hai agar aapako apane rishte kee galataphahamee ko door karana hai to sabase pahale usakee baaton ko dhyaan se sune isase aapako galataphahamee kee vajah ke baare mein pata chal jaega nikaal paenge vaise to rishte kee galataphahamee ko apane star par sulajhaane kee koshish karen agar phir bhee ham na mile to ghar ke kisee bharosemand bade sadasy ya phir dost kee salaah len isake alaava mairij kaunsalar bhee salaah de sakate hain agar aap ek doosare ke saath hamesha rahana chaahate hain to aise mein paartanar kee chhotee-chhotee galatiyon ko najarandaaj karen aur rishte mein galataphahamee ko door karane ke lie aur rishte ko behatar banaane ke lie anajaane mein huee galatee kee aur samay rahate maaphee maang le

#टेक्नोलॉजी

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टेस्ला के मालिक कौन है?Tesla Ke Malik Kaun Hai
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1:38
सवाल ये है कि फैसला के मालिक कौन है टेस्ला कंपनी के मालिक हैं अलोन रीमा के साथ ही वे कंपनी के सीईओ और प्रोडक्ट डिजाइनर भी है साल 2021 नहीं टकला का मार्केट वैल्यू काफी ज्यादा बढ़ गया है बढ़ गया था आज अलोन मस्त दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे टेस्ला कंपनी की शुरुआत 2003 में हुई थी मार्ट इन अवर हार्ट और मास्टर पानी ने मिलकर साल 2003 में टेस्ला कंपनी की शुरुआत की और उसके बाद साल 2004 में लोन मत ले टेस्ला कंपनी को ज्वाइन किया उस वक्त एलॉन मुस्क टेस्ला खींच कंपनी के चेयरमैन थे एंग्री बर्ड्स टेस्ला कंपनी के सीईओ हैं इनको साल 2008 में पहली बार टेस्ला कंपनी का सीईओ बनाया गया था साल 2008 में लॉन्मार्क टेस्ला कंपनी के सीईओ बना दिए गए थे तब से लेकर अब तक वह टेस्ला कंपनी के सीईओ और प्रोडक्ट डिजाइनर और इस वक्त टेस्ला कंपनी में सबसे अधिक शेयर अमित के पास है इसलिए वह टेस्ला कंपनी बन गए हैं वैसे तो अलामत की खेती भी ज्यादा कंपनियां है लेकिन कुछ मुख्य कंपनियां है टेस्ट टेस्ट ला द बोरिंग कंपनी न्यूरेलिक ओपन एआई इसके अलावा एलॉन मुस्क ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन की स्पीड को बढ़ाने के लिए हाइपरलूप टेक्नोलॉजी के आईडिया को दुनिया के सामने वर्जिन हाइपरलूप वन नामक कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है जिसमें से एक पेंसिल नंबर निर्माण हो रहा है जो कि आपको हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रफ्तार से आपको डेफिनेशन तक पहुंचा सकती है
Savaal ye hai ki phaisala ke maalik kaun hai tesla kampanee ke maalik hain alon reema ke saath hee ve kampanee ke seeeeo aur prodakt dijainar bhee hai saal 2021 nahin takala ka maarket vailyoo kaaphee jyaada badh gaya hai badh gaya tha aaj alon mast duniya ke sabase ameer vyakti ban gae the tesla kampanee kee shuruaat 2003 mein huee thee maart in avar haart aur maastar paanee ne milakar saal 2003 mein tesla kampanee kee shuruaat kee aur usake baad saal 2004 mein lon mat le tesla kampanee ko jvain kiya us vakt elon musk tesla kheench kampanee ke cheyaramain the engree bards tesla kampanee ke seeeeo hain inako saal 2008 mein pahalee baar tesla kampanee ka seeeeo banaaya gaya tha saal 2008 mein lonmaark tesla kampanee ke seeeeo bana die gae the tab se lekar ab tak vah tesla kampanee ke seeeeo aur prodakt dijainar aur is vakt tesla kampanee mein sabase adhik sheyar amit ke paas hai isalie vah tesla kampanee ban gae hain vaise to alaamat kee khetee bhee jyaada kampaniyaan hai lekin kuchh mukhy kampaniyaan hai test test la da boring kampanee nyoorelik opan eaee isake alaava elon musk graund traansaporteshan kee speed ko badhaane ke lie haiparaloop teknolojee ke aaeediya ko duniya ke saamane varjin haiparaloop van naamak kampanee is projekt par kaam kar rahee hai jisamen se ek pensil nambar nirmaan ho raha hai jo ki aapako hajaar kilomeetar prati ghante kee raphtaar raphtaar se aapako dephineshan tak pahuncha sakatee hai

#भारत की राजनीति

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हमारे भारत में ही जातिवाद क्यों होता है?Humare Bharat Mein He Jaativaad Kyun Hota Hai
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2:58
सवाल यह है कि हमारे भारत में ही जातिवाद क्यों होता है जातिवाद एक ऐसी प्रणाली है जो प्राचीन काल में अपनी जड़े पाती है कि वर्षों से अंधाधुन चली आ रही है और उच्च जातियों के लोगों के हितों को आगे बढ़ा रही है जाति के लोगों का शोषण किया जा रहा है उनकी चिंताओं को सुनने वाला कोई नहीं भारतीय समाज को मोटे तौर पर 4 जातियों में लोग जो वर्गीकृत करते हैं ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र ब्राह्मण उच्च वर्ग के होते हैं प्राचीन काल में यह लोग पुरोहित गतिविधियों में शामिल थे जिनके लिए बहुत कम आते थे और शुद्र सबसे नीची जाति मानी जाती थी इस जाति से संबंधित लोक मजदूर थे जिन्हें अछूत माना जाता था इंसान वाला व्यवहार तो उनके साथ नहीं होता था हालांकि लोगों ने इन दिनों अलग-अलग पैसों को संभाल लिया है लेकिन जाति व्यवस्था अभी भी मौजूद है लोगों को आप भी उनकी जाति और उनके पैसे प्रतिभा और उपलब्धियों आधार पर आंका जाता है जातिवाद केवल भारत में ही नहीं है बल्कि कुछ अन्य देशों जैसे जापान कोरिया श्रीलंका और नेपाल में भी प्रचलित है भारत की ही तरह इन देशों में भी लोग इस बुरी व्यवस्था का प्रकोप का सामना कर चुके हैं ऐसे देश में जातिवाद के खिलाफ भारत में लोगों को एकजुट होने की बहुत जरूरत है इस प्रकार भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद जातिवाद और आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया भारतीय जाति व्यवस्था की बहुत आलोचना की जाती है कई लोग इसके खिलाफ लड़ने के लिए आगे आते हैं लेकिन हिला नहीं सके इस जघन्य समाज कुरीति को दूर करने के लिए जातिगत भेदभाव के खिलाफ कानून कब से बनाना जरूरी है भारत के संविधान में से अपने संविधान में प्रतिबंधित कर दिया यह उन सभी लोगों के लिए सौरव स्पष्ट संदेश था जो निम्न वर्ग के लोगों के साथ बुरा व्यवहार करते थे राजनेता चुनाव से पहले आम जनता से वोट मांगने के लिए विभिन्न स्थानों पर जाते हैं या प्रचार चुनाव के महीनों से पहले शुरू हो जाता है जिसके दौरान राजनेता जनता को अपने पक्ष में मतदान करने के लिए राज्य प्रभावित करने के लिए अपने सभी प्रयास करते हैं हमारे राजनेता इस बात से भलीभांति परिचित है कि जब उनकी जाति और धर्म की बात आती है तो वह कितने संवेदनशील होते हैं इस प्रकार भी इसे अधिक से अधिक वोट प्राप्त करने के लिए एक माध्यम के रूप में उपयोग करते हैं कई लोग विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उम्मीदवार की योग्यता अनुभव या स्थिति को संभालने की क्षमता का आकलन नहीं करते हैं और ना ही उसे वोट देते हैं यदि वह उसी जाति से हैं क्योंकि उन्हें रिश्तेदारी की भावना देता है राजनेता से जानते हैं और अधिक से अधिक वोट पाने के लिए इस कारक पर जोर देने की कोशिश करते हैं इसीलिए जातिवाद बहुत बढ़ रहा है
Savaal yah hai ki hamaare bhaarat mein hee jaativaad kyon hota hai jaativaad ek aisee pranaalee hai jo praacheen kaal mein apanee jade paatee hai ki varshon se andhaadhun chalee aa rahee hai aur uchch jaatiyon ke logon ke hiton ko aage badha rahee hai jaati ke logon ka shoshan kiya ja raha hai unakee chintaon ko sunane vaala koee nahin bhaarateey samaaj ko mote taur par 4 jaatiyon mein log jo vargeekrt karate hain braahman kshatriy vaishy aur shoodr braahman uchch varg ke hote hain praacheen kaal mein yah log purohit gatividhiyon mein shaamil the jinake lie bahut kam aate the aur shudr sabase neechee jaati maanee jaatee thee is jaati se sambandhit lok majadoor the jinhen achhoot maana jaata tha insaan vaala vyavahaar to unake saath nahin hota tha haalaanki logon ne in dinon alag-alag paison ko sambhaal liya hai lekin jaati vyavastha abhee bhee maujood hai logon ko aap bhee unakee jaati aur unake paise pratibha aur upalabdhiyon aadhaar par aanka jaata hai jaativaad keval bhaarat mein hee nahin hai balki kuchh any deshon jaise jaapaan koriya shreelanka aur nepaal mein bhee prachalit hai bhaarat kee hee tarah in deshon mein bhee log is buree vyavastha ka prakop ka saamana kar chuke hain aise desh mein jaativaad ke khilaaph bhaarat mein logon ko ekajut hone kee bahut jaroorat hai is prakaar bhaarat ko svatantrata milane ke baad jaativaad aur aadhaarit bhedabhaav par pratibandh lagaane ka nirnay liya gaya bhaarateey jaati vyavastha kee bahut aalochana kee jaatee hai kaee log isake khilaaph ladane ke lie aage aate hain lekin hila nahin sake is jaghany samaaj kureeti ko door karane ke lie jaatigat bhedabhaav ke khilaaph kaanoon kab se banaana jarooree hai bhaarat ke sanvidhaan mein se apane sanvidhaan mein pratibandhit kar diya yah un sabhee logon ke lie saurav spasht sandesh tha jo nimn varg ke logon ke saath bura vyavahaar karate the raajaneta chunaav se pahale aam janata se vot maangane ke lie vibhinn sthaanon par jaate hain ya prachaar chunaav ke maheenon se pahale shuroo ho jaata hai jisake dauraan raajaneta janata ko apane paksh mein matadaan karane ke lie raajy prabhaavit karane ke lie apane sabhee prayaas karate hain hamaare raajaneta is baat se bhaleebhaanti parichit hai ki jab unakee jaati aur dharm kee baat aatee hai to vah kitane sanvedanasheel hote hain is prakaar bhee ise adhik se adhik vot praapt karane ke lie ek maadhyam ke roop mein upayog karate hain kaee log vishesh roop se graameen kshetron mein ummeedavaar kee yogyata anubhav ya sthiti ko sambhaalane kee kshamata ka aakalan nahin karate hain aur na hee use vot dete hain yadi vah usee jaati se hain kyonki unhen rishtedaaree kee bhaavana deta hai raajaneta se jaanate hain aur adhik se adhik vot paane ke lie is kaarak par jor dene kee koshish karate hain iseelie jaativaad bahut badh raha hai

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प्रत्यास्थता किसे कहते हैं?Pratyasthta Kise Kahte Hain
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सवाल यह है कि प्रत्यास्थता किसे कहते हैं प्रत्यास्थता पदार्थ का वह गुण है जिसके कारण वस्तु उस पर लगाए गए बाहरी बरसे उत्पन्न कितने प्रकार के परिवर्तन का विरोध करती है जैसे ही बल हटा दिया जाता है ना अपनी पूर्व अवस्था में वापस आ जाती है प्रत्यास्थता की सीमा निरूपक बल के परिणाम कि वह सीमा जिससे कम बल लगाने पर पदार्थ में प्रत्यास्थता का गुण बना रहता है तथा जिससे अधिक बल लगाने पर पदार्थ का प्रत्यास्थता समाप्त हो जाता है प्रत्यास्थता की सीमा कहलाती है
Savaal yah hai ki pratyaasthata kise kahate hain pratyaasthata padaarth ka vah gun hai jisake kaaran vastu us par lagae gae baaharee barase utpann kitane prakaar ke parivartan ka virodh karatee hai jaise hee bal hata diya jaata hai na apanee poorv avastha mein vaapas aa jaatee hai pratyaasthata kee seema niroopak bal ke parinaam ki vah seema jisase kam bal lagaane par padaarth mein pratyaasthata ka gun bana rahata hai tatha jisase adhik bal lagaane par padaarth ka pratyaasthata samaapt ho jaata hai pratyaasthata kee seema kahalaatee hai

#खेल कूद

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हुक का नियम लिखिए?Hook Ka Niyam Likhiye
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सवाल यह है कि वह का नियम लिखिए हुक्का प्रत्याशा का नियम अंग्रेजी वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक ने तन 1676 में दिया था उनका यह नियम किसी वस्तु में उत्पन्न छोटे विरूपण से संबंधित था इसलिए उनके द्वारा उन्होंने प्रतिबल और विकृति में संबंध स्थापित किया हु के नियम के अनुसार प्रथा प्रत्यास्थता सीमा के भीतर किसी भी वस्तु पर आरोपित प्रतिबल का मान हमेशा उस वस्तु में उत्पन्न विकृति के अनुक्रमानुपाती होगा इसे ही हुक का नियम कहते हैं अर्थात प्रत्यास्थता सीमा के अंदर प्रतिबल विकृति का के समानुपाती होता है यानी प्रतिबल डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है विकृति के समानुपाती का चिनहट आने पर हमें मिलेगा प्रति प्रति कल प्रतिबल बराबर * एक विकृति यहां पर भी जो है वह समानुपातिक नियतांक है जिसे प्रत्यास्थता गुणांक कहते हैं प्रत्यास्थता गुणांक का मान प्रतिबल पर तथा वस्तु के किस प्रकार की विकृतियां उत्पन्न हो रही है इस बात पर निर्भर करता है जब प्रत्यास्थता सीमा के भीतर प्रतिबल और विकृति के मध्य ग्राम खींचा जाता तो है हमें हमें पता लगता है कि ग्राफिक सीधी रेखा के रूप में प्राप्त होता है उसके अनुसार इन सभी स्थितियों के भीतर जब ठोस पर से बाहर बल हटा दिया जाता है तो यह अपनी वास्तविक अवस्था ग्रहण कर लेता है और उसका कारण उन्होंने बताया है कि जिस बल के कारण टूट के अणु परमाणु की स्थिति में व्यवस्थापन उत्पन्न होता है आरोपित बल के समानुपाती होता है जिसके कारण विकृति उत्पन्न हो रही है किसी भी दोस्त में विकृति कई प्रकार से उत्पन्न हो सकती है जिसे खींचने पर संपीड़न पर नहीं छोड़ने पर झुकने या घुमावदार आदि के अनुसार उसको खींचकर को बढ़ाया जाता है तो उसमें विकृति उत्पन्न हो जाती है यदि हम आरोपित बल को दोगुना कर देंगे तो वस्तु में उत्पन्न विकृति भी दोगुना हो जाएगी बुक के अनुसार किसी वस्तु पर बात लगाया जाता है तो सामान विकृति और केके * के बराबर होता है यानी बराबर के यहां पर वस्तु की लंबाई में परिवर्तन या विकृति यहां के का मान केवल वस्तु के प्रत्यास्थ पर ही निर्भर करता है वरना उस वस्तु के आकार के आकार और आकृति पर निर्भर करता है
Savaal yah hai ki vah ka niyam likhie hukka pratyaasha ka niyam angrejee vaigyaanik robart huk ne tan 1676 mein diya tha unaka yah niyam kisee vastu mein utpann chhote viroopan se sambandhit tha isalie unake dvaara unhonne pratibal aur vikrti mein sambandh sthaapit kiya hu ke niyam ke anusaar pratha pratyaasthata seema ke bheetar kisee bhee vastu par aaropit pratibal ka maan hamesha us vastu mein utpann vikrti ke anukramaanupaatee hoga ise hee huk ka niyam kahate hain arthaat pratyaasthata seema ke andar pratibal vikrti ka ke samaanupaatee hota hai yaanee pratibal daayarektalee proporshanal hai vikrti ke samaanupaatee ka chinahat aane par hamen milega prati prati kal pratibal baraabar * ek vikrti yahaan par bhee jo hai vah samaanupaatik niyataank hai jise pratyaasthata gunaank kahate hain pratyaasthata gunaank ka maan pratibal par tatha vastu ke kis prakaar kee vikrtiyaan utpann ho rahee hai is baat par nirbhar karata hai jab pratyaasthata seema ke bheetar pratibal aur vikrti ke madhy graam kheencha jaata to hai hamen hamen pata lagata hai ki graaphik seedhee rekha ke roop mein praapt hota hai usake anusaar in sabhee sthitiyon ke bheetar jab thos par se baahar bal hata diya jaata hai to yah apanee vaastavik avastha grahan kar leta hai aur usaka kaaran unhonne bataaya hai ki jis bal ke kaaran toot ke anu paramaanu kee sthiti mein vyavasthaapan utpann hota hai aaropit bal ke samaanupaatee hota hai jisake kaaran vikrti utpann ho rahee hai kisee bhee dost mein vikrti kaee prakaar se utpann ho sakatee hai jise kheenchane par sampeedan par nahin chhodane par jhukane ya ghumaavadaar aadi ke anusaar usako kheenchakar ko badhaaya jaata hai to usamen vikrti utpann ho jaatee hai yadi ham aaropit bal ko doguna kar denge to vastu mein utpann vikrti bhee doguna ho jaegee buk ke anusaar kisee vastu par baat lagaaya jaata hai to saamaan vikrti aur keke * ke baraabar hota hai yaanee baraabar ke yahaan par vastu kee lambaee mein parivartan ya vikrti yahaan ke ka maan keval vastu ke pratyaasth par hee nirbhar karata hai varana us vastu ke aakaar ke aakaar aur aakrti par nirbhar karata hai

#जीवन शैली

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हजारी प्रसाद का जीवन परिचय?Hazari Prasad Ka Jeevan Parichay
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3:00
सवाल ये है कि हजारी प्रसाद का जीवन परिचय आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म 20 अगस्त 1950 ईस्वी में बलिया जिले के दुबे के छपरा नामक ग्राम में हुआ उनके पिता का नाम श्री अनमोल दुबे एवं माता का नाम श्रीमती ज्योति कला देवी हां था उनकी शिक्षा का प्रारंभ कब से हुआ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से ज्योतिष शास्त्र साहित्य में आचार्य की उपाधि प्राप्त की 1940 ईस्वी में हिंदी एवं संस्कृत के अध्यापक के रूप में शांति निकेतन चले गए यही इन्हें विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की सानिध्य मिला और साहित्य सृजन की ओर अभिमुख हो गए सन 1956 ईस्वी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में अध्यक्ष नियुक्त हुए कुछ समय तक पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में हिंदी विश्व भाग्य के रूप में भी कार्य किया 19 49 ईसवी में लखनऊ विश्वविद्यालय मिनेमिन्नी लेख तथा सन् 1957 में भारत सरकार ने पद्म भूषण की उपाधि से विभूषित किया 19 मई 1979 को इनका देवाफन हो गया आज द्विवेदी जी ने बाल्यकाल से ही श्री ब्योमकेश शास्त्री की कविता लिखने की कला सीखनी आरंभ कर दी और शांति निकेतन पहुंचकर उनकी प्रतिभा और अधिक निखरने लगी कवींद्र रवींद्र ने कहा उन पर विशेष प्रभाव पड़ा बांग्ला साहित्य से बहुत प्रभावित थे कि उच्च कोटि के शोधकर्ता निबंधकार उपन्यास का एवं आलोचक थे सिद्ध साहित्य जैन साहित्य एवं अपभ्रंश साहित्य को प्रकाश मिलाकर तथा भक्ति साहित्य पर उच्चस्तरीय समीक्षात्मक व्रत एक ग्रंथों की रचना करके उन्होंने हिंदी साहित्य की महान सेवा की वैसे तो वैसे तो द्वेदी अनेक विषयों पर उत्कृष्ट कोटि के निबंध एवं नवीन शैली पर आधारित उपन्यासों की रचना की है पर विशेष रूप से व्यक्तित्व एवं भावनात्मक निबंध की रचना करने में यह अद्वितीय रहे दिवेदी जी उत्तर प्रदेश ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष भी रहे हैं तभी पर तो पृष्ठ आलोचनात्मक कार्य करने का कारण इन्हें मंगला प्रसाद पारितोषिक प्राप्त हुआ इसके साथ ही सुर साहित्य पर इंदौर साहित्य समिति ने स्वर्ण पदक प्रदान किया इन्होंने शांतिनिकेतन में हिंदी प्राध्यापक के रूप में 18 नवंबर 1930 को अपने करियर की शुरुआत की थी उन्होंने 1940 में विश्व भारती भवन के कार्यालय में निदेशक के रूप में पदोन्नति प्रदान की अपने कार्यकारी जीवन में इनकी मुलाकात रविंद्र नाथ टैगोर से शांतिनिकेतन में हुई उन्होंने 1950
Savaal ye hai ki hajaaree prasaad ka jeevan parichay aachaary hajaaree prasaad dvivedee ka janm 20 agast 1950 eesvee mein baliya jile ke dube ke chhapara naamak graam mein hua unake pita ka naam shree anamol dube evan maata ka naam shreematee jyoti kala devee haan tha unakee shiksha ka praarambh kab se hua intar kee pareeksha utteern karane ke baad inhonne kaashee hindoo vishvavidyaalay se jyotish shaastr saahity mein aachaary kee upaadhi praapt kee 1940 eesvee mein hindee evan sanskrt ke adhyaapak ke roop mein shaanti niketan chale gae yahee inhen vishvakavi raveendranaath taigor kee saanidhy mila aur saahity srjan kee or abhimukh ho gae san 1956 eesvee mein kaashee hindoo vishvavidyaalay ke hindee vibhaag mein adhyaksh niyukt hue kuchh samay tak panjaab vishvavidyaalay chandeegadh mein hindee vishv bhaagy ke roop mein bhee kaary kiya 19 49 eesavee mein lakhanoo vishvavidyaalay mineminnee lekh tatha san 1957 mein bhaarat sarakaar ne padm bhooshan kee upaadhi se vibhooshit kiya 19 maee 1979 ko inaka devaaphan ho gaya aaj dvivedee jee ne baalyakaal se hee shree byomakesh shaastree kee kavita likhane kee kala seekhanee aarambh kar dee aur shaanti niketan pahunchakar unakee pratibha aur adhik nikharane lagee kaveendr raveendr ne kaha un par vishesh prabhaav pada baangla saahity se bahut prabhaavit the ki uchch koti ke shodhakarta nibandhakaar upanyaas ka evan aalochak the siddh saahity jain saahity evan apabhransh saahity ko prakaash milaakar tatha bhakti saahity par uchchastareey sameekshaatmak vrat ek granthon kee rachana karake unhonne hindee saahity kee mahaan seva kee vaise to vaise to dvedee anek vishayon par utkrsht koti ke nibandh evan naveen shailee par aadhaarit upanyaason kee rachana kee hai par vishesh roop se vyaktitv evan bhaavanaatmak nibandh kee rachana karane mein yah adviteey rahe divedee jee uttar pradesh granth akaadamee ke adhyaksh hindee sansthaan ke upaadhyaksh bhee rahe hain tabhee par to prshth aalochanaatmak kaary karane ka kaaran inhen mangala prasaad paaritoshik praapt hua isake saath hee sur saahity par indaur saahity samiti ne svarn padak pradaan kiya inhonne shaantiniketan mein hindee praadhyaapak ke roop mein 18 navambar 1930 ko apane kariyar kee shuruaat kee thee unhonne 1940 mein vishv bhaaratee bhavan ke kaaryaalay mein nideshak ke roop mein padonnati pradaan kee apane kaaryakaaree jeevan mein inakee mulaakaat ravindr naath taigor se shaantiniketan mein huee unhonne 1950

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मस्तिष्क पर चंदन क्यू लगाते है?Mastishk Par Chandan Kyo Lagate Hai
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2:34
सवाल है कि मस्तिष्क पर चंदन क्यों लगाते हैं हम देखते हैं कि माथे पर चंदन के तिलक लगाने की प्रथा सदियों से चली आ रही है चंदनिया रोली का तिलक मस्तिष्क के केंद्र में लगाया जाता है क्योंकि हमारे शरीर में छोटे-छोटे ऊर्जा केंद्र होते हैं मां के बीच में आज्ञा चक्र होता है जिसे गुरु चक्र भी कहते हैं यह मानवता केंद्र स्थान है यह स्थान एकाग्रता ज्ञान से परिपूर्ण होता है जहां से कार्यक्रमों का संचालन किया जाता है जो स्थान पर चंदन का तिलक लगाने से मस्तिष्क को शीतलता पवित्रता प्रदान करता है इंसान के मन के अंदर और पवित्र विचारों को जन्म देता है इंसान को अच्छे काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है मस्तिष्क पर अब तुझ पर तिलक लगाने की परंपरा हिंदू धर्म में अनादि काल से चली आ रही है यह सामाजिक सांस्कृतिक धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है यह व्यक्ति के व्यक्ति नई गरिमा प्रदान करता है मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी तिलक लगाने की महिमा को बताया गया है हिंदू दर्शन और जीवन शैली एवं मान्यता के अनुसार व्यक्ति मन बुद्धि शरीर और आत्मा का संगम है मनुष्य के अंतःकरण में ब्रह्मा का वास होता है अतः मस्तिष्क पर चंदन का तिलक आत्मा को हमेशा शुद्ध और शीतल रखता है आज के युग में भी जब भी हम कोई अनुष्ठान करते हैं तो माथे पर तिलक अवश्य लगाया जाता है माथे पर तिलक लगाने पर असर के ऊपर हाथ रखने की परंपरा है जो मन मस्तिष्क को शांत रखने की प्रक्रिया है ताकि हम किसी भी अनुष्ठान को शांति से पूर्ण कर सकें हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाना सात्विकता का प्रदान करने के साथ ही विजय प्राप्त करने के उद्देश्य को पूरा करता है अदिति आगमन पर्व त्योहार का यात्रा पर जाने का समय तीर्थ स्थानों पर तिलक लगाने का चलन इंसान की मंगल कामना के लिए होता है देवी पूजा के बाद तिलक लगाने से आशीर्वाद की प्राप्ति होती है लेकिन या तिलक चंदन का ना होकर लाल रंग का होता है जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है चंदन का तिलक माथे पर लगाने के बारे में कहा जाता है कि मानसिक शांति देने के साथ मानसिक रोगों से मुक्त करता है चंदन तिलक के कई प्रकार होते जैसे हरि हरि चंदन गोपी चंदन गोकुल चंदन गोविंद संप्रदाय के लोग गोपी चंदन का तिलक लगाते हैं श्री कृष्ण के चरणों का प्रतिरूप दो खड़ी रेखाओं के रूप में धारण करते हैं
Savaal hai ki mastishk par chandan kyon lagaate hain ham dekhate hain ki maathe par chandan ke tilak lagaane kee pratha sadiyon se chalee aa rahee hai chandaniya rolee ka tilak mastishk ke kendr mein lagaaya jaata hai kyonki hamaare shareer mein chhote-chhote oorja kendr hote hain maan ke beech mein aagya chakr hota hai jise guru chakr bhee kahate hain yah maanavata kendr sthaan hai yah sthaan ekaagrata gyaan se paripoorn hota hai jahaan se kaaryakramon ka sanchaalan kiya jaata hai jo sthaan par chandan ka tilak lagaane se mastishk ko sheetalata pavitrata pradaan karata hai insaan ke man ke andar aur pavitr vichaaron ko janm deta hai insaan ko achchhe kaam karane ke lie protsaahan milata hai mastishk par ab tujh par tilak lagaane kee parampara hindoo dharm mein anaadi kaal se chalee aa rahee hai yah saamaajik saanskrtik dhaarmik aur aadhyaatmik drshti se bhee mahatvapoorn maanee jaatee hai yah vyakti ke vyakti naee garima pradaan karata hai manovaigyaanik drshti se bhee tilak lagaane kee mahima ko bataaya gaya hai hindoo darshan aur jeevan shailee evan maanyata ke anusaar vyakti man buddhi shareer aur aatma ka sangam hai manushy ke antahkaran mein brahma ka vaas hota hai atah mastishk par chandan ka tilak aatma ko hamesha shuddh aur sheetal rakhata hai aaj ke yug mein bhee jab bhee ham koee anushthaan karate hain to maathe par tilak avashy lagaaya jaata hai maathe par tilak lagaane par asar ke oopar haath rakhane kee parampara hai jo man mastishk ko shaant rakhane kee prakriya hai taaki ham kisee bhee anushthaan ko shaanti se poorn kar saken hindoo dharm mein maathe par tilak lagaana saatvikata ka pradaan karane ke saath hee vijay praapt karane ke uddeshy ko poora karata hai aditi aagaman parv tyohaar ka yaatra par jaane ka samay teerth sthaanon par tilak lagaane ka chalan insaan kee mangal kaamana ke lie hota hai devee pooja ke baad tilak lagaane se aasheervaad kee praapti hotee hai lekin ya tilak chandan ka na hokar laal rang ka hota hai jo shareer ko oorja pradaan karata hai chandan ka tilak maathe par lagaane ke baare mein kaha jaata hai ki maanasik shaanti dene ke saath maanasik rogon se mukt karata hai chandan tilak ke kaee prakaar hote jaise hari hari chandan gopee chandan gokul chandan govind sampradaay ke log gopee chandan ka tilak lagaate hain shree krshn ke charanon ka pratiroop do khadee rekhaon ke roop mein dhaaran karate hain

#जीवन शैली

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एंटीबायोटिक दवा का क्या साइड इफेक्ट होता है?Antibiotic Dawa Ka Kya Side Effect Hota Hai
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2:14
सवाल यह है कि एंटीबायोटिक दवा का क्या साइड इफेक्ट होता है आपको जानकर हैरानी होगी कि एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल 8 से भी ज्यादा घातक हो सकता है आधा बच्चों ने चेतावनी जारी की है कि अगर इसी तरह एंटीबायोटिक का उपयोग किया जाता रहा भारत का में दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों में वर्ष 2050 तक एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत के दुष्प्रभाव से हो सकती है एचआईवी संक्रमण होने पर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है जबकि एंटीबायोटिक के हद से ज्यादा इस्तेमाल के खिलाफ फॉर माइक्रोवेव पैदा हो रहा है जो कि दवाओं के असर को खत्म कर रहा है एंटीबायोटिक के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से भारत में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है देश के लोगों ने इतनी एंटीबायोटिक ले ली है कि उनके शरीर में रजिस्टर्ड पैदा होने से अब एंटीबायोटिक ने काम करना बंद कर दिया ऐसे में छोटी-छोटी परेशानियां बड़ी समस्याओं का रूप ले रही हैं देश में अतिथि श्री संक्रामक रोग वायरस से होते हैं ऐसे में एंटी बायोटिक्स की जरूरत नहीं होती वर्ष 2000 से 2010 के बीच दुनिया भर में एंटीबायोटिक सिखाता आपस में लगभग 30 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है बुखार खांसी जुखाम होने पर एंटीबायोटिक से परहेज करना चाहिए बार-बार सवाल करने से डायबिटीज का खतरा 53 फ़ीसदी तक बढ़ सकता है अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपनहेगन ने हवन की सेंटर फॉर डायबिटीज की गई है शोधकर्ताओं के मुताबिक एंटीबायोटिक से पेट में बैक्टीरिया की संख्या और उसका स्वरूप बदल रहा है इसका लगातार प्रयोग करने से असंतुलित हो जाता है इसकी वजह से अच्छे बैक्टीरिया की संख्या भी कम हो जाती है और खराब बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने से पैंक्रियास का संतुलन बिगड़ जाता है सही तरीके से एंटीबायोटिक ना लेने पर साइड इफेक्ट हो सकते हैं इसमें सैफ एंड जॉनसन सिंड्रोम बेहद आम है इस टेंडर में मुंह में छाले और चेहरे पर छाती पर दाने निकल आते हैं यह जानलेवा भी हो सकता है
Savaal yah hai ki enteebaayotik dava ka kya said iphekt hota hai aapako jaanakar hairaanee hogee ki enteebaayotiks ka andhaadhundh istemaal 8 se bhee jyaada ghaatak ho sakata hai aadha bachchon ne chetaavanee jaaree kee hai ki agar isee tarah enteebaayotik ka upayog kiya jaata raha bhaarat ka mein dakshinee poorvee eshiyaee deshon mein varsh 2050 tak ek karod se jyaada logon kee maut ke dushprabhaav se ho sakatee hai echaeevee sankraman hone par shareer mein rog pratirodhak kshamata samaapt ho jaatee hai jabaki enteebaayotik ke had se jyaada istemaal ke khilaaph phor maikrovev paida ho raha hai jo ki davaon ke asar ko khatm kar raha hai enteebaayotik ke jaroorat se jyaada istemaal karane se bhaarat mein logon kee rog pratirodhak kshamata par bhee bura asar pad raha hai desh ke logon ne itanee enteebaayotik le lee hai ki unake shareer mein rajistard paida hone se ab enteebaayotik ne kaam karana band kar diya aise mein chhotee-chhotee pareshaaniyaan badee samasyaon ka roop le rahee hain desh mein atithi shree sankraamak rog vaayaras se hote hain aise mein entee baayotiks kee jaroorat nahin hotee varsh 2000 se 2010 ke beech duniya bhar mein enteebaayotik sikhaata aapas mein lagabhag 30 feesadee ka izaafa hua hai bukhaar khaansee jukhaam hone par enteebaayotik se parahej karana chaahie baar-baar savaal karane se daayabiteej ka khatara 53 feesadee tak badh sakata hai amerika kee yoonivarsitee oph kopanahegan ne havan kee sentar phor daayabiteej kee gaee hai shodhakartaon ke mutaabik enteebaayotik se pet mein baikteeriya kee sankhya aur usaka svaroop badal raha hai isaka lagaataar prayog karane se asantulit ho jaata hai isakee vajah se achchhe baikteeriya kee sankhya bhee kam ho jaatee hai aur kharaab baikteeriya kee sankhya badhane se painkriyaas ka santulan bigad jaata hai sahee tareeke se enteebaayotik na lene par said iphekt ho sakate hain isamen saiph end jonasan sindrom behad aam hai is tendar mein munh mein chhaale aur chehare par chhaatee par daane nikal aate hain yah jaanaleva bhee ho sakata hai

#भारत की राजनीति

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नीति आयोग के सीईओ कौन है?Neeti Aayog Ke Ceo Kaun Hai
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1:06
सवाल ये है कि नीति आयोग के सीईओ कौन हैं नीति आयोग के मुख्य कार्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ अमिताभ कांत है नीति आयोग के सदस्यों में विवेक देवराय वीके सारस्वत रमेश चंद्र और विनोद पाल शामिल है योजना आयोग और नीति आयोग में मूलभूत अंतर है कि इससे केंद्र से राज्य की तरफ चलने वाले एकपक्षीय नीतिगत अकरम को एक महत्वपूर्ण विकासवादी परिवर्तन के रूप में राज्यों की वास्तविक और सतत भागीदारी से बदल बदल दिया जाएगा नीति आयोग ग्राम स्तर पर विश्वास नियोजन तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करेगा और उसके उत्तरोत्तर उच्च स्तर तक पहुंच जाएगा आयोग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों प्रैक्टिशनर हो तथा अन्य धारको के सहयोगात्मक समुदाय के जरिए ज्ञान नवाचार उद्यमशीलता सहायक प्रणाली बनाएगा एकत्रित आयोग कार्यक्रमों और नीतियों के क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नत औरत और क्षमता निर्माण पर जोर देगा
Savaal ye hai ki neeti aayog ke seeeeo kaun hain neeti aayog ke mukhy kaary kaaryakaaree adhikaaree yaanee seeeeo amitaabh kaant hai neeti aayog ke sadasyon mein vivek devaraay veeke saarasvat ramesh chandr aur vinod paal shaamil hai yojana aayog aur neeti aayog mein moolabhoot antar hai ki isase kendr se raajy kee taraph chalane vaale ekapaksheey neetigat akaram ko ek mahatvapoorn vikaasavaadee parivartan ke roop mein raajyon kee vaastavik aur satat bhaageedaaree se badal badal diya jaega neeti aayog graam star par vishvaas niyojan taiyaar karane ke lie tantr vikasit karega aur usake uttarottar uchch star tak pahunch jaega aayog raashtreey aur antararaashtreey visheshagyon praiktishanar ho tatha any dhaarako ke sahayogaatmak samudaay ke jarie gyaan navaachaar udyamasheelata sahaayak pranaalee banaega ekatrit aayog kaaryakramon aur neetiyon ke kriyaanvayan ke lie praudyogikee unnat aurat aur kshamata nirmaan par jor dega

#भारत की राजनीति

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चांद पर सबसे पहले किसने कदम रखा?Chaand Par Sabse Pahale Kisne Kadam Rakha
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0:48
सवाल ये है कि चांद पर सबसे पहले कदम किसने रखा था तो सबसे पहले कदम नील आर्मस्ट्रांग में रखा था 20 जुलाई 1969 को अपोलो देवनार मौजूद ईगल से उतरकर नील आर्मस्ट्रांग ने चांद की धरती पर पहला कदम रखा था इसके करीब 19 मिनट बाद जिस शख्स ने चांद की चांद की धरती पर दूसरा कदम रखा था उनका नाम था बस स्टैंड रहता था जबकि तीसरे अंतरिक्ष यात्री माइकल कॉलिंस ध्यान में ही मौजूद थे आर्मस्ट्रांग और एंड रन ए चांद की धरती पर करीब 21 घंटे और 71 मिनट बिताए थे जो हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गए इस ऐतिहासिक क्षण का सीधा प्रसारण दुनिया के 33 देशों में किया गया था
Savaal ye hai ki chaand par sabase pahale kadam kisane rakha tha to sabase pahale kadam neel aarmastraang mein rakha tha 20 julaee 1969 ko apolo devanaar maujood eegal se utarakar neel aarmastraang ne chaand kee dharatee par pahala kadam rakha tha isake kareeb 19 minat baad jis shakhs ne chaand kee chaand kee dharatee par doosara kadam rakha tha unaka naam tha bas staind rahata tha jabaki teesare antariksh yaatree maikal kolins dhyaan mein hee maujood the aarmastraang aur end ran e chaand kee dharatee par kareeb 21 ghante aur 71 minat bitae the jo hamesha ke lie itihaas mein darj ho gae is aitihaasik kshan ka seedha prasaaran duniya ke 33 deshon mein kiya gaya tha

#धर्म और ज्योतिषी

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प्रलय के चार प्रकार कौन से हैं?Pralay Ke Chaar Prakar Kaun Se Hai
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3:18
सवाल ये है कि प्रलय के चार प्रकार कौन से हैं प्रलय के चार प्रकार हैं पहला किसी भी धरती पर से जीवन का समाप्त हो जाना दूसरा धरती का नष्ट होकर भक्तों बन जाना तीसरा सूर्य सहित ग्रह नक्षत्रों का नष्ट होकर वशीभूत हो जाना और चौथा धमाका ब्रह्म में लीन हो जाना अर्थात परिभाषा भी नहीं रहे हो नेशन अवस्था में हो जाना हिंदू शास्त्रों में मूल रूप से प्रलय के चार प्रकार हैं नित्य नैमित्तिक दोहे पाठ और प्राकृतिक अन्य पौराणिक गणना के अनुसार यह क्रम है नृत्य आत्यंतिक और प्राकृतिक प्रक्रिया प्रलय अनित्य प्रलयम वेदांत के अनुसार जीवो की मृत्यु होने रहने वाली मृत्यु को नित्य प्रलय कहते हैं जो जन्म लेते हैं उनकी प्रतिदिन की मृत्यु अर्थात प्रतिपल सृष्टि में जन्म और मृत्यु का चक्कर चलता रहता है आत्यंतिक प्रलय अत्यंत उपयोगी जनों के ज्ञान के द्वारा ब्रह्म में लीन हो जाने को कहते हैं अर्थात मोक्ष प्राप्त कर उत्पत्ति और प्रलय चक्र से बाहर निकल जाना ही आत्यंतिक प्रलय है ना नृत्य कला वेदांत के अनुसार प्रत्येक कल्प के अंत में होने वाला तीनों लोगों का चाहिए या पूर्ण विनाश हो जाना नाम रितिक सलाई कहलाता है पुराणों के अनुसार जब ब्रह्मा का 1 दिन समाप्त हो जाता है तब विश्व का नाश हो जाता है एक कल्प को ब्रह्मा का 1 दिन माना जाता है इसी प्रलय में धरती या अन्य ग्रहों से जीवन नष्ट हो जाता है नैतिक प्रलय काल के दौरान कल्प के अंत में आकाश से सूर्य की आग बरसती है इनकी भयंकर तपन से संपूर्ण जल राशि सूख जाती है समस्त जगत जलकर नष्ट हो जाता है इसके बाद और संवत अपना नाम काम एक अन्य लोगों के साथ सौ सौ वर्षो तक बरसता है वायु अत्यंत तेज गति से 100 वर्ष तक चलती है उसके बाद धीरे-धीरे सब कुछ शांत होने लगता है तब फिर से जीवन की शुरू होती है प्राकृत पल-पल ब्रह्मांड के सभी भूखंड या ब्रह्मांड को का मिट जाना नष्ट हो जाना याद स्वरूप हो जाना प्राकृत प्रलय कहलाता है वेदांत के अनुसार प्राकृतिक अवस्था प्रलय का वह उग्र रूप जिसमें तीनों लोगों सहित महत्व अर्थात प्रकृति के पहले और मूल्य कार तक का विनाश हो जाता है प्रकृति भी ब्रह्म में लीन हो जाती है अर्थात संपूर्ण ब्रह्मांड 0 अवस्था में हो जाता है ना जल होता है ना वायु ना अग्नि और ना ही आकाश शर्मा को सिर्फ अंधकार है जाता है पुराणों के अनुसार प्राकृतिक प्रलय ब्रह्मा के 100 वर्ष बीत जाने पर अर्थात ब्रह्मा की आयु पूर्ण होते ही जब जल में सब जल में लाए हो जाता है कुछ भी शेष नहीं रहता जीवो का आधार देने वाली है धरती भी प्रकाश जल राशि में डूबकर जल रूप हो जाती है उस समय जल अग्नि में अग्नि वायु में आकाश में और आकाश महत्व में प्रविष्ट हो जाता है नेतृत्व प्रकृति में प्रकृति पोले पुरुष विलीन हो जाती है उक्त चारों में से नामक एवं प्राकृतिक महाप्रलय ब्रह्मांड से संबंधित होते हैं तथा शेष दो पहले दे धारियों से संबंधित होते हैं
Savaal ye hai ki pralay ke chaar prakaar kaun se hain pralay ke chaar prakaar hain pahala kisee bhee dharatee par se jeevan ka samaapt ho jaana doosara dharatee ka nasht hokar bhakton ban jaana teesara soory sahit grah nakshatron ka nasht hokar vasheebhoot ho jaana aur chautha dhamaaka brahm mein leen ho jaana arthaat paribhaasha bhee nahin rahe ho neshan avastha mein ho jaana hindoo shaastron mein mool roop se pralay ke chaar prakaar hain nity naimittik dohe paath aur praakrtik any pauraanik ganana ke anusaar yah kram hai nrty aatyantik aur praakrtik prakriya pralay anity pralayam vedaant ke anusaar jeevo kee mrtyu hone rahane vaalee mrtyu ko nity pralay kahate hain jo janm lete hain unakee pratidin kee mrtyu arthaat pratipal srshti mein janm aur mrtyu ka chakkar chalata rahata hai aatyantik pralay atyant upayogee janon ke gyaan ke dvaara brahm mein leen ho jaane ko kahate hain arthaat moksh praapt kar utpatti aur pralay chakr se baahar nikal jaana hee aatyantik pralay hai na nrty kala vedaant ke anusaar pratyek kalp ke ant mein hone vaala teenon logon ka chaahie ya poorn vinaash ho jaana naam ritik salaee kahalaata hai puraanon ke anusaar jab brahma ka 1 din samaapt ho jaata hai tab vishv ka naash ho jaata hai ek kalp ko brahma ka 1 din maana jaata hai isee pralay mein dharatee ya any grahon se jeevan nasht ho jaata hai naitik pralay kaal ke dauraan kalp ke ant mein aakaash se soory kee aag barasatee hai inakee bhayankar tapan se sampoorn jal raashi sookh jaatee hai samast jagat jalakar nasht ho jaata hai isake baad aur sanvat apana naam kaam ek any logon ke saath sau sau varsho tak barasata hai vaayu atyant tej gati se 100 varsh tak chalatee hai usake baad dheere-dheere sab kuchh shaant hone lagata hai tab phir se jeevan kee shuroo hotee hai praakrt pal-pal brahmaand ke sabhee bhookhand ya brahmaand ko ka mit jaana nasht ho jaana yaad svaroop ho jaana praakrt pralay kahalaata hai vedaant ke anusaar praakrtik avastha pralay ka vah ugr roop jisamen teenon logon sahit mahatv arthaat prakrti ke pahale aur mooly kaar tak ka vinaash ho jaata hai prakrti bhee brahm mein leen ho jaatee hai arthaat sampoorn brahmaand 0 avastha mein ho jaata hai na jal hota hai na vaayu na agni aur na hee aakaash sharma ko sirph andhakaar hai jaata hai puraanon ke anusaar praakrtik pralay brahma ke 100 varsh beet jaane par arthaat brahma kee aayu poorn hote hee jab jal mein sab jal mein lae ho jaata hai kuchh bhee shesh nahin rahata jeevo ka aadhaar dene vaalee hai dharatee bhee prakaash jal raashi mein doobakar jal roop ho jaatee hai us samay jal agni mein agni vaayu mein aakaash mein aur aakaash mahatv mein pravisht ho jaata hai netrtv prakrti mein prakrti pole purush vileen ho jaatee hai ukt chaaron mein se naamak evan praakrtik mahaapralay brahmaand se sambandhit hote hain tatha shesh do pahale de dhaariyon se sambandhit hote hain

#जीवन शैली

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अमीर और गरीब लोगों की आदतों में क्या अंतर होता है?Ameer Aur Gareeb Logon Ki Aadaton Mein Kya Antar Hota Hai
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4:12
सवाल यह है कि अमीर और गरीब लोगों की आदतों में क्या अंतर होता है कोई भी इंसान अपनी किस्मत या भाग्य की वजह से गरीब ही गरीब या अमीर नहीं होता बल्कि अपनी सोच की वजह से होता है इसलिए गरीब सोच वाले हमेशा गरीब ही रह जाते हैं और अमीर सोच वाले लोग हमेशा में रह जाते हैं एक गरीब और अमीर इंसान के बीच में उस वक्त उनकी सोच का फर्क होता है अमीर गरीब मानसिकता वाले लोग अपनी गलतियों और असफलताओं के लिए हमेशा दूसरों को दोषी मानते हैं मेरी तो किस्मत ही खराब है भगवान हमेशा मेरे साथ ही बुरा करता है उसने मेरे साथ धोखा किया इसने मेरे साथ गलत किया इस तरह की बातचीत कर उनके मुंह से सुनी जा सकती है गरीब सोच वाले लोग अपनी समस्याओं को सामान ढूंढ़ समाधान ढूंढने के बजाय सरकार को ईश्वर को तो कभी किसी और को जनाधार ठहराते रहते हैं जबकि अमित सोच वाले लोग अपनी गलतियों की जिम्मेदारी खुद लेते हैं और उससे सीखते हैं ताकि भविष्य में फिर वही गलती दोबारा ना हो गया अपनी समस्याओं की शिकायत करने के बजाय ठंडे दिल से उनका समाधान निकालते हैं गरीब सोच वाले लोग हमेशा मेरी का दिखावा करते हैं और अपना स्टेटस हाय दिखाने के लिए अपना सारा पैसा गैर जरूरी चीजों पर खर्च कर देते हैं खुद को भी दिखाने के लिए मैं महंगे कपड़े महंगे मोबाइल महंगी कार बाइक टीवी एक्टर्स जैसी चीजें लोन पर ले रहे थे जिसके कारण उनकी फाइनेंसियल कंडीशन और भी खराब हो जाती है वही अमीर लोग अपने पैसों को गैर जरूरी चीजों पर खर्च करने के बजाय ऐसी जगह करें जहां से इनकम जनरेट हो सके वह कर्ज भी ले सकते हैं कोई ऐसे खरीदने के लिए ताकि अपने इनकम रिसोर्सेज को बढ़ाया जा सके करीब सोच वाले लोग खाओ कमाओ वाले वनडे में विश्वास रखते हैं इसलिए वे पैसा हाथ में आते ही अपने पूरे सभी कार्य पूरे कर लेते हैं इसलिए उनके हाथ में सेविंग के नाम पर कुछ नहीं बस बचता और जीवन भर आर्थिक तंगी में रहते हैं लेकिन अमीर सोच वाले सबसे पहले उन पैसों में से 20 परसेंट सेविंग के लिए निकाल देते हैं चाहे उनकी कितनी ही लगाते हैं गरीब पहुंच वाले अधिकांश लोग समय बेकार की बेकार के कामों में समय बर्बाद कर देते हैं टीवी के सामने घंटों तक बैठना बैठे रहना मोबाइल पर फनी वीडियोस देखना मींस लिखना दोस्तों के साथ बैठकर राजनीति और क्रिकेट के बारे में डिस्कस करना उनका डेली रूटीन हो जाता है लेकिन अमीर सोच वाले लोग अपने टाइम की वैल्यू जानते हैं इसलिए मैं अपने हर दिन को प्लान करते हैं अगर उनके पास खाली समय भी होता है तो अपने कार्य क्षेत्र से जुड़ी किताबें पढ़कर अपनी नॉलेज को इनक्रीस करते हैं गरीब सोच वाले लोग हमेशा यही सोचते हैं कि लोग क्या कहेंगे यह कोई भी काम करते समय इस बात का खास ध्यान रखते हैं कि लोगों के बीच उनके हिसाब भी बनी रहे लेकिन आमिर सोच वाले लोग इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं अपने काम से काम रखते हैं उनकी नजर में कोई भी बकवा काम बढ़ाएं छोटा नहीं होता इसलिए बिहार अपॉर्चुनिटी का लाभ उठाते हैं गरीब सोच वाले लोग हर वक्त एक दूसरे की टांग खींचने में लगे रहते हैं आपने देखा होगा कि गरीब लोग छोटी-छोटी बातों पर आपस में लड़ते रहते हैं इस तरह अपना पैसा कम है और एनर्जी तीनों को बेच कर देते हैं जबकि अमीर सोच वाले लोग जानते हैं कि छोटी-छोटी बातों पर लड़ने से कोई लाभ नहीं मिलता बल्कि नुकसान ही होता है इसलिए छोटी-छोटी बातों पर किसी के साथ अपना व्यवहार खराब नहीं करते अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखते हैं इस प्रकार में अपने विरोधियों से भी अपना काम करा लेते हैं अमीर और गरीब लोगों की सोच में सबसे बड़ा डिफरेंस यह है कि गरीब लोग केवल पैसों के लिए काम करते हैं जबकि अमीर लोग पैसे की पैसे से अपना काम करवाते हैं अब हमेशा कुछ लिखते हैं सीखने ग्रो करने के लिए तैयार रहते हैं हमने हमेशा देखा है कि गरीब मानसिकता वाले लोग उतना उतना ही था उतना ही काम करना चाहते हैं जितना उन्हें पैसा दिया जाता है यही वजह है कि बॉस और एंप्लाइज की कभी नहीं बनती अमीर मानसिकता वाले लोग भी होते हैं काम नहीं करते बल्कि अपने काम के दौरान ही देखते रहते हैं ताकि भविष्य में अपने अनुभवों का लाभ उठा सकें
Savaal yah hai ki ameer aur gareeb logon kee aadaton mein kya antar hota hai koee bhee insaan apanee kismat ya bhaagy kee vajah se gareeb hee gareeb ya ameer nahin hota balki apanee soch kee vajah se hota hai isalie gareeb soch vaale hamesha gareeb hee rah jaate hain aur ameer soch vaale log hamesha mein rah jaate hain ek gareeb aur ameer insaan ke beech mein us vakt unakee soch ka phark hota hai ameer gareeb maanasikata vaale log apanee galatiyon aur asaphalataon ke lie hamesha doosaron ko doshee maanate hain meree to kismat hee kharaab hai bhagavaan hamesha mere saath hee bura karata hai usane mere saath dhokha kiya isane mere saath galat kiya is tarah kee baatacheet kar unake munh se sunee ja sakatee hai gareeb soch vaale log apanee samasyaon ko saamaan dhoondh samaadhaan dhoondhane ke bajaay sarakaar ko eeshvar ko to kabhee kisee aur ko janaadhaar thaharaate rahate hain jabaki amit soch vaale log apanee galatiyon kee jimmedaaree khud lete hain aur usase seekhate hain taaki bhavishy mein phir vahee galatee dobaara na ho gaya apanee samasyaon kee shikaayat karane ke bajaay thande dil se unaka samaadhaan nikaalate hain gareeb soch vaale log hamesha meree ka dikhaava karate hain aur apana stetas haay dikhaane ke lie apana saara paisa gair jarooree cheejon par kharch kar dete hain khud ko bhee dikhaane ke lie main mahange kapade mahange mobail mahangee kaar baik teevee ektars jaisee cheejen lon par le rahe the jisake kaaran unakee phainensiyal kandeeshan aur bhee kharaab ho jaatee hai vahee ameer log apane paison ko gair jarooree cheejon par kharch karane ke bajaay aisee jagah karen jahaan se inakam janaret ho sake vah karj bhee le sakate hain koee aise khareedane ke lie taaki apane inakam risorsej ko badhaaya ja sake kareeb soch vaale log khao kamao vaale vanade mein vishvaas rakhate hain isalie ve paisa haath mein aate hee apane poore sabhee kaary poore kar lete hain isalie unake haath mein seving ke naam par kuchh nahin bas bachata aur jeevan bhar aarthik tangee mein rahate hain lekin ameer soch vaale sabase pahale un paison mein se 20 parasent seving ke lie nikaal dete hain chaahe unakee kitanee hee lagaate hain gareeb pahunch vaale adhikaansh log samay bekaar kee bekaar ke kaamon mein samay barbaad kar dete hain teevee ke saamane ghanton tak baithana baithe rahana mobail par phanee veediyos dekhana meens likhana doston ke saath baithakar raajaneeti aur kriket ke baare mein diskas karana unaka delee rooteen ho jaata hai lekin ameer soch vaale log apane taim kee vailyoo jaanate hain isalie main apane har din ko plaan karate hain agar unake paas khaalee samay bhee hota hai to apane kaary kshetr se judee kitaaben padhakar apanee nolej ko inakrees karate hain gareeb soch vaale log hamesha yahee sochate hain ki log kya kahenge yah koee bhee kaam karate samay is baat ka khaas dhyaan rakhate hain ki logon ke beech unake hisaab bhee banee rahe lekin aamir soch vaale log isase koee phark nahin padata ki log unake baare mein kya sochate hain apane kaam se kaam rakhate hain unakee najar mein koee bhee bakava kaam badhaen chhota nahin hota isalie bihaar aporchunitee ka laabh uthaate hain gareeb soch vaale log har vakt ek doosare kee taang kheenchane mein lage rahate hain aapane dekha hoga ki gareeb log chhotee-chhotee baaton par aapas mein ladate rahate hain is tarah apana paisa kam hai aur enarjee teenon ko bech kar dete hain jabaki ameer soch vaale log jaanate hain ki chhotee-chhotee baaton par ladane se koee laabh nahin milata balki nukasaan hee hota hai isalie chhotee-chhotee baaton par kisee ke saath apana vyavahaar kharaab nahin karate apanee bhaavanaon par niyantran rakhate hain is prakaar mein apane virodhiyon se bhee apana kaam kara lete hain ameer aur gareeb logon kee soch mein sabase bada dipharens yah hai ki gareeb log keval paison ke lie kaam karate hain jabaki ameer log paise kee paise se apana kaam karavaate hain ab hamesha kuchh likhate hain seekhane gro karane ke lie taiyaar rahate hain hamane hamesha dekha hai ki gareeb maanasikata vaale log utana utana hee tha utana hee kaam karana chaahate hain jitana unhen paisa diya jaata hai yahee vajah hai ki bos aur emplaij kee kabhee nahin banatee ameer maanasikata vaale log bhee hote hain kaam nahin karate balki apane kaam ke dauraan hee dekhate rahate hain taaki bhavishy mein apane anubhavon ka laabh utha saken

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मोबाइल में अचानक डाटा क्लियर हो जाने के बाद कैसे रिकवर करें ?Mobile Mein Achaanak Data Clear Ho Jaane Ke Baad Kaise Recover Karein
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2:11
सवाल यह है कि मोबाइल में अचानक दिल डाटा क्लियर हो जाने के बाद कैसे रिकवर करें बिना बैकअप के पीडीएफएमेट दोनों विवो फोन अगर एंड्राइड फोन का डिलीट डाटा वापस लाना है तो सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर में कुछ ऐप इंस्टॉल करने होंगे आप इसके लिए इजी यूजर मूवी सेवर या फिर एंड्राइड डाटा रिकवरी आप डाउनलोड कर सकते हैं यह फ्री में ट्रायल के लिए उपलब्ध है स्मार्ट फोन का डाटा रिकवरी करने के बाद करने के लिए आपको फोन को रूट करना होगा अब अपने पीसी से कनेक्ट करके डाटा रिकवरी आपको कंप्यूटर में इंस्टॉल कर ले स्मार्टफोन को पीसी से कनेक्ट करने के लिए बोला जाएगा पीसी से कनेक्ट करने के लिए आप यूएसबी केबल कस्टमर कर सकते हैं अब आपको अपने स्मार्टफोन का फुल एक्सेस देना होगा इसके बाद स्मार्ट फोन की सेटिंग में जाकर अबाउट्स फोन को सेलेक्ट करें यही आपको बेल्ट बेल्ट नंबर का ऑप्शन अब तक उपलब्ध होगा इस पर क्लिक तब तक क्लिक करके रखें जब तक यह आपको डेवलपर्स ऑन का ऑप्शन ना दिखा दे फिर से कट सेटिंग विकल्प में विकल्प में जाए यह आपको डेवलपर का ऑप्शन मिल जाएगा इस द ऑप्शन में जाकर फोन में डीबरिंग को ऑन करें आप जैसे ही मोबाइल कनेक्ट होगा यह आपके अक्षर से रिलेटेड कुछ मैसेज दिखाएगा इस मैसेज को के कर दें जैसे ही आपका मोबाइल आपके साथ कनेक्ट हो जाता है तब आपसे प्रश्न पूछा जाएगा कि कौन कौन से डॉक्यूमेंट को आप रिकवर करना चाहते हैं आप अर्जुन डॉक्यूमेंट को रिकवर करना चाहते हैं उन्हें सिलेक्ट करने जैसे ही सेलेक्ट करके क्लिक करेंगे एक एप्लीकेशन अपना वक्त काट कर देगी एप्लीकेशन शुरू होने का मतलब है कि आपके स्मार्टफोन का रिकवरी प्रोसेस स्टार्ट हो गया है इस प्रोसेस में 1 या उससे अधिक घंटा भी लग सकता है जब तक प्रोसेस चले तब तक अपने स्मार्टफोन को कंप्यूटर से कनेक्ट करके रखें अगर गलती से भी डिस्कनेक्ट किया तो रिकवरी प्रक्रिया बंद हो जाएगी ध्यान रहे कि आप लिकेशन इस बात की गारंटी नहीं देता कि आपके स्मार्टफोन का सारा डाटा रिकवर हो जाएगा लेकिन फिर भी आग खोजें हुए परिणाम काफी पॉजिटिव हो सकते हैं
Savaal yah hai ki mobail mein achaanak dil daata kliyar ho jaane ke baad kaise rikavar karen bina baikap ke peedeeephemet donon vivo phon agar endraid phon ka dileet daata vaapas laana hai to sabase pahale aapako apane kampyootar mein kuchh aip instol karane honge aap isake lie ijee yoojar moovee sevar ya phir endraid daata rikavaree aap daunalod kar sakate hain yah phree mein traayal ke lie upalabdh hai smaart phon ka daata rikavaree karane ke baad karane ke lie aapako phon ko root karana hoga ab apane peesee se kanekt karake daata rikavaree aapako kampyootar mein instol kar le smaartaphon ko peesee se kanekt karane ke lie bola jaega peesee se kanekt karane ke lie aap yooesabee kebal kastamar kar sakate hain ab aapako apane smaartaphon ka phul ekses dena hoga isake baad smaart phon kee seting mein jaakar abauts phon ko selekt karen yahee aapako belt belt nambar ka opshan ab tak upalabdh hoga is par klik tab tak klik karake rakhen jab tak yah aapako devalapars on ka opshan na dikha de phir se kat seting vikalp mein vikalp mein jae yah aapako devalapar ka opshan mil jaega is da opshan mein jaakar phon mein deebaring ko on karen aap jaise hee mobail kanekt hoga yah aapake akshar se rileted kuchh maisej dikhaega is maisej ko ke kar den jaise hee aapaka mobail aapake saath kanekt ho jaata hai tab aapase prashn poochha jaega ki kaun kaun se dokyooment ko aap rikavar karana chaahate hain aap arjun dokyooment ko rikavar karana chaahate hain unhen silekt karane jaise hee selekt karake klik karenge ek epleekeshan apana vakt kaat kar degee epleekeshan shuroo hone ka matalab hai ki aapake smaartaphon ka rikavaree proses staart ho gaya hai is proses mein 1 ya usase adhik ghanta bhee lag sakata hai jab tak proses chale tab tak apane smaartaphon ko kampyootar se kanekt karake rakhen agar galatee se bhee diskanekt kiya to rikavaree prakriya band ho jaegee dhyaan rahe ki aap likeshan is baat kee gaarantee nahin deta ki aapake smaartaphon ka saara daata rikavar ho jaega lekin phir bhee aag khojen hue parinaam kaaphee pojitiv ho sakate hain

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खाना बनाने की विधि पर किस लेखक की पुस्तक को पढ़ना चाहिए?Khaana Banane Ki Vidhi Par Kis Lekhak Kee Pustak Ko Padhna Chahiye
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0:34
सवाल यह है कि खाना बनाने की विधि पर किस लेखक की पुस्तक को पढ़ना चाहिए तो आप संजीव कपूर की पुस्तकें पढ़ सकते हैं संजीव कपूर की खाना खजाना नो ऑयल कुकिंग लो कैलोरी वेजीटेरियन दक्षिण डेलाइट एनीटाइम टेंप्टेशन संजीव कपूर खाजाना कुकिंग विद ओलिव ऑयल हाउ टू कुक इंडियन रॉयल हैदराबादी कुकिंग पनीर यह सब संजीव कपूर के द्वारा ही लिखी गई है आपने पढ़ सकते हैं
Savaal yah hai ki khaana banaane kee vidhi par kis lekhak kee pustak ko padhana chaahie to aap sanjeev kapoor kee pustaken padh sakate hain sanjeev kapoor kee khaana khajaana no oyal kuking lo kailoree vejeeteriyan dakshin delait eneetaim tempteshan sanjeev kapoor khaajaana kuking vid oliv oyal hau too kuk indiyan royal haidaraabaadee kuking paneer yah sab sanjeev kapoor ke dvaara hee likhee gaee hai aapane padh sakate hain

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हाइड्रोजन गैस बनाने की उपविधि क्या है?Hydrogen Gas Bnane Ki Upvidhi Kya Hai
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2:43
सवाल ये है कि हाइड्रोजन गैस बनाने की विधि क्या है प्रयोगशाला में जस्ते पर तनु गंधक अमरीकी क्रिया से यह प्राप्त होता है युद्ध के कामों के लिए कई सरल वादियों से यह प्राप्त हो सकता है चली कॉल विधि में तेरे कन्या फेरोसिलिकॉन पर सोडियम हाइड्रोक्साइड की क्रिया से हाइड्रोजन अवधि में कैल्शियम हाइड्राइट पर जल की प्रक्रिया से हाइड्रिक विधि में एल्युमीनियम पर सोडियम हाइड्रोक्साइड की क्रिया से प्राप्त होता है गर्ल्स पंजी लोहे पर बात की प्रक्रिया से एक बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन तैयार होता था आज हाइड्रोजन प्राप्त करने की सबसे सस्ती विधि है जल गैस जल में हाइड्रोजन कार्बन मोनोऑक्साइड विशेष रूप में रहते हैं जल गैस को ठंडा करके द्रव में परिणत करते हैं द्रव काव्य भाजक स्थापना करते हैं इससे कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन पहले निकल जाते हैं और हाइड्रोजन का है जल के विद्युत अपघटन से भी पर्याप्त अशुद्ध हाइड्रोजन प्राप्त हो सकता है 1 किलो वाट घंटा के लगभग 7 घंटों हाइड्रोजन प्राप्त हो सकता है कुछ विद्युत अपघटनी निर्माण में जैसे नमक से दांत थोड़ा के निर्माण में उत्पादक के रूप में बड़ी मात्रा में हाइड्रोजन प्राप्त हो सकता है हाइड्रोजन वायु में ऑक्सीजन में जलता है जलने का ताप कुछ सोचा होता है ज्वाला रंगीन होती है जल करिया h2go और अत्यंत अल्प मात्रा में हाइड्रोजन पर ऑक्साइड बनाता है h2 o2 हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिश्रण में आग लगने का विद्युत कॉलिंग से बड़े खड़ा करके विस्फोट होता है और जल की बूंदें बनती है हाइड्रोजन अच्छा प्रचारक है लोहे के मोर्चे को लोहे में औरतें साइड में तांबे के परिणत कर देता है वह के साथ संयुक्त होकर और यौगिक बनाता है क्लोरीन के साथ क्लोराइड नाइट्रोजन के साथ अमोनिया बनाता है गंधक के साथ हाइड्रोजन सल्फाइड फास्फोरस के साथ फ़ोर्स फोन यह तभी दीवानगी और यौगिक है इन्हें हाइड्राइट कहते हैं हाइड्रोजन एक विचित्र गुण वाला तत्व है यह तो अधातु पर अनेक योग्य को में धातुओं से व्यवहार करता है इसके परमाणु में केवल एक प्रोटोन और इलेक्ट्रॉन होते हैं सामान्य हाइड्रोजन में 0.002 प्रतिशत एक दूसरा हाइड्रोजन होता है जिसको भारी हाइड्रोजन की संज्ञा दी गई है
Savaal ye hai ki haidrojan gais banaane kee vidhi kya hai prayogashaala mein jaste par tanu gandhak amareekee kriya se yah praapt hota hai yuddh ke kaamon ke lie kaee saral vaadiyon se yah praapt ho sakata hai chalee kol vidhi mein tere kanya pherosilikon par sodiyam haidroksaid kee kriya se haidrojan avadhi mein kailshiyam haidrait par jal kee prakriya se haidrik vidhi mein elyumeeniyam par sodiyam haidroksaid kee kriya se praapt hota hai garls panjee lohe par baat kee prakriya se ek badee maatra mein haidrojan taiyaar hota tha aaj haidrojan praapt karane kee sabase sastee vidhi hai jal gais jal mein haidrojan kaarban monooksaid vishesh roop mein rahate hain jal gais ko thanda karake drav mein parinat karate hain drav kaavy bhaajak sthaapana karate hain isase kaarban monooksaid aur naitrojan pahale nikal jaate hain aur haidrojan ka hai jal ke vidyut apaghatan se bhee paryaapt ashuddh haidrojan praapt ho sakata hai 1 kilo vaat ghanta ke lagabhag 7 ghanton haidrojan praapt ho sakata hai kuchh vidyut apaghatanee nirmaan mein jaise namak se daant thoda ke nirmaan mein utpaadak ke roop mein badee maatra mein haidrojan praapt ho sakata hai haidrojan vaayu mein okseejan mein jalata hai jalane ka taap kuchh socha hota hai jvaala rangeen hotee hai jal kariya h2go aur atyant alp maatra mein haidrojan par oksaid banaata hai h2 o2 haidrojan aur okseejan ke mishran mein aag lagane ka vidyut koling se bade khada karake visphot hota hai aur jal kee boonden banatee hai haidrojan achchha prachaarak hai lohe ke morche ko lohe mein auraten said mein taambe ke parinat kar deta hai vah ke saath sanyukt hokar aur yaugik banaata hai kloreen ke saath kloraid naitrojan ke saath amoniya banaata hai gandhak ke saath haidrojan salphaid phaasphoras ke saath fors phon yah tabhee deevaanagee aur yaugik hai inhen haidrait kahate hain haidrojan ek vichitr gun vaala tatv hai yah to adhaatu par anek yogy ko mein dhaatuon se vyavahaar karata hai isake paramaanu mein keval ek proton aur ilektron hote hain saamaany haidrojan mein 0.002 pratishat ek doosara haidrojan hota hai jisako bhaaree haidrojan kee sangya dee gaee hai

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पैरों की पिंडलियों में दर्द से कैसे बचे?Pairo Ki Pindliyo Me Dard Se Kaise Bache
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2:22
सवाल ये है कि पैरों की पिंडलियों में दर्द से कैसे बच्चे घर पर बैठे-बैठे अक्सर पिंडलियों में दर्द होने लगता है इसके लिए आप कुछ बयान कर सकते हैं जैसे शरीर के निचले हिस्से के जोड़ों में और हड्डियों में खिंचाव पैदा होगा जिससे पिंड लिया मजबूत होगी और और शरीर का संतुलन बनेगा खास बात यह है कि आप सिर्फ आम के बीच में 5 मिनट से कर सकते हैं इससे शरीर में डॉसन हार्मोन का स्त्राव होगा यह दर्द निवारक की तरह काम करता है और गुस्सा और तनाव दूर कर दूर करने में सहायक है बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को बराबर रखे हाथों को शरीर से सटाकर रखें तो पंजों के बल शरीर का भार ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें दोनों पैरों पर एरिया बिल्कुल भी जमीन से नहीं छूना चाहिए इस स्थिति में करीब 20 सेकेंड तक रहे आप अपनी सुविधा के अनुसार समय घटा बढ़ा सकते हैं इसके बाद धीरे-धीरे भार को कम करें और नीचे की हो रहा है दोनों पैरों की एड़ियों को राम जमीन पर छूने दे यह अभ्यास आप नियमित रूप से चार से पांच बार कर सकते हैं सीधे खड़े हो जाइए अपने दोनों पैरों को फूलों के चढ़ाई पर रखे और हाथों को नीचे की ओर सीधा करें अब अपने दाएं पैर को उठाकर एक कदम पीछे रखे और बाएं पैर को स्थाई रहने दे दाएं पैर के घुटनों को जमीन पर रखें तथा दाईं जांघ और पिंडली के बीच घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बना है अब अपने बाएं पैर को भी घुटनों से मोड़ें जांग को फर्श के समांतर लाएं और बाएं पैर के घुटने पर 90 डिग्री का कोण बनाएं और अपने पैरों को सीधा करके अपनी प्रारंभिक अवस्था में आए यह पूरी क्रिया अपने दूसरे पैसे भी दोहराएं से रोजाना दो से तीन बार करें मोटापे से परेशान है तो यह बेहतरीन हैं हम हैं अपने पैर कंधे की चौड़ाई से दूर रखें आप दोनों हाथों दिल को आगे की तरफ बिल्कुल सीधा पकड़ ले इसके बाद ऊपर की ओर को दें और वापस उसी स्थिति में आ जाए ध्यान रखें कि इसे करते हुए आपको अपने पंजों पर कूदना है ना कि एड़ियों पर नीचे आते समय अपने शरीर को ढीला हो रखे तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं यह अभ्यास 8 से 10 बार कर सकते हैं
Savaal ye hai ki pairon kee pindaliyon mein dard se kaise bachche ghar par baithe-baithe aksar pindaliyon mein dard hone lagata hai isake lie aap kuchh bayaan kar sakate hain jaise shareer ke nichale hisse ke jodon mein aur haddiyon mein khinchaav paida hoga jisase pind liya majaboot hogee aur aur shareer ka santulan banega khaas baat yah hai ki aap sirph aam ke beech mein 5 minat se kar sakate hain isase shareer mein dosan haarmon ka straav hoga yah dard nivaarak kee tarah kaam karata hai aur gussa aur tanaav door kar door karane mein sahaayak hai bilkul seedhe khade ho jaen aur donon pairon ko baraabar rakhe haathon ko shareer se sataakar rakhen to panjon ke bal shareer ka bhaar oopar kee or uthaane kee koshish karen donon pairon par eriya bilkul bhee jameen se nahin chhoona chaahie is sthiti mein kareeb 20 sekend tak rahe aap apanee suvidha ke anusaar samay ghata badha sakate hain isake baad dheere-dheere bhaar ko kam karen aur neeche kee ho raha hai donon pairon kee ediyon ko raam jameen par chhoone de yah abhyaas aap niyamit roop se chaar se paanch baar kar sakate hain seedhe khade ho jaie apane donon pairon ko phoolon ke chadhaee par rakhe aur haathon ko neeche kee or seedha karen ab apane daen pair ko uthaakar ek kadam peechhe rakhe aur baen pair ko sthaee rahane de daen pair ke ghutanon ko jameen par rakhen tatha daeen jaangh aur pindalee ke beech ghutanon par 90 digree ka kon bana hai ab apane baen pair ko bhee ghutanon se moden jaang ko pharsh ke samaantar laen aur baen pair ke ghutane par 90 digree ka kon banaen aur apane pairon ko seedha karake apanee praarambhik avastha mein aae yah pooree kriya apane doosare paise bhee doharaen se rojaana do se teen baar karen motaape se pareshaan hai to yah behatareen hain ham hain apane pair kandhe kee chaudaee se door rakhen aap donon haathon dil ko aage kee taraph bilkul seedha pakad le isake baad oopar kee or ko den aur vaapas usee sthiti mein aa jae dhyaan rakhen ki ise karate hue aapako apane panjon par koodana hai na ki ediyon par neeche aate samay apane shareer ko dheela ho rakhe to behatar parinaam mil sakate hain yah abhyaas 8 se 10 baar kar sakate hain
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