#जीवन शैली

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मिडिल क्लास लोगों की कौन सी आदत है सदियों से अब तक चली आ रही है?Midil Klaas Logon Kee Kaun See Aadat Hai Sadiyon Se Ab Tak Chalee Aa Rahee Hai
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मिडिल क्लास रूम की कौन सी आदत है सदियों से चली आ रही है यह कहावत है बलिया वाली और 10 बाई 10 की खुली वर्ग जो है वरना आर्थिक रूप से बहुत अमीर होता है ना गरीब होता है मैं इसकी सोच बहुत बड़ी होती है ना बहुत लीची होती और संख्या में यह बहुत ज्यादा होता है भारत में भी अभी पढ़ा है कि 40 करोड़ का या 30 करोड़ का मध्य मार्ग निर्माण हुआ इसकी सजा दे रही देखिए सामाजिक नहीं होता होता है यह स्वार्थी होता है वह सिर्फ अपने घर और बच्चों के बारे में सोचेगा बाकी दुनिया में क्या चल रहा है समाज में क्या चल रहा है इसके प्रति वह संवेदनशील नहीं होता है बनारस नहीं देता है और जब उस पर उसे घर तक प्रॉब्लम्स आ जाते हैं तो वह भी होता है और उस विषय में ऑफिस एस मिल जाता है जैसे शहरों में लाइट बिल बढ़ गया तो यह मिडिल क्लास जमा हो जाता है लेकिन अगर कहीं पर भूकंप होता है वह मदद की जरूरत होती है तुझे मिडिल क्लास अपने घर से निकलकर मर्डर के लिए कार्यकर्ता बनकर नहीं जाता यह घर छोड़ता ही नहीं है ना इसने के इतिहास निर्माण किया है नया इतिहास निर्माण करेगा इतिहास को सबसे बड़े अब के लिए और नीचे निचले तबके ने किया बनाया है आपने संकुचित विचारों में गीता रहा है किस के चक्कर में हजारों जीता था जिसके कुर्ती में यह काम कर काम करता है पूजा और कई पर स्थित दूसरों पर जाता है जाता है ईश्वर और उसकी ईश्वर के संबंध में जो भी चीजें उसमें वह रख लेता है लेकिन किसी सामाजिक प्रश्न से जिससे बेरोजगारी का प्रश्न है इस आंदोलन में रास्ते पर उतरने वाले निचले तबके के लोग होते हैं और कुछ भी होते हैं कुछ पैसा देकर लाए जाएंगे इन राष्ट्र भावना की कमी होती है मैं अपने बच्चों को नहीं भेजेंगे अपने बच्चों को आराम की जिंदगी जिस किस तरह से मिलेगी उस तरीके के क्षेत्र में फिर भेजेंगे बेस्ट एचडी में जाने वाले जाने चले तो क्या किया और किसान किसानों के बच्चे बैठे हैं ज्यादा है और बड़े अवसर पर सोसायटी वाले क्लास फिफ्थ क्लास के जैसे हमारी सेना प्रमुख भी है बाकी पॉलिटिकल फील्ड में भी है बहुत बुरी और सदियों से चली आ रही आदत है संख्या में बहुत बड़ा होता है इसलिए जिस देश का मध्य मोर एक्टिव नहीं होता वह देश होता है ना उसमें चेतना का वह संचार नहीं होता जो भी एक समाज बदलने की प्रक्रिया होती है वह भी जारी रखने की प्रक्रिया इंग्लिश में कमरे में जमाना जो है और दुनिया के सारे उत्पादन पद्धति उत्पादन संबंधी संबंधी गुड और बाकी सभी तरह के बदलाव हो गए हैं तो इसको अब समय के साथ बदलना नहीं पड़ेगा इसको सुरक्षितता नहीं मिलेगी में मिडिल क्लास लोगों को पहले भेजी थी अब कंपटीशन में उनको उतरना पड़ेगा कंपटीशन में शतक जागृत रहना और संघर्ष करना पड़ता है तो ऐसी स्थिति है

#जीवन शैली

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नारी सशक्तिकरण क्या है और क्या नारी को सम्मान वाहक मिल रहा है जो समाज में समाज ने देना चाहिए या संविधान ने दिया है इस तरह का प्रश्न है पूरी दुनिया की व्यवस्था कुछ सालों के पीछे से हम जब देखते हैं तो असली शोषण के आधार पर खड़ी है देख महत्वपूर्ण प्रशन का आधार है श्री शोषण दुनिया में सभी जगह पर हुआ है और उसके लिए जागरूकता और कानून व्यवस्था कर दी गई है फिर भी विकसित देशों में भी सहयोग को समान हक जिसको कहते हैं वह नहीं मिलता मिलता है किसी ना किसी तरह से पुरुष पुरुष मानसिकता जो होती है वह श्री को कि का दमन करने की होती है और क्या जाता है और कई जगह पर यह बहुत गंभीर रूप से होता है इसलिए नारी नारी सशक्तिकरण की जरूरी सशक्तिकरण सशक्तिकरण में आता है कि वह उसका श्री का मूल लड़की का एजुकेशन ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए वह खुद कमाने की स्थिति में रहे होनी चाहिए मैंने अपने पैरों के ऊपर खड़ी होकर प्रक्रिया चमक अरलीकट्टी विजय आर्थिक रूप से उनके सामाजिक रूप से भी श्री को एक सुरक्षितता स्वतंत्र है और समांतर जो है वह उसकी जरूरत है लेकिन वह लक्ष्य हासिल नहीं हो रहा है इसका कारण भी मूलभूत रूप से यह है कि जो 68 दिन होता है पैसा घर में आता है वह श्री के माध्यम से ज्यादा तो नहीं आता है जब श्री के माध्यम से वह आने लगेगा तब श्री की प्रतिष्ठा बढ़ जाएगी बहुत कमजोर होते हैं समाज भी बहुत कमजोर होता है कमजोर दिल का होता है तो सुन के आगे लगता है अब ऐसा ना होने पर उसको चलता है तो नारी सशक्त सशक्तिकरण एक ऐसा धर्म है स्टेटस जी है प्रयास है कि उसको सशक्त किया जाए उसे सशक्त हो सशक्त का मतलब शरीर शारीरिक रूप से वह बलवान हो ऐसा नहीं है वह भी उसमें है होता ही है लेकिन आर्थिक सामाजिक व राजकीय और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी वह अधिकार पर हूं एनी डिसीजन मेकर मेकिंग की पावर या अधिकारी को होना चाहिए तो वह सो प्रतिशत बनती और इसके लिए प्रयास भी हो रहे हैं अभी उसकी गति बहुत छोटी है लेकिन वह बढ़ जाएगी और बढ़ाने की जरूरत भी हो जाएगी और अंखियों में अंखियों से आवाज भी आ जाएगी डिमांड आ जाएगी अब पुलिस मिलिट्री एयर फोर्स रेल चलाना बस स्टील गाड़ियां ट्रैफिक और कई जगह पर यह भी दिख रहा है महाराष्ट्र में की कटिंग हेयर कटिंग सलून में लड़कियां काम कर रहे हैं और अच्छी तरह से वह अपना काम करती है तो क्षेत्र में हम काम करेंगे क्योंकि एक कानूनी तौर पर और समझता भी नजरिया बदल जाता है जब दुनिया छोड़कर जाएगी तो यह दुनिया का जो प्रभाव है विकसित देशों का प्रभाव है वह भारत पर पड़ेगा थोड़ी रहा है अभी तो नाच नारी सशक्तिकरण पर होगी रहा है अभी उतना शर्मा नहीं मिल रहा है लेकिन इसमें काफी सुधारना हुई है

#टेक्नोलॉजी

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सूरज पूरब में ही क्यों होता है और पश्चिम में क्यों होता है?Sooraj Poorab Mein Hi Kyo Hota Hai Aur Pashchim Mein Kyo Hota Hai
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सूरज पूरब में भी पूर्व में ही क्यों उठता है और पश्चिम में ही क्यों रुकता है तुझे जो है वह जो इंसान ने अपने काल की गणना करना या अपने हिसाब से काम के हिसाब से यह तय की है लेकिन इसमें दिशाएं नहीं है इंसान के लिए उसने कोई भी सूरज के उगने के संदर्भ में निश्चित की है ताकि वह अच्छी तरह से जो भौगोलिक स्थितियां होती है वह समझ सके लेकिन वैसे दिसावर नहीं होती ब्रह्मांड में पेश में दिशाएं नहीं होती है इसलिए कि उसका किसी भी नीचा कर छोड़ दो उसका पता नहीं है अभी तक और उसकी शुरुआत किस पॉइंट से हुई है इसकी भी इसका भी अभी तक पता नहीं है बिग बैंक के माध्यम से हुआ है लेकिन वह बिजली कहां हुआ उसका एक्चुअली लोकेशन वैसे पता नहीं है अभी तक लेकिन ब्रह्मांड फैलता जा रहा है यह पता है तू जो पृथ्वी है यह वह सूरज के इर्द-गिर्द घूमती है चक्कर लगाती है और एक ही दिशा में चक्कर लगाती है उल्टा चक्कर नहीं लगा कि कभी चक्कर लगा रहे हैं उसका स्टार्ट प्वाइंट भी निश्चित बडौदा बताया नहीं जा सकता उसका एंडप्वाइंट भी बताया नहीं जा सकता इसलिए वह भी दिशा कौन सी है यह नहीं कहा जा सकता लेकिन हमेशा मिला उसने समझने के लिए विषय निश्चित की है यह लगातार ऐसा ही होता है लाखों करोड़ों से तो इसलिए जहां पर सूरज निकलता है निकलता है मतलब हमें दिखाई देता है दिन में सबसे पहले जिसको हम सुबह होते होते हैं दिशा पूर्व दिशा निश्चित की है और उसके उल्टा जो है वह पश्चिम दिशा दिशा निश्चित किया और इसी तरीके से उत्तर दक्षिण राम ने विभीषण सुनिश्चित की है लेकिन दिशा अनंत है और जो भी आराम से तो हमने सही करने के कारण सीधी सी बात है सूरज तो पूर्व से ही दिखाई देगा पहले दिन की शुरुआत में जीना और राजगीर इस के चक्कर लगाने के कारण होते और वह भी सिर्फ शिवपुर शिवपुर होते हैं यह भी बात समझ लेनी चाहिए और उसके अगले 24 घंटे बनाए जिससे कुर्सी पर बनाए गए भ्रमण किया दूसरे स्थानों पर यह उसी तरीके से कैलकुलेशन करके या निश्चित किया जा सकता है दिन-रात अलग-अलग हो सकते हैं कई दोहे इतना बड़े हैं कि वहां का जो तारा है उसके सामने उस ग्रह का भाग कईला को चालू रहता है और कई लाखों साल के हिसाब से सूरज के विरुद्ध दिशा में रहता है लघु साल का जीना और 200000 साल की रात हो सकती है तो उस हिसाब से वहां पर कैलकुलेशन किया जाएगा कोई सवाल का जो सीधा अर्थ है कि हमें स्पेस में से देखना पड़ेगा अभी अभी लाइव चल रहा है नाश्ता 24 घंटा लाइव चल रहा है और उसमें हमें दिखाई देता है कि देश में पृथ्वी की तरफ किस तरह से देखा जा सकता है एक बहुत बढ़िया और जिंदगी में यह बहुत कम मौके ऐसे आते हैं जिसे हम देख सकते हैं शालू शालू के पीछे इंसान ने कभी नहीं ऐसी कुछ घटनाएं हमें देखने को मिल रही हमारा एक तरह से भागी है क्यों अभी जो और आशा का ज्ञान घूम रहा है और उसके वह जा रहा है और उसके बाद जो है वह जेल से बाहर आते आ रहे हैं और फिर अंदर जा रहे हैं और वहां से पृथ्वी का भाग जो भाग है पूरा देख दिखाई दिखाई दे रहा है दिखाई देता है पुत्री का समंदर दिखाई दे रहा है उसी के बाकी चीजें जो पहाड़ों और जंगली है बहुत सुंदर दिखना चाहिए

#जीवन शैली

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हमें सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए?Humein Subah Uthkar Sabse Pehle Kya Karna Chahiye
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6:37
हमें सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए अलग-अलग व्यक्तियों के अलग-अलग होते हैं अलग-अलग चार लोगों के अलग-अलग होती और अभी मेडिकल साइंस में भी अपना एक सिद्ध नहीं बताया जा सकता कि व्यक्ति का दिन कर्म कैसा होना चाहिए बहुत सुबह उठकर एक्सरसाइज करने वाले घूमने वाले लोग भी जल्दी कुछ ना कुछ कारणों से मर जाते हैं और ऐसे ही रैंडम जीने वाले 77 साल तक शराब पीकर पी पीकर पीटकर जी जीते कभी भी उठते हैं कहीं भी कभी भी कोई सा भी काम करते हैं हाउजी जाते हैं तो मतलब एक है इसका कि जो भी डिटेल रूटिंग है उसमें बदलाव नहीं करने चाहिए वह सालों सालों सालों तक बोल करना चाहिए चालू रहना चाहिए किसी भी तरह का हो सुबह उठने वाला हो या सुबह लेट उठने वाला हो और रात को लेट होने वाला हो या कोई सुबह 4:00 बजे उठता हूं रात को 8:00 बजे सोता हूं 9:00 बजे सोता हूं लेकिन उसका पेट्रोल में निश्चित है तो वह सैलरी जो है वह एडजस्टमेंट करके उस पैटर्न में काम करता है तो सुबह पहले कर क्या करना चाहिए ऐसा जब मैं सोचता हूं तुम्हें मैंने पढ़ा भी गया और हमको भी किया करता हूं मैं रोज पहले कम से कम 1 लीटर पानी जो है वह पीना चाहिए इससे सरकुलेशन जो है बॉडी के अंदर का वह चालू हो जाता है जो थोड़ा सा भी लफड़ा हुआ होता है सोने के कारण और पेट साफ हो तो हो जाता है उसके बाद बाजरो टॉयलेट को जाने की विधि निर्माण होती है पेट उस तरीके से तैयार हो जाता है और उसे उसके बाद कॉलेज जाने के शरीर की डिमांड होती है और उसे तो लेट हो जाना चाहिए सबसे आसान और नैसर्गिक भारतीय है कि पानी पीना चाहिए और भी ज्यादा हलचल जो तीव्र गति से करते हैं वह करना नहीं चाहिए वह धीरे धीरे से हलचल करके फिर बाद में नार्मल पर आ जाना है तो कुछ लोगों को तकलीफ होती है कई को कई लोग बैठे हैं हालात में उसे ही भरने लगते हैं या कुछ काम करने लगे करनी चाहिए मेरा तो नंबर है पिछले 25 साल से मैं जब भी उठता हूं मेरा एक कैप्टन है टाइपिंग का मैं रात को लेट सोता हूं सुबह को लेट उठता लेकिन उठने के बाद पहले पानी पीता हूं उसके बाद एक्सरसाइज करता है बाकी सब काम करता मुझे एक्सरसाइज तेरी शादी है चलने की करता हूं और चने के लिए जगह मैंने बना ली तो सब कुछ नॉर्मल रहता है ना शुगर है ना ना कोई और बात है ऐसा रूटिंग होने के वक्त होने के बावजूद कि मैं सुबह जल्दी नहीं उठता लूटने वालों को कोई प्रॉब्लम सुनी हो गए और होने के कारण ही हो सुबह उठकर घूमने के लिए डॉक्टर की सलाह से जाते हैं उनमें से 35 साल की उम्र से लेकर 70 साल के रहिवासी साल के बूढ़े लोगों लोग भी हैं और डॉक्टर लोकेशन सारे सुबह घूमते हुए दिखाई देते हैं क्योंकि उनको बीएफ में हल्का एक घबराहट होती है जैसे आम आदमी की होती है तो इसे हमें समझ लेना चाहिए वह भी पानी पीते लेकिन यह बहुत कारगर सिद्ध साबित होता है और मैंने यह पढ़ा भी है और कई बार यह टिप्स में आता भी है सोशल मीडिया पर भी आता है डॉक्टर साहब धन्यवाद

#टेक्नोलॉजी

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अगर किसी ऑनलाइन कंपनी में पैसा लगाया वह कंपनी भाग जाए तो क्या करना चाहिए?Agar Kisi Online Company Me Paisa Lagaaya Vah Company Bhaag Jaye To Kya Karana Chahyia
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3:24
अगर किसी ऑनलाइन कंपनी में पैसा लगाया वह कंपनी भाग जाए तो क्या करना चाहिए साइबर क्राइम के का मामला होता है और पुलिस की भी एक साइबरक्राइम क्यों वाली ब्रांच होती है इसकी तहकीकात करने वाली तो वैसे तो पुलिस ने मुझे मेरे साथ घटा था तो मैं पुलिस ने कहा था कि ऐसे लोगों से अकाउंट से होते हैं बोगस बैंक खाता भी होता है अगर वह लोग जो है वह पैसा निकाल कर ले जाते हैं और बताओ फतेहपुर जाने के बाद वहां पर कोई आप ऑफिस नहीं रहता और उस नाम को नहीं रहता है ज्यादा करके नोएडा दिल्ली के नजदीक जो है वहां से ही होता भी है ऐसा कुछ पुलिस ने कहा था लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह गुना सर को छोड़ दिया जाए और इसके लिए जो क्राइम ब्रांच साइबर क्राइम काला है हवा भी है और साइबर क्राइम को ढूंढने वाले यंत्र नाथसागर डिपार्टमेंट होता है तो आपने जो भी इसके संबंध में डॉक्टर से उसके साथ पुलिस में कंप्लेंट करना चाहिए और बाकी आगे की पुलिस के हाथ में है पुलिस का काम है और पुलिस ने वह करना चाहिए अमृत से पकड़े भी गए हैं लोग पुलिस ने कार्रवाई हुई है तो उसके लिए काम करने की जरूरत है लेकिन ऐसे ही भाग जाते हैं ऐसे ही भाग जाते हैं इससे बढ़कर और कुछ किया नहीं जा सकता कुछ किया नहीं रह सकता इसके मालिक अमेरिका में है ऐसे जो भी कुछ लोग सोचते हैं ऐसी बात नहीं है के लिए कानून है और कानून ईश्वर जो है वह पुलिस में या साइबर ब्रांच में हूं कि जाकर यह कंप्लेंट करना चाहिए धन्यवाद

#रिश्ते और संबंध

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क्या लड़कियां भी किसी लड़के के प्रति गलत नियत रखती है?Kya Ladkiya Bhe Kisi Laake Ke Prati Galat Niyat Rakhti Hai
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7:00

#रिश्ते और संबंध

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शादी के बाद क्या क्या बदलाव होते हैं?Shadi Ke Baad Kya Kya Badlav Hote Hain
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#पढ़ाई लिखाई

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#रिश्ते और संबंध

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क्या भारतीय समाज को किसी बात से कोई मतलब नहीं है बस हुआ किसी को अविवाहित नहीं दे सकते देख सकता किसी को लिव इन रिलेशनशिप में नहीं देख सकता ऐसा क्यों होता है ऐसा सवाल पूछा है बहुत अच्छा सवाल पूछा है आचार्य ओशो रजनीश कहा करते थे कि भारतीय समाज जो है वह सुबह सुबह से रात सोने तक अध्यात्म की बातें करता है धर्म व तत्वद्न्यान चिंतन वैराग्य सन्यास की बातें करता है लेकिन यह दुनिया का सबसे बड़ा बहुत-बहुत इन चीजों की चीजों को जाने वाला करने वाला उसमें रस लेने वाला और उसके लिए व्याकुल ऐसा सामान जो सभी भौतिक सुख सुख चाहता है और बात करता है सन्यास के यहां पर मूल बाद मुझे तो ऐसी लगती है कि चीजों को प्रतिबंधित किया गया है संस्कृति के नाम के ऊपर और ज्यादा करके वह सब भारत के धार्मिक और जमींदार गिरोह जमींदार और और पुरोहित वर्ग इन के फायदे फायदा कर कर आने वाली सभी बातें बताई और कर्मकांड बनाए हुए अवसर के नियम बनाए हुए अभी शाश्वत है ऐसा बताया जाते हैं और परमात्मा की वाणी डायरा डायरेक्ट परमात्मा से निकली हुई इसको इस पर कोई नहीं है सभी लोगों को बताया बाद में कई पदों की सूची गुरु रचने वाली खुशियों के नाम भी उसमें वह भी सामने आए का लेखक का नाम भी सामने आया और कई रोका यह भ्रम दूर होगा कि किसी मानव ने यह लिखा है ऐसा तो नहीं लेकिन यह रुसी होने जा रही है और इसी परंपरा के चलते विवाह एक संस्कार माना गया है और किसी के साथ बुरा होता है वह विवाह आकस्मिक निश्चित होता है ऊपर नीचे ऊपर नीचे होती है और हमें सिर्फ निभाना होता है ऐसी सोच और इसी सोच के चलते समाज को यह बताना कठिन जाता है कि कोई अविवाहित रहता है ना कोई यू लिव इन रिलेशनशिप में स्त्री और पुरुष फूलों के लिए रहते हैं और ऐसा करने के लिए इन वर्गों को कोई प्रतिबंध नहीं था यह सब ऐसे और इससे भी और कई सारी जिसे लोग करती थी उनके ऊपर कोई बंधन नहीं था जैसे कोई राजा किसने की प्रतियां करता जनानखाना ही रखता जांच और अधिक युवा उत्कला जननी खाने में भर्ती करते थे और उनके परिवारों को कुछ धन देकर संस्कृति और जनानखाना हुआ करता था इस बात की ओर संकेत करता है यह तो पहले ही अविवाहित लेकिन उनको औरत यारियां जो है वह बड़े घराने के लोग अवेलेबल करके देते थे उनके आदेश पर घरों घरों की राजघरानों की चिड़िया भी खुशियों को उनकी सेवा करने के लिए आवाज आती थी अभियान नाम नहीं बताता हूं मैं लेकिन ऐसा था तो आप यह सारा कि गम मेडल क्लास और शुद्र शुद्र कहा गया है वैश्य कहा गया है यह लोग भी करने लगे हैं आधुनिक जीवन काल में तो बहुत कठिन लगता है लेकिन परिवर्तन ईश्वर करने में परिवर्तन के नियम के अनुसार यह परिवर्तन हो रहे हैं और आगे होते जाएंगे को कोई रोक नहीं सकता
Kya bhaarateey samaaj ko kisee baat se koee matalab nahin hai bas hua kisee ko avivaahit nahin de sakate dekh sakata kisee ko liv in rileshanaship mein nahin dekh sakata aisa kyon hota hai aisa savaal poochha hai bahut achchha savaal poochha hai aachaary osho rajaneesh kaha karate the ki bhaarateey samaaj jo hai vah subah subah se raat sone tak adhyaatm kee baaten karata hai dharm va tatvadnyaan chintan vairaagy sanyaas kee baaten karata hai lekin yah duniya ka sabase bada bahut-bahut in cheejon kee cheejon ko jaane vaala karane vaala usamen ras lene vaala aur usake lie vyaakul aisa saamaan jo sabhee bhautik sukh sukh chaahata hai aur baat karata hai sanyaas ke yahaan par mool baad mujhe to aisee lagatee hai ki cheejon ko pratibandhit kiya gaya hai sanskrti ke naam ke oopar aur jyaada karake vah sab bhaarat ke dhaarmik aur jameendaar giroh jameendaar aur aur purohit varg in ke phaayade phaayada kar kar aane vaalee sabhee baaten bataee aur karmakaand banae hue avasar ke niyam banae hue abhee shaashvat hai aisa bataaya jaate hain aur paramaatma kee vaanee daayara daayarekt paramaatma se nikalee huee isako is par koee nahin hai sabhee logon ko bataaya baad mein kaee padon kee soochee guru rachane vaalee khushiyon ke naam bhee usamen vah bhee saamane aae ka lekhak ka naam bhee saamane aaya aur kaee roka yah bhram door hoga ki kisee maanav ne yah likha hai aisa to nahin lekin yah rusee hone ja rahee hai aur isee parampara ke chalate vivaah ek sanskaar maana gaya hai aur kisee ke saath bura hota hai vah vivaah aakasmik nishchit hota hai oopar neeche oopar neeche hotee hai aur hamen sirph nibhaana hota hai aisee soch aur isee soch ke chalate samaaj ko yah bataana kathin jaata hai ki koee avivaahit rahata hai na koee yoo liv in rileshanaship mein stree aur purush phoolon ke lie rahate hain aur aisa karane ke lie in vargon ko koee pratibandh nahin tha yah sab aise aur isase bhee aur kaee saaree jise log karatee thee unake oopar koee bandhan nahin tha jaise koee raaja kisane kee pratiyaan karata janaanakhaana hee rakhata jaanch aur adhik yuva utkala jananee khaane mein bhartee karate the aur unake parivaaron ko kuchh dhan dekar sanskrti aur janaanakhaana hua karata tha is baat kee or sanket karata hai yah to pahale hee avivaahit lekin unako aurat yaariyaan jo hai vah bade gharaane ke log avelebal karake dete the unake aadesh par gharon gharon kee raajagharaanon kee chidiya bhee khushiyon ko unakee seva karane ke lie aavaaj aatee thee abhiyaan naam nahin bataata hoon main lekin aisa tha to aap yah saara ki gam medal klaas aur shudr shudr kaha gaya hai vaishy kaha gaya hai yah log bhee karane lage hain aadhunik jeevan kaal mein to bahut kathin lagata hai lekin parivartan eeshvar karane mein parivartan ke niyam ke anusaar yah parivartan ho rahe hain aur aage hote jaenge ko koee rok nahin sakata

#भारत की राजनीति

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हमारे देश में जिस तरह बलात्कार और मर्डर हो रहे हैं क्या हमारे देश को भी सऊदी अरब की तरह कानून लाना चाहिए?Hamaare Desh Mein Jis Tarah Balaatkaar Aur Mardar Ho Rahe Hain Kya Hamaare Desh Ko Bhee Saoodee Arab Kee Tarah Kaanoon Laana Chaahie
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3:00
हमारे देश में जिस तरह बलात्कार और मर्डर हो रहे हैं कि हमारे देश को भी सऊदी अरब की तरह कुछ काम करने चाहिए जैसे ऐसे आरोपियों को खुलेआम जिंदा गाड़ दिया जाता है और उसकी गर्दन उड़ाई जाती है उसको बंद करो कि लोगों के सामने गर्दन उड़ाई जाती एचडी वीडियो देख ऐसा कानून हमारे देश में भी करना चाहिए या ऐसा सवाल कई लोगों के मन में आता है और कई लोग भावनात्मक रूप से इसको देखते हैं ऐसे कानून है भारत में भी बनाने की सोचते हैं मामला नहीं होता हम जितना पेपर में पढ़ते हैं पृथ्वी में देखते हैं और उससे गुस्सा हो जाते हैं और क्या हो गया क्या है और उसको अभी करना चाहिए उसके पहले छुट्टी छुट्टी उसके पीछे हटती होती है एकदम साथ में किसी के ऊपर किसी का खून नहीं कर सकता है बहुत से अच्छी नहीं लगती है कि 200 साल में इस पर बलात्कार किया गया ऐसा कोई बलात्कार करने में कभी होता है क्या जो 2 साल चलता है कि बलात्कार की केस उत्तर दक्षिण होती है इससे आप समझ सकते हैं कि ऐसे मामले में उसके पीछे कुछ न कुछ घटनाक्रम होता है लेकिन ऐसा क्यों रहा है
Hamaare desh mein jis tarah balaatkaar aur mardar ho rahe hain ki hamaare desh ko bhee saoodee arab kee tarah kuchh kaam karane chaahie jaise aise aaropiyon ko khuleaam jinda gaad diya jaata hai aur usakee gardan udaee jaatee hai usako band karo ki logon ke saamane gardan udaee jaatee echadee veediyo dekh aisa kaanoon hamaare desh mein bhee karana chaahie ya aisa savaal kaee logon ke man mein aata hai aur kaee log bhaavanaatmak roop se isako dekhate hain aise kaanoon hai bhaarat mein bhee banaane kee sochate hain maamala nahin hota ham jitana pepar mein padhate hain prthvee mein dekhate hain aur usase gussa ho jaate hain aur kya ho gaya kya hai aur usako abhee karana chaahie usake pahale chhuttee chhuttee usake peechhe hatatee hotee hai ekadam saath mein kisee ke oopar kisee ka khoon nahin kar sakata hai bahut se achchhee nahin lagatee hai ki 200 saal mein is par balaatkaar kiya gaya aisa koee balaatkaar karane mein kabhee hota hai kya jo 2 saal chalata hai ki balaatkaar kee kes uttar dakshin hotee hai isase aap samajh sakate hain ki aise maamale mein usake peechhe kuchh na kuchh ghatanaakram hota hai lekin aisa kyon raha hai

#रिश्ते और संबंध

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हमारी शादी होगी हम भी बाप बनेंगे तो हम क्यों दहेज मांगते हैं हमें दहेज दहेज नहीं मानना चाहिए इस तरह का यह सवाल पूछा गया तो यह देश का जो मामला है वह इतना ऊपर ही मामला नहीं है उसके पीछे एक गहरा सिद्धांत है आरो सिद्धांत यह है कि श्री जो है वह कनिष्ठ जा तू जा मन ना उसको इंसान ना समझ कर उसको एक वस्तु की तरह समझना यह सब तो यह जो पुरुष प्रधान संस्कृति की सांस्कृतिक संरचना जो भारत के समाज में बनी हुई है वहां से यह निकलता है उसका मूल ओबीसी समाज में एक वक्त प्राचीन काल में पितृ प्रधान व संस्कृति सीसी राज्य थी इसके कई सारे उदाहरण महाभारत में पुरातत्व प्राची विद्या पंडित ऐसे लोगों ने इसका अभ्यास करते परसों स्नान करके बात सामने आती उसमें एक गणराज्य की रानी नेहरू की का जिगर और उसका जो बीच है रूपक है उसका विश्लेषण करने में काफी समय लगा महाराष्ट्र के 114 विद्वान कॉमरेड शरद पाटिल ने यह सब बातें अपनी किताबों में लिखी हुई अंग्रेजी में उनकी किताबें और मराठी में और पूरी दुनिया में वह देखी गई है एक मिस्त्री 70 मासूमों से 7:00 तक जीवन पद्धति के बाद एक पुरुष प्रधान आर्य लोगों से प्रभावित एक नई संस्कृतिक रचना और सैद्धांतिक रचना हुई कई देवता है विभाग की प्रमुख ब्लॉक कर दिया कि उनके नाम से ही मंदिर बने हुए हैं जैसे भवानी अंबाबाई यशश्री सप्तक राज्य की प्रमुख व करती और भारत में जो आ रहा है उनमें पुरुषत्व था और वह अपने साथियों को नहीं लाए नए प्रयोग को उन्होंने पकड़कर और उनको जबरदस्ती अपने साथ रख लिया उनको वह तुझे ही मानते थे और यह मूल कारण है कि उनके वह उसकी नहीं हो रही थी और वह बात मनुस्मृति में लिखी गई और उसको कानूनी है एक स्वरूप दिया गया मनुस्मृति भारत का एक तरह का संविधान गीता भारतीय संविधान के पहले और उसके हिसाब से शिवम को समझने के लिए दिया और वहां की जहां के निवासी थे पहले आगे आने से पहले उनकी लड़कियां बच्चे थी उनको दुनिया में स्थान देने के लिए इसे निर्बंध ऐसी प्रथा निर्माण की और बाद में यह प्रथा बन गई स्वीकार किया और उसके चलते हैं उस को नीचा दिखाने के लिए और इसके अलग-अलग दर्जा स्टेटस कायम रखने के लिए देश की प्रथा शुरू हो गया है जैसे कोई ब्याह कर ले जा रहा है उसको कोई जरूरत नहीं है लेकिन देश को जरूरत है और उसके घर वालों को लड़की के घरवालों को वहीं पर इंतजार कर रहा है उसे शादी करके इसका मतलब इतनी घटिया सोच रखने वाले प्रदर्शन स्थिति की एक नमूना है और अब कानून इसको विरोध की प्रथा बंद होनी चाहिए धन्यवाद
Hamaaree shaadee hogee ham bhee baap banenge to ham kyon dahej maangate hain hamen dahej dahej nahin maanana chaahie is tarah ka yah savaal poochha gaya to yah desh ka jo maamala hai vah itana oopar hee maamala nahin hai usake peechhe ek gahara siddhaant hai aaro siddhaant yah hai ki shree jo hai vah kanishth ja too ja man na usako insaan na samajh kar usako ek vastu kee tarah samajhana yah sab to yah jo purush pradhaan sanskrti kee saanskrtik sanrachana jo bhaarat ke samaaj mein banee huee hai vahaan se yah nikalata hai usaka mool obeesee samaaj mein ek vakt praacheen kaal mein pitr pradhaan va sanskrti seesee raajy thee isake kaee saare udaaharan mahaabhaarat mein puraatatv praachee vidya pandit aise logon ne isaka abhyaas karate parason snaan karake baat saamane aatee usamen ek ganaraajy kee raanee neharoo kee ka jigar aur usaka jo beech hai roopak hai usaka vishleshan karane mein kaaphee samay laga mahaaraashtr ke 114 vidvaan komared sharad paatil ne yah sab baaten apanee kitaabon mein likhee huee angrejee mein unakee kitaaben aur maraathee mein aur pooree duniya mein vah dekhee gaee hai ek mistree 70 maasoomon se 7:00 tak jeevan paddhati ke baad ek purush pradhaan aary logon se prabhaavit ek naee sanskrtik rachana aur saiddhaantik rachana huee kaee devata hai vibhaag kee pramukh blok kar diya ki unake naam se hee mandir bane hue hain jaise bhavaanee ambaabaee yashashree saptak raajy kee pramukh va karatee aur bhaarat mein jo aa raha hai unamen purushatv tha aur vah apane saathiyon ko nahin lae nae prayog ko unhonne pakadakar aur unako jabaradastee apane saath rakh liya unako vah tujhe hee maanate the aur yah mool kaaran hai ki unake vah usakee nahin ho rahee thee aur vah baat manusmrti mein likhee gaee aur usako kaanoonee hai ek svaroop diya gaya manusmrti bhaarat ka ek tarah ka sanvidhaan geeta bhaarateey sanvidhaan ke pahale aur usake hisaab se shivam ko samajhane ke lie diya aur vahaan kee jahaan ke nivaasee the pahale aage aane se pahale unakee ladakiyaan bachche thee unako duniya mein sthaan dene ke lie ise nirbandh aisee pratha nirmaan kee aur baad mein yah pratha ban gaee sveekaar kiya aur usake chalate hain us ko neecha dikhaane ke lie aur isake alag-alag darja stetas kaayam rakhane ke lie desh kee pratha shuroo ho gaya hai jaise koee byaah kar le ja raha hai usako koee jaroorat nahin hai lekin desh ko jaroorat hai aur usake ghar vaalon ko ladakee ke gharavaalon ko vaheen par intajaar kar raha hai use shaadee karake isaka matalab itanee ghatiya soch rakhane vaale pradarshan sthiti kee ek namoona hai aur ab kaanoon isako virodh kee pratha band honee chaahie dhanyavaad

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मूर्ति अथवा मंदिर की परिक्रमा करने से हमें क्या लाभ होता है?Murti Athva Mandir Ki Parikrama Karne Se Humein Kya Laabh Hota Hai
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मूर्ति अथवा मंदिर की परिक्रमा करने से क्या मिला होता है बिल्कुल लाभ नहीं होता समय में बदलाव होता हमारा पंतप्रधान बिहार करता कैमरा देश गरीब मुक्त हो गया है चाइना के प्रधानमंत्री ने दक्षिणी ललितपुर से मिलने को बता दिया कि चाइना आप गरीबी से मुक्त हो हमारे पास तो मेरा भगवान की पूरी फिल्म भोजपुरिया को सैकड़ों भगवान हमारे पास कोई भगवान तो ऐसे ऐसे हैं कि हर प्राणी के रूप में भी भगवान है सेक्टर 27 महात्मा गांधी और सभी ने कहा है कि मंदिर मां शेरावाली माता विवेकानंद ने कहा है भगवान इंसान में है उसकी सेवा करना ही मराठी सॉन्ग तुम्हें तू कभी मंदिर का मूवी नहीं देखा था लेकिन वह संत व्यवस्था में पूर्ण संत सावधानी तुम भाग काम करती थी और उसी को स्वामी भगवान धर्म-कर्म सभी को ऑन करो मुझे प्ले स्टोर को पा लिया था तुम्हें दिन पर मंदिर में जाने किन किन प्रकार के होते हैं और कौन से कारण होती है यह मैंने खुद एक सवाल में बता दिया था मुख्यमंत्री बनाने और उसके पीछे असल में सामाजिक और क्या धार्मिक षड्यंत्र होते आर्थिक शैलेंद्र कैसे होते हैं वहां पर जमीन को लौटना भगवान के मंदिर के नाम पर जमीन की बेल का जूस पी एक पेड़ होता है हमेशा होता है और ऐसे ही मजा कि भगवान के पानी पिला देना बाकी सारी जिंदगी यों से भरा हुआ गलतियों से भरा हुआ पापों से भरा हुआ इंसान अगर मंडेलिया मुक्ति की परिक्रमा कर मुझे लगता है कि मैं 1 मुस्लिम करेंगे किसकी ज्यादा मुख दुनिया में कोई नहीं है यह तो भगवान को समझ रहा है भगवान ऐसी बातें मत नहीं दिखता भगवान आपकी भक्ति दिखाएं भगवान आपकी आपका त्याग देखना है भगवान आपको देखना है इससे वाले आभूषण के लिए किसी तरह से लोगों को किस तरह ध्यान दें और चिंतन में खो जाते हैं ऐसी बातें दे बाकी जो बैठी हूं तुम्हारे धर्म का पैसा कमाना इंडिया मरोड़ कर पैसा कमाना सेलिब्रेशन को डेकोरेशन करना और कोई सवाल गलत क्रिमिनल कमी करके पैसा कमाना और बात नहीं हो पाई सब भवन पर की कसम भाटी को जानता है अगर किसी ने चरावा दिया भी ले कुछ लोगों की बहुत खतरनाक लेता हूं
Moorti athava mandir kee parikrama karane se kya mila hota hai bilkul laabh nahin hota samay mein badalaav hota hamaara pantapradhaan bihaar karata kaimara desh gareeb mukt ho gaya hai chaina ke pradhaanamantree ne dakshinee lalitapur se milane ko bata diya ki chaina aap gareebee se mukt ho hamaare paas to mera bhagavaan kee pooree philm bhojapuriya ko saikadon bhagavaan hamaare paas koee bhagavaan to aise aise hain ki har praanee ke roop mein bhee bhagavaan hai sektar 27 mahaatma gaandhee aur sabhee ne kaha hai ki mandir maan sheraavaalee maata vivekaanand ne kaha hai bhagavaan insaan mein hai usakee seva karana hee maraathee song tumhen too kabhee mandir ka moovee nahin dekha tha lekin vah sant vyavastha mein poorn sant saavadhaanee tum bhaag kaam karatee thee aur usee ko svaamee bhagavaan dharm-karm sabhee ko on karo mujhe ple stor ko pa liya tha tumhen din par mandir mein jaane kin kin prakaar ke hote hain aur kaun se kaaran hotee hai yah mainne khud ek savaal mein bata diya tha mukhyamantree banaane aur usake peechhe asal mein saamaajik aur kya dhaarmik shadyantr hote aarthik shailendr kaise hote hain vahaan par jameen ko lautana bhagavaan ke mandir ke naam par jameen kee bel ka joos pee ek ped hota hai hamesha hota hai aur aise hee maja ki bhagavaan ke paanee pila dena baakee saaree jindagee yon se bhara hua galatiyon se bhara hua paapon se bhara hua insaan agar mandeliya mukti kee parikrama kar mujhe lagata hai ki main 1 muslim karenge kisakee jyaada mukh duniya mein koee nahin hai yah to bhagavaan ko samajh raha hai bhagavaan aisee baaten mat nahin dikhata bhagavaan aapakee bhakti dikhaen bhagavaan aapakee aapaka tyaag dekhana hai bhagavaan aapako dekhana hai isase vaale aabhooshan ke lie kisee tarah se logon ko kis tarah dhyaan den aur chintan mein kho jaate hain aisee baaten de baakee jo baithee hoon tumhaare dharm ka paisa kamaana indiya marod kar paisa kamaana selibreshan ko dekoreshan karana aur koee savaal galat kriminal kamee karake paisa kamaana aur baat nahin ho paee sab bhavan par kee kasam bhaatee ko jaanata hai agar kisee ne charaava diya bhee le kuchh logon kee bahut khataranaak leta hoon

#भारत की राजनीति

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आज का सवाल है कि अमर सिंह ने अपने को कैसे सुरक्षित रखें रुक सकते बहुत महत्वपूर्ण चीज है जो डाक्यूमेंट्स ऐसे होते हैं जो हमारी बीमारियों के संबंध में होती है हमारे सर्टिफिकेट छोटे जादूगर चुने हुए सर्टिफिकेट सिया पुष्कर किरण को 53 डिग्री या डिप्लोमा जो भी कुछ है उनके साथ प्रकट होते कुछ तो पट्टी के समान होते हैं किसी भी लिख आउट हो सकती है इसी प्रेम की चलती जैसी फिल्मों में दिखाई जाता है गजनी की गजनी फिल्म उसकी डायरी ऐसी कुछ पहचान रखने के लिए मैंने क्या किया यह भी बता चोपड़ा का फोटो एचडी क्वालिटी वाला हिंदुस्ता देखनी है और उन्होंने हमारे अंदर हमेशा होना चाहिए नहीं तो देवलोक करना चाहिए लेकिन सुंदरता को नहीं चाहिए कि सुंदरता आनंद जी ध्यान में रखें कोई भी चीज है जो है वो सुंदर बनाए तुम ही ने अपनी खबर में जहां पर पहले तो मेरे पास तो बहुत सारी पोस्ट पढ़ने मीनिंग डिवाइस एक काम केवल उसका प्रचार करके रखे हुए हैं और जो मैंने अभी बताएं वह डाक्यूमेंट्स रखने के लिए मैंने एक स्टील के स्टीकर बड़ा मोटा हो गया है और वह उसमें वह पहले उसकी जेरोक्स बहुत सारी निकाल आर्टिस्ट की बनी सर्टिफिकेशन उसमें अगरतला कर रखा है खाली बॉक्स उसने कानून में सफल हुए हैं दूसरा भाग भरता हुआ मन कुरैशी डॉक्यूमेंट सब कुछ महत्वपूर्ण रीमिक्स तक लगाइए से रिलेटेड ही पोस्ट की टिकट स्कॉर्पियो उसके घर एक पल तेजपाल महीने की सारी टिकट्स जमा करके उसके हर एक पेज पर लिख दिए चिपका दिया कुछ भी जगह में कुछ भी पोस्ट मेरे बचपन के स्कूल के पुरस्कार मिलने के लिए अभिनंदन की फोटोस कार्यक्रम के फोटो मुक्त करते हुए फोटोस सभा में लगा दिए जगहों पर जो बच्ची थी और छोटे-मोटे आकर के निसर्ग के चित्र या मूर्ति महत्वपूर्ण ठिकानों की तरह लग रहे हो पूरा पूरा होने जा रहा है मुश्किल में कबड्डी भक्तों का ड्राइवर को अलग-अलग चाबी अंकुश यादव चाबी पूरी खबर के लिए नीचे भैया मेरे पास हमेशा उस शक्ति गेट्स दिव्य दृष्टि पत्र को समझ कर के और लोग राजकीय कार्य के फोटो आते रहते हैं तुम मिनिस्टर कैसे करते करते रहता
Aaj ka savaal hai ki amar sinh ne apane ko kaise surakshit rakhen ruk sakate bahut mahatvapoorn cheej hai jo daakyooments aise hote hain jo hamaaree beemaariyon ke sambandh mein hotee hai hamaare sartiphiket chhote jaadoogar chune hue sartiphiket siya pushkar kiran ko 53 digree ya diploma jo bhee kuchh hai unake saath prakat hote kuchh to pattee ke samaan hote hain kisee bhee likh aaut ho sakatee hai isee prem kee chalatee jaisee philmon mein dikhaee jaata hai gajanee kee gajanee philm usakee daayaree aisee kuchh pahachaan rakhane ke lie mainne kya kiya yah bhee bata chopada ka photo echadee kvaalitee vaala hindusta dekhanee hai aur unhonne hamaare andar hamesha hona chaahie nahin to devalok karana chaahie lekin sundarata ko nahin chaahie ki sundarata aanand jee dhyaan mein rakhen koee bhee cheej hai jo hai vo sundar banae tum hee ne apanee khabar mein jahaan par pahale to mere paas to bahut saaree post padhane meening divais ek kaam keval usaka prachaar karake rakhe hue hain aur jo mainne abhee bataen vah daakyooments rakhane ke lie mainne ek steel ke steekar bada mota ho gaya hai aur vah usamen vah pahale usakee jeroks bahut saaree nikaal aartist kee banee sartiphikeshan usamen agaratala kar rakha hai khaalee boks usane kaanoon mein saphal hue hain doosara bhaag bharata hua man kuraishee dokyooment sab kuchh mahatvapoorn reemiks tak lagaie se rileted hee post kee tikat skorpiyo usake ghar ek pal tejapaal maheene kee saaree tikats jama karake usake har ek pej par likh die chipaka diya kuchh bhee jagah mein kuchh bhee post mere bachapan ke skool ke puraskaar milane ke lie abhinandan kee photos kaaryakram ke photo mukt karate hue photos sabha mein laga die jagahon par jo bachchee thee aur chhote-mote aakar ke nisarg ke chitr ya moorti mahatvapoorn thikaanon kee tarah lag rahe ho poora poora hone ja raha hai mushkil mein kabaddee bhakton ka draivar ko alag-alag chaabee ankush yaadav chaabee pooree khabar ke lie neeche bhaiya mere paas hamesha us shakti gets divy drshti patr ko samajh kar ke aur log raajakeey kaary ke photo aate rahate hain tum ministar kaise karate karate rahata

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मराठी लोग अपना सरनेम कैसे चुनते हैं?Marathi Log Apna Surname Kaise Chunte Hain
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मराठी लोग अपना सरनेम कैसे चुनते हैं महाराष्ट्र में भारत भर में फैले हुए मराठी लोगों के सामने नहीं और उसकी उत्पत्ति एक बहुत बड़ा टॉपिक है लेकिन कुछ बातें क्यों महत्वपूर्ण है इसमें नंबर एक की मराठी में सरनेम होते हैं उनसे जुड़े हुए होते हैं जो कुल होते हैं अलग-अलग पूर्वजों में कोई एक एचडी याकूब का चिन्ह इसके हुए थे उसमें जिसे 4 लोगों को कहते हैं 96 को होती है उसकी लिस्ट उम्र में 90 शिक्षक न्यूज़ देसी पव्वा रूठे हो चौहान शिंदे हो मैंने बोला उसमें लिस्ट में है और दूसरी बात यह है कि ब्राह्मण और बनिया छोड़कर हर एक जाति में यह जो कुल ने महिला सर ने भेजा है वह दिखाई देते हैं पवार सुरमे भरी बंजारा दलित आदिवासी में भी इसका पावर पावर हो गया है और बाकी सब छोटी मोटी जाती है जो है उन्हें इस समय आता है और उस इंटरेस्टिंग बात यह है कि जिन का सरनेम एक है जिसे पवार है जो सभी जाति में है उनका विधिवत खंडो का नाम का नाम के टिकट पर है तो मेरा भी कुलदैवत वही है और शरद पवार साहब का भी वही है और जो अन्य जातियों में लोग हो गए होते हैं और नाम कि तुम कभी कुलदेवी जेजुरीचा खंडोबा होता है और यह बहुत पुराना पुराना है कई ठिकानों पर कई राज्यों में डायरेक्ट जाति जाति के नाम से समझा जाता था पहचाना जाता था डायरेक्ट डायरेक्ट जाती उसके नाम से जुड़ी हुई थी लेकिन मराठी में जाती हुई केवल जाति के जाति नाम की पिक्चर है कि नहीं उड़ता है ऋषि पवार द्वारा निर्मित प्राचीन काल में सम्राट शहरात नाम की नाम का पुल जो था उससे उत्पन्न हुआ है और इसी तरीके से अपनी जातियों की उत्पत्ति की पर कुछ सोशल हुआ है तो सरनेम है वह ऐसे ही एंड रिकॉर्ड भी लगाए जाते हैं पहले व्यक्ति का नाम उसके बाप का नाम उसके बाद यह कॉल करने में लगाया जाता है उसका क्या क्या होता है मराठी में सरनेम बन जाता है यह बात निश्चित है इसमें भी कुछ गलत है जो आप पर सोसायटी अप्पर अप्पर माने जाते हैं और कुछ निचले माने जाते हैं वैसे 960 माने जाते हैं और 9211 माने जाते हैं इनमें शादी में भी विभूतिपुर सबकास्ट सुबह लेकिन अभी अभी ऐसे रिपोर्ट पर सही हो तब प्रसंग में शौचालय होने लगी है और कष्ट के बीचो बीच बहुत कम आने पर शादी होने लगे हैं उसको विकास की माने तो नहीं होती है बाद में मिल जाती धन्यवाद
Maraathee log apana saranem kaise chunate hain mahaaraashtr mein bhaarat bhar mein phaile hue maraathee logon ke saamane nahin aur usakee utpatti ek bahut bada topik hai lekin kuchh baaten kyon mahatvapoorn hai isamen nambar ek kee maraathee mein saranem hote hain unase jude hue hote hain jo kul hote hain alag-alag poorvajon mein koee ek echadee yaakoob ka chinh isake hue the usamen jise 4 logon ko kahate hain 96 ko hotee hai usakee list umr mein 90 shikshak nyooz desee pavva roothe ho chauhaan shinde ho mainne bola usamen list mein hai aur doosaree baat yah hai ki braahman aur baniya chhodakar har ek jaati mein yah jo kul ne mahila sar ne bheja hai vah dikhaee dete hain pavaar surame bharee banjaara dalit aadivaasee mein bhee isaka paavar paavar ho gaya hai aur baakee sab chhotee motee jaatee hai jo hai unhen is samay aata hai aur us intaresting baat yah hai ki jin ka saranem ek hai jise pavaar hai jo sabhee jaati mein hai unaka vidhivat khando ka naam ka naam ke tikat par hai to mera bhee kuladaivat vahee hai aur sharad pavaar saahab ka bhee vahee hai aur jo any jaatiyon mein log ho gae hote hain aur naam ki tum kabhee kuladevee jejureecha khandoba hota hai aur yah bahut puraana puraana hai kaee thikaanon par kaee raajyon mein daayarekt jaati jaati ke naam se samajha jaata tha pahachaana jaata tha daayarekt daayarekt jaatee usake naam se judee huee thee lekin maraathee mein jaatee huee keval jaati ke jaati naam kee pikchar hai ki nahin udata hai rshi pavaar dvaara nirmit praacheen kaal mein samraat shaharaat naam kee naam ka pul jo tha usase utpann hua hai aur isee tareeke se apanee jaatiyon kee utpatti kee par kuchh soshal hua hai to saranem hai vah aise hee end rikord bhee lagae jaate hain pahale vyakti ka naam usake baap ka naam usake baad yah kol karane mein lagaaya jaata hai usaka kya kya hota hai maraathee mein saranem ban jaata hai yah baat nishchit hai isamen bhee kuchh galat hai jo aap par sosaayatee appar appar maane jaate hain aur kuchh nichale maane jaate hain vaise 960 maane jaate hain aur 9211 maane jaate hain inamen shaadee mein bhee vibhootipur sabakaast subah lekin abhee abhee aise riport par sahee ho tab prasang mein shauchaalay hone lagee hai aur kasht ke beecho beech bahut kam aane par shaadee hone lage hain usako vikaas kee maane to nahin hotee hai baad mein mil jaatee dhanyavaad

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हर मनुष्य एक ही प्रकार की गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रक्रिया क्यों देता है?Har Manushy Ek Hi Prakaar Ki Gatividhi Dekhkar Alag Alag Prakriya Kyun Deta Hai
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हर मनुष्य एक ही गतिविधि देखकर अलग-अलग प्रतिक्रिया क्यों देता है किसने कहा है कि दुनिया में जितने जितने दिमाग है इसने खुद लिया है उतनी जगह हर व्यक्ति के अंदर उसका दिमाग होता है उसके सर के अंदर और उसके दिमाग में अपना एक मनो विश्वा निर्माण के हो और उसने वह देता है वह भी कई बार बढ़ता भी है कई बार और ब्रेड हो जाता है और उसके अनुभव उसके एक्शन सोंग रिएक्शन कुछ चलते हुए उसके अलग-अलग विचार और देखने का नजरिया बन जाता है उसे को प्रभावित होता है कुछ चीजों से प्रभावित नहीं होता है और चीजों को अच्छी लगती है कुछ भी उसको असली अच्छी नहीं लगती तो फिर क्या कुछ घटना है कुछ टीका नहीं कुछ लोग है आदमी हैं औरतें सारी चीजों का कुछ ना कुछ गया शुरू होता है उसके हिसाब से उसके विचार बन जाते हैं और यह है कि जो चीज है वह एक प्रकार का डायवर्शन डायबिटीज को कहते ड्राइवर सिटी ऑफ यु दृष्टिकोण की ड्राइवर से डायवर्सिटी इन हो जाती है पूरे समाज में मनुष्य जाति के जाति का जो जगत है उसमें यह अलग इसमें बन जाते हुए श्याम को पर हम चश्मा लगाते हैं जिनका चश्मा जतिन सुरंग की जो है दुनिया दिखाई देती है उसी तरह से मनुष्य इसी प्रकार की गतिविधि देखकर अनुप्रिया प्रतिक्रिया देते हैं कुछ लोगों के मन में शुरू से बचपन में उनको क्रिकेट अच्छा नहीं लगता बचपन से कभी उसके चंदू की होते और उनको यह नेगेटिव थॉट क्रिकेट के बारे में उनके मन में बस जा तू जब क्रिकेट देखते हैं कोई कुछ लोग जब इसके पीछे पागल दिखाई उसको देते हैं तो इस पर बड़ी प्रतिक्रिया नेगेटिव प्रतिक्रिया करता है उसी चीज को यानी क्रिकेट को दूसरे लाखों-करोड़ों भारत में लोग जो है जब देखते हैं तो बहुत बड़े शौकीन और इसमें जो उनका दृष्टिकोण सकारात्मक उसी तरह से बर्ताव करते होकर सैकड़ों लोग भी एक तरीके का बर्ताव कर रहे होते हैं क्रिकेट के भ्रमण में स्कोर क्रिकेट अच्छा नहीं लगता है वह इस के संदर्भ में नियुक्ति भी प्रतिक्रिया दे देगा पैसा खर्च नहीं होता है जो शब्द क्रिया प्रतिक्रिया घटने के बाद विकसित होता है उसकी कीमत के अलग-अलग होते हैं जो हमें हमेशा दिखाई देते हैं दो व्यक्ति कभी एक जैसे नहीं होते एक एक विशिष्ट अतिथि बताएं अब तो पार्टी करनी है एक प्रश्न तीन चीजें कम से कम इंसान के बारे में तो एक ही तरह के इंसान नहीं बनाया दुनिया में एक जैसे इंसान कहीं पर भी नहीं है युवा भी होते हैं तो भी उसने फर्क होता है उसके भावनाओं में फर्क होता है तेरी महत्वपूर्ण फिर भी अगर है तो वह भी यही चाहता है और इसके बारे में सर एक्सप्लेनेशन देता है
Har manushy ek hee gatividhi dekhakar alag-alag pratikriya kyon deta hai kisane kaha hai ki duniya mein jitane jitane dimaag hai isane khud liya hai utanee jagah har vyakti ke andar usaka dimaag hota hai usake sar ke andar aur usake dimaag mein apana ek mano vishva nirmaan ke ho aur usane vah deta hai vah bhee kaee baar badhata bhee hai kaee baar aur bred ho jaata hai aur usake anubhav usake ekshan song riekshan kuchh chalate hue usake alag-alag vichaar aur dekhane ka najariya ban jaata hai use ko prabhaavit hota hai kuchh cheejon se prabhaavit nahin hota hai aur cheejon ko achchhee lagatee hai kuchh bhee usako asalee achchhee nahin lagatee to phir kya kuchh ghatana hai kuchh teeka nahin kuchh log hai aadamee hain auraten saaree cheejon ka kuchh na kuchh gaya shuroo hota hai usake hisaab se usake vichaar ban jaate hain aur yah hai ki jo cheej hai vah ek prakaar ka daayavarshan daayabiteej ko kahate draivar sitee oph yu drshtikon kee draivar se daayavarsitee in ho jaatee hai poore samaaj mein manushy jaati ke jaati ka jo jagat hai usamen yah alag isamen ban jaate hue shyaam ko par ham chashma lagaate hain jinaka chashma jatin surang kee jo hai duniya dikhaee detee hai usee tarah se manushy isee prakaar kee gatividhi dekhakar anupriya pratikriya dete hain kuchh logon ke man mein shuroo se bachapan mein unako kriket achchha nahin lagata bachapan se kabhee usake chandoo kee hote aur unako yah negetiv thot kriket ke baare mein unake man mein bas ja too jab kriket dekhate hain koee kuchh log jab isake peechhe paagal dikhaee usako dete hain to is par badee pratikriya negetiv pratikriya karata hai usee cheej ko yaanee kriket ko doosare laakhon-karodon bhaarat mein log jo hai jab dekhate hain to bahut bade shaukeen aur isamen jo unaka drshtikon sakaaraatmak usee tarah se bartaav karate hokar saikadon log bhee ek tareeke ka bartaav kar rahe hote hain kriket ke bhraman mein skor kriket achchha nahin lagata hai vah is ke sandarbh mein niyukti bhee pratikriya de dega paisa kharch nahin hota hai jo shabd kriya pratikriya ghatane ke baad vikasit hota hai usakee keemat ke alag-alag hote hain jo hamen hamesha dikhaee dete hain do vyakti kabhee ek jaise nahin hote ek ek vishisht atithi bataen ab to paartee karanee hai ek prashn teen cheejen kam se kam insaan ke baare mein to ek hee tarah ke insaan nahin banaaya duniya mein ek jaise insaan kaheen par bhee nahin hai yuva bhee hote hain to bhee usane phark hota hai usake bhaavanaon mein phark hota hai teree mahatvapoorn phir bhee agar hai to vah bhee yahee chaahata hai aur isake baare mein sar eksapleneshan deta hai

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आपके विचार से खुद को नियंत्रित करके क्या अपने दुखों से छुटकारा पाया जा सकता है जाया जा सकता है हमारा जो शरीर है जैसे कोई किसी कारखाने में एक प्रोडक्ट पूरा बनकर मशीन से बाहर निकलता है उसी तरह से माता के शरीर से हम इंसान एक पूरा एक प्रोडक्ट की तरह निकलते निकलता है उसमें सारे आवश्यक तत्व शामिल होते मतलब यह है कि ऐसा एक मेकैनिज्म हमारे मन का भी होता है उसे जी का होता है कि वह आने वाली प्रसिद्ध को फेस करने के लिए तैयार हो जाता है प्रयास करता है हर चीज में प्रयास करता है अपने आप में ही है उसको ने सभी ग्रुप से मिला मिला हुआ एक डिफेंस सिस्टम है तो वह काम करता है जब दुख आते हैं तब दुख आते हैं तब महासभा के मन में मन का इसके से छुटकारा पाने के लिए प्रयास खूब तेज गति से होता है मन होता है इसमें बहुत सारा एक्सट्रैवलमनी चलता है यह तर्क वितर्क मन में चलता है चर्चा मन में चलती है कि आया हुआ यह दुख तो संकट है जो पुरुष दिया है इसके संबंध में क्या किया जाए और हर व्यक्ति के मन में निश्चित रूप से और कुछ लोगों का ही है जो मैकेनिज्म है डूब जाता है तो वो सिहर जाता हो जाता है उसे महसूस करते हैं और मनोरोग जो होते हैं उसमें ढकेल दिया जाता है या से ग्रसित होता लेकिन उससे पहले वह सारा उसका शरीर और मन उसके प्रयास करता है कि अपने दुख आए हुए उसे उनके उसे कैसे मार के निकाल गरीबों की बस्तियों में नौकरियों में उत्सव मनाया दिखाई देते हैं उनके खेलते हैं अच्छा खाना भी दिखाते हैं कपड़े में पहले साल में एक बार हो या दो बार ऐसा भी दिखाई देता है ज्यादा गरीबों में है तुम की अपनी एक खुशी की दुनिया होती है उस उम्र में वह उसमें वह दुखी रहती है कुछ चीजों के अनुभव के बाद करने के बाद मिलने के बाद तो अपने मन के कारण क्षमता भी मिली है जिसकी महत्वपूर्ण चीज है हमें एक अलग चीज मिली है तो बुद्धिमत्ता से इंसान किसी भी चीज पर नियंत्रण कर सकता है उस पर विजय पा सकता है बुद्धिमत्ता है वही दुनिया पर राज करती है दुनिया को बदला है इस दुनिया को नया आयाम दिए हैं जिन्हें की दुनिया मीना की खोज की है दुनिया में इंसान के कई प्रश्नों को प्रश्नों के जवाब दिए हैं उनका तंत्र विकसित किया है विज्ञान विकसित किया है धर्म आध्यात्म सभी जुड़े इस बुद्धि माता ने विकसित की गई है और मनुष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा जीवन लाने का प्रयास एचडी माता के द्वारा होता है तो मुझे बता भी काम करते हैं और उसके बाद अपना शरीर और मन प्रयास करता है दुखों से छुटकारा पाने के सारे प्रयास मनोज दिल करता है और इंस्पिरेशन एक चीज होती है कुछ लोगों में जल्दी मिल जाता है कुछ लोगों ने लेट हो जाता अगर कोई एक्सपायर हो गया किसी के विचारों से या किसी पुरुष जैसे दुखों से छुटकारा पाने में से शुरू हो जाता है धन्यवाद
Aapake vichaar se khud ko niyantrit karake kya apane dukhon se chhutakaara paaya ja sakata hai jaaya ja sakata hai hamaara jo shareer hai jaise koee kisee kaarakhaane mein ek prodakt poora banakar masheen se baahar nikalata hai usee tarah se maata ke shareer se ham insaan ek poora ek prodakt kee tarah nikalate nikalata hai usamen saare aavashyak tatv shaamil hote matalab yah hai ki aisa ek mekainijm hamaare man ka bhee hota hai use jee ka hota hai ki vah aane vaalee prasiddh ko phes karane ke lie taiyaar ho jaata hai prayaas karata hai har cheej mein prayaas karata hai apane aap mein hee hai usako ne sabhee grup se mila mila hua ek diphens sistam hai to vah kaam karata hai jab dukh aate hain tab dukh aate hain tab mahaasabha ke man mein man ka isake se chhutakaara paane ke lie prayaas khoob tej gati se hota hai man hota hai isamen bahut saara eksatraivalamanee chalata hai yah tark vitark man mein chalata hai charcha man mein chalatee hai ki aaya hua yah dukh to sankat hai jo purush diya hai isake sambandh mein kya kiya jae aur har vyakti ke man mein nishchit roop se aur kuchh logon ka hee hai jo maikenijm hai doob jaata hai to vo sihar jaata ho jaata hai use mahasoos karate hain aur manorog jo hote hain usamen dhakel diya jaata hai ya se grasit hota lekin usase pahale vah saara usaka shareer aur man usake prayaas karata hai ki apane dukh aae hue use unake use kaise maar ke nikaal gareebon kee bastiyon mein naukariyon mein utsav manaaya dikhaee dete hain unake khelate hain achchha khaana bhee dikhaate hain kapade mein pahale saal mein ek baar ho ya do baar aisa bhee dikhaee deta hai jyaada gareebon mein hai tum kee apanee ek khushee kee duniya hotee hai us umr mein vah usamen vah dukhee rahatee hai kuchh cheejon ke anubhav ke baad karane ke baad milane ke baad to apane man ke kaaran kshamata bhee milee hai jisakee mahatvapoorn cheej hai hamen ek alag cheej milee hai to buddhimatta se insaan kisee bhee cheej par niyantran kar sakata hai us par vijay pa sakata hai buddhimatta hai vahee duniya par raaj karatee hai duniya ko badala hai is duniya ko naya aayaam die hain jinhen kee duniya meena kee khoj kee hai duniya mein insaan ke kaee prashnon ko prashnon ke javaab die hain unaka tantr vikasit kiya hai vigyaan vikasit kiya hai dharm aadhyaatm sabhee jude is buddhi maata ne vikasit kee gaee hai aur manushy ke lie jyaada se jyaada jeevan laane ka prayaas echadee maata ke dvaara hota hai to mujhe bata bhee kaam karate hain aur usake baad apana shareer aur man prayaas karata hai dukhon se chhutakaara paane ke saare prayaas manoj dil karata hai aur inspireshan ek cheej hotee hai kuchh logon mein jaldee mil jaata hai kuchh logon ne let ho jaata agar koee eksapaayar ho gaya kisee ke vichaaron se ya kisee purush jaise dukhon se chhutakaara paane mein se shuroo ho jaata hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है?Vartman Samay Me Bharat Ke Yuvao Ki Manodasha Kya Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
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सुनिए Dr.Nitin जी का जवाब
Kisan,Journalist,Marathi Writer, Social Worker,Political Leader.
7:00
वर्तमान समय में भारत के युवाओं की मनोदशा क्या है वर्तमान समय में भी और विगत समय समय में भी भारत के सारे युवा और सारे युवाओं की एक जैसी मांगों से नहीं यह सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जो है भाई इस देश का इसके ऊपर डिपेंड करता है एक ऐसा वर्ग है जो वर्तमान समय में भी सुरक्षित महसूस करता है क्योंकि उसको आर्थिक सुरक्षा मिली हुई को सामाजिक सुरक्षा मिली हुई है सांस्कृतिक राजकीय सीजी उसके उसके लिए अच्छी रहती है सपोर्टिव रहती है तो दूसरा इसके विपरीत वर्ग है जिसको यह सारी स्थितियां और पूरी दिया उसके विपरीत रहती है वह निश्चित निश्चित है या और उसको उसका करियर और उसकी आवश्यकता है जय पूरी होने की पूरी जो है पूरी व्यवस्था के समझ में आती है और वह निश्चित हो जाता है मैं अपनी सोसाइटी वाला यह क्लास कम हुआ है लेकिन फिर भी कुछ समस्या है उसके सामने भी है को इंटरनेशनल परिस्थितियां अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और बदलते हुए माहौल कोरोनावायरस पांडेमिक अर्थव्यवस्थाओं का डगमगाना विश्व युद्ध होने की संभावना और जनसंख्या के कारण कारण निर्माण होने वाली बाकी सब कोई एनवायरमेंटल पॉलिसी या सामाजिक असंतोष की परिस्थितियां इसके कारणों से युवा वर्ग जो है पर सोसाइटी वाला थोड़ा सा चिंतित भी है और सबसे महत्वपूर्ण बात उसने भी है एक है कि वह है कंपटीशन कंपटीशन में वो टिक सकता है या नहीं और उसके टारगेट पूरे होते हैं या नहीं आउट नहीं हुए तो अभी उसको आर्थिक रूप से कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन व्यवस्था कुछ सपने होते हैं कुछ मनोहर ना होती है वह पूरी होने की जरूरत युवा महसूस करता है और इसके विपरीत जो बाकी सब युवा वर्ग है वह बिल्कुल कंफ्यूज है निराश है और शायरी भी है उसको कोई सहारा दिखाई नहीं पड़ रहा है सरकार एक सहारा होता है लेकिन सरकार से कुछ होने वाला नहीं है ऐसी सोच उस की बनी हुई है उसको काम नहीं मिल रहा है काम का अच्छा मौका नहीं मिल रहा है 8 8000 में काम करते हैं का मिलता है लेकिन आज की स्थिति में ₹8000 में फैमिली चलाना किस तरह का काम होता है यह वह जानते हैं कुछ लोगों को भी नहीं मिल रहा है तो कुछ ऐसे वैसे काम कर रहे हैं मैं कुछ फैमिलीज में प्रिया काम पर जा रही है तो कुछ सरकार ने और धनवान लोगों ने कई पर कुछ खाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कर दी है जैसे भारत में ₹5 भोजन मिलता है वहां पर लाइन लगी हुई रहती मेरे लोकल सिटी में ₹5 में भोजन मिलने का भोजन जो थोड़ा सा मिलता है वह लेने के लिए दोपहर के टाइम में लाइन लगती है और पूरी फैमिली के लिए इकट्ठा या कुछ लोग एक ही मतलब सिर्फ ₹5 में भी अपना पेट भरते हैं अब जिंदा रहते हैं तो एक तरफ से बहुत बड़े हैं यह एक विषमता की खाई है यह बढ़ती हुई जा रही है और इसका असर युवा वर्ग पर होता है जो लगभग 90 से 95 90% तक है वह बहुत निराशा और असंतोष उस में फैला हुआ है ऐसी स्थिति है धन्यवाद
Vartamaan samay mein bhaarat ke yuvaon kee manodasha kya hai vartamaan samay mein bhee aur vigat samay samay mein bhee bhaarat ke saare yuva aur saare yuvaon kee ek jaisee maangon se nahin yah saamaajik suraksha aur aarthik suraksha jo hai bhaee is desh ka isake oopar dipend karata hai ek aisa varg hai jo vartamaan samay mein bhee surakshit mahasoos karata hai kyonki usako aarthik suraksha milee huee ko saamaajik suraksha milee huee hai saanskrtik raajakeey seejee usake usake lie achchhee rahatee hai saportiv rahatee hai to doosara isake vipareet varg hai jisako yah saaree sthitiyaan aur pooree diya usake vipareet rahatee hai vah nishchit nishchit hai ya aur usako usaka kariyar aur usakee aavashyakata hai jay pooree hone kee pooree jo hai pooree vyavastha ke samajh mein aatee hai aur vah nishchit ho jaata hai main apanee sosaitee vaala yah klaas kam hua hai lekin phir bhee kuchh samasya hai usake saamane bhee hai ko intaraneshanal paristhitiyaan antararaashtreey paristhitiyaan aur badalate hue maahaul koronaavaayaras paandemik arthavyavasthaon ka dagamagaana vishv yuddh hone kee sambhaavana aur janasankhya ke kaaran kaaran nirmaan hone vaalee baakee sab koee enavaayaramental polisee ya saamaajik asantosh kee paristhitiyaan isake kaaranon se yuva varg jo hai par sosaitee vaala thoda sa chintit bhee hai aur sabase mahatvapoorn baat usane bhee hai ek hai ki vah hai kampateeshan kampateeshan mein vo tik sakata hai ya nahin aur usake taaraget poore hote hain ya nahin aaut nahin hue to abhee usako aarthik roop se koee problam nahin hai lekin vyavastha kuchh sapane hote hain kuchh manohar na hotee hai vah pooree hone kee jaroorat yuva mahasoos karata hai aur isake vipareet jo baakee sab yuva varg hai vah bilkul kamphyooj hai niraash hai aur shaayaree bhee hai usako koee sahaara dikhaee nahin pad raha hai sarakaar ek sahaara hota hai lekin sarakaar se kuchh hone vaala nahin hai aisee soch us kee banee huee hai usako kaam nahin mil raha hai kaam ka achchha mauka nahin mil raha hai 8 8000 mein kaam karate hain ka milata hai lekin aaj kee sthiti mein ₹8000 mein phaimilee chalaana kis tarah ka kaam hota hai yah vah jaanate hain kuchh logon ko bhee nahin mil raha hai to kuchh aise vaise kaam kar rahe hain main kuchh phaimileej mein priya kaam par ja rahee hai to kuchh sarakaar ne aur dhanavaan logon ne kaee par kuchh khaane ke lie suvidhaen upalabdh kar dee hai jaise bhaarat mein ₹5 bhojan milata hai vahaan par lain lagee huee rahatee mere lokal sitee mein ₹5 mein bhojan milane ka bhojan jo thoda sa milata hai vah lene ke lie dopahar ke taim mein lain lagatee hai aur pooree phaimilee ke lie ikattha ya kuchh log ek hee matalab sirph ₹5 mein bhee apana pet bharate hain ab jinda rahate hain to ek taraph se bahut bade hain yah ek vishamata kee khaee hai yah badhatee huee ja rahee hai aur isaka asar yuva varg par hota hai jo lagabhag 90 se 95 90% tak hai vah bahut niraasha aur asantosh us mein phaila hua hai aisee sthiti hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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क्या भलाई करने से भलाई मिलती है?Kya Bhalai Karne Se Bhalai Milti Hai
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
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क्या भलाई करने से भलाई मिलती है एक बहुत अच्छा सवाल भलाई किया गया क्या क्या है आखिर व्याख्या क्या है भलाई की भी तो इंसान की इंसान के अंदर खुशी की भावना शास्त्री की भावना आनंद की भावना शांति शांति की भावना क्या की भावना वैराग्य की भावना स्वार्थ की भावना की एक फोन अवश्य होती है क्या होती है हम कोई भी काम करने के बाद हमें जब इसकी सार्थकता मालूम पड़ती है या इससे आनंद होता है तो मन में एक अवस्था निर्माण होती है बिल्कुल नेगेटिव नहीं होती बिल्कुल पॉजिटिव होती है वही अवस्था स्वर्ग है अमरीश पुरी का वास्तविक है और मनुष्य के भीतर ही है अवस्थाओं का निर्माण होता है मनुष्य का निर्माण होता है और बुराई करती है तो उसी तरीके की नेगेटिव भावनाएं महोदय से टेंशन डिप्रेशन एंड आईटीएसएसओ विकार उत्पन्न होते होते हैं और वह व्यक्ति को पीड़ा देती के मन को पढ़ा जिससे उसकी मौत 12 मनोदशा बन जाती है वह मनोदशा बुराई होती है तो बुराई करने के बाद बुराई की मां होती है और भलाई करने के बाद जब भरा है कि मनुष्य मिलती है यहां सिर होती है तो उसको ही भलाई करते हैं और भलाई करने से बनाई हुई होने वाली है क्योंकि इसका भी साइंस मनोविज्ञान है और वह मनोविज्ञान ही बताता है कि आरक्षण में इसको विज्ञान की विज्ञान में परिभाषित किया होगा दशक प्लेजर की स्थिति पॉजिटिव स्थिति उस तरीके से भलाई की स्थिति होती है हम बहुत सारे उदाहरण हमारे अंदर ही देख देख सकते और हमारे आजू-बाजू में देखती रहती है उसकी मनोदशा हर वक्त तो उसे लगता है जैसे मैं बहुत बुरा आदमी हूं और एक अपराधी भाव उसके मन में होता है वह उसको बेचन करता है उसको नींद नहीं आती है बहुत सुरक्षित भी रहता है कभी भी उसको भी कोई खत्म कर सकता है कोई गुनहगार होते हैं मर्डर करने और करवाने वाली भी होती है वैसी महान और उनकी जिंदगी की तरह समझ में असुरक्षा महसूस करते हैं उसकी तैयारी करते लेकिन इसके साथ ही मर जाऊंगा तो मर जाऊंगा कोई बात नहीं लेकिन उसके अंदर छुपा हुआ सबकॉन्शियस माइंड में छुपा हुआ डर होता है तो इसको साइंटिफिक नजरिए से भी देखने पर यह मालूम पड़ता है कि भलाई करने से बधाई होती है बधाई वाली सब चीजें हमारी ओर आती है बाप अट्रैक्शन मैं अभी बहुत चर्चा में विषय है उसके अनुसार भी भलाई करने वाले के पास भलाई की वाली चीजें खींची आती है और बुराई करने वाले के पास बुराई वाली सब चीजें खींचकर आती जैसा हम सोचते हैं वैसा उत्तर दिशा में हम जाते हैं और वह चीज जो है वह भी हमारी दिशा में आने आने लगती है कि आप साइंस भी बता रहा है और जो नहीं दिखता वादी संत महापुरुष हुए उन्होंने भी इस पर जोर देकर दुनिया को समझाया है कईयों ने इसे समझा भी है और और और और न्यू से समझा कि नहीं हुई इसलिए दुख में पड़े हुए हैं पैसा भी नहीं उनको कुछ नहीं देता कोई चीज उनको सुख नहीं दे सकते हैं तो यह नीचे की भलाई करने से भलाई मिल जाती है धन्यवाद
Kya bhalaee karane se bhalaee milatee hai ek bahut achchha savaal bhalaee kiya gaya kya kya hai aakhir vyaakhya kya hai bhalaee kee bhee to insaan kee insaan ke andar khushee kee bhaavana shaastree kee bhaavana aanand kee bhaavana shaanti shaanti kee bhaavana kya kee bhaavana vairaagy kee bhaavana svaarth kee bhaavana kee ek phon avashy hotee hai kya hotee hai ham koee bhee kaam karane ke baad hamen jab isakee saarthakata maaloom padatee hai ya isase aanand hota hai to man mein ek avastha nirmaan hotee hai bilkul negetiv nahin hotee bilkul pojitiv hotee hai vahee avastha svarg hai amareesh puree ka vaastavik hai aur manushy ke bheetar hee hai avasthaon ka nirmaan hota hai manushy ka nirmaan hota hai aur buraee karatee hai to usee tareeke kee negetiv bhaavanaen mahoday se tenshan dipreshan end aaeeteeeseso vikaar utpann hote hote hain aur vah vyakti ko peeda detee ke man ko padha jisase usakee maut 12 manodasha ban jaatee hai vah manodasha buraee hotee hai to buraee karane ke baad buraee kee maan hotee hai aur bhalaee karane ke baad jab bhara hai ki manushy milatee hai yahaan sir hotee hai to usako hee bhalaee karate hain aur bhalaee karane se banaee huee hone vaalee hai kyonki isaka bhee sains manovigyaan hai aur vah manovigyaan hee bataata hai ki aarakshan mein isako vigyaan kee vigyaan mein paribhaashit kiya hoga dashak plejar kee sthiti pojitiv sthiti us tareeke se bhalaee kee sthiti hotee hai ham bahut saare udaaharan hamaare andar hee dekh dekh sakate aur hamaare aajoo-baajoo mein dekhatee rahatee hai usakee manodasha har vakt to use lagata hai jaise main bahut bura aadamee hoon aur ek aparaadhee bhaav usake man mein hota hai vah usako bechan karata hai usako neend nahin aatee hai bahut surakshit bhee rahata hai kabhee bhee usako bhee koee khatm kar sakata hai koee gunahagaar hote hain mardar karane aur karavaane vaalee bhee hotee hai vaisee mahaan aur unakee jindagee kee tarah samajh mein asuraksha mahasoos karate hain usakee taiyaaree karate lekin isake saath hee mar jaoonga to mar jaoonga koee baat nahin lekin usake andar chhupa hua sabakonshiyas maind mein chhupa hua dar hota hai to isako saintiphik najarie se bhee dekhane par yah maaloom padata hai ki bhalaee karane se badhaee hotee hai badhaee vaalee sab cheejen hamaaree or aatee hai baap atraikshan main abhee bahut charcha mein vishay hai usake anusaar bhee bhalaee karane vaale ke paas bhalaee kee vaalee cheejen kheenchee aatee hai aur buraee karane vaale ke paas buraee vaalee sab cheejen kheenchakar aatee jaisa ham sochate hain vaisa uttar disha mein ham jaate hain aur vah cheej jo hai vah bhee hamaaree disha mein aane aane lagatee hai ki aap sains bhee bata raha hai aur jo nahin dikhata vaadee sant mahaapurush hue unhonne bhee is par jor dekar duniya ko samajhaaya hai kaeeyon ne ise samajha bhee hai aur aur aur aur nyoo se samajha ki nahin huee isalie dukh mein pade hue hain paisa bhee nahin unako kuchh nahin deta koee cheej unako sukh nahin de sakate hain to yah neeche kee bhalaee karane se bhalaee mil jaatee hai dhanyavaad

#धर्म और ज्योतिषी

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क्या अहंकार की सीमा होती है?Kya Ahankaar Ki Seema Hoti Hai
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क्या हम कर की कोई सीमा होती है जब मैं इस विषय पर सोचता हूं तो मुझे निश्चित रूप से कुछ बातें समझ में आती है बहुत सारे रंग कारी व्यक्ति इस दुनिया में है और रिकॉर्ड ब्रेक एंड कैरी विक्की है हुए हैं और आगे भी और आगे भी होंगे लेकिन की सीमा भयंकर की सीमा निश्चित है और वह मूर्तियों मोदी की तरफ जाता हुआ उसको महसूस होता है तो बिल्कुल किसी बेसहारा गरीब या छोटे बच्चों की तरह रोता भी लोगों से बोलना भी चाहता है लोगों को पास भी बोला था और अपने मन की सच्ची बातें भी कहता है माफी मांगता है कि मैंने अगर कुछ बुरा किया हो आपके साथ तो मुझे क्षमा करो मैं अब ज्यादा दिन का मेहमान नहीं हूं लेकिन वह मुझको रोक नहीं पाता बहुत सारे करोड़ों पर्ची उद्योगपति और शासकों की मूर्ति के सामने गिड़गिड़ा बड़ा उदाहरण निरीक्षण प्राथमिक झंडा जिसको सिकंदर कहा जाता है उसका आया और उसने बताया कि इस दुनिया को कि मेरे मरने के बाद मेरे हाथ जो है वह खुले करके रखी है लोगों को देखने हैं चाहिए कि मैं कुछ भी लेकर नहीं जा रहा उसके पास अहंकार भी था और एक का संवेदनशीलता बिछिया और बुद्धिमानी भी उसने पहचान लिया था जान लिया कि पूरी दुनिया को मैं जीतने जीतने जा रहा हूं लेकिन मूर्ति के सामने मैं हार गया जब उसको बीमारियां हुई उसकी उम्र भी बहुत कम थी शराब भी पीता था बहुत और कई सारे इस के संदर्भ में आज भी चर्चा है और तू चौधरी निकल के आते हैं संशोधन होते हैं लेकिन यह जाहिर बात है कि उसने ऐसा कहा था उसे भी शासक को हम जब देखते हैं हिटलर के आखिरी क्षण का एग्जैक्ट रिकॉर्ड नहीं है लेकिन उसने भी मूर्ति को अपना लिया था आत्महत्या की कैसे बचाया जाता है चंगेज खान हो या तैमूर लंग हो या पुरवा के बड़े 8764 जापान के पश्चिम के मध्य चिया चिया चिया के संदर्भ में देखते हैं तो हमें भी पता चलता है विद्वता से भरे हुए लड़की भी मुट्ठी से हार जाते बहुत विद्वान योगी महात्मा संत पुरुष हुए और उन्होंने यह सबसे बताया है और यह मूर्ति की व्यवस्था किसने की है वह भी सोच समझकर की है कि यह इंसान हीरो है वह अहंकार से घर अगर उसके लिए कुछ ऐसी व्यवस्था नहीं की तो फिर दूसरों को पीड़ा देगा हत्या करेगा शैतानी हीरा हीरा जी का खेड़ा और कर दो लोगों को दुख पहुंचा देगा के जानकार बनाने वाले ने भी इसकी व्यवस्था निर्माण की है तो ऐसा शब्द है जिसे देखकर ऐसा मुझे तो ऐसा लगता है कि किसी मां होती है धन्यवाद
Kya ham kar kee koee seema hotee hai jab main is vishay par sochata hoon to mujhe nishchit roop se kuchh baaten samajh mein aatee hai bahut saare rang kaaree vyakti is duniya mein hai aur rikord brek end kairee vikkee hai hue hain aur aage bhee aur aage bhee honge lekin kee seema bhayankar kee seema nishchit hai aur vah moortiyon modee kee taraph jaata hua usako mahasoos hota hai to bilkul kisee besahaara gareeb ya chhote bachchon kee tarah rota bhee logon se bolana bhee chaahata hai logon ko paas bhee bola tha aur apane man kee sachchee baaten bhee kahata hai maaphee maangata hai ki mainne agar kuchh bura kiya ho aapake saath to mujhe kshama karo main ab jyaada din ka mehamaan nahin hoon lekin vah mujhako rok nahin paata bahut saare karodon parchee udyogapati aur shaasakon kee moorti ke saamane gidagida bada udaaharan nireekshan praathamik jhanda jisako sikandar kaha jaata hai usaka aaya aur usane bataaya ki is duniya ko ki mere marane ke baad mere haath jo hai vah khule karake rakhee hai logon ko dekhane hain chaahie ki main kuchh bhee lekar nahin ja raha usake paas ahankaar bhee tha aur ek ka sanvedanasheelata bichhiya aur buddhimaanee bhee usane pahachaan liya tha jaan liya ki pooree duniya ko main jeetane jeetane ja raha hoon lekin moorti ke saamane main haar gaya jab usako beemaariyaan huee usakee umr bhee bahut kam thee sharaab bhee peeta tha bahut aur kaee saare is ke sandarbh mein aaj bhee charcha hai aur too chaudharee nikal ke aate hain sanshodhan hote hain lekin yah jaahir baat hai ki usane aisa kaha tha use bhee shaasak ko ham jab dekhate hain hitalar ke aakhiree kshan ka egjaikt rikord nahin hai lekin usane bhee moorti ko apana liya tha aatmahatya kee kaise bachaaya jaata hai changej khaan ho ya taimoor lang ho ya purava ke bade 8764 jaapaan ke pashchim ke madhy chiya chiya chiya ke sandarbh mein dekhate hain to hamen bhee pata chalata hai vidvata se bhare hue ladakee bhee mutthee se haar jaate bahut vidvaan yogee mahaatma sant purush hue aur unhonne yah sabase bataaya hai aur yah moorti kee vyavastha kisane kee hai vah bhee soch samajhakar kee hai ki yah insaan heero hai vah ahankaar se ghar agar usake lie kuchh aisee vyavastha nahin kee to phir doosaron ko peeda dega hatya karega shaitaanee heera heera jee ka kheda aur kar do logon ko dukh pahuncha dega ke jaanakaar banaane vaale ne bhee isakee vyavastha nirmaan kee hai to aisa shabd hai jise dekhakar aisa mujhe to aisa lagata hai ki kisee maan hotee hai dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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किसान आंदोलन से भाजपा को कितना नुकसान होगा?Kishan Aandolan Se Bhajpa Ko Kitna Nuksaan Hoga
Dr.Nitin Pawar, D.M S.(Management) Bolkar App
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किसान आंदोलन से भाजपा को कितना नुकसान हुआ है लेकिन इसको कैलकुलेट कौन करेगा और बताएगा कौन घर-घर तक पहुंचाएगा को प्रसार माध्यम होते हैं और हुकुम क्या बताती है इस प्रश्न का उत्तर बता दें इस पर डिपेंड लुगाई अभी भी भारत के लोग डेमोक्रेसी के लायक नहीं भाई ज्यादा संख्या में कुछ परसेंटेज होगा बहुत होता था सो सो रुपए बिकनी में अपने वोट बेचने वाले लोग हमें नहीं तो ऐसे लोगों अपने विवेक से मतदान करेंगे करेंगे या अगले 32 साल तक होने की संभावना नहीं है अभी भी बहुत सारी प्रक्रिया से समाज को गुजारना पड़ेगा उसके बाद उसमें डेमो कोशिका लोकतंत्र का जनतंत्र का एक अच्छा समझ आ जाए और अनुभव से ही भारत की मरकज विकसित हुआ अभी भी 70 साल के बाद में सिर्फ कागज पर वास्तव में नहीं उतरा है इसमें किस काम में आता है लेकिन चुनाव के वक्त भारतीय जनता पार्टी को को समर्थन देगा कितने परसेंट के समर्थन देगा यह बात इस केस को तय करने के लिए बाकी मेरी माता की मूर्ति लोकल महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महिला आयोग उत्तर प्रदेश एवं लोकल ड्यूटी लगने से भी बड़ा मुर्गी अभी तो तुम्हारे पास यह दिखाने में लगभग सफल हो गई है कि किसान पंजाब और हरियाणा किसान और इस खेल में दूसरों का दुख के साथ सरकार का यह खेल जाए उसमें कौन सी कंपनी आई लड़ता है इसके ऊपर यह होगा ऐसा दिखाई देता है दूसरा महत्वपूर्ण 41 में अभी भी है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में हंड्रेड परसेंट बदलाव करनी चाहिए तब तक कोई भी चुनाव नहीं चुनाव वायरस अमन के लिए कोई जगह नहीं ना होगी और ना ही है पिछले 20 साल से लगभग 15 साल से दो इतना भी फायदा या नुकसान बीजेपी को होने वाला है यह स्पष्ट दिखाई देता है लेकिन पेपर क्या होगा यह सवाल महत्वपूर्ण है अभी चुनाव हो रहे हैं कई और उनको बीजेपी को जितना पैदा होता हुआ दिखाई देता है काफी नुकसान हो गई प्रमोशन हुआ दिखाई दे रहा है अब उसे भी कुछ बातें विपक्ष में कितना कोई विपक्ष में बड़ा नेता निर्माण होते हुए राहुल गांधी को घोषित कर पकड़ करो नेता बनाने की कोशिश की जा रही है लेकिन वह उसी में नहीं बना पाए और बाकी जो दिखता है वो राष्ट्रीय लेवल नहीं करनी हो तो इसी को ध्यान में रखते हुए कुछ कहना
Kisaan aandolan se bhaajapa ko kitana nukasaan hua hai lekin isako kailakulet kaun karega aur bataega kaun ghar-ghar tak pahunchaega ko prasaar maadhyam hote hain aur hukum kya bataatee hai is prashn ka uttar bata den is par dipend lugaee abhee bhee bhaarat ke log demokresee ke laayak nahin bhaee jyaada sankhya mein kuchh parasentej hoga bahut hota tha so so rupe bikanee mein apane vot bechane vaale log hamen nahin to aise logon apane vivek se matadaan karenge karenge ya agale 32 saal tak hone kee sambhaavana nahin hai abhee bhee bahut saaree prakriya se samaaj ko gujaarana padega usake baad usamen demo koshika lokatantr ka janatantr ka ek achchha samajh aa jae aur anubhav se hee bhaarat kee marakaj vikasit hua abhee bhee 70 saal ke baad mein sirph kaagaj par vaastav mein nahin utara hai isamen kis kaam mein aata hai lekin chunaav ke vakt bhaarateey janata paartee ko ko samarthan dega kitane parasent ke samarthan dega yah baat is kes ko tay karane ke lie baakee meree maata kee moorti lokal mahatvapoorn raashtreey mahila aayog uttar pradesh evan lokal dyootee lagane se bhee bada murgee abhee to tumhaare paas yah dikhaane mein lagabhag saphal ho gaee hai ki kisaan panjaab aur hariyaana kisaan aur is khel mein doosaron ka dukh ke saath sarakaar ka yah khel jae usamen kaun see kampanee aaee ladata hai isake oopar yah hoga aisa dikhaee deta hai doosara mahatvapoorn 41 mein abhee bhee hai ilektronik voting masheen mein handred parasent badalaav karanee chaahie tab tak koee bhee chunaav nahin chunaav vaayaras aman ke lie koee jagah nahin na hogee aur na hee hai pichhale 20 saal se lagabhag 15 saal se do itana bhee phaayada ya nukasaan beejepee ko hone vaala hai yah spasht dikhaee deta hai lekin pepar kya hoga yah savaal mahatvapoorn hai abhee chunaav ho rahe hain kaee aur unako beejepee ko jitana paida hota hua dikhaee deta hai kaaphee nukasaan ho gaee pramoshan hua dikhaee de raha hai ab use bhee kuchh baaten vipaksh mein kitana koee vipaksh mein bada neta nirmaan hote hue raahul gaandhee ko ghoshit kar pakad karo neta banaane kee koshish kee ja rahee hai lekin vah usee mein nahin bana pae aur baakee jo dikhata hai vo raashtreey leval nahin karanee ho to isee ko dhyaan mein rakhate hue kuchh kahana

#रिश्ते और संबंध

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जिस से हम सबसे ज्यादा प्यार करते है वो हमारी कदर क्यों नहीं करते ?Jis Se Hum Subse Jyada Pyar Karte Hai Wo Humari Kadar Kyo Nahi Karate
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सैमसंग भी ज्यादा प्यार करते हैं वह हमारी कदर क्यों नहीं करते बहुत बार ऐसा होता है कि ज्यादा प्यार करने के कारण किसी को वह व्यक्ति या कोई कोई प्राणी हो सकता है हमारी तरफ ध्यान नहीं देता है वह इसलिए नहीं कि उसका हमारे ऊपर प्यार नहीं ऐसा नहीं है इसका कारण यह है कि वह दलित डरता है हमारे प्यार को ब्राह्मण करता है समझता है कि यह तो पक्का है इसमें आओ ज्यादा क्या दिखाने के लिए करने की आवश्यकता नहीं यह तो है हवा के कारण को दूसरी तरफ भी अपना प्यार मिलने की कोशिश करना है किसी एक ही चीज से प्यार मिलता है ऐसी बात नहीं होती सभी सृष्टि में नजर इंसान मिलेगा उधर से उसको एक प्यारी आंखों में ऐसा कुछ रिस्पांस जाट तो हर व्यक्ति को एक ही व्यक्ति से प्यार नहीं पाता है इसके वॉल्यूम को दिल से प्यार मिलता है उसको उसको थोड़ा भर लो बाजुओं में रखकर चीजों को बदलने की कोशिश करते हैं और जो प्यार करता है उसको ऐसा लगता है कि ज्यादा प्यार करने के बावजूद भी यही कदर नहीं करता क्योंकि कदर करता है या नहीं करता है इसकी परीक्षा की घड़ी मैं कोई शादी होने बाकी नहीं होती है जब वक्त आता है तो पहले वही पर पड़ने वाले को संभालने के लिए दूर कर आता है लेकिन इस परीक्षा नहीं हुई होती है और वह प्यार नहीं करते हो क्यों आएंगे ना तो उसको मालूम है कि हम उसे सबसे ज्यादा प्यार करते हैं अगर किसी को मालूम ही नहीं है तो लेकिन ऐसा हमको लगता है कि प्यार करने वाला प्यार करना भी अब इसका मतलब यह एक मत हो ऐसा भी है की कदर कदर करने की अपेक्षा प्यार करने वाला व्यक्ति करके और भी बड़ी कंसलटेंट आ जाए जिसमें कुछ मिलने की पाने की इच्छा नहीं होती है सीधा समर्पण होता है प्यार करने वाला इसलिए पता ही नहीं मुझे कल याद प्यार मिलता है प्यार करने वाला नेता नहीं इसलिए हम बताएं किसको अपना घर ले या किसी का बन जा दोनों एक ही अंगूठी की बातें दोनों को बंद कर दो नहीं देना है कि बंटी असली प्यार की एक निशानी मानी जाती है किसी करना भी नहीं पड़ता है और उसमें कई बार ऐसा हो सकता है कि ज्यादा प्यार के कारण ही की जाती लेकिन इस गलती का एहसास होने के बाद अपने कानून की मिट्टी को निश्चित रूप से यह समझता है कि उसे प्यार करने वाला कौन था और कौन नहीं थी वैसा कुछ समझो या गलतफहमी होने के कारण कई बार ऐसा लगता है कि हमारी कहानी लेकिन परीक्षा की घड़ी
Saimasang bhee jyaada pyaar karate hain vah hamaaree kadar kyon nahin karate bahut baar aisa hota hai ki jyaada pyaar karane ke kaaran kisee ko vah vyakti ya koee koee praanee ho sakata hai hamaaree taraph dhyaan nahin deta hai vah isalie nahin ki usaka hamaare oopar pyaar nahin aisa nahin hai isaka kaaran yah hai ki vah dalit darata hai hamaare pyaar ko braahman karata hai samajhata hai ki yah to pakka hai isamen aao jyaada kya dikhaane ke lie karane kee aavashyakata nahin yah to hai hava ke kaaran ko doosaree taraph bhee apana pyaar milane kee koshish karana hai kisee ek hee cheej se pyaar milata hai aisee baat nahin hotee sabhee srshti mein najar insaan milega udhar se usako ek pyaaree aankhon mein aisa kuchh rispaans jaat to har vyakti ko ek hee vyakti se pyaar nahin paata hai isake volyoom ko dil se pyaar milata hai usako usako thoda bhar lo baajuon mein rakhakar cheejon ko badalane kee koshish karate hain aur jo pyaar karata hai usako aisa lagata hai ki jyaada pyaar karane ke baavajood bhee yahee kadar nahin karata kyonki kadar karata hai ya nahin karata hai isakee pareeksha kee ghadee main koee shaadee hone baakee nahin hotee hai jab vakt aata hai to pahale vahee par padane vaale ko sambhaalane ke lie door kar aata hai lekin is pareeksha nahin huee hotee hai aur vah pyaar nahin karate ho kyon aaenge na to usako maaloom hai ki ham use sabase jyaada pyaar karate hain agar kisee ko maaloom hee nahin hai to lekin aisa hamako lagata hai ki pyaar karane vaala pyaar karana bhee ab isaka matalab yah ek mat ho aisa bhee hai kee kadar kadar karane kee apeksha pyaar karane vaala vyakti karake aur bhee badee kansalatent aa jae jisamen kuchh milane kee paane kee ichchha nahin hotee hai seedha samarpan hota hai pyaar karane vaala isalie pata hee nahin mujhe kal yaad pyaar milata hai pyaar karane vaala neta nahin isalie ham bataen kisako apana ghar le ya kisee ka ban ja donon ek hee angoothee kee baaten donon ko band kar do nahin dena hai ki bantee asalee pyaar kee ek nishaanee maanee jaatee hai kisee karana bhee nahin padata hai aur usamen kaee baar aisa ho sakata hai ki jyaada pyaar ke kaaran hee kee jaatee lekin is galatee ka ehasaas hone ke baad apane kaanoon kee mittee ko nishchit roop se yah samajhata hai ki use pyaar karane vaala kaun tha aur kaun nahin thee vaisa kuchh samajho ya galataphahamee hone ke kaaran kaee baar aisa lagata hai ki hamaaree kahaanee lekin pareeksha kee ghadee

#रिश्ते और संबंध

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इज्जत देने और इज्जत करने में क्या अंतर है?Ijjat Dene Or Ijjat Karne Me Kya Antar Hai
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इज्जत देने और इज्जत करने में क्या अंतर बताएं एक बहुत ही अच्छा था सोने पर पूछा गया है इज्जत मान सम्मान अदर प्रशंसा रिश्ते के नीचे बैठे व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण इंसान की जब प्राथमिक आवश्यकताएं पूरी हो जाती है जैसे अन्न वस्त्र घर इटली तब उसके मन में कुछ और हैं क्योंकि चाहत होती है और ऐसे जो और चीज है गिफ्ट चलाएं और उसका अंतिम छोड़ो अभी तक निश्चित नहीं हुआ है या व्यक्ति सापेक्षता है यह जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या है यह सवाल यह फिलॉसफी के अंदर बहुत महत्वपूर्ण सवार थे और अब सारे झूठ के सुंदर रुप है जब इंसान एक महत्वपूर्ण स्थान पर आया उसको यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण मिथिला के अध्यापक धर्मा तत्वज्ञान की प्रक्रिया संग गुजरा उसके बाद विकेट की विज्ञान की प्रक्रिया से गुजर रहा है विज्ञान की प्रक्रिया से उसको और ज्यादा उसके जीवन के संदर्भ में उसके होने में जन्म और मृत्यु के संबंध में और जो उसका वह भाग रहे हो पूरा ब्रह्मांड का निर्माण होना इसके संबंध में बहुत सारी जानकारी उपलब्ध हो गई है इसमें एक विजय बीच का पड़ाव आता है उसमें एक महत्वपूर्ण पड़ाव है इज्जत इंसान को क्या कक्षा अध्यापक कल्चर डेवलप सोसाइटी के अंदर समाज के अंदर उसके हिसाब से यह जस्टिफाई कभी जल्दी आती है तो कभी नेट कर जाती है कश्मीर चीज की आवश्यकता आजकल - 61 दिन सारा वीडियो चाहता है उनकी पसंद नहीं करता है वह बेज्जती पसंद नहीं करता है उसको आप मुसलमान चाहिए उसको उसको एक स्वतंत्रता सेनानी और समाज में उसको अपना एक स्थानों की प्रतिष्ठा इज्जत से भरा हुआ स्थान से तो इसमें इज्जत देने और कनिका एक इसका पिक्चर आता है कुछ लोग इज्जत देते तो कुछ लोग गलत करते हैं देने और करने में कुछ अंतर है जो दिन में ऐसी भावना हो सकती है कि मैं उस व्यक्ति को इज्जत दे रहा है उसको और इज्जत करने में ऐसा हो जाता है कि अपने-अपने मां बन जाती है उस मिट्टी के प्रभाव के कारण विचार के कारण कई कारण हो सकते हैं और लोगों की इज्जत अपने आप में करने लगते हैं इसमें अगर किलोमीटर देने में रहने वाले के मन के हिसाब से अगर सभी नहीं हुआ तो उसी क्षण भी इज्जत करना देने देना छोड़ दे सकता है अभी जल्दी करने कनाडा करने की आवश्यकता होती है लेकिन कभी नहीं हो जाती है तो हिम्मत रख के दोनों में
Ijjat dene aur ijjat karane mein kya antar bataen ek bahut hee achchha tha sone par poochha gaya hai ijjat maan sammaan adar prashansa rishte ke neeche baithe vyakti ke jeevan mein ek mahatvapoorn insaan kee jab praathamik aavashyakataen pooree ho jaatee hai jaise ann vastr ghar italee tab usake man mein kuchh aur hain kyonki chaahat hotee hai aur aise jo aur cheej hai gipht chalaen aur usaka antim chhodo abhee tak nishchit nahin hua hai ya vyakti saapekshata hai yah jeevan ka antim lakshy kya hai yah savaal yah philosaphee ke andar bahut mahatvapoorn savaar the aur ab saare jhooth ke sundar rup hai jab insaan ek mahatvapoorn sthaan par aaya usako yah savaal bahut mahatvapoorn mithila ke adhyaapak dharma tatvagyaan kee prakriya sang gujara usake baad viket kee vigyaan kee prakriya se gujar raha hai vigyaan kee prakriya se usako aur jyaada usake jeevan ke sandarbh mein usake hone mein janm aur mrtyu ke sambandh mein aur jo usaka vah bhaag rahe ho poora brahmaand ka nirmaan hona isake sambandh mein bahut saaree jaanakaaree upalabdh ho gaee hai isamen ek vijay beech ka padaav aata hai usamen ek mahatvapoorn padaav hai ijjat insaan ko kya kaksha adhyaapak kalchar devalap sosaitee ke andar samaaj ke andar usake hisaab se yah jastiphaee kabhee jaldee aatee hai to kabhee net kar jaatee hai kashmeer cheej kee aavashyakata aajakal - 61 din saara veediyo chaahata hai unakee pasand nahin karata hai vah bejjatee pasand nahin karata hai usako aap musalamaan chaahie usako usako ek svatantrata senaanee aur samaaj mein usako apana ek sthaanon kee pratishtha ijjat se bhara hua sthaan se to isamen ijjat dene aur kanika ek isaka pikchar aata hai kuchh log ijjat dete to kuchh log galat karate hain dene aur karane mein kuchh antar hai jo din mein aisee bhaavana ho sakatee hai ki main us vyakti ko ijjat de raha hai usako aur ijjat karane mein aisa ho jaata hai ki apane-apane maan ban jaatee hai us mittee ke prabhaav ke kaaran vichaar ke kaaran kaee kaaran ho sakate hain aur logon kee ijjat apane aap mein karane lagate hain isamen agar kilomeetar dene mein rahane vaale ke man ke hisaab se agar sabhee nahin hua to usee kshan bhee ijjat karana dene dena chhod de sakata hai abhee jaldee karane kanaada karane kee aavashyakata hotee hai lekin kabhee nahin ho jaatee hai to himmat rakh ke donon mein

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क्या काला टीका लगाने से नजर नहीं लगती?Kya Kala Teeka Lagane Se Najar Nahin Lagti
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क्या काला टीका लगाने से नजर नहीं लगती ना कभी किसी को किसी की नजर लगती है और ना नजर में या आंखों में ऐसी कोई शक्ति है कि वो किसी का पूरा कर सकती है या अच्छा कर सकती है और आप जो ब्रेन से जुड़ी हुई होती है उसके पास भी केवल देखने के देखने से किसी का अच्छा या बुरा करने की या उसके कारण होने की कोई भी क्षमता नहीं है लेकिन इंसान का मानव घबराया हुआ है और वह हमेशा रहेगा जब तक उसको मुक्तिका भरे हैं मृत्यु के भय के कारण दुनिया ने क्या नहीं किया क्या नहीं किया क्या नहीं किया भगवान को बनाया धर्म संस्था बनाई विज्ञान भी बना के बस्ती के भाई के कारण लेकर आज तक को मृत्यु पर विजय नहीं पा सका है उसको हारा नहीं सका लेकिन लगातार उसकी कोशिश जारी है तो छोटे-छोटे बच्चों के प्रति माता-पिता और तुम भूखे लोग बहुत संवेदनशील होते हैं छोटे बच्चों को सभी प्यार करते हैं वह करते हैं तो अपने ही घर के दिलों में तो वह तो बहुत ज्यादा प्यार करते हैं छोटे बच्चे प्यार करने के लायक बड़े लोग लायक नहीं होते हैं इसलिए कई लोग बच्चों में खेलना ज्यादा पसंद करते हैं बड़ों से ज्यादा संबंध बनाए बनाते नहीं ऐसी ब्लॉक महीने देखें और यही कारण बताते हैं कि बड़े लोग बिगड़ चुके होते हैं क्योंकि वह बड़े हुए होते हैं छोटे नहीं रहते रहते और छोटा जो बच्चा है भगवान का रूप है ऐसे शब्द में कहो तो उसमें इमोशंस होता है बड़े लोगों की नस्ल गायब हो जाता है और यह रिश्ता स्वास्थ मदर मोहम्मद माया तिरस्कार कौन सा अधिकार भरे हुए प्रमाणिकता ज्यादा करके जो होते हैं वैसे स्थिति को एडजस्ट नहीं कर पाते हैं उनको जोड़ वरना जनता नहीं पता लेकिन यह जैसे बड़े लोगों के जीने का एक आवश्यक अंग है इसे बना हुआ है तो अपने मन को बहलाने के लिए उस बच्चे को कभी कुछ तकलीफ ना हो बीमारी ना हो इसलिए प्राणी से क्या की तो कोशिश प्रादुर्भाव ना वह हमेशा हंसते खेलते हैं और हिंदी रहे ऐसी इच्छा होती है परिवार वालों की तो भावनात्मक रूप से उनको ऐसे लगता है कि बच्चे वसा दुनिया की सबसे सुंदर सूरत है और अगर मुझे किसी ने उसको देखा तो इसको पाने की कोशिश करेगा और ना जाने हम से चीनी मिल जाए ऐसी भावना उत्पन्न होती भक्तों में ऐसा कुछ नहीं होता है यह घर वाले भी जानते हैं लेकिन अपने मन को उनके साथ कौन से स्थान पर बैठा हुआ है उसके कारण वह छोटी मोटी चीजें करते हैं चेहरे पर काला टीका लगाने से परिवार वालों को और अच्छा दिखाई भी देता है और कई लोगों को थोड़ा कम अच्छा सुंदर दिखाई दे सकता है और वैसा ही लोग और उनकी नजर ना लग जाए इसलिए काला टीका लगा दे कल का कोई अर्थ नहीं है लेकिन बहुत बड़ा तो कुदरत का नियम है हर कोई चीज परिवर्तनशील है
Kya kaala teeka lagaane se najar nahin lagatee na kabhee kisee ko kisee kee najar lagatee hai aur na najar mein ya aankhon mein aisee koee shakti hai ki vo kisee ka poora kar sakatee hai ya achchha kar sakatee hai aur aap jo bren se judee huee hotee hai usake paas bhee keval dekhane ke dekhane se kisee ka achchha ya bura karane kee ya usake kaaran hone kee koee bhee kshamata nahin hai lekin insaan ka maanav ghabaraaya hua hai aur vah hamesha rahega jab tak usako muktika bhare hain mrtyu ke bhay ke kaaran duniya ne kya nahin kiya kya nahin kiya kya nahin kiya bhagavaan ko banaaya dharm sanstha banaee vigyaan bhee bana ke bastee ke bhaee ke kaaran lekar aaj tak ko mrtyu par vijay nahin pa saka hai usako haara nahin saka lekin lagaataar usakee koshish jaaree hai to chhote-chhote bachchon ke prati maata-pita aur tum bhookhe log bahut sanvedanasheel hote hain chhote bachchon ko sabhee pyaar karate hain vah karate hain to apane hee ghar ke dilon mein to vah to bahut jyaada pyaar karate hain chhote bachche pyaar karane ke laayak bade log laayak nahin hote hain isalie kaee log bachchon mein khelana jyaada pasand karate hain badon se jyaada sambandh banae banaate nahin aisee blok maheene dekhen aur yahee kaaran bataate hain ki bade log bigad chuke hote hain kyonki vah bade hue hote hain chhote nahin rahate rahate aur chhota jo bachcha hai bhagavaan ka roop hai aise shabd mein kaho to usamen imoshans hota hai bade logon kee nasl gaayab ho jaata hai aur yah rishta svaasth madar mohammad maaya tiraskaar kaun sa adhikaar bhare hue pramaanikata jyaada karake jo hote hain vaise sthiti ko edajast nahin kar paate hain unako jod varana janata nahin pata lekin yah jaise bade logon ke jeene ka ek aavashyak ang hai ise bana hua hai to apane man ko bahalaane ke lie us bachche ko kabhee kuchh takaleeph na ho beemaaree na ho isalie praanee se kya kee to koshish praadurbhaav na vah hamesha hansate khelate hain aur hindee rahe aisee ichchha hotee hai parivaar vaalon kee to bhaavanaatmak roop se unako aise lagata hai ki bachche vasa duniya kee sabase sundar soorat hai aur agar mujhe kisee ne usako dekha to isako paane kee koshish karega aur na jaane ham se cheenee mil jae aisee bhaavana utpann hotee bhakton mein aisa kuchh nahin hota hai yah ghar vaale bhee jaanate hain lekin apane man ko unake saath kaun se sthaan par baitha hua hai usake kaaran vah chhotee motee cheejen karate hain chehare par kaala teeka lagaane se parivaar vaalon ko aur achchha dikhaee bhee deta hai aur kaee logon ko thoda kam achchha sundar dikhaee de sakata hai aur vaisa hee log aur unakee najar na lag jae isalie kaala teeka laga de kal ka koee arth nahin hai lekin bahut bada to kudarat ka niyam hai har koee cheej parivartanasheel hai

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अपनी असुरक्षाओ से निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?Apni Asurakshao Se Nipatne Ka Sabse Acha Tareeka Kya Hai
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अपनी असुरक्षित अदाओं से निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या है एक बहुत अच्छा सवाल पूछा गया है हर एक व्यक्ति सुरक्षित और सुरक्षा के कारण वह भी था और वो भी इंसानियत है उससे एलाइनेटेड हो रहा है कि जा रहा है पूरी प्रकृति सुरक्षितता खोजने के पीछे पीछे भाग रहा है और उसको लगता है कि इस चीज से सुरक्षित मिलेगी जिससे सुरक्षा मिली विचारों में कंफ्यूजन के कारण मार्ग भटकने वाले बहुत ज्यादा लोग सबसे ज्यादा असुरक्षित तक कब महसूस होती है जब हम गलती करते हैं हम पाप पाप करते हैं तुमसे जी हमारे मन में उत्सुकता क्या होता है लूट लिया है इसको फंसाया है किसी को मरवाया है तो ऐसे व्यक्तियों को अपने मन के अंदर बहुत असुरक्षित था हमेशा दिखाई देती है महसूस होती है और वह सहारा लेते मंदिरों का यह प्रश्न स्थलों का यह बुआ धर्म देव देवता अंधश्रद्धा ऐसी चीजों का सहारा लेकर अपने मन को बहलाने का प्रयत्न करते हैं लेकिन वह नहीं होता क्योंकि यह जो चीजें होती है वह मन के सबकॉन्शियस लेवल पर थक गई हुई होती है और उससे किसी किसी को छुटकारा नहीं है तो सुरक्षा के लिए पहली शर्त यह है कि हमारा चरित्र अच्छा कैरेक्टर अच्छा मित्र आर्थिक मामला है सुरक्षित पानी के लिए जो भी जरूरत थी जिसे है वह प्राप्त करना जरूरी है कैरियर बनाने बनाने के लिए अच्छे और बड़े कोर्स कोर्स करने का जरूरी है आधा अधूरा शिक्षा शिक्षा जो है वह और समझते हैं निर्माण करती इसलिए शिक्षा ज्यादा से ज्यादा और तांत्रिक शिक्षा देना जरूरी होता है देने वाली चाहने वालों की जरूरत हर जगह पर है जगह पर है कैरियर के मामले में काम मिलने के बाद में मामले में परिश्रम करके पढ़ाई में अच्छी डिग्री और उसकी लाश ऐड करना जरूर या व्यवसाय अच्छी तरह से प्लानिंग और उस पर अमल सिस्टर आरती प्रस्तुत करते हैं जिसको कार्तिक सुरक्षित चाहिए उसके लिए हम इंतजाम करके रख सकते हैं इसमें खुद का अपना एक जल्दी से आजा अनुभव होता इसलिए उसके अपने तरीके से हुआ बढ़ सकता है किसी की कॉपी करके नहीं बनाया जा सकता है वह अपने उसे बनाना पड़ता है और वह बना दिया बना देना चाहिए और उसके साथ जो भी जरूरी चीज है जैसे शादी है उसके बाद बच्चे होते हैं बुढ़ापा आता है बीच-बीच में कई बीमारियां आती है उसके घर जाते हैं बुढ़ापा भी आता है पैसे की कीमत भी बढ़ जा बढ़ती है जो आज बड़ा पैसा दिख रहा है वह वैल्यू कम हो जाती है पैसों का इंतजाम किया जाए एक बारी परसेंटेज में यह सुरक्षित दूर होती है क्या सुरक्षित सुरक्षित आई महत्वपूर्ण बन गई इसी कारण वह सारी समस्या निर्माण हुई तो यह सुरक्षितता हमें बनानी जल्दी होती है यह कुल बातें हैं धन्यवाद
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जब 1 लीटर पेट्रोल की कीमत में 2 किलो दूध खरीदा जा सकता है तो क्या 2 लीटर दूध पीकर साइकिल से चलना चलना तो एक तार्किक रूप से तीन है लेकिन साइकिल की कुछ महिलाएं की गति बहुत धीमी गति और उस लोगों को काम के लिए कहीं पर भी दूर दूर दूर दूर तक प्रवास करना पड़ता है इसलिए वैज्ञानिक उसकी जरूरत जरूरत निर्माण में पहले के जमाने में साइकिल का यूज किया जाता को चलाना सेहत के लिए अच्छा सा प्रदूषण नहीं होता यह सब बात सही है लेकिन एक लिमिटेड अंतर तक ऐसा करना जरूरी चाइना में ऐसा किया जाता है तो उसकी रिजेक्ट प्रदूषण के संबंध में एक्सीडेंट के संबंध में सार्वजनिक स्वच्छता और संस्था के डांस अच्छे सकारात्मक परिणाम दिखाई नहीं है अपने शहर में और गांव में साइकिल चलाना बिल्कुल अवश्य दें लेकिन इस तरह की आदत नहीं हमें डालनी चाहिए कि कभी पैदल चलता ही नहीं सिर्फ भी कल पर ऑटोमेटिक चलने वाली गाड़ियों पर चलता है वह झूठा तो निश्चित रूप से इस केस को शारीरिक समस्या आएंगे लेकिन यह सब लोग जो है वस्तुओं के और भौतिक सुखों के इतने मोह जाल में फंसे हुए हैं कि उम्र कम कब हुई थी होती दिखाई दे रही है लोग मर रहे हर्ट अटैक से मर गए कम उम्र में डायबिटीज कैंसर जैसी पड़ी की बीमारियां मिलता इस कई बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं गुर्जर भी चलना चाहिए और आंतरिक में ज्यादा हो तो साइकिल चलाना चाहिए कमेंट की बात का मैं घर पर नहीं हूं इस तरीके के लोकल नंबर आनी चाहिए और फिल्म उसके लिए उनकी इच्छाशक्ति है लेकिन शायद गांव का हो या दिल्ली का पेट्रोल वालों से बहुत डरता है सारी दुनिया पेट्रोल पर चल रहे और उसके पैसे में प्रस्तुत करने से भी शामिल है सभी के परसेंटेज से मिले हैं मुख्यमंत्री से लेकर सब केंद्र सरकार हो गया और बहुत सारी आर्थिक संबंध बने हुए हैं इसलिए सरकार उसके ऊपर कर कोई पर्याय भी नहीं है कई लोगों ने दावे किए थे कि में पेट्रोल डीजल के भाव चलाई जा सकती लेकिन वो करीब गायब हुए मालूम है और यह पेट्रोल वाली अर्थव्यवस्था और इसके जो बड़े माफिया है वैसी बातें होने लगी रहती है लेकिन इच्छाशक्ति होगा सरकार को सुनिश्चित केजरीवाल ने दिल्ली में सब कुछ किया है सर उसे हो सकता है
Jab 1 leetar petrol kee keemat mein 2 kilo doodh khareeda ja sakata hai to kya 2 leetar doodh peekar saikil se chalana chalana to ek taarkik roop se teen hai lekin saikil kee kuchh mahilaen kee gati bahut dheemee gati aur us logon ko kaam ke lie kaheen par bhee door door door door tak pravaas karana padata hai isalie vaigyaanik usakee jaroorat jaroorat nirmaan mein pahale ke jamaane mein saikil ka yooj kiya jaata ko chalaana sehat ke lie achchha sa pradooshan nahin hota yah sab baat sahee hai lekin ek limited antar tak aisa karana jarooree chaina mein aisa kiya jaata hai to usakee rijekt pradooshan ke sambandh mein ekseedent ke sambandh mein saarvajanik svachchhata aur sanstha ke daans achchhe sakaaraatmak parinaam dikhaee nahin hai apane shahar mein aur gaanv mein saikil chalaana bilkul avashy den lekin is tarah kee aadat nahin hamen daalanee chaahie ki kabhee paidal chalata hee nahin sirph bhee kal par otometik chalane vaalee gaadiyon par chalata hai vah jhootha to nishchit roop se is kes ko shaareerik samasya aaenge lekin yah sab log jo hai vastuon ke aur bhautik sukhon ke itane moh jaal mein phanse hue hain ki umr kam kab huee thee hotee dikhaee de rahee hai log mar rahe hart ataik se mar gae kam umr mein daayabiteej kainsar jaisee padee kee beemaariyaan milata is kaee beemaariyon ke shikaar hote ja rahe hain gurjar bhee chalana chaahie aur aantarik mein jyaada ho to saikil chalaana chaahie kament kee baat ka main ghar par nahin hoon is tareeke ke lokal nambar aanee chaahie aur philm usake lie unakee ichchhaashakti hai lekin shaayad gaanv ka ho ya dillee ka petrol vaalon se bahut darata hai saaree duniya petrol par chal rahe aur usake paise mein prastut karane se bhee shaamil hai sabhee ke parasentej se mile hain mukhyamantree se lekar sab kendr sarakaar ho gaya aur bahut saaree aarthik sambandh bane hue hain isalie sarakaar usake oopar kar koee paryaay bhee nahin hai kaee logon ne daave kie the ki mein petrol deejal ke bhaav chalaee ja sakatee lekin vo kareeb gaayab hue maaloom hai aur yah petrol vaalee arthavyavastha aur isake jo bade maaphiya hai vaisee baaten hone lagee rahatee hai lekin ichchhaashakti hoga sarakaar ko sunishchit kejareevaal ne dillee mein sab kuchh kiya hai sar use ho sakata hai

#रिश्ते और संबंध

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जरूरत से ज्यादा पौधों को पानी देने से क्या क्या नुकसान होते है?Jarurat Se Jyada Paudho Ko Paani Dene Se Kya Kya Nuksan Hote Hai
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3:10
जरूरत से ज्यादा पौधों को पानी देने से देने से क्या क्या नुकसान होते हैं कोई भी पौधा जो है वह जितना पानी आवश्यक होता है उतना एप्स लोड करना है उसके जो उसका मूल होता है होता है और उसके बच्चे सोते हैं सब राजपूत होते हैं और वह जमीन को एक ताकत के साथ पकड़ कर रखे हुए हैं उनको जमीन की बहुत बहुत जरूरत होती है प्रोग्राम ज्यादा पानी डालते हैं तो उसके रूट की जो जमीन है पार्टी में भरकर आजू बाजू में जिसके कारण पौधे को जड़े मजबूत करने के लिए जमीन की कमी पड़ती है उसके साथ-साथ पानी के साथ आवश्यक पोषक द्रव्य उसके आसपास की जमीन में होते हैं वह भी ग्रुप होते हुए सशस्त्र शंकर के बढ़ते उनका वर्णन होता है वह भी पानी के साथ भी जाता है इसकी जरूरत से ज्यादा उनको मेहंदी रचाई ऐसा मुझे लगता है धन्यवाद
Jaroorat se jyaada paudhon ko paanee dene se dene se kya kya nukasaan hote hain koee bhee paudha jo hai vah jitana paanee aavashyak hota hai utana eps lod karana hai usake jo usaka mool hota hai hota hai aur usake bachche sote hain sab raajapoot hote hain aur vah jameen ko ek taakat ke saath pakad kar rakhe hue hain unako jameen kee bahut bahut jaroorat hotee hai prograam jyaada paanee daalate hain to usake root kee jo jameen hai paartee mein bharakar aajoo baajoo mein jisake kaaran paudhe ko jade majaboot karane ke lie jameen kee kamee padatee hai usake saath-saath paanee ke saath aavashyak poshak dravy usake aasapaas kee jameen mein hote hain vah bhee grup hote hue sashastr shankar ke badhate unaka varnan hota hai vah bhee paanee ke saath bhee jaata hai isakee jaroorat se jyaada unako mehandee rachaee aisa mujhe lagata hai dhanyavaad

#जीवन शैली

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क्या आप सकारात्मक सोच की शक्ति को समझा सकते हैं?Kya Aap Sakaartmak Soch Ki Shakti Ko Samjha Sakte Hain
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6:57
क्या आप सकारात्मक सोच की शक्ति को समझा सकते हैं अभी जो बातें बताई जा रही है और प्रसारित की जा रही है उसके आधार पर सकारात्मक सोच को रखना रखने का मतलब यह हो सकता है कि संगठन की भावना जोड़ने की मांग जो है उसको ही खत्म कर देना है हर व्यक्ति को सकारात्मक सोचने के लिए कहा जाए तो उनका शोषण होता है वह सकारात्मक सोच कर ही बैठ सकते हैं कि यह ठीक है हमें सर रहना चाहिए बाद में सब शकर अपनी खो जाएगा ₹500 का काम कर ले लेना और उसको दूसरा काम कर देना और उसमें उसने नहीं है वह काम कर अगर सकारात्मक रूप से सोचने लगा तो यह गुलामगिरी जैसे उसके ऊपर से केवाईसी रखने के लिए क्या तत्वज्ञान है इसको कहा जा सकता है पूरी तरह से सही और सटीक देश के लिए व्यक्ति होता है तो वहीं उसके लिए वह आतंकवादी तुझ में सकारात्मक और नकारात्मक कौन सी बातें होती लेकिन किसी भी तरह से पहले सोच होनी चाहिए और उसके सबसे एनालिसिस करके और सत्यता को उसके बाद उसके प्रति सत्य के प्रति सकारात्मक बार प्रतिष्ठित चोरों के सामने नंबर तहसील बैठे रहना अगर कोई काम की नहीं और ऐसे काम रोज गाना ढूंढ के भेजना उसका दूसरा बैंक से पहले सप्ताह पहले भी समझना चाहिए कि अघोषित तथाकथित नकारात्मक सूची हिस्सों से ही ढूंढा जा सकता है जैसे कि संकट उसका स्वरूप क्या है उसके परिणाम क्या है यह सब सोचकर ही उसके बारे में पहले निश्चित करना चाहिए सही क्या है और गलत करें और उसके बाद सही जो लोग को समझ लेना चाहिए लेकिन उसके पहले सकारात्मक रखना होगा जबकि सकारात्मक की जाए तो ज्यादा करेगा मार्केटिंग करेगा तभी सच कह कर बताएगा तो उसको मान करोगी सकारात्मकता बन जाएगी और नुकसान हो सकता है हो सकता है उनका पता भी कभी नहीं चल सकता सकारात्मक सोच इतनी भी है कि नया गुना जो पुराना जो है वह उड़कर नया उच्च नया उससे भी बेहतर बनाना यह भी एक सकारात्मक होती होती होती हो सकती है अतः मेरा विश्वास होता है उसे सकारात्मक शरीर में जलन होती है पॉजिटिव एहसास निर्माण होता है और उसकी समझते को निश्चित रूप से एनर्जी को भी बढ़ाता है आत्मविश्वास को भी अगर अपने अनुसार हो जाए तो उसमें भी हो सार्थकता समझता है दोस्तों के लिए समारोह सकारात्मक सोच होना बहुत जरूरी चाहिए और बात रही शक्ति की शक्ति का मतलब यही होता है कि कंप्यूटर और हौसला बुलंद होना शारीरिक मानसिक रूप से ताकतवर हो जाना यह सब टीवी से बढ़ती धन्यवाद
Kya aap sakaaraatmak soch kee shakti ko samajha sakate hain abhee jo baaten bataee ja rahee hai aur prasaarit kee ja rahee hai usake aadhaar par sakaaraatmak soch ko rakhana rakhane ka matalab yah ho sakata hai ki sangathan kee bhaavana jodane kee maang jo hai usako hee khatm kar dena hai har vyakti ko sakaaraatmak sochane ke lie kaha jae to unaka shoshan hota hai vah sakaaraatmak soch kar hee baith sakate hain ki yah theek hai hamen sar rahana chaahie baad mein sab shakar apanee kho jaega ₹500 ka kaam kar le lena aur usako doosara kaam kar dena aur usamen usane nahin hai vah kaam kar agar sakaaraatmak roop se sochane laga to yah gulaamagiree jaise usake oopar se kevaeesee rakhane ke lie kya tatvagyaan hai isako kaha ja sakata hai pooree tarah se sahee aur sateek desh ke lie vyakti hota hai to vaheen usake lie vah aatankavaadee tujh mein sakaaraatmak aur nakaaraatmak kaun see baaten hotee lekin kisee bhee tarah se pahale soch honee chaahie aur usake sabase enaalisis karake aur satyata ko usake baad usake prati saty ke prati sakaaraatmak baar pratishthit choron ke saamane nambar tahaseel baithe rahana agar koee kaam kee nahin aur aise kaam roj gaana dhoondh ke bhejana usaka doosara baink se pahale saptaah pahale bhee samajhana chaahie ki aghoshit tathaakathit nakaaraatmak soochee hisson se hee dhoondha ja sakata hai jaise ki sankat usaka svaroop kya hai usake parinaam kya hai yah sab sochakar hee usake baare mein pahale nishchit karana chaahie sahee kya hai aur galat karen aur usake baad sahee jo log ko samajh lena chaahie lekin usake pahale sakaaraatmak rakhana hoga jabaki sakaaraatmak kee jae to jyaada karega maarketing karega tabhee sach kah kar bataega to usako maan karogee sakaaraatmakata ban jaegee aur nukasaan ho sakata hai ho sakata hai unaka pata bhee kabhee nahin chal sakata sakaaraatmak soch itanee bhee hai ki naya guna jo puraana jo hai vah udakar naya uchch naya usase bhee behatar banaana yah bhee ek sakaaraatmak hotee hotee hotee ho sakatee hai atah mera vishvaas hota hai use sakaaraatmak shareer mein jalan hotee hai pojitiv ehasaas nirmaan hota hai aur usakee samajhate ko nishchit roop se enarjee ko bhee badhaata hai aatmavishvaas ko bhee agar apane anusaar ho jae to usamen bhee ho saarthakata samajhata hai doston ke lie samaaroh sakaaraatmak soch hona bahut jarooree chaahie aur baat rahee shakti kee shakti ka matalab yahee hota hai ki kampyootar aur hausala buland hona shaareerik maanasik roop se taakatavar ho jaana yah sab teevee se badhatee dhanyavaad

#भारत की राजनीति

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उन्नति शील बनने का रहस्य क्या है?Unnati Sheel Banne Ka Rahasy Kya Hai
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7:00
श्रीमती शीला बनने का राशि क्या है मैं उन्नति की व्याख्या ऐसी करता हूं कि हर तरह से एक विकसित हो जाना चाहिए मुझे माता के रूप से आर्थिक रूप से प्रतिष्ठा के रूप में अयोग्य के रूप में पारिवारिक सुख के रूप में और कुछ क्रिएटिव करके खुद की कुछ पहचान पीछे जो छोड़ा गोमती से मेहमान का भविष्य बनने के लिए क्या करना चाहिए तो ऐसे ही विषयों पर मार्गदर्शन करने वाले बहुत-बहुत मोटिवेशनल स्पीकर स्पीकर से शिव खेरा वह माहेश्वरी माहेश्वरी ऐसे ऐसे कुछ होता है कुछ तो देश एक है फिर भी हर एक की जिंदगी एक जैसी नहीं होती हर एक व्यक्ति का वक्त इस तरह का एक जैसा नहीं होता अलग अलग तरीका बताएं और हर एक व्यक्ति के सामने जो चुनौतियां एक जैसी नहीं होती तो हर एक का मार्ग जो बनता है एक जैसा नहीं बन सकता यह व्यक्ति सापेक्ष हर व्यक्ति का अलग है और वह उसने उसने खुद बनाना किसी के कहने से वह नहीं बनता है अपने अनुभव से उसको विकसित करना पड़ता है और हमारे पर जो साधन होते हैं उनके हिसाब से उसको भी कष्ट करना लेकिन कुछ चीजें कॉमेडी से हम कर सकते हैं उन्हें हमारी प्रमाणिकता बहुत महत्वपूर्ण प्रमाणिक व्यक्ति का समाज में हर काम होता है विश्वास होता महत्वपूर्ण विश्वास के आधार पर किसी भी क्षेत्र में करियर रिया का व्यापार धंधा उसमें सफलता मिलती है इसे पैसा मिलता है पैसा बढ़ता है इससे बहुत महत्वपूर्ण है हर चीज में एक सहयोग होना जरूरी होता है तभी जाकर वो उसके रूल अप्लाई कर सकते तो भावनात्मक पुस्तक में भर गया तो वह डिस्टर्ब होता है उसका धंधा डिस्टर्ब होता है उसका कम्युनिकेशन निर्माता है अब इसमें से उन्नति में बाधक स्वयं के साथ-साथ संवेदनशीलता दिखानी कहां पर है थोड़ी उदारता भी है दिखाना जरूरी होता है तो कहीं पर वह जरूरी नहीं होता शिक्षक मध्यप्रदेश में चित्रों की शिक्षा के लिए शिक्षा और का प्रेक्टिस जरूरी होता है कोई भी स्किल अगर होता है तो उसको कभी बेरोजगारी का सामना नहीं करना पड़ता है क्योंकि वह काम करने वाले लोग वकील रखने वाले लोग बहुत कम होते हैं इसका फायदा मिलता है सिर्फ छोटी करौली से आर्थिक उन्नति नहीं हो सकता विकास हो सकता है चोरों का विकास हो सकता है दूसरों को काउंसलिंग कर सकता है आर्थिक विकास में बाधा आती है अपने शरीर को हेल्दी रखने के लिए आहार विहार गया इसका एक संपन्न रखना जी के भजन खींचकर लाया गया नहीं होना चाहिए तो नहीं तो इसमें ज्यादा दिन तक नहीं कर सकते से कुछ बातें बनियापुर बताइए अगर आपको यह अच्छी लगी तो कृपया इसे लाइक करें धन्यवाद
Shreematee sheela banane ka raashi kya hai main unnati kee vyaakhya aisee karata hoon ki har tarah se ek vikasit ho jaana chaahie mujhe maata ke roop se aarthik roop se pratishtha ke roop mein ayogy ke roop mein paarivaarik sukh ke roop mein aur kuchh krietiv karake khud kee kuchh pahachaan peechhe jo chhoda gomatee se mehamaan ka bhavishy banane ke lie kya karana chaahie to aise hee vishayon par maargadarshan karane vaale bahut-bahut motiveshanal speekar speekar se shiv khera vah maaheshvaree maaheshvaree aise aise kuchh hota hai kuchh to desh ek hai phir bhee har ek kee jindagee ek jaisee nahin hotee har ek vyakti ka vakt is tarah ka ek jaisa nahin hota alag alag tareeka bataen aur har ek vyakti ke saamane jo chunautiyaan ek jaisee nahin hotee to har ek ka maarg jo banata hai ek jaisa nahin ban sakata yah vyakti saapeksh har vyakti ka alag hai aur vah usane usane khud banaana kisee ke kahane se vah nahin banata hai apane anubhav se usako vikasit karana padata hai aur hamaare par jo saadhan hote hain unake hisaab se usako bhee kasht karana lekin kuchh cheejen komedee se ham kar sakate hain unhen hamaaree pramaanikata bahut mahatvapoorn pramaanik vyakti ka samaaj mein har kaam hota hai vishvaas hota mahatvapoorn vishvaas ke aadhaar par kisee bhee kshetr mein kariyar riya ka vyaapaar dhandha usamen saphalata milatee hai ise paisa milata hai paisa badhata hai isase bahut mahatvapoorn hai har cheej mein ek sahayog hona jarooree hota hai tabhee jaakar vo usake rool aplaee kar sakate to bhaavanaatmak pustak mein bhar gaya to vah distarb hota hai usaka dhandha distarb hota hai usaka kamyunikeshan nirmaata hai ab isamen se unnati mein baadhak svayan ke saath-saath sanvedanasheelata dikhaanee kahaan par hai thodee udaarata bhee hai dikhaana jarooree hota hai to kaheen par vah jarooree nahin hota shikshak madhyapradesh mein chitron kee shiksha ke lie shiksha aur ka prektis jarooree hota hai koee bhee skil agar hota hai to usako kabhee berojagaaree ka saamana nahin karana padata hai kyonki vah kaam karane vaale log vakeel rakhane vaale log bahut kam hote hain isaka phaayada milata hai sirph chhotee karaulee se aarthik unnati nahin ho sakata vikaas ho sakata hai choron ka vikaas ho sakata hai doosaron ko kaunsaling kar sakata hai aarthik vikaas mein baadha aatee hai apane shareer ko heldee rakhane ke lie aahaar vihaar gaya isaka ek sampann rakhana jee ke bhajan kheenchakar laaya gaya nahin hona chaahie to nahin to isamen jyaada din tak nahin kar sakate se kuchh baaten baniyaapur bataie agar aapako yah achchhee lagee to krpaya ise laik karen dhanyavaad

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घर में कलह ना हो इसके कुछ उपाय क्या है?Ghar Mein Kaleh Na Ho Iske Kuch Upay Kya Hai
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7:00
घर में कल हो ना हो उसके कुछ उपाय क्या है मैं एक साइकोलॉजी क्रिमिनल सुन रहा था एक विदेशी साइंटिस्ट अभी अभी की बात है उसने बताया कि सारा कौटुंबिक कल का मूल कारण लाइंस है मुझे भी शुरू कर रहा हूं आश्चर्य लेकिन मैंने सोचने पर मुझे भी ध्यान में आया इसका मतलब मोटा झूठ बोलना कहीं पर जा रहा है दूसरा स्थान अगर होता है नहीं हुआ है अभी तक ऐसा बता देता है जानबूझकर औरत ज्यादा तीखा खाना बनाती है और एक गलती से ज्यादा असर पड़ गया कि दूसरों को सताने के लिए छोटी छोटी बातें घर में चलती थी और एक बार की एक नहीं दूसरे भी उसको उसी तरीके से जवाब गिरी के प्रयास करते हैं मेरा एक शादी के बाद अपनी ससुराल ज्यादा जाने लगा मैंने उससे कहा कि इसका क्या कारण है तो उसने कहा कि मेरा जो भाई है उस की जब शादी हुई थी वह ऐसे ही भाग तथा ससुराल पुनः पुनः तो मैं क्यों ना भाग जाओ तब उसने मेरा सुना था क्या तो मैं भी ऐसा ही करूंगा कि मैं भी अपने ससुराल जाता रहूंगा ज्यादा समय तक दोनों का धंधा था तू जिंदा है उसमें वहां पर उपस्थित होना जरूरी है बाद में उनके जुड़े हो गए दोनों अलग रहने लगे एक के झंडे पर रहने लगा और दूसरी कंपनी का गाड़ी वहां पर मोबाइल का दोस्ती का एक दुकान शुरू कर दिया तनी देना इनडायरेक्टली बोलना होता है उसको ताने देना कहा जाता है ऐसी बुरी आदत से हमको भूल जाओगे होती है और एक दूसरे को एहसास को आशा बहुओं को से किसी तरीके से कम नहीं जाएगा और वह दूसरे को समझ में आती है वह भी इसका बदला लेने का सस्ता है अभी सिलसिला चला जाता है इसका उपाय क्या है कल का उपाय यह है कि घर के कारोबार में एक पारदर्शिता होनी चाहिए जो भी प्रमुख है उसके आर्थिक व्यवहार में प्रमुखता होनी चाहिए और कौन सा भी काम करने के पहले सभी की सभी से पूछना चाहिए कम से कम यह हम कर रहे हैं बिना बताए बताए किया तो वह भी एक कारण बन जाता है छोटी-छोटी चीजों में झूठ बोलना बहुत गलत बात बनती बड़ा संघर्ष बनता है ऑनलाइन है उसकी तरफ ध्यान देकर उनके वक्तव्य घर में नहीं करनी चाहिए इससे बेहतर है कि चुप रहे लेकिन गलत बातें झूठी शान की बातें नहीं करनी चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घर के मेंबर्स में एक समायोजन चाहिए समायोजन होना चाहिए तालमेल होना चाहिए
Ghar mein kal ho na ho usake kuchh upaay kya hai main ek saikolojee kriminal sun raha tha ek videshee saintist abhee abhee kee baat hai usane bataaya ki saara kautumbik kal ka mool kaaran lains hai mujhe bhee shuroo kar raha hoon aashchary lekin mainne sochane par mujhe bhee dhyaan mein aaya isaka matalab mota jhooth bolana kaheen par ja raha hai doosara sthaan agar hota hai nahin hua hai abhee tak aisa bata deta hai jaanaboojhakar aurat jyaada teekha khaana banaatee hai aur ek galatee se jyaada asar pad gaya ki doosaron ko sataane ke lie chhotee chhotee baaten ghar mein chalatee thee aur ek baar kee ek nahin doosare bhee usako usee tareeke se javaab giree ke prayaas karate hain mera ek shaadee ke baad apanee sasuraal jyaada jaane laga mainne usase kaha ki isaka kya kaaran hai to usane kaha ki mera jo bhaee hai us kee jab shaadee huee thee vah aise hee bhaag tatha sasuraal punah punah to main kyon na bhaag jao tab usane mera suna tha kya to main bhee aisa hee karoonga ki main bhee apane sasuraal jaata rahoonga jyaada samay tak donon ka dhandha tha too jinda hai usamen vahaan par upasthit hona jarooree hai baad mein unake jude ho gae donon alag rahane lage ek ke jhande par rahane laga aur doosaree kampanee ka gaadee vahaan par mobail ka dostee ka ek dukaan shuroo kar diya tanee dena inadaayarektalee bolana hota hai usako taane dena kaha jaata hai aisee buree aadat se hamako bhool jaoge hotee hai aur ek doosare ko ehasaas ko aasha bahuon ko se kisee tareeke se kam nahin jaega aur vah doosare ko samajh mein aatee hai vah bhee isaka badala lene ka sasta hai abhee silasila chala jaata hai isaka upaay kya hai kal ka upaay yah hai ki ghar ke kaarobaar mein ek paaradarshita honee chaahie jo bhee pramukh hai usake aarthik vyavahaar mein pramukhata honee chaahie aur kaun sa bhee kaam karane ke pahale sabhee kee sabhee se poochhana chaahie kam se kam yah ham kar rahe hain bina batae batae kiya to vah bhee ek kaaran ban jaata hai chhotee-chhotee cheejon mein jhooth bolana bahut galat baat banatee bada sangharsh banata hai onalain hai usakee taraph dhyaan dekar unake vaktavy ghar mein nahin karanee chaahie isase behatar hai ki chup rahe lekin galat baaten jhoothee shaan kee baaten nahin karanee chaahie aur sabase mahatvapoorn baat yah hai ki ghar ke membars mein ek samaayojan chaahie samaayojan hona chaahie taalamel hona chaahie

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6:20
हमें दिन में कुछ समय निकालकर लंबी और गहरी सांस लेना चाहिए क्यों कहा जाता है तो वैसे ही हमें कभी भी पूछ लेना मां दुर्गे होता है कि सांस के साथ जो हवा हमारे फेफड़ों में जाती है वहां पर ऑक्सीजन पहुंचाती बाकी सिर्फ जूते और उनसे उस कर चेंजर पूरे शरीर को मिली और हमारी जो पेपर है उसको हम बहुत ज्यादा पहला दिन है वैसे तो बहुत ज्यादा फैला फैला सकता है उसमें ज्यादा पड़ सकता है उतना ऑक्सीजन ज्यादा अंदर लिया जा सकता है उसको पहुंचाया जा सकता है इसलिए ऐसा कहा जाता है कि उस समय के लिए ही सही लेकिन पूरी गहरी सांसे और लंबी सांसे लेना और इसमें कुछ देश में खड़ा रहने के लिए वैसे ही हवा भर के दिल के बाद हवा को छोड़ना शरीर के लिए अच्छा होता है इसका क्या कारण है और गहरी श्वास लेते समय हम जो है हमारे विचार विषय में रुकते जो मन का चित्र चित्र जो है वह समय भी रुकता है जो मन हमेशा कुछ न कुछ इधर-उधर भटकता है वह उस समय रुकता है तो मन का भी एक गया मुझसे होता है यह मेडिटेशन का एक अर्थ विपश्यना सा अपनी सांसों के ऊपर ध्यान रखकर वह कैसे आती है जाती है इस पर इस पर पहले ध्यान रखना होता है ध्यान रखने के बाद मंजूर होता है उसके बाद बात भी हवा आती है और जब आती है तो धीरे से उसको भर देती है और उसके बाद धीरे से वह चूड़ी मिल जाती है तो इससे भी फायदा उठा एकमात्र जरिया है ऑक्सीजन का हमारे शरीर में जाने का जो हवा में होता है वह हमारी सारा बारी हमारी सांस जब रुक जाती है तो कुछ समय बाद वह हमेशा के लिए रुक जाती है कि लगातार जीवन भर चलती हुई है बहुत सिस्टमैटिक यंत्रणा है जैसे हमारा दिल का धड़कना एक सिस्टमैटिक अंतर नाही जो हमारे जन्म से लेकर हमारे मूर्ति तकिए पर भी कोई आसान बात नहीं इतने लंबे समय तक उसका पंपिंग राहुल फ्री होते हैं उनका फैलना उसी पर जाना यह चलता है इश्क जीवन भर तो निश्चित रूप से वे दिन में कुछ समय के लिए और हो सके तो हमेशा उड़ीसा गहरी सांस लेनी चाहिए और तुमने भी चाहिए इसे अपनी बॉडी को ऑक्सीजन मिलने में सहायता होती है और ही अच्छा रहता है अगर मेरा यह जवाब सही से लाइक करना मत भूलें धन्यवाद
Hamen din mein kuchh samay nikaalakar lambee aur gaharee saans lena chaahie kyon kaha jaata hai to vaise hee hamen kabhee bhee poochh lena maan durge hota hai ki saans ke saath jo hava hamaare phephadon mein jaatee hai vahaan par okseejan pahunchaatee baakee sirph joote aur unase us kar chenjar poore shareer ko milee aur hamaaree jo pepar hai usako ham bahut jyaada pahala din hai vaise to bahut jyaada phaila phaila sakata hai usamen jyaada pad sakata hai utana okseejan jyaada andar liya ja sakata hai usako pahunchaaya ja sakata hai isalie aisa kaha jaata hai ki us samay ke lie hee sahee lekin pooree gaharee saanse aur lambee saanse lena aur isamen kuchh desh mein khada rahane ke lie vaise hee hava bhar ke dil ke baad hava ko chhodana shareer ke lie achchha hota hai isaka kya kaaran hai aur gaharee shvaas lete samay ham jo hai hamaare vichaar vishay mein rukate jo man ka chitr chitr jo hai vah samay bhee rukata hai jo man hamesha kuchh na kuchh idhar-udhar bhatakata hai vah us samay rukata hai to man ka bhee ek gaya mujhase hota hai yah mediteshan ka ek arth vipashyana sa apanee saanson ke oopar dhyaan rakhakar vah kaise aatee hai jaatee hai is par is par pahale dhyaan rakhana hota hai dhyaan rakhane ke baad manjoor hota hai usake baad baat bhee hava aatee hai aur jab aatee hai to dheere se usako bhar detee hai aur usake baad dheere se vah choodee mil jaatee hai to isase bhee phaayada utha ekamaatr jariya hai okseejan ka hamaare shareer mein jaane ka jo hava mein hota hai vah hamaaree saara baaree hamaaree saans jab ruk jaatee hai to kuchh samay baad vah hamesha ke lie ruk jaatee hai ki lagaataar jeevan bhar chalatee huee hai bahut sistamaitik yantrana hai jaise hamaara dil ka dhadakana ek sistamaitik antar naahee jo hamaare janm se lekar hamaare moorti takie par bhee koee aasaan baat nahin itane lambe samay tak usaka pamping raahul phree hote hain unaka phailana usee par jaana yah chalata hai ishk jeevan bhar to nishchit roop se ve din mein kuchh samay ke lie aur ho sake to hamesha udeesa gaharee saans lenee chaahie aur tumane bhee chaahie ise apanee bodee ko okseejan milane mein sahaayata hotee hai aur hee achchha rahata hai agar mera yah javaab sahee se laik karana mat bhoolen dhanyavaad
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